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छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण संशोधन विधेयक 2026-

रायपुर,  राज्य शासन के प्रशासनिक सुधार और अत्यावश्यक सेवाओं के सुचारू संचालन को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में वरिष्ठ सचिवों की उच्च स्तरीय समिति की बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में ‘छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण संशोधन विधेयक 2026’ के विभिन्न प्रावधानों और इसके क्रियान्वयन से जुड़े पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।  मुख्य सचिव ने जोर दिया कि नागरिकों को मिलने वाली बुनियादी और अत्यावश्यक जनसुविधाओं में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो, इसके लिए कानूनी प्रावधानों को समय के अनुकूल और अधिक सख्त बनाया जाना आवश्यक है। अधिनियम की समीक्षा समिति ने छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण अधिनियम (पूर्ववर्ती 1979 अधिनियम) में प्रस्तावित संशोधनों के प्रत्येक बिंदु की बारीकी से समीक्षा की। लोक सेवाओं की सुगमता, प्रशासनिक नियंत्रण और अनुशासन बनाए रखने से जुड़े प्रावधानों को शामिल करने पर चर्चा की गई। विभिन्न विभागों के वरिष्ठ सचिवों ने अपने-अपने विभागों से संबंधित आवश्यक सेवाओं के दायरे को स्पष्ट करने तथा विधिक प्रक्रियाओं को त्रुटिरहित बनाने के बहुमूल्य सुझाव दिए। त्वरित कार्रवाई के निर्देश मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि संशोधन विधेयक के प्रारूप को विधिक और प्रशासनिक औपचारिकताओं को शीघ्रता से पूरा करते हुए उच्च स्तरीय कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।  बैठक में गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव मती निहारिका बारिक सिंह, विधि एवं विधायी विभाग के प्रमुख सचिव  मनीष कुमार ठाकुर, वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव  अविनाश चम्पावत, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, कृषि एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव  सिद्धार्थ कोमल परदेशी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

सेवा संकल्प अभियान के तहत दिव्यांग धनेश्वर साहू को मिली ट्राइसाइकिल

रायपुर  महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री एवं भटगांव विधायक मती लक्ष्मी राजवाड़े ने संवेदनशीलता और जनसेवा की प्रतिबद्धता का परिचय देते हुए सूरजपुर जिले के ग्राम कसलगिरी निवासी दिव्यांग  धनेश्वर साहू को ट्राइसाइकिल प्रदान की। विधानसभा क्षेत्र के भ्रमण के दौरान मंत्री की मुलाकात  साहू से हुई थी। उनकी आवागमन संबंधी कठिनाइयों और आवश्यकता को समझते हुए मती राजवाड़े ने उन्हें ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। सेवा संकल्प अभियान के तहत अपने आश्वासन को पूरा करते हुए मंत्री राजवाड़े ने अपने निज निवास बीरपुर में  धनेश्वर साहू को ट्राइसाइकिल भेंट की। इससे उन्हें आवागमन में सुविधा मिलेगी और दैनिक गतिविधियां अधिक सहजता से पूरी करने में मदद मिलेगी। मंत्री  राजवाड़े ने कहा कि जनसेवा का उद्देश्य आमजन की जरूरतों को समझकर यथासंभव सहायता उपलब्ध कराना है। दिव्यांगजनों के जीवन को सहज और सुविधाजनक बनाने के लिए जरूरी सहयोग देना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने के प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने वाराणसी खंड क्षेत्र शिक्षक-स्नातक सम्मेलन को किया संबोधित

सीएम ने विधान परिषद प्रत्याशी (शिक्षक) डॉ. प्रमोद कुमार मिश्र तथा (स्नातक) केदारनाथ सिंह के पक्ष में मांगा जनसमर्थन पीडीए के दलित या मुसलमान को नहीं, बल्कि सपा ने धन्ना सेठ को दिया टिकट, पाप करने वाले सपाई हमें उपदेश न दें: मुख्यमंत्री वाराणसी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में वाराणसी खंड क्षेत्र सम्मेलन (शिक्षक-स्नातक) को संबोधित किया। सीएम ने विधान परिषद प्रत्याशी (शिक्षक) डॉ. प्रमोद कुमार मिश्र तथा (स्नातक) केदारनाथ सिंह के पक्ष में जनसमर्थन मांगा। मुख्यमंत्री ने जनसमुदाय से कहा कि सपा रूपी गिरगिटों से सावधान रहना। ये मगरमच्छ हैं, पास आकर नदी पार कराने का आश्वासन देते हैं, लेकिन इन पर भूलकर भी विश्वास नहीं करना। इनका पीडीए सिर्फ छलावा है, राज्यसभा में इनके चचाजान और धन्ना सेठ ही भेजे जाएंगे। सीएम ने कहा कि हाल में हुए राज्यसभा चुनाव में 10 में से 8 सीट भाजपा ने जीतीं, जबकि दो सपा के पक्ष में गई। भाजपा ने हर समाज को प्रतिनिधित्व दिया, लेकिन समाजवादी बताएं कि उनका पीडीए कहां चला गया। इनके पीडीए का मतलब ‘परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी’ या ‘पराया धन अपना’ है, जो इस चुनाव में चरितार्थ हुआ। इनके एक प्रत्याशी गाजीपुर, काशी, बलिया के यादव नहीं, बल्कि चचाजान रामगोपाल यादव रहे और दूसरी सीट भी किसी दलित या इनके खानदानी वोटबैंक मुस्लिम को नहीं दी गई, बल्कि वह टिकट धन्ना सेठ को बेच दिया गया। हजारों युवाओं को जल्द ही नियुक्ति पत्र मुख्यमंत्री ने कहा कि स्नातक व शिक्षक समाज के सजग प्रहरी हैं। सपा सरकार के समय युवाओं की दुर्गति किसी से छिपी नहीं है। सैफई सिंडिकेट ने भर्ती आयोगों व बोर्डों में अपने खानदान के लोगों को बैठा दिया था, फिर चाचा-भतीजे की जोड़ी वसूली के लिए निकल पड़ती थी। सैफई सिंडिकेट के बाहर किसी को नौकरी नहीं मिलती थी। डबल इंजन सरकार ने साढ़े 9 वर्ष में साढ़े 9 लाख नौजवानों को नियुक्ति पत्र वितरित किए हैं। छह महीने में एक लाख और युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। नियुक्ति पत्र वितरण के चार कार्यक्रम संपन्न हो चुके हैं। आज यूपी पुलिस में 32000 पदों पर भर्ती का एक और परिणाम आया है। एक सप्ताह पहले होमगार्ड के 42 हजार जवानों की भर्ती पूरी हुई, इन सभी को जल्द ही नियुक्ति पत्र देंगे।   थर्ड डिवीजन पास बना था यूपीपीएससी टॉपर सीएम ने कहा कि अब विभिन्न आयोगों व बोर्डों की तमाम भर्तियां ईमानदारी से हो रही हैं, लेकिन सपा के समय यह पारदर्शिता नहीं थी। सपा ने अयोग्य अनिल यादव को एक आयोग का अध्यक्ष बना दिया गया था। यूपी पब्लिक सर्विस कमीशन में ऐसे व्यक्ति ने टॉप किया था, जो हाईस्कूल, इंटर व बीए तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुआ था। उस समय अराजकता, युवाओं के जीवन से खिलवाड़, माफियाराज और उत्सव से पहले उपद्रव होता था। कर्फ्यू के इस असुरक्षित माहौल में कोई निवेश करने नहीं आता था। तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार/स्वरोजगार से जोड़ा सीएम ने कहा कि अब काशी विश्वनाथ धाम में औसतन प्रतिदिन एक लाख श्रद्धालु आते हैं। सावन व त्योहारों में यह संख्या बढ़ जाती है। बाबा की धरती पर सर्वाधिक श्रद्धालु आ रहे हैं। प्रदेश में नए रोजगार सृजित हुए हैं। 65 लाख युवाओं को निजी क्षेत्र में नौकरी दी गई है। परंपरागत उद्यम को ओडीओपी, पीएम विश्वकर्मा के माध्यम से प्रमोट कर तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ा गया है। यूपी की पहचान अब दंगा, माफिया, कर्फ्यू से नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था, पर्यटन डेस्टिनेशन, इन्फ्रास्ट्रक्चर, काशी विश्वनाथ धाम, राम मंदिर, प्रयागराज महाकुंभ व मथुरा-वृंदावन से होती है। 2017 से पहले केवल 120 स्टार्टअप थे, आज यह संख्या 24,000 से अधिक है। अब युवा जॉब सीकर नहीं, जॉब क्रिएटर हो गया है। यूपी अब बीमारू राज्य से मुक्त होकर भारत का ग्रोथ इंजन बना है। मंडलों के बाद जनपदों में बन रहे हैं विश्वविद्यालय सीएम ने कहा कि सरकार ने 62 लाख युवाओं को टैबलेट व स्मार्टफोन दिए हैं। दो करोड़ युवाओं को टैबलेट देंगे। भारतीय ज्ञान परंपरा को लेकर हर विश्वविद्यालय में पीठ की स्थापना का कार्यक्रम बढ़ रहा है। हर मंडलों में विश्वविद्यालय के बाद जनपदों में विश्वविद्यालय बन रहे हैं। संतरविदास नगर, कुशीनगर, शाहजहांपुर में विश्वविद्यालय बन रहा है। डबल इंजन सरकार ने मीरजापुर में मां विंध्यवासिनी, बलरामपुर में मां पाटेश्वरी, आजमगढ़ में महाराज सुहेलदेव, मुरादाबाद में गुरु जम्भेश्वर, सहारनपुर में मां शाकंभरी, अलीगढ़ में राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय का निर्माण किया। अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल विश्वविद्यालय, गोरखपुर में आयुष विवि, मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय बनाया गया। सपा और शिक्षा, नदी के दो छोर सीएम ने तंज कसा कि सपा शिक्षा की घोर विरोधी है। सपा और शिक्षा नदी के वे दो छोर हैं, जो कभी मिलते नहीं। सपा जब शिक्षा, शिक्षकों व युवाओं पर बोलती है तो हंसी आती है। पाप करने वाले सपाई हमें उपदेश न दें। 2017 में बेसिक व माध्यमिक में 1.60 लाख शिक्षकों के पद भऱे गए। सेवानिवृत्त शिक्षकों के स्थान पर भी भर्ती हुई। शिक्षक समाज, राष्ट्र व युग के निर्माता हैं। काशी तो ज्ञान की धरा है। यहां गुरु परंपरा श्रद्धा से परिपूर्ण है। कभी संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय भारत में एकमात्र संस्कृत विश्वविद्यालय हुआ करता था। मदन मोहन मालवीय ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय स्थापित किया।

व्हाइट हाउस में केटी जकारिया की पहली ब्रीफिंग का मजेदार पल, ट्रंप और पति के नाम पर हुईं कन्फ्यूज

वाशिंगटन  अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई प्रेस सेक्रेटरी केटी जकारिया ने व्हाइट हाउस के प्रेस ब्रीफिंग रूम में मंगलवार को पहली बार पत्रकारों का सामना किया. लेकिन उनका डेब्यू लंबा नहीं चला. करीब 14 मिनट की इस ब्रीफिंग में उन्होंने सिर्फ तीन मीडिया संस्थानों से सवाल लिए और फिर अचानक सेशन खत्म कर दिया।  ब्रीफिंग की शुरुआत में जकारिया ने ट्रंप की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि वह राष्ट्रपति के साथ काम करने को लेकर सम्मानित महसूस कर रही हैं और लंबे समय से उनके लिए काम करना चाहती थीं. इसके बाद उन्होंने ट्रंप प्रशासन की नीतियों और उपलब्धियों पर तैयार बयान पढ़ा।  ब्रीफिंग का सबसे चर्चित पल तब आया, जब उनसे पूछा गया कि व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी जैसी व्यस्त जिम्मेदारी के साथ वह अपने चार बच्चों के लिए समय कैसे निकालेंगी.जकारिया ने जवाब में अपने पति का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ शाम का वक्त न बिताना उनके लिए स्वीकार्य नहीं है. इसी दौरान शब्दों का ऐसा उलटफेर हुआ कि वह ट्रंप को अपना पति कह बैठीं.उन्होंने कहा- मेरे प्रेसिडेंट… माफ कीजिए, मेरे पति… जब जकारिया को भी अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने इसे मजाक में लेते हुए कहा कि यह अच्छा वाला था. इसके तुरंत बाद उन्होंने फिर ट्रंप की तारीफ की और कुछ ही देर में ब्रीफिंग खत्म कर दी।  सिर्फ 14 मिनट चली पहली ब्रीफिंग जकारिया की पहली प्रेस ब्रीफिंग में सवाल-जवाब का हिस्सा बेहद छोटा रहा. उन्होंने ब्राइटबार्ट, फॉक्स न्यूज और डेली मेल से सवाल लिए. इसके बाद उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप जल्द मरीन वन से अलास्का की यात्रा के लिए रवाना होने वाले हैं और पत्रकार उनसे वहीं सवाल पूछ सकते हैं।  हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप करीब डेढ़ घंटे बाद व्हाइट हाउस से रवाना हुए. इस वजह से ब्रीफिंग को अचानक खत्म करने का उनका तर्क भी चर्चा में रहा. ट्रंप ने हालांकि जकारिया के प्रदर्शन की आलोचना नहीं की. पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें लगा कि जकारिया ने “बहुत अच्छा” काम किया।  कौन हैं केटी जकारिया? केटी जकारिया कैलिफोर्निया की रहने वाली हैं और लंबे समय से रिपब्लिकन राजनीति से जुड़ी रही हैं. उन्होंने पेपरडाइन यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की और 2011 में कानून की डिग्री हासिल की. वह फॉक्स न्यूज समेत दूसरे मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ट्रंप की नीतियों का बचाव करती नजर आती रही हैं।  2026 में उन्होंने कुछ समय होमलैंड सिक्योरिटी विभाग में प्रवक्ता के तौर पर काम किया. इसके बाद वह ट्रंप की सोशल मीडिया कंपनी से जुड़ीं और कम्युनिकेशन एडवाइजर के तौर पर काम किया. ट्रंप ने 9 अक्टूबर को उन्हें व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी बनाने का ऐलान किया. उन्होंने अगस्त में पद छोड़ने वाली करोलिन लेविट की जगह ली है।   

मुख्यमंत्री ने आमजन को दी बड़ी राहत, 5 किग्रा. की रिफाइंड चीनी 250 रुपये में होगी उपलब्ध

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चीनी के दामों को लेकर चीनी उद्योग व गन्ना विकास विभाग के अधिकारियों की बैठक ली और आमजन को परेशानी न हो, इसके लिए विशेष निर्देश दिए। सीएम के निर्देश पर चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग आमजन को मात्र 52 रुपये प्रति किलो की रियायती दर पर चीनी उपलब्ध कराएगा। उपभोक्ता लाल बहादुर शास्त्री गन्ना किसान संस्थान परिसर में स्थित चीनी निगम/सहकारी चीनी मिल संघ के चीनी विक्रय केन्द्र से उक्त दर पर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। 01 एवं 02 किलो के पैकेट के दाम क्रमशः 52 व 102 रूपये हैं। 05 किलो व 50 किलो के पैकेट का मूल्य क्रमशः 250 व 2500 रुपये रखा गया है। सहकारी चीनी मिल संपूर्णानगर की चीनी के एक किलो व दो किलोग्राम पैकेट का मूल्य क्रमशः 51 व 102 रुपये ही रहेगा, लेकिन 05 किलो व 50 किलो के पैकेट का मूल्य क्रमशः 245 व 2400 रुपये रखा गया है। विभाग के अनुसार, चीनी की यह विशेष बिक्री प्रत्येक कार्यदिवस में नियमित रूप से संचालित होगी। आम नागरिक सुबह 10 से सायं 5 बजे तक गन्ना किसान संस्थान परिसर में चीनी बिक्री केंद्र पर जाकर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। बिक्री केंद्र पर उपभोक्ताओं की सुविधा और सुगम खरीदारी के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। उपभोक्ता अपनी दैनिक आवश्यकता के अनुसार चीनी की खरीदारी कर सकते हैं। गन्ना विकास विभाग ने राजधानी के नागरिकों से अपील की है कि वे इस जनोपयोगी व्यवस्था का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। विभाग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में भविष्य में भी आम जनमानस को इसी प्रकार की व्यावहारिक राहत देने के लिए प्रतिबद्ध है।

ड्रोन तकनीक से दवा छिड़काव का निरीक्षण, अन्य प्रभावित इलाकों में भी उपयोग पर जोर

बाढ़ प्रभावित गांवों में नगर विकास मंत्री ने किया निरीक्षण, संवाद कर सुनी समस्याएं, राहत सामग्री वितरित की लखनऊ योगी सरकार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन सामान्य बनाने और लोगों को बीमारियों से बचाने के लिए राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने पर जोर दे रही है। इसी क्रम में नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने लखनऊ के मलिहाबाद विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सैंथा और आसपास के गांवों के बाढ़ प्रभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों, साफ-सफाई और प्रभावित नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। बाढ़ के बाद बीमारियों की रोकथाम पर योगी सरकार का जोर मंत्री एके शर्मा ने कहा कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद मक्खी-मच्छरों के प्रकोप और प्रदूषित जल एवं वायु से आमजन तथा पशुओं में बीमारियां फैलने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में प्रभावित क्षेत्रों में साफ-सफाई, दवा छिड़काव और जलनिकासी की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने ड्रोन तकनीक से किए जा रहे दवा छिड़काव का निरीक्षण किया और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी जरूरत के अनुसार इस तकनीक का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए। राहत शिविरों और स्वास्थ्य सुविधाओं का लिया जायजा नगर विकास मंत्री ने बाढ़ राहत शिविर और राहत चिकित्सा शिविर का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने पानी उतर चुके क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था का जायजा लेते हुए सफाईकर्मियों का उत्साहवर्धन किया। साथ ही नगर निगम के अधिकारियों, सफाईकर्मियों और अन्य संबंधित कर्मचारियों को आपसी समन्वय से स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए, ताकि प्रभावित इलाकों में संक्रमण और मच्छरजनित बीमारियों का खतरा कम किया जा सके। प्रभावित परिवारों से संवाद, राहत सामग्री वितरित निरीक्षण के दौरान नगर विकास मंत्री ने बाढ़ प्रभावित नागरिकों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और राहत सामग्री वितरित की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक प्रभावित परिवार तक राहत सामग्री और आवश्यक सुविधाएं पहुंचाई जाएं। प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा, स्वच्छ पेयजल और साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि इस चुनौतीपूर्ण समय में सरकार और प्रशासन जनता के साथ खड़े हैं। बाढ़ प्रभावितों को राहत पहुंचाना और जनजीवन सामान्य बनाना सरकार की प्राथमिकता है। राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त गौरव कुमार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

विष्णु के सुशासन में अवैध खनिज परिवहन पर सख्ती, रेत से भरे 6 ट्रैक्टर जब्त

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेश में खनिज संपदा के संरक्षण, अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण तथा शासकीय राजस्व की सुरक्षा के लिए विशेष जोर दिया जा रहा है। सुशासन की इसी प्रतिबद्धता के अनुरूप गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में जिला खनिज उड़नदस्ता दल ने विभिन्न क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से रेत परिवहन करते पाए गए 6 ट्रैक्टरों को जब्त किया है। खनिज विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही क्षेत्र में चीचगोहना पुल के नीचे अवैध रूप से रेत परिवहन करते 2 ट्रैक्टर तथा मरिहीघाट क्षेत्र से रेत से भरे 3 ट्रैक्टर जब्त किए गए हैं। जब्त पांचों ट्रैक्टरों को सुरक्षार्थ मरवाही थाने में रखा गया है। इसी प्रकार गौरेला क्षेत्र के पिपरिया में अवैध रूप से रेत परिवहन करते पाए गए एक ट्रैक्टर को जब्त कर गौरेला थाने में सुरक्षित रखा गया है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के सुशासन में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और खनिज संपदा के नियमानुसार उपयोग को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी के तहत जिला प्रशासन एवं खनिज विभाग द्वारा खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर रोक लगाने के लिए निगरानी एवं जांच की कार्रवाई की जा रही है। खनिजों के अवैध कारोबार से होने वाली राजस्व हानि को रोकने के साथ ही पर्यावरण एवं प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। खनिज विभाग के अधिकारियों के अनुसार जब्त किए गए सभी वाहनों के मालिकों के विरुद्ध खान और खनिज अधिनियम के प्रावधानों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। संबंधित प्रकरणों में निर्धारित अर्थदंड अथवा समझौता राशि खनिज मद में जमा कराए जाने के उपरांत ही नियमानुसार वाहनों को मुक्त किया जाएगा। राज्य शासन की मंशा के अनुरूप खनिज संपदा के अवैध दोहन पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सतत निगरानी रखी जा रही है। खनिज विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण में संलिप्त पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, खनिज राजस्व की सुरक्षा तथा खनन गतिविधियों में पारदर्शिता और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए जांच एवं प्रवर्तन की कार्रवाई निरंतर की जाएगी।

25 जनवरी से शुरू होगी जनगणना, 10 जनवरी से ऑनलाइन सेल्फ-एंट्री का मिलेगा मौका

इंदौर आगामी वर्ष होने वाली जनगणना के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। संभावित कार्यक्रम के अनुसार 25 जनवरी से 28 फरवरी तक 35 दिन में आबादी की गणना की जाएगी। इससे पहले 10 से 24 जनवरी तक आमजन को आनलाइन स्वयं गणना की सुविधा मिलेगी। हालांकि जनगणना की तारीखों को लेकर आधिकारिक अधिसूचना जारी होना बाकी है, लेकिन विभागीय स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। गणना पूरी होने के बाद एक से पांच मार्च तक सुधार अभियान चलाया जाएगा। जनगणना में स्वयं गणना की सुविधा आमजन के लिए उपलब्ध होगी। जनगणना के पहले 15 दिनों में लोग मोबाइल के माध्यम से आनलाइन अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकेंगे। आनलाइन प्रक्रिया पूरी होने पर एक नंबर जनरेट होगा। बाद में जब प्रगणक घर पहुंचेंगे, तो परिवार को यह नंबर बताना होगा। प्रगणक जानकारी का सत्यापन कर गणना की प्रक्रिया पूरी करेंगे। इससे परिवारों की जानकारी दर्ज करने और सत्यापन का काम व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा।

टोयोटा की सबसे सस्ती कार का नया अवतार, Glanza Facelift में हुए बड़े बदलाव; इतनी है कीमत

मुंबई  Toyota Glanza Facelift Launch: नवरात्रि के साथ ही देश में फेस्टीव सीजन की शुरुआत हो चुकी है. इस दौरान कार कंपनियां भी लगातार नए मॉडलों को बाजार में उतारने में व्यस्त हैं. इस बीच जापानी कार निर्माता टोयोटा ने आज भारतीय बाजार में अपनी सबसे सस्ती कार टोयोटा ग्लांजा के नए फेसलिफ्ट मॉडल को लॉन्च किया है. आकर्षक लुक और दमदार इंजन से लैस इस हैचबैक की शुरुआती कीमत 6.99 लाख रुपये तय की गई है जो टॉप मॉडल के लिए 10.49 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक जाती है।  नई टोयोटा ग्लांजा अब कुल 5 वेरिएंट में आएगी. इसमें ई, एस, जी, वी और वी (ऑप्शनल) शामिल हैं. ख़ास बात ये है कि, कंपनी ने पहली बार टोयोटा ग्लांजा में एडवांस ड्राइविंग असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) को शामिल किया है. जो कि केवल हायर V (O) ग्रेड में मिलेगा. इस कार को कुल 7 कलर ऑप्शन में पेश किया गया है, जिसमें बिल्कुल नए ब्लूइश ब्लैक और डिजिटल टील कलर शामिल है।  कैसा है डिजाइन  Toyota Glanza के लुक और डिजाइन में भी कंपनी ने बदलाव किया है. इस कार को बिल्कुल नया फ्रंट फेस, नया ग्रिल और नए डिजाइन के अलॉय व्हील दिए गए हैं. कार में रडार मॉड्यूल भी दिया गया है, जो ADAS यानी एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम से जुड़े फीचर्स को सपोर्ट करता है. हालांकि, कंपनी ने हेडलाइट्स के डिजाइन में कोई बदलाव नहीं किया है, लेकिन LED फॉग लैंप्स को नया डिजाइन दिया गया है।   कार के फ्रंट में मिलने वाले टोयोटा लोगो की जगह भी बदली गई है. अब इसे बोनट के नीचे मौजूद प्लास्टिक ट्रिम पर लगाया गया है. इसके अलावा, नई Glanza में शार्क-फिन एंटीना दिया गया है. Glanza के साइड प्रोफाइल में पहले जैसा ही डिजाइन देखने को मिलता है. इसमें 16-इंच के अलॉय व्हील्स दिए गए हैं।  क्रोम डोर हैंडल और खिड़कियों के चारों ओर मिलने वाली क्रोम लाइन को भी बरकरार रखा गया है. यानी कार के साइड लुक में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है. पीछे की तरफ भी डिजाइन पहले जैसा ही है. इसमें रैपअराउंड LED टेललाइट्स, छत पर लगा स्पॉइलर और रियर वाइपर के साथ वॉशर मिलता है।  इंजन और परफॉर्मेंस Toyota Glanza का सबसे बड़ा बदलाव इसका नया Z12E 1.2-लीटर, 3-सिलेंडर नैचुरली एस्पिरेटेड इंजन है. यह इंजन पेट्रोल और CNG, दोनों फ्यूल ऑप्शन पर चलता है. पेट्रोल मोड में यह इंजन 83hp की पावर और 112Nm का टॉर्क जनरेट करता है. इसके साथ 5-स्पीड मैनुअल और 5-स्पीड ऑटोमेटेड मैनुअल ट्रांसमिशन (AMT) के विकल्प मिलते हैं।  पुराने मॉडल में 4-सिलेंडर इंजन दिया जाता था. इसकी तुलना में नए इंजन का पावर आउटपुट 7hp कम है, जबकि टॉर्क में 1Nm की कमी आई है. इसके बावजूद नए मॉडल में माइलेज को थोड़ा बेहतर बनाया गया है. पेट्रोल इंजन के साथ आइडल स्टार्ट-स्टॉप फीचर भी दिया गया है, जो गाड़ी के कुछ समय तक खड़े रहने पर इंजन को बंद करके फ्यूल की खपत कम करने में मदद करता है।  इसके अलाव कंपनी ने ऑटोमेटिक वेरिएंट के लिए इंटेलिजेंट गियर शिफ्ट (IGS) सिस्टम को शामिल किया है, जो ऑटोमेटिक वेरिएंट की ड्राइविंग को स्मूथ बनाने में मदद करता है. नया इंजन CNG मोड में 70hp की पावर और 102Nm का टॉर्क जनरेट करता है. इस विकल्प में भी 5-स्पीड मैनुअल और 5-स्पीड AMT ट्रांसमिशन दिए गए हैं. पुराने इंजन के मुकाबले CNG मोड में पावर 7hp कम हो गई है, लेकिन टॉर्क 4.5Nm बढ़ा है।  कैसा है कार का केबिन केबिन फीचर्स की बात करें तो इसमें वेंटिलेटेड फ्रंट सीट, टोयोटा आई कनेक्ट, हेड-अप-डिस्प्ले (HUD) और 360 डिग्री कैमरा भी दिया गया है. कंपनी ने इसमें नई लेदरेट सीट अपहोल्स्ट्री दी है, जिससे कार का इंटीरियर पहले से ज्यादा प्रीमियम महसूस हो सकता है. इसके अलावा, अब फ्रंट सीट वेंटिलेशन का फीचर भी दिया गया है, जो गर्म मौसम में सफर को ज्यादा आरामदायक बनाने में मदद करेगा।  नई Glanza में वायरलेस फोन चार्जर भी दिया गया है. खास बात यह है कि इसके नीचे कूलिंग वेंट मिलता है, जो चार्जिंग के दौरान फोन को ठंडा रखने में मदद कर सकता है. म्यूजिक के शौकीनों के लिए कार में Clarion का 4-स्पीकर और 2-ट्वीटर वाला साउंड सिस्टम दिया गया है. इसके अलावा, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS) और लेवल-2 ADAS फीचर्स भी शामिल किए गए हैं।  पिछले मॉडल की तरह 9-इंच टचस्क्रीन और ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल दिया जा रहा है. इसके अलावा ड्राइवर के लिए मोनोक्रोम हेड-अप डिस्प्ले दिया गया है, जबकि इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर में एनालॉग डायल्स के साथ कलर मल्टी-इन्फॉर्मेशन डिस्प्ले (MID) मिलता है. कार में ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल और पीछे बैठने वाले पैसेंजर्स के लिए AC वेंट्स भी दिए गए हैं।  मिलते हैं ये धांसू सेफ्टी फीचर्स सेफ्टी की बात करें तो कंपनी ने इसमें 6 एयरबैग को बतौर स्टैंडर्ड दिया है. जो कार के सभी वेरिएंट में उपलब्ध होगा. इसके अलावा टॉप वेरिएंट में एडवांस ड्राइविंग असिस्टेंस सिस्टम (ADAS), टेक बॉडी स्ट्रक्चर, इलेक्ट्रॉनिक ब्रेकफोर्स डिस्ट्रीब्यूशन (EBD) के साथ एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS), व्हीकल स्टेबिलिटी कंट्रोल (VSC), थ्री-प्वाइंटेड ELR सीट बेल्ट और इमरजेंसी स्टॉप सिग्नल्स जैसे फीचर्स दिए गए हैं।  लेवल-2 एडवांस ड्राइविंग असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) पैकेज में कंपनी ने एडॉप्टिव क्रूज कंट्रोल, ऑटोमेटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग, लेन कीप असिस्ट और हाई-बीम असिस्ट जैसे फीचर्स को शामिल किया है. जो कि इस कार की ड्राइविंग को सेफ बनाने में मदद करते हैं। 

आशा राजबाला ने 3,000 से अधिक महिलाओं को दिलाया योजनाओं का लाभ

नवरात्रि विशेष-5: स्वास्थ्य की शक्ति मुझसे मिलिए, मैं हूं आपके स्वास्थ्य की पहरेदार 26 जनवरी 2025 को दिल्ली में मिला राष्ट्रीय सम्मान बढ़े मानदेय और प्रोत्साहन राशि से मिली आर्थिक मजबूती अलीगढ़ नवरात्र में जब पूरा देश शक्ति स्वरूपा देवी के नौ रूपों की आराधना करता है, तब समाज में ऐसी कई ‘जीवित शक्तियां’ भी हैं जो बिना किसी शोर-शराबे के लोगों का जीवन संवार रही हैं। अलीगढ़ की आशा कार्यकर्ता राजबाला देवी ऐसी ही एक शक्ति हैं। कभी घर-घर जाकर महिलाओं को स्वास्थ्य योजनाओं के प्रति जागरूक करने पर ताने सुनने वालीं राजबाला आज हजारों महिलाओं के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की अहम कड़ी बन चुकी हैं। राजबाला ने मुश्किल परिस्थितियों और लोगों की बातों को पीछे छोड़कर अपने काम से ऐसी पहचान बनाई कि आज वही लोग उन्हें सम्मान की नजर से देखते हैं, जो कभी उनके काम पर सवाल उठाते थे। राजबाला बताती हैं कि उन्होंने वर्ष 2006 में आशा कार्यकर्ता के रूप में काम शुरू किया था। उस समय ग्रामीण क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका और स्वास्थ्य योजनाओं को लेकर जागरूकता कम थी। ऐसे में घर-घर जाकर महिलाओं को योजनाओं की जानकारी देने पर कई बार ताने सुनने पड़ते थे। परिवार का सहयोग भी कम था, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। नवरात्र के नौ दिनों की तरह उनकी साधना भी निरंतर चलती रही। लगातार मेहनत और समर्पण से उन्होंने धीरे-धीरे लोगों का भरोसा जीता। 3,000 से अधिक महिलाओं को दिलाया योजनाओं का लाभ राजबाला देवी अब तक 3,000 से अधिक महिलाओं को स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिला चुकी हैं। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने गांव की महिलाओं को अस्पताल में प्रसव कराने के फायदे समझाए। उनका प्रयास रहा कि गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिलें और जच्चा-बच्चा दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। मातृत्व और शिशु की रक्षा के उनके इस संकल्प में मां के रक्षक स्वरूप की झलक मिलती है। टीकाकरण से आयुष्मान कार्ड तक, घर-घर पहुंचाईं योजनाएं आशा कार्यकर्ता के रूप में राजबाला देवी ने मिशन टीकाकरण, परिवार कल्याण, आयुष्मान कार्ड और आधार कार्ड से जुड़ी गतिविधियों में भी अहम भूमिका निभाई। उन्होंने घर-घर जाकर बच्चों का टीकाकरण कराया और परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता बढ़ाई। गरीब परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनवाकर उन्हें पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा से जोड़ने में भी मदद की। जिले से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक मिला सम्मान राजबाला देवी को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए जिले से लेकर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर तक सम्मानित किया जा चुका है। जिले में उन्हें 'अलीगढ़ रत्न' सम्मान मिला, जबकि प्रदेश स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य कार्यक्रमों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सम्मानित किया गया। उनके कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली। 26 जनवरी 2025 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से उन्हें उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि राजबाला देवी के साथ-साथ पूरे जिले के लिए भी गर्व का विषय है। बढ़े मानदेय और प्रोत्साहन राशि से मिली आर्थिक मजबूती राजबाला देवी के मुताबिक, शुरुआती दौर में आशा कार्यकर्ताओं को मिलने वाला मानदेय काफी कम था। योगी सरकार की ओर से मानदेय और प्रोत्साहन राशि बढ़ाए जाने से आशा कार्यकर्ताओं को आर्थिक मजबूती मिली है। इससे परिवार का खर्च चलाने में भी पहले की तुलना में सहूलियत हुई है। नवरात्र का संदेश है कि नारी शक्ति का सम्मान ही समाज की सच्ची आराधना है। राजबाला देवी जैसी आशा कार्यकर्ता इसी शक्ति का प्रतीक हैं, जो हर दिन गांव-गांव और घर-घर पहुंचकर स्वास्थ्य की रक्षा का दायित्व निभा रही हैं। आशा कार्यकर्ताओं की प्रमुख जिम्मेदारियां – मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाओं में सहयोग – टीकाकरण और पोषण के प्रति जागरूकता – परिवार नियोजन की जानकारी देना – बीमारियों और महामारी की रोकथाम में सहयोग – संचारी रोग नियंत्रण अभियान में भागीदारी – स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना