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छत्तीसगढ़ में योग दिवस समारोह, योग को जीवन का हिस्सा बनाने का दिया आह्वान

रायपुर सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के नगर पंचायत सरिया में आयोजित 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह में छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने योग को भारतीय संस्कृति की आत्मा और राष्ट्र निर्माण का आधार बताया।   डॉ. शर्मा ने कहा कि योग का पहला परिचय धर्म की रक्षा के लिए कुरुक्षेत्र की रणभूमि में ही हुआ था, जब भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश देते हुए सांख्य योग के माध्यम से अधर्मी शक्तियों से लड़ने का मार्ग दिखाया था। आज जब हम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का 12वां वर्ष मना रहे हैं, यह गर्व का विषय है कि एक योग-धर्मी के त्याग, समर्पण और सेवा भाव से योग वैश्विक पहचान पा चुका है।   उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में योग की परिभाषा बदली है। यह अब केवल शारीरिक कसरत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि तन और मन के बीच सेतु बनकर व्यक्ति का समग्र विकास करने वाला विज्ञान बन गया है।   भारत के डेमोग्राफिक डिविडेंड पर बोलते हुए डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा, भारत केवल आयु वर्ग के आंकड़ों से युवाओं का देश नहीं कहलाएगा। असली युवाओं का देश वह भारत होगा जो योग से युवा रहेगा। योग शरीर को लचीलापन ही नहीं देता, बल्कि मानसिक दृढ़ता और संतुलन भी देता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह धारणा गलत है कि योग केवल युवाओं के लिए है। वास्तविकता यह है कि योग करने वाला प्रत्येक व्यक्ति युवा हो जाता है। योग युवापन का पर्याय है। जब हम योग से अपने मन और मस्तिष्क को नियंत्रित करना सीख लेते हैं, तब जीवन के हर क्षेत्र में हमारी जवाबदेही और क्षमता बढ़ जाती है। डॉ. शर्मा ने आह्वान किया कि योग को केवल एक दिन का आयोजन न बनाएं, बल्कि इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर घर-घर तक पहुंचाएं। तभी हम एक स्वस्थ, सशक्त और उज्ज्वल भारत का निर्माण कर पाएंगे। इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष कमलेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष अरुण शराप, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष जगन्नाथ पाणिग्रही, पार्षदगण सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

राम मंदिर ट्रस्ट पर फंड हेराफेरी के आरोप, SIT रोजाना भेज रही जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को

अयोध्या अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले फंड में कथित हेराफेरी की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने ट्रस्ट के पदाधिकारियों और मंदिर के अधिकारियों को अयोध्या न छोड़ने का निर्देश दिया है. मंदिर से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी है. बताया जा रहा है कि रोजाना की इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट को डिजिटल फॉर्म में सुरक्षित रखा गया है. इसमें ट्रस्ट के अधिकारियों और जांच से जुड़े अन्य लोगों से की गई पूछताछ की डिटेल्स भी शामिल हैं. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने पेश करने से पहले इस रिपोर्ट को फाइनल रूप दिया जाएगा. इसके साथ ही, एसआईटी अपनी जांच से जुड़ीं जानकारियां रोजाना मुख्यमंत्री कार्यालय को भी भेज रही है. सूत्रों का कहना है कि एसआईटी की जांच सिर्फ फंड की कथित हेराफेरी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें अलग-अलग फेज में मंदिर ट्रस्ट की ओर से खरीदी गई जमीन और मंदिर के लिए निर्माण सामग्री की खरीद को भी शामिल किया गया है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, आरोप लगाए जा रहे हैं कि मंदिर ट्रस्ट ने मार्केट रेट से ज्यादा कीमत पर जमीनें खरीदी थीं. इस मुद्दे को समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी समेत कई अलग-अलग राजनीतिक दलों ने उठाया था. अयोध्या राम मंदिर में मिले दान के गलत इस्तेमाल के आरोपों के बाद, मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को एसआईटी का गठन किया था. एसआईटी में लखनऊ के डिविजनल कमिश्नर विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक (IG) किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं.

योग दिवस आयोजन में बिजली व्यवस्था पर विवाद, विभाग ने कहा नियमों के तहत होगी जांच

करौली राजस्थान में भजनलाल सरकार बिजली चोरी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाकर दोषियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है. इस बीच करौली में आयोजित 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह के दौरान सरकारी कार्यक्रम में ही बिजली चोरी का मामला सामने आने से कई सवाल खड़े हो गए हैं. इस कार्यक्रम को आयुर्वेदिक विभाग ने आयोजित किया था. इस संबंध में आयुर्वेदिक विभाग के डिप्टी डायरेक्टर (DD) डॉ. कालूराम मीना ने बताया कि विभाग की ओर से व्यवस्थाओं के लिए पहले ही पत्र लिखा गया था, जिसमें संबंधित विभागों के नाम दिए गए थे. उन्होंने कहा कि खेल अधिकारी की तरफ से हमें यह व्यवस्था करवाई गई. अब देखना होगा कि किस विभाग पर बिजली विभाग कार्रवाई करता है. क्या है पूरा मामला? जानकारी के अनुसार, जिला मुख्यालय स्थित मुंशी त्रिलोकचंद माथुर पर स्टेडियम में आयोजित योग दिवस कार्यक्रम के लिए बिजली लाइन से सीधे तार डालकर अवैध रूप से बिजली सप्लाई लेने का आरोप लगा है. कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन के सीनियर अधिकारियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद कथित रूप से खुलेआम बिजली का उपयोग किया गया. आम आदमी पर लगता है भारी जुर्माना गौरतलब है कि बिजली अधिनियम 2003 की धारा 135 के तहत विद्युत चोरी दंडनीय अपराध है. सामान्य उपभोक्ता द्वारा बिजली चोरी पकड़े जाने पर विद्युत निगम बीसीआर भरकर भारी जुर्माना वसूलता है और कानूनी कार्रवाई भी करता है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि सरकारी आयोजन में ही बिजली चोरी हुई है तो क्या संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ भी वही कार्रवाई होगी या फिर नहीं. योग दिवस के मंच से कानून पालन का संदेश योग दिवस के मंच से कानून पालन और जागरूकता का संदेश दिया गया, लेकिन दूसरी ओर विद्युत नियमों की अनदेखी ने पूरे आयोजन की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है. अब देखना होगा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ बीसीआर और विद्युत अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाती है या फिर मामला केवल चर्चा तक ही सीमित रह जाएगा. बिजली चोरी के मामले पर क्या बोले सुपरिटेंडेंट इंजीनियर? इस मामले में विद्युत विभाग करौली के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर रूपसिंह गुर्जर ने कहा, 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में बिजली चोरी होने की जानकारी फिलहाल हमारे संज्ञान में नहीं है. यदि कहीं अवैध रूप से विद्युत लाइन से कनेक्शन लेकर बिजली का उपयोग किया गया है तो मामले की जांच कराई जाएगी. उन्होंने कहा कि, 'जांच में विद्युत चोरी की पुष्टि होने पर संबंधित विभाग के खिलाफ विद्युत अधिनियम के प्रावधानों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.' उन्होंने आगे कहा कि विभाग बिजली चोरी के मामलों को गंभीरता से लेता है और किसी को भी नियमों के उल्लंघन की अनुमति नहीं दी जाएगी. वहीं, आयुर्वेदिक विभाग करौली के डिप्टी डायरेक्टर (DD) डॉ. कालूराम मीना ने कहा, 'राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम के आयोजन को लेकर हमने पहले ही जिला कलेक्टर को पत्र देकर विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियां तय कर दी थीं. बिजली व्यवस्था सहित अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में संबंधित विभागों को अवगत कराया गया था. कार्यक्रम से पहले जब हम स्टेडियम पहुंचे तो वहां खेल स्टेडियम प्रशासन की ओर से हमें बताया गया कि लाइट की व्यवस्था यहां से कर लें. यदि बिजली चोरी जैसा कोई मामला सामने आया है तो इसकी जांच संबंधित विभाग करेगा. हमारी ओर से सभी आवश्यक पत्राचार और सूचना पूर्व में दे दी गई थी.

जेल के भीतर मोबाइल फोन बरामद, फरीदकोट में 5 कैदियों के खिलाफ मामला दर्ज

फरीदकोट. केंद्रीय जेल फरीदकोट में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त बनाने के लिए की गई अचानक तलाशी के दौरान 6 मोबाइल फोन बरामद होने का मामला सामने आया है। इस संबंध में थाना सिटी पुलिस ने 2 हवालातियों और 3 बंदियों के खिलाफ जेल एक्ट के तहत मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार सहायक सुपरिटेंडेंट भिवमतेज सिंगला द्वारा भेजे गए पत्र में बताया गया कि डिप्टी सुपरिटेंडेंट (सिक्योरिटी) रवि कुमार की निगरानी में जेल के विभिन्न ब्लॉकों और बैरकों की अचानक तलाशी ली गई। इस दौरान हवालाती गगनदीप सिंह निवासी कोटकपूरा, हवालाती धर्मपाल निवासी जिला श्री मुक्तसर साहिब, बंदी हरमनप्रीत सिंह निवासी जिला फाजिल्का तथा बंदी मनप्रीत सिंह निवासी जिला मोगा के कब्जे से 2 टच स्क्रीन और 3 कीपैड मोबाइल फोन बरामद किए गए। सहायक सुपरिटेंडेंट प्रभदयाल सिंह द्वारा इसी दौरान दी गई सूचना के आधार पर की गई एक अन्य अचानक तलाशी के दौरान सिक्योरिटी जोन के ब्लॉक-बी की बैरक नंबर 6 में बंदी नवजोत सिंह निवासी जिला बरनाला के कब्जे से एक टच स्क्रीन मोबाइल फोन बरामद हुआ। दोनों मामलों में जेल प्रशासन द्वारा थाना सिटी फरीदकोट को सूचित किया गया, जिसके बाद पुलिस ने जेल एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामले दर्ज कर लिए। मामलों की जांच सहायक थानेदार गुरपाल सिंह, इन्वेस्टिगेशन विंग फरीदकोट द्वारा की जा रही है।

हाईकोर्ट की बड़ी टिप्पणी: मृतक शिक्षाकर्मी के आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति से वंचित नहीं किया जा सकता

बिलासपुर. हाई कोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति के एक मामले में महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए कहा है कि यदि दिवंगत पंचायत शिक्षक का आश्रित शिक्षक पद की अनिवार्य योग्यता नहीं रखता, तो केवल इस आधार पर उसकी अर्जी खारिज करना अनुचित है। जस्टिस राकेश मोहन पांडेय की एकल पीठ ने दुर्ग जिला पंचायत के पुराने आदेश को रद्द करते हुए प्रशासन को निर्देशित किया है कि वे याचिकाकर्ता की शैक्षणिक योग्यता के अनुसार किसी भी स्वीकृत और रिक्त चतुर्थ श्रेणी पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने पर विचार करें। याचिकाकर्ता राकेश कुमार वर्मा (30 वर्ष) के पिता चमन लाल वर्मा दुर्ग जिले में 'सहायक शिक्षक पंचायत के पद पर कार्यरत थे। 15 अक्टूबर 2015 को उनके आकस्मिक निधन के बाद राकेश ने 23 सितंबर 2016 को अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया, जिसे 30 जुलाई 2018 को खारिज कर दिया गया। प्रशासन का तर्क था कि याचिकाकर्ता के पास आवश्यक शैक्षणिक योग्यता नहीं है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि विभाग की अनुकंपा नीतियां लगातार बदलती रहीं। 2014 में दिवंगत शिक्षक के आश्रित को सीधे सहायक शिक्षक बनाया जा सकता था, जबकि 2016 में नियम बदलकर ''''ग्राम पंचायत सचिव'''' के रिक्त पद पर नियुक्ति का प्रावधान किया गया। हाई कोर्ट ने जिला पंचायत के आदेश को कानूनन गलत पाया और कहा कि अनुकंपा नियुक्ति का मुख्य उद्देश्य पीड़ित परिवार को संकट से उबारना है। अदालत ने चार महीने के भीतर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

दांबुला में भारतीय युवा बल्लेबाजों का तूफान, श्रीलंका ए के खिलाफ 377 रन ठोककर ट्राई-सीरीज फाइनल जीता

दांबुला  दांबुला के मैदान पर भारतीय युवा स्टार वैभव सूर्यवंशी के तूफान और गेंदबाजों के दमदार प्रदर्शन के बूते इंडिया ए ने श्रीलंका ए को फाइनल मुकाबले में करारी शिकस्त दे दी है। इस धमाकेदार जीत के साथ ही भारत ने ट्राई-सीरीज का खिताबी ताज अपने सिर सजा लिया है। मैच के असली हीरो 15 साल के ओपनर वैभव सूर्यवंशी रहे, जिन्होंने श्रीलंकाई गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए महज 29 गेंदों पर 94 रनों की हैरतअंगेज पारी खेली। उनकी इस आतिशी बैटिंग के दम पर भारत ने श्रीलंका को एकतरफा अंदाज में 66 रनों से मात दी। टॉस हारकर पहले बैटिंग, वैभव-प्रभसिमरन ने मचाई तबाही इस खिताबी भिड़ंत में श्रीलंका ए के कप्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था, लेकिन भारतीय ओपनर्स ने उनके इस फैसले को पूरी तरह गलत साबित कर दिया। भारत की ओपनिंग जोड़ी वैभव सूर्यवंशी और प्रभसिमरन सिंह ने मैदान पर उतरते ही चौके-छक्कों की बारिश कर दी। दोनों ने विस्फोटक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए पहले विकेट के लिए महज 53 गेंदों पर 132 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी कर डाली। इस दौरान वैभव ने सिर्फ 11 गेंदों पर लिस्ट-ए इतिहास की सबसे तेज फिफ्टी पूरी की और कुल 94 रन बनाए। ओपनर्स से मिली इस ड्रीम शुरुआत की बदौलत इंडिया ए ने निर्धारित 50 ओवरों में 9 विकेट खोकर 377 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। 378 रनों के पहाड़ जैसे लक्ष्य के आगे ढह गई श्रीलंकाई टीम जवाब में 378 रनों के एवरेस्ट जैसे लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका ए की टीम इस भारी दबाव को झेल नहीं सकी। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही शिकंजा कसे रखा और नियमित अंतराल पर विकेट चटकाए। भारतीय गेंदबाजों के घातक प्रदर्शन के आगे श्रीलंकाई टीम पूरी तरह ऑलआउट हो गई और लक्ष्य से काफी पीछे रह गई। भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका ए को 311 रनों पर ऑलआउट कर दिया।  

स्वैच्छिक ट्रांसफर में शिक्षकों की बढ़ी मुश्किलें, ई-अटेंडेंस के चलते रिक्त पद भी दिखे ‘रिजर्व’

भोपाल. स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा स्वैच्छिक स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू किए जाने से पहले ही शिक्षकों के सामने नई परेशानियां खड़ी हो गई हैं। प्रदेश के कई शहरी क्षेत्रों के विद्यालयों में रिक्त पदों को स्थानांतरण पोर्टल पर रिजर्व दर्शाए जाने से हजारों शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। वहीं पोर्टल पर आवेदन की तैयारी कर रहे अनेक शिक्षकों को 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता भी बड़ी बाधा बन रही है। शिक्षकों का कहना है कि दो दिन पहले तक पोर्टल पर जो पद रिक्त दिखाई दे रहे थे, वे अब उपलब्ध सूची से गायब हो गए हैं। इससे उन्हें वास्तविक रिक्त पदों की जानकारी नहीं मिल पा रही है और वे अपनी पसंद के स्थानों के लिए आवेदन करने से वंचित हो रहे हैं। कई शिक्षकों को पोर्टल पर यह संदेश भी मिल रहा है कि उनकी ई-अटेंडेंस 90 प्रतिशत से कम होने के कारण वे आवेदन के पात्र नहीं हैं। पारदर्शिता पर उठ रहे सवाल शिक्षक संगठनों ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा है कि जब तक स्थानांतरण आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ नहीं हो जाती और सभी पात्र शिक्षकों को विकल्प चयन का अवसर नहीं मिल जाता, तब तक रिक्त पदों को रिजर्व या भरा हुआ दर्शाना उचित नहीं है। विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों के विद्यालयों में रिक्त पदों को रिजर्व दिखाए जाने से ऐसे शिक्षक प्रभावित होंगे जो वर्षों से पारिवारिक, स्वास्थ्य या अन्य आवश्यक कारणों से स्थानांतरण की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इससे उन्हें अपनी पसंद के स्थानों का चयन करने का अवसर नहीं मिल पाएगा। नियमों में संशोधन की मांग शिक्षक संगठनों ने शासन और स्कूल शिक्षा विभाग से मांग की है कि स्वैच्छिक स्थानांतरण पोर्टल पर सभी वास्तविक रिक्त पदों को प्रदर्शित किया जाए तथा आवेदन प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी पद को अनावश्यक रूप से रिजर्व न रखा जाए। साथ ही, स्वैच्छिक स्थानांतरण नीति में संशोधन करते हुए 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की शर्त समाप्त करने और जनगणना ड्यूटी में संलग्न शिक्षकों को भी स्थानांतरण के लिए पात्र घोषित करने की मांग की गई है। ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता समाप्त हो 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता समाप्त हो, साथ ही जनगणना वाले शिक्षकों को भी मौका दिया जाए। यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर के शिक्षक लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराने के लिए बाध्य होंगे। – उपेन्द्र कौशल,कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष,शासकीय शिक्षक संगठन। जनगणना कार्य के बाद कार्यमुक्त जनगणना कार्य करने वाले शिक्षकों को स्थानांतरण से वंचित करना उनके साथ अन्याय है। यदि शासन को जनगणना कार्य प्रभावित होने की आशंका हो, तो स्थानांतरण आदेश में यह शर्त जोड़ी जा सकती है कि संबंधित शिक्षक को जनगणना कार्य पूर्ण होने के बाद ही कार्यमुक्त किया जाए। नीति में संशोधन किया जाए। – जगदीश यादव, प्रांताध्यक्ष,राज्य शिक्षक संघ।

बुंदेलखंड को मिला बड़ा तोहफा, योगी बोले—माफिया राज खत्म कर बदला क्षेत्र का चेहरा

महोबा उत्तर प्रदेश के महोबा दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 697 करोड़ रुपये से ज्यादा की 88 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. इस दौरान उन्होंने बुंदेलखंड के विकास, जल संरक्षण, कनेक्टिविटी और रक्षा क्षेत्र में हो रही प्रगति का जिक्र किया. इसके साथ ही, विपक्ष पर निशाना साधते हुए सीएम ने कहा कि नकारात्मक सोच रखने वाले लोग विकास और सकारात्मक बदलाव को स्वीकार नहीं कर पाते. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि उनकी सरकार ने माफिया राज खत्म करके बुंदेलखंड को एक्सप्रेसवे, सिंचाई परियोजनाओं और इन्वेस्टमेंट से जोड़ने का काम किया है. 'माफिया को मिट्टी मे मिलाकर…' योगी आदित्यनाथ ने कहा, "गोरखगिरी एडवेंचर टूरीज्म बने, महोबा को पहचान दें, यहां निकलने वाले पत्थर को पहचान दें. यह सिर्फ नींव नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका का निर्वहन करता है." उन्होंने आगे कहा कि जब पान की बात आती है, तो मुझे महोबा का देसवारी पान याद आता है, आल्हा ऊदल जैसे वीर पैदा हुआ गुरु गोरखनाथ ने लंबे वक्त तक पूजा की थी. इसलिए मैं यहां की परम्परा को नमन करता हूं. यहां के देशवारी पान को हमारी सरकार ने जियो टैग देकर वैश्विक मान्यता दिलाई है. सीएम योगी ने कहा, "बुन्देलखण्ड को बदनाम किया गया था. यहां पर भू और खनिज माफिया हावी थे. माफिया को मिट्टी मे मिलाकर बुंदेलखंड को एक्सप्रेस-वे से जोड़ने का काम हमारी सरकार ने किया है. मुझे महोबा ओर चरखारी में आकर खुशी होती है कि यहां जल संरक्षण का कार्य हो रहा है. माफिया को मिट्टी में मिलाने का संकल्प लिया था, आज एक्सप्रेसवे बन रहा है." उन्होंने आगे कहा कि जल संरक्षण के लिए चंदेल कालीन राजाओं की तर्ज पर आगे बढ़ाएंगे. यहां की बनी ब्रह्मोस मिसाइल जब ऑपरेशन सिंदूर में मिसाइल दागी तो पाकिस्तान घबड़ाने लगा. कबरई के जिन किसानों ने अपनी भूमि डैम के लिए दी थी, उन्हें कई साल तक मुआवजा नहीं मिला लेकिन हमने उन किसानों को मुआवजा दिया. युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों की उलटी गिनती शुरू होना तय है. 'पानी की समस्या होगी खत्म. सीएम योगी ने कहा, "प्रदेश में उत्सव के पहले उपद्रव होता था. विकास की योजनाएं ठप्प पड़ी थीं. महोबा, बांदा, झांसी हमीरपुर की कनेक्टविटी नहीं थी. भारत का सबसे लंबा शहर बुन्देलखण्ड में केन बेतवा नहर की परियोजना पूरी होने को है. केन बेतवा लिंक परियोजना पूर्ण होने से पानी की समस्या का समाधान होगा." महोबा से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा, "जो लोग कब्जा करने की प्रवृत्ति रखते हैं और समाज में नकारात्मकता फैलाते हैं, उनकी सोच और मानसिकता दूषित होती है. ऐसे लोगों की आत्मा और बुद्धि मलिन हो चुकी है, इसलिए वे विकास और सकारात्मक परिवर्तन को स्वीकार नहीं कर पाते. इसी नकारात्मक और स्वार्थी सोच के कारण विपक्षी दलों ने पहले प्रदेश को विकास से दूर रखा और उत्तर प्रदेश को पीछे धकेला." मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी सरकार सकारात्मक सोच, सुशासन और विकास के एजेंडे पर काम कर रही है, जबकि विपक्ष सिर्फ भ्रम और नकारात्मकता फैलाने में लगा है.    

भारतीय नौसेना का अनूठा योग सत्र: 40 कर्मियों ने अंडरवॉटर योग से दिखाया संतुलन और शक्ति

विशाखापत्तनम  देशभर में आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। तीनों भारतीय सेनाओं ने भी योग कार्यक्रम आयोजित किए, लेकिन भारतीय नौसेना विशाखापत्तनम में योग का एक अनोखा प्रदर्शन किया। INS सतवाहन में शनिवार को एक अनूठे अंडरवॉटर योग (पानी के भीतर योग) सत्र का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में यूनिट के 40 कर्मियों ने भाग लिया और पानी की सतह के नीचे कई योगासन कर अपनी एकाग्रता, श्वास नियंत्रण, सहनशक्ति और मानसिक संतुलन का शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय नौसेना के अनुसार, इस कार्यक्रम का संचालन नौसेना के ही योग विशेषज्ञों ने किया और इसका नेतृत्व लेफ्टिनेंट कमांडर आरुष शर्मा ने किया। यह कार्यक्रम भारतीय नौसेना की स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता तथा फिटनेस के क्षेत्र में नवाचार को अपनाने के संकल्प का प्रतीक बना। साथ ही यह अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का मोटो -'एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग'को भी मजबूत करता है। 'मन शांत, शरीर मजबूत…' नौसेना की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा गया, 'मन से शांत। शरीर से मजबूत। सेवा के प्रति समर्पित।' नौसेना की ओर से आगे लिखा गया, 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर नौसेना ने 'स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग' थीम को अपनाया है, जिससे एक स्वस्थ और मिशन के लिए तैयार फोर्स की नींव मजबूत हो रही है। योग मुद्राएं कर दिखाया दम इस अंडर वाटर योग में प्रतिभागियों ने पानी के भीतर योग मुद्राएं अपनाकर यह दिखाया कि कठिन परिस्थितियों में भी योग कैसे शारीरिक और मानसिक क्षमता को मजबूत बना सकता है। कार्यक्रम ने योग की प्राचीन परंपरा और पानी के भीतर काम करने वाले चुनौतीपूर्ण वातावरण का अनूठा संगम प्रस्तुत किया। नौसेना के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य शारीरिक फिटनेस, मानसिक दृढ़ता, भावनात्मक संतुलन और परिचालन तत्परता को बढ़ावा देना था। प्रतिभागियों ने प्रत्यक्ष रूप से अनुभव किया कि नियंत्रित श्वास, सजगता और अनुशासन चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में प्रदर्शन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

नए नियम लागू: रेलवे में बिना लाइसेंस फेरी और गलत यात्रा पर सख्त कार्रवाई

 रांची  रेलवे में बिना टिकट और नियम तोड़कर यात्रा करने वालों पर अब पहले से अधिक सख्ती होगी। रेल मंत्रालय की ओर से जारी गजट अधिसूचना के बाद ‘जन विश्वास अधिनियम’ के तहत रेलवे से जुड़े कई दंड प्रविधानों में बड़ा बदलाव किया गया है। नए नियम 19 जून से पूरे देश में लागू हो गए हैं। सबसे बड़ा बदलाव बिना टिकट यात्रा करने वालों के लिए किया गया है। अब बिना वैध टिकट या पास के सफर करने पर यात्रियों को कम से कम 500 रुपये जुर्माना देना होगा। पहले यह न्यूनतम राशि 250 रुपये थी। रेलवे ने गलत टिकट, कम दूरी का टिकट लेकर लंबी दूरी तय करने तथा गलत श्रेणी में यात्रा करने पर भी न्यूनतम दंड 500 रुपये कर दिया है। रेलवे के अनुसार, किसी दूसरे व्यक्ति के टिकट पर यात्रा करने पर अब टिकट जब्त कर लिया जाएगा और किराये के साथ न्यूनतम 500 रुपये दंड वसूला जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य रेलवे को होने वाली राजस्व हानि रोकना और यात्रियों में नियम पालन की आदत विकसित करना है। नए प्रविधानों में रेलवे परिसरों में अनुशासनहीनता और अवैध गतिविधियों पर भी शिकंजा कसा गया है। बिना लाइसेंस फेरी या सामान बेचने पर अब सीधे 2000 रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा। दोबारा पकड़े जाने पर यह राशि 5000 रुपये तक पहुंच सकती है। रेलवे परिसर में भीख मांगने वालों को अब सीधे परिसर से हटाने का प्रविधान किया गया है। महिला आरक्षित कोच में प्रवेश करने वाले पुरुष यात्रियों पर 2500 रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, आरक्षित सीट खाली नहीं करने पर 2000 रुपये तक दंड देना पड़ सकता है। रेलवे परिसर में धूम्रपान करने वालों पर अब 2000 रुपये जुर्माना लगाने के साथ टिकट भी रद किया जा सकता है। रेलवे संपत्ति या यात्री सुविधाओं को नुकसान पहुंचाने पर 1000 रुपये से 5000 रुपये तक दंड तय किया गया है। प्रतिबंधित यात्री क्षेत्रों में अनधिकृत प्रवेश करने पर मौके पर ही 500 रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। नशे की हालत में यात्रियों को परेशान करने वालों पर 1000 रुपये तक जुर्माना या सामुदायिक सेवा की सजा का प्रविधान रखा गया है। खतरनाक और ज्वलनशील सामान लेकर यात्रा करने वालों पर रेलवे ने सबसे कड़ा प्रविधान लागू किया है। ऐसे मामलों में न्यूनतम 10000 रुपये जुर्माना लगाया जाएगा और यात्री को ट्रेन से उतारने की कार्रवाई भी की जाएगी। रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि गजट अधिसूचना जारी होते ही सभी नए नियम तत्काल प्रभाव से लागू हो चुके हैं। आने वाले दिनों में टिकट जांच अभियान और अधिक तेज किए जाएंगे। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे वैध टिकट और सही श्रेणी में ही यात्रा करें, अन्यथा जांच के दौरान कड़ी कार्रवाई और बढ़ा हुआ जुर्माना देना पड़ सकता है।