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अमीर बनने का क्या है चाणक्य का फॉर्मूला? जानिए धन और सफलता की 5 शक्तिशाली नीतियां

क्या आपने कभी सोचा है कि कुछ लोग साधारण परिवार में जन्म लेने के बावजूद भी खूब पैसा बना लेते हैं. जबकि कुछ लोग पूरी जिंदगी मेहनत करने के बाद भी आर्थिक परेशानियों से बाहर नहीं निकल पाते हैं? क्या इसका कारण सिर्फ किस्मत है? क्या अमीर लोग हमसे ज्यादा भाग्यशाली होते हैं? या फिर उनके पास कोई ऐसा रहस्य होता है जो आम लोगों को पता ही नहीं चल पाता है? आचार्य चाणक्य का मानना था कि धन और सफलता कभी संयोग से नहीं मिलती है. इसके पीछे कुछ निश्चित सिद्धांत, आदतें और निर्णय होते हैं, जो एक साधारण व्यक्ति को भी असाधारण ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं. तो चलिए आज हम जानेंगे चाणक्य की 5 शक्तिशाली नीतियों के बारे में, जो आपकी सोच बदल सकती हैं, आपके निर्णयों को बेहतर बना सकती हैं और आपको धन, सफलता तथा समृद्धि के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दे सकती हैं. सही अवसर पहचानें चाणक्य नीति के मुताबिक, बुद्धिमान व्यक्ति अवसर का इंतजार नहीं करता है, वह उसे पहचानकर उसका लाभ उठाता है. जीवन में सफलता और असफलता का अंतर मेहनत से ज्यादा सही समय पर लिया गया सही निर्णय होता है. अवसर हर किसी के जीवन में आते हैं, फर्क सिर्फ इतना होता है कि कुछ लोग उन्हें पहचान लेते हैं, जबकि कुछ लोग डर, संदेह या आलस्य के कारण उन्हें खो देते हैं. अपने धन को सही दिशा दें चाणक्य के अनुसार, जिस व्यक्ति को धन का सही उपयोग करना नहीं आता है, उसका धन टिक नहीं पाता है. धन कमाना एक कला है, लेकिन उसे संभालना और बढ़ाना उससे भी बड़ी कला है. अधिकतर लोग कमाते तो हैं, लेकिन बचत और निवेश की कमी के कारण कभी धनवान नहीं बन पाते हैं. ज्ञान और कौशल में निवेश करें चाणक्य कहते हैं कि, ज्ञान वह संपत्ति है जिसे कोई चुरा नहीं सकता है. आज की दुनिया में सबसे बड़ी ताकत पैसा नहीं, बल्कि ज्ञान और कौशल है. जितना अधिक आप सीखते हैं, उतनी ही आपकी कीमत बढ़ती है और उतने ही बेहतर निर्णय आप ले पाते हैं. समय की कीमत समझें चाणक्य कहते हैं कि जो व्यक्ति समय को नष्ट करता है, समय उसे नष्ट कर देता है. हर व्यक्ति के पास 24 घंटे होते हैं, लेकिन सफलता इस पर निर्भर करती है कि आप इन घंटों का उपयोग कैसे करते हैं. सही लोगों की संगति चुनें चाणक्य के अनुसार, व्यक्ति की पहचान उसकी संगति से होती है. आप जिन लोगों के साथ रहते हैं, उनकी सोच, आदतें और ऊर्जा धीरे-धीरे आप पर प्रभाव डालती हैं. इसलिए, एक अच्छी संगति आपको ऊँचाइयों तक पहुँचा सकती है, जबकि गलत संगति आपको पीछे खींच सकती है.

कांकेर में सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता, नक्सलियों का हथियार और विस्फोटक जखीरा जब्त

कांकेर. छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में सुरक्षाबलों को एक बार फिर बड़ी सफलता हाथ लगी है. सर्च अभियान के दौरान आमाटोला के जंगल में नक्सलियों का खुफिया डंप बरामद हुआ है. जहां हथियार समेत अन्य नक्सल सामान छिपाकर रखी गई थी. यह पूरी कार्रवाई कांकेर पुलिस, बीएसएफ और बीडीएस की संयुक्त टीम ने की है. जानकारी के अनुसार, वरीष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार संयुक्त अभियान संचालित किया जा रहा है. इसी कड़ी में मंगलवार को छोटेबेठिया थाना क्षेत्र के आमाटोला के पास जंगल में सर्चिंग के दौरान जवानों को कुछ संधिग्ध नजर आया. जांच में नक्सलियों का विस्फोटक डंप मिला, जिसमें से कई नक्सल सामान बरामद किया गया है.  नक्सल डंप से क्या-क्या मिला? भारमार बंदुक-04 नग वायरलेस सेट-02 रेडियो-01नग नक्सल वर्दी-01नग पोच-02 नग चार्जर-01नग बैटरी-01नग नक्सल साहित्य के अलावा अन्य नक्सल सामग्री बरामद किया गया. जिसे सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला गया. अभियान के बाद सभी जवान वापस कैंप लौट आए हैं. सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि जिले के संवेदनशील और दूरस्थ क्षेत्रों में आगे भी संयुक्त सर्च अभियान लगातार जारी रहेंगे.

UCC पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बड़ा दावा, बोले- 90% से अधिक नागरिक समान नागरिक संहिता के पक्ष में

समान नागरिक संहिता के पक्ष में हैं 90 प्रतिशत से अधिक नागरिक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव यूसीसी पर सभी जिलों में हो चुकी हैं बैठकें प्रदेश में गुरू पूर्णिमा पखवाड़ा मनाया जाएगा 15 से 29 जुलाई तक बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व को मिला "इंडिया टुडे टूरिज्म सर्वे एंड अवार्ड" समारोहपूर्वक होगा जल गंगा संवर्धन अभियान का समापन 25 से 30 जून तक होंगी गतिविधियां प्रदेश के 81 लाख से अधिक किसानों को प्राप्त हुए 1640 करोड़ रूपए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में समान नागरिक संहितालागू (यूसीसी) करने के लिएसभी जिलों में जन परामर्श बैठकें हो चुकी हैं। सभी जिलों में कार्य शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। राज्य स्तरीय परामर्श 22 जून को भोपाल में हुआ। इसमें सभी आयोगों, विभागों, राजनैतिक दलों और धर्मगुरुओं से पृथक-पृथक बैठकें आयोजित कर मत लिया गया। लगभग 3.49 करोड़ एस.एम.एस यूसीसी के सुझाव आमंत्रित करने के लिए समग्र के हितग्राहियों को भेजें गए। नागरिकों के 9 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हो चुके हैं, 90% से भी अधिक नागरिक यूसीसी के पक्ष में हैं। अल्पसंख्यक समुदाय का भी बड़ी संख्या में समर्थन प्राप्त हुआ है। विधेयक के प्रारूप पर समिति द्वारा विधि विभाग के साथ साझा रूप से कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में यह जानकारी दी। गुरू पूर्णिमा पखवाड़ा के अंतर्गत सभी स्कूलों में होंगी गतिविधियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में गुरू पूर्णिमा पखवाड़ा दिनांक 15 से 29 जुलाई तक मनाया जा रहा है। इस अवधि में सभी स्कूलों में अलग अलग शैक्षणिक, सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं और गतिविधियां होंगी। इसमें जनप्रतिनिधि, पालक एवं विषय विशेषज्ञ शामिल होगें। इसमें विद्यार्थियों के विकास की कार्य योजना बनाई जाएगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रत्येक दिवस की कार्य योजना बनाई है, इसमें भाषण, निबंध प्रतियोगिता, संस्कृत श्लोक प्रस्तुति, स्वास्थ्य जागरूकता, वृक्षारोपण, कैरियर मार्गदर्शन इत्यादि विषय शामिल किए गए हैं। इस अवधि में सांदीपनि विद्यालयों में एक दिवसीय गुरू पूर्णिमा उत्सव होगा। इसके अंतर्गत विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा विज्ञान प्रदर्शिनी, नवाचार इत्यादि के कार्यक्रम किए जाएगें। कार्यक्रम में अभिभावक, जनप्रतिनिधिगण और नागरिकों की सहभागिता होगी। बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व की देश-विदेश में विशेष पहचान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रसिद्ध वन्य जीव पर्यटन स्थल बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व को "इंडिया टुडे टूरिज्म सर्वे एंड अवार्ड्-2026" में "एडिटर्स चॉईस अवार्ड- बेस्ट वाईल्ड लाईफ डेस्टिनेशन" श्रेणी में पुरस्कृत किया गया है। गोवा में केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने प्रदान किया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, देश-विदेश के पर्यटकों के बीच अपनी समृद्ध जैव-विविधता, बाघों की अच्छी संख्या, प्राकृतिक सौंदर्य और प्रभावी संरक्षण प्रबंधन के लिए विशेष पहचान रखता है। यह अवार्ड प्रदेश सरकार की जैव विविधता के क्षेत्र में किये जा रहे प्रयासों का ही परिणाम है। जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन समारोह में पंचायत स्तर तक होंगी गतिविधियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 19 मार्च से प्रारंभजल गंगा संवर्धन अभियान का 25 से 30 जून 2026 की अवधि में समारोहपूर्वक समापन होगा। भारत सरकार के जल संचय जन भागीदारी अभियान में मध्यप्रदेश का तीसरा स्थान है। डिण्डौरी, खण्डवा तथा शहडोल देश के प्रथम 10 जिलों में तथा खण्डवा और इंदौर के नगरीय निकाय, देश के प्रथम 10 नगरीय निकायों में शामिल है। प्रदेश में अभियान में जल संरक्षण एवं संवर्धन में उल्लेखनीय कार्य हुए है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में समारोहपूर्वक समापन कार्यक्रम आयोजित किया जाए। अभियान अंतर्गत किए गए कार्यों की प्रदर्शनी, भाषण, ग्राम पंचायत में जनभागिता से किए गए कार्यों का प्रेजेंटेशन किया जाए और जल के सदुपयोग की शपथ भी दिलाई जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी का किसान सम्मान निधि के लिए माना आभार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के प्रदेश भ्रमण संबंधी जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने प्रदेश की उपलब्धियों की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 20 जून को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि अंतरित की गई। प्रदेश के 81 लाख से अधिक किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि के रूप में 1640 करोड़ रूपए प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी का प्रदेश के किसानों की ओर से आभार माना।  

सीएम विजय का बड़ा बयान, बोले- पेरियार हमारे आदर्श हैं, लेकिन भगवान पर भी पूरा विश्वास है

चेन्नई  तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसफ विजय ने अपनी पार्टी टीवीके (TVK) की वैचारिक दिशा को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है. उन्होंने साफ कहा कि उनकी पार्टी द्रविड़ राजनीति के जनक माने जाने वाले पेरियार के सामाजिक सिद्धांतों को अपनाने है, लेकिन उनकी नास्तिकता और धार्मिक विश्वास को नकारने के उनके विचारों से वो सहमत नहीं हैं।  तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसफ विजय ने सोमवार को विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान घोषणा की कि उनकी पार्टी टीवीके (TVK) ने द्रविड़ राजनीति के जनक पेरियार ईवी रामासामी के व्यापक सामाजिक सिद्धांतों को तो अपनाया है।  'धार्मिक विश्वास नकारने वाले बातें स्वीकार नहीं' पेरियार की तर्कवादी सोच और अपनी पार्टी के रुख के बीच अंतर बताते हुए विजय ने कहा, 'हमने धार्मिक विश्वास को नकारने वाली पेरियार की बात को स्वीकार नहीं किया, लेकिन उनके व्यापक सिद्धांतों को पूरी तरह अपनाया. हमने पेरियार की शिक्षाओं को तो लिया, लेकिन ये भी स्पष्ट किया कि हम ईश्वर में विश्वास रखने वाले लोग हैं. हमने हमेशा यह साफ किया है कि हम किसी की विचारधारा के विरोधी नहीं हैं।  'अंबेडकर और कामराज मॉडल…' मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि उनकी सरकार कई वैचारिक प्रभावों के मिश्रण से चलती है. सरकार ने डॉ. बीआर अंबेडकर के समान अवसर और सामाजिक न्याय के आदर्शों को पूरी तरह स्वीकार किया है. इसके साथ ही तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री के कामराज के ईमानदार प्रशासन के मॉडल को सरकार ने अपना मार्गदर्शक सिद्धांत बनाया है।  'पहले जनता के पास गए फिर बनाई पार्टी' विजय ने उन आलोचकों को करारा जवाब दिया जो उनके संगठन को सिर्फ एक अभिनेता के नेतृत्व वाला दल बताते हैं. उन्होंने कहा कि ज्यादातर लोग पहले राजनीतिक दल शुरू करते हैं और फिर जनता के पास जाते हैं, लेकिन उन्होंने पहले जनता के बीच जाकर काम किया और उसके बाद अपनी पार्टी शुरू की. जो लोग इस जमीनी हकीकत को नहीं समझते, वो ही TVK को केवल एक अभिनेता की पार्टी कहकर खारिज करते हैं।  '1.72 करोड़ वोट मिले' वहीं, साल 2026 के विधानसभा चुनाव के ऐतिहासिक प्रदर्शन को याद करते हुए विजय ने कहा कि उनकी पार्टी बिना किसी गठबंधन के अकेले चुनावी मैदान में उतरी थी. राज्य की जनता ने उनकी बात को स्पष्ट रूप से समझा, जिसके चलते उन्हें कुल 35 प्रतिशत वोट मिले. चुनाव में रिकॉर्ड 17.2 मिलियन (1.72 करोड़) वोट प्राप्त कर वो एक बड़ी स्वतंत्र राजनीतिक ताकत के रूप में उभरे और आज सरकार में बैठे हैं।  करूर की घटना का जिक्र उन्होंने अपनी पार्टी को असंबंधित घटनाओं के लिए जिम्मेदार ठहराने के प्रयासों की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि करूर में 41 लोगों की जान चली गई, लेकिन उसका सारा दोष उनकी पार्टी पर मढ़ दिया गया. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राजनीति इसी तरह की जानी चाहिए? अपनी प्रशासनिक व्यवस्था को आम जनता से जोड़ते हुए विजय ने इसकी तुलना पूर्व मुख्यमंत्री सीएन अन्नादुराई और एमजी रामचंद्रन (MGR) के शासन से की. उन्होंने कहा कि जिस तरह अन्ना के समय सामान्य लोगों की सरकार थी और एमजीआर के समय बहुत ही सामान्य लोगों की सरकार थी, ठीक उसी तरह विजय के नेतृत्व वाली ये सरकार सबसे आम लोगों की सरकार है, जिसने 2026 के चुनाव में धर्म और जाति की सभी बाधाओं को तोड़ा है।  विजय ने अपने भाषण में पिछली सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के शासनकाल के दौरान 'पार्टी फंड' की आड़ में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया था. मुख्यमंत्री के इस तीखे प्रहार के बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया और विरोध स्वरूप द्रमुक (DMK) पार्टी के विधायकों ने विधानसभा से वॉकआउट कर दिया।  वामपंथी दलों पर भी की टिप्पणी वामपंथी दलों के विरोध प्रदर्शन के बीच उनके बारे में की गई टिप्पणियों का जवाब देते हुए विजय ने स्पष्ट किया कि ये पार्टियां किसी की दया या मजबूरी में नहीं, बल्कि अपनी मर्जी से उनके गठबंधन में शामिल हुई हैं।  उन्होंने कहा कि वामपंथी दल खुद कहते हैं कि वो अपनी मर्जी से साथ आए हैं. हालांकि, इसके बाद उन्होंने ये भी जोड़ा कि वो नहीं समझ पा रहे हैं कि वामपंथी दल आखिर कहना क्या चाह रहे हैं।   

प्लाईवुड उद्योग को बढ़ावा देने की तैयारी, योगी सरकार नई एग्रोफॉरेस्ट्री नीति पर कर रही विचार

योगी सरकार प्लाईवुड उद्योग के लिए नई एग्रोफॉरेस्ट्री नीति पर कर रही विचार प्लाईवुड उद्योग के लिए उत्तर प्रदेश ने खोले विकास के नए द्वार देशभर से आए लगभग 100 प्लाईवुड उद्योग प्रतिनिधियों ने लखनऊ और हरदोई में निवेश संभावनाओं को तलाशा  ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधार, 36 से अधिक सेक्टोरल नीतियां और आकर्षक प्रोत्साहन निवेशकों को दे रहे नई गति : दीपक कुमार लखनऊ  योगी सरकार उद्योग-अनुकूल नीतियों, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधारों, विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना और निवेशकों के लिए अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र के साथ देश के सबसे आकर्षक निवेश गंतव्यों में अपनी स्थिति लगातार मजबूत कर रही है। इसी क्रम में सोमवार को लखनऊ स्थित इन्वेस्ट यूपी कार्यालय में पश्चिम बंगाल, हरियाणा, दिल्ली, कर्नाटक और पंजाब सहित विभिन्न राज्यों से आए लगभग 100 प्लाईवुड उद्योग प्रतिनिधियों एवं संभावित निवेशकों के साथ उच्चस्तरीय निवेश संवाद आयोजित किया गया। इसमें उठाए गए सभी सुझावों और मुद्दों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष रखा जाएगा ताकि उन पर शीघ्र अमल हो।  बैठक में उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं, निवेश के लिए तैयार आधारभूत संरचना, सरल अनुमोदन प्रक्रियाओं तथा प्लाईवुड एवं संबद्ध उद्योगों में उपलब्ध निवेश अवसरों पर विस्तार से चर्चा हुई। वरिष्ठ अधिकारियों ने उद्योग प्रतिनिधियों के साथ सीधे संवाद कर उद्योग वृद्धि के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार ने कहा कि राज्य सरकार प्लाईवुड एवं एग्रोफॉरेस्ट्री उद्योग के लिए प्रतिस्पर्धी और भविष्य उन्मुख पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहाकि उत्तर प्रदेश इस क्षेत्र के लिए एक समर्पित नीति तैयार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। हम पड़ोसी राज्यों की नीतियों का भी अध्ययन करेंगे ताकि प्लाईवुड और एग्रोफॉरेस्ट्री उद्योग के लिए अधिक प्रतिस्पर्धी एवं उद्योग-अनुकूल ढांचा विकसित किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के लिए गठित की जाने वाली समिति में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा, जिससे नीतिगत निर्णय व्यावहारिक अनुभवों और उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप लिए जा सकें। इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विजय किरन आनंद ने कहा कि उत्तर प्रदेश निरंतर सुधारों, सक्रिय निवेश सुविधा तंत्र और मजबूत औद्योगिक आधार के कारण देश के सबसे प्रतिस्पर्धी निवेश स्थलों में उभरकर सामने आया है। उन्होंने कहा कि राज्य की 36 से अधिक सेक्टोरल नीतियां, पूंजीगत सब्सिडी, भूमि आधारित प्रोत्साहन और रोजगार सहायता योजनाएं निवेशकों को विनिर्माण क्षेत्र में विस्तार के लिए व्यापक और भविष्य उन्मुख अवसर प्रदान कर रही हैं।उन्होंने बताया कि राज्य शीघ्र ही उपलब्ध भूमि बैंक से चार से पांच औद्योगिक क्लस्टरों की पहचान कर उन्हें क्लस्टर आधारित विकास के लिए आरक्षित करेगा। साथ ही यदि निवेशकों को भूमि बैंक से अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता होगी तो राज्य सरकार भूमि उपलब्ध कराने और छह माह के भीतर उसका आवंटन सुनिश्चित करने का प्रयास करेगी। प्लाईवुड फेडरेशन के प्रतिनिधियों ने इस उद्योग को कृषि, विनिर्माण और ग्रामीण आजीविका से जुड़ा बहुआयामी क्षेत्र बताते हुए ओडीओपी की तर्ज पर “वन इंडस्ट्रियल पार्क” मॉडल विकसित करने का सुझाव दिया। उन्होंने एग्रोफॉरेस्ट्री आधारित उद्योगों के लाइसेंस, वन नियमों, प्रदूषण मानकों, दंडात्मक प्रावधानों और एनओसी से जुड़ी चुनौतियों को भी रेखांकित किया तथा एग्रो आधारित उद्योगों के लिए पृथक नीति बनाने का प्रस्ताव रखा। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपक कुमार ने कहा, “उद्योग जगत द्वारा उठाए गए सभी सुझावों और मुद्दों को हम गंभीरता से आगे बढ़ाएंगे तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष रखकर उद्योग-अनुकूल और व्यावहारिक समाधान तलाशेंगे।” बैठक में इन्वेस्ट यूपी की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्रीमती प्रेरणा शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम के अंतर्गत निवेशक प्रतिनिधिमंडल 23 जून को हरदोई जिले के संडीला क्षेत्र का दौरा करेगा, जहां वे भूमि उपलब्धता, आधारभूत संरचना और औद्योगिक विकास की संभावनाओं का आकलन करेंगे। इस पहल से नए निवेश आकर्षित होने, रोजगार सृजन बढ़ने और उत्तर प्रदेश के विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

PAK की ‘राफेल कहानी’ फिर हुई फेल, एयरफोर्स टेंडर से सामने आई 36 विमानों की सच्चाई

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना के राफेल लड़ाकू विमानों को मार गिराने के पाकिस्तान के दावों की पोल एक बार फिर खुल गई है. भारतीय वायुसेना के मुख्यालय से जारी एक आधिकारिक दस्तावेज ने साफ कर दिया है कि भारत के पास फ्रांस से खरीदे गए सभी 36 राफेल विमान पूरी तरह ऑपरेशनल हैं. इस तरह भारत के राफेल पर गलतबयानी करने वाले पाकिस्तान को करारा तमाचा लगा है. पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कई राफेल विमानों को गिराने का झूठ फैलाया था।  15 जून 2026 को एयर मुख्यालय के डायरेक्टरेट ऑफ इंजीनियरिंग (राफेल) ने फ्रांस की कंपनी सैफ्रान एयरक्राफ्ट इंजिन्स को एक "ब्रिज सपोर्ट" प्रस्ताव (RFP) भेजा है. ये एक तरह का सपोर्ट टेंडर है. इस दस्तावेज़ में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि भारतीय वायुसेना 2016 के भारत-फ्रांस सरकारी समझौते के तहत खरीदे गए सभी 36 राफेल विमानों का संचालन कर रही है और सितंबर 2026 के बाद भी इनके रखरखाव और तकनीकी सहायता की आवश्यकता होगी. इसी काम के लिए भारतीय वायु सेना ने टेंडर जारी किया है।  36 राफेल के मेंटेनेंस के लिए एयरफोर्स ने जारी किया टेंडर दस्तावेज के अनुसार अगले पांच महीनों के लिए 36 राफेल विमानों के संचालन को ध्यान में रखते हुए पैकेज तैयार किया गया है।  यह घटनाक्रम 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पाकिस्तान सेना और पाकिस्तान-समर्थक सोशल मीडिया अकाउंट्स के उन बार-बार किए गए दावों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है, जिनमें आरोप लगाया गया था कि भारत के कई राफेल विमान मार गिराए गए थे।  पाकिस्तान के अलग-अलग मीडिया प्लेटफ़ॉर्म और कमेंटेटर्स ने अलग-अलग आंकड़े पेश किए थे, जिनमें यह दावा भी शामिल था कि तीन राफेल विमान नष्ट हो गए हैं. हालांकि, IAF के हालिया दस्तावेज में बेड़े की संख्या में किसी भी कमी का जिक्र नहीं है; इसके बजाय, इसमें सभी 36 विमानों के लिए उड़ान की ज़रूरतों का हिसाब लगाया गया है।  टेंडर दस्तावेजों के अनुसार इस सपोर्ट पैकेज का मकसद 36 राफेल विमानों को चालू हालत में बनाए रखना है. इसके तहत हर विमान के लिए औसतन सालाना 150 घंटे की उड़ान तय की गई है, जिसका मतलब है कि पांच महीने की 'ब्रिज पीरियड' (अंतरिम अवधि) के दौरान कुल 2,250 घंटे की उड़ान का अनुमान है।  दस्तावेज में बताया गया है कि राफेल के मूल अनुबंध में 36 विमान, उनसे जुड़े उपकरण, इस्तेमाल होने वाली सामग्री, स्पेयर पार्ट्स और पांच साल तक विमानों के बेड़े के संचालन के लिए रखरखाव सहायता शामिल थी. प्रस्तावित 'ब्रिज सपोर्ट' का मकसद 18 सितंबर, 2026 के बाद भी विमानों के संचालन को बिना किसी रुकावट के जारी रखना है।  PAK की 'मनोहर कहानियां' फिर ध्वस्त रक्षा सूत्रों का कहना है कि मेंटेनेंस और सपोर्ट कॉन्ट्रैक्ट आम तौर पर ऑपरेटर के पास मौजूद असल इन्वेंट्री पर आधारित होते हैं. 36 विमानों के पूरे बेड़े का बार-बार ज़िक्र होने से राफेल के नुकसान के बारे में पाकिस्तान के दावों पर और सवाल उठते हैं. पाकिस्तान ने यह झूठा दावा भी किया था कि उसने भारत की एक महिला पायलट को पकड़ लिया है. IAF चीफ एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने पहले ही पाकिस्तान के इन दावों को "मनोहर कहानियां" करार दिया था।  भारतीय वायु सेना के राफेल बेड़े के लिए ये सपोर्ट टेंडर का प्रस्ताव सैफ्रन एयरक्राफ्ट इंजन को भेजा गया है, जो राफेल के M88 इंजन बनाने वाली मूल कंपनी है. यह तरीका आमतौर पर तब अपनाया जाता है जब केवल मूल उपकरण निर्माता ही खास तकनीकी सहायता, स्पेयर पार्ट्स या सेवाएं दे सकता है।  भारत ने फ्रांस के साथ 2016 के समझौते के तहत अपने 36 राफेल लड़ाकू विमान शामिल किए थे; ये विमान अभी IAF के नंबर 17 स्क्वाड्रन "गोल्डन एरोज़" और नंबर 101 स्क्वाड्रन में तैनात हैं। 

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन देंगे नियुक्ति पत्र, 151 विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती पूरीस्वास्थ्य विभाग में 262 पदों पर नई भर्ती और नियुक्ति प्रक्रिया जारी

 रांची  मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बुधवार 151 विशेषज्ञ चिकित्सक सहित कुल 262 पदों पर अनुशंसित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे। इसे लेकर प्रोजेक्ट भवन सभागार में पूर्वाह्न 11 बजे नियुक्त पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया है। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी एवं अन्य मंत्री भी उपस्थित रहेंगे। जिन पदों के लिए अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिलेगा, उनमें खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी के 56, वरीय अस्पताल प्रबंधक के 29 तथा वित्त प्रबंधक के 26 पद भी सम्मिलित हैं। इनमें खाद्य सुरक्षा पदाधिकारियों की नियुक्ति झारखंड लोक सेवा आयोग के माध्यम से हुई है। राज्य में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारियों के पद लंबे समय से रिक्त था। इस पद पर नियमित नियुक्ति हुई है। अब इन पदों पर नियुक्ति होने से राज्य में खाद्य पदार्थों में मिलावट पर शिकंजा कसेगा। वहीं, विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के तहत अनुबंध पर टेंडर के माध्यम से हुई है। चयनित चिकित्सकों को उनके द्वारा उपलब्ध कराए गए विकल्प के अनुसार पदस्थापन भी कर दिया है। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद अभ्यर्थी वहां योगदान देंगे। इन सभी चिकित्सकों को उनके द्वारा कोट की गई मानदेय राशि मिलेगी, जो अधिकतम तीन लाख रुपये मासिक होगी। इनके अलावा वरीय अस्पताल प्रबंधक तथा वित्त प्रबंधक के पदों पर भी राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के अंतर्गत अनुबंध पर हुई है। इन्हें निर्धारित मानदेय देय होगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के तहत ही अस्पताल प्रबंधक तथा आइटी एग्जीक्यूटिव के पदों पर भी नियुक्ति होनी है, जिसकी प्रक्रिया चल रही है। अस्पताल प्रबंधक के पदों पर नियुक्ति के लिए 25 जून को साक्षात्कार आयोजित किया जाना है। पहले इस पद के लिए 24 जून को ही साक्षात्कार होना था, लेकिन नियुक्त पत्र वितरण समारोह को देखते हुए इसे एक दिन बढ़ा दिया गया है

मध्यप्रदेश भाजपा में बड़ा बदलाव, 106 नेताओं को मिली नई जिम्मेदारी; पूरी सूची जारी

भोपाल   मध्यप्रदेश भाजपा ने मंगलवार को संगठनात्मक नियुक्तियों की घोषणा कर दी है। इस सूची पर सभी की निगाह लगी हुई थी। बीजेपी के नेता एक साल से इस सूची का इंतजार कर रहे थे। मध्यप्रदेश भाजपा के नए कप्तान हेमंत खंडेलवाल के अध्यक्ष बनने के एक साल पूरे होने के पहले यह सूची जारी हो गई। दिल्ली स्तर पर कार्यकारिणी के नाम फाइनल हो पाए हैं। इस सूची में मध्यप्रदेश के बड़े नेताओं के साथ ही वर्तमान विधायक, पूर्व मंत्री और कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए नेता भी शामिल हैं। इसमें प्रदेश कार्यसमिति सदस्यों के नाम फाइनल कर दिए गए हैं। इसमें प्रदेश से 106 नाम शामिल हैं। भाजपा की कार्यसमिति में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव (dr moan yadav), केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chauhan), वीरेंद्र कुमार, ज्योतिरादित्य सिंधिया (jyotiraditya scindia), उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, राजेंद्र शुक्ला भी शामिल हैं। 106 कार्यसमिति सदस्यों के अलावा 41 स्थाई आमंत्रित सदस्य भी बनाए गए हैं। जबकि समस्त संभाग प्रभारी, जिला प्रभारी, प्रदेश मोर्चा अध्यक्ष एवं प्रकोष्ठ प्रदेश संयोजक प्रदेश कार्यसमिति के विशेष आमंत्रित सदस्य होंगे। खास बात यह है कि इसमें भाजपा के कई विधायकों और मंत्रियों के साथ ही भाजपा विधायक संजय पाठक का भी नाम शामिल हैं। इनके अलावा पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा (narottam mishra) को भी कार्यसमति में शामिल किया गया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री डा. वीरेंद्र कुमार खटीक, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, केंद्रीय मंत्री डीडी उइके, मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, सावित्री ठाकुर, कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल, राकेश सिंह, विष्णु दत्त शर्मा, फग्गन सिंह कुलस्ते, नरोत्तम मिश्रा, लाल सिंह आर्य, अरविंद भदौरिया, संपतिया उइके, कुंवर विजय शाह, इंदर सिंहपरमार, उदय प्रताप सिंह, तुलसीराम सिलावट, एदल सिंह कंषाना, निर्मला भूरिया, गोविंद सिंह राजपूत, विश्वास सारंग, नारायण सिंह कुशवाह, चेतन्य कुमार कश्यप, भूपेंद्र सिंह, कृष्णा गौर, संध्या राय, गणेश सिंह, हिमाद्री सिंह, कविता पाटीदार, सुमित्रा वार्मिकी, माया नरोलिया, बृजेंद्र प्रताप सिंह, हरिशंकर खटीक, कमल पटेल, गजेंद्र पटेल, रामेश्वर शर्मा, गिर्राज दंडोतिया, ओपीएस भदौरिया, विपिन गोस्वामी, रक्षा सिरोनिया, अभय चौधरी, इमरती देवी, वीरेंद्र जैन, नरेंद्र बिरथरे शामिल हैं। 106 सदस्यों वाली सूची में महेंद्र सिंह सिसौदिया, हरिसिंह यादव, विनोद पंथी, ललिता यादव, ममता गुप्ता, गौरव तिवारी, मनीषा पाठक, केपी त्रिपाठी, अखंड प्रताप सिंह, मृगेंद्र सिंह, सरदेन्दू तिवारी, रीति पाठक, कुंवर सिंह टेकाम, योगेश पाल गुप्ता, प्रेमवती खैरवार, गिरीश द्विवेदी, मीना सिंह मांडवे, ज्ञानवती, स्वाति गोडबोले, नंदिनी मरावी, संजय पाठक, जसपाल अरोरा, ओमप्रकाश धुर्वे, लता एल्कर, नीता पटैरिया, वैभव पवार, वैशाली महाले, ज्योति डेहरिया, सविता, दीवान, अखिलेश खंडेलवाल, हेमलता कुम्भारे, जितेंद्र कपूर, भगवानदास सबनानी, बिलकिस जहां, सुमित पचौरी, रामपाल सिंह, श्यामसुंदर शर्मा, रघुवनाथ सिंह भाटी, दिलवर यादव, मालिनी गौड़, महावीर सिसौदिया, रमेश मेंदोला, जीतू जिराती, अंजू माखीजा, मुद्रा शास्त्री, उषा ठाकुर, अमरदीप मौर्य, कल सिंह भावर, रंजना बघेल, देवेंद्र वर्मा, अर्चना चिटनिस, भूपेंद्र आर्य, वासु केसवानी, अशोक नायक, चिंतामणि राठौर, गायत्री राजे पंवार, डा. राजेंद्र पांडेय, ओमप्रकाश सखलेचा शामिल हैं। कार्यसमिति में स्थाई आमंत्रित सदस्य इनके अलावा भाजपा की कार्यसमिति में 41 स्थाई आमंत्रित सदस्य भी शामिल हैं। इनमें ज्यादातर पूर्व मंत्री हैं। कांग्रेस से भाजपा में आए सुरेश पचौरी और दीपक सक्सेना भी इस सूची में शामिल हैं। मध्यप्रदेश के सत्यनारायण जटिया, सुमित्रा महाजन, विक्रम वर्मा, कृष्ण मुरारी मोघे, कप्तान सिंह सोलंकी, माखन सिंह, सुरेश पचौरी, सीताशरण शर्मा, गिरीश गौतम, गोपाल भार्गव, जयंत मलैया, अनुसुईया उइके, दीपक सक्सेना, कैलाश सोनी विवेक नारायण शेजवार, रघुनंदन शर्मा, उमाशंकर गुप्ता, कुसुम मेहदेले, अजय विश्नोई, हिम्मत कोठारी, अनूप मिश्रा, गौरीशंकर बिसेन, गौरीशंकर शैजवार, ढाल सिंह बिसेन, कैलाश चावला, भागीरथ प्रसाद, जितेंद्र जामदार, बाबू सिंह रघुवंशी, वेदप्रकाश शर्मा, तपन भौमिक, माया सिंह, यशोधरा राजे सिंधिया, नानाभाऊ माहोड़, सुधा जैन, कृष्णकांता तोमर, अलका जैन, जगदीश अग्रवाल, बिसाहूलाल सिंह, नागेंद्र सिंह (नागौद), मधु वर्मा, ज्ञान सिंह शामिल हैं।

पूर्व मध्य रेल की नई साप्ताहिक ट्रेन, पुणे रूट पर यात्रियों को बड़ी राहत

 पटना बिहार से महाराष्ट्र के पुणे जाने वाले रेल यात्रियों के लिए पूर्व मध्य रेल की ओर से एक बहुत ही शानदार और बड़ी सुविधा सामने आई है। यात्रियों की भारी भीड़ और सहूलियत को देखते हुए रेलवे ने दानापुर और पुणे के बीच एक नई 'अमृत भारत एक्सप्रेस' स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है। मिली जानकारी के अनुसार, पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) सरस्वती चंद्र ने सोमवार को बताया कि इस नई अमृत भारत एक्सप्रेस साप्ताहिक ट्रेन का नियमित परिचालन आगामी 27 जून से शुरू होने जा रहा है। इस आधुनिक ट्रेन के शुरू होने से नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और व्यापारियों को सीटों के लिए होने वाली मारामारी से बड़ी राहत मिलेगी और सफर काफी आरामदायक हो जाएगा। ट्रेन का ये रहेगा रूट और पूरा टाइम टेबल यह नई स्पेशल ट्रेन पूरी तरह से साप्ताहिक आधार पर चलाई जाएगी, जिससे यात्रियों को दोनों तरफ से आने-जाने का बेहतर विकल्प मिलेगा। यह गाड़ी दानापुर से खुलकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (DDU), प्रयागराज छिवकी, जबलपुर, इटारसी और भुसावल के रास्ते होते हुए पुणे तक का सफर तय करेगी। गाड़ी संख्या 11431 पुणे-दानापुर अमृत भारत एक्सप्रेस प्रत्येक शनिवार को पुणे से दोपहर 3 बजकर 25 मिनट पर रवाना होगी और सोमवार की रात 1 बजकर 30 मिनट पर दानापुर पहुंचेगी। वहीं वापसी में, गाड़ी संख्या 11432 दानापुर-पुणे अमृत भारत एक्सप्रेस प्रत्येक सोमवार की सुबह 3 बजकर 30 मिनट पर दानापुर स्टेशन से खुलकर अगले दिन यानी मंगलवार की सुबह 11 बजकर 5 मिनट पर पुणे पहुंचेगी। ट्रेन में यात्रियों को मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं इस नई अमृत भारत ट्रेन को यात्रियों के सफर को पूरी तरह सुरक्षित और आरामदायक बनाने के लिए तैयार किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, इस ट्रेन में कुल 18 आधुनिक कोच लगाए गए हैं। इनमें स्लीपर क्लास के 8 कोच, जनरल के 7 कोच, पैंट्रीकार का 1 कोच और एसएलआरडी (SLRD) के 2 कोच शामिल हैं। रेलवे प्रशासन ने बताया कि पुश-पुल तकनीक वाली इस ट्रेन के चलने से कम किराए में लोगों को बेहतरीन वेंटिलेशन, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट और बायो-टॉयलेट जैसी आधुनिक सुविधाओं के साथ सफर करने का मौका मिलेगा। इस रूट पर नई ट्रेन के आने से यात्रियों को यात्रा करने के लिए अब एक बेहतरीन और सुरक्षित विकल्प मिल गया है।

मोर्चरी में बदइंतजामी का खुलासा, डी-फ्रिज खराब होने से महिला का शव सड़ा

समालखा. उपमंडल अस्पताल में डी-फ्रिज के खराब होने से एक महिला का शव खराब होने से स्वजन ने अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही पर रोष व्यक्त किया। महिला के भाई का कहना था कि शव फूल गया और काला पड़ गया। बदबू आ रही थी। स्वजन ने कपड़ों से उसकी पहचान की। अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। सीएमओ विजय मलिक ने बताया कि रात में डी फ्रिज का कूलिंग सिस्टम खराब हो गया। शव रखने के समय ठीक था। खराब फ्रिज को बदल दिया गया है। महिला के शव का पोस्टमार्टम कर स्वजन को सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि मोर्चरी में चार फ्रिज थे, जिनमें जरूरी होने से दो को सिविल अस्पताल, पानीपत लाया गया था। उनमें अब एक वापस समालखा भेज दिया गया है। उपमंडल अस्पताल में अब तीन डी फ्रिज हैं। एक और फ्रिज समालखा भेज दिया जाएगा। रविवार की सुबह मच्छरौली गांव की एक नवविवाहिता सरिता पत्नी शुभम उर्फ अश्वनी ने मायके में फंदा लगा आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने दोपहर के समय महिला के शव को उपमंडल अस्पताल के शव गृह में रखवा दिया था। सोमवार दोपहर पुलिस और महिला के स्वजन जब पोस्टमार्टम के लिए शव निकालने गए तो वह खराब होने से पहचान में नहीं हो पा रही थी। इस पर स्वजन ने रोष व्यक्त किया। जांच अधिकारी अमित त्यागी ने कहा कि बिजली में फाल्ट से ऐसा हुआ है। उन्होंने बताया कि महिला के स्वजन ने उसके पति शुभम उर्फ अश्वनी पर दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया है। उसकी शिकायतों की जांच की जा रही है। महिला की चार माह पहले सोनीपत के गांव मोहम्दाबाद में शादी हुई थी, जो डेढ़ माह से मायके में रह रही थी। ससुरालियों के नहीं ले जाने से परेशान थी। मच्छरौली के पूर्व सरपंच प्रतिनिधि बलराज सिंह ने कहा कि मोर्चरी में शव को सही रखने का पुख्ता इंतजाम होना चाहिए। फ्रिजर सही चल रहा है या नहीं इसकी जांच पड़ताल करते रहना चाहिए।