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बुधवार का राशिफल 24 जून: किन राशियों पर बरसेगी किस्मत, जानें आज का भविष्यफल

मेष राशि आज का दिन आपके लिए खुशियां लेकर आया है। घर में मेहमानों की चहल-पहल बनी रहेगी। खुशियों का माहौल भी बना रहेगा। रिवार के साथ बिताया गया समय आपको मानसिक सुकून देगा। इसके अलावा नौकरीपेशा लोगों को सलाह है कि कार्यस्थल पर छोटी-सी चूक से भी बचें, क्योंकि आज सतर्कता ही सफलता की कुंजी बनेगी।  वृषभ राशि आज का दिन आपके लिए खास रहेगा। यदि आप सामाजिक क्षेत्र से जुड़े हैं, तो प्रशंसा और सम्मान मिलने के प्रबल योग बन रहे हैं। भाग्य भी आज आपके प्रयासों का साथ देता दिखाई दे रहा है। पुराने मित्रों से मुलाकात होने के संकेत हैं, जिससे मन प्रसन्न रहेगा। लाभ भी होगा। मिथुन राशि मिथुन राशि वालों के लिए दिन सावधानी बरतने वाला होगा। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें। कार्यक्षेत्र में यदि किसी निर्णय को लेकर मन उलझा हुआ है, तो जल्दबाजी से बचें। हालांकि, आर्थिक मामलों में धीरे-धीरे स्थिति मजबूत होती नजर आएगी। यात्रा के योग बन रहे हैं। कर्क राशि कर्क राशि वालों के लिए समय खास रहेगा। अनुभवी व्यक्ति की सलाह आपके काफी काम आ सकती है। धन के मामलों में ईमानदारी और सही मार्ग अपनाना आपके लिए सबसे अधिक लाभकारी रहेगा। लंबे समय से अटका हुआ लेन-देन पूरा होने से मन को बड़ी राहत मिलेगी। सिंह राशि आध्यात्मिक और धार्मिक गतिविधियों की ओर आपका झुकाव बढ़ेगा, जिससे मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होगी। इसके अलावा कार्यस्थल पर आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है।  परिवार में किसी महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा हो सकती है।  कन्या राशि आत्मविश्वास के दम पर आप कई जरूरी काम आसानी से पूरे करेंगे। किसी अनजान व्यक्ति पर आंख मूंदकर भरोसा करना उचित नहीं होगा। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी रहेगा, वरना बजट बिगड़ सकता है। जीवनसाथी के साथ संबंध पहले से बेहतर होते नजर आएंगे। तुला राशि वाहन से जुड़ा कोई छोटा खर्च अचानक सामने आ सकता है, इसलिए आर्थिक संतुलन बनाए रखें। सुखद समाचार आपके चेहरे पर मुस्कान ला सकता है। नए अवसर मिलने से मन में उत्साह बना रहेगा। किसी भी लेन-देन को सोच-समझकर ही करें। निवेश से जुड़े फैसले सोच-समझकर लेना बेहतर रहेगा। वृश्चिक राशि किसी नए कार्य की शुरुआत करने के लिए दिन अनुकूल रहेगा। संतान के भविष्य को लेकर चिंता बनी रह सकती है, लेकिन समय आपके पक्ष में काम करेगा।  रुका हुआ कोई कार्य दोबारा गति पकड़ सकता है। सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को आज नई पहचान और सम्मान प्राप्त होने की संभावना है। धनु राशि धनु राशि के लोगों को कामकाज में धैर्य बनाए रखना आज जरूरी होगा। दूसरों के मामलों में जरूरत से ज्यादा दखल देने से बचें। परिवार में प्रेम और एकता का वातावरण बना रहेगा। इसके अलावा किसी करीबी से जरूरी सलाह मिल सकती है जो आगे लाभ देगी।  मकर राशि समय और धन दोनों का सही प्रबंधन आज आपकी सबसे बड़ी आवश्यकता है। परिवार की ओर से कोई ऐसी खबर मिल सकती है जो मन को थोड़ा उदास करे, लेकिन संयम बनाए रखना ही उचित रहेगा। कार्यस्थल पर जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। धैर्य और समझदारी से लिया गया फैसला आगे लाभ देगा। कुंभ राशि परिवार के किसी सदस्य से अच्छी खबर सुनने को मिल सकती है। नए संपर्क बन सकते हैं, जो आगे चलकर लाभदायक सिद्ध होंगे। व्यापार में रुकी हुई कोई डील पूरी होने से आर्थिक स्थिति में मजबूती आने के संकेत हैं। मीन राशि किसी पुराने प्रयास का सकारात्मक परिणाम मिल सकता है। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा भावनाओं में बहकर कोई बड़ा फैसला लेने से बचें। कोई शुभ समाचार मन को प्रसन्न कर सकता है।

महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब, दान राशि पहुंची 142 करोड़ रुपए

उज्जैन  महाकाल लोक बनने के बाद बाबा महाकाल के दरबार में श्रद्धालुओं की आस्था के साथ दान का प्रवाह भी लगातार बढ़ रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में महाकाल मंदिर समिति को रिकॉर्ड 142 करोड़ रुपए की आय हुई है, जिसमें केवल दान मद से ही 78 करोड़ रुपए प्राप्त हुए हैं। यह बीते छह वर्षों में सबसे अधिक दान है और पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में करीब 27 करोड़ रुपए ज्यादा है। मंदिर समिति के अनुसार दान पेटियों से 62 करोड़ रुपए, नगद काउंटर पर 5 करोड़ 50 लाख रुपए, मनी ऑर्डर से 1.23 लाख रुपए, ऑनलाइन माध्यम से 3 करोड़ 60 लाख रुपए, अन्नक्षेत्र से 3 करोड़ 38 लाख रुपए तथा गुप्त दान के रूप में 4 करोड़ 65 लाख रुपए प्राप्त हुए। लड्‌डू की बिक्री 65 करोड़ की वहीं लड्डू प्रसादी की बिक्री से 65 करोड़ रुपए की आय हुई। इसके अलावा श्रद्धालुओं ने सोने-चांदी के करोड़ों रुपए मूल्य के आभूषण भी दान किए हैं। गौरतलब है कि 11 अक्टूबर 2022 को प्रधानमंत्री ने महाकाल लोक का लोकार्पण किया था। इसके बाद महाकाल मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में करीब तीन गुना वृद्धि दर्ज की गई है। पहले जहां प्रतिदिन 40 से 50 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर डेढ़ से दो लाख प्रतिदिन तक पहुंच गई है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के साथ मंदिर की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। दान कक्ष में सिली हुई जेब वाले कपड़ों में ही मिलती है एंट्री राम मंदिर में दान को लेकर चल रहे विवाद के बाद श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के सहायक प्रशासक आशीष पलवड़िया ने बताया कि मंदिर में प्राप्त होने वाले दान के संबंध में पूरी पारदर्शिता और निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है। मंदिर परिसर में कुल 95 दान पेटियां स्थापित हैं, जिनमें श्रद्धालु बड़ी संख्या में दान करते हैं। इसके अलावा श्रद्धालु क्यूआर कोड के माध्यम से भी ऑनलाइन दान कर रहे हैं। हर सप्ताह दान पेटियां खोली जाती हैं। इन्हें सुरक्षा व्यवस्था के बीच गणना कक्ष तक पहुंचाया जाता है। इसके बाद निरीक्षक, सहायक प्रशासक तथा मंदिर समिति के अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में दान पेटियां खोली जाती हैं। दान की गणना की फोटोग्राफी कराई जाती है और पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में संपन्न होती है। दान की गणना के लिए नियुक्त कर्मचारियों को विशेष नियमों का पालन करना पड़ता है। उन्हें बिना जेब वाले कपड़े या सिली हुई जेब वाले परिधान पहनने के बाद ही गणना कक्ष में प्रवेश की अनुमति दी जाती है, ताकि किसी प्रकार की अनियमितता की आशंका न रहे। दान बढ़ा तो खर्च भी दोगुना हुआ श्री महाकाल लोक के लोकार्पण से पहले महाकाल मंदिर का क्षेत्रफल 2.82 हेक्टेयर था, जो विस्तार के बाद बढ़कर 47 हेक्टेयर हो गया है। वर्तमान में मंदिर समिति के कुल 306 कर्मचारी कार्यरत हैं। इन कर्मचारियों के वेतन के अलावा मंदिर की सुरक्षा, साफ-सफाई, रखरखाव, निर्माण कार्य, पर्व-त्योहारों की व्यवस्थाएं, धर्मशाला, अन्नक्षेत्र, महाकालेश्वर वैदिक शोध संस्थान, गोशाला तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर बड़ी राशि खर्च होती है। मासिक खर्च भी बढ़कर 5 करोड़ से ज्यादा इसके अतिरिक्त महाशिवरात्रि, श्रावण मास, नागपंचमी सहित अन्य प्रमुख पर्वों पर श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए भी अतिरिक्त व्यय किया जाता है। पहले मंदिर का मासिक खर्च करीब 2.5 करोड़ रुपए था, जो अब बढ़कर 5 करोड़ रुपए से अधिक प्रतिमाह हो गया है।

संयुक्त राष्ट्र में भारत का करारा जवाब, पाकिस्तान-चीन को घेरा; जम्मू-कश्मीर पर स्पष्ट रुख

नई दिल्ली जम्‍मू-कश्‍मीर पर भारत के रुख से पूरी दुनिया वाकिफ है. हर कोई जानता है कि नई दिल्‍ली को उसके स्‍टैंड से कोई नहीं डिगा सकता, लेकिन पाकिस्‍तान अपने यार चीन के साथ मिलकर अक्‍सर ही साजिश रचता रहता है. संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में पाकिस्‍तान ने चीन के साथ मिलकर फिर से जम्‍मू-कश्‍मीर का मुद्दा उठाया. हर बार की तरह इस बार भी भारत ने पाकिस्‍तान के साथ ही चीन को इस कदर रगड़ा कि उनको कोई जवाब नहीं सूझ पड़ा।  संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में चीन और पाकिस्तान की ओर से आयोजित अरिया फॉर्मूला बैठक के दौरान भारत ने जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान को कड़ा और स्पष्ट जवाब दिया. भारत ने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर पूरी तरह उसका आंतरिक मामला है और इसमें किसी बाहरी पक्ष की कोई भूमिका नहीं हो सकती. ‘Bridging the Implementation Gap: Security Council Resolutions and Maintenance of International Peace and Security’ विषय पर आयोजित इस बैठक में पाकिस्तान ने एक बार फिर जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाने की कोशिश की. इस पर संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने कहा कि जम्मू-कश्मीर पहले भी भारत का अभिन्न हिस्सा था, आज भी है और आगे भी भारत का ही रहेगा।  UN को भी दिखाया आईना भारत ने इस मौके पर सुरक्षा परिषद के पुराने प्रस्तावों और मध्यस्थता तंत्रों की प्रासंगिकता पर भी सवाल उठाए. पी. हरीश ने कहा कि समय के साथ अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां बदलती हैं, ऐसे में सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और मध्यस्थता ढांचों की भी समय-समय पर समीक्षा होनी चाहिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के चैप्‍टर-6 के तहत बनाए गए मध्यस्थता तंत्र स्थायी नहीं माने जा सकते और बदलते वैश्विक परिदृश्य में उनकी उपयोगिता का आकलन जरूरी है।  पाकिस्‍तान का दांव फिर धराशायी भारत ने यह भी कहा कि जब UN80 पहल के तहत संयुक्त राष्ट्र महासभा के जनादेशों की समीक्षा की जा रही है, तो सुरक्षा परिषद के जनादेशों को भी उसी गंभीरता से परखा जाना चाहिए. भारत का यह रुख ऐसे समय सामने आया है, जब पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बार-बार कश्मीर मुद्दे को उठाने की कोशिश करता रहा है. भारत ने एक बार फिर साफ कर दिया कि जम्मू-कश्मीर पर उसका रुख अडिग है और यह विषय पूरी तरह संप्रभु भारतीय अधिकार-क्षेत्र के भीतर आता है। 

वीरांगना रानी दुर्गावती का शौर्य और बलिदान राष्ट्र की प्रेरणा का अमर स्रोत: CM विष्णुदेव साय

वीरांगना रानी दुर्गावती का शौर्य और बलिदान राष्ट्र की प्रेरणा का अमर स्रोत : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित केनाल लिंकिंग रोड पर वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रानी दुर्गावती का अदम्य साहस, पराक्रम और बलिदान भारतीय इतिहास की अमूल्य धरोहर है। उनका जीवन राष्ट्रप्रेम, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण का सर्वोच्च उदाहरण है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रानी दुर्गावती का शौर्य और त्याग आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का प्रकाश स्तंभ है। उनकी गौरवगाथा हमें विपरीत परिस्थितियों में भी साहस, आत्मविश्वास और कर्तव्यनिष्ठा के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि समाज द्वारा अपने महान नायकों और गौरवशाली इतिहास का स्मरण करना अत्यंत आवश्यक है। जो समाज अपने इतिहास और विरासत को विस्मृत कर देता है, उसका भविष्य भी संकटग्रस्त हो जाता है, जबकि जो समाज अपने महापुरुषों को कृतज्ञता और सम्मान के साथ याद रखता है, उसका भविष्य सदैव उज्ज्वल होता है। मुख्यमंत्री ने रानी दुर्गावती के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने मुगल साम्राज्य की विशाल सेना के सामने अद्वितीय वीरता का परिचय दिया। अंतिम क्षण तक संघर्ष करते हुए उन्होंने मातृभूमि की रक्षा और स्वाभिमान की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी तथा वीरगति को प्राप्त हुईं। उनका बलिदान भारतीय इतिहास में साहस और स्वाभिमान के अप्रतिम अध्याय के रूप में सदैव स्मरणीय रहेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश "विकास भी, विरासत भी" के मंत्र पर आगे बढ़ रहा है। विकास की यात्रा तभी सार्थक होती है, जब हम अपनी सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक चेतना और महान विभूतियों के योगदान को भी समान रूप से संरक्षित करें। रानी दुर्गावती ने जिस राष्ट्रचेतना, स्वाभिमान और संघर्ष की भावना का संचार किया, वह आज भी समाज को दिशा प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती का जीवन केवल इतिहास का विषय नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर हमें विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को और अधिक दृढ़ता के साथ आगे बढ़ाना चाहिए। इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक भूलन सिंह मरावी, डॉ. नंदकुमार साय, रायपुर नगर निगम महापौर श्रीमती मीनल चौबे, छत्तीसगढ़ औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम, छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूप सिंह मंडावी सहित जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

भारतीय एक्सपोर्टर्स फोरम की कमान हरीश दुआ को, बैठक में निर्यात बढ़ाने पर मंथन

लुधियाना. भारतीय एक्सपोर्टर्स फोरम (बीईएफ) की एक महत्वपूर्ण बैठक लुधियाना में आयोजित की गई, जिसमें उद्योग, व्यापार और निर्यात क्षेत्र से जुड़े लगभग 25 उद्यमियों एवं प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक का आयोजन भारतीय एक्सपोर्टर्स फोरम के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हरीश दुआ की ओर से किया गया। कार्यक्रम में सतीश कुमार की विशेष उपस्थिति रही, जबकि स्वदेशी जागरण मंच के संगठन मंत्री विनय कुमार तथा भारतीय एक्सपोर्टर्स फोरम के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हरीश दुआ ने उपस्थित सदस्यों को संबोधित किया। बैठक के दौरान निर्यात क्षेत्र के समक्ष मौजूद चुनौतियों, वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारतीय उद्योगों की भूमिका तथा निर्यात को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक कदमों पर विस्तृत चर्चा की गई। निर्यात बढ़ाने को एकजुट होंगे उद्यमी वक्ताओं ने कहा कि भारत को वैश्विक बाजार में मजबूत पहचान दिलाने के लिए निर्यातकों को एक मंच पर लाकर उनकी समस्याओं का समाधान करना समय की आवश्यकता है। इसके साथ ही संगठन की भावी कार्ययोजना और विभिन्न राज्यों में संगठन के विस्तार को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर स्वदेशी जागरण मंच के संगठन मंत्री विनय कुमार ने कहा कि देश की आर्थिक मजबूती में निर्यातकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए स्वदेशी उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं हरीश दुआ ने भारतीय निर्यातकों को एकजुट होकर कार्य करने और नए बाजारों की संभावना तलाशने का आह्वान किया। हरीश दुआ को मिली जिम्मेदारी बैठक में हरीश दुआ को भारतीय एक्सपोर्टर्स फोरम, पंजाब का अध्यक्ष घोषित किया गया। इस घोषणा के साथ ही उपस्थित सभी सदस्यों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। सदस्यों ने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में पंजाब के निर्यातकों को एक मजबूत मंच मिलेगा तथा प्रदेश के निर्यात कारोबार को नई दिशा प्राप्त होगी। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद किया गया। उपस्थित सदस्यों ने निर्यात संवर्धन, उद्योगों के विकास और राष्ट्र निर्माण के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया। बैठक का समापन “सशक्त निर्यात – सशक्त भारत” के संदेश के साथ हुआ।

सुबह खाली पेट भीगी मेथी के 5 जबरदस्त फायदे, सेहत के लिए वरदान

हमारे इंडियन किचन में मेथी दाना एक बहुत ही आम मसाला है. तड़के से लेकर अचार तक, यह हर चीज का स्वाद बढ़ाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह छोटा सा पीला दाना सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि आपकी सेहत के लिए एक वरदान है. खासकर जब आप मेथी को रातभर पानी में भिगोकर सुबह खाली पेट खाते हैं, तो इसके गुण कई गुना बढ़ जाते हैं. आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और बिगड़े लाइफस्टाइल में भीगी हुई मेथी को अपनी डाइट में शामिल करना एक बेहद समझदारी भरा फैसला हो सकता है. आइए जानते हैं सुबह खाली पेट भीगी हुई मेथी खाने के 5 बड़े फायदों (Benefits of Soaked Fenugreek Seeds) के बारे में. 1. डायबिटीज को कंट्रोल करने में मददगार आज के समय में शुगर या डायबिटीज की समस्या बहुत आम हो चुकी है. भीगी हुई मेथी ब्लड शुगर लेवल को काबू में रखने के लिए एक रामबाण इलाज मानी जाती है. मेथी के दानों में भरपूर मात्रा में फाइबर होता है, जो शरीर में कार्बोहाइड्रेट और शुगर के सोखने की प्रक्रिया को धीमा कर देता है. इससे खून में अचानक शुगर का लेवल नहीं बढ़ता. अगर आप रोज सुबह इसका पानी पीते हैं और इसके दाने चबाकर खाते हैं, तो इंसुलिन का सिक्रीशन भी बेहतर होता है. 2. पेट की दिक्कतों और कब्ज से छुटकारा गलत खानपान की वजह से आजकल हर दूसरा व्यक्ति गैस, एसिडिटी और कब्ज से परेशान रहता है. भीगी हुई मेथी में घुलनशील फाइबर होता है, जो हमारे पाचन तंत्र को दुरुस्त करता है. रातभर भीगने के कारण मेथी थोड़ी सॉफ्ट हो जाती है और इसे पचाना आसान होता है. यह पेट को साफ करने में मदद (Benefits of Soaked Fenugreek Seeds) करती है और पुरानी से पुरानी कब्ज की समस्या को भी धीरे-धीरे खत्म कर देती है. 3. वजन घटाने में मिलती है मदद अगर आप अपने बढ़ते वजन या पेट की चर्बी से परेशान हैं, तो भीगी हुई मेथी आपकी इस मुश्किल को आसान कर सकती है. सुबह खाली पेट इसे खाने से शरीर का मेटाबॉलिज्म तेज होता है, जिससे कैलरी तेजी से बर्न होती है. इसके अलावा, मेथी में मौजूद फाइबर के कारण इसे खाने के बाद लंबे समय तक पेट भरा-भरा महसूस होता है. इससे आपको असमय भूख नहीं लगती और आप ओवरईटिंग यानी ज्यादा खाने से बच जाते हैं. 4. खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करे (Benefits of Soaked Fenugreek Seeds) दिल की सेहत के लिए भीगी हुई मेथी बहुत फायदेमंद होती है. यह शरीर में मौजूद बैड कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स के लेवल को कम करने में मदद करती है. जब शरीर में कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में रहता है, तो नसों में ब्लॉकेज का खतरा कम हो जाता है, जिससे दिल की बीमारियाँ और हार्ट अटैक आने की संभावना काफी हद तक घट जाती है. 5. त्वचा और बालों के लिए वरदान भीगी हुई मेथी सिर्फ अंदरूनी सेहत ही नहीं, बल्कि आपकी बाहरी खूबसूरती को भी निखारती है. इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स और विटामिन्स चेहरे के कील-मुंहासों को दूर करते हैं और स्किन पर एक नेचुरल ग्लो लाते हैं. इसके साथ ही, अगर आपके बाल बहुत ज्यादा झड़ रहे हैं या उनमें डैंड्रफ की समस्या है, तो भीगी हुई मेथी खाने (Benefits of Soaked Fenugreek Seeds) से बालों की जड़ें मजबूत होती हैं और बाल चमकदार बनते हैं.

सांप के काटने के बाद डायल-112 की फुर्ती आई काम, नारायणपुर में समय रहते बची युवक की जान

नारायणपुर. नारायणपुर जिले के भरण्डा गांव में धर्मांतरण को लेकर विवाद ने तनावपूर्ण स्थिति पैदा कर दी है. मामला बढ़ने पर पूरे गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई. बताया जा रहा है कि 26 मतांतरित परिवारों ने गांव छोड़ने का दबाव बनाए जाने का आरोप लगाया है. इन परिवारों का कहना है कि उन्हें पारंपरिक रीति-रिवाज अपनाने के लिए मजबूर किया जा रहा है. वहीं आदिवासी ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी धार्मिक परंपराओं और सामाजिक मान्यताओं का सम्मान नहीं किया जा रहा. तनाव के दौरान कुछ समय के लिए सड़क भी जाम कर दी गई. प्रशासन ने दोनों पक्षों से चर्चा कर समाधान निकालने की कोशिश की, लेकिन सहमति नहीं बन सकी. हालात को देखते हुए पुलिस लगातार गांव में गश्त कर रही है. अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है. फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है. किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी गई है.

अब नहीं चलेगा प्रेशर हॉर्न! बिलासपुर पुलिस की सख्ती, मॉडिफाइड साइलेंसर वालों पर कार्रवाई

बिलासपुर. बिलासपुर यातायात पुलिस ने प्रेशर हॉर्न, हूटर और मॉडिफाइड साइलेंसर के खिलाफ विशेष अभियान चलाया. अभियान के दौरान 20 बसों सहित कई वाहनों की जांच की गई, जिनमें नियमों के विपरीत लगे प्रेशर हॉर्न और अन्य उपकरण पाए गए. नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई, जबकि गंभीर मामलों में प्रकरण तैयार कर न्यायालय भेजा गया है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अवैध हॉर्न और मॉडिफाइड साइलेंसर बेचने वाले दुकान संचालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. यातायात पुलिस का कहना है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा. जगदलपुर शहर के प्रमुख मार्गों में तेज व फर्राटेदार मोडिफाइड साइलेंसर लगाकर लोगों को डराने के साथ ही ध्वनि प्रदूषण कर लोगों को परेशान करने वाले ऐसे कई वाहनों के खिलाफ 2 साल से कड़ी कार्यवाही किया जा रहा था। इस कार्यवाही के दौरान पुलिस ने 40 के लगभग प्रेशर हॉर्न व 312 मोडिफाइड साइलेंसर के खिलाफ आज कार्यवाही करते हुए सभी के ऊपर से बुलडोजर चलाकर उसे नष्ठ कर दिया गया। इस सामान की बाजार में अनुमानित कीमत 30 लाख रुपये के लगभग बताई जा रही है। बता दे कि आजकल के युवा वर्ग के द्वारा कंपनी की ओर से दुपहिया वाहनों में लगे साइलेंसर को निकाल कर बाजार से महंगे दामों पर अलग अलग तरह की आवाज करने वाली साइलेंसर को लगाने के साथ ही हाई स्पीड की प्रेशर हॉर्न का इस्तेमाल किया जा रहा था। युवकों के द्वारा अभी शहर के मेन रोड़ में तो कभी, गोलबाजार, दंतेश्वरी मंदिर के सामने, धरमपुरा, आड़ावाल व एसपी कार्यालय के सामने आए दिन रात के अंधेरो में तो कभी दिन में हाई स्पीड से इसका उपयोग करते हुए अपनी वाहनों को फर्राटे से दौड़ाते हुए दिखाई देते थे। 

हर जनपद में विशेष टीम गठित कर व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान चलाया जाए: मुख्यमंत्री

लखनऊ की दुर्भाग्यपूर्ण घटना प्रदेश के लिए बड़ा सबक, फायर सेफ्टी मानकों से कोई समझौता नहीं: मुख्यमंत्री हर जनपद में विशेष टीम गठित कर व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान चलाया जाए: मुख्यमंत्री पहले जागरूकता, फिर कार्रवाई; अभियान के नाम पर किसी नागरिक का उत्पीड़न न हो: मुख्यमंत्री जो भवन जिस गतिविधि के लिए अनुमन्य, वहां वही गतिविधि होगी, बेसमेंट में कोचिंग/नर्सिंग होम स्वीकार नहीं: मुख्यमंत्री आपातकालीन सेवाओं को रिस्पॉन्स टाइम और कम करने के लिए उठाने होंगे ठोस कदम: मुख्यमंत्री वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विशेष बैठक कर मुख्यमंत्री ने की लखनऊ अग्नि दुर्घटना की बिंदुवार समीक्षा लखनऊ,   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के अलीगंज में बीते दिनों आग लगने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना को प्रदेश के लिए एक बड़ा सबक बताते हुए कहा कि इस पीड़ादायक घटना से सीख लेते हुए यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इसके लिए शासन, प्रशासन और आमजन को मिलकर अग्नि सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर में मिशन मोड में व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी जनपदों में अस्पतालों, नर्सिंग होमों, मेडिकल कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों, शॉपिंग मॉल, सरकारी भवनों तथा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच कर आवश्यक सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। मंगलवार को शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह अभियान पूरी तरह जनहित में संचालित किया जाएगा। पहले व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अभियान के नाम पर किसी भी नागरिक का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जनपद में विशेष टीम गठित कर फायर ऑडिट अभियान संचालित किया जाए। सभी कोचिंग संस्थानों का विधिवत पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए तथा व्यावसायिक भवनों में अग्निशमन विभाग से प्राप्त अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) भवन परिसर में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भवन अथवा भूमि का उपयोग उसी उद्देश्य के अनुरूप होना चाहिए, जिसके लिए उसे स्वीकृति प्रदान की गई है। आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन नहीं होना चाहिए तथा निर्धारित उपयोग के विपरीत किसी भी प्रकार की गतिविधि स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में बेसमेंट में कोचिंग अथवा अन्य व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन न होने पाए। यदि बेसमेंट पार्किंग के लिए स्वीकृत है तो उसका उपयोग केवल पार्किंग के लिए ही किया जाए।  मुख्यमंत्री ने व्यावसायिक भवनों के विद्युत भार (लोड) का आकलन कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां विद्युत भार निर्धारित मानकों के विपरीत पाया जाए अथवा अन्य नियमों का उल्लंघन हो रहा हो, वहां तत्काल नियमानुसार कठोरतम कार्रवाई की जाए। बैठक में मुख्यमंत्री ने बीते दिनों लखनऊ में घटित आग लगने की दुर्घटना के संबंध में अपर मुख्य सचिव गृह, पुलिस महानिदेशक, महानिदेशक अग्निशमन सेवा, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा एसडीआरएफ के अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने घटना की सूचना मिलने के बाद अग्निशमन दल, एम्बुलेंस और एसडीआरएफ की टीमों द्वारा किए गए राहत एवं बचाव कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपातकालीन सेवाओं का रिस्पॉन्स टाइम जितना कम होगा, संकट की परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्य उतने ही प्रभावी ढंग से संचालित किए जा सकेंगे। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों को अपने रिस्पॉन्स टाइम को और कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाने तथा उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने बैठक में बताया कि घटना की सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव कार्यों के लिए 14 एम्बुलेंस तत्काल मौके पर भेजी गई थीं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों, सरकारी एवं निजी अस्पतालों तथा अन्य स्वास्थ्य संस्थानों की फायर सेफ्टी ऑडिट प्राथमिकता के आधार पर कराई जाए। मुख्यमंत्री ने हाल ही में नई दिल्ली में हुई अग्नि दुर्घटना का उल्लेख करते हुए प्रदेश में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि अग्निशमन विभाग को और अधिक सक्षम बनाने के लिए जिन आधुनिक उपकरणों, संसाधनों एवं तकनीकी सुविधाओं की आवश्यकता हो, उनकी उपलब्धता में किसी प्रकार का विलम्ब न किया जाए। बैठक में महानिदेशक अग्निशमन सेवा ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि प्रदेश की 350 तहसीलों में से 296 तहसीलों में 326 स्थायी अग्निशमन केंद्र संचालित हैं। 26 नए अग्निशमन केंद्र लोकार्पण के लिए तैयार हैं, जबकि 25 केंद्रों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त 47 नए केंद्रों के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने शेष तहसीलों में भी अग्निशमन सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन केवल कानूनी दायित्व नहीं, बल्कि मानव जीवन की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। सभी विभाग समन्वित प्रयासों के साथ कार्य करते हुए प्रदेश में सुरक्षित एवं उत्तरदायी व्यवस्था सुनिश्चित करें।

मध्य प्रदेश में बदला मौसम, 15 जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट; 48 जिलों में 52% कम बारिश

भोपाल  मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून अब कुछ ही दूरी पर है। एक-दो दिनों में यह मध्य प्रदेश में दाखिल होने वाला है। मानसून बालाघाट, सिवनी और मंडला इलाके से आने की संभावना है। मानसूनी बादलों ने पहले ही पड़ोसी राज्यों छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र को कवर कर चुके हैं और जल्द ही मध्य प्रदेश की ओर बढ़ने की उम्मीद है। एक से दो दिन में मानसून देगी दस्तक मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को दक्षिण-पश्चिम मानसून मध्य अरब सागर के बाकी हिस्सों, महाराष्ट्र के और इलाकों, तेलंगाना और ओडिशा के बाकी हिस्सों, और छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ा है। मानसून की उत्तरी सीमा अभी दहानू, वर्धा, रायपुर डाल्टनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। अगले एक-दो दिनों में मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए हालात अनुकूल हैं। आंधी-बारिश की वजह से दिन के तापमान में खासी गिरावट हुई है। पचमढ़ी में पारा सबसे कम 30.2 डिग्री दर्ज किया गया। खरगोन में 30.4 डिग्री, धार में 31 डिग्री, सिवनी में 32.2 डिग्री, छिंदवाड़ा में 35.3 डिग्री, बैतूल-मंडला में 35.5 डिग्री और रायसेन में 35.6 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में 33.9 डिग्री, भोपाल में 32.2 डिग्री, ग्वालियर में 41 डिग्री, उज्जैन में 34.8 डिग्री और जबलपुर में 35.4 डिग्री सेल्सियस रहा। दतिया-सीधी में पारा सबसे ज्यादा 41.2 डिग्री रहा। जारी है प्री मानसून बारिश वहीं, मध्य प्रदेश के कई इलाकों में प्री मानसून बारिश का दौर जारी है। भोपाल में बुधवार की सुबह भी बारिश हुई है। साथ ही लोगों को गर्मी और तापमान से राहत मिली है। मंगलवार को भोपाल में अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस रहा। मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे तक भोपाल में बीते 24 घंटों में 19.8 मिमी बारिश हुई। भोपाल में बुधवार को होगी बारिश मौसम विभाग ने भोपाल में बुधवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान लगाया है। साथ ही दोपहर या शाम के समय आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और हल्की बारिश की संभावना है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। हवा की औसत गति लगभग 30 किमी प्रति घंटा रहेगी। कम बारिश वाले जिले- अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, भिंड, बुरहानपुर, दतिया, देवास, धार, ग्वालियर, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, मुरैना, नर्मदापुरम, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, शाजापुर, सीहोर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा। ज्यादा बारिश वाले जिले- भोपाल, अशोकनगर, आगर-मालवा, गुना, मंदसौर, नीमच और श्योपुर। धार में 2 इंच, भोपाल में पौन इंच बारिश, 17 जिलों में पानी गिरा इससे पहले सोमवार को प्रदेश में प्री-मानसूनी एक्टिविटी देखने को मिली। धार में करीब 2 इंच पानी गिर गया। वहीं, भोपाल में पौन इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। इंदौर, खंडवा, रायसेन, राजगढ़, उज्जैन, छिंदवाड़ा, जबलपुर, खजुराहो, सागर, सतना, सिवनी, बड़वानी, शाजापुर, सीहोर समेत कई जिलों में आंधी-बारिश का दौर बना रहा। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां पर अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री दर्ज किया गया। धार में 32.9 डिग्री, सिवनी में 34.2 डिग्री, रायसेन में 35.4 डिग्री, शाजापुर में 35.7 डिग्री रहा। दतिया में सबसे ज्यादा 42.2 डिग्री दर्ज किया गया। सीधी, खजुराहो, टीकमगढ़ नौगांव और नरसिंहपुर में 40 डिग्री या इससे ज्यादा रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में 34.7 डिग्री, उज्जैन में 35 डिग्री, भोपाल में 35.2 डिग्री, जबलपुर में 36 डिग्री और ग्वालियर में 40.2 डिग्री सेल्सियस रहा। आंधी और बारिश की चेतावनी इसके साथ ही सीहोर, जबलपुर, सागर, भोपाल, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, देवास, शाजापुर, आगर, गुना, अशोकनगर, सिंगरौली, रीवा, मऊगंज, सतना, अनुपपुर, शहडोल और उमरिया समेत एमपी के कई जिलों में आंधी बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है। साथ ही डिडोंरी, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, पांढुर्णा, सीधी और नरसिंहपुर के लिए भी चेतावनी जारी है।