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एयर इंडिया मामले में बड़ा एक्शन, समय पर सूचना नहीं देने पर अमृतसर ATC और क्रू हटाए गए

अमृतसर डीजीसीए ने एअर इंडिया की फ्लाइट AI-479 से जुड़ी उस घटना की जांच शुरू कर दी है, जिसमें विमान कुछ समय के लिए पाकिस्तान के एअरस्पेस में प्रवेश कर गया था। मामले में समय पर जानकारी न देने को लेकर अमृतसर के संबंधित एअर ट्रैफिक कंट्रोलर (ATC)। घटना 22 जून की है, जब एअर इंडिया का एअरबस A321 (VT-PPV) दिल्ली से अमृतसर के लिए उड़ान भर रहा था। उस समय अमृतसर एअरपोर्ट पर पक्षी टकराने (बर्ड स्ट्राइक) की घटना के बाद रनवे की जांच चल रही थी, जिसके कारण फ्लाइट को लैंडिंग से पहले कुछ समय के लिए हवा में होल्ड करने के निर्देश दिए गए थे। पाकिस्तान ATC से समन्वय के बाद फ्लाइट दिल्ली लौटी इसके बाद जब ATC ने रडार के जरिए विमान को लैंडिंग के लिए गाइड किया, तो वह अनजाने में थोड़ी देर के लिए पाकिस्तान के एअरस्पेस में पहुंच गया। स्थिति को संभालने के लिए पाकिस्तान ATC से भी संपर्क और समन्वय किया गया। बाद में विमान को अमृतसर में उतारने के बजाय वापस दिल्ली भेज दिया गया, जहां उसकी सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने मामले में ये जानकारी दी     रवने पर ट्रैफिक के कारण विमान को हवा में इंतजार करवाना आम बात: इस मामले में अमृतसर एयरपोर्ट अथॉरिटी के एक अधिकारी ने बताया कि किसी भी विमान की लैंडिंग से पहले एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) की ओर से अंतिम अनुमति दी जाती है। कई बार रनवे की उपलब्धता, एयर ट्रैफिक या अन्य तकनीकी कारणों से विमान को कुछ समय तक हवा में ही होल्डिंग पैटर्न में इंतजार करना पड़ता है। यह आम बात है।     विमान को दिल्ली ले जाने को कहा गया: अधिकारी के अनुसार, संबंधित विमान के मामले में लैंडिंग में देरी होने पर एयरपोर्ट पर ट्रैफिक बढ़ गया था, जिससे इस विमान के लैंड होने की जगह नहीं थी। बाद में सूचना मिली कि तकनीकी कारणों के चलते विमान भटक गया था। इसके बाद उसे वापस दिल्ली ले जाने को कहा गया।     असुविधा के बावजूद स्थिति सामान्य रही: अधिकारी ने बताया कि विमान बाद में सुरक्षित रूप से वापस चला गया था। हालांकि, यात्रियों को कुछ देरी का सामना करना पड़ा, लेकिन एयरपोर्ट प्रशासन के पास किसी बड़े हंगामे या दुर्व्यवहार की कोई जानकारी नहीं है। यात्रियों को हुई असुविधा के बावजूद स्थिति सामान्य रही। कुछ ही समय बाद विमान रास्ता भटका इससे पहले 12 जून को पाकिस्तान की एक पैसेंजर फ्लाइट, फ्लाई जिन्ना-9P514, खराब मौसम के कारण भारतीय एअरस्पेस में प्रवेश कर गई थी। लाहौर एअरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद विमान रास्ता भटक गया था। हालांकि, तकनीकी गड़बड़ी का अंदेशा होते ही फ्लाइट को वापस पाकिस्तानी एअरस्पेस में लौटा लिया गया।  

धान रोपाई सीजन में हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, 8 जिलों में रोजाना 8 घंटे थ्री-फेज बिजली

पानीपत. धान की रोपाई के सीजन की शुरुआत के साथ ही बिजली निगम ने किसानों के लिए बिजली आपूर्ति का नया शेड्यूल जारी कर दिया है। पानीपत, सोनीपत, करनाल, रोहतक सहित आठ जिलों में कृषि उपभोक्ताओं को शिफ्टवार बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। शेड्यूल में किसानों को सिंचाई के लिए प्रतिदिन आठ घंटे थ्री-फेज बिजली दी जाएगी, ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाएंगे। बिजली निगम अधिकारियों ने बताया कि कृषि फीडरों को उनके लोड के आधार पर विभिन्न श्रेणियों में विभाजित किया है। कम लोड वाले फीडरों पर एक शिफ्ट में बिजली दी जाएगी, अधिक लोड वाले फीडरों को तीन शिफ्टों में संचालित किया जाएगा। मध्यम श्रेणी के फीडरों पर दो शिफ्टों में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था की है, सभी किसानों को समान रूप से सिंचाई के लिए पर्याप्त समय मिल सके। उन्होंने बताया कि दो शिफ्ट वाले फीडरों की बिजली आपूर्ति व्यवस्था की तीन से सात दिन के अंतराल पर समीक्षा की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर फीडरों की शिफ्ट में बदलाव भी किया जा सकेगा। धान की रोपाई के दौरान बिजली की मांग में बढ़ोतरी को देखते हुए निगम ने अपने फील्ड स्टाफ को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। ट्रांसफार्मर, लाइनों और कृषि फीडरों की निगरानी बढ़ा दी गई है, किसी भी तकनीकी खराबी को तुरंत दूर किया जा सके। ऐसे मिलेगी किसानों को बिजली जिले में सिंगल ग्रुप वाले फीडर में जिन फीडरों को सिंगल ग्रुप में रखा है, वहां खेतों के लिए थ्री-फेज बिजली सुबह 7 बजे से दोपहर तीन बजे तक (8 घंटे) उपलब्ध रहेगी। इसके अतिरिक्त, मोटरों के संचालन के लिए पैट यानी सिंगल फेज बिजली सुबह पांच से साढ़े छह बजे तक और शाम को सात बजे से रात डेढ़ बजे तक दी जाएगी। जिन गांवों में पहले से थोड़ा ज्यादा लोड हैं, उनमें दो शिफ्ट में बिजली की सप्लाई होगी। पहला ग्रुप सुबह 2:45 से सुबह 10:45 बजे तक थ्री-फेज सप्लाई होगी, दूसरा ग्रुप सुबह 11 बजे से शाम सात बजे तक खेतों को पानी देने के लिए बिजली मिलेगी। पैट सिंगल फेज का समय ग्रुप-एक के लिए सुबह साढ़े 11 से दोपहर साढ़े तीन और रात साढ़े आठ से साढ़े 12 बजे तक। ग्रुप-2 के लिए सुबह साढ़े छह से साढ़े आठ और देर शाम पौने आठ से रात पौने दो बजे निर्धारित है। अधिक लोड वाले तीन ग्रुप की सप्लाई तीन फेज वाले फीडरों पर तीन ग्रुप में सप्लाई होगी। पहले ग्रुप सुबह आठ बजे तक, दूसरे ग्रुप में सुबह आठ से शाम चार बजे तक सप्लाई होगी। वहीं तीसरे फेज में चार से रात 12 बजे तक सप्लाई चलेगी। प्रत्येक शिफ्ट आठ घंटे की होगी। बिजली निगम के एसई धर्म सुहाग ने कहा कि धान की रोपाई को लेकर हर साल बिजली की सप्लाई का शेड्यूल बनाया जाता है। उसी आधार पर सप्लाई होती है। दो शिफ्टों में चलने वाले एपी के शेड्यूल को तीन से सात दिनों में स्थिति जांची जाती है।

ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर सख्ती, रेड लाइट कूदने और शराब पीकर गाड़ी चलाने पर सीधा कोर्ट समन

चंडीगढ़. पंजाब में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के लिए अब बच निकलना आसान नहीं होगा। सड़क पर लापरवाही दिखाने वालों के खिलाफ पंजाब सरकार ने बड़ा और सख्त फैसला लिया है। परिवहन विभाग ने नई अधिसूचना जारी कर कुछ गंभीर ट्रैफिक उल्लंघनों को नॉन-कंपाउंडेबल अपराध घोषित कर दिया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब ऐसे मामलों में केवल जुर्माना भरकर मामला खत्म नहीं किया जा सकेगा। सरकार के इस फैसले के बाद रेड लाइट जंप करना, स्टॉप साइन तोड़ना, गलत दिशा में वाहन चलाना, नशे में ड्राइविंग और नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना बेहद महंगा पड़ सकता है। इन मामलों में अब सीधे कानूनी कार्रवाई होगी और कोर्ट का सामना करना पड़ सकता है। 17 जून को जारी हुआ नोटिफिकेशन 17 जून 2026 को जारी नोटिफिकेशन के अनुसार मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 184 के तहत आने वाली खतरनाक ड्राइविंग को विशेष तौर पर निशाने पर लिया गया है। अगर कोई चालक ट्रैफिक सिग्नल की अनदेखी करता है, रेड लाइट पार करता है या सड़क पर ऐसा वाहन चलाता है जिससे दूसरों की जान खतरे में पड़ती है, तो अब उसे सिर्फ चालान भरकर छुटकारा नहीं मिलेगा। बच्चों की गलती पर अभिभावक फसेंगे  सरकार ने नशे में वाहन चलाने को लेकर भी जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है। धारा 185 के तहत शराब या नशीले पदार्थ के प्रभाव में वाहन चलाना अब पूरी तरह गंभीर अपराध माना जाएगा। इसके अलावा ऐसे अपराध में सहयोग या उकसाने वालों पर भी कार्रवाई होगी। सबसे बड़ा संदेश उन अभिभावकों के लिए है जो अपने नाबालिग बच्चों को दोपहिया या कार चलाने देते हैं। धारा 199ए के तहत नाबालिग ड्राइविंग के मामलों में अब सख्त कानूनी कार्रवाई तय है। ऐसे मामलों में अभिभावकों की जिम्मेदारी भी तय की जा सकती है। दुर्घटनाओं को रोकने का प्रयास परिवहन विभाग का कहना है कि पंजाब में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और लापरवाह ड्राइविंग पर लगाम लगाने के लिए यह फैसला लिया गया है। सरकार का मानना है कि सख्त नियमों से लोगों में ट्रैफिक अनुशासन बढ़ेगा और सड़क हादसों में कमी आएगी। साफ है, अब पंजाब की सड़कों पर लापरवाही भारी पड़ेगी। ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के लिए संदेश एकदम स्पष्ट है- नियम मानिए, वरना कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहिए।

छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार तेज, कई जिलों में अगले दो दिन झमाझम बारिश के आसार

रायपुर. छत्तीसगढ़ में मानसून के दस्तक से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में आंधी-तूफान के साथ ही बारिश का दौर भी जारी है। मौसम विभाग ने अगले दो दिन कई जिलों में गरज और चमक के साथ ही मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना जताई है, तो चलिए जानते हैं कि आपके जिले में आज का मौसम कैसा रहेगा ? पिछले 24 घंटों में कैसा रहा मौसम ? मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में प्रदेश के सभी संभागों के कुछ स्थानों पर मध्यम से तीव्र मेघगर्जन के साथ वर्षा हुई है। दंतेवाड़ा और रायगढ़ के एक-दो जगहों पर भारी बारिश दर्ज की गई है। बुधवार को प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 39.0 डिग्री सेल्सियस बिलासपुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.0 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में रिकॉर्ड किया गया। मौसमी द्रोधणका राजस्थान से उत्तरी मध्य प्रदेश, दधिणी उत्तर प्रदेश, धिहार और झारखांड होते हुए गांगीय पधिम पश्चिम तक समुद्र तल पर बनी हुई है। मध्य प्रदेश के दधिण पूर्व भागों में ऊपरी हवा का चक्रवाती पररसांचरण समुद्र तल से 3.1 धकमी ऊपर धस्थत है। प्रदेश में आज कैसा रहेगा मौसम प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। साथ ही एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात होने की आशंका है। अगले 2 दिनों में प्रदेश में एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। एक-दो स्थानों पर गरज चमक के साथ वज्रपात होने की संभावना है। रायपुर शहर में 25 जून को आकाश आंशिक रूप से मेघमय रहने, गरज-चमक के साथ बारिश तथा अंधड़ चलने की संभावना है। शहर का अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

दिवाली पार्टी में हुई थी पहली मुलाकात, फिर शुरू हुई लव स्टोरी; अब सिया पर उठे सवाल

 पुणे पुणे के चर्चित लोहगढ़ हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे मामले से जुड़े नए तथ्य सामने आ रहे हैं. पुलिस जांच में अब मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके परिवार की पृष्ठभूमि को भी खंगाला जा रहा है. जानकारी के अनुसार, सिया गोयल पुणे के गंगाधाम इलाके स्थित न्यू एरा सोसायटी में अपने परिवार के साथ रहती थी. उसके परिवार में माता-पिता और एक भाई शामिल हैं।  जांच में यह भी पता चला है कि सिया और चेतन की पहली मुलाकात पिछले साल दिवाली के दौरान आयोजित एक पार्टी में हुई थी. इसी मुलाकात के बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे संपर्क बढ़ता गया. पुलिस अब दोनों के रिश्तों, कॉल रिकॉर्ड, मुलाकातों और आपसी संवाद से जुड़ी जानकारियों को खंगाल रही है।  फूटा टीवी एक्ट्रेस का गुस्सा, सिया पर एक्शन की डिमांड  केतन अग्रवाल की मौत ने सनसनी मचाई हुई है. 26 साल के लड़के की मौत लोहागढ़ किले पर ट्रेकिंग के दौरान हुई. वो पहाड़ी से नीचे गिर पड़े, जिसमें उनकी जान चली गई. पहले इसे महज एक हादसा बताया जा रहा था. लेकिन फिर ये बात सामने आई कि उनकी मंगेतर सिया गोयल ने अपने लवर चेतन चौधरी के साथ केतन को पहाड़ी से नीचे धक्का दिया।  इस घटना ने हर किसी को हैरानी में डाल दिया है. सभी सिया से सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर उन्होंने ऐसा क्यों किया है. टीवी सेलेब्स भी अपनी नाराजगी बयां करते दिख रहे हैं. हिना खान के बाद अब आंचल खुराना ने केतन अग्रवाल के साथ जो कुछ हुआ, उसपर दुख जताया है. आंचल ने सिया को लेकर भी बड़ी बात कह डाली है।  रोडीज विनर ने जताई नाराजगी अपने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर करके आंचल खुराना ने कहा- केतन अग्रवाल सिर्फ 26 साल का लड़का था. एक करोड़पति बाप के बेटे की एक करोड़पति बाप की बेटी से अरेंज मैरिज फिक्स होती है. दोनों परिवार एक-दूसरे के करीबी हैं, तो वो अपने बच्चों की भी शादी तय कर लेते हैं. लेकिन जो बेटी है उसका चेतन के साथ अफेयर चल रहा होता है. आप ये बात अपने पेरेंट्स से कह सकती थीं, आप अपने मंगेतर को ये बात बता सकती थीं. लेकिन उसने केतन को पहाड़ी से नीचे फेंकना सही समझा।  'यार ये सिर्फ लड़का या लड़की की बात नहीं है. मैं ये कहना चाह रही हूं कि इस पीढ़ी को हो क्या गया है? हमें किसी पर भी अत्याचार नहीं करना चाहिए. सिया के अंदर केतन को मारने की हिम्मत आई, लेकिन अपने माता-पिता को अफेयर का सच बताने की हिम्मत नहीं थी. क्या तुम सीरियस हो? तुम उसके घर से भाग सकती थी, कुछ और कर सकती थी. किसी को मारने की क्या जरूरत थी? ये आखिर हो क्या रहा है? मेरे हिसाब से उस लड़की को भी उसी खाई से धक्का दे देना चाहिए. इस मामले में कोई कोर्ट केस भी नहीं होना चाहिए।   सिया आखिर चाहती क्या थी?   पुणे के बहुचर्चित लोहगढ़ किला केस का सबसे चर्चित नाम. एक ऐसी लड़की, जिसकी जिंदगी में एक तरफ केतन अग्रवाल था, जिससे कुछ महीनों बाद उसकी शादी होने वाली थी, तो दूसरी तरफ चेतन था, जिसके साथ उसके अफेयर की बात पुलिस जांच का हिस्सा बन चुकी है।  पुणे के गंगाधाम इलाके की न्यू एरा सोसायटी में रहने वाली सिया एक कारोबारी परिवार से ताल्लुक रखती है. उसके पिता प्रवीण गोयल ड्राय फ्रूट और मसालों के कारोबार से जुड़े हैं. परिवार की छवि समाज में सम्मानित मानी जाती है जांच में सामने आई जानकारी के अनुसार, पिछले साल दिवाली के दौरान आयोजित एक पार्टी में सिया की मुलाकात केतन से हुई थी. बताया जाता है कि पहली मुलाकात के बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे संपर्क बढ़ता चला गया. वहीं दूसरी ओर पुणे (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने बताया कि पिछले छह महीनों में सिया और चेतन के बीच 2,004 कॉल हुईं और कुल मिलाकर लगभग 238 घंटे बातचीत हुई. कुछ कॉल दो से तीन घंटे तक लगातार चली थीं. पुलिस का मानना है कि यह लंबी बातचीत कथित साजिश की तैयारी का भी हिस्सा हो सकती है।   11 फरवरी को हुई मुलाकात, 19 को रोका  दिलचस्प बात यह है कि इसी दौरान सिया के परिवार ने उसके लिए जीवनसाथी की तलाश भी शुरू कर दी थी. इसी क्रम में अग्रवाल परिवार से रिश्ता तय हुआ. 11 फरवरी को दोनों परिवारों की मुलाकात हुई, 19 फरवरी को रोका सम्पन्न हुआ और 25 नवंबर को शादी की तारीख भी तय कर दी गई. घरों में तैयारियां शुरू हो चुकी थीं. भविष्य के सपने बुने जा रहे थे. परिवार का कहना है कि सिया केवल नाम की होने वाली बहू नहीं थी, बल्कि परिवार का हिस्सा बन चुकी थी. वह कई बार उनके घर आई. होली के अवसर पर आई, पूजा-पाठ में शामिल हुई, पूरा दिन परिवार के साथ बिताया. बातचीत में अपनापन दिखाती थी. किसी को यह आभास तक नहीं हुआ कि उसके मन में कुछ और भी चल रहा है।  केतन की मां ने मान लिया था बहू  केतन की मां आज भी इसी बात को याद कर भावुक हो जाती हैं. उनका कहना है कि उन्होंने सिया को बहू मान लिया था. वह घर आती थी, परिवार के साथ घुल-मिलकर रहती थी, इसलिए कभी शक नहीं हुआ. उनका आरोप है कि यदि रिश्तों की वास्तविक स्थिति पहले बता दी जाती तो शायद आज उनका बेटा जिंदा होता. एक तरफ शादी की तैयारियां चल रही थीं, दूसरी तरफ पुलिस जांच में सामने आया कि सिया और चेतन लगातार संपर्क में थे. जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि आखिर दोनों के बीच किस तरह का रिश्ता था. परिजनों का दावा है कि दोनों की मुलाकातें होती थीं और वे एक-दूसरे के काफी करीब थे. सोशल मीडिया और जांच से जुड़े कुछ वीडियो भी चर्चा में हैं, जिनमें दोनों को साथ देखा गया है.  इसी बीच केतन के परिवार ने एक और गंभीर दावा किया है. उनका आरोप है कि 14 जून को भी सिया, केतन को लेकर लोहगढ़ किले गई थी. वहां कथित रूप से एक ऐसी घटना हुई, जिसे … Read more

राजमिस्त्री, किसान और शिक्षक परिवारों के बेटे-बेटियों की सफलता पूरे समाज के लिए प्रेरणा : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में सफल ट्राइबल यूथ हॉस्टल के विद्यार्थियों से की मुलाकात साधारण परिवारों के सपनों को मिल रही नई उड़ान, ट्राइबल यूथ हॉस्टल बन रहा प्रतिभाओं का सशक्त मंच राजमिस्त्री, किसान और शिक्षक परिवारों के बेटे-बेटियों की सफलता पूरे समाज के लिए प्रेरणा : मुख्यमंत्री युवा शक्ति की सफलता विकसित छत्तीसगढ़ की नई पहचान – मुख्यमंत्री साय मुख्य परीक्षा के लिए मुख्यमंत्री ने दिया सफलता का मंत्र, कहा- अनुशासन, आत्मविश्वास और निरंतर परिश्रम ही सबसे बड़ी पूंजी दूरस्थ जनजातीय एवं ग्रामीण अंचलों के युवाओं ने राष्ट्रीय स्तर पर दर्ज कराई दमदार मौजूदगी नई दिल्ली मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रारंभिक परीक्षा में सफल हुए ट्राइबल यूथ हॉस्टल, द्वारका के विद्यार्थियों से आत्मीय मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के मेहनतकश परिवारों के सपनों और संघर्ष का सम्मान भी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इन विद्यार्थियों की सफलता इस बात का सशक्त प्रमाण है कि प्रतिभा कभी भी आर्थिक संसाधनों या पारिवारिक पृष्ठभूमि की मोहताज नहीं होती। किसी के पिता राजमिस्त्री हैं, कोई किसान परिवार से है तो कोई शिक्षक का बेटा है, लेकिन इन सभी ने अपनी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षा के प्रथम चरण में सफलता प्राप्त की है। यह पूरे प्रदेश, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणादायी उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनकी तैयारी, अध्ययन पद्धति, संघर्ष और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। विद्यार्थियों ने ट्राइबल यूथ हॉस्टल में उपलब्ध अध्ययन वातावरण, मार्गदर्शन और सुविधाओं के अनुभव साझा किए तथा बताया कि राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए अनुकूल माहौल ने उन्हें बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने का आत्मविश्वास दिया। मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों से कहा कि प्रारंभिक परीक्षा की सफलता एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, लेकिन वास्तविक लक्ष्य मुख्य परीक्षा और उसके बाद साक्षात्कार में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना है। उन्होंने विद्यार्थियों को पूरी निष्ठा, अनुशासन, समय प्रबंधन और सकारात्मक सोच के साथ तैयारी करने की सलाह देते हुए कहा कि कठिन परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता और निरंतर प्रयास ही सफलता का सबसे बड़ा आधार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक सेवाएं केवल एक प्रतिष्ठित करियर नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपेक्षा की कि वे भविष्य में प्रशासनिक दायित्व निभाते समय संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जनसेवा की भावना को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे तथा अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विशेष रूप से दूरस्थ एवं आदिवासी अंचलों के प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए अनेक पहल की जा रही हैं, ताकि प्रतिभा संसाधनों के अभाव में कभी पीछे न रह जाए। उन्होंने कहा कि द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल इसी सोच का परिणाम है, जहां प्रदेश के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिभाशाली विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। यहां उपलब्ध शैक्षणिक वातावरण, मार्गदर्शन और आवश्यक सुविधाओं का सकारात्मक परिणाम अब यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में विद्यार्थियों की लगातार बढ़ती सफलता के रूप में सामने आने लगा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का सबसे मजबूत आधार शिक्षित, जागरूक, सक्षम और संवेदनशील युवा हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का प्रत्येक प्रतिभाशाली विद्यार्थी अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़े और देश के सर्वोच्च संस्थानों एवं सेवाओं में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करे। उन्होंने सभी सफल अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए पुनः शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे आने वाले समय में प्रशासनिक सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान देंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि समाज के वंचित एवं प्रतिभाशाली युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नई दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करते हुए सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है।  इस निर्णय से प्रदेश के दूरस्थ वनांचलों, जनजातीय क्षेत्रों एवं ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों को देश की राजधानी में रहकर संघ लोक सेवा आयोग सहित अन्य प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का बेहतर अवसर प्राप्त हो रहा है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा तथा स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल भी उपस्थित थे। दोनों मंत्रियों ने विद्यार्थियों को प्रारंभिक परीक्षा में सफलता पर बधाई देते हुए मुख्य परीक्षा के लिए शुभकामनाएं दीं तथा उन्हें पूरी लगन और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उल्लेखनीय है कि  संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 के परिणामों में छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। नई दिल्ली के द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में रहकर तैयारी कर रहे 13 अभ्यर्थियों ने प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। विशेष बात यह है कि इनमें अधिकांश विद्यार्थी जनजातीय, ग्रामीण एवं सामाजिक रूप से वंचित वर्गों से आते हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी प्रतिभा, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर यह उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 में सफल होने वाले विद्यार्थियों में गौतम कुमार, कुलभूषण सिंह पोया, हरि चंद्र प्रकाश सिंह, मयंक रात्रे, मलिकराम पटेल, आर्यन राठौर, चेतन लाल, हरीश कुमार पटेल, किशन लाल साहू, सत्यनारायण चंद्राकर, सुदीक्षा दिवाकर, विकेश कुर्रे तथा प्रकाश पटेल शामिल हैं।

राम मंदिर को बम से उड़ाने की साजिश नाकाम! संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार, पाकिस्तानी नंबरों से संपर्क का खुलासा

अयोध्या  एनआईए और एटीएस ने अयोध्या के राम मंदिर को बम से उड़ाने की साजिश भंड़ाफोड़ किया है। यूपी के संदिग्ध आतंकी को कर्नाटक के दावणगेरे से गिरफ्तार किया है। संदिग्ध आतंकी ने अयोध्या में राम मंदिर को निशाना बनाने की साजिश कबूली है। आरोपी के मोबाइल फोन से पाकिस्तान के नंबर, कुछ संदिग्ध व्हाट्सएप ग्रुप और हथियारों के साथ लिए गए फोटो मिले हैं। आरोपी को गिरफ्तार कर मुकदमा दर्ज करके पूछताछ शुरू की गई है। आरोपी के संबंध में यूपी सरकार को भी सूचना भेजी गई है। इसके बाद सहारनपुर में भी छानबीन शुरू की गई है। इससे पहले दिनभर चर्चा रही कि आरोपी शाहजहांपुर का निवासी है। वहां भी कई टीमें दिनभर छानबीन में लगी रहीं। कर्नाटक के दावणगेरे जिले के हरिहर में एनआईए, एटीएस और पुलिस ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के गंगोह थाना क्षेत्र के लखनौती गांव के सुहैल को  गिरफ्तार किया। सुहैल फिलहाल हरिहर के पास औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्री में पेंटर के रूप में काम कर रहा था और सामान्य मजदूर की तरह रहकर अपनी पहचान छिपाए हुए था। आरोपी से एटीएस और पुलिस ने पूछताछ शुरू की तो उसने खुलासा किया कि अयोध्या के राम मंदिर में बम विस्फोट करने की साजिश कर रहे थे। 20 साल के सुहैल के मोबाइल की जांच के दौरान पाकिस्तान का एक नंबर सेव मिला है, जिन्हें राणा बॉय के नाम से सुरक्षित किया गया था। इन नंबरों पर व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से बातचीत की पुष्टि हुई है। आरोपी के मोबाइल गैलरी में हथियारों के साथ खिचवाए गए कुछ फोटो भी मिले हैं, जिन्हें जांच के लिए सुरक्षित किया गया है। सहारनपुर के एसपी ग्रामीण मयंक पाठक ने बताया कि बुधवार शाम कर्नाटक से थाना गंगोह एक फोन कॉल आई थी। कॉल करने वाले अधिकारी ने बताया कि सहारनपुर निवासी सुहेल के संबंध में एक ई-मेल भेजी गई है और उसे कर्नाटक में गिरफ्तार किया गया है। मामले में विस्तृत जानकारी मिलने पर जांच-पड़ताल की जाएगी। सहारनपुर रेंज के डीआईजी अभिषेक सिंह ने बताया कि किसी एजेंसी की ओर से सहयोग मांगा जाता है तो स्थानीय पुलिस आवश्यक कार्रवाई करेगी। ऐसे बनाई धमाकों की साजिश सुहैल ने खुलासा किया कि उसके साथ कई अन्य लोग भी साजिश में शामिल हैं। इन सभी लोगों को पाकिस्तान से ही निर्देश मिल रहे थे और अयोध्या के राम मंदिर में धमाकों की साजिश की जा रही थी। पता किया जा रहा है कि सुहैल के अलावा अन्य कौन कौन इस साजिश में शामिल है। माना जा रहा है कि स्लीपर सेल का इस्तेमाल इस काम के लिए किया जा रहा है। आरोपी के मोबाइल की जांच में ये भी खुलासा हुआ कि वह मैमन जट और राणा भाई संगठन का सक्रिय सदस्य है। दावणगेरे के पुलिस अधीक्षक शेखर एच. टेक्कनवार ने बताया कि आरोपी सुहैल व्हाट्सएप ग्रुप और सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तानी मूल के व्यक्तियों के संपर्क में था। ये भी बताया कि इससे पहले चार जून को भी तुमकुरु और दावणगेरे जिलों से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जो पाकिस्तानी मूल के संदिग्ध आरोपियों के संपर्क में थे। एडीजी भानु भास्कर के अनुसार कर्नाटक पुलिस ने एक संदिग्ध आतंकी सुहेल की गिरफ्तारी की सूचना भेजी है। सूचना के बाद यूपी एटीएस और एसटीएफ इस प्रकरण में स्थानीय स्तर पर कार्रवाई में लगी है। युवक के गांव और उससे संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है।

मनौली की 54 एकड़ जमीन अब गोदाम क्षेत्र में शामिल, 30 दिन तक दर्ज करा सकेंगे आपत्ति

मोहाली  पंजाब सरकार मोहाली के मास्टर प्लान में बड़ा बदलाव करने जा रही है। इसके तहत मनौली गांव की 54 एकड़ जमीन को ‘इंस्टीट्यूशनल एरिया’ से बदलकर ‘इंडस्ट्रियल और वेयरहाउस एरिया’ के अंतर्गत लाने का प्रस्ताव है। इस संबंध में प्रारंभिक प्रस्ताव तैयार कर लिया गया। अंतिम निर्णय से पहले विभाग ने लोगों की राय जानने का फैसला लिया है। इसके लिए अगले 30 दिनों तक नागरिक अपने सुझाव दे सकेंगे। इसके बाद सरकार आगे की प्रक्रिया शुरू करेगी। माना जा रहा है कि इस बदलाव से इलाके के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। लोगों की लंबे समय से थी मांग मनौली गांव के लोगों ने सरकार के समक्ष यह मुद्दा उठाया था कि गांव में शिक्षा और संस्थागत गतिविधियों के लिए निर्धारित क्षेत्र चारों ओर से फैक्ट्रियों और गोदामों से घिरा हुआ है। इस वजह से वहां कोई बड़ा संस्थान या कॉलेज सही तरीके से विकसित नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस क्षेत्र को भी औद्योगिक और वेयरहाउस ज़ोन में शामिल कर दिया जाए, तो स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और पूरे इलाके के विकास को गति मिलेगी। 54 एकड़ जमीन को लेकर ही विवाद था इस मांग के बाद जब टाउन प्लानिंग विभाग (DTP) ने जांच की, तो पाया गया कि मनौली गांव का अधिकांश हिस्सा पहले से ही औद्योगिक और वेयरहाउस गतिविधियों के लिए उपयोग में लाया जा रहा है। केवल 54 एकड़ जमीन ही इंस्टीट्यूशनल एरिया के रूप में बची हुई है। पास के सेक्टर-81 और सेक्टर-83 में पहले से ही IISER और ISB जैसे बड़े संस्थान मौजूद हैं। इसके अलावा आईटी सिटी (सेक्टर-82 अल्फा) और मोहाली के अन्य सेक्टरों में भी विश्वविद्यालयों और अस्पतालों के लिए पर्याप्त भूमि आवंटित की जा चुकी है। इसी को देखते हुए सरकार ने ग्रामीणों की मांग पर इस 54 एकड़ भूमि को भी औद्योगिक और वेयरहाउस क्षेत्र में बदलने का प्रस्ताव तैयार किया है। यहां डिस्प्ले होंगे नक्शे सरकार ने इस संबंध में तैयार किया गया नक्शा PUDA की आधिकारिक वेबसाइट www.puda.gov.in पर अपलोड कर दिया है। इसके अलावा इसे छह प्रमुख कार्यालयों में भी प्रदर्शित किया जाएगा। इनमें मुख्य प्रशासक, GMADA, डिप्टी कमिश्नर (DC) कार्यालय, मुख्य टाउन प्लानर, PUDA भवन सेक्टर-62, वरिष्ठ टाउन प्लानर (STP), PUDA भवन तथा जिला टाउन प्लानर (DTP) का कार्यालय शामिल है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस पर सुझाव या आपत्तियां केवल लिखित रूप में ही स्वीकार की जाएंगी।  

आमसभा के दौरान उपसरपंच की पिटाई, सरपंच के बेटे सहित कई लोगों पर लगे गंभीर आरोप

अभनपुर. ग्राम पंचायत जौंदी में आयोजित आमसभा के दौरान उपसरपंच के साथ कथित रूप से मारपीट और अभद्रता का मामला सामने आया है। उपसरपंच पोखन लाल यदु ने थाना गोबरा नवापारा में शिकायत दर्ज कराते हुए सरपंच पुत्र सहित कई लोगों पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, 24 जून को ग्राम पंचायत जौंदी में आमसभा आयोजित की गई थी। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची को लेकर चर्चा हो रही थी। बताया गया कि सूची में कुल 169 हितग्राहियों के नाम थे, जिनमें से 120 लोगों के नाम शामिल नहीं होने पर कुछ ग्रामीणों द्वारा उपसरपंच पर नाम कटवाने का आरोप लगाया गया। उपसरपंच का आरोप उपसरपंच का आरोप है कि इसी बात को लेकर टोमन लाल साहू ने सभा में लोगों को उनके खिलाफ भड़काया। बैठक समाप्त होने के दौरान कथित रूप से उनका कॉलर पकड़कर पंचायत भवन के बाहर ले जाया गया, जहां चिंतामणि, टोमन साहू, मिथलेश साहू, अलखराम साहू, बैतल साहू, लेखराम साहू, प्रहलाद साहू और एस कुमार सहित अन्य लोगों ने उनके साथ मारपीट की। शिकायत में कहा गया है कि मारपीट के दौरान उनके कपड़े फाड़ दिए गए और उनकी मोटरसाइकिल को भी गिरा दिया गया। घटना का वीडियो ग्रामीण चेतन साहू द्वारा बनाए जाने की बात भी कही गई है। उपसरपंच ने बताया कि मारपीट के कारण उनके जबड़े में चोट आई है और दर्द बना हुआ है। मामले की निष्पक्ष जांच की मांग पोखन लाल यदु ने यह भी आरोप लगाया है कि इससे पहले हुई पंचायत बैठकों में भी उनके साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट का प्रयास किया जा चुका है। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि पंचायत की आमसभा में हुई इस मारपीट की घटना पर पुलिस क्या कार्रवाई करती है और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।

‘संविधान की आत्मा को कांग्रेस ने कुचला’ : CM साय का तीखा वार, राजनीति गरमाई

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संविधान हत्या दिवस पर कांग्रेस पर करारा हमला बोला है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने 25 जून 1975 को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का ‘काला दिवस’ करार दिया। CM साय ने तत्कालीन इंदिरा गांधी सरकार पर आपातकाल थोपने का आरोप लगाया। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा सत्ता के अहंकार में संविधान की आत्मा को कुचला गया। MISA के तहत हजारों लोकतंत्र सेनानी और पत्रकार जेल भेजे गए। PM मोदी के फैसले का किया स्वागत उन्होंने कहा कि 25 जून लोकतंत्र का काला दिवस है। आइए, हम सब मिलकर इस दिन संविधान की रक्षा करने का दृढ़ संकल्प लें। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 25 जून को संविधान हत्या दिवस घोषित किए जाने के फैसले का स्वागत किया। 25 जून 1975 – भारतीय लोकतंत्र का वह काला दिवस, जब प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार के सत्ता के अहंकार ने संविधान की आत्मा को कुचलकर पूरे देश पर आपातकाल थोप दिया।