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मंगल का वृषभ राशि में प्रवेश, 42 दिनों तक सभी राशियों पर पड़ेगा गहरा प्रभाव

 ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की चाल का हमारे जीवन पर गहरा और सीधा प्रभाव पड़ता है.  साहस, पराक्रम और ऊर्जा के कारक ग्रह मंगल (Mars) का राशि परिवर्तन एक अत्यंत महत्वपूर्ण खगोलीय घटना मानी जाती है. आज, 21 जून 2026 को मंगल अपनी राशि बदलकर वृषभ राशि में प्रवेश कर रहे हैं. मंगल का यह गोचर 2 अगस्त 2026 तक रहेगा, यानी इसका प्रभाव कुल 42 दिनों तक बना रहेगा. ज्योतिष गणनाओं के अनुसार, मंगल का यह गोचर सभी 12 राशियों के जीवन में बड़े बदलाव लाने वाला है.  जहां यह गोचर कुछ लोगों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा, वहीं कुछ राशि के जातकों के लिए यह समय विशेष सावधानी और सतर्कता बरतने का है. मंगल गोचर: क्यों है यह महत्वपूर्ण? मंगल को ग्रहों का सेनापति कहा जाता है. 42 दिनों तक वृषभ राशि में इनका प्रवास ग्रहों की स्थिति में बड़ा फेरबदल लाएगा, जो मुख्य रूप से हमारे आर्थिक निर्णयों, कार्यक्षमता और साहस को प्रभावित करता है. इस दौरान ऊर्जा में उतार-चढ़ाव महसूस किया जा सकता है. इन राशियों को रहना होगा बेहद सतर्क ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मंगल के वृषभ राशि में रहने के दौरान 4  राशियों के जातकों को  विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है: 1. मिथुन राशि: मिथुन राशि के जातकों के लिए यह समय चुनौतियों से भरा हो सकता है. कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ तालमेल बिठाने में समस्या आ सकती है. इस अवधि में अहंकार से दूर रहना और वाणी पर नियंत्रण रखना आपके लिए हितकर होगा. कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले सोच-विचार अवश्य करें. 2. तुला राशि: मंगल का गोचर तुला राशि के जातकों के लिए भी तनावपूर्ण रह सकता है.  कार्यक्षेत्र में वाद-विवाद की स्थिति बन सकती है. पारिवारिक जीवन में भी संवेदनशीलता बनी रहेगी, इसलिए धैर्य से काम लेना ही समझदारी है. फिजूलखर्चों पर लगाम लगाएं. 3. अन्य चार राशियां: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इसके अतिरिक्त अन्य चार राशियां सिंह, मकर, वृश्चिक और कुंभ मंगल की इस स्थिति से प्रभावित होंगी. इन जातकों को अपने निवेश, व्यक्तिगत संबंधों और स्वास्थ्य के प्रति विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है. इस अवधि में क्या करें? (विशेष सलाह) आर्थिक योजना: मंगल के प्रभाव से आक्रामक निर्णय लेने की प्रवृत्ति बढ़ सकती है, इसलिए निवेश करते समय पूरी तरह सतर्क रहें. क्रोध पर नियंत्रण: मंगल ऊर्जा का कारक है, ऐसे में छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आना स्वाभाविक है. योग और ध्यान का सहारा लें. वाणी में संयम: घर और कार्यस्थल पर बहस से बचें. अपनी बात को विनम्रता से रखने का प्रयास करें. स्वास्थ्य: अपनी ऊर्जा को सकारात्मक कार्यों में लगाएं और संतुलित दिनचर्या का पालन करें.

चोरी के शक ने ली मासूम की जान, ग्वालियर में बच्ची की पीट-पीटकर हत्या, आरोपी आमीन गिरफ्तार

ग्वालियर. पुरानी छावनी स्थित बरा गांव में आठ वर्षीय मासूम बालिका को बेरहमी से पीटने वाला आरोपी आमीन खान जेल भेज दिया गया है। बच्ची के शव को स्वजन के सुपुर्द कर दिया था। स्वजन ने शव को दफना दिया। आमीन खान ने पूछताछ में अपना जुर्म कुबूल किया है। उसने कहा कि डंडे से मारपीट की थी, लेकिन उसे यह नहीं लगा था कि उसकी मौत हो जाएगी। बरा गांव में रहने वाली आठ वर्षीय बालिका के पिता मजदूरी करते हैं। वह गुरुवार को काम पर गए थे। बच्ची आसपास के बच्चों के साथ खेल रही थी। तभी वह पड़ोस में रहने वाले आमीन खान के घर पहुंच गई। आमीन खान के घर के दरवाजे पर ताला लटका था। इस ताले पर लटककर खोल लिया, फिर घर के अंदर पहुंची। यहां गुल्लक में रुपये व आमीन की पत्नी रेशमा का सोने का पेंडेंट रखा हुआ था। जब आमीन घर पहुंचा तब चोरी होने का पता लगा। आसपास के लोगों ने आठ वर्षीय बालिका का नाम बताया। इसके बाद आमीन उसे घर से पकड़कर ले आया। उसने घर के अंदर बालिका को बंधक बना लिया और हाथ-पैर बांधकर बेरहमी से डंडे बरसाए। रात में उसे आमीन घर छोड़कर आया। सुबह बालिका मृत अवस्था में मिली। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने इस मामले में बालिका के पिता की ओर से आमीन खान व उसकी पत्नी रेशमा खान पर एफआइआर दर्ज की है। आमीन को हिरासत में ले लिया था। जब उससे पूछताछ की गई तो उसने मारपीट करना स्वीकार किया। उसने बताया कि उसने इस उद्देश्य से नहीं पीटा था कि उसकी मौत हो जाए। बच्ची कितना तड़पी होगी… बालिका के शरीर पर चोट के निशान और डंडे में लगी कील से लगी चोट बताती है वह कितनी तड़पी होगी। उसके पंजे, पिंडली व कलाई में डंडे की कील के 17 निशान हैं। वहीं पुलिस ने फोरेंसिक और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट की मदद से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं, जिससे इस मामले में दोषसिद्धि हो सके। आसपास रहने वाले लोगों के बयान भी दर्ज किए हैं। इस संबंध में पुरानी छावनी थाना प्रभारी डा. संतोष यादव ने बताया कि बच्ची की पीट-पीटकर हत्या के मामले में आरोपित आमीन खान को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। उसने अपना जुर्म स्वीकार किया है।

झांसी सर्किट हाउस को मिली नई सौगात, मुख्यमंत्री ने आधुनिक सुविधाओं का शुभारंभ किया

झांसी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ झांसी प्रवास के दौरान शनिवार शाम सर्किट हाउस पहुंचे। उन्होंने यहां बटन दबाकर 5 सुइट व 10 बेड की डॉरमेट्री का शुभारंभ किया।  सर्किट हाउस में 5 सुइट की सुविधा वीवीआईपी/वीआईपी अतिथियों तथा 10 बेड की डॉरमेट्री की सुविधा कर्मचारियों के लिए की गई है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस का स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों से विकास कार्यों को लेकर प्रगति जानी। सर्किट हाउस पहुंचने पर जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।  इस दौरान विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह, महापौर बिहारी लाल आर्य, विधायक राजीव सिंह, रवि शर्मा, उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता आदि मौजूद रहे।

जर्मनी ने कोटे डी आइवर को 2-1 से हराया, उन्दाव के दो गोल बने मैच का टर्निंग पॉइंट

नई दिल्ली  फीफा वर्ल्ड कप 2026 में शनिवार का दिन बेहद रोमांचक और बड़े उलटफेरों से भरा रहा, जहां ग्रुप स्टेज के मुकाबलों में टीमों के बीच जोरदार टक्कर देखने को मिली। ग्रुप-एफ के एक एकतरफा मुकाबले में नीदरलैंड्स ने ब्रायन ब्रॉबी और कोडी गैकपो के दो-दो गोलों की मदद से स्वीडन को 5-1 से करारी शिकस्त देकर अंक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया। इसी ग्रुप के दूसरे मैच में जापान ने भी ट्यूनीशिया पर 4-0 से धमाकेदार जीत दर्ज कर अपनी दावेदारी मजबूत की। दूसरी ओर, ग्रुप-ई में जर्मनी ने डेनिज उन्दाव के शानदार दो गोलों के दम पर कोटे डी आइवर के खिलाफ 2-1 से रोमांचक वापसी करते हुए राउंड ऑफ 32 में अपनी जगह पक्की कर ली। वहीं, इक्वाडोर और कुरासाओ के बीच खेला गया मुकाबला दोनों टीमों के मजबूत डिफेंस के कारण 0-0 की गोलरहित बराबरी पर समाप्त हुआ। नीदरलैंड्स ने स्वीडन को रौंदा फीफा वर्ल्ड कप 2026 में ग्रुप एफ के मुकाबले में नीदरलैंड्स ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए स्वीडन को 5-1 से रौंदा। इस जीत के साथ ही नीदरलैंड्स ने ग्रुप में पहला स्थान भी हासिल कर लिया है। नीदरलैंड्स ने नॉकआउट स्टेज में पहुंचने की अपनी दावेदारी को मजबूत कर लिया है। नीदरलैंड्स की तरफ से इस मुकाबले में ब्रायन ब्रॉबी और कोडी गैकपो दोनों ने दो-दो गोल किए। मैच की शुरुआत से ही नीदरलैंड्स आक्रामक अंदाज में खेलता नजर आया। टीम ने पांचवें मिनट में ही पहला गोल कर बढ़त बना ली। कोडी गैकपो के शानदार पास पर ब्रायन ब्रॉबी ने गेंद को गोल पोस्ट में पहुंचाकर टीम का खाता खोला। इसके बाद 17वें मिनट में ब्रॉबी ने नीदरलैंड्स की बढ़त को दोगुना कर दिया। डेनजेल डमफ्रीज के लो क्रॉस को उन्होंने करीब से गोल में तब्दील करते हुए टीम की बढ़त को 2-0 कर दिया। स्वीडन ने वापसी का प्रयास किया, लेकिन पहले हाफ में वह नीदरलैंड्स के डिफेंस को भेदने में पूरी तरह से नाकाम रहे। दूसरे हाफ की शुरुआत में ही नीदरलैंड्स ने मुकाबले पर पूरी तरह पकड़ बना ली। 47वें मिनट में कोडी गैकपो ने शानदार फिनिश के साथ टीम के लिए तीसरा गोल किया। इसके सिर्फ सात मिनट बाद उन्होंने अपना दूसरा गोल भी दागा और नीदरलैंड्स की लीड को 4-0 कर दिया। गैकपो ने अंदर की ओर कट करते हुए जोरदार शॉट लगाया, जिसे स्वीडिश गोलकीपर रोकने में नाकाम रहे। स्वीडन के लिए मैच का पहला गोल 59वें मिनट में आया। सबस्टीट्यूट खिलाड़ी के तौर पर आए एंथनी एलंगा ने शानदार गोल करते हुए अंतर को कम करने का प्रयास किया। हालांकि, इसके बाद नीदरलैंड्स के डिफेंस ने स्वीडन को गोल करने का कोई और मौका नहीं दिया। मैच के अंतिम मिनटों में भी नीदरलैंड्स का दबदबा जारी रहा। 89वें मिनट में क्राइसेंसियो समरविले ने शानदार गोल कर टीम की जीत पर मुहर लगा दी। 5-1 की धमाकेदार जीत के साथ ही नीदरलैंड्स के अब 2 मुकाबलों में 4 प्वाइंट्स हो गए हैं। वहीं, स्वीडन की टीम दूसरे स्थान पर खिसक गई है। जर्मनी ने जीता अपना मुकाबला फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप-ई मुकाबले में जर्मनी ने शानदार वापसी करते हुए कोटे डी आइवर को 2-1 से हराया। टीम की इस जीत के हीरो डेनिज उन्दाव रहे, जिन्होंने दो गोल दागे। कोटे डी आइवर के खिलाफ मिली रोमांचक जीत के साथ ही जर्मनी ने राउंड ऑफ 32 में अपनी जगह पक्की कर ली है। यह मुकाबला शुरुआत से लेकर अंत तक बेहद रोमांचक रहा। मुकाबले के शुरुआती मिनटों में ही काई हैवर्ट्ज के पास गोल करने का शानदार मौका था, लेकिन उनका हेडर क्रॉसबार के ऊपर से निकल गया। इसके बाद जोशुआ किमिच ने एक बेहतरीन क्रॉस दिया, जिस पर हैवर्ट्ज ने फिर कोशिश की, लेकिन कोटे डी आइवर के गोलकीपर याहिया फोफाना ने शानदार बचाव किया। जर्मनी को एक और मौका कॉर्नर किक पर मिला, जब एलेक्जेंडर पावलोविच ने हेडर से गेंद को गोल पोस्ट में पहुंचा दी। हालांकि, रेफरी ने फाउल का फैसला देते हुए गोल को अमान्य करार दिया। दूसरी ओर, कोटे डी आइवर ने भी जवाबी हमले जारी रखे। यान डियोमांडे ने बाईं ओर से तेजी से एक लो क्रॉस दिया जो अमाद डियालो के पैरों पर गिरा। हालांकि, नैथेनियल ब्राउन इस शॉट को ब्लॉक करने में सफल रहे, लेकिन वह केसी को रिबाउंड पर गोल करने से नहीं रोक सके। इस गोल के साथ ही कोटे डी आइवर ने मैच में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। दूसरे हाफ में भी अफ्रीकी टीम ने अच्छी शुरुआत की, लेकिन जर्मनी के कोच जूलियन नेगल्समैन ने समय रहते बदलाव किए। उन्होंने लगभग एक घंटे के खेल के बाद नदीम अमीरी और डेनिज उन्दाव को मैदान पर उतारा। यह फैसला मैच का टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ। सबस्टिट्यूट खिलाड़ी के तौर पर उतारे गए डेनिज उन्दाव ने दो गोल करते हुए मैच का पासा पलटा। उन्दाव को जब मैदान पर उतारा गया, तो कोटे डी आइवर 1-0 से आगे था। हालांकि, आठ मिनट के अंदर उन्दाव ने पहला गोल दागते हुए स्कोर को 1-1 से बराबर किया। कोटे डी आइवर के पास भी दोबारा बढ़त हासिल करने का शानदार मौका था। निकोलस पेपे और साइमन एडिंगरा ने एक अच्छा हमला बनाया, लेकिन वह अंतिम क्षणों में गेंद पर नियंत्रण नहीं रख सके और मौका हाथ से निकल गया। मैच जब ड्रॉ की ओर बढ़ता दिख रहा था, तभी स्टॉपेज टाइम में जर्मनी के लिए उन्दाव ने निर्णायक गोल किया। लुकास नेमेचा ने उन्दाव को शानदार पास दिया। उन्दाव ने गेंद को नियंत्रित करते हुए बेहतरीन फिनिश किया और जर्मनी की जीत पक्की कर दी। उन्दाव के लिए यह प्रदर्शन खास रहा, क्योंकि जर्मनी के लिए उनके पिछले 8 मैचों में यह 9वां गोल रहा। इक्वाडोर और कुरासाओ का मैच ड्रॉ फीफा वर्ल्ड कप 2026 के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में इक्वाडोर और कुरासाओ की टीमें आमने-सामने थीं। फुल-टाइम (निर्धारित समय) खत्म होने तक दोनों ही टीमें गोल करने में नाकाम रहीं, जिसके चलते यह मुकाबला 0-0 की बराबरी पर छूटा। इस मैच में दोनों टीमों के डिफेंस ने शानदार खेल दिखाया और विरोधी फॉरवर्ड लाइन को गोल करने का कोई मौका नहीं दिया। इस गोलरहित ड्रॉ के बाद दोनों टीमों को … Read more

योग और नृत्य का अद्भुत संगम: सारंगढ़ में बच्चों ने संगीत की धुन पर योग मुद्राओं से मोहा मन

​रायपुर. अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सारंगढ़ के कृषि उपज मंडी परिसर में जिला स्तरीय वृहद योग कार्यक्रम का गरिमामय आयोजन किया गया। इस वर्ष "योगा 365 डेज एम्ब्रेस योगा" और "बढ़ते उम्र के स्वास्थ्य के लिए योग" की थीम पर आधारित इस शिविर में प्रदेश के राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक गरिमा के साथ भगवान श्री धनवंतरि और छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस आयोजन में प्रशासनिक और राजनीतिक अमला एक मंच पर नजर आया। मुख्य अतिथि टंकराम वर्मा के साथ कलेक्टर, एसपी, जिला पंचायत अध्यक्ष, पूर्व विधायक केराबाई मनहर, बरमकेला जनपद अध्यक्ष सहित अनेक स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, पत्रकारों और स्कूली बच्चों समेत लगभग 1,000 नागरिकों ने एक साथ बैठकर योग की विभिन्न विधाओं व प्राणायाम का अभ्यास किया। ​पीएम मोदी के संदेश का वाचन और हस्ताक्षर अभियान कार्यक्रम के दौरान राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'स्वस्थ राष्ट्र' बनाने के संदेश का वाचन किया। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय को बधाई देते हुए जीवन में नियमित योग अपनाने का संकल्प दिलाया। इस अवसर पर योग के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक विशेष हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया, जिसमें मंत्री, कलेक्टर, एसपी सहित जनप्रतिनिधियों और जागरूक नागरिकों ने अपने हस्ताक्षर किए। ​योग और नृत्य का अद्भुत संगम ​इस जिला स्तरीय योग दिवस का मुख्य आकर्षण बच्चों द्वारा नृत्य शैली में किया गया योग प्रदर्शन रहा। मुख्य सत्र के बाद, योग शिक्षिका (व्यायाम शिक्षिका) ममता साहू के मार्गदर्शन में सिम्मी योगा एंड फिटनेस सेंटर, योगाचार्य सुभाष पटेल की टीम और सरिया की योगिनी अकादमी के बच्चों ने 'श्रीरामचंद्र' सहित अन्य भक्ति गीतों पर सामूहिक योग मुद्राओं का विहंगम प्रदर्शन किया। इसके साथ ही, साक्षी पटेल ने एकल गीत पर योग की अत्यंत कठिन मुद्राओं को सहजता से प्रस्तुत कर मुख्य अतिथि और उपस्थित जनसमुदाय की खूब वाहवाही बटोरी। अनुशासित भागीदारी और प्रेरक पल आयोजन को सफल बनाने में भारत स्काउट, जूनियर रेडक्रॉस और एनएसएस (NSS) के सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। स्कूल और कॉलेज के इन छात्र-छात्राओं की अनुशासित और ऊर्जावान भागीदारी ने योग के संदेश को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाया। कार्यक्रम में एक भावुक और प्रेरक पल तब देखने को मिला जब मंच से हजार से अधिक नागरिकों को योग का अभ्यास करा रहीं मुख्य योग शिक्षिका ममता साहू के माता-पिता और रिश्तेदार भी इस शिविर में शामिल हुए। अपनी बेटी के इस बेहतरीन नेतृत्व और राज्य स्तर पर मिल रहे सम्मान को देखकर उनके माता-पिता भावविभोर हो उठे। यह अनूठा आयोजन सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के नागरिकों को स्वास्थ्य और एकजुटता का एक अमूल्य संदेश दे गया।

झिझक से सम्मान तक का सफर, गधहाभाटा अब कहलाएगा सोनपुर

कवर्धा. कबीरधाम जिले का एक ऐसा गांव, जहां के लोग वर्षों तक अपने ही गांव का नाम बताने में झिझक महसूस करते थे, लोगों को उपहास का सामना करना पड़ता था, क्योंकि गांव का नाम गधहाभाटा था। अब गांव का नाम आधिकारिक रूप से बदलकर सोनपुर करने से ग्रामीणों की यह पीड़ा खत्म हो गई है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इसका राजपत्र में प्रकाशन भी किया जा चुका है। इसी खुशी के मौके पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ग्राम सोनपुर पहुंचे और ग्रामीणों को राजपत्र की प्रति सौंपकर नई पहचान के लिए बधाई दी। इस दौरान उन्होंने गांव के विकास के लिए 7 लाख 50 हजार रुपए के विभिन्न विकास कार्यों की घोषणा भी की। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सिर्फ गांव का नाम ही नहीं बदला, बल्कि अब सोनपुर की तस्वीर भी बदल रही है। गांव में विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। वहीं ग्रामीणों ने गांव का नाम परिवर्तन होने पर उपमुख्यमंत्री का आभार जताया। ग्रामीणों का कहना है कि पहले गधहाभाटा नाम होने के कारण उन्हें कई जगह शर्मिंदगी महसूस करनी पड़ती थी। लोग मजाक उड़ाते थे, जिसका असर सामाजिक रिश्तों और बच्चों के विवाह संबंधों पर भी पड़ता था। अब गांव का नाम सोनपुर होने से ग्रामीण गर्व के साथ अपनी पहचान बता सकेंगे।

‘पाकिस्तान अपनी हद में रहे’ गंज शहीदां मस्जिद मुद्दे पर जरदारी को बनारस से कड़ा जवाब

वाराणसी वाराणसी में काशी स्टेशन के पास स्थित गंज शहीदां मस्जिद को अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बनाने की पाकिस्तान राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने कोशिश की है। जरदारी ने इसे लेकर एक्स पर पोस्ट किया है। जरदारी का पोस्ट सामने आते ही मुस्लिम समाज की तरफ से कड़ी प्रतिक्रिया भी सामने आई है। जरदारी पर मुस्लिम धर्मगुरु भड़क गए हैं। उन्होंने कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि पाकिस्तान अपनी हद में रहे। यह भारत और बनारस का आंतरिक मामला है। कानूनी लड़ाई लड़ी जा रही है। कोर्ट के फैसले को हम सभी मानेंगे। मस्जिद को लेकर जरदारी ने क्या लिखा पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने पोस्ट में कहा है कि भारत में ऐतिहासिक मुस्लिम धार्मिक स्थलों, जिनमें वाराणसी की 1,000 साल पुरानी मस्जिद गंज शहीदां भी शामिल है, को गिराए जाने से अराजकता फैलेगी। उन्होंने ऐसी कार्रवाइयां तुरंत रोकने को कहा है। यह भी कहा है कि अल्पसंख्यकों के अधिकारों और साझा सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा की जानी चाहिए। मुफ्ती-ए-बनारस ने दी नसीहत इस पोस्ट के सामने आने के बाद काशी में मुस्लिम धर्मगुरु और समुदाय के लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। कहा कि पाकिस्तान अपने देश में झांके। वहां मस्जिदों में बम से हमले होते हैं। वह अपने मसले सुलझाए, हमारे आंतरिक मामले में दखलअंदाजी न करें। मुफ्ती-ए-बनारस मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी ने कहा कि यह हमारा आंतरिक मामला है। किसी दूसरे को इसमें हस्ताक्षेप करने की जरूरत नहीं है। पाकिस्तान अपने देश को देखे। हमारे यहां क्या हो रहा है उसमें दखल देने की जरूरत नहीं है। भारत की न्याय प्रणाली पर हमें भरोसा है। कोर्ट से हमें राहत मिलेगी। यासीन बोले- कोर्ट पर हमें भरोसे अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद के संयुक्त सचिव डॉ. एसएम यासीन ने कहा कि पाकिस्तान की मस्जिदों में बम से हमले होते हैं। वे लोग पहले उसे रोकें। हमारे मामले में हस्तक्षेप करने की जरूरत नहीं है। हम लोग कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। हमें उम्मीद है कि कोर्ट से हमारी जीत जरूर होगी। मुस्लिम पक्ष का दावा – मस्जिद सन् 1034 में बनी, 1883-84 के बंदोबस्ती नक्शे में भी दर्ज अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद के संयुक्त सचिव एसएम यासीन का दावा है कि मस्जिद को लेकर रेलवे प्रशासन ने नोटिस जारी किया है। नोटिस पर न ही किसी अधिकारी का दस्तखत है और न ही जारी करने की तारीख है। जिस मुकदमे के खारिज होने की बात इसमें लिखी है, वह मस्जिद के बाहर पूरब की जमीन से सम्बन्धित था। मस्जिद से इस मुकदमे का कोई सम्बन्ध नहीं था या है। यह नोटिस भ्रामक है। इसी मुकदमे में रेलवे प्रशासन ने अपने शपथ-पत्र मे मस्जिद का होना और मुसलमानों की मिल्कियत तस्लीम किया है। उन्होंने बताया कि यह मस्जिद सन् 1034 में बनी है। 1883-84 के बंदोबस्त नक्शे में भी उल्लेख है। उससे पहले के नक्शे में भी है। राजघाट में रेलवे 1887 में आई है। साबित है कि रेलवे से पहले की मस्जिद है। रेलवे का दावा : नोटिस की अवधि खत्म वहीं, गंज शहीदां मस्जिद को हटाने के लिए उत्तर रेलवे प्रशासन की ओर से दी गई नोटिस की अवधि शनिवार को खत्म हो गई। रेलवे के मुताबिक काशी रेलवे स्टेशन के प्रथम प्रवेश द्वार की तरफ (सर्कुलेटिंग एरिया के पास) रेलवे भूमि पर अवैध रूप से मस्जिद का निर्माण हुआ हैं। यह काशी रेलवे स्टेशन पर चल रहे विकास कार्य (मेजर अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट) में बाधक है। इस सम्बंध में मूलवाद संख्या-1174/1991 अंजुमन इंतेजामिया बनाम यूनियन आफ इंडिया न्यायालय सिविल जज (जूनियर डिविजन) शहर वाराणसी के न्यायालय में चल रहा था। जिसे कोर्ट ने 28 अगस्त 2024 को खारिज कर दिया था। रेल अधिकारियों के मुताबिक इसके बाद इंतेजामिया कमेटी को ऊपर की अदालत में जाने की सलाह भी दी गई लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस बीच, यहां मेजर अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट के तहत लगभग 350 करोड़ से विकास कार्य शुरू हो गए। इसी परियोजना में गंगा कॉलोनी का ध्वस्तीकरण भी होना है, जहां यह मस्जिद है। इसके चलते रेलवे प्रशासन ने अपनी भूमि पर बनी मस्जिद को अवैध बताते हुए इसे हटाने का निर्णय लिया। नोटिस में इंतेजामिया कमेटी से अनुरोध किया गया है कि वे 20 जून तक इसे अवश्य हटा लें अन्यथा रेलवे प्रशासन किसी भी दिन ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा। अधिकारियों की मानें तो जिला प्रशासन, पुलिस समेत अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर अगली कार्रवाई की जाएगी। क्या बोले पुलिस आयुक्त वहीं पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल का कहना है कि गंज शहीदां मस्जिद के मुद्दे पर पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के एक्स पर पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर नजर रखी जा रही है। पोस्ट पर क्या प्रतिक्रिया आ रही है, यह देखा जा रहा है। देशद्रोही तत्व या माहौल बिगाड़ने वाले इसका गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसे व्यक्ति को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय युवाओं और एमएसएमई को जोड़ने के लिए ‘ब्लू डॉट्सएआई’ की शुरुआत, मुजफ्फरनगर में खुला पहला जेएफसी

मुजफ्फरनगर/लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने स्थानीय रोजगार, कौशल विकास और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रदेश के सभी 18 मंडलों में 'ब्लू डॉट्सएआई' (Blue DotsAI) पहल का शुभारंभ मुजफ्फरनगर से किया। व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कपिल देव अग्रवाल ने शनिवार को मुजफ्फरनगर में प्रदेश के पहले संयुक्त सुविधा केंद्र (ज्वाइंट फैसिलिटेशन सेंटर- जेएफसी) का उद्घाटन किया। गाजियाबाद में सफल पायलट परियोजना के बाद अब इस डिजिटल पहल का विस्तार पूरे उत्तर प्रदेश में किया गया है। इस अवसर पर मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य स्थानीय युवाओं, महिलाओं और कुशल श्रमिकों को उनके आसपास उपलब्ध रोजगार के अवसरों से सीधे जोड़ना है। उन्होंने कहा कि अब युवा अपनी स्थानीय भाषा में वॉयस कॉल के माध्यम से भी इस प्लेटफॉर्म से जुड़ सकेंगे और अपने क्षेत्र में उपलब्ध नौकरियों की जानकारी मोबाइल मैप पर आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही स्थानीय एमएसएमई और उद्योगों को भी अपने आसपास के योग्य एवं प्रशिक्षित अभ्यर्थियों तक त्वरित पहुंच मिलेगी। उन्होंने कहा कि जब स्थानीय हुनर और स्थानीय उद्योग एक-दूसरे से जुड़ेंगे, तब आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश का लक्ष्य और अधिक मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि तकनीक केवल माध्यम है, वास्तविक सफलता विभागीय टीमों, उद्योगों और सहयोगी संस्थाओं के समन्वित प्रयासों से ही संभव होगी। इस अभिनव पहल को सफल बनाने में गाजियाबाद की जिला टीम, विभागीय अधिकारियों तथा सहयोगी संस्थाओं के योगदान की भी उन्होंने सराहना की। व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमिता विभाग के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा संचालित इस पहल में ईवाई, एकस्टेप फाउंडेशन (EkStep Foundation) तथा हेड हेल्ड हाई फाउंडेशन तकनीकी एवं संस्थागत सहयोग प्रदान कर रहे हैं। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवाओं, महिलाओं, प्रशिक्षण संस्थानों, उद्योगों तथा नियोक्ताओं को एक साझा डिजिटल मंच पर जोड़ा जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी। मंत्री अग्रवाल ने बताया कि गाजियाबाद में संचालित पायलट परियोजना ने बेहद उत्साहजनक परिणाम दिए। कुछ ही महीनों में 16 हजार से अधिक स्थानीय रोजगार अवसरों और 15 हजार से अधिक इच्छुक अभ्यर्थियों का सफल पंजीकरण किया गया। यह उपलब्धि उद्योगों के सीमित दायरे को जोड़ने के बावजूद प्राप्त हुई, जिससे स्पष्ट है कि पूरे प्रदेश में इस पहल के माध्यम से रोजगार सृजन की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बड़ी चुनौती यह है कि एक ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर और योग्य अभ्यर्थी उपलब्ध होने के बावजूद जानकारी के अभाव में दोनों एक-दूसरे तक नहीं पहुंच पाते। परिणामस्वरूप उद्योगों को आवश्यक मानव संसाधन नहीं मिलता और युवाओं को रोजगार के लिए दूर-दराज भटकना पड़ता है।  'ब्लू डॉट्सएआई'* इसी को समाप्त करने का प्रभावी माध्यम बनेगा। स्थानीय भाषा आधारित वॉयस सुविधा और लोकेशन आधारित मैपिंग के जरिए यह प्लेटफॉर्म युवाओं एवं उद्योगों के बीच सीधा संपर्क स्थापित करेगा। मुजफ्फरनगर में स्थापित पहला संयुक्त सुविधा केंद्र क्षेत्रीय समन्वय, निगरानी और सेवा वितरण का प्रमुख केंद्र होगा। आगामी चरणों में प्रदेश के सभी 18 मंडलों में ऐसे केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहां जिला उद्योग केंद्र, श्रम विभाग, रोजगार कार्यालय, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, उच्च शिक्षण संस्थान, उद्योग संघ, एमएसएमई, स्टार्टअप्स तथा अन्य स्थानीय साझेदार संस्थाएं एकीकृत रूप से कार्य करेंगी।

‘रोग और बुढ़ापे से बचना है तो योग अपनाइए’ योग दिवस पर सीएम योगी का संदेश

लखनऊ 12 वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर पूरा उत्तर प्रदेश योगमय हो गया है। प्रदेश के सभी जिलों में जगह-जगह योग के कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। सुबह-सुबह लोग घरों से निकले और पार्कों, खेल मैदानों, शिक्षण संस्थाओं और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर योग करते नज़र आए। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राजभवन में और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने झांसी में योग किया। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर रविवार को प्रदेश भर में मंत्रियों, नेताओं के अलावा बड़ी संख्या में आमजन ने भी योगाभ्यास किया। रानी लक्ष्मीबाई के शहर झांसी केू लिए यह दिन बेहद खास रहा। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर ‘स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग’ थीम के तहत किले की प्राचीर पर सजे योग कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने योगासन किया। उन्होंने करीब 45 मिनट तक अनुलोम-विलोम, सूर्य नमस्कार सहित अन्य योग क्रियाएं कर झांसीवासियों को नियमित योग के माध्यम से निरोग रहने का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि जिसका शरीर योग से तपकर सशक्त हुआ है, वहां न रोग है और न ही बुढ़ापा। यदि रोग, बीमारी और बुढ़ापे से बचना है तो योग को अपनी कार्यशैली का हिस्सा बनाना होगा। मुख्यमंत्री के साथ योग कर बुंदेलखंड के लोग भी स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे थे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुबह 5:45 बजे सर्किट हाउस से रवाना हुए और 5:55 बजे किले की तलहटी स्थित परिसर में पहुंचे। सुबह 6 बजे योगाभ्यास शुरू हुआ। उनके साथ लखनऊ से आए प्रशिक्षक अभिषेक मिश्रा, सुधीर प्रजापति, अनुसया नरवरे सहित अन्य प्रशिक्षक मौजूद रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री को योगाभ्यास कराया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की ऐतिहासिक नगरी झांसी की धरती पर इस कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला। योगाभ्यास से पहले उन्होंने कहा कि भगवान शिव से शुरू हुई इस परंपरा को विभिन्न कालखंडों में योगियों ने पूरी दुिया तक पहुंचाया। हालांकि एक समय ऐसा भी आया जब लोग इसे लगभग विस्मृत कर चुके थे। उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आभारी हैं, जिन्होंने भारत की इस महान विरासत और परंपरा को विश्व पटल पर स्थापित किया। इससे 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान बढ़ा है। प्रधानमंत्री के प्रयासों के कारण आज देशवासी अपनी विरासत पर गर्व की अनुभूति कर रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि यदि रोग, बीमारी और बुढ़ापे से बचना है तो योग को नियमित रूप से अपनी जीवनशैली और कार्यशैली का हिस्सा बनाना होगा।

विकसित भारत संकल्प सम्मेलन में बोले सीएम- ‘राष्ट्र प्रथम’ भाजपा की पहचान

झांसी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बुंदेलखंड अब पिछड़ेपन का प्रतीक नहीं, बल्कि विकास का नया मॉडल बन रहा है। डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर, एक्सप्रेसवे, मेडिकल कॉलेज, फार्मा पार्क और रोजगार के नए अवसरों ने क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है। अब बुंदेलखंड का युवा पलायन नहीं कर रहा, बल्कि सरकारी नौकरियों और उद्योगों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रहा है। सरकार का लक्ष्य हर नौजवान को रोजगार, हर किसान के खेत तक पानी और हर गांव को आत्मनिर्भर बनाना है। विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा जब उत्तर प्रदेश का हर जिला, हर गांव और हर नगर आत्मनिर्भर और विकसित बनेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में आयोजित 'विकसित भारत संकल्प सम्मेलन' को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय व श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्रों पर पुष्पांजलि भी अर्पित की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कांग्रेस व समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश को ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ का मंत्र दिया, जिसके कारण भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 140 करोड़ भारतवासियों का सामूहिक प्रयास ही विकसित भारत की नींव है। जब पूरा देश एक लक्ष्य के साथ आगे बढ़ता है तो गुलामी के प्रतीकों को हटाने और भगवान राम के भव्य मंदिर निर्माण जैसे ऐतिहासिक कार्यों में देर नहीं लगती। राम मंदिर केवल प्रभु रामलला का मंदिर नहीं, बल्कि नए भारत के राष्ट्र मंदिर के निर्माण की शुरुआत है। कांग्रेस-यूपीए ने खराब की देश की व्यवस्था सीएम ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के समय देश की स्थिति बदहाल हो चुकी थी। भ्रष्टाचार चरम पर था, अर्थव्यवस्था लड़खड़ा रही थी और दुनिया में भारत का सम्मान कम हो गया था। प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में भारत ने नई ऊंचाइयों को छुआ है। आज भारत दुनिया की पांच बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बन चुका है। इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेसवे, रेलवे, एयर कनेक्टिविटी और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव हुए हैं। बुंदेलखंड में डिफेंस कॉरिडोर, मेडिकल कॉलेज और बड़े निवेश इसकी मिसाल हैं। सपा सरकार के रहते उत्तर प्रदेश में आतंक व असुरक्षा का वातावरण बनाने वाले माफिया की कमर टूट चुकी है या मिट्टी में मिल गया है। जाति-धर्म के नाम पर समाज को बांट रहा विपक्ष मुख्यमंत्री ने सपा व कांग्रेस पर समाज को बांटने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब इन दलों के पास सत्ता थी तब ये केवल अपने परिवार के लिए काम करते थे। जनता ने जब इन्हें सत्ता से बाहर कर दिया तो अब ये जाति-धर्म के नाम पर समाज को बांटने में जुटे हैं। विदेशी आक्रांताओं ने भी भारत को इसी तरह विभाजित कर कमजोर किया था। इसलिए सामाजिक एकता व राष्ट्रवाद ही भारत की सबसे बड़ी ताकत है। भाजपा कार्यकर्ता समाज को जोड़ने और राष्ट्र निर्माण के लिए काम करता है, जबकि विपक्ष विभाजनकारी राजनीति में लगा हुआ है। कांग्रेस के लिए गांधी परिवार, सपा के लिए सैफई परिवार ही महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस से पूछिए कि उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण क्या है, तो वह गांधी परिवार का नाम लेगी। समाजवादी पार्टी से पूछिए तो वह सैफई परिवार को सबसे ऊपर बताएगी। भाजपा कार्यकर्ता सबसे पहले राष्ट्र को महत्व देता है। भाजपा की राजनीति ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना पर आधारित है और यही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। भाजपा कार्यकर्ता देश की सुरक्षा, समृद्धि और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए समर्पित भाव से काम करता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से विकसित भारत के संकल्प को गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान किया। कोविड काल में पीएम मोदी ने दिया ‘विकसित भारत’ का विजन सीएम योगी ने कहा कि 2022 में जब पूरी दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही थी और कई देश हिम्मत हार चुके थे, उस समय प्रधानमंत्री मोदी जी देशवासियों को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प से जोड़ रहे थे। मोदी जी ने विकसित भारत के लिए पंच प्रण का मंत्र दिया। इसमें गुलामी की मानसिकता से मुक्ति, विरासत का सम्मान, सेना व सुरक्षा बलों के प्रति सम्मान, सामाजिक एकता और नागरिक कर्तव्य को सबसे महत्वपूर्ण बताया गया है। कोई भी देश तब तक आत्मनिर्भर नहीं बन सकता, जब तक वह गुलामी की मानसिकता से बाहर नहीं निकलता। भारत के पास ज्ञान, संस्कृति, परंपरा व आर्थिक समृद्धि सब कुछ था, लेकिन पहले मुगलों और बाद में अंग्रेजों ने भारतीय व्यवस्था को कमजोर कर दिया था। भगवान राम राजा की परंपरा का किया जिक्र मुख्यमंत्री ने ओरछा में भगवान राम राजा की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि मध्यकाल में जब देश गुलामी के दौर से गुजर रहा था, तब संत तुलसीदास जी ने भारतीय संस्कृति और आस्था को मजबूत करने का आह्वान किया था। तुलसीदास जी को कई बार अकबर के दरबार में जाने और नवरत्नों में शामिल होने का प्रस्ताव मिला, लेकिन उन्होंने उसे ठुकरा दिया। उन्होंने रामलीलाओं की शुरुआत करवाई और ‘राजा रामचंद्र की जय’ का उद्घोष कराया। ओरछा में आज भी भगवान राम राजा के रूप में विराजमान हैं। इस अवसर पर विधानपरिषद सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह, सांसद अनुराग शर्मा, महापौर बिहारी लाल आर्य, विधायक रवि शर्मा, राजीव सिंह, जवाहर लाल राजपूत, रश्मि आर्य, एमएलसी रमा निरंजन आदि मौजूद रहे।