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बिहान से जुड़ी स्व-सहायता समूहों की महिलाओं के जैविक उत्पाद को जनप्रतिनिधियों और नागरिकों का भरपूर समर्थन

रायपुर  छत्तीसगढ़ में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और स्थानीय कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) का प्रयास लगातार सफल हो रहा है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा जैविक पद्धति से उत्पादित और प्रसंस्कृत अरपा-बिहान विष्णुभोग चावल को अब जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों का भरपूर समर्थन मिल रहा है। इसका ताजा उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब गौरेला पेन्ड्रा मरवाही जिले के पेंड्रा स्थित असेंबली हॉल में आयोजित स्थानीय जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान महज 30 मिनट में 45 हजार रुपये से अधिक मूल्य के विष्णुभोग चावल की बिक्री हुई। यह उपलब्धि ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, गुणवत्ता आधारित उत्पादन और राज्य सरकार की आजीविका उन्मुख योजनाओं पर बढ़ते जनविश्वास का प्रमाण है। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से सीधे चावल खरीदकर उनके आत्मविश्वास को नई ऊर्जा दी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब, मरवाही विधायक  प्रणव कुमार मरपची तथा कोटा विधायक  अटल वास्तव ने स्वयं विष्णुभोग चावल खरीदकर महिलाओं के प्रयासों की सराहना की और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का संदेश दिया। वहीं स्थानीय निवासी  पंकज तिवारी ने एक साथ 200 किलोग्राम विष्णुभोग चावल खरीदकर अब तक के सबसे बड़े खरीदार बनने का गौरव प्राप्त किया। उनके इस कदम ने अन्य नागरिकों को भी स्थानीय उत्पादों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत गठित महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी (एफपीओ) इस पहल की प्रमुख कड़ी बनकर उभरी है। महिलाओं द्वारा जैविक पद्धति से उत्पादित विष्णुभोग धान का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण, आकर्षक ब्रांडिंग, गुणवत्तापूर्ण पैकेजिंग और व्यवस्थित विपणन किया जा रहा है। इससे उत्पाद को बेहतर बाजार मिलने के साथ-साथ किसानों और महिला उत्पादकों को उनकी उपज का उचित मूल्य भी प्राप्त हो रहा है। जिले में इस पहल को आगे बढ़ाने में कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत  मुकेश रावटे की सक्रिय भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है। उनके मार्गदर्शन में विभिन्न शासकीय कार्यक्रमों, प्रदर्शनियों और सार्वजनिक मंचों पर लगातार विष्णुभोग चावल को प्रोत्साहित किया जा रहा है। परिणामस्वरूप इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है और अधिक महिलाएं इस मॉडल से जुड़कर अपनी आय में वृद्धि कर रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला प्रबंधक  दुर्गाशंकर सोनी ने बताया कि जिले में मिशन के अंतर्गत 179 सीएमएसए (कम्युनिटी मैनेज्ड सस्टेनेबल एग्रीकल्चर) ग्रामों का चयन किया गया है। इस वर्ष 250 एकड़ से अधिक क्षेत्र में विष्णुभोग धान के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है, ताकि जैविक खेती को बढ़ावा मिले, किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त हो और स्व-सहायता समूहों की महिलाएं लखपति दीदी अभियान के तहत आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर सकें। ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, जैविक खेती की गुणवत्ता, आधुनिक विपणन व्यवस्था और सामुदायिक भागीदारी के समन्वय से अरपा-बिहान विष्णुभोग अब केवल एक कृषि उत्पाद नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की महिला शक्ति, स्थानीय उद्यमिता और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सशक्त प्रतीक बनकर उभर रहा है। जिस गति से इस उत्पाद को बाजार और उपभोक्ताओं का विश्वास मिल रहा है, उससे यह आने वाले समय में राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ की विशिष्ट कृषि पहचान के रूप में स्थापित होने की दिशा में तेजी से अग्रसर है।

लगभग 12 लाख शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, विशेष शिक्षक, रसोइये एवं अन्य कार्मिक परिवार सहित होंगे लाभान्वित

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा विभाग के शिक्षकों और कार्मिकों की स्वास्थ्य सुरक्षा को नई मजबूती देने जा रही है। मुख्यमंत्री बुधवार को वाराणसी से 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना' का शुभारंभ करेंगे। इसी कार्यक्रम में परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में डीबीटी से धनराशि हस्तांतरित की जाएगी। बेसिक शिक्षा विभाग और भारतीय स्टेट बैंक के बीच सामाजिक सुरक्षा संबंधी समझौता (एमओयू) का आदान-प्रदान होगा। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों को भी सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना से प्रदेश के बेसिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक, सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षक, शिक्षामित्र, विशेष शिक्षक (सीडब्ल्यूएसएन), अनुदेशक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के वार्डेन, पूर्णकालिक एवं अंशकालिक शिक्षक-शिक्षिकाएं, प्रधानमंत्री पोषण योजना के रसोइये तथा अन्य पात्र कार्मिक और उनके परिवार लाभान्वित होंगे। इस योजना से लगभग 12 लाख शिक्षक, रसोइये एवं अन्य कार्मिक परिवार सहित स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे में आएंगे। योजना में प्रति शिक्षक ₹3000 वार्षिक प्रीमियम का पूरा भुगतान राज्य सरकार करेगी। इसके लिए प्रतिवर्ष लगभग ₹447 करोड़ का व्यय किया जाएगा। योजना का संचालन स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेन्सिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज के माध्यम से होगा। लाभार्थियों को सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में प्रति परिवार पांच लाख रुपये तक कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी। योजना में लगभग 1900 उपचार पैकेज शामिल किए गए हैं। इनमें सामान्य उपचार से लेकर गंभीर बीमारियों, जटिल सर्जरी, हृदय रोग, कैंसर, किडनी रोग सहित अनेक उपचार शामिल हैं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री प्रतीकात्मक रूप से शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड भी वितरित करेंगे। अभिभावकों के खातों में ₹1320 करोड़ की धनराशि डीबीटी से भेजी जाएगी  कार्यक्रम में शैक्षिक सत्र 2026-27 के प्रथम चरण में 1 करोड़ 10 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खातों में ₹1320 करोड़ की धनराशि डीबीटी से भेजी जाएगी। यह राशि यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, स्वेटर, जूते-मोजे और स्टेशनरी की खरीद के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। इससे अभिभावकों को बच्चों की आवश्यक शैक्षणिक सामग्री समय पर उपलब्ध कराने में सुविधा मिलेगी। शिक्षा विभाग और भारतीय स्टेट बैंक के बीच होगा एमओयू    समारोह के दौरान बेसिक शिक्षा विभाग और भारतीय स्टेट बैंक के बीच सामाजिक सुरक्षा संबंधी एमओयू भी होगा। इससे लगभग 10 लाख शिक्षक एवं अन्य कार्मिक सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं से जुड़ेंगे। उन्हें समूह जीवन बीमा, व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा, स्थायी एवं आंशिक दिव्यांगता कवर, एयर एक्सीडेंट कवर तथा आकस्मिक परिस्थितियों में बच्चों की शिक्षा और पुत्रियों के विवाह के लिए अतिरिक्त सहायता जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। जिन कार्मिकों के वेतन खाते पहले से भारतीय स्टेट बैंक में हैं, उन्हें इन सुविधाओं का लाभ स्वतः मिलेगा। अन्य पात्र कार्मिकों को भी बैंक में वेतन खाता खोलने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित 12 विद्यालयों के प्रधानाध्यापक होंगे सम्मानित  कार्यक्रम में स्वच्छ एवं हरित विद्यालय (एसएचवीआर) योजना के राष्ट्रीय स्तर पर चयनित 12 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को भी सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान विद्यालयों में स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, शौचालय, हाथ धुलाई और बेहतर विद्यालयी वातावरण विकसित करने के उत्कृष्ट प्रयासों के लिए दिया जाएगा।

ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए सुनहरा अवसर

भोपाल  विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के लिए महत्‍वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। यूजीसी ने कहा है कि जुलाई 2026 सेमेस्टर से स्वयं (SWAYAM) पोर्टल पर शुरू होने वाले MOOC कोर्स को शैक्षणिक पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाए। यूजीसी का मानना है कि इससे दूरदराज के विद्यार्थियों को भी देश के श्रेष्ठ शिक्षकों से पढ़ने का मौका मिलेगा। साथ ही यह शिक्षा को सस्ती और सुलभ भी बनाएगा। आयोग ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और यूजीसी के क्रेडिट फ्रेमवर्क के तहत कोई भी उच्च शिक्षा संस्थान अपने किसी भी डिग्री या डिप्लोमा प्रोग्राम में 40 प्रतिशत तक क्रेडिट पॉइंट ऑनलाइन कोर्स के माध्यम से दे सकता है। इसका मतलब है कि अगर कोई छात्र 4 साल की डिग्री कर रहा है तो उसके 160 क्रेडिट में से 64 क्रेडिट पॉइंट तक वह SWAYAM के कोर्स करके पूरा कर सकता है। क्यों जरूरी है स्वयं पोर्टल से ऑनलाइन पढ़ाई स्वयं पोर्टल (एसडब्ल्यूवायएएम-स्टडी वेव्स ऑफ एक्टिव लर्निंग फॉर यंग एस्पायरिंग माइंड्स) भारत सरकार का राष्ट्रीय ऑनलाइन शिक्षा मंच है। इस पर आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी, केंद्रीय विश्वविद्यालयों और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के फैकल्‍टी पढ़ाते हैं। कोरोना के बाद से स्वयं जैसे पोर्टल के माध्‍यम से ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा मिला है। क्‍या है यूजीसी पत्र में यूजीसी ने शैक्षणिक संस्‍थानों को स्वयं पर जुलाई 2026 सेमेस्टर में आने वाले कोर्सो की सूची अनुसार पाठयक्रम का चयन‍करने के निर्देश दिए है। निर्देशानुसार बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक बुलाकर इन कोर्स को मंजूरी और सिलेबस में शामिल किया जाना है। आयोग ने कहा कि छात्र स्वयं कोर्स के क्रेडिट पॉइंट को एबीसी यानी एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट में जमा कर सकेंगे। विश्वविद्यालयों को यह सुनिश्चित करना होगा कि छात्र द्वारा अर्जित क्रेडिट को डिग्री में जोड़ा जाए और ट्रांसक्रिप्ट में दर्शाया जाए। कॉलेज और विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों को स्वयं के फायदे बताएं। उन्हें बताएं कि वे अपने मुख्य विषय के अलावा अतिरिक्त स्किल वाले कोर्स भी कर सकते हैं। इससे उनकी प्लेसमेंट और उच्च शिक्षा की संभावनाएं बढ़ेंगी।     यूजीसी ने यह भी कहा कि स्वयं कोर्स को अपनाते समय संस्थान यह देखें कि कोर्स की गुणवत्ता, अवधि और मूल्यांकन प्रणाली यूजीसी के मानकों के अनुरूप हो। विद्यार्थियों को मिलने वाले लाभ     आईआईटी दिल्ली, आईआईटी मद्रास, आईआईएम बैंगलोर जैसे संस्थानों के फैकल्टी से ऑनलाइन पढ़ाई     लचीलापन (फ्लेक्सिबिलिटी) अपनी सुविधानुसार पढ़ाई कर सकते हैं     आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, डिजिटल मार्केटिंग जैसे नए कोर्स संस्थानों की जिम्मेदारी विश्वविद्यालयों के कुलपति और कॉलेजों के प्राचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जुलाई से पहले अपनी वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर स्वयं पोर्टल से कोर्स की जानकारी दें। साथ ही विद्यार्थियों की काउंसलिंग करके उन्हें सही कोर्स चुनने में मदद करें।यूजीसी का यह कदम भारत को ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था बनाने और युवाओं को 21वीं सदी के कौशल से लैस करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।  

नर्मदा परियोजनाओं संबंधी मुद्दों पर हुई उच्चस्तरीय बैठक

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दो दिवसीय नई दिल्ली भ्रमण में मध्यप्रदेश के हितों से संबंधित विषयों पर विभिन्न केंद्रीय मंत्रियों और संबंधित मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों से भेंट एवं चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्रीगण को पुष्प-गुच्छ, अंगवस्त्रम और प्रतीक चिन्ह भेंट किये। नर्मदा परियोजनाओं के लंबित मुद्दों पर उच्च स्तरीय बैठक केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल के अतिरिक्त अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों से नर्मदा परियोजनाओं के लंबित मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने भी हिस्सा लिया । बैठक में नर्मदा परियोजनाओं से संबंधित अंतर्राज्यीय मामलों पर विचार-विमर्श किया गया। परियोजनाओं के कार्यों की गति को तीव्र करने के संबंध में भी चर्चा हुई। अन्य केंद्रीय मंत्रियों से भेंट मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल, केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से पृथक-पृथक भेंट कर मध्यप्रदेश के हितों से संबंधित चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्रियों से भी अलग-अलग मुलाकातों में अंतर्राज्यीय परियोजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में बातचीत की।  

विजयपुर में 16 करोड़ रुपये से बनेगा अत्याधुनिक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, डिजाइन में सुधार कर शीघ्र स्वीकृति भेजने के निर्देश

रायपुर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने मंगलवार को रायगढ़ जिले में प्रस्तावित विभिन्न विकास परियोजनाओं का स्थल निरीक्षण कर अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा और उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने विजयपुर में प्रस्तावित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, केलो नदी के खर्रा घाट पर विकसित किए जा रहे मैरीन ड्राइव तथा पुराने जेल परिसर में प्रस्तावित व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स की योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की। विजयपुर में लगभग 16 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री ने अधिकारियों को भवन की ड्राइंग एवं डिजाइन में आवश्यक सुधार कर इसे भविष्य की जरूरतों के अनुरूप अधिक उपयोगी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संशोधित प्रस्ताव शीघ्र अंतिम स्वीकृति के लिए भेजा जाए, ताकि निर्माण कार्य जल्द प्रारंभ हो सके। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने से रायगढ़ जिले में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा और लोगों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी। इसके बाद वित्त मंत्री ने केलो नदी के खर्रा घाट पर लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किए जा रहे मैरीन ड्राइव परियोजना का निरीक्षण किया। लगभग दो किलोमीटर लंबी इस परियोजना का कार्यादेश जारी हो चुका है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह परियोजना रायगढ़ की नई पहचान बनेगी, इसलिए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए। मैरीन ड्राइव परियोजना के अंतर्गत घाट का सौंदर्यीकरण, गज़ीबो, आरसीसी पाथवे, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, प्रोमेनेड, फूड कोर्ट, बाह्य विद्युतीकरण सहित विभिन्न आधुनिक अधोसंरचनात्मक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके पूर्ण होने से शहरवासियों को मनोरंजन, पर्यटन और सार्वजनिक उपयोग की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री ने पुराने जेल परिसर का भी अवलोकन किया, जहां जर्जर भवन को हटाकर आधुनिक व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स विकसित किया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना से संबंधित सभी आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूर्ण कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर महापौर जीवर्धन चौहान, विजय अग्रवाल, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

नवनियुक्त पदाधिकारी विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को देंगे नई गति : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के विभिन्न निगम, मंडल, आयोग, बोर्ड, समिति एवं अन्य संस्थाओं में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति के आदेश जारी होने पर सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पद पर गौरीशंकर श्रीवास तथा सदस्य पद पर देवशरण सेन, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष के रूप में डॉ. श्रीमती ममता साहू तथा छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष पद पर रामलाल चौहान, उपाध्यक्ष पद पर वेदराम मनहरे एवं सदस्य के रूप में सौरभसिंह जागृत, दुर्गा महेश्वर तथा दयावंत धर बांधे की नियुक्ति की गई है। छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पद पर आनंद निषाद तथा सदस्य पद पर नेतराम निषाद, छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्या मण्डल रायपुर के अध्यक्ष पद पर राजेश कुमार राजपूत तथा सदस्य पद पर श्रीमती सुमन मुथा एवं शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष पद पर राजेन्द्र नायक तथा सदस्य के रूप में बसंत पटेल, प्रेमलाल पटेल, संतोष पटेल और प्रेम पटेल की नियुक्ति की गई है। छत्तीसगढ़ राज्य शिक्षा आयोग के अध्यक्ष पद पर सुधीर गौतम, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य पद पर मनमथ नाथ शर्मा तथा छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम के सदस्य पद पर श्रीमती प्रसन्ना अवस्थी की नियुक्ति की गई है। रायपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पद पर डॉ. जे.पी. शर्मा, छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के उपाध्यक्ष पद पर किशोर महानंद, गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष पद पर आनंद कुमार तिवारी (राजीव लोचन दास महाराज) तथा छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष पद पर मंगल दास ठाकुर को दायित्व सौंपा गया है। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी नवनियुक्त पदाधिकारी जनसेवा, सुशासन और लोककल्याण के प्रति पूर्ण समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को नई गति प्रदान करेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री शाह सहित अन्य केंद्रीय मंत्रियों से की भेंट

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दो दिवसीय नई दिल्ली भ्रमण में मध्यप्रदेश के हितों से संबंधित विषयों पर विभिन्न केंद्रीय मंत्रियों और संबंधित मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों से भेंट एवं चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्रीगण को पुष्प-गुच्छ, अंगवस्त्रम और प्रतीक चिन्ह भेंट किये। नर्मदा परियोजनाओं के लंबित मुद्दों पर उच्च स्तरीय बैठक केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल के अतिरिक्त अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों से नर्मदा परियोजनाओं के लंबित मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने भी हिस्सा लिया । बैठक में नर्मदा परियोजनाओं से संबंधित अंतर्राज्यीय मामलों पर विचार-विमर्श किया गया। परियोजनाओं के कार्यों की गति को तीव्र करने के संबंध में भी चर्चा हुई। अन्य केंद्रीय मंत्रियों से भेंट मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल, केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से पृथक-पृथक भेंट कर मध्यप्रदेश के हितों से संबंधित चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्रियों से भी अलग-अलग मुलाकातों में अंतर्राज्यीय परियोजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में बातचीत की।  

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण महिलाओं को मिल रहा आत्मनिर्भरता का संबल

रायपुर महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार की पहल लगातार प्रभावी परिणाम दे रही है। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत संचालित लखपति दीदी अभियान में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 के निर्धारित लक्ष्य का 90 प्रतिशत प्राप्त कर लिया है। यह उपलब्धि महिलाओं के आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देने की दिशा में जिले की बड़ी सफलता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले को 10 हजार 124 लखपति दीदी तैयार करने का लक्ष्य मिला था। इसके विरुद्ध अब तक 9 हजार 95 महिलाएं लखपति दीदी बनने का लक्ष्य हासिल कर चुकी हैं। यह उपलब्धि राज्य सरकार की महिला सशक्तिकरण नीति, बिहान मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जिला प्रशासन के सतत मार्गदर्शन का प्रत्यक्ष परिणाम है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय का संकल्प है कि प्रदेश की महिलाएं केवल परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित न रहें, बल्कि आर्थिक रूप से सशक्त बनकर अपने परिवार, समाज और राज्य के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं। इसी सोच को साकार करने के लिए राज्य सरकार स्व-सहायता समूहों को वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण, विपणन सुविधा और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है। जिले में वर्तमान में 6 हजार 10 स्व-सहायता समूह सक्रिय हैं। इन समूहों को औसतन 1 लाख 92 हजार रुपये प्रति समूह का ऋण उपलब्ध कराया गया है, जिससे कृषि आधारित गतिविधियों, पशुपालन, लघु उद्यम, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, सेवा क्षेत्र और अन्य आयवर्धक गतिविधियों को नई गति मिली है। इससे हजारों ग्रामीण महिलाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। जिला प्रशासन और छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के समन्वित प्रयासों से महिलाओं को केवल वित्तीय सहायता ही नहीं, बल्कि उद्यमिता विकास, कौशल प्रशिक्षण, बैंकिंग सेवाओं से जुड़ाव तथा बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी निरंतर कार्य किया जा रहा है। यही कारण है कि जिले की बड़ी संख्या में महिलाएं आज सफल उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बना रही हैं। लखपति दीदी अभियान ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। इस अभियान ने न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है, बल्कि उनमें नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और निर्णय लेने की शक्ति का भी विकास किया है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिल रही है और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में मजबूत आधार तैयार हो रहा है।

रीवा पुलिस ने लगभग 10 करोड़रूपए की 3.087 किलोग्राम एमडी ड्रग्स के साथ दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

भोपाल  पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के निर्देशन में मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में नशे के अवैध कारोबार पर लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही हैं। इसी क्रम में रीवा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 10 करोड़ रुपये अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य की 3.087 किलोग्राम अवैध एमडी ड्रग्स बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई प्रदेश में नशे के अवैध नेटवर्क के विरुद्ध चलाए जा रहे सतत अभियान की एक महत्वपूर्ण सफलता है। पुलिस महानिरीक्षक रीवा जोन गौरव राजपूत एवं पुलिस उप महानिरीक्षक रीवा रेंज हेमन्त सिंह चौहान के मार्गदर्शन में पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरकरन सिंह के नेतृत्व में यह सफलता प्राप्‍त हुई है। जिले में संचालित "ऑपरेशन प्रहार 2.0" के तहत थाना गढ़ पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम सोनवर्षा निवासी दो व्यक्ति भारी मात्रा में एमडी ड्रग्स लेकर बिक्री के उद्देश्य से जाने वाले हैं। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दो आरोपियों को पकड़ा। तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 3.087 किलोग्राम अवैध एमडी ड्रग्स, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 10 करोड़ रुपये है, जब्‍त की गई। इसके अतिरिक्त दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध थाना गढ़ में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण की विवेचना की जा रही है। मध्यप्रदेश पुलिस एक ओर जहां अवैध मादक पदार्थों के निर्माण, परिवहन, तस्करी और बिक्री में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी ओर युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस आगामी 15 जुलाई से "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" राज्यव्यापीजनजागरूकता अभियान भी प्रारंभ करने जा रही है। इस अभियान के माध्यम से विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्रामों, नगरीय क्षेत्रों, सामाजिक संस्थाओं तथा विभिन्न विभागों के सहयोग से व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करते हुए युवाओं को नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित किया जाएगा। मध्यप्रदेश पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में मादक पदार्थों के अवैध निर्माण, तस्करी एवं कारोबार के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। कठोर कार्रवाई के साथ-साथ जनजागरूकता आधारित प्रयासों को भी समान प्राथमिकता देते हुए पुलिस कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और समाज की सहभागिता के माध्यम से नशामुक्त एवं सुरक्षित मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुल्तानपुर को दी ₹819 करोड़ से अधिक की 99 विकास परियोजनाओं की सौगात

सुल्तानपुर  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या धाम और राम जन्मभूमि मंदिर को लेकर विपक्ष के दुष्प्रचार का मुंहतोड़ जवाब दिया। उन्होंने कहा कि रामभक्तों के सहयोग से प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बनना समाजवादी पार्टी व कांग्रेस से सहन नहीं हो रहा है। रामभक्तों पर गोलियां चलाने वाले और बाबरी ढांचे के लिए घड़ियाली आंसू बहाने वाले आस्था पर उपदेश दे रहे हैं। एसआईटी की रिपोर्ट पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के बावजूद अयोध्या को टारगेट किया जा रहा है। ये लोग चाहते हैं कि वक्फ के नाम पर लूट मची रहे और वे मंदिरों को बदनाम करते रहें। यह दोहरा चरित्र जनता को स्वीकार नहीं। मुख्यमंत्री मंगलवार को जनपद सुल्तानपुर में ₹819 करोड़ से अधिक लागत वाली 99 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सुल्तानपुर व इसौली विधानसभा क्षेत्रों समेत पूरे जनपद के नागरिकों को इन कल्याणकारी योजनाओं के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। रामायण कालीन स्मृतियों से जुड़ी सुल्तानपुर की पावन धरा को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का नया उत्तर प्रदेश 'विरासत और विकास' के अद्भुत समन्वय के साथ आगे बढ़ रहा है। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों और भारी बारिश के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में जनता का उमड़ना इस बात का प्रमाण है कि लोग विकास की राजनीति के साथ मजबूती से खड़े हैं। राम जन्मभूमि को बदनाम करने का प्रयास सीएम ने कहा कि अयोध्या में एक घटना घटित हुई। ट्रस्ट के विनम्र अनुरोध पर एसआईटी गठित की गई। जब तक यह नहीं गठित हुई थी, सपा-कांग्रेस व अन्य सेक्युलर दल इसकी मांग करते थे। एसआईटी की रिपोर्ट पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई, लेकिन सपा-कांग्रेस ने पावन धाम आयोध्या को बदमान करने की मुहिम चला रखी है। राम जन्मभूमि को बदमान करने और आस्था पर प्रहार करने का कार्य किया जा रहा है। सपा के लोग कह रहे हैं कि अयोध्या की घटना से आस्था आहत हुई है। जिन्होंने रामभक्तों पर गोलियां चलाई हों, वे किस मुंह से आस्था की बात करते हैं? तुष्टीकरण की राजनीति पर कड़ा प्रहार सीएम ने तुष्टिकरण की राजनीति पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सपा-कांग्रेस ने वक्फ कानून का विरोध किया, नागरिकता कानून का विरोध किया। ये लोग विकास का पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्री वॉल के निर्माण में खर्च करते थे, जबकि आज वही पैसा बथुआ धाम (बिजेथुआ महावीरन धाम) जैसे पवित्र मंदिरों के सौंदर्यीकरण और विकास पर खर्च हो रहा है। पहले 'चाचा-भतीजे' की जोड़ी युवाओं की नियुक्तियों और जमीनों पर डकैती डालती थी, जबकि वर्तमान सरकार ने बिना भेदभाव पूरी पारदर्शिता के साथ 9 वर्षों में 9 लाख नौजवानों को सरकारी नौकरियां दी हैं। गत वर्ष पुलिस भर्ती में सुल्तानपुर के भी सैकड़ों युवाओं को भी नौकरी मिली है। माफिया राज बनाम मेडिकल कॉलेज मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कोई भी सार्वजनिक जमीन दिखने पर सपा का गुंडा पार्टी का झंडा लगाकर कब्जा कर लेता था। हमारी सरकार आई तो गुंडों के कब्जे से 64 हजार एकड़ जमीन खाली कराई गई। पिछली सरकार हर जनपद में एक माफिया और हर थाना क्षेत्र में गुंडा पालती थी, जो गरीबों, व्यापारियों और बेटियों को प्रताड़ित करते थे। लेकिन हमारी डबल इंजन सरकार हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज दे रही है। सुल्तानपुर में अब अपना मेडिकल कॉलेज संचालित हो चुका है और आज यहां नर्सिंग कॉलेज की स्थापना के लिए शिलान्यास भी किया गया है, जो बेटियों के लिए शत-प्रतिशत प्लेसमेंट की गारंटी बनेगा।   शानदार कनेक्टिविटी और इंडस्ट्रियल क्लस्टर 2017 से पहले की बदहाल कानून-व्यवस्था और ठप पड़े विकास कार्यों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सुल्तानपुर बेहतरीन कनेक्टिविटी से जुड़ चुका है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, अयोध्या फोर-लेन, और प्रयागराज-वाराणसी मार्गों के सुदृढ़ीकरण से सुल्तानपुर की दूरी अब अयोध्या एयरपोर्ट से मात्र 45 मिनट और लखनऊ-प्रयागराज से महज डेढ़ घंटे की रह गई है। इसके साथ ही पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर एक इंडस्ट्रियल क्लस्टर भी विकसित किया जा रहा है, जिससे स्थानीय नौजवानों को उनके गृह जनपद में ही रोजगार और नौकरी के पर्याप्त अवसर मिलेंगे।     खेल और युवा शक्ति को प्रोत्साहन मुख्यमंत्री ने खेल क्षेत्र में राज्य की उपलब्धियों को साझा करते हुए बताया कि ओलंपिक में मेडल जीतने वाले उत्तर प्रदेश के खिलाड़ी ललित उपाध्याय और राजकुमार पाल को सीधे डिप्टी एसपी पद पर नियुक्त किया गया है। राज्य में इंडोर स्टेडियम, ग्रामीण स्टेडियम और खेल के मैदानों का निर्माण कर युवाओं को एक बड़ा प्लेटफॉर्म दिया जा रहा है।   डबल इंजन सरकार ही करेगी विकास मुख्यमंत्री ने इसौली विधानसभा का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां डबल इंजन सरकार का प्रतिनिधि नहीं है, वहां विकास कार्यों में कोई रुचि नहीं ली जा रही है। उन्होंने सुल्तानपुर की जनता से आह्वान किया कि सुरक्षित, समृद्ध और सुशासन युक्त व्यवस्था को बनाए रखने के लिए भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन सरकार पर अपना आशीर्वाद और विश्वास इसी तरह बनाए रखें। इस सरकार ने बेटी-बहन, व्यापारी, आम नागरिक सबको समान सुरक्षा उपलब्ध कराई है। सुरक्षा का वातावरण बना तो निवेश आया, विकास के काम हुए, रेलवे लाइन-फ्लाइओवर बने। हाईवे, ब्रिज, फोर-सिक्स लेन सड़कें व बाईपास आदि बन रहे हैं। मासूम बच्ची ने छुए सीएम के पैर कार्यक्रम की शुरूआत में सीएम ने महिलाओं को पोषण पोटली दी और बच्चों का अन्नप्राशन कराया। इस दौरान मां के साथ मौजूद एक बच्ची ने सीएम के हाथ से चॉकलेट मिलने पर उनके पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया। सीएम ने यहां आयोजित प्रदर्शनी में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, निषाद राज वोट सब्सिडी योजना समेत कई स्टॉल्स पर जाकर जानकारी ली। उन्होंने बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के स्टॉल पर मौजूद छात्र-छात्राओं से बातचीत कर उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्हें चॉकलेट व स्कूल बैग किट भी प्रदान की। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री और जनपद के प्रभारी मंत्री गिरीश चंद्र यादव, विधायक विनोद सिंह, राज प्रसाद उपाध्याय, सीताराम वर्मा, राजेश गौतम, सुरेश पासी, एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह, ध्रुव कुमार त्रिपाठी, देवेंद्र प्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती उषा सिंह, नगरपालिका अध्यक्ष प्रवीण कुमार अग्रवाल, पूर्व मंत्री ओम प्रकाश पांडेय, भाजपा जिला अध्यक्ष सुशील त्रिपाठी सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि व पदाधिकारी उपस्थित रहे।