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मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों पर अवैध रेत कारोबार के खिलाफ कार्रवाई तेज

मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों पर अवैध रेत कारोबार के खिलाफ कार्रवाई तेज अवैध रेत भंडारण पर प्रशासन का कड़ा प्रहार, गुडलू में 135 घनमीटर रेत जब्त 83 हजार रुपये से अधिक अर्थदंड व राजस्व वसूला गया, नियम तोड़ने वालों को चेतावनी रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन, जवाबदेही और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण संबंधी स्पष्ट निर्देशों के अनुरूप जशपुर जिला प्रशासन द्वारा अवैध खनिज गतिविधियों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अवैध रेत भंडारण एवं रेत तस्करी संबंधी शिकायत पर खनिज विभाग ने त्वरित जांच कर बड़ी कार्रवाई की है। जांच के दौरान बगीचा विकासखंड के ग्राम पंचायत गुडलू में 19 जून 2026 को 135 घनमीटर रेत का अवैध भंडारण पाया गया। शिकायत प्राप्त होते ही खनिज विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से भंडारित रेत को जब्त कर लिया। मामले में खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। कार्रवाई के दौरान अवैध रेत भंडारण के मामले में 40 हजार 780 रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया। वहीं अवैध रेत परिवहन के चार अलग-अलग प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए 42 हजार 736 रुपये की राशि खनिज मद में जमा कराई गई। इस प्रकार कुल 83 हजार रुपये से अधिक की राशि अर्थदंड एवं राजस्व के रूप में वसूल की गई। सहायक खनि अधिकारी ने बताया कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन का उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित करना तथा शासन को होने वाली राजस्व हानि को रोकना है।  प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन या भंडारण की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचित करें, ताकि त्वरित कार्रवाई कर ऐसे मामलों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।

BJP कार्यसमिति में बड़ा बदलाव, महिलाओं को 33% प्रतिनिधित्व; पहली बार मुस्लिम महिला हुई शामिल

भोपाल  मध्यप्रदेश भाजपा ने  अपनी बहुप्रतीक्षित प्रदेश कार्यसमिति की नई सूची जारी कर दी है। कुल 106 सदस्यों वाली इस नई टीम में संगठनात्मक संतुलन, अनुभव और सामाजिक प्रतिनिधित्व का विशेष ध्यान रखा गया है। पिछली बार 164 सदस्यों की तुलना में इस बार सूची को अधिक संक्षिप्त किया गया है। नई कार्यसमिति की पहली बैठक 15 जुलाई के आसपास ओरछा में आयोजित किए जाने की संभावना है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के कार्यकाल का एक वर्ष पूरा होने से ठीक पहले घोषित इस सूची को केंद्रीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार किया गया बताया जा रहा है। 33% महिला प्रतिनिधित्व, सामाजिक संतुलन पर जोर इस बार संगठन ने महिला भागीदारी को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए लगभग 33 प्रतिशत हिस्सेदारी सुनिश्चित की है। कुल 35 महिला नेताओं को मुख्य कार्यसमिति में शामिल किया गया है। खास बात यह है कि भोपाल की बिलकिस जहां को पहली बार मुस्लिम महिला प्रतिनिधि के रूप में स्थान मिला है। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर, राज्यमंत्री कृष्णा गौर, संपतिया उइके, निर्मला भूरिया और पूर्व सांसद रीति पाठक जैसी प्रमुख महिला नेताओं को भी सूची में जगह दी गई है। वरिष्ठ नेताओं को स्थाई आमंत्रण पार्टी ने 41 वरिष्ठ नेताओं को स्थाई आमंत्रित सदस्यों की श्रेणी में शामिल किया है, जो पिछली सूची के मुकाबले बढ़ोतरी दर्शाता है। इसमें पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, अनुसुइया उइके, कुसुम मेहदेले, माया सिंह और यशोधरा राजे सिंधिया जैसी वरिष्ठ हस्तियां शामिल हैं। स्थाई आमंत्रित सूची में 8 वरिष्ठ महिला नेताओं को भी स्थान दिया गया है। सत्ता और संगठन का मजबूत समन्वय नई कार्यसमिति में सत्ता पक्ष और संगठन का स्पष्ट समन्वय देखने को मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ-साथ केंद्रीय मंत्रियों शिवराज सिंह चौहान, वीरेंद्र कुमार और ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी स्थान दिया गया है। इसके अलावा दोनों उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल सहित राज्य मंत्रिमंडल के 15 मंत्री, 3 राज्य मंत्री, 20 से अधिक विधायक तथा 6 लोकसभा और 3 राज्यसभा सांसदों को भी समिति में शामिल किया गया है। सिंधिया समर्थकों को भी प्रतिनिधित्व संगठन ने इस बार उन नेताओं को भी जगह दी है जो चुनावी हार के बाद सक्रिय राजनीति में अपेक्षाकृत कम प्रभाव में थे। इनमें इमरती देवी, महेंद्र सिंह सिसोदिया, ओपीएस भदौरिया, गिर्राज दंडौतिया और संतराम सिरोनिया जैसे नाम शामिल हैं। वहीं सिंधिया समर्थक दो मंत्री – तुलसी सिलावट और गोविंद राजपूत – को भी कार्यसमिति में जगह दी गई है। नई कार्यसमिति को भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में सामाजिक संतुलन और राजनीतिक अनुभव के मेल के रूप में देखा जा रहा है।  

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 बनी चांदनी का सहारा, एक शिकायत पर मिली पेंशन की सुविधा

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 बनी दिव्यांग चांदनी के लिए सहारा, एक शिकायत पर मिली पेंशन की सुविधा समयबद्ध कार्रवाई से दिव्यांग पेंशन योजना का लाभ हुआ सुनिश्चित रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रदेशवासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी मंच बनकर सामने आई है। हेल्पलाइन के माध्यम से दर्ज शिकायतों पर तत्परता से कार्रवाई कर पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है। इसी क्रम में जशपुर जिले के पत्थलगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत घरजियाबथान निवासी योगेश यादव ने अपनी 65 प्रतिशत दिव्यांग पुत्री चांदनी यादव को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत दिव्यांग पेंशन का लाभ नहीं मिलने की शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में दर्ज कराई थी। शिकायत प्राप्त होते ही जनपद पंचायत पत्थलगांव एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी कार्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पंचायत सचिव के माध्यम से आवेदन एवं आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर प्रकरण की जांच की गई। जांच में चांदनी यादव को दिव्यांग पेंशन योजना के लिए पात्र पाया गया, जिसके बाद उनकी पेंशन स्वीकृत करने की प्रक्रिया पूरी कर दी गई। अब चांदनी यादव को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत नियमित रूप से पेंशन का लाभ प्राप्त होगा। निर्धारित समय-सीमा में शिकायत का सफल निराकरण कर प्रकरण का निस्तारण किया गया। चांदनी के पिता योगेश यादव ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की सराहना करते हुए कहा कि यह व्यवस्था आम नागरिकों के लिए अत्यंत उपयोगी और भरोसेमंद साबित हो रही है। उन्होंने अपनी पुत्री को समय पर न्याय एवं योजना का लाभ दिलाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तथा जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। 24 घंटे सक्रिय है मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से प्रदेश के नागरिक अपनी शिकायतें दर्ज कराने के साथ-साथ सुझाव एवं फीडबैक भी साझा कर सकते हैं। हेल्पलाइन को व्हाट्सएप प्लेटफॉर्म से भी जोड़ा गया है, जिससे नागरिक आसानी से अपनी समस्याएं शासन तक पहुंचा सकते हैं। राज्य शासन के 42 विभागों के लगभग 8 हजार अधिकारी इस व्यवस्था से जुड़े हुए हैं और 1195 श्रेणियों में निर्धारित समय-सीमा के भीतर शिकायतों के निराकरण की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। प्रत्येक शिकायत को एक यूनिक आईडी प्रदान की जाती है, जिससे आवेदक अपनी शिकायत की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक कर सकता है। यदि शिकायतकर्ता समाधान से संतुष्ट नहीं होता, तो प्रकरण स्वतः उच्च अधिकारियों के पास पुनः परीक्षण और जांच के लिए भेज दिया जाता है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 सप्ताह के सातों दिन, 24 घंटे संचालित रहती है। इसके संचालन के लिए तीन पालियों में कर्मचारियों की तैनाती की गई है तथा सचिव स्तर के अधिकारी और मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जाती है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 शासन की संवेदनशील, जवाबदेह और जनहितैषी कार्यप्रणाली का सशक्त उदाहरण बनकर जरूरतमंद नागरिकों तक समय पर राहत और योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

‘आपातकाल लोकतंत्र पर काला धब्बा’ : सम्राट चौधरी ने कांग्रेस को घेरा

पटना. 25 जून को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में याद करते हुए बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कांग्रेस और आपातकाल को लेकर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक काला अध्याय बताया और कहा कि इस दौर में लोकतांत्रिक संस्थाओं, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा नागरिक अधिकारों को गंभीर चुनौती का सामना करना पड़ा था। आपातकाल को बताया लोकतंत्र पर हमला सम्राट चौधरी ने अपने संदेश में कहा कि 25 जून भारतीय लोकतंत्र के लिए एक ऐसा दिन है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके अनुसार आपातकाल के दौरान सत्ता के अहंकार में लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने की कोशिश हुई और आम नागरिकों के अधिकार प्रभावित हुए। लोकतंत्र सेनानियों को किया नमन उपमुख्यमंत्री ने उन लोगों को भी याद किया जिन्होंने आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया था। उन्होंने कहा कि उस समय विरोध की आवाज उठाने वाले अनेक लोगों ने कठिन परिस्थितियों का सामना किया, लेकिन लोकतांत्रिक मूल्यों से समझौता नहीं किया। सोशल मीडिया पर साझा किया संदेश सम्राट चौधरी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा कि लोकतंत्र की रक्षा, संविधान का सम्मान और जनस्वर की शक्ति को सर्वोपरि रखना ही उन लोगों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है जिन्होंने आपातकाल का विरोध किया था। उनका यह संदेश राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। ‘संविधान हत्या दिवस’ को लेकर जारी है बहस गौरतलब है कि 25 जून 1975 को देश में आपातकाल लागू किया गया था। इसे लेकर वर्षों से राजनीतिक दलों के बीच अलग-अलग विचार सामने आते रहे हैं। एक पक्ष इसे लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला मानता है, जबकि दूसरा पक्ष उस समय की परिस्थितियों का हवाला देता है। राजनीतिक बयानबाजी हुई तेज सम्राट चौधरी की इस टिप्पणी के बाद बिहार की राजनीति में भी आपातकाल और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर बहस तेज हो गई है। ‘संविधान हत्या दिवस’ को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहने की संभावना है।

बीज-खाद की समय पर उपलब्धता से खुश किसान, खेती की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार

खेतों तक समय पर पहुंच रहे कृषि आदान, किसानों के चेहरे पर लौटी मुस्कान रायपुर,   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किसानों को समय पर कृषि आदान उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे सतत प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव अब गांव-गांव में दिखाई देने लगा है। सहकारिता विभाग और सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को उन्नत बीज, रासायनिक खाद, डीएपी और नैनो यूरिया समय पर एवं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराए जाने से किसानों का भरोसा मजबूत हुआ है। इसका लाभ गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के विकासखंड गौरेला अंतर्गत ग्राम पंचायत लालपुर के प्रगतिशील किसान विष्णु राठौर को भी मिला है, जिन्होंने आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाया है। धान की खेती के साथ विभिन्न प्रकार की सब्जियों का उत्पादन करने वाले किसान विष्णु राठौर बताते हैं कि पहले खेती के मौसम में खाद और बीज की उपलब्धता को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती थी। कई बार आवश्यक कृषि आदान समय पर नहीं मिलने से बुआई और फसल प्रबंधन प्रभावित होता था। लेकिन अब सहकारी समिति के माध्यम से उन्हें जरूरत के अनुसार उन्नत बीज, रासायनिक खाद, डीएपी और नैनो यूरिया समय पर उपलब्ध हो रहे हैं। इससे खेती की पूरी योजना व्यवस्थित ढंग से संचालित हो रही है और फसलों का पोषण भी बेहतर तरीके से हो पा रहा है। राठौर ने बताया कि नैनो यूरिया तथा संतुलित उर्वरकों के उपयोग से धान की फसल में अच्छी बढ़वार हुई है और उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं सब्जी फसलों की गुणवत्ता में सुधार होने के साथ पैदावार भी बढ़ी है, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो रही है। समय पर कृषि आदानों की उपलब्धता से खेती की लागत नियंत्रित हुई है तथा कृषि कार्यों का प्रबंधन पहले की तुलना में अधिक आसान और प्रभावी हो गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में संचालित योजनाएं और सहकारिता विभाग की प्रभावी व्यवस्था किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही हैं। सहकारी समिति के माध्यम से खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता से अब किसानों को कृषि सामग्री के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ता और खेती का कार्य समय पर पूरा हो जाता है। इससे किसानों का आत्मविश्वास बढ़ा है और खेती के प्रति उनका उत्साह भी पहले से अधिक हुआ है। राज्य सरकार की किसान-केंद्रित नीतियों, सहकारिता विभाग की सुदृढ़ वितरण व्यवस्था तथा सहकारी समितियों की सक्रिय भूमिका से प्रदेश में कृषि व्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है। समय पर कृषि आदानों की उपलब्धता, आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा और किसानों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास खेती को अधिक उत्पादक एवं लाभकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं। किसान विष्णु राठौर की सफलता आज क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है। साय सरकार की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।

आधी रात घर की छत गिरी, गुरदासपुर में बेटे की सूझबूझ से 90 साल की मां की जान बची

बटाला. तेज बारिश और आंधी के बीच बटाला के निकट स्थित गांव अलोवाल में बड़ा हादसा होते-होते टल गया। देर रात एक मकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई। गनीमत यह रही कि घर में मौजूद बुजुर्ग महिला और उनका बेटा समय रहते कमरे से बाहर निकल आए, जिससे किसी तरह का बड़ा जानी नुकसान नहीं हुआ। हालांकि हादसे में घर का काफी सामान मलबे के नीचे दब गया और परिवार को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। गांव अलोवाल निवासी हरजिंदर सिंह ने बताया कि वह अपनी करीब 90 वर्षीय माता जोगिंदर कौर के साथ घर में मौजूद थे। देर रात मौसम खराब होने के कारण तेज बारिश और आंधी चल रही थी। इसी दौरान कमरे की छत से धीरे-धीरे छोटे-छोटे टुकड़े गिरने लगे। शुरुआत में उन्हें लगा कि बारिश के कारण प्लास्टर झड़ रहा है, लेकिन कुछ ही क्षण बाद तेज आवाज सुनाई दी। खतरा देख बुजुर्ग मां को बाहर निकाला हरजिंदर सिंह के अनुसार स्थिति को भांपते हुए उन्होंने तुरंत अपनी बुजुर्ग माता को कमरे से बाहर निकालने का प्रयास किया। जैसे ही दोनों कमरे से बाहर पहुंचे, छत का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे गिर पड़ा। हादसा इतना अचानक हुआ कि यदि कुछ सेकंड की भी देरी हो जाती तो बड़ा जानी नुकसान हो सकता था। हादसे में जोगिंदर कौर को मामूली चोटें आई हैं, जबकि घर के अंदर रखा सामान मलबे में दब गया। छत गिरने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। गांव के लोग सहायता के लिए आए आगे घटना की जानकारी मिलते ही गांव के कई लोग पीड़ित परिवार की सहायता के लिए मौके पर पहुंचे। इनमें बलविंदर सिंह चट्ठा, हरमन गिल, जय सिंह तथा वार्ड के मौजूदा पार्षद के परिजन भी शामिल थे। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिया। ग्रामीणों ने बताया कि हरजिंदर सिंह का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है और उनके पास आय का कोई स्थायी साधन नहीं है। ऐसे में मकान की मरम्मत करवाना उनके लिए बेहद मुश्किल होगा। उन्होंने प्रशासन से परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। पास वाले घर की छत भी क्षतिग्रस्त इसी मकान से जुड़ी साझी छत वाले घर में रहने वाली जसविंदर कौर ने बताया कि उनके मकान की छत भी आधे से अधिक हिस्से तक क्षतिग्रस्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि वह लोगों के घरों में काम करके अपने परिवार का पालन-पोषण करती हैं और मकान की मरम्मत करवाना उनकी क्षमता से बाहर है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और सरकार से मांग की है कि दोनों प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता, मुआवजा और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे इस मुश्किल परिस्थिति से उबर सकें और अपना जीवन सामान्य रूप से फिर से शुरू कर सकें।

स्मिता बंसल ने बयां किया मां होने का दर्द, कहा- करियर के चलते बेटी से दूरियां आ गई थीं

मुंबई   टेलीविजन की दुनिया में अभिनेत्री स्मिता बंसल ने 'बालिका वधू' शो में 'सुमित्रा' का किरदार निभाकर दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। हाल ही में उन्होंने एक टीवी टॉक शो 'तुम हो ना- घर की सुपरस्टार' में अपनी निजी जिंदगी से जुड़ा एक बेहद भावुक अनुभव साझा किया और बताया कि लगातार शूटिंग और काम की व्यस्तता के कारण उन्हें अपने घर और बच्चों के साथ समय नहीं मिल पाता था। शो के दौरान बातचीत में स्मिता बंसल ने कहा, ''एक कलाकार होने के नाते मैं अपने काम को पूरी ईमानदारी से निभाती हूं लेकिन इसी बीच कई बार परिवार से दूर रहने का दर्द भी मुझे अंदर ही अंदर महसूस होता है। प्रोफेशनल कमिटमेंट्स के चलते कई बार मैं अपने निजी रिश्तों को उतना समय नहीं दे पाती, जितना एक मां के रूप में देना चाहिए।''  शो के दौरान स्मिता ने बताया, "एक बार जब मैं शूटिंग से घर लौटी, तो मैंने अपनी बेटी को खुद सुलाने का फैसला किया। उस समय मेरी बेटी ने मेरे साथ सोने से मना कर दिया और अपनी दादी के साथ सोने की इच्छा जताई। उस पल मुझे एहसास हुआ कि काम की वजह से मेरे और मेरी बेटी के बीच भावनात्मक रूप से थोड़ी दूरी आ गई है। यह मेरे लिए बहुत बड़ा दर्द था।" स्मिता बंसल ने आगे बताया, ''लोग मुझे टीवी पर अलग-अलग किरदारों के लिए जानते थे। कभी कोई मुझे 'आनंदी की मां' कहता था, तो कभी 'जग्या की मां'। हालांकि असल जिंदगी में मैं अपनी ही बेटी के साथ उतना समय नहीं बिता पा रही थी, जितना मैं चाहती थी। एक मां के रूप में यह मेरे लिए सबसे बड़ी कमी और सबसे बड़ा पछतावा रहा है, जिसे चाहकर भी मैं पूरी तरह बदल नहीं सकती।'' बातचीत के दौरान स्मिता ने अपने अभिनय करियर को लेकर कहा, ''मैंने अपने करियर में कई ऐसे किरदार निभाए हैं जो मजबूत महिलाओं की कहानियों को दिखाते हैं। ये वे महिलाएं थीं, जो बिना ज्यादा बोले भी अपने जीवन में कई कठिनाइयों का सामना करती हैं और मजबूती से आगे बढ़ती हैं। इन किरदारों ने मुझे यह समझने में मदद की कि असली ताकत हमेशा बड़े-बड़े शब्दों या दिखावे में नहीं होती, बल्कि कई बार यह रोजमर्रा की जिंदगी के छोटे-छोटे त्याग और धैर्य में छिपी होती है।'' उन्होंने कहा, ''समय के साथ मैं इन किरदारों से खुद को जोड़ने लगी हूं, क्योंकि वास्तविक जीवन में भी महिलाएं कई बार बिना शिकायत किए अपने परिवार और जिम्मेदारियों के लिए बहुत कुछ सहती हैं।'' अगर उनके निजी जीवन की बात करें तो स्मिता बंसल ने साल 2002 में निर्देशक और अभिनेता अंकुश मोहला से शादी की थी। उनकी दो बेटियां हैं, जिनका नाम स्टाशा बंसल और अनघा बंसल हैं।

दिल्ली में CM साय की केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से बैठक, स्वास्थ्य और किसानों से जुड़े मुद्दों पर मंथन

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा से उनके आवास पर शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान जनस्वास्थ्य, चिकित्सा अधोसंरचना, औषधि एवं उर्वरक क्षेत्र सहित विभिन्न विभागीय और समसामयिक विषयों पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई। ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर जोर मुख्यमंत्री साय ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। विशेष रूप से दूरस्थ, ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य चिकित्सा संस्थानों को मजबूत बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के नागरिकों को बेहतर उपचार और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं अपने ही राज्य में उपलब्ध हों। किसानों के लिए खाद और बीज आपूर्ति पर हुई चर्चा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि और उर्वरक क्षेत्र से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को जानकारी दी कि राज्य में किसानों को खाद और बीज की पर्याप्त एवं समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े तथा खरीफ सीजन के दौरान आवश्यक कृषि आदानों की आपूर्ति सुचारु रूप से बनी रहे। कालाबाजारी पर सख्ती और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा मुख्यमंत्री साय ने बताया कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि खाद वितरण व्यवस्था पर सतत निगरानी रखी जाए और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा लापरवाही को कतई बर्दाश्त न किया जाए। साथ ही गांव-गांव अभियान चलाकर किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने तथा नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को यह भी अवगत कराया कि राज्य सरकार नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। किसानों को इनके लाभों की जानकारी देने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि खेती में उत्पादन क्षमता बढ़े, लागत कम हो और कृषि अधिक लाभकारी बन सके। केंद्र से सहयोग से राज्य सरकार विकास को गति देने के लिए प्रयासरत मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भारत सरकार के पूर्ण सहयोग से स्वास्थ्य, कृषि और जनकल्याण के क्षेत्रों में विकास को नई गति देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य के समग्र विकास के लिए केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय को और मजबूत किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, किसानों के हित में उठाए जा रहे कदमों तथा जनकल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने स्वास्थ्य एवं अन्य विकासात्मक क्षेत्रों में केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

राहुल गांधी ने जताया खेद, कहा- मेरे बयान का संबंध शिवराज और कार्तिकेय से नहीं था

जबलपुर  कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी तथा कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय सिंह चौहान के बीच चल रहे बहुचर्चित मानहानि विवाद में समझौते की संभावनाओं के संकेत उभरते दिखाई दिए हैं। हाई कोर्ट में राहुल गांधी ने एक विस्तृत लिखित आवेदन प्रस्तुत कर कहा है कि उनके वर्ष 2018 के चुनावी भाषण को गलत संदर्भ में लिया गया, जबकि उनका आशय न तो तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से था और न ही कार्तिकेय सिंह चौहान से। बुधवार को न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने राहुल गांधी का आवेदन रिकॉर्ड पर लेते हुए कार्तिकेय सिंह चौहान से लिखित जवाब प्रस्तुत करने को कहा है। मामले की सुनवाई 25 जून को पुनः होगी। 'राहुल गांधी ने पैर पकड़ कर माफी मांगी' बीजेपी नेता और भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव तेजिंदर बग्गा ने एक्स पर लिखा है कि राहुल गांधी ने कार्तिकेय सिंह से 'पैर पकड़ कर माफी मांगी' है। बग्गा ने दावा किया है कि राहुल गांधी ने शिवराज सिंह चौहान के बेटे के खिलाफ झूठे आरोप लगाए और इसकी वजह से उन्हें मानहानि के केस का सामना करना पड़ा। राहुल गांधी के आवेदन में क्या था? अब वहीं, राहुल गांधी की ओर से हाईकोर्ट में दायर आवेदन में कहा गया है कि उनका बयान कार्तिकेय सिंह के संबंध में नहीं था. उनके वकील ने कोर्ट में बताया कि जिस टिप्पणी को लेकर विवाद हुआ, उसका संबंध कार्तिकेय सिंह से नहीं था और अगर किसी तरह की गलतफहमी हुई है तो इसके लिए उन्हें बहुत खेद है।  BJP ने साधा राहुल गांधी पर निशाना वहीं, इस मामले को लेकर बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि राहुल गांधी को शायद अपने नाम के साथ ‘सॉरी’ जोड़ लेना चाहिए, क्योंकि उन्हें कई बार अपने बयानों पर माफी मांगनी पड़ी है. अमित मालवीय ने कहा कि अगर राहुल गांधी का बयान कार्तिकेय सिंह के बारे में नहीं था, तो फिर उनका नाम क्यों लिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अक्सर बिना वजह बड़े-बड़े आरोप लगाते हैं और बाद में कोर्ट या तथ्यों के सामने आने पर अपने बयान से पीछे हट जाते हैं।  मालवीय ने आगे कहा कि विपक्ष के नेता जैसे महत्वपूर्ण पद पर बैठे व्यक्ति से जिम्मेदार व्यवहार की उम्मीद की जाती है. उनका कहना है कि राजनीतिक नेताओं को सार्वजनिक मंचों पर ऐसे बयान देते समय फैक्ट्स की जांच कर लेनी चाहिए।  तेजिंदर बग्गा का दावा बीजेपी नेता और भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव तेजिंदर बग्गा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दावा किया है कि राहुल गांधी ने कार्तिकेय सिंह से जुड़े मानहानि मामले में पैर पकड़कर माफी मांगी है।      राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी के बेटे कार्तिकेय सिंह से पैर पकड़ कर माफ़ी माफ़ी । राहुल गांधी ने कार्तिकेय सिंह पर झूठे आरोप लगाए थे और मानहानि का केस झेल रहे थे । बग्गा का आरोप है कि राहुल गांधी ने कार्तिकेय सिंह के खिलाफ झूठे आरोप लगाए थे, जिसके बाद उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज हुआ. हालांकि, मामले में कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है और अदालत में सुनवाई चल रही है।  राहुल के वकील ने दी यह दलील राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक कृष्ण तन्खा व अजय गुप्ता ने दलील दी कि झाबुआ में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए कथित बयान में मध्य प्रदेश नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के एक पूर्व मुख्यमंत्री का संदर्भ था। आवेदन में यह भी कहा गया कि बयान को लेकर यदि कोई भ्रम उत्पन्न हुआ, तो उस पर पहले ही खेद व्यक्त किया जा चुका है।  कार्तिकेय सिंह ने लगाया मानहानि केस दरअसल, कार्तिकेय सिंह चौहान ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने पनामा पेपर्स प्रकरण का उल्लेख करते हुए ऐसा वक्तव्य दिया, जिससे उनकी सार्वजनिक प्रतिष्ठा प्रभावित हुई। इसी आधार पर भोपाल की एमपी-एमएलए कोर्ट में मानहानि का मामला दायर किया था। कोर्ट से राहुल गांधी को समन जारी हुआ था।  इसी समन को चुनौती देते हुए राहुल गांधी हाई कोर्ट पहुंचे हैं। अब उनके ताजा स्पष्टीकरण के बाद अदालत ने प्रतिपक्ष का पक्ष जानना जरूरी माना है। राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चा है कि मामला टकराव के बजाय सहमति के रास्ते की ओर बढ़ सकता है। आज की सुनवाई इस बहुचर्चित विवाद की दिशा तय कर सकती है। राहुल गांधी ने कार्तिकेय सिंह से खेद जताया     दरअसल, लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में एक याचिका डाली है।     इस याचिका में उन्होंने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह के खिलाफ अपने कथित अपमानजनक बयान के लिए खेद प्रकट किया है।     याचिका में राहुल गांधी की ओर से कहा गया है कि कांग्रेस नेता ने जो टिप्पणी की थी, उसका कार्तिकेय सिंह से संबंध नहीं था। राहुल गांधी के खिलाफ किया मानहानि केस     इससे पहले कार्तिकेय सिंह ने भोपाल की एक अदालत में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि की शिकायत की थी।     उनका आरोप है कि राहुल गांधी के बयान से उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है।     एमपी-एमएलए कोर्ट में कार्तिकेय सिंह की ओर से दायर शिकायत में कहा गया कि 2018 में झाबुआ की एक चुनावी रैली में राहुल गांधी ने पनामा पेपर लीक स्कैंडल का जिक्र करते हुए, उससे उनका नाम जोड़ दिया।     इसी शिकायत के आधार पर अदालत ने राहुल गांधी को उसके सामने निजी तौर पर पेश होने के लिए समन जारी किया था।     लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इसी समन और मानहानि की कार्यवाही को खारिज करने के लिए हाई कोर्ट का रुख किया है।  

यूपी BJP में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल, 19 उपाध्यक्ष और 8 महामंत्री समेत 46 नामों का ऐलान

लखनऊ  यूपी बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने अपनी नई टीम का ऐलान कर दिया है. इस टीम में 19 उपाध्यक्ष और 8 महामंत्री बनाए गए हैं. इस टीम में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन का ध्यान रखा गया है. साथ कई महिला चेहरों को भी शामिल किया गया है. इसके अलावा 46 मंत्री, क्षेत्रीय और मोर्चा प्रभारी भी नियुक्त किए गए हैं. प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी अपनी इसी टीम के साथ 2027 के रण में उतरेंगे।  सुरेश राणा, सत्यपाल सैनी, ब्रज बहादुर, डॉ. धर्मेंद्र सिंह, मोहित बेनीवाल, रमेश सिंह, शंकर गिरी, कामेश्वर सिंह, नीरज सिंह समेत 19 नेताओं को उपाध्यक्ष बनाया गया है. इसमें प्रियंका रावत, अर्चना मिश्रा, पूजा पाल और डॉ. कृतिका अग्रवाल जैसी महिला नेताओं को भी जगह मिली है. रामप्रताप सिंह चौहान, गीता शाक्य, अभिजात मिश्रा, उपेंद्र रावत, संजय राय, शंकर लोधी, दिलीप पटेल और राजेश चौधरी को महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई है. विजय शिवहरे, बसंत त्यागी, शिवभूषण सिंह, अंकुर शर्मा, अनिल यादव समेत 46 नेताओं को मंत्री बनाया गया है।  क्षेत्रीय और मोर्चा प्रभार पश्चिम क्षेत्र की कमान नबाब सिंह नागर, ब्रज क्षेत्र पूरन लाल लोधी, कानपुर क्षेत्र राम किशोर साहू, अवध क्षेत्र अवधेश द्विवेदी, काशी क्षेत्र अशोक चौरसिया और गोरखपुर क्षेत्र विनोद राय को सौंपी गई है. मोर्चों में रोहित मिश्रा युवा मोर्चा, प्रकाश पाल पिछड़ा मोर्चा, देवेन्द्र सिंह किसान मोर्चा, अशोक रावत अनुसूचित मोर्चा, सरोज कुशवाह महिला मोर्चा और विद्याभूषण गोंड अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बने हैं।  दिनेश प्रताप मुख्य प्रवक्ता वहीं दिनेश प्रताप सिंह को मुख्य प्रवक्ता, मनीष दीक्षित को प्रदेश मीडिया संयोजक और हिमांशुराज पंडित को प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है।  जातिगत समीकरणों को साधने की बड़ी कोशिश पार्टी के इस नए संगठनात्मक फेरबदल के पीछे उत्तर प्रदेश के जटिल जातिगत समीकरणों और सोशल इंजीनियरिंग को पूरी तरह साधने का एक बड़ा प्रयास साफ दिखाई दे रहा है. विशेष रूप से प्रियंका रावत जैसे चेहरों को आगे बढ़ाकर बीजेपी नेतृत्व ने उन वर्गों पर फोकस किया है जो लंबे वक्त से दलित वर्ग का कुशल नेतृत्व करते आए हैं, जिससे आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी को मजबूत बढ़त मिल सके।  शीर्ष नेतृत्व ने पूर्व में संगठन संभाल रहे संजय राय पर दोबारा बड़ा भरोसा जताते हुए उन्हें फिर से प्रदेश महामंत्री के पद की जिम्मेदारी सौंपी है.उनके साथ ही धाकड़ विधायक राजेश चौधरी को भी नया प्रदेश महामंत्री नियुक्त कर सांगठनिक काम सौंपा गया है।  रोहित मिश्रा को युवा मोर्चा की जिम्मेदारी वहीं, युवाओं को पार्टी की मुख्यधारा से जोड़ने और आगामी रणनीति को धार देने के लिए रोहित मिश्रा को युवा मोर्चा का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है, ताकि युवाओं के साथ-साथ सभी जातिगत समीकरणों को मैदानी स्तर पर पूरी तरह साधा जा सके।  यहां पर देखें पूरी लिस्ट क्रम संख्या नाम पद / क्षेत्र / मोर्चा 1 सुरेश राणा उपाध्यक्ष 2 सत्यपाल सैनी उपाध्यक्ष 3 ब्रज बहादुर उपाध्यक्ष 4 डॉ. धर्मेंद्र सिंह उपाध्यक्ष 5 मोहित बेनीवाल उपाध्यक्ष 6 देवेश कोरी उपाध्यक्ष 7 प्रियंका रावत उपाध्यक्ष 8 दुर्विजय शाक्य उपाध्यक्ष 9 रमेश सिंह उपाध्यक्ष 10 नीरज सिंह उपाध्यक्ष 11 अर्चना मिश्रा उपाध्यक्ष 12 पूजा पाल उपाध्यक्ष 13 शंकर गिरी उपाध्यक्ष 14 कामेश्वर सिंह उपाध्यक्ष 15 डॉ कृतिका अग्रवाल उपाध्यक्ष 16 सुरेश मौर्य उपाध्यक्ष 17 राजेश यादव उपाध्यक्ष 18 कृष्ण बिहारी राय उपाध्यक्ष 19 आलोक गुप्ता उपाध्यक्ष 20 रामप्रताप सिंह चौहान महामंत्री 21 गीता शाक्य महामंत्री 22 अभिजात मिश्रा महामंत्री 23 उपेंद्र रावत महामंत्री 24 संजय राय महामंत्री 25 शंकर लोधी महामंत्री 26 दिलीप पटेल महामंत्री 27 राजेश चौधरी महामंत्री 28 विजय शिवहरे मंत्री 29 बसंत त्यागी मंत्री 30 शिवभूषण सिंह मंत्री 31 सहजानंद राय मंत्री 32 अंकुर शर्मा मंत्री 33 अनिल यादव मंत्री 34 अवधेश श्रीवास्तव मंत्री 35 विजय राजभर मंत्री 36 प्रमेन्द्र जांगड़ा विश्वकर्मा मंत्री 37 किरण लोधी निषाद मंत्री 38 राकेश बिंद मंत्री 39 संचिता सिंह चौहान (लुनिया) मंत्री 40 रजनी पांडेय मंत्री 41 राहुल वाल्मीकि मंत्री 42 महामेधा नागर मंत्री 43 दीपमाला संतोषी मंत्री 44 सुहासिनी जायसवाल मंत्री 45 यतेंद्र शर्मा मंत्री 46 आकांक्षा सोनकर मंत्री 47 नबाब सिंह नागर क्षेत्रीय अध्यक्ष (पश्चिम) 48 पूरन लाल लोधी क्षेत्रीय अध्यक्ष (ब्रज) 49 राम किशोर साहू क्षेत्रीय अध्यक्ष (कानपुर) 50 अवधेश द्विवेदी क्षेत्रीय अध्यक्ष (अवध) 51 अशोक चौरसिया क्षेत्रीय अध्यक्ष (काशी) 52 विनोद राय क्षेत्रीय अध्यक्ष (गोरखपुर) 53 भारत दीक्षित कार्यालय मंत्री 54 अतुल अवस्थी कार्यालय सह-मंत्री 55 लक्ष्मण सिंह कार्यालय सह-मंत्री 56 दिनेश प्रताप सिंह मुख्य प्रवक्ता 57 मनीष दीक्षित प्रदेश मीडिया संयोजक 58 हिमांशु राज पंडित प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक 59 रोहित मिश्रा प्रदेश अध्यक्ष (युवा मोर्चा) 60 प्रकाश पाल प्रदेश अध्यक्ष (पिछड़ा मोर्चा) 61 देवेन्द्र सिंह प्रदेश अध्यक्ष (किसान मोर्चा) 62 अशोक रावत प्रदेश अध्यक्ष (अनुसूचित मोर्चा) 63 सरोज कुशवाह प्रदेश अध्यक्ष (महिला मोर्चा) 64 विद्याभूषण गोंड प्रदेश अध्यक्ष (अनुसूचित जनजाति मोर्चा)