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नारनौल के अस्पताल में बढ़ीं विशेषज्ञ सेवाएं, 5 डॉक्टर संभालेंगे हर्निया, हड्डी, महिला और बाल रोग का इलाज

कनीना/नारनौल. कनीना उप नागरिक अस्पताल अब मात्र एक रेफरल केंद्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि क्षेत्र के हजारों लोगों के लिए विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के प्रयासों से अस्पताल में पांच विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती हो चुकी है। जल्द ही अल्ट्रासाउंड और डिजिटल एक्स-रे जैसी आधुनिक जांच सुविधाएं भी शुरू हो जाएंगी। इसके बाद कनीना प्रदेश का पहला ऐसा उप नागरिक अस्पताल बन जाएगा, जहां नागरिक अस्पताल स्तर की अधिकांश स्वास्थ्य सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी। इस पहल से कनीना, अटेली तथा आसपास के दर्जनों गांवों और सीमावर्ती क्षेत्रों के मरीजों को सामान्य ऑपरेशन, विशेषज्ञ उपचार और जांचों के लिए रेवाड़ी, नारनौल या निजी अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इससे मरीजों का समय और धन दोनों बचेगा। पांच विशेषज्ञ चिकित्सकों से अस्पताल हुआ मजबूत अस्पताल में पहले से ही सर्जन डॉ. हेमंत नागर, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. धर्मेंद्र और स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. कोमल गहलोत सेवाएं दे रहे थे। अब बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुधीर और फेमिली मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. साक्षी मलिक ने भी कार्यभार संभाल लिया है। अब विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। सर्जन डॉ. हेमंत नागर: अपेंडिक्स, हर्निया, हाइड्रोसील, पित्त की थैली की पथरी, बवासीर, फिशर, फिस्टुला सहित विभिन्न सामान्य शल्य चिकित्सा के ऑपरेशन करेंगे। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. धर्मेंद्र: फ्रैक्चर, गठिया, कमर दर्द, सर्वाइकल एवं अन्य आर्थोपेडिक समस्याओं का उपचार करेंगे। स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. कोमल गहलोत: महिलाओं के रोगों, सुरक्षित प्रसव, परिवार नियोजन और स्त्री रोग संबंधी ऑपरेशनों की सुविधा उपलब्ध कराएंगी। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुधीर: नवजात एवं बच्चों की विभिन्न बीमारियों का इलाज करेंगे। फेमिली मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. साक्षी मलिक: मधुमेह, उच्च रक्तचाप, थायरॉइड, अस्थमा, वायरल संक्रमण, डेंगू, टाइफाइड सहित सामान्य एवं दीर्घकालिक बीमारियों का उपचार करेंगी। जल्द शुरू होंगी आधुनिक जांच सुविधाएं "अस्पताल में शीघ्र ही अल्ट्रासाउंड और डिजिटल एक्स-रे मशीनें स्थापित की जाएंगी। इन सुविधाओं के शुरू होने के बाद मरीजों को जांच के लिए दूसरे शहरों में नहीं जाना पड़ेगा और समय पर सटीक जांच एवं उपचार संभव हो सकेगा।" -आरती सिंह राव, स्वास्थ्य मंत्री, हरियाणा।

चंडीगढ़ को मिले नए सचिव, IAS हरप्रीत सिंह सूदन की 3 साल के लिए नियुक्ति

चंडीगढ़. केंद्र सरकार की कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने पंजाब कैडर के आईएएस अधिकारी हरप्रीत सिंह सूदन (2013 बैच) की तीन वर्ष के लिए चंडीगढ़ प्रशासन में सचिव (सुपर टाइम स्केल से नीचे) के पद पर नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। उनकी नियुक्ति इंटर-कैडर डेप्युटेशन के तहत पंजाब कैडर से एजीएमयूटी (AGMUT) कैडर में की गई है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) द्वारा जारी आदेश के अनुसार गृह मंत्रालय के प्रस्ताव पर कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने मंजूरी प्रदान की है। आदेश के तहत हरप्रीत सिंह सूदन को तीन वर्ष की अवधि के लिए चंडीगढ़ प्रशासन में सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है। हरप्रीत सिंह सूदन वर्तमान में पंजाब सरकार में खेल निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। अब वे पंजाब कैडर से डेप्युटेशन पर चंडीगढ़ प्रशासन में अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे। प्रशासनिक हलकों में इस नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चंडीगढ़ प्रशासन में सचिव स्तर पर उनकी नियुक्ति से विभिन्न विभागों के प्रशासनिक कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। डीओपीटी ने नियुक्ति संबंधी आदेश गृह मंत्रालय, पंजाब सरकार तथा संबंधित अधिकारियों को भी भेज दिए हैं।

कबीर जयंती महोत्सव में CM साय का संबोधन, कहा- कबीर साहब की वाणी ने मेरे जीवन को दिशा दी

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज सोनपैरी स्थित असंग देव कबीर आश्रम पहुंचे, जहां वे आयोजित कबीर जयंती महोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में उनके साथ कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू भी मौजूद रहे। साथ ही राज्यपाल गहलोत और मुख्यमंत्री साय ने आश्रम परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। CM साय ने कार्यक्रम को किया संबोधित CM साय ने महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती पर कबीर साहब का विशेष आशीर्वाद है और पूरे प्रदेश में कबीरपंथ के अनुयायी बड़ी संख्या में हैं। उन्होंने कहा मेरा बचपन भी कबीरपंथ के करीब बीता है। मेरे जीवन और मेरी वाणी पर कबीर जी के विचारों का गहरा प्रभाव है। उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व की रमन सरकार के समय ही कवर्धा का नाम बदलकर कबीरधाम रखा गया था। मुख्यमंत्री ने कबीरदास जी की निडरता की भी सराहना की। 27 लाख लोगों को मिला पीएम आवास का लाभ CM साय ने आगे कहा कि हमारी सरकार को अभी ढाई साल हुए हैं। पीएम मोदी का प्रदेश की जनता से वादा था मोदी की गारंटी, जिसे पूरा करने की कोशिश कर रहे है। पीएम आवास के तहत लोगों को आवास दिया गया है और 27 लाख लोगों को इसका फायदा मिला है। हमारी सरकार के समय 18 लाख स्वीकृति हुई और पीएम आवास का निर्माण सबसे अधिक छत्तीसगढ़ में हो रहा है। CM साय ने गिनाई उपलब्धी उन्होंने सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि नक्सलवाद का खात्मा किया गया, 3 हजार से ज्यादा आत्मसमर्पित नक्सलियों को भी पीएम आवास की सुविधा दी जाएगी। विशेष अनुसूचित जनजाति के लोगों को 32 हजार आवास मिला, गरीबों को मकान, महिलाओं को महतारी वंदन के तहत किश्त दी जा रही है। हम विकास और विरासत के स्लोगन के साथ काम कर रहे हैं। मठ मंदिरों के विकास पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही राम लला अयोध्या दर्शन योजना भी चला रहे हैं। इस अवसर पर कार्यक्रम में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह और केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू भी मौजूद रहे।

मध्य प्रदेश के अधिकांश जिलों में मानसून का इंतजार, भोपाल-इंदौर समेत कई इलाकों में आज बारिश की संभावना

भोपाल  मध्यप्रदेश में मानसून की रफ्तार अभी भी धीमी बनी हुई है। प्रदेश के केवल 15 जिलों तक ही मानसून पहुंच पाया है, जबकि 40 जिलों में अब तक इसकी एंट्री नहीं हुई है। इसी बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार को उज्जैन, देवास, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, मंडला और बालाघाट जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में अगले 24 घंटों के दौरान 4 इंच या उससे अधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं, राजधानी भोपाल, इंदौर सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रह सकता है। मध्य प्रदेश के 6 जिले उज्जैन, देवास, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, मंडला और बालाघाट में सोमवार को भारी बारिश का अलर्ट है। यहां 24 घंटे में 4 इंच या इससे अधिक बारिश हो सकती है। वहीं, भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के ज्यादातर जिलों में कहीं-न-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। 42 जिलों में तेज बारिश का येलो अलर्ट मौसम विभाग ने भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर और टीकमगढ़ जिलों में तेज बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, निवाड़ी, नीमच और मंदसौर जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है। हालांकि इन जिलों में मानसून की आधिकारिक एंट्री अभी नहीं हुई है। एक जगह थम गया मानसून मौसम विभाग के अनुसार 24 जून को प्रदेश में मानसून ने प्रवेश किया था। इसके बाद अलीराजपुर, इंदौर, धार, हरदा, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी में मानसून पहुंचने की आधिकारिक घोषणा की गई। हालांकि इसके बाद मानसून आगे नहीं बढ़ पाया। इसकी वजह से ग्वालियर-चंबल, सागर और रीवा संभाग के कई इलाकों में दिन और रात दोनों समय गर्मी का असर बना हुआ है और तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है। रविवार को कई जिलों में हुई बारिश रविवार को प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश का दौर देखने को मिला। मंदसौर और रतलाम में तेज बारिश दर्ज की गई, जबकि रतलाम में आधा इंच से अधिक वर्षा रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा गुना, श्योपुर, बड़वानी, शाजापुर, सीहोर, मंदसौर, उज्जैन और छतरपुर समेत कई जिलों में भी अच्छी बारिश हुई, जिससे मौसम में ठंडक महसूस की गई। इन जिलों पर मानसून मेहरबान 24 जून को बड़वानी जिले में मानसून की दस्तक हुई है और अब मानसून यहां मेहरबान हो गया है. जिले के कई इलाकों में हुई झमाझम बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं और खेतों में बुवाई का काम तेज हो गया है. हालांकि तेज बारिश से कुछ जगहों पर नुकसान भी हुआ है. पलसूद क्षेत्र के वेदपुरी गांव में एक किसान का मकान ढह गया, जिसमें दबकर एक गाय की मौत हो गई. हालांकि घटना के समय परिवार के सदस्य सुरक्षित बाहर निकल आए, जिससे बड़ा हादसा टल गया. वहीं पाटी के बोकराटा क्षेत्र में नदी-नाले उफान पर आने से पुलिस को सुरक्षा के लिए मोर्चा संभालना पड़ा।  नदी-नाले उफान पर इधर, पाटी के बोकराटा-चौकी मार्ग पर लगातार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर आ गए. पुल के ऊपर से पानी बहने लगा, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई. बसें और दोपहिया वाहन किनारे खड़े रहे और आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन तुरंत मौके पर पहुंचे. पुलिसकर्मियों ने पुल पर निगरानी करते हुए लोगों को जान जोखिम में डालकर पुल पार नहीं करने की समझाइश दी।  चौकी प्रभारी आशीष शर्मा ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत पुलिस और प्रशासन को दे।  2-3 दिनों में छत्तीसगढ़ के सभी जिलों को करेगा कवर छत्तीसगढ़ में अगले चार दिन बारिश में वृद्धि का अनुमान जताया गया है. मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के सभी संभाग के कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है. वहीं अगले दो से तीन दिनों में दक्षिण पश्चिम मानसून के पूरे प्रदेश में बढ़ने का अनुमान है।  बीते दिन की बात करे तो छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में तापमान सबसे ज्यादा रहा. यहां तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं राजधानी रायपुर में तापमान 38.7 डिग्री सेल्सियस रहा और आज भी 38 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।  24 जून को हुई थी मानसून की एंट्री मध्यप्रदेश में मानसून ने 24 जून को प्रवेश किया था। इसके बावजूद अब तक केवल 15 जिलों तक ही इसका विस्तार हो सका है, जबकि प्रदेश के 40 जिले अभी भी मानसून का इंतजार कर रहे हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार जून महीने में अब तक राज्य में सामान्य से 38 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। ऐसे में किसान और आम लोग दोनों ही मानसून के तेजी से सक्रिय होने का इंतजार कर रहे हैं।  

Ram Mandir Donation Theft Case: CBI जांच की मांग पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, तत्काल सुनवाई से किया इंकार

अयोध्या अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के धन के कथित दुरुपयोग के आरोपों से जुड़ी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। अदालत ने याचिकाकर्ता से पूछा कि आखिर इस मामले में इतनी जल्द सुनवाई की आवश्यकता क्या है। कोर्ट ने कहा कि फिलहाल ग्रीष्मकालीन अवकाश चल रहा है, इसलिए नियमित सुनवाई अवकाश समाप्त होने के बाद ही संभव होगी। ऐसे में मामले की सुनवाई 12 जुलाई के बाद होने की संभावना है। यह याचिका अधिवक्ता अनूप अवस्थी की ओर से दाखिल की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के धन और मंदिर में आए चढ़ावे के उपयोग में अनियमितताएं हुई हैं। याचिका में सीबीआई जांच की मांग याचिकाकर्ता ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की है। याचिका में यह भी आग्रह किया गया है कि मामले की जांच सीबीआई अधिकारी की अगुवाई में गठित विशेष जांच दल (SIT) से कराई जाए, ताकि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच हो सके। याचिकाकर्ता का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच आवश्यक है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल आरोपों के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की है। अदालत ने केवल तत्काल सुनवाई की मांग स्वीकार करने से इनकार किया है। अब अवकाश समाप्त होने के बाद नियमित पीठ के समक्ष इस याचिका पर सुनवाई होगी। तब तक मामले में सीबीआई जांच या एफआईआर दर्ज करने को लेकर कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया गया है।याचिका कर्ता ने राम जन्मभूमि ट्रस्ट पर गंभीर आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन दाखिल की है. याचिका दाखिल करने वाले व्यक्ति ने कहा कि मामले में लगे आरोप काफी गंभीर हैं, ऐसे में जल्द सुनवाई होना जरूरी है. शख्स ने कहा कि जिस तरह से प्रशासन का रवैया रहा है, वह भी कई तरह के सवाल खड़े करता है. याचिकाकर्ता ने कहा कि जल्द सुनने की जरूरत इस वजह से भी है, क्योंकि सबूत के साथ छेड़छाड़ की आशंका बनी हुई है।  सात अभियुक्तों के ठिकानों पर रेड आपको बता दें इस मामले में पुलिस ने रविवार को आठ में से सात अभियुक्तों के ठिकानों पर सुबह से देर शाम तक ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस दौरान आरोपियों की संपत्तियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद कर उन्हें जब्त किया। पुलिस इनकी जांच कर संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल करेगी। साथ ही इनके घरों से कुछ सोने-चांदी के गहने, सिक्के और नकदी भी बरामद की है। लगातार कार्रवाई के बीच पुलिस ने घर और अन्य ठिकानों पर मिले परिजनों से कई-कई घंटे पूछताछ की। टीमें देर शाम खबर लिखे जाने तक विभिन्न ठिकानों पर जांच व तलाशी अभियान में जुटी रहीं। विवेचक सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी के नेतृत्व में गठित छह टीमों ने सुबह करीब सात बजे अभियान शुरू किया। सभी टीमों के साथ एक-एक लेखपाल और महिला पुलिस कर्मी खासतौर पर रहे। इस दौरान आरोपी रामशंकर यादव ‘टिन्नू’, मनीष यादव, अविनाश शुक्ल, लवकुश मिश्र, अनुकल्प मिश्र, रमाशंकर मिश्र, करुणेश पांडेय के परिजनों से लंबी पूछताछ भी की गई। संतों को नौकरशाही का दखल मंजूर नहीं राम मंदिर में चढ़ावा प्रकरण को लेकर ट्रस्ट के पुनर्गठन की मांग के बीच सीईओ (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) की नियुक्ति की मंदिर निर्माण समिति चेयरमैन और ट्रस्ट के पदेन सदस्य नृपेन्द्र मिश्र ने हिमायत की है। उनके इस सुझाव को संत समाज ने अस्वीकार्य ही नहीं बल्कि ध्वनि मत से विरोध का प्रस्ताव भी पारित कर दिया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अध्यक्ष और मणिराम छावनी पीठाधीश्वर महंत नृत्यगोपाल दास के 88वें जन्मोत्सव समारोह के अंतिम दिन देश भर से आए संतों के बीच यह प्रस्ताव रामकथा के व्यास पीठ से मुख्य वक्ता और आचार्य मिथिलेश नंदिनी शरण ने रखा।

Pakistan-Afghanistan Tension: रात के हमले में 35 की मौत, सीमा पर बढ़ा तनाव, महीनेभर में चौथी बड़ी कार्रवाई

काबुल   पाकिस्तान ने एक बार फिर अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन किया है. पाकिस्तान ने अफगान सीमा से सटे इलाकों में मिलिट्री ऑपरेशन चलाने का दावा किया है. पाकिस्तान सरकार के मुताबिक सुरक्षा बलों ने पहले खुफिया सूचना के आधार पर जमीनी अभियान चलाया और उसके बाद अफगानिस्तान सीमा के पास आतंकियों के ठिकानों पर सटीक हवाई हमले (कैलिब्रेटेड स्ट्राइक) किए. इस कार्रवाई में कुल 35 लोगों के मारे जाने का दावा किया गया है. यह ऑपरेशन ऐसे समय हुआ है जब एक दिन पहले कराची में पाकिस्तान रेंजर्स के मुख्यालय पर बड़ा आतंकी हमला हुआ था. रिपोर्ट् के मुताबिक पाकिस्तान की ओर से यह एक महीने में चौथा हमला है. इससे पहले 10 जून को पाकिस्तान के हमले में 26 लोग मारे गए थे।  पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि हाल के दिनों में देशभर में सुरक्षा बलों पर बढ़ते आतंकी हमलों के जवाब में यह अभियान शुरू किया गया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा और आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।  कराची हमले के बाद हुई कार्रवाई शनिवार को कराची स्थित पाकिस्तान रेंजर्स के क्षेत्रीय मुख्यालय पर हथियारों और विस्फोटकों से लैस आतंकियों ने हमला किया था. इस हमले में तीन पाकिस्तानी सैनिकों की मौत हो गई थी. जवाबी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने तीन हमलावरों को मार गिराया, जबकि एक हमलावर घायल अवस्था में गिरफ्तार किया गया. पाकिस्तानी सेना के अनुसार गिरफ्तार आरोपी अफगान नागरिक है. इस हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान से जुड़े संगठन जमात-उल-अहरार ने ली थी।  किन ठिकानों को बनाया निशाना? पाकिस्तान के मुताबिक सबसे पहले खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर जिले में खुफिया सूचना के आधार पर जमीनी अभियान चलाया गया. इस दौरान पाकिस्तान ने दावा किया कि ‘खान फरोश’ नाम का एक प्रमुख कमांडर समेत चार आतंकवादी मारे गए. इसके बाद अफगानिस्तान सीमा से लगे इलाकों में मौजूद जमात-उल-अहरार और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) से जुड़े ठिकानों पर सटीक हमले किए गए. पाकिस्तान का दावा है कि अफगानिस्तान के पक्तिया, पक्तिका और कुनार प्रांतों में स्थित तीन ठिकाने नष्ट कर दिए गए, जहां 25 आतंकवादी मारे गए. इसके अलावा बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी नष्ट करने की बात कही गई है।  पाकिस्तान और अफगानिस्तान में क्यों बढ़ रहा तनाव? पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान में सुरक्षा बलों और पुलिस पर हमले लगातार बढ़े हैं. पाकिस्तान का आरोप है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और उससे जुड़े संगठन अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल कर पाकिस्तान में हमले करते हैं. हालांकि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार इन आरोपों को लगातार खारिज करती रही है. पाकिस्तान इससे पहले भी कई बार सीमा पार कर हवाई हमला करता रहा है। 

प्रदूषण बोर्ड की बड़ी कार्रवाई, मॉनिटरिंग डिवाइस बंद होने पर जनस्वास्थ्य विभाग पर 25 लाख का जुर्माना

कैथल. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड वायु प्रदूषण और जल प्रदूषण फैलाने वालों को लेकर गंभीर है। बोर्ड की तरफ से समय-समय पर जिले भर में चल रहे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निरीक्षण किया जाता है। चीका स्थित 10 एमएलडी एसटीपी में आनलाइन मानिटरिंग डिवाइस काम नहीं कर रही थी। इससे आनलाइन एसटीपी की पूरी रिपोर्ट तैयार होती है। विभाग की टीम भी आनलाइन देखरेख करती है। यह डिवाइस अक्टूबर 2025 से 23 जून 2026 तक बंद पाई गई थी। अब प्रदूषण बोर्ड की तरफ से संबंधित जन स्वास्थ्य विभाग को 25 लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया है। जुर्माना लगाने के बाद फाइल मुख्यालय के पास भेज दी गई है। एसटीपी पर आए सीवरेज के पानी को ट्रीट करके बाहर छोड़ना होता है नियम के अनुसार एसटीपी पर आए सीवरेज के पानी को ट्रीट करके बाहर छोड़ना होता है। जांच के दौरान कई बार सामने आया था कि गंदे पानी को ड्रेनों में छोड़ा जा रहा था। कई जगहों पर तो इसी गंदे पानी को किसान सिंचाई के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। यही पानी जमीन के अंदर भी जा रहा है जो पीने के पानी के स्तर को भी दूषित कर रहा है। जांच के दौरान पानी में बीओडी (बायोलाजिकल आक्सीजन डिमांड) यानी पानी में बैक्टीरिया की मात्रा जांची जाती है, इसके बाद पानी के सेंपल फेल आने पर कार्रवाई की जाती है। कैथल में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी प्रवीन कुमार ने कहा किप्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने चीका स्थित एसटीपी पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाकर फाइल को मुख्यालय भेज दिया है। किसी भी प्रकार से प्रदूषण फैलाने वालों पर कार्रवाई जारी रहेगी।

अकाल तख्त के समक्ष बेअदबी कानून पर सुनवाई, नंगे पैर पहुंचे पंजाब सरकार के मंत्री और विधायक

अमृतसर. पंजाब सरकार की ओर से पारित जागत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट-2026 को लेकर सोमवार को श्री अकाल तख्त साहिब में अहम धार्मिक सुनवाई शुरू हुई। अकाल तख्त के आदेश के बाद पंजाब सरकार के सभी सिख मंत्री और विधायक नंगे पैर श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचे और पांच सिंह साहिबानों के समक्ष पेश हुए। सभी मंत्री और विधायक अपने साथ लिखित स्पष्टीकरण भी लेकर पहुंचे, जिसे सुनवाई के दौरान प्रस्तुत किया गया। इस दौरान केवल सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के मंत्री और विधायक ही नहीं, बल्कि कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल तथा निर्दलीय विधायक भी श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचे। पूरे घटनाक्रम पर धार्मिक और राजनीतिक दोनों वर्गों की नजर बनी हुई है। तख्तों के जत्थेदार करेंगे सुनवाई सुनवाई शुरू होने से पहले श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय में गुरु साहिब की हजूरी में अरदास की गई। इसके बाद पांच सिंह साहिबानों ने बेअदबी कानून में किए गए संशोधन को लेकर विचार-विमर्श की प्रक्रिया शुरू की। धार्मिक मर्यादा के अनुसार सभी आवश्यक धार्मिक परंपराओं का पालन किया गया। अरदास में श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार एवं तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज, श्री हरिमंदिर साहिब के ग्रंथी ज्ञानी बलजीत सिंह, ज्ञानी केवल सिंह, तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह तथा श्री अकाल तख्त साहिब के पांच प्यारों में से ज्ञानी मंगल सिंह उपस्थित रहे। सभी पक्षों की बात सुन कर होगा विचार सुनवाई से पहले मीडिया से बातचीत करते हुए ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा कि लंबे समय से खालसा पंथ की सहमति लिए बिना और सिख संस्थाओं को दरकिनार करते हुए वर्ष 2008 के कानून में संशोधन किया गया है। उनका कहना था कि इस संशोधन के बाद गुरु और सिख के बीच सरकार कानून के माध्यम से आ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने सिख धर्म के धार्मिक मामलों और श्री अकाल तख्त साहिब की परंपरागत अधिकारिता में हस्तक्षेप किया है। ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा कि इसी विषय पर स्पष्टीकरण प्राप्त करने के लिए पंजाब सरकार के सिख मंत्रियों और विधायकों को श्री अकाल तख्त साहिब में बुलाया गया है। पांच सिंह साहिबान अब सभी पक्षों की बात सुनकर इस पूरे मामले पर विचार करेंगे। एक्ट पास होने के बाद उठे सवाल उल्लेखनीय है कि पंजाब सरकार द्वारा पारित जागत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट-2026 को लेकर धार्मिक संगठनों और सिख समुदाय के एक वर्ग की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में श्री अकाल तख्त साहिब ने इस मामले को अपने संज्ञान में लेते हुए संबंधित जनप्रतिनिधियों को तलब किया है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि पांच सिंह साहिबान सुनवाई के बाद इस संवेदनशील धार्मिक मुद्दे पर क्या फैसला या अगला निर्देश जारी करते हैं।

कोंडागांव: ट्रेनिंग के दौरान हादसा, पंचायत भवन की छत का पलस्तर गिरने से 2 युवतियां जख्मी

कोंडागांव. मालगांव पंचायत भवन में सिलाई प्रशिक्षण के दौरान बड़ा हादसा टल गया. भवन की छत का पलस्तर अचानक गिरने से दो प्रशिक्षु युवतियां घायल हो गईं. दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया. घटना के समय भवन में करीब दर्जनभर महिलाएं और युवतियां प्रशिक्षण ले रही थीं. हादसे से प्रशिक्षण केंद्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. ग्रामीणों ने पंचायत भवन की जर्जर हालत पर चिंता जताई है. महिलाओं ने भवन की तत्काल मरम्मत की मांग की है. जनपद सदस्य ने भवन सुरक्षित होने तक प्रशिक्षण केंद्र को दूसरे स्थान पर संचालित करने की मांग उठाई. उन्होंने महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया. ग्रामीणों ने घायल छात्राओं को सहायता उपलब्ध कराने की भी मांग की है. यह घटना सरकारी भवनों के नियमित रखरखाव की आवश्यकता की ओर संकेत करती है. अब प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है.

Pawan Khera in Raipur: RSS पर साधा निशाना, कहा- राम के नाम पर भ्रष्टाचार हिंदुओं के लिए नुकसानदायक

रायपुर  कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया और प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने कहा कि भगवान राम के नाम पर भ्रष्टाचार स्वीकार नहीं किया जा सकता। वे अभनपुर में रविवार को कांग्रेस शहर व जिला अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर में शामिल होने के लिए शनिवार की देर रात पहुंचे थे। उन्होंने राजधानी के स्वामी विवेकानंद विमानतल पर मीडिया से बातचीत में अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े कथित चोरी के मामले पर कहा कि पूरा राम मंदिर ट्रस्ट एक ऐसा प्रयोग था, जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का था और उनकी निगरानी में था। इसकी गतिविधियों पर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की भी नजर रही है। उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि भगवान राम के नाम पर भ्रष्टाचार स्वीकार नहीं किया जा सकता। सोशल मीडिया के इस दौर में उन्होंने इस प्रशिक्षण शिविर को जरूरी बताया और कहा कि इससे कार्यकर्ताओं को सीखने और संवाद करने का अच्छा मौका मिला है। राम मंदिर ट्रस्ट पर पवन खेड़ा ने उठाए सवाल अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े कथित चोरी के मामले पर पवन खेड़ा ने मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की सोच और निगरानी में बना है और इसकी गतिविधियों पर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की भी नजर रही है। RSS का इतिहास में कोई योगदान नहीं रहा RSS के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार के महात्मा गांधी को लेकर दिए गए बयान पर पवन खेड़ा ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का देश के स्वतंत्रता आंदोलन और इतिहास में कोई योगदान नहीं रहा है। पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि अयोध्या से लेकर उज्जैन तक सामने आई घटनाएं संघ की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती हैं। ऐसे संगठनों ने देश और हिंदू समाज को नुकसान पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे बयानों पर ज्यादा समय खर्च करने के बजाय जनता से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है। आज होगा प्रशिक्षण शिविर का समापन रायपुर में पिछले कई दिनों से कांग्रेस के जिला अध्यक्षों का प्रशिक्षण शिविर चल रहा है। शिविर में संगठन को मजबूत बनाने, चुनाव की तैयारी, मीडिया प्रबंधन और जनता से बेहतर संवाद जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण शिविर के समापन समारोह में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा जिला अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। इससे पहले राहुल गांधी प्रशिक्षण शिविर शामिल हुए थे और उन्होंने संगठन को मजबूत करने टिप्स दी थी। राम ने छोड़ा राजपाठ और ये कर रहे चोरी खेड़ा ने कहा कि भगवान राम सिद्धांत के लिए राजपाठ छोड़ दिए, उस भगवान राम के नाम पर सत्ता भी हासिल करेंगे और चोरी करेंगे, यह संभव नहीं है। उन्होंने आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार के महात्मा गांधी को लेकर दिए गए बयान पर कहा कि आरएसएस का देश के स्वतंत्रता आंदोलन और इतिहास में कोई योगदान नहीं रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या से लेकर उज्जैन तक सामने आई घटनाएं संघ की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती हैं। ऐसे संगठनों ने देश और हिंदू समाज को नुकसान पहुंचाने का काम किया है।