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राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 7 से 12 सितंबर तक ग्वालियर में के.आर.जी. कॉलेज में बने परीक्षा केन्द्र पर 176 अभ्यर्थी होंगे शामिल

ग्वालियर मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2026 का आयोजन 7 सितंबर से 12 सितंबर तक होगा। यह परीक्षा इन तिथियों में प्रतिदिन एक सत्र में सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजित होगी। ग्वालियर में राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा कम्पू स्थित केआरजी कॉलेज में परीक्षा केन्द्र बनाया गया है, जिसमें 176 अभ्यर्थी शामिल होंगे।      परीक्षा को सुचारू एवं सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए कलेक्टर कार्यालय के कक्ष क्रमांक 113 में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। कंट्रोल रूम का दूरभाष क्रमांक 0751-2446214 है। कंट्रोल रूम 7 सितंबर से 12 सितंबर तक प्रतिदिन सुबह 9 बजे से परीक्षा समाप्त होने तक निरंतर कार्यशील रहेगा। यह कंट्रोल रूम अधीक्षक कलेक्टर कार्यालय श्री आर.आई. भगत (मोबा. 9425135143) के निर्देशन में कार्य करेगा।       परीक्षा कक्ष में मोबाइल फोन, कैलकुलेटर, ब्लूटूथ, डिजिटल घड़ी, स्मार्ट घड़ी अथवा अन्य कोई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना प्रतिबंधित रहेगा। इसके साथ ही बालों को बांधने वाले क्लचर, बक्कल, हाथ के बैंड, हाथ में पहने जाने वाले नेटेलिफ बैंड, बेल्ट, धूप का चश्मा, पर्स, पेंसिल, रबर, व्हाइटनर, स्केल, बैग एवं पठन सामग्री सहित अन्य प्रतिबंधित वस्तुएं परीक्षा कक्ष में ले जाना वर्जित रहेगा। अभ्यर्थियों को जूते-मोजे पहनकर परीक्षा कक्ष में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।       परीक्षा के लिए संयुक्त कलेक्टर श्रीमती शिवांगी अग्रवाल को परीक्षा प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से सेवानिवृत्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री ए.बी. गुप्ता (मोबा. 9425109125) को ग्वालियर जिले के लिए ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया है। वे परीक्षा व्यवस्था का पर्यवेक्षण करेंगे। क्रमांक/026/26

भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन रहे सजग

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के जिलों में भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए सभी जिलों के कलेक्टर को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारी बारिश की संभावित परिस्थितियों को देखते हुए अग्रिम तैयारियां करने तथा आवश्यक संसाधनों को पहले से जुटाकर अमले को तैनात रखने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार और शनिवार को भारी बारिश की चेतावनी, विशेष रूप से उत्तरी मध्यप्रदेश में भारी बारिश के अलर्ट को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन को पूरी तरह सतर्क एवं मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी भी संभावित समस्या की स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव संसाधनों की उपलब्धता पहले से ही सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही जनहित और आवश्यकता के अनुसार सभी आवश्यक और एहतियाती कदम अविलंब उठाए जाएं।  

मध्यप्रदेश पुलिस के निरीक्षक राकेश कुमार कुशवाह ने राज्य स्तरीय निशानेबाजी प्रतियोगिता में जीता रजत पदक

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस के लिए गौरव का एक और अवसर सामने आया है। पुलिस मुख्यालय, भोपाल में निज सहायक के पद पर पदस्थ  राकेश कुमार कुशवाह ने अपनी उत्कृष्ट निशानेबाजी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए राज्य स्तरीय शूटिंग प्रतियोगिता में रजत पदक अर्जित कर मध्यप्रदेश पुलिस का गौरव बढ़ाया है। जबलपुर में 20 से 26 अगस्त 2026 तक आयोजित 13वीं एमपी स्टेट गन फॉर ग्लोरी शूटिंग प्रतियोगिता-एनआर में  राकेश कुमार कुशवाह ने 10 मीटर पिस्टल (NR) मास्टर मेन इंडिविजुअल स्पर्धा में हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के में उन्होंने द्वितीय स्थान प्राप्त कर रजत पदक अपने नाम किया।  राकेश कुमार कुशवाह ग्वालियर डिस्ट्रिक्ट राइफल एसोसिएशन के प्रतिनिधि के रूप में प्रतियोगिता में शामिल हुए थे।  कुशवाह पुलिस विभाग के लिपिकीय वर्ग के कर्मचारी हैं और वर्तमान में पुलिस मुख्यालय में निज सहायक के रूप में शासकीय दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। कार्यालयीन कार्यों की व्यस्तता के साथ निशानेबाजी में निरंतर अभ्यास कर राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पदक हासिल करना उनकी प्रतिबद्धता और लगन को दर्शाता है। यह उपलब्धि न केवल मध्यप्रदेश पुलिस की खेल प्रतिभा को सामने लाती है, बल्कि पुलिस विभाग के उन सभी अधिकारी-कर्मचारियों के लिए प्रेरणास्रोत है, जो अपनी नियमित शासकीय सेवाओं के साथ खेल एवं अन्य क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।  

मध्यप्रदेश में मौसम का बड़ा अलर्ट: 14 जिलों में भारी बारिश, 33 जिलों में बिजली गिरने की आशंका

भोपाल उत्तरी मध्य प्रदेश और दक्षिणी उत्तर प्रदेश पर जमे निम्न दबाव के क्षेत्र और उसके ऊपर से गुजर रहीं दो ट्रफ लाइनों के प्रभाव से पूरा प्रदेश तरबतर हुआ। शुक्रवार शाम 5:30 बजे तक सबसे ज्यादा 38 मिलीमीटर पानी गुना में और 31 मिलीमीटर श्योपुर में गिरा। राजधानी भोपाल में दिनभर रुक–रुक कर हुई रिमझिम वर्षा से करीब 18 मिलीमीटर पानी बरसा और भदभदा डैम का एक गेट इस सीजन में पहली बार खोला गया। 8 सितंबर तक तेज व मध्यम वर्षा का दौर वहीं राजगढ़ में 13 मिलीमीटर, उज्जैन व बैतूल में 9-9 मिलीमीटर , धार व खंडवा में 4-4 मिलीमीटर , दतिया में 3 मिलीमीटर और रायसेन, रतलाम व टीकमगढ़ में 1 मिलीमीटर वर्षा हुई। ग्वालियर, इंदौर और नर्मदापुरम में भी दिनभर फुहारें पड़ती रहीं। मौसम विज्ञानी एसएन साहू ने बताया कि मौजूदा वेदर सिस्टम के असर से समूचे मध्य प्रदेश में आठ सितंबर तक तेज व मध्यम वर्षा का दौर लगातार बना रहेगा। शिवपुरी–श्योपुर में अति भारी वर्षा की चेतावनी मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार शनिवार को ग्वालियर–चंबल अंचल के शिवपुरी और श्योपुर जिलों में अति भारी वर्षा की आशंका जताते हुए आरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं विदिशा, राजगढ़, शाजापुर सहित 14 जिलों में भारी वर्षा का येलो अलर्ट रहेगा। इसके अलावा राजधानी भोपाल, रायसेन और सीहोर समेत 33 जिलों में बिजली चमकने, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। यह भी पढ़ें– एमपी में विधानसभा प्रक्रिया में बड़े सुधार की तैयारी, अब सदन में रखने से पहले ही विधेयकों पर विधायकों को दी जाएगी पूरी जानकारी प्रदेश के चार बड़े शहरों का तापमान शहर अधिकतम तापमान (°C) न्यूनतम तापमान (°C) भोपाल 23.8 21.2 इंदौर 25.2 21.2 ग्वालियर 29.4 25.4 जबलपुर 25.9 23.0 नोट — तापमान डिग्री सेल्सियस में कहां कितनी हुई वर्षा शहर वर्षा (मिलीमीटर में) ग्वालियर 0.2 नर्मदापुरम 0.5 इंदौर 0.8 सागर 0.8  

गुरुग्राम मेट्रो विस्तार में बड़ा बदलाव, 3 स्टेशनों पर स्काईवॉक, बस बे और पिक-ड्रॉप की सुविधा

चंडीगढ़  गुरुग्राम में मेट्रो का विस्तार किया जा रहा है। नए रूट के तीन स्टेशन को मल्टी मॉडल बनाने की तैयारी कर ली गई है। सेक्टर 45, यूनीटेक साइबर पार्क तथा सेक्टर 72-ए मेट्रो स्टेशनों को मल्टी मॉडल बनाने के लिए चयन किया गया है। इन स्टेशनों के आसपास बहुमंजिला इमारतें हैं, जिनमें खेल, कारपोरेट कार्यालय तथा अन्य संस्थानों में हजारों की संख्या में लोग काम करते हैं। यहां पर स्काईवाक बनाए जाने से लोग सीधे कार्यालय से स्टेशन आ जा सकेंगे। इन स्टेशनों पर बस बे, आटो पिक एंड ड्राप पाइंट, फुटपाथ की भी सुविधा होगी। जिससे सड़क पर जाम की स्थिति नहीं होगी। इस सिलसिले में दो दिन पहले जीएमडीए के अतिरिक्त सीईओ विश्वजीत चौधरी की अध्यक्षता में बैठक हुई थी, जिसमें गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) की ओर से बनाई गई योजना पर चर्चा हुई थी। जीएमडीए नगर निगम तथा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से आपत्ति तथा सुझाव लेकर योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। बैठक में गुरुग्राम नगर निगम के योजनाकार की ओर से सुझाव दिया गया था कि सेक्टर 45, यूनीटेक साइबर पार्क को मेट्रो स्टेशन से स्काईवाक से जोड़ा जा सकता है। साइबर पार्क में हजारों की संख्या में कर्मचारी काम करते हैं। स्काईवाक बनने से लोगों को सड़क पर नहीं आना पड़ेगा और वह साइबर पार्क से सीधे स्टेशन पहुंच आ सकेंगे, जिससे पीक आवर्स में सड़क पर ट्रैफिक भी कम होगा और सुविधा मिलने से लोग निजी वाहन का उपयोग भी कम करेंगे। इसी तरह सेक्टर 72-ए मेट्रो स्टेशन के पास सेक्टर 33 और 34 में गुड़गांव टेक्नालॉजी पार्क लिमिटेड है। इसके साथ की इंडस्ट्री कारीडोर है। सेक्टर 34 में नगर निगम और जीएमडीए के कार्यालय तथा अन्य संस्थान हैं। स्काईवाक बनने से यहां पर काम करने वाले हजारों लोगों को लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में पीएम सूर्य घर योजना में यूपी ने और तेज की रफ्तार

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत घरेलू रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन में उत्तर प्रदेश तेजी से देश में प्रथम स्थान की ओर बढ़ रहा है। अगस्त 2026 के प्रदर्शन ने प्रदेश की इस बढ़त को और मजबूत किया है। वर्तमान गति बनी रही तो शीघ्र ही उत्तर प्रदेश घरेलू रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन में भारत में प्रथम स्थान हासिल कर सकता है। अगस्त 2026 तक उत्तर प्रदेश में 7,92,959 संचयी सोलर इंस्टॉलेशन हो चुके हैं। अगस्त माह में ही प्रदेश में 73,716 इंस्टॉलेशन किए गए। इस दौरान उत्तर प्रदेश की औसत दैनिक इंस्टॉलेशन गति 2,378 प्रतिदिन रही, जो देश के प्रमुख राज्यों में सबसे तेज गति में शामिल है। नंबर वन की रेस में यूपी संचयी इंस्टॉलेशन में उत्तर प्रदेश 7,92,959 इंस्टॉलेशन में दूसरे स्थान पर है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अगस्त में उत्तर प्रदेश की औसत दैनिक गति 2,378 इंस्टॉलेशन रही। यानी उत्तर प्रदेश प्रतिदिन औसतन 780 इंस्टॉलेशन अधिक कर रहा है। यदि यही रफ्तार बनी रहती है, तो अक्टूबर 2026 के दूसरे सप्ताह के आसपास उत्तर प्रदेश घरेलू रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन में देश का नंबर-1 राज्य बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करेगा। आंकड़े भी बता रहे उत्तर प्रदेश की रफ्तार संचयी इंस्टॉलेशन    7,92,959 अगस्त 2026 इंस्टॉलेशन    73,716 अगस्त औसत दैनिक गति    2,378/दिन अनुमानित ओवरटेक समय लगभग 41 दिन  ।

शिक्षक भर्ती में पदवृद्धि की मांग को लेकर प्रदर्शन, भोपाल में CM मोहन यादव-शिवराज सिंह का काफिला रोका

भोपाल। राजधानी भोपाल में शिक्षक भर्ती में पदवृद्धि की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। शुक्रवार को वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने नीलम पार्क के बाहर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का काफिला रोककर पदवृद्धि की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। इसके बाद अभ्यर्थियों ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का काफिला भी रोककर वर्ग-1 शिक्षक भर्ती 2023 में पद बढ़ाने की मांग रखी। नीलम पार्क में वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी पिछले 15 दिन से धरना दे रहे हैं। वहीं वर्ग-1 शिक्षक भर्ती 2023 में पदवृद्धि की मांग को लेकर अभ्यर्थियों की भूख हड़ताल 12वें दिन भी जारी रही। भूख हड़ताल पर बैठीं अभ्यर्थी कीर्ति झा की शुक्रवार को फिर तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें दोबारा अस्पताल ले जाया गया। पहली बार वर्ग-1, 2 और 3 के अभ्यर्थी एक मंच पर शिक्षक भर्ती में पदवृद्धि की मांग को लेकर वर्ग-1, वर्ग-2 और वर्ग-3 के अभ्यर्थी एक साथ आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बड़ी संख्या में शिक्षकों के पद रिक्त हैं, इसके बावजूद भर्ती में पदों की संख्या सीमित रखी गई है।  

ANPR से चेहरे तक पहचान, वाराणसी का त्रिनेत्र कमांड सेंटर बना अपराधियों का काल

 वाराणसी  स्मार्ट सिटी वाराणसी में अपराधियों के लिए कहर बन रही तीसरी नजर।अनजाने में भी अपराधी ने शहर की दहलीज लांघी तो वाहनों के नंबर प्लेट व चेहरे पहचाने वाले कैमरे अपना काम कर गुजरेंगे। पुलिस के लिए चेहरे व वाहनों के नंबर प्लेट ही अपराधियों के बाहें मरोड़ने के लिए पर्याप्त साबित होते हैं। आंकड़ों के आइने में दो वर्षों में 671 पर्यटकों के विभिन्न गाड़ियों में छूटे उनके सामान ढूढ़ने और 99 गुमशुदा को अपनों से मिलाने स्पष्ट है कि काशी में तीसरी नजर (त्रिनेत्र कमांड सेंटर) की निगाहें सबके ऊपर हैं, जो शरीफों को संतुष्ट दे रहीं तो अपराधियों पर कहर बरपा रहीं हैं। 1 गाजीपुर के होटल मालिक की हत्या, काशी के एएनपीआर कैमरों ने दिए सुराग गाजीपुर में बिंदु होटल मालिक के बेटे को कटरा गैंग के बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। बदमाश वारदात के बाद वाराणसी की ओर भागे। वाराणसी में बदमाशों ही एंट्री के साथ ही उनका डिजीटल पीछा शुरू हो गया। विशेषज्ञों ने कैमरों के फुटेजे का विश्लेषण किया तो एएनपीआर (आटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे की सहायता से वाहन का नंबर प्लेट भी ट्रेस कर लिया गया।वाहन नंबर का सुराग मिलते ही पुलिस के लिए मर्डर मिस्ट्री का सुलझाना आसान हो गया। अपाचे बाइक की पहचान से खुली ढाई करोड़ चोरी बीते तीन जून को शिवपुर (वाराणसी) में लगभग ढाई करोड़ की चोरी हुई। पुलिस जांच में जुटी तो शिवपुर, रामेश्वरम मोड़, अकथा, पहाड़िया सहित विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का गहन विश्लेषण करने पर अपाचे बाइक सवार तीन संदिग्ध युवक दिख गए। अलग-अलग कैमरों की फुटेज को जोड़कर संदिग्धों की गतिविधि ट्रैक की गई, उनकी पहचान और लोकेशन मिल गई।इसका असर हुआ कि चोरी गए एक-एक जेवरात मिल गए। आधुनिक कैमरे और क्राइम कंट्रोल में उनके कार्य     एएनपीआरए कैमरा : वाहन की नंबर प्लेट की पहचान करने तथा नियम उल्लंघन करने वाले वाहनों की जानकारी प्राप्त करने में सक्षम।     आरएलवीडी कैमरा : रेड लाइट उल्लंघन पर नजर रखने में सक्षम।     फिक्स सीसीटीवी कैमरा : सामान्य निगरानी में सक्षम।     पीटीजेड कैमरा : भीड़ नियंत्रण को दूर तक चारो तरफ निगरानी तथा ज़ूम करके एक-एक गतिविधि दिखाने में सक्षम।     एफआरएस कैमरा : चेहरे को पहचानने में सक्षम। 2 पूरे ज‍िले में 2422 कैमरों की निगाहों से पूरे शहर को देखता त्रिनेत्र भवन। इनके जिम्मे है, त्रिनेत्र भवन की जिम्मेदारी     सब इंस्पेक्टर राजेश सिंह (प्रभारी)     हेड कांस्टेबल करन कुमार     कांस्टेबल उपेंद्र पासवान     ओमप्रकाश शाह     कांस्टेबल सतीश यादव संसाधन के साथ-साथ हमारी पुलिस टीम की सक्रियता और रुचि के कारण हम बेहतर कर पा रहे हैं। पर्यटकों के खोए लाखों के सामान जब हम ढूढ़कर कुछ घंटे में लौटाते हैं, तो काशी की कमिश्नरेट पुलिस की साख पूरे देख में बढ़ती है। इसी तरह वाराणसी में क्राइम कंट्रोल करने संग हम आस-पड़ोस में हो रही अपराधिक घटनाओं के राजफाश में भी मददगार बन रहे हैं। वैभव बांगर, एडीसीपी काशी जोन।

इंदौर में 23-24 अक्टूबर को होगी “एमपी सेमीकंडक्टर समिट 2026”

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0' के माध्यम से देश को इस क्षेत्र में सशक्त बनाने का संकल्प लिया है। प्रधानमंत्री  मोदी के इस संकल्प को साकार करने में मध्यप्रदेश अपनी अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर जैसे आधुनिक विज्ञान के अनेक प्रकल्पों पर बेहतरीन काम हो रहा है। इस क्षेत्र में प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार अग्रसर है। एक दौर वो था, जब चिप निर्माण के दिशा में कोई सोचता भी नहीं था। अब मध्यप्रदेश ने इस दिशा में कदम बढ़ाने के लिए ठोस निर्णय लिए हैं।मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आगामी 23-24 अक्टूबर को इंदौर में होने वाली एमपी सेमीकंडक्टर समिट-2026 के कैम्पेन पोस्टर के विमोचन अवसर पर संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला, जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष डॉ. मोहन नागर, प्रमुख सचिव विज्ञान प्रौद्योगिकी  एम. सेल्वेन्द्रम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार अगले महीने 23-24 अक्टूबर को इंदौर में "मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर समिट 2026" का आयोजन करने जा रही है। मुख्यमंत्री ने इस ग्लोबल समिट में शामिल हो जा रहे सभी निवेशकों, तकनीकी विशेषज्ञों, स्टार्टअप्स, शिक्षाविदों और नीति-निर्धारकों का मध्यप्रदेश की धरती पर स्वागत करते हुए उन्हें आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी देश-प्रदेशवासियों से एकजुट होकर सेमीकंडक्टर निर्माण में आत्मनिर्भर होने के स्वप्न को साकार करने और विज़न 2047 के समृद्ध मध्यप्रदेश एवं विकसित भारत की यात्रा में सहभागी होने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने बीते ढाई वर्ष में सभी क्षेत्रों में उद्योग और व्यापार अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए 25 नई नीतियां लागू की हैं। इनसे सरलीकृत, पारदर्शी और वचनबद्धता के साथ कार्य करने का अवसर मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश देश में सबसे अधिक रोजगार देने वाला, बेरोजगारी दर को न्यूनतम स्तर पर लाने वाला तथा देश-विदेश के निवेशकों का दिल और विश्वास जीतने वाला राज्य बन गया है।  

केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह से नई दिल्ली में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने की मुलाकात

नई दिल्ली  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय वस्त्र मंत्री  गिरिराज सिंह से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ में टेक्सटाइल उद्योग के विस्तार, निवेश और रोजगार की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति में टेक्सटाइल सेक्टर को दिए गए विशेष प्रोत्साहनों तथा इस क्षेत्र में आ रहे निवेश की जानकारी दी। दोनों नेताओं के बीच छत्तीसगढ़ को मध्य भारत के प्रमुख टेक्सटाइल और अपैरल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने तथा आधुनिक तकनीक, डिजाइन और नवाचार को राज्य के पारंपरिक वस्त्र कौशल से जोड़ने को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में टेक्सटाइल सेक्टर के विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। राज्य सरकार ने औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में टेक्सटाइल सेक्टर को थ्रस्ट सेक्टर के रूप में शामिल किया है। इसके अंतर्गत इस क्षेत्र में निवेश करने वाले उद्यमियों के लिए आकर्षक प्रोत्साहन एवं अनुदान का प्रावधान किया गया है। इन प्रावधानों के परिणामस्वरूप टेक्सटाइल क्षेत्र में निवेशकों की रुचि तेजी से बढ़ी है और प्रदेश में नई इकाइयों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार की औद्योगिक नीति का प्रमुख उद्देश्य निवेश के साथ स्थानीय युवाओं के लिए अधिक से अधिक रोजगार सृजित करना है। इसी दृष्टि से एक हजार से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने वाली औद्योगिक इकाइयों के लिए विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। टेक्सटाइल और अपैरल उद्योग श्रम आधारित होने के कारण बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराने की क्षमता रखता है। नई नीति के इन प्रावधानों से छत्तीसगढ़ टेक्सटाइल निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य के रूप में तेजी से उभर रहा है। नवा रायपुर में आकार ले रहा टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग इको-सिस्टम मुख्यमंत्री  साय ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि नवा रायपुर अटल नगर में टेक्सटाइल क्षेत्र की नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना को गति मिल रही है। राज्य सरकार का प्रयास है कि यहां केवल उत्पादन इकाइयां ही स्थापित न हों, बल्कि टेक्सटाइल एवं अपैरल क्षेत्र का एक समग्र इको-सिस्टम विकसित हो, जिसमें डिजाइन, उत्पादन, कौशल विकास, आधुनिक तकनीक और बाजार की सुविधाएं एक-दूसरे से जुड़ी हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि टेक्सटाइल उद्योग की विशेषता यह है कि अपेक्षाकृत बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के साथ इसमें महिलाओं और युवाओं के लिए भी व्यापक अवसर उपलब्ध होते हैं। इस क्षेत्र में निवेश बढ़ने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे और सहायक उद्योगों तथा स्थानीय उद्यमिता को भी प्रोत्साहन मिलेगा। छत्तीसगढ़ की परंपरा और आधुनिक फैशन टेक्नोलॉजी का होगा संगम बैठक में मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध वस्त्र एवं हस्तशिल्प परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश का कोसा सिल्क देश-विदेश में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। विशेष रूप से चांपा और आसपास के क्षेत्रों की कोसा परंपरा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और आर्थिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि इस पारंपरिक कौशल को आधुनिक डिजाइन, तकनीक, ब्रांडिंग और व्यापक बाजार से जोड़कर नई ऊंचाई दी जाए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT) की स्थापना इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे प्रदेश के युवाओं को फैशन डिजाइन, टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी और इससे जुड़े आधुनिक क्षेत्रों में उच्च स्तरीय शिक्षा एवं प्रशिक्षण के अवसर मिलेंगे। साथ ही स्थानीय बुनकरों, शिल्पकारों और उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT) की स्थापना इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे प्रदेश के युवाओं को फैशन डिजाइन, टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी और इससे जुड़े आधुनिक क्षेत्रों में उच्च स्तरीय शिक्षा एवं प्रशिक्षण के अवसर मिलेंगे। साथ ही स्थानीय बुनकरों, शिल्पकारों और उद्यमियों को डिजाइन एवं तकनीकी नवाचार का लाभ मिलने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। NIFT जैसे राष्ट्रीय स्तर के संस्थान और नई टेक्सटाइल इकाइयों के बीच समन्वय से राज्य में डिजाइन से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक मजबूत वैल्यू चेन विकसित करने में मदद मिलेगी। इससे छत्तीसगढ़ की पारंपरिक वस्त्र कला को आधुनिक बाजार की जरूरतों के अनुरूप नए उत्पादों और डिजाइनों से जोड़ने का अवसर मिलेगा। सेंट्रल इंडिया के बड़े टेक्सटाइल हब के रूप में उभरने की क्षमता केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने छत्तीसगढ़ में टेक्सटाइल उद्योग के विस्तार की दिशा में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत के साथ वैश्विक स्तर पर भी टेक्सटाइल एवं अपैरल क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास के लिए उपलब्ध संसाधन, राज्य सरकार की निवेश-अनुकूल नीति और रोजगार आधारित प्रोत्साहन इसे इस क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण निवेश गंतव्य बना सकते हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि टेक्सटाइल यूनिट्स के विस्तार से छत्तीसगढ़ में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की संभावना है। राज्य जिस प्रकार इस क्षेत्र को प्राथमिकता देकर आगे बढ़ रहा है, उससे आने वाले समय में छत्तीसगढ़ सेंट्रल इंडिया के एक प्रमुख टेक्सटाइल हब के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर सकता है। तकनीक और नवाचार में केंद्र देगा सहयोग श्री गिरिराज सिंह ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ में टेक्सटाइल उद्योग के विस्तार के लिए हरसंभव सहयोग करेगी। उन्होंने विशेष रूप से आधुनिक तकनीक, नवाचार, कौशल विकास और टेक्सटाइल सेक्टर में नई संभावनाओं के विस्तार के लिए केंद्र और राज्य के बीच समन्वय पर जोर दिया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि टेक्सटाइल उद्योग तेजी से बदल रहा है और आधुनिक तकनीक तथा नवाचार इसकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता के महत्वपूर्ण आधार हैं। केंद्र सरकार इस दिशा में छत्तीसगढ़ के प्रयासों को आवश्यक सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ में ऐसा टेक्सटाइल इको-सिस्टम विकसित करना है, जिसमें निवेश और रोजगार के साथ स्थानीय कौशल, पारंपरिक वस्त्र कला, आधुनिक डिजाइन और तकनीक का समन्वय हो। नई औद्योगिक नीति के प्रोत्साहन, नवा रायपुर में विकसित हो रहे औद्योगिक वातावरण और NIFT जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के माध्यम से छत्तीसगढ़ आने वाले वर्षों में टेक्सटाइल और अपैरल मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में देश के प्रमुख केंद्रों में अपनी जगह बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।