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मुसल्लहपुर हाट फायरिंग केस: एलसीआर मांग के बाद टली जमानत पर सुनवाई

 पटना  राजधानी के मुसल्‍लहपुर हाट में कोचिंग विवाद से जुड़े मामले में ज्ञान बिंदु के डायरेक्‍टर रौशन आनंद के भाई और स्‍टाफ को सोमवार को जमानत नहीं मिली। जिला एवं सत्र न्‍यायाधीश की बेंच में जमानत याचिका दाखिल की गई थी। एडीजी 33 की अदालत में अभ‍िषेक और गौरव की जमानत पर सुनवाई के दौरान दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने एलसीआर की मांग की है।   फर्स्‍ट क्‍लास मज‍िस्‍ट्रेट के यहां से एलसीआर (लोअर कोर्ट रिकॉर्ड) आने के बाद मामले में अगली तारीख को दोबारा बहस होगी। फर्स्‍ट क्‍लास मज‍िस्‍ट्रेट ने दोनों की बेल खारिज कर दी थी। फैजल खान मामले में 25 जून को सुनवाई 2 जून की रात खान ग्‍लोबल स्‍टडीज पर बवाल के बाद हुए फायरिंग मामले में फैजल खान उर्फ खान सर एवं उनके दो गार्डों की जमानत पर 25 जून को सुनवाई होनी है।   इस मामले में कोर्ट 25 जून तक गिरफ्तारी पर रोक लगा रखी है। पिछली सुनवाई में कोर्ट में पुलिस ने अपडेटेड केस डायरी सबम‍िट की थी।   क्‍या है पूरा मामला? बता दें कि कोचिंग संस्‍थान में हंगामा, मारपीट और फायरिंग मामले में ज्ञान बिंदु के डायरेक्‍टर रौशन आनंद व उनके भाई एवं स्‍टाफ को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। उस घटना में खान ग्‍लोबल के गार्ड चुनचुन यादव को चोटें आई थीं। इसके बाद फैजल खान के दो गार्डों ने दो-दो राउंड फायरिंग की थी।   पिछले दिनों रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदिग्‍ध परि‍स्‍थ‍ित‍ियों में हुई मौत के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। जमानत पर जेल से बाहर आए रौशन आनंद ने फैजल खान और कोल्‍ड स्‍टोरेज के मालिक पर अपने भाई की हत्‍या का आरोप लगाया था। 

कतर के LNG प्लांट में मौत का धमाका: 13 की दर्दनाक मौत, भारत-पाकिस्तान के नागरिक भी हादसे का शिकार

रास लाफान.  कतर में रास लाफान औद्योगिक शहर में भीषण विस्फोट में 13 लोगों की जान चली गई। कतर एनर्जी ने सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में बताया कि देश के प्रमुख ऊर्जा केंद्र रास लाफान औद्योगिक शहर के बरजान क्षेत्र में रविवार देर रात हुए विस्फोट में 13 लोगों की मौत हो गई। कंपनी ने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है। कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि विस्फोट घरेलू गैस आपूर्ति संयंत्र को रखरखाव के बाद दोबारा चालू करने की प्रक्रिया के दौरान हुआ। अचानक हुए विस्फोट के बाद आग भड़क उठी, जिसे स्थानीय अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं की टीमों ने तेजी से नियंत्रित कर लिया। प्रारंभिक रिपोर्ट्स के मुताबिक, मरने वालों में अधिकांश भारतीय और पाकिस्तानी नागरिक शामिल हैं। कतर एनर्जी ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस हादसे में कुल 66 लोग घायल हुए हैं। घायलों में कतर, भारत, पाकिस्तान, तंजानिया, गिनी, नेपाल, बांग्लादेश, केन्या और नाइजीरिया के नागरिक शामिल हैं। कंपनी ने आश्वासन दिया कि सभी घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया और उनकी चोटें गंभीर नहीं हैं। किसी भी घायल की हालत चिंताजनक नहीं बताई गई है। बता दें कि रास लाफान कतर का सबसे बड़ा औद्योगिक और ऊर्जा हब है, जहां दुनिया के सबसे बड़े द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) उत्पादन संयंत्र और निर्यात सुविधाएं स्थित हैं। यह क्षेत्र कतर की आर्थिक समृद्धि का मुख्य आधार है और वैश्विक LNG आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कतर एनर्जी ने स्पष्ट किया कि इस विस्फोट से LNG उत्पादन, निर्यात कार्यों या रास लाफान बंदरगाह के बुनियादी ढांचे पर कोई असर नहीं पड़ा है। संयंत्र और बंदरगाह दोनों पूरी क्षमता के साथ सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं। कंपनी ने वैश्विक बाजार को पूरा आश्वासन दिया है कि गैस आपूर्ति में कोई व्यवधान नहीं आएगा। कतर एनर्जी ने विस्फोट के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए उच्चस्तरीय तकनीकी जांच समिति गठित कर दी है। विशेषज्ञ टीम घटनास्थल पर पहुंचकर सबूतों का जुटा रही है। शुरुआती जांच में पता चला है कि फिर से चालू करने की प्रक्रिया के दौरान विस्फोट होने की बात सामने आई है, हालांकि अंतिम रिपोर्ट आने तक कोई निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी है। घायलों को बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। यहां आपको बता दें कि मार्च में ईरान की एक मिसाइल ने रास लाफान पर हमला किया था, जिसमें आग लग गई और भारी नुकसान हुआ। इसके बाद से ही कतर ने वहां उत्पादन रोक रखा था। बताया जा रहा है कि उसी को एक बार फिर से चालू करने की कोशिश की जा रही थी, जिस कारण यह हादसा हुआ। फिलहाल सभी घायलों का इलाज चल रहा है।

सीएसआईडीसी संचालक मंडल की बैठक सम्पन्न

रायपुर.  छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (सीएसआईडीसी) की 161वीं संचालक मंडल बैठक आज सोमवार को रायपुर स्थित उद्योग भवन में अध्यक्ष राजीव अग्रवाल (कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त) की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में राज्य के औद्योगिक विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। प्रमुख रूप से देवेन्द्र नगर (पंडरी), रायपुर में जेम्स एवं ज्वेलरी पार्क की स्थापना हेतु आगे की कार्यवाही के संबंध में निर्णय लिया गया। इसके साथ ही राज्य में टेक्सटाइल पार्क एवं रेडीमेड गारमेंट पार्क में निवेश आकर्षित करने तथा संबंधित प्रक्रियाओं को तेज करने पर भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक में वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, प्रबंध संचालक सीएसआईडीसी विश्वेश कुमार, संचालक उद्योग संचालनालय प्रभात मलिक, संयुक्त सचिव वित्त विभाग श्रीमती श्रद्धा त्रिवेदी तथा अपर संचालक नगर एवं ग्राम निवेश संदीप बागड़े सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

लखनऊ आग हादसे से नाराज CM योगी, अधिकारियों को लगाई फटकार; जिम्मेदारों पर गिर सकती है गाज

लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार को तीन मंजिल की इमारत में लगी आग में झुलसकर 15 लोगों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटनास्थल पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और मामले की जांच के सख्त निर्देश दिए। मुख्यमंत्री अपना अलीगढ का दौरा बीच में ही छोडकर लखनऊ लौटे और घटनास्थल पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। अधिकारियों के मुताबिक आदित्यनाथ ने पुलिस महानिदेशक और अपर मुख्य सचिव (गृह) मौके पर जाकर घटना का जायजा लेने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इस मामले की तह में जाकर दोषियों को सजा दिलाई जाएगी। घटना से गुस्साए सीएम योगी ने अफसरों को कड़ी फटकार लगाई है। यह आग अलीगंज थाना इलाके में उषा मेहता मार्ग पर स्थित तीन मंजिला वाणिज्यिक इमारत में अपराह्न करीब तीन बजे लगी। आग पर काबू पाने के लिए कई दमकल वाहनों और 'हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म' वाली गाड़ी को अभियान पर लगाया गया। पुरनिया बाजार से चंद कदमों की दूरी पर स्थित यह इमारत अलीगंज के पॉश रिहायशी इलाके में है, जहां कोचिंग सेंटर और कैफे जैसी जगहें हैं। अधिकारियों के अनुसार बचाव अभियान के दौरान आग में फंसे लोगों को इमारत से बाहर निकाला गया। कुछ लोगों को 'बॉडी बैग' में लाया गया, जबकि कुछ को कंबल में लपेटा गया था और एम्बुलेंस में ले जाते समय वे बेहोश लग रहे थे। इन लोगों के शवों या घायलों को बगल की इमारत की छत से बाहर निकाला गया। प्रधानमंत्री ने जताया शोक, मृतकों के परिजन को दो-दो लाख रुपये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस घटना में लोगों की मौत पर दुख जाहिर करते हुए मृतकों के परिजन को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, ''लखनऊ में अग्नि दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुखद एवं हृदय विदारक है। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को शांति तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें। अखिलेश यादव ने दुख व्यक्त किया सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए 'एक्स' पर लिखा कि इस हादसे के पीछे के कारणों की ईमानदारी से जांच हो। उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों से बचा जा सके, यही कोशिश होनी चाहिए। मायावती ने जताया शोक बसपा अध्यक्ष मायावती ने भी घटना पर शोक व्यक्त करते हुए 'एक्स' पर कहा, ''उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में आज दोपहर बाद हुई अग्निकाण्ड में अनेक लोगों की मौत तथा और भी कई लोगों के घायल हो जाने की घटना अति-दुखद। उन्होंने आगे कहा, ''इस प्रकार की जानलेवा घटनायें दिल को दहलाने वाली होती हैं तथा कितने ही परिवार की उम्मीदों को बिखेर देती हैं। ऐसी दुखद घटनाओं की रोकथाम के लिये सबको मिलकर सही से काम करने की ज़रूरत है। सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप से काम नहीं चलेगा। आग लगने के समय इमारत के अंदर मौजूद रहे युवकों और युवतियों के रिश्तेदार बताये जा रहे कुछ लोग घटनास्थल के पास खड़े होकर रोते-बिलखते और अधिकारियों से इमारत के अंदर जाने की गुहार लगाते नजर आये।

शिक्षकों को राहत: चाइल्ड केयर लीव पर DC की अनुमति की बाध्यता खत्म

चंडीगढ़. शिक्षा विभाग में अब शिक्षकों और गैर शिक्षक कर्मचारियों को बाल देखभाल अवकाश (सीसीएल) के लिए उपायुक्तों से मंजूरी नहीं लेनी पड़ेगी। शिक्षक संगठनों के विरोध के चलते शिक्षा विभाग ने नौ मार्च को जारी किया गया आदेश वापस ले लिया है, जिसमें बाल देखभाल अवकाश के लिए जिला उपायुक्त की अनुशंसा अनिवार्य की गई थी। माध्यमिक शिक्षा विभाग के महानिदेशक जितेंद्र कुमार ने सोमवार को पत्र जारी कर सभी उपायुक्तों और जिला शिक्षा अधिकारियों सहित सभी संबंधित अधिकारियों को नए फैसले से अवगत कराते हुए निर्देशों का पालन करने को कहा है। सीसीएल के लिए उपायुक्तों की अनुशंसा समाप्त किए जाने से अब शिक्षकों और गैर शिक्षक कर्मचारियों के आवेदन पर स्वीकृति मिलने में अनावश्यक देरी नहीं होगी। सीसीएल से संबंधित मामलों को जिला उपायुक्त की अनुशंसा के बाद मुख्यालय भेजने संबंधी आदेश को वापस लिए जाने का स्वागत करते हुए हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन (हसला) के राज्य प्रधान सतपाल सिंधु ने कहा कि विगत 15 जून को उन्होंने शिक्षा महानिदेशक के साथ बैठक में यह मुद्दा उठाया था। सीसीएल फाइलों को उपायुक्त के माध्यम से भेजने संबंधी अनिवार्यता समाप्त होने के बाद अब उम्मीद है कि जल्द ही स्नातकोत्तर शिक्षक (पीजीटी) से प्रिंसिपल पदोन्नति (आरओएच) के मामले भी निपटाए जाएंगे। शिक्षा महानिदेशक की ओर से मेवात क्षेत्र के पीजीटी से प्रिंसिपल पदोन्नति संबंधी फाइल पर भी तेजी दिखाई गई है। इसके अलावा वर्ष 2016 से अब तक की वरिष्ठता सूची तैयार करने के लिए गठित समिति को भी निदेशक ने मंजूरी प्रदान कर दी है। समिति को तत्काल प्रभाव से कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि लंबे समय से लंबित इस प्रक्रिया को शीघ्र पूरा किया जा सके। यात्रा रियायत भत्ता (टीए) और महंगाई भत्ता (डीए) को वेतन की तर्ज पर नियमित रूप से वितरित करने के प्रस्ताव को अनुमति के लिए वित्त विभाग के समक्ष भेजा गया है।

श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में अति पिछड़ा सम्मेलन, सीएम ने विपक्ष पर साधा निशाना

 पटना मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अति पिछड़ा महासम्मेलन के मंच से पूर्व सीएम लालू यादव और रबड़ी देवी पर बड़ा हमला किया है। कहा है कि उनकी सुरक्षा में डेढ़ सौ पुलिस कर्मी आज भी तैनात हैं फिर भी सुरक्षा में कटौती की बात करते हैं। यह भी कहा है कि पटना से लेकर गोपालगंज और दिल्ली तक उनके कितने मकान हैं इसकी गिनती नहीं है। फिर भी परिवार के सभी लोगों को अलग-अलग बंगला चाहिए। पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में सोमवार को भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) की ओर से अतिपिछड़ा समाज के सम्मेलन होगा सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में नवनिर्वाचित विधान परिषद सदस्यों का अभिनंदन किया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और भाजपा के शीर्ष नेता शामिल हुए। मंच से सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीएम सम्राट चौधरी ने विपक्ष खासकर लालू परिवार पर जोरदार हमला किया। उन्होंने कहा कि इन दिनों इनके बंगले और सुरक्षा का मामला चर्चा में है। सबको पता होना चाहिए कि आज भी करीब डेढ़ सौ पुलिस कर्मी उनके आवास के बाहर तैनात हैं। अब पूरे बिहार की पुलिस इनकी सुरक्षा में तैनात कर दें तो अति पिछड़ा समाज की सुरक्षा कौन करेगा। उनको बुलेटप्रूफ गाड़ी और जरूरत के मुताबिक पुलिस बल तैनात है। अब और कितना चाहिए। सीएम ने कहा कि लालू परिवार सरकारी बंगला छोड़ने को तैयार नहीं है। अब माताजी, बेटा, बेटी सब को सेपरेट बंगला चाहिए। इनके पास अपना कितना मकान है इसकी गिनती नहीं है। माता और पुत्रों को सरकारी बंगला मिला है। इनका महुआबाग में बड़ा सा मकान है। कौटिल्य नगर में पांच बंगलों को मिलाकर एक मकान है। राजाबाजार में एक अलग घर। गोपालगंज और दिल्ली में कब्जा कर लिए हैं। अब और कितना बंगला चाहिए। सीएम ने राजद प्रमुख के शासन काल का इतिहास निकाला जा रहा है। सबका पूरा हिसाब किया जाएगा। सीएम ने कहा कि बिहार को अपराध मुक्त बनाना हमारा पहला लक्ष्य है। अपराध के मसले पर कोई समझौता नहीं होगा। जब तक मैं मुख्यमंत्री की कुर्सी पर हूं त अति पिछड़ों का कोई बाल बांका भी नहीं कर सकता। जरूरत होगी तो हम इस समाज के लिए खून भी देंगे। अपराध के खिलाफ हमारा ऑपरेशन आज भी जारी है। नीट परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों को जेल भेजा गया है। विपक्ष पर प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस और राजद ने देश को लूटा है। कर्पूरी ठाकुर के नाम पर राजनीति की लेकिन उनको सम्मान मोदी सरकार ने दिया। अतिपिछड़ा समाज की ओर से भाजपा के केंद्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व के प्रति हार्दिक आभार एवं अभिनंदन समारोह का आयोजन श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजन किया गया है। कार्यक्रम के आयोजनकर्ता कला संस्कृति मंत्री डॉ प्रमोद कुमार चंद्रवंशी हैं। थोड़ी देर में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी आयेंगे। भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेताओं का आगमन शुरू है। समारोह में अतिपिछड़ा समाज के विधायकों का सम्मान किया जाएगा। समारोह में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय, केंद्रीय मंत्री राजभूषण निषाद, पूर्व मंत्री राधामोहन सिंह सहित अन्य नेता पहुंचे। समारोह में सीएम को भाषण देने के लिए पोडियम विशेष पोडियम बनवाया गया। सीएम की सुरक्षा में लगे जवानों की देखरेख में इसे तैयार किया गया। बिहार में ऐसा पहली बार हो रहा है जब सीएम के सुरक्षाकर्मी अपनी देखरेख में पोडियम बनवाया गया।

निर्माण और जन सुविधाएं विकसित करने के कार्यों को गति देने सक्रियता से करें मॉनिटरिंग – शंगीता आर

रायपुर.  नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव शंगीता आर. ने नगरीय निकायों के कार्यों की मॉनिटरिंग व समन्वय के लिए जिलेवार नियुक्त नोडल अधिकारियों की बैठक लेकर उनके कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मंत्रालय में आयोजित बैठक में सभी नोडल अधिकारियों को नगर निगमों, नगर पालिकाओं तथा नगर पंचायतों में निर्माण और जन सुविधाएं विकसित करने के कार्यों को गति देने सक्रियता एवं गंभीरता से मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने निकायों की समस्याओं का हल निकालकर विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन को प्रभावी तरीके से धरातल पर उतारने को कहा। उन्होंने नगरीय निकायों में मैदानी निरीक्षण के दौरान वहां की जरूरतों और व्यवस्थाओं का आकलन भी करने को कहा। नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव शंगीता आर. ने बैठक में नोडल अधिकारियों से उनके नगरीय निकायों के भ्रमण और बैठकों का फीडबैक लेकर निकायों में कार्यों की वस्तुस्थिति जानी। उन्होंने कहा कि निकायों में कार्यों के निरीक्षण के लिए पूरी तैयारी से जाएं। विभिन्न निर्माण और विकास कार्यों के लिए पिछले दो वित्तीय वर्षों में कितनी राशि जारी की गई है, इसकी भी जानकारी रखें। उन्होंने निकायों में प्रगतिरत निर्माण कार्यों के साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन की भी हर महीने समीक्षा करने के निर्देश दिए। शंगीता आर. ने नोडल अधिकारियों को आबंटित जिले के आय-व्यय की स्थिति पर भी नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो निकाय खुद की आय से अपनी सभी व्यवस्थाएं कर सकते हैं, उन्हें इसके लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने निकायों में लक्ष्य निर्धारित कर वार्डवार प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) को सेचुरेट करने को कहा। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक आर. एक्का, उप सचिव भागवत जायसवाल, राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ शशांक पाण्डेय, नगरीय प्रशासन विभाग के अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य और मुख्य अभियंता राजेश शर्मा भी बैठक में मौजूद थे। शहरी विकास योजनाओं की निगरानी को और सशक्त करने नोडल अधिकारी कर रहे स्थल निरीक्षण, अब तक 103 निकायों का निरीक्षण कर चुके नोडल अधिकारी  नगरीय प्रशासन विभाग ने विकास कार्यों और योजनाओं की जमीनी स्तर पर निगरानी को सुदृढ़ करने सभी राज्य स्तरीय नोडल अधिकारियों को अपने-अपने आबंटित जिलों के नगरीय निकायों के नियमित भ्रमण के निर्देश दिए हैं। विगत 6 जून को एक साथ सभी नोडल अधिकारियों ने अपने जिलों में पहुंचकर योजनाओं की प्रगति, चुनौतियों और क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का आकलन किया। विभाग की इस पहल का उद्देश्य योजनाओं की प्रभावी निगरानी, समस्याओं का त्वरित समाधान तथा मैदानी स्तर पर कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। अलग-अलग जिलों के नोडल अधिकारी अब तक राज्य के 194 नगरीय निकायों में से 103 में मैदानी निरीक्षण के लिए जा चुके हैं।

32348 मेगावाट की ऐतिहासिक उपलब्धि: योगी सरकार ने बिजली आपूर्ति में बनाया राष्ट्रीय रिकॉर्ड

लखनऊ.  उत्तर प्रदेश ने बिजली आपूर्ति के क्षेत्र में एक नया राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित करते हुए देशभर में अपनी मजबूत पहचान दर्ज कराई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड ने 21 जून को रात 10:48 बजे 32,348 मेगावाट की रिकॉर्ड बिजली मांग की सफल एवं निर्बाध पूर्ति कर इतिहास रच दिया है। इस उपलब्धि के साथ उत्तर प्रदेश देश में अब तक की सर्वाधिक पीक पावर डिमांड पूरी करने वाला राज्य बन गया है। इससे पहले 13 मई 2026 को महाराष्ट्र ने 32,317 मेगावाट की अधिकतम बिजली मांग पूरी कर राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था।  मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में बिजली व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी और उपभोक्ता केंद्रित बनाने की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठाए गए हैं। 21 जून को रात 10:48 बजे 32,348 मेगावाट रिकॉर्ड पीक डिमांड आपूर्ति की गई है। जोकि अब तक के इतिहास में सबसे अधिक है। यूपी पीक डिमांड बिजली आपूर्ति करने में लगातार सबसे आगे हैं। 20 जून को यूपी में 31549 मेगावाट बिजली आपूर्ति की गई। 19 जून को भी प्रदेश में 30968 मेगावाट बिजली आपूर्ति की गई थी। इससे पहले 24 मई को यूपी में सबसे अधिक 31824 मेगावाट पीक डिमांड बिजली आपूर्ति की गई थी। साल 2025 में 11 जून को 31486 मेगावाट पीक डिमांड बिजली आपूर्ति की गई थी। इस तरह 21 जून 2026 को डिमांड बिजली आपूर्ति ने अभी तक के सभी रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। प्रचंड गर्मी में बिजली की मांग चरम पर यूपी जैसे विशाल राज्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति करना एक बड़ी चुनौती रही है। लेकिन योगी सरकार की दूरदर्शी नीतियों और प्रभावी प्रशासनिक व्यवस्था ने इस चुनौती को अवसर में बदल दिया है। प्रदेश में बिजली अवसंरचना को मजबूत करने के लिए लगातार नए उपकेंद्र स्थापित किए गए हैं। ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई गई है और पुराने उपकरणों को आधुनिक तकनीक से अपग्रेड किया गया है। उत्तर प्रदेश ने रिकॉर्ड मांग को सफलतापूर्वक पूरा कर यह साबित कर दिया है कि प्रदेश की ऊर्जा व्यवस्था अब पहले से कहीं अधिक मजबूत और सक्षम हो चुकी है। बिजलीकर्मी दिन-रात फील्ड में डटे प्रदेश भर में बिजलीकर्मी दिन-रात मैदान में डटे हुए हैं। चाहे तूफानी रात हो, भारी बारिश हो या चिलचिलाती गर्मी, बिजलीकर्मी हर परिस्थिति में उपभोक्ताओं तक सुरक्षित और सुचारु बिजली आपूर्ति करने में जुटे हैं। रात्रिकालीन मेंटेनेंस कार्यों के माध्यम से विभिन्न जिलों में बिजली लाइनों, ट्रांसफार्मरों और उपकेंद्रों की नियमित जांच की जा रही है। ट्रांसफार्मरों की सुरक्षित और प्रभावी कार्यप्रणाली बनाए रखने के लिए उनकी अर्थिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विभागीय टीमों द्वारा नियमित रूप से अर्थिंग में पानी डालकर सिस्टम को सुरक्षित और स्थिर रखा जा रहा है। उपकेंद्रों का अधिकारी कर रहे लगातार निरीक्षण प्रदेश भर में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा उपकेंद्रों का निरीक्षण भी लगातार किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि उपभोक्ताओं को हर स्थिति में गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और निरंतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। शिकायतों के त्वरित निस्तारण और फील्ड रिस्पॉन्स टाइम को बेहतर बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं यूपीपीसीएल के चेयरमैन डॉ. आशीष कुमार गोयल ने कहा कि 32,348 मेगावाट की रिकॉर्ड बिजली मांग की सफल पूर्ति उत्तर प्रदेश के बिजली क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।  रोस्टर से अधिक बिजली आपूर्ति की जा रही चेयरमैन डॉ. गोयल ने कहा कि प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं तक निर्बाध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण बिजली पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यूपीपीसीएल के निदेशक वितरण ज्ञानेंद्र धर द्विवेदी ने बताया कि रोस्टर से अधिक बिजली आपूर्ति की जा रही है। पूरे प्रदेश में ब्रेक डाउन में आये फीडरों को छोड़कर अन्य कार्यों के लिए शटडाउन लेने पर रोक लगाई गई है। उन्होंने बताया कि फीडरों के शटडाउन के लेने के लिए अधिशाषी अभियंताओं को अधिकृत किया गया है। जिससे शटडाउन महत्वपूर्ण व आवश्यक है, यह सुनिश्चित किया जा सकें।

पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, ADC के नए पद सृजित; जनता को मिलेगा सीधा फायदा

चंडीगढ़. पंजाब वासियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लोगों की लंबे समय से उठाई गई मांग पूरी हो गई है। जानकारी के अनुसार पंजाब में नई ADC पोस्ट को बनाई दी गई है। लोगों द्वारा मांग की गई थी कि दसूहा और मुकेरियां सब-डिवीजन के लिए ADC का पद बनाया जाए क्योंकि इन इलाकों के लोगों को अपने कामों के लिए दूर जाना पड़ता है। इसके बाद अब दसूहा, मुकेरियां, टांडा, तलवाड़ा, हाजीपुर और गढ़दीवाला इलाकों में नई एडीसी पोस्ट को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही फगवाड़ा के लोगों को भी अपने काम के लिए कपूरथला जाना पड़ता था। यहां के लोगों को राहत देने के लिए फगवाड़ा में भी एडीसी का एक नया पद बनाने को मंजूरी दी गई है। 

स्टंटबाज की दबंगई! पुलिस वाहन में बनाई रील, लिखा- ‘आज जेल, कल बेल…’

दुर्ग. दुर्ग जिले में अपराधी पुलिस की नाक के नीचे कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती देते नजर आ रहे हैं। भिलाई की सड़क पर खतरनाक बाइक स्टंट करने वाले आरोपी की गिरफ्तारी के बाद भी उसने पुलिस वाहन में बैठकर वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर कर दिया। दरअसल, सुपेला पुलिस ने आरोपी युवराज सोनी को लापरवाहीपूर्वक स्टंट करते हुए वाहन चलाने और लोगों की जान जोखिम में डालने के आरोप में पकड़ा था। आरोपी का यह वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर कार्रवाई की। इस मामले में सुपेला पुलिस ने शनिवार शाम प्रेस नोट जारी कर बताया कि सड़क पर खतरनाक स्टंट करने वाले युवक युवराज सोनी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है। आरोपी पर अपराध दर्ज कर कार्रवाई की गई। गिरफ्तारी के बाद आरोपी युवक ने एक और वीडियो बना डाला, जिसमें वह पुलिस वाहन के अंदर बैठा हुआ और हाथ में लगी हथकड़ी दिखाते हुए रील बनाता नजर आ रहा है। वीडियो पोस्ट कर उसने कैप्शन में लिखा “आज जेल, कल बेल, परसों फिर वही खेल”। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वहीं आरोपी वीडियो में पुलिस विभाग को चिढ़ाते हुए हंसता और विक्ट्री साइन दिखाता नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी के करीब 3 घंटे बाद उसके इंस्टाग्राम अकाउंट से यह स्टोरी अपलोड की गई।