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श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति अभियान तेज, अयोध्या मॉडल पर कार सेवा की तारीख तय

मथुरा  राम मंदिर में दान चोरी का मामला जहां गर्माया हुआ है, वहीं मथुरा से एक नया विवाद उभरने की आहट दिख रही है. मामला श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़ा हुआ है. अयोध्‍या की तरह ही यहां भी विवादित ढांचे/गुबंद को तोड़ने की तैयारी की जा रही है. इसके लिए बाकायदा बैठक, मुलाकातें भी हो रही हैं. चित्रगुप्त पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक ठाकुर देवकीनंदन से जन्मभूमि आंदोलन को लेकर मुलाकात की है. सच्चिदानंद महाराज ने श्रीकृष्‍ण जन्मभूमि मुक्ति के लिए विवादित गुंबद तोड़ने की घोषणा की है और देवकीनंदन ठाकुर ने उन्‍हें अपना समर्थन भी दे दिया है. ऐसे में दिन और तारीख भी तय कर दी है, ताकि वहां कूच की जा सके।  मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति के लिए कार सेवा का ऐलान दरअसल, मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति के लिए चित्र गुप्त पीठाधीश्वर सच्चिदानंद महाराज ने अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक ठाकुर देवकीनंदन महाराज से मुलाक़ात की और 9 अगस्त क्रांति दिवस के दिन विवादित गुंबद तोड़ने के लिए समर्थन मांगा. इस पर ठाकुर देवकीनंदन महाराज ने कार सेवा के लिए समर्थन दिया।  स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति के लिए 9 अगस्त को एक और कार सेवा की जाएगी. इस कार सेवा के लिए ब्रजवासी, साधु संत और धर्म गुरुओं से सम्पर्क कर कार सेवा में शामिल होने की अपील की जा रही है. कार सेवा के लिए अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक ठाकुर देवकीनंदन महाराज ने भी अपना समर्थन दिया है।  शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी क्‍या बोली? स्वामी सच्चिदानंद महाराज की इस घोषणा के बाद शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी की तरफ से भी बयान आया है. कमेटी के सचिव एवं पक्षकार तनवीर अहमद ने कहा कि जहां मामले न्यायालय में लंबित हों, वहां इस तरह की बयानबाजी ठीक नहीं है. न्यायालय पर ही सबको भरोसा है. संविधान पर सबको भरोसा है. राम मंदिर का मामला अलग है. वहां तो रामलला तिरपाल में बैठे थे. यहां तो मंदिर अलग है, मस्जिद अलग है. दोनों के रास्ते भी अलग हैं. मस्जिद में पांच टाइम की नमाज होती है और वहां भजन-पूजन. ये दोनों आपसी भाईचारे के प्रतीक हैं। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वच्छ मध्यप्रदेश के लिए जनभागीदारी का किया आह्वान

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर मध्यप्रदेश के जागरूक नागरिकों के अमूल्य और अनुकरणीय सहयोग से राज्य ने स्वच्छता के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां अर्जित की हैं। पर्यावरण संरक्षण और संवर्द्धन की दिशा में राज्य सरकार द्वारा 1 अप्रैल 2026 से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026' को प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह नवीन नियम केवल नगरीय निकायों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इन्हें राज्य के सभी शासकीय विभागों में समान रूप से लागू किया गया है। इसके अंतर्गत नगरीय क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण अंचलों से निकलने वाले कचरे को भी समेकित कर वैज्ञानिक पद्धति से प्रबंधित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस दूरगामी नियम का सफल क्रियान्वयन केवल शासकीय प्रयासों से संभव नहीं है, इसके लिए राज्य के प्रत्येक नागरिक, संस्थान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान को आगे आकर अपनी महती भूमिका निभानी होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भावी पीढ़ी के सुरक्षित भविष्य को रेखांकित करते हुए प्रदेशवासियों से अपनी दैनिक दिनचर्या में विशेष आदतों को सम्मिलित करने के लिए कहा कि पर्यावरण को अक्षुण्ण रखने के लिए हमें यह दृढ़ संकल्प लेना होगा कि हम किसी भी प्रकार का कचरा न तो खुले में फेंकेंगे और न ही उसे जलाएंगे। अपने घर, गली, मोहल्ले और नगर को कचरा मुक्त बनाने के लिए यह आवश्यक है कि नागरिक अपने घरों से निकलने वाले अपशिष्ट को चार श्रेणियों— 'गीला, सूखा, सैनिटरी एवं स्पेशल केयर' में अनिवार्य रूप से अलग-अलग करके ही अधिकृत कचरा संग्रहण वाहन को सौंपें। कचरे को संपदा में बदलने और पुनर्चक्रण के सिद्धांतों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों से गृह-स्तर पर जैविक खाद निर्माण (होम कम्पोस्टिंग) अपनाने की अपील की है। उन्होंने आह्वान किया कि पुराने कपड़े, पुस्तकें और अन्य उपयोगी वस्तुओं को फेंकने के बजाय स्थानीय 'रिड्यूस, रियूस, रिसाईकल' (आरआरआर) केंद्रों में जमा करें। इसके साथ ही, पर्यावरण अनुकूल जीवन शैली विकसित करने के लिए बाजार जाते समय हमेशा अपना कपड़े का झोला और पानी की व्यक्तिगत बोतल साथ रखने की आदत डालें, जिससे एकल-उपयोग प्लास्टिक और अपशिष्ट की उत्पत्ति को प्राथमिक स्तर पर ही न्यूनतम किया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य के समस्त नगरीय निकायों को प्रदेश के प्रत्येक घर, व्यावसायिक दुकान और झुग्गी बस्तियों से नियमित, समयबद्ध और निर्बाध रूप से कचरे का संग्रहण करने के निर्देश दिए। इस जन-सरोकार के कार्य में किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वच्छता हमारे सामूहिक स्वास्थ्य, पर्यावरण संतुलन और जीवन की समग्र गुणवत्ता का आधार स्तंभ है। हम आज यदि पूर्ण उत्तरदायित्व के साथ कार्य करेंगे, तभी अपनी भावी पीढ़ी को एक स्वच्छ, समृद्ध और सुरक्षित मध्यप्रदेश सौंप पाएंगे। उन्होंने आह्वान किया कि आइए, हम सब मिलकर "मेरा कचरा – मेरी जिम्मेदारी" के मंत्र को आत्मसात करें और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के सफल क्रियान्वयन में अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराकर मध्यप्रदेश को देश का सबसे स्वच्छ, सुंदर और संवहनीय (सस्टेनेबल) राज्य बनाएं।  

Microsoft ने फिर की बड़ी छंटनी, 4,800 कर्मचारियों की नौकरी पर गिरी गाज; AI बना बड़ी वजह

 नई दिल्ली Microsoft ने एक बार फिर बड़े स्तर पर कर्मचारियों की छंटनी की है. कंपनी ने आधिकारिक तौर पर करीब 4,800 कर्मचारियों की नौकरी खत्म करने का ऐलान किया है। यह कंपनी के कुल कर्मचारियों का लगभग 2.1 प्रतिशत है. सबसे ज्यादा असर कंपनी के कमर्शियल सेल्स और Xbox डिवीजन पर पड़ा है. माइक्रोसॉफ्ट का कहना है कि यह फैसला कंपनी को तेजी से बदल रही AI दुनिया के हिसाब से तैयार करने के लिए लिया गया है।  इस छंटनी के बाद भारतीय मूल की टेक लीडर आशा शर्मा भी चर्चा में हैं. आशा शर्मा फिलहाल Xbox की CEO हैं. उन्होंने कर्मचारियों को भेजे गए एक इंटरनल मैसेज में कहा कि Xbox अपने इतिहास के सबसे बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है. उन्होंने माना कि यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन कंपनी को लंबे समय के लिए मजबूत बनाने के लिए यह जरूरी है।  माइक्रोसॉफ्ट की चीफ पीपल ऑफिसर एमी कोलमैन ने कर्मचारियों को भेजे मैसेज में कहा कि टेक्नोलॉजी की दुनिया तेजी से बदल रही है. आर्टिफिशियल इंटेेलिजेंस की वजह से काम करने का तरीका बदल रहा है और इसी के हिसाब से कंपनी को अपने संसाधन, निवेश और टीम की प्रायॉरिटी बदलनी पड़ रही हैं।  कंपनी का कहना है कि यह सिर्फ लागत कम करने का मामला नहीं है, बल्कि आने वाले समय की जरूरतों के मुताबिक खुद को तैयार करने की प्रक्रिया है।  Xbox डिवीजन पर इस फैसले का सबसे ज्यादा असर पड़ा है. आशा शर्मा ने बताया कि वित्त वर्ष 2027 तक Xbox में करीब 3,200 पद पोस्ट खत्म किए जाएंगे. इनमें से लगभग 1,600 कर्मचारियों की छंटनी अभी की गई है. साथ ही Xbox के चार स्टूडियो नए मैनेजमेंट के तहत काम करेंगे।  कंपनी का कहना है कि उसका मकसद गेमिंग बिजनेस को फिर से मजबूत करना और निवेश को उन प्रोजेक्ट्स पर केंद्रित करना है जिनसे भविष्य में बेहतर कमाई हो सकती है।  हाल के महीनों में माइक्रोसॉफ्ट ने AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर अरबों डॉलर का निवेश किया है. कंपनी Copilot और दूसरे AI प्रोडक्ट्स पर तेजी से काम कर रही है. इसी वजह से कंपनी अपने कई पुराने बिजनेस और टीमों की फिर से रिव्यू कर रही है।  रिपोर्ट्स के मुताबिक माइक्रोसॉफ्ट निवेश को AI की तरफ शिफ्ट कर रहा है, जबकि कई दूसरे टेक दिग्गज भी इसी तरह की स्ट्रैटिजी अपना रहे हैं।   आशा शर्मा का नाम भारत से भी जुड़ा है. वह भारतीय मूल की टेक एग्जीक्यूटिव हैं और इससे पहले माइक्रोसॉफ्ट में AI, क्लाउड और प्रोडक्ट से जुड़े कई बड़े पदों पर काम कर चुकी हैं।  हाल ही में उन्हें Xbox की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. अब उनके नेतृत्व में माइक्रोसॉफ्ट का गेमिंग डिविजन Xbox अपने इतिहास के सबसे बड़े बदलाव से गुजर रहा है, इसलिए पूरी टेक इंडस्ट्री की नजर इस फैसले पर है।    बता दें कि ये माइक्रोसॉफ्ट की पहली बड़ी छंटनी नहीं है. पिछले कुछ सालों में भी कंपनी कई बार हजारों कर्मचारियों की नौकरी खत्म कर चुकी है. हालांकि इस बार कंपनी का साफ कहना है कि उसका फोकस AI, नए  बिजनेस मॉडल और भविष्य की तकनीकों पर निवेश बढ़ाने का है। 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में जल सुरक्षा को मजबूत करने और जल क्षेत्र में सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने के लिए कई ऐतिहासिक पहल

भोपाल केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में बीच नर्मदा अवार्ड लाभार्थी राज्यों महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच लंबित भुगतान के निपटारे पर ऐतिहासिक समझौता हो गया है। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल की उपस्थिति में आज नई दिल्ली में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। बैठक में केन्द्र एवं चारों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। यह समझौता मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र राज्यों द्वारा सरदार सरोवर परियोजना के निर्माण के लागत साझाकरण के मुद्दों से जुड़े दीर्घकालिक विवादों को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है, जिसके तहत लंबित देयों के अंतिम निपटान के रूप में किए जाने वाले भुगतानों को एकमुश्त निपटान (वन-टाइम सेटलमेंट) के रूप में हल किया गया है। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच लंबे समय से नर्मदा अवॉर्ड के लंबित भुगतान का विवाद चल रहा था, जिसका आज सौहार्दपूर्ण समाधान निकल गया है। अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में जल सुरक्षा को मजबूत करने और जल क्षेत्र में सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने के लिए कई ऐतिहासिक पहल की गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में अनेक राज्यों में डबल इंजन सरकार बनने का लाभ यह हुआ है कि हम में एक-दूसरे को समझने की क्षमता बढ़ी है, राजनीतिक मुद्दे कम हुए हैं और देश के अनेक विवाद अब तेजी से सुलझाए जा रहे हैं। केन्द्रीय गृह मंत्री ने इस महत्वपूर्ण अंतर-राज्यीय परियोजना पर आम सहमति बनाने में मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र की सरकारों द्वारा दिए गए रचनात्मक सहयोग की सराहना की। शाह ने कहा कि इस परियोजना से विशेषकर मध्य प्रदेश, गुजरात तथा राजस्थान को बहुत लाभ हुआ। बांध पूरा होने से इन राज्यों में हर जगह पानी और बिजली पहुंची। उन्होंने कहा कि राजस्थान को हुआ लाभ दिखने में छोटा लग सकता है, पर जिस भूमि तक नर्मदा का पानी पहुंचा है, वहां भूमि का मूल्य और किसान की किस्मत दोनों बदल गई है। गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल जी के नेतृत्व में देश में चल रहे जल विवाद या जल वितरण से जुड़े विवाद एक-एक कर सुलझाए जा रहे हैं। पिछले दिनों हरियाणा और राजस्थान के बीच का जल विवाद सुलझाया गया। शाह ने कहा कि चाहे किशाऊ बांध परियोजना का मुद्दा हो या राजस्थान, हरियाणा के बीच जल विवाद हो या आज का यह समझौता, ये सभी सहकारी संघवाद के स्वर्णिम उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि चाहे गुजरात हो, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा या महाराष्ट्र, पानी देश के लोगों, खासकर किसानों के ही काम आता है। शाह ने कहा कि पानी का उपयोग चाहे देश के किसी भी हिस्से में हो उससे लाभान्वित होने वाला एक भारतीय ही होगा केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि किसी भी विवाद से होने वाले राष्ट्रीय नुकसान (National Loss) को ध्यान में रख कर उसे सुलझाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि पड़ोसी राज्य समृद्ध होता है, तो उसका लाभ अपने राज्य को भी मिलता है।  

मेरठ-हरिद्वार से विंध्य तक, यूपी में बनेंगे तीन नए एक्सप्रेसवे

 लखनऊ  प्रदेश सरकार विधानसभा चुनाव से पहले तीन नई एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर निर्माण कार्य शुरू कराने की तैयारी में है। इसके तहत प्रस्तावित मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे, विंध्य एक्सप्रेसवे और विंध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। संबंधित जिलाधिकारियों को अधिग्रहीत की जाने वाली भूमि का सत्यापन जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों के बीच सड़क संपर्क और मजबूत होगा। साथ ही औद्योगिक, व्यापारिक और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। गंगा एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे प्रस्तावित मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे लगभग 150 किलोमीटर लंबा होगा। यह मेरठ, अमरोहा, बिजनौर और उत्तराखंड के हरिद्वार जिलों के 185 गांवों से होकर गुजरेगा। परियोजना के लिए करीब 2000 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। यह एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा, जिससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच आवागमन अधिक सुगम होगा। विंध्य एक्सप्रेसवे 341 गांवों से होकर गुजरेगा करीब 330 किलोमीटर लंबे विंध्य एक्सप्रेसवे से प्रयागराज, भदोही, मीरजापुर और सोनभद्र जिले जुड़ेंगे। यह लगभग 341 गांवों से होकर गुजरेगा और इसके लिए करीब 4600 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जानी है। प्रयागराज में इसका संपर्क गंगा एक्सप्रेसवे से होगा, जिससे विंध्य क्षेत्र की कनेक्टिविटी और बेहतर होगी। विंध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे 135 गांवों से होकर गुजरेगा वहीं विंध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे लगभग 130 किलोमीटर लंबा प्रस्तावित है। यह गाजीपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा और गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी तथा मीरजापुर के लगभग 135 गांवों से होकर गुजरेगा। इसके लिए करीब 2800 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी। स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया है कि इन तीनों एक्सप्रेसवे से जुड़े जिलों के जिलाधिकारियों को भूमि अधिग्रहण प्लान भेजते हुए अधिग्रहित की जाने वाली भूमि का सत्यापन जल्द करने के निर्देश दिए गए हैं। एक्सप्रेसवे का काम जल्द शुरू होगा भूमि अधिग्रहण के साथ ही इन एक्सप्रेसवे का काम जल्द शुरू कराने का लक्ष्य है। इनके बन जाने पर प्रदेश का बहुत बड़ा हिस्सा एक्सप्रेसवे नेटवर्क से आपस में जुड़ जाएगा। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में इस समय जेवर लिंक एक्सप्रेसवे सहित चार नए लिंक एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण का काम चल रहा है। सरकार इन लिंक एक्सप्रेसवे का काम भी जल्द शुरू कराने जा रही है।  

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री को पीएम आवास के संबंध में लिखा पत्र

रायपुर  उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत कोई भी पात्र परिवार आवास से वंचित न रहे, इसके लिए आवश्यक पहल करने का आग्रह किया है। उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री  शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर नई दिल्ली में 28 एवं 29 जून 2026 को आयोजित राष्ट्रीय ग्रामीण सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।  शर्मा ने अपने पत्र में लिखा कि राष्ट्रीय ग्रामीण सम्मेलन वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने सम्मेलन के सफल आयोजन तथा ग्रामीण विकास के क्षेत्र में  चौहान के नेतृत्व की सराहना करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया।            उपमुख्यमंत्री ने पत्र में उल्लेख किया कि सम्मेलन के दौरान केन्द्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान द्वारा यह आश्वासन दिया गया था कि किसी भी परिस्थिति में कोई भी पात्र व्यक्ति प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से वंचित नहीं रहेगा। इसी संदर्भ में उन्होंने छत्तीसगढ़ में सामने आई कुछ महत्वपूर्ण व्यावहारिक समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित कराया। उन्होंने बताया कि 24 जून को प्रदेशभर में आयोजित ग्राम सभाओं में आवास प्लस 2.0 की सूची प्रस्तुत की गई, जिसके दौरान कुछ समस्याएं भी सामने आईं, जिसमें सर्वेक्षण के समय कुछ पात्र व्यक्ति पलायन अथवा अन्य कारणों से उपलब्ध नहीं हो सके, जिसके कारण उनका सर्वे नहीं हो पाया और उनका नाम पात्रता सूची में शामिल नहीं हो सका। साथ ही कुछ पात्र परिवारों का सर्वे तो हुआ, लेकिन तकनीकी अथवा अन्य कारणों से उनकी जानकारी पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं हो सकी, जिससे ग्राम सभा में उनकी पात्रता प्रदर्शित नहीं हो पाई।           शर्मा ने कहा कि इन दोनों कारणों से प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे पात्र परिवार आवास स्वीकृति से वंचित रह गए हैं, जो वास्तव में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभ के हकदार हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि इन समस्याओं के समाधान हेतु भारत सरकार स्तर पर आवश्यक निर्णय एवं पहल की जाए, ताकि माननीय प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के सभी पात्र परिवारों को आवास के संकल्प को पूर्ण रूप से साकार किया जा सके। अंत में उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने छत्तीसगढ़ के प्रति  शिवराज सिंह चौहान के निरंतर मार्गदर्शन, सहयोग के लिए उनका पुनः आभार व्यक्त किया है।

छात्राओं को साइकिल वितरित कर कहा – हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता

रायपुर  पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने आज स्वामी आत्मानंद गवर्नमेंट स्कूल ऑफ एक्सीलेंस (अंग्रेजी माध्यम), ब्रम्हरोड अंबिकापुर में आयोजित शाला प्रवेश उत्सव में सहभागिता करते हुए विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों के साथ नए शैक्षणिक सत्र का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने छात्राओं को साइकिल वितरित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं तथा शिक्षा को जीवन में सफलता का सबसे प्रभावी माध्यम बताया। कार्यक्रम के दौरान मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाने और बेटियों को शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। छात्राओं को साइकिल वितरण केवल एक योजना नहीं, बल्कि उनकी शिक्षा, आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास को सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण प्रयास है। इससे बेटियों की विद्यालय तक सुरक्षित और सुगम पहुँच सुनिश्चित होगी तथा वे अपने सपनों को साकार करने की दिशा में और अधिक आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकेंगी। उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि विद्यालय ज्ञान, संस्कार और व्यक्तित्व निर्माण का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र है। विद्यार्थी पूरे मनोयोग से अध्ययन करें, अनुशासन और मेहनत को अपना जीवन मंत्र बनाएं तथा अपने माता-पिता, शिक्षकों और प्रदेश का नाम रोशन करें। आज का परिश्रम ही कल की सफलता का आधार बनेगा। मंत्री  अग्रवाल ने शिक्षकों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि एक शिक्षक केवल पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाता, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करता है। शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग से ही बच्चों का सर्वांगीण विकास संभव है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अनेक नवाचार कर रही है। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय योजना के माध्यम से प्रदेश के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वे राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में मंत्री  राजेश अग्रवाल ने सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को नए शैक्षणिक सत्र के लिए हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के विद्यार्थी शिक्षा, संस्कार और प्रतिभा के बल पर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण, शिक्षकगण, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

ताश के पत्तों की तरह गिरी तीन मंजिला इमारत, सुरक्षा के मद्देनज़र घेरा गया इलाका

 जबलपुर  शहर के पुराने बाजार क्षेत्र बड़ा फुहारा में एक तीन मंजिला जर्जर इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। सोमवार की बरिश के चलते भरभराकर गिरी इमारत से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। चंद सेकंड में इमारत मलबे के ढेर में तब्दील हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में धूल का घना गुबार छा गया और कुछ देर तक लोगों में दहशत का माहौल बना रहा। गनीमत रही कि मंगलवार को बाजार बंद रहता है इसलिए सभी दुकानें बंद थी नहीं लिहाजा कोई जनहानि नहीं हुई, वरना बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। हादसा हुआ अचानक, किसी को संभलने का मौका नहीं मिला बताया जाता है कि उक्त इमारत में साड़ी की दुकान संचालित होती थी। ये तीन मंजिला इमारत जर्जर हो चुकी थी। आस-पास की जगह अन्य भवनों का निर्माण कार्य चल रहा है, जिससे इमारत को सपोर्ट नहीं मिला और सोमवार को तीन मंजिला इमारत ढह गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इमारत गिरते ही आसपास की दुकानों और सड़कों पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। पूरे क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से घेर लिया गया सूचना मिलते ही नगर निगम का राहत दल मौके पर पहुंच गया। पूरे क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से घेर लिया गया। मलबे के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। घटना के कई वीडियो और तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें तीन मंजिला इमारत के ढहने के बाद चारों ओर फैला मलबा, उड़ती धूल और दहशत में भागते लोग साफ दिखाई दे रहे हैं। हादसे ने शहर में जर्जर और पुराने भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन द्वारा इमारत गिरने के कारणों की जांच की जा रही है।  

नदियों के तट से पांच किमी. की परिधि में पौधरोपण कर 22240 से अधिक हेक्टेयर भूमि को आच्छादित करेगी योगी सरकार

लखनऊ  योगी सरकार पौधरोपण महायज्ञ-2026 के तहत उत्तर प्रदेश में 13 प्रमुख नदियों के किनारे बड़े पैमाने पर पौधरोपण करेगी। गंगा, यमुना, गोमती, सरयू, समेत कई प्रमुख नदियों के किनारे पौधरोपण होगा। गंगा के किनारे 4495.72 हेक्टेयर में 79.86 लाख से अधिक पौधरोपण होगा तो यमुना किनारे सर्वाधिक 647 स्थल चिह्नित किए गए हैं, जहां पौधरोपण कराए जाएंगे। नदियों के तट से पांच किमी. की परिधि में कुल 2673 स्थल चिह्नित किए गए हैं, इनके किनारे 22240 हेक्टेयर से अधिक में 3.83 करोड़ से अधिक पौधरोपण होगा।  यमुना नदी के तट क्षेत्र पर होंगे सर्वाधिक पौधरोपण  सीएम योगी के निर्देश पर नदियों के किनारे पौधरोपण होंगे। अविरल धारा पौधरोपण कार्यक्रम के तहत यमुना नदी के तट पर सर्वाधिक पौधे रोपित किए जाएंगे। यमुना के कैचमेंट एरिया में 647 स्थलों पर 6531.77 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 1 करोड़, 8 लाख, 18 हजार से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। वहीं गंगा नदी के किनारे 603 स्थलों पर 4495.72 हेक्टेयर में पौधे लगाए जाएंगे। इसके किनारे 79.86 लाख से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। गंगा किनारे के वन प्रभागों प्रयागराज, प्रतापगढ़, कौशांबी, फतेहपुर, वाराणसी, गाजीपुर, मीरजापुर, भदोही, काशी वन्यजीव व बलिया आदि में यह पौधरोपण प्रस्तावित है।  इन 13 नदियों के समीप होगा अविरल धारा पौधरोपण क्रम  नदी    स्थल   क्षेत्रफल (हेक्टेयर)   पौधों की संख्या  1  यमुना       647      6531.77         1,08,18,731 2 गंगा         603       4495.72          79,86,512 3 गोमती        297      1521.5          31,37,845 4 सरयू/घाघरा   254      1635.58         27,75,860 5  सई        238      1032.52          23,29,609 6  बेतवा       171       3281.76         52,35,132 7 राप्ती       155          1037.67         16,60,272 8 छोटी गंडक   105       513.00          8,20,800 9  सोन        67        970.63         14,77,158  10  रामगंगा    51        268.51         4,49,978 11  केन       39       667.9            10,68,381 12  हिंडन     33        131.55          3,16,480 13  चंबल     13         152.00           2,28,200 कुल–     2673        22240.11        3,83,04,958 पौधरोपण महायज्ञ-2026 के दौरान वन विभाग की तरफ से प्रदेश में 13 नदियों के किनारे अविरल धारा पौधरोपण कराया जाएगा। इसमें मां गंगा, मां यमुना, मां सरयू आदि के नदियों के तट से 5 किमी. की परिधि में पौधरोपण होगा। नदियों के किनारे 3.83 करोड़ से अधिक पौधरोपण को लेकर भी विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है। मुख्यमंत्री जी के दिशा-निर्देशन में पौधरोपण महायज्ञ उत्सव के साथ मनाया जाएगा।  अदिति शर्मा  मुख्य वन संरक्षक (प्रचार/प्रसार), वन विभाग

सीएम सैनी का बड़ा फैसला, सड़क-बिजली-सिवरेज योजनाओं को मिली रफ्तार

चंडीगढ़   हरियाणा में सड़क, सीवरेज और बिजली सहित विभिन्न योजनाओं से जुड़े 340 करोड़ के खरीद प्रस्तावों को प्रदेश सरकार ने मंजूरी दे दी है। इससे विशेषकर गुरुग्राम, सोनीपत, फरीदाबाद और पंचकूला में विकास कार्यों को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हरियाणा निवास में आयोजित उच्चाधिकार प्राप्त क्रय समिति (एचपीपीसी) तथा हाई पावर्ड वर्क्स परचेज कमेटी (एचपीडब्ल्यूपीसी) की बैठक में बोलीदाताओं से मोलभाव कर 15.11 करोड़ रुपये बचाए गए। शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल, सहकारिता मंत्री डा. अरविंद शर्मा तथा लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) मंत्री रणबीर गंगवा की मौजूदगी में हुई बैठक में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के लिए 11 केवी पिल्फर रेजिस्टेंट मीटरिंग क्यूबिकल्स की आपूर्ति हेतु रेट कांट्रेक्ट को मंजूरी प्रदान की गई। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के लिए 11 केवी वीसीबी पैनल, इनकम एवं आउटगोइंग पैनल, कैपेसिटर कंट्रोल पैनल तथा सब-स्टेशन ट्रांसफार्मर पैनलों की खरीद की जाएगी। हरियाणा डेयरी विकास सहकारी प्रसंघ लिमिटेड द्वारा केंद्र सरकार की एनपीडीडी योजना के अंतर्गत पीपीपी मोड पर संचालित की जाने वाली प्रयोगशाला के लिए आवश्यक उपकरणों की खरीद को मंजूरी दी गई है। गुरुग्राम के सेक्टर-78 और 80 के मध्य मास्टर रोड एवं सर्विस रोड का निर्माण किया जाएगा। फरीदाबाद में सेक्टर-9, 10, 14, 15, 15ए, 16, 17, 18, 19, 29, 30, 31, 32, 34, 35 और 37 के ग्रीन बेल्ट तथा पार्कों के लिए छह माइक्रो सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने, उनसे संबंधित आधारभूत ढांचे के निर्माण तथा संचालन एवं रखरखाव से जुड़े कार्यों को मंजूरी प्रदान की गई है। सोनीपत के कुंडली में सीवर लाइनें बिछाने एवं मैनहोल निर्माण, खरखौदा में वर्षा जल निकासी व्यवस्था एवं नालों के निर्माण, जीटी रोड से दीवान फार्म तक 65 मीटर चौड़ी सड़क के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण तथा कुंडली में 7.50 एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट एवं मुख्य पंपिंग स्टेशन के निर्माण कार्यों को स्वीकृति दी गई है। पंचकूला में आधा दर्जन कार्यों को मंजूरी पंचकूला औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 एवं फेज-2 के लिए 20 एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तथा 50 एमएलडी क्षमता के मुख्य पंपिंग स्टेशन के निर्माण, मौजूदा 67.5 एमएलडी क्षमता के मुख्य पंपिंग स्टेशन के सुदृढ़ीकरण, 15 एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को बढ़ाकर 30 एमएलडी क्षमता तक करने तथा पिंजौर-कालका शहरी परिसर के सेक्टर-29 में 10 एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट एवं मुख्य पंपिंग स्टेशन के निर्माण कार्य को मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामग्री की आपूर्ति गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तथा निर्धारित समयावधि में सुनिश्चित की जाए।