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मंत्रालय के तीन अधिकारी-कर्मचारियों को सम्मानपूर्ण विदाई

मंत्रालय के तीन अधिकारी-कर्मचारियों को सम्मानपूर्ण विदाई श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर दी शुभकामनाएं रायपुर राज्य शासन की सेवा में दीर्घकाल तक योगदान देने के उपरांत अधिवार्षिकी आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हुए तीन अधिकारी-कर्मचारियों के सम्मान में आज मंत्रालय महानदी भवन में सेवानिवृत्ति सम्मान समारोह आयोजित किया गया। वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों को शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके स्वस्थ, सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सेवानिवृत्त होने वालों में श्रम विभाग के अवर सचिव कीर्तिवर्धन उपाध्याय, गृह विभाग के स्टाफ ऑफिसर राजेश हीरा तथा स्कूल शिक्षा विभाग के दफ्तरी चैनसिंह शामिल हैं। इस अवसर पर मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण के साथ निभाई गई शासकीय सेवा सदैव प्रेरणादायी होती है। प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी का योगदान शासन-प्रशासन को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने सभी सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों के स्वस्थ, सुखद एवं सम्मानपूर्ण जीवन तथा उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। समारोह में मंत्रालय के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

हरियाणा के सभी सरकारी विभागों के लिए नया आदेश, वेबसाइट पर अनिवार्य होगी जानकारी सार्वजनिक करना

चंडीगढ़. हरियाणा राज्य सूचना आयोग ने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा-4 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश पारित करते हुए स्पष्ट किया है कि राज्य के सभी विभागों पर कानून के तहत निर्धारित सूचनाओं को स्वत: सार्वजनिक करने का वैधानिक दायित्व है। आयोग ने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य अधिकतम पारदर्शिता सुनिश्चित करना और नागरिकों को जानकारी प्राप्त करने के लिए अलग-अलग आरटीआई आवेदन देने की आवश्यकता को न्यूनतम करना है। मामले में क्षितिज दत्ता ने आयोग से अनुरोध किया था कि उनकी शिकायत को द्वितीय अपील के रूप में माना जाए, क्योंकि उनका मुख्य विवाद सूचना उपलब्ध नहीं कराए जाने से संबंधित था। आयोग ने इस आग्रह को स्वीकार करते हुए आयोग सचिवालय को शिकायत को द्वितीय अपील में परिवर्तित कर उचित अपील संख्या आवंटित करने के निर्देश दिए। प्रकटीकरण से संबंधित मांगी गई सूचनाएं राज्य सूचना आयुक्त डॉ. अजय कुमार सूरा ने अपने आदेश में कहा कि आरटीआई आवेदन में मुख्य रूप से धारा-4 के तहत अनिवार्य स्वत: प्रकटीकरण से संबंधित सूचनाएं मांगी गई थीं। आयोग ने कहा कि धारा-4 प्रत्येक लोक प्राधिकरण पर यह वैधानिक दायित्व डालती है कि वह अपने कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखे और निर्धारित श्रेणियों की सूचनाओं का सक्रिय रूप से प्रसार करे, ताकि नागरिकों को व्यक्तिगत आरटीआई आवेदन दाखिल करने की आवश्यकता न पड़े। आदेश में कहा गया कि धारा-4 के पीछे विधायी मंशा अधिकतम प्रकटीकरण और औपचारिक सूचना मांगने की प्रक्रिया का न्यूनतम उपयोग सुनिश्चित करना है। सूचना अधिकारियों को किया गया ट्रांसफर सुनवाई के दौरान विभाग की ओर से कहा गया कि मांगी गई सूचना जीएसटी, वैट, आबकारी, प्रवर्तन, विधिक, कंप्यूटर एवं सूचना प्रौद्योगिकी, लेखा और प्रशासन समेत कई शाखाओं से संबंधित है तथा उसकी शाखा से जुड़ी जानकारी नौ जून, 2026 के पत्र के माध्यम से उपलब्ध करा दी गई है। हालांकि आयोग ने पाया कि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं है, जिससे यह साबित हो सके कि आरटीआई आवेदन को निर्धारित अवधि के भीतर संबंधित शाखाओं अथवा नामित लोक सूचना अधिकारियों को स्थानांतरित किया गया था। आयोग ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'नामित लोक सूचना अधिकारी केवल इस आधार पर अपनी वैधानिक जिम्मेदारी से बच नहीं सकता कि सूचना विभिन्न शाखाओं से संबंधित है। उसका दायित्व है कि वह संबंधित अभिरक्षकों अथवा नामित लोक सूचना अधिकारियों से जानकारी प्राप्त कर सूचना मांगने वाले को समेकित उत्तर उपलब्ध कराए।' भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना आवश्यक आयोग ने कहा कि जिन सूचनाओं के सार्वजनिक होने से पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ती है तथा भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में मदद मिलती है, उनका व्यापक स्तर पर स्वत: प्रसार करना लोक प्राधिकरणों की जिम्मेदारी है। आयोग ने सर्वोच्च न्यायालय के उन निर्देशों का भी उल्लेख किया, जिनमें केंद्रीय और राज्य सूचना आयोगों को धारा-4 के प्रभावी क्रियान्वयन की सतत निगरानी करने और आवश्यक सिफारिशें जारी करने के लिए कहा गया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि हरियाणा सरकार के सभी विभाग आरटीआई अधिनियम की धारा-4 को उसकी अक्षरश: भावना के अनुरूप लागू करने के लिए बाध्य हैं और उन्हें सर्वोच्च न्यायालय तथा कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। इसके साथ ही, आदेश की प्रति मुख्य सचिव को भेजने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सभी प्रशासनिक सचिव और विभागाध्यक्ष यह सुनिश्चित करें कि धारा-4 के तहत स्वत: सार्वजनिक की जाने वाली सभी सूचनाएं विभागीय वेबसाइटों पर उपलब्ध हों तथा उनका नियमित अद्यतन और रखरखाव किया जाता रहे।

दिल दहला देने वाली घटना: पंजाब में महिला ने 3 बच्चों के साथ लगाई नहर में छलांग, खुद बच निकली

रूपनगर. मां की ममता की कहानियां अक्सर बच्चों की हिफाजत से जुड़ी होती हैं, लेकिन मोहाली की इस घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। गांव मटौर में एक महिला ने सोमवार को अपने तीन बच्चों को धक्का देकर नहर में फेंक दिया। इसके बाद खुद भी आत्महत्या करने के लिए नहर में छलांग लगा दी। बाद में तैर कर खुद किनारे पर आ गई। घटना में दो बच्चों के शव मोरिंडा शहर के आगे भाखड़ा नहर से बरामद कर लिए गए हैं, जबकि तीसरे की तलाश जारी है। वहीं, नहर के पास से पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर लिया है। वह डूबी नहीं और तैर कर किनारे पर आ गई थी। बताया जा रहा है कि महिला शकुंतला उर्फ सुमन मोहाली के मटौर की रहने वाली है। आत्महत्या करने के लिए भाखड़ा नहर के पास आई महिला सोमवार को वह आत्महत्या करने के लिए ही मोहाली से रोपड़ में भ्योरा हाईवे पुल के नीचे भाखड़ा नहर के पास आई थी। उसने यहां अपने तीनों बच्चों 10 वर्षीय तपश, सात वर्षीय तनवी और चार वर्षीय नितिन को नहर में फेंके दिया। मृतक बच्चों के दादा रामबाबू ने बहू शकुंतला पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि पिछले कुछ समय से उसका व्यवहार सामान्य नहीं था और वह कई बार बच्चों को नुकसान पहुंचाने जैसी बातें करती थी। स्वजन के मुताबिक, परिवार पहले से ही मुश्किल दौर से गुजर रहा था और घर में लगातार तनाव का माहौल बना रहता था। घर पर नहीं थे बहू और बच्चे उन्होंने कहा कि बहू के साथ काफी समय से झगड़े भी होते थे। पता नहीं था कि वह बच्चों को मार ही देगी। वहीं, उन्होंने पुलिस को बताया है कि जब वह शाम को काम से लौटे तो बहू और बच्चे घर पर नहीं थे। जब उन्हें खोजा गया तो उनका कुछ पता नहीं चला। इसके बाद पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस ने शकुंतला के मोबाइल की लोकेशन से उसका पता निकाला। उसकी लोकेशन रोपड़ में दिखी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और नहर के किनारे से ही शकुंतला को गिरफ्तार कर लिया। महिला ने तब सारी घटना के बारे बताया। वहीं डीएसपी सिटी-1 गुरचरण सिंह ने बताया कि घटना से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। आरोपित महिला से पूछताछ जा रही है।

छत्तीसगढ़ में तेज होगी मानसून की रफ्तार, कई जिलों में अगले 24 घंटे भारी बारिश की चेतावनी

जगदलपुर. बस्तर में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने लगा है। सुबह से शुरू हुई बारिश के बाद शाम को फिर कई इलाकों में अच्छी वर्षा दर्ज हुई। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। हालांकि, अभी तक कोई मजबूत मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं हो सकी है। इसी वजह से लगातार तेज बारिश का दौर शुरू नहीं हो पाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि सिस्टम बनने पर भारी वर्षा की संभावना बढ़ जाएगी। हल्की और मध्यम बारिश से किसानों को फिलहाल राहत मिल रही है। धान की रोपाई में जुटे किसानों के लिए यह मौसम अनुकूल माना जा रहा है। जुलाई के शुरुआती दिनों में अच्छी बारिश की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। कृषि गतिविधियां भी अब मानसून की रफ्तार पर टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

जीतू पटवारी की मुश्किलें बढ़ीं, कोर्ट ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट; BSP प्रत्याशी पर दिए बयान से जुड़ा मामला

 ग्वालियर  मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ग्वालियर की विशेष MP-MLA कोर्ट ने लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान बसपा प्रत्याशी देवाशीष जरारिया पर भाजपा से सांठगांठ और लेनदेन के आरोप लगाने के मामले में उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। अदालत ने भिंड पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए हैं कि 27 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई में जीतू पटवारी की कोर्ट में उपस्थिति हर हाल में सुनिश्चित कराई जाए। स्पेशल कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि जब जीतू पटवारी लगातार मीडिया और सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिखाई दे रहे हैं, तो पुलिस उन्हें तलाशने में असफल कैसे हो सकती है। जानें क्या है पूरा मामला यह मामला 27 अप्रैल 2024 का है। लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान जीतू पटवारी भिंड जिले के दौरे पर थे। उन्होंने भिंड-दतिया लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी फूल सिंह बरैया के समर्थन में उमरी कस्बे में चुनावी सभा को संबोधित किया था। आरोप है कि इस सभा में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर बसपा में शामिल हुए और भिंड-दतिया से बसपा प्रत्याशी बने देवाशीष जरारिया पर बिना किसी तथ्य के भाजपा से सांठगांठ और लेनदेन के आरोप लगाए। शिकायत के अनुसार, उन्होंने इस दौरान आपत्तिजनक भाषा का भी इस्तेमाल किया। देवाशीष जरारिया की शिकायत पर 4 मई 2024 को भिंड के उमरी थाने में जीतू पटवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद अदालत ने उन्हें 16 जनवरी 2026 को पेश होने का नोटिस जारी किया था, लेकिन वे निर्धारित तिथि पर अदालत में उपस्थित नहीं हुए। कोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताई सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत को बताया कि जीतू पटवारी का पता नहीं चल सका। इस पर कोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि जब उनके सार्वजनिक कार्यक्रम और बयान लगातार सामने आ रहे हैं, तो पुलिस उन्हें खोजने में नाकाम कैसे रही। एफआईआर के अनुसार, बसपा प्रत्याशी देवाशीष जरारिया के निर्वाचन अभिकर्ता ने शिकायत के साथ चुनावी सभा की वीडियो सीडी भी पुलिस को सौंपी थी। वीडियो के परीक्षण के बाद पुलिस ने एफआईआर में उल्लेख किया कि सभा के दौरान जीतू पटवारी ने कहा था कि वह (देवाशीष जरारिया) बीजेपी से माल लाए हैं तथा उन पर भाजपा से सांठगांठ के आरोप लगाए थे। अब इस मामले में अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगी, जिसमें अदालत ने उनकी उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।  यह मामला 27 अप्रैल 2024 का है। लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान जीतू पटवारी भिंड जिले के दौरे पर थे। उन्होंने भिंड-दतिया लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी फूल सिंह बरैया के समर्थन में उमरी कस्बे में चुनावी सभा को संबोधित किया था। आरोप है कि इस सभा में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर बसपा में शामिल हुए और भिंड-दतिया से बसपा प्रत्याशी बने देवाशीष जरारिया पर बिना किसी तथ्य के भाजपा से सांठगांठ और लेनदेन के आरोप लगाए। शिकायत के अनुसार, उन्होंने इस दौरान आपत्तिजनक भाषा का भी इस्तेमाल किया। अदालत में पेश नहीं हो रहे थे जीतू पटवारी देवाशीष जरारिया की शिकायत पर 4 मई 2024 को भिंड के उमरी थाने में जीतू पटवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद अदालत ने उन्हें 16 जनवरी 2026 को पेश होने का नोटिस जारी किया था, लेकिन वे निर्धारित तिथि पर अदालत में उपस्थित नहीं हुए। सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत को बताया कि जीतू पटवारी का पता नहीं चल सका। इस पर कोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि जब उनके सार्वजनिक कार्यक्रम और बयान लगातार सामने आ रहे हैं, तो पुलिस उन्हें खोजने में नाकाम कैसे रही। 27 जुलाई को होगी अगली सुनवाई एफआईआर के अनुसार, बसपा प्रत्याशी देवाशीष जरारिया के निर्वाचन अभिकर्ता ने शिकायत के साथ चुनावी सभा की वीडियो सीडी भी पुलिस को सौंपी थी। वीडियो के परीक्षण के बाद पुलिस ने एफआईआर में उल्लेख किया कि सभा के दौरान जीतू पटवारी ने कहा था कि "वह (देवाशीष जरारिया) बीजेपी से माल लाए हैं" तथा उन पर भाजपा से सांठगांठ के आरोप लगाए थे। अब इस मामले में अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगी, जिसमें अदालत ने उनकी उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।

अपेक्स बैंक में सहकारिता सप्ताह का शुभारंभ, प्रशासक महेंद्र सिंह यादव ने किया उद्घाटन

महेंद्र सिंह यादव प्रशासक अपेक्स बैंक ने सहकारिता सप्ताह का शुभारंभ किया  भोपाल  आज अपेक्स बैंक मुख्यालय के टी.टी.नगर स्थित प्रांगण में अपेक्स बैंक के प्रशासक महेंद्र सिंह यादव ने भारत सरकार के निर्देशों के परिप्रेक्ष्य में सहकारिता सप्ताह का शुभारंभ किया। उल्लेखनीय है कि 6 जुलाई 2021 को भारत सरकार में पहली बार सहकारिता मंत्रालय की पृथक स्थापना की गई थी एवं इसी दिन देश के सहकारिता मंत्री अमित शाह जी को सहकारिता मंत्री की जवाबदारी भी सौंप गई थी तथा 11 जून 2024 को अमित शाह ने दूसरी बार देश के केंद्रीय सहकारिता मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला था ।  इसी तारतम्य में भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय ने यह अपेक्षा की थी कि सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के 5 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में सहकारिता सप्ताह का आयोजन किया जावे।  मध्य प्रदेश में सहकारिता आंदोलन के व्यापक प्रचार प्रसार युवाओं एवं महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने नई सहकारी समितियां के गठन तथा सहकार से समृद्धि के लक्ष्य को आगे बढ़ाने हेतु सात दिवसीय व्यापी थीम पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाने का निर्णय लिया है, आज इसी कड़ी में प्रथम दिवस अपेक्स बैंक में सहकारी ध्वज का ध्वजारोहण, उसके पश्चात वृक्षारोपण के पश्चात सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को बैंक के प्रशासक महेंद्र सिंह यादव ने "सहकारिता की शपथ" दिलाई एवं सामूहिक रूप से सहकारी गीत के गायन का आयोजन हुआ।  यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में माननीय मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव जी ने इस वर्ष को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है और इसी कड़ी में दिनांक  14 अप्रैल 2026 से प्रदेश में किसानों को सदस्य बनने के उद्देश्य से शुरू हुआ महासदस्यता अभियान जो 30 जून तक चलेगा, इसमें अधिक से अधिक किसानों को सहकारिता से जोड़ने और सदस्य बनाने की पहल की जाना अत्यंत आवश्यक है, तभी उन्हें कृषि व सहकारिता से संबंधी शासन की जनहित हितैषी योजनाओं का लाभ प्राप्त होगा।  उन्होंने कहा कि कार्यभार ग्रहण करने के पश्चात लगभग दो माह के भीतर मैंने महा सदस्यता अभियान से अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने की दिशा में एवं उनसे सीधा संवाद स्थापित करने के प्रयास के उद्देश्य से प्रदेश के सभी संभागों का द्वौरा किया है एवं मेरी अपेक्षा है कि अपेक्स बैंक में बैठने वाले वरिष्ठ अधिकारी भी एक-एक संभाग का एक सप्ताह का प्रवास कार्यक्रम बनाएं और उस संभाग के जिलों में भ्रमण कर संवाद की इस श्रृंखला को और गति प्रदान करते हुए अधिक से अधिक किसानों को इस महा अभियान से जोड़ने के लिए प्रेरित करें। आरंभ में अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक मनोज  गुप्ता ने आयोजन के उद्देश्य पर विस्तार से प्रकाश डाला।  आभार प्रदर्शन अरुण मिश्रा विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी अपेक्स बैंक ने किया एवं कार्यक्रम का संचालन आशीष राजोरिया प्रबंधक ने किया।  कार्यक्रम में विशेष कर्तव्य व्यस्त अधिकारी श्रीमती अरुणा दुबे, उपमहा प्रबंधक के.टी. सज्जन, प्रबंधकगण विवेक मलिक करुण यादव समीर सक्सेना के साथ अपेक्स बैंक के सभी अधिकारी व कर्मचारी इस अवसर पर उपस्थित हुए ।

अमेरिका में खतरनाक हीटवेव का कहर, 115 डिग्री ‘फीलिंग’ तापमान ने बढ़ाई 6 करोड़ लोगों की परेशानी

वाशिंगटन  अमेरिका इस समय साल की सबसे खतरनाक हीटवेव का सामना कर रहा है. देश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में भीषण गर्मी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि कई इलाकों में तापमान से ज्यादा खतरनाक गर्मी का एहसास होगा, जहां ह्यूमिडिटी की वजह से लोगों को 115 डिग्री फारेनहाइट यानी करीब 46 डिग्री सेल्सियस जैसी गर्मी महसूस होगी।  अमेरिका की नेशनल वेदर सर्विस (NWS) ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में 18 राज्यों में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ सकती है. हालात इतने गंभीर हैं कि 6 करोड़ से ज्यादा लोगों के लिए हीट अलर्ट जारी किया गया है।  मौसम विभाग के मुताबिक, कई इलाकों में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच जाएगा. लेकिन असली चिंता तापमान नहीं, बल्कि हीट इंडेक्स को लेकर है. ज्यादा नमी यानी ह्यूमिडिटी की वजह से लोगों को गर्मी 115 डिग्री फारेनहाइट यानी करीब 46 डिग्री सेल्सियस जैसी महसूस होगी।  अमेरिका की नेशनल वेदर सर्विस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी चेतावनी में कहा है कि देश के पूर्वी दो-तिहाई हिस्से में खतरनाक और कई जगह रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ने वाली है. एजेंसी के मुताबिक, यह हीटवेव 4 जुलाई यानी अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस वाले लंबे वीकेंड तक जारी रह सकती है।  दिन तो दिन, रात में भी नहीं मिलेगी राहत मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि दिन ही नहीं, रातों में भी राहत नहीं मिलेंगी. कई शहरों में रात का तापमान भी 80 डिग्री फारेनहाइट यानी करीब 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा. इसका मतलब है कि लोगों को रात के समय भी गर्मी से राहत नहीं मिलेगी, जिससे हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा काफी बढ़ जाएगा।  NWS के मुताबिक, हीट इंडेक्स वह पैमाना है जिसमें एक्चुअल तापमान के साथ हवा में मौजूद नमी को भी शामिल किया जाता है. इसलिए कई बार थर्मामीटर पर तापमान कम दिखाई देता है, लेकिन शरीर को उससे कहीं ज्यादा गर्मी महसूस होती है. यही वजह है कि इस बार हीट इंडेक्स 100 से 110 डिग्री फारेनहाइट तक रहने का अनुमान है, जबकि कुछ इलाकों में यह 115 डिग्री तक पहुंच सकता है।  हीट एग्जॉशन और जानलेवा हीट स्ट्रोक का खतरा स्वास्थ्य एजेंसियों ने लोगों से अपील की है कि वे धूप में निकलने से बचें, खूब पानी पिएं, एयर कंडीशनर या ठंडी जगहों पर रहें और बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों का खास ध्यान रखें. डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय तक तेज धूप में रहने से हीट क्रैम्प्स, हीट एग्जॉशन और जानलेवा हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।  दिलचस्प बात यह है कि जहां अमेरिका का पूर्वी हिस्सा आग उगलती गर्मी से जूझ रहा है, वहीं पश्चिमी हिस्से में मौसम बिल्कुल उल्टा है. मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी राज्यों में तापमान सामान्य से 20 से 35 डिग्री फारेनहाइट तक कम रहने का अनुमान है. हालांकि देश के बड़े हिस्से में फिलहाल सबसे बड़ी चिंता यही खतरनाक हीटवेव बनी हुई है, जिसने करोड़ों लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर दी है और आने वाले कई दिनों तक राहत मिलने के आसार भी कम नजर आ रहे हैं। 

Twisha Case: गिरिबाला सिंह और समर्थ की बढ़ीं मुश्किलें, CBI की कार्रवाई के बीच जेल से बाहर आना मुश्किल

भोपाल  नोएडा की एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की भोपाल में ससुराल में हुई संदिग्ध मौत के मामले में सास रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह और बेटे समर्थ सिंह को जेल में रहते करीब 30 दिन हो गए हैं। उनकी न्यायिक हिरासत फिर से बढ़ गई है। कोर्ट ने गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की रिमांड 14 जुलाई तक बढ़ा दी। दोनों आरोपियों के जेल से बाहर आने में सीबीआई आड़े आ रही है। आरोपी गिरिबाला सिंह और बेटे समर्थ सिंह को रिमांड अवधि पूरी होने के बाद 30 जून को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया। न्यायाधीश आरती आदित्य बांदिल की अदालत में सीबीआइ ने दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग की। हालांकि बचाव पक्ष ने इसका विरोध करते हुए कहा कि जांच एजेंसी के पास हिरासत बढ़ाने का कोई नया आधार नहीं है लेकिन अदालत ने यह दलील स्वीकार नहीं की। सीबीआइ ने अदालत में सुनवाई के दौरान जांच आगे बढ़ने की बात बताई। कोर्ट में उसकी ओर से दो आवेदन भी पेश किए गए। पहले आवेदन में समर्थ सिंह के जब्त लैपटॉप का पासवर्ड उपलब्ध कराने की मांग की गई जबकि दूसरे में गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह के वॉयस सैंपल लेने की अनुमति मांगी। सीबीआई के इन दोनों आवेदनों पर कोर्ट 3 जुलाई को सुनवाई करेगी। अदालत ने सुनवाई के दौरान यह भी स्पष्ट किया कि केवल मौखिक अनुरोध के आधार पर कोई आदेश नहीं दिया जा सकता। यदि आरोपी पक्ष को ऐसी अनुमति चाहिए तो उसे लिखित आवेदन देना होगा। दरअसल तमाम कवायदों के बाद भी सीबीआई की जांच अभी पूरी नहीं हो सकी है। जांच एजेंसी पर तय समय सीमा में चार्जशीट पेश करने का भी दबाव है। वकील ने बताया केस का सबसे संदिग्ध पहलू, दिल्ली AIIMS पर भी शक भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में आरोपी पति समर्थ सिंह और सास पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह जेल से बाहर नहीं आ पा रहे हैं। मंगलवार को कोर्ट ने दोनों की न्यायिक हिरासत 14 जुलाई तक बढ़ा दी है। ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह 2 जून से भोपाल की केंद्रीय जेल में बंद हैं। मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई अपनी पड़ताल में जुटी हुई है। इस बीच पीड़ित परिवार के वकील अनुराग श्रीवास्तव का अहम बयान सामने आया है। उनका कहना है कि फिलहाल इस केस में हम सीबीआई पर बहुत निर्भर हैं। अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने ट्विशा शर्मा डेथ केस के सबसे संदिग्ध पहलू की भी जानकारी दी। उनके अनुसार लिगेचर बेल्ट पर की गई लापरवाही बड़ी खामी है। अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव का यह भी कहना है कि उन्हें पहले से शक था कि दिल्ली AIIMS टुकड़ों में नतीजे नहीं देगा। उन्होंने दूसरी पोस्टमार्टम के नतीजों को केस के लिए अहम बताया। समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह के संबंध में पीड़ित परिवार के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, "CBI ने न्यायिक हिरासत बढ़ाने के लिए अर्ज़ी दी थी और इसे 14 दिनों के लिए बढ़ा दिया गया है। उन्होंने कहा कि हम CBI पर बहुत ज़्यादा निर्भर हैं। उन्होंने दो और अर्ज़ियां दायर करने की बात कही है। अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव के अनुसार एक मामला वॉइस स्पेक्ट्रोग्राफी टेस्ट से जुड़ा है। सीबीआई के अधिकारी, गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह का यह टेस्ट करना चाहते हैं। इसके लिए संदिग्धों की असली आवाज़ से मिली हुई रिकॉर्डिंग का मिलान करना होगा, इसलिए उन्हें वॉइस सैंपल की ज़रूरत है। दूसरा मुद्दा एक लैपटॉप का है जिसे वे एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं। शुरू से ही शक था कि AIIMS दिल्ली शायद टुकड़ों में नतीजे नहीं देगा दिल्ली एम्स की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव बोले- जहां तक दूसरे पोस्टमार्टम का सवाल है, मुझे शुरू से ही शक था कि AIIMS नई दिल्ली शायद टुकड़ों में नतीजे नहीं देना चाहेगा। हमने शुरुआती पोस्टमार्टम में कुछ कमियां बताई थीं, इसलिए हो सकता है कि वे FSL और विसरा रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हों। केस में लिगेचर बेल्ट की अहमियत ट्विशा पक्ष के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने केस में लिगेचर बेल्ट की अहमियत भी बताई। उन्होंने कहा- शुरू से ही मेरा यह मानना ​​रहा है कि इस मामले का सबसे संदिग्ध पहलू समय पर लिगेचर बेल्ट को ज़ब्त न कर पाना और उसे पहले पोस्टमार्टम के लिए उपलब्ध न करा पाना था। ट्विशा के परिवार के लिए दूसरे पोस्टमार्टम के नतीजे जानना बहुत ज़रूरी है। असल में उन्हें यह जानने का पूरा अधिकार भी है। फोरेंसिक जांच के लिए जरूरी है लैपटॉप: ट्विशा पक्ष की तरफ से अधिवक्ता अंकुर पाण्डेय और शुभांग दीक्षित ने बताया, सीबीआइ समर्थ का लैपटॉप पहले ही जब्त कर चुकी है, लेकिन वह लॉक है। डिजिटल सबूत और फॉरेंसिक जांच पूरी करने के लिए उसका पासवर्ड जरूरी है। सीबीआइ ने समर्थ के लैपटॉप के पासवर्ड और मां-बेटे के वॉयस सैंपल की मांग की। जेल में बीते एक माह बता दें कि भोपाल की पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को 2 जून को न्यायिक हिरासत में भोपाल की केंद्रीय जेल में भेजा गया था। वे तभी से यहीं हैं। इस प्रकार ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह करीब एक महीने से जेल में ही बंद हैं।

प्रतिमा बागरी को लेकर नया विवाद, आदेश के बाद मंत्री और विधायकी पर उठे सवाल; दिया बड़ा संदेश

भोपाल  मध्यप्रदेश की एक महिला मंत्री की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हाईकोर्ट के एक आदेश के कारण वे बुरी तरह घिर गई हैं। यहां तक कि मंत्रिमंडल से बाहर होने का खतरा भी मंडराने लगा है। प्रदेश की नगरीय विकास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी फर्जी जाति प्रमाण पत्र में घिरीं हैं। उन्हें राज्यस्तरीय अनुसूचित जाति छानबीन समिति ने तलब किया है। प्रतिमा बागरी को उन दस्तावेजों को लेकर आना होगा, जिसमें उनकी अनुसूचित जाति प्रमाणित हो सके। ऐसा नहीं करने पर उनका मंत्रीपद भी जा सकता है। पद पर खतरा मंडराने के बीच मंत्री प्रतिमा बागरी भोपाल में एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उन्होंने नदी बचाने का संदेश दिया। एससी कांग्रेस के अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार की हाईकोर्ट में दायर याचिका पर निर्देश के बाद यह आदेश जारी किया गया है। हाईकोर्ट ने छानबीन समिति को संबंधित पक्षों को बुलाकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच करने के आदेश दिए थे। समिति को यह तय करने को कहा गया है कि मंत्री प्रतिमा बागरी का अनुसूचित जाति (एससी) का प्रमाण-पत्र वैध है या नहीं। हाईकोर्ट ने समिति द्वारा जांच पूरी करने और इसके बाद उचित आदेश पारित करने के लिए समय सीमा भी तय की है। हाईकोर्ट ने कहा है कि 30 जून 2026 तक समिति द्वारा निर्णय नहीं लेने पर याचिका को पुनर्जीवित (रिवाइव) किया जा सकेगा। गलत तरीके से अनुसूचित जाति (SC) का प्रमाण-पत्र बनवाने का आरोप कांग्रेस नेता प्रदीप अहिरवार ने याचिका में प्रतिमा बागरी पर गलत तरीके से अनुसूचित जाति (SC) का प्रमाण-पत्र बनवाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बागरी ने अनुचित तरीके से आरक्षण का लाभ लेकर रैगांव सीट से चुनाव लडा। याचिकाकर्ता प्रदीप अहिरवार का दावा है कि संबंधित इलाके में बागरी जाति, अनुसूचित जाति यानि एससी की सूची में शामिल नहीं है। उनका यह भी कहना है कि प्रतिमा बागरी राजपूत जाति से संबंधित हैं। उन दस्तावेजों को लेकर आना होगा, जिसमें अनुसूचित जाति प्रमाणित हो अनूसचित जाति के फर्जी प्रमाण पत्र के आरोपों से घिरीं नगरीय विकास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी की मुश्किलें मंगलवार को उस समय बढ़ गई जब उन्हें राज्य स्तरीय अनुसूचित जाति छानबीन समिति ने 6 जुलाई को तलब किया। उन्हें उन दस्तावेजों को लेकर आना होगा, जिसमें अनुसूचित जाति प्रमाणित हो। दस्तावेज न देने पर मंत्रीमंडल से उनकी छुट्टी हो सकती है। प्रदेश के जनजातीय कार्य विभाग के आयुक्त कार्यालय ने इस संबंध में नोटिस जारी किया है। नोटिस जारी होते ही मंत्री प्रतिमा बागरी एक बार फिर चर्चा में आ गई हैं। जाति प्रमाणपत्र पर घिरीं मंत्री प्रतिमा बागरी ने नदी बचाने का संदेश दिया है। मंगलवार को एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि जल है तो कल है। मंत्री प्रतिमा बागरी ने एक्स हेंडल पर लिखा— भोपाल स्थित होटल मैरियट में आयोजित नमामि गंगे मिशन अंतर्गत “डीपीआर तैयार करने एवं बेतवा नदी पुनर्जीवन विषयक क्षमता संवर्धन कार्यशाला” को संबोधित करने का अवसर प्राप्त हुआ। कार्यशाला में बेतवा नदी के संरक्षण, पुनर्जीवन, वैज्ञानिक प्रबंधन एवं दीर्घकालिक जल संवर्धन की दिशा में विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। हमारी नदियाँ केवल जलधारा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला हैं। सामूहिक प्रयास, जनभागीदारी एवं प्रभावी योजनाओं के माध्यम से जल संरक्षण और नदी पुनर्जीवन के संकल्प को और अधिक सशक्त बनाने का हमारा प्रयास निरंतर जारी रहेगा। जल है तो कल है — नदी बचेगी, तभी प्रकृति और भविष्य सुरक्षित रहेगा।

यमुना नगर के कलेसर पार्क में तेंदुओं को मिलेगा खाना-पानी, वन विभाग की नई योजना शुरू

यमुना नगर. वन महोत्सव के दौरान तीन राज्यों की सीमा से सटे कलेसर नेशनल पार्क में इस बार केवल पौधे नहीं लगाए जाएंगे। जंगल को और बेहतर बनाने के लिए घास के खुले मैदान (ग्रासलैंड), ग्रीन कारिडोर और स्थायी जल स्रोत भी विकसित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य तेंदुओं और दूसरे वन्यजीवों को जंगल में ही भोजन और पानी उपलब्ध कराना, उनका प्राकृतिक आवास मजबूत करना। साथ ही उन्हें आबादी की ओर आने से रोकना है। 25 हजार एकड़ के राष्ट्रीय उद्यान व वन्यजीव विहार कलेसर में 50 तेंदुओं की मौजूदगी मानी जा रही है। उनकी बढ़ती संख्या को देखते हुए वन्य प्राणी विभाग ने जंगल के अलग-अलग हिस्सों में चरणबद्ध तरीके से पांच से सात हेक्टेयर क्षेत्र में घास के मैदान विकसित करने की योजना बनाई है। इन मैदानों में हिरण, जंगली सूअर, खरगोश और सांभर जैसे शाकाहारी वन्यजीव बढ़ेंगे, जो तेंदुओं का प्राकृतिक शिकार हैं। इससे तेंदुओं को भोजन के लिए जंगल छोड़कर गांवों या आबादी की ओर जाने की जरूरत कम पड़ेगी। जंगल में ही तेंदुओं को पर्याप्त शिकार मिलेगा वन्य प्राणी विभाग के इंस्पेक्टर ज्योति कुमार ने बताया कि घास के मैदान बनने से शाकाहारी वन्यजीवों की संख्या बढ़ेगी। इससे तेंदुओं को जंगल में ही पर्याप्त शिकार मिलेगा। उनके गांवों की ओर आने की घटनाएं कम होंगी। एमएलएन कालेज के जूलाजी विभाग के सेवानिवृत्त विभागाध्यक्ष डा. राजीव कलसी ने कहा कि वन महोत्सव केवल पौधे लगाने का अभियान नहीं है। यह जंगल का प्राकृतिक संतुलन मजबूत करने का भी मौका है। कलेसर में घास के मैदान विकसित होने से तेंदुओं और दूसरे वन्यजीवों के संरक्षण को लंबे समय तक फायदा मिलेगा। कलेसर नेशनल पार्क उत्तराखंड के राजाजी नेशनल पार्क,राजाजी नेशनल पार्क की मोहांड रेंज सहारनपुर उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश के सिम्बलबाड़ा वन्यजीव अभयारण्य से ग्रीन कारिडोर के जरिए जुड़ा है। वन विभाग इन रास्तों से अतिक्रमण हटाने और अवैध गतिविधियों पर सख्ती करेगा। गांवों के पास सोलर फेंसिंग और मवेशियों के लिए मजबूत बाड़ लगाने की भी योजना है। जंगल में स्थायी जल स्रोत भी बनाएंगे, ताकि गर्मी और सूखे के समय वन्यजीवों को पानी के लिए जंगल से बाहर न जाना पड़े।