samacharsecretary.com

भाजपा नेता के फार्म हाउस में लूट से हड़कंप, CM योगी ने लिया संज्ञान; एसओ पर गिरी गाज

कानपुर  उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में भाजपा पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश मंत्री रमेश यादव को उन्हीं के फार्म हाउस में बंधक बनाकर 32 लाख की लूट का मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंच गया है। उन्होंने खुद इस संबंध में पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल से पूरी जानकारी ली। इसके बाद जल्द वारदात का खुलासा करने के निर्देश दिए। उधर, लूटकांड की गाज सेन पश्चिम पारा थाना प्रभारी प्रदीप कुमार पर गिरी। पुलिस आयुक्त के आदेश पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। मामले के खुलासे में पुलिस की आठ टीमें लगी हैं। सेन पश्चिम पारा थाना क्षेत्र के नेवरी गांव में बिधनू के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष रमेश यादव को उन्हीं के फार्म हाउस में तमंचे और चाकू के बल पर बंधक बनाकर दो बदमाशों ने करीब 32 लाख रुपये की लूट की वारदात को अंजाम दिया था। फार्म हाउस के पीछे की दीवार फांदकर अंदर आए नकाबपोश लुटेरों ने हाथ-पैर बांधकर उनके मुंह पर टेप लगा दिया था। इसके बाद सोने की चेन-कड़ा और अंगूठी व रॉडो की घड़ी उतार ली थी। बेडरूम में ले जाकर अलमारी में रखे 12 लाख रुपये भी लूट लिए थे। अंत में रमेश यादव को बाथरूम में बंद कर पीछे की दीवार फांदकर फरार हो गए थे। पुलिस सात संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि मुख्यमंत्री को घटना की पूरी जानकारी दे दी गई है। लूट की इस दुस्साहसिक वारदात के बाद सेन पश्चिम थाना प्रभारी प्रदीप कुमार को निलंबित कर दिया गया है। जल्द ही इस घटना का खुलासा किया जाएगा। अपराधियों की खंगाल रहे कुंडली पुलिस बीटीएस टॉवर डंप करने के साथ ही आसपास के अपराधियों की कुंडली भी खंगाल रही है। पुलिस के मुताबिक ऐसे दो दर्जन से ज्यादा शातिरों की कुंडली खंगाली जा रही है। बीटीएस टॉवर डंप में 35 हजार से ज्यादा नंबर आए हैं। इनमें लगातार उसे क्षेत्र में सक्रिय रहने वाले बाहरी नंबरों की पड़ताल की जा रही है। एक दो दिन में सूची से संदिग्ध नंबर सामने आ जाएंगे। भाजपा नेता के साथ रहने वाले निजी सुरक्षा कर्मियों व उनके सेवादारों की भी कुंडली पुलिस खंगाल रही है। सवाल, ग्राम प्रधान ने क्यों दी तहरीर पुलिस लूटकांड की वारदात को लेकर सवालों में उलझी हुई हैं। सबसे पहला सवाल है कि वारदात भाजपा नेता रमेश यादव के साथ हुई है तो नेवरी ग्राम प्रधान राम नरेश यादव ने तहरीर क्यों दी। दूसरा सवाल है कि रात 11:37 पर नकाबपोश वारदात को अंजाम देकर भाग निकले। भाजपा नेता के हाथ, पांव बंधे थे जबकि मुंह में कपड़ा ठूस कर टेप लगा था। इसके बाद भी उन्होंने 11:42 बजे प्रधान को फोन कर दिया। महज पांच मिनट में उन्होंने अपने बंधन कैसे खोले और मुंह पर टेप लगा होने के बाद भी बात कैसे की। घटना के करीब सात मिनट में थाना प्रभारी भी पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गए। सुरक्षा हटा लें अधिकारी वारदात के बाद भाजपा नेता ने पुलिस अधिकारियों से सुरक्षा की मांग की थी। इसमें उन्होंने एक दरोगा और चार पुलिसकर्मियों को सुरक्षा में तैनात करने को कहा था। इस बात के चर्चा में आने के बाद भाजपा नेता रमेश यादव ने कहा, उन्होंने कभी सुरक्षा नहीं मांगी। वारदात के बाद जो पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं, उन्हें भी हटाने को कहा है।

डॉ. रमन सिंह की राजनीतिक यात्रा: 15 अक्टूबर को जन्मदिन, जानें डॉक्टर से मुख्यमंत्री बनने तक की कहानी

डॉ. रमन सिंह – सादगी से सत्ता तक, 15 साल के विकास पुरुष की कहानी जन्मदिन विशेष: 15 अक्टूबर 1952 – आज 74वां जन्मदिन रायपुर  छत्तीसगढ़ की राजनीति में अगर किसी एक नाम ने सबसे लंबी और स्थायी छाप छोड़ी है, तो वो हैं डॉ. रमन सिंह। आयुर्वेद के डॉक्टर से लेकर लगातार 15 साल तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेता तक का उनका सफर, भारतीय राजनीति में दुर्लभ है। 1. प्रारंभिक जीवन – ठाठापुर से रायपुर तक डॉ. रमन सिंह का जन्म 15 अक्टूबर 1952 को अविभाजित मध्यप्रदेश के कवर्धा जिले के ठाठापुर गांव में हुआ था। पिता विघ्नहरण सिंह ठाकुर एक प्रतिष्ठित अधिवक्ता थे।  1975 में उन्होंने रायपुर के शासकीय आयुर्वेद कॉलेज से BAMS की डिग्री ली। इसी कारण उन्हें आज भी कार्यकर्ता प्यार से "चाउर वाले बाबा" नहीं, बल्कि "डॉक्टर साहब" कहते हैं। राजनीति में उनकी सक्रियता 1976 से शुरू हुई।  2. राजनीतिक यात्रा •  1990 और 1993 में मध्यप्रदेश विधानसभा के सदस्य रहे।  •  1999 में राजनांदगांव से लोकसभा सांसद चुने गए। •  अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री बने। •  7 दिसंबर 2003 को जब छत्तीसगढ़ में पहली बार भाजपा की सरकार बनी, तो 51 साल के रमन सिंह को राज्य का दूसरा मुख्यमंत्री बनाया गया। •  उसके बाद 2008 और 2013 में लगातार जीत हासिल कर उन्होंने 2003 से 2018 तक लगातार तीन बार मुख्यमंत्री का पद संभाला।  •  वर्तमान में वे छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष हैं। 3. क्यों कहलाए 'चाउर वाले बाबा'? रमन सिंह के 15 साल के कार्यकाल को दो योजनाओं के लिए हमेशा याद किया जाएगा: 1. खाद्य सुरक्षा का छत्तीसगढ़ मॉडल: सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में उनका सुधार देशभर में मिसाल बना। 1 रुपये किलो चावल योजना ने उन्हें घर-घर में "चाउर वाले बाबा" के नाम से लोकप्रिय कर दिया। इसी मॉडल को बाद में केंद्र सरकार के खाद्य सुरक्षा कानून का आधार माना गया। 2. स्वास्थ्य और विकास: खुद आयुर्वेदिक डॉक्टर होने के नाते उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, बिजली और स्कूलों का जाल बिछाने का काम उनके कार्यकाल में तेज गति से हुआ। 4. व्यक्तित्व की खासियत विरोधी भी मानते हैं कि रमन सिंह की सबसे बड़ी ताकत उनकी सादगी और शांत स्वभाव है। लंबी सत्ता के बावजूद उन पर व्यक्तिगत भ्रष्टाचार का बड़ा आरोप कभी नहीं लगा। कम बोलना, मुस्कुराकर जवाब देना और संगठन को साथ लेकर चलना – यही उनकी शैली रही। छत्तीसगढ़ जैसे नए और चुनौतियों से भरे राज्य को एक स्थिर प्रशासन देना, यह उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है। आज उनके 74वें जन्मदिन पर छत्तीसगढ़ ही नहीं, पूरे देश से उन्हें बधाइयाँ मिल रही हैं। एक डॉक्टर जिसने नब्ज़ देखना सीखा था, उसने बाद में एक पूरे प्रदेश की नब्ज़ को समझा और उसे विकास की राह पर चलाया।

मंगल गोचर 2026: मेष समेत 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन लाभ के योग

 वैदिक ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह को ग्रहों का सेनापति माना जाता है। मंगल भूमि, रक्त, साहस और पराक्रम के कारक माने जाते हैं। मंगल एक निश्चित समय में अपनी राशि में बदलाव करते हैं। इस समय वे चंद्रमा की कर्क राशि में विराजमान हैं और दीवाली बाद अपने राशि को बदलेंगे। हिंदू पंचांग के अनुसार, मंगल कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में 12 नवंबर 2026 को गोचर करेगा और इस राशि में 9 मार्च 2027 तक यानी करीब 117 दिन विराजमान रहेंगे। मंगल और सूर्य के बीच ज्योतिष में मित्रता का संबंध माना जाता है। सिंह राशि में आने से मंगल ग्रह पर सूर्य का प्रभाव भी देखने को मिलेगा। जिससे मंगल का सिंह गोचर कई राशियों के लिए आर्थिक, व्यावसायिक और पारिवारिक तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ज्योतिष गणना के अनुसार, मंगल का सिंह गोचर मेष से लेकर मीन राशि वालों के जीवन को प्रभावित करेगा। लेकिन 4 भाग्यशाली राशियों को अत्यंत शुभ फल प्रदान कर सकता है। इन विशेष राशियों के जीवन में मंगल गोचर काल में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। जानें मंगल का सिंह गोचर किन राशियों को देगा शुभ फल। 1. मेष राशि: मंगल का सिंह गोचर मेष राशि वालों को अच्छे फल प्रदान कर सकता है। इस समय आपके आत्मविश्वास में वृद्धि हो सकती है। आपकी कार्य और नेतृत्व क्षमता में सुधार होगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होने से कई महत्वपूर्ण कार्यों में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। आर्थिक तौर पर स्थिति बेहतर होगी। किसी शुभ समाचार की प्राप्ति के संकेत हैं। निवेश के अच्छे अवसर सामने आ सकते हैं। हालांकि धन से जुड़ा महत्वपूर्ण फैसला फिलहाल के लिए टाल दें। नौकरी और व्यवसाय में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। 2. सिंह राशि: सिंह राशि वालों के लिए मंगल का राशि परिवर्तन बहुत लाभकारी रहने वाला है। इस समय आपको अपनी लीडरशिप क्वालिटी साबित करने के अवसर प्राप्त होंगे, जिनका आप भरपूर लाभ उठाएंगे। व्यावसायिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। परिवार से जुड़ी दिक्कतें दूर हो सकती हैं। साहस और पराक्रम रंग लाएगा। रोजी-रोजगार में तरक्की मिल सकती है। आर्थिक समस्याएं धीरे-धीरे खत्म होती जाएंगी। 3. वृश्चिक राशि: मंगल वृश्चिक राशि के स्वामी ग्रह हैं। इस समय वृश्चिक राशि वालों को जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। मन मुताबिक परिणाम मिलने से मन प्रसन्न रहेगा और मानसिक तौर पर राहत महसूस करेंगे। धन की स्थिति बेहतर रहेगी। आय के नए स्रोत बन सकते हैं। भाग्य का साथ मिलने से किसी अटके हुए काम में सफलता हासिल करेंगे। व्यापारी वर्ग को किसी नई डील या सौदे पर साइन करने का अवसर मिल सकता है। पिता का साथ मिलेगा। 4. कुंभ राशि: मंगल गोचर काल में कुंभ राशि वालों के आत्मविश्वास और ऊर्जा अधिक महसूस हो सकती है। इस समय आप लंबित या लंबे समय से अटके हुए कार्य सफलतापूर्वक करेंगे। कोर्ट-कचहरी में विजय के संकेत हैं। शत्रु परास्त होंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और इनकम के नए साधन सामने आएंगे। किसी महत्वपूर्ण फैसले को लेने के लिए समय अनुकूल रहेगा। व्यावसायिक पार्टनरशिप में बेहतर रिजल्ट मिल सकते हैं। किसी नए काम की शुरुआत के लिए समय अच्छा रहने वाला है।

गुरुग्राम में जाम और अवैध पार्किंग पर लगाम की तैयारी, सड़कों पर उतरे 107 राइडर्स

गुरुग्राम. गुरुग्राम की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए यातायात पुलिस ने नई पहल की है। शहर में चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए 107 राइडर्स की तैनाती की गई है। ये राइडर पूरे शहर में घूम-घूमकर जाम की स्थिति, गलत पार्किंग और ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर नजर रखेंगे और मौके पर ही व्यवस्था संभालेंगे। यातायात पुलिस के अधिकारियों के अनुसार ये राइडर यातायात की निगरानी करने, वाहनों की सुचारु आवाजाही सुनिश्चित करने और जरूरत पड़ने पर तुरंत मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाने में अहम भूमिका निभाएंगे। तैनाती के तहत 30 से ज्यादा राइडर को पुराने शहर में, 30 राइडर को नए गुरुग्राम में लगाया गया है। बाकी राइडर्स को साउथ जोन और मानेसर जोन में तैनात किया गया है। चालान भुगतान की प्रक्रिया को सरल ट्रैफिक पुलिस ने चालान भुगतान की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए विंडो की संख्या एक से बढ़ाकर छह की गई है, ताकि चालान भुगतने वाले लोगों को परेशानी न हो। विंडो की संख्या बढ़ने से चालान भुगतने के प्रतीक्षा समय को कम किया गया है। विभिन्न क्षेत्रों में तैनात किए गए 107 राइडर सड़कों पर वाहनों के संचालन की निगरानी करेंगे। वे वाहनों की सुचारु आवाजाही सुनिश्चित करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर मौके पर पहुंचकर यातायात व्यवस्था बनाए रखेंगे। यातायात पुलिस ने 12 अक्तूबर को कुल 3,044 वाहनों के चालान काटे। इनमें नो एंट्री के 69, खतरनाक ड्राइविंग के 117 और बिना पीयूसी के 220 चालान शामिल थे। वहीं, गलत दिशा में वाहन चलाने के 266, लेन बदलने के 163, गलत पार्किंग के 220 चालान, दोपहिया वाहन पर बिना हेलमेट के 246 व पिलियन राइडर बिना हेलमेट के 164 चालान काटे गए। बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों के 294 और बिना एचएसआरपी नंबर प्लेट वाले वाहनों के 181 चालान किए गए।

PM मोदी से मिले CM भजनलाल शर्मा, पंचायत चुनाव से पहले मुलाकात के निकाले जा रहे कई मायने

जयपुर  राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आज गुरुवार 15 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात की। हर बार की तरह इस बार भी प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की मुलाकत को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों नेताओं के बीच नई दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री आवास पर हुई ये मुलाक़ात ऐसे समय पर हुई है जब राजस्थान में हाल ही में स्थानीय निकाय चुनाव संपन्न हुए हैं और आगामी दिनों में पंचायत राज संस्थाओं के चुनाव होने वाले हैं। मुलाक़ात करीब 20 मिनट की रही। शिष्टाचार नहीं, मुलाक़ात के हैं कई मायने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के बीच हुई मुलाक़ात को प्रारंभिक तौर पर शिष्टाचार मुलाकात बताया जा रहा है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषक इसके कई मायने निकाल रहे हैं। गौरतलब है कि फिलहाल राजस्थान से लेकर दिल्ली तक में कई मुद्दे गरमाये हुए हैं। खासतौर पर एसआईआर के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर विपक्ष का भारी विरोध लगातार जारी है। राजस्थान मंत्रिमंडल की बैठक में प्रस्ताव हुआ है पारित मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के अनवरत सेवाकाल और राष्ट्र निर्माण के ऐतिहासिक सफर पर अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया गया है। इसके अलावा भी कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 7 अक्टूबर को सरकार के मुखिया के रूप में राष्ट्रसेवा का ऐतिहासिक पड़ाव पूरा किया है। इस उपलक्ष्य में राजस्थान मंत्रिमंडल ने प्रस्ताव पारित कर प्रधानमंत्री का अभिनंदन किया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री की सुशासन, विकास और विकसित भारत के संकल्प की यात्रा निरंतर जारी है। लोकतंत्र में जनता-जनार्दन के आशीर्वाद से उन्हें पहले गुजरात के मुख्यमंत्री और फिर देश के प्रधानमंत्री के रूप में तीन बार प्रचंड जनादेश मिला है। 

छत्तीसगढ़ के ढोकरा शिल्पकार बन्नूराम बैद का राष्ट्रीय सम्मान के लिए चयन, बढ़ाया प्रदेश का मान

कोंडागांव के ढोकरा शिल्पकार बन्नूराम बैद का शिल्प गुरु अवार्ड 2025 के लिए चयन देशभर से चयनित छह शिल्प गुरुओं में शामिल रायपुर, बस्तर की पारंपरिक ढोकरा (बेलमेटल) शिल्पकला को राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले कोण्डागांव जिले के माकड़ी विकासखण्ड के ग्राम बरकई निवासी शिल्पकार बन्नू राम बैद का चयन वर्ष 2025 के प्रतिष्ठित शिल्प गुरु अवार्ड के लिए किया गया है। भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) कार्यालय, नई दिल्ली द्वारा जारी अंतिम चयन सूची में बैद का नाम शामिल है, जिसमें देशभर से कुल छह शिल्प गुरुओं का चयन किया गया है।                  बानू राम बैद का चयन केंद्रीय स्तरीय चयन समिति की 18 जुलाई 2026 को आयोजित बैठक में अंतिम रूप से किया गया। उन्होंने बस्तर की प्राचीन लॉस्ट-वैक्स (मधुच्छिष्ट) तकनीक पर आधारित ढोकरा शिल्पकला को संरक्षित रखने, उसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने तथा नई पीढ़ी को इस पारंपरिक कला का प्रशिक्षण देने में उल्लेखनीय योगदान दिया है।                   बैद की कलाकृतियों में बस्तर के आदिवासी जनजीवन, लोक-संस्कृति, देवी-देवताओं और प्रकृति का सजीव चित्रण देखने को मिलता है। पारंपरिक तकनीक और स्थानीय सांस्कृतिक विरासत को अपनी कलाकृतियों के माध्यम से सहेजने के उनके प्रयासों ने बस्तर की विशिष्ट शिल्प परंपरा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।              बन्नू राम बैद को शिल्प गुरु अवार्ड के लिए चयनित सहित जाना कोण्डागांव जिला और समूचे छत्तीसगढ़ एवं बस्तर अंचल के लिए गौरव का विषय है। उनकी यह उपलब्धि पारंपरिक हस्तशिल्प से जुड़े कलाकारों को प्रोत्साहित करने के साथ ही नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रेरित करेगी।

अजमीत सिंह मर्डर केस का आरोपी गुरलाल सिंह हरियाणा में दबोचा गया, पुलिस को मिली सफलता

चंडीगढ़. पंजाब पुलिस ने तरनतारन जिले में हुई हत्या के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी गुरलाल सिंह को गिरफ्तार किया है। पंजाब की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स ने हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के साथ संयुक्त अभियान चलाकर यह गिरफ्तारी की। आरोपी सितंबर 2026 में तरनतारन जिले के नौशेरा पन्नुआं में अजमीत सिंह की हत्या के मामले में वांछित था। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस कार्रवाई की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर पंजाब और हरियाणा पुलिस की टीमों ने समन्वित अभियान चलाया। इस दौरान आरोपी को हरियाणा के नूंह जिले से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, इस हत्याकांड की जांच के दौरान इससे पहले एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स पंजाब ने तरनतारन पुलिस के साथ मिलकर एक अन्य आरोपी साजनप्रीत सिंह को भी गिरफ्तार किया था। अब मुख्य आरोपी गुरलाल सिंह की गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, दोनों राज्यों की पुलिस के बीच बेहतर समन्वय और खुफिया सूचनाओं के आधार पर चलाए गए अभियान से आरोपी तक पहुंचने में मदद मिली। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अजमीत सिंह की हत्या कथित तौर पर विदेश में छिपे भगोड़े गैंगस्टरों प्रभ दस्सुवाल और डोनी बाल के इशारे पर की गई थी। पुलिस को आशंका है कि इस वारदात के पीछे गैंगों के बीच आपसी रंजिश हो सकती है। हालांकि, हत्या के पीछे की पूरी वजह और आरोपियों की भूमिका की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद हो सकेगी। पुलिस इस मामले में आपराधिक नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। पंजाब पुलिस के अनुसार, इस मामले से जुड़े मॉड्यूल का पर्दाफाश कर दिया गया है। अब जांच एजेंसियां आरोपियों के आपसी संपर्कों, वारदात की साजिश और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाने में जुटी हैं। इसके लिए मामले की आगे और पीछे की कड़ियों (फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज) की जांच की जा रही है। पंजाब पुलिस ने कहा कि राज्य में सक्रिय गैंगस्टर नेटवर्क को खत्म करना, अपराधियों को कानून के दायरे में लाना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है। संगठित अपराध के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

मां स्कंदमाता की पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं? जानें पूजा विधि, प्रिय भोग और आरती

Navaratri 5  day: नवरात्र के पांचवें दिन मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है. ऐसी मान्यता है कि नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा करने से संतान सुख की प्राप्ति की कामना पूरी होती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां स्कंदमाता भगवान कार्तिकेय की माता हैं. मां स्कंदमाता के स्वरूप की बात करें, तो उनकी चार भुजाएं हैं. माता ने अपने दो हाथों में कमल के फूल धारण किए हुए हैं. एक हाथ से मां भक्तों को आशीर्वाद देती हैं, जबकि दूसरे हाथ में उन्होंने अपने पुत्र स्कंद यानी भगवान कार्तिकेय को बाल रूप में धारण की हुई हैं. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मां स्कंदमाता को पार्वती और गौरी के नाम से भी जाना जाता है. स्कंदमाता की आरती (Skandmata ki Aarti) जय तेरी हो स्कंदमाता पांचवां नाम तुम्हारा आता सबके मन की जानन हारी जग जननी सबकी महतारी तेरी जोत जलाता रहूं मैं हरदम तुझे ध्याता रहूं मैं कई नामों से तुझे पुकारा मुझे एक है तेरा सहारा कहीं पहाड़ों पर है डेरा कई शहरों में तेरा बसेरा हर मंदिर में तेरे नजारे गुण गाए तेरे भक्त प्यारे भक्ति अपनी मुझे दिला दो शक्ति मेरी बिगड़ी बना दो इंद्र आदि देवता मिल सारे करे पुकार तुम्हारे द्वारे दुष्ट दैत्य जब चढ़ कर आए तू ही खंडा हाथ उठाए दासों को सदा बचाने आयी भक्त की आस पुजाने आयी मां स्कंदमाता की पूजा विधि     नवरात्रि के पांचवें दिन सुबह स्नान करके साफ-सुथरे वस्त्र पहनें.     पूजा स्थल पर मां स्कंदमाता की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें और गंगाजल छिड़ककर पूजा स्थल को शुद्ध करें.     एक कलश में जल भरकर उसमें कुछ सिक्के डालें और उसे पूजा स्थल पर रखें.     मां स्कंदमाता को रोली और कुमकुम का तिलक लगाएं.     माता को फूल, भोग और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करें.     मां स्कंदमाता को केले का भोग लगाएं.     माता को श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें.     अंत में श्रद्धापूर्वक मां स्कंदमाता की आरती करें और सुख-समृद्धि की कामना करें. मां स्कंदमाता ध्यान मंत्र  सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी या देवी सर्वभू‍तेषु मां स्कंदमाता रूपेण संस्थिता  नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

स्कॉर्पियो में गुप्त बॉक्स बनाकर रखे थे 1.29 करोड़ रुपये, तीन थानों की पुलिस ने 3 आरोपियों को पकड़ा

मंदसौर/गरोठ मंदसौर पुलिस ने बिना नंबर की स्कॉर्पियो से एक करोड़ 29 लाख कैश पकड़ा है। रकम कार में अलग-अलग बॉक्स बनाकर छिपाई गई थी। मामले में उत्तर प्रदेश के दो लोगों समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस पूछताछ कर रही है कि रकम किसकी है, कहां से आई और कहां ले जाई जा रही थी? इसके नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े होने की आशंका है। दरअसल, शामगढ़ थाना पुलिस को टिप मिली थी कि बरखेड़ा उदा गांव के सरपंच भवानी शंकर मीणा के घर दो संदिग्ध लोग पहुंचे हैं। उनकी स्कॉर्पियो में अवैध कैश है। सूचना पर शामगढ़, सुवासरा और भानपुरा थानों की संयुक्त टीम ने सरपंच के घर को घेर लिया। भवानी शंकर मीणा (49), मोहम्मद इस्लाम (47) और सूर्य प्रकाश गंगवार (59) को गिरफ्त में ले लिया। बारीकी से जांच की तो मिले गुप्त खाने इस्लाम और सूर्य प्रकाश उत्तर प्रदेश में बरेली के रहने वाले हैं। पुलिस ने उनसे एमपी आने की वजह पूछी तो वे गोलमोल जवाब देने लगे। इसके बाद पुलिस उनकी गाड़ी को शामगढ़ थाने ले आई। यहां मैकेनिक को बुलाकर कार की बारीकी से जांच कराई गई। इसमें गाड़ी के अंदर खास तौर पर बनाए गए गुप्त खानों से कुल 1 करोड़ 29 लाख रुपए कैश निकला। पुलिस ने आयकर विभाग को दी जानकारी पुलिस ने केस दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। नशे के नेटवर्क के बारे में तहकीकात की जा रही है। आयकर विभाग को भी इसकी जानकारी दे दी है।

धर्मनगरी राजनांदगांव में खाद्य विभाग की कार्रवाई, दुकानों पर मारे छापे

राजनांदगांव. क्वांर नवरात्रि पर्व 2026 के अवसर पर धर्मनगरी डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी के दर्शन हेतु आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम द्वारा मेला क्षेत्र में सतत एवं सघन निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। कुल 21 प्रतिष्ठानों पर दबिश दी गई है। मेला अवधि के दौरान श्रद्धालुओं को शुद्ध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य व पेय पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के दल द्वारा मेला प्रांगण में संचालित कुल 21 खाद्य प्रतिष्ठानों / दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान होटल, रेस्टोरेंट, मिष्ठान्न भंडार, चाट – समोसा ठेला, प्रसाद विक्रय केंद्रों एवं पेय पदार्थ स्टॉलों की जांच की गई तथा खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आवश्यक कड़े निर्देश जारी किए गए। खाद्य सामग्री का ढंका होना अनिवार्यः चाट, समोसा, जलेबी, मिठाई एवं अन्य खुले खाद्य पदार्थों को पूरी तरह ढंककर अथवा जालीदार शोकेस में ही रखने के निर्देश दिए गए, ताकि धूल, मक्खी एवं कीटों से बचाव हो सके। स्वच्छ पेयजल एवं खाद्य- ग्रेड बर्फ का उपयोग पेय पदार्थों (जूस, लस्सी, शरबत आदि) के निर्माण में केवल पीने योग्य स्वच्छ पानी और खाद्य-ग्रेड बर्फ का ही उपयोग करने की सख्त हिदायत दी गई। विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि मेला अवधि के दौरान खाद्य सुरक्षा दल द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है और संदेहास्पद खाद्य सामग्रियों के नमूने भी लिए जा रहे हैं। यदि किसी भी प्रतिष्ठान में दूषित, बासी अथवा अमानक खाद्य सामग्री का विक्रय पाया जाता है, तो संबंधित खाद्य कारोबारी के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।