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मौसम विभाग का अलर्ट: जबलपुर और आसपास के जिलों में मूसलधार बारिश के आसार

भोपाल  मध्य प्रदेश में इस बार के मानसूनी सीजन में अबतक कुल 21 इंच बारिश दर्ज हो चुकी है। हालांकि, आज 23 जुलाई तक औसत 13.7 इंच बारिश होना चाहिए थी। यानी अबतक प्रदेशभर में सामान्य से औसत से 7.3 इंच अधिक बारिश हुई है। ऐसे में सिर्फ चंद दिनों की बारिश से ही प्रदेशभर में सीजन का आधे से ज्यादा बारिश का कोटा पूरा हो चुका है। मध्य प्रदेश की सामान्य औसत बारिश का आंकड़ा 37.3 इंच है। अब तक प्रदेश में औसत 21 इंच बारिश दर्ज हो चुकी है। इनमें सबसे अधिक निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो सामान्य बारिश से 15 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है। हालांकि, प्रदेश में इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में अबतक 10 इंच से भी कम बारिश हो सकी है। फिर एक्टिव हो रहा स्ट्रॉन्ग सिस्टम वहीं, लगभग हफ्तेभर से लगे ब्रेक के बाद एमपी में एक बार फिर बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हुआ है। मौसम केंद्र ने बुधवार को जबलपुर समेत 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आज जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सागर, दमोह, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर में अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं, मौसम विभाग ने जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सागर, दमोह, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर में अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिरने का अलर्ट जारी किया है। अन्य जिलों में गरज-चमक, आंधी और हल्की बारिश का दौर रहेगा। शाजापुर में नदी से मछली पकड़ने गए 27 वर्षीय विशाल केवट की आकाशीय बिजली की चपेट में आकर मौत हो गई। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि मध्यप्रदेश में फिलहाल मानसून ट्रफ और दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव हैं। इस वजह से प्रदेश में बारिश का दौर शुरू हुआ है। अगले चार दिन तक कहीं भारी तो कहीं अति भारी बारिश का अलर्ट है। 24 को इन जिलों में बारिश का अलर्ट भोपाल में दिनभर धूप रही। शाम 4 बजे के बाद मौसम बदला और तेज बारिश शुरू हो गई। इससे पूरा शहर तरबतर हो गया। टीकमगढ़, नर्मदापुरम, सागर, इंदौर, छिंदवाड़ा, दमोह, उज्जैन, हरदा, शाजापुर में भी बारिश का दौर चला। रात में भी कई जिलों में बारिश हुई। मौसम विभाग ने गुरुवार को पन्ना, सतना, रीवा, कटनी, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट में बारिश का अलर्ट जारी किया है। बाकी जिलों में गरज-चमक और हल्की बारिश होने की संभावना है। MP में 21 इंच गिर चुका पानी भारत में मानसून (Monsoon) की एंट्री 24 मई को हुई। मानसून ने सबसे पहले केरल पहुंचा। फिर कर्नाटक में दस्तक दी। तमिलनाडु, गोवा, महाराष्ट्र, मिजोरम, मणिपुर, नगालैंड, आंध्र प्रदेश होते हुए 16 जून को मानसून एमपी आया। 20 जून तक मानसून ने सभी जिलों को करव कर लिया। तब से सूबे में झमाझम बारिश हो रही है। अब तक 21 इंच बारिश हो चुकी है। जबकि 13.7 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.3 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है।  एक साथ एक्टिव हुए दो साइक्लोनिक सिस्टम इसी के साथ प्रदेश के अन्य इलाकों में गरज-चमक, आंधी और हल्की बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। दरअसल प्रदेश में मानसून ट्रफ और दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव हैं। इस कारण से कहीं भारी तो कहीं अति भारी बारिश की स्थिति बन रही है। ये स्थिति फिलहाल चार-पांच दिन तक बनी रहने की संभावना है। भोपाल में दिन में धूप, शाम को तेज बारिश इससे पहले मंगलवार को भोपाल, इंदौर, टीकमगढ़ समेत 20 से ज्यादा जिलों में तेज बारिश का दौर चला। भोपाल में दिनभर धूप खिली रही, लेकिन शाम 4 बजे के बाद मौसम बदला और तेज बारिश शुरू हो गई। इससे पूरा शहर तरबतर हो गया। टीकमगढ़, नर्मदापुरम, सागर, इंदौर, छिंदवाड़ा, दमोह, उज्जैन, हरदा, शाजापुर में भी बारिश का दौर चला। रात में भी कई जिलों में बारिश हुई। इस बार 7.3 इंच बारिश ज्यादा मध्यप्रदेश में इस मानसूनी सीजन में औसत 21 इंच बारिश हो चुकी है जबकि अब तक 13.7 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.3 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है, जो 53% अधिक है। 3 जिले- निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में सामान्य से 15% तक ज्यादा पानी गिर चुका है। ग्वालियर समेत 5 जिलों में भी बेहतर स्थिति है। यहां 80% से 95% तक बारिश हो चुकी है। दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन संभाग सबसे पीछे हैं। इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है।

CM दो दिनों में गोरखपुर को देंगे 252 करोड़ रुपये की सौगात, सफाई मित्रों और पार्षदों को सम्मानित करेंगे

सीएम आज गोरखपुर को 252 करोड़ रुपए के विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे गोरखपुर को आज 252 करोड़ की सौगात देंगे CM योगी, सफाई मित्रों-पार्षदों का करेंगे सम्मान CM दो दिनों में गोरखपुर को देंगे 252 करोड़ रुपये की सौगात, सफाई मित्रों और पार्षदों को सम्मानित करेंगे पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज बाबा आनंदेश्वर मंदिर में विधिवत पूजा कर दर्शन किए पूर्व राष्ट्रपति कोविंद ने कानपुर में किए बाबा के दर्शन, CM ने गोरखपुर में किया रुद्राभिषेक   गोरखपुर  स्वच्छ सर्वेक्षण में देश में पूरे प्रदेश का मान बढ़ाने वाले गोरखपुर नगर निगम के सफाई मित्रों और पार्षदों का सम्मान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों होगा। सम्मान का यह समारोह बुधवार (23 जुलाई) को नगर निगम परिसर में प्रस्तावित है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री गोरखपुर नगर निगम के अर्बन फ्लड मैनेजमेंट के तहत अर्बन फ्लड अर्ली मॉनिटरिंग सिस्टम के लोकार्पण सहित ढाई सौ करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास भी करेंगे। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को बाबा आनंदेश्वर मंदिर में विधिवत पूजा कर दर्शन किए। उनके साथ महापौर प्रमिला पांडे, विधायक सुरेंद्र मैथानी और क्षेत्रीय पार्षद नितिन बाजपेई शामिल थे। करीब साढ़े नौ बजे पूर्व राष्ट्रपति बाबा आनंदेश्वर पहुंचे। जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक, श्रृंगार और आरती कर बाबा से आशीर्वाद लिया। महंत अरुण भारती महाराज और सहयोगी पुजारियों ने पूजा कराई। उन्होंने पुजारियों को दक्षिणा दी। पूर्व राष्ट्रपति ने मंदिर परिसर और मंदिर की भव्यता पर खुशी जताई। इस दौरान मंदिर और आसपास सुरक्षा की व्यापक व्यवस्था की गई थी। इस दौरान सुरक्षा कारणों से आम श्रद्धालुओं को प्रवेश से कुछ समय के लिए रोक दिया गया था। पूर्व राष्ट्रपति करीब आधा घंटा मंदिर में रहे। स्वच्छता में उत्कृष्ट प्रदर्शन को लेकर गोरखपुर नगर निगम ने ऊंची छलांग लगाई है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में सफाई मित्र सुरक्षित शहर श्रेणी में देशभर में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। इसके साथ ही गोरखपुर को 3 से 10 लाख की आबादी की श्रेणी में चौथी नेशनल रैंक मिली है। इस श्रेणी में प्रदेश स्तर पर गोरखपुर पहले स्थान पर है। यह उपलब्धि इसलिए भी सराहनीय है कि गत वर्ष के सर्वेक्षण में गोरखपुर की रैंकिंग राष्ट्र स्तर पर 24वीं और राज्य में सातवीं थी। गत वर्ष गोरखपुर को गार्बेज फ्री सिटी के थ्री स्टार कटेगरी में रखा गया था जबकि इस बार यह शहर गार्बेज फ्री सिटी की फाइव स्टार सर्टिफिकेशन में आ गया है। गोरखपुर की इस उपलब्धि की मुख्यमंत्री पहले भी सराहना कर चुके हैं। अब वह एक समारोह में स्वच्छता की उत्कृष्टता में योगदान देने वाले सफाई मित्रों और पार्षदों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन करेंगे। गोरखपुर के महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव का कहना है कि स्वच्छ सर्वेक्षण में गोरखपुर को हासिल बड़ी उपलब्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रेरक मार्गदर्शन में सफाई मित्रों, पार्षदों, कर्मचारियों, अधिकारियों के साथ ही नागरिकों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। सबसे अहम बात है कि सीएम योगी हर सार्वजनिक कार्यक्रम में जनता को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हैं। अर्बन फ्लड अर्ली वार्निंग सिस्टम का होगा उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी गोरखपुर नगर निगम द्वारा अर्बन फ्लड मैनेजमेंट के तहत अर्बन फ्लड अर्ली वार्निंग सिस्टम का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। इस परियोजना की लागत 28 करोड़ 92 लाख रुपये है। इसके तहत शहर के सभी पम्पिंग स्टेशनों के पूर्ण ऑटोमेशन किया गया है। प्राइमरी और सेकेंडरी नालों पर कुल 110 ऑटोमेटिक वाटर लेवल रिकॉर्डर लगाए गए हैं। जब नालों का जल स्तर 80 प्रतिशत से अधिक हो जाता है तो संबंधित अधिकारियों को ऑटोमेटेड अलर्ट भेजी जाती है। ईंधन की कमी और पम्प रख रखाव चेतावनियां भी अधिकारियों को समय रहते भेजी जाती है। उधर, सीएम योगी आज गोरखपुर दौरे पर है। उन्होंने मानसरोवर मंदिर में रुद्राभिषेक भी किया। इस बीच भक्तों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा होती भी नजर आई। सीएम योगी आज गोरखपुर को 252 करोड़ रुपए के विकास के कामों की सौगात देंगे। स्वच्छता सर्वेक्षण-2024 में 3 से 10 लाख की आबादी वाले शहरों की कैटेगरी में देश में चौथा और प्रदेश में पहला स्थान हासिल करने वाली गोरक्षनगरी (गोरखपुर) को इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बधाई देंगे। समारोह में सीएम योगी 252.50 करोड़ रुपये की 174 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और तीन योजनाओं का लोकार्पण भी करेंगे। नगर निगम मंगलवार को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की तैयारियों में जुटा रहा। नगर निगम की दीवारों को रंग-रोगन किया गया। अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सेल के कार्यालय का सौंदर्यीकरण देर रात तक चलता रहा। महापौर डॉ.मंगलेश श्रीवास्तव ने नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल के साथ तैयारियों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री पैडलेगंज से सफाई वाहनों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना कर सकते हैं। नगर निगम ने स्वच्छता सर्वेक्षण-2024 में सफाई मित्र सुरक्षित शहर श्रेणी में देश में तीसरा स्थान, 3 लाख से 10 लाख आबादी वाले शहरों की श्रेणी में देश में चौथा और 01 लाख से 10 लाख की श्रेणी में सूबे में पहला स्थान, वॉटर प्लस और गारबेज फ्री सिटी में 5-स्टार रेटिंग हासिल की है। इन उपलब्धियों के लिए नगर निगम के पार्षदों, कर्मचारियों और सफाई मित्रों का हौसला बढ़ाने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को नगर निगम में जनसभा को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम सीएम योगी सफाई-मित्रों का सम्मान करने के साथ महानगरवासियों को 252.50 करोड़ रुपये की 177 परियोजनाओं की सौगात भी देंगे। 200 जवानों की क्षमता वाले बैरक का करेंगे लोकार्पण 26वीं वाहिनी पीएसी परिसर में पीएसी जवानों के लिए 200 की क्षमता की अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त बहुमंजिला बैरक बनकर तैयार हो गई है। 24 जुलाई को इसका लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों होने की उम्मीद है। कानून व्यवस्था मजबूत बनाए रखने में पीएसी (प्रोविंशियल आर्म्ड कांस्टेबुलरी) के योगदान से सभी वाकिफ हैं। खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पीएसी के जवानों की लॉ एंड ऑर्डर में महत्वपूर्ण भूमिका की कई मंचों से सराहना कर चुके हैं। पीएसी के जवानों को अत्याधुनिक सुविधा देने के लिए योगी सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर पर खासा जोर दे रही है। इसी सिलसिले में 26वीं वाहिनी पीएसी में 11 मंजिला बैरक टॉवर बनाया गया है। इसे बनाने के लिए 11 करोड़ 67 लाख रुपये की लागत स्वीकृत की गई थी। अब यह टॉवर बनकर तैयार है। इन परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीएण्डडीएस यूनिट 42 राज्य … Read more

तबाही के साए में गाजा: इंसानियत रो रही, युद्धविराम की मांग हो रही, गाजा में तबाही की सारी हदें पार

गाजा  गाजा में इजरायली हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. यहां के लोग दोतरफा मार का शिकार हो रहे हैं. एक तरफ बारूद और दूसरी तरफ भूख, दोनों फिलिस्तीनियों की जान के दुश्मन बने हुए हैं. युद्ध की भयावहता अब उस स्तर पर पहुंच चुकी है, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती. इन हालातों को देखते हुए ब्रिटेन, कनाडा, जापान समेत 26 देशों ने गाजा में तत्काल युद्धविराम की अपील की है. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने गाजा में राहत की उम्मीद में खाने के लिए जुटे 800 से ज्यादा लोगों की मौत को असहनीय और अमानवीय करार देते हुए इजरायल की आलोचना की है. यह पहली बार नहीं है जब यूरोपीय देश युद्धविराम की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी आवाज इजरायली सत्ता के कानों तक नहीं पहुंच सकी. गाजा के लोगों के दर्द की गूंज ब्रिटिश संसद में भी गूंजी है. लंदन के सांसद एंडी स्लॉटर ने कहा, "हर सुबह नए कत्लेआम, नई विस्थापन की तस्वीरें आती हैं. लोग कतारों में लगकर रोटी मांगते हैं और वहीं गोली खा जाते हैं. अब वक्त है कि केवल बयान नहीं, ठोस कार्रवाई हो." उनकी यह अपील सीधे ब्रिटिश सरकार और विदेश मंत्रालय को थी कि अब केवल निंदा करने से काम नहीं चलेगा. सबको मिलकर इजरायल पर असरदार दबाव बनाने की कोशिश करनी चाहिए. पोप लियो की पुकार, बंद करो नरसंहार रविवार को वेटिकन से पोप लियो ने भी गाजा में हो रहे नरसंहार को लेकर अपनी एंजेलस प्रार्थना में तत्काल युद्धविराम की मांग की है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर और मानवाधिकार कानूनों का सम्मान करते हुए निर्दोष नागरिकों की रक्षा की जाए. उनका कहना था कि राहत सामग्री के रास्ते खोले जाएं, ताकि फंसे हुए लोगों को तत्काल राहत सहायता मिल सके. कतर में हो रही अप्रत्यक्ष बातचीत जारी वहीं, कतर की राजधानी में अमेरिका की मध्यस्थता में हमास और इजरायल के बीच युद्धविराम को लेकर अप्रत्यक्ष वार्ता चल रही है. युद्धविराम और बंधकों की अदला-बदली को लेकर बातचीत जारी है, लेकिन अब तक कोई व्यावहारिक सफलता नहीं मिली है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी गाजा की स्थिति को अमानवीय और क्रूर बताते हुए युद्ध को तत्काल रोकने की मांग की है.  इलाज के बिना दम तोड़ रहे मासूम बच्चे उन्होंने कहा, "हमने गाजा में संयुक्त राष्ट्र की राहत कतारों पर लोगों को गोली मारते देखा है. यह एक बर्बर और नीच हरकत है, जिसकी मैं घोर निंदा करता हूं. युद्धविराम, बंधकों की रिहाई और मानवीय मदद की अबाध पहुंच प्राथमिक आवश्यकता है." गाजा के रंतिसी अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर राघेब वारशाघा ने बताया कि गंभीर रूप से बीमार बच्चे इलाज के बिना दम तोड़ रहे हैं.  कुपोषण, दूध की कमी से जूझ रही मांएं नवजात बच्चों को जन्म देने वाली मांएं कुपोषण और दूध की कमी से जूझ रही हैं. अस्पतालों में दवाएं खत्म हो चुकी हैं. गाजा में अब भोजन का संकट जानलेवा हो चुका है. लोग अपने घरों से निकलकर बंद रसोई के बाहर लाइन लगाकर बैठ जाते हैं. हाथों में खाली बर्तन और आंखों में भूख. लेकिन रसोई भी अब खाली हो चुकी है. जो भी चूल्हा जलता था, अब वो राख हो चुका है. 59 हजार मौतें, खंडहर में तब्दील गाजा गाजा में इजरायली हमलों में अबतक 59 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है. इजरायली सेना जमीनी और हवाई दोनों मोर्चों पर हमले तेज कर चुकी है. महिलाओं और बच्चों को भी निशाना बनाया जा रहा है. जो जिंदा हैं, वे भूख से मरने को मजबूर हैं. दुनिया के 26 देशों का संयुक्त बयान, संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी, पोप लियो की प्रार्थना और कतर में चल रही बातचीत नरसंहार को रोकने की कोशिश है.

रियल एस्टेट घोटाले में फंसे बिल्डर-बैंक अफसर, CBI को सुप्रीम कोर्ट से मिली छानबीन की अनुमति

नई दिल्ली बिल्डर-बैंक गठजोड़ के मामले में दर्ज मुकदमों की सुनवाई के दौरान सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वह दिल्ली-एनसीआर में 22 केस दर्ज करने जा रही है. कई बिल्डरों और बैंक अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोपों में शिकंजा कस सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को हरी झंडी दे दी है. सीबीआई की सीलबंद रिपोर्ट मिलने के बाद कोर्ट ने कहा कि यह रिपोर्ट आंखें खोल देने वाली है. सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को मुकदमे दर्ज करने के बाद प्रारंभिक जांच के निर्देश दिए थे. कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि कुछ रियल एस्टेट कंपनियां बैंकों के साथ मिलीभगत कर घर खरीदारों को अपनी परियोजनाओं के लिए कर्ज दिलाती हैं. ये प्रोजेक्ट कभी पूरे नहीं होते, जिससे आम आदमी कर्ज लेकर फंस जाता है, क्योंकि बैंक और बिल्डर मिलकर धन हड़प लेते हैं. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की जांच पर संतोष जताया और आगे की जांच के लिए समय भी दिया. और बिल्डरों के खिलाफ हो सकती है कार्रवाई जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की बेंच ने आदेश दिया कि अगर जांच में कोई बाधा आती है, तो सीबीआई को कभी भी अदालत आने की छूट है. घर खरीदारों को परेशान करने और उनसे धन ऐंठने के लिए बैंकों के साथ साठगांठ के मामले में सीबीआई की जांच के दायरे में और भी बिल्डर आ सकते हैं. केंद्रीय एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वह दिल्ली-एनसीआर में विभिन्न बिल्डरों के खिलाफ 22 मामले दर्ज करने की योजना बना रही है. इसके अलावा, अन्य शहरों के बिल्डरों की जांच के लिए भी उसने और समय मांगा है. सीबीआई की पैरवी करते हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने पीठ को बताया कि जांच को आगे बढ़ाकर निष्कर्ष तक पहुंचाने में और समय लगेगा. उन्होंने कोर्ट को सूचित किया कि सीबीआई ने अब तक 58 से अधिक संपत्तियों की जांच की है और एक हजार से ज्यादा गवाहों से पूछताछ की है. सीबीआई ने पूरे मामले की सीलबंद रिपोर्ट कोर्ट को सौंपी है. बेंच ने सीबीआई की जांच पर संतुष्टि जताते हुए जांच पूरी करने के लिए 6 हफ्ते का समय दिया है.

भारत ने UN में खोली पाकिस्तान की पोल, कहा — ‘उधारी पर पलता, आतंक फैलाता देश’

 नई दिल्ली पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को एक बार फिर संयु्क्त राष्ट्र में पानी-पानी होना पड़ा है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की बैठक में भारत ने पाकिस्तान को एक बार फिर आड़े हाथों लेते हुए आईना दिखाया.  संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश ने पाकिस्तान पर आतंकवाद को सपोर्ट करने और अपनी अर्थव्यवस्था का बेड़ा गर्क करने पर फटकार लगाई. शांति और बहुपक्षवाद पर एक उच्चस्तरीय डिबेट में हिस्सा लेते हुए भारत ने पाकिस्तान को आईएमएफ से बार-बार कर्ज लेने वाला देश और कट्टरता एवं आतंकवाद में डूबा हुआ राष्ट्र बताया.  उन्होंने कहा कि एक तरफ भारत का परिपक्व लोकतंत्र, उभरती अर्थव्यवस्था और समावेशी समाज है. दूसरी तरफ पाकिस्तान कट्टरता और आतंकवाद में डूबा हुआ है, जो आईएमएफ के कर्ज पर चल रहा है. वह बार-बार आईएमएफ से कर्ज लेता है. हम जब अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देने पर चर्चा कर रहे हैं तो यह समझना जरूरी है कि कुछ बुनियादी सिद्धांतों को सार्वभौमिक रूप से सम्मान किया जाना चाहिए. इनमें एक बेहद महत्वपूर्ण सिद्धांत आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता का है, जो पाकिस्तान के लिए यह उचित नहीं है. UN में पहलगाम हमले का जिक्र पर्वतनेनी हरीश ने 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का हवाला देते हुए आतंकी मामलों में जवाबदेही की जरूरत पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देकर अच्छे पड़ोसी और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों की भावना का उल्लंघन करने वाले मुल्कों को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी.  उन्होंने कहा कि आतंक को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. इससे पहले पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर मुद्दा और भारत के साथ सिंधु जल संधि पर चल रहे विवाद को उठाया.

खमढोड़गी जलाशय में बैम्बू राफ्टिंग की शुरुआत, पर्यटन से बढ़ेगा स्थानीय रोजगार

रायपुर : खमढोड़गी जलाशय में बैम्बू राफ्टिंग और नौकायन की हुई शुरुआत, पर्यटन से स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार पर्यटन को नया आयाम: खमढोड़गी जलाशय में शुरू हुई राफ्टिंग, स्थानीयों के लिए खुले रोजगार के द्वार खमढोड़गी जलाशय में बैम्बू राफ्टिंग की शुरुआत, पर्यटन से बढ़ेगा स्थानीय रोजगार रायपुर के खमढोड़गी में राफ्टिंग और नौकायन का आगाज़, पर्यटन से गांवों को मिलेगा नया जीवन रायपुर कांकेर जिले के ग्राम खमढोड़गी (ग्राम पंचायत कोकपुर) में आज से पर्यटन की एक नई पहल की शुरुआत हो गई है। कांकेर विधायक आशाराम नेताम ने खमढोड़गी जलाशय में बैम्बू राफ्टिंग और नौकायन (नौका विहार) का शुभारंभ किया। यह पहल राज्य सरकार की ग्रामीण पर्यटन विकास नीति और स्थानीय रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक नेताम ने कहा कि खमढोड़गी जैसे स्थलों में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और इस पहल से स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। उन्होंने पर्यटन विकास के लिए 50 लाख रुपये देने की घोषणा भी की।  इस मौके पर कलेक्टर निलेश क्षीरसागर ने बताया कि यह योजना क्षेत्र के विकास और युवाओं को रोजगार से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में यहाँ ट्रेकिंग, होम स्टे और अन्य पर्यटन सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा। इस अवसर पर विधायक और कलेक्टर ने जलाशय में नौकायन कर इसका आनंद लिया और ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। इस कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष अरुण कौशिक, उपाध्यक्ष उत्तम यादव, जिला पंचायत सदस्य सुमृदुला भास्कर, पूर्व विधायक शिशुपाल शोरी , स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

‘मस्जिद या पार्टी दफ्तर?’— सपा सांसदों की मीटिंग पर BJP ने खड़ा किया सवाल

नई दिल्ली समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव के दिल्ली में संसद भवन के बगल वाली मस्जिद में कथित तौर पर बैठक करने को लेकर बीजेपी ने सवाल उठाए हैं. बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा ने आरोप लगाया कि अखिलेश ने इस मस्जिद को सपा का दफ्तर बना दिया है. जिसपर अब सपा मुखिया ने जवाब दिया है. उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा है कि वो लोगों में दूरियां देखना चाहती है, इसीलिए मेरे मस्जिद जाने पर विवाद खड़ा कर रही है. आस्था जोड़ती है…हालांकि, बीजेपी चाहती है कि लोग एकजुट न होकर बंटे रहें. हमारी सभी धर्मों में आस्था है. न्यूज एजेंसी से बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा- मीडिया भी बीजेपी के चक्कर में फंस गई. आस्था जोड़ती है. किसी भी धर्म में कोई भी आस्था हो वो जोड़ती है. बीजेपी को तकलीफ है कि कोई आपस में जुड़े नहीं. बीजेपी लोगों में दूरियां देखना चाहती है. बीजेपी को तकलीफ है तो हम क्या करें. बीजेपी के हथकंडे को लोग जानते हैं. बीजेपी का हथियार ही धर्म है. वहीं, अखिलेश यादव द्वारा कथित तौर पर मस्जिद के अंदर बैठक करने पर समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने कहा- "क्या अब हमें मंदिर और मस्जिद जाने के लिए भाजपा से लाइसेंस लेना होगा…" दरअसल, बीते दिन अखिलेश यादव संसद भवन के बगल की मस्जिद में सपा नेताओं के साथ बैठे थे. जैसे ही उनकी तस्वीर सामने आई, इसको लेकर बीजेपी ने मुद्दा बनाना शुरू कर दिया. बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा ने तस्वीर शेयर करते हुए आरोप लगाया कि अखिलेश ने इस मस्जिद को सपा कार्यालय बना दिया है. बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा ने इसको लेकर कड़ी आपत्ति जताई. साथ ही इसके खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करने का ऐलान भी किया. तस्वीर में आप देख सकते हैं कि कई सपा सांसद मस्जिद के अंदर अखिलेश यादव के साथ मौजूद हैं. इसमें रामपुर के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी भी नजर आ रहे हैं. वह इस मस्जिद के इमाम हैं. फिलहाल, बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष जमाल सिद्दकी ने ऐलान किया है कि 25 जुलाई को जुमे की नमाज के बाद इसी मस्जिद में अखिलेश और उनके सांसद द्वारा की गई कथित बैठक का विरोध करेंगे. उधर, इस पूरे मामले में उत्तराखंड वक्फ बोर्ड ने भी विरोध जताया है. बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने मस्जिद के अंदर हुई कथित पॉलिटिकल मीटिंग को मुसलमानों की भावनाओं को आहत करने वाला बताया है. उन्होंने अखिलेश से माफी की मांग की है. शादाब शम्स के मुताबिक, मस्जिदें आस्था का केंद्र होती हैं और वहां पर नमाज पढ़ी जाती है, ना कि सियासी बैठक की जाती है.  

भोपाल में ट्रैफिक कंट्रोल के लिए बड़ा फैसला: ई-रिक्शा 12 मार्गों से बाहर, पार्किंग पर भी रोक

भोपाल   राजधानी भोपाल की स्कूलों के बाद आज से शहर के 12 व्यस्ततम और अहम वीवीआईपी जगहों पर ई-रिक्शा चलाने और पार्किंग पर प्रतिबंध है। दरअसल 27 जून को हुई जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में ई-रिक्शा चलाने पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया था। पहले 7 दिन दी जाएगी समइाइश इन सभी मार्गों को भोपाल ट्रैफिक पुलिस ने दो पैमानों पर तय किया है। पहला ये कि इन सभी मार्गो पर नगर सेवा बाहन पहले से संचालित है। दूसरा यह कि इन सड़कों पर ई-रिक्शा की ज्यादा संख्या होने के कारण ट्रैफिक जाम के हालात बनते हैं। दो दिन पहले ई-रिक्शा से स्कूली छात्र-छात्राओं के परिवहन पर भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने प्रतिबंध लगाया था। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि अगले सात दिनों तक प्रतिबंधित मार्गों पर ई-रिक्शा चलाने और पार्क करने वाले चालकों को समइाइश दी जाएगी। इसके बाद चालान होंगे। यहां ई-रिक्शा व उसकी पार्किंग प्रतिबंधित -राजभवन से पॉलिटेक्निक चौराहा – पॉलिटेक्निक चौराहा से स्टेट हैंगर – बोट क्लब – हमीदिया रोड-अल्पना से भोपाल टॉकीज -अपेक्स बैंक से रोशनपुरा – लिंक रोड-1 बोर्ड ऑफिस चौराहा से अपेक्स बैंक तक – काटजू अस्पताल तिराहा से रंगमहल तिराहा तक – वन्दे मातरम से 10 नंबर स्टॉप तक -10 नंबर से नेशनल अस्पताल तक – 10 नंबर से साढ़े 10 नंबर तक – सेंटर प्वाइंट से रोशनपुरा तक – जीजी फ्लाईओवर  सुरक्षा कारणों से लिया गया फैसला यातायात पुलिस के अनुसार, भोपाल की इन सड़कों पर वीआईपी मूवमेंट और उच्च यातायात घनत्व अधिक होता है। आम नागरिकों की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है। ई-रिक्शा की धीमी गति और बेतरतीब पार्किंग व्यवस्था कई बार दुर्घटनाओं और जाम का कारण बनती है। स्कूली बच्चों को ले जाने पर भी सख्त रोक भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने 20 जुलाई 2025 को निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा, स्कूली छात्रों को अब ई-रिक्शा से नहीं ले जाया जा सकता। यह फैसला बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है। ट्रैफिक पुलिस इस विषय पर जागरूकता अभियान भी चला रही है। भोपाल में 7,000 से अधिक ई-रिक्शा संचालित भोपाल क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के मुताबिक, भोपाल में 7,000 से अधिक ई-रिक्शा संचालित हैं। इनमें से ज्यादातर बिना परमिट के संचालित हैं। भोपाल टॉकीज़ से करोंद चौराहा और अयोध्या बाईपास तक ई रिक्शा के चलते भारी ट्रैफ़िक जाम लगता है। भोपाल आरटीओ ने यह आंकड़े पिछले साल जारी किए थे। अब इनकी संख्या और बढ़ गई होगी।  स्कूलों में ई-रिक्शा पर प्रतिबंध लगेगा, बच्चों की सेफ्टी  …….  शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए शुक्रवार को कंट्रोल रूम में एक मीटिंग हुई। सांसद आलोक शर्मा ने जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम और पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। मीटिंग में लेफ्ट-टर्न को सुधारने, ई-रिक्शा पर नियंत्रण रखने, ट्रांसफार्मर हटाने और पार्किंग व्यवस्था को ठीक करने जैसे मुद्दों पर बात हुई। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को उनके अधूरे प्लान के लिए फटकार लगाई गई और उन्हें एक हफ्ते में ट्रैफिक एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर लेफ्ट टर्न सुधार का प्लान पेश करने का निर्देश दिया गया। शहर के 42 चौराहों पर लेफ्ट टर्न की समस्या को दूर करने के लिए 3 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। ई-रिक्शा पर रोक ई-रिक्शा के गलत इस्तेमाल को लेकर चिंता जताई गई और कलेक्टर ने कहा कि बच्चों को ई-रिक्शा में स्कूल भेजना सुरक्षित नहीं है। इसलिए स्कूलों में ई-रिक्शा को प्रतिबंधित करने का फैसला लिया गया, क्योंकि यह बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी था। मीटिंग में सड़कों से अतिक्रमण हटाने और कंडम वाहनों को हटाने पर भी बात हुई। सांसद शर्मा ने ट्रांसफार्मर और खंभों को हटाने की बात कही और पार्किंग व्यवस्था को आम लोगों के लिए आसान बनाने के निर्देश दिए। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को फटकार सांसद आलोक शर्मा ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को फटकार भी लगाई। दरअसल, पीडब्ल्यूडी अधिकारी बिना किसी वर्किंग प्लान के मीटिंग में पहुंच गए थे। इस पर सांसद ने नाराजगी जताई। मीटिंग में संबंधित विभागों को कुछ निर्देश दिए गए। उन्हें मैनिट के ट्रैफिक विशेषज्ञों की मदद से सभी 42 चौराहों की समीक्षा रिपोर्ट और एस्टीमेट तैयार करने को कहा गया। इससे जल्द से जल्द काम शुरू किया जा सके। ऐसा करने से ट्रैफिक जाम में कमी आएगी और लोगों का आना-जाना आसान हो जाएगा। साथ ही, चौराहों की सुरक्षा और दृश्यता भी बेहतर हो जाएगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रद्धेय चंद्रशेखर आजाद को दी श्रद्धांजलि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश की माटी के गौरव, स्वतंत्रता संग्राम के नायक श्रद्धेय चंद्रशेखर आजाद की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन कर श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मात्र 13 साल की उम्र में स्कूल के बाहर धरना देते गिरफ्तार किए गए चंद्रशेखर ने अपना नाम 'आजाद' और पिता का नाम 'स्वाधीनता' बताया था। उन्होंने कहा कि वे सच्चे राष्ट्रवादी थे। मां भारती के ऐसे सपूत के ऋण से राष्ट्र कभी उऋण न हो सकेगा।  

बुधादित्य योग लाएगा सफलता और समृद्धि, जानिए किन 5 राशियों को होगा सबसे बड़ा फायदा

1 अगस्त 2025 को एक विशेष ज्योतिषीय संयोग बनने जा रहा है। इस सूर्य और बुध के मिलन से बुधादित्य योग बनेगा। वैदिक ज्योतिष में यह योग बहुत शुभ और शक्तिशाली माना गया है, जिसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर होगा। इस योग के बनने से व्यक्ति में बुद्धिमत्ता, नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल और प्रशासनिक योग्यता की क्षमता आती है। सूर्य आत्मा, आत्मविश्वास और अधिकार का प्रतिनिधित्व करता है। बुध बुद्धि, तर्कशक्ति और वाणी का कारक है। दोनों ग्रहों की युति से दृष्टि योग बनता है, जो पांच राशियों के लिए लाभकारी है। आइए जानते हैं उन राशियों के बारे में, जिन्हें इस युति से अधिकतम लाभ होगा… मिथुन राशि मिथुन राशि के लिए बुध-सूर्य की युति धमाल मचाने वाली रहेगी। दरअसल, मिथुन राशि के स्वामी बुध है, जिनकी सूर्य के साथ युति होने पर शक्ति कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में यह मिथुन राशि के जातकों को नई ऊंचाइयां पर पहुंचा देगी। व्यवसाय में लाभ मिलेगा। तांबे के लोटे में जल भरकर सूर्य को अर्घ्य देना लाभदायक होगा। कन्या राशि बुध-सूर्य की युति से कन्या राशि वालों के जीवन में चमत्कारिक परिवर्तन आएंगे। इस राशि में बुध उच्च के होने से सूर्य के साथ मिलकर बुधादित्य योग मजबूत बनता है। यह नौकरी में सफलता दिलाता है। निवेश में लाभ मिलेगा। गया को हरा चारा खिलाना शुभ रहेगा। सिंह राशि सिंह राशि के लिए बुध-सूर्य की युति शुभ समाचार लेकर आएगी। सिंह राशि के स्वामी सूर्य हैं, इसलिए यह युति आत्विश्वास बढ़ाएगी। नेतृत्व क्षमता में निखार आएगा, जिससे व्यापार व कार्यक्षेत्र में लाभ मिलेगगा। “ॐ घृणिः सूर्याय नमः” मंत्र का 108 बार जप करने से विशेष लाभ मिलेगा। तुला राशि सूर्य-बुध की युति से तुला राशि वालों को आर्थिक तंगी से निजात मिलेगा। बिजनेस में लाभ के संकेत हैं। बिजनेस पार्टनर के साथ तालमेल बेहतर होंगे। इस दौरान सफेद वस्त्र धारण कर शुद्ध घी का दीपक जलाएं। मकर राशि मकर राशि वालों के लिए सूर्य-बुध की युति जीवन में सफलता का कारण बनेगी। इस दौरान सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। कार्यस्थल पर योजनाएं सफल होंगी, जिससे सीनियर्स से सम्मान मिलेगा। कारोबार में सब अच्छा होगा, जिससे आर्थिक लाभ होगा।