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उत्तराखंड में बड़ा हादसा: ऋषिकेश-इंदौर बस में लगी आग, 8 लोगों की जिंदा जलकर मौत

इंदौर / दौसा ऋषिकेश से इंदौर आ रही एक निजी बस में टक्कर के बाद आग लगने से 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, राजस्थान के दौसा में हुए इस हादसे में मारे गए ज्यादातर लोग मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से बताए जा रहे हैं. वहीं, कई लापता ओंकारेश्वर के पास के भी बताए जा रहे हैं. इस भीषण दुर्घटना में 29 लोग घायल भी हुए. वहीं, इंदौर से मृतकों के परिजन राजस्थान के दौसा के लिए रवाना हो गए हैं।  मरने वालों में ज्यादातर इंदौर से ऋषिकेश से इंदौर चलने वाली हंस ट्रेवल्स की एक बस से कई यात्री इंदौर आने के लिए निकले थे लेकिन बुधवार अल सुबह दौसा के पास बस की टक्कर सामने चल रहे ट्रक से हो गई, जिसके बाद अचानक आग लग गई. आग लगने से बस में सवार 8 लोग जिंदा जल गए. वहीं, तकरीबन 29 घायल हो गए, जिनका इलाज दौसा स्थित सरकारी अस्पताल में चल रहा है. मृतकों में इंदौर की याचिका, नेहा, दिशा, सुवानंद, प्रदीप, महक, योगिनी, जितेंद्र शामिल हैं. इस बात की पुष्टि मृतकों के परिजनों द्वारा की जा रही है. वहीं, इंदौर के पास रहने वाली निर्मला, प्रियंका और भूमि घटना के बाद से लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही।  मृतकों के परिजनों का बुरा हाल, बोले- कुछ पता नहीं चल रहा पूरे घटनाक्रम की जानकारी इंदौर में रहने वाले अभिनव पांडे के परिजनों को लगी तो वह दौसा के लिए रवाना हुए हैं. उन्होंने ईटीवी भारत से कहा, '' घटना कैसे हुई और कौन कहां है इसे लेकर कुछ साफ जानकारी नहीं मिल पा रही है. इसलिए सभी घटनास्थल के लिए इंदौर से रवाना हो गए हैं और उसके बाद ही कुछ कह पाएंगे.'' प्रारंभिक तौर पर बताया जा रहा है कि जिन लोगों की इस पूरे घटनाक्रम में मौत हुई है वह ऋषिकेश और हरिद्वार घूमने के लिए गए हुए थे और देर रात वहां से बस के माध्यम से इंदौर के लिए निकले थे, तभी राजस्थान में हादसा हो गया।  दौसा एडिशनल एसपी योगेंद्र फौजदार ने बताया कि घटनाक्रम रात करीब 3 बजे के आसपास का है. हादसे में अब तक 6 लोगों के शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया जा चुका है. मामुली घायलों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है. उन्होंने बताया कि घायलों को अभी मृतकों के बारे में जानकारी नहीं दी गई है. एडिशनल एसपी ने बताया कि बस में 39 से अधिक सवारियां होने का अनुमान लगाया है. हालांकि इसकी अभी पुष्टि नहीं हो पाई है. हादसे के दौरान आगे चल ट्रेलर का चालक और खलासी भी घायल हुए हैं।  जानकारी के अनुसार, हादसा शुक्रवार तड़के करीब 3 बजे हुआ. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और देखते ही देखते उसमें आग लग गई. बस में फंसे 6 यात्रियों की जिंदा जलने से मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 2 अन्य यात्रियों ने सिर में गंभीर चोट लगने के कारण दम तोड़ दिया. हादसे की सूचना मिलते ही जिला पुलिस प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाया. वहीं, दौसा की जिला कलेक्टर डॉ. सौम्या झा का कहना है कि बस ऋषिकेश से इंदौर जा रही थी, तभी सुबह करीब 3:15 या 3:30 बजे जयपुर-बांदीकुई एक्सप्रेसवे पर टक्कर के बाद उसमें आग लग गई. करीब 24 या 25 लोग सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे और उन्हें बचा लिया गया. वे अभी ठीक हैं. कुल हताहतों की संख्या के बारे में हम इस समय केवल अनुमानित आंकड़ा ही बता सकते हैं, अंतिम संख्या अभी पक्की नहीं है. करीब सात से आठ लोगों की मौत हुई है।  समय पर पहुंचती फायर ब्रिगेड टीम तो कई जान बच जाती : इस दर्दनाक हादसे के बाद राहत कार्य को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े हो गए हैं. स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि दुर्घटना की सूचना पुलिस और एक्सप्रेसवे प्रबंधन को तत्काल दे दी गई थी, लेकिन करीब एक घंटे तक फायर ब्रिगेड मौके पर नहीं पहुंची. ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर राहत और बचाव कार्य शुरू हो जाता तो बस में फंसे कई यात्रियों की जान बचाई जा सकती थी. उनका दावा है कि मदद के इंतजार में यात्री बस के भीतर ही फंसे रहे, जिससे पांच लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई. फिलहाल पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है, जबकि घायलों का उपचार जारी है. प्रशासन दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रहा है।  घटना को लेकर CM और सांसद ने दुख जताया : हादसे को लेकर सीएम भजनलाल शर्मा ने एक्स पर पोस्ट पर दुख जताया. उन्होंने लिखा कि दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुई सड़क दुर्घटना में जनहानि का समाचार पीड़ादायक है. ईश्वर दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिजनों को यह अपार दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें. घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं. दौसा सांसद मुरारीलाल मीना ने भी दुख प्रकट किया है. साथ ही सरकार से पैसेंजरों की सुरक्षा को लेकर काम करने की बात कही है।  राज्यपाल और पूर्व सीएम ने भी व्यक्त की संवेदना : राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस पर हुए भीषण सड़क हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने ईश्वर से मृतकों की पुण्यात्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की है. साथ ही घायलों के जल्द स्वस्थ होने की भी कामना की है. हादसे को लेकर पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने भी एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुई एक भीषण सड़क दुर्घटना में कई लोगों की मृत्यु होने का समाचार बेहद दुखद है. इस हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं. ईश्वर उन्हें इस कठिन समय में संबल प्रदान करें एवं दिवंगतों की आत्मा को शांति प्रदान करें. घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं। 

CM मोहन यादव बोले- औद्योगिक विस्तार की नई इबारत लिख रहा है उज्जैन, निवेश को मिल रही नई रफ्तार

उज्जैन अब लिख रहा है औद्योगिक विस्तार की नई इबारत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव विक्रम उद्योगपुरी में 1200 करोड़ रूपए से अधिक की लागत से निर्मित पेप्सिको के फ्लेवर कंसनट्रेट निर्माण संयंत्र का किया वर्चुअली लोकार्पण उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि  दिन मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उज्जैन जो पहले से ही धार्मिक नगरी के रूप में पूरे विश्व में प्रसिद्ध है अब औद्योगिक विस्तार की भी नई इबारत भी लिख रहा है। हमारे लिए यह अत्यंत गौरवशाली क्षण है। राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों से मध्यप्रदेश ग्लोबल निवेश का हब बन रहा है। औद्योगिक विस्तारीकरण से प्रदेश के कई युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को उज्जैन के विक्रम उद्योगपुरी के ग्राम नरवर स्थित 1266 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित पेप्सिको फ्लेवर कंसनट्रेट निर्माण संयंत्र के लोकार्पण समारोह को भोपाल से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य के शासन काल में उज्जैन नगरी विश्व के सबसे समृद्ध और सम्पन्न व्यापारिक नगरों में गिनी जाती थी। हमारा लक्ष्य है कि उज्जैन नगरी उसी वैभव को पुन: प्राप्त करें। आस्था के साथ उज्जैन उद्योग निवेश और रोजगार का भी अग्रणी केंद्र बनें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग स्थापित कर मालवा की प्रगति को निरंतर गति दी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि के लिए सशक्त उद्यमी समृद्ध मध्यप्रदेश का सफल आयोजन किया जा रहा है। देश का फ्लेवर कंसनट्रेट का दूसरा संयंत्र उज्जैन में हुआ प्रारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पेप्सिको इंडिया होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड की इस अत्याधुनिक विनिर्माण इकाई का शुभारंभ होने पर कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि भारत में इस विशिष्ट और उच्च तकनीकी फ्लेवर कंसनट्रेट निर्माण के केवल 02 संयंत्र है, जिनमें से 01 आज से उज्जैन में प्रारंभ हो रहा है। विक्रम उद्योगपुरी में 22 एकड़ क्षेत्र में 1226 करोड़ रुपए के निवेश से इस संयंत्र की स्थापना की गई है। पूरी तरह ऑटोमेशन पर आधारित इस संयंत्र से 800 युवाओं को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है। यह नया संयंत्र भारत में कंपनी की विनिर्माण क्षमता को और मजबूत करेगा। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलने के साथ क्षेत्र में सहायक उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा। अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में पेप्सिको इंडिया और साउथ एशिया के सीईओ जागृत कोटेचा ने कहा कि हमारे लिए यह अत्यंत हर्ष का क्षण है कि हमारी कंपनी को बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में म.प्र. शासन के सहयोग से संयंत्र स्थापित करने का अवसर मिला। उन्होंने इसके लिये मुख्यमंत्री डॉ. यादव, म.प्र. शासन और एमपीआईडीसी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। राज्यसभा सदस्य बाल योगी उमेंश नाथ जी महाराज ने कहा कि उज्जैनवासियों के लिए आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे विशेष प्रयासों से औद्योगिक क्षेत्र में निरंतर प्रगति हो रही है। नवीन उद्योगों की स्थापना हो रही है। उज्जैन नगरी धार्मिक पहचान के साथ औद्योगिक और निवेश केंद्र के रूप में भी नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगी। कार्यक्रम में म.प्र. हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष ओम जैन, नगर निगम सभापती श्रीमती कलावती यादव, प्रबंध निर्देशक एमपीआईडीसी चंद्रमौली शुक्ला, एमपीआईडीसी उज्जैन के कार्यकारी निदेशक राजेश राठौर, पेप्सिको कंपनी के हरदीप भाटिया, कंपनी के सीईओ इंटरनेशनल बेवरेजेस यूजीन विलेमसेन, जनरल मैनेजर एवं सीनियर वाईस प्रेसिडेंट इवान नॉर्टन सहित नागरिक उपस्थित थे।  

रिश्वत मामले में सुंदर शाम अरोड़ा को राहत नहीं, हाई कोर्ट ने ट्रायल रोकने से किया इनकार

चंडीगढ़  पंजाब की पूर्व कांग्रेस सरकार में उद्योग मंत्री रहे सुंदर शाम अरोड़ा को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाई कोर्ट ने रिश्वत मामले में दर्ज एफआईआर और ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही को रद्द करने की मांग वाली उनकी याचिका को सिरे से खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि याचिका आधारहीन है और इसमें कोई मेरिट नहीं है। गौरतलब है कि सुंदर शाम अरोड़ा को वर्ष 2022 में पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने अपने सहायक महानिरीक्षक (एआईजी) को 50 लाख रुपये की रिश्वत देने के आरोप में गिरफ्तार किया था। आरोप था कि आय से अधिक संपत्ति के मामले से अपना नाम निकलवाने के लिए उन्होंने एआईजी को एक करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की थी। विजिलेंस के अनुसार, अरोड़ा पहली किस्त के तौर पर 50 लाख रुपये लेकर पहुंचे थे, तभी उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया था। इसी मामले में दर्ज एफआईआर और उसके आधार पर चल रही ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही को रद्द करने के लिए उन्होंने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन अदालत ने उनकी दलीलों को स्वीकार नहीं किया। हालांकि, इस मामले में सुंदर शाम अरोड़ा को पहले ही पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से नियमित जमानत मिल चुकी है।

पहली ही बारिश बनी आफत! लेह-मनाली हाईवे बंद, सैकड़ों फंसे, हिमाचल में भारी तबाही

शिमला  हिमाचल प्रदेश में मॉनसून की एंट्री के साथ ही कई इलाकों में भारी बारिश हुई है. इस वजह से कई सड़कें बंद हो गई हैं. वहीं, लाहौल स्पीति के जिस्पा में बीती रात को बादल फटलने से लेह मनाली नेशनल हाईवे बंद हो गया. इस वजह से सैंकड़ों गाड़ियां फंस गई।  मनाली की ओर से जाने वाले वाहनों को केलांग के पास ही रोक दिया गया था.  मंडी जिले के औट में शनि मंदिर के पास नालागढ़ की एक महिला पर पत्थर गिरने से मौत हो गई. एएसपी मंडी अभिमन्यू ने मौत की पुष्टि की और बताया कि सभी से अनुरोध है, सुरक्षित स्थानों पर ही वाहन रोकें और सुरक्षित यात्रा करें।  धराली-हर्षिल में पूरी रात जागकर नदी को ताक रहे लोग बीते साल वर्ष अगस्त में उत्तराखंड के धराली-हर्षिल क्षेत्र में आई विनाशकारी आपदा की भयावह यादें अभी ताजा हैं. उस आपदा में खीर गंगा से न केवल धराली बाजार और आसपास के क्षेत्र में भारी तबाही मची थी, बल्कि हर्षिल स्थित सेना का कैंप भी मलबे और बाढ़ की चपेट में आ गया था. कई सैनिक लापता हुए थे और बाद में कुछ जवानों के शव भी बरामद हुए. इसके बावजूद अब तक स्थायी सुरक्षात्मक कार्य नहीं होने से एक बार फिर पूरे हर्षिल क्षेत्र पर बड़ा संकट मंडरा रहा है।  इसी गंभीर चिंता को लेकर हर्षिल क्षेत्र के आठ ग्राम प्रधानों और पूर्व जनप्रतिनिधियों का प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा और जिलाधिकारी प्रशांत आर्य को ज्ञापन सौंपकर तत्काल प्रभावी सुरक्षा कार्य कराने की मांग की।  ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष की आपदा के बाद से हर्षिल के ऊपर बनी अस्थायी झील और भागीरथी नदी की बदलती धारा लगातार खतरा पैदा कर रही है. हाल ही में नदी का जलस्तर बढ़ने से जीएमवीएन का टीनशेड बह गया, कई बड़े पेड़ नदी में समा गए और कटाव लगातार बढ़ रहा है।  उन्होंने कहा कि अब जीएमवीएन परिसर, पुलिस थाना, लोक निर्माण विभाग का गेस्ट हाउस, सेब के बगीचे, आवासीय भवन, होटल और होमस्टे सीधे खतरे की जद में हैं. स्थिति इतनी गंभीर है कि रात में नदी का जलस्तर बढ़ते ही स्थानीय लोगों को पूरी रात चौकसी करनी पड़ रही है।  ग्रामीणों का कहना है कि यदि अब भी जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में हर्षिल का अस्तित्व ही खतरे में पड़ सकता है. ग्रामीणों ने प्रशासन को यह भी याद दिलाया कि अगस्त 2025 की धराली-हर्षिल आपदा में भारी जन-धन की क्षति हुई थी. अनेक होटल, मकान, सड़कें और अन्य ढांचे मलबे में समा गए थे. इस भीषण त्रासदी में लोगों की जानें गईं, बड़ी संख्या में लोग लापता हुए और हर्षिल स्थित सेना का कैंप भी आपदा की चपेट में आ गया, जहां राहत कार्य के लिए तैयार सैनिक भी मलबे में फंस गए थे. इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था।  जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वह बुधवार को हर्षिल क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण करेंगे और विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य शीघ्र शुरू कराने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।  बुधवार सुबह शिमला के मेहली शोघी रोड पर हैप्पी होम के पास लैंडस्लाइड से रोड़ बंद हो गई है।  जानकारी के अनुसार, बीते रोज मंगलवार को हिमाचल प्रदेश के सात जिलों में मॉनसून की एंट्री हुई और फिर बीती रात को प्रदेशभर में मूसलाधार बारिश देखने को मिली.जिला चंबा में चंबा-तीसा मुख्य सड़क पागोला नाला के पास बंद हो गई. यहां पर लगातार बारिश के कारण पागोला नाला के पास भूस्खलन और मलबा आने से बंद हो गई है और मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित है. सलूणी उपमंडल की ग्राम पंचायत लनोट के लनोट और फगड़ोग गांवों में मूसलाधार बारिश के कारण मलबा और पानी कई घरों में घुस गया, जिससे लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।  जिला चंबा में चंबा-तीसा मुख्य सड़क पागोला नाला के पास बंद हो गया।  हिमाचल प्रदेश पुलिस ने अपने सोशल मीडिया पेज पर जिस्पा में बादल फटने की जानकारी दी. हालांकि, इससे कोई जान माल का नुकसान नहीं हुआ है. लेकिन नाले में फ्लैश फ्लड की वजह से लेह मनाली हाईवे पर गाड़ियों की आवाजाही थम गई. गौर रहे कि जिस्पा मनाली से करीब 100 किमी दूर है।  इसके अलावा, मंडी जिले के धर्मपुर में भारी बारिश की वजह से सिद्धपुर धर्मपुर रोड हाजरी क्रशर के पास और धर्मपुर-जोगिन्द्रनगर सड़क भंडारी मिक्सर प्लांट के पास अवरुद्ध हो गया है. कांढापतन–रखेड़ा मार्ग पर सड़क पर मलबा गिरा है और आवागमन प्रभावित हुआ है।  फिलहाल, सड़कों की बहाली की कोशिश की जा रही है. वहीं, मंडी जिले में ब्य़ास नदी का जलस्तर बढ़ गया है. लगातार बर्फ पिघलने और बारिस की वजह से पानी का लेवल बढ़ा है और लोगों को नदी नालों के पास ना जाने की अपील की गई है. लाहौल स्पीति के जाहलमा नाले में फ्लैश फ्लड की वजह से लोगों को रस्सी डालकर पार करवाया जा रहा है. इस वजह से किसानों की मटर और गोभी की फसलें फंस गई हैं. लाहौल की पंचायत रानिका के पढ़ाक गांव में बाढ़ से लगभग 5 बीघा गोभी की फसल तबाह हो गई है. इससे पहले, मंगलवार को शिमला के चक्कर बाइपास के पास लैंडस्लाइड हुआ था।  पहली ही बारिश में 45 रोड बंद हिमाचल प्रदेश आपदा प्रबंधन ने बुधवार रिपोर्ट में बताया कि बारिश की वजह से 30 जून को 45 सड़कें बंद हो गई थी. इसमें सबसे अधिक 28 रोड मंडी, कुल्लू में 12, ऊना में दो और लाहौल स्पीति में एक रोड बंद थे, हालांकि, अब 16 रोड ही बहाल होने से बची हैं और बारिश की वजह से 84 ट्रांसफार्मर बंद हैं. उधर, बरसात का सीजन शुरू होते ही हिमाचल प्रदेश में धान की रिपोई का काम भी शुरू हो गया है।  ऊना में स्कूलों की टाइमिंग बदली ऊना जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में एक जुलाई से सामान्य समय के अनुसार पढ़ाई होगी. डीसी जतिन लाल ने मंगलवार को इस संबंध में आदेश जारी किए हैं और भीषण गर्मी के मद्देनज़र पांच मई को स्कूलों के समय में किए गए बदलाव संबंधी आदेश भी वापस ले लिए गए हैं. अब जिले के सभी प्री-प्राइमरी, प्राइमरी, मिडिल … Read more

CM मान आज महिलाओं के खातों में भेजेंगे सहायता राशि, ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ का होगा शुभारंभ

बरनाला. पंजाब विधानसभा चुनाव 2019 के समय आम आदमी पार्टी ने पांच गारंटियों को एलान किया था। इसी क्रम मे आज मुख्यमंत्री भगवंत मान सिंह मान धुरी में 'मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना' की शुरुआत करेंगे। इसके तहत आज से पंजाब की महिलाओं के खातों में एक हजार से 1500 रुपये ट्रांसफर होंगे।  मुख्यमंत्री वेब लिंक लॉन्च कर योजना का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। अब तक योजना के तहत करीब 50 लाख महिलाओं का पंजीकरण हो चुका है। जनरल वर्ग की महिलाओं को एक हजार रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1500 रुपये की सम्मान राशि दी जाएगी। बाद में रजिस्ट्रेशन कराने वाली महिलाओं को भी इस स्कीम का पूरा लाभ मिलेगा। सीएम मान आज तीन महीने की सम्मान राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर करेंगे। यह राशि 3500 से लेकर 4000 रुपये के बीच होगी। क्या है मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना? मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई एक महत्वपूर्ण महिला कल्याण स्कीम है। सीएम मान ने इस योजना का एलान पंजाब बजट 2026–27 के दौरान किया था। योजना का उद्देश्य राज्य की महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इस योजना के अंतर्गत पंजाब की सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये सम्मान राशि दी जाएगी। योजना की शुरुआत आज से होगी। कैसे मिलेंगे रुपये? योजना के अंतर्गत राशि महिलाओं के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाएगी। पंजाब राज्य की 18 वर्ष या अधिक आयु की महिलाएं इस योजना का लाभ ले सकती हैं। क्या है पात्रता? योजना का लाभ लेने के लिए महिला का पंजाब का निवासी होना आवश्यक है। महिला की उम्र 18 साल से अधिक होनी चाहिए। महिला का आधार कार्ड बैंक अकाउंट से लिंक होना चाहिए। जरूरी दस्तावेज महिला का आधार कार्ड। महिला की बैंक पासबुक की फोटोकॉपी। पंजाब का राशन कार्ड या वोटर आईडी कार्ड। मोबाइल नंबर- आधार कार्ड और बैंक पासबुक से लिंक होना चाहिए। आज 97 फीसदी महिलाओं को मिलेगा लाभ मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को घोषणा की बुधवार को दोपहर 12 बजे के बाद राज्य की महिलाओं के मोबाइल फोन पर खास संदेश आएगा। संदेश में लिखा होगा कि आपके खाते में 4,500 या 3,000 रुपये जमा हो गए हैं। यह राशि पंजाब सरकार की ओर से राज्य की महिलाओं के लिए शुरू की जा रही मांवां धीयां सत्कार योजना के तहत डाली जाएगी।

छत्तीसगढ़ में आज बैठकों का दिन, CM साय निभाएंगे कई शासकीय दायित्व, उच्च शिक्षा मंत्री करेंगे समीक्षा

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर में शासकीय कार्यों में व्यस्त रहेंगे. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वे सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री निवास से मंत्रालय के लिए रवाना होंगे. मुख्यमंत्री सुबह 11:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक मंत्रालय में विभिन्न विभागों से जुड़े शासकीय कार्यों का संचालन करेंगे. इसके बाद शाम 5:30 बजे मंत्रालय से मुख्यमंत्री निवास के लिए रवाना होंगे. उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आज रायपुर. उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा 1 जुलाई को सुबह 11 बजे मंत्रालय में विभागीय समीक्षा बैठक लेंगे. बैठक में रिक्त पदों पर भर्ती, पदोन्नति, लंबित विभागीय प्रकरणों के निराकरण, प्रभार व्यवस्था, पुलिस सत्यापन, प्रशासनिक कार्यों की प्रगति तथा समयबद्ध कार्रवाई की समीक्षा की जाएगी. इसके साथ ही विभिन्न विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, अनुसंधान व गुणवत्ता सुधार से जुड़े विषयों तथा लंबित मामलों के जल्द निस्तारण के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे. उप मुख्यमंत्री करेंगे छात्रों का तिलक लगाकर स्वागत बिलासपुर. जिले में नवीन शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के अवसर पर जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव का आयोजन 1 जुलाई को सवेरे सेजेस लाल बहादुर शास्त्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय स्थित पंडित देवकीनंदन दीक्षित सभा भवन में किया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू होंगे. कार्यक्रम की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने रहे. कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पर विधायक अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, अटल श्रीवास्तव और दिलीप लहरिया शामिल हुए. इसके अलावा महापौर पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी और जिला पंचायत उपाध्यक्ष ललिता संतोष कश्यप भी कार्यक्रम में उपस्थित हुए. शाला प्रवेशोत्सव के दौरान विद्यार्थियों का तिलक लगाकर एवं पुष्प भेंट कर आत्मीय स्वागत किया. विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करने के साथ ही नियमित अध्ययन एवं अनुशासन का संदेश दिया. 

CG School Education: सहायक शिक्षक से प्राचार्य तक, शिक्षा सत्र 2026-27 के अंत तक पुनर्नियुक्ति मंजूर

रायपुर. शासकीय एवं शत-प्रतिशत अनुदान प्राप्त शालाओं में कार्यरत शिक्षक संवर्ग (सहायक शिक्षक से लेकर प्राचार्य तक) को शिक्षा सत्र 2026-27 के अंत तक पुनर्नियुक्ति प्रदान करने की स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी है। लोक शिक्षण संचालनालय के प्रस्ताव पर शासन द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया है। आदेश में संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय को निर्देशित किया गया है कि पुनर्नियुक्ति संबंधी जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप पात्र शिक्षकों को शिक्षा सत्र 2026-27 के अंत तक पुनर्नियुक्ति प्रदान करने की आवश्यक कार्रवाई अपने स्तर पर शीघ्र सुनिश्चित करें। शासन के इस निर्णय से शासकीय एवं शत-प्रतिशत अनुदान प्राप्त विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था की निरंतरता बनी रहेगी तथा विद्यार्थियों की पढ़ाई निर्बाध रूप से संचालित हो सकेगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने इसके लिए मंजूरी जारी कर दी है। मंत्रालय से जारी आदेश के मुताबिक, लोक शिक्षण संचालनालय को कहा गया है कि तय नियमों के अनुसार पात्र रिटायर शिक्षकों को जल्द स्कूलों में फिर से पढ़ाने की व्यवस्था की जाए। शिक्षकों की कमी दूर, पढ़ाई नहीं होगी प्रभावित इस फैसले का फायदा सरकारी और 100% अनुदान प्राप्त स्कूलों को मिलेगा। इससे जहां शिक्षकों की कमी से पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी, वहीं छात्रों की पढ़ाई भी बिना रुकावट जारी रह सकेगी। अब सभी जिलों में पात्र शिक्षकों को सत्र 2026-27 के आखिर तक स्कूलों में पढ़ाने के लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

चंडीगढ़ के स्कूलों को मिली धमकी भरी ईमेल, हरियाणा CM भी निशाने पर; जांच में कुछ नहीं मिला

चंडीगढ़  चंडीगढ़ के स्कूलों और हरियाणा सीएम नायब सैनी के दफ्तर को बम से उड़ाने की धमकी आई है। यह धमकी मेल पर आई है। जिसके बाद पुलिस अलर्ट पर आ गई है। चंडीगढ़ के स्कूल आज ही गर्मी की छुटि्टयों के बाद खुले है।इसके बाद यह मेल आई है।  इसके बाद एक-एक कर सेक्टर-37बी और 37डी के गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेक्टर-38 के विवेक हाई स्कूल, सेक्टर-26 के सेक्रेड हार्ट स्कूल और स्ट्रॉबेरी फील्ड्स हाई स्कूल, सेक्टर-40 के डीपीएस तथा सेक्टर-9 के कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल को भी इसी तरह के धमकी भरे ई-मेल मिलने की सूचना मिली। मेल में कहा कि बम धमाके, आईडी ड्रोन। चंडीगढ़ के सारे स्कूलों में दोपहर 1.11 बजे, जबकि सीएम सैनी हरियाणा आफिस दोपहर 3.11 बजे का समय दिया है। वहीं, एक दिलचस्प बात यह है कि इस बार यह धमकी मेल जीमेल से नहीं, जबकि रेडिफमेल से आई है। अमित शाह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर का भी जिक्र धमकी भरे ई-मेल में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर को भी निशाना बनाया गया है। इसके साथ ही दावा किया गया है कि रेलवे ट्रैक भी उनके निशाने पर हैं। लोगों से रेल यात्रा नहीं करने और 15 अगस्त को अपने बच्चों को परेड में नहीं भेजने की धमकी भी दी गई है। अब जानिए मेल में क्या लिखा है चंडीगढ़ बनेगा खालिस्तान 15 अगस्त पंजाब सिखों का आजादी दिवस नहीं हरियाणा सीएम सैनी को ठोकना बम धमाका – आईडी, ड्रोन चंडीगढ़ स्कूल्स – 1.11 बजे सीएम सैनी हरियाणा ऑफिस – 3.11 बजे खालिस्तान बच्चों के खिलाफ नहीं है – अपने बच्चों को बचाएं कोई भी बच्चा 15 अगस्त को परेड में न जाए, जिस दिन चंडीगढ़ हरियाणा बोलेगा खालिस्तान, खालिस्तान। हरियाणा रेल ट्रैक निशाने पर अंबाला से दिल्ली ट्रेन सफर न करो जंग हिंदी, पंजाब दी है – इस बीच हरियाणा सीएम सैनी – ठोका, साथ ही जयशंकर, अमित शाह जुलाई – अगस्त 15 आईडी मनुखी हरियाणा, चंडीगढ़ पर कब्जा खालिस्तान दा खालिस्तान नेशनल आर्मी इंजीनियर गुरखंक सिंह रुकन वाला डॉ. गुरु निरवैर सिंह खान राजदा 2026 में चंडीगढ़ के स्कूलों को कब-कब मिली धमकी 21 मई 2026: चितकारा, सेंट स्टीफंस और सेक्रेड हार्ट समेत कई बड़े स्कूलों के साथ मुख्यमंत्री कार्यालय और मेयर कार्यालय को भी ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली। 16 अप्रैल 2026: चंडीगढ़ के 4 से 5 स्कूलों को खालिस्तान के नाम से धमकी भरे ई-मेल भेजे गए। 5-6 अप्रैल 2026: चंडीगढ़ के कुछ स्कूलों के साथ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी को भी बम धमाके की धमकी मिली। 11 फरवरी 2026: चंडीगढ़ और मोहाली के कई निजी स्कूलों को सुबह-सुबह धमकी भरे ई-मेल भेजे गए। 28 जनवरी 2026: साल की शुरुआत में चंडीगढ़ के 26 से अधिक स्कूलों को एक साथ बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिसके बाद स्कूलों को खाली कराकर व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। गिरफ्तार करने का दावा कर चुकी पुलिस चंडीगढ़ पुलिस ने पंजाब सिविल सचिवालय, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट और शहर के नामी स्कूलों को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकियां भेजने के मामले में पश्चिम बंगाल निवासी सौरव बिस्वास को तिहाड़ जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर गिरफ्तार किया था। पुलिस ने दावा किया था कि वही चंडीगढ़ में ई-मेल के जरिए धमकी भरे संदेश भेजता था। हालांकि, अब एक बार फिर इसी तरह की धमकियां मिलने लगी हैं। ऐसे में पुलिस के पहले किए गए दावों पर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस स्टेशन-3 की ओर से बताया गया था कि आरोपी डिजिटल कंटेंट क्रिएटर है और डार्क वेब पर ई-मेल आईडी से जुड़ा डेटा बेचता था। पुलिस के अनुसार, वह विभिन्न संस्थानों को धमकी भरे ई-मेल भेजने के साथ-साथ फर्जी ई-मेल आईडी और वीपीएन का इस्तेमाल कर अपनी पहचान छिपाने में भी मदद करता था। जांच में यह भी सामने आया था कि वह ई-मेल से संबंधित डेटा सीमा पार बैठे लोगों को करीब 24 हजार रुपए में बेचता था।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की गरिमामयी उपस्थिति में रामगढ़ महोत्सव-2026 का भव्य समापन

रायपुर : रामगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक विरासत को विश्व पटल पर दिलाएंगे नई पहचान – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की गरिमामयी उपस्थिति में रामगढ़ महोत्सव-2026 का भव्य समापन रामगढ़ के विकास के लिए 1 करोड़ रुपये की घोषणा, उदयपुर एवं डूमरडीह को मिलाकर नगर पंचायत बनाने की घोषणा मुख्यमंत्री ने 6 पहाड़ी कोरवा बच्चों का कराया शाला प्रवेश, टूरिज्म इन्फ्लूएंसर्स का किया सम्मान रायपुर रामगढ़ केवल एक सांस्कृतिक आयोजन का केंद्र नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परंपरा, प्रकृति पूजा, आस्था, इतिहास और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रतीक है। सरगुजा की यह पवित्र भूमि प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर है। अनेक प्राचीन ग्रंथों में रामगढ़ का उल्लेख मिलता है, जो इसकी ऐतिहासिक महत्ता को प्रमाणित करता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सरगुजा जिले के ऐतिहासिक दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव-2026 के  समापन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जनश्रुतियों के अनुसार त्रेतायुग में वनवास के दौरान भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण ने इस क्षेत्र में समय व्यतीत किया था। सीताबेंगरा गुफा आज भी श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र है तथा रामगढ़ की हवाओं और शिलाओं में रामायण की स्मृतियां आज भी जीवंत हैं। उन्होंने कहा कि सीताबेंगरा गुफा भारत की सबसे प्राचीन नाट्यशालाओं में से एक मानी जाती है, जहां हजारों वर्ष पूर्व सांस्कृतिक आयोजन और नाट्य प्रस्तुतियां होती थीं। वहीं जोगीमारा गुफा अपनी प्राचीन भित्तिचित्र कला के लिए विश्वविख्यात है। हाथीपोल जैसी प्राकृतिक शैल संरचना तथा यहां के प्राचीन शिल्प हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साक्षी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकवि कालिदास द्वारा मेघदूतम् की रचना इसी क्षेत्र में किए जाने का उल्लेख मिलता है, जिससे रामगढ़ का साहित्यिक महत्व और अधिक बढ़ जाता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार रामगढ़, सीताबेंगरा और जोगीमारा जैसी ऐतिहासिक धरोहरों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। यहां पर्यटक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक इस क्षेत्र के इतिहास, संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य से परिचित हो सकें। उन्होंने कहा कि जिस भव्यता के साथ इस वर्ष रामगढ़ महोत्सव का आयोजन हुआ है, उसी भव्यता के साथ यह महोत्सव प्रतिवर्ष आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में सरगुजा जिले में 2,387 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। प्रदेश में लोगों के पक्के आवास का सपना तेजी से साकार हो रहा है। 18 लाख परिवारों को प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति प्रदान की गई है तथा प्रतिदिन लगभग 1,600 आवास बनकर तैयार हो रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस के कारण बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता मिली है। पुनर्वासित नक्सलियों तथा विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) परिवारों को भी आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किसानों से 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। 13 लाख किसानों को दो वर्षों का बकाया बोनस प्रदान किया गया है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत महिलाओं के खातों में प्रतिमाह 1,000 रुपये अंतरित किए जा रहे हैं। रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 49 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या दर्शन कराया गया है। तीर्थयात्रा दर्शन योजना के अंतर्गत देश के 19 प्रमुख तीर्थस्थलों को शामिल किया गया है, जहां वरिष्ठ नागरिक अपनी इच्छा के अनुसार दर्शन कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए विभिन्न विभागों में लगातार भर्ती प्रक्रिया संचालित की जा रही है। आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रारंभ की गई है, जिसके माध्यम से लोगों की शिकायतों का प्रभावी समाधान किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रामगढ़ के विकास के लिए 1 करोड़ रुपये प्रदान करने की घोषणा की। साथ ही क्षेत्रवासियों की मांग पर उदयपुर एवं डूमरडीह को मिलाकर नगर पंचायत के गठन की घोषणा भी की। इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि रामगढ़ महोत्सव हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोककला और गौरवशाली परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन का सशक्त माध्यम है। यह आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने के साथ-साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का कार्य कर रहा है। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने सभी को रामगढ़ महोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लगभग 50 वर्षों से आयोजित हो रहा यह महोत्सव ऐतिहासिक, पौराणिक और पुरातात्विक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने पहाड़ी कोरवा बच्चों का कराया शाला प्रवेश, टूरिज्म इन्फ्लूएंसर्स को किया सम्मानित मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंच से विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय के छह बच्चों का शाला प्रवेश कराया। उन्होंने बच्चों को तिलक लगाकर मिठाई खिलाई तथा स्कूल बैग, वॉटर बॉटल सहित अध्ययन सामग्री प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने 26 से 30 जून तक सरगुजा जिले के विभिन्न पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर विशेष डॉक्यूमेंट्री तैयार करने वाले टूरिज्म इन्फ्लूएंसर्स को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया। समापन समारोह में विधायक प्रबोध मिंज, विधायक रामकुमार टोप्पो, विधायक श्रीमती शकुंतला पोर्ते, विधायक श्रीमती उद्देश्वरी पैंकरा, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर सहित अन्य विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

मुंबई में मूसलाधार बारिश का कहर, अंधेरी सबवे बंद, ठाणे सहित कई क्षेत्रों में IMD की चेतावनी

मुंबई  मुंबई में मॉनसून पूरी तरह एक्टिव है. पिछले कई दिनों से लगातार मुंबई में दिन की शुरुआत बारिश के साथ हो रही है. बारिश से हुए जलभराव के कारण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ी है. हालांकि, लोकल ट्रेन सामान्य रूप से चल रही हैं. भारत मौसम विभाग (IMD) ने अंधेरी, ठाणे, पालघर, रायगढ़ और मुंबई के कई हिस्सों में बारिश को लेकर येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।  मुंबई में जारी बारिश की वजह से कई इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आ रही है. सड़कें तालाब बन गई हैं और कई इलाकों में जलभराव की वजह से ट्रैफिक ठप है. वहीं, कुछ जगहों पर बारिश की वजह से सड़कों पर गाड़ियों की रफ्तार सुस्त है।  लोगों को घरों से निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. अंधेरी सबवे, मालाड, जोगेश्वरी, कुरला, मुलुंड और कांजुरमार्ग जैसे इलाकों में भारी जलभराव की स्थिति है. बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने जलभराव वाले इलाकों से बचने की सलाह दी है।  वहीं, अंधेरी सबवे (अंडरपास) में फिर इतना पानी भर गया है कि आज सुबह 8 बजे के करीब उसे यातायात के लिए बंद कर दिया गया है. बता दें कि अंधेरी सबवे मुंबई का एक ऐसा रास्ता है जो पूर्व और पश्चिम को जोड़ता है. हर रोज हजारों गाड़ियां और लोग यहां से गुजरते हैं लेकिन मॉनसून की बारिश में अंधेरी सबवे में इतना जलजमाव होता है कि इसे बंद करना पड़ता है।  मौसम विभाग ने बुधवार, 1 जुलाई को भी मुंबई समेत महाराष्ट्र के अधिकतर इलाकों में मध्यम से बारिश की अनुमान जताया है. आसमान में बादल छाए हैं और कुछ जगहों पर मध्यम से भारी बारिश हो रही है. IMD के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक मौसम की यही स्थिति बनी रह सकती है।  1 जुलाई के लिए मुंबई के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।    बता दें कि मुंबई में इस बार मॉनसून सामान्य तारीख से 13 दिन देर से आया, लेकिन अब पूरी तरह एक्टिव है. शहर के जलाशयों में पानी की भरपाई हो रही है, जो अच्छी खबर है लेकिन भारी बारिश से आम जनजीवन प्रभावित है. मौसम की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में 5 से 6 जुलाई तक मध्यम से भारी बारिश जारी रहने की संभावना है।