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Aaj Ka Rashifal 8 July 2026: किस राशि की चमकेगी किस्मत, जानें लव लाइफ, नौकरी और आर्थिक स्थिति

मेष आज मेष राशि वालों के लिए एक शांत और प्रोडक्टिव वातावरण रहेगा। जैसे-जैसे आप अपनी लाइफस्टाइल में स्टेबल होंगे, आपको छोटी-छोटी सफलता मिलती जाएगी। आपके आस-पास के लोग सहयोगी रहेंगे और आपके प्रयासों की तारीफ की जाएगी। वृषभ आज के दिन शांत रहें, जो सबसे सबसे मायने रखता है, उस पर ध्यान केंद्रित करें। ध्यान भटकाने से बचें। आपका देखभाल करने वाला स्वभाव काम आएगा। धैर्य रखने से आप कार्यों, रिश्तों और सेहत को आसानी से संभाल पाएंगे। मिथुन आज के दिन ऊर्जा और सोच-समझकर लिए गए निर्णयों के साथ दिन सुचारू रूप से बीतेगा। पॉजिटिव दृष्टिकोण और व्यवस्थित मन तनाव को दूर रखेगा। आज आपकी क्षमताएं बेहतरीन साबित हो सकती हैं, जो आपको समस्याओं का समाधान करने में मदद करती हैं। कर्क आज बारीकियों पर आपका ध्यान समस्या-समाधान कौशल को निखारता है। आप उन पैटर्न पर ध्यान देते हैं, जो दूसरे लोग अनदेखा कर देते हैं। स्थिर और आत्मविश्वास से भरी प्रगति के लिए धैर्य रखें। सिंह आज के दिन उन टास्क पर ध्यान केंद्रित करें, जिनमें पॉजिटिव सोच की आवश्यकता होती है। जल्दबाजी में फैसले लेने से बचें, क्योंकि सावधानी के साथ विचार करने से बेहतर परिणाम मिलते हैं। कन्या आज आपको अपनी भावनाओं पर भरोसा करने की जरूरत है। आप शांत पलों में शांति पा सकते हैं। आपके आस-पास के लोग आपकी सलाह ले सकते हैं, और आप दयालुता के साथ उन्हें ज्ञान प्रदान करेंगे। तुला तुला राशि के लोग गहरी रचनात्मकता और कोमल भावनाओं का अनुभव करेंगे। अपनी एनर्जी स्टेबल रखने के लिए कला और आराम का संतुलन बनाए रखें। देखभाल करने वाले दोस्तों के माध्यम से सरप्राइज मिल सकते हैं। वृश्चिक आज रिश्तों से जुड़ी समस्याओं का सही ढंग से समाधान करें। नौकरी में उत्पादकता संबंधी समस्याओं पर काबू पाएं। छोटी-मोटी आर्थिक दिक्कतें हो सकती हैं और आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। धनु धनु राशि वालों आज का दिन आपके लिए अच्छे मूड और रोमांच की भावना लेकर आएगा। आप क्रिएटिव सोच या दिलचस्प बातचीत की ओर आकर्षित हो सकते हैं। आपकी जिज्ञासा आपको नई चीजें आजमाने के लिए मोटिवेट कर सकती है। मकर आज बारीकियों पर ध्यान दें। दोस्तों या सहकर्मियों का सपोर्ट आपको कॉन्फिडेंट महसूस कराता है। पूरे दिन पॉजिटिव रहें। कुंभ आज के दिन ध्यान भटकाने वाली चीजों को कम करें। सहकर्मियों के साथ मिलकर काम करने से परिणाम बेहतर मिल सकते हैं। योजना के प्रति एक संतुलित दृष्टिकोण क्लियर करेगा कि आप पर्सनल और प्रोफेशनल, दोनों प्रोजेक्ट्स में प्रगति कर सकें। मीन लव लाइफ में समस्याओं को सुलझाएं और अपने साथी के साथ एक्स्ट्रा टाइम स्पेंड करें। बेहतर करियर ग्रोथ के लिए प्रोफेशनल मौकों का उपयोग करें। आज आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें। कोई बड़ी स्वास्थ्य समस्या नहीं आएगी।

घर बैठे करें आवेदन, बुकिंग और मेंटेनेंस शुल्क का ऑनलाइन भुगतान

रायपुर रायपुर विकास प्राधिकरण (आर.डी.ए.) ने नागरिकों की सुविधा और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए अपनी संपत्तियों की बुकिंग प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। अब इच्छुक नागरिक बिना कार्यालय आए घर बैठे ही प्राधिकरण की वेबसाइट पर उपलब्ध डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से संपत्तियों की जानकारी प्राप्त कर ऑनलाइन आवेदन एवं बुकिंग कर सकेंगे। प्राधिकरण ने प्रथम चरण में लगभग 121 आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों को ऑनलाइन बुकिंग के लिए उपलब्ध कराया है। इनमें कमल विहार तथा रावभाटा सहित प्राधिकरण की प्रमुख योजनाओं की संपत्तियां शामिल हैं। कमल विहार में आवासीय फ्लैट, आवासीय एवं व्यावसायिक भूखंड उपलब्ध हैं, जबकि रावभाटा में व्यावसायिक संपत्तियां बुकिंग के लिए उपलब्ध कराई गई हैं। प्राधिकरण द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर एवं निम्न आय वर्ग के हितग्राहियों के लिए भी आवासीय संपत्तियों का निर्माण किया गया है, ताकि प्रत्येक वर्ग के नागरिकों को उनकी आवश्यकता और सामर्थ्य के अनुरूप आवास उपलब्ध कराया जा सके। ऑनलाइन बुकिंग सुविधा के साथ अब हितग्राही घर बैठे ही वेबसाइट के माध्यम से मेंटेनेंस शुल्क का ऑनलाइन भुगतान भी कर सकेंगे। इससे नागरिकों को कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं होगी और सेवाएं अधिक सुविधाजनक, समयबद्ध तथा पारदर्शी बनेंगी। रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष नंदे साहू ने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य नागरिकों को आधुनिक, पारदर्शी एवं जनहितैषी सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था से समय की बचत होगी, प्रक्रिया सरल बनेगी तथा संपत्तियों के आवंटन में पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित होगी। डिजिटल भुगतान की सुविधा से हितग्राहियों को त्वरित एवं बेहतर सेवाओं का लाभ मिलेगा। उन्होंने नागरिकों से इस ऑनलाइन व्यवस्था का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अवनीश कुमार शरण ने बताया कि लंबे समय से संपत्तियों की बुकिंग प्रक्रिया बंद थी। अब उपलब्ध सभी संपत्तियों को एक साथ ऑनलाइन पोर्टल पर लाइव कर दिया गया है, जिससे नागरिक पारदर्शी, त्वरित और सुविधाजनक तरीके से संपत्तियों की बुकिंग कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण का लक्ष्य अधिकाधिक सेवाओं का डिजिटलीकरण कर नागरिकों को सहज, सरल और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना है। रायपुर विकास प्राधिकरण की यह पहल डिजिटल प्रशासन को मजबूत बनाने के साथ-साथ नागरिक सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ऑनलाइन आवेदन, बुकिंग और डिजिटल भुगतान की सुविधा से संपत्तियों के आवेदन, भुगतान एवं आवंटन की पूरी प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल, तेज और पारदर्शी हो जाएगी।

​जल जीवन मिशन के कार्यों को तेजी से पूर्ण कराएं, फंड की कोई कमी नहीं: मुख्यमंत्री

​वाराणसी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर मंगलवार को वाराणसी पहुंचे। उन्होंने सर्किट हाउस में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की प्रगति और कानून-व्यवस्था की समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। ​वाराणसी में गतिमान निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि एकीकृत मंडलीय कार्यालय का निर्माण कार्य 18 माह में पूरा कराने का हर संभव प्रयास किया जाए। उन्होंने गंगा नदी में नावों के सुचारु संचालन के संबंध में नाविकों के साथ बैठक करने के निर्देश दिए। साथ ही स्थानीय स्तर पर नगर निगम के माध्यम से छोटी नावों का पंजीकरण कराकर उन्हें लाइफ जैकेट आदि आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने को कहा। दालमंडी सड़क चौड़ीकरण के संबंध में उन्होंने अवशेष भवनों का नियमानुसार मुआवजा वितरित कर ध्वस्तीकरण की कार्यवाही शीघ्रता से कराने के निर्देश दिए। ​जल जीवन मिशन के अंतर्गत कार्यों को तेजी से पूर्ण कराने का निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना में फंड की कोई कमी नहीं है, इसलिए किसी भी स्तर पर हीलाहवाली नहीं होनी चाहिए। पेयजल पाइपलाइन बिछाने के दौरान खोदी गई सड़कों का साथ-ही-साथ मरम्मत कार्य भी अवश्य कराया जाए। इसमें कहीं से भी शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। ​मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में बन रहे रोप-वे की प्रगति की जानकारी लेते हुए उसे तय समय-सीमा में पूर्ण कराने का निर्देश दिया। इस दौरान मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने मुख्यमंत्री को बताया कि अगस्त माह तक रोप-वे का कार्य पूर्ण करा लिया जाएगा। ​शहर में अंडरग्राउंड केबलिंग के दौरान जगह-जगह सड़कें खोदकर छोड़ दिए जाने और उनकी ठीक से मरम्मत न होने के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इस पर मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि संबंधित कार्य से पहले अंतर्विभागीय बैठकें अवश्य कर ली जाएं, ताकि संबंधित विभाग सड़कों की मरम्मत का कार्य समय से करा सके। उन्होंने ऐसी सड़कों की मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर कराने के निर्देश दिए। ​बैठक के दौरान वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष द्वारा विकसित की जा रही टाउनशिप 'आनंद काशी', 'रुद्र काशी' और 'काशी स्पोर्ट्स सिटी' की प्रगति रिपोर्ट मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की गई। मुख्यमंत्री ने समस्त आवश्यक कार्यवाहियों को समय से पूरा करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने शहर में पेयजल एवं सीवर पाइपलाइन बिछाने के दौरान रोड कटिंग के रेस्टोरेशन कार्यों को साथ-ही-साथ कराने पर विशेष जोर दिया। इसके अलावा, उन्होंने निर्माणाधीन यूनिटी मॉल के कार्य में भी तेजी लाने के निर्देश दिए। ​मुख्यमंत्री ने पौधरोपण महाअभियान की पूरी तैयारी करने के निर्देश दिए। साथ ही बॉर्डर एरिया में पुलिस द्वारा विशेष सतर्कता बरतने, पेट्रोलिंग बढ़ाने और प्रत्येक 6 माह में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी बदलने के निर्देश दिए। उन्होंने आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन आदि माध्यमों से प्राप्त होने वाले शिकायती प्रार्थना पत्रों का मेरिट के आधार पर त्वरित निस्तारण करने को कहा। ​जिले की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने तय समय में प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्रावण मास की तैयारियों की समीक्षा के दौरान उन्होंने श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में काशीवासियों को दर्शन के लिए अलग मार्ग की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। इस पर पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने काशीवासियों की इस बहुप्रतीक्षित मांग को पूरा करने के लिए जनता की ओर से मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने आगामी श्रावण मास के दौरान मैदागिन से गोदौलिया तक की जाने वाली बैरिकेडिंग से स्थानीय व्यापारियों को समस्या न होने देने तथा उक्त मार्ग पर पर्याप्त एम्बुलेंस की व्यवस्था रखने का आग्रह किया, जिस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। ​बैठक में श्रावण मास के दौरान प्रशासन तथा पुलिस विभाग की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। मंडलायुक्त एस. राजलिंगम द्वारा काशी विश्वनाथ धाम तथा वाराणसी परिक्षेत्र में स्थित विभिन्न शिवालयों में की जा रही तैयारियों का विस्तृत विवरण मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया। मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि श्रावण मास के दौरान प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग और विद्युत विभाग आपस में बेहतर समन्वय स्थापित करके कार्य करें। परिवहन व रेलवे के साथ भी बेहतर तालमेल हो ताकि भीड़ नियंत्रण व श्रद्धालुओं को बेहतर सुरक्षा मिल सके। श्रद्धालुओं को सभी बुनियादी सुविधाएं जैसे साफ-सफाई, पेयजल, खोया-पाया केंद्र, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन और निःशुल्क लॉकर आदि सुलभ कराए जाएं। ​मुख्यमंत्री ने गंगा नदी में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सावधानी बरतने, लाइफ जैकेट का अनिवार्य प्रयोग करने, सीसीटीवी से लगातार मॉनिटरिंग करने समेत जल पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने मैदागिन से गोदौलिया के बीच बैरिकेड्स को दुरुस्त करने को कहा ताकि किसी भी श्रद्धालु को चोट न लगे, साथ ही जर्जर भवनों के पास बैरिकेड्स लगाने में विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रावण मास में पूरे महीने भीड़ रहेगी, जिसके दृष्टिगत बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। मंदिर व्यवस्था में लगे कर्मियों की ड्यूटी रोटेशन के आधार पर बदली जाए ताकि वीआईपी दर्शन के नाम पर श्रद्धालुओं के साथ कोई धोखाधड़ी न हो। होटल, रेस्तरां तथा बस स्टैंडों पर मनमाना शुल्क न वसूला जाए, इस पर भी लगातार नजर रखने की जरूरत है। ​जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान बताया कि वर्ष 2014 से अब तक कुल 36,210 करोड़ रुपये की लागत के 536 प्रोजेक्ट्स पूरे हो चुके हैं। वर्तमान में 25,007 करोड़ रुपये की 191 परियोजनाएं गतिमान हैं। उन्होंने जिले के सभी लाइव प्रोजेक्ट्स को एक-एक करके मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया। ​समीक्षा बैठक में पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने वाराणसी कमिश्नरेट की कानून-व्यवस्था समेत आगामी श्रावण मास के दौरान पुलिस विभाग की तैयारियों को पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुत किया। एडीजी पीयूष मोर्डिया ने जोन के सभी नौ जिलों में पुलिस कार्रवाई समेत गो-तस्करी, अवैध शराब तस्करी और 'ऑपरेशन वज्रपात' के दौरान की गई कार्रवाइयों का विवरण दिया। इस पर मुख्यमंत्री ने और बेहतर कार्य करने, फुट पेट्रोलिंग बढ़ाने, जनता से उचित व्यवहार करने, सदैव सजग रहने तथा बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ​बैठक के दौरान श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, खादी ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान, स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पूनम मौर्य, महापौर अशोक तिवारी, विधान परिषद सदस्य राय धर्मेंद्र सिंह, विधायक डॉ. … Read more

08 जुलाई को न्यू कन्वेंशन हॉल, रायपुर में आयोजित होगी बैठक

रायपुर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा मानसून 2026 के दौरान राज्य की औद्योगिक इकाइयों द्वारा संचालित वृक्षारोपण कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा, समन्वय तथा आगामी कार्ययोजना तैयार करने के उद्देश्य से 08 जुलाई 2026 (बुधवार) को प्रातः 11:30 बजे न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइंस, रायपुर स्थित न्यू कन्वेंशन हॉल में समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता सचिव, आवास एवं पर्यावरण विभाग तथा अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल अंकित आनंद करेंगे। बैठक में राज्य की प्रमुख औद्योगिक इकाइयों के अधिकृत प्रतिनिधि, मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के सदस्य सचिव राजू अगसिमनी ने बताया कि बैठक में उद्योगों द्वारा प्रस्तावित एवं संचालित वृक्षारोपण कार्यों की प्रगति, पौधों के संरक्षण एवं रखरखाव की व्यवस्था, निगरानी तंत्र तथा उद्योगवार कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। साथ ही वृक्षारोपण कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा पर्यावरण संरक्षण के निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि सभी संबंधित औद्योगिक इकाइयों को अपने वृक्षारोपण लक्ष्य, अब तक की उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजना के साथ बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि राज्य में हरित आवरण बढ़ाने के अभियान को और अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाया जा सके।

यूपीईएसएससी ने घोषित किया प्रवक्ता भर्ती-2022 का अंतिम परिणाम, 18 विषयों के 624 पदों पर चयन

लखनऊ  योगी सरकार की मंशा के अनुरूप प्रदेश में खाली विभिन्न पदों पर भर्ती अभियान जारी है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज ने सहायता प्राप्त अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में प्रवक्ता (बालक/बालिका) भर्ती-2022 का अंतिम चयन परिणाम घोषित कर दिया है। आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि18 विषयों के कुल 624 प्रवक्ता पदों के लिए लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार के उपरांत चयनित अभ्यर्थियों की अंतिम सूची जारी कर दी गई है। अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के युवाओं को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से सरकारी सेवा में अवसर उपलब्ध कराना आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी क्रम में प्रवक्ता भर्ती-2022 की पूरी प्रक्रिया निष्पक्षता और शुचिता के साथ संपन्न कराई गई। उन्होंने सभी चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि प्रवक्ता भर्ती की लिखित परीक्षा 09 एवं 10 मई 2026 को आयोजित की गई थी। लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों का साक्षात्कार 15 जून से 27 जून 2026 तक संपन्न कराया गया। लिखित परीक्षा, अभिलेख सत्यापन एवं साक्षात्कार की समस्त प्रक्रिया पूरी होने के बाद आयोग ने अंतिम चयन परिणाम घोषित कर दिया है। उन्होंने बताया कि भौतिकी, जीवविज्ञान, गृह विज्ञान, इतिहास, शिक्षा, अंग्रेजी, कृषि, वाणिज्य, समाजशास्त्र, नागरिक शास्त्र, गणित, अर्थशास्त्र, संस्कृत, मनोविज्ञान, रसायन विज्ञान, भूगोल, हिंदी तथा कला सहित कुल 18 विषयों के चयनित अभ्यर्थियों का विषयवार एवं श्रेणीवार विवरण आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया गया है। अभ्यर्थी कटऑफ अंक एवं चयन संबंधी विस्तृत जानकारी भी वेबसाइट के माध्यम से देख सकते हैं। अभ्यर्थी अपने अनुक्रमांक एवं जन्मतिथि के माध्यम से आयोग की वेबसाइट www.upessc.up.gov.in पर उपलब्ध लिंक से एक सप्ताह तक अपने प्राप्तांक देख सकेंगे। इसके अतिरिक्त प्राप्तांकों से संबंधित कोई भी सूचना सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड नियमावली, 1998 के नियम 12(9) के अनुसार अभ्यर्थियों द्वारा साक्षात्कार पत्र डाउनलोड करते समय ऑनलाइन भरी गई संस्थाओं की अधिमानता तथा घोषित चयन पैनल के आधार पर नियम 12(10) के प्रावधानों के अनुरूप संस्था आवंटन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाएगी।

छत्तीसगढ़ स्टेट वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन के कर्मचारियों को उपहार निगम प्रबंधन एवं ऐक्सिस बैंक के मध्य करार

रायपुर स्टेट वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन के नवा रायपुर स्थित मुख्यालय भवन में निगम के अध्यक्ष  चंदूलाल साहू, की उपस्थिति में स्टेट वेयरहाउसिंग एवं ऐक्सिस बैंक के मध्य सैलरी एम ओ यू (समझौता ज्ञापन) निष्पादित किया गया। इस अवसर पर निगम के प्रबंध संचालक  आषीष कुमार टिकरिहा साथ ही निगम एवं ऐक्सिस बैंक के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।       एम ओ यू (समझौता ज्ञापन) के तहत ऐक्सिस बैंक में निगम कर्मियों के सैलरी एकाउंट खोलने पर निगम के नियमित कर्मचारियों एवं दैनिक वेतन श्रमिकों को 1.10 करोड़ रूपये का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा तथा 10 लाख का प्राकृतिक मृत्यु बीमा निःशुल्क कवर किया जाएगा। निगम कर्मचारियों की मृत्यु की स्थिति में परिवार को 8 लाख रूपये तक की शिक्षा सहायता राशि प्रदान की जायेगी। साथ ही मात्र रूपये 2499/- के वार्षिक प्रीमियम पर रूपये 30 लाख तक का हेल्थ टॉप-अप कवर एवं 30 लाख का पर्सनल ऐक्सिडेंट कवर की सुविधा का लाभ भी मिलेगा। निगम के अध्यक्ष  चंदूलाल साहू ने बताया की इस एम ओ यू से कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों को बेहतर बैंकिंग, बीमा सुरक्षा तथा वित्तीय सुविधाएं प्राप्त होगी।  इस एम ओ यू से निगम कर्मियों में हर्ष की लहर व्याप्त है तथा कर्मचारियों ने अध्यक्ष  चंदूलाल साहू का आभार व्यक्त किया है। आज ही निगम मुख्यालय में अध्यक्ष  चंदूलाल साहू द्वारा बैकुण्ठपुर (जिला-कोरिया) निवासी मती पूनम कूजुर को सी0सी0एच0 (चतुर्थ श्रेणी) पद पर अनुकम्पा निुयक्ति आदेश प्रदान किया गया।

निवाड़ी के डायल-112 हीरोज रेलवे पटरी पर संकटग्रस्त महिला को सुरक्षित बचाकर परिजनों के सुपुर्द किया

भोपाल  निवाड़ी जिले के थाना ओरछा क्षेत्र में डायल-112 जवानों की संवेदनशीलता एवं त्वरित कार्यवाही से रेलवे पटरी पर संकटपूर्ण स्थिति में मिली एक महिला को सुरक्षित बचाकर परामर्श (काउंसलिंग) के उपरांत उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया। समय पर की गई इस कार्रवाई से महिला का जीवन सुरक्षित रहा और एक संभावित अप्रिय घटना टल गई। 06 जुलाई को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना ओरछा क्षेत्र अंतर्गत कुमर्रा गाँव के पास रेलवे पटरी पर एक महिला संकटपूर्ण स्थिति में है तथा तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही थाना ओरछा क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। डायल-112 स्टाफ आरक्षकश्री अवनीश यादव एवं पायलट श्री अनिल रजक ने मौके पर पहुँचकर महिला को सुरक्षित रेलवे पटरी से हटाकर अपने संरक्षण में लिया। इसके उपरांत महिला से शांतिपूर्वक संवाद कर उसकी काउंसलिंग की गई तथा उसे संबल प्रदान किया गया। स्थिति सामान्य होने के बाद आवश्यक समझाइश एवं पहचान की प्रक्रिया पूर्ण कर महिला को सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया। डायल-112 जवानों की तत्परता, संवेदनशीलता एवं मानवीय व्यवहार से महिला का जीवन सुरक्षित रहा। परिजनों ने डायल-112 सेवा एवं पुलिस जवानों के प्रति आभार व्यक्त किया। डायल-112 हीरोजश्रृंखला की यह घटना दर्शाती है कि डायल-112 सेवा केवल आपातकालीन सहायता ही नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं के साथ संकटग्रस्त नागरिकों को समय पर सहायता एवं सुरक्षा प्रदान कर हर परिस्थिति में उनके जीवन की रक्षा के लिए निरंतर तत्पर है।  

प्रधानमंत्री आवास योजना ने बदली सोमारी बाई की जिंदगी

रायपुर अपने सिर पर पक्की छत होना हर परिवार का सपना होता है। बस्तर जिले के विकासखंड तोकापाल के ग्राम पंचायत सिंगनपुर की रहने वाली सोमारी बाई के लिए यह सपना प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से साकार हुआ है। कभी कच्ची झोपड़ी में कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताने वाला उनका परिवार आज एक सुरक्षित और सुविधायुक्त पक्के घर में सम्मान के साथ रह रहा है। हर वर्ष मकान की मरम्मत का अतिरिक्त खर्च थी बड़ी परेशानी       अनुसूचित जनजाति वर्ग से संबंध रखने वाली सोमारी बाई का पांच सदस्यीय परिवार वर्षों तक कच्चे मकान में रहने को मजबूर था। बरसात में टपकती छत, गर्मी और सर्दी की मार के साथ हर वर्ष मकान की मरम्मत का अतिरिक्त खर्च उनके लिए बड़ी परेशानी थी। वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उनका आवेदन स्वीकृत हुआ और उन्हें तीन किश्तों में 1.20 लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिली। इस राशि से उन्होंने 27 वर्गमीटर क्षेत्रफल में अपना पक्का मकान तैयार किया। जल जीवन मिशन, उज्ज्वला योजना अवसम स्वच्छ भारत मिशन का भी मिला लाभ           सोमारी बाई के घर को विभिन्न सरकारी योजनाओं के अभिसरण (कन्वर्जेंस) के माध्यम से ‘पूर्ण घर’ के रूप में विकसित किया गया। जल जीवन मिशन के तहत नल से स्वच्छ पेयजल की सुविधा, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत निःशुल्क एलपीजी कनेक्शन तथा स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय का निर्माण कराया गया। वहीं, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के माध्यम से मकान निर्माण के लिए 90 दिनों की मजदूरी का भुगतान भी किया गया, जिससे परिवार को अतिरिक्त आर्थिक संबल मिला। बचत से हो रही बच्चों की पढ़ाई           नए पक्के घर ने सोमारी बाई के परिवार के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। अब उन्हें हर वर्ष मकान की मरम्मत पर खर्च नहीं करना पड़ता, जिससे होने वाली बचत का उपयोग वे बच्चों की पढ़ाई और अन्य आवश्यक कार्यों में कर पा रहे हैं। सुरक्षित आवास मिलने से परिवार को मौसम की मार और बीमारियों से भी राहत मिली है, साथ ही सामाजिक सम्मान और आत्मविश्वास में भी वृद्धि हुई है।अपनी खुशी साझा करते हुए सोमारी बाई ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने उनके परिवार का वर्षों पुराना सपना पूरा कर दिया। उन्होंने सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने के लिए शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

हर गांव तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम, जीपीएम जिले में 25 नए हैंडपंपों से ग्रामीणों को मिली राहत

रायपुर  छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक नागरिक तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के संकल्प को तेजी से धरातल पर उतार रही है। इसी दिशा में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा गौरेला-पेंड्रा-मारवाही जिले में वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान राज्य मद से 25 नए हैंडपंपों का सफलतापूर्वक खनन किया गया है। इससे लंबे समय से पेयजल संकट का सामना कर रहे ग्रामीण क्षेत्रों में राहत पहुंची है और हजारों लोगों को घर के समीप स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने लगा है। राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि ग्रामीण अंचलों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार करते हुए प्रत्येक परिवार को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाए। इसी सोच के अनुरूप लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जिले के ऐसे गांवों और बस्तियों को प्राथमिकता दी गई, जहां पेयजल की आवश्यकता अधिक थी। नए हैंडपंपों के संचालन से महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को दूर-दराज के जलस्रोतों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा तथा उनके समय और श्रम की भी बचत होगी। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की कार्यपालन अभियंता श्रीमती प्रिया सोनी ने बताया कि जिले में गौरेला विकासखंड में 14, मरवाही विकासखंड में 7 तथा पेंड्रा विकासखंड में 4 नए हैंडपंप स्थापित किए गए हैं। इन हैंडपंपों के लिए वैज्ञानिक सर्वेक्षण और स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर ऐसे स्थानों का चयन किया गया, जहां पेयजल की समस्या सबसे अधिक थी। नवस्थापित हैंडपंपों का लाभ बस्ती, लमना, कोटमीखुर्द, सधवानी, उमरखोही, धनगंवा, अंजनी, पीपरखुटी, खोडरी, तेंदुमुड़ा, धनौली, देवरगांव, पड़वनिया, ठाडपथरा, कोडगार, बम्हनी, अमारू, भर्रीडांड, बंधौरी, कटरा, निमधा, मड़वाही, दानिकुंडी सहित अनेक ग्राम पंचायतों तथा पेंड्रा नगर क्षेत्र में विद्यालय के समीप रहने वाले नागरिकों को मिल रहा है। इससे विद्यार्थियों, ग्रामीण परिवारों और स्थानीय समुदाय को स्वच्छ पेयजल की बेहतर सुविधा उपलब्ध हुई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण विकास को जनकल्याण का आधार मानते हुए पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर विशेष बल दे रही है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग इन प्राथमिकताओं को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करते हुए प्रदेश के दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों तक पेयजल सुविधाओं का निरंतर विस्तार कर रहा है। विभाग की योजनाओं का उद्देश्य केवल जल उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाना और जलजनित बीमारियों की रोकथाम सुनिश्चित करना भी है। जिला प्रशासन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के समन्वित प्रयासों से जिले में पेयजल संबंधी अधोसंरचना लगातार मजबूत हो रही है। नई जल सुविधाओं के विकसित होने से ग्रामीणों का विश्वास शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति और सुदृढ़ हुआ है। आने वाले समय में भी आवश्यकता आधारित सर्वेक्षण के माध्यम से पेयजल संकट वाले अन्य क्षेत्रों में इसी प्रकार के कार्य किए जाएंगे, ताकि जिले का कोई भी गांव स्वच्छ पेयजल सुविधा से वंचित न रहे। ग्रामीणों ने नए हैंडपंप स्थापित किए जाने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नए हैंडपंपों के खनन से उनका दैनिक जीवन अधिक सुगम, सुरक्षित और स्वस्थ हुआ है। साय सरकार की यह पहल ग्रामीण विकास, जनस्वास्थ्य और सुशासन के प्रति उसकी संवेदनशील एवं जनहितैषी सोच का प्रभावी उदाहरण है।

मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में साइबर सुरक्षा और फॉरेंसिक क्षमता को किया जा रहा लगातार मजबूत

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में साइबर सुरक्षा और फॉरेंसिक क्षमता को लगातार मजबूत किया जा रहा है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस  में रक्षा लेखा विभाग, क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र, लखनऊ के 40 अधिकारियों को साइबर सुरक्षा और फॉरेंसिक की आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर संस्थापक निदेशक डॉ. जी.के. गोस्वामी ने कहा कि भौतिक दुनिया से निकलकर अपराध अब डिजिटल दुनिया में पैर पसार चुका है। तकनीक के इस दौर में यदि हम सतर्क नहीं रहे, तो कभी भी साइबर ठगी का शिकार हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज जिसके पास जितना अधिक डेटा है, वह उतना ही शक्तिशाली है। दुनिया के कई देश सिर्फ इसलिए ताकतवर हैं, क्योंकि वे अपनी तकनीक और डेटा किसी से साझा नहीं करते। डीएनए और एआई लैब में देखीं फॉरेंसिक की बारीकियां लिस उप महानिरीक्षक हेमराज मीना ने अधिकारियों को साइबर फॉरेंसिक के बढ़ते महत्व से रूबरू कराया। इन अफसरों ने संस्थान की अत्याधुनिक डीएनए और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लैब का भी भ्रमण किया, जहां उन्होंने देखा कि कैसे आधुनिक तकनीक और फॉरेंसिक साइंस मिलकर पेचीदा मामलों को सुलझाते हैं। डॉ. इंद्रजीत ने साइबर सुरक्षा के तकनीकी पहलुओं पर विशेष व्याख्यान दिया और जनसंपर्क अधिकारी संतोष तिवारी ने संचालन किया। वहीं, उप निदेशक जितेन्द्र श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस विशेष सत्र के दौरान संस्थान के उप निदेशक चिरंजीब मुखर्जी, अतुल यादव, डॉ. आनंद प्रकाश, अमित मिश्र, राहुल द्विवेदी, डॉ. पलक, शैलेन्द्र सिंह और कार्तिकेय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।