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MP के ग्लोबल स्किल पार्क के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय प्लेसमेंट, 97% तक दर्ज हुआ प्लेसमेंट

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्लोबल स्किल पार्क के अंतर्राष्ट्रीय प्लेसमेंट प्राप्त प्रशिक्षणार्थियों को दी बधाई गल्फ क्षेत्र में कार्य करेंगे 27 प्रशिक्षणार्थी संस्थान में संचालित है 9 तकनीकी पाठ्यक्रम संस्थान में प्रशिक्षित युवाओं की गत वर्षों में दर्ज की गई 97 प्रतिशत प्लेसमेंट भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क भोपाल के 27 प्रशिक्षणार्थियों ने मंत्रालय में भेंट की। संस्था के इन प्रशिक्षणार्थियों ने गल्फ क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय प्लेसमेंट प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी प्रशिक्षणार्थियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए उनके सफल करियर तथा उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मुलाकात के दौरान प्रशिक्षणार्थियों ने अपने तकनीकी प्रशिक्षण, चयन प्रक्रिया और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार प्राप्त करने की यात्रा के अनुभव साझा किए। इस अवसर पर कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल उपस्थित थे। संस्थान उपलब्ध करा रहा है तकनीकी प्रशिक्षण और उद्योग केंद्रित कौशल विकास सुविधाएं उल्लेखनीय है कि प्रशिक्षणार्थियों में एडवांस्ड मैकेनिकल टेक्नोलॉजी, एडवांस्ड इलेक्ट्रिकल टेक्नोलॉजी, एडवांस्ड ऑटोमेटिव टेक्नोलॉजी तथा एडवांस्ड मेकाट्रॉनिक्स एंड इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स पाठ्यक्रमों के प्रशिक्षणार्थी शामिल हैं। इन प्रशिक्षणार्थियों की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नियुक्ति, एसएसआर ग्लोबल स्किल्स पार्क में प्रदान किए जा रहे तकनीकी प्रशिक्षण और उद्योग केंद्रित कौशल विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। संस्थान में पिछले वर्षों के दौरान लगभग 97 प्रतिशत प्लेसमेंट दर्ज की गई। यहां प्रतिवर्ष लगभग 2 हजार विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों को विभिन्न तकनीकी एवं कौशल विकास कार्यक्रमों के अंतर्गत प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रदेश की 10 आईटीआई के लिए हब के रूप में कार्य कर रहा है ग्लोबल स्किल पार्क मंत्री टेटवाल ने इस अवसर पर बताया कि संस्थान में 9 उन्नत तकनीकी पाठ्यक्रम संचालित हैं, जिनमें एडवांस्ड ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी, एडवांस्ड इलेक्ट्रिकल टेक्नोलॉजी, एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक्स (मोबाइल डिवाइसेस एंड IoT इंटीग्रेशन), एडवांस्ड एयर कंडीशनिंग एंड रेफ्रिजरेशन एडवांस्ड नेटवर्किंग एंड सिस्टम्स एडमिनिस्ट्रेशन, एडवांस्ड मैकेनिकल टेक्नोलॉजी, एडवांस्ड मेकाट्रॉनिक्स एंड इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स, एडवांस्ड मैकेनिकल एंड इलेक्ट्रिकल सर्विसेज तथा एडवांस्ड प्रिसिजन इंजीनियरिंग (CNC एंड प्रिसिजन इंजीनियरिंग) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, संस्थान प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0 और हब एंड स्पोक मॉडल के अंतर्गत भी प्रशिक्षण प्रदान करता है। यह संस्थान प्रदेश की 10 आईटीआई के लिए हब के रूप में भी कार्य कर रहा है।  

कृषि मंत्री राम विचार नेताम के निर्देश पर हल्दी बीज वितरण में अनियमितता की शिकायत पर जाँच शुरू

कृषि मंत्री राम विचार नेताम के निर्देश पर हल्दी बीज वितरण में अनियमितता की शिकायत पर जाँच शुरू रकबा के सत्यापन के लिए डिजिटल क्रॉप सर्वे कराने के निर्देश रायपुर,  कृषि विभाग के अनुशांगिक संस्था उद्यानिकी विभाग द्वारा वर्ष 2026-27 में राज्य पोषित मसाला क्षेत्र विस्तार प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत हल्दी बीज वितरण में कथित अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार की शिकायतों को गंभीरता से लिया है।कृषि मंत्री राम विचार नेताम के निर्देशानुसार मामले की जाँच प्रारंभ कर दी गई है तथा जाँच के लिए संचालनालय स्तर से टीम भी गठित की गई है।          जिलों में हल्दी बीज वितरण से संबंधित शिकायतों के परिप्रेक्ष्य में संचालनालय, उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी द्वारा जिला अधिकारियों से हितग्राहीवार रोपित बीज की मात्रा, बीज प्रदायक संस्थाओं द्वारा प्रदाय बीज की मात्रा एवं गुणवत्ता तथा हल्दी बीज रोपण करने वाले कृषकों को भुगतान की गई अनुदान राशि की स्थिति सहित आवश्यक जानकारी और अभिलेख माँगे गए हैं।उद्यानिकी विभाग द्वारा संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि कृषकों द्वारा रोपित किये गये हल्दी बीज से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज, भुगतान संबंधी विवरण तथा फसल के भौतिक सत्यापन की जानकारी निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराई जाए, ताकि शिकायतों की तथ्यात्मक जाँच कर शासन को प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जा सके। डिजिटल क्रॉप सर्वे के भी निर्देश        जाँच प्रक्रिया के अंतर्गत किसानों के खेतों में रोपित हल्दी फसल की वास्तविक स्थिति,  रोपित रकबा का सत्यापन करने के लिए डिजिटल क्रॉप सर्वे कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके साथ ही बीज वितरण से संबंधित अभिलेखों, बीज प्रदायक संस्थाओं के विवरण, देयकों, पंजीयन टैग तथा फसल के भौतिक सत्यापन की जानकारी का परीक्षण किया जाएगा। किसानों के खेतों में रोपित फसल के जीपीएस आधारित फोटोग्राफ भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अभिलेखों और वास्तविक स्थिति का मिलान किया जा सके। अनुदान भुगतान पर रोक         उल्लेखनीय है कि राज्य में उद्यानिकी विभाग के माध्यम से राज्य पोषित योजनांतर्गत 1300 हेक्टेयर हल्दी क्षेत्र विस्तार का कार्यक्रम लिया जा रहा है। इस योजनांतर्गत स्वयं के स्तर से  प्रमाणित हल्दी बीज का रोपण करने वाले कृषकों को प्रति हेक्टेयर 46 हजार रूपए तक अनुदान देने का प्रावधान है। योजनांतर्गत बीज की व्यवस्था स्वयं कृषक द्वारा की जाकर अनुदान हेतु आवेदन जिला अधिकारी को प्रस्तुत करने पर मैदानी अमले से सत्यापन उपरांत अनुदान की राशि कृषक के बैंक खाते में भुगतान की जाती है। कृषकों द्वारा रोपित की गई हल्दी फसल के प्रमाणित बीज वितरण से संबंधित शिकायतों एवं सत्यापन की प्रक्रिया को देखते हुए विभाग द्वारा अनुदान भुगतान की कार्यवाही फिलहाल रोक दी गई है। कृषकों द्वारा प्रस्तुत किये गये अभिलेखों, रोपित बीज की मात्रा एवं रकबा तथा फसल की स्थिति के सत्यापन की जाँच के बाद ही आगे की भुगतान प्रक्रिया के संबंध में निर्णय लिया जाएगा। जाँच में अधिकारी, कर्मचारी अथवा संबंधित संस्था दोषी पाए जाते हैं कानूनी  कार्रवाई की जायेगी        मंत्री नेताम के निर्देश पर प्रारंभ की गई जाँच का उद्देश्य योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करना तथा पात्र किसानों तक योजना का लाभ पहुँचाना है। विभाग ने निर्देशित किया है कि जाँच में जो भी अधिकारी, कर्मचारी अथवा संबंधित संस्था दोषी पाए जाते हैं, उनके विरुद्ध कानूनी  कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी। जाँच पूरी होने तथा संबंधित तथ्यों की पुष्टि के बाद ही अनियमितताओं की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। जाँच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।

झारखंड में भाजपा की बड़ी बैठक 24-25 अक्टूबर को, नितिन नवीन और बीएल संतोष करेंगे शिरकत

रांची  भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 23 अक्टूबर को रांची पहुंचेंगे। 24 अक्टूबर को प्रारंभ हो रही भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में नितिन नवीन उपस्थित रहेंगे और कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करेंगे। 24 और 25 अक्टूबर को भाजपा का दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति बैठक रांची में आयोजित है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के अलावा पार्टी के संगठन महामंत्री बीएल संतोष भी प्रदेश कार्यसमिति बैठक में शामिल होंगे। 25 अक्टूबर को समापन सत्र में उनकी उपस्थिति रहने की संभावना है। भाजपा के दोनों बड़े नेताओं का दौरा गिरिडीह विधानसभा उपचुनाव की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। दो दिनों के प्रवास में नितिन नवीन उपचुनाव में भाजपा की जीत के समीकरण पर चर्चा करेंगे। स्थानीय स्तर पर मुद्दों की पहचान और प्रत्याशी के नाम पर भी आरंभिक चर्चा होने की बात पार्टी के नेता कह रहे हैं। राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष पार्टी की तरफ से एसआइआर प्रक्रिया में हुई प्रगति की भी जानकारी लेंगे। सभी संगठन प्रभारी बैठक की तैयारी पर रखेंगे नजर भारतीय जनता पार्टी द्वारा केंद्रीय स्तर से नियुक्त संगठन प्रभारी गजेंद्र पटेल, सह प्रभारी सौरभ सिंह और निवेदिता सिंह भी राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे से पहले रांची पहुंच जाएंगे। प्रदेश कार्यसमिति के लिए एजेंडा तय करने और इसकी तैयारियों पर केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश के अनुसार तीनों प्रभारी स्थानीय स्तर पर सहयोग करेंगे पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री और झारखंड के प्रभारी सौदान सिंह भी 17 अक्टूबर को रांची आकर इसकी तैयारियों की समीक्षा करेंगे। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्या साहू ने पिछले दिनों दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात कर पूरे कार्यक्रम की जानकारी दी है। चाचा के आवास पर रहेंगे नवीन भाजपा अध्यक्ष रांची प्रवास के दौरान कांके के अरसंडे स्थित अपने चाचा के आवास पर रहेंगे और यहीं लोगों से मिलेंगे भी। नवीन का जन्म भी इसी आवास में हुआ था। उनकी शादी भी रांची में ही हुई है। इस दौरान वे अपने सगे संबंधियों से मिलेंगे और पुरानी यादें ताजा करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज को मिला गौरव और सम्मान: भाजप भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों, सांसदों और विधायकों की बैठक में झारखंड के जनजातीय समाज, संस्कृति और विरासत के सम्मान, संरक्षण तथा विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों की सराहना की गई। बुधवार को प्रदेश कार्यालय में राजनीतिक प्रस्ताव पेश किया गया, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने प्रस्ताव रखा। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और विधायक पूर्णिमा साहू ने इसका अनुमोदन किया। बैठक में मौजूद सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने हाथ उठाकर समर्थन किया। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश महामंत्री और सेवा एवं नेतृत्व कार्यक्रम के संयोजक अमर कुमार बाउरी ने किया। आदित्य साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने गरीबों, वंचितों और जनजातीय समाज की पीड़ा को संवेदनशीलता से समझा है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक जनजातीय समाज बुनियादी सुविधाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास के पर्याप्त अवसरों से वंचित रहा तथा पूर्ववर्ती सरकारों ने इसकी अनदेखी की। मोदी के नेतृत्व में समाज के सम्मान, अधिकार और विकास को प्राथमिकता देने के लिए कई पहल हुई हैं। प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि झारखंड के विकास के बिना विकसित भारत का सपना पूरा नहीं हो सकता। राज्य जनजातीय संस्कृति, गौरवशाली परंपराओं, संघर्ष और बलिदान की ऐतिहासिक भूमि है। जनजातीय समाज, गरीबों, वंचितों और ग्रामीण क्षेत्रों की विकास में पूरी भागीदारी के बिना विकसित भारत का संकल्प अधूरा रहेगा। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि मोदी का सार्वजनिक जीवन सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण का प्रेरक उदाहरण है। गुजरात के सीएम से प्रधानमंत्री तक की उनकी यात्रा गरीबों, वंचितों, किसानों, युवाओं और जनजातीय समाज के जीवन में सकारात्मक बदलाव के संकल्प से जुड़ी है।  

पारिवारिक हकत्याग की रजिस्ट्री में नेत्र प्रभा जोशी को मिली 81,648 रुपये की आर्थिक राहत

सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी पारिवारिक हकत्याग की रजिस्ट्री में नेत्र प्रभा जोशी को मिली 81,648 रुपये की आर्थिक राहत पंजीयन शुल्क 0.8 प्रतिशत से घटकर हुआ मात्र 500 रुपये, पारिवारिक संपत्ति का हस्तांतरण हुआ किफायती मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन सेवाओं में सुधार से नागरिकों को मिल रही सहूलियत रायपुर छत्तीसगढ़ में पारिवारिक संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों के पंजीयन को सरल और किफायती बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए गए सुधारों से नागरिकों को बड़ी आर्थिक राहत मिल रही है। बस्तर जिले के जगदलपुर निवासी श्रीमती नेत्र प्रभा जोशी के लिए पारिवारिक हकत्याग की रजिस्ट्री में शुल्क संबंधी रियायत महत्वपूर्ण सहारा बनी। संयुक्त परिवार के सदस्यों के बीच हकत्यागनामा के पंजीयन शुल्क को संपत्ति के बाजार मूल्य के 0.8 प्रतिशत से घटाकर मात्र 500 रुपये किए जाने से उन्हें 81 हजार 648 रुपये की प्रत्यक्ष आर्थिक बचत हुई। इस राहत से पारिवारिक संपत्ति से संबंधित दस्तावेज का पंजीयन कम खर्च में पूरा हुआ और परिवार पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ भी कम हुआ। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी की पहल और मार्गदर्शन में पंजीयन विभाग द्वारा नागरिकों की सुविधा के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं। इन सुधारों में पंजीयन प्रक्रिया का सरलीकरण, शुल्क में रियायत, डिजिटल सेवाओं का विस्तार और स्मार्ट पंजीयन कार्यालयों का विकास प्रमुख हैं। इन व्यवस्थाओं का लाभ आम नागरिकों तक किस प्रकार पहुंच रहा है, यह जानने के लिए विभाग द्वारा 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत हितग्राहियों से सीधे संवाद कर उनके अनुभव और सुझाव संकलित किए जा रहे हैं। 81 हजार रुपये से अधिक की बचत ने दी परिवार को बड़ी राहत सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत अपना अनुभव साझा करते हुए श्रीमती नेत्र प्रभा जोशी ने बताया कि पारिवारिक हकत्याग से संबंधित रिलीज डीड का पंजीयन कराने के दौरान उन्हें शासन द्वारा निर्धारित रियायती पंजीयन शुल्क का लाभ मिला। इस व्यवस्था के कारण उनके 81,648 रुपये बच गए। संपत्ति संबंधी दस्तावेज के पंजीयन में इतनी बड़ी राशि की बचत उनके परिवार के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक राहत साबित हुई। श्रीमती जोशी ने बताया कि पंजीयन शुल्क में कमी आने से पारिवारिक संपत्ति से जुड़े आवश्यक दस्तावेजों का पंजीयन कराना पहले की तुलना में अधिक किफायती हुआ है। इससे परिवार को अतिरिक्त आर्थिक व्यय से राहत मिली है। उन्होंने इस सुविधा को आम नागरिकों के लिए उपयोगी बताते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया। पारिवारिक हकत्याग पर अब मात्र 500 रुपये पंजीयन शुल्क राज्य शासन द्वारा संयुक्त परिवार के सदस्यों के बीच पारिवारिक हकत्यागनामा के पंजीयन शुल्क में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। पहले ऐसे दस्तावेजों के पंजीयन पर संपत्ति के बाजार मूल्य का 0.8 प्रतिशत शुल्क निर्धारित था, जिसे घटाकर अब मात्र 500 रुपये कर दिया गया है। इस निर्णय से पात्र परिवारों को संपत्ति संबंधी अधिकारों के व्यवस्थापन और हकत्याग के दस्तावेजों का पंजीयन कराने में आर्थिक सहूलियत मिल रही है। विशेष रूप से उन परिवारों के लिए यह व्यवस्था उपयोगी साबित हो रही है, जिन्हें पारिवारिक संपत्ति के हकत्याग से संबंधित दस्तावेजों के पंजीयन में पहले अधिक राशि खर्च करनी पड़ती थी। जगदलपुर की श्रीमती नेत्र प्रभा जोशी को मिली 81,648 रुपये की राहत इसका उदाहरण है। पंजीयन शुल्क में कमी से बची राशि परिवार की अन्य आवश्यकताओं के लिए उपयोग की जा सकती है। डिजिटल सुविधाओं से सरल और पारदर्शी बन रही पंजीयन प्रक्रिया वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन विभाग द्वारा तकनीक आधारित सेवाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। ऑनलाइन अपॉइंटमेंट, डिजिटल दस्तावेज, ऑनलाइन भुगतान और ऑटो म्यूटेशन जैसी व्यवस्थाओं से नागरिकों के लिए संपत्ति पंजीयन की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक बनाई जा रही है। इन सुधारों का उद्देश्य नागरिकों के समय और धन की बचत के साथ पंजीयन कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाना है। प्रदेश में विकसित हो रहे सर्वसुविधायुक्त स्मार्ट पंजीयन कार्यालय राज्य में नागरिकों को बेहतर वातावरण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्मार्ट पंजीयन कार्यालय विकसित किए जा रहे हैं। इन कार्यालयों में वातानुकूलित प्रतीक्षालय, डिजिटल टोकन प्रणाली, हेल्प डेस्क, ऑनलाइन अपॉइंटमेंट, निःशुल्क वाई-फाई और स्वच्छ शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रथम चरण में सीबीडी नवा रायपुर, बेबीलोन टावर, श्रीराम बिजनेस पार्क सड्डू, अभनपुर, तिल्दा, रायगढ़, बिलासपुर, दुर्ग और कुनकुरी स्थित पंजीयन कार्यालयों को आधुनिक स्वरूप में विकसित किया जा चुका है। इन कार्यालयों में नागरिकों को सुविधाजनक वातावरण में पंजीयन कार्य पूरा करने और आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त करने की व्यवस्था की गई है। सेवा संकल्प अभियान से सामने आ रही बदलाव की कहानियां पंजीयन विभाग का 'सेवा संकल्प अभियान' नागरिकों के अनुभवों और सुझावों को जानने का माध्यम बन रहा है। अभियान के तहत हितग्राहियों से संवाद कर पंजीयन सेवाओं में हुए सुधारों के वास्तविक लाभ की जानकारी प्राप्त की जा रही है। जगदलपुर की श्रीमती नेत्र प्रभा जोशी की कहानी दर्शाती है कि पंजीयन शुल्क में किए गए सुधार किस प्रकार परिवारों को प्रत्यक्ष आर्थिक राहत प्रदान कर रहे हैं। पारिवारिक हकत्याग की रजिस्ट्री में 81,648 रुपये की बचत उनके लिए केवल शुल्क में रियायत नहीं, बल्कि परिवार की आर्थिक जरूरतों के लिए उपलब्ध हुई एक महत्वपूर्ण राशि भी है।

श्रीगंगानगर के रावला में ड्रोन तस्करी का बड़ा खुलासा, RDX और हथियारों के साथ पंजाब के 2 युवक गिरफ्तार

श्रीगंगानगर सीमा पार से आने वाले ड्रोन अब रावला के खेतों में सिर्फ नशे की खेप नहीं गिरा रहे। हेरोइन और अफीम के बाद अब हथियार और विस्फोटक मिलने से सीमा सुरक्षा के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है। जनवरी से अक्टूबर तक सामने आई घटनाओं की कड़ियां जोड़ें तो रावला क्षेत्र ड्रोन तस्करी के संवेदनशील केंद्र के रूप में उभरता दिखाई देता है। ताजा मामले में करीब 7.750 किलोग्राम आरडीएक्स, एक रिमोट, पांच बैटरियां, दो कैपलर, तुर्की निर्मित दो जिगाना पिस्टल, चार मैगजीन और करीब 867 कारतूस मिलने से जांच का दायरा नशा तस्करी से आगे बढ़कर संभावित आतंकी नेटवर्क तक पहुंच गया है। सुरक्षा एजेंसियों से मिली जानकारी के अनुसार, रावला के चक 12 केएनडी क्षेत्र में ड्रोन से गिराए गए तीन पैकेटों से विस्फोटक और हथियार बरामद हुए। मामले में पंजाब निवासी दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है। बरामद सामग्री में आरडीएक्स भी शामिल है। राजस्थान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ), बीएसएफ और स्थानीय पुलिस की कार्रवाई के बाद अब खेप भेजने वालों, इसे लेने पहुंचे लोगों और इसके संभावित इस्तेमाल की पड़ताल की जा रही है। विस्फोटक तक पहुंचा नेटवर् रावला क्षेत्र में इस साल की शुरुआत से ही ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थ पहुंचाए जाने के मामले सामने आते रहे हैं। जनवरी में हेरोइन और ड्रोन बरामद होने, मार्च में करीब 10 किलोग्राम हेरोइन की खेप पकड़े जाने और सितंबर में हेरोइन व अफीम मिलने के बाद अक्टूबर में हथियारों और विस्फोटक की बरामदगी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार हो रही बरामदगियों से यह सवाल उठ रहा है कि क्या सीमा पार से खेप गिराने और उन्हें आगे पहुंचाने के लिए कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय है? स्थानीय स्तर पर खेप लेने वालों, पंजाब तक फैले संपर्कों और सीमा पार बैठे संचालकों के बीच कड़ियां तलाशना जांच का अहम हिस्सा होगा। खेप का अंतिम ठिकाना कहां? अब एजेंसियों के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि ड्रोन किस दिशा से आया, खेप कहां गिराई गई, उसे लेने वाले कौन थे और विस्फोटक व हथियार किसके पास पहुंचने थे। रावला में नशीले पदार्थों की बार-बार बरामदगी के बीच हथियारों और विस्फोटक की ताजा खेप ने सीमा पार तस्करी के संभावित बड़े नेटवर्क की पड़ताल को और महत्वपूर्ण बना दिया है। चुनाव से पहले साजिश की आशंका पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले हथियारों और विस्फोटक की इतनी बड़ी खेप मिलने से इनके संभावित इस्तेमाल को लेकर सवाल उठ रहे हैं। क्या इस सामग्री को किसी बड़ी वारदात के लिए भेजा गया था? क्या इसके तार पंजाब में सक्रिय आपराधिक या आतंकी नेटवर्क से जुड़े हैं? फिलहाल इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही मिल सकेंगे। चुनाव से पहले पंजाब में अशांति फैलाने की आशंका को जांच के संभावित पहलुओं में शामिल किया जा सकता है। बटाला ग्रेनेड हमले से जुड़ी कड़ी बटाला की अर्बन एस्टेट पुलिस चौकी पर 1 अगस्त को हुए ग्रेनेड विस्फोट के मामले में पंजाब पुलिस ने तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी थी। रावला में गिरफ्तार युवकों में से एक के पंजाब में हुए ग्रेनेड हमले में शामिल होने का संदेह भी जताया गया है। हालांकि, गिरफ्तार युवक की पहचान और बटाला मामले में उसकी भूमिका की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। यदि दोनों मामलों के बीच संबंध स्थापित होता है तो जांच का दायरा राजस्थान और पंजाब के बीच सक्रिय हथियार व विस्फोटक नेटवर्क तक फैल सकता है। टाइमलाइन: ड्रोन से आई नशे और हथियारों की खेप 2 जनवरी – 15 केएनडी के पास: खेत में 4 किलो 88 ग्राम हेरोइन और एक ड्रोन मिला। बताया गया कि यह खेप दिसंबर के अंतिम दिनों में गिराई गई थी। लौटते समय ड्रोन खेत में गिर गया था। मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। 26-27 मार्च – चक 2 केएनडी क्षेत्र: ड्रोन से गिराई गई करीब 10 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई। कार्रवाई में पंजाब के तीन तस्करों और दो स्थानीय मददगारों सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। 12-13 सितंबर – चक 14 केएनडी: खेत में 5 किलोग्राम हेरोइन और 508 ग्राम अफीम बरामद हुई। 12-14 अक्टूबर – चक 12 केएनडी: ड्रोन से गिराए गए पैकेटों से करीब 7.750 किलोग्राम आरडीएक्स, एक रिमोट, पांच बैटरियां, दो कैपलर, तुर्की निर्मित दो जिगाना पिस्टल, चार मैगजीन और करीब 867 कारतूस बरामद हुए। मामले में पंजाब के दो युवकों को गिरफ्तार किया गया। अधिकारी का बयान “ड्रोन के जरिए आया आरडीएक्स हाई क्वालिटी का एक्सप्लोसिव है। इसमें कीलें व अन्य नुकीली सामग्री मिली हुई पाई गई हैं। पंजाब में थानों और पुलिस चौकियों पर हमलों के लिए आरडीएक्स का इस्तेमाल हैंड ग्रेनेड में हुआ है। रावला क्षेत्र में मिला आरडीएक्स अपग्रेड है। अब एक लेवल ऊपर जाकर आईईडी विस्फोट के लिए इसे तैयार किया गया है। पंजाब का पैटर्न देखते हुए सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि इसका इस्तेमाल कहां होना था। आरडीएक्स की मात्रा और इसकी क्वालिटी को देखकर लगता है कि जिन हाथों तक यह पहुंचना था, उनकी योजना बड़े पैमाने पर विध्वंस करने की रही होगी।” — विकास कुमार, महानिरीक्षक, एएनटीएफ

धान के पैरे से धनेश्वरी ने गढ़ी आत्मनिर्भरता की नई पहचान, कला को बनाया कमाई का जरिया

सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी धान के पैरे से धनेश्वरी ने गढ़ी आत्मनिर्भरता की नई पहचान, कला को बनाया कमाई का जरिया बिहान योजना और नाबार्ड के प्रशिक्षण से निखरा हुनर, घर बैठे पैरा आर्ट से अर्जित कर रहीं अच्छी आमदनी खुद बनीं आत्मनिर्भर, अब दूसरी महिलाओं को भी सिखा रहीं हुनर और दिखा रहीं स्वरोजगार की राह रायपुर,   खेतों में धान की कटाई के बाद बचने वाला पैरा भी किसी के जीवन में खुशहाली और आत्मनिर्भरता का माध्यम बन सकता है। जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम अवरीद निवासी श्रीमती धनेश्वरी धीवर ने अपनी मेहनत, लगन और रचनात्मकता से इसे सच कर दिखाया है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़कर उन्होंने पैरा आर्ट की कला सीखी और आज इसी हुनर के बल पर घर बैठे अच्छी आमदनी अर्जित कर रही हैं। कभी केवल अपनी रुचि के लिए सीखी गई कला अब उनकी आजीविका का आधार बन गई है। इतना ही नहीं, धनेश्वरी अब दूसरों को भी पैरा आर्ट का प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं। बिहान से मिला अवसर, नाबार्ड के प्रशिक्षण ने संवारा हुनर श्रीमती धनेश्वरी धीवर की आत्मनिर्भरता की यात्रा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ने के बाद शुरू हुई। नाबार्ड के सहयोग से उन्हें पैरा आर्ट का प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिला। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने पैरे से आकर्षक कलाकृतियां तैयार करने की बारीकियां सीखीं। अपनी रुचि और निरंतर अभ्यास के माध्यम से उन्होंने इस कला में दक्षता हासिल की। धीरे-धीरे उनका हुनर निखरता गया और उन्होंने पैरा आर्ट को स्वरोजगार के रूप में अपनाने का निर्णय लिया। आज धनेश्वरी घर पर ही पैरा आर्ट की कलाकृतियां तैयार कर रही हैं और उनसे अच्छी आमदनी अर्जित कर रही हैं। इस कार्य की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उन्हें रोजगार के लिए घर से बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। वे घरेलू जिम्मेदारियों के साथ अपनी कला को समय देकर आय अर्जित कर पा रही हैं। इससे परिवार की आर्थिक जरूरतों में योगदान देने के साथ उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है। अपने हुनर से दूसरों के सपनों को भी दे रहीं आकार धनेश्वरी धीवर की सफलता केवल स्वयं तक सीमित नहीं है। पैरा आर्ट में दक्षता हासिल करने के बाद वे अब प्रशिक्षक की भूमिका भी निभा रही हैं। वे अन्य लोगों को पैरा आर्ट की तकनीक और कलाकृतियां तैयार करने का प्रशिक्षण दे रही हैं, ताकि वे भी इस कला को सीखकर स्वरोजगार के अवसर विकसित कर सकें। इस तरह उनका हुनर न केवल उनकी अपनी आजीविका का माध्यम बना है, बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार की संभावनाएं तैयार कर रहा है। श्रीमती धनेश्वरी बताती हैं कि पैरा आर्ट ने उन्हें घर बैठे काम करने और अपनी आमदनी बढ़ाने का अवसर दिया है। बिहान से जुड़ाव और नाबार्ड के प्रशिक्षण ने उनके हुनर को नई दिशा दी। आज वे अपनी कला के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और दूसरों को प्रशिक्षण देकर अपने अनुभव का लाभ भी पहुंचा रही हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता को मिल रहा प्रोत्साहन मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को कौशल विकास, प्रशिक्षण और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। महिलाओं की रुचि और स्थानीय संसाधनों पर आधारित आजीविका गतिविधियां उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। श्रीमती धनेश्वरी धीवर ने अपने जीवन में आए इस सकारात्मक बदलाव के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। उनकी कहानी इस बात का प्रेरक उदाहरण है कि सही प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर ग्रामीण महिलाएं अपने हुनर को पहचान देकर न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बन सकती हैं, बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार और आत्मविश्वास की नई राह खोल सकती हैं।

यादव ने सचिव जनसंपर्क विभाग का कार्यभार ग्रहण किया

यादव ने सचिव जनसंपर्क विभाग का कार्यभार ग्रहण किया भोपाल भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी भरत यादव ने गुरुवार को मंत्रालय,वल्लभ भवन में सचिव जनसंपर्क विभाग का पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर उप सचिव कैलाश बुन्देला ने यादव का स्वागत किया। नवागत सचिव भरत यादव ने विभागीय कार्यों की जानकारी भी ली तथा आवश्यक निर्देश दिये।विभाग के कर्मचारी भी इस अवसर पर मौजूद थे।

भारत ने टी20 इंटरनेशनल में पूरे किए 2000 छक्के, वेस्टइंडीज सबसे आगे; जानें कौन-कौन सी टीमें शामिल

नई दिल्ली  भारत को वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज के चौथे मैच में हार मिली। वेस्टइंडीज ने बोर्ड पर 247 रन टांग दिए थे। जवाब में भारतीय टीम ने लगातार विकेट खोए और आखिरी ओवर में पारी 223 रनों पर सिमट गई। भारतीय टीम ने अपनी बैटिंग के लिए दौरान टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 2000 छक्के पूरे किए। हम आपको सबसे ज्यादा छक्के मारने वाली 5 टीमों के बारे में बताते हैं। वेस्टइंडीज- 2026 छक्के टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के वेस्टइंडीज की टीम ने मारे हैं। टीम ने अभी तक कुल 259 मैच खेले हैं और उनके 67 बल्लेबाजों के बल्ले से छक्के निकले। वेस्टइंडीज ने इस फॉर्मेट में कुल 2026 छक्के मारे हैं। भारत के खिलाफ इंदौर टी20 में ही टीम ने 2000 छक्के पूरे किए थे। भारत- 2010 छक्के हैदराबाद में वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथे टी20 इंटरनेशनल मैच के दौरान भारतीय टीम ने 200 छक्के पूरे किए। यह टीम का 297वां मुकाबला था। भारत के लिए टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा 205 छक्के रोहित शर्मा ने मारे हैं। न्यूजीलैंड- 1585 छक्के टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में न्यूजीलैंड ने अभी तक 267 मैच खेले हैं। इसमें टीम की तरफ से कुल 39910 रन बने हैं। इस दौरान कीवी बल्लेबाजों ने 1585 छक्के उड़ाए। टीम के लिए 5 बल्लेबाजों ने 100 से ज्यादा छक्के मारे हैं। पाकिस्तान- 1507 छक्के पाकिस्तान की टीम ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में भारत के बाद सबसे ज्यादा 45059 रन बनाए हैं। हालांकि छक्के मारने के मामले में वह काफी पीछे हैं। टीम के 1507 छक्के ही हैं। सिर्फ एक ही बल्लेबाज फखर जमां के इस फॉर्मेट में 100 छक्के हैं। इस फॉर्मेट में पाकिस्तान ने सबसे ज्यादा 305 मैच खेले हैं। साउथ अफ्रीका- 1407 छक्क साउथ अफ्रीका के पास शुरू से ही टी20 क्रिकेट के विस्फोटक बल्लेबाज रहे हैं। टीम के लिए टी20 इंटरनेशनल मैचों में डेविड मिलर के सबसे ज्यादा 139 छक्के हैं। अभी तक साउथ अफ्रीका के 75 खिलाड़ियों के बल्ले से इस फॉर्मेट में 1407 छक्के निकल चुके हैं। 

आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र की डिजिटल प्रतियां सीधे मोबाइल पर हुईं उपलब्ध, हार्ड कॉपी भी मिली

सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी सरकारी सेवाओं की राह हुई आसान, सेवा सेतु से नंद किशोर की बेटी को सिर्फ 4 दिनों में मिले तीन प्रमाण पत्र आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र की डिजिटल प्रतियां सीधे मोबाइल पर हुईं उपलब्ध, हार्ड कॉपी भी मिली समयबद्ध और पारदर्शी सेवाओं से नागरिकों को मिल रही राहत, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति जताया आभार रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में शासकीय सेवाओं को सरल, सुगम और समयबद्ध बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का लाभ आम नागरिकों तक पहुंच रहा है। सेवा सेतु केन्द्रों के माध्यम से अब जरूरी प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक हो रही है। जांजगीर-चांपा जिले के सारागांव तहसील अंतर्गत ग्राम सरवानी निवासी नंद किशोर का अनुभव इसका उदाहरण है। उन्होंने अपनी पुत्री के आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सेवा सेतु केन्द्र में आवेदन किया और मात्र चार दिनों के भीतर तीनों प्रमाण पत्र प्राप्त हो गए। प्रमाण पत्रों की डिजिटल प्रतियां सीधे उनके मोबाइल पर उपलब्ध होने के साथ ही हार्ड कॉपी भी प्रदान की गई। चार दिनों में पूरे हुए तीन काम, मोबाइल पर मिले प्रमाण पत्र नंद किशोर अपनी पुत्री के लिए आवश्यक आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र बनवाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने तहसील कार्यालय स्थित सेवा सेतु केन्द्र में आवेदन किया। केन्द्र में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन स्वीकार कर आवश्यक कार्रवाई की गई। आवेदन करने के महज चार दिनों के भीतर तीनों प्रमाण पत्र तैयार हो गए और उनकी पीडीएफ प्रतियां नंद किशोर के मोबाइल पर प्राप्त हो गईं। इसके साथ ही उन्हें प्रमाण पत्रों की हार्ड कॉपी भी उपलब्ध करा दी गई। नंद किशोर के लिए यह सुविधा राहत देने वाली साबित हुई। एक ही केन्द्र के माध्यम से तीनों आवश्यक दस्तावेज समय पर प्राप्त होने से उन्हें अलग-अलग प्रक्रियाओं की परेशानी नहीं उठानी पड़ी। डिजिटल माध्यम से प्रमाण पत्र उपलब्ध होने के कारण दस्तावेज प्राप्त करने की प्रक्रिया भी सुविधाजनक रही। न कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर, न लंबा इंतजार सेवा सेतु केन्द्र से समय पर प्रमाण पत्र मिलने पर नंद किशोर ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि सेवा सेतु के माध्यम से आवश्यक दस्तावेज आसानी से और निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध हो रहे हैं। इससे आम नागरिकों को शासकीय सेवाओं का लाभ लेने में सुविधा मिल रही है। विशेष रूप से मोबाइल पर प्रमाण पत्रों की डिजिटल प्रतियां उपलब्ध होना नागरिकों के लिए उपयोगी व्यवस्था है। नंद किशोर ने इस जनहितकारी पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सेवा सेतु केन्द्र से उनकी पुत्री के तीनों प्रमाण पत्र केवल चार दिनों में मिल गए, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली है। डिजिटल सेवाओं से नागरिकों के समय की बचत, बढ़ रही सुविधा सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सेवा सेतु केन्द्रों के माध्यम से नागरिकों को आवश्यक शासकीय सेवाएं सरल और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। डिजिटल तकनीक के उपयोग से प्रमाण पत्रों की आवेदन प्रक्रिया और दस्तावेजों की उपलब्धता अधिक सुविधाजनक बन रही है। नंद किशोर की यह कहानी दर्शाती है कि तकनीक आधारित नागरिक सेवाएं सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मात्र चार दिनों में आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र उपलब्ध होना सेवा सेतु केन्द्रों के माध्यम से नागरिकों को मिल रही समयबद्ध सेवाओं का उदाहरण है।

त्योहारी सीजन में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने की कवायद, चंडीगढ़ पुलिस ने व्यापारियों से की चर्चा

चंडीगढ़. चंडीगढ़. त्योहारों के सीजन में शहर के बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ और ट्रैफिक जाम से निपटने के चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस ने व्यापार मंडल को जरूरी कदम उठाने के सुझाव दिए हैं। सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस, सिक्योरिटी एंड ट्रैफिक सुमेर प्रताप सिंह ने चंडीगढ़ व्यापार मंडल के चेयरमैन संजीव चड्ढा को पत्र लिखकर बाजारों में यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए मार्केट वेलफेयर एसोसिएशनों के साथ मिलकर काम करने को कहा है। पत्र में कहा गया है कि पिछले त्योहारों के सीजन में शहर के बाजारों के आसपास काफी ट्रैफिक जाम लगा था। इसे ध्यान में रखते हुए इस बार दुकानदारों और ग्राहकों को पार्किंग के नियमों का पालन करने के लिए जागरूक करने की जरूरत है। सुखना लेक मार्गों पर यातायात व्यवस्था प्रभावित ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी के अनुसार, कैपिटल कॉम्प्लेक्स, सेक्टर-1 से हाईकोर्ट चौक, ओल्ड बैरिकेड चौक और सुखना लेक की ओर जाने वाले मार्गों पर यातायात व्यवस्था प्रभावित रहेगी। इसके अलावा हीरा सिंह चौक की ओर दाएं मुड़ने, पंजाब लोक भवन रोड से किशनगढ़ मोड़ की ओर बाएं मुड़ने तथा सेंट कबीर लाइट पॉइंट की ओर दाएं मुड़ने वाले मार्गों पर भी ट्रैफिक को नियंत्रित किया जाएगा। किशनगढ़ चौक और आईटी पार्क में ट्रैफिक डायवर्जन इसी तरह शास्त्री नगर लाइट पॉइंट की ओर बाएं मुड़ने, किशनगढ़ चौक और ललित होटल की ओर बाएं मुड़ने वाले रास्तों पर भी यातायात प्रतिबंध और डायवर्जन लागू रहेंगे। वहीं, आईटी पार्क लाइट पॉइंट से यू-टर्न लेने वाले मार्ग पर भी ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा। इन मार्गों पर मैराथन के आयोजन को सुचारु बनाने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। ट्रैफिक पुलिस ने जारी की यह अडवाइजरी चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों और अन्य यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बना लें, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे निर्धारित समय के दौरान प्रभावित मार्गों से गुजरने से बचें और मौके पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करें। सोशल मीडिया पर नजर रखने की अपील पुलिस ने लोगों से ट्रैफिक संबंधी ताजा जानकारी के लिए अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर नजर रखने की अपील भी की है। ट्रैफिक पुलिस ने कहा कि मैराथन के दौरान यातायात व्यवस्था बनाए रखने में आम जनता का सहयोग बेहद जरूरी है। पुलिस ने लोगों से नियमों का पालन करने और ड्यूटी पर तैनात कर्मियों के निर्देशों के अनुसार चलने की अपील की है।