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रामगढ़ महोत्सव: कवि सम्मेलन और रामलीला ने बांधा समां

रायपुर.  सरगुजा अंचल की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विरासत को समर्पित दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव-2026 के प्रथम दिवस में संस्कृति, साहित्य और लोककला का अद्भुत संगम देखने को मिला। महोत्सव में प्रस्तुत विविध सांस्कृतिक एवं साहित्यिक कार्यक्रमों ने दर्शकों का मन मोह लिया। नई दिल्ली के ख्याति प्राप्त कलाकारों द्वारा प्रस्तुत भव्य रामलीला, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय उदयपुर की छात्राओं द्वारा 'जटायु मोक्ष' की भावपूर्ण नृत्य-नाटिका तथा कवि सम्मेलन कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण रहे। नई दिल्ली से आए ख्याति प्राप्त कलाकारों ने भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों का अत्यंत प्रभावशाली मंचन कर दर्शकों को त्रेतायुग की अनुभूति कराई। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, धर्म, सत्य, त्याग एवं कर्तव्यपरायणता को सशक्त अभिनय, प्रभावी संवाद, आकर्षक वेशभूषा, भव्य मंच सज्जा और मधुर संगीत के माध्यम से जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। प्रस्तुति के दौरान पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और दर्शक कलाकारों के अभिनय से अभिभूत नजर आए। इसी क्रम में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, उदयपुर की बालिकाओं ने 'जटायु मोक्ष' पर आधारित मनमोहक नृत्य-नाटिका प्रस्तुत कर सभी को भावविभोर कर दिया। भगवान श्रीराम और जटायु के प्रसंग को बालिकाओं ने अत्यंत संवेदनशील एवं प्रभावशाली अभिनय तथा नृत्य के माध्यम से साकार किया। भावपूर्ण अभिव्यक्ति, उत्कृष्ट मंच संचालन, पारंपरिक वेशभूषा और सुमधुर संगीत के समन्वय ने प्रस्तुति को अत्यंत जीवंत बना दिया। बालिकाओं की इस प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों की आंखें नम कर दीं और पूरा सभागार देर तक तालियों की गूंज से गूंजता रहा। उनकी प्रतिभा और आत्मविश्वास ने सभी का मन मोह लिया। महोत्सव का एक अन्य प्रमुख आकर्षण कवि सम्मेलन रहा, जिसमें प्रतिष्ठित कवियों ने अपनी ओज, वीर, श्रृंगार, हास्य-व्यंग्य एवं समसामयिक विषयों पर आधारित रचनाओं का प्रभावशाली पाठ किया। राष्ट्रभक्ति, भारतीय संस्कृति, सामाजिक सरोकारों और मानवीय मूल्यों पर आधारित कविताओं ने श्रोताओं को गहराई से प्रभावित किया, वहीं हास्य-व्यंग्य की रचनाओं ने पूरे वातावरण को आनंदमय बना दिया। कवियों की दमदार प्रस्तुति पर दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया। इसके अतिरिक्त लोकगीत, सरगुजिहा लोकनृत्य, करमा नृत्य, स्वागत गीत एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी महोत्सव को भव्यता प्रदान की। स्थानीय एवं क्षेत्रीय कलाकारों ने सरगुजा की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं का प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए अपनी कला का उत्कृष्ट परिचय दिया। रामगढ़ महोत्सव का उद्देश्य सरगुजा अंचल की ऐतिहासिक धरोहर, सांस्कृतिक विरासत एवं साहित्यिक परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाना तथा नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध संस्कृति से जोड़ना है। प्रथम दिवस के भव्य और सफल आयोजन ने इस उद्देश्य को सार्थक रूप से अभिव्यक्त किया।

पेंशन बढ़ाने की मांग पर MP हाईकोर्ट का फैसला, एरियर और अतिरिक्त वेतन वृद्धि देने से किया इनकार

जबलपुर  हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने वेतन पुनरीक्षण से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण आदेश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वेतन पुनरीक्षण के समय कर्मचारियों द्वारा चुना गया विकल्प बाद में बदला नहीं जा सकता। कोर्ट ने अतिरिक्त वेतनवृद्धि के आधार पर पेंशन और एरियर बढ़ाने की मांग को खारिज करते हुए कहा कि स्वेच्छा से संशोधित वेतनमान स्वीकार करने वाला कर्मचारी बाद में पुरानी वेतन व्यवस्था का लाभ नहीं मांग सकता। पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की याचिका निरस्त मामले में पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से याचिका दायर की गई थी। याचिका में अतिरिक्त इंक्रीमेंट को आधार बनाकर पेंशन के पुनर्निर्धारण और एरियर भुगतान की मांग की गई थी। हाई कोर्ट ने सुनवाई के बाद याचिका को निरस्त कर दिया। कोर्ट ने कहा कि मध्य प्रदेश वेतन पुनरीक्षण नियम, 2009 के नियम-नौ में कर्मचारियों को दो स्पष्ट विकल्प दिए गए हैं। संशोधित वेतनमान स्वीकार करने के बाद पुरानी व्यवस्था का लाभ नहीं युगलपीठ ने कहा कि यदि किसी कर्मचारी ने एक जनवरी, 2006 से संशोधित वेतनमान लागू करने का विकल्प चुना है तो वह बाद में पुरानी वेतन व्यवस्था में अतिरिक्त इंक्रीमेंट जोड़कर पेंशन पुनर्निर्धारण की मांग नहीं कर सकता। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि नियम कर्मचारियों को स्वतंत्र रूप से विकल्प चुनने का अधिकार देते हैं, लेकिन विकल्प चुनने के बाद उसके परिणामों से पीछे हटने की अनुमति नहीं दी जा सकती। नियम-नौ को कोर्ट ने माना वैध हाई कोर्ट ने मध्य प्रदेश वेतन पुनरीक्षण नियम, 2009 के नियम-नौ को वैध ठहराते हुए कहा कि कर्मचारी एक साथ दो वित्तीय लाभ का दावा नहीं कर सकते। इसी आधार पर कोर्ट ने पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की याचिका को खारिज कर दिया।

ओलंपिक 2028 में क्रिकेट की वापसी, पुरुष और महिला वर्ग में छह-छह टीमें खेलेंगी

नई दिल्ल  इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) और इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (आईओसी) ने सोमवार को लास एंजिलिस-2028 ओलंपिक के क्वालिफिकेशन की घोषणा कर दी है। इन खेलों के साथ ही क्रिकेट की ओलंपिक में लंबे अंतराल बाद वापसी हो रही है। इसके लिए पहली बार आईसीसी ओलंपिक क्वालिफायर का आयोजन किया जाएगा। आईसीसी ने बयान जारी कर बताया है कि पुरुष और महिला दोनों वर्ग में छह-छह देश हिस्सा लेंगे। इसमें अफ्रीका, एशिया, यूरोप और ओसनिया को निश्चित तौर पर जगह मिलेगी। ऐसा होगा क्वालिफिकेशन हर इवेंट के लिए पांच क्वालिफिकेशन जगह आईसीसी के मौजूदा टूर्नामेंट्स और टी20 रैंकिंग के आधार पर तय की जाएंगी और ये मौजूदा एफटीपी के हिसाब से होगा जो पहले से ही मंजूर किया जा चुका है। वहीं छठे और आखिरी स्थान का फैसला नए आईसीसी ओलंपिक क्वालिफायर से होगा जो 2027 में होगा। इस समय खेले जा रहा आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप-2026 से एक स्थान पक्का हो गया है। ऑस्ट्रेलिया, ग्रेट ब्रिटेन (इंग्लैंड), भारत और साउथ अफ्रीका ने एशिया, यूरोप, अफ्रीका और ओसनिया से उच्च रैंकिंग के आधार पर क्वालिफाई कर लिया है। ये जगह एक उपमहाद्वीप के आधार पर तय हुई हैं। वेस्टइंडीज को नहीं मिलेगा मौका इन खेलों में वेस्टइंडीज की टीम दिखाई नहीं देगी और न ही उसे कोटा मिलेगा क्योंकि वह एक ऐसा आईसीसी सदस्य है जिसमें कई कैरिबियन देश हैं जो आईओसी से नेशनल ओलंपिक कमेटी (एनओसी) के तौर पर मान्यता प्राप्त नहीं हैं। अगर उनकी पुरुष और महिला टीम 31 दिसंबर 2026 तक रैंकिंग में शीर्ष आठ टीमों में शामिल रहती है तो इसके लिए अलग से एक कैरिबियन क्वालिफायर इवेंट कराया जाएगा जिससे ये तय होगा कि कौनसी एनओसी आईसीसी ओलंपिक क्वालिफायर में हिस्सा लेगी। जहां तक अमेरिका की बात है तो वह बतौर मेजबान के तौर पर क्वालिफाई करेगा और पुरुष तथा महिला इवेंट दोनों में खेलेगा। अगर अमेरिका महिला टीम सभी पैमानों पर खरी नहीं उतरती है तो फिर ये जगह क्वालिफाई नहीं कर पाए देशो में एक मार्च 2027 तक सबसे ऊंची रैंकिंग रखने वाली टीम को दी जाएगी। अमेरिका की पुरुष टीम के साथ भी यही होगा बस रैंकिंग की तारीख एक मार्च की जगह 31 दिसंबर 2026 होगी। पुरुष वर्ग में बाकी की जगह आईसीसी टी20 रैंकिंग के हिसाब से तय होंगी। दोनों वर्गों में आखिरी स्थान आईसीसी ओलंपिक क्वालिफायर 2027 से तय होगा जिसमें आठ देश हिस्सा लेगे। इस टूर्नामेंट की तारीखें जल्दी ही सामने आएंगी। ऐसा होगा फॉर्मेट आईसीसी ने बताया है कि जो देश ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करेंगे उनको तीन-तीन टीमों के दो ग्रुप में बांटा जाएगा। हर टीम एक-दूसरे के खिलाफ एक-एक मैच खेलेगी। वहीं दो मैच दूसरे ग्रुप की उन टीमों से खेलेगी जो समान स्थान पर नहीं होंगी। टॉप-2 टीमें गोल्ड और सिल्वर के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगी। वहीं तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमें ब्रॉन्ज मेडल के लिए खेलेंगी। पुरुष और महिला वर्ग में मिलाकर कुल 28 मैच खेले जाएंगे। ये सभी मैच पोमोना में क्रिकेट के लिए बनाए गए खास स्टेडियम में होंगे।

छत्तीसगढ़ के 813 हज यात्रियों की सफल वापसी, राज्य हज कमेटी ने किया भव्य स्वागत

रायपुर  छत्तीसगढ़ राज्य से हज कमेटी के माध्यम से हज यात्रा पर गए सभी हज यात्री हज की इबादत सफलतापूर्वक पूर्ण कर सकुशल स्वदेश लौट आए हैं । राज्य के हाजियों का अंतिम जत्था आज मुंबई पहुंचा । मुंबई में एयरपोर्ट पर छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के चेयरमैन मिर्जा एजाज़ बेग ने अगवानी करते हुए समस्त हाजियों की गुलपोशी की । छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के चेयरमैन मिर्ज़ा एजाज़ बेग ने आज जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि, हज 2026 के लिए राज्य गठन उपरांत से अब तक की सर्वाधिक संख्या में राज्य के 29 जिलों से हज यात्री प्रस्थान किये  कुल 813 हज यात्रियों की स्वदेश वापसी पूर्ण हो गई है। उन्होंने बताया कि, इस वर्ष राज्य से 417 पुरुष एवं 396 महिला हज यात्रियों ने हज 2026 की सआदत  हासिल की। राज्य के हज यात्रियों द्वारा चुने गये विकल्प अनुसार मुम्बई ईम्बारकेशन प्वाइंट से 451, नागपुर से 290, दिल्ली से 14, अहमदाबाद से 02, बैंगलोर से 06, हैदराबाद से 42, जयपुर से 01, लखनऊ से 05 एवं कोलकाता से 02 हाजियों की सकुशल स्वदेश वापसी संपन्न हुई। राज्य के हज यात्रियों का मुंबई एम्बार्केशन प्वाइंट पर आज अंतिम जत्था दिनांक 29/06/2026 को मुंबई एम्बार्केशन प्वाइंट पहुंचा। हज यात्रियों की वापसी के अवसर पर राज्य हज कमेटी द्वारा हाजियों का एयरपोर्ट में गुलपोशी से इस्तकबाल किया गया एवं लगेज उपरांत प्रत्येक हाजी को पवित्र जल ज़म ज़म उपलब्ध कराया गया।  सभी हाजियो ने राज्य हज कमेटी के द्वारा की गई बेहतरीन व्यवस्था के लिए देश के प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी जी,प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी, डॉ. श्याम बिहारी जायसवाल कैबिनेट मंत्री छ.ग.शासन का आभार व्यक्त किया। हज कमेटी के चेयरमैन बेग ने बताया कि, हज यात्रियों की सुविधाओं में वृद्धि करते हुए हज कमेटी द्वारा हज 2026 के हज यात्रियों को, 20 दिवस शाॅर्ट हज पैकेज, ऑनलाइन डाक्यूमेंट अपलोडिंग, पासपोर्ट जमा नहीं करने की सुविधा, प्रत्येक जिले में स्वास्थ्य परीक्षण एवं टीकाकरण की सुविधा, संभाग स्तरीय विशेष हज प्रशिक्षण की सुविधा,  हज के दौरान बुलेट एवं मेट्रो ट्रेन से यात्रा की सुविधा, मीना में प्रत्येक हाजी का नाम एवं कवर नंबर युक्त सोफा कम बेड की सुविधा  उपलब्ध कराई गई जिससे हज यात्रियों की यात्रा  आरामदायक रही। राज्य के  हज यात्रियों के मुंबई एम्बार्केशन प्वाइंट के अंतिम जत्थे की वापसी के अवसर पर आज छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के चेयरमैन मिर्ज़ा एजाज़ बेग, हज कमेटी के सदस्य मौलाना अमीर बेग, कार्यपालन अधिकारी/सचिव डॉ. खुशबू उस्मान उपस्थित रहें।

सिपाही भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी का खुलासा, बिहार में 2 वीक्षक गिरफ्तार, 3 के खिलाफ FIR

हाजीपुर. केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती), बिहार, पटना द्वारा बिहार पुलिस, बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस, बिहार पुलिस दूरसंचार (वितंतु) तथा तकनीकी अराजपत्रित संवर्ग में सिपाही (प्रचालक) पदों पर नियुक्ति के लिए 28 जून को आयोजित लिखित परीक्षा में बड़ी धांधली पकड़ी गई। नोबेल क्रिएटिव एकैडमी वासुदेवपुर चपुता केंद्र पर दो वीक्षक संदिग्ध गतिविधि करते पकड़े गए। मामले में स्टेटिक दंडाधिकारी ने केंद्र अधीक्षक सहित तीन के विरुद्ध काजीपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। हाजीपुर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सह स्टेटिक दंडाधिकारी सुशील कुमार ने वीक्षक मुकुल कुमार, सचिन कुमार एवं केंद्र अधीक्षक डॉ. आराधना के विरुद्ध काजीपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस प्राथमिकी के आधार पर जांच में जुट गई है।   कमरा नंबर-1 में पकड़ी गई धांधली प्राथमिकी के अनुसार 28 जून को 12:00 से 02:00 बजे तक एकल पाली में परीक्षा आयोजित थी। परीक्षा समाप्ति के बाद स्टेटिक दंडाधिकारी सुशील कुमार, जोनल दंडाधिकारी सह वरीय उप समाहर्ता तनुजा एवं नगर थाना के पुलिस अवर निरीक्षक कुमार प्रमोद सिंह जब कमरा संख्या-1 में पहुंचे तो दो वीक्षकों को संदिग्ध गतिविधि करते देखा। पूछताछ में वीक्षकों ने अपना नाम मुकुल कुमार एवं सचिन कुमार बताया।   वीक्षक के हाथ में मिला 1 से 100 तक का सॉल्वड आंसर मुकुल कुमार के हाथ में एक कागज का टुकड़ा मिला, जिस पर क्रमांक 1 से 100 तक उत्तर लिखा था। प्रत्येक क्रमांक के सामने 1-A, 2-A, 3-B, 4-B से लेकर 99-B, 100-C तक लिखा हुआ पाया गया। उक्त उत्तर पत्र को जब्त कर लिया गया।  केंद्र अधीक्षक ने वीक्षकों को भगाया इसी दौरान केंद्र अधीक्षक डॉ. आराधना भी कमरे में पहुंचीं। दोनों वीक्षकों को नोवेल क्रिएटिव एकेडमी के कार्यालय में बैठाकर पूछताछ शुरू की गई। इस बीच केंद्र अधीक्षक ने अधिकारियों से बकझक करते हुए दोनों वीक्षकों को भगा दिया और कहा कि जरूरत पड़ने पर बुला दिया जाएगा। बार-बार कहने पर भी केंद्र अधीक्षक ने वीक्षकों को नहीं बुलाया। प्राथमिकी दर्ज कराने से किया इनकार, मिलीभगत का आरोप स्टेटिक दंडाधिकारी के अनुसार, वीक्षक के पास से प्रश्न पत्र के हल जैसी आपत्तिजनक सामग्री मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जिम्मेदारी केंद्र अधीक्षक की थी, लेकिन उन्होंने थाना जाकर प्राथमिकी दर्ज करने से इनकार कर दिया और घर वापस चली गईं। कई बार फोन करने पर भी उन्होंने वीक्षक के विरुद्ध कार्रवाई से इनकार किया। इससे स्पष्ट है कि वीक्षकों की संदिग्ध गतिविधि में केंद्र अधीक्षक की मिलीभगत है। मुकुल कुमार, सचिन कुमार और केंद्र अधीक्षक डॉ. आराधना सहित अन्य के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

BSF की सराहनीय पहल, ओडिशा से भटके युवक को सुरक्षित परिवार तक पहुंचाया

अमृतसर. सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय देते हुए छह महीने से अपने परिवार से बिछड़े ओडिशा के एक युवक को खोजकर उसके परिजनों से मिलाया। मानसिक रूप से अस्वस्थ बताए जा रहे युवक बिकाश देहुरी को सुरक्षित उसके पिता और भाई के सुपुर्द किया गया। युवक को लेने के लिए उसके परिजन ओडिशा के बालासोर से अमृतसर पहुंचे। लंबे समय बाद बेटे को सुरक्षित देखकर परिवार की आंखें नम हो गईं। सीमा सुरक्षा बल की 100वीं बटालियन के अनुसार बिकाश देहुरी करीब छह महीने पहले अमृतसर रेलवे स्टेशन पर पहुंचा था। मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वह रेलवे स्टेशन से भटक गया। इसके बाद कुछ लोग उसे अपने साथ ले गए और वह अमृतसर के गांव मुल्लाकोट में रहने लगा। परिवार को उसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी और वह लंबे समय से उसकी तलाश कर रहा था। BSF ने परिवार से साधा संपर्क मामले की जानकारी सीमा सुरक्षा बल की मुल्लाकोट चौकी को मिली तो जवानों ने इसे गंभीरता से लिया। युवक की पहचान स्थापित करने और उसके परिवार का पता लगाने के लिए विशेष प्रयास शुरू किए गए। जांच के दौरान सीमा सुरक्षा बल की टीम गांव मुल्लाकोट में एक ग्रामीण के घर पहुंची, जहां युवक सुरक्षित मिला। पहचान की पुष्टि होने के बाद सीमा सुरक्षा बल ने उसके परिजनों से संपर्क किया। सूचना मिलने पर युवक के पिता और भाई ओडिशा के बालासोर से अमृतसर पहुंचे। सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सीमा सुरक्षा बल ने युवक को उसके परिजनों के हवाले कर दिया।  BSF 100वीं बटालियन की मेहनत रंग लाई यह पूरा अभियान 100वीं बटालियन के कमांडेंट अजय कुमार तिवारी के निर्देशन में चलाया गया। अभियान का नेतृत्व सहायक कमांडेंट अमित पांडेय ने किया। उनके साथ दो अधीनस्थ अधिकारी, नौ जवान और यूनिट निरीक्षक (जी) ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। सभी ने मिलकर युवक की पहचान, परिवार से संपर्क और सुरक्षित सुपुर्दगी की प्रक्रिया को सफल बनाया। सीमा सुरक्षा बल के निरीक्षक कुलवंत सांगरा ने बताया कि युवक की मानसिक स्थिति सामान्य नहीं थी। रेलवे स्टेशन से भटकने के बाद वह मुल्लाकोट क्षेत्र में पहुंच गया था। जैसे ही इसकी सूचना चौकी को मिली, तुरंत कार्रवाई शुरू की गई। काफी प्रयासों के बाद युवक की पहचान स्थापित की गई और उसके परिवार तक सूचना पहुंचाई गई। जरूरतमंदों की सहायता करना भी कर्तव्य उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा बल केवल देश की सीमाओं की सुरक्षा ही नहीं करता, बल्कि जरूरतमंद लोगों की सहायता और सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन भी पूरी संवेदनशीलता के साथ करता है। इस अभियान ने एक बार फिर साबित किया कि समय पर की गई पहल किसी परिवार की बिछड़ी खुशियां वापस लौटा सकती है। छह महीने बाद बेटे को सुरक्षित पाकर परिवार ने सीमा सुरक्षा बल का आभार जताया और इस मानवीय प्रयास की सराहना की।

IAS अवनीश शरण ने 45 की उम्र में दिखाई गजब की फिटनेस, सोशल मीडिया पर साझा की प्रेरणादायक यात्रा

रायपुर. छत्तीसगढ़ कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अवनीश शरण इन दिनों किसी प्रशासनिक फैसले नहीं, बल्कि अपनी प्रेरणादायक फिटनेस यात्रा को लेकर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर साझा की गई उनकी पोस्ट हजारों लोगों के लिए प्रेरणा बन रही है। इसमें उन्होंने बताया है कि किस अनुशासित प्रयासों ने न सिर्फ उनके शरीर का कायाकल्प किया, बल्कि उनकी स्वास्थ्य रिपोर्ट भी पूरी तरह बदल दी। आईएएस अवनीश शरण ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया है कि कोविड के बाद वर्ष 2020 में उन्होंने फिटनेस की शुरुआत की थी। हालांकि नौकरी की व्यस्तता, पारिवारिक जिम्मेदारियों और वर्ष 2024 में हुई सर्जरी के कारण उनकी दिनचर्या बार-बार बाधित होती रही। लेकिन जून 2025 में उन्होंने एक बार फिर नई शुरुआत की। इस बार उनका लक्ष्य केवल वजन कम करना नहीं, बल्कि खुद को पहले से अधिक स्वस्थ बनाना था। उन्होंने नियमित स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, संतुलित एवं उच्च-प्रोटीन आहार, कैलोरी ट्रैकिंग, रोजाना पैदल चलना, पर्याप्त नींद और रिकवरी को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया। उन्होंने लिखा कि 1 जनवरी 2026 को उन्होंने अपनी बेटी वेदिका के 27 जून के जन्मदिन तक अपनी सर्वश्रेष्ठ फिटनेस हासिल करने का लक्ष्य तय किया था। इस पूरी यात्रा में उनकी पत्नी रुद्राणी ने हर कदम पर उनका साथ दिया। अवनीश शरण के मुताबिक इस अनुशासित जीवनशैली का असर केवल उनके शरीर पर ही नहीं, बल्कि उनकी ब्लड रिपोर्ट में भी साफ दिखाई दिया। सितंबर 2025 से मई 2026 के बीच उनका कुल कोलेस्ट्रॉल 278 से घटकर 158, एलडीएल 205.2 से घटकर 83, एचडीएल 51 से बढ़कर 62.8 और ट्राइग्लिसराइड्स 109 से घटकर 61.9 पर पहुंच गया। उन्होंने बताया कि उनका बॉडी फैट 30 प्रतिशत से अधिक से घटकर सिंगल डिजिट में आ गया, जिससे हृदय रोगों का जोखिम भी काफी कम हुआ। अपना अनुभव साझा करते हुए उन्होंने लिखा कि किसी भी बदलाव के लिए प्रेरणा से ज्यादा जरूरी अनुशासन और निरंतरता है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य का आकलन केवल वजन से नहीं, बल्कि ब्लड रिपोर्ट, शरीर की क्षमता और ऊर्जा के स्तर से भी होना चाहिए। उन्होंने लोगों से नियमित स्वास्थ्य जांच, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, पर्याप्त प्रोटीन, अच्छी नींद और संतुलित जीवनशैली अपनाने की अपील की। पोस्ट के अंत में अवनीश शरण ने लिखा, “मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि वजन कम करना नहीं है, बल्कि 45 वर्ष की उम्र में 39 वर्ष की उम्र से अधिक स्वस्थ होना है। इस यात्रा ने मुझे सिखाया कि अनुशासन प्रेरणा से अधिक शक्तिशाली है, निरंतरता पूर्णता से अधिक मूल्यवान है और स्वास्थ्य से बड़ा कोई निवेश नहीं।”

पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था पर CM शुभेंदु अधिकारी का बड़ा ऐलान, दो नए विधेयकों से गुंडाराज पर होगा वार

कलकत्ता पश्चिम बंगाल विधानसभा में कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार के दो नए विधेयक पेश किए जाने से पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सख्त संदेश दिया. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार राज्य में कानून का राज स्थापित करेगी और गुंडाराज का खात्मा करेगी।  मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि AJUP विधायक हुमायूं कबीर के खिलाफ उनके कथित भड़काऊ और नफरत फैलाने वाले भाषण को लेकर एफआईआर दर्ज कर ली गई है. उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह मुर्शिदाबाद में हुमायूं कबीर के दो भाषणों पर पहले ही उनकी पार्टी के विधायक ने सदन में आपत्ति उठाई थी।  'नफरत फैलाने वालों पर लगाम लगाने का वक्त' सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कहा, 'अब बहुत हो चुका. ऐसे लोगों को सबक सिखाने का समय आ गया है.' उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले राज्य में कमजोर मुख्यमंत्री होने की वजह से लोग मनमानी बातें करते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि हुमायूं कबीर के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की गई हैं और कानून अपना काम करेगा. उन्होंने कहा, 'मैं सदन को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि कोई भी इस तरह की भाषा बोलने की हिम्मत न करे।  उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का मकसद मुर्शिदाबाद उपचुनाव से पहले मुस्लिम वोटों का ध्रुवीकरण करना है ताकि उनके बेटे को चुनाव में फायदा मिल सके. इस दौरान उन्होंने संदेशखाली के 'शेख शाहजहां' और 'फाल्टा के पुष्पा' का उदाहरण देते हुए कहा कि कानून से कोई भी ऊपर नहीं है।  'पुलिस किसी को नहीं छोड़ेगी' मुख्यमंत्री ने कहा कि 'उनकी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि भविष्य में कोई भी इस तरह की भाषा बोलने की हिम्मत न करे. सुवेंदु अधिकारी ने कहा, "संदेशखाली के शेख शाहजहां को याद कीजिए, उनके भड़काऊ बयानों का क्या अंजाम हुआ. 'फाल्टा के पुष्पा' को भी याद कीजिए, जिसने कहा था 'झुकेगा नहीं'. पुलिस किसी को नहीं छोड़ेगी।  मुख्यमंत्री ने कहा कि वह अगले सप्ताह मुर्शिदाबाद का दौरा करेंगे और यह साबित करेंगे कि कानून अपना काम करेगा. उन्होंने हुमायूं कबीर को चेतावनी देते हुए कहा, "अपनी बयानबाजी पर लगाम लगाइए. नफरत फैलाने वाला कोई भी बयान देने से पहले 25 बार सोचिए. पुलिस आपको नहीं छोड़ेगी। 

Modi Cabinet Expansion: दल बदलकर आए सांसदों की लग सकती है लॉटरी, जानें किस पर गिर सकती है गाज

नई दिल्ली कैबिनेट फेरबदल का ऐलान मंगलवार को हो सकता है। हालांकि, केंद्र सरकार की तरफ से तारीख को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरे से भारत लौटने के बाद मंत्री परिषद में बदलाव किए जा सकते हैं। इस दौरान सबसे ज्यादा चर्चा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के नाम की है। फिलहाल, साफ नहीं हो सका है कि उन्हें लेकर NDA की तरफ से क्या फैसला लिया जाएगा। खास बात है इस बार कैबिनेट फेरबदल में हाल ही में पार्टियों की टूट के बाद NDA को समर्थन देने वाले नेताओं को भी जगह दी जा सकती है। हाल ही में तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव बालासाहब ठाकरे) और आम आदमी पार्टी के सांसदों ने एनडीए को समर्थन दिया था। मंत्रिमंडल में फेरबदल की तारीख प्रधानमंत्री के व्यस्त कार्यक्रम को ध्यान में रखकर तय किए जाने की संभावना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 से 29 जून तक सेशेल्स की तीन दिवसीय यात्रा पर हैं। वह 6 से 11 जुलाई के बीच तीन देशों की यात्रा कर सकते हैं, जिनमें इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड शामिल है। वहीं जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची भी भारत दौरे पर आ रहीं हैं और यह कार्यक्रम 1 से 3 जुलाई का है। अब संसद का मॉनसून सत्र 18 जुलाई से शुरू हो रहा है, जो अगस्त तक चलेगा। ऐसे में अटकलें तेज हैं कि मंगलवार को बड़ी घोषणा की जा सकती है। साल 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद यह पहली बार फेरबदल होगा। मानसून सत्र से पहले हो सकता है कैबिनेट फेरबदल संसद का मानसून सत्र आम तौर पर जुलाई के तीसरे सप्ताह में शुरू होता है। मंत्रिमंडल में फेरबदल की तारीख प्रधानमंत्री के व्यस्त कार्यक्रम को ध्यान में रखकर तय किए जाने की संभावना है। प्रधानमंत्री मोदी 27 से 29 जून तक सेशेल्स की तीन दिवसीय यात्रा पर हैं। उनके छह से 11 जुलाई के बीच इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जाने की भी संभावना है। जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची का भी एक से तीन जुलाई तक नयी दिल्ली की यात्रा का कार्यक्रम है। पार्टी संगठन पर भी फोकस सूत्रों के अनुसार, सरकार के शीर्ष अधिकारियों के बीच यह राय प्रबल हो रही है कि अहम मंत्रालयों में नए चेहरों को शामिल किए जाने की आवश्यकता है। इसके अलावा क्षेत्रीय, राज्यवार, जातीय और राजनीतिक निष्ठा से जुड़े समीकरणों को ध्यान में रखकर मंत्रिपरिषद में संतुलन बनाने की राजनीतिक मजबूरियां भी हैं। दो केंद्रीय मंत्रियों पंकज चौधरी और हर्ष मल्होत्रा को क्रमशः बीजेपी की उत्तर प्रदेश और दिल्ली इकाई की जिम्मेदारी पहले ही दी जा चुकी है। 'एक व्यक्ति एक पद' का नियम होगा लागू इस बात की प्रबल संभावना है कि बीजेपी ‘एक व्यक्ति, एक पद’ के अपने नियम का पालन करेगी जिसके कारण दोनों को सरकार से हटना पड़ सकता है। दो अन्य केंद्रीय मंत्रियों जॉर्ज कुरियन और रवनीत सिंह बिट्टू को हाल में संपन्न राज्यसभा चुनावों के लिए पार्टी ने दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया। उच्च सदन में उनका कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो गया। कुरियन अपने पद से पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं जबकि बिट्टू अब भी मंत्री हैं। रवनीत सिंह बिट्टू को लेकर चल रही ये चर्चा ऐसा बताया जा रहा है कि शीर्ष नेतृत्व ने बिट्टू को आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा है। कांग्रेस के पूर्व नेता और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पौत्र बिट्टू प्रभावशाली जाट सिख समुदाय का प्रमुख चेहरा हैं। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं इसलिए इन तीन राज्यों के और प्रतिनिधियों को मोदी मंत्रिपरिषद में जगह मिलने की संभावना है। पश्चिम बंगाल में बीजेपी की भारी जीत के बाद राज्य से भी पार्टी के कुछ सांसदों को केंद्रीय मंत्रिपरिषद में शामिल किया जा सकता है। TMC, शिवसेना-UBT, AAP से आए MPs को मिल सकता है मौका तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के बागी गुटों के कुछ प्रतिनिधियों को भी मंत्री पद मिलने की संभावना है। ऐसी भी संभावना है कि शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के किसी वरिष्ठ पदाधिकारी को कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है। सूत्रों ने बताया कि आम आदमी पार्टी (आप) छोड़कर भाजपा में शामिल हुए सात राज्यसभा सदस्यों में से एक या दो को मंत्रिपरिषद में जगह मिल सकती है। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (उबाठा) के बागी गुटों के सदस्यों को मंत्रिपरिषद में शामिल करने का कोई भी फैसला लोकसभा अध्यक्ष के निर्णय पर निर्भर करेगा। दोनों के मूल दलों ने दल-बदल विरोधी कानून के तहत उनकी सदस्यता समाप्त करने की मांग की है। राष्ट्रपति से मिले पीएम मोदी, तभी से शुरू हुई चर्चा प्रधानमंत्री मोदी की 23 जून को राष्ट्रपति भवन में पद्म पुरस्कार समारोह के इतर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के बाद मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलें तेज हो गईं। इसके दो दिन बाद 25 जून को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की राष्ट्रपति से मुलाकात से इन अटकलों को और बल मिला। अधिकारियों ने इन मुलाकातों को शिष्टाचार भेंट बताया और कहा कि दोनों नेता नियमित अंतराल पर राष्ट्रपति से मिलते रहते हैं। हालांकि, इस बात की प्रबल संभावना है कि प्रधानमंत्री की राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान मंत्रिमंडल में फेरबदल के मुद्दे पर भी चर्चा हुई होगी। हरदीप पुरी और बीएल वर्मा को लेकर भी अपडेट दो केंद्रीय मंत्रियों हरदीप पुरी और बी एल वर्मा का राज्यसभा में कार्यकाल नवंबर में समाप्त होगा। अब यह देखना होगा कि उच्च सदन के लिए उन्हें फिर से उम्मीदवार बनाए जाने के संबंध में शीर्ष नेतृत्व क्या फैसला करता है। तीन राज्यपालों-कर्नाटक के थावर चंद गहलोत, मध्य प्रदेश के मंगुभाई पटेल और उत्तराखंड के लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह-का कार्यकाल आने वाले महीनों में पूरा होने वाला है। गहलोत और पटेल का कार्यकाल जुलाई में तथा सिंह का कार्यकाल सितंबर में पूरा होगा। सरकार से हटाए जाने वाले कुछ मंत्रियों को राज्यपाल पद की जिम्मेदारी दिए जाने की भी संभावना है। हालांकि, जानकार हलकों का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी बड़े फैसलों को अंतिम समय तक गोपनीय रखते हैं और औपचारिक घोषणा होने पर ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। कौन हो सकता है शामिल अब तक यह साफ … Read more

Akanksha Chamola News: विवादों के बाद क्या ‘लॉक-अप’ में दिखेंगी आकांक्षा चमोला? जानें पूरी कहानी

मुंबई  एक्टर गौरव खन्ना की पत्नी और टीवी एक्ट्रेस आकांक्षा चमोला ने लॉक अप सीजन 2 की शुरुआत में ही सबको अपने तलाक की खबर से चौंका दिया. लेकिन इसी के साथ उन्होंने ये भी बताया वो एक साल से अलग रह रहे हैं. साथ ही गौरव और उनके बीच कोई तल्खी नहीं है. दोनों दोस्त की तरह हैं।  आकांक्षा ने बिना कोई गिल्ट शो किए अपने ऊपर लगे उन आरोपों का भी जिक्र किया,  जिन वजहों से वो अक्सर ट्रोल होती हैं. एक्ट्रेस ने बताया कि उन्हें किसी भी चीज का कोई मलाल नहीं है, लोग जिस वजह से उनसे नफरत कर रहे हैं, शो के बाद उसी वजह से वो उनसे प्यार भी करेंगे।       आरोपों की डिटेल देते हुए आकांक्षा ने कहा कि लोगों को मुझसे बहुत सारे इशूज हैं. लोग मुझे बोलते हैं कि मैं बहुत बड़ी अटेंशन सीकर हूं, मैं फेम की भूखी हूं. मैं पति के फेम का फायदा उठा कर आगे बढ़ रही हूं. मैं मां नहीं बनना चाहती. मैंने भाभी पोर्न किया है। आकांक्षा की बातें सुनकर फराह ने कहा कि 192 देशों की अनडिवाइडेड जनता और यहां के सारे कैमराज सिर्फ तुम्हें ही देखेंगे और जानना चाहेंगे कि तुम अपने ऊपर लगे इन आरोपों को कैसे साफ करती हो. एक्ट्रेस ने बताया कि वो एक डीवा हैं, गौरव खन्ना की पत्नी होना एक अलग पार्ट है मेरी लाइफ का।  आकांक्षा ने जिन आरोपों का जिक्र किया वो उनसे अक्सर जुड़े रहे हैं. एक्ट्रेस हमेशा से अपने पब्लिकली शेयर किए डांस वीडियोज को लेकर सुर्खियों में आ जाती हैं. यूजर्स इन्हें अश्लील तक करार देते हैं. इनपर कई बार विवाद हो चुका है। वहीं कई बार आकांक्षा को इस बात के लिए खरी खोटी सुननी पड़ी है कि वो जब पति गौरव के साथ होती हैं तो कुछ ऐसा कर जाती हैं जिससे सारी लाइमलाइट उनपर आ जाती है. कुछ वक्त पहले ही एक पैप वीडियो वायरल हुआ था जहां वो अपनी गर्ल फ्रेंड्स के साथ अचानक कैमरा के आगे डांस करने लगी थीं. इस पर एक्ट्रेस को भारी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था।    आकांक्षा तब भी चर्चा में आई थीं जब एक प्रमोशनल इवेंट के दौरान वो अपने को-एक्टर्स के साथ ज्यादा ही इंटीमेट तरीके से डांस करते हुए दिखी थीं. इस वीडियो ने सबका ध्यान खींच लिया था. हालांकि आकांक्षा ने जो सफाई दी वो और भी हैरान कर देने वाला था।           आकांक्षा ने कहा था कि वो उस दौरान बहुत असहज हो गई थीं, उन्होंने जो कपड़े पहने थे वो तो अनकम्फर्टेबल थे ही. साथ ही उनके को-एक्टर्स भी डांस करते हुए ज्यादा ही एक्साइटेड हो गए थे. उनके इस स्टेटमेंट से दोनों ही को-एक्टर्स काफी नाराज हुए थे।जनवरी 2026 में आकांक्षा ने एक क्रिप्टिक पोस्ट से शादी में अनबन का हिंट दिया था. उन्होंने लिखा था कि जिस रिश्ते की बुनियाद में सिर्फ जरूरतें हो, वहां दिल हमेशा कुर्बान होता है. हालांकि इस पोस्ट को करने के बाद उन्होंने तलाक की बातों को खारिज कर इसे सीरीज से जोड़ दिया था।  कपल के बीच तकरार की खबरें तब भी आई थीं, जब गौरव ने बिग बॉस में कहा था कि वो पिता बनना चाहते हैं लेकिन पत्नी बच्चा नहीं चाहतीं. इसलिए उन्होंने अपनी खुशी को ताक पर रख पत्नी की मर्जी से चलने का फैसला लिया है. आकांक्षा हो या गौरव दोनों ने ही अपने आप को हैप्पी कपल की कैटेगरी में डाला।  हालांकि आकांक्षा और गौरव के तलाक की खबर ने फैंस का दिल तोड़ दिया है. लेकिन लॉकअप शो की अभी शुरुआत हुई है, माना जा रहा है कि एक्ट्रेस अपनी पर्सनल लाइफ से जुड़े कई और खुलासे कर सकती हैं. कपल ने 2016 में शादी की थी, इनके रिश्ते को 10 साल हो चुके हैं।