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क्रिकेट के ‘घर’ में पुजारा का सम्मान, भारत के दिग्गज बल्लेबाज बने MCC के लाइफ मेंबर

नई दिल्ली  भारत के टेस्ट क्रिकेट के भरोसेमंद बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा को क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) की मानद आजीवन सदस्यता से सम्मानित किया गया है. यह सम्मान उन खिलाड़ियों को दिया जाता है जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने प्रदर्शन और योगदान से विशेष पहचान बनाई हो।  इस उपलब्धि पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए पुजारा ने कहा, 'एमसीसी की मानद आजीवन सदस्यता मिलना मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है. यह मेरे करियर के सबसे यादगार पलों में से एक है. हर क्रिकेटर लॉर्ड्स में खेलने का सपना देखता है, क्योंकि इसे क्रिकेट का घर कहा जाता है. ऐसे प्रतिष्ठित क्लब का आजीवन सदस्य बनना मेरे लिए गर्व और सौभाग्य की बात है।  उन्होंने आगे कहा कि जब वर्षों की मेहनत और खेल के प्रति समर्पण को इस तरह की पहचान मिलती है, तो वह एहसास बेहद खास होता है. पुजारा ने कहा कि यह सम्मान उन्हें आगे भी क्रिकेट के प्रति अपना योगदान जारी रखने के लिए प्रेरित करेगा।  अपने शांत स्वभाव, धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी और भारत के लिए कई यादगार टेस्ट पारियां खेलने वाले पुजारा ने लंबे समय तक टीम इंडिया की बल्लेबाजी की रीढ़ की भूमिका निभाई. अब एमसीसी की मानद आजीवन सदस्यता उनके शानदार करियर में एक और प्रतिष्ठित उपलब्धि बन गई है।  चेतेश्वर पुजारा का अंतरराष्ट्रीय करियर  अंतरराष्ट्रीय डेब्यू: 2010 (ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट) आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच: 2023 (ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल) अंतरराष्ट्रीय करियर: 2010 से 2023 कुल टेस्ट मैच: 103 कुल रन: 7195 टेस्ट क्रिकेट में 19 शतक और 35 अर्धशतक सर्वोच्च टेस्ट स्कोर: 206* रन वनडे मैच: 5  कुल रन: 51 2018-19 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में 521 रन बनाकर भारत की ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत के हीरो रहे। 

भागलपुर के 384 गांवों के विकास को लेकर 20 वर्षीय महायोजना तैयार होगी।

पटना  राज्य सरकार ने भागलपुर शहर और उसके आसपास के क्षेत्रों के सुनियोजित विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए भागलपुर आयोजना क्षेत्र का विस्तार कर दिया है। विस्तारित क्षेत्र के लिए अगले 20 वर्षों की महायोजना (मास्टर प्लान) तैयार की जाएगी। इसका उद्देश्य शहर के साथ आसपास के ग्रामीण और तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों का समेकित विकास सुनिश्चित करना है। पहले आयोजना का क्षेत्रफल था 218.28 वर्ग किमी अब 359 वर्ग किमी नगर विकास विभाग के अनुसार पहले अधिसूचित भागलपुर आयोजना क्षेत्र का क्षेत्रफल 218.28 वर्ग किलोमीटर था। विस्तार के बाद इसमें 140.72 वर्ग किलोमीटर नया क्षेत्र जोड़ दिया गया है। अब कुल आयोजना क्षेत्र 359 वर्ग किलोमीटर का हो गया है। महायोजना के तहत आवास, सड़क, जल निकासी, पेयजल, परिवहन, सार्वजनिक सुविधाओं, हरित क्षेत्र और भविष्य की शहरी जरूरतों को ध्यान में रखकर विकास की रूपरेखा तैयार की जाएगी। इससे अनियोजित निर्माण पर नियंत्रण लगाने और शहर के संतुलित विस्तार में मदद मिलेगी। सबसे अधिक गांव नाथनगर प्रखंड के, कुल 384 गांवों का होगा विकास विस्तारित आयोजना क्षेत्र में भागलपुर नगर निगम के अलावा नगर पंचायत सबौर और नगर पंचायत हबीबपुर भी शामिल हैं। इसके साथ दो सेंसस टाउन तथा कुल 384 राजस्व गांव इस योजना का हिस्सा होंगे। इनमें सबसे अधिक 144 गांव नाथनगर प्रखंड के हैं। इसके अलावा जगदीशपुर के 90, सबौर के 60, शाहकुंड के 42, सुल्तानगंज के 33, गोराडीह के 11 और नारायणपुर के चार राजस्व गांव शामिल किए गए हैं। सरकार ने आयोजना क्षेत्र की नई सीमाएं भी निर्धारित कर दी हैं। साथ ही नक्शा, शामिल शहरी निकायों और राजस्व गांवों की सूची तथा आबादी का विवरण भी स्वीकृत कर दिया है। एक नजर में     कुल आयोजना क्षेत्र: 359 वर्ग किमी     पहले का क्षेत्रफल: 218.28 वर्ग किमी     नया जोड़ा गया क्षेत्र: 140.72 वर्ग किमी     शहरी निकाय: 3 (भागलपुर नगर निगम, सबौर व हबीबपुर नगर पंचायत)     सेंसस टाउन: 2     राजस्व गांव: 384     महायोजना की अवधि: अगले 20 वर्ष या विस्तारित अवधि     उद्देश्य: भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों का समेकित एवं सुनियोजित शहरी विकास।  

अरुण साव ने जारी किए ₹104.54 करोड़, महापौर-अध्यक्ष और पार्षद निधि से होंगे शहरी विकास कार्य

नगरीय निकायों को महापौर, अध्यक्ष और पार्षद निधि के 104.54 करोड़ जारी उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने निधि का सदुपयोग कर शहरी आबादी को समुचित लाभ पहुंचाने के दिए निर्देश रायपुर  राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने नगर निगमों में महापौर निधि, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में अध्यक्ष निधि तथा तीनों तरह के निकायों में पार्षद निधि के रूप में 104 करोड़ 54 लाख 25 हजार रुपए जारी किए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने नगरीय निकायों को ये राशि जारी कर दी है। श्री साव ने नगरीय निकायों को इन निधियों का सदुपयोग करते हुए राज्य की शहरी आबादी तक योजनाओं का समुचित लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। इस राशि से निकायों में मूलभूत विकास के कार्य किए जाएंगे। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के निर्देश पर चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नगर निगमों में महापौर निधि तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों में अध्यक्ष निधि की 50-50 प्रतिशत राशि की प्रथम किस्त के रूप में कुल 31 करोड़ 16 लाख 25 हजार रुपए जारी किए गए हैं। तीनों तरह की नगरीय निकायों में पार्षद निधि के रूप में कुल 73 करोड़ 38 लाख रुपए भी जारी किए गए हैं।  विभाग द्वारा 14 नगर निगमों में महापौर निधि के 10 करोड़ 12 लाख 50 हजार रुपए, 57 नगर पालिकाओं में अध्यक्ष निधि के 11 करोड़ 6 लाख 25 हजार रुपए तथा 121 नगर पंचायतों में अध्यक्ष निधि के 9 करोड़ 97 लाख 50 हजार रुपए जारी किए गए हैं। वहीं पार्षद निधि के प्रथम किस्त (50 प्रतिशत) के रूप में नगर निगमों को 21 करोड़ 84 लाख रुपए, नगर पालिकाओं को 24 करोड़ 34 लाख 50 हजार रुपए एवं नगर पंचायतों को 27 करोड़ 19 लाख 50 हजार रुपए जारी किए गए हैं।

हरियाणा के IPS दीपक गहलावत गिरफ्तार, नकली दवा रैकेट में रिश्वत लेने का आरोप

चंडीगढ़. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए हरियाणा के आईपीएस (IPS) अधिकारी दीपक गहलावत को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि यह गिरफ्तारी नकली दवा बनाने वाले एक बड़े रैकेट की जांच से जुड़े तीन करोड़ रुपये की कथित रिश्वतखोरी मामले में की गई है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, कथित अपराध के समय आईपीएस दीपक गहलावत नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) में रीजनल डायरेक्टर (क्षेत्रीय निदेशक) के पद पर तैनात थे। आरोप है कि उन्होंने इस मोटी रिश्वत के बदले जांच एजेंसी (CBI) के अधिकारियों पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करने का दावा किया था। उन्होंने पुडुचेरी के एक व्यवसायी को भरोसा दिलाया था कि वह इस प्रभाव के जरिए नकली दवा रैकेट की CBI जांच का रुख उसके पक्ष में मोड़ देंगे। जांच एजेंसी इस मामले में रिश्वत के पैसों के लेनदेन (मनी ट्रेल) और इस रैकेट में शामिल अन्य संभावित अधिकारियों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है। कोर्ट में पेशी के बाद आगे की रिमांड और पूछताछ की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

500 वाहनों पर ट्रांसपोर्ट विभाग की कार्रवाई, अमृतसर के ट्रांसपोर्टरों में मचा हाहाकार

अमृतसर. ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन लेते हुए सैक्रेटरी आर.टी.ए. दफ्तर की तरफ से जिले के 500 से ज्यादा वाहनों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है जिससे ट्रांसपोर्टरों में हाहाकार मचा हुआ है। जानकारी के अनुसार ट्रांसपोर्ट विभाग की तरफ से सख्त आदेश दिए गए हैं कि जो ट्रांसपोर्टर विभाग की तरफ से लगाए गए जुर्माने व टैक्स को समय पर अदा नहीं करते हैं उनको ब्लैकलिस्ट किया जाए जिसके बाद सैक्रेटरी आर.टी.ए. की तरफ से यह कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई न सिर्फ जिला अमृतसर बल्कि अन्य जिलों में भी की गई है ताकि सरकारी रैवेन्यू को नुकसान से बचाया जा सके। 90 दिन बाद वाहन ब्लैकलिस्ट  अधिकारियों ने बताया कि जब किसी वाहन का चालान किया जाता है और वाहन का मालिक यदि 90 दिनों के भीतर जुर्माना नहीं भरता है और 90 दिन पार हो जाते हैं तो संबंधित वाहन को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाता है। ब्लैकलिस्ट होने के बाद जब तक जुर्माना अदा करके विभाग की तरफ से एन.ओ.सी. नहीं दी जाती तब तक संबंधित वाहन को किसी भी प्रकार का परमिट, आर.सी., रिन्यू आदि किसी भी प्रकार की सेवा नहीं दी जाती है। ट्रांसपोर्टर ने किया हंगामा नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को भारी भरकम जुर्माने किए जा रहे हैं जिसके रोष स्वरूप एक ट्रांसपोर्टर बख्शीश सिंह की तरफ से आर.टी.ए. दफ्तर पर आकर हंगामा किया गया। ट्रांसपोर्टर का आरोप था कि उसके वाहन को विभाग की तरफ से ब्लैकलिस्ट किया गया है जबकि उसने सभी जुर्माने अदा कर रखे हैं। दूसरी तरफ सैक्रेटरी आर.टी.ए. हितेश्वर गुप्ता ने बताया कि संबंधित ट्रांसपोर्टर के गुजरात में चालान हुए हैं जिसके चलते ट्रासंपोर्टर के वाहन को ब्लैकलिस्ट वाली लिस्ट से रिमूव नहीं किया जा सकता है। गुप्ता ने कहा कि जिस वाहन का तय समय अवधि में जुर्माना अदा कर दिया जाता है उसको ब्लैकलिस्ट वाले पोर्टल से रिमूव कर दिया जाता है। वीडियो कोच बसों व स्कूल वैन्स पर पैनी नजर ट्रांसपोर्ट विभाग की अमृतसर से दिल्ली, अमृतसर से जम्मू-कटड़ा, अमृतसर से राजस्थान व अन्य रूटों पर चलने वाली वीडियो कोच बसों पर भी पैनी नजर है। सैक्रेटरी आर.टी.ए. सहित ए.डी.टी.ओ. व अन्य अधिकारियों की तरफ से नाकाबंदी करके वीडियो कोच बसों की चैकिंग की जा रही है और चोर रास्तों पर भी पैनी नजर रखी जा रही है। जो बसें अन्य राज्यों में रजिस्टर्ड हैं उनके परमिट भी चैक किए जा रहे हैं। दूसरी तरफ से स्कूलों में जून महीनों की हुई छुटि्टयों के दौरान विभाग की तरफ से स्कूल प्रबंधकों को निर्देश दिए गए थे कि सेफ स्कूल वैन पॉलिसी के नियमानुसार स्कूल वैन्स व बसों को तैयार किया जाए जिसके तहत आने वाले दिनों में स्कूल वैन्स की चैकिंग अभियान शुरू किया जाएगा और उन स्कूल वैन्स को बंद किया जाएगा जो सेफ स्कूल वैन्स के नियमों का पालन नहीं करती हैं। ई-सेवा पोर्टल भी खराब  पिछले एक सप्ताह से जिला प्रबंधकीय दफ्तर स्थित सदर सेवा केन्द्र व अन्य सेवा केन्द्रों में ई-सेवा पोर्टल खराब चल रहा है और सर्वर डाऊन होने के कारण ट्रांसपोर्ट विभाग सहित अन्य सभी विभागों के काम नहीं हो रहे हैं। पता चला है कि सरकार की तरफ से एक नया पोर्टल भी लांच किया जा रहा है। फिलहाल लोगों को इन दिनों काफी परेशानी हो रही है। ट्रैफिक नियमों का पालन करें और जुर्मानों से बचें ट्रांसपोर्टर  जिला अमृतसर के सैक्रेटरी आर.टी.ए. हितेश्वर गुप्ता ने ट्रांसपोर्टरों से अपील की कि ट्रैफिक नियमों का पालन करते हुए वाहन चलाएं और जुर्मानों से बचें। जिन वाहनों को ब्लैकलिस्ट किया गया है उसका जुर्माना अदा होने के बाद ही विभागीय सुविधाएं मिलेंगी।

नामांतरण के लिए मांगी रिश्वत, कोंडागांव में तहसीलदार के रीडर को ACB ने रंगे हाथों दबोचा

कोंडागांव. फरसगांव तहसील कार्यालय में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। एसीबी ने तहसीलदार के रीडर मुकेश रंगारी को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया। आरोप है कि नामांतरण के बदले 70 हजार रुपये की मांग की गई थी। शिकायतकर्ता पहले ही दो किश्तों में 35 हजार रुपये दे चुका था। शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। तीसरी किश्त के रूप में 10 हजार रुपये लेते आरोपी को पकड़ लिया गया। कार्रवाई के बाद तहसील कार्यालय में हड़कंप मच गया। एसीबी आरोपी से पूछताछ कर पूरे मामले की जांच कर रही है। अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में लाई जा रही है। भ्रष्टाचार के खिलाफ इसे क्षेत्र की महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। कार्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी सवाल तेज हो गए हैं। मामले में नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

भोपाल से आदेश जारी, कर्मचारियों और अधिकारियों का 5% DA बढ़ा; जुलाई 2025 से मिलेगा एरियर

भोपाल  लगातार बढ़ती महंगाई से अन्य लोगों के साथ ही सरकारी कर्मचारी, अधिकारी भी परेशान हैं। ऐसे समय में नगर निगम भोपाल ने अपने अमले को खासी राहत दी है। निगम ने अपने हजारों अधिकारियों और कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में वृद्धि कर दी है। नगर निगम प्रशासन ने डीए में 5 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की है। महंगाई भत्ते की बढ़ी हुई दरें 1 जुलाई 2025 से लागू की जाएंगी। इस सबंध में आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। आदेश में सेवानिवृत्त कर्मचारियों, अधिकारियों को एरियर देने की बात कही गई है। जिनका निधन हो चुका है उनके परिजनों को एरियर दिया जाएगा। इससे पहले राज्य शासन द्वारा कर्मचारियों, अधिकारियों के डीए में वृद्धि कर चुकी है। मध्यप्रदेश में डीए फिर बढ़ाया गया है। अब भोपाल नगर निगम के हजारों अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए राज्य शासन ने बड़ी राहत दी है। सातवें वेतनमान प्राप्त कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में पांच प्रतिशत बढ़ोतरी के आदेश जारी कर दिए हैं। महंगाई भत्ते में यह बढ़ोतरी राज्य शासन के वित्त विभाग के निर्देशों के अनुरूप लागू की गई है। डीए में पांच फीसदी बढ़ोत्तरी से कर्मचारियों को खासा लाभ होगा। भोपाल नगर निगम के इस निर्णय के बाद अब कर्मचारियों को 252 प्रतिशत के स्थान पर 257 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिलेगा। नगर निगम के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, महंगाई भत्ते की यह बढ़ी हुई दरें एक जुलाई से प्रभावशील मानी जाएंगी। यह राशि मई 2026 से अक्टूबर 2026 तक कर्मचारियों के नियमित वेतन के साथ जोड़कर दी जाएगी। महंगाई भत्ते के साथ कर्मचारियों को एरियर का भी लाभ मिलेगा नगर निगम के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार बढ़े हुए महंगाई भत्ते के साथ कर्मचारियों को एरियर का भी लाभ मिलेगा। जो कर्मचारी एक जुलाई 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच सेवानिवृत्त हो चुके हैं या जिनका निधन हो चुका है, उनके नामांकित परिजनों को एरियर की पूरी राशि का भुगतान होगा। सभी विभागाध्यक्षों और शाखा प्रभारियों को आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। 1 जुलाई 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच सेवानिवृत्त कर्मचारियों, अधिकारियों को एरियर की पूरी राशि एकमुश्त दी जाएगी। दिवंगत कर्मचारियों के नामांकित आश्रितों एरियर का एकमुश्त भुगतान किया जाएगा। प्रमुख बिंदु 5 प्रतिशत बढ़ा डीए 252 प्रतिशत से बढ़कर 257 प्रतिशत हुआ 1 जुलाई 2025 से लागू होगा एरियर पांच किस्तों में मई से अक्टूबर 2026 तक मिलेगा सेवानिवृत्तों को एकमुश्त एरियर दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को देंगे राशि

पाकिस्तान पर अफगानिस्तान की एयरस्ट्राइक, ISIS के ठिकानों को बनाया निशाना, तनाव बढ़ा

काबुल  पड़ोसी देश पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी सैन्य टकराव के कारण अब हालात काफी तनावपूर्ण हैं. अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने दावा किया है कि उसने पाकिस्तानी सीमा के भीतर घुसकर आतंकी संगठन ISIS-K के ठिकानों पर बड़ी एयरस्ट्राइक की है. तालिबान के मुताबिक,  इन ठिकानों से अफगानिस्तान में नागरिकों पर हमलों की साजिश रची जा रही थी. यह दावा पाकिस्तान के हालिया हवाई हमलों के दो दिन बाद सामने आया है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ सकता है।  तालिबान का कहना है कि यह बड़ी सैन्य कार्रवाई पाकिस्तान के बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों में की गई है. अफगानिस्तान के न्यूज चैनल 'टोलो न्यूज' ने भी इस दावे की पुष्टि की है. रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान के ड्रोन विमानों ने सीधे उन ठिकानों को हिट किया जहां ISIS-K के आतंकी छिपे थे. खैबर पख्तूनख्वा के सरान इलाके में तो एक स्कूल को मलबे में तब्दील कर दिया गया, क्योंकि आतंकी उसे अपना गुप्त ठिकाना बनाकर रह रहे थे. तालिबान ने साफ किया कि इस हमले में कई आतंकी ढेर हुए हैं, जबकि किसी भी आम नागरिक को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।  पाकिस्तान के हमले का करारा पलटवार तालिबान का यह बड़ा एक्शन रविवार को पाकिस्तान द्वारा की गई बमबारी का नतीजा माना जा रहा है. दरअसल, दो दिन पहले पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की सीमा में घुसकर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए थे. संयुक्त राष्ट्र (UNAMA) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान की उस कार्रवाई में कम से कम 28 बेकसूर लोग मारे गए थे और कई घायल हुए थे. वहीं, अफगानिस्तान के सरकारी प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने मरने वाले नागरिकों की संख्या 38 बताई थी, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे. तालिबान के इस ताजा एक्शन को उसी पाकिस्तानी हमले का सीधा और करारा जवाब माना जा रहा है।  सोमवार को भारत ने भी इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी. भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर अफगानिस्तान पर हुए पाकिस्तानी हमलों की निंदा की. भारत का कहना है कि किसी दूसरे देश की सीमा में घुसकर हमला करना उसकी संप्रभुता का सीधा उल्लंघन है, जिससे पूरे इलाके की शांति खतरे में पड़ती है. भारत ने साफ शब्दों में कहा कि पाकिस्तान अपनी घरेलू नाकामियों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए पड़ोसियों पर ऐसे हमले करता रहा है।  फिलहाल, पाकिस्तान हमेशा की तरह आरोप लगा रहा है कि अफगानिस्तान आतंकियों को पनाह दे रहा है, जबकि तालिबान का कहना है कि आतंकवाद पाकिस्तान की खुद की पैदा की हुई अंदरूनी समस्या है. अब इस ताजा एयरस्ट्राइक के बाद दोनों देशों के बीच जंग का खतरा और ज्यादा बढ़ गया है। 

पेट्रोल-डीजल बचाने की नसीहत भूल गए BJP नेता? दौरे में वाहनों के लंबे काफिले ने खींचा ध्यान

भोपाल  पश्चिम एशिया में संकट के बीच पीएम मोदी ने आम लोगों से पेट्रोल-डीजल की बचत करने की अपील की थी। पीएम मोदी की अपील का असर नेताओं पर भी पड़ा था। लेकिन लगता है कि बीजेपी के नेता अपने ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील को भूल गए हैं। बीजेपी के बड़े नेताओं के दौरे पर एक बार फिर से वाहनों का काफिला दिखाई देने लगा है। हाल ही में सीएम डॉ मोहन यादव बैतूल जिले के दौरा पर थे। सीएम डॉ मोहन यादव के काफिले में कई वाहन दिखाई दिए। सीएम का काफिला पहले की तरह दिखाई दिया। जिसके बाद से यह चर्चा तेज हो गई है कि लगता है बीजेपी के नेता ही पीएम मोदी की अपील को भूल गए हैं। सिंधिया के दौरे पर दिखा काफिला केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तीन दिनों के गुना जिले के दौरे पर थे। इस दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया के काफिले में कई गाड़ियां दिखाई दीं। ज्योतिरादित्य सिंधिया के दौरे में सुरक्षा के कड़े इंतजाम भी किए गए थे। सिंधिया के साथ अन्य विधायक भी अलग-अलग कार्यक्रमों में मौजूद थे। शिवराज के दौरे में भी दिखे थे काफिले वहीं, हाल ही में सीहोर जिले के भैरूंदा दौरे पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी आए थे। शिवराज सिंह चौहान लंबे काफिले के साथ सड़क पर नजर आए थे। जिसके बाद यह चर्चा शुरू हो गई कि आम जनता ने पीएम मोदी की अपील पर अमल किया लेकिन उनकी ही पार्टी के नेता पीएम की अपील को भूल गए हैं। पीएम मोदी ने जताया था आभार बता दें पीएम मोदी के मासिक कार्यक्रम मन की बात का प्रसारण हुआ था। मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी ने पेट्रोल-डीजल बचाने की अपनी पुरानी अपील का जिक्र किया था। इस दौरान उन्होंने सहयोग के लिए जनता का आभार जताया था।     पीएम मोदी की अपील को भूल गए बीजेपी नेता     पीएम ने की थी पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील     फिर सड़कों पर दिखने लगे बड़े-बड़े काफिले     बीजेपी के बड़े नेताओं के दौरे पर दिखा काफिला काफिलों में वाहनों की संख्या घटाई गई थी बता दें कि पीएम मोदी की अपील के बाद देशभर में नेताओं ने अपने काफिले में शामिल वाहनों की संख्या घटा दी थी। मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने भी अपने काफिले में शामिल होने वाले वाहनों की संख्या घटा दी थी।

Kylian Mbappé ने रचा इतिहास, मेसी के रिकॉर्ड की बराबरी; गोल्डन बूट जीतने के सबसे बड़े दावेदार बने

पेरिस  फीफा विश्व कप 2026 में अगर किसी खिलाड़ी ने अब तक सबसे बड़ा मंच अपने नाम किया है, तो वह हैं फ्रांस के स्टार स्ट्राइकर किलियन एम्बाप्पे. स्वीडन के खिलाफ राउंड ऑफ 32 मुकाबले में एम्बाप्पे ने ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने न सिर्फ फ्रांस को 3-0 की आसान जीत दिलाई, बल्कि उन्हें कई ऐतिहासिक उपलब्धियों का भी मालिक बना दिया।  27 साल के एम्बाप्पे ने मैच में दो गोल दागे. इस शानदार प्रदर्शन के दम पर फ्रांस ने प्री-क्वार्टर फाइनल (राउंड ऑफ 16) में अपनी जगह पक्की कर ली, जहां उसका सामना पराग्वे से होगा. लेकिन इस मुकाबले की सबसे बड़ी कहानी सिर्फ जीत नहीं, बल्कि एम्बाप्पे का रिकॉर्डतोड़ शो रहा।  मेसी की बराबरी, लेकिन गोल्डन बूट की रेस में आगे स्वीडन के खिलाफ दूसरे हाफ में अपना दूसरा गोल करते ही एम्बाप्पे. ने इस विश्व कप में अपने गोलों की संख्या 6 कर ली. इसके साथ ही उन्होंने अर्जेंटीना के दिग्गज लियोनेल मेसी की बराबरी कर ली, जिनके नाम भी 6 गोल हैं।  हालांकि गोल्डन बूट की दौड़ में एम्बाप्पे फिलहाल मेसी से आगे हैं. वजह है कि उनके नाम 6 गोलों के अलावा 2 असिस्ट भी हैं. यानी अगर दोनों खिलाड़ियों के गोल बराबर रहते हैं, तो अतिरिक्त असिस्ट एम्बाप्पे को बढ़त दिलाते हैं।  वर्ल्ड कप नॉकआउट का नया 'किंग' बने ए्म्बाप्पे इस मुकाबले ने एम्बाप्पे को एक और ऐतिहासिक मुकाम पर पहुंचा दिया. उन्होंने विश्व कप नॉकआउट चरण में अपने गोलों की संख्या 10 कर ली, जो अब तक किसी भी खिलाड़ी द्वारा सबसे ज्यादा है।  मैच का पहला गोल उन्होंने पहले हाफ के इंजरी टाइम (45वें मिनट) में शानदार व्यक्तिगत कौशल दिखाते हुए किया. स्वीडन के डिफेंडर को छकाने के बाद उन्होंने गोलकीपर के पास कोई मौका नहीं छोड़ा. यह उनका नॉकआउट चरण में 9वां गोल था, जिससे उन्होंने ब्राजील के महान खिलाड़ियों लियोनिडास और रोनाल्डो को पीछे छोड़ दिया।  इसके बाद 74वें मिनट में माइकल ओलीसे के शानदार पास पर उन्होंने दूसरा गोल दागकर यह रिकॉर्ड और मजबूत कर दिया।  मेसी से अब सिर्फ एक गोल पीछे एम्बाप्पे का यह विश्व कप करियर भी लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है. अब उनके नाम 18 विश्व कप मैचों में 18 गोल हो चुके हैं. वह विश्व कप इतिहास में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में मेसी से सिर्फ एक गोल पीछे हैं. मेसी के नाम फिलहाल 19 गोल दर्ज हैं।  कोच के लिए खास जश्न मैच का सबसे भावुक पल तब आया जब पहला गोल करने के तुरंत बाद एम्बाप्पे सीधे अपने कोच दिदिएर डेसचैम्प्स के पास पहुंचे और उन्हें गले लगाया. यह डेसचैम्प्स का वापसी मैच था. वह ग्रुप चरण के आखिरी मुकाबले में अपनी मां के निधन के कारण टीम के साथ नहीं थे. ऐसे में एम्बाप्पे ने अपना गोल अपने कोच को समर्पित कर दिया।  84वें मिनट में एम्बाप्पे को आराम देने के लिए मैदान से बाहर बुला लिया गया, लेकिन तब तक वह मैच और रिकॉर्ड बुक- दोनों पर अपनी अमिट छाप छोड़ चुके थे।  अब गोल्डन बूट की जंग और भी दिलचस्प हो गई है. एक तरफ मेसी हैं, दूसरी तरफ एम्बाप्पे. दोनों के 6-6 गोल हैं, लेकिन फिलहाल बढ़त फ्रांस के सुपरस्टार के पास है. अगर यही फॉर्म जारी रही, तो विश्व कप 2026 का गोल्डन बूट और कई नए रिकॉर्ड एम्बाप्पे के नाम हो सकते हैं।