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श्रावण की आस्था के बीच महाकाल की दूसरी सवारी, मनमहेश हाथी पर सवार, चंद्रमौलेश्वर की रजत पालकी ने मोहा मन

उज्जैन  12 ज्योतिर्लिंगों में से एक दक्षिणमुखी भगवान महाकालेश्वर श्रावण महीने के दूसरे सोमवार 21 जुलाई को हाथी पर मनमहेश स्वरूप में व रजत पालकी में चंद्रमौलेश्वर स्वरूप में नगर भ्रमण पर मंदिर से शाम 04 बजे निकलेंगे. खास बात ये है बाबा की सवारी में 7 राज्यों के लोकनृत्य कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुति देंगे. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बाबा महाकाल का मंदिर के सभामंडप में पूजन अर्चन करेंगे. बता दें कि कुल 6 सवारी श्रावण और भाद्रपद में निकलना है. सभी की अलग-अलग थीम है. रोजाना एक लाख भक्त आ रहे हैं दर्शन करने महाकाल की नगरी में भक्तिमय माहौल है. एक ओर कांवड़िए बोल बम के जयकारे लगाते हुए नगरी में प्रवेश कर रहे हैं तो रोजाना 1 लाख से अधिक भक्त बाबा के दर्शन कर रहे हैं. मंदिर के लड्डू प्रसादी की बिक्री में भी बढ़ोतरी हुई है. पहले सोमवार को ढाई लाख से अधिक भक्तों ने बाबा के दर्शन किए थे. इसके अलावा सवारी मार्ग में लाखों की संख्या अलग थी. सावन के दूसरे सोमवार को लोगों की आस्था देखते हुए ये रिकॉर्ड टूट सकता है. सवारी का वैभव बढ़ाते है ये खास दृश्य महाकाल मंदिर के प्रशासक प्रथम कौशिक के अनुसार "बाबा महाकाल की सवारी में सबसे आगे विशाल भगवा ध्वज और शंखनाद होगा. भगवान मनमहेश हाथी पर तो भगवान चंदमौलेश्वर रजत पालकी में सवार होंगे. कहार बाबा की पालकी उठाएंगे. मंदिर के मुख्य द्वार पर होमगार्ड पुलिस के जवान गार्ड ऑफ ऑनर देंगे. घुड़सवार, कड़ा बिन(तोप), पुलिस बैंड व प्राचीन परंपरा अनुसार बाबा के आगे उद्घोष करता सेवक. 9 भजन मंडली, झांझ डमरू दल, 7 राज्यों के लोकनृत्य कलाकार व अन्य सवारी का वैभव बढ़ाएंगे. पूरे मार्ग में फूलों की वर्षा होगी. रंगोली बनाते कलाकार होंगे." ये है नगर भ्रमण का परंपरागत मार्ग बाबा महाकाल की सवारी मंदिर से महाकाल चौराहा, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाडी से होती हुई रामघाट पहुंचेगी. जहां मां शिप्रा नदी के जल से भगवान का अभिषेक होगा. आरती पूजन के बाद सवारी रामानुजकोट, मोढ की धर्मशाला, कार्तिक चौक खाती का मंदिर, सत्यीनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और गुदरी बाजार से होती हुई महाकालेश्वर मंदिर लौटेगी. भक्तों को रथ पर लगी LED में होंगे लाइव दर्शन महाकालेश्वर भगवान की सवारी में बड़ी संख्या में आने वाले भक्तों में कई भक्त बाबा को नजदीक से भीड़ के कारण देख नहीं पाते, ऐसे श्रद्धलुओं के लिए मंदिर समिति ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर लाइव व सवारी के दौरान चलित रथ में एलईडी के माध्यम से भगवान के दर्शन की व्यवस्था रहेगी. मंदिर प्रबंध समिति ने किया भक्तों से आग्रह मंदिर समिति, जिला व पुलिस प्रशासन ने सवारी के दौरान श्रद्धालुओं से अपील की है कि उल्टी दिशा में न चलें, सवारी निकलने तक अपने स्थान पर खड़े रहें. दर्शनार्थी कृपया गलियों में वाहन खड़े न रखें. श्रद्धालु सवारी के दौरान सिक्के, नारियल, केले, फल आदि न फेंके. सवारी के बीच में प्रसाद और चित्र वितरण न करें. इसके अलावा पालकी के आसपास अनावश्यक संख्या में लोग न रहें. सवारी मार्ग में सड़क की ओर व्यापारीगण भट्टी चालू न रखें और न ही तेल का कड़ाव रखें. बिजली के खंभे से दूर रहें व प्राशासनिक व्यवस्था में सहयोग करें. जानिए कब कौन सी थीम पर बाबा की सवारी पहले सोमवार में 500 बटुकों का शिप्रा नदी किनारे वैदिक उद्घोष हुआ. दूसरे सोमवार को 7 राज्यों के लोक नृत्य कलाकारों की प्रस्तुतियां. उड़ीसा का जोड़ी शंख, छत्तीसगढ़ का पंथी लोक नृत्य, महाराष्ट्र के नासिक का सोंगी मुखोटा, गुजरात के राठवा आदिवासी जनजातीय होली नृत्य, मध्यप्रदेश के छतरपुर का बरेदी लोक नृत्य, हरियाणा का हरियाणवी घूमर, मध्यप्रदेश के धार का भील जनजातीय नृत्य, राजस्थान का गैर घुमरा जनजातीय नृत्य. पुलिस व आर्मी बैंड देंगे आकर्षक प्रस्तुति तीसरे सोमवार को पुलिस बैंड, आर्मी बैंड, होमगार्ड बैंड और निजी स्कूलों के बैंड के द्वारा आकर्षक प्रस्तुति दी जाएंगी. चौथे सोमवार को पर्यटन की थीम पर मांडू के महल, सांची के स्तूप, खजुराहो के शिव मंदिर, देवी अहिल्या किला महेश्वर, भीमबेटका, ग्वालियर का किला, उदयगिरि की गुफाएं, विदिशा बाग की गुफाएं, धार की झांकियां निकाली जाएंगी. पांचवें सोमवार को सवारी में धार्मिक थीम रहेगी, जिसमें कृष्ण पाथेय और प्रदेश के धार्मिक पर्यटन स्थलों व मंदिरों की झांकी निकाली जाएंगी. छठे सोमवार को 70 से अधिक भजन मंडलियों द्वारा प्रस्तुति दी जाएंगी. इस प्रकार होता है श्रावण महोत्सव का आयोजन प्रत्येक वर्ष अनुसार श्रावण महोत्सव हर शनिवार शाम मंदिर के समीप ही 07 बजे से त्रिवेणी कला एवं पुरातत्व संग्रहालय के सभा कक्ष में आयोजित किया जा रहा है. ये आयोजन 13 जुलाई से शुरू हुए जो 16 अगस्त तक 23 दिन तक (श्रावण महोत्सव शनिवार के दिन, सवारी सोमवार के दिन, नाग पंचमी 29 जुलाई और 15 अगस्त का दिन छोड़कर) महाकालेश्वर सांस्कृतिक संध्या नाम से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है. इनकी प्रस्तुति महाकाल महालोक परिसर में सप्त ऋषियों की मूर्ति के पास शाम को 6 बजे से 8 बजे तक दी जा रही है, इसमें देशभर से 47 कलाकार समूह प्रस्तुति दे रहे हैं. कब-कब निकलेगी बाबा महाकाल की सवारी पहली सवारी 14 जुलाई, दूसरी सवारी 21 जुलाई, तीसरी सवारी 28 जुलाई, चौथी सवारी 4 अगस्त, पांचवीं सवारी 11 अगस्त और राजसी सवारी 18 अगस्त को निकाली जाएगी.    हर सवारी में कैसा रहेगा बाबा महाकाल का स्वरूप पहली सवारी में भगवान मनमहेश, दूसरी में चंद्रमौलेश्वर और हाथी पर मनमहेश, तीसरी में चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर मनमहेश, गरुड़ रथ पर शिव तांडव, चौथी सवारी में चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर मनमहेश, गरुड़ रथ पर शिव तांडव और नंदी रथ पर उमा महेश, पांचवीं सवारी में चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर मनमहेश, गरुड़ रथ पर शिव तांडव नंदी रथ पर उमा महेश और रथ पर होलकर स्टेट और राजसी सवारी में पालकी में चंद्रमोलेश्वर हाथी पर मन महेश, गरुड़ रथ पर शिव तांडव नंदी रथ पर उमा महेश, रथ पर होलकर स्टेट और रथ पर सप्तधान मुखारविंद के रूप में भगवान विराजित होंगे.

जनता के बीच पहुंचे सीएम योगी, एक-एक पीड़ित की सुनी पीड़ा, अफसरों को दिए सख्त आदेश

 लखनऊ   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अपने सरकारी आवास पर 'जनता दर्शन' किया। उनके आवास पर प्रदेश भर से 50-55 पीड़ित पहुंचे थे। उन्होंने हर पीड़ित के पास स्वयं पहुंचकर समस्याएं सुनीं, प्रार्थना पत्र लिया और आश्वस्त किया कि सरकार उनके साथ खड़ी है। जनता दर्शन में पुलिस, राजस्व, चिकित्सा सहायता, रोजगार, शिक्षा, आवास, कब्जा, परिवार आदि से जुड़े मामले भी आए। जिस पर प्रार्थना पत्र लेकर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी की हर समस्या का निराकरण होगा। उत्तर प्रदेश के हर नागरिक की समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है।  उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर नागरिक की सेवा एवं सुरक्षा हमारी सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। सभी जिलों में अधिकारियों को सक्रिय भी किया गया है और सभी प्रकार की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए निर्देश भी दिए गए हैं। अधिकारियों को निर्देश-हर पीड़ित की समस्या पर करें तत्काल कार्रवाई मुख्यमंत्री ने दिव्यांग की बात सुनी और उन्हें मोटराइज्ड ट्राई साइकिल दिलाने को निर्देशित किया। जनता की समस्या सुनते हुए सीएम ने अधिकारियों को त्वरित और संतुष्टिपरक निस्तारण का निर्देश देने के साथ लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान कराने के लिए दृढ़ संकल्पित है। सबको न्याय मिलेगा। बच्चों को दुलारा और चॉकलेट भी दी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'जनता दर्शन' में अभिभावकों के साथ आए बच्चों से भी बातचीत की। उनका हालचाल जाना, दुलार किया। बच्चों की पढ़ाई के बारे में भी जानकारी ली। सीएम योगी ने चॉकलेट-टॉफी प्रदान कर बच्चों को उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया।  

कृषि केंद्रों में धांधली पर शिकंजा, बिलासपुर में एक साथ कई जगह छापेमारी

अनियमितता पाये जाने पर अतुल कृषि केन्द्र का खाद गोदाम सील तखतपुर के मेंसर्स किसान सेवा केन्द्र का लाइसेंस निलंबित आधा दर्जन कृषि केंद्रों को नोटिस जारी एक सप्ताह के भीतर मांगा जवाब रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किसानों को उचित दाम पर गुणवत्ता युक्त खाद मुहैया कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। साथ ही अमानक एवं खाद-बीज की कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए है। इसी तारतम्य में बिलासपुर जिले के कलेक्टर संजय अग्रवाल ने जिला स्तर पर अधिकारियों की टीम गठित कर खाद-बीज विक्रय केंद्रों में आकस्मिक निरीक्षण करने को कहा है। बिलासपुर के जिले के कृषि विभाग के उप संचालक पीडी हथेश्वर के नेतृत्व में उड़न दस्ता दल ने विकासखण्ड-कोटा और बिल्हा में दर्जनों पर कृषि केन्द्रों पर छापामार कार्रवाई की। छापामार कार्यवाही के दौरान आधा दर्जन कृषि केंद्र में नियम विरूद्ध व्यवसाय करने पाये जाने पर नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा गया है। वही औचक निरीक्षण के दौरान मेंसर्स किसान सेवा केन्द्र तखतपुर के फर्म में कमी एवं अनियमितताओं के कारण नोटिस जारी कर जवाब चाहा गया था, संबंधित के द्वारा प्रस्तुत जवाब संतोषजनक प्राप्त नहीं होने के फलस्वरूप उनकी अनुज्ञप्ति को 15 दिवस के लिए निलबंन की कार्रवाई की गई है। बिलासपुर के उप संचालक कृषि ने बताया कि मेसर्स उन्नत कृषि केन्द्र रतनपुर में क्रेताओं को बिना बिल दिये उर्वरक का व्यवसाय किये जाने के कारण नोटिस जारी किया गया। इसी प्रकार मेसर्स शेखर कृषि केन्द्र कोनचरा को बिना आई.एफ.एम.एस, आई.डी के उर्वरक का व्यवसाय करते पाये जाने पर विक्रय प्रतिबंध कर उपलब्ध स्टॉक को जब्ती की कार्यवाही कर नोटिस जारी किया गया। ग्राम कोनचरा स्थित अतुल कृषि केन्द्र में अनियमितता पाये जाने के कारण गोदाम को सील करने की कार्यवाही किया गया। ग्राम मदनपुर विकास खण्ड बिल्हा अन्तर्गत मेसर्स राघवेन्द्र देवांगन के यहां मूल्य एवं स्कंध सूची का प्रदर्शन नहीं करने भंडारण वितरण की प्रतिवेदन नही भेजने, स्कंध एवं बिल संधारण नहीं करने के कारण विक्रय पर प्रतिबंध लगाकर स्पष्टीकरण जारी किया गया है। उक्त कृषि केन्द्रो को स्पष्टीकरण तामिल हेतु सात दिवस के भीतर पालन प्रतिवेदन एवं जवाब प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया। समय सीमा एवं संतोषप्रद जवाब प्रस्तुत नहीं किये जाने पर अनुज्ञप्ति निलंबन/निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।     निरीक्षण दल में सहायक संचालक कृषि अनिल कुमार शुक्ला, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी खेमराज शर्मा, विजय धीरज एवं विकासखण्ड कोटा से ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी दिलीप रात्रे एवं उर्वरक निरीक्षक मारू ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी आर.जी. भानू शामिल थें। गौरतलब है कि जिले में संचालित समस्त उर्वरक विक्रेताओं को बिना पॉस मशीन के उर्वरकों का विक्रय नहीं किये जाने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित निरीक्षकों से उनके कार्य क्षेत्र अन्तर्गत संचालित उर्वरक विक्रेताओं से पॉस मशीन की मांग के लिए भी कहा गया है उर्वरक विक्रेता पॉस मशीन हेतु वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, संबंधित उर्वरक निरीक्षक एवं कार्यालय उप संचालक कृषि बिलासपुर में सम्पर्क कर सकते हैं।

UP में सियासी हलचल! संगठनात्मक बदलाव को लेकर CM योगी की बीजेपी नेतृत्व से बैठक

लखनऊ  उत्तर प्रदेश बीजेपी की नई सियासी प्रयोगशाला बनती जा रही है. 2024 के लोकसभा चुनाव में घटी सीटों ने बीजेपी के लिए 2027 की चिंता बढ़ा दी है, जिसे लेकर लखनऊ से दिल्ली तक राजनीतिक एक्सरसाइज शुरू है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकार और संगठन में फेरबदल की संभावनाओं के बीच  दिल्ली में बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उसके बाद बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से बैक टू बैक मुलाकात की. योगी की ये तीनों मुलाकातें करीब तीन घंटे की रहीं, जिसके सियासी मायने और राजनीतिक मकसद भी है. सूत्रों की मानें तो सीएम योगी ने बीजेपी हाईकमान के सामने अपनी बात को मजबूती से रखा है. खासकर प्रदेश अध्यक्ष को लेकर, उन्होंने पार्टी के टॉप थ्री लीडरशिप को बता दिया है कि यूपी में प्रदेश संगठन की जिम्मेदारी किसे सौंपी जानी चाहिए. सीएम योगी ने अपनी पसंद ही नहीं बताया बल्कि ये भी बताया कि यूपी के सियासी समीकरण के लिहाज से पार्टी के लिए कौन बेहतर रहेगा. यूपी में नए पार्टी अध्यक्ष की तलाश दरअसल, यूपी में बीजेपी भूपेंद्र चौधरी की जगह नए अध्यक्ष की तलाश में है, जिसे लेकर सियासी माथापच्ची काफी दिनों से चल रही है, लेकिन अभी तक सहमति नहीं बन पाई है कि किसे प्रदेश संगठन की बागडोर सौंपी जाए. इसकी वजह यह भी है कि पार्टी जिसे बागडोर सौंपेगी, उसके अगुवाई में ही 2027 का विधानसभा चुनाव होना है. यही वजह है कि बीजेपी काफी सोच समझकर प्रदेश अध्यक्ष का फैसला करना चाह रही है और ऐसे में सीएम का पसंद का भी ख्याल रखना है ताकि सरकार और संगठन का बेहतर तालमेल हो सके. बीजेपी शीर्ष नेतृत्व से सीएम योगी से मुलाकात के दौरान यूपी नेताओं की नाराजगी और शिकायतों को लेकर बात हुई. सूत्रों ने बताया कि बीजेपी की टॉप लीडरशिप ने योगी के सामने बीजेपी और सहयोगी दलों की उन तमाम शिकायतों को रखा, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने उन सभी नेताओं के पूरा चिट्ठे खोलकर रख दिए. नाराजगी जाहिर करने वालों नेताओं की कामकाज से लेकर सारी उनके बात को रखी. इसके अलावा नौकरशाही के के नेताओं के न सुनने वाले नेताओं के मुद्दे पर भी बात हुई है. मंत्रिमंडल में जल्द होगा फेरबदल यूपी बीजेपी अध्यक्ष के चयन में देरी हो रही है. माना जा रहा है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन के बाद यूपी प्रदेश अध्यक्ष का फैसला होगा. इस तरह से प्रदेश अध्यक्ष का निर्णय से पहले यूपी में कैबिनेट में फेरबदल हो सकता है. सूत्रों की मानें तो इसे लेकर भी सीएम योगी ने पीएम मोदी से लेकर अमित शाह और जेपी नड्डा से बात हुई है. इस बीच योगी कैबिनेट से कुछ नेताओं के जल्द छुट्टी हो सकती है तो कुछ नेताओं को मंत्री बनाया जा सकता है. सीएम योगी ने बीजेपी हाईकमान से अपनी कैबिनेट से किसे हटाने और किन चेहरों को शामिल करने है, उसे लेकर भी अपनी राय ही ही. शीर्ष नेतृत्व ने गंभीरता से सुनी योगी की बात बीजेपी सूत्रों ने बताया है कि सीएम योगी ने मोदी, अमित शाह और नड्डा के सामने जो भी बात रखी है, उसे बीजेपी के तीनों ही लीडरों ने गंभीरता से सुनी है. इसके अलावा अपनी भी बातें रखी है. सूत्रों ने ये भी बताया है कि सीएम योगी को बीजेपी नेताओं के साथ-साथ सहयोगी दलों के साथ भी सियासी बैलेंस बनाकर चलने का संदेश दिया है.  इसके अलावा यूपी के सियासी बैलेंस बनाकर चलने के साथ-साथ सरकार और संगठन में भी बेहतर तालमेल बनाकर चलने की बात कही गई है. इसके बाद ही दोनों डिप्टी सीएम और सीएम योगी एक साथ पश्चिम यूपी में नजर आए हैं.

विजय शर्मा बोले— पौधरोपण करना पुनीत और प्रेरणादायी कार्य

एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत बालोद जिले में 1.74 लाख पौधरोपण रायपुर, बालोद जिला प्रशासन की पहल पर आयोजित वृहद वृक्षारोपण सह वन महोत्सव कार्यक्रम में एक लाख 74 हजार पौधों का रोपण किया। इस अवसर पर कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि बालोद जिले के लिए यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने इस पुनीत कार्य में शामिल सभी लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दी। समारोह में  शर्मा ने वृक्षारोपण कार्य में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया और उपस्थित जनसमूह को ’एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अनिवार्य रूप से पौधरोपण करने तथा उनकी देखभाल एवं सुरक्षा की समुचित उपाय सुनिश्चित करने की शपथ भी दिलाई।   उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमारे माताओं और बहनें जब कोई संकल्प ले लेती है, तो उस संकल्प को पूरा करके ही छोड़ती है। उन्होंने इस कार्यक्रम मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि जब हम रोजमर्रा के कार्यों के अलावा जन कल्याण के पुनीत भावना को लेकर जनहित में इस प्रकार के महत्वपूर्ण कार्य को पूरा करने का बीड़ा उठाते है तब वह कार्य सभी के लिए आदर्श एवं प्रेरणादायी बन जाता है। इस पावन कार्य का लाभ हमारी आने वाली पीढ़ी को चीरकाल तक मिलता रहेगा। इस मौके पर उन्होंने वेबएक्स के माध्यम से पौधरोपण के कार्य में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों से बातचीत कर उनका उत्साहवर्धन किया।        कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद भोजराज नाग ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन के फलस्वरूप उसका दुष्प्रभाव मानव जाति के अलावा संपूर्ण जीव-जगत पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे पुराणों में उल्लेख किया गया है कि एक पेड़ लगाने के पुनीत कार्य को दस पुत्रों के बराबर माना गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ’एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से प्रत्येक नागरिक जुड़ने की अपील की। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और सांसद भोजराज नाग सहित सभी अतिथियों, आमनागरिकों, अधिकारी-कर्मचारियों ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत अपनी-अपनी माताओं के नाम से पौध रोपण किया।     कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि गुरूर विकासखण्ड भू-जल की दृष्टि से क्रिटिकल जोन में शामिल है। भविष्य में आने वाली भूजल संकट से निपटने हेतु बालोद जिले में जल जतन अभियान के अंतर्गत चलाए जा रहा है। उन्होंने बताया कि जल संचय भागीदारी के कार्य में बालोद जिला पूरे देश में तीसरा स्थान पर है। उन्होंने वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिलेवासियों के अलावा भिलाई स्टील प्लांट, निको, आईसीआईसीआई बैंक, राइस मिल ऐसोसिएशन सहित सभी स्वयं सेवी संस्थाओं एवं उनके प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया।       समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी पुष्पेन्द्र चन्द्राकर, राज्य कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी, नगर पालिका परिषद बालोद की अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी, राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य यशवंत जैन, पूर्व विधायक  बिरेन्द्र साहू एवं प्रीतम साहू, जनपद अध्यक्ष सरस्वती टेमरिया सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पंचायत प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

निशातपुरा थाना प्रभारी ने की आत्महत्या की कोशिश, पारिवारिक तनाव के कारण उठाया कदम

भोपाल राजधानी भोपाल में निशातपुरा थाना प्रभारी ने जहर खाकर आत्महत्या की कोशिश की. उन्हें गंभीर हालत में निजी अस्पताल में भर्ती किया गया. फिलहाल उनका ICU में इलाज जारी है. सूचना मिलते ही विभाग के आला अधिकारी अस्पताल पहुंचे. थाना प्रभारी ने की आत्महत्या की कोशिश निशातपुरा थाना प्रभारी रुपेश दुबे ने आत्महत्या की कोशिश की. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. जानकारी के मुताबिक, पारिवारिक तनाव की वजह से थाना प्रभारी रुपेश दुबे ने जहर खाकर आत्महत्या की कोशिश की. यह घटना रविवार की देर रात की है.  रूपेश दुबे वर्तमान में निशातपुरा थाने के प्रभारी हैं और थाने के पास ही एक किराये के कमरे में रहते हैं, जबकि उनकी पत्नी और बच्चे कोलार स्थित उनके निजी मकान में रहते हैं। शनिवार रात पत्नी से फोन पर विवाद के बाद दुबे ने घर न आने की बात कही, जिसके बाद उन्होंने जहर खा लिया। पत्नी को जब इस बात की जानकारी हुई तो उन्होंने तुरंत थाने के स्टाफ को सूचना दी और थाने की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी देर रात अस्पताल पहुंचे और टीआई दुबे की हालत पर नजर बनाए हुए हैं। शहर के कई थाना प्रभारियों और पुलिस अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर जानकारी ली। दुबे के कई बैचमेट्स भोपाल के विभिन्न थानों में पदस्थ हैं, जिनमें टीआई मनीषराज सिंह भदौरिया और सुधीर अरजरिया भी शामिल हैं। पारिवारिक विवाद बना आत्मघाती कदम की वजह पुलिस सूत्रों के मुताबिक, टीआई दुबे और उनकी पत्नी के बीच पिछले कुछ महीनों से मतभेद चल रहे थे। पारिवारिक कलह के चलते ही वे थाने के पास अलग किराए के कमरे में रह रहे थे। पहले भी दोनों के बीच विवाद की खबरें सामने आ चुकी हैं, हालांकि तब अधिकारियों की मध्यस्थता से मामला शांत हो गया था। शनिवार रात भी विवाद के दौरान दुबे ने जहर खाकर आत्महत्या करने की धमकी दी और जहरीला पदार्थ सेवन कर लिया। इसके बाद उनकी पत्नी कोलार से बच्चों के साथ निशातपुरा पहुंचीं और तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई। फिलहाल पुलिस अधिकारी उनकी सेहत पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और वरिष्ठ चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मामले की गंभीरता को देखते हुए पारिवारिक कारणों की भी गहराई से जांच कर रहे हैं।  गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती बता दें कि रात में ही पत्नी ने रुपेश दुबे को आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया. वहीं हालात गंभीर होने के बाद उन्हें  निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया, जहां उनका इलाज जारी है.  पुलिस महकमे में मचा हड़कंप इधर, घटना की सूचना मिलते ही विभाग के आला अधिकारी अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों से उचित चिकित्सा सुविधा देने के लिए कहा.

मुंबई ट्रेन विस्फोट मामला: दो दशकों बाद नहीं मिला न्याय, 11 आरोपी सबूतों के अभाव में रिहा

 मुंबई    बॉम्बे हाई कोर्ट ने 11 जुलाई 2006 को हुए भयावह मुंबई लोकल ट्रेन धमाकों के मामले में सोमवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया. हाई कोर्ट ने इस मामले में निचली अदालत की ओर से दोषी ठहराए गए 12 में से 11 आरोपियों को सभी आरोपों से बरी कर दिया है. एक आरोपी की अपील प्रक्रिया के दौरान मृत्यु हो गई थी. यह फैसला 19 साल बाद आया है. हाई कोर्ट की स्पेशल बेंच ने फैसले में कहा कि 'मामले में पेश किए गए सबूत विश्वसनीय नहीं थे' और 'कई गवाहों की गवाही संदेह के घेरे में थी'. अदालत ने यह भी स्वीकार किया कि आरोपियों से जबरन पूछताछ कर उनके बयान लिए गए, जो कानूनन मान्य नहीं हैं. अदालत ने कहा, 'प्रॉसिक्यूशन पूरी तरह असफल रहा' अदालत ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ पेश किए गए सबूतों में गंभीर खामियां थीं. पहचान परेड को चुनौती देने के बचाव पक्ष के तर्कों को न्यायसंगत माना गया. कुछ गवाह वर्षों तक चुप रहे और फिर अचानक आरोपियों की पहचान की, जो 'असामान्य' है. कई गवाह ऐसे मामलों में पहले भी पेश हुए थे, जिससे उनकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हुए. कथित आरडीएक्स और अन्य सामग्री की बरामदगी को लेकर कोई पुख्ता वैज्ञानिक सबूत नहीं पेश किया गया. 'सबूत पुख्ता नहीं थे' न्यायालय ने कहा, 'गवाही, जांच और सबूत पुख्ता नहीं थे. आरोपी यह साबित करने में सफल रहे कि उनसे जबरदस्ती कबूलनामे लिए गए थे.' न्यायाधीशों ने कहा, 'हमने अपना कर्तव्य निभाया है. यह हमारी जिम्मेदारी थी.' वहीं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े दोषी अमरावती, नासिक, नागपुर और पुणे की जेलों से रोते हुए दिखे. किसी ने खुशी नहीं जताई, सभी की आंखों में आंसू थे. सरकारी वकील ने फैसले को बताया 'मार्गदर्शक' वरिष्ठ अधिवक्ता युग मोहित चौधरी, जो इस केस में आरोपियों की तरफ से पेश हुए, ने कहा, 'यह फैसला उन सभी के लिए उम्मीद की किरण है, जो सालों से न्याय का इंतजार कर रहे हैं.' सरकारी वकील राजा ठकारे ने भी फैसले को 'मार्गदर्शक' बताया.

शिव के आशीर्वाद के 5 गुप्त संकेत, जो बदल सकते हैं आपका भविष्य

सावन का पवित्र महीना शुरू हो गया है। इस महीने में जैसे सारा माहौल भगवान शिव में डूबा हुआ नजर आता है। सड़कों पर कांवड़ियों की भीड़, मंदिरों के बाहर शिवभक्तों की लंबी-लंबी कतारें, भोलेनाथ का जयकारा लगाते हुए लोग; ऐसा अहसास कराते हैं कि भगवान शिव हमारे आसपास ही मौजूद हैं। कण-कण में बसने वाले भोलेनाथ की जब अपने भक्तों पर असीम कृपा होती है, तो वो पल-पल उन्हें ये संकेत देते रहते हैं कि वो उनके साथ ही हैं। जरूरत है तो सिर्फ उन संकेतों को पहचानने की। जीवन में हताश हैं या फिर समझ ही नहीं आ रहा कि लाइफ किस मोड़ पर ले जा रही है, तो थोड़ा ठहरें और देखें कि क्या आप कुछ अलग महसूस कर रहे हैं। अगर ये संकेत आपको अपने जीवन में दिखाई पड़ें तो समझ जाएं कि भगवान शिव आपके साथ हैं और जल्द ही आपका जीवन बदलने वाला है। आसपास दिखने लगें शिव से जुड़े संकेत यदि आप पर भगवान शिव की विशेष कृपा है, तो आप नोटिस करेंगे कि आपको हमेशा ही उनसे जुड़ी कुछ चीजें नजर आती रहती हैं। कभी अचानक से डमरू की आवाज या कहीं त्रिशूल का दिख जाना। बार-बार भगवान शिव का कोई भजन या ॐ नमः शिवाय का जाप सुनाई देना। आप किसी ना किसी तरह भगवान शिव से खुद को जुड़ा हुआ महसूस करेंगे। कभी आपको उनसे जुड़े सपने आएंगे तो कभी आप अचानक उनका नाम लेता हुआ पाएंगे। ये सभी बातें बताती हैं कि आप कहीं ना कहीं भगवान शिव के बहुत करीब हैं और उनसे जुड़े हुए हैं। जब अकेलापन आपको पसंद आने लगे व्यक्ति जब अंदर से आध्यात्मिक होने लगता है, तो सबसे पहले उसका जुड़ाव बाहरी दुनिया से कम और भीतरी दुनिया से ज्यादा होने लगता है। अगर आप खुद के साथ ज्यादा वक्त बिताने लगे हैं, बाहरी दुनिया के दिखावे अब आपको अपनी तरफ आकर्षित नहीं करते, तो यह सबसे बड़ा संकेत है कि आप शिव की ओर बढ़ रहे हैं। जब व्यक्ति खुद के साथ जुड़ने लगता है वो भी गहरे स्तर पर, तो ये शिव की ऊर्जा का ही संकेत होता है। जब आप भीतर से शांत रहने लगें दुनिया में सबसे बड़ी चुनौती ही खुद को शांत रखना है, बाहर से भी और भीतर से भी। कभी गुस्से के क्षणों में तो कभी तनाव और उलझन के समय में भी। लेकिन जब आप शिव की ओर बढ़ते हैं, तो मन अपने आप शांत होने लगता हैं। आप पाते हैं कि जो चीजें पहले आपको गुस्सा या तनाव देती थीं, आप उनका आप पर ज्यादा खास असर पड़ता ही नहीं है। आप में एक ठहराव और शांति सी आ गई है, तो शिव तत्व का संकेत है। भौतिक चीजें का आकर्षण कम होने लगे बचपन से बुढ़ापे तक अक्सर हम भौतिक चीजों के पीछे ही भागते रहते हैं। महंगी गाड़ी, कपड़े, शॉपिंग, दिखावा और कॉम्पिटिशन; यही सब चलता रहता है। लेकिन जो व्यक्ति शिव तत्व की ओर बढ़ने लगता है, उसमें इन चीजों के प्रति आकर्षण कम होने लगता है। ऐसे व्यक्ति अक्सर संतुष्ट पाए जाते हैं, किसी और को देखकर उनके मन में किसी तरह का लालच या ईर्ष्या का भाव पैदा नहीं होता। बल्कि उन्हें तो ये दौड़ भाग व्यर्थ की लगती है। अगर आप इस लेवल पर पहुंच जाएं, तो समझ लीजिएगा कि आप शिव की ओर बहुत हद तक बढ़ चुके हैं। हर स्थिति में आपको सुरक्षित महसूस हो अगर आपको बुरी से बुरी स्थिति में भी सुरक्षा का भाव महसूस होता है, तो समझ लें भगवान शिव आपके साथ ही हैं। आसान शब्दों में कहें तो अगर आप किसी बुरे दौर से गुजर रहे हैं, लेकिन आपके अंदर से जैसे आवाज आ रही है कि कुछ गलत नहीं होगा। आप में एक अजीब आ आत्मविश्वास है, जिसकी कोई ठोस वजह भी नहीं है लेकिन फिर भी आपको लग रहा है कि कुछ तो है, जो हर चीज को ठीक कर देगा। ये कुछ और नहीं बल्कि भगवान शिव की मौजूदगी का अहसास होता है, जो सिर्फ कुछ खास लोगों के साथ ही होता है।  

रिकॉर्ड तोड़ने को तैयार शुभमन, 25 रन बनाते ही होगा बड़ा कारनामा

नई दिल्ली भारत और इंग्लैंड के बीच 23 जुलाई (बुधवार) से मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर टेस्ट मैच खेला जाना है. भारतीय टीम पांच मैचों की सीरीज में 1-2 से पीछे हैं, ऐसे में ये मुकाबला उसके लिए 'करो या मरो' का है. अगर भारत मैनचेस्टर टेस्ट हारता है या ड्रॉ करता है, तो सीरीज जीतने का मौका गंवा देगा. इस मुकाबले में भारतीय टीम के कप्तान शुभमन गिल पर सबकी निगाहें होंगी. शुभमन गिल के पास बड़ा रिकॉर्ड बनाने का मौका शुभमन गिल टेस्ट क्रिकेट में नया कीर्तिमान रचने के बेहद करीब हैं. यदि शुभमन मैनचेस्टर टेस्ट मैच में 25 रन बनाते हैं, तो वो 19 साल पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त कर देंगे. शुभमन 25 रन बनाते ही इंग्लैंड में किसी द्विपक्षीय टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले एशियाई बल्लेबाज बन जाएंगे. फिलहाल ये रिकॉर्ड पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मोहम्मद यूसुफ के नाम दर्ज है. दाएं हाथ के बल्लेबाज मोहम्मद यूसुफ ने साल 2006 में इंग्लैंड में 4 मैचों की टेस्ट सीरीज में 90.14 की बेहतरीन औसत से 631 रन बनाए थे. अब शुभमन गिल के पास मोहम्मद यूसुफ को पछाड़ने का सुनहरा मौका है. शुभमन गिल ने इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा टेस्ट सीरीज में अब तक 3 मैचों में 607 रन बनाए हैं. इस दौरान उनका औसत 101.16 रहा और उन्होंने तीन शतक लगाए. भारतीय कप्तान का मौजूदा सीरीज में सर्वोच्च स्कोर 269 रन रहा है, जो उन्होंने बर्मिंघम टेस्ट की पहली पारी में बनाया. इंग्लैंड में एक टेस्ट सीरीज में सर्वाधिक रन (एशियाई बैटर) मोहम्मद यूसुफ (पाकिस्तान) – 4 मैच, 631 रन, 2006 शुभमन गिल (भारत)- 3* मैच, 607 रन, 2025 राहुल द्रविड़ (भारत)- 4 मैच, 602 रन, 2002 विराट कोहली (भारत)– 5 मैच, 593 रन, 2018 सुनील गावस्कर (भारत)– 4 मैच, 542 रन, 1979 सलीम मलिक (पाकिस्तान)- 5 मैच, 488 रन, 1992 भारतीय टीम के पूर्व कोच ग्रेग चैपल ने शुभमन गिल को लेकर बड़ी बात कही है. चैपल ने ईएसपीएन क्रिकइंफो में अपने कॉलम में लिखा, 'ओल्ड ट्रैफर्ड टेस्ट शुभमन गिल के अब तक के करियर की सबसे बड़ी परीक्षा होगी. सिर्फ एक बल्लेबाज के तौर पर नहीं, बल्कि कप्तान के तौर पर भी.' चैपल का मानना है कि गिल के पास सीखने का समय बहुत कम है और वो अपनी भावनाएं नहीं दिखा सकते. भारतीय टीम ने तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी 2025 की शुरुआत लीड्स टेस्ट में पांच विकेट से हार झेलकर की. इसके बाद टीम इंडिया ने एजबेस्टन टेस्ट मैच में जबरदस्त वापसी की और मेजबान इंग्लैंड के खिलाफ 336 रनों की रिकॉर्डतोड़ जीत हासिल की. हालाकि, लॉर्ड्स टेस्ट मैच में मिली 22 रनों से हार ने उसे बैकफुट पर ढकेल दिया.

PAK की फीकी शुरुआत, बांग्लादेश से पहले मुकाबले में करारी शिकस्त

ढाका  बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला 20 जुलाई (रविवार) को ढाका के शेरे बांग्ला नेशनल स्टेडियम में खेला गया. इस मुकाबले में मेजबान बांग्लादेश ने पाकिस्तानी टी पर 7 विकेट से धमाकेदार जीत हासिल की. मुकाबले में बांग्लादेश ने 111 रनों का लक्ष्य 15.3 ओवर्स में ही हासिल कर लिया. टी20 सीरीज का अगला मुकाबला 22 जुलाई (मंगलवार) को इसी मैदान पर खेला जाएगा. पहले टी20 में बांग्लादेश की जीत के हीरो रहे सलामी बल्लेबाज परवेज हुसैन इमोन और तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान रहे. परवेज हुसैन इमोन ने 39 गेंदों पर नाबाद 56 रन बनाए, जिसमें 5 छक्के और 3 चौके शामिल रहे. परवेज हुसैन इमोन और तौहीद हृदोय (36 रन) के साथ बीच तीसरे विकेट के लिए 73 रनों की साझेदारी हुई, जिसमें बांग्लादेश का काम आसान कर दिया. गेंदबाजी में बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान ने कमाल कर दिखाया. मुस्ताफिजुर ने 4 ओवर्स में सिर्फ 6 रन देकर 2 विकेट लिए. उन्होंने डेथ ओवर्स में पाकिस्तान की रन गति पर पूरी तरह नियंत्रण रखा. तेज गेंदबाज तस्कीन अहमद ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 22 रन देकर 3 विकेट लिए. पाकिस्तान के लिए किसने बनाए सबसे ज्यादा रन? टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तानी टीम 19.3 ओवर्स में सिर्फ 110 रनों पर सिमट गई. सलामी बल्लेबाज फखर जमां को छोड़कर कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर टिक नहीं सका. जमां ने 34 बॉल पर 44 रन बनाए, जिसमें 6 चौके और एक सिक्स शामिल रहा. पाकिस्तानी टीम की हालत इतनी खराब थी कि टॉप-6 में से पांच बल्लेबाज दहाई के आंकड़े तक भी नहीं पहुंच सके. पाकिस्तानी खिलाड़ियों के बीच तालमेल का भी अभाव दिखा. फखर जमां और मोहम्मद नवाज रन आउट हुए. पाकिस्तानी टीम के लिए गेंदबाजी में डेब्यूटेंट सलमान मिर्जा ने लगातार ओवरों में तंजीद हसन और कप्तान लिटन दास को आउट करके उम्मीद जगाई. लेकिन उन्हें बाकी गेंदबाजों का साथ नहीं मिला. फील्डिंग में चूक भी पाकिस्तानी टीम को भारी पड़ा. तौहीद हृदोय को दो बार जीवनदान मिला, जिससे बांग्लादेश मैच में पूरी तरह हावी हो गया और उसने आसान जीत हासिल की. परवेज हुसैन इमोन 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुने गए.