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BJP नेता के क्लीनिक पर देर रात हमला, पेट्रोल बम फेंककर मचाई दहशत; शहजाद भट्टी का दावा

बठिंडा. शहर के प्रसिद्ध होम्योपैथिक डॉक्टर, सिविल डिफेंस के चीफ वार्डन और भाजपा नेता डॉ. तरसेम गर्ग के क्लीनिक पर सोमवार देर रात पेट्रोल बम से हमला किए जाने का मामला सामने आया है। हमले में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ, लेकिन परिसर में खड़ी स्कूटी समेत कुछ सामान क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के करीब दो घंटे बाद डॉ. गर्ग की पत्नी को एक धमकी भरा फोन आया, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को गैंगस्टर शहजाद भट्टी बताते हुए घटना की जिम्मेदारी लेने का दावा किया। जानकारी के अनुसार, रात करीब 9.40 बजे दो अज्ञात युवक मोटरसाइकिल पर सवार होकर मेला राम रोड स्थित क्लीनिक के बाहर पहुंचे और पेट्रोल बम फेंककर फरार हो गए। घटना के बाद मौके से एक और संदिग्ध पेट्रोल बम जैसी बोतल भी बरामद हुई है। डा. तरसेम गर्ग ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित किया गया। इसके बाद डीआईजी हरजीत सिंह, एसएसपी डा. ज्योति यादव, समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने फोरेंसिक टीम, डाग स्क्वायड और तकनीकी टीमों को जांच में लगाया है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हमलावर वारदात का वीडियो भी बना रहे थे, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। धमकी भरे फोन से जांच का दायरा बढ़ा डॉ. गर्ग ने बताया कि आधी रात के आसपास उनकी पत्नी के मोबाइल पर एक काल आई, जिसमें काल करने वाले ने खुद को शहजाद भट्टी बताया और धमकियां दीं। साथ ही घटना की जिम्मेदारी लेने का दावा किया। इसकी जानकारी तत्काल पुलिस को दे दी गई है। राजनीतिक एंगल पर भी चर्चा, पुलिस ने नहीं की पुष्टि डा. तरसेम गर्ग लंबे समय तक आम आदमी पार्टी से जुड़े रहे हैं। नगर निगम चुनाव के दौरान टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति से दूरी बना ली थी, जबकि उनकी पत्नी ने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था। इस वजह से घटना को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। हालांकि पुलिस ने अभी किसी भी एंगल की पुष्टि नहीं की है।

प्रेमानंद महाराज की सलाह, नदियों में सिक्का डालना नहीं है शास्त्रसम्मत

 भारत समेत दुनिया भर की कई संस्कृतियों में नदियों, कुओं या झरनों में सिक्का डालकर मन्नत या इच्छा मांगने की यह परंपरा सदियों से चली आ रही है. धार्मिक नजरिए से तो इसे भगवान के प्रति श्रद्धा और अपनी मनोकामना पूरी करने की इच्छा से जोड़ा जाता है. अगर धार्मिक ग्रंथों की बात करें, तो नदियों में सिक्के डालने की कोई स्पष्ट या अनिवार्य मान्यता नहीं मिलती है. इसे अधिकतर एक व्यक्तिगत विश्वास के रूप में ही देखा जाता है, न कि धार्मिक नियम के रूप में. इसी को लेकर एक भक्त ने मथुरा-वृंदावन के जाने माने बाबा प्रेमानंद महाराज से सवाल किया कि क्या महाराज जी पवित्र नदियों में सिक्के डालने चाहिए? नदियों में सिक्के डालने की परंपरा इस पर प्रेमानंद महाराज ने उत्तर दिया कि, 'गंगा जी हो या यमुना जी हो, उनके लिए 1 रुपये का आटा ले लो और फिर उस आटे से छोटी छोटी गोलियां बनाकर नदियों में डाल दो. उससे नदियों में रह रहे जीव जैसे मछली या कछुआ, वह ये सब खा लेंगे. रुपये गंगाजी में डालने से कुछ नहीं होगा, ऐसी कोई शास्त्र आज्ञा नहीं है. ये सब मनमानी आचरण है.' खाने की चीजें करें दान 'लोगों में आजकल अपनी मनमर्जी करना शुरू कर दिया है. सिक्के डालने से कुछ नहीं होता है. उससे हमारी नदियां सिर्फ प्रदूषित हो रही हैं. हमने केसी घाट पर देखा है कि वहां छोटे छोटे लड़के नदियों में चुंबक डालकर सारे सिक्के निकाल लेते हैं. उससे किसी का भला नहीं हो रहा है. जहां ज्यादा यात्रियों का आवागमन होता है, वहां ये लड़के पहुंच जाते हैं.' 'अगर दान में तुम 100 रुपये देना ही चाहते हो तो 100 रुपये देने के बजाय उसका चारा खरीदकर गाय को दे दो या 100 रुपये किसी बीमार आदमी के काम में दे दो या 100 रुपये का भोजन किसी को खिला दो. ऐसा रुपये फेंकने से कुछ हासिल नहीं होगा. इसलिए, आस्था के साथ-साथ विवेक का इस्तेमाल करना भी जरूरी है, ताकि हमारी श्रद्धा का सही और सार्थक उपयोग हो सके.'

IND vs IRE: आयरलैंड ने चुना नया कप्तान, भारत के खिलाफ T20 सीरीज के लिए टीम घोषित

 डबलिन भारत के खिलाफ होने वाली दो मैचों की टी20 सीरीज के लिए क्रिकेट आयरलैंड ने अपनी टीम का ऐलान कर दिया है. विकेटकीपर-बल्लेबाज लोर्कन टकर को आयरलैंड की टी20 टीम का नया कप्तान नियुक्त किया गया है. टकर ने पॉल स्टर्लिंग की जगह ली है, जिन्होंने इस साल टी20 वर्ल्ड कप के बाद टीम की कप्तानी छोड़ दी थी।  29 वर्षीय लोर्कन टकर ने 2016 में आयरलैंड के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था. टकर अब तक तीनों प्रारूपों को मिलाकर 159 मुकाबले खेल चुके हैं. घरेलू क्रिकेट में लेनस्टर लाइटनिंग की कप्तानी कर चुके टकर इससे पहले भी दो टी20 इंटरनेशनल मैचों में आयरलैंड की कमान संभाल चुके हैं।  इस सीरीज को लेकर लोकर्न टकर ने कहा कि भारतीय टीम टी20 क्रिकेट की सबसे मजबूत टीम्स में से एक है और उनके खिलाफ खेलना किसी भी टीम के लिए बड़ी चुनौती होती है. उन्होंने उम्मीद जताई कि आयरलैंड की टीम इस सीरीज में वर्ल्ड चैम्पियन भारत को कड़ी टक्कर देगी। तीन खिलाड़ियों को पहली बार मौका भारत के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए आयरलैंड ने तीन नए खिलाड़ियों को शामिल किया है. रूबेन विल्सन, मैथ्यू हॉलार्ड और जय मूंदरा को टी20 टीम में पहली बार जगह मिली है. विल्सन हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ बेलफास्ट में खेले गए एकमात्र टेस्ट मैच में अपना टेस्ट डेब्यू कर चुके हैं, जबकि हॉलार्ड और मूंदरा ने अभी तक आयरलैंड के लिए अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेले हैं।  आयरलैंड की टीम को इस सीरीज से पहले इंजरी के चलते बड़े झटके लग चुके हैं. कुल छह खिलाड़ी चोट के कारण चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे. पूर्व कप्तान पॉल स्टर्लिंग पिंडली (काफ) की गंभीर चोट से जूझ रहे हैं. तेज गेंदबाज जोश लिटिल को स्ट्रेस फ्रैक्चर हुआ है, जबकि मार्क अडायर रेक्टस मसल इंजरी के चलते बाहर हैं. इसके अलावा कर्टिस कैम्फर हाथ में फ्रैक्चर, बैरी मैकार्थी एसीएल (ACL) इंजरी और जॉर्डन नील कंधे एवं पैर की चोट के कारण टीम का हिस्सा नहीं बन सके।  आयरलैंड का स्क्वॉड: लोर्कन टकर (कप्तान), रॉस अडायर, बेन कैलिट्ज, गैरेथ डेलानी, जॉर्ज डॉकरेल, स्टीफन डोहेनी, मैथ्यू हम्फ्री, गैविन होए, मैथ्यू हॉलार्ड, लियाम मैकार्थी, जय मूंदरा, हैरी टेक्टर, टिम टेक्टर और रूबेन विल्सन।  भारत का आयरलैंड दौरा (जून) • पहला टी20: 26 जून, बेलफास्ट • दूसरा टी20: 28 जून, बेलफास्ट

मॉडल स्कूलों में नौवीं से शुरू होगी डॉक्टर और इंजीनियर बनने की तैयारी

पटना बिहारी प्रतिभा अब उच्च विद्यालयों में ही तराशे जाएंगे। राज्य की सम्राट चौधरी सरकार ने अपने प्रतिभावान बच्चों को मैट्रिक के पहले नौवीं कक्षा से ही करियर चुनने का अवसर उपलब्ध कराएगी। सरकार का प्लान है कि स्कूलों में इसके लिए स्पेशल क्लास कराए जाएं ताकि वो (छात्र) डॉक्टर बनना या इंजीनियर, यह तय कर सकेंगे। राज्य सरकार ने इसकी तैयारी कर ली है। जानकरी के मुताबिक, फिलहाल राज्य के मॉडल स्कूलों से इसका प्रारंभिक प्रयोग प्रारंभ होगा। प्रयोग सफल होने पर आगे इसका विस्तार किया जाएगा। शिक्षा विभाग मॉडल स्कूल को बच्चों की प्रतिभा निखारने का प्लेटफॉर्म बनाना चाहता है। विभाग ने कक्षा 9वीं से ही इच्छुक बच्चों को मनपसंद करियर चुनने और इसके लिए विशेष अध्ययन की व्यवस्था करने की योजना बनाई है। उन्हें 9वीं से ही मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए सुविधा मिलेगी। उनके लिए न केवल विशेष कक्षाएं चलेंगी, बल्कि हर तरह की शैक्षणिक मदद की जाएगी। सम्राट चौधरी के नए फैसले के तहत वे नियमित वर्ग के बाद मेडिकल या इंजीनियरिंग की तैयारी की बुनियादी पढ़ाई कर सकेंगे। सामान्यत: मैट्रिक के बाद यानी 11वीं में बच्चे तय करते हैं कि उन्हें विज्ञान, कला या फिर वाणिज्य की दिशा में आगे बढ़ना है। अगर विज्ञान का चयन करते हैं तो इसमें भी दो विकल्प गणित या जीव विज्ञान का रहता है। इन दोनों से मेडिकल या इंजीनियरिंग का कॅरियर चुन पाते हैं। अब सरकार ने मॉडल स्कूल के जरिये बच्चों को 9वीं में ही तैयार करने की योजना बनायी है। विभाग के मुताबिक, इस सुविधा से बच्चों को कॅरियर बनाने में काफी मदद मिलेगी। बिहार सरकार ने सात निश्चय-तीन के तहत राज्य के सभी 534 प्रखंडों में एक-एक अत्याधुनिक मॉडल स्कूल खोलने का निर्णय लिया है। यह सरस्वती विद्या निकेतन के नाम से जाना जाएगा। इन स्कूलों में कॉन्वेंट से बेहतर विश्वस्तरीय शिक्षा और सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। इन उच्च विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 तक की पढ़ाई होगी। कक्षा 9 में नामांकन प्रवेश परीक्षा के माध्यम से मेरिट लिस्ट के आधार पर होगा। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने इस संबंध में कहा कि हम मॉडल स्कूल को सही मायने में बेहतर शैक्षणिक केन्द्र बनाना चाहते हैं। हमारा लक्ष्य है कि बच्चों को वहां न केवल उन्नत शिक्षा और अन्य सारी सुविधा मिले, बल्कि उन्हें बेहतर कॅरियर चुनने में भी मदद मिले। जाहिर है सरकार के इस फैसले से बिहार में छात्रों को बड़ा फायदा पहुंचेगा। छात्र अपने भविष्य को लेकर नए सिरे से तैयारी कर सकते हैं।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को CM साय की श्रद्धांजलि, कहा- वे राष्ट्र की एकता और स्वाभिमान के प्रहरी थे

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय स्वाभिमान के सशक्त प्रहरी – मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री ने बलिदान दिवस पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित की रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रख्यात शिक्षाविद्,भारत के प्रथम उद्योग मंत्री, राष्ट्रवादी चिंतक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय स्वाभिमान के सशक्त प्रहरी थे। उन्होंने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपना संपूर्ण जीवन देश सेवा के लिए समर्पित किया। उनके विचार, संघर्ष और त्याग भारतीय लोकतंत्र एवं राष्ट्रवादी चिंतन की अमूल्य धरोहर हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने देश की राजनीति को वैचारिक आधार प्रदान किया तथा राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। राष्ट्र की अखंडता और सांस्कृतिक अस्मिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता आज भी प्रत्येक देशवासी के लिए प्रेरणास्रोत है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ते समय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्श और सिद्धांत हमें निरंतर मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। उनके विचारों को आत्मसात कर ही हम राष्ट्र निर्माण के संकल्प को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सकते हैं। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह, राम गर्ग सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

दैनिक राशिफल: कई राशियों के लिए व्यापार लाभ और खर्च नियंत्रण के संकेत

मेष योजना तैयार कर काम करें. शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी. लंबी दूरी की यात्रा ना करें. धन खर्च में सावधानी बरतें. विदेश से संबंधित काम बनेंगे. व्यापार में हर काम सावधानी से करें. जरूरी टिप- दिनचर्या ठीक रखें शुभ रंग- लाल उपाय- हनुमान चालीसा का पाठ करें वृष रुके हुआ काम पूरे करने की कोशिश करें. परिवार से सहयोग मिलेगा. आपकी नेतृत्व क्षमता और बढ़ेगी. प्रॉपर्टी से संबंधित काम  बनेंगे. लगातार बढ़ रहे खर्चे को कंट्रोल करना होगा. व्यापार में लाभ का योग है. जरूरी टिप- जल्दबाजी से बचें शुभ रंग- क्रीम उपाय- गाय को गुड़ रोटी खिलाएं मिथुन मित्रों के सहयोग से काम बनेगा. सीनियर अधिकारियों से मतभेद हो सकता है. कोर्ट केस में विजय मिलेगी. काम में आ रही परेशानी दूर होगी. नेगेटिव विचारों से बचें. व्यापार में नुकसान हो सकता है. जरूरी टिप- शत्रुओं से सावधान रहें शुभ रंग- गुलाबी उपाय- किसी गरीब को फल दान करें कर्क अपने मान-सम्मान का ख्याल रखें. आपको उन्नति के नए रास्ते मिलेंगे. मन की चिंता दूर होगी. नए सिरे से काम की शुरुआत करें. सेहत का ख्याल रखें. व्यापार में लाभ के अवसर मिलेंगे. जरूरी टिप- खर्चों को कंट्रोल करें शुभ रंग- सफेद उपाय- किसी गरीब को भोजन दान करें सिंह भाग्य का सहयोग मिलेगा. मेहनत का फल मिलेगा. बातचीत में धैर्य रखें. लोगों के कहने पर काम का तरीका ना बदलें. शत्रुओं के हल्के में ना लें. व्यापार में स्थिति बेहतर होगी. जरूरी टिप- आलस्य से बचें शुभ रंग- मरून उपाय- हनुमान चालीसा का पाठ करें कन्या विदेश से संबंधित काम बनेंगे. करियर से जुड़ी अच्छी खबर मिलेगी. परिवार में चल रहे मतभेद दूर होंगे. संतान को लेकर चिंता रहेगी. लंबी दूरी की यात्रा से बचें. व्यापार में ज्यादा निवेश से बचें. जरूरी टिप- नेगेटिविटी से बचें शुभ रंग- हरा उपाय- हनुमान जी की आरती करें तुला रुका हुआ पैसा मिलेगा. धन लाभ के लिए मेहनत बढ़ाने का समय है. किसी से मतभेद हो सकता है. घर वालों से मन की बात कह दें. सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी. व्यापार से जुड़े काम बनेंगे. जरूरी टिप- क्रोध से बचें शुभ रंग- केसरिया उपाय- गाय को रोटी खिलाएं वृश्चिक आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा. तेजी से काम करने का दिन है. मन की चिंता दूर होगी. आपके कार्यक्षेत्र का विस्तार होगा. यात्रा से बचना होगा. व्यापार में लाभ का योग है. जरूरी टिप- आलस्य से बचें शुभ रंग- हल्का लाल उपाय- हनुमान चालीसा का पाठ करें धनु तेजी से काम करने का दिन है. जीवन में सुख बढ़ेगा. आपके खर्चो में भी बढ़ोतरी होगी. मन की चिंता दूर करने में आप सफल होंगे. रोग से सावधान रहें. व्यापार में नुकसान हो सकता है. जरूरी टिप- जिद ना करें शुभ रंग- केसरिया उपाय- हनुमान जी की आरती करें मकर रिश्तों को संभालने का समय है. लोग आपके काम की तारीफ करेंगे. बड़े फैसले करने में देरी ना करें. व्यापार में लाभ का योग है. जरूरी टिप- जल्दबाजी से बचें शुभ रंग- सफेद उपाय- हनुमान जी को नारियल अर्पित करें कुंभ आपकी कार्यक्षमता क्षमता और बढ़ेगी. अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में कामयाब होंगे. रिश्तेदारों से मुलाकात होगी. परिवार में कलह ना बढ़ने दें. करियर को लेकर चिंता रहेगी. व्यापार में स्थिति बेहतर होगी. जरूरी टिप- कम बोलें शुभ रंग- आसमानी उपाय- हनुमान चालीसा का पाठ करें मीन उधार लेनदेन से बचना होगा. खर्चों को कंट्रोल करें. लंबी दूरी की यात्रा करने से बचें. विदेश से लाभ का समाचार मिलेगा. किसी से विवाद हो सकता है आज रहें सावधान. व्यापार में बड़े निवेश से बचें. जरूरी टिप- क्रोध से बचें शुभ रंग- नारंगी उपाय- हनुमान की आरती करें आज का उपाय मंगलवार के दिन हनुमान मंदिर में सिंदूर, जनेऊ चढ़ाएं. नारियल और लाल फल अर्पित करें. हनुमान चालीसा का पाठ करें. हनुमान जी की आरती करें. हनुमान जी के चरणों का सिंदूर प्रतिदिन लगाएं.

RTI नियमों पर अन्ना हजारे का बड़ा ऐलान, कहा- जरूरत पड़ी तो करेंगे भूख हड़ताल

मुंबई  सोशल एक्टिविस्ट अन्ना हजारे एक बार फिर आंदोलन से क्रांति करने की तैयारी में हैं. वो महाराष्ट्र सरकार सूचना के अधिकार के नियमों में किए गए बदलावों का विरोध कर रहे हैं. हजारे ने इन बदलावों को 'गैर-कानूनी' करार देते हुए इन्हें तुरंत वापस लेने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि ऐसा नहीं होने पर वो 5 जुलाई से भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे।  अन्ना हजारे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लिखे एक लेटर में दावा किया कि महाराष्ट्र सूचना के अधिकार के नियम, 2026, RTI एक्ट की धार को कुंद कर देंगे और नागरिकों को जानकारी से दूर रखेंगे. उनके मुताबिक, 12 जून को किए गए बदलाव RTI एक्ट, 2005 की भावना का उल्लंघन करते हैं और ट्रांसपेरेंसी को कमजोर करते हैं। हजारे ने फीस बढ़ाने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि कोई सही वजह या फाइनेंशियल एनालिसिस नहीं दिया गया।  'RTI कोई रेवेन्यू कमाने वाला कानून नहीं' सीएम फडणवीस को लिखे लेटर में अन्ना हजारे ने कहा, 'RTI कोई रेवेन्यू कमाने वाला कानून नहीं है. अगर 20 साल बाद फीस बढ़ाई जाती है, तो जानकारी देने से मना करने वाले अधिकारियों पर पेनल्टी भी बढ़ाई जानी चाहिए।  उन्होंने ID प्रूफ को जरूरी बनाने का विरोध किया और तर्क दिया कि RTI एक्ट का सेक्शन 6(2) एप्लीकेंट को पर्सनल डिटेल्स या जानकारी मांगने के कारणों का खुलासा करने की जरूरत नहीं बताता है. उन्होंने कहा कि ऐसी हालत व्हिसलब्लोअर और एक्टिविस्ट के लिए खतरा है।  ट्रांसपेरेंसी पर खतरा! हजारे ने 'एक सब्जेक्ट, एक एप्लीकेशन' नियम की भी आलोचना की, इसे गैर-जरूरी और बोझिल बताया. उनके मुताबिक, बार-बार आने वाले एप्लीकेशन को तुरंत बंद करने के नियम से पूरी या अपडेटेड जानकारी तक पहुंच बंद हो जाएगी. अन्ना हजारे ने कहा, 'प्रोसेस को ज्यादा टेक्निकल, महंगा और एडमिनिस्ट्रेशन-सेंट्रिक बनाने से ट्रांसपेरेंसी कम होगी।  उन्होंने एप्लीकेंट से जानकारी मांगने का मकसद पूछना, अगर एप्लीकेंट गैरहाजिर रहता है तो अपील खारिज करना, एप्लीकेंट की मौत पर केस अपने आप बंद करना और इन्फॉर्मेशन कमीशन के सामने सुनवाई के दौरान कानूनी मदद पर रोक लगाने जैसे मामलों पर भी आपत्ति जताई।  5 जुलाई से भूख हड़ताल करेंगे अन्ना हजारे अन्ना हजारे ने मांग करते हुए लिखा, 'अगर 12 जून के बदलाव तुरंत वापस नहीं लिए गए, तो मैं 5 जुलाई को यादव बाबा मंदिर, रालेगण सिद्धि में अपना अनशन शुरू करूंगा, भले ही इसमें मेरी जान चली जाए।   

गन्ना किसानों के लिए बड़ी सौगात: बिहार में बढ़ेगा निवेश, रोजगार और चीनी उत्पादन

पटना बिहार के लोगों के लिए अच्छी खबर है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में गन्ना आधारित उद्योगों के विकास की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य की बंद पड़ी नौ चीनी मिलों के पुनर्जीवन और 25 नई चीनी मिलों की स्थापना के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करें। मुख्यमंत्री ने सोमवार को लोक सेवक आवास में गन्ना उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक की और राज्य में चीनी उद्योग के पुनरुद्धार, निवेश को बढ़ावा देने तथा किसानों की आय में वृद्धि के लिए आवश्यक कदम उठाने का अधिकारियों को निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रैयाम, सकरी, सासामुसा, मधौरा, मोतीपुर, समस्तीपुर, चकिया, चनपटिया एवं मोतिहारी सहित बंद चीनी मिलों वाले क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को पुनर्जीवित करने के लिए तेजी से काम करें। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे और किसानों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि चंपारण को देश के प्रमुख गन्ना उत्पादन क्षेत्रों में विकसित करने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर तेजी से काम करपे की जरूरत है। गन्ना उत्पादन बढ़ाने, उत्पादकता में सुधार लाने तथा किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठायें। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिक-से-अधिक निवेश आकर्षित करने, निवेशकों को प्रोत्साहित करने तथा चीनी उद्योग के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान देना होगा। राज्य सरकार किसानों की समृद्धि, औद्योगिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव अजय यादव, उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार, आदि उपस्थित थे। हाजीपुर में आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण इकाई लगेगी औद्योगिक क्षेत्र गोरौल फेज-1 हाजीपुर में अत्याधुनिक खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित होगी। लगभग 17 करोड़ 25 लाख के निवेश से विकसित होने वाली इस परियोजना से 200 लोगों को रोजगार का मौका मिलेगा। बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार की परियोजना समाशोधन समिति की बैठक में खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने की स्वीकृति दी गई। उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में आवेदकों को राज्य के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि एवं प्लग एंड प्ले शेड्स आवंटित करने के प्रस्तावों को स्वीकृत किया गया। प्रस्तावित इकाई 2 एकड़ क्षेत्र में स्थापित की होगी। यहां कुरकुरे, पफ्स एवं अन्य रेडी-टू-ईट स्नैक उत्पादों का निर्माण होगा। उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि इस प्रकार की परियोजनाएं संसाधनों के बेहतर उपयोग, रोजगार सृजन तथा खाद्य विनिर्माण क्षेत्र का विस्तार हैं। बिहार को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग का अग्रणी केंद्र बनाने के लिए सरकार निवेशकों को हर संभव सहयोग प्रदान कर रही है।

जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा मंजूर, मोदी सरकार में मंत्री पद छोड़ने के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल

नई दिल्ली मोदी सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कोरियन का इस्तीफा हो गया है. भाजपा के सीनियर नेता और अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने मंगलवार को अपना इस्तीफा दिया. उनके इस्तीफे को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार कर लिया है. राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी बयान के मुताबिक, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री की सलाह पर जॉर्ज कुरियन का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफ़ा तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया. इस इस्तीफे के बाद अब मोदी सरकार में फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है।  दरअसल, जॉर्ज कुरियन ने आज यानी मंगलवार को अल्पसंख्यक मामलों और मत्स्य पालन राज्य मंत्री (MoS) के पद से इस्तीफा दे दिया. उनका छह साल का राज्यसभा कार्यकाल खत्म हो गया था. भाजपा ने उन्हें दोबारा राज्यसभा नहीं भेजने का फैसला किया. 65 वर्षीय जॉर्ज कुरियन अगस्त 2024 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली तीसरी केंद्रीय कैबिनेट में राज्य मंत्री (MoS) के तौर पर काम कर रहे थे. वह भाजपा के कद्दावर नेता हैं और 1980 में पार्टी की शुरुआत से ही इसके सदस्य रहे हैं।  जॉर्ज कुरियन कौन हैं? 65 साल के कुरियन अगस्त 2024 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली तीसरी केंद्रीय कैबिनेट में राज्य मंत्री (MoS) के तौर पर काम कर रहे थे। वह बीजेपी के एक सीनियर नेता हैं और 1980 में पार्टी के बनने के समय से ही इसके सदस्य रहे हैं। कुरियन का राज्यसभा कार्यकाल खत्म हो गया था, जिसकी वजह से उन्हें अपना पद छोड़ना पड़ा। कहा जाता है कि केरल विधानसभा चुनावों में पार्टी के खराब प्रदर्शन के कारण उन्हें दोबारा नॉमिनेट नहीं किया गया। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, कुरियन का जन्म 20 सितंबर, 1960 को केरल के कोट्टायम जिले की एट्टुमानूर नगरपालिका के नाम्बियाकुलम में हुआ था। उन्होंने अपने गृहनगर में स्कूली शिक्षा पूरी की और उसके बाद लॉ (कानून) में ग्रेजुएशन और पोस्ट-ग्रेजुएशन किया।  2024 में बने थे केंद्रीय मंत्री उन्होंने 9 जून, 2024 को केंद्रीय राज्य मंत्री के तौर पर शपथ ली और 11 जून, 2024 को अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय और मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय का कार्यभार संभाला। इससे पहले, कुरियन राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष और तत्कालीन केंद्रीय रेल राज्य मंत्री ओ. राजगोपाल के विशेष कार्याधिकारी (OSD) के तौर पर काम कर चुके थे। जॉर्ज कुरियन के बारे में और जानें अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, जॉर्ज कुरियन का जन्म 20 सितंबर 1960 को केरल के कोट्टायम जिले की एट्टुमानूर नगर पालिका के नाम्बियाकुलम में हुआ था. उन्होंने अपने गृहनगर में स्कूली शिक्षा पूरी की और उसके बाद लॉ यानी कानून में ग्रेजुएशन और पोस्ट-ग्रेजुएशन किया।  केरल में ईसाई वोटर्स को बीजेपी ने दिया संदेश मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में जब केरल के सीनियर नेता जॉर्ज कुरियन को शामिल किया गया तो देश के साथ-साथ केरल के लोग भी हैरान रह गए. दरअसल ऐसी कोई चर्चा नहीं थी कुरियन को केंद्र सरकार में शामिल किया जाएगा. जॉर्ज कुरियन को सरकार में शामिल करने को लेकर चर्चा हुई कि केरल में विधानसभा चुनाव को देखते हुए बीजेपी ने ये फैसला किया है।  केरल में करीब 17 फीसदी आबादी ईसाई है. माना जाता है कि ईसाई वोटों ने राज्य में बीजेपी का लोकसभा खाता खोलने में अहम भूमिका निभाई है, जिसमें सुरेश गोपी ने त्रिशूर सीट 74,000 से ज़्यादा वोटों से जीती. इसीलिए उन्हें मोदी सरकार में शामिल करके ईसाई वोटर्स को एक संदेश दिया गया था।  कैसा रहा जॉर्ज कुरियन का सफर? जॉर्ज कुरियन 1980 में बीजेपी के बनने के समय ही पार्टी में शामिल हो गए थे. बीजेपी में अपने लंबे सफर के दौरान कुरियन ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष के तौर पर भी काम किया है. जब वाजपेयी सरकार में राजगोपाल रेल राज्य मंत्री थे तब वे उनके ओएसडी भी रहे।  कब से थे इस पद पर उन्होंने 9 जून 2024 को केंद्रीय राज्य मंत्री के तौर पर शपथ ली और 11 जून 2024 को अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय और मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय का कार्यभार संभाला. इससे पहले जॉर्ज कुरियन ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष और तत्कालीन रेल राज्य मंत्री ओ. राजगोपाल के विशेष कर्तव्य अधिकारी (OSD) के तौर पर काम किया था।  इस्तीफे की क्या वजह?     इस्तीफा देनेवाले मंत्री जार्ज कुरियन के राज्यसभा का कार्यकाल खत्म हो रहा था.     उन्होंने केरल में विधानसभा चुनाव भी लड़ा था लेकिन वो हार गए.     सूत्रों के मुताबिक केन्द्रीय नेत्रित्व उन्हें अब प्रदेश राजनीति में भेजने की तैयारी कर रहा है.  

नदियों का रास्ता बदलने से बढ़ी चिंता, अवैध खनन के बीच SYL मुद्दा फिर गरमाया

जालंधर. भाखड़ा बांध को लेकर फिलहाल घबराने जैसी कोई स्थिति नहीं है। हालांकि सरकार और प्रशासन को मानसून के मद्देनजर सभी जरूरी तैयारियां समय रहते पूरी कर लेनी चाहिए। भाखड़ा-ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) द्वारा राज्यों से डैम का पानी लेने की अपील के बाद कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं, लेकिन वर्तमान हालात को देखते हुए इसे अलार्मिंग स्थिति नहीं कहा जा सकता। यह बात पंजाब सिंचाई विभाग से सेवानिवृत्त चीफ इंजीनियर अमरजीत सिंह दुलेट ने कही। अमरजीत सिंह ने कहा कि इस समय भाखड़ा बांध का जलस्तर उसकी पूर्ण क्षमता से करीब 115 फीट नीचे है। ऐसे में तत्काल बड़े खतरे की आशंका नहीं है। बाढ़ जैसी परिस्थितियों से बचने के लिए जरूरी हालांकि बाढ़ जैसी परिस्थितियों से बचने के लिए यह जरूरी है कि हर वर्ष मानसून शुरू होने से पहले नालों, नहरों, नदियों और तटबंधों की सफाई व मरम्मत का कार्य पूरी तरह संपन्न कर लिया जाए। जून के अंत तक संबंधित विभागों से इन कार्यों का अंतिम प्रमाणपत्र भी प्राप्त हो जाना चाहिए। डैम को अधिक खाली रखने संबंधी सवाल पर दुलेट ने कहा कि बीबीएमबी की भूमिका केवल बाढ़ नियंत्रण तक सीमित नहीं है। उसका प्रमुख दायित्व जलविद्युत उत्पादन भी है। ऐसे में डैम को जरूरत से ज्यादा खाली रखना व्यावहारिक नहीं है। यदि भविष्य में पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फ का पिघलना अपेक्षा से कम हुआ तो जल संकट की स्थिति भी पैदा हो सकती है। इसलिए जल प्रबंधन में संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। बीबीएमबी को संभावित परिस्थितियों के बारे में समय रहते राज्य सरकारों को सूचित करना चाहिए, ताकि प्रशासनिक स्तर पर पर्याप्त तैयारियां की जा सकें। पूर्व चीफ इंजीनियर ने नदियों में बढ़ती तबाही के पीछे अवैध और अनियंत्रित खनन को भी एक बड़ा कारण बताया। उन्होंने कहा कि लगातार हो रही माइनिंग के कारण कई नदियों ने अपना प्राकृतिक मार्ग बदल लिया है। इससे बाढ़ के दौरान पानी नए क्षेत्रों में फैलता है और नुकसान बढ़ जाता है। साथ ही अत्यधिक खनन से तटबंध कमजोर पड़ जाते हैं, जिससे उनके टूटने का खतरा भी बढ़ जाता है। एसवाईएल पर नए सिरे से जल उपलब्धता का आकलन हो सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर विवाद पर दुलेट ने कहा कि यह मुद्दा पिछले चार दशकों से चला आ रहा है, लेकिन इसका स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। एसवाईएल की मूल नीति उस समय बनाई गई थी जब नदियों में पानी का प्रवाह आज की तुलना में काफी अधिक था। अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं और नदियों में इनफ्लो कम हुआ है। ऐसे में जल उपलब्धता का नए सिरे से वैज्ञानिक आकलन किया जाना चाहिए। यदि वर्तमान परिस्थितियों के आधार पर आकलन किया जाए तो इस विवाद की वास्तविक स्थिति स्वयं स्पष्ट हो जाएगी और समाधान का रास्ता भी आसान हो सकता है।