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RBI ने Crypto को लेकर जताई चिंता, संसदीय समिति से कानूनी मान्यता नहीं देने की सिफारिश

नई दिल्ली भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सरकार को आगाह किया है कि क्रिप्टोकरेंसी जैसी वर्चुअल डिजिटल एसेट (VDA) भारत की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा हैं. आरबीआई का मानना है कि भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्था में डिजिटल करेंसी को कानूनी मान्यता बिल्कुल नहीं दी जानी चाहिए. बीजेपी सांसद भर्तृहरि महताब की अध्यक्षता वाली संसद की वित्त मामलों की स्थायी समिति के सामने आरबीआई ने यह बात मजबूती से रखी है।  देश की सुरक्षा को बड़ा खतरा समिति की बैठक में 'वर्चुअल डिजिटल एसेट और आगे की राह' विषय पर चर्चा हुई. इस दौरान आरबीआई के अधिकारियों ने साफ किया कि क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल देश की सुरक्षा और आर्थिक स्थिति को नुकसान पहुंचा सकता है. केंद्रीय बैंक ने चिंता जताई कि इस डिजिटल पैसे का उपयोग आतंकवाद को बढ़ावा देने (टेरर फंडिंग) और नशीले पदार्थों की तस्करी जैसे खतरनाक और गैरकानूनी कामों में आसानी से किया जा सकता है।  विदेशी कंपनियों पर लगाम कसना मुश्किल आरबीआई ने इसके पीछे सबसे बड़ा कारण यह बताया कि क्रिप्टो करेंसी का व्यापार ज्यादातर भारत के बाहर सक्रिय विदेशी कंपनियों (ऑफशोर एंटिटीज) के जरिए होता है. इन बाहरी कंपनियों पर भारतीय रेगुलेटरी संस्थाओं के लिए नजर रखना और उन पर नियंत्रण पाना बेहद मुश्किल है. अपनी बात को मजबूत करने के लिए आरबीआई ने वैश्विक स्तर के उदाहरण भी दिए. केंद्रीय बैंक ने बताया कि चीन और कतर जैसे देशों ने इस तरह की सभी वित्तीय गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है, जबकि यूरोपीय देशों ने इसे बहुत ही कड़े नियमों के दायरे में रखा हुआ है।  आईसीएआई (ICAI) ने दिया कानून का समर्थन इसी संसदीय समिति के सामने देश की सबसे बड़ी चार्टर्ड अकाउंटेंट संस्था, 'इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया' (ICAI) ने भी अपनी रिपोर्ट सौंपी. आईसीएआई ने कहा कि वह वर्चुअल डिजिटल एसेट के लिए एक मजबूत और स्पष्ट कानून बनाने के पक्ष में है. संस्था ने भरोसा दिया कि वे सरकार और निवेशकों की मदद के लिए एक खास वित्तीय और अकाउंटिंग फ्रेमवर्क तैयार कर सकते हैं।  पारदर्शिता बढ़ाने पर ज़ोर आईसीएआई ने सुझाव दिया कि वे विभिन्न प्रकार की डिजिटल एसेट्स के आर्थिक व्यवहार पर गहन रिसर्च कर सकते हैं. इस रिसर्च के आधार पर वे ऐसा गाइडेंस नोट या नियम तैयार करेंगे, जिससे कंपनियों की बैलेंस शीट और वित्तीय रिपोर्ट में क्रिप्टोकरेंसी के लेन-देन को पारदर्शिता से दिखाया जा सके. इससे देश में टैक्स चोरी रुकेगी और डिजिटल संपत्ति का सही लेखा-जोखा मिल सकेगा।  संसदीय समिति के अध्यक्ष भर्तृहरि महताब ने बैठक के बाद पुष्टि की कि रिजर्व बैंक देश में क्रिप्टोकरेंसी को कानूनी दर्जा देने के पूरी तरह खिलाफ है. उन्होंने यह भी बताया कि समिति फिलहाल आयकर कानून के तहत डिजिटल एसेट्स के ऑडिट और टैक्स से जुड़े पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है। 

क्या पनामा नहर बनेगी दूसरा होर्मुज? चीन की बढ़ती गतिविधियों पर ट्रंप का बड़ा अलर्ट

वाशिंगटन  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर सख्त तेवर दिखाते हुए कहा है कि चीन पनामा नहर पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अमेरिका इसे किसी भी कीमत पर नहीं होने देगा. ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में ही साफ कर दिया था कि वे अमेरिका को सर्वोपरि रखते हैं और वो इसके लिए कोई भी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं. इस बार उन्होंने अपने सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी चीन को वॉर्निंग दी है, वो भी दुनिया के कुछ अहम जलमार्गों में से एक पनामा नहर को लेकर।  ट्रंप ने पनामा नहर को दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग बताते हुए चेतावनी दी कि यह अमेरिका-चीन के बीच नया तनाव का केंद्र बन सकता है. डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में नॉर्थ डकोटा में एक कार्यक्रम में चीन पर निशाना साधते हुए कहा – ‘चीन पनामा नहर पर कब्जा करने की फिराक में है।. हम इसे कभी नहीं होने देंगे. यह हमारा बनाया हुआ है और हम इसे वापस लेंगे अगर जरूरी हुआ.’ डोनाल्ड ट्रंप ने पनामा नहर को दुनिया की सबसे महंगी और सबसे ज्यादा मुनाफा देने वाली संपत्तियों में से एक बताया।  पनामा नहर क्यों इतनी महत्वपूर्ण?     पनामा नहर अटलांटिक और प्रशांत महासागर को जोड़ने वाला 82 किलोमीटर लंबा जलमार्ग है. हर साल हजारों जहाज इसके रास्ते गुजरते हैं, जिसमें वैश्विक व्यापार का बड़ा हिस्सा शामिल है. यह मार्ग जहाजों को हजारों मील की दूरी बचाता है. अमेरिका इसका सबसे बड़ा उपयोगकर्ता है, जबकि चीन दूसरा सबसे बड़ा।      अगर चीन इसका नियंत्रण हासिल कर लेता है तो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर उसका दबदबा बढ़ जाएगा. ट्रंप का कहना है कि चीनी कंपनियां नहर के दोनों छोर पर बंदरगाहों का संचालन कर रही हैं, जो रणनीतिक खतरा है. अमेरिका इसे अपने पश्चिमी गोलार्द्ध में चीनी घुसपैठ मानता है।  ट्रंप वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई को परफेक्ट मानते हैं, जहां उन्होंने निकोलस मादुरो की सरकार को उखाड़ फेंकने में सफलता पाई. अब वे ईरान पर भी इसी तरह दबाव बनाने की रणनीति अपना रहे हैं. ट्रंप ने इसी वजह से चीन पर निशाना साधा है. उन्होंने ईरान पर भी तंज कसा और कहा-     ‘ईरान कुछ-कुछ वेनेजुएला जैसा हो रहा है, जो पहले मुनाफे वाली थी. हमने वेनेजुएला को काबू में कर लिया और ईरान के साथ भी वैसा ही कर रहे हैं।  क्या पनामा नहर बन रहा नया होर्मुज? अगर ये मामला गर्माया तो पनामा नहर होर्मुज की खाड़ी की तरह नया संघर्ष का केंद्र बन सकता है. होर्मुज से दुनिया का 20 प्रतिशत तेल गुजरता है, जहां ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच तनाव हमेशा रहता है. पनामा नहर भी वैश्विक व्यापार का चोकप्वाइंट है. अगर यहां अमेरिका-चीन की टक्कर बढ़ी तो व्यापारिक जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है, कीमतें बढ़ सकती हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था को झटका लग सकता है।  ट्रंप का आक्रामक रुख दिखाता है कि अमेरिका अपने पारंपरिक प्रभाव क्षेत्र में किसी भी विदेशी शक्ति को बर्दाश्त नहीं करेगा. हालांकि चीन के खिलाफ सीधे लड़ना या उसे उकसाना अमेरिका के लिए इतना आसान नहीं होगा लेकिन ट्रंप के पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए कुछ कहा नहीं जा सकता है।  इस नहर का सीधा समंदर से कनेक्‍शन नहीं है, बल्कि गाटुन लॉक में जहाजों को पानी भरकर 26 मीटर तक ऊंचा उठाया जाता है और फिर उसे दूसरी तरफ समंदर में उतारा जाता है. इस नहर से जहाजों को तीन चरण में रास्‍ता पार कराया जाता है. अटलांटिक और प्रशांत महासागर को जोड़ने वाली इस नहर को इंजीनियरिंग का कमाल कहा जाता है. इसमें 3 लॉक बनाए गए हैं, जिससे जहाज को गुजारा जाता है और प्रशांत महासागर से निकालकर अटलांटिक महासागर में भेजा जाता है।  पनामा नहर पर अमेरिका ने कैसे किया कब्जा?     पनामा नहर की कहानी 20वीं सदी की शुरुआत से जुड़ी है. 1901 से 1909 के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति रहे थियोडोर रूजवेल्ट ने इसे अमेरिका की बड़ी महत्वाकांक्षा बनाया. फ्रांस पहले इसकी असफल कोशिश कर चुका था।      1903 में रूजवेल्ट ने कोलंबिया (जिसका हिस्सा पनामा था) से समझौता करने की कोशिश की, लेकिन कोलंबिया ने मना कर दिया. तब रूजवेल्ट ने पनामा के स्वतंत्रता आंदोलन का समर्थन किया. अमेरिकी युद्धपोतों की मौजूदगी में पनामा अलग हो गया।      नई पनामा सरकार से हाए बुनाउ वरीला संधि (Hay-Bunau-Varilla Treaty) के तहत अमेरिका को 10 मील चौड़ी पट्टी मिल गई. अमेरिका ने 10 मिलियन डॉलर एकमुश्त और सालाना किराया दिया. 1904 से 1914 तक निर्माण चला. रूजवेल्ट खुद 1906 में साइट पर गए और खुदाई मशीन पर खड़े होकर तस्वीर खिंचवाई।      1914 में पनामा नहर खुली और रूजवेल्ट ने गर्व से कहा था कि मैंने नहर बनवाई. अमेरिका ने साल 1999 तक नहर पर पूर्ण नियंत्रण रखा. जिम्मी कार्टर के समय टॉरिजोस कार्टर ट्रीटी के तहत पनामा को सौंप दिया गया, लेकिन न्यूट्रैलिटी की गारंटी ली गई।  ट्रंप का दावा ऐतिहासिक अमेरिकी गौरव और वर्तमान परिस्थितियों पर टिका है. वे कहते हैं कि अमेरिका ने नहर बनाई, उसमें खून-पसीना बहाया, इसलिए उसका हक भी अमेरिका का है. चीन की बढ़ती मौजूदगी को वे आर्थिक और रणनीतिक खतरा मानते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि पनामा नहर पर अमेरिका-चीन टकराव बढ़ सकता है, हालांकि इसे कूटनीति से ठीक किया जा सकता है. अगर तनाव बढ़ा तो वैश्विक व्यापार, तेल और सामान की कीमतों पर असर पड़ेगा. ट्रंप का यह बयान न सिर्फ पनामा बल्कि पूरे लैटिन अमेरिका में अमेरिकी प्रभाव बहाल करने की उनकी बड़ी रणनीति का हिस्सा लगता है। 

Horoscope 4 July 2026: शनिवार का दिन इन राशियों के लिए रहेगा बेहद शुभ, पढ़ें आज का राशिफल

मेष राशि- आपको डेडलाइन के भीतर टास्क कंप्लीट कर लेने की सलाह दी जाती है। किसी भी बहस में पड़ने से बचें। आज धन का आगमन होगा। सेहत के मामले में फिटनेस पर ध्यान दें। अचानक खर्चे सामने आ सकते हैं। प्रोडक्टिव बने रहें। वृषभ राशि- दिन थोड़ा बिजी-बिजी रहने वाला है। कामकाज के चक्कर में अपनी पर्सनल लाइफ से समझौता करना ठीक नहीं है। पैसे कमाने में कोई प्रॉब्लम नहीं आएगी। कुछ लोगों को ओवरटाइम करना पड़ सकता है। मिथुन राशि- ऑफिस की पॉलिटिक्स आपके लिए नेगेटिव साबित हो सकती है। पॉजिटिव सोच बनाकर रखें। अपने काम पर फोकस करें। गॉसिप से दूर रहें। जरूरत पड़ने पर फैमिली या पार्टनर से सलह लें। कर्क राशि- कार्यालय में अतिरिक्त जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। वर्क लाइफ बैलेंस मेंटेन करके आगे बढ़ें। समय-समय पर ब्रेक जरूर लेते रहें। आपका दिन उतार-चढ़ाव से भरपूर रहने वाला है। सिंह राशि- व्यापार, सेहत, पैसों का मामला या हो लव लाइफ बड़े चेंज के लिए तैयार हो जाएं। तनाव दूर करने के लिए मेडिटेशन करें। आपका दिन काफी बिजी साबित हो सकता है। बहुत ज्यादा प्रेशर न लें। कन्या राशि- आपका दिन थोड़ा सा स्ट्रेस भरा साबित हो सकता है। धन का आगमन होगा लेकिन खर्च बढ़ने की संभावना भी ज्यादा है। आपका दिन बदलावों से भरपूर रहने वाला है। काम के सिलसिले में विदेश की यात्रा के योग बन रहे हैं। तुला राशि- एक शानदार दिन के लिए तैयार हो जाएं। घर में खुशियों का माहौल रहेगा। विदेश यात्रा के योग बन रहे हैं। समय पर काम ना पूरा होने से सीनियर्स या मैनेजमेंट की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है। बाहर के खाने से परहेज करें। वृश्चिक राशि- आज किसी पुराने इन्वेस्टमेंट से मनचाहा रिटर्न नहीं मिलेगा। अपनी बॉडी को फिट रखने के लिए योग ट्राई करें। हाल ही में हुई किसी डील से भारी मात्रा में धन-लाभ हो सकता है। प्रेम जीवन में चल रही दिक्कतें सॉल्व हो जाएंगी। धनु राशि- अपने पार्टनर के साथ रोमांटिक डेट प्लान करें। खर्च को इस वक्त कंट्रोल करने की जरूरत है। आज के दिन आपको सेल्फ लव पर फोकस करना चाहिए। करियर में अपनी जगह बनाने के लिए मेहनत ज्यादा करनी पड़ेगी। मकर राशि- इन्वेस्टमेंट को लेकर स्ट्रेटजी बनाने पर ध्यान दें। फिट रहने पर फोकस रखें। आज का दिन आलस भरा साबित हो सकता है। काम को समय पर पूरा करने पर फोकस रखें। सेहत के मामले में भाग्य साथ देगा। कुंभ राशि- दिन दिन रोमांटिक रहेगा। आज का आपका दिन पॉजिटिव एनर्जी से भरपूर रहने वाला है। लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशन वालों को आज ही प्रेम जीवन में आ रही दिक्कतों पर फोकस करना चाहिए। मीन राशि- आपका दिन काफी बेहतरीन साबित हो सकता है। करियर के मामले में महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी आपको दी जा सकती है। आर्थिक स्थिति भी मजबूत रहने वाली है। सेहत के मामले में लापरवाही न बरतें।