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डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को CM साय की श्रद्धांजलि, कहा- वे राष्ट्र की एकता और स्वाभिमान के प्रहरी थे

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय स्वाभिमान के सशक्त प्रहरी – मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री ने बलिदान दिवस पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित की रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रख्यात शिक्षाविद्,भारत के प्रथम उद्योग मंत्री, राष्ट्रवादी चिंतक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय स्वाभिमान के सशक्त प्रहरी थे। उन्होंने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपना संपूर्ण जीवन देश सेवा के लिए समर्पित किया। उनके विचार, संघर्ष और त्याग भारतीय लोकतंत्र एवं राष्ट्रवादी चिंतन की अमूल्य धरोहर हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने देश की राजनीति को वैचारिक आधार प्रदान किया तथा राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। राष्ट्र की अखंडता और सांस्कृतिक अस्मिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता आज भी प्रत्येक देशवासी के लिए प्रेरणास्रोत है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ते समय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्श और सिद्धांत हमें निरंतर मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। उनके विचारों को आत्मसात कर ही हम राष्ट्र निर्माण के संकल्प को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सकते हैं। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह, राम गर्ग सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

RTI नियमों पर अन्ना हजारे का बड़ा ऐलान, कहा- जरूरत पड़ी तो करेंगे भूख हड़ताल

मुंबई  सोशल एक्टिविस्ट अन्ना हजारे एक बार फिर आंदोलन से क्रांति करने की तैयारी में हैं. वो महाराष्ट्र सरकार सूचना के अधिकार के नियमों में किए गए बदलावों का विरोध कर रहे हैं. हजारे ने इन बदलावों को 'गैर-कानूनी' करार देते हुए इन्हें तुरंत वापस लेने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि ऐसा नहीं होने पर वो 5 जुलाई से भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे।  अन्ना हजारे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लिखे एक लेटर में दावा किया कि महाराष्ट्र सूचना के अधिकार के नियम, 2026, RTI एक्ट की धार को कुंद कर देंगे और नागरिकों को जानकारी से दूर रखेंगे. उनके मुताबिक, 12 जून को किए गए बदलाव RTI एक्ट, 2005 की भावना का उल्लंघन करते हैं और ट्रांसपेरेंसी को कमजोर करते हैं। हजारे ने फीस बढ़ाने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि कोई सही वजह या फाइनेंशियल एनालिसिस नहीं दिया गया।  'RTI कोई रेवेन्यू कमाने वाला कानून नहीं' सीएम फडणवीस को लिखे लेटर में अन्ना हजारे ने कहा, 'RTI कोई रेवेन्यू कमाने वाला कानून नहीं है. अगर 20 साल बाद फीस बढ़ाई जाती है, तो जानकारी देने से मना करने वाले अधिकारियों पर पेनल्टी भी बढ़ाई जानी चाहिए।  उन्होंने ID प्रूफ को जरूरी बनाने का विरोध किया और तर्क दिया कि RTI एक्ट का सेक्शन 6(2) एप्लीकेंट को पर्सनल डिटेल्स या जानकारी मांगने के कारणों का खुलासा करने की जरूरत नहीं बताता है. उन्होंने कहा कि ऐसी हालत व्हिसलब्लोअर और एक्टिविस्ट के लिए खतरा है।  ट्रांसपेरेंसी पर खतरा! हजारे ने 'एक सब्जेक्ट, एक एप्लीकेशन' नियम की भी आलोचना की, इसे गैर-जरूरी और बोझिल बताया. उनके मुताबिक, बार-बार आने वाले एप्लीकेशन को तुरंत बंद करने के नियम से पूरी या अपडेटेड जानकारी तक पहुंच बंद हो जाएगी. अन्ना हजारे ने कहा, 'प्रोसेस को ज्यादा टेक्निकल, महंगा और एडमिनिस्ट्रेशन-सेंट्रिक बनाने से ट्रांसपेरेंसी कम होगी।  उन्होंने एप्लीकेंट से जानकारी मांगने का मकसद पूछना, अगर एप्लीकेंट गैरहाजिर रहता है तो अपील खारिज करना, एप्लीकेंट की मौत पर केस अपने आप बंद करना और इन्फॉर्मेशन कमीशन के सामने सुनवाई के दौरान कानूनी मदद पर रोक लगाने जैसे मामलों पर भी आपत्ति जताई।  5 जुलाई से भूख हड़ताल करेंगे अन्ना हजारे अन्ना हजारे ने मांग करते हुए लिखा, 'अगर 12 जून के बदलाव तुरंत वापस नहीं लिए गए, तो मैं 5 जुलाई को यादव बाबा मंदिर, रालेगण सिद्धि में अपना अनशन शुरू करूंगा, भले ही इसमें मेरी जान चली जाए।   

दैनिक राशिफल: कई राशियों के लिए व्यापार लाभ और खर्च नियंत्रण के संकेत

मेष योजना तैयार कर काम करें. शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी. लंबी दूरी की यात्रा ना करें. धन खर्च में सावधानी बरतें. विदेश से संबंधित काम बनेंगे. व्यापार में हर काम सावधानी से करें. जरूरी टिप- दिनचर्या ठीक रखें शुभ रंग- लाल उपाय- हनुमान चालीसा का पाठ करें वृष रुके हुआ काम पूरे करने की कोशिश करें. परिवार से सहयोग मिलेगा. आपकी नेतृत्व क्षमता और बढ़ेगी. प्रॉपर्टी से संबंधित काम  बनेंगे. लगातार बढ़ रहे खर्चे को कंट्रोल करना होगा. व्यापार में लाभ का योग है. जरूरी टिप- जल्दबाजी से बचें शुभ रंग- क्रीम उपाय- गाय को गुड़ रोटी खिलाएं मिथुन मित्रों के सहयोग से काम बनेगा. सीनियर अधिकारियों से मतभेद हो सकता है. कोर्ट केस में विजय मिलेगी. काम में आ रही परेशानी दूर होगी. नेगेटिव विचारों से बचें. व्यापार में नुकसान हो सकता है. जरूरी टिप- शत्रुओं से सावधान रहें शुभ रंग- गुलाबी उपाय- किसी गरीब को फल दान करें कर्क अपने मान-सम्मान का ख्याल रखें. आपको उन्नति के नए रास्ते मिलेंगे. मन की चिंता दूर होगी. नए सिरे से काम की शुरुआत करें. सेहत का ख्याल रखें. व्यापार में लाभ के अवसर मिलेंगे. जरूरी टिप- खर्चों को कंट्रोल करें शुभ रंग- सफेद उपाय- किसी गरीब को भोजन दान करें सिंह भाग्य का सहयोग मिलेगा. मेहनत का फल मिलेगा. बातचीत में धैर्य रखें. लोगों के कहने पर काम का तरीका ना बदलें. शत्रुओं के हल्के में ना लें. व्यापार में स्थिति बेहतर होगी. जरूरी टिप- आलस्य से बचें शुभ रंग- मरून उपाय- हनुमान चालीसा का पाठ करें कन्या विदेश से संबंधित काम बनेंगे. करियर से जुड़ी अच्छी खबर मिलेगी. परिवार में चल रहे मतभेद दूर होंगे. संतान को लेकर चिंता रहेगी. लंबी दूरी की यात्रा से बचें. व्यापार में ज्यादा निवेश से बचें. जरूरी टिप- नेगेटिविटी से बचें शुभ रंग- हरा उपाय- हनुमान जी की आरती करें तुला रुका हुआ पैसा मिलेगा. धन लाभ के लिए मेहनत बढ़ाने का समय है. किसी से मतभेद हो सकता है. घर वालों से मन की बात कह दें. सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी. व्यापार से जुड़े काम बनेंगे. जरूरी टिप- क्रोध से बचें शुभ रंग- केसरिया उपाय- गाय को रोटी खिलाएं वृश्चिक आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा. तेजी से काम करने का दिन है. मन की चिंता दूर होगी. आपके कार्यक्षेत्र का विस्तार होगा. यात्रा से बचना होगा. व्यापार में लाभ का योग है. जरूरी टिप- आलस्य से बचें शुभ रंग- हल्का लाल उपाय- हनुमान चालीसा का पाठ करें धनु तेजी से काम करने का दिन है. जीवन में सुख बढ़ेगा. आपके खर्चो में भी बढ़ोतरी होगी. मन की चिंता दूर करने में आप सफल होंगे. रोग से सावधान रहें. व्यापार में नुकसान हो सकता है. जरूरी टिप- जिद ना करें शुभ रंग- केसरिया उपाय- हनुमान जी की आरती करें मकर रिश्तों को संभालने का समय है. लोग आपके काम की तारीफ करेंगे. बड़े फैसले करने में देरी ना करें. व्यापार में लाभ का योग है. जरूरी टिप- जल्दबाजी से बचें शुभ रंग- सफेद उपाय- हनुमान जी को नारियल अर्पित करें कुंभ आपकी कार्यक्षमता क्षमता और बढ़ेगी. अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में कामयाब होंगे. रिश्तेदारों से मुलाकात होगी. परिवार में कलह ना बढ़ने दें. करियर को लेकर चिंता रहेगी. व्यापार में स्थिति बेहतर होगी. जरूरी टिप- कम बोलें शुभ रंग- आसमानी उपाय- हनुमान चालीसा का पाठ करें मीन उधार लेनदेन से बचना होगा. खर्चों को कंट्रोल करें. लंबी दूरी की यात्रा करने से बचें. विदेश से लाभ का समाचार मिलेगा. किसी से विवाद हो सकता है आज रहें सावधान. व्यापार में बड़े निवेश से बचें. जरूरी टिप- क्रोध से बचें शुभ रंग- नारंगी उपाय- हनुमान की आरती करें आज का उपाय मंगलवार के दिन हनुमान मंदिर में सिंदूर, जनेऊ चढ़ाएं. नारियल और लाल फल अर्पित करें. हनुमान चालीसा का पाठ करें. हनुमान जी की आरती करें. हनुमान जी के चरणों का सिंदूर प्रतिदिन लगाएं.

गन्ना किसानों के लिए बड़ी सौगात: बिहार में बढ़ेगा निवेश, रोजगार और चीनी उत्पादन

पटना बिहार के लोगों के लिए अच्छी खबर है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में गन्ना आधारित उद्योगों के विकास की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य की बंद पड़ी नौ चीनी मिलों के पुनर्जीवन और 25 नई चीनी मिलों की स्थापना के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करें। मुख्यमंत्री ने सोमवार को लोक सेवक आवास में गन्ना उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक की और राज्य में चीनी उद्योग के पुनरुद्धार, निवेश को बढ़ावा देने तथा किसानों की आय में वृद्धि के लिए आवश्यक कदम उठाने का अधिकारियों को निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रैयाम, सकरी, सासामुसा, मधौरा, मोतीपुर, समस्तीपुर, चकिया, चनपटिया एवं मोतिहारी सहित बंद चीनी मिलों वाले क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को पुनर्जीवित करने के लिए तेजी से काम करें। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे और किसानों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि चंपारण को देश के प्रमुख गन्ना उत्पादन क्षेत्रों में विकसित करने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर तेजी से काम करपे की जरूरत है। गन्ना उत्पादन बढ़ाने, उत्पादकता में सुधार लाने तथा किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठायें। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिक-से-अधिक निवेश आकर्षित करने, निवेशकों को प्रोत्साहित करने तथा चीनी उद्योग के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान देना होगा। राज्य सरकार किसानों की समृद्धि, औद्योगिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव अजय यादव, उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार, आदि उपस्थित थे। हाजीपुर में आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण इकाई लगेगी औद्योगिक क्षेत्र गोरौल फेज-1 हाजीपुर में अत्याधुनिक खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित होगी। लगभग 17 करोड़ 25 लाख के निवेश से विकसित होने वाली इस परियोजना से 200 लोगों को रोजगार का मौका मिलेगा। बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार की परियोजना समाशोधन समिति की बैठक में खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने की स्वीकृति दी गई। उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में आवेदकों को राज्य के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि एवं प्लग एंड प्ले शेड्स आवंटित करने के प्रस्तावों को स्वीकृत किया गया। प्रस्तावित इकाई 2 एकड़ क्षेत्र में स्थापित की होगी। यहां कुरकुरे, पफ्स एवं अन्य रेडी-टू-ईट स्नैक उत्पादों का निर्माण होगा। उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि इस प्रकार की परियोजनाएं संसाधनों के बेहतर उपयोग, रोजगार सृजन तथा खाद्य विनिर्माण क्षेत्र का विस्तार हैं। बिहार को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग का अग्रणी केंद्र बनाने के लिए सरकार निवेशकों को हर संभव सहयोग प्रदान कर रही है।

जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा मंजूर, मोदी सरकार में मंत्री पद छोड़ने के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल

नई दिल्ली मोदी सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कोरियन का इस्तीफा हो गया है. भाजपा के सीनियर नेता और अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने मंगलवार को अपना इस्तीफा दिया. उनके इस्तीफे को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार कर लिया है. राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी बयान के मुताबिक, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री की सलाह पर जॉर्ज कुरियन का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफ़ा तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया. इस इस्तीफे के बाद अब मोदी सरकार में फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है।  दरअसल, जॉर्ज कुरियन ने आज यानी मंगलवार को अल्पसंख्यक मामलों और मत्स्य पालन राज्य मंत्री (MoS) के पद से इस्तीफा दे दिया. उनका छह साल का राज्यसभा कार्यकाल खत्म हो गया था. भाजपा ने उन्हें दोबारा राज्यसभा नहीं भेजने का फैसला किया. 65 वर्षीय जॉर्ज कुरियन अगस्त 2024 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली तीसरी केंद्रीय कैबिनेट में राज्य मंत्री (MoS) के तौर पर काम कर रहे थे. वह भाजपा के कद्दावर नेता हैं और 1980 में पार्टी की शुरुआत से ही इसके सदस्य रहे हैं।  जॉर्ज कुरियन कौन हैं? 65 साल के कुरियन अगस्त 2024 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली तीसरी केंद्रीय कैबिनेट में राज्य मंत्री (MoS) के तौर पर काम कर रहे थे। वह बीजेपी के एक सीनियर नेता हैं और 1980 में पार्टी के बनने के समय से ही इसके सदस्य रहे हैं। कुरियन का राज्यसभा कार्यकाल खत्म हो गया था, जिसकी वजह से उन्हें अपना पद छोड़ना पड़ा। कहा जाता है कि केरल विधानसभा चुनावों में पार्टी के खराब प्रदर्शन के कारण उन्हें दोबारा नॉमिनेट नहीं किया गया। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, कुरियन का जन्म 20 सितंबर, 1960 को केरल के कोट्टायम जिले की एट्टुमानूर नगरपालिका के नाम्बियाकुलम में हुआ था। उन्होंने अपने गृहनगर में स्कूली शिक्षा पूरी की और उसके बाद लॉ (कानून) में ग्रेजुएशन और पोस्ट-ग्रेजुएशन किया।  2024 में बने थे केंद्रीय मंत्री उन्होंने 9 जून, 2024 को केंद्रीय राज्य मंत्री के तौर पर शपथ ली और 11 जून, 2024 को अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय और मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय का कार्यभार संभाला। इससे पहले, कुरियन राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष और तत्कालीन केंद्रीय रेल राज्य मंत्री ओ. राजगोपाल के विशेष कार्याधिकारी (OSD) के तौर पर काम कर चुके थे। जॉर्ज कुरियन के बारे में और जानें अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, जॉर्ज कुरियन का जन्म 20 सितंबर 1960 को केरल के कोट्टायम जिले की एट्टुमानूर नगर पालिका के नाम्बियाकुलम में हुआ था. उन्होंने अपने गृहनगर में स्कूली शिक्षा पूरी की और उसके बाद लॉ यानी कानून में ग्रेजुएशन और पोस्ट-ग्रेजुएशन किया।  केरल में ईसाई वोटर्स को बीजेपी ने दिया संदेश मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में जब केरल के सीनियर नेता जॉर्ज कुरियन को शामिल किया गया तो देश के साथ-साथ केरल के लोग भी हैरान रह गए. दरअसल ऐसी कोई चर्चा नहीं थी कुरियन को केंद्र सरकार में शामिल किया जाएगा. जॉर्ज कुरियन को सरकार में शामिल करने को लेकर चर्चा हुई कि केरल में विधानसभा चुनाव को देखते हुए बीजेपी ने ये फैसला किया है।  केरल में करीब 17 फीसदी आबादी ईसाई है. माना जाता है कि ईसाई वोटों ने राज्य में बीजेपी का लोकसभा खाता खोलने में अहम भूमिका निभाई है, जिसमें सुरेश गोपी ने त्रिशूर सीट 74,000 से ज़्यादा वोटों से जीती. इसीलिए उन्हें मोदी सरकार में शामिल करके ईसाई वोटर्स को एक संदेश दिया गया था।  कैसा रहा जॉर्ज कुरियन का सफर? जॉर्ज कुरियन 1980 में बीजेपी के बनने के समय ही पार्टी में शामिल हो गए थे. बीजेपी में अपने लंबे सफर के दौरान कुरियन ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष के तौर पर भी काम किया है. जब वाजपेयी सरकार में राजगोपाल रेल राज्य मंत्री थे तब वे उनके ओएसडी भी रहे।  कब से थे इस पद पर उन्होंने 9 जून 2024 को केंद्रीय राज्य मंत्री के तौर पर शपथ ली और 11 जून 2024 को अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय और मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय का कार्यभार संभाला. इससे पहले जॉर्ज कुरियन ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष और तत्कालीन रेल राज्य मंत्री ओ. राजगोपाल के विशेष कर्तव्य अधिकारी (OSD) के तौर पर काम किया था।  इस्तीफे की क्या वजह?     इस्तीफा देनेवाले मंत्री जार्ज कुरियन के राज्यसभा का कार्यकाल खत्म हो रहा था.     उन्होंने केरल में विधानसभा चुनाव भी लड़ा था लेकिन वो हार गए.     सूत्रों के मुताबिक केन्द्रीय नेत्रित्व उन्हें अब प्रदेश राजनीति में भेजने की तैयारी कर रहा है.  

कोचिंग सेंटरों और डिजिटल लाइब्रेरी पर प्रशासन की नजर, एक सप्ताह चलेगा अग्नि सुरक्षा अभियान

लखनऊ लखनऊ के एक कोचिंग संस्थान में सोमवार को हुए भीषण अग्निकांड में छात्रों समेत 15 लोगों की मौत के बाद प्रयागराज, आगरा, मुरादाबाद और मेरठ जैसे बढ़े महानगरों में भी जिला प्रशासन, पीडीए और अग्निशमन विभाग सतर्क हो गया है। संभावित हादसों को रोकने के लिए सभी विभाग व जिम्मेदार मंगलवार से वृहद स्तर पर अभियान शुरू करने जा रहे हैं। अग्निशमन विभाग मंगलवार से जिले के कोचिंग संस्थानों और डिजिटल लाइब्रेरी की सघन जांच शुरू करेगा। एक सप्ताह तक चलने वाले अभियान में अग्नि सुरक्षा मानकों की बारीकी से पड़ताल की जाएगी। सीएफओ चंद्र मोहन शर्मा ने बताया कि सभी प्रमुख कोचिंग संस्थानों का औचक निरीक्षण किया जाएगा। जांच में अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता, आपातकालीन निकास मार्ग, प्रवेश और निकास द्वारों की चौड़ाई, विद्युत वायरिंग की स्थिति, भवन की संरचना और आपदा की स्थिति में छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने की व्यवस्था की जांच की जाएगी। विशेष रूप से उन कोचिंग संस्थानों और डिजिटल लाइब्रेरी को प्राथमिकता दी जाएगी, जो संकरी गलियों में संचालित हैं। अग्निसुरक्षा पर संवाद स्थापित करेगा पीडिए लखनऊ की घटना के बाद प्रयागराज प्रधिकरण, पीडीए ने शहर के सभी कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्थाओं की व्यापक जांच कराने का निर्णय लिया है। इस संबंध में पीडीए के उपाध्यक्ष ऋषिराज ने सभी जोनल अधिकारियों और अभियंताओं को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उपाध्यक्ष ने बताया कि शहर में संचालित सभी कोचिंग संस्थानों की जांच की जाएगी। कोचिंग संचालकों और भवन स्वामियों से संपर्क कर अग्नि सुरक्षा, आपातकालीन निकास, विद्युत सुरक्षा तथा मानकों के अनुपालन को लेकर संवाद स्थापित किया जाएगा। सुधार न होने पर भवन सील किए जाएंगे। जांच के साथ ही दी जाएगी ट्रेनिंग सीएफओ ने बताया कि सभी अग्निशमन अधिकारियों को मंगलवार से सघन चेकिंग अभियान चलाने का लिखित निर्देश जारी किया गया है। अभियान के दौरान आठ बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट भी देने का निर्देश दिया गया है। सघन चेकिंग अभियान के दौरान जांच के साथ ही कोचिंग संचालकों व छात्रों को आग बुझाने और बचाव के लिए मॉक ड्रिल के माध्यम से बेसिक ट्रेनिंग भी दी जाएगी। आग से बचाव के इंतजामों की जांच करेगी कमेटी लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने शहर के भवनों में आग से बचाव के इंतजामों की स्थिति जांचने के लिए एडीएम सिटी सत्यम मिश्रा की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया है। कमेटी होटल, कोचिंग संस्थानों, व्यावसायिक इमारतों और अन्य प्रमुख प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा के इंतजामों की जांच करेगी। समिति यह देखेगी कि भवनों में फायर सेफ्टी उपकरण, आपातकालीन निकास, अग्निशमन व्यवस्था और सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं। कमेटी जिलाधिकारी को जांच रिपोर्ट देगी। एक सप्ताह तक चलाया जाएगा विशेष अभियान कोचिंग सेंटरों में अग्निसुरक्षा के मद्देनजर निरीक्षण के लिए मुख्य अग्निशमन अधिकारी डॉ. राजीव कुमार पांडेय ने पांच टीमों का गठन किया है। फायर स्टेशन हैलेट रोड, कटघर, बिलारी, कांठ और ठाकुरद्वारा के लिए गठित ये टीमें एक सप्ताह तक विशेष अभियान चलाकर कोचिंग सेंटरों का निरीखण करेंगी। आपातकालीन निकास मार्ग, भवन की क्षमता और छात्र संख्या, फायर एनओसी की स्थिति, बिना पंजीकरण संचालन की जांच होगी।

नदियों का रास्ता बदलने से बढ़ी चिंता, अवैध खनन के बीच SYL मुद्दा फिर गरमाया

जालंधर. भाखड़ा बांध को लेकर फिलहाल घबराने जैसी कोई स्थिति नहीं है। हालांकि सरकार और प्रशासन को मानसून के मद्देनजर सभी जरूरी तैयारियां समय रहते पूरी कर लेनी चाहिए। भाखड़ा-ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) द्वारा राज्यों से डैम का पानी लेने की अपील के बाद कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं, लेकिन वर्तमान हालात को देखते हुए इसे अलार्मिंग स्थिति नहीं कहा जा सकता। यह बात पंजाब सिंचाई विभाग से सेवानिवृत्त चीफ इंजीनियर अमरजीत सिंह दुलेट ने कही। अमरजीत सिंह ने कहा कि इस समय भाखड़ा बांध का जलस्तर उसकी पूर्ण क्षमता से करीब 115 फीट नीचे है। ऐसे में तत्काल बड़े खतरे की आशंका नहीं है। बाढ़ जैसी परिस्थितियों से बचने के लिए जरूरी हालांकि बाढ़ जैसी परिस्थितियों से बचने के लिए यह जरूरी है कि हर वर्ष मानसून शुरू होने से पहले नालों, नहरों, नदियों और तटबंधों की सफाई व मरम्मत का कार्य पूरी तरह संपन्न कर लिया जाए। जून के अंत तक संबंधित विभागों से इन कार्यों का अंतिम प्रमाणपत्र भी प्राप्त हो जाना चाहिए। डैम को अधिक खाली रखने संबंधी सवाल पर दुलेट ने कहा कि बीबीएमबी की भूमिका केवल बाढ़ नियंत्रण तक सीमित नहीं है। उसका प्रमुख दायित्व जलविद्युत उत्पादन भी है। ऐसे में डैम को जरूरत से ज्यादा खाली रखना व्यावहारिक नहीं है। यदि भविष्य में पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फ का पिघलना अपेक्षा से कम हुआ तो जल संकट की स्थिति भी पैदा हो सकती है। इसलिए जल प्रबंधन में संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। बीबीएमबी को संभावित परिस्थितियों के बारे में समय रहते राज्य सरकारों को सूचित करना चाहिए, ताकि प्रशासनिक स्तर पर पर्याप्त तैयारियां की जा सकें। पूर्व चीफ इंजीनियर ने नदियों में बढ़ती तबाही के पीछे अवैध और अनियंत्रित खनन को भी एक बड़ा कारण बताया। उन्होंने कहा कि लगातार हो रही माइनिंग के कारण कई नदियों ने अपना प्राकृतिक मार्ग बदल लिया है। इससे बाढ़ के दौरान पानी नए क्षेत्रों में फैलता है और नुकसान बढ़ जाता है। साथ ही अत्यधिक खनन से तटबंध कमजोर पड़ जाते हैं, जिससे उनके टूटने का खतरा भी बढ़ जाता है। एसवाईएल पर नए सिरे से जल उपलब्धता का आकलन हो सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर विवाद पर दुलेट ने कहा कि यह मुद्दा पिछले चार दशकों से चला आ रहा है, लेकिन इसका स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। एसवाईएल की मूल नीति उस समय बनाई गई थी जब नदियों में पानी का प्रवाह आज की तुलना में काफी अधिक था। अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं और नदियों में इनफ्लो कम हुआ है। ऐसे में जल उपलब्धता का नए सिरे से वैज्ञानिक आकलन किया जाना चाहिए। यदि वर्तमान परिस्थितियों के आधार पर आकलन किया जाए तो इस विवाद की वास्तविक स्थिति स्वयं स्पष्ट हो जाएगी और समाधान का रास्ता भी आसान हो सकता है।

एम्बाप्पे का जलवा बरकरार! बारिश के बीच फ्रांस ने इराक को हराकर नॉकआउट में बनाई जगह

 फिलाडेल्फिया फीफा विश्व कप 2026 में फ्रांस ने शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए इराक को 3-0 से हरा दिया. इस जीत के साथ ही दो बार की चैम्पियन टीम फ्रांस ने नॉकआउट स्टेज में अपनी जगह पक्की कर ली. 23 जून (मंगलवार) को फिलाडेल्फिया के फिलाडेल्फिया स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में फ्रांस की जीत के हीरो स्टार फॉरवर्ड कीलियन एम्बाप्पे रहे, जिन्होंने दो गोल दागकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई. उस्मान डेम्बेले ने टीम के लिए तीसरा गोल दागा।  यह मुकाबला सिर्फ फ्रांस की जीत के लिए ही नहीं, बल्कि खराब मौसम के कारण भी चर्चा में रहा. पहले हाफ के बाद भारी बारिश और तूफान की चेतावनी के चलते मैच को दो घंटे से अधिक समय के लिए रोकना पड़ा, मैदान पर पानी भर गया था और ग्राउंड स्टाफ को खेल दोबारा शुरू कराने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी. हालांकि लंबे इंतजार के बाद मुकाबला फिर शुरू हुआ और फ्रांस ने अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी।  अपना 100वें अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे कीलियन एम्बाप्पे ने 14वें मिनट में गोल कर फ्रांस को शुरुआती बढ़त दिलाई. इसके बाद दूसरे हाफ में उन्होंने 54वें मिनट में एक और गोल दागकर स्कोर 2-0 कर दिया. इराक के डिफेंडर जैद तहसीन की गलती का फायदा उठाते हुए एम्बाप्पे ने यह गोल किया. बाद में उस्मान डेम्बेले ने भी गोल कर फ्रांस की जीत पर मुहर लगा दी।  ब्राजीली दिग्गज रोनाल्डो को पछाड़ा इस मैच में दो गोल करने के साथ ही कीलियन एम्बाप्पे ने विश्व कप में अपने कुल गोलों की संख्या 16 तक पहुंचा दी. इसके साथ ही उन्होंने जर्मनी के दिग्गज मिरोस्लाव क्लोज की बराबरी कर ली, वहीं ब्राजील के महान स्ट्राइकर रोनाल्डो को पीछे छोड़ दिया. अब उनसे आगे केवल अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी हैं, जिनके नाम विश्व कप में 18 गोल दर्ज हैं।  फ्रांस को टूर्नामेंट जीतने के प्रबल दावेदारों में माना जा रहा है. 2018 में विश्व कप जीतने वाली और 2022 में फाइनल तक पहुंचने वाली फ्रांसीसी टीम इस बार भी खिताब की मजबूत दावेदार नजर आ रही है. कीलियन एम्बाप्पे, उस्मान डेम्बेले और डेसिरे डोए जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी टीम को और खतरनाक बनाती है।  उधर, इराक के लिए यह मुकाबला कई मायनों में निराशाजनक रहा. टीम के स्टार स्ट्राइकर अयमेन हुसैन 26वें मिनट में चोटिल होकर मैदान से बाहर चले गए. उनकी जगह अली अल-हमदी को मैदान में उतारा गया. इराक विश्व कप में सिर्फ दूसरी बार खेल रहा है और अब उसके लिए आगे का सफर काफी मुश्किल हो गया है।  नॉर्वे भी अगले राउंड में उधर ग्रुप-I से फ्रांस के अलावा नॉर्वे ने भी नॉकआउट राउंड में जगह बना ली है. 23 जून (मंगलवार) को न्यू जर्सी के मेट लाइफ स्टेडियम में हुए मुकाबले में नॉर्वे ने सेनेगल को 3-2 से हराया. नॉर्वे के लिए एर्लिंग हालैंड ने दो गोल स्कोर किए. मार्कस पेडरसन ने भी एक गोल दागा. वहीं सेनेगल के लिए दोनों गोल इस्माइला सार ने किए। 

राष्ट्रपति भवन में शिबू सोरेन को पद्म भूषण सम्मान, परिवार ग्रहण करेगा

रांची  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित अलंकरण समारोह में दिशाेम गुरू शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण सम्मान प्रदान करेंगी। उनकी पत्नी रूपी सोरेन यह सम्मान ग्रहण करेंगी। रूपी सोरेन अस्वस्थ हैं, फिर भी वह सम्मान लेने दिल्ली गई हैं। विधायक कल्पना सोरेन सोमवार को अपनी सास को लेकर दिल्ली गईं। अलंकरण समारोह में परिवार के अन्य सदस्य भी हो सम्मिलित हो सकते हैं। राज्य गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभानेवाले शिबू सोरेन को देश का यह तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिलना झारखंड के लिए गौरव की बात है। उन्हें यह मरणोपरांत सम्मान लोक कल्याण और आदिवासी समाज के सशक्तीकरण के लिए उनके आजीवन संघर्ष और योगदान को देखते हुए प्रदान किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने इसी वर्ष गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार ने उन्हें यह सम्मान देने की घोषणा की थी। नशा छोड़ो, खेती करो, मुर्गी-बत्तख पालन करो और शिक्षा को गले लगाओ झारखंड के नायक दिशोम गुरू शिबू सोरेन नशे को विनाश का कारण मानते थे। उनके अधिसंख्य भाषण नशा छोड़ने, खेती तथा मुर्गी-बत्तख पालन करने तथा शिक्षा को बढ़ावा देने पर केंद्रित रहते थे। नशे के खिलाफ उनकी कट्टर सोच, शिक्षा के प्रति प्रबल समर्थन और खेती-पशुपालन से आत्मनिर्भरता की उनकी अपील ने लाखों आदिवासियों का प्रेरणा स्रोत बन गया। उनके भाषणों ने लाखों आदिवासियों के जीवन की दिशा बदलने में बड़ी भूमिका निभाई। तभी तो उनका पूरा जीवन सामाजिक बुराइयों के खिलाफ संघर्ष का पर्याय रहा। गुरूजी हमेशा कहते थे कि नशा आदिवासी समाज को खोखला कर रहा है। यह हमें कमजोर बनाता है, हमारी जमीन और सम्मान छीनता है। वे अपनी सभाओं में हमेशा कहते थे कि नौकरी के पीछे मत भागो। पशुपालन करो। उनका कहना था कि आदिवासी समाज की असली ताकत उसकी जमीन, संस्कृति और मेहनत है। झारखंड के कई गांवों में उनके अनुयायी आज भी खेती और पशुपालन को अपनाकर उनके बताए रास्तों पर चल रहे हैं। शिक्षा के संबंध में उनका कहना था कि शिक्षा ही वह चाबी है, जो आदिवासियों को शोषण से मुक्ति दिला सकती है। … जब उनकी अंत्येष्ठि में उमड़ा जनसैलाब, मिट गया था आम और खास का भेद दिशोम गुरू शिबू सोरेन की लोकप्रियता का अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि उनकी अंत्येष्टि के मौके पर नेमरा में पूरा जनसैलाब उमड़ पड़ा था। क्या आम और क्या खास, लाखों लोग वहां पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने नम आंखों से उन्हें “अंतिम जोहार” किया था। पूरे झारखंड समेत पड़ोसी राज्यों से लोग अपने प्रियनेता को विदाई देने पहुंचे थे। माटी पुत्र को विदाई देते समय प्रकृृति भी रो पड़ी थी। लोग अपने प्रिय नेता की एक झलक पाने को उतावला दिखे।

छत्तीसगढ़ के बांध में नाव हादसा, 9 लोग थे सवार; 3 ग्रामीणों की तलाश में जुटी टीमें

सूरजपुर. छत्तीसगढ़ के सूरजपुर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां 9 ग्रामीणों से भरी नाव बतरा बांध में पलट गई। 6 लोगों ने तैरकर जान बचा ली मगर 3 ग्रामीण लापता हो गए हैं। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और जिला आपदा प्रतिक्रिया बल (DDRF) की टीम ने रेस्क्यू अभियान शुरु कर दिया है। दरअसल, यह पूरा मामला करंजी चौकी क्षेत्र के बतरा इलाके का है। बताया जा रहा है कि प्रतिबंध के बाद भी सोमवार की रात अंधेरे में 9 लोग मछली पकड़ने के लिए बांध में गए थे। इस दौरान उनकी नाव पलट गई। घटना के बाद 6 लोगों ने किसी तरह से तैरकर अपनी जान तो बचा ली, मगर 3 लोग लापता हो गए। रेस्क्यू अभियान जारी इसके बाद घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस जिला आपदा प्रतिक्रिया बल (DDRF) की टीम के साथ मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान में जुट गई है।