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रांची: 30 जून से शुरू होगा विशेष मतदाता पुनरीक्षण, CEO ने दूर की भ्रांतियां

रांची झारखंड में 30 जून से शुरू होनेवाले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR ) के तहत सूची से नाम कटने को लेकर डरने की कोई बात नहीं है। बीएलओ से लेकर SIR में लगे ऊपर तक कोई पदाधिकारी किसी मतदाता का गलत ढंग से मतदाता सूची से नाम हटा नहीं सकता। SIR को लेकर लागू सिस्टम इतना भरोसेमंद है कि किसी भी स्तर पर गलत ढंग से नाम कटने या जुड़ने की कोई संभावना नहीं है। साथ ही इस प्रक्रिया के दौरान लोगों को नोटिस का जवाब देने, यहां तक कि अपील करने का भी पूरा मौका मिलेगा। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने गुरुवार को धुर्वा स्थित निर्वाचन सदन में आयोजित मीडिया उन्मुखीकरण कार्यक्रम में SIR को लेकर उत्पन्न होनेवाली हर भ्रांति को दूर किया। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के अनुसार, SIR में सबसे महत्वपूर्ण राज्य में इससे पूर्व वर्ष 2003 में हुए SIR के बाद तैयार मतदाता सूची है। जिन मतदाताओं के नाम इस सूची में है, उन्हें सत्यापन के दौरान कोई दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं है। घर-घर जाएंगे बीएलओ उन्हें सिर्फ गणना प्रपत्र (इन्यूमरेशन फार्म) भरना होगा, जो बीएलओ के माध्यम से घर तक पहुंचेगा। वर्तमान मतदाताओं में 73 प्रतिशत की इस सूची से मैपिंग हो चुकी है। वैसे मतदाता जिनका नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नहीं है, उन्हें गणना प्रपत्र भरने के साथ-साथ घोषणापत्र और निर्धारित 11 दस्तावेज की सूची में कोई एक दस्तावेज देना होगा। 18 वर्ष पूरे कर चुके नए मतदाताओं को फार्म-6 के साथ घोषणापत्र भी जमा करना होगा। वहीं, दूसरे राज्यों से आनेवाले मतदाताओं को फार्म-8 के साथ घोषणापत्र देना होगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने मतदाताओं, एसआइर में लगे कर्मियों, सभी मान्यताप्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलए से SIR में सक्रिय सहयोग की अपील की ताकि मतदाता सूची अधिक स्वच्छ समावेशी एवं त्रुटिरहित बन सके। इस अवसर पर अपर मुख्यवनिर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, प्रशिक्षण के नोडल पदाधिकारी देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनीलकुमार उपस्थित रहे। गणना प्रपत्र लेने न्यूनतम 3 बार आपके घर जाएंगे बीएलओ 30 जून से बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। इस क्रम में वे सभी को गणना प्रपत्र देंगे, जिन्हें भरकर उन्हें देना है। यह पहले से आंशिक रूप से भरा रहेगा। अगर किसी घर में ताला बंद है तो इस प्रपत्र को बीएलओ अंदर डाल देंगे। गणना प्रपत्र भराने तथा घोषणा पत्र व दस्तावेज लेने बीएलओ न्यूनतम तीन बार आपके घर जाएंगे। गणना प्रपत्र जमा करनेवाले मतदाताओं की सूची प्रारुप मतदाता सूची में वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग या बिना मैपिंग के रूप में अलग-अलग शामिल किए जाएंगे। यदि किसी मतदाता का गणना प्रपत्र नहीं मिलता है या उसका नाम अब्सेंट, शिफ्टेड, डेड, डुप्लीकेट (एएसडीडी) सूची में शामिल है तो उसका नाम प्रारुप मतदाता सूची में सम्मिलित नहीं किया जाएगा। गण्ना प्रपत्र भरने में बीएलओ सहयोग करेंगे। एसआइआइ में क्या खास? एक-एक घर में गणना प्रपत्र बीएलओ के माध्यम से पहुंचेगा। उसमें बीएलओ का नाम तथा मोबाइल नंबर भी होगा। इसे कम से कम भरकर तथा हस्ताक्षर कर बीएलओ को जरूर जमा करें। मतदाता सूची से किसी का नाम सुनवाई का अवसर प्रदान किए बिना नहीं हटाया जाएगा। अपील दो स्तर पर की जाएगी। पहली अपील जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त तथा दूसरी अपील मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के पास होगी। आधार कार्ड के आधार पर मतदाता होने का दावा नहीं किया जा सकता। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने आधार एक्ट तथा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम का हवाला देते हुए कहा कि आधार सिर्फ किसी व्यक्ति की पहचान है न कि नागरिक होने का। समय पर पूरा होगा SIR , नहीं मांगेंगे अवधि विस्तार मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि राज्य में SIR समय पर पूरा होगा। इसके लिए चुनाव आयोग से अवधि विस्तार नहीं मांगा जाएगा। किसी भी विसंगति को सिस्टम तुरंत पकड़ेगा वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग सही ढंग से हुई है या नहीं, किसी मतदाता का नाम गलत ढंग से सूची से कट गया या जुड़ गया हो तो उसे सिस्टम तुरंत पकड़ लेगा। इसमें कुल 15 प्रकार की होनेवाली विसंगतियां चिह्नित की गई हैं, जिन्हें सिस्टम बता देगा ताकि उसे दूर किया जा सके। गलत करने पर दंड का भी प्रविधान SIR के क्रम में बीएलओ से लेकर ऊपर तक के कोई पदाधिकारी गलत करता है, तो उसके विरुद्ध दंड का भी प्रविधान है। इसके तहत जुर्माना सहित न्यूनतम तीन माह की जेल हो सकता है, जिसे दो वर्ष तक के लिए बढ़ाया जा सकता है। इन 11 दस्तावेज में से कोई एक देना होगा अनिवार्य  केंद्र, राज्य सरकार या पीएसयू द्वारा नियमित कर्मचारी या पेंशनर को जारी प्रमाणपत्र एक जुलाई 1987 से पहले सरकार, स्थानीय प्राधिकार, बैंक, डाकघर, एलआइसी, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा जारी कोई भी पहचान पत्र सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाणपत्र  पासपोर्ट मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाणपत्र वन अधिकार प्रमाणपत्र  ओबीसी, एससी, एसटी या सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी कोई भी जाति प्रमाणपत्र  राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहां भी मौजूद है) राज्य/स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा तैयार किया गया परिवार रजिस्टर सरकार द्वारा कोई भूमि या मकान आवंटन प्रमाणपत्र कब क्या होगा? 23 मई : सभी मतदान केंद्रों पर उन मतदाताओं की सूची का प्रकाशन जिनकी मैपिंग 2003 की मतदाता सूची से नहीं हुई है। 20 जून से 29 जून : SIR में संलग्न कर्मियों का प्रशिक्षण 30 जून से 29 जुलाई : बीएलओ द्वारा घर-घर दौरा 29 जुलाई तक : मतदान केंद्रों का युक्तिकरण 05 अगस्त : प्रारुप मतदाता सूची का प्रकाशन 05 अगस्त से 04 सितंबर : दावा एवं आपत्ति 05 अगस्त से 03 अक्टूबर : दावों और आपत्तियों की 07 अक्टूबर : मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन। बीएलओ की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा आयोग चुनाव आयोग SIR में संलग्न बीएलओ की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। एक सवाल के जवाब में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि बीएलओ के कार्य में बाधा डालनेवाले के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।  

कमरौद में ग्रामीणों से आत्मीय संवाद, योजनाओं की जमीनी स्थिति का लिया फीडबैक

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार-2026 के अंतर्गत महासमुंद जिले के विकासखंड बागबाहरा स्थित ग्राम कमरौद पहुंचकर विशाल बरगद के पेड़ के नीचे चौपाल लगाई और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति की जानकारी ली। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने मां दुर्गा मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।  बरगद के पेड़ की छांव में आयोजित चौपाल में मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि सरकार गांव-गांव पहुंचकर यह सुनिश्चित कर रही है कि लोगों को राशन, बिजली, प्रधानमंत्री आवास, महतारी वंदन योजना सहित अन्य योजनाओं का लाभ सही तरीके से मिल रहा है या नहीं। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन और प्रशासन को जनता के द्वार तक पहुंचाकर समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वे अब तक प्रदेश के 16 जिलों का दौरा कर लोगों से सीधे संवाद कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने महिलाओं से महतारी वंदन योजना की जानकारी ली, जिस पर महिलाओं ने बताया कि उन्हें नियमित रूप से राशि मिल रही है। ग्राम की मती देव कुमारी साहू ने बताया कि वह योजना से मिलने वाली राशि अपनी बेटी के भविष्य के लिए बचा रही हैं।  चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने पांचवीं कक्षा के छात्र पूर्वांश साहू से मुस्कुराते हुए पूछा—“सेल्फी लेंगे क्या?” जिसके बाद छात्र ने उत्साहपूर्वक मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी ली।  यह आत्मीय क्षण चौपाल का विशेष आकर्षण बना। मुख्यमंत्री ने बिजली बिल समाधान योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा पंचायत स्तर पर संचालित अटल डिजिटल सेवा केंद्रों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं और अतिरिक्त 10 लाख आवासों का निर्माण भी प्रारंभ हो गया है। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर नागरिक सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए अब तक लगभग 6000 अटल डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार शीघ्र ही ऑनलाइन शिकायत समाधान व्यवस्था शुरू करने जा रही है, जिसके माध्यम से नागरिक घर बैठे मोबाइल फोन से अपनी समस्याएं दर्ज कर सकेंगे। इसके लिए टोल फ्री नंबर भी प्रारंभ किया जाएगा। किसानों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने नैनो यूरिया के उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही।  सिंचाई सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सिरपुर बैराज तथा सिकासेर से कोडार परियोजना महासमुंद जिले के लिए जीवनदायिनी साबित होगी। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उल्लेखनीय है कि जिले में सिंचाई क्षमता विस्तार के लिए सिकासेर बांध (गरियाबंद) से शहीद वीर नारायण सिंह जलाशय कोडार तक पानी पहुंचाने की लगभग 3200 करोड़ रुपये की परियोजना पर कार्य किया जा रहा है। राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा ने कहा कि सरकार गांव-गांव पहुंचकर जनता की बात सुन रही है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय स्वयं गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं और त्वरित समाधान सुनिश्चित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार पारदर्शी और जनहित में कार्य करने वाली सरकार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना और अन्य योजनाओं से प्रदेश के गरीब और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में बड़ा बदलाव आया है।  बस्तर जैसे क्षेत्रों में जहां पहले हिंसा का माहौल था, वहां अब खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित हो रही हैं। चौपाल के दौरान ग्राम की मती लता साहिस ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास, महतारी वंदन योजना तथा गैस सिलेंडर का लाभ मिला है। वहीं मती मधु साहू ने मछली पालन से जुड़ाव और गर्मी के दौरान पानी की समस्या बताई, जिस पर मुख्यमंत्री ने सोलर आधारित बोर सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बिहान योजना से जुड़ी परी साहू ने बताया कि स्व-सहायता समूह से जुड़कर वे आत्मनिर्भर बनी हैं और अब फैंसी एवं किराना दुकान संचालित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद वे “लखपति दीदी” कहलाने लगी हैं।  ग्रामीण  मोहन कुलदीप ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का अनुभव साझा करते हुए बताया कि दिसंबर 2025 में सोलर पैनल लगवाने पर उन्हें एक लाख आठ हजार रुपये की सब्सिडी मिली और पहले जहां उनका बिजली बिल लगभग 3500 रुपये आता था, अब शून्य हो गया है। मुख्यमंत्री ने उपस्थित ग्रामीणों को इस योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। दिव्यांग हितग्राहियों के चेहरे पर खिली मुस्कान चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने तीन दिव्यांग हितग्राहियों को सहायक उपकरण प्रदान किए। भारती मारकण्डेय को व्हीलचेयर तथा रवि कुमार पटेल और यादराम साहू को ट्रायसिकल प्रदान की गई। हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे उनके दैनिक जीवन और आवागमन में काफी सुविधा होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों के जीवन को सहज, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा अधिकारियों को जरूरतमंद हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से पहुंचाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने मातृशक्ति के लिए सर्वसुविधायुक्त भवन निर्माण की घोषणा की, जहां सामाजिक, सांस्कृतिक एवं स्व-सहायता समूहों की गतिविधियां संचालित की जा सकेंगी। मुख्यमंत्री ने कमरौद से चरोदा तक लगभग चार किलोमीटर सड़क निर्माण तथा ग्राम में मुक्ति धाम निर्माण की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री की इन घोषणाओं से ग्रामीणों में खुशी का माहौल देखा गया और ग्रामीणों ने उनका आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सांसद मती रूपकुमारी चौधरी, विधायक  योगेश्वर राजू सिन्हा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण,  अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

आगामी 15 जून तक सुझाव दिए जा सकेंगे

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि समान नागरिकता संहिता के संबंध में प्रदेश में प्राप्त सुझावों के संकलन के लिए की गई पहल सराहनीय है। जनता के मत प्राप्त करने के लिए बनाई गई वेबसाइट इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी होगी। जिलों में समान नागरिक संहिता समिति के भ्रमण से यह कार्य आसान होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में समान नागरिक संहिता मध्यप्रदेश की वेबसाइट का विमोचन किया। इस तरह की वेबसाइट के निर्माण में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समान नागरिक संहिता समिति के सदस्यों को वेबसाइट के निर्माण के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक निर्णय है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की पहल पर राज्यों में इस संबंध में कार्य प्रारंभ हुआ है। स्वतंत्रता के बाद से ही इस तरह के कार्य की आवश्यकता अनुभव की जा रही थी। नागरिकों के हितों की सुरक्षा के लिए पारिवारिक विधि के समग्र अध्ययन की जरूरत है। जन सामान्य, राजनीतिक दल, गैर शासकीय संगठन आदि इस संबंध में अपना मत प्रस्तुत करेंगे, जिनका सम्मान करते हुए विचार मंथन होगा। सभी सुझावों का संकलन भी किया जाएगा। जन परामर्श के उद्देश्य से समिति ने वेबसाइट का निर्माण कर महत्वपूर्ण कार्य किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश एक राष्ट्र, एक विधान,एक निशान के महत्व को समझते हुए इसके अलावा "एक विधि" के लिए आवश्यक दायित्व पूर्ण करेगा। निश्चित ही यह जन हितैषी कार्य है। इस नाते गठित समान नागरिक संहिता उच्च स्तरीय समिति बधाई की पात्र है। राज्य शासन द्वारा विवाह, भरण पोषण, विवाह विच्छेद, उत्तराधिकार एवं अन्य परिवार संबंधित कानूनों से संबंधित विधिक, सामाजिक और प्रशासनिक पहलुओं का विस्तृत अध्ययन कर समान नागरिक संहिता के संबंध में उपयुक्त अनुशंसाओं को प्रस्तुत किया जाएगा। इस उद्देश्य से ही उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है विस्तृत अध्ययन के उद्देश्य से समान नागरिक संहिता के संबंध में उपयुक्त अनुसंधान प्रस्तुत करने के लिए यह समिति महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस अवसर पर समिति द्वारा जन परामर्श के उद्देश्य से निर्मित की गई वेबसाइट https://ucc.mp.gov.in/ पर जनमानस से सुझाव सुगमता से प्राप्त किए जा सकेंगे। सुझाव देने की अंतिम तिथि 22 मई से आगामी 15 जून 2026 तक निर्धारित की गई है। वेबसाइट लांच किए जाने के अवसर पर समान नागरिक संहिता उच्च स्तरीय समिति की अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति मती प्रकाश रचना देसाई ने भी वर्चुअली संबोधित किया। समिति के सचिव  अजय कटेसरिया ने समिति के कार्यों का विवरण दिया। बैठक में मुख्य सचिव  अनुराग जैन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

श्रम एवं उच्च शिक्षा विभाग की संयुक्त पहल

भोपाल  मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा विभाग एवं श्रम विभाग के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को वल्लभ भवन स्थित कक्ष क्रमांक एफ-326 में “श्रम साथी कार्यशाला” का आयोजन किया गया। कार्यशाला में श्रम विभाग के सचिव श्री रघुराज राजेन्द्रन, आयुक्त उच्च शिक्षा श्री प्रबल सिपाहा, उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी, भोपाल के प्रमुख शासकीय महाविद्यालयों के प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। इस अवसर पर आयुक्त उच्च शिक्षा श्री प्रबल सिपाहा ने कहा कि श्रम कानूनों की जानकारी प्रत्येक विद्यार्थी तक पहुंचना आवश्यक है। उच्च शिक्षा विभाग और श्रम विभाग मिलकर विद्यार्थियों के माध्यम से उद्यमियों, दुकानदारों तथा आम नागरिकों को श्रम कानूनों के प्रति जागरूक करने का कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता से यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकता है। श्रम विभाग के सचिव श्री रघुराज राजेन्द्रन ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने श्रमिक हितों की सुरक्षा और श्रम कानूनों के प्रभावी अनुपालन के लिए श्रम स्टार रेटिंग योजना प्रारंभ की है और इस अभिनव पहल को लागू करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत उद्यमी एवं दुकानदार अपने पंजीयन क्रमांक के माध्यम से ऑनलाइन लिंक पर 10 प्रश्नों के उत्तर देकर स्टार रेटिंग प्राप्त कर सकेंगे। यह रेटिंग श्रम कानूनों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाएगी। विद्यार्थियों को पहचान पत्र प्रदान करेगा श्रम विभाग कार्यशाला में उपस्थित विद्यार्थियों ने “श्रम साथी” के रूप में इस अभियान को लेकर विशेष उत्साह दिखाया। विद्यार्थियों ने कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर उद्यमियों और दुकानदारों को श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेंगे। श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान से जुड़े विद्यार्थियों को श्रम विभाग के लोगोयुक्त टी-शर्ट, श्रम साथी पहचान पत्र तथा संबंधित महाविद्यालय के नाम आधिकारिक पत्र उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे अधिक प्रभावी ढंग से जनजागरूकता अभियान चला सकें। कार्यशाला में विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों को पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से श्रम स्टार रेटिंग पोर्टल पर जानकारी दर्ज करने एवं रेटिंग प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देने के लिए भविष्य में भी इस प्रकार की कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त श्रम विभाग और उच्च शिक्षा विभाग के समन्वय के लिए एक विशेष व्हाट्सएप समूह भी बनाया जाएगा, जिसमें अभियान से संबंधित सभी आवश्यक जानकारियां साझा की जाएंगी।  

जनता दर्शन में सीएम योगी आदित्यनाथ ने सुनीं 150 लोगों की समस्याएं

गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान शुक्रवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में आए लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सबकी समस्या का समाधान सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन समस्याओं का निस्तारण तत्परता, पारदर्शिता और संवेदनशील ढंग से किया जाए। इसमें किसी भी तरह की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। हर समस्या का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिपरक होना चाहिए। गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने करीब 150 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने सबके प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए शीघ्रता से समस्या समाधान के लिए निर्देशित किया। सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होना चाहिए। हर पीड़ित के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाते हुए उसकी त्वरित सहायता की जानी चाहिए। उन्होंने राजस्व और पुलिस से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।  जनता दर्शन में गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए कई लोगों से मुख्यमंत्री ने कहा कि पैसे के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो भी जरूरतमंद हैं, प्रशासन उनके उच्च स्तरीय इलाज का इस्टीमेट शीघ्रता से बनवाकर उपलब्ध कराए। इस्टीमेट मिलते ही सरकार तुरंत धन उपलब्ध कराएगी।  सीएम योगी ने की गोसेवा, गोवंश को खिलाया गुड़ गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या परंपरागत रही। गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने तथा अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा समक्ष शीश झुकाने के बाद वह मंदिर परिसर के भ्रमण पर निकले। गोशाला में पहुंचकर गोसेवा की। गायों और गोवंश को स्नेहिल भाव से गुड़ खिलाया। उन्होंने गोशाला के कार्यकर्ताओं को भीषण गर्मी को देखते गोवंश की देखभाल के लिए जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए। मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए मुख्यमंत्री ने परिजनों के साथ आए बच्चों से बात की। उन्हें दुलारा-पुचकारा, आशीर्वाद के साथ चॉकलेट्स भी दीं।

झारखंड: शिक्षकों के हित में हाईकोर्ट का अहम फैसला, सरकार को समयसीमा में निर्णय का निर्देश

रांची झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने एक महत्वपूर्ण आदेश में राज्य के प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत सहायक शिक्षकों को एमएसीपी योजना का लाभ दिए जाने के मामले में सरकार को 16 सप्ताह के भीतर अंतिम निर्णय लेने का निर्देश दिया है। एकल पीठ ने जामताड़ा जिले के 84 शिक्षकों की याचिका पर सुनवाई करते हुए उक्त आदेश पारित किया है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स और शिवम पाठक ने अदालत को बताया कि राज्य के अन्य स्कूलों (जैसे अल्पसंख्यक स्कूल, आवासीय विद्यालय) तथा बिहार राज्य के शिक्षकों को एमएसीपी का लाभ पहले से दिया जा रहा है, जबकि प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों को यह सुविधा नहीं मिल पाई है। याचिका में राज्य सरकार के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव को निर्देश देने की मांग की गई थी कि वे इन शिक्षकों को भी एमएसीपी का लाभ दें। अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि सरकार ने सात अगस्त 2024 को झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ को पत्र लिखकर एमएसीपी की प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया था, लेकिन उसके बाद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। कोर्ट ने कहा कि चूंकि अन्य विद्यालयों के शिक्षकों को यह लाभ मिल रहा है और सरकार ने इस विषय पर विचार-विमर्श शुरू भी कर दिया है, इसलिए यह आवश्यक है कि प्राथमिक शिक्षकों के संबंध में भी जल्द से जल्द फैसला लिया जाए। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि सरकार इस मामले में अंतिम निर्णय लें। पूरी प्रक्रिया इस आदेश की प्रति प्राप्त होने की तिथि से 16 सप्ताह के भीतर पूरी की जाए। अदालत ने याचिका निष्पादित कर दी। 16,290 रुपये मासिक न्यूनतम वेतन देने का आदेश हाई कोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने पूर्वी सिंहभूम जिले के 80 प्रशिक्षित प्राथमिक शिक्षकों की याचिका को स्वीकार करते हुए उन्हें 16,290 रुपये मासिक न्यूनतम वेतन देने का आदेश दिया है। याचिकाकर्ता मैट्रिक और इंटरमीडिएट प्रशिक्षित शिक्षक हैं, जिन्होंने वर्ष 2006 से पहले सेवा में आए थे। उनकी मांग थी कि छठें वेतन आयोग की संस्तुतियों के तहत जारी वित्त विभाग के प्रस्ताव के अनुसार उनका प्रारंभिक वेतन एक जनवरी 2006 से 16,290 रुपये निर्धारित किया जाए। शिक्षकों ने शिक्षा विभाग के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनके दावे को यह कहते हुए खारिज कर दिया गया था कि यह वेतनमान केवल झारखंड सचिवालय के सहायकों पर लागू होता है। अदालत ने इस तर्क को खारिज कर दिया। हाई कोर्ट ने कहा कि यह मामला पूर्व में एक मामले में कोर्ट के निर्णय (27 नवंबर 2025) से पूरी तरह आच्छादित है। अदालत ने शिक्षकों के पक्ष में निर्णय सुनाते हुए विभाग के 10 जून 2024 के सरकार के आदेश को निरस्त कर दिया। अदालत ने राज्य को निर्देश दिया कि वह इन याचिकाकर्ताओं को वही, लाभ प्रदान करे जो पिछले मामले के याचिकाकर्ताओं को दिए गए थे। सरकारी अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि पिछले संबंधित मामले के निर्णय के खिलाफ सरकार ने खंडपीठ में अपील दायर कर दी है। इस पर अदालत ने स्पष्ट किया कि अपील के आदेश से शिक्षकों न्यूनतम वेतनमान प्रभावित होगा। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अभिजीत कुमार सिंह ने पक्ष रखा।

विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों से किया संवाद

रायपु मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार-2026 के अंतर्गत बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के विकासखंड भाटापारा स्थित ग्राम करहीबाजार में आयोजित समाधान शिविर में शामिल होकर क्षेत्रवासियों को विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने ग्राम करहीबाजार में सर्व समाज हेतु 25 लाख रुपये की लागत से सांस्कृतिक भवन निर्माण तथा सुकालू के घर से सिद्ध बाबा मार्ग तक 25 लाख रुपये की लागत से सी.सी. रोड निर्माण कार्य की घोषणा की। उन्होंने करहीबाजार एवं कोदवा के हायर सेकेंडरी स्कूलों में भवन निर्माण की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने ग्राम विटकुली में 20 लाख रुपये की लागत से मांगलिक भवन निर्माण तथा ग्राम पंचायत कोठमी, मोपका, कोनी, बोरसी, कोदवा, पाटन एवं रामपुर में 10-10 लाख रुपये की लागत से सी.सी. रोड निर्माण कार्यों की घोषणा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने माँ महामाया मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की तथा स्थानीय महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं से मुलाकात कर उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने आयुष्मान आरोग्य मंदिर पहुंचकर धात्री माताओं को किट वितरित की और विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए हितग्राहीमूलक स्टॉलों का अवलोकन कर योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने फुटबॉल खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा उनके अनुरोध पर फुटबॉल को किक लगाई। उन्होंने “हम होंगे कामयाब 2.0” पोर्टल का शुभारंभ भी किया। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक खुमरी पहनाकर आत्मीय स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नवजात बच्चों को अन्नप्राशन कराया तथा सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हेलमेट वितरित किए। प्रधानमंत्री आवास योजना की हितग्राही  राजकुमारी के गृह प्रवेश कार्यक्रम में शामिल होकर मुख्यमंत्री ने भगवान  गणेश की प्रतिमा भेंट की और परिवार के सुख-समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने “मोर गांव मोर पानी अभियान 2.0” के अंतर्गत सोखता पिट निर्माण में श्रमदान कर जल संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने जल संचयन के क्षेत्र में कार्य कर रही जल संचयन दीदी  बेबी सेन एवं  अम्बे मानिकपुरी से बातचीत कर उनके प्रयासों की सराहना की। समाधान शिविर में हितग्राहियों ने शासन की योजनाओं से मिले लाभ साझा किए।  नंद कुमार ध्रुव ने बताया कि सुशासन तिहार के दौरान मोटराइज्ड वाहन संबंधी समस्या के निराकरण हेतु दिए गए आवेदन का त्वरित समाधान हुआ, जिसके लिए उन्होंने शासन-प्रशासन का आभार जताया।  दिलीप कुमार वर्मा ने बताया कि स्वामित्व पट्टा योजना के तहत भूमि मिलने से उन्हें आवास निर्माण में सुविधा मिली है।  अनीता निषाद ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का घर मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पहले उन्हें कच्चे मकान के कारण कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब उन्हें सुरक्षित आवास प्राप्त हुआ है। वहीं  पिंकी बंजारे ने महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्राप्त आर्थिक सहायता के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है।

प्रदेश में मनाया जायेगा गंगा दशहरे का पर्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन में 25 और 26 मई को विभिन्न आयोजनों में होंगे शामिल

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गंगा दशहरा के अवसर पर 25 और 26 मई को उज्जैन में क्षिप्रा तट पर आयोजित परिक्रमा, चुनरी अर्पण, पूजन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इस अवसर पर श्रद्धा, संस्कृति और जल संरक्षण के संदेश से जुड़े विविध आयोजन किए जायेंगे। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत गंगा दशहरा पर 25 मई को प्रदेशभर में वृहद कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे। प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रभात फेरियां, नदी एवं जलाशय परिक्रमा, साइकिल रैली, चुनरी अर्पण-पूजन तथा जल और नदियों पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जायेंगीं। भारत भवन, भोपाल में ‘सदानीरा’ का आयोजन 27 मई से 2 जून 2026 तक किया जायेगा। कार्यक्रम में जल, प्रकृति और संस्कृति से जुड़े विविध आयामों को प्रस्तुत किया जायेगा। युवाओं एवं आमजन को जल संरचनाओं के संरक्षण और संवर्धन के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से संगोष्ठी, सेमीनार और व्याख्यान भी आयोजित किए जायेंगे। कार्यक्रम जिला मुख्यालयों के साथ प्रमुख नदियों, जलाशयों और जल स्रोतों के किनारे भी आयोजित होंगे। राज्य शासन द्वारा जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी किये हैं। जल गंगा संवर्धन अभियान में गंगा दशमी पर्व पर 25 मई को संपूर्ण प्रदेश में गतिविधियां एवं कार्यक्रम आयोजित किये जायें। कार्यक्रमों में जन-प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, युवाओं और आमजन की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाए। राज्य सरकार का उद्देश्य जल संरक्षण को जन-आंदोलन का स्वरूप देना तथा जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति व्यापक जन-जागरूकता विकसित करना है।  

उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट सेक्टर में बूम, 2026 तक 1.25 लाख करोड़ निवेश का अनुमान

लखनऊ उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने कहा है कि 2023 से बाजार में आई तेजी के बाद प्रदेश का रियल एस्टेट सेक्टर अब आगे बढ़ रहा है। एनसीआर क्षेत्रों में प्रापर्टी की कीमतों में बढ़ोतरी और निवेशकों का नया भरोसा देखने को मिला है। यूपी रेरा देश के सबसे बड़े रियल एस्टेट इकोसिस्टम की निगरानी कर रहा है, जहां 3000 से ज्यादा प्रोजेक्ट रजिस्टर्ड हैं और हर साल निवेश लगातार बढ़ रहा है। इंडियन चैंबर आफ कामर्स (आइसीसी) की ओर से गुरुवार को होटल ताज में आयोजित आइसीसी यूपी रियल एस्टेट समिट 2026 में यूपी रेरा अध्यक्ष ने कहा, 2025 में ही प्रोजेक्ट रजिस्ट्रेशन 3000 और निवेश 85,000 करोड़ रुपये तक पहुंचा है। आने वाले समय में यह आंकड़ा 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा, प्रदेश अब इन्फ्रास्ट्रक्चर विस्तार, सरकारी नीतियों, संस्थागत निवेश और बढ़ती शहरी आकांक्षाओं की वजह से एक मल्टी-सिटी ग्रोथ माडल के रूप में तेजी से उभर रहा है। जमीन से जुड़ी हर प्रकार की समस्या का निस्तारण सरकार अति शीघ्र करेगी। आवास आयुक्त डॉ. बलकार सिंह ने कहा, रियल एस्टेट और हाउसिंग किसी भी राज्य के आर्थिक विकास के सबसे मजबूत संकेतकों में से एक है। आज यूपी के कई क्षेत्रों में यह बदलाव साफ दिखाई दे रहा है। बीते वर्षों में नीति सुधार, बेहतर कनेक्टिविटी, एक्सप्रेसवे नेटवर्क का विस्तार, एयरपोर्ट विकास और रेरा जैसी संस्थाओं की मजबूत भूमिका ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। आइसीसी के डायरेक्टर जनरल राजीव कुमार सिंह ने कहा, यूपी में विकास केवल एनसीआर तक सीमित नहीं रहा।  

अजय राय के कथित अपशब्दों पर सियासत तेज, बोले- बयान को गलत तरीके से पेश किया गया

महोबा/वाराणसी उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने महोबा दौरे पर एक गैंगरेप पीड़िता से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद जब वह वापस जाने के लिए अपनी कार में सवार हो रहे थे, तभी अपने एक कार्यकर्ता से बातचीत के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए बेहद अभद्र और अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल किया. यह पूरी बातचीत कैमरे में रिकॉर्ड हो गई और गाली देते हुए अजय राय का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. हालांकि, अजय राय का कहना है कि ये वीडियो फेक और एडिटेड है।  भाजपा नेताओं का कांग्रेस पर तीखा हमला वीडियो वायरल होते ही भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने अजय राय और कांग्रेस को आड़े हाथों लिया. बीजेपी नेता अमित मालवीय ने एक्स पर लिखा कि कुछ दिन पहले जब अजय राय अस्वस्थ थे, तब प्रधानमंत्री मोदी ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की थी, लेकिन आज वह अमर्यादित भाषा इस्तेमाल करते कैमरे में कैद हुए. यही कांग्रेस का स्तर है, जो शिष्टाचार का जवाब अभद्रता से देती है. बीजेपी विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने भी इसे लगातार हार की कुंठा बताया।  अजय राय ने वीडियो को बताया एआई जेनरेटेड इस पूरे सियासी बवाल और वायरल वीडियो पर जब आज तक की टीम ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय से बात की, तो उन्होंने अपनी सफाई पेश की. अजय राय ने बताया कि उनके वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है और इसे एआई (AI) की मदद से जेनरेट किया गया है. इसके बाद उन्होंने कॉल काट दिया।  अजय राय के पुराने विवादित बयान पीएम और गृहमंत्री पर टिप्पणी: राहुल गांधी के बयान का समर्थन करते हुए मोदी-शाह को गद्दार करार दिया था।  लटके-झटके वाला बयान: अमेठी दौरे के समय केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर अमर्यादित टिप्पणी की थी।  जमीन में गाड़ने की धमकी: 2022 के चुनाव में मोदी-योगी को जमीन में गाड़ने की धमकी दी थी, जिसपर राजद्रोह का केस दर्ज हुआ था।  राफेल पर तंज: खिलौने वाले विमान पर नींबू-मिर्च बांधकर प्रदर्शन किया था।