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यमुना जल परियोजना को मिली रफ्तार, राजस्थान में पाइपलाइन से पानी सप्लाई का फॉर्मूला तय

जयपुर राजस्थान में पानी के पुराने और पेचीदा विवाद अब सुलझने के नए दौर में प्रवेश कर चुके हैं। मध्य प्रदेश के साथ पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ERCP) का विवाद सुलझाने के ठीक बाद, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अब पड़ोसी राज्य हरियाणा के साथ दोस्ती का नया हाथ बढ़ाया है। मंगलवार को देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित एक उच्चस्तरीय अंतर्राज्यीय बैठक में शेखावाटी अंचल को यमुना का पानी देने के ऐतिहासिक फॉर्मूले पर सहमति बन गई है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मौजूदगी में हुई इस त्रिपक्षीय बैठक में 'यमुना जल परियोजना' को लेकर दोनों राज्यों के बीच लंबी और निर्णायक चर्चा हुई। तैयार हुआ 'पाइपलाइन फॉर्मूला', केंद्रीय जल आयोग पहुंची DPR इस बैठक का मुख्य फोकस यमुना नदी के पानी को राजस्थान के चूरू, सीकर और झुंझुनूं (शेखावाटी क्षेत्र) तक पहुंचाने के लिए तैयार किए जा रहे 'मेमोरेन्डम ऑफ एग्रीमेंट' के विधिक और तकनीकी पहलुओं को अंतिम रूप देना था। तकनीकी विकास को लेकर सबसे बड़ी खबर यह है कि राजस्थान तक पानी लाने के लिए अंडरग्राउंड पाइपलाइन बिछाने की संयुक्त विस्तृत परियोजना रिपोर्ट पूरी तरह तैयार कर ली गई है। दोनों राज्यों के जल संसाधन विभागों ने इसे आपसी सहमति के बाद केंद्रीय जल आयोग को अंतिम विधिक स्वीकृति के लिए सौंप दिया है। 'खत्म हो रहा है पानी पर लड़ने का दौर'- सीएम भजनलाल बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस मुलाकात को राज्य के सुनहरे भविष्य के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा- देश में अब राज्यों के बीच पानी को लेकर चलने वाले पुराने विवादों का दौर खत्म हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में सभी राज्य अब विवाद नहीं, बल्कि समाधान की राह पर बढ़ रहे हैं। उन्होंने ERCP का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे एमपी और राजस्थान ने मिलकर राह निकाली, वैसे ही अब हरियाणा और राजस्थान मिलकर समाधान की ओर बढ़ चुके हैं। बहुत जल्द ही प्रधानमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में दोनों राज्यों के बीच अंतिम समझौता पत्र पर हस्ताक्षर कर दिए जाएंगे। शेखावाटी के अन्नदाता और जनता को मिलेगा भरपूर पानी यह परियोजना शेखावाटी के लिए 'लाइफलाइन' साबित होने वाली है। इस फॉर्मूले के तहत न केवल आम जनता को पीने का मीठा पानी मिलेगा, बल्कि क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए भी पर्याप्त जल उपलब्ध होगा। बुनियादी ढांचे के विकास के लिए वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृतियों की प्रक्रिया भी समानांतर रूप से चलाई जा रही है ताकि MoU होते ही धरातल पर काम शुरू किया जा सके। सीएम ने साफ किया कि 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को पूरा करने के लिए सुदृढ़ जल प्रबंधन बेहद आवश्यक है।

हालैंड का जलवा और ‘वाइकिंग रो’ का जश्न—नॉर्वे की जीत बना स्टेडियम का यादगार नजारा

नई दिल्ली  नॉर्वे ने सोमवार को न्यू जर्सी में सेनेगल को 3-2 से हराकर फीफा वर्ल्ड कप 2026 के नॉकआउट चरण में अपनी जगह पक्की कर ली। जीत के बाद खिलाड़ियों ने कप्तान मार्टिन ओडेगार्ड के नेतृत्व में समर्थकों के साथ पारंपरिक "वाइकिंग रो" के जरिए जश्न मनाया। वाइकिंग रो वर्ल्ड कप के दौरान नॉर्वे के प्रशंसकों के बीच एक लोकप्रिय परंपरा बन गई है। इसमें समर्थक वाइकिंग्स की लंबी नाव जैसी आकृति में बैठते हैं और ढोल की ताल पर चप्पू चलाने जैसी गतिविधि करते हैं। इसकी तुलना अक्सर आइसलैंड के प्रसिद्ध "वाइकिंग क्लैप" से की जाती है। खिलाड़ी और कोचिंग स्टाफ ने साथ मनाया जश्न नॉर्वे के समर्थक अपने दोनों वर्ल्ड कप मुकाबलों के दौरान और मेजबान शहरों बोस्टन और न्यूयॉर्क सिटी में इस नारे और उत्सव का प्रदर्शन कर चुके हैं। सोमवार की जीत के बाद खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ ने भी प्रशंसकों के साथ इस जश्न में भाग लिया मैच में शानदार प्रदर्शन करने वाले एरलिंग हालैंड ने कहा कि अगर नॉर्वे जीत हासिल करता है तो वह इस उत्सव को मनाने के लिए उत्सुक थे। हालैंड ने फॉक्स स्पोर्ट्स से कहा, 'मैंने इसे इंटरनेट पर देखा था यह पूरी तरह वायरल हो चुका है। मैच से पहले मार्टिन ओडेगार्ड ने मुझसे पूछा, क्या तुम्हें लगता है कि हमें भी इसमें शामिल होना चाहिए?' मैंने कहा, 'अगर हम जीतते हैं, तो जरूर करेंगे।' क्या होता है वाइकिंग रो? कहा जाता है कि वाइकिंग रो एकता शक्ति और टीमवर्क का प्रतीक है। यह परंपरा युद्ध से पहले एक साथ चप्पू चलाने वाले वाइकिंग योद्धाओं की छवि से प्रेरित है। राष्ट्रीय टीम के प्रति समर्थन दिखाने के लिए प्रशंसक एक साथ तालमेल में यह गतिविधि करते हैं। फुटबॉल कै मैदान पर भी खिलाड़ी एकता के साथ खेलते हैं। इसीलिए खेल में भी इस सेलिब्रेशन का खास महत्व है। कैसा रह मैच का हाल इसके साथ ही बात की जाए मैच की तो नॉर्वे ने 43वें मिनट में मार्कस होल्मग्रेन पेडरसन के गोल की बदौलत बढ़त हासिल की। इसके बाद एरलिंग हालैंड ने 48वें और 58वें मिनट में गोल दागकर विपक्षी खेमे पर दबाव बना दिया। इस परिणाम के साथ नॉर्वे ने ग्रुप I में कम से कम दूसरा स्थान सुनिश्चित कर लिया है। शुक्रवार को मैसाचुसेट्स के फॉक्सबोरो में फ्रांस के खिलाफ होने वाला उनका अंतिम ग्रुप-स्टेज मुकाबला यह तय करेगा कि ग्रुप में शीर्ष स्थान किस टीम के पास जाएगा।

लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने की मांग, जबलपुर एयरपोर्ट को मिले मां रानी दुर्गावती का नाम

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह ने मंगलवार को मंत्रालय में सौजन्य भेंट की। इस दौरान मंत्री  सिंह ने जबलपुर एयरपोर्ट का नामकरण वीरांगना मां रानी दुर्गावती के नाम पर किए जाने का अनुरोध किया।  सिंह ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को एक पत्र सौंपते हुए कहा कि वीरांगना रानी दुर्गावती भारतीय इतिहास की गौरवशाली वीरांगनाओं में से एक हैं। उन्होंने अपने साहस, पराक्रम और बलिदान से देश और समाज के लिए अमूल्य योगदान दिया है। विशेष रूप से महाकौशल क्षेत्र और जबलपुर से उनका ऐतिहासिक संबंध रहा है, जिसके कारण उनके नाम पर एयरपोर्ट का नामकरण क्षेत्र की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा। लोक निर्माण मंत्री ने मुख्यमंत्री से इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जबलपुर एयरपोर्ट को मां रानी दुर्गावती के नाम से जोड़ना उनकी वीरता और बलिदान को सम्मान देने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को इतिहास से प्रेरणा लेने का अवसर भी प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्री  सिंह द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव पर विचार करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक महापुरुषों के सम्मान से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा हुई।

सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान को सफल बनाने प्रशासन जुटा, मुख्य सचिव ने जानी तैयारियों की स्थिति

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन की महत्वकांक्षी सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान शीघ्र ही प्रारंभ होगा। अभियान के तहत शासन की 31 जनकल्याणकारी योजनाओं का फायदा प्रत्येक पात्र परिवारों को पहुंचाया जाएगा। यह अभियान रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, और सरगुजा संभाग के 23 जिलों में प्रारंभ किया जाएगा। मुख्य सचिव  विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में इस संबंध में अधिकारियों से की जा रही व्यापक तैयारियों के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। उल्लेखनीय है सुघ्घर छत्तीसगढ़ योजना छत्तीसगढ़ शासन की नई पहल है। जिससे शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का फायदा  सभी पात्र परिवारों को दिया जाएगा।  योजना के फायदें से कोई वंचित न रहें इसके लिए व्यापक कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है। सुघ्घर छत्तीसगढ़ के तहत अधिकारियों ने प्रस्तुतिकरण के जरिये विस्तार से जानकारी दी। बैठक में आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव  अंकित आनंद, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव  भीम सिंह सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।

छात्रों की सुरक्षा पर प्रशासन का एक्शन: जयपुर में कोचिंग सेंटरों की फायर सेफ्टी जांच तेज

जयपुर लखनऊ के कोचिंग संस्थान में लगी भीषण आग में 15 लोगों की मौत के बाद जयपुर प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। शहर में हजारों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग संस्थानों पर निर्भर हैं। ऐसे में किसी भी तरह की सुरक्षा चूक को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़े पैमाने पर जांच अभियान शुरू किया है। मंगलवार को नगर निगम और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीमों ने शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों में फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं की पड़ताल की, जिसमें कई गंभीर खामियां सामने आईं। 13 कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई फायर सेफ्टी मानकों का पालन नहीं करने और आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाओं में कमी पाए जाने पर नगर निगम ने अब तक 13 कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया है। इनमें रिद्धि सिद्धि क्षेत्र, गोपालपुरा बाइपास, त्रिवेणी चौराहा और गोपालपुरा चौराहे के आसपास संचालित कई संस्थान शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि जहां भी छात्रों की सुरक्षा से समझौता होता दिखाई देगा, वहां बिना किसी रियायत के कार्रवाई की जाएगी। 24 से ज्यादा संस्थानों को नोटिस जांच के दौरान कई ऐसे कोचिंग सेंटर भी मिले जहां सुरक्षा व्यवस्था अधूरी या नियमों के अनुरूप नहीं पाई गई। ऐसे 24 से अधिक संस्थानों को नोटिस जारी कर निर्धारित समय में कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नोटिस के बावजूद सुधार नहीं होने पर इन संस्थानों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे फायर सिस्टम और इमरजेंसी एग्जिट पर खास नजर निरीक्षण के दौरान अधिकारी यह जांच रहे हैं कि भवनों में लगे फायर फाइटिंग सिस्टम काम कर रहे हैं या नहीं। अग्निशमन यंत्रों की वैधता, आपातकालीन निकास मार्गों की उपलब्धता, भवन की संरचना और किसी दुर्घटना की स्थिति में छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने की व्यवस्था की भी बारीकी से जांच की जा रही है। साथ ही संस्थानों से फायर एनओसी से जुड़े दस्तावेज भी मांगे गए हैं। कोचिंग हब होने के कारण बढ़ी जिम्मेदारी जयपुर प्रदेश का प्रमुख कोचिंग केंद्र माना जाता है। यहां हर साल हजारों छात्र मेडिकल, इंजीनियरिंग, प्रशासनिक और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं। ऐसे में किसी भी दुर्घटना का असर केवल एक संस्थान तक सीमित नहीं रहता, बल्कि सैकड़ों परिवारों की उम्मीदों पर भी पड़ता है। यही वजह है कि प्रशासन इस बार किसी भी तरह की लापरवाही को नजरअंदाज करने के मूड में नहीं है। 35 से ज्यादा संस्थानों का हो चुका निरीक्षण नगर निगम और पुलिस प्रशासन की टीमें अब तक 35 से अधिक कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण कर चुकी हैं। गोपालपुरा बाइपास, रामगढ़ मोड़, मानसरोवर, मालवीय नगर और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज किया जाएगा। जारी रहेगा अभियान प्रशासन का कहना है कि यह केवल शुरुआती कार्रवाई है। आगामी दिनों में शहर के अन्य कोचिंग सेंटरों, शैक्षणिक संस्थानों और भीड़भाड़ वाले भवनों की भी जांच की जाएगी। लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी आपात स्थिति में छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा से समझौता न हो। लखनऊ की दर्दनाक घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या हमारे शैक्षणिक संस्थान आपदा से निपटने के लिए तैयार हैं। जयपुर में चल रही यह कार्रवाई उसी सवाल का जवाब तलाशने की कोशिश है, ताकि किसी हादसे के बाद पछताने की नौबत न आए।

15 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर संपन्‍न

भोपाल बदलते अपराध स्वरूपों और आधुनिक चुनौतियों के अनुरूप पुलिस बल को अधिक सक्षम, तकनीकी रूप से दक्ष एवं जनोन्मुख बनाने के उद्देश्य से शासकीय रेल पुलिस (जीआरपी) द्वारा आयोजित 15 दिवसीय विशेष पुलिस प्रशिक्षण (Smart Policing Training) शिविर का समापन विशेष पुलिस महानिदेशक दूरसंचार  संजीव कुमार शमी तथा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रेल, भोपाल  राजाबाबू सिंह के मुख्य आतिथ्‍य में पी.टी.आर.आई. प्रशिक्षण केंद्र, भोपाल में सम्पन्न हुआ। 08 जून से 22 जून तक आयोजित इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में जीआरपी भोपाल, इंदौर एवं जबलपुर इकाइयों के आरक्षक से निरीक्षक स्तर तक के कुल 30 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सहभागिता कर प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस बल को आधुनिक अधिक 'स्मार्ट', तकनीकी रूप से सक्षम, और संवेदनशील बनाना था। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को साइबर अपराधों की जांच एवं रोकथाम, फॉरेंसिक विज्ञान, मानवाधिकार संरक्षण, तनाव प्रबंधन तथा नागरिकों के साथ बेहतर संवाद एवं जनसंपर्क स्थापित करने संबंधी विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। पुलिस अधीक्षक रेल भोपाल  अंकित जायसवाल ने सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।  

परीक्षा देने वालों को बड़ी राहत: 23 और 24 जून को दौड़ेंगी 13 विशेष ट्रेनें

 पटना बिहार में पुलिस भर्ती परीक्षा में शामिल होने वाले लाखों अभ्यर्थियों के सफर को आसान और सुरक्षित बनाने के लिए पूर्व मध्य रेलवे ने एक बड़ा फैसला लिया है। परीक्षार्थियों की भारी भीड़ और सहूलियत को ध्यान में रखते हुए दानापुर मंडल द्वारा 23 और 24 जून को कुल 13 विशेष ट्रेनों का परिचालन करने का निर्णय लिया गया है। आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, इन परीक्षा स्पेशल ट्रेनों का संचालन मुख्य रूप से पटना जंक्शन, पाटलिपुत्र और दानापुर समेत मंडल के अन्य महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों से किया जाएगा। रेलवे प्रशासन की इस मुस्तैदी से दूर-दराज के परीक्षा केंद्रों पर जाने वाले छात्रों को बसों में होने वाली भारी धक्का-मुक्की और सीटों की किल्लत से बड़ी राहत मिलेगी। 23 जून को पटरी पर उतरेंगी छह विशेष ट्रेनें परीक्षा स्पेशल ट्रेनों के पहले चरण में 23 जून को कुल छह विशेष गाड़ियां चलाई जा रही हैं, जो अभ्यर्थियों को उनके परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाएंगी। टाइम टेबल के मुताबिक, पहली ट्रेन पाटलिपुत्र जंक्शन से रात 8 बजे खुलकर सुबह 5 बजे सहरसा पहुंचेगी। वहीं, पटना जंक्शन से रात 8:50 बजे भभुआ के लिए और रात 9 बजे बेतिया के लिए विशेष ट्रेनें रवाना होंगी। इसके अतिरिक्त, पाटलिपुत्र जंक्शन से रात 9:45 बजे पूर्णिया के लिए, दानापुर स्टेशन से रात 10 बजे अररिया के लिए और पटना जंक्शन से ही रात 11 बजे सीवान के लिए आखिरी स्पेशल ट्रेन खुलेगी। यह सभी ट्रेनें देर रात सफर तय कर सुबह तड़के ही अभ्यर्थियों को उनके गंतव्य स्टेशन पर पहुंचा देंगी। 24 जून को चलेंगी सात और परीक्षा स्पेशल गाड़ियां ट्रेन परिचालन के दूसरे दिन यानी 24 जून को परीक्षार्थियों की वापसी और सहूलियत के लिए सात और विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी। रिपोर्ट के अनुसार, 24 जून को बख्तियारपुर से सुबह 7 बजे राजगीर के लिए पहली ट्रेन खुलेगी। इसके बाद किउल से दोपहर 12:30 बजे गया के लिए, राजगीर से दोपहर 1 बजे बख्तियारपुर के लिए और नवादा से दोपहर 1 बजे झाझा के लिए ट्रेनें चलेंगी। दोपहर बाद बक्सर से दोपहर 1:30 बजे दानापुर के लिए विशेष गाड़ी रवाना होगी। शाम के वक्त झाझा से शाम 5 बजे पटना जंक्शन के लिए और गया से शाम 5:30 बजे किउल के लिए अंतिम ट्रेनें चलाई जाएंगी, जिससे परीक्षा देकर लौट रहे युवाओं का सफर बेहद सुगम और सुरक्षित हो जाएगा।

RPSC to get a new chairman soon: Four names under consideration, preparations for a major decision intensify

जयपुर राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) को जल्द नया अध्यक्ष (New Chairman) मिल सकता है. पूर्व अध्यक्ष यूआर साहू का कार्यकाल 19 जून को पूरा होने के बाद से आयोग का अध्यक्ष पद खाली है. ऐसे में राज्य सरकार ने नए अध्यक्ष की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज कर दी है. सूत्रों के मुताबिक, अध्यक्ष पद के लिए चार वरिष्ठ अधिकारियों के नामों पर गंभीरता से मंथन चल रहा है. इनमें दो वर्तमान में कार्यरत और दो सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारियों के नाम शामिल बताए जा रहे हैं. हालांकि सरकार की ओर से अभी तक किसी नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. फिलहाल आयोग के वरिष्ठ सदस्य लेफ्टिनेंट कर्नल केसरी सिंह राठौड़ को कार्यवाहक अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है ताकि आयोग की नियमित प्रशासनिक और भर्ती संबंधी गतिविधियां प्रभावित न हों. लेकिन सरकार स्थायी अध्यक्ष की नियुक्ति जल्द करना चाहती है. सरकार क्यों जल्द करेगी अध्यक्ष पर फैसला इस नियुक्ति को लेकर सरकार की जल्दबाजी की बड़ी वजह आगामी भर्ती परीक्षाएं हैं. आने वाले समय में आरएएस भर्ती-2026 समेत कई महत्वपूर्ण भर्तियों की प्रक्रिया शुरू होनी है. इसके अलावा विभिन्न विभागों में लंबित और प्रस्तावित भर्तियों को भी समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाना है. ऐसे में आयोग में नियमित अध्यक्ष का होना जरूरी माना जा रहा है. कैसे अध्यक्ष की हो रही तलाश बताया जा रहा है कि सरकार ऐसे अधिकारी कि तलाश में है, जिसके पास लंबा प्रशासनिक अनुभव हो और जो भर्ती प्रक्रिया की जटिलताओं को समझते हुए आयोग की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बना सके. पिछले कुछ वर्षों में भर्ती परीक्षाओं और पेपर लीक जैसे मामलों के कारण आयोग लगातार चर्चा में रहा है. ऐसे में नए अध्यक्ष के सामने आयोग की विश्वसनीयता को और मजबूत करने की चुनौती भी होगी. सीएम लगाएंगे अंतिम मुहर अध्यक्ष पद को लेकर दिल्ली से जयपुर तक लॉबिंग भी तेज हो गई है. प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर कई नामों को लेकर चर्चा चल रही है. लेकिन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ऐसे अधिकारी के नाम पर अंतिम मुहर लगाना चाहते हैं, जिसकी प्रशासनिक छवि बेदाग रही हो और जिसे भर्ती प्रक्रिया तथा सुशासन का व्यापक अनुभव हो. सरकार ऐसे चेहरे की तलाश में है, जिसकी नियुक्ति से आयोग की विश्वसनीयता और पारदर्शिता को लेकर सकारात्मक संदेश जाए. राजस्थान लोक सेवा आयोग राज्य की सबसे बड़ी भर्ती एजेंसी है. आयोग के माध्यम से आरएएस, राजस्थान प्रशासनिक सेवाओं, शिक्षा, तकनीकी सेवाओं और विभिन्न विभागों की भर्ती परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं. लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य आयोग की कार्यप्रणाली और समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया पर निर्भर करता है. संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, राजस्थान लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल करते हैं. अध्यक्ष का कार्यकाल छह वर्ष या 62 वर्ष की आयु, जो भी पहले हो, तक होता है.

8 हत्याओं के मामले में चौंकाने वाला खुलासा, शराब में जहर मिलाकर लोगों को बनाया शिकार

बलौदाबाजार. छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के कसडोल अंतर्गत खर्वे गांव में 8 लोगों की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। गांव के ही एक साइको किलर ने पुरानी रंजिश, अंधविश्वास, गाली-गलौज और कर्ज से मुक्ति पाने के लिए 8 लोगों को शराब में सुहागा देकर मार डाला, जबकि एक व्यक्ति जिंदगी और मौत की जंग जीतकर बच गया। पुलिस ने आरोपी राम सहाय जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया है। ग्रामीणों की शिकायत पर खोदे गए कब्र पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश शर्मा ने खुलासा करते हुए बताया कि 6 जून को ग्राम खर्वे के ग्रामीणों ने एसडीओपी कसडोल को आवेदन देकर फरवरी से 14 मई के बीच गांव में हुई 8 संदिग्ध मौतों की जांच की मांग की। ग्रामीणों ने राम सहाय जायसवाल पर शक जताया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की। कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में 7 मृतकों के शवों को कब्र से बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए मेकाहारा रायपुर भेजा गया। रायपुर के मेडिकोलिगल संस्थान में डॉक्टरों की विशेष टीम ने पोस्टमार्टम किया और डीएनए, विसरा व अन्य सैंपल प्रिजर्व किए। एक मृतक बुधराम जायसवाल का परिजनों द्वारा पहले ही दाह संस्कार किया जा चुका था। कुत्ते पर किया था जहर का ‘सफल परीक्षण’ पुलिस पूछताछ में आरोपी राम सहाय ने कबूल किया कि उसने गांव के ही एक व्यक्ति से चूहा मारने की दवा के नाम पर ‘सुहागा’ लिया था। उसने सबसे पहले इस जहर का ट्रायल एक आवारा कुत्ते पर किया। कुत्ते की मौत के बाद उसने एक-एक कर इंसानों को अपना निशाना बनाना शुरू किया। सिलसिलेवार हत्याओं का खौफनाक पैटर्न 6 फरवरी को उसने पहला शिकार बद्री को बनाया, जो अक्सर उसके साथ गाली-गलौज और शराब पिलाने के लिए परेशान करता था। 20 फरवरी को उसने दूसरा शिकार बुठालु को बनाया गया। बुठालु द्वारा समाज को गाली देने और पूर्व विधान सभा चुनाव के समय हुए विवाद के कारण उसे शराब में सुहागा मिलाकर पिला दिया, जिससे बद्री की मौत हो गई। 12 मार्च को उसने तीसरा निशाना छत्तु राम को बनाया, जो उसकी पत्नि के उपर बुरी नियत रखता था। 20 मार्च को चौंथा निशाना उसने बुधराम को बनाया, जमीन लेन देन और समाजिक रूप से रंजीश को लेकर उसे भी ठीक उसी पैटर्न में शराब में सुहागा मिलाकर पिला दिया। 31 मार्च को उसने पांचवां निशाना विनोद कुमार को बनाया गया, जो उसके साथ लगातार गाली-गलौज किया करता था। 28 अप्रैल को उसने छठा निशाना गजानंद को बनाया। आरोपी को उसपर शक था कि वह उसपर बैगा गुनिया करता है, जिसके कारण वो कर्ज मुक्त नहीं हो पा रहा है और जीवन में सुख शांति नहीं आ पा रहा है। 29 अप्रैल को इसने सातवां निशाना चैतूराम को बनाया। आरोपी ने चैतूराम से 50,000 कर्ज लिया गया था, जिसके ब्याज देने से निजात पाने के लिए उसने उसे शराब में सुहागा मिलाकर मार डाला। 14 मई को आठवां निशाना उसने महेतरू राम को बनाया। 2023 में चुनाव के समय हुए पुराने विवाद, मारपीट और बीच बीच में ताने मारने से नाराज होकर उसने उसे शराब में सुहागा मिलाकर मार डाला। आरोपी ने 14 अप्रैल 2026 को कार्तिक नाम के ग्रामीण को भी जहर वाली शराब दी थी, लेकिन समय पर इलाज मिलने के कारण उसकी जान बच गई। मृतकों के कफन-दफन में शामिल होता था आरोपी हैरानी की बात ये है कि किसी को शक न हो इसलिए आरोपी खुद मृतकों को अस्पताल ले जाता और उनके कफन-दफन में शामिल होता था। पुलिस टीम की बड़ी सफलता इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने के लिए आईजी रायपुर अमरेश मिश्रा (IPS) लगातार दिशा-निर्देश दे रहे थे। पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के निर्देश, एएसपी अभिषेक सिंह के मार्गदर्शन और एसडीओपी कसडोल कौशल किशोर वासनिक के नेतृत्व में निरीक्षक प्रवीण मिंज और सायबर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रणाली वैद्य की टीम ने सूझबूझ, धैर्य और तकनीकी साक्ष्यों का इस्तेमाल कर आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचाया। आरोपी के खिलाफ 8 हत्या और 1 हत्या के प्रयास सहित कुल 9 आपराधिक मामले दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।

नवा रायपुर में 2036 पौधों का रोपण: ओलंपिक मेजबानी के समर्थन में अनूठी पहल

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के अवसर पर नवा रायपुर के ग्राम पलोद में छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ द्वारा आयोजित वृक्षारोपण एवं खिलाड़ी सम्मान समारोह में शामिल होकर रुद्राक्ष का पौधा रोपित किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं खेल प्रेमियों को अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए खेल और पर्यावरण संरक्षण को राष्ट्र निर्माण के दो महत्वपूर्ण आधार बताया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि भारत ने वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी का दावा प्रस्तुत किया है। इसी राष्ट्रीय संकल्प और आकांक्षा को प्रतीकात्मक रूप से अभिव्यक्त करने के लिए कार्यक्रम में 2036 पौधों का रोपण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल वृक्षारोपण अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ, हरित और सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य में खेलों के लिए बेहतर वातावरण और आधुनिक अधोसंरचना विकसित की जा रही है ताकि युवा अपनी प्रतिभा का पूरा प्रदर्शन कर सकें। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स की सफल मेजबानी का गौरव प्राप्त हुआ है। वहीं बस्तर ओलंपिक जैसे अभिनव आयोजन ने दूरस्थ अंचलों की खेल प्रतिभाओं को नई पहचान दी है। इस वर्ष बस्तर ओलंपिक में लाखों युवाओं ने भाग लेकर अपनी क्षमता का परिचय दिया है, जो प्रदेश में खेलों के प्रति बढ़ते उत्साह का प्रमाण है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए खेल क्षेत्र में विशेष बजट प्रावधान कर रही है। साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानजनक प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की व्यवस्था की गई है, ताकि वे अधिक आत्मविश्वास और ऊर्जा के साथ देश एवं प्रदेश का नाम रोशन कर सकें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न खेल विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों तथा वन विभाग के खिलाड़ियों को सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए नई पहल कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में खेलो इंडिया जैसी योजनाओं ने देश में खेल संस्कृति को नई पहचान दी है। वन मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि प्रदेश के युवाओं में अपार प्रतिभा है और सरकार उन्हें आगे बढ़ाने के लिए हर संभव अवसर उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक की सफलता के बाद अब सरगुजा ओलंपिक का आयोजन भी युवाओं को नई दिशा प्रदान कर रहा है। उन्होंने "एक पेड़ मां के नाम" अभियान का उल्लेख करते हुए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में कौशल विकास मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव डॉ. विक्रम सिंह सिसोदिया, प्रधान मुख्य वन संरक्षक  अरुण कुमार पाण्डेय, बीएसएफ के आईजी  संजय पंत सहित अनेक जनप्रतिनिधि, खिलाड़ी, प्रशिक्षक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।