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काशी में सजी भारतीय क्रिकेटर आकाशदीप की शादी, अक्षिता राज संग लिए सात फेरे

काशी रतीय क्रिकेट टीम के स्टार तेज गेंदबाज आकाशदीप सिंह बुधवार को काशी में अपनी मंगेतर अक्षिता राज के साथ शादी के अटूट बंधन में बंध गए हैं. वाराणसी के फाइव स्टार होटल में आयोजित शादी में परंपराओं और आधुनिक भव्यता का एक अनूठा संगम देखने को मिला. आकाशदीप की जिंदगी के अहम दिन पर खेल, राजनीति और मनोरंजन जगत की कई बड़ी हस्तियां शरीक हुईं. सभी ने कपल को नए सफर की शुभकामनाएं दीं।   भोजपुरी पावर स्टार पवन सिंह भी आकाशदीप और अक्षिता की शादी में रंग जमाने पहुंचे. उन्होंने शादी में जमकर डांस करने के अलावा न्यूली मैरिड कपल को बधाई दी।  पवन सिंह ने जमाया रंग  सोशल मीडिया पर आकाशदीप की वेडिंग फोटोज और वीडियोज धल्लड़े से वायरल हो रहे हैं. एक फोटो में पवन सिंह न्यूली मैरिड के साथ पोज देते नजर आ रहे हैं. पवन सिंह जिस तरह क्रिकेटर की शादी का हिस्सा बने, उसे देखकर साफ पता चल रहा है कि वो आकाशदीप से काफी क्लोज बॉन्ड शेयर करते हैं. आकाशदीप ने भी पवन सिंह के स्वागत में किसी तरह की कमी नहीं रखी. वो स्टेज पर पवन सिंह का वेलकम करते दिखे।  यही नहीं आकाशदीप ने वेडिंग डे पर पवन सिंह की जमकर तारीफ भी की. क्रिकेटर ने कहा कि आप ने जिस तरह भोजपुरी को आगे लेकर गए, आज हम लोगों को हर जगह सम्मान और गर्व मिलता है. ये सिर्फ और सिर्फ आपकी वजह से है. इसके लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद. बहुत सौभाग्यशाली हूं. आपको अपनी जिंदगी में सुन पाया, ये बहुत बड़ी बात है।    जवाब में पवन सिंह ने कहा कि मैं सिर्फ यही जानता हूं और कहना चाहूंगा, आकाश मेरे प्यारे भाई आपके बडे़ भाई होने के नाते यही कहूंगा कि इतने लोगों के बीच में नो थैंक्यू, नो धन्यवाद सिर्फ लव यू. इसके बाद दोनों एक-दूसरे को गले लगा लेते हैं।  क्रिकेटर की शादी में पवन सिंह को देखकर उनके चाहने वालों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. एक ने लिखा कि भोजपुरी सिनेमा और इंडियन क्रिकेटर का मिलन उम्मीद से परे है. अन्य ने लिखा कि पवन भइया किंग. कई लोगों ने फायर लिखा और कुछ ने कहा कि पवन सिंह का कोई जोड़ नहीं है।  बता दें कि आकाशदीप और उनकी दुल्हन अक्षिता राज बिहार के सासाराम के रहने वाले हैं. इस वजह से पवन सिंह से उनका गहरा संबंध है।   

जेपी नड्डा से मिले CM विष्णुदेव साय, स्वास्थ्य सेवाओं और किसानों के मुद्दों पर हुई अहम चर्चा

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, स्वास्थ्य सेवाओं और किसानों के लिए खाद-बीज उपलब्धता पर हुई विस्तृत चर्चा रायपुर /नई दिल्ली  छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा से उनके आवास पर शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान जनस्वास्थ्य, चिकित्सा अधोसंरचना, औषधि एवं उर्वरक क्षेत्र सहित विभिन्न विभागीय और समसामयिक विषयों पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री साय ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। विशेष रूप से दूरस्थ, ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य चिकित्सा संस्थानों को मजबूत बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के नागरिकों को बेहतर उपचार और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं अपने ही राज्य में उपलब्ध हों। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि और उर्वरक क्षेत्र से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को जानकारी दी कि राज्य में किसानों को खाद और बीज की पर्याप्त एवं समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े तथा खरीफ सीजन के दौरान आवश्यक कृषि आदानों की आपूर्ति सुचारु रूप से बनी रहे। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि खाद वितरण व्यवस्था पर सतत निगरानी रखी जाए और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा लापरवाही को कतई बर्दाश्त न किया जाए। साथ ही गांव-गांव अभियान चलाकर किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने तथा नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को यह भी अवगत कराया कि राज्य सरकार नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। किसानों को इनके लाभों की जानकारी देने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि खेती में उत्पादन क्षमता बढ़े, लागत कम हो और कृषि अधिक लाभकारी बन सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भारत सरकार के पूर्ण सहयोग से स्वास्थ्य, कृषि और जनकल्याण के क्षेत्रों में विकास को नई गति देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य के समग्र विकास के लिए केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय को और मजबूत किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, किसानों के हित में उठाए जा रहे कदमों तथा जनकल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने स्वास्थ्य एवं अन्य विकासात्मक क्षेत्रों में केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

मेक्सिको ने रचा इतिहास, हैती के प्रदर्शन ने बटोरी सुर्खियां, स्विट्जरलैंड ने भी दर्ज की बड़ी जीत

मैक्सिको  फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) के ग्रुप राउंड के मुकाबलों में गुरुवार को कई यादगार नतीजे देखने को मिले. मैक्सिको ने चेक रिपब्लिक को 3-0 से हराकर पहली बार वर्ल्ड कप के ग्रुप स्टेज के तीनों मैच जीतने का कारनामा किया. वहीं 52 साल बाद वर्ल्ड कप में लौटी हैती की टीम मोरक्को से हार गई, लेकिन दो गोल दागकर अपने फैन्स को जश्न मनाने का मौका दे गई।  उधर स्विट्जरलैंड ने कनाडा को 2-1 से हराकर ग्रुप-B में पहला स्थान हासिल किया, जबकि बोस्निया-हर्जेगोविना ने कतर को 3-1 से हराकर नॉकआउट राउंड में पहुंचने की उम्मीदों को मजबूत कर लिया।  मैक्सिको ने पहली बार जीते ग्रुप स्टेज के तीनों मैच ग्रुप-A का विजेता पहले ही बन चुका मैक्सिको चेक रिपब्लिक के खिलाफ भी पूरी तरह हावी रहा. दूसरे हाफ में 22 वर्षीय मातेओ चावेज ने 55वें मिनट में गोल कर टीम को बढ़त दिलाई. इसके छह मिनट बाद जूलियन क्विनोनेस ने टूर्नामेंट का अपना दूसरा गोल दागकर स्कोर 2-0 कर दिया।  इंजरी टाइम में अल्वारो फिडाल्गो ने तीसरा गोल कर जीत पर मुहर लगा दी. मैक्सिको ने पहली बार वर्ल्ड कप के ग्रुप राउंड में तीनों मुकाबले जीते हैं. इससे पहले उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1986 और 2002 में रहा था, जब टीम ने दो जीत और एक ड्रॉ हासिल किया था।  इस मुकाबले में 17 वर्षीय गिल्बर्टो मोरा मैक्सिको के लिए वर्ल्ड कप शुरू करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने. वहीं 40 वर्षीय गोलकीपर गुइलेर्मो ओचोआ ने अपना छठा वर्ल्ड कप खेलकर लियोनेल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो जैसे दिग्गजों की बराबरी कर ली।  हार के बावजूद हैती के लिए यादगार रहा दिन 52 साल बाद वर्ल्ड कप खेलने उतरी हैती की टीम मोरक्को से 4-2 से हार गई, लेकिन उसके दो गोल पूरे देश के लिए गर्व का कारण बन गए।  10वें मिनट में लेनी जोसेफ के शानदार प्रयास से मोरक्को के गोलकीपर यासीन बूनू के खाते में आत्मघाती गोल दर्ज हुआ और हैती ने बढ़त बना ली. इसके बाद विल्सन इसाडोर ने 43वें मिनट में दूसरा गोल कर टीम को फिर बढ़त दिला दी।  हालांकि मोरक्को ने लगातार तीन गोल दागकर मैच अपने नाम कर लिया और नॉकआउट राउंड में जगह बना ली. इसके बावजूद हजारों हैती समर्थकों ने पूरी रात अपनी टीम का उत्साह बढ़ाया. हैती के कोच सेबेस्टियन मिग्ने ने कहा कि टीम ने साबित किया कि वह इस मंच पर खेलने की हकदार है और अब 52 साल का इंतजार दोबारा नहीं होना चाहिए।  स्विट्जरलैंड ने कनाडा की उम्मीदों पर फेरा पानी ग्रुप-B के निर्णायक मुकाबले में स्विट्जरलैंड ने मेजबान कनाडा को 2-1 से हराकर टॉप पोजीशन हासिल कर ली. दूसरे हाफ की शुरुआत के महज 40 सेकंड बाद रूबेन वर्गास ने गोल कर स्विस टीम को बढ़त दिलाई. इसके बाद 20 वर्षीय जोहान मंजांबी ने 57वें मिनट में गोल कर स्कोर 2-0 कर दिया।  कनाडा की ओर से प्रॉमिस डेविड ने 76वें मिनट में गोल कर वापसी की कोशिश की, लेकिन टीम बराबरी नहीं कर सकी. हार के बावजूद कनाडा ने पहली बार वर्ल्ड कप के नॉकआउट राउंड में जगह बनाई है. अब उसका मुकाबला राउंड ऑफ-32 में साउथ अफ्रीका से होगा।  बोस्निया ने बढ़ाई नॉकआउट की उम्मीद सिएटल में खेले गए मुकाबले में बोस्निया-हर्जेगोविना ने कतर को 3-1 से हराकर टूर्नामेंट में अपनी उम्मीदें जिंदा रखीं. 18 वर्षीय केरिम अलायबेगोविच ने 29वें मिनट में गोल कर टीम को बढ़त दिलाई और वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे युवा गोल स्कोररों में शामिल हो गए. इसके बाद कतर के सुल्तान अल-ब्रेक के आत्मघाती गोल ने बोस्निया की बढ़त दोगुनी कर दी।  कतर ने हसन अल हायडोस के गोल से वापसी की कोशिश की, लेकिन 80वें मिनट में एरमिन माहमिक ने तीसरा गोल कर मुकाबला खत्म कर दिया. तीसरे स्थान पर रहने वाली बोस्निया अब सर्वश्रेष्ठ थर्ड-प्लेस टीमों में शामिल होकर राउंड ऑफ-32 में पहुंचने की मजबूत दावेदार बन गई है। 

मध्यप्रदेश एथलेटिक्स अकादमी के देव मीणा का कमाल, राष्ट्रीय चैंपियनशिप में ऐतिहासिक उपलब्धि

65वीं राष्ट्रीय अंतर्राज्यीय सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में मध्यप्रदेश एथलेटिक्स अकादमी के देव मीणा ने रचा इतिहास स्वर्ण पदक के साथ बनाया नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड, एशियाई खेल 2026 के लिए किया क्वालीफाई भोपाल भुवनेश्वर में 24 से 28 जून 2026 तक आयोजित 65वीं राष्ट्रीय अंतर्राज्यीय सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप के प्रथम दिवस सायंकालीन सत्र में मध्यप्रदेश राज्य एथलेटिक्स अकादमी के खिलाड़ी देव मीणा ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए पोल वॉल्ट स्पर्धा में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। देव ने न केवल नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया, बल्कि आगामी एशियाई खेल 2026 के लिए भी क्वालीफाई कर भारतीय एथलेटिक्स में मध्यप्रदेश की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। उनकी इस उपलब्धि ने प्रतियोगिता के पहले ही दिन प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर गौरव का अवसर प्रदान किया। देव मीणा ने बनाया नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड पोल वॉल्ट स्पर्धा में देव मीणा ने 5.46 मीटर की ऊंचाई पार करते हुए स्वर्ण पदक अर्जित किया। इस शानदार प्रदर्शन के साथ उन्होंने नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी स्थापित किया। देव की इस उपलब्धि ने उन्हें देश के शीर्ष पोल वॉल्टरों की श्रेणी में स्थापित कर दिया है। एशियाई खेल 2026 के लिए किया क्वालीफाई राष्ट्रीय रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीतने वाले देव मीणा ने आगामी एशियाई खेल 2026 के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत करियर की बड़ी सफलता है, बल्कि मध्यप्रदेश और देश के लिए भी गर्व का विषय है। प्रदेश की एथलेटिक्स प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन देव मीणा का यह प्रदर्शन दर्शाता है कि मध्यप्रदेश की खेल अकादमियों में खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उनकी सफलता खिलाड़ियों की मेहनत, समर्पण और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। खेल मंत्री श्री सारंग ने दी बधाई खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने देव मीणा को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाना और एशियाई खेलों के लिए क्वालीफाई करना प्रदेश के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देव आगामी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी देश और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा देव मीणा की यह उपलब्धि प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रशिक्षण के बल पर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों को प्राप्त किया जा सकता है।  

PMO ने मांगा राम मंदिर चंदे का ब्योरा, ट्रस्ट ने कहा- मामला जांच के दायरे में

अयोध्या अयोध्या के राम मंदिर में दान और चढ़ावे में हेराफेरी व चोरी मामले अब नया खुलासा हुआ है.  श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से जिला प्रशासन को संदर्भित पत्र पर एसआइटी जांच का हवाला देते हुए वित्तीय जानकारी देने से इन्कार कर दिया है।  प्रधानमंत्री कार्यालय ने अयोध्या के स्थानीय बीजेपी नेता रजनीश सिंह के द्वारा लिखे गए पत्र पर जब जिला प्रशासन ने राममंदिर ट्रस्ट से आय-व्यय, दान, बैंक खातों, जमीन के लेन-देन और संपत्ति के बारे में जानकारी मांगी तो  जांच का हवाला देकर ट्रस्ट ने आए हुए संपत्ति का विवरण देने से मना कर दिया।  बीजेपी नेता रजनीश सिंह ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय लेनदेन चंदा चढ़ना और जमीन खरीद फरोख्त में गड़बड़ियों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था. रजनीश सिंह ने पीएमओ से मांग की थी कि मंदिर ट्रस्ट को निर्देश दिया जाए कि वह अब तक के वित्तीय लेनदेन और संपत्ति की जानकारी सार्वजनिक करे।   बीजेपी नेता ने पीएमओ से की शिकायत राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले को लेकर बीजेपी के स्थानीय नेता डा. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री कार्यलय को दो बार पत्र लिखा. रजनीश सिंह ने पहली बार नौ जून को प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखा था।  उन्होंने मांग की थी कि मंदिर ट्रस्ट को निर्देश दिया जाए कि वह अपनी शुरुआत से लेकर अब तक के वित्तीय लेनदेन और संपत्ति की पूरी जानकारी सार्वजनिक करे. इसके बाद दूसरी बार उन्होंने 12 जून को एक और पत्र लिखकर राम मंदिर के चढ़ावा को सार्वजनिक करने की मांगी की. 13 जून को एसआईटी गठित कर दी गई थी।  पीएमओ ने मांगा ट्रस्ट के चंदे का हिसाब बीजेपी नेता के पत्र को संज्ञान में लेते हुए प्रधानमंत्री कार्यलय (पीएमओ) ने जिला प्रशासन को संदर्भित किया.  पीएमओ को मिली शिकायत के लिए अयोध्या जिला प्रशासन को भेजा गया था. जिला प्रशासन ने इस मामले को लेकर श्रीराम मंदिर ट्रस्ट से संपर्क किया।   सूत्रों की मुताबिक 23 जून को अयोध्या के एडीएम (प्रशासन) विशु राजा को लिखे एक पत्र में एडीएम (कानून-व्यवस्था) इंद्रकांत द्विवेदी ने कहा कि उन्होंने पीएमओ द्वारा शिकायत में मांगी गई जानकारी के लिए राम मंदिर ट्रस्ट के चंपतराय से संपर्क किया था।  चंपत राय ने नहीं दिया चंदे का हिसाब  अयोध्या एडीएम (कानून-व्यवस्था) इंद्रकांत द्विवेदी के मुताबिक चंपत राय ने यह कहकर कुछ भी जानकारी देने से मना कर दिया कि फिलहाल एसआईटी जांच चल रही है  और जांच पैनल सभी जरूरी रिकार्ड और जानकारी इकट्ठा कर रहा है.  इसीलिए अभी मांगी गई जानकारी नहीं दी जा सकती।  पीएमओ को बीजेपीके  नेता रजनीश सिंह के द्वारा भेजी गई शिकायत में कई जानकारियों को सार्वजनिक करने की मांग की गई थी. इनमें 'समर्पण निधि' अभियान के जरिए इकट्ठा किए गए कोष, अलग-अलग तरीकों से मिले दान, सोना, चांदी और गहनों के रूप में मिले योगदान, बैंक खाते और वित्तीय लेन-देन, जमीन की खरीद-बिक्री, मंदिर निर्माण और प्रशासन पर खर्च, और आडिट व निरीक्षण रिपोर्ट शामिल हैं।   

NEP-2020 को लेकर मंत्री परमार का बड़ा बयान, बोले- शोध और नवाचार में महाविद्यालयों की भूमिका अहम

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने में महाविद्यालयों की भूमिका महत्वपूर्ण : मंत्री परमार मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय, भोपाल की शोध पत्रिका एवं जर्नल का विमोचन भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, विद्यार्थियों को केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उन्हें नवाचार, अनुसंधान, कौशल विकास एवं राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त करती है। उच्च शिक्षा संस्थानों में शोध की सशक्त संस्कृति विकसित होने से विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता प्राप्त होगी तथा देश के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। उच्च शिक्षा मंत्री परमार बुधवार को भोपाल स्थित अपने निवास कार्यालय में शासकीय मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय, भोपाल द्वारा प्रकाशित शोध पत्रिका एवं जर्नल का विमोचन कर अपने विचार साझा कर रहे थे। मंत्री परमार ने कहा कि शोध पत्रिकाएं एवं जर्नल ज्ञान के सृजन, संरक्षण एवं प्रसार के महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे प्रकाशनों से विद्यार्थियों और शोधार्थियों को अपने शोध कार्यों को व्यापक मंच प्रदान करने का अवसर मिलता है तथा गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान को प्रोत्साहन मिलता है। उन्होंने महाविद्यालय द्वारा शोध, नवाचार एवं अकादमिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का मूल उद्देश्य शिक्षा को रोजगारपरक, शोधोन्मुख एवं समाजोपयोगी बनाना है। मंत्री परमार ने महाविद्यालय परिवार को बधाई देते हुए कहा कि शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में ऐसे प्रयास प्रदेश की उच्च शिक्षा को नई दिशा प्रदान करेंगे तथा विद्यार्थियों को ज्ञान, कौशल और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होंगे। उल्लेखनीय है कि शासकीय मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय, भोपाल द्वारा "रोजगारपरक शिक्षा के विविध आयाम" विषय पर राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया था। इस वेबिनार का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप शिक्षा को रोजगारपरक बनाने, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को जागरूक करने तथा शिक्षण संस्थानों, शोध एवं उद्योग जगत के मध्य समन्वय स्थापित करना था। वेबिनार में देशभर के विभिन्न शिक्षाविदों, शोधार्थियों एवं विशेषज्ञों की सहभागिता रही तथा 54 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए, जिन्हें समीक्षित एवं संकलित कर शोध जर्नल के रूप में प्रकाशित किया गया। इस अवसर पर शासकीय मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. गीता मोदी, समन्वयक डॉ. अलका प्रधान, डॉ. आर. एस. रघुवंशी, शोध एवं प्रकाशन समिति के सदस्य डॉ. चन्द्रभान माकोड़े, डॉ. उमाशंकर पटेल, डॉ. नीतू शर्मा तथा डॉ. एल.एन. गौड़ सहित महाविद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित थे।  

अंतरराष्ट्रीय MSME दिवस पर 27 जून को होगा ‘सशक्त उद्यमी-समृद्ध मध्यप्रदेश’ समिट

अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस 27 जून को सशक्त उद्यमी-समृद्ध मध्यप्रदेश समिट रवीन्द्र भवन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव होंगे शामिल 2000 प्रतिभागी-विभागों की प्रगति की प्रदर्शनी और 3 विशेष सत्र होंगे आकर्षण भोपाल  अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस 2026 पर 'सशक्त उ‌द्यमी समृद्ध मध्यप्रदेश समिट' शनिवार 27 जून  को रविन्द्र भवन, भोपाल में आयोजित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। कार्यक्रम का आयोजन सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्‌यम विभाग द्वारा किया जा रहा है। सू्क्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप और मुख्य सचिव अनुराग जैन समिट में विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। उद्योग आयुक्त दिलीप कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव भूमि आवंटन, भूमिपूजन, लोकार्पण तथा एमएसएमई, स्टार्टअप एवं स्वरोजगार लाभार्थियों को चेक प्रदान करेंगे। समिट में खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र एवं परिधान तथा अभियांत्रिकी क्षेत्रों के एमएसएमई के लिए बायर-सेलर मीट आयोजित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एमएसएमई प्रदर्शनी एवं ईज़ ऑफ डूइंग क्लिनिक का उ‌द्घाटन करेंगे। प्रदर्शनी में लगभग 50 स्टॉल होंगे, जिनमें एमएसएमई, स्टार्टअप, विभागीय स्टॉल, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, ओ.डी.ओ.पी, योजना लाभार्थी, महिला स्व-सहायता समूह, सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी भोपाल, एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर भोपाल, भारतीय मानक ब्यूरो, GeM, राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (एन.आइ.टी.टी.आर) तथा बैंकों के प्रतिनिधि सम्मिलित रहेंगे, जो प्रतिभागियों को संबंधित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी प्रदान करेंगे। पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पी.एफ.आर.डी.ए) भी समिट में भाग लेंगे। मुख्य सत्र में प्रमुख सचिव एमएसएमई राघवेन्द्र कुमार सिंह स्वागत उद्‌बोधन देंगे। इस दौरान एमएसएमई, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण एवं कुटीर उद्‌योग, पर्यटन, विज्ञान एवं प्रौद्‌योगिकी, एसआरएलएम (पंचायत एवं ग्रामीण विकास) तथा आईपीआईपी विभागों की विगत ढाई वर्ष की उपलब्धियों एवं आगामी ढाई वर्ष की कार्ययोजना पर आधारित लघु वीडियो फिल्म का प्रदर्शन किया जाएगा। एमएसएमई एवं स्टार्टअप्स के समर्थन के लिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ एमओयू का आदान-प्रदान किया जाएगा, जिनमें आरएजेडओआरपीएवाय (आरजीपीएक्स प्रा. लि.). प्लग एण्ड प्ले इंडिया प्रा. लि. तथा बीआईसीसीआई (बैकवर्ड क्लासेज़ इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री) सम्मिलित है। एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप और मुख्य सचिव अनुराग जैन भी समिट को संबांधित करेंगे। समिट में राज्य के उद्‌यमशील पारिस्थितिकी तंत्र के 2000 से अधिक प्रतिभागियों, जिनमें एमएसएमई, उ‌द्यमी, स्टार्टअप, वित्तीय संस्थान, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म एवं महिला स्व-सहायता को एक ही सशक्त मंच दिया गया है। समिट में विगत ढाई वर्षों की समस्त संबद्ध विभागीय उपलब्धियों तथा आगामी ढाई वर्षों की कार्ययोजना प्रदर्शित होगी। एमओयू का आदान-प्रदान, राज्य में एमएसएमई एवं स्टार्टअप्स के लिए उपलब्ध संस्थागत सहयोग को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कई कार्यक्रम होंगे।  3 विषयगत सत्र भी होंगे समिट में तीन विषयगत सत्र आयोजित किए जाएंगे। प्रथम सत्र, ' नये बाजार, नई उडान' (एमएसएमई एवं एसएचजी के लिए नए बाजार अवसर) में एफआईईओ, सीएसआईआर-एएमपीआरआई ओएनडीसी, ईसीजीसी एवं इंडिया पोस्ट के पैनलिस्ट भाग लेंगे। दवितीय सत्र 'पूंजी तक पहुँच' (फंडिंग द नेक्स्ट जनरेशन एमएसएमई), में एनपीसीएल, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, आरएक्सआईएल ट्रेन्ड्स प्लेटफॉर्म, आरएजेडओआरपीएवाय एवं नाबार्ड के पैनलिस्ट सम्मिलित हैं। तृतीय सत्र 'ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टेण्डर्ड' (बीआईएस) के सहयोग से उत्पाद गुणवत्ता पर होगा। उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ‌द्वारा अप्रैल 2017 में पारित संकल्प के माध्यम से प्रत्येक वर्ष 27 जून को 'सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्‌यम दिवस" के रूप में घोषित किया गया है। यह दिवस सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजीएस) की प्राप्ति में एमएसएमई की अत्यधिक महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति जागरुकता बढ़ाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। यह वर्ष अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के आयोजन का दसवां वर्ष है।

मजदूरी के अंधेरे से शिक्षा की रोशनी तक, आयोग का संवेदनशील और सफल प्रयास – डॉ वर्णिका शर्मा

गर्व नहीं मर्म प्राथमिकता:- डॉ वर्णिका शर्मा मजदूरी के अंधेरे से शिक्षा की रोशनी तक, आयोग का संवेदनशील और सफल प्रयास – डॉ वर्णिका शर्मा बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराए गए 13 बैगा बच्चों की शिक्षा में हुई वापसी- डॉ वर्णिका शर्मा रायपुर  छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के संवेदनशील प्रयासों और सतत निगरानी के परिणामस्वरूप कबीरधाम जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) बैगा समुदाय के 13 बच्चों को न केवल बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराया गया, बल्कि उन्हें पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से भी जोड़ दिया गया है। उल्लेखनीय है कि मई 2026 में कबीरधाम जिले के भोरमदेव क्षेत्र के थुहापानी गांव तथा कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के आसपास स्थित पशुपालन फार्मों में मानव तस्करी और बाल श्रम का एक गंभीर मामला सामने आया था। 8 से 15 वर्ष आयु के 13 बैगा आदिवासी बच्चों को कथित रूप से परिवारों को आर्थिक प्रलोभन देकर ले जाया गया था और उनसे मवेशी चराने सहित विभिन्न कार्य कराए जा रहे थे। बच्चों से सुबह से देर रात तक काम लिया जाता था तथा उन्हें उचित मजदूरी और मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही थीं। मामले की जानकारी मिलने पर कवर्धा पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग, चाइल्डलाइन तथा एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन (AVA) के संयुक्त अभियान के माध्यम से सभी 13 बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। इस प्रकरण में पुलिस ने 2 मानव तस्करों एवं 6 नियोक्ताओं सहित कुल 8 आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई भी की। मामला सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इसे गंभीरता से लेते हुए बच्चों के पुनर्वास, शिक्षा और संरक्षण को प्राथमिकता दी। आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के निर्देश पर संबंधित विभागों से लगातार जानकारी ली गई तथा यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए गए कि कोई भी बच्चा दोबारा शोषण का शिकार न हो। आयोग के निर्देशों के पालन में विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बोड़ला द्वारा 10 जून 2026 को भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार रेस्क्यू किए गए सभी 13 बैगा बच्चों का विद्यालयों में पुनः प्रवेश करा दिया गया है। साथ ही उन्हें शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। इस अवसर पर डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि हर बच्चे का बचपन, शिक्षा और सुरक्षित भविष्य उसका संवैधानिक अधिकार है। बंधुआ मजदूरी और मानव तस्करी जैसी अमानवीय घटनाओं के लिए समाज में कोई स्थान नहीं है। इन बच्चों की स्कूल वापसी केवल प्रवेश की औपचारिकता नहीं, बल्कि उनके सपनों, आत्मसम्मान और उज्ज्वल भविष्य की पुनर्स्थापना है।

मेधावी प्रतिभाओं का सम्मान: शिक्षा, संस्कार और चेतना के संगम से सजा प्रेरक आयोजन

मेधावी प्रतिभाओं का अभिनंदन : शिक्षा, संस्कार और चेतना के संगम का बना प्रेरक आयोजन भोपाल  प्रतिभा जब सम्मान पाती है तो वह केवल व्यक्ति का उत्साह नहीं बढ़ाती, बल्कि समाज के भविष्य को दिशा देती है। इसी भाव को साकार करते हुए मध्यप्रदेश प्रेस क्लब एवं महर्षि संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में शहर के मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान में एक भव्य एवं गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। यह आयोजन केवल पुरस्कार वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शिक्षा, संस्कार, चेतना और राष्ट्र निर्माण के संकल्प का उत्सव बन गया। समारोह के मुख्य अतिथि वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एवं पूर्व कमिश्नर शहडोल संभाग डॉ.राजीव शर्मा रहे। विशिष्ट अतिथियों में महर्षि संस्थान के डायरेक्टर श्री मनीष सिन्हा, मध्यप्रदेश प्रेस क्लब के अध्यक्ष डॉ.नवीन आनंद जोशी, संयुक्त सचिव अजय सिंह तथा मीडिया टुडे के डायरेक्टर अनुज यादव उपस्थित रहे। मध्यप्रदेश प्रेस क्लब के अध्यक्ष डॉ.नवीन आनंद जोशी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए शिक्षा को केवल अंक प्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का आधार बताया। उन्होंने कहा कि आज का विद्यार्थी ही कल का विचारक, नीति निर्माता और समाज का नेतृत्वकर्ता होगा। इसलिए युवाओं में ज्ञान के साथ संस्कार, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास भी उतना ही आवश्यक है। डॉ.जोशी ने अपने उद्बोधन में मध्यप्रदेश प्रेस क्लब द्वारा समाजहित, जनजागरण, शिक्षा प्रोत्साहन एवं सकारात्मक सामाजिक चेतना के लिए देशभर में संचालित विविध अभियानों और आयोजनों की जानकारी देते हुए कहा कि पत्रकारिता केवल समाचारों का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने का दायित्व भी निभाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अध्ययन के साथ मानवीय मूल्यों और राष्ट्रीय चेतना को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) बैंड की देशभक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुति रही। मधुर सैन्य धुनों ने पूरे वातावरण को राष्ट्रीय भाव से ओतप्रोत कर दिया और उपस्थित विद्यार्थियों, अभिभावकों तथा अतिथियों में उत्साह का संचार किया। इस अवसर पर महर्षि संस्थान द्वारा ट्रांसेंडेंटल मेडिटेशन (भावातीत ध्यान) की अवधारणा प्रस्तुत करते हुए विद्यार्थियों को बताया गया कि मानसिक शांति, एकाग्रता और आंतरिक चेतना का विकास आधुनिक शिक्षा का महत्वपूर्ण आधार है। संस्थान के विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को बौद्धिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक संतुलन के महत्व से भी अवगत कराया। अजय सिंह ने विद्यार्थियों को तकनीक के विवेकपूर्ण उपयोग और परिवार व शिक्षकों के साथ सतत संवाद बनाए रखने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में उपस्थित विद्यालयों के प्राचार्यों एवं अभिभावकों ने विद्यार्थियों को सम्मानित करने की इस अभिनव पहल के लिए मध्यप्रदेश प्रेस क्लब एवं महर्षि संस्थान की सराहना की तथा इसे समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने वाला आयोजन बताया। कार्यक्रम का संचालन महर्षि संस्थान के  उद्घोषक प्रियम पटेरिया ने किया। अंत में राष्ट्र निर्माण में शिक्षा, संस्कार, अनुशासन और सकारात्मक चिंतन की भूमिका को रेखांकित करते हुए समारोह का समापन हुआ। यह आयोजन इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि जब प्रतिभा को सम्मान, शिक्षा को मूल्य और युवाओं को सही दिशा मिलती है, तब एक सशक्त राष्ट्र की नींव तैयार होती है।

राजनांदगांव में 76 करोड़ का GST घोटाला! फर्जी बिल ट्रेडिंग का भंडाफोड़, संचालक गिरफ्तार

राजनांदगांव में 76 करोड़ रुपये की फर्जी बिल ट्रेडिंग का खुलासा, संचालक गिरफ्तार राज्य कर विभाग की बड़ी कार्रवाई, 8.22 करोड़ रुपये की संदिग्ध आईटीसी का मामला उजागर रायपुर राज्य कर विभाग (स्टेट जीएसटी), छत्तीसगढ़ द्वारा कर चोरी एवं फर्जी बिलिंग के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए राजनांदगांव स्थित मैसर्स आदेश्वर ट्रेड लिंक के संचालक आदेश्वर चौरड़िया को गिरफ्तार किया गया है। विभागीय जांच में सामने आया है कि फर्म द्वारा पिछले लगभग छह माह के दौरान करीब 76 करोड़ रुपये के लेन-देन केवल कागजी रूप से दर्शाए गए। उपलब्ध अभिलेखों, जीएसटी रिटर्न तथा अन्य दस्तावेजों के विश्लेषण में 8.22 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) संदिग्ध पाई गई, जिसके माध्यम से शासन को राजस्व हानि पहुंचाने का प्रयास किया गया। प्रारंभिक जांच में यह भी पाया गया कि फर्म ने पश्चिम बंगाल स्थित संदिग्ध फर्मों से आयरन एवं स्टील की वास्तविक खरीदी किए बिना करोड़ों रुपये के खरीदी बिल प्राप्त किए थे। इन बिलों के आधार पर फर्जी आईटीसी का लाभ लिया गया तथा आगे अन्य करदाताओं को भी इसका लाभ हस्तांतरित किया गया। जांच के दौरान अधिकांश आपूर्तिकर्ता फर्मों के जीएसटी पंजीयन निरस्त पाए गए तथा उनके द्वारा वास्तविक व्यापार किए जाने के कोई विश्वसनीय साक्ष्य उपलब्ध नहीं हुए। विभाग के अनुसार यह पूरा लेन-देन केवल पेपर ट्रेडिंग (कागजी बिलिंग) एवं बोगस आईटीसी नेटवर्क का हिस्सा प्रतीत होता है। जांच में यह भी सामने आया कि जिन फर्मों से खरीदी दर्शाई गई थी, उनमें से कई केवल फर्जी बिल जारी करने एवं अवैध आईटीसी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जा रही थीं। उपलब्ध तथ्यों से संकेत मिलता है कि माल का वास्तविक आवागमन नहीं हुआ और केवल बिलों के माध्यम से कर लाभ प्राप्त करने की व्यवस्था बनाई गई थी। प्रकरण में पर्याप्त साक्ष्य प्राप्त होने के बाद राज्य कर विभाग ने आदेश्वर चौरड़िया को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है। प्रारंभिक जांच में कई अन्य व्यक्तियों एवं फर्मों के भी इस नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। विभाग बैंक खातों, ई-वे बिल, परिवहन दस्तावेजों तथा संबंधित व्यापारिक इकाइयों की भूमिका की गहन जांच कर रहा है। राज्य कर विभाग का मानना है कि आगे की जांच में इस फर्जी बिलिंग नेटवर्क से जुड़े और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ईमानदार करदाताओं के हितों की रक्षा तथा फर्जी बिलिंग और बोगस आईटीसी जैसे अवैध कृत्यों पर प्रभावी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।