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MP पंचायत चुनाव में तकनीकी कदम: IPBMS से होगा सरपंच व जनपद सदस्य चयन

मतदान 22 जुलाई को सुबह 7 बजे से दमोह पंचायत उप निर्वाचन-2025 में त्रि-स्तरीय पंचायतों में रिक्त पद के लिये 22 जुलाई को सुबह 7 बजे से अपरान्ह 3 बजे तक मतदान होगा। सरपंच पद के लिये 49 और जनपद पंचायत सदस्य के 5 पदों के लिये मतदान होगा। सचिव राज्य निर्वाचन आयोग अभिषेक सिंह ने जानकारी दी है कि इनमें से सागर जिले की 4 ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के लिये 9 मतदान केन्द्रों और दमोह जिले के वार्ड-16 के जनपद सदस्य के निर्वाचन के लिये 9 मतदान केन्द्रों में इंटीग्रेटेड पोलिंग बूथ मैनेजमेंट सिस्टम (आईपीबीएमएस) से मतदान कराया जायेगा। इन मतदान केन्द्रों की मतदान प्रकिया का सीधा प्रसारण भी किया जायेगा। इसके लिये राज्य निर्वाचन आयोग कार्यालय के सामने तथा सागर और दमोह में एक-एक स्क्रीन लगाई जायेगी। सागर जिले के जनपद पंचायत जैसीनगर की ग्राम पंचायत अगरा, औरिया, जनपद पंचायत खुरई की ग्राम पंचायत मुहासा और जनपद पंचायत राहतगढ़ की ग्राम पंचायत सेमरालहरिया के मतदान केन्द्रों में इंटीग्रेटेड पोलिंग बूथ मैनेजमेंट सिस्टम से मतदान कराया जायेगा। शेष पदों पर पूर्व की भांति मतदान कराया जायेगा।   इंटीग्रेटेड पोलिंग बूथ मैनेजमेंट सिस्टम राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पेपरलेस बूथ की नवीन पहल की गई है। इसमें मतदान केन्द्रों में मतदाता और मतदानकर्मियों द्वारा किये जाने वाला पूरा काम डिजिटल माध्यम से किया जाता है। उल्लेखनीय है कि इस नवीन पहल के तहत वर्ष 2024 में भोपाल जिले के बैरसिया तहसील की ग्राम पंचायत रतुआ रतनपुर और रीवा जिले के अतरैला ग्राम पंचायत के सरपंच पद के लिये मतदान सफलतापूर्वक किया जा चुका है। जनपद पंचायत सदस्य के लिये पहली बार इंटीग्रेटेड पोलिंग बूथ मैनेजमेंट सिस्टम से मतदान करवाया जा रहा है।   

सरकारी भर्तियों में बड़ा सुधार, एक परीक्षा से खुलेंगे कई विभागों के द्वार

भोपाल  सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए राहत भरी खबर है। अब उन्हें एक ही पद के लिए बार-बार परीक्षाएं नहीं देनी होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप सामान्य प्रशासन विभाग ने नई भर्ती प्रणाली को लेकर प्रारूप तैयार किया है। यह प्रस्ताव मुख्य सचिव अनुराग जैन के सामने प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंजूरी ली जाएगी। इस प्रस्ताव के अमल में आने से न केवल परीक्षार्थियों का समय और धन बचेगा, बल्कि भर्ती प्रणाली भी अधिक दक्ष और पारदर्शी बनेगी। यह बदलाव खासतौर पर युवाओं के लिए बड़ा राहत भरा साबित होगा। भर्ती प्रक्रिया में ये होंगे अहम बदलाव  नए प्रस्ताव के अनुसार राज्य लोक सेवा आयोग (पीएससी) केवल 6 प्रकार की परीक्षाएं आयोजित करेगा, जिसमें प्रशासनिक सेवा और वन सेवा शामिल होंगी। MPESB (पूर्व में व्यापमं) 5 प्रमुख श्रेणियों की परीक्षाएं आयोजित करेगा, जिसमें इंजीनियरिंग, शिक्षा, कृषि, स्नातक एवं परास्नातक डिग्रीधारकों के लिए परीक्षाएं होंगी। एक मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर नियुक्तियां होंगी। उम्मीदवारों को आवेदन के समय विभागों के वैकल्पिक नाम भरने होंगे, जिससे चयन के बाद विभाग बदलने की समस्या नहीं रहेगी। परीक्षार्थियों को क्या होगा लाभ  अब हर पद के लिए अलग-अलग परीक्षा देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। परीक्षा शुल्क की बचत होगी। चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण होगी। परीक्षा परिणामों को लेकर होने वाले विवाद भी कम होंगे। वर्तमान में पीएससी सालभर में 25 और मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड ( MPESB) करीब 30 प्रकार की परीक्षाएं आयोजित करता है, जिससे अभ्यर्थियों को बार-बार आवेदन और परीक्षा देने की परेशानी होती है। नई नीति के लागू होते ही यह दोहराव खत्म होगा।  चार प्रमुख श्रेणियों में परीक्षाएं आयोजित करने की तैयारी है स्नातक स्तरीय परीक्षा- सभी ग्रुप-सी के पदों के लिए हायर सेकेंडरी स्तरीय परीक्षा- 12वीं पास योगयता पर आधारित पदों के लिए तकनीकी पदों के लिए परीक्षा- इंजीनियरिंग,आइटीआइ आदि तकनीकी योग्यता वाले पद शिक्षक पात्रता परीक्षा- उच्च माध्यमिक,माध्यमिक व प्राथमिक शिक्षक पदों के लिए आवेदन के समय करेंगे अभ्यर्थी करेंगे च्वाइस फिलिंग विभिन्न विभागों की एक जैसी भर्ती के लिए अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा होगी, लेकिन पेपर एक जैसा तैयार किया जाएगा। अभ्यर्थियों को आवेदन करते समय च्वाइस फिलिंग करनी होगी कि वे किसी पद के लिए आवेदन किया है और परीक्षा दी है।उसके हिसाब से मेरिट सूची तैयार होगी। इस बदलाव से लाभ एक ही परीक्षा से अनेक विभागों में चयन की संभावना। विभिन्न विभागों के लिए बार-बार आवेदन और परीक्षा की जरूरत नहीं। अभ्यर्थियों का समय, पैसा और मानसिक तनाव कम होगा। भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और जल्द होगी। मेरिट के आधार पर निष्पक्ष नियुक्तियां संभव होंगी। साल 2025 की आगामी ये परीक्षाएं प्रस्तावित हैं आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा-अगस्त 2025 प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-अगस्त-सिंतबर 2025 समूह-02 उपसमूह-03 -अक्टूबर 2025 समूह-01 उपसमूह-02 -अक्टूबर 2025 संचालनालय लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग-सितंबर 2025 समूह-02 उपसमूह-04-नवंबर 2025 क्षेत्ररक्षक,जेल प्रहरी परीक्षा-नवंबर 2025 समूह-03 उपयंत्री-जनवरी 2026 आइटीआई में प्रशिक्षण अधिकारियों के पदों की चयन परीक्षा-फरवरी 2026 समूह-02 उपसमूह02 -मार्च 2026 सूबेदार,शीघ्रलेखक,सहायक उप निरीक्षक चयन परीक्षा-अप्रैल 2026 पुलिस आरक्षक जीडी भर्ती परीक्षा -अप्रैल 2026 सहायक उप निरीक्षक (कंप्यूटर) एवं प्रधान आरक्षक (कंप्यूटर) भर्ती परीक्षा- मई 2026 ईएसबी का क्या कहना है? ईएसबी के संचालक साकेत मालवीय ने कहा कि एक ही ग्रुप की एक जैसे समकक्ष पदों के लिए चार परीक्षाएं कराने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। अब साल भर में करीब 30 परीक्षाओं के बदले चार परीक्षाएं होंगी। अगर शासन से मंजूरी मिलती है तो इसे लागू किया जाएगा। पीएससी से केवल राज्य प्रशासनिक परीक्षाएं नए बदलावों के तहत एमपीपीएससी अब केवल राज्य प्रशासनिक सेवा, वन सेवा, इंजीनियरिंग, शिक्षा और कृषि सेवा जैसी प्रमुख परीक्षाएं आयोजित करेगा। एमपीईएसबी द्वारा स्नातक, 12वीं और पीजी स्तरीय पदों के लिए परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। अब तक की व्यवस्था एमपीपीएससी(Government Jobs Rules Change) सालभर में 25 तो ईएसबी 30 परीक्षाएं आयोजित करता था। अब पीएससी से 6 तो एमपीईएसबी 5 होंगी। बदलाव के ये फायदे     बार-बार परीक्षा देने की जरूरत नहीं।     परीक्षा शुल्क में कमी आएगी।     एक परीक्षा से विभिन्न में चयन संभव।     आवेदन के समय इच्छित विभाग चुनेंगे।     एकीकृत मेरिट सूची बनेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सौगात: प्रदेश के बच्चों को 4.30 लाख साइकिलों का वितरण

भोपाल स्कूल शिक्षा विभाग इस वर्ष नि:शुल्क साइकिल प्रदाय योजना में 4 लाख 30 हजार बच्चों को नि:शुल्क साइकिल का वितरण करेगा। साइकिल वितरण की शुरूआत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरू पूर्णिमा महोत्सव में भोपाल के शासकीय कमला नेहरू सांदीपनि विद्यालय के सर्व सुविधा युक्त भवन के लोकार्पण समारोह से की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 50 बच्चों को नि:शुल्क साइकिलें वितरित की। प्रदेश में अब तक एक लाख से अधिक बच्चों को उनकी पात्रतानुसार नि:शुल्क साइकिल का वितरण किया जा चुका है। नि:शुल्क साइकिल प्रदाय योजना में ग्रामीण क्षेत्र में निवासरत विद्यार्थी जो कि शासकीय विद्यालयों में कक्षा 6 और 9 में अध्ययनरत हैं, वह जिस ग्राम का निवासी है उस ग्राम में शासकीय माध्यमिक या हाई स्कूल संचालित नहीं है और उसे अपने विद्यालय तक पहुचंने के लिये 2 किलोमीटर या इससे अधिक की दूरी तय करनी पड़ती है, उन बच्चों कक्षा 6 या 9 में प्रथम प्रवेश पर एक बार नि:शुल्क साइकिल दिये जाने का प्रावधान है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में स्थित कन्या छात्रावास में पढ़ने वाली छात्राएं, जिनकी शाला छात्रावास से 2 किलोमीटर या उससे अधिक दूरी पर है उन्हें भी इस योजना में नि:शुल्क साइकिल प्रदाय की जा रही है। विभागीय अधिकारियों को निर्देश स्कूल शिक्षा विभाग ने इस वर्ष विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के पहले सभी पात्र विद्यार्थियों को नि:शुल्क साइकिल वितरण के निर्देश दिये हैं। संचालनालय स्तर पर नि:शुल्क साइकिल वितरण की नियमित समीक्षा की जा रही है। कक्षा 6 में पढ़ने वाले बच्चों को 18 इंच और कक्षा 9 में प्रवेश लेने वाले बच्चों को 20 इंच की साइकिल वितरित की जा रही है। विभागीय अधिकारियों को साइकिल वितरण के पहले उनके उचित भंडारण के संबंध में भी निर्देश दिये गये हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने इस वर्ष विभागीय योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों को उचित समय पर दिये जाने के संबंध में कार्ययोजना तैयार की है।

UPI में बड़ा अपडेट! NPCI की नई गाइडलाइन से ट्रांजैक्शन होंगे और आसान

नई दिल्ली अगर आप UPI का यूज करते हैं तो आपके लिए गुड न्‍यूज है. यूपीआई के माध्‍यम से ओवरड्रॉफ्ट फैसिलिटी को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है. इसके तहत क्रेडिट लाइन को डायरेक्‍ट UPI से जोड़ा जाएगा. जिसके बाद आप अपने लोन अकाउंट से पैसा UPI के जरिए आसानी से निकाल पाएंगे. भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने 10 जुलाई 2025 को एक सर्कुलर जारी किया है, जिसमें प्री-अप्रूव क्रेडिट लाइंस को UPI से लिंक के लिए नए गाइडलाइन जारी किए गए हैं.  सर्कुलर में कहा गया है कि अगले महीने यानी अगस्‍तर से बैंक की प्री-अप्रूव्‍ड क्रेडिट लाइन की रकम का यूज आप UPI से डायरेक्‍ट कर पाएंगे. अबतक सिर्फ सामान खरीदने की अनुमति दी गई थी. अब UPI के जरिए क्रेडिट लाइन की रकम से न सिर्फ दुकानों पर पेमेंट किए जा सकेंगे, बल्कि कैश निकालने, किसी को पैसे भेजने से लेकर छोटे दुकानदारों को पेमेंट करने का भी फीचर दिया जाएगा.  पहले यह नियम अलग था. UPI पर क्रेडिट लाइन के जरिए सिर्फ दुकानों पर ही पेमेंट किया जा सकता था, लेकिन अब लोन ओवरड्रफ्ट को यूपीआई से लिंक करने के बाद यूज किया जा सकता है.  लोन अकाउंट UPI से होगा डायरेक्‍ट लिंक  नए नियम के तहत अब UPI यूजर्स फिक्‍स डिपॉजिट, शेयर, बॉन्‍ड, प्रॉपर्टी, गोल्‍ड या फिर पर्सनल और बिजनेस लोन ओवरड्रॉफ्ट को UPI से लिंक करके यूज कर सकेंगे. सरल शब्‍दों में कहें तो अब आप Paytm, PhonePe, Google Pay जैसे थर्ड पार्टी UPI ऐप्‍स से सीधा लोन अकाउंट से पेमेंट कर सकेंगे.  अगले महीने से ये सर्विस NPCI ने सभी यूपीआई बैंक सदस्‍यों और क्रेडिट लाइन सुविधा देने वालों को निर्देश दिया है कि यह सुविधा 31 अगस्‍त 2025 तक लागू करना है. ऐसे में यूपीआई यूज करने वाले करोड़ों यूजर्स को इसका लाभ मिलेगा.  क्‍या होता है क्रेडिट लाइन  आपको बता दें कि क्रेडिट लाइन एक तरह का लोन होता है, जिसे बैंक या कोई भी वित्तीय संस्‍था यूजर्स की इनकम और क्रेडिट स्‍कोर के आधार पर अप्रूव करता है. बैंक की ओर से अप्रूव क्रेडिट लाइन अकाउंट को आप UPI से लिंक कर सकते हैं और इसका इस्‍तेमाल कर सकते हैं. 

विमान हादसा: अहमदाबाद प्लेन क्रैश में इन 5 बातों से खुलेगी अमेरिका की पोल

नई दिल्ली अहमदाबाद प्लेन क्रैश मामले में अभी अंतिम जांच रिपोर्ट नहीं आई है। मगर, अमेरिका समेत कई देशों के मीडिया ने यह खबर चलाई थी कि अहमदाबाद-लंदन एयर इंडिया ड्रीमलाइनर विमान हादसे का कारण पायलटों में से किसी एक ने जानबूझकर ईंधन की आपूर्ति बंद कर दी थी। उन्होंने इंजन के स्विच को रन' से 'कटऑफ' पर कर दिया था। इससे इंजन को ईंधन मिलना बंद हो गया और विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। अब इस मामले में एक एविएशन एक्सपर्ट ने अपनी राय दी है और कहा है कि मैथेमैटिकली ये संभव ही नहीं है। भारतीय वायुसेना के पूर्व पायलट रहे अहसान खालिद ने कहा कि मीडिया को बिना किसी सबूत के अटकलें नहीं लगानी चाहिए। माना जा रहा है कि अमेरिका की डोनाल्ड ट्रंप सरकार और मीडिया एयर इंडिया के उस विमान को बनाने वाली अमेरिकी कंपनी बोइंग को बचाने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा, यह भी जानेंगे कि इस मामले में जांच अब किन बिंदुओं पर केंद्रित हो गई है। जान-बूझकर फ्यूल स्विच बंद करने की बात गलत विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) 12 जून को हुए इस हादसे की जांच कर रहा है। इस हादसे में विमान में सवार 241 लोगों सहित कुल 260 लोगों की जान चली गई थी। AAIB ने हाल ही में अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट में एक महत्वपूर्ण बात सामने आई है। वह यह है कि ईंधन स्विच एक सेकंड के भीतर बदले गए थे। कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह बात कही गई है कि यह जानबूझकर किया गया था। हालांकि, पायलट रह चुके कैप्टन एहसान खालिद इससे सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यह घटना बहुत दुखद है। हमें उन सभी लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करनी चाहिए जिन्होंने इस हादसे में अपनी जान गंवाई। हमें AAIB की जांच पूरी होने का इंतजार करना चाहिए ताकि दुर्घटना का असली कारण पता चल सके। विमान में दो तरह के स्विच होते हैं, यह जान लीजिए एयर इंडिया ड्रीमलाइनर 787-8 टेक-ऑफ के 32 सेकंड बाद एक मेडिकल कॉलेज के परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में दो तरह के स्विच होते हैं। इसमें एक रन स्विच होता है, जो इंजन को चालू रखता है। वहीं, दूसरा कटऑफ स्विच होता है, जिसके दबाते ही इंजन बंद हो जाता है। विमान ने हासिल कर ली थी 100 नॉटिकल मील की स्पीड AAIB की रिपोर्ट के अनुसार, विमान ने 08:08:42 UTC पर अपनी अधिकतम गति 180 समुद्री मील (knots) यानी करीब 185 किलोमीटर प्रति घंटे हासिल कर ली थी।। इसके बाद, इंजन 1 और 2 के लिए ईंधन कटऑफ स्विच एक सेकंड के अंतराल में रन से कटऑफ स्थिति में चले गए। इंजन 1 का ईंधन स्विच 08:08:52 UTC पर कटऑफ से रन पर वापस लाया गया। वहीं, इंजन 2 का स्विच 08:08:56 पर वापस लाया गया। रन से कट ऑफ में दोनों स्विच बदले, यह संभव नहीं रिपोर्ट में यह भी लिखा है कि एक पायलट ने दूसरे पायलट से पूछा कि उसने इंजन क्यों बंद कर दिया। इसके जवाब में दूसरे पायलट ने कहा कि उसने ऐसा नहीं किया। एक न्यूज चैनल एनडीटीवी से बात करते हुए एक्सपर्ट खालिद ने कहा-मैं एक नया गणितीय आकलन पेश करना चाहता हूं जो उन कहानियों को गलत साबित करता है जो चल रही हैं। 42 सेकंड के टाइमस्टैम्प पर ईंधन स्विच एक सेकंड के भीतर 'रन' से 'कट-ऑफ' में बदल गए। इसका मतलब है कि एक सेकंड के भीतर दोनों स्विच को बंद कर दिए गए। यह असंभव है। पश्चिमी मीडिया रिपोर्ट की कहानी झूठी निकली एक्सपर्ट खालिद ने कहा-फिर कहानी यह है कि दूसरे पायलट ने यह देखा और पूछा-आपने इंजन क्यों बंद कर दिया?' अगर यह सच है, तो मुझे लगता है कि इस कहानी को बताने वाले को अब यह बताना होगा कि उस व्यक्ति ने इस स्विच को वापस चालू करने के लिए 10 सेकंड तक इंतजार क्यों किया। पश्चिमी मीडिया रिपोर्टों में भी यह नहीं कहा गया है कि दोनों पायलट खुद को मारना चाहते थे। अटकलों की बात छोड़ें, तकनीकी खामी से बंद हुए इंजन खालिद ने बताया कि मुझे लगता है कि एक इलेक्ट्रिकल सिग्नल ने विमान के फ्यूल को बंद कर दिया था। स्विच को उस समय नहीं बदला गया था। शायद उन्हें बाद में तब बदला गया जब पायलट इंजन को फिर से चालू करने की कोशिश कर रहे थे ताकि दुर्घटना से बचा जा सके। मगर, उसे वे रोक नहीं पाए। कैप्टन खालिद का मानना है कि पायलटों ने जानबूझकर इंजन बंद नहीं किए थे। किसी तकनीकी खराबी के कारण इंजन बंद हो गए थे। उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया को बिना किसी सबूत के अटकलें नहीं लगानी चाहिए। हादसे की असली वजह के लिए ये 5 ब्लाइंड स्पॉट्स फ्यूल स्विच के कटऑफ की कमांड: फ्यूल रन या कटऑफ के लिए थ्रॉटल कंट्रोल बॉक्स यूनिट का डुप्लीकेट टेस्ट कराया जा सकता है, ताकि पता चले कि कटऑफ कमांड इलेक्ट्रॉनिक गड़बड़ी का नतीजा थी या इसमें पायलटों का कोई दोष था। पायलटों की आखिरी बातचीत की टाइमलाइन: एक पायलट ने पूछा था कि आपने फ्यूल क्यों बंद किया? दूसरे ने कहा-मैंने नहीं किया। इसे समझने के लिए CVR (कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर), FDR (फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर) की टाइमलाइन समान होना जरूरी है। कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में स्विच की आवाज है या नहीं: फ्यूल कंट्रोल स्विच घुमाने पर एक क्लिकिंग की आवाज आती है, जो CVR के एरिया माइक में दर्ज हो जाती है। अगर आवाज रिकॉर्ड नहीं हुई, तो इससे पता चलता है कि यह मैनुअली नहीं किया गया है। FAA की एडवाइजरी का पालन हुआ था या नहीं: फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने 2018 में फ्यूल स्विच लॉकिंग मैकेनिज्म पर एडवाइजरी दी थी। जांच एजेंसी ने मेंटेनेंस रिकॉर्ड्स, सर्विस बुलेटिन लॉग्स, डीजीसीए से क्लीयरेंस कॉपी मांगी है। इसे नजरअंदाज करना गंभीर संचालन लापरवाही में आएगा। इंजन के वॉल्व खुलने-बंद करने की जांच: किस सेंसर ने क्या संकेत दिया। प्रारंभिक रिपोर्ट में इसका कोई जिक्र नहीं है। बतया जा रहा है कि एएआईबी ने जीई व बोइंग से इन चैनलों का रॉ डेटा मांगा है। यह भी जांचा जाएगा कि 32 सेकेंड में किसी इंजन को फिर से स्टार्ट किया … Read more

भारत की रणनीतिक तैयारी: दौलत बेग ओल्डी तक पहुंचने वाला गुप्त मार्ग लगभग तैयार

दौलत बेग ओल्डी 2020 में गलवान घाटी में भारत और चीन की सेनाओं के बीच हुए तनाव के बाद से भारत अपनी सीमा पर बुनियादी ढांचे को तेजी से मजबूत कर रहा है. खासकर लद्दाख के दौलत बेग ओल्डी (DBO) जैसे रणनीतिक इलाकों तक पहुंच को और सुरक्षित करने के लिए भारत एक नई 130 किलोमीटर लंबी सड़क बना रहा है. ये सड़क ससोमा–सासेर ला–सासेर ब्रांग्सा–गपशान–डीबीओ के रास्ते से होकर गुजरती है. इसे बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) बना रहा है. ये नई सड़क न सिर्फ तेज और सुरक्षित है, बल्कि ये चीनी सेना की नजरों से भी बची रहेगी. आइए, समझते हैं कि ये सड़क क्यों इतनी खास है?   क्या है दौलत बेग ओल्डी (DBO) और क्यों है ये इतना जरूरी? दौलत बेग ओल्डी (DBO) भारत का सबसे उत्तरी सैन्य ठिकाना है, जो लद्दाख में कराकोरम पास के पास और लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) से सिर्फ 8 किलोमीटर दूर है. ये इलाका सब-सेक्टर नॉर्थ (SSN) का हिस्सा है, जिसमें डेपसांग मैदान और सियाचिन ग्लेशियर जैसे रणनीतिक क्षेत्र आते हैं. DBO में दुनिया का सबसे ऊंचा हवाई पट्टी (एयरस्ट्रिप) है, जो 16614 फीट की ऊंचाई पर है. इसकी मदद से भारतीय सेना को हथियार, रसद और सैनिकों को हवाई रास्ते से पहुंचाने में आसानी होती है.  लेकिन DBO तक पहुंचने का एकमात्र रास्ता अभी तक दरबुक-श्योक-दौलत बेग ओल्डी (DSDBO) सड़क था, जो 255 किलोमीटर लंबी है. ये सड़क LAC के बहुत करीब से गुजरती है, जिसकी वजह से ये चीनी सेना (PLA) की निगरानी में रहती है. गलवान घाटी में 2020 के तनाव का एक बड़ा कारण यही DSDBO सड़क थी, क्योंकि चीन को भारत की इस सड़क से अपनी स्थिति पर खतरा महसूस हुआ. इसीलिए भारत ने एक नई वैकल्पिक सड़क बनाने का फैसला किया, जो न सिर्फ सुरक्षित हो, बल्कि तेज भी हो. नई सड़क: ससोमा से DBO तक का रास्ता ये नई 130 किलोमीटर लंबी सड़क ससोमा से शुरू होती है, जो नुब्रा घाटी में सियाचिन बेस कैंप के पास है. ये सड़क सासेर ला (17,660 फीट), सासेर ब्रांग्सा, गपशान और फिर DBO तक जाती है. इसकी खास बातें हैं…     दूरी और समय में कमी: अभी DBO तक पहुंचने में लेह से 322 KM का रास्ता तय करना पड़ता है, जिसमें लगभग 2 दिन लगते हैं. नई सड़क दूरी को 79 KM कम करके 243 KM कर देगी और यात्रा का समय 11-12 घंटे तक सिमट जाएगा.     चीन की नजरों से बचाव: DSDBO सड़क LAC के बहुत करीब है. चीनी सेना इसे आसानी से देख सकती है. नई सड़क का रास्ता ऐसा है कि ये ज्यादातर हिस्सों में चीनी निगरानी से बचा रहेगा, जिससे सैनिकों और हथियारों की आवाजाही सुरक्षित होगी.     भारी हथियारों की ढुलाई: BRO ने इस सड़क पर 9 पुल बनाए हैं, जिन्हें पहले 40 टन वजन सहने के लिए बनाया गया था. अब इन्हें 70 टन की क्षमता तक अपग्रेड किया जा रहा है. इसका मतलब है कि भारी तोपें, जैसे बोफोर्स और टैंक आसानी से DBO तक पहुंच सकेंगे. बोफोर्स तोपों का इस सड़क पर सफल परीक्षण भी हो चुका है.     सियाचिन से सीधी पहुंच: ये सड़क ससोमा से शुरू होती है, जो सियाचिन बेस कैंप के पास है. इससे सियाचिन से DBO तक सीधे सैनिक और हथियार भेजे जा सकेंगे, बिना लेह जाए. कैसे बन रही है ये सड़क? इस सड़क को बनाना कोई आसान काम नहीं है. 17,000 फीट से ज्यादा ऊंचाई पर, जहां ऑक्सीजन की कमी और भारी बर्फबारी आम बात है. BRO के 2000 मजदूर दिन-रात मेहनत कर रहे हैं. इस प्रोजेक्ट को दो हिस्सों में बांटा गया है…     प्रोजेक्ट विजयक: ससोमा से सासेर ब्रांग्सा तक का हिस्सा, जिसका बजट 300 करोड़ रुपये है. ये हिस्सा पूरी तरह बन चुका है.     प्रोजेक्ट हिमांक: सासेर ब्रांग्सा से DBO तक का हिस्सा, जिसका बजट 200 करोड़ रुपये है. इस हिस्से का 70% काम पूरा हो चुका है. बाकी नवंबर 2026 तक खत्म हो जाएगा. सबसे मुश्किल हिस्सा है सासेर ला पास और श्योक नदी के पास का इलाका. यहां ग्लेशियरों और खड़ी चट्टानों के बीच सड़क बनाना एक बड़ा चैलेंज है. इसके लिए BRO जियोसेल जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर रहा है, जो सड़क को मौसम और भारी वजन के लिए मजबूत बनाती हैं. श्योक नदी पर 345 मीटर लंबा एक पुल भी बन रहा है, जिसमें सात खंभों का इस्तेमाल हो रहा है. ऑक्सीजन कैफे और अन्य चुनौतियां इतनी ऊंचाई पर काम करना आसान नहीं. सासेर ला जैसे इलाकों में ऑक्सीजन की कमी से मजदूरों को सांस लेने में दिक्कत होती है. बर्फबारी की वजह से साल में सिर्फ 5-6 महीने ही काम हो सकता है. BRO ने मजदूरों की सुरक्षा और काम की रफ्तार बढ़ाने के लिए ऑक्सीजन कैफे बनाए हैं. ये छोटे-छोटे स्टेशन हैं, जहां मजदूरों को ऑक्सीजन दी जाती है ताकि वो एल्टीट्यूड सिकनेस से बच सकें. इसके अलावा, सासेर ला में एक 8 किलोमीटर लंबा टनल बनाने की योजना भी है. इसका डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार हो चुका है. इस साल काम शुरू हो सकता है. ये टनल 2028 तक बनकर तैयार हो सकता है, जिससे सर्दियों में भी DBO तक पहुंच आसान हो जाएगी. क्यों जरूरी है ये सड़क? 2020 में गलवान घाटी में भारत और चीन की सेनाओं के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें दोनों तरफ के सैनिक मारे गए थे. इस तनाव का एक बड़ा कारण था DSDBO सड़क, जो LAC के इतने करीब है कि चीनी सेना इसे आसानी से निशाना बना सकती है. गलवान घाटी और डेपसांग जैसे इलाकों में चीन की PLA ने सड़कें और ठिकाने बनाए हैं, जो भारत के लिए खतरा हैं. नई सड़क के बनने से कई फायदे होंगे…     सुरक्षा: ये सड़क चीनी सेना की नजरों से दूर है, जिससे सैनिकों और हथियारों की आवाजाही गुप्त रहेगी.     तेजी: लेह से DBO तक का समय आधा हो जाएगा, जिससे सैनिक और रसद तेजी से पहुंच सकेंगे.     भारी हथियार: 70 टन की क्षमता वाले पुलों की वजह से टैंक और बोफोर्स जैसे भारी हथियार आसानी से DBO तक पहुंच सकेंगे.     सियाचिन और डेपसांग की सुरक्षा: … Read more

युवाओं के लिए खुशखबरी! योगी सरकार की नई योजना से बड़ी कंपनियों में मिलेगा रोजगार

लखनऊ  यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने रोजगार के लिए एक नया प्लान बनाया है. जीरो पावर्टी अभियान के अंतर्गत योगी सरकार ने एक ऐसी योजना का खाका तैयार किया है जो न सिर्फ ट्रेनिंग देगी, बल्कि कई बड़ी नामी कंपनियों में सीधे नौकरियों से जोड़ेगी.  इस अभियान की शुरुआत के पहले चरण में 300 गरीब परिवारों के मुखियाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर की जाएगी. जिससे उन्हें 18,400 रुपए प्रति महीने सैलरी  वाली नौकरियों से जोड़ा जा सकेगा. खास बात यह है कि ट्रेनिंग पूरी होने के बाद इन लोगों को नौकरी के लिए परेशान नहीं होना होगा. एक न्यूज एजेंसी की खबर के मुताबिक कंपनियां खुद इन लोगों तक पहुंचेंगी. राज्य सरकार उन्हें सीधे टॉप कंपनियों में प्लेस कराएगी. इनमें होटल ताज, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), एल एंड टी लिमिटेड, अडानी ग्रुप जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं. अधिकारियों के मुताबिक यह देश में पहली बार है जब कोई सरकार प्रत्यक्ष रूप से गरीबों को कॉर्पोरेट सेक्टर से जोड़ने जा रही है. अब काबिलियत होगी पहचान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कहा कि गरीबों को सिर्फ राहत की जरूरत नहीं, बल्कि अवसरों की जरूरत है. उन्हें अगर अवसर मिलें तो कोई भी परिवार आत्मनिर्भर बन सकता है. सरकार की सोच है कि दया नहीं, अवसर दें.  ताकि कमजोर वर्ग खुद पर गर्व कर सके. कौशल विकास विभाग के जिम्मे होगी ट्रेनिंग उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन को इस अभियान की कमान सौंपी गई है. मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह के अनुसार, पहले चरण में 300 परिवारों को चिन्हित कर लिया गया है. इसके बाद अभियान को पूरे प्रदेश में विस्तार दिया जाएगा. इसके लिए एक हज़ार से अधिक ट्रेनिंग पार्टनर प्रदेश भर में चयनित किए जा रहे हैं जो व्यावसायिक प्रशिक्षण की प्रक्रिया में भाग लेंगे. नौकरी के लिए हर पहलू पर तैयारी यह योजना पारंपरिक प्रशिक्षण से एकदम अलग होगी. यहां केवल तकनीकी जानकारी नहीं दी जाएगी, बल्कि संपूर्ण व्यक्तित्व विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा. 360 डिग्री मॉडल के तहत जिन क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा उनमें हॉस्पिटैलिटी, बुनियादी अंग्रेजी व संवाद कौशल, कस्टमर डीलिंग, कार्यालय और शौचालय की सफाई, गेस्ट अटेंडेंट, हाउसकीपिंग के काम है. ट्रेनिंग इस तरह तैयार की गई है कि सभी प्राइवेट सेक्टर की जरूरतों के अनुरूप ढल सकें और उन्हें काम मिलने में कोई बाधा न हो. 18,400 मासिक वेतन की न्यूनतम गारंटी सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि चयनित और प्रशिक्षित परिवार प्रमुख को कम से कम ₹18,400 मासिक वेतन मिलेगा. यह राशि उन्हें सिर्फ नौकरी देने के नाम पर नहीं, बल्कि सम्मानजनक जीवन देने की नीयत से तय की गई है. उद्योग जगत ने बढ़ाया हाथ अधिकारियों ने बताया कि इस योजना को न केवल देशभर के बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यवसाय जगत का भी समर्थन मिला है. अब तक 40 से अधिक बड़ी कंपनियों ने इन प्रशिक्षित युवाओं को नौकरी देने की इच्छा जताई है.  मुख्य सचिव ने स्पष्ट करते हुए कहा, हम लोगों को हक़ दे रहे हैं काम करने का, आत्मनिर्भर बनने का. यह योजना किसी भी दृष्टि से दया या रियायत नहीं है, बल्कि सम्मानपूर्वक जीवन की दिशा में उठाया गया व्यावहारिक कदम है. विकास का हिस्सा बनेगा हर नागरिक मुख्य सचिव  ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हमेशा कहते हैं  कि जब तक समाज का सबसे पिछड़ा व्यक्ति आगे नहीं बढ़ता, विकास अधूरा रहता है. इस योजना में भी वही दर्शन झलकता है. यह नारा अब नीतियों में तब्दील हो चुका है.

22 मंगलवार 2025, सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष: आज का दिन मेष राशि वालों के लिए शानदार रहने वाला है। आज का दिन पैसों के मामलें में वृद्धि और करियर में उन्नति के अवसर प्रदान करता है। कुछ महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों के लिए तैयार रहें, जो आपके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती हैं। वृषभ: आज के दिन काम का माहौल प्रोडक्टिव रहेगा साथ ही आर्थिक खुशहाली भी रहेगी। आज आपका स्वास्थ्य भी पॉजिटिव है। लव के मामलें में आज दिल की नहीं बल्कि दिमाग की सुनें। आज आप आप क्रिएटिव फील कर सकते हैं। प्रॉब्लम सॉल्व करने की कला आप जानते हैं। मिथुन: आज के दिन आपको खर्च पर कंट्रोल रखने की जरूरत है। आज उथल-पुथल से भरपूर दिन रहेगा। अपनी लव लाइफ की हकीकत का सामना करने के लिए तैयार रहें। अशांत समय में भी शांत रहने की कोशिश करें। कर्क: आज का दिन आपके लिए थोड़ा स्ट्रेसफुल साबित हो सकता है। प्यार में आज आपको उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। व्यावसायिक काम आपको व्यस्त रखेंगे। आपका स्वास्थ्य और धन दोनों अच्छे लेवल पर दिख रहा है। सिंह: आज के दिन व्यावसायिक सफलता के साथ सुखी प्रेम जीवन की एक्सपेक्टेशन आप कर सकते हैं। सभी सौंपे गए कार्यों को पूरा करने का प्रयास करें। अच्छे स्वास्थ्य के साथ-साथ आर्थिक समृद्धि भी आती है। हेल्दी डाइट का सेवन करें। कन्या: आज के दिन स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत है। आज का दिन थोड़ी बहुत चुनौतियां लेकर आएगा। काम में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिखाएं। लव के मामले में थोड़ा रोमांस दिखाएं। छोटी-मोटी आधिकारिक चुनौतियां भी आपको मजबूत बनाएंगी। तुला: आज के दिन अपने पार्टनर के साथ में ज्यादा से ज्यादा समय बिताएं। एक बेहद बिजी पेशेवर कार्यक्रम के लिए तैयार रहें। अच्छे स्वास्थ्य और धन की समृद्धि से भी दिन यादगार रहेगा। आज का दिन शानदार रहने वाला है। वृश्चिक: आज का दिन मिला-जुला रहने वाला है। आज नए प्यार के कनेक्शन को अपनाने के लिए तैयार रहें। आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। इसलिए आज आपको खर्चों से बचना चाहिए। आज व्यावसायिक सफलता मिलेगी। धनु: आज के दिन पेशेवर मुद्दों का आज ही सोल्यूशन निकालें। बॉस के साथ न उलझें। आज पैसों से जुड़ी कोई बड़ी समस्या नहीं रहेगी। धनु राशि वाले जातकों के लिए दिन शुभ रहने वाला है। प्रेम जीवन में मनमुटाव को दूर करें। मकर: आज के दिन अपनी योग्यता साबित करने के लिए जिम्मेदारियां सावधानी से निभाने की जरूरत है। बदलावों से भरपूर रहेगा। रोमांटिक मुद्दों को थोड़ी सी समझदारी और रोमांस के साथ संभालें। अपनी मेंटल हेल्थ पर फोकस करें। कुंभ: आज के दिन पैसे कमाने में कोई प्रॉब्लम नहीं होगी। आपका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। नया कनेक्शन, अतिरिक्त प्रोफेशनल जिम्मेदारियां, पैसों से भरी जेब और अच्छा स्वास्थ्य दिन के मुख्य आकर्षण रहेंगे। बेहद जरूरी डिसीजन आज टाल दें। मीन: आज का दिन पॉजिटिव रहेगा। आप अपनी लव लाइफ में खुश हैं। अपनी योग्यता साबित करने के लिए कार्यस्थल पर अधिक मौकों की तलाश करें। पैसा आपके पक्ष में है और स्वास्थ्य संबंधी कोई बड़ी समस्या भी आपको परेशान नहीं कर सकेगी।

इंदौर की छात्राओं को बनाया जा रहा धर्मांतरण का टारगेट, ब्राह्मण युवती का शोषण और धर्मांतरण की कोशिश

इंदौर   इंदौर, जिसे मिनी मुंबई के नाम से जाना जाता है. इसी शहर में एक ब्राह्मण युवती के साथ धर्मांतरण और दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है. पीड़िता ने सुल्तान रोशन नागोरी पर संगीन आरोप लगाए हैं, जिसमें शारीरिक शोषण, धर्म परिवर्तन का दबाव, और अश्लील फोटो-वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग शामिल है. लसुड़िया पुलिस ने शिकायत के आधार पर सुल्तान के खिलाफ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम और दुष्कर्म सहित कई धाराओं में केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है.पीड़िता ने कहा कि सुल्तान ने उसके ऊपर जादू-टोना भी करवाया ताकि वह उसके प्रभाव में आ जाए. युवती ने आरोप लगाया कि इंदौर में मुस्लिम युवक खासकर कोचिंग में पढ़ने वाली हिंदू लड़कियों को टारगेट करते हैं. उसने बताया कि लगभग 10 हजार हिंदू लड़कियां मुस्लिम लड़कों के निशाने पर हैं. कॉल सेंटर और टेलीपरफॉर्मेंस के कार्यस्थलों पर भी धर्मांतरण के लिए स्लीपर सेल सक्रिय हैं. युवती ने कहा कि हिंदू लड़कियों को मुसलमान लड़कों की टीम में रखा जाता है, जहां उन्हें बताया जाता है कि “अल्लाह ने तुम्हें हमारे लिए बनाया है.” इसके बाद उन्हें खाने में नशा देकर शारीरिक शोषण किया जाता है. नशा देकर शारीरिक शोषण पीड़िता ने बताया कि सुल्तान ने 2018 से उसके साथ शारीरिक शोषण शुरू कर दिया था. उसने धमकी दी कि अगर उसने धर्म परिवर्तन नहीं किया तो उसके अश्लील फोटो और वीडियो वायरल कर देगा. होटल में शारीरिक संबंध के दौरान सुल्तान ने कई फोटो और वीडियो बनाए, जिससे दबाव बनाकर वह युवती को मुसलमान बनने के लिए मजबूर करता रहा. इस कारण पीड़िता 2019 में पंजाब चली गई और वहां नौकरी करने लगी.हालांकि, 2020 में सुल्तान की शादी के बाद, मार्च 2025 में युवती इंदौर लौटी और टेली परफॉर्मेंस में नौकरी शुरू की, लेकिन 6 जून 2025 को सुल्तान ने फिर से उससे संपर्क किया और पुराने फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देकर शारीरिक संबंध बनाए पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए लसुड़िया थाने में शिकायत दर्ज की. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सुल्तान को हिरासत में लिया. इस मामले ने शहर में सनसनी फैला दी है, और जांच में स्लीपर सेल्स और धर्मांतरण के कथित नेटवर्क की गहराई तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है.

ओबामा की ‘गिरफ्तारी’ का एआई वीडियो वायरल, ट्रंप की पोस्ट से मचा बवाल

वाशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है. ट्रंप ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक AI-जनरेटेड वीडियो शेयर किया, जिसमें पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा को FBI एजेंट्स द्वारा ओवल ऑफिस में गिरफ्तार करते हुए दिखाया गया है. वीडियो में ओबामा के हाथ को बांधकर उन्हें ट्रंप के कदमों में झुका हुआ दिखाया गया है. AI-जेनरेटेड वीडियो में देखा गया कि ओवल ऑफिस में एक सीट पर राष्ट्रपति ट्रंप बैठे हैं, और दूसरी सीट पर पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा हैं. वीडियो में ट्रंप को मुस्कुराते दिखाया गया है, और इतने में ही कुछ एफबीआई एजेंट्स आते हैं और ओबामा का हाथ पीछे करके बांध देते हैं. उन्हें ट्रंप के कदमों में झुका दिया जाता है, और इसके बाद उन्हें जेल में डाल दिया जाता है. ट्रंप ने इस वीडियो को "कोई भी कानून के ऊपर नहीं है" कैप्शन के साथ शेयर किया है. जेल में ऑरेंज यूनिफॉर्म में ओबामा, सोशल मीडिया पर विरोध वीडियो के आखिर में ओबामा को जेल की ऑरेंज यूनिफॉर्म में दिखाया गया है, जैसे वे किसी कैदी की तरह जेल में खड़े हों. इस वीडियो को देखने के बाद सोशल मीडिया पर जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिली. कुछ लोगों ने इसे "उकसाने वाला" बताया, जबकि कुछ ने आरोप लगाया कि यह वीडियो लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश है, खासकर Epstein फाइल्स से, जिसमें ट्रंप पर Jeffrey Epstein के साथ संबंधों के आरोप हैं. 2016 के चुनाव में ओबामा पर धोखाधड़ी के आरोप कुछ दिन पहले ही ट्रंप प्रशासन ने 2016 के चुनाव में ओबामा पर चुनावी धोखाधड़ी का आरोप लगाया था. अब इस वीडियो के जरिए ट्रंप ने एक बार फिर ओबामा पर सीधा हमला बोला है. ट्रंप ने इनके अलावा एक क्रिएटिव इमेज शेयर किया है जिसमें पूर्व ओबामा एडमिनिस्ट्रेशन के नेताओं को दिखाया गया है, जिसमें उन्हों पूछा, "सामन्था पावर ने इतना सारा पैसा कैसे कमाया???" अमेरिकी इंटेलिजेंस चीफ तुलसी गैबार्ड ने आरोप लगाया था कि, "राष्ट्रपति ओबामा और उनकी लीडरशिप टीम में ऐसे लोग थे, जो 2016 में अमेरिकी जनता के फैसले को स्वीकार नहीं कर पाए जब उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप को चुना – और इसलिए उन्होंने देशद्रोही साजिश को रची… ताकि एक लंबे समय तक चलने वाला तख्तापलट उस बैठे राष्ट्रपति के खिलाफ शुरू किया जा सके."