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उज्जैन: कांग्रेस नेता प्रतापसिंह गुर पर किसान को रिवॉल्वर दिखाकर धमकाने का आरोप, जांच की मांग तेज

उज्जैन  उज्जैन जिले के ग्राम डेलचीबुजुर्ग में खेत के पास खाई खोदने का विरोध करने पर एक किसान और उसके परिवार को रिवाल्वर दिखाकर जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। कांग्रेस नेता प्रतापसिंह गुर ने किसान को धमकाया था। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस आरोपित के खिलाफ केस दर्ज कर चुकी है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है। महिदपुर रोड पुलिस ने बताया कि डेलचीबुजुर्ग निवासी किसान गोविंद सेन व उसका भाई 18 जून की शाम करीब साढ़े छह बजे ईसनखेड़ी तिराहे के पास स्थित खेत पर रखा सूकला भरने गया था। इसी दौरान कांग्रेस नेता प्रतापसिंह गुर्जर अपने दो साथियों के साथ वहां पहुंचा और जेसीबी मशीन बुलाकर खेत के समीप खाई खुदवाने लगा। खेत के पास खाई खोदने का विरोध करने पर विवाद किसान का आरोप है कि उसने और उसके भाई ने खेत के पास खाई खोदने का विरोध किया तो प्रतापसिंह और उसके साथ आए लोगों ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गालियां देना शुरू कर दिया। इसके बाद उसने अपने स्वजनों को मोबाइल फोन से सूचना दी। कुछ देर में उसके पिता दिनेश सेन, चाचा राजाराम सेन, मुन्नालाल सेन तथा अन्य परिजन मौके पर पहुंच गए। शिकायत के अनुसार स्वजनों ने जब विवाद शांत कराने का प्रयास किया तो प्रतापसिंह गुर ने कमर से रिवाल्वर निकालकर उनकी ओर तान दी और कहा कि जेसीबी यहीं चलेगी, यहां से चले जाओ, नहीं तो जान से खत्म कर दूंगा। घटना के बाद पीड़ित परिवार थाने पहुंचा और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें प्रतापसिंह के हाथ में रिवाल्वर नजर आ रही है। वह किसान को धमकाते हुए भी दिखाई दे रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि खेत का विवाद है। मामले में दोनों पक्षों की शिकायत पर केस दर्ज किए गए हैं।

बहादुरगढ़ फुटबॉल लीग का रोमांच, 35 टीमों और 320 खिलाड़ियों ने मैदान में बिखेरा जलवा

बहादुरगढ़/चंडीगढ़. गांव लोवा खुर्द में सात सप्ताह तक चली लव कुश फुटबाल लीग का समापन हो गया। इस दौरान सभी आयु वर्गों के फाइनल मुकाबले खेले गए और विजेता टीमों को सम्मानित किया गया। इसमें चार आयु वर्गाें में 114 मैच खेले गए और 35 टीमों के 350 खिलाड़ियाें ने इसमें दम दिखाया। समापन पर मुख्य अतिथि विधायक राजेश जून रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में एचओए के उपाध्यक्ष अनिल खत्री और साई पटियाला के पूर्व चीफ कोच रोहित पाराशर उपस्थित रहे। फाइनल मुकाबलों में अंडर-8 वर्ग में चरखी ने बहादुरगढ़ सिटी को 3-2 से हराकर खिताब अपने नाम किया। अंडर-11 वर्ग में भापड़ौदा और जसौरखेड़ी का 3-3 से मैच ड्रा रहा। पेनल्टी शूट में भापड़ौदा विजेता रहा। अंडर-13 में बहादुरगढ़ सिटी क्लब और जसौरखेड़ी का बिना गोल मैच ड्रा रहा। पेनल्टी शूट में बहादुरगढ़ सिटी विजेता रहा। अंडर-15 वर्ग के रोमांचक मुकाबले में सिटी बहादुरगढ़ ने लोवा खुर्द स्पोर्ट्स क्लब को 5-1 से हराकर विजेता बनने का गौरव हासिल किया। लोवा खुर्द से प्रियांशु ने गोल किया, जबकि बहादुरगढ़ की तरफ से ध्रुव ने दो और रुद्र, आदित्य व समीर ने एक-एक गोल किए। मुख्य अतिथि राजेश जून ने विजेता व उपविजेता टीमों को ट्राफी, मेडल और प्रमाण-पत्र प्रदान किए। विशिष्ट अतिथियों ने प्रतिभागी खिलाड़ियों को मेडल और प्रमाण-पत्र देकर उत्साहवर्धन किया। विधायक ने 50 सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को विशेष पुरस्कार देकर सम्मानित किया। खेल समिति को भी राशि भेंट की। आयोजक एवं कोच सुदर्शन ने बताया कि यह प्रतियोगिता पूर्व कोच रोहित पराशर के मार्गदर्शन में हुई। उनकी तकनीकी गाइडलाइन के माध्यम से लोवा खुर्द में अब तक एक हजार से अधिक फुटबाल मैचों का सफल आयोजन हो चुका है। रेफरी की जिम्मेदारी अरमान, निखिल, अक्षित, सागर, ढीला, नमन, हर्षित ने निभाई। इस दौरान गांव के सरपंच विनोद जून, कमेटी प्रधान नरेश कुमार के साथ सभी अतिथियों, कोच, मैनेजरों और खिलाड़ियों का स्वागत किया गया। मास्टर कुलदीप, सब इंस्पेक्टर बलवान कादयान, बिटु, कोच रितु रानी, कोच विनय, कोच आरती, संदीप, ललित मास्टर (भापड़ौदा), संदीप (खेड़ी जट), प्रमिल, लाला मास्टर, विक्की, बीजे, प्रदीप, लीलू फौजी, काला, संजय भी उपस्थित रहे।

पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, ‘मावां धीयां दा सत्कार योजना’ के लिए 13,900 करोड़ का लोन लेगी सरकार

चंडीगढ़. पंजाब सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में 13,900 करोड़ रुपये का कर्ज उठाएगी। रिजर्व बैंक आफ इंडिया की ओर से 2026 की जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा मार्केट से कर्ज उठाने के लिए जारी इंडिकेटिव कैलेंडर में इसका जिक्र किया गया है। इससे पहले पंजाब ने पहली तिमाही के दौरान 9,500 करोड़ रुपये का कर्ज उठाने का प्लान बनाया था, लेकिन राज्य सरकार ने करीबन 7,800 करोड़ रुपये का ही कर्ज लिया। ध्यान रहे कि पंजाब में आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राज्य सरकार हर स्कीम को फाइनेंशियली बूस्ट देना चाहती है। मावां धीया सत्कार योजना 1 जुलाई से शुरू हो रही है, जिसके लिए मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में 9,300 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। पंजाब में विपक्षी पार्टियों ने कर्ज के मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरना शुरू कर दिया है और कर्ज को चुनावी मुद्दा बनाए जाने की संभावना है। दूसरी तिमाही में पंजाब सरकार उठाएगी करोड़ों का कर्ज जानकारी के मुताबिक दूसरी तिमाही में पंजाब सरकार जुलाई महीने के दौरान 5,500 करोड़ रुपये का कर्ज उठाएगी। इसी तरह, सरकार अगस्त महीने में 3,500 करोड़ रुपये और सितंबर महीने में 4,000 करोड़ रुपये का कर्ज उठाएगी। यह कर्ज मुख्य रूप से योजनागत और विकास प्रोजेक्टों के लिए कैपिटल खर्च के तौर पर उठाया जा रहा है। आरबीआइ के मुताबिक दूसरी तिमाही के दौरान देश के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा कुल 3.18 लाख करोड़ रुपये जुटाए जाने हैं, जिसमें पंजाब का हिस्सा 4.35 प्रतिशत है। आरबीआइ के मुताबिक चालू वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही के दौरान पड़ोसी राज्य हरियाणा सरकार 19,000 हजार करोड़ रुपये का कर्ज उठाएगी, जबकि हिमाचल प्रदेश सरकार 2,100 करोड़ रुपये का लोन उठाएगी। ध्यान रहे कि वर्ष 2022 में पंजाब का कुल कर्ज 2.82 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया था, जबकि 31 मार्च 2027 तक यह कर्ज 4.47 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा शुरू से कहते आ रहे हैं कि विरासत में मिले कर्ज को चुकाने के लिए ही कर्ज लिया जा रहा है। वह फाइनेंशियल सुधारों की भी बात करते हैं। यह भी तर्क दिया जाता है कि वह तय लिमिट में ही कर्ज ले रहे हैं। मावां धीयां सत्कार योजना के अलावा पंजाब सरकार मेरी रसोई स्कीम के तहत हर घर में फ्री राशन भी भेज रही है। 15 अगस्त से सरपंचों को सैलरी मिलना शुरू होने से करीब 158 करोड़ रुपये का सालाना खर्च और बढ़ने वाला है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राज्यपाल थावरचंद गहलोत की मुलाकात, कई अहम विषयों पर हुई बातचीत

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सोमवार को राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्यपाल का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर की समृद्ध कला एवं सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बस्तर आर्ट का स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर दोनों के बीच विभिन्न समसामयिक विषयों एवं जनहित से जुड़े मुद्दों पर आत्मीय चर्चा हुई। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राज्यपाल थावरचंद गहलोत के बीच विभिन्न समसामयिक विषयों तथा जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने सामाजिक विकास, सुशासन और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी विचार-विमर्श किया। यह मुलाकात सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई, जिसमें छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक कला को भी विशेष महत्व दिया गया। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल गहलोत के छत्तीसगढ़ प्रवास का स्वागत करते हुए उनके प्रति शुभकामनाएं व्यक्त कीं।

संत कबीर के आदर्शों पर चलकर समाज में समरसता और सेवा की भावना मजबूत होगी : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

संत कबीर का संदेश आज भी समाज और राष्ट्र के लिए पथप्रदर्शक : कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत संत कबीर के आदर्शों पर चलकर समाज में समरसता और सेवा की भावना मजबूत होगी : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सोनपैरी कबीर आश्रम में संत कबीर जयंती महोत्सव आयोजित मुख्यमंत्री साय ने वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश 3 महीने बढ़ाई जाएगी मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना : सरचार्ज माफी और आकर्षक प्रावधानों के साथ लंबित बिजली बिल का भुगतान कर सकेंगे उपभोक्ता रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत आज राजधानी रायपुर के सोनपैरी स्थित सद्गुरु कबीर आश्रम में कबीर जयंती के अवसर पर आयोजित संत कबीर महोत्सव में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने गुरु असंग देव का आशीर्वाद लेकर प्रदेश एवं देश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। राज्यपाल थावरचंद गहलोत, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह तथा केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने आश्रम परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। गुरु असंग देव ने कहा कि संत कबीर ने समाज से पाखंड, कुरीतियों और आडंबर को समाप्त करने के लिए अवतार लिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समाज में आपसी प्रेम तथा संवाद कम होता जा रहा है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने सेवा, परमार्थ, गौसेवा, वृक्षारोपण और ग्राम विकास को जीवन का आधार बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि सेवा से ही सच्चा सुख और आत्मिक संतोष प्राप्त होता है। गुरु असंग देव ने कहा कि एक समय नक्सलवाद के कारण जिन क्षेत्रों में जाना कठिन था, वहां अब शांति स्थापित हो चुकी है और विकास की गंगा बह रही है। लाखों गरीबों के लिए आवास बन रहे हैं और प्रदेश विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कहा कि संत कबीर ने सत्य, समरसता, मानव सेवा और सद्भाव का जो संदेश दिया, वह आज भी पूरे समाज और राष्ट्र के लिए पथप्रदर्शक है। उन्होंने जात-पात, ऊंच-नीच और आडंबर से ऊपर उठकर मानव मात्र को प्रेम, सत्य और विवेक के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि आज जब समाज सामाजिक विभाजन और नैतिक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब संत कबीर की वाणी पहले से अधिक प्रासंगिक है। राज्यपाल ने सोनपैरी कबीर आश्रम द्वारा शिक्षा, गौसेवा, पर्यावरण संरक्षण, जैविक खेती, सामाजिक समरसता और जनकल्याण के क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आश्रम राष्ट्र निर्माण की चेतना को सशक्त बनाते हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ संत कबीर की तपोभूमि और उनके अनुयायियों की पावन धरती है। उन्होंने कहा कि उनका बचपन कबीरपंथी समाज के बीच बीता है और संत कबीर की वाणी का उनके जीवन पर गहरा प्रभाव रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि संत कबीर ने अपना संपूर्ण जीवन समाज में फैली कुरीतियों, छुआछूत, जाति-पांति और आडंबर के विरुद्ध जनजागरण में समर्पित किया। उन्होंने निर्भीक होकर सत्य का साथ दिया और अपने सरल किंतु प्रभावशाली विचारों से समाज को नई दिशा दी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज भी उनकी शिक्षाएं समाज में प्रेम, भाईचारे और समरसता की प्रेरणा देती हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उनकी सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को पूरा करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 18 लाख आवासों की स्वीकृति मिली है तथा 10 लाख से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में अब सुरक्षा बलों के साहस और केंद्र सरकार के सहयोग से शांति एवं विकास का नया दौर शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए पीएम जनमन योजना, महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना, श्रीरामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना तथा प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना जैसी योजनाओं का लाभ बड़ी संख्या में लोगों को मिल रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रारंभ की है। उन्होंने लोगों से इस सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि तय समय-सीमा में शिकायतों का निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा तथा लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई भी की जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने घोषणा की कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की अवधि तीन माह के लिए बढ़ाई जाएगी, जिससे अधिक से अधिक उपभोक्ता सरचार्ज माफी और आकर्षक प्रावधानों का लाभ लेकर अपने लंबित बिजली बिलों का भुगतान कर सकेंगे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि संत कबीर की वाणी ने समाज को पाखंड, छुआछूत और सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध जागृत किया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का कार्य नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने संत कबीर के मधुर व्यवहार, संयमित वाणी और समाज सुधार के संदेश को अपनाने का आह्वान किया। केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि गुरु ही ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग बताते हैं। संत कबीर ने ढोंग और आडंबर से दूर रहकर सत्य और सेवा का मार्ग अपनाने का संदेश दिया। यदि उनके विचारों को जीवन में उतारा जाए तो समाज और राष्ट्र दोनों का कल्याण संभव है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक इंद्र कुमार साहू, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, गौसेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल, छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष चंदूलाल साहू, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा,  डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी, अखिलेश सोनी सहित बड़ी संख्या में संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि एवं कबीरपंथी अनुयायी उपस्थित थे।

रिकॉर्डतोड़ गर्मी से यूरोप बेहाल! फ्रांस, जर्मनी, इटली और ब्रिटेन में 40°C पार, आखिर क्यों ज्यादा प्रभावित होते हैं यूरोपीय?

लंदन /पेरिस  यूरोप इस समय रिकॉर्डतोड़ हीटवेव की चपेट में है. फ्रांस, जर्मनी, इटली, ब्रिटेन और कई अन्य देशों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है. भीषण गर्मी का असर अब सिर्फ लोगों की सेहत तक सीमित नहीं है, बल्कि सड़कों, रेल नेटवर्क और बिजली व्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है।  सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कई वीडियो में फ्रांस की सड़कों की ऊपरी परत भीषण गर्मी के कारण नरम पड़ती और पिघलती नजर आ रही है. वहीं जर्मनी में अत्यधिक तापमान की वजह से ट्राम की पटरियां टेढ़ी हो गईं, जिसके कारण कई जगह सेवाएं रोकनी पड़ीं या उनकी रफ्तार कम करनी पड़ी।  रॉयटर्स के मुताबिक, यह हीटवेव 20 जून के आसपास शुरू हुई और कुछ इलाकों में सामान्य से 18 डिग्री सेल्सियस तक अधिक तापमान दर्ज किया गया. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह स्थिति 'ओमेगा ब्लॉक' नाम के मौसमीय पैटर्न और जलवायु परिवर्तन के संयुक्त असर का परिणाम है. सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जो यूरोप में गर्मी की भयावह स्थिति को दिखाते हैं।  भारतीयों से ज्यादा यूरोपीय लोगों को क्यों सताता है? जब यूरोप में तापमान 40 डिग्री पहुंचता है तो लोग कहते हैं कि जीवन रुक गया है. अस्पताल भर जाते हैं. मौतें बढ़ जाती हैं. वहीं भारत में कई इलाकों में 40-45 डिग्री आम बात है, लोग काम करते रहते हैं. यह फर्क सिर्फ तापमान का नहीं, बल्कि कई अन्य कारणों की वजह से है. आइए समझते हैं दोनों में अंतर…  नमी का असर – सबसे बड़ा अंतर सबसे महत्वपूर्ण अंतर ह्यूमिडिटी (नमी) का है. भारत में गर्मी के मौसम में नमी बहुत ज्यादा होती है, लेकिन लोग इससे अभ्यस्त हैं. यूरोप में जब 40 डिग्री आता है तो अक्सर सूखी गर्मी होती है, लेकिन कई बार नमी भी बढ़ जाती है. जब नमी ज्यादा होती है तो पसीना सूखता नहीं है. शरीर का तापमान नियंत्रित नहीं हो पाता. इसे वेट बुल्ब टेम्परेचर कहते हैं. यूरोप में 40 डिग्री के साथ अगर नमी 60-70% हो जाए तो इंसान के लिए खतरनाक हो जाता है. भारत में लोग लंबे समय से गर्मी झेल रहे हैं, इसलिए उनका शरीर बेहतर तरीके से ढल जाता है।  ऐसा ही एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एयर कंडीशनर (AC) खरीदने के लिए लोगों की लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं. दुकान के बाहर इतनी भीड़ है कि मानो खरीदारी नहीं, बल्कि होड़ मची हो। वहीं एक अन्य वीडियो में भीषण गर्मी के कारण सड़क का डामर नरम पड़ता और पिघलता नजर आ रहा है।  एक और वीडियो में यूरोप के समुद्र तटों (बीच) पर लोगों की भारी भीड़ दिखाई दे रही है. गर्मी से राहत पाने के लिए हजारों लोग समुद्र किनारे पहुंच गए, जिससे वहां मेले जैसा माहौल बन गया। फ्रांस में गर्मी के कारण अस्पतालों पर दबाव बढ़ गया है. कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई, जबकि गर्म नदियों के कारण कुछ परमाणु बिजली संयंत्रों का उत्पादन भी घटाना पड़ा. इटली, जर्मनी और मध्य यूरोप के कई हिस्सों में भी रेड अलर्ट जारी किया गया है।  विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि यूरोप में कभी 'सदी में एक बार' आने वाली ऐसी भीषण हीटवेव अब जलवायु परिवर्तन की वजह से कहीं ज्यादा बार देखने को मिल सकती है. विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले वर्षों में ऐसी घटनाएं और गंभीर हो सकती हैं. इमारतें और घर कैसे बने हैं? यूरोप की इमारतें ठंड के लिए बनाई गई हैं. दीवारें मोटी, इंसुलेशन अच्छा पर गर्मी निकालने की व्यवस्था कम. जब 40 डिग्री की गर्मी पड़ती है तो घर के अंदर भी तापमान बहुत बढ़ जाता है. वहां एयर कंडीशनर कम घरों में हैं।  भारत में घरों में छतें ऊंची, खिड़कियां बड़ी, पंखे, कूलर और एसी का इस्तेमाल आम है. लोग दोपहर में आराम करते हैं. शाम को काम करते हैं. यूरोप में ऐसी आदत नहीं है. स्कूल, ऑफिस और अस्पताल भी गर्मी के लिए तैयार नहीं होते।  सूर्य की तीव्रता यूरोप हाई एल्टीट्यूड पर स्थित है, इसलिए वहां गर्मियों में दिन बहुत लंबे (15 से 17 घंटे) हो जाते हैं. साफ आसमान और कम वायु प्रदूषण के कारण सीधी धूप बहुत तेज और चुभने वाली लगती है।  रात का तापमान और आराम यूरोप की हीटवेव में रात का तापमान भी बहुत ऊंचा रहता है. शरीर को ठंडा होने का मौका नहीं मिलता. लगातार गर्मी से थकान, दिल का दौरा और मौतें बढ़ जाती हैं. भारत में दिन में गर्मी ज्यादा होती है लेकिन रात में तापमान काफी गिर जाता है. इससे शरीर को राहत मिलती है. यही वजह है कि भारत में 40 डिग्री सहन करना यूरोप की तुलना में आसान पड़ता है।  लोगों की आदत और स्वास्थ्य भारतीय शरीर गर्मी के लिए ज्यादा तैयार रहता है. बचपन से गर्मी में खेलना, काम करना सिखाया जाता है. पसीना आना, ज्यादा पानी पीना, छाछ-निम्बू पानी जैसी चीजें आम हैं।  यूरोप में ज्यादातर लोग ठंडे मौसम में रहते हैं. उनकी त्वचा पतली, शरीर गर्मी सहने के लिए कम तैयार होता है. खासकर बुजुर्ग और बच्चे जल्दी प्रभावित होते हैं. फ्रांस, जर्मनी, इटली जैसी जगहों पर 40 डिग्री में हजारों अतिरिक्त मौतें हो जाती हैं।  तैयारियां और सरकारी व्यवस्था भारत में हीटवेव एक्शन प्लान है. स्कूलों की छुट्टी, पानी की व्यवस्था, जागरूकता अभियान चलते हैं. लोग जानते हैं कि दोपहर 12 से 4 बजे तक बाहर कम निकलना चाहिए।  यूरोप में अचानक गर्मी आने पर सरकारें भी हैरान रह जाती हैं. अस्पताल तैयार नहीं होते, बिजली की मांग बढ़ने से ग्रिड फेल हो जाते हैं. ट्रेनें रुक जाती हैं, सड़कें पिघल जाती हैं।  जलवायु परिवर्तन का प्रभाव वैज्ञानिक कहते हैं कि जलवायु परिवर्तन यूरोप को तेजी से गर्म कर रहा है. पहले वहां 40 डिग्री बहुत दुर्लभ था, अब लगभग हर साल हो रहा है. यूरोप अब भी अनुकूलन (Adaptation) की प्रक्रिया में है  भारत गर्म देश है, इसलिए 40-45 डिग्री नया नहीं. लेकिन भारत को भी चिंता करनी चाहिए क्योंकि गर्मी और बढ़ रही है. दिल्ली, राजस्थान में 48-50 डिग्री भी पहुंच रहा है।  क्या सीख सकते हैं दोनों देश?     यूरोप को भारत से सीखना चाहिए- हल्के कपड़े, दिन की आदतें बदलना, … Read more

मध्य प्रदेश कैबिनेट विस्तार की चर्चाओं ने पकड़ा जोर, मंत्रियों को हटाए जाने के बाद सियासी हलचल बढ़ी

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजनीति में से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां भाजपा प्रदेश कार्यसमिति में से कई मंत्रियों को हटाया गया है। खास बात यह है कि ये मंत्री संघ, संगठन और सिंधिया गुट से आते हैं। इसके चलते राज्य कैबिनेट के विस्तार को लेकर चिंता बढ़ी है। वहीं, राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर जारी है। बता दें कि हाल ही में भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बहुप्रतिक्षित सूची में 106 सदस्यों को शामिल किया, जबकि 40 नेताओं को स्थायी आमंत्रित सदस्य बनने का मौका मिला। वहीं, स्थायी आमंत्रित सदस्यों की सूची में केवल 70 साल की उम्र पार कर चुके नेताओं को ही जगह मिली। जानकारी के अनुसार, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की सूची में से चार कैबिनेट मंत्रियों को हटाया गया है। जिसमें कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला, प्रद्युम्न सिंह तोमर, करण सिंह वर्मा, नागर सिंह चौहान का नाम शामिल है। यह मंत्री संघ, संगठन और सिंधिया गुट से आते हैं। अब इन मंत्रियों की बैचेनी बढ़ी हुई है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक इन मंत्रियों को कार्यसमिति में से इसलिए हटाया गया है क्योंकि ये पार्टी के लिए प्रभावशाली काम करने में असमर्थ रहे। बताया जा रहा है ये मंत्री पार्टी समीकरण में फिट नहीं बैठ रहे थे। अब कार्यसमिति में सीएम सहित 18 मंत्रियों को जगह मिली है। जिसमें कैबिनेट मंत्री सहित राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कृष्णा गौर का नाम शामिल है। भिंड के मेहगांव से विधायक राकेश शुक्ला को कार्यसमिति में जगह नहीं मिली। वर्तमान में वह नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा का बतौर कैबिनेट मंत्री जिम्मा संभाल रहे हैं। 1998 में पहला चुनाव लड़ा था और जीते भी। लेकिन 2013 में पार्टी द्वारा टिकट काटने से नाराज होकर बगवात कर निर्दलीय लड़े और हार गए। 2018 में भी चुनाव हारे लेकिन 2023 में दोबारा विधायक चुने और मंत्री बने। आलीराजपुर विधानसभा क्षेत्र से चौथी बार निर्वाचित हुए नागर सिंह को पहली बार कैबिनेट मंत्री बनाया गया। नागर को भी कार्यसमिति में जगह नहीं दी गई। कांग्रेस की राजनीति में सक्रिय रहे प्रद्युम्न सिंह तोमर कमलनाथ सरकार में मंत्री रहे। लेकिन बाद में बगावत के दौर में सिंधिया के साथ भाजपा का दामन थामा और शिवराज सरकार में भी मंत्री बने। उसके बाद मोहन सरकार में भी ऊर्जा मंत्री का जिम्मा संभाल रहे हैं। सिंधिया के करीबी नेताओं में माने जाते हैं, लेकिन इस बार कार्य समिति से इन्हें बाहर कर दिया। सिंधिया खेमे के मंत्री तुलसीराम सिलावट को जगह मिली है। वर्मा सीहोर जिले की इछावर सीट से 8वीं बार विधायक चुने गए। तीसरी बार मंत्री बने हैं और लगातार दूसरी बार राजस्व मंत्री बने हैं। पूर्व सीएम शिवराज सिंह के दौरान भी राजस्व मंत्री रहे लेकिन कार्यसमिति में जगह नहीं बना पाए। प्रदेश कार्यसमिति की सूची सामने आने के बाद समूची पार्टी और कार्यकर्ताओं को सिर्फ मंत्री मंडल विस्तार का इंतजार है। लेकिन उससे पहले मौजूदा 4 कैबिनेट मंत्रियों को कार्यसमिति में जगह नहीं मिलने से सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गरम है।

DGP कैलाश मकवाणा से नीदरलैंड के कॉन्सुल जनरल की शिष्टाचार भेंट, द्विपक्षीय सहयोग पर हुई चर्चा

पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा से नीदरलैंड के कॉन्सुल जनरल ने की शिष्टाचार भेंट मध्यप्रदेश पुलिस के नवाचारों, सेफ क्लिक 2.0 एवं नशे से दूरी है जरूरी अभियान पर हुई सार्थक चर्चा भोपाल पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा से नीदरलैंड के मुंबई स्थित कॉन्सुल जनरल (Consul General) नबील ताउआती ने आज पुलिस मुख्यालय, भोपाल में शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर कॉन्सुल जनरल के साथ मुंबई के वरिष्ठ आर्थिक सलाहकार कौस्तुभ परिहार एवं कृषि सलाहकार प्रसाद पारते भी उपस्थित रहे। भेंट के दौरान पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा कानून-व्यवस्था सुदृढ़ीकरण, आधुनिक पुलिसिंग, तकनीकी नवाचार एवं नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग के क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने प्रदेश में साइबर अपराधों की रोकथाम एवं जन-जागरूकता के उद्देश्य से संचालित राज्यव्यापी 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस अभियान के माध्यम से नागरिकों, विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं विभिन्न संस्थानों तक व्यापक स्तर पर साइबर सुरक्षा संबंधी जागरूकता पहुंचाई जा रही है। पुलिस महानिदेशक ने प्रदेश सरकार एवं मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित 'नशे से दूरी है जरूरी' अभियान की भी जानकारी देते हुए बताया कि युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने, समाज में जागरूकता बढ़ाने तथा मादक पदार्थों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के लिए प्रदेशभर में समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी के माध्यम से नशामुक्त एवं सुरक्षित समाज के निर्माण की दिशा में मध्यप्रदेश पुलिस निरंतर कार्यरत है। बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच जनसुरक्षा, सामुदायिक पुलिसिंग, साइबर सुरक्षा, जागरूकता अभियानों तथा आपसी सहयोग एवं अनुभवों के आदान-प्रदान जैसे विषयों पर सकारात्मक चर्चा हुई। कॉन्सुल जनरल नबील ताउआती ने मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा जनहित में संचालित नवाचारों एवं व्यापक जन-जागरूकता अभियानों की सराहना करते हुए भविष्य में पारस्परिक सहयोग एवं संवाद को और सुदृढ़ बनाने की इच्छा व्यक्त की। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा इस प्रकार के सौहार्दपूर्ण संवाद से आपसी समझ एवं सहयोग को नई दिशा मिलेगी तथा जनहित एवं सुरक्षा से जुड़े विषयों पर ज्ञान एवं अनुभवों के आदान-प्रदान को प्रोत्साहन प्राप्त होगा।  

राज्यपाल पटेल से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की सौजन्य भेंट

राज्यपाल पटेल से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की सौजन्य भेंट भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल से सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोक भवन पहुंचकर सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यपाल पटेल को मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने को लेकर 9 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त होने, यूसीसी को लेकर मिल रहे व्यापक जन समर्थन एवं इस संदर्भ में राज्य सरकार की आगामी कार्य योजना से भी अवगत कराया। प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान के सफल क्रियान्वयन, गुरु पूर्णिमा पखवाड़ा में प्रस्तावित शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों, 4 कृषि उपजों को हाल ही में मिले जीआई टैग से संबंधित किसानों को मिलने वाले लाभ, सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार, एमएसएमई एवं स्टार्ट-अप को प्रोत्साहन, औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन से जुड़े विभिन्न प्रयासों एवं सरकार को मिली उपलब्धियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।  

कमलनाथ के ‘लापता’ पोस्टरों से गरमाई छिंदवाड़ा की राजनीति, भाजपा और कांग्रेस में जुबानी जंग तेज

छिंदवाड़ा पूर्व मुख्यमंत्री और छिंदवाड़ा विधायक कमलनाथ एक बार फिर राजनीतिक चर्चा में हैं। छिंदवाड़ा के ग्राम जैतपुर में ग्रामीणों ने कमलनाथ के लापता होने के पोस्टर लगाए हैं। इन पोस्टरों में क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को प्रमुखता से सामने रखा गया है। भाजपा ने साधा निशाना भाजपा सांसद बंटी विवेक साहू ने आरोप लगाया है कि छिंदवाड़ा विधानसभा क्षेत्र वर्तमान में कई समस्याओं से जूझ रहा है, लेकिन विधायक कमलनाथ जनता के बीच नजर नहीं आ रहे हैं। उन्होंने पेयजल संकट, ग्रामीण इलाकों में अधूरी व्यवस्थाओं और बारिश की कमी से बढ़ रही परेशानियों को लेकर कमलनाथ पर सवाल उठाए हैं। 2 अप्रैल को हुआ था आखिरी दौरा कमलनाथ आखिरी बार 2 अप्रैल को छिंदवाड़ा दौरे पर आए थे। इसके बाद उनकी क्षेत्र में सक्रियता को लेकर भाजपा लगातार सवाल उठा रही है। छिंदवाड़ा की राजनीति में बढ़ी हलचल लोकसभा चुनाव के बाद छिंदवाड़ा की राजनीति में लगातार बदलाव देखने को मिल रहे हैं। भाजपा जिले में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए सक्रिय है, जबकि कांग्रेस अपने परंपरागत वोट बैंक को बनाए रखने की कोशिश में जुटी है। ऐसे में जैतपुर में लगाए गए पोस्टरों को आगामी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।