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फरक्का बराज और गंगा जल बंटवारे पर मंथन, बिहार अपने हितों को रखेगा मजबूती से

पटना  गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग की 19वीं बैठक 27 अक्टूबर को दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में होगी। इसमें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी बिहार का पक्ष रखेंगे। बैठक में फरक्का बराज, गंगा जल बंटवारे और बिहार में बाढ़ की समस्याओं पर प्रमुखता से चर्चा होगी। दिसंबर में भारत-बांग्लादेश के बीच गंगा जल बंटवारे पर नए समझौते की संभावना को देखते हुए बैठक महत्वपूर्ण है। इसके साथ बाढ़ नियंत्रण के लिए जोखिम आधारित मास्टर प्लान, नदियों के जल प्रबंधन, एआई आधारित डीपीआर और राष्ट्रव्यापी डैशबोर्ड पर भी मंथन होगा। बैठक में फरक्का बराज और बाढ़ की समस्या पर चर्चा होगी। दिसंबर में हो सकता है समझौता भारत और बांग्लादेश के साथ फरक्का बराज और गंगा जल बंटवारे को लेकर दिसम्बर में नए सिरे से समझौता होने की उम्मीद है। इसमें बिहार अपने हितों को लेकर लगातार मुखर है। ऐसे में यह बैठक बिहार के लिए अहम है। साथ ही बिहार में गंगा नदी को लेकर हो रही समस्याएं, उसके समाधान पर भी चर्चा होगी। साथ ही पिछली यानी 18वीं बैठक में लिए गए निर्णयों पर मुहर लगेगी। जीएफसीसी में हुए बदलाव पर लगेगी मुहर बैठक में जीएफसीसी में हुए बदलाव पर मुहर लगेगी। इसके अलावा बाढ़ नियंत्रण को लेकर पूरे देश के लिए जोखिम आधारित मास्टर प्लान तैयार करने पर चर्चा होगी। रेलवे व रोड को लेकर वाटर वेज बनाने के लिए गाइडलाइन बनाने को लेकर चर्चा होगी। बाढ़ नियंत्रण को लेकर पहले जो भी काम हुए हैं, उससे क्या परिणाम निकले, उसकी समीक्षा होगी। बाढ़ नियंत्रण को लेकर तैयार होने वाले एसओपी और गाइडलाइन तैयार करने पर भी मंथन होगा। नदियों का पानी प्रबंधन करने को लेकर भी विमर्श होगा। राष्ट्रव्यापी डैशबोर्ड बनाने को लेकर भी बैठक में विमर्श होगा। डीपीआर बनाने में आधुनिक तकनीक बनाने और एआई के उपयोग पर भी इस बैठक में मंथन होगा।

कसारी-मसारी की पहचान बदलेगी, योगी का बड़ा एलान

प्रयागराज   मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ ने माफिया अतीक अहमद के कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन पर पद्म लोक आवास योजना के लिए भूमि पूजन किया। सभा को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब यह क्षेत्र कसारी मसारी के नाम से नहीं बल्कि कृष्ण पुरी के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ ने माफिया अतीक अहमद के कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन पर पद्म लोक आवास योजना के लिए भूमि पूजन किया। सभा को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब यह क्षेत्र कसारी मसारी के नाम से नहीं बल्कि कृष्ण पुरी के नाम से जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रयागराज में अब कोई भी माफियागिरी का दुस्साहस नहीं करेगा। अगर करेगा तो मिट्टी में मिला दिया जाएगा और वह अपनी बाप-दादा की संपत्ति भी गंवाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद प्रयागराज के कसारी-मसारी में माफिया से मुक्त कराई 9,811 वर्ग मीटर भूमि पर पद्म लोक आवास योजना के अंतर्गत ₹191 करोड़+ से 602 आवासों के निर्माण के लिए भूमि पूजन एवं प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत पीपलगांव में निर्मित 556 आवासों के लाभार्थियों को चाबियों का वितरण कार्यक्रम  में सम्मलित हुए। उन्होंने कहा कि एक साल में यहां करीब 1200 परिवार यानी 6500 लोगों का निवास इस 10 बीघे के कैंपस में होगा। उनके लिए यहां अलग से टाउनशिप बनेगी। मार्केट भी बनेगा। स्पोर्ट्स पार्क और जिम की सुविधा भी मिलेगी। उनकी जो भी जरूरत होगी वह प्रयागराज विकास प्राधिकरण यहां पर मुहैया कराएगा। पहले की सरकारों ने यूपी में पहचान का संकट खड़ा हो गया था। पहले लोग यूपी का नाम सुनने के बाद 100 मीटर दूर भागते थे, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। यूपी वालों का नाम सुनकर लोग पास आते हैं। महाकुंभ के चलते सड़कें चौड़ी हुईं हैं। पहले कसारी मसारी और चकिया इलाके में कोई घुसने का प्रयास नहीं करता था। सामान्य व्यक्ति की तो बात दूर है पुलिस की गाड़ी तक नहीं आती थी, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। कहा कि अब कोई भी माफियागिरी नहीं करेगा। करेगा तो बाप और दादा की संपत्ति भी गंवाएगा।

विंध्याचल में गंगा नदी किनारे निर्माणाधीन घाटों का किया निरीक्षण

मीरजापुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को विंध्याचल पहुंचकर मां विंध्यवासिनी के दरबार में विधि-विधान और मंत्रोच्चार के बीच दर्शन-पूजन किया। उन्होंने माता रानी से लोक कल्याण और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। दर्शन-पूजन के बाद मुख्यमंत्री ने विंध्याचल स्थित पक्का घाट पहुंचकर गंगा नदी के किनारे निर्माणाधीन घाटों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्माणाधीन घाटों का जायजा लेते हुए मौके पर चल रहे कार्यों की स्थिति देखी। उन्होंने जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार से घाट निर्माण से संबंधित विभिन्न पहलुओं और अब तक हुई प्रगति के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे कराए जाएं। कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। साथ ही निर्धारित मानकों और समयसीमा का विशेष ध्यान रखा जाए। विंध्याचल धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान है। मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में गंगा तट पर घाटों का निर्माण श्रद्धालुओं की सुविधा और क्षेत्र की धार्मिक महत्ता के लिहाज से महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने के लिए नियमित निगरानी की जाए, ताकि निर्माण कार्यों का लाभ लोगों और श्रद्धालुओं को समय पर मिल सके।

नक्सलवाद की हर निशानी मिटाकर बस्तर को फिर से हँसता-खेलता और खुशहाल बनाना है : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह

रायपुर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह ने कहा है कि नक्सलवाद समाप्त होने के बाद अब उससे मिले घावों पर मरहम लगाना, पीड़ितों का पुनर्वास करना और उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने के अवसर उपलब्ध कराना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। नक्सलवाद ने पाँच दशकों तक बस्तर के गरीब और आदिवासी परिवारों को गहरी पीड़ा दी है। अब हमें नक्सलवाद की हर निशानी मिटाकर बस्तर को फिर से हँसता-खेलता, खुशहाल और समृद्ध बनाना है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार प्रत्येक दिव्यांगजन और नक्सली हिंसा से प्रभावित व्यक्ति के पुनर्वास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस संकल्प को पूरा करने में भारत सरकार छत्तीसगढ़ सरकार के साथ चट्टान की तरह खड़ी है। केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह आज प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री के रूप में सेवा और समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में संचालित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत दंतेवाड़ा में आयोजित निःशुल्क दिव्यांगजन कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरण समारोह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शिविर के दूसरे चरण का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। दंतेवाड़ा में 15 से 17 अक्टूबर तक आयोजित तीन दिवसीय शिविर में दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिलों के कुल 768 दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग एवं विभिन्न सहायक उपकरणों से लाभान्वित किया जाएगा। इनमें दंतेवाड़ा जिले के 509, बीजापुर के 197 और सुकमा के 62 दिव्यांगजन शामिल हैं। शिविर का आयोजन भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति, जयपुर तथा सहयोगी संस्थाओं के सहयोग से किया जा रहा है। नक्सलवाद समाप्त हुआ, अब उसकी पीड़ा और निशानियों को भी मिटाना है :  अमित शाह केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने पर देशभर में सेवा संकल्प अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ में नक्सली हिंसा से प्रभावित दिव्यांग आदिवासी भाई-बहनों को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण प्रदान कर उनके जीवन को सुगम बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 5 से 7 अक्टूबर 2026 के दौरान जगदलपुर में आयोजित शिविर में 3,600 से अधिक दिव्यांगजन लाभान्वित हुए थे। इनमें अकेले बस्तर के 1,570 से अधिक लाभार्थी थे। यह संख्या बस्तर की उस पीड़ा का परिचय देती है, जिसे यहाँ के गरीब और आदिवासी परिवारों ने दशकों तक सहन किया है। केंद्रीय गृह मंत्री  शाह ने कहा कि नक्सलियों ने आईईडी विस्फोटों के माध्यम से निर्दोष नागरिकों को दिव्यांग बनाया। इससे बड़ा मानवाधिकारों का हनन कुछ नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने 31 मार्च 2026 से पहले देश से नक्सलवाद समाप्त करने का दृढ़ संकल्प लिया था और आज नक्सलवाद समाप्त हो चुका है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि केवल नक्सलवाद समाप्त कर देने से पाँच दशकों की पीड़ा समाप्त नहीं होगी। हमें इन घावों पर मरहम लगाना होगा। नक्सली हिंसा से प्रभावित लोगों को फिर से अपने पैरों पर खड़ा करना होगा और उनके सम्मानपूर्वक जीवनयापन की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने कहा कि दिव्यांग भाई-बहनों को व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, बैसाखी, श्रवण यंत्र, स्मार्ट वॉकिंग स्टिक और कृत्रिम अंग जैसे उपकरण उपलब्ध कराकर उनके जीवन में नई खुशियाँ लाई जा सकती हैं। इस सेवा कार्य में छत्तीसगढ़ सरकार, जिला प्रशासन, समाज कल्याण विभाग, भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति, जयपुर और भारतीय जैन संघ सहित अनेक संस्थाओं का महत्वपूर्ण योगदान है। केंद्रीय गृह मंत्री  शाह ने बस्तर के पारंपरिक जनजातीय नेतृत्व के सहयोग की भी सराहना करते हुए कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष और बस्तर में सकारात्मक परिवर्तन लाने के प्रयासों में स्थानीय जनजातीय समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। बस्तर ओलंपिक, बस्तर पंडुम और नियद नेल्लानार से बदल रही बस्तर की तस्वीर केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह ने बस्तर में शांति और विकास की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने बस्तर ओलंपिक, बस्तर पंडुम, नियद नेल्ला नार और मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना जैसी पहलों के माध्यम से बस्तर को फिर से हँसता-खेलता बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने कहा कि जिस बस्तर में कभी गोलियों और बम धमाकों की आवाजें सुनाई देती थीं तथा भय का वातावरण रहता था, वहाँ आज हजारों युवा खेलों में भाग ले रहे हैं और अपनी परंपराओं को जीवित रख रहे हैं। बस्तर ओलंपिक ने युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर दिया है। वहीं बस्तर पंडुम के माध्यम से जनजातीय कला, संस्कृति और परंपराओं को पुनर्जीवित करने का बड़ा प्रयास हुआ है।  शाह ने कहा कि नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों तक बुनियादी सुविधाएँ पहुँचाई जा रही हैं। पाँच दशकों तक जिन क्षेत्रों तक आवश्यक सुविधाएँ नहीं पहुँच सकीं, वहाँ अब आधारभूत अधोसंरचना और जनकल्याणकारी योजनाओं का विस्तार हो रहा है। आत्मसमर्पण करने वाले 8,526 नक्सलियों के पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह ने नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास और विकास की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि लगभग 8,526 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने बताया कि जिन लोगों के बैंक खाते नहीं थे, ऐसे 7,328 लोगों के बैंक खाते खोले गए हैं। 1,620 लोगों को इनामी राशि और 7,882 लोगों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। इसी प्रकार 455 लोगों को नौकरी दी गई है और 129 लोगों को भूमि का आवंटन किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 4,014 आवास उपलब्ध कराए गए हैं। इसके साथ ही 2,308 आदिवासियों को कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि वे रोजगार और स्वरोजगार से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें। केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया कि 6,763 नए राशन कार्ड बनाए गए हैं और 2,808 परिवारों को निःशुल्क बिजली उपलब्ध कराई गई है। क्षेत्र में आवागमन और संपर्क सुविधाओं के विस्तार के लिए 372 नई सड़क परियोजनाएँ प्रारंभ की गई हैं तथा 670 पुलियों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 48,526 लोगों के आधार कार्ड बनाए गए हैं और इलवाद पंचायत पुरस्कार के अंतर्गत 44 पंचायतों को पुरस्कृत किया गया है।  शाह ने कहा कि ये प्रयास नक्सल प्रभावित क्षेत्रों … Read more

हरियाणा में गोतस्करी के आरोपी की मौत, पुलिस के साथ मुठभेड़ में हुआ ढेर

गुरुग्राम. नूंह के तावडू क्षेत्र के खरखड़ी गांव निवासी वांछित आरोपित शाहिद उर्फ आडवाणी पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। नूंह क्राइम ब्रांच उसका पीछा करते हुए गुरुग्राम की ओर आई थी। सोहना के सिलानी गांव के पास बृहस्पतिवार को पुलिस और आरोपित के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस के अनुसार, शाहिद गोतस्करी और एटीएम मशीन उखाड़ने के मामलों में वांछित था। उसकी तलाश में जुटी नूंह क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि वह गुरुग्राम की ओर आ रहा है। टीम ने पीछा किया और सिलानी गांव के पास उसे घेर लिया। इस दौरान मुठभेड़ हुई, जिसमें शाहिद मारा गया। शाहिद उर्फ आडवाणी वर्ष 2018 में गुरुग्राम क्राइम ब्रांच की हिरासत से फरार हो गया था। इसके बाद से वह पुलिस की तलाश में था। उस पर गोतस्करी और एटीएम मशीन उखाड़ने समेत कई मामलों में संलिप्त होने का आरोप था। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल की जांच की। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

पत्नी और बच्चों के साथ सुरक्षित घर में रहने का मिला सुकून, बेहतर भविष्य की उम्मीदों को मिले नए पंख

प्रधानमंत्री आवास योजना से नवेद के परिवार का पक्के घर का सपना हुआ साकार, खुशियों से रोशन हुआ आशियाना पत्नी और बच्चों के साथ सुरक्षित घर में रहने का मिला सुकून, बेहतर भविष्य की उम्मीदों को मिले नए पंख पक्की छत से परिवार को मिली सुरक्षा और सम्मान, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति जताया आभार रायपुर,   हर व्यक्ति का सपना होता है कि उसका अपना एक पक्का घर हो, जहां वह परिवार के साथ सुरक्षित, सम्मानजनक और सुकून भरा जीवन बिता सके। विशेषकर बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए एक सुरक्षित आशियाना परिवार की सबसे बड़ी जरूरतों में शामिल होता है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) जरूरतमंद परिवारों के इसी सपने को साकार करने का माध्यम बन रही है। जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत अमरताल निवासी नवेद कुमार मनहर के जीवन में भी इस योजना से खुशियों का नया अध्याय जुड़ा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान मिलने से अब उनका परिवार सुरक्षित वातावरण में बेहतर जीवन की ओर आगे बढ़ रहा है। पत्नी और बच्चों के लिए सुरक्षित आशियाना बना खुशियों का आधार नवेद कुमार मनहर के परिवार में उनकी पत्नी और बच्चे हैं। परिवार की जिम्मेदारियों के बीच अपने घर का सपना पूरा होना उनके लिए विशेष महत्व रखता है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से मिला पक्का मकान अब उनके परिवार की सुरक्षा और बेहतर रहन-सहन का आधार बन गया है। पक्की छत होने से परिवार को धूप, बारिश और मौसम की अन्य प्रतिकूल परिस्थितियों से बचाव मिल रहा है। साथ ही बच्चों को सुरक्षित वातावरण और परिवार को दैनिक जीवन में अधिक सुविधा प्राप्त हो रही है। नवेद कुमार के लिए यह आवास केवल ईंट और सीमेंट से बना मकान नहीं, बल्कि परिवार के सपनों, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की उम्मीदों से जुड़ा अपना आशियाना है। पक्का घर मिलने से परिवार को स्थायित्व और सुकून मिला है। अब वे अपने बच्चों के भविष्य और परिवार की खुशहाली को लेकर अधिक विश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं। पक्की छत के साथ मिला सम्मानजनक जीवन का आधार प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत पात्र ग्रामीण परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराकर उनके जीवन स्तर में सुधार लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। योजना का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित आवासीय सुविधा प्रदान करना है, ताकि वे बेहतर और सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकें। नवेद कुमार मनहर के लिए भी पक्का आवास परिवार की सुरक्षा, सुविधा और सम्मान का महत्वपूर्ण आधार बना है। अपने घर का सपना पूरा होने पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को पक्का आशियाना उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत नवेद कुमार मनहर की यह कहानी दर्शाती है कि अपना पक्का घर मिलने से जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है। सुरक्षित छत के साथ उन्हें बेहतर रहन-सहन, सम्मानजनक जीवन और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नई उम्मीद मिलती है।

लुधियाना में वाहन चालकों की बढ़ेगी परेशानी, एक महीने तक बंद रहेगा सड़क मार्ग; जानें वैकल्पिक रास्ते

लुधियाना. पुन: निर्माण के चलते शिव चौक से लेकर ट्रांसपोर्ट नगर तक की सड़क एक माह तक बंद रहेगी। इसके लिए ट्रैफिक पुलिस ने डायवर्शन प्लान जारी कर दिया है। बता दे कि नेशनल हाईवे पर बनी स्लिपवे रोड की हालत खस्ता हो चुकी है। इसके चलते नेशनल हाईवे ऑथोरिटी द्वारा इसका पुन: निर्माण किया जा रहा है। पहले चरण में शिव चौक से लेकर ट्रांसपोर्ट नगर तक की सड़क को चुना गया है जिसमें करीब एक माह का समय लग सकता है। लोगों की सुविधा के लिए ट्रैफिक पुलिस द्वारा डायवर्शन प्लान लागू कर दिया गया है। शेरपुर चौक से ट्रांसपोर्ट नगर की तरफ जाने वाले वाहनों को चीमा चौक की तरफ घुमा दिया जाएगा जिससे वह आगे ट्रांसपोर्ट नगर जा सकेंगे। ऐसे ही जिन लोगों ने शिव चौक से जालंधर की तरफ जाना है उनके लिए मोती नगर पुलिस से पहले यॉर्क हौजरी के पास अस्थाई तौर पर अप रैंप का निर्माण किया गया है। अप रैंप के माध्यम से वाहन चालक फ्लाई ओवर के ऊपर चढ़कर जालंधर की तरफ जा सकेंगे। जोन इंचार्ज इंस्पेक्टर दविंदर कौर ने बताया कि इस संबंधी जगह-जगह बोर्ड भी लगा दिए गए है। वाहन चालक डायवर्शन प्लान के अनुसार ही आगे जाएं।

MP में MSP पर खरीदी की तैयारी तेज, ज्वार-बाजरा और धान के लिए 8,77,947 से ज्यादा किसानों ने कराया रजिस्ट्रेशन

समर्थन मूल्य पर ज्वार, बाजरा एवं धान उपार्जन के लिये 8 लाख 77 हजार 947 से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन : मंत्री राजपूत भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन के लिये कुल 8 लाख 76 हजार 7 किसानों ने पंजीयन कराया है। इसमें से धान के लिये 8 लाख 68 हजार 214, ज्वार के लिये 2 हजार 39 और बाजरे के लिये 7 हजार 694 किसानों ने पंजीयन कराया है। प्रदेश में 1100 से अधिक पंजीयन केन्द्र बनाये गये थे। जबलपुर संभाग में 4 लाख 7 हजार 926, नर्मदापुरम में 35 हजार 394, भोपाल में 27 हजार 920, रीवा में 2 लाख 53 हजार 979, शहडोल में 73 हजार 944, सागर संभाग में 66 हजार 142, ग्वालियर में 1599, चंबल में 821, उज्जैन में 779 और इंदौर संभाग में 46 किसानों ने पंजीयन कराया है। इस बार किसानों की एग्री स्टेक आईडी, जिसमें किसानों के सभी खसरे रहते है, के माध्यम से पंजीयन कराया गया था।

सेवा की कहानी: हाउसिंग बोर्ड के कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में भैरव कुमार संतवानी को मिला कारोबार बढ़ाने का नया अवसर

सेवा संकल्प अभियान सेवा की कहानी: हाउसिंग बोर्ड के कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में भैरव कुमार संतवानी को मिला कारोबार बढ़ाने का नया अवसर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आवास के साथ व्यावसायिक अधोसंरचना के विकास को मिल रही गति वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में व्यापारियों को बेहतर लोकेशन और गुणवत्तापूर्ण व्यावसायिक परिसर उपलब्ध कराने की पहल बेहतरीन प्लानिंग, शानदार निर्माण गुणवत्ता और व्यापार के अनुकूल वातावरण से प्रभावित हितग्राही ने जताई संतुष्टि रायपुर,   किसी भी व्यापारी के लिए अपने व्यवसाय को स्थापित करने और आगे बढ़ाने में सही स्थान का चयन बेहद महत्वपूर्ण होता है। अच्छी लोकेशन, गुणवत्तापूर्ण निर्माण और व्यापार के अनुकूल सुविधाएं न केवल कारोबार को बेहतर बनाने में सहायक होती हैं, बल्कि भविष्य में व्यवसाय के विस्तार की संभावनाओं को भी मजबूत करती हैं। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की व्यावसायिक परियोजनाएं व्यापारियों को ऐसे ही अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। हाउसिंग बोर्ड के कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में दुकान लेने वाले भैरव कुमार संतवानी की कहानी भी इसी विश्वास, संतुष्टि और बेहतर व्यावसायिक भविष्य की उम्मीद को सामने लाती है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा आवासीय सुविधाओं के विस्तार के साथ व्यावसायिक अधोसंरचना के विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है। वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा बेहतर लोकेशन, सुव्यवस्थित प्लानिंग और गुणवत्तापूर्ण निर्माण के साथ व्यावसायिक परिसरों को विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य व्यापारियों को कारोबार स्थापित करने के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध कराना और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना है। बेहतर लोकेशन और निर्माण गुणवत्ता ने जीता व्यापारी का भरोसा हाउसिंग बोर्ड के कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में दुकान लेने वाले भैरव कुमार संतवानी बताते हैं कि इस परियोजना की लोकेशन और निर्माण गुणवत्ता ने उन्हें विशेष रूप से प्रभावित किया है। व्यवसाय के लिए सुविधाजनक स्थान की तलाश में उन्हें हाउसिंग बोर्ड का यह व्यावसायिक परिसर एक बेहतर विकल्प के रूप में मिला। संतवानी कहते हैं, “मैंने छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के इस कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में अपनी दुकान ली है और मैं यहां की सुविधाओं, निर्माण गुणवत्ता और बेहतरीन लोकेशन से बेहद संतुष्ट हूं। इस प्राइम लोकेशन पर हाउसिंग बोर्ड द्वारा इतना शानदार कमर्शियल प्रोजेक्ट विकसित किया जाना हम जैसे व्यापारियों के लिए बहुत ही लाभदायक और सराहनीय पहल है।” उनका मानना है कि व्यापार के लिए अच्छी लोकेशन पर सुव्यवस्थित परिसर उपलब्ध होना व्यवसायियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। इससे कारोबार के संचालन में सुविधा मिलने के साथ भविष्य में व्यापारिक गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं भी बढ़ती हैं। बेहतरीन प्लानिंग और व्यापार के अनुकूल वातावरण बनी परियोजना की खासियत भैरव कुमार संतवानी के अनुसार इस कमर्शियल कॉम्प्लेक्स की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सोच-समझकर की गई प्लानिंग है। व्यावसायिक गतिविधियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित परिसर, निर्माण की गुणवत्ता और उपलब्ध सुविधाएं इसे व्यापारियों के लिए उपयोगी बनाती हैं। वे कहते हैं, “इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात इसकी बेहतरीन प्लानिंग, शानदार निर्माण गुणवत्ता और व्यापार के लिए अनुकूल वातावरण है। मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले समय में यह कॉम्प्लेक्स व्यापार और व्यवसाय के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।” संतवानी को उम्मीद है कि इस परिसर में आने वाले समय में व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी और यहां व्यवसाय करने वाले व्यापारियों को इसका लाभ मिलेगा। उनके अनुसार सुव्यवस्थित व्यावसायिक परिसर न केवल कारोबार के संचालन को सुविधाजनक बनाते हैं, बल्कि ग्राहकों के लिए भी बेहतर वातावरण उपलब्ध कराते हैं। व्यापारियों के लिए नए अवसरों का आधार बन रही व्यावसायिक परियोजनाएं छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा आवासीय परियोजनाओं के साथ व्यावसायिक परिसरों के विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इन परियोजनाओं के माध्यम से व्यापारियों को सुव्यवस्थित दुकानों और व्यावसायिक स्थानों के विकल्प उपलब्ध हो रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में व्यावसायिक अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के प्रयास स्थानीय व्यापार, स्वरोजगार और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। बेहतर स्थानों पर विकसित व्यावसायिक परिसर छोटे और मध्यम व्यापारियों को अपने कारोबार के लिए स्थायी स्थान उपलब्ध कराने में सहायक हो सकते हैं। “व्यापारियों को बेहतर स्थान पर कारोबार का अवसर देने के लिए सरकार और हाउसिंग बोर्ड का आभार” भैरव कुमार संतवानी ने छत्तीसगढ़ सरकार और हाउसिंग बोर्ड के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, “मैं समस्त व्यापारी वर्ग की ओर से छत्तीसगढ़ सरकार एवं छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड का हृदय से धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने हम व्यापारियों को एक बेहतर स्थान पर अपना व्यवसाय स्थापित करने का इतना अच्छा अवसर प्रदान किया है।” संतवानी की यह कहानी बताती है कि सुव्यवस्थित व्यावसायिक अधोसंरचना का विकास व्यापारियों की जरूरतों को पूरा करने के साथ उनके भविष्य की योजनाओं को भी नई दिशा दे सकता है। उनके लिए हाउसिंग बोर्ड का कमर्शियल कॉम्प्लेक्स केवल एक दुकान का स्थान नहीं, बल्कि अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने, नए अवसरों का लाभ उठाने और बेहतर भविष्य की उम्मीदों को साकार करने का माध्यम है। बेहतर लोकेशन, गुणवत्तापूर्ण निर्माण और सुविधाजनक व्यावसायिक वातावरण से मिली संतवानी की संतुष्टि हाउसिंग बोर्ड की व्यावसायिक परियोजनाओं के प्रति हितग्राहियों के भरोसे को सामने लाती है।

CG में धान खरीदी से पहले बारदाने की व्यवस्था तेज, पीडीएस और राइस मिलरों से मदद ले रहा मार्कफेड

राजनांदगांव. समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियों के बीच बारदानों की व्यवस्था को लेकर कवायद तेज हो गई है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक से संबद्ध 96 सहकारी समितियों में धान खरीदी के लिए मार्कफेड द्वारा बारदानों की व्यवस्था की जा रही है। खरीदी के दौरान पर्याप्त बारदाने उपलब्ध रहें, इसके लिए पुराने बारदानों के उपयोग के साथ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) और राइस मिलरों से बारदाने जुटाने की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा नए बारदानों की व्यवस्था भी की जा रही है। उस पर भी विभाग द्वारा ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों की माने तो दशहरा पर्व के बाद समितियों में बारदानों की व्यवस्था की जाएगी, जिसकी तैयारी की जा रही है। धान खरीदी के दौरान बारदानों की उपलब्धता महत्वपूर्ण होती है। खरीदी केंद्रों में किसानों से बड़ी मात्रा में धान की आवक होती है, जिसके लिए लगातार बारदानों की जरूरत पड़ती है। ऐसे में विभाग के सामने सभी 96 समितियों में जरूरत के अनुसार बारदाने उपलब्ध कराने की चुनौती रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए मार्कफेड द्वारा अलग-अलग स्रोतों से बारदानों की व्यवस्था की जा रही है। अधिकारियों की माने तो इस पर कार्य शुरू कर दिया गया है। पीडीएस और मिलरों से भी जुटाए जाएंगे बारदानें बारदानों की जरूरत पूरी करने के लिए पीडीएस दुकानों से खाली होने वाले बारदानों और राइस मिलरों से मिलने वाले बारदानों का उपयोग करने की तैयारी है। इसके साथ ही नए बारदानों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी। पुराने बारदानों में से उपयोग योग्य बारदानों को खरीदी कार्य में लगाया जा सकता है। हालांकि, कटे-फटे बारदानों की स्थिति और उनके उपयोग की पात्रता के अनुसार ही उनका इस्तेमाल किया जाना जरूरी होगा। पूर्व वर्षों की तरह इस बार भी कटे-फटे बारदाने परेशानी पैदा कर सकते हैं। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक से संबद्ध 96 समितियों के माध्यम से धान खरीदी की व्यवस्था को ध्यान में रख बारदानों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। खरीदी के बाद किसी केंद्र में बारदानों की कमी के कारण काम प्रभावित न हो, इसके लिए पहले से इंतजाम किए जा रहे हैं। अब सभी समितियों में तैयारी भी शुरू कर दी गई है। चबूतरे में भी भूसी से भरे बारदानों की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। मार्कफेड के प्रमुख बघेल का कहना है कि दशहरा पर्व के बाद समितियों में बारदानों की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी जिसकी तैयारी की जा रही है।