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Bilawal Bhutto का बड़ा बयान, सिंधु के पानी को लेकर भारत को दी न्यूक्लियर धमकी; बढ़ा तनाव

इस्लामाबाद सिंधु जल संधि (इंडस वॉटर्स ट्रीटी) को लेकर भारत और पाकिस्तान में तनाव के बीच पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने एक बार फिर भारत के खिलाफ तीखी बयानबाजी की है. पाकिस्तान में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में बिलावल ने कहा कि अगर पाकिस्तान के पानी को रोकने की कोशिश की गई तो इसे सिर्फ पर्यावरण या कूटनीतिक विवाद नहीं, बल्कि देश के अस्तित्व पर हमला माना जाएग।  बिलावल ने कहा कि पाकिस्तान के परमाणु सिद्धांत (न्यूक्लियर डॉक्ट्रिन) में कुछ ऐसी परिस्थितियां तय की गई हैं, जिनमें देश की अर्थव्यवस्था या जल संसाधनों को गंभीर नुकसान पहुंचाने की कोशिश राष्ट्रीय अस्तित्व के लिए खतरा मानी जाती है. उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान के पानी को रोकना "न्यूक्लियर आर्मागेडन" जैसी स्थिति बनाता है, तो इसका जवाब भी उसी गंभीरता से दिया जाएगा।  जरदारी ने आरोप लगाया कि भारत पानी को दबाव बनाने के हथियार की तरह इस्तेमाल करना चाहता है. बिलावल ने कहा कि सिंधु नदी पाकिस्तान के लिए कोई सौदेबाजी का मुद्दा नहीं, बल्कि देश की जीवनरेखा है. इसलिए पाकिस्तान अपने पानी, अपनी संधि, अपनी संप्रभुता और अपने भविष्य की रक्षा हर हाल में करेगा।  बिलावल भुट्टो जरदारी ने आगे और क्या कहा? बिलावल ने कहा, "हम शांति चाहते हैं, लेकिन सम्मान के साथ. हम बातचीत चाहते हैं, लेकिन कानून के दायरे में. हम साथ रहना चाहते हैं, लेकिन किसी के सामने झुककर नहीं." उन्होंने दावा किया कि अगर कोई यह सोचता है कि पाकिस्तान अपने पानी के अधिकार छोड़ देगा, तो वह पाकिस्तान की जनता को नहीं जानता।  पहलगाम हमले के बाद भारत ने लिया था एक्शन भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को स्थगित (अबेयंस) कर दिया था. इसके बाद से पाकिस्तान लगातार इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठा रहा है. पाकिस्तान की करीब 80 प्रतिशत कृषि सिंधु नदी के पानी पर निर्भर है, इसलिए इस संधि को वहां बेहद अहम माना जाता है।  यह पहली बार नहीं है जब बिलावल ने इस मुद्दे पर धमकियों भरा बयान दिया है. 2025 में भी उन्होंने कहा था कि "या तो सिंधु में हमारा पानी बहेगा या उनका खून." अब एक बार फिर उन्होंने परमाणु सिद्धांत का हवाला देकर संकेत दिया है कि पाकिस्तान इस मुद्दे को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और अस्तित्व से जोड़कर देख रहा है। 

दिल्ली में चार साल में बनेंगे 32 हजार चार्जिंग पॉइंट, नई ईवी पॉलिसी लागू।

नई दिल्ली  ईवी पॉलिसी 2.0 के आने के बाद सरकार का अनुमान है कि 2030 तक सड़कों पर 31.83 लाख इलेक्ट्रिक गाड़ियां होंगी। इसमें 77.17 फीसदी टूव्हीलर शामिल होंगी। इस अनुमानित संख्या के आधार पर सरकार ने अगले चार साल में 32 हजार से अधिक चार्जिंग पॉइंट बनाने की भी योजना तैयार कर ली है। नई ईवी पॉलिसी 2.0 के अनुसार, दिल्ली में वर्तमान (15 जून 2026 तक) में कुल 9.89 लाख रजिस्टर्ड ई-गाड़ियां हैं। नई ईवी पॉलिसी में परिवहन विभाग के अनुमान के मुताबिक, आने वाले सालों में हर साल औसतन 7-8 लाख ई-गाड़ियां रजिस्टर्ड होंगी। इन चार सालों में 24.57 लाख ई-टूव्हीलर, 1.88 लाख फोरव्हीलर, 2.50 लाख ई-रिक्शा, 22,887 ई-ऑटो के अलावा अलग-अलग कैटेगरी के कामर्शियल या गुड्स व्हीकल रजिस्टर्ड होंगे। ईवी पॉलिसी 2.0 में हर साल 6-7 लाख गाड़ियां बढ़ेंगी     परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि चार्जिंग इंफ्रा की योजना भी पॉलिसी में तैयार की गई है।     चार साल में 32 हजार चार्जिंग पॉइंट तैयार होंगे, जिसमें 8913 अभी मौजूद हैं।     अगले चार साल में एक हजार करोड़ रुपये का पूंजीगत निवेश करके कुल 23 हजार से अधिक चार्जिंग पॉइंट बनाए जाएंगे।     बैटरी स्वैपिंग पॉइंट भी बनाए जाएंगे। ईवी पॉलिसी के अनुसार, कुल मौजूद इलेक्ट्रिक गाड़ियों में से 9.57 लाख गाड़ियों को पब्लिक चार्जिंग इंफ्रा की जरूरत पड़ेगी।     कुल मौजूद ई-टूव्हीलर में से 25 फीसदी को पब्लिक चार्जिंग स्टेशन की जरूरत होगी।     इसी तरह 25 फीसदी निजी ई-कार के लिए चार्जिंग पॉइंट की जरूरत होगी।     6-7 लाख गाड़ियां हर साल बढ़ेंगी ईवी पॉलिसी 2.0 में     32 हजार से ज्यादा चार्जिंग पॉइंट बनाने की प्लानिंग कर रही सरकार अगले चार साल में     सीएम ने कहा, पुरानी ईवी पॉलिसी की कमियों को दूर कर बनाया गया 2030 का रोडमैप     2030 तक दिल्ली के ट्रांसपोर्ट सिस्टम को ई-मोबिलिटी की दिशा में ले जाने की प्लानिंग कितनी खूबसूरत हैं रवीना टंडन की 21 साल की बेटी राशा, देखिए वीडिय नई ईवी पॉलिसी जुलाई से होगी लागू नई ईवी पॉलिसी-2026 एक जुलाई से लागू हो जाएगी। सीएम आतिशी मार्लेना ने कहा कि इसका उद्देश्य केवल इलेक्ट्रिक गाड़ियों की खरीद को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि 2030 तक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की दिशा में ले जाना है। इसलिए नई नीति में ई-गाड़ी की खरीद के साथ बैटरी मैनेजमेंट, चार्जिंग पॉइंट इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने का रोडमैप तैयार किया है। ईवी पॉलिसी ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की शुरुआत करने में अहम भूमिका निभाई     सीएम के मुताबिक, 2020 में लागू की गई पुरानी ईवी पॉलिसी ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की शुरुआत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, लेकिन समय के साथ यह महसूस किया गया कि केवल प्रोत्साहन देकर ईवी की संख्या बढ़ाना पर्याप्त नहीं।     इसी को ध्यान में रखते हुए नई ईवी पॉलिसी-2026 तैयार की गई है, जिसमें चार्जिंग इन्फ्रा के विस्तार, संस्थागत व्यवस्था को मजबूत करने का रोडमैप शामिल है।     नई नीति के तहत इलेक्ट्रिक टू व्हीलर पर 30 हजार रुपये तक की सब्सिडी जारी रहेगी।     पुरानी गाड़ी को स्क्रैप कराने पर 10 हजार रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। साथ ही एक अप्रैल 2028 से दिल्ली में नए दोपहिया गाड़ी सिर्फ इलेक्ट्रिक रजिस्टर्ड होंगे।     थ्री व्हीलर के लिए भी प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी गई है।     पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप करने पर 25 हजार रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप कराने पर 50 हजार तक प्रोत्साहन मिलेगा जनवरी 2027 से ई-ऑटो रिक्शा का रजिस्ट्रेशन केवल इलेक्ट्रिक गाड़ियों के रूप में किया जाएगा। पहली बार माल ढोने वाली गाड़ियों को व्यापक रूप से शामिल किया गया है। एन-1 कैटेगरी के इलेक्ट्रिक ट्रकों पर एक लाख रुपये तक की सब्सिडी और पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप कराने पर 50 हजार तक का अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा। शुरुआती एक हजार एन-2 इलेक्ट्रिक ट्रकों को नो-एंट्री समय में विशेष छूट मिलेगी। सरकार ने स्कूल ट्रांसपोर्ट को भी नीति का हिस्सा बनाया है। 2030 तक स्कूल बसों के बेड़े को 30 फीसदी इलेक्ट्रिक करने का लक्ष्य रखा गया है।  

अंबाला में स्वास्थ्य सुविधाओं को बड़ा बढ़ावा, CM नायब सैनी ने 337 करोड़ की 7 परियोजनाएं दीं

अंबाला. हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को नारायणगढ़ में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान प्रदेश की जनता को 337 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने कुल 7 महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजनाओं का शुभारंभ किया और साथ ही 'डॉक्टर्स डे' के अवसर पर चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े सभी कर्मयोगियों को बधाई दी। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का यह अवसर पूरे हरियाणा के लिए ऐतिहासिक है। यह केवल विकास परियोजनाओं का उद्घाटन नहीं, बल्कि एक स्वस्थ और समृद्ध हरियाणा के निर्माण का हमारा संकल्प है। हमारी सरकार तीसरे कार्यकाल में भी जनकल्याण के कार्यों को दोगुनी गति से आगे बढ़ा रही है। 114 करोड़ रुपये की स्वास्थ्य सेवाएं और 325 अमृत सरोवर समर्पित मुख्यमंत्री ने बताया कि नारायणगढ़ से शुरू की गई इन परियोजनाओं में 114 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 7 स्वास्थ्य सेवाएं शामिल हैं। इसके अलावा, पर्यावरण और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 223 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 325 अमृत सरोवर भी प्रदेश की जनता को समर्पित किए गए हैं। नारायणगढ़ नागरिक अस्पताल अब हुआ 100 बेड का क्षेत्र के लोगों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के लिए मुख्यमंत्री ने नागरिक अस्पताल में लगभग 32 करोड़ रुपये की लागत से बने नए 50 बेड के ब्लॉक का उद्घाटन किया। इस नए ब्लॉक के शुरू होने से नारायणगढ़ का नागरिक अस्पताल अब 100 बेड की क्षमता वाला अत्याधुनिक हस्पताल बन गया है। इसके साथ ही अस्पताल में एक ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट का भी शुभारंभ किया गया। आज की परियोजनाओं को मिलाकर अकेले नारायणगढ़ क्षेत्र के विकास पर अब तक ₹858 करोड़ खर्च किए हैं। पिछले साढ़े 11 वर्षों में नारायणगढ़ के लिए कुल 74 घोषणाएं की गई थीं, जिनमें से 61 पूरी हो चुकी हैं और 5 पर काम तेजी से जारी है। इस वित्त वर्ष के बजट में नारायणगढ़ में एक नए राजकीय बहुतकनीकी संस्थान के निर्माण का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में बनने वाले 10 नए औद्योगिक मॉडल टाउनशिप (IMT) में अंबाला और नारायणगढ़ को भी शामिल किया गया है, जिसके लिए जमीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।- सीएम नायब सैनी, हरियाणा कैंसर पीड़ितों को बड़ी राहत सीएम ने याद दिलाया कि गत 11 फरवरी को प्रदेश के 17 जिलों में डे-केयर कैंसर सेंटरों की शुरुआत की गई थी, जिससे मरीजों को स्थानीय स्तर पर बड़ी राहत मिल रही है। नारायणगढ़ में कम्युनिटी सेंटर के निर्माण के लिए पांच करोड़ की राशि अलग से देने का एलान किया। नारायणगढ़ और शहजादपुर दोनों स्थानों पर आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी का निर्माण कराया जाएगा।

एचवीएसी और सुपर लग्जरी बसों में बिना टिकट सफर पर होगी विभागीय कार्रवाई।

चंडीगढ़  हरियाणा रोडवेज की एचवीएसी (हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग) तथा सुपर लग्जरी एसी बसों में रोडवेज कर्मचारी और अधिकारी मुफ्त यात्रा नहीं कर सकेंगे। इन बसों में बगैर टिकट यात्रा करते पाए जाने वाले परिवहन विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। परिवहन निदेशालय ने बिना टिकट यात्रा करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्ती के निर्देश जारी किए हैं। उप परिवहन नियंत्रक (यातायात) अरविंद शर्मा द्वारा सभी महाप्रबंधकों को भेजे पत्र में कहा गया है कि मुख्यालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद कुछ अधिकारी और कर्मचारी एचवीएसी और सुपर लक्जरी बसों में बिना टिकट यात्रा कर रहे हैं, जो नियमों के खिलाफ है। इससे पहले 30 जून 2024 को भी इस संबंध में निर्देश जारी किए गए थे कि हरियाणा रोडवेज का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी बिना टिकट एचवीएसी बसों में यात्रा नहीं करेगा। इसके बावजूद नियमों के उल्लंघन की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। रियायती और निशुल्क यात्रा के लिए निर्धारित श्रेणियों को छोड़कर किसी भी व्यक्ति, यहां तक कि हरियाणा रोडवेज के अधिकारी और कर्मचारी भी, इन बसों में मुफ्त यात्रा के पात्र नहीं होंगे। सभी को निर्धारित किराया देकर टिकट लेना अनिवार्य है।

पंजाब के टीचर्स के लिए बड़ी खबर, राज्य सम्मान के लिए 10 जुलाई तक करें अप्लाई

चंडीगढ़. केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने 'नेशनल अवॉर्ड फॉर टीचर्स 2026' के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह पुरस्कार देश में शिक्षकों को दिए जाने वाले सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक है। यह सम्मान उन शिक्षकों को दिया जाता है, जिन्होंने स्कूल शिक्षा के माध्यम से देश के भविष्य को दिशा देने में अटूट समर्पण का प्रदर्शन किया है। पंजाब के इच्छुक शिक्षक इस पुरस्कार के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। इस पुरस्कार के लिए सभी नियमित शिक्षक, स्कूल प्रमुख और प्रभारी आवेदन करने के पात्र हैं। ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि 10 जुलाई निर्धारित की गई है। इसके बाद जिला चयन समिति उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग करेगी। फिर राज्य चयन समिति शॉर्टलिस्ट किए गए योग्य शिक्षकों की दोबारा जांच करेगी और 31 जुलाई तक स्वतंत्र राष्ट्रीय ज्यूरी को राज्य की ओर से 6 नामांकन भेजेगी। इसके बाद राष्ट्रीय ज्यूरी राज्य से भेजे गए उम्मीदवारों में से अंतिम विजेताओं का चयन करेगी। शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को स्वतंत्र राष्ट्रीय ज्यूरी के समक्ष अपने कार्य, उपलब्धियों और शिक्षण के नवाचारी तरीकों की प्रस्तुति देने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। इस प्रस्तुति में यह बताया जाएगा कि उन्होंने विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों में सुधार, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को अपनाने और छात्रों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने में क्या योगदान दिया है। अंत में व्यापक मूल्यांकन प्रक्रिया के आधार पर सबसे अधिक अंक प्राप्त करने वाले शिक्षक का चयन 'नेशनल अवॉर्ड फॉर टीचर्स 2026' के लिए किया जाएगा।

रांची में ओला-उबर-रैपिडो सेवाएं प्रभावित, हड़ताल से यात्रियों की बढ़ी परेशानी आज।

रांची  ऑनलाइन कैब सेवाओं से जुड़े चालकों की हड़ताल आज भी जारी है। झारखंड प्रदेश टैक्सी यूनियन ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांगों पर संतोषजनक निर्णय नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा। यूनियन का दावा है कि ओला, उबर और रैपिडो प्रबंधन के साथ हुई बातचीत में किराए में लगभग 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी पर सहमति बनी है, लेकिन बढ़ा हुआ किराया लागू करने के लिए कंपनियों को अपने सॉफ्टवेयर में आवश्यक अपडेट करना होगा, जिसमें कुछ समय लग सकता है। यूनियन नेताओं के अनुसार, चारपहिया टैक्सी सेवाओं के किराए को लेकर सकारात्मक बातचीत हुई है, जबकि चारपहिया कैब चालकों की मांगों से संबंधित मामला कंपनियों के बेंगलुरु स्थित मुख्यालय तक पहुंच गया है। कंपनियों की ओर से बताया गया है कि इस विषय पर पैनल स्तर पर चर्चा के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। वहीं कंपनी ने कहा तीन दिनों में एक भी बुकिंग नहीं हो पाई है। यह चिंता का विषय है। करीब 12 हजार चालक हड़ताल में शामिल टैक्सी यूनियन का दावा है कि रांची और आसपास के क्षेत्रों के लगभग 12 हजार चालक हड़ताल में शामिल हैं। हड़ताल के कारण शहर में ऑनलाइन कैब सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। यूनियन के अनुसार, कई चालकों को पिछले तीन दिनों से कोई बुकिंग नहीं मिली है। इसी मुद्दे पर आगे की रणनीति तय करने के लिए आज रांची प्रेस क्लब में महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है, जिसमें बड़ी संख्या में कैब चालकों के शामिल होने की संभावना है। शहर के प्रमुख इलाकों में दिखा हड़ताल का असर एयरपोर्ट, रांची रेलवे स्टेशन, हटिया स्टेशन, कांके, अरगोड़ा चौक, कांटाटोली, बरियातू, नामकुम रेलवे स्टेशन, हरमू रोड और रातू रोड सहित कई इलाकों में चालक अपनी गाड़ियों के साथ सांकेतिक प्रदर्शन करते नजर आए। कई स्थानों पर टैक्सियां सड़क किनारे खड़ी कर आंदोलन को समर्थन दिया गया। यात्रियों को उठानी पड़ी परेशानी हड़ताल का सबसे अधिक असर एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और कांटाटोली बस स्टैंड के आसपास देखने को मिला। यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। बारिश के मौसम में अचानक कैब सेवाएं ठप होने से लोगों को बैटरी रिक्शा, आटो और टैंपो का सहारा लेना पड़ा है। वहीं इलाज के लिए अस्पताल जाने वाले मरीजों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यात्रियों ने जल्द समाधान निकालकर सामान्य कैब सेवाएं बहाल करने की मांग की है, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।

सीमा के गांवों में बिजली संकट होगा खत्म, छत्तीसगढ़ से शुरू होगी बिजली आपूर्ति

बीजापुर-सुकमा. सीमावर्ती गांवों में बिजली व्यवस्था अब नए दौर में प्रवेश करने जा रही है। घने जंगल और सुरक्षा चुनौतियों के कारण वर्षों से तेलंगाना से बिजली ली जा रही थी। अब छत्तीसगढ़ की ओर से बिजली पहुंचाने का काम तेज कर दिया गया है। पामेड़ समेत कई गांव अभी तेलंगाना के ग्रिड से जुड़े हुए हैं। विद्युत विभाग ने लाइन विस्तार का कार्य शुरू कर दिया है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द सभी गांव राज्य के अपने नेटवर्क से जुड़ेंगे। इलाके में लाइनमैन और हेल्पर की स्थायी तैनाती भी की गई है। फाल्ट आने पर तत्काल सुधार की व्यवस्था बनाई गई है। नक्सल प्रभाव कम होने से विकास कार्यों को गति मिलने लगी है। राज्य में पर्याप्त बिजली उत्पादन होने के बावजूद खरीद की मजबूरी रही है। नई लाइन बनने के बाद यह निर्भरता समाप्त होने की उम्मीद है। बिजली पहुंचने से सीमावर्ती गांवों के विकास को नई रफ्तार मिलने की संभावना है।

CM डॉ. मोहन यादव बोले- आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से देश का अग्रणी राज्य है मध्य प्रदेश

मध्यप्रदेश आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से देश का अग्रणी राज्य है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बड़वानी और निमाड़ की धरती संतों, संस्कृति और लोक परंपराओं से समृद्ध रही बाबा खाटू श्याम का त्याग, वीरता-विनम्रता और समर्पण का सर्वोच्च उदाहरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खाटू श्याम मंदिर तलून बड़वानी के प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम को किया वर्चुअली संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बड़वानी और निमाड़ की धरती संतों, संस्कृति और लोक परंपराओं से समृद्ध रही है। भारत की संत परंपरा ने सदैव समाज को सही दिशा दिखाई है, उनके मार्गदर्शन से समाज में सद्भाव, संयम और सेवा की भावना विकसित होती है। गरीबों, जरूरतमंदों और पीड़ितों की सेवा ही सच्ची भक्ति है, समाज तभी आगे बढ़ता है जब धर्म और सेवा साथ चलते हैं, यही भारतीय संस्कृति का मूल संदेश है। बड़वानी जिले के तलून में बनने वाला खाटू श्याम मंदिर इस गौरवशाली विरासत को मजबूत करेगा और आने वाली पीढ़ियां भी इस धरोहर से जुड़ेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव तलून में खाटू श्याम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा और 21 कुंडीय महायज्ञ कार्यक्रम को मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। बाबा खाटू श्याम ने धर्म की रक्षा और लोक कल्याण के लिए त्याग किया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज का अवसर केवल मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा का नहीं, बल्कि श्रद्धा, विश्वास और सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का पर्व है। बाबा खाटू श्याम की कृपा सभी भक्तों पर बनी रहे। बाबा खाटू श्याम को हारे का सहारा कहा जाता है, क्योंकि वे अपने भक्तों के दु:ख हरने वाले देवता माने जाते हैं। बाबा खाटू श्याम को बर्बरीक का स्वरूप माना जाता है। महाभारत में उन्होंने धर्म की रक्षा और लोक कल्याण के लिए अपना शीश भगवान श्रीकृष्ण को अर्पित कर दिया था। उनका यह अद्वितीय त्याग भारतीय संस्कृति में वीरता, विनम्रता और समर्पण का सर्वोच्च उदाहरण है। मां नर्मदा जी की परिक्रमा के बाद महंत शशि गिरि जी महाराज के मन में खाटू श्याम मंदिर बनाने का विचार आया और शहर के भक्तों के सहयोग से मंदिर का सपना साकार हुआ। राज्य सरकार प्राचीन धरोहरों के संरक्षण और विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से देश का अग्रणी राज्य है। राज्य सरकार प्राचीन धरोहरों के संरक्षण और विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक विकास से स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होती है। यह मंदिर भी उस यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा खाटू श्याम से सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य तथा प्रदेश के विकास और प्रदेशवासियों के कल्याण के लिए प्रार्थना की। कार्यक्रम में सांसद गजेन्द्र पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष बड़वानी बलवंत पटेल, महंत महामण्डलेश्वर हरि सुरेन्द्र गिरी जी महाराज, अध्यक्ष खाटू श्याम मंदिर बड़वानी शशि गिरि जी महाराज तथा अन्य संतगण, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।  

Ketan Agrawal Murder Case: 27 गुण मिलाकर हुई थी सिया-केतन की शादी, अब जांच में आया चौंकाने वाला मोड़

 पुणे  पुणे केतन अग्रवाल मर्डर मामला एक मिस्ट्री बनता जा रहा है. राजा रघुवंशी हत्याकांड की तरह ही इसमें भी एक के बाद एक ट्विस्ट सामने आ रहे हैं. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, सिया गोयल के सोनम रघुवंशी से भी ज्यादा शातिर होने की आशंका हो रही है. पुणे पुलिस के सामने चुनौती बनते जा रहे इस मामले में डर भी सता रहा है, यही वजह है कि पुलिस अब फूंक-फूंक कर कदम रख रही है।  जांच अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल केतन अग्रवाल मर्डर केस पूरी तरह परिस्थितिजन्य सबूतों (circumstantial evidence) पर टिका हुआ है. इतने दिन की जांच के बाद भी पुलिस के हाथ कोई सीधा सुराग नहीं लगा है जिससे केतन की हत्या के आरोपी का साफ-साफ पता चल सके. लिहाजा पुलिस हर छोटे-बड़े सबूत को जोड़कर देख रही है और साबित करने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों ने ही हत्या की है और इसमें कोई शक नहीं बचता।  बता दें कि पुणे ग्रामीण पुलिस इस मामले में बेहद सावधानी से चार्जशीट तैयार कर रही है. पुलिस नहीं चाहती कि सोनम रघुवंशी मामले की तरह कोई कानूनी या प्रक्रिया संबंधी गलती हो, जिससे आरोपी को राहत मिल जाए और पीड़ित की न्याय की आवाज दब जाए।  यही वजह है कि पुलिस मुख्य आरोपी सिया गोयल का पॉलीग्राफ (लाई डिटेक्टर) टेस्ट कराना चाहती है. हालांकि भारत में पॉलीग्राफ टेस्ट की रिपोर्ट सीधे कोर्ट में सबूत के तौर पर मान्य नहीं होती. लेकिन पुलिस का मानना है कि इससे कई नए सुराग मिल सकते हैं और असल सबूतों तक पहुंचने का रास्ता साफ हो सकता है।  पुलिस मानती है कि पूछताछ के दौरान संभव है कि सिया अनजाने में कोई ऐसा क्लू बता दे जो आगे की जांच को बढ़ा दे और आरोपी तक पहुंचा दे. पुलिस यह देखना चाहती है कि क्या उसने पहले लोहागढ़ किले की ऊंचाई गूगल पर सर्च की थी, या फोन में कोई ऐसी डिजिटल गतिविधि की थी जिसके बारे में पुलिस को अभी पता नहीं है, तो पुलिस बाद में उस डिजिटल सबूत जैसे ब्राउज़र हिस्ट्री, लोकेशन डेटा या डिलीटेड सर्च को कानूनी तरीके से जुटा सकती है. ऐसे डिजिटल सबूत कोर्ट में मान्य भी हो सकते हैं।  फिलहान पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि हत्या का कोई चश्मदीद गवाह नहीं है. ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है जिसने सिया और चेतन को केतन को पहाड़ी से धक्का देते देखा हो. इसके अलावा घटना का कोई CCTV फुटेज भी नहीं मिला है. लिहाजा यह मामला जटिल हो गया है।  जो CCTV फुटेज मिला है, उसमें सिर्फ सह-आरोपी चेतन चौधरी घटनास्थल के पास हूडी पहने नजर आता है. लेकिन सिर्फ इससे हत्या साबित नहीं होती।  27 गुण मिलने पर तय हुई थी सिया और केतन की शादी गोयल और अग्रवाल परिवार  ने इस रिश्ते को 'परफेक्ट मैच' माना था. कुंडली मिलाई गई, 27 गुण मिले, परिवार के ज्योतिषी ने इसे सफल और आदर्श विवाह बताया और फिर पूरे रीति-रिवाज के साथ सगाई भी हो गई. लेकिन कुछ ही महीनों बाद वही रिश्ता अब देश के सबसे चर्चित हत्या मामलों में बदल चुका है और घर-घर इसी की चर्चा हो रही है।  परिवार से जुड़े सूत्रों के अनुसार, जनवरी 2026 में केतन अग्रवाल और सिया गोयल का रिश्ता आगे बढ़ाने से पहले दोनों परिवारों ने पारंपरिक तरीके से कुंडली मिलवाई थी. इसके लिए परिवार के ज्योतिषी को बुलाया गया था. बताया गया कि दोनों की कुंडलियों में 36 में से 27 गुण मिले थे, जिसे विवाह के लिए अच्छा माना गया. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, केतन का 'देव गण' और सिया का 'मनुष्य गण' बताया गया था. परिवार के ज्योतिषी ने इसे अनुकूल संबंध बताते हुए कहा था कि यह विवाह सफल हो सकता है. इसी के बाद दोनों परिवारों ने रिश्ते को अंतिम रूप दिया।   रिश्ते की शुरुआत, फिर बदला माहौल पुलिस जांच के अनुसार, फरवरी में पुणे के एक होटल में दोनों की सगाई हुई. शुरुआत में सब कुछ सामान्य दिखाई दे रहा था. दोनों परिवार शादी की तैयारियों में जुट गए और नवंबर 2026 में विवाह की योजना बनाई गई. इसी बीच पुलिस सूत्रों का दावा है कि सगाई के बाद करीब दो महीने तक सिया ने नए रिश्ते को अपनाने की कोशिश की. हालांकि बाद में चेतन चौधरी फिर से उसकी जिंदगी में आया और यहीं से परिस्थितियां बदलने लगीं. पुलिस का आरोप है कि इसी दौरानहत्या की साजिश बनी. हालांकि अभी इन सभी आरोपों की पुष्टि  होना बाकी है।  सिया के भाई साहिल गोयल ने क्या बताया सिया के भाई साहिल गोयल ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि उसे इस बात की जानकारी थी कि सिया और चेतन एक-दूसरे को जानते थे और दोस्त थे. हालांकि उसके अनुसार, सगाई के बाद सिया बार-बार यही कहती थी कि अब उसका चेतन से कोई संपर्क नहीं है.  जांच के दौरान केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने पुलिस को बताया कि उनके बेटे ने शादी तय होने के बाद कई बार सिया के व्यवहार को लेकर चिंता जताई थी.  पुलिस की जांच के अनुसार, केतन ने परिवार से पूछा था कि क्या सिया के बारे में पूरी तरह जानकारी लेने के बाद ही रिश्ता तय किया गया है. उसने यह भी बताया था कि कई बार जब वह सिया को फोन करता था तो उसका फोन व्यस्त मिलता था. बातचीत के दौरान सिया अक्सर चेतन चौधरी का नाम भी लेती थी, जिससे उसके मन में संदेह पैदा हुआ. हालांकि परिवार ने उसे समझाया कि चिंता की कोई बात नहीं है क्योंकि दोनों परिवार एक-दूसरे को पहले से जानते हैं।  क्राइम सीन भी किया रीक्रिएट पुलिस ने घटना को समझने के लिए डमी (नकली शरीर) से क्राइम सीन रीक्रिएट भी किया, लेकिन अधिकारियों का मानना है कि इसकी कानूनी अहमियत बहुत कम है. डमी कैसे गिरेगी, यह उसके वजन, एंगल और स्पीड पर निर्भर करता है. इससे यह साबित नहीं किया जा सकता कि व्यक्ति को धक्का दिया गया था या वह खुद फिसल गया।  इसलिए अभियोजन पक्ष अब मोटिव (हत्या की वजह) और डिजिटल सबूतों पर ज्यादा भरोसा कर रहा है. पुलिस का आरोप है कि सिया और चेतन ने मिलकर केतन … Read more

जयपुर सर्राफा बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट, ग्राहकों को मिली राहत।

जयपुर  राजस्थान की राजधानी जयपुर अपनी खूबसूरत ज्वेलरी के लिए देश-विदेश में खास पहचान बनाए हुए है. अगर आप शादी के लिए गहने खरीदने की तैयारी कर रहे हैं या फिर सोने-चांदी में इन्वेस्ट करने का प्लान बना रहे हैं, तो सबसे पहले आज के ताजा भाव जान लेना जरूरी है. आइए जानते हैं 1 जुलाई 2026 को जयपुर के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई है या तेजी? जयपुर सर्राफा बाजार में बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई. सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी की ओर से जारी ताजा भाव के अनुसार 1 जुलाई 2026 को सोने के दाम में करीब 220 रुपये प्रति ग्राम की कमी आई है. वहीं चांदी भी 2.5 रुपये प्रति ग्राम सस्ती हुई है. लगातार दो दिनों से बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, जिससे खरीदारी करने वालों और कारोबारियों की नजर भाव पर बनी हुई है. मंगलवार यानी 30 जून को जयपुर में सोने का भाव 14,520 रुपये प्रति ग्राम था, जो बुधवार को घटकर 14,300 रुपये प्रति ग्राम पर आ गया. इसी तरह चांदी का भाव 231 रुपये प्रति ग्राम से घटकर 228.5 रुपये प्रति ग्राम दर्ज किया गया. दोनों कीमती धातुओं में आई इस गिरावट का असर आभूषणों के दाम पर भी देखने को मिला. 22 कैरेट गोल्ड में बड़ी गिरावट 22 कैरेट सोने का भाव 13,510 रुपये प्रति ग्राम से घटकर 13,260 रुपये प्रति ग्राम हो गया. यानी इसमें 250 रुपये प्रति ग्राम की गिरावट दर्ज की गई. वहीं 18 कैरेट सोना 11,330 रुपये से घटकर 11,060 रुपये प्रति ग्राम पर पहुंच गया. 14 कैरेट सोने का भाव भी 9,000 रुपये से घटकर 8,870 रुपये प्रति ग्राम रह गया. इससे साफ है कि सभी प्रमुख श्रेणियों के सोने में गिरावट दर्ज की गई है. सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी ने यह भी स्पष्ट किया है कि 22 कैरेट, 18 कैरेट और 14 कैरेट सोने के आभूषणों की वापसी (रिटर्न) पर 500 रुपये प्रति ग्राम की कटौती लागू रहेगी. यह नियम पहले की तरह जारी रहेगा। 1 जुलाई 2026 के जयपुर सर्राफा बाजार के प्रमुख भाव इस प्रकार है…     गोल्ड- 14,300 रुपये प्रति ग्राम     सिल्वर- 228.5 रुपये प्रति ग्राम जयपुर में 14 से लेकर 22 कैरेट गोल्ट के दाम     22 कैरेट गोल्ड- 13,260 रुपये प्रति ग्राम     18 कैरेट गोल्ड- 11,060 रुपये प्रति ग्राम     14 कैरेट गोल्ड- 8,870 रुपये प्रति ग्राम जयपुर में आज का चांदी का भाव     1 ग्राम चांदी: ₹231     1 किलो चांदी: ₹2,60,000 मार्केट के एक्सपर्ट का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव, डॉलर की चाल और निवेशकों की खरीदारी का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ता है. ऐसे में आने वाले दिनों में भी सोने और चांदी के भाव में बदलाव देखने को मिल सकता है. फिलहाल जयपुर सर्राफा बाजार में बुधवार को दोनों कीमती धातुओं के दाम में गिरावट से ग्राहकों को कुछ राहत मिली है.