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फायरिंग घटनाओं के बाद चंडीगढ़ में सुरक्षा कड़ी, बस स्टैंड सील कर पुलिस ने की व्यापक जांच

चंडीगढ़ चंडीगढ़ में हाल के दिनों में हुई फायरिंग की घटनाओं के बाद पुलिस ने शुक्रवार सुबह सेक्टर-43 इंटर स्टेट बस टर्मिनस (ISBT) पर बड़ा सुरक्षा अभियान चलाया। ऑपरेशन सेल की टीम ने अचानक बस स्टैंड पहुंचकर पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया। यह विशेष अभियान ऑपरेशन सेल के इंस्पेक्टर जसपाल सिंह की अगुवाई में चलाया गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस की मौजूदगी देखकर बस स्टैंड पर मौजूद कई यात्री कुछ देर के लिए घबरा गए। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के उद्देश्य से चलाया गया था। पुलिस बैग की जांच करती हुई। बसों से लेकर यात्रियों के सामान की जांच अभियान के दौरान ऑपरेशन सेल की टीम ने बस स्टैंड के सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया। इसके बाद अंदर आने-जाने वाली हर बस की जांच की गई। पुलिसकर्मी बसों में चढ़कर यात्रियों के बैग, सामान, सीटों के नीचे रखे लगेज की तलाशी लेते रहे। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया कि किसी बस में कोई संदिग्ध व्यक्ति या सामान तो मौजूद नहीं है। इस अभियान का उद्देश्य बस स्टैंड के माध्यम से किसी भी अपराधी या अवैध सामग्री की आवाजाही को रोकना था। बस स्टैंड परिसर में मौजूद दुकानदारों, रेहड़ी-फड़ी संचालकों, बस चालकों, परिचालकों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई। पुलिस ने उनसे पूछा कि क्या उन्होंने हाल के दिनों में किसी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि को देखा है। दुकानों और सार्वजनिक स्थानों के आसपास भी विशेष निगरानी रखी गई। पुलिस ने बस स्टैंड के वेटिंग एरिया, टिकट खिड़की, पार्किंग, शौचालय, फुटओवर ब्रिज और अधिक भीड़भाड़ वाले सभी स्थानों की जांच की। पुलिसकर्मी पूरे परिसर में लगातार गश्त करते रहे और हर आने-जाने वाले व्यक्ति पर नजर रखी। इस अभियान का उद्देश्य संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करना, अपराधियों पर निगरानी रखना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। करीब दो घंटे चले इस अभियान में बस स्टैंड के हर हिस्से की गहन जांच की गई। फायरिंग की घटनाओं के बाद जांच चंडीगढ़ में हुई फायरिंग और गैंगस्टर से जुड़ी घटनाओं की जांच में सामने आया है कि कुछ आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद बसों के जरिए शहर से फरार हो गए थे, जबकि कुछ पहले भी बसों के माध्यम से चंडीगढ़ पहुंचे थे। इससे स्पष्ट हुआ कि अपराधी बस स्टैंड का इस्तेमाल आवाजाही के लिए कर रहे हैं। इसी को देखते हुए पुलिस ने सेक्टर-43 बस स्टैंड पर सर्च अभियान चलाया। अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कोई संदिग्ध व्यक्ति, गैंगस्टर या अपराधी बसों के जरिए शहर में प्रवेश या बाहर न निकल सके। इस दौरान बसों, यात्रियों और उनके सामान की गहन जांच की गई तथा संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ कर उनकी पहचान और यात्रा से जुड़ी जानकारी ली गई। बस स्टैंड के बाहर नहीं सीसीटीवी कैमरे सेक्टर-43 बस स्टैंड के भीतर पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, लेकिन बाहर, खासकर कजहेड़ी की ओर पेट्रोल पंप के पास कैमरे नहीं हैं। पुलिस का कहना है कि कई बार आरोपी इसी रास्ते का फायदा उठाकर आसानी से निकल जाते हैं। इसलिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए बस स्टैंड के बाहरी हिस्से में भी सीसीटीवी कैमरे लगाने की जरूरत महसूस की जा रही है।  

मानसून में मलेरिया का खतरा बढ़ा: जानें इसके शुरुआती लक्षण और समय रहते कैसे पहचानें

मानसून का मौसम जहां तपती गर्मी से राहत देता है, वहीं यह कई संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देता है. बारिश के दौरान जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ती है, जिसके कारण मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी फैल सकती है. अक्सर लोग मलेरिया के शुरुआती संकेतों को सामान्य वायरल संक्रमण या थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे समस्या बढ़ सकती है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, समय रहते लक्षणों की पहचान और सही इलाज शुरू कर दिया जाए तो मलेरिया से होने वाली जटिलताओं से बचा जा सकता है. आइए जानते हैं इस बीमारी के कुछ प्रमुख संकेतों के बारे में. तेज बुखार और ठंड लगना मलेरिया का सबसे सामान्य लक्षण तेज बुखार है. इसके साथ अचानक ठंड लगना और कंपकंपी भी हो सकती है. कई बार बुखार बार-बार आता है और शरीर का तापमान काफी बढ़ जाता है. ज्यादा पसीना आना बुखार उतरने के बाद अत्यधिक पसीना आना भी मलेरिया का संकेत माना जाता है. शरीर तापमान को सामान्य करने की कोशिश करता है, जिसके कारण मरीज को जरूरत से ज्यादा पसीना आ सकता है. सिरदर्द और शरीर में दर्द मलेरिया होने पर सिर भारी लगना, आंखों के आसपास दर्द और पूरे शरीर में टूटन महसूस हो सकती है. कई लोगों को मांसपेशियों में दर्द और कमजोरी की शिकायत भी होती है. लगातार थकान और कमजोरी अगर बिना ज्यादा काम किए भी हर समय थकान महसूस हो रही है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. मलेरिया शरीर की ऊर्जा को प्रभावित करता है, जिससे कमजोरी और सुस्ती बढ़ सकती है. उल्टी होना कुछ मरीजों में जी मिचलाना, उल्टी होना, भूख कम लगना और पेट में असहजता जैसे लक्षण भी देखने को मिलते हैं. बुखार के साथ ऐसे संकेत दिखाई दें तो तुरंत जांच करानी चाहिए. मलेरिया से बचाव कैसे करें? मलेरिया से बचने के लिए घर और आसपास पानी जमा न होने दें. सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें, पूरी बांह के कपड़े पहनें और मच्छर भगाने वाले रिपेलेंट का उपयोग करें. यदि लगातार बुखार या ऊपर बताए गए लक्षण दिखाई दें तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करें. मानसून के मौसम में थोड़ी सावधानी और जागरूकता आपको और आपके परिवार को मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रख सकती है.

नारायणपुर में सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता, हथियारों का डंप और 24 लाख कैश जब्त

नारायणपुर. नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत नारायणपुर पुलिस और सुरक्षा बलों को दो अलग-अलग सर्च ऑपरेशनों में बड़ी सफलता मिली है। थाना ओरछा क्षेत्र के टेकला जंगल-पहाड़ी में नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया गया। वहीं, थाना छोटेडोंगर क्षेत्र के तोयामेटा जंगल-पहाड़ी से 24 लाख रुपये की नकद राशि बरामद कर सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के हथियारों के साथ-साथ उनके आर्थिक नेटवर्क पर भी बड़ा प्रहार किया है। विश्वसनीय सूचना के आधार पर चलाए गए इन अभियानों के दौरान सुरक्षा बलों ने जंगलों में छिपाए गए हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक सामग्री और संचार उपकरण सुरक्षित बरामद किए। पुलिस के अनुसार, यह सफलता लगातार चलाए जा रहे सर्च और एरिया डोमिनेशन अभियान का परिणाम है। टेकला जंगल-पहाड़ी में मिले जखीरे से एक INSAS रायफल, दो SLR रायफल, दो .303 रायफल, दो 30-ओसी बंदूक, एक BGL लॉन्चर और एक सिंगल शॉट बंदूक बरामद की गई। इसके अलावा बड़ी संख्या में मैगजीन, सैकड़ों जिंदा कारतूस, डेटोनेटर तथा बायोफेंग संचार उपकरण भी जब्त किए गए। पुलिस के अनुसार, यह डंप नक्सलियों की गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण संसाधन केंद्र था। एक अन्य अभियान के तहत 25 जून को थाना छोटेडोंगर क्षेत्र के तोयामेटा जंगल-पहाड़ी से नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखी गई 24 लाख रुपये की नकद राशि बरामद की गई। सुरक्षा एजेंसियां इसे नक्सली संगठन के आर्थिक नेटवर्क के लिए बड़ा झटका मान रही हैं। बरामद राशि के स्रोत और उसके उपयोग की भी जांच की जा रही है। अभियान लगातार रहेगा जारी पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सर्च अभियान लगातार जारी रहेगा। जंगलों में छिपाकर रखे गए हथियार, विस्फोटक सामग्री और अन्य संसाधनों की तलाश कर उन्हें जब्त करने की कार्रवाई आगे भी तेज की जाएगी, ताकि नक्सली संगठन की संचालन क्षमता को कमजोर किया जा सके। जनता से सहयोग की अपील नारायणपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि, व्यक्ति या सूचना की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। पुलिस का कहना है कि आमजन के सहयोग से जिले में शांति, सुरक्षा और विकास की प्रक्रिया को और अधिक मजबूत बनाया जा सकेगा।

Ayodhya News: चंदा चोरी विवाद के बीच चंपत राय और अनिल मिश्रा ने छोड़ा राम मंदिर ट्रस्ट

अयोध्या  राम मंदिर दान प्रकरण में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख का असर साफ देखने को मिला है. राम जन्मभूमि ट्रस्ट के दो सदस्य चंपत राय और अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है. एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट में कठोर संस्तुति के बाद यह बड़ा फैसला लिया गया. एसआईटी की सिफारिश पर मामले में पहली एफआईआर पहले ही दर्ज की जा चुकी है. इस्तीफों को जांच में हुई कार्रवाई से जोड़कर देखा जा रहा है ।  सूत्रों के अनुसार, यह घटनाक्रम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख और एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के बाद सामने आया है. इससे पहले इसी मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत पर पहली एफआईआर दर्ज की गई. एफआईआर में आठ लोगों को नामजद किया गया है, जबकि कई अन्य अज्ञात लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।  एसआईटी फिलहाल कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही है. जांच एजेंसी आरोपियों के बैंक खातों, संपत्तियों, मोबाइल रिकॉर्ड और कथित लेन-देन की पड़ताल में जुटी है. सूत्रों का कहना है कि एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में कुछ कड़ी सिफारिशें की गई थीं, जिसके बाद जांच की रफ्तार और तेज हुई।  इसी क्रम में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफों को भी जांच से जोड़कर देखा जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही इस मामले में पारदर्शी और निष्पक्ष जांच के संकेत दे चुके हैं. सरकार का कहना है कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर अनियमितता या जिम्मेदारी तय होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।  फिलहाल इस पूरे मामले में कई सवालों के जवाब अभी आने बाकी हैं. क्या एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट में और बड़े खुलासे होंगे? क्या जांच का दायरा और बढ़ेगा? और क्या ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में कोई बदलाव देखने को मिलेगा? इन सभी सवालों के जवाब आने वाले दिनों में जांच के साथ सामने आएंगे।  चढ़ावे से जुड़े मामले में 8 लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ है केस राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित गड़बड़ी की जांच के बीच गुरुवार को बड़ा कदम उठाया गया. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी कृष्ण मोहन की शिकायत पर राम जन्मभूमि थाने में आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ. एफआईआर में राम शंकर यादव उर्फ टीनू, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्रा, करुणेश पांडेय, अविनाश शुक्ला, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्रा और सुभाष चंद्र श्रीवास्तव को नामजद किया गया है।  इनके खिलाफ गबन, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज है. सूत्रों के अनुसार, एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव (गृह) को सौंपे जाने के बाद यह कार्रवाई हुई. पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश की जा रही है।  ट्रस्ट से जुड़े कृष्ण मोहन ने दर्ज कराई है मामले की शिकायत इस पूरे मामले की शिकायत कृष्ण मोहन ने दर्ज कराई, जो सितंबर 2025 में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का सदस्य बनाया गया था. फरवरी 2025 में ट्रस्टी कामेश्वर चौपाल के निधन के बाद उनकी जगह कृष्ण मोहन का चयन किया गया. हरदोई के रहने वाले कृष्ण मोहन ने 1970 के दशक में लखनऊ विश्वविद्यालय से एमएससी की पढ़ाई की थी. इसके बाद उन्होंने परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में करीब छह वर्ष तक काम किया और फिर भारतीय वन सेवा (IFS) में चयनित होकर महाराष्ट्र कैडर में सेवाएं दीं. साल 2012 में रिटायर होने के बाद वह सामाजिक कार्यों से जुड़े रहे। 

मध्यप्रदेश में मानसून की रफ्तार तेज, शाजापुर-नर्मदापुरम में 2 इंच बारिश; भोपाल-उज्जैन में 48 घंटे में एंट्री

 भोपाल मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटे प्रदेश के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं। संभावना है कि मानसून इसी दौरान भोपाल और उज्जैन संभाग तक पहुंच जाएगा। हालांकि ग्वालियर-चंबल, सागर, रीवा और शहडोल संभाग के जिलों में मानसून सबसे आखिर में दस्तक देगा। इस बीच शुक्रवार को प्रदेश के 45 जिलों में तेज हवा और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।  दो जिलों में ऑरेंज अलर्ट, कई इलाकों में तेज बारिश की संभावना मौसम विभाग ने आगर-मालवा और सीहोर में 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक की रफ्तार से आंधी और तेज बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं भोपाल, रायसेन, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, रतलाम, मंदसौर, नीमच, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह और छतरपुर समेत कई जिलों में हल्की से भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके विपरीत ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी और टीकमगढ़ में फिलहाल मौसम शुष्क रहने और धूप निकलने के आसार हैं। शाजापुर में सबसे ज्यादा बरसात गुरुवार को प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश हुई। सबसे अधिक 51 मिमी (दो इंच से ज्यादा) वर्षा शाजापुर में दर्ज की गई, जबकि श्योपुर और बालाघाट में भी करीब आधा इंच पानी गिरा। इंदौर, खंडवा, शिवपुरी, छिंदवाड़ा, खरगोन और मैहर सहित कई जिलों में तेज हवा के साथ बारिश हुई। बारिश से तापमान में आई गिरावट लगातार बारिश के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। खरगोन सबसे ठंडा जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बैतूल, सिवनी, खंडवा, धार और नर्मदापुरम सहित कई जिलों में पारा सामान्य से नीचे रहा। बड़े शहरों में भोपाल का अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री, इंदौर 33.9 डिग्री, उज्जैन 33.8 डिग्री, जबलपुर 38.1 डिग्री और ग्वालियर 40.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 15 जिलों में हुई बारिश गुरुवार को शाजापुर और नर्मदापुरम में करीब 2 इंच बारिश हुई। श्योपुर, रायसेन और सागर में सवा इंच से ज्यादा पानी गिरा। वहीं गुना में 1 इंच, पचमढ़ी में पौन इंच और बालाघाट में करीब आधा इंच बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा इंदौर, खंडवा, बैतूल, राजगढ़, रतलाम, शिवपुरी, मैहर और छिंदवाड़ा समेत कई जिलों में भी बारिश का दौर जारी रहा। बिजली गिरने से बुजुर्ग की मौत शाजापुर में आकाशीय बिजली गिरने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई। वहीं लगातार बारिश को देखते हुए इंदौर के जोखिम वाले पर्यटन स्थलों पर 22 अगस्त तक पर्यटकों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है। कई शहरों में तापमान गिरा बारिश के बाद प्रदेश के कई शहरों में दिन का तापमान सामान्य से नीचे पहुंच गया। खरगोन सबसे ठंडा रहा, जहां अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं भोपाल में 32.8 डिग्री, इंदौर में 33.9 डिग्री, उज्जैन में 33.8 डिग्री, जबलपुर में 38.1 डिग्री और ग्वालियर में सबसे अधिक 40.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। अभी भी सामान्य से कम बारिश मानसून की सक्रियता बढ़ने से प्रदेश में वर्षा की कमी कुछ कम हुई है। एक जून से अब तक सामान्य रूप से 91.7 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, जबकि 52.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। यानी प्रदेश अभी भी सामान्य से 43 प्रतिशत कम बारिश पर है। हालांकि 24 जून तक यह कमी 50 प्रतिशत थी, जिससे स्पष्ट है कि हाल की बारिश ने स्थिति में करीब सात प्रतिशत सुधार किया है। किन जिलों में कम और कहां ज्यादा बारिश अब तक अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, भिंड, दतिया, देवास, धार, गुना, ग्वालियर, हरदा, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, मुरैना, नर्मदापुरम, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है। वहीं भोपाल, अशोकनगर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, श्योपुर, बुरहानपुर, इंदौर, शाजापुर और सीहोर ऐसे जिले हैं जहां सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। 15 जिलों तक पहुंच चुका है मानसून अब तक मानसून प्रदेश के 15 जिलों-आलीराजपुर, इंदौर, हरदा, धार, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, खरगोन, सिवनी, बालाघाट, मंडला, बड़वानी और डिंडौरी में प्रवेश कर चुका है। इन जिलों के कई क्षेत्रों में चार इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई है। 

वेल्डिंग मिस्त्री की बेटी सिमरन प्रवीन ने बास्केटबॉल में जीता गोल्ड, राष्ट्रीय स्तर पर चमकी प्रतिभा

बीकानरे  कहा जाता है कि यदि इरादे मजबूत हों और मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो, तो रास्ते की हर मुश्किल आसान हो जाती है. इसका एक जीता-जागता और प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है राजस्थान के बीकानेर की रहने वाली युवा बास्केटबॉल खिलाड़ी सिमरन प्रवीन ने. सिमरन ने अपने परिवार के बेहद सीमित संसाधनों और कमजोर आर्थिक हालातों के बावजूद अपनी कड़ी मेहनत और असाधारण प्रतिभा के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी पहचान बनाई है. एक साधारण वेल्डिंग मिस्त्री की बेटी सिमरन अब तक दो राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में राजस्थान का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं और एक नेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर बीकानेर जिले सहित पूरे प्रदेश का नाम रोशन कर चुकी हैं. वर्तमान में सिमरन प्रवीन 12वीं कक्षा की छात्रा हैं और वे अपनी पढ़ाई के साथ-साथ बास्केटबॉल के मैदान पर भी लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही हैं. बेहद कम समय में राष्ट्रीय फलक पर अपनी चमक बिखेरने वाली सिमरन का अब अगला लक्ष्य भारतीय सीनियर बास्केटबॉल टीम का हिस्सा बनना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए मेडल जीतना है. तीन साल पहले शुरू हुआ था बास्केटबॉल का सफर सिमरन बताती हैं कि उन्होंने करीब तीन वर्ष पहले ही बास्केटबॉल खेलना शुरू किया था. शुरुआत में उन्हें इस खेल के नियमों और तकनीकों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी, लेकिन एक स्थानीय ट्रायल में भाग लेने के बाद बास्केटबॉल के प्रति उनका लगाव इतना बढ़ गया कि उन्होंने इसे ही अपनी जिंदगी का मुख्य लक्ष्य बना लिया. इसके बाद नियमित कड़े अभ्यास, अनुशासन और अपनी मेहनत के दम पर उन्होंने बहुत ही कम समय में राष्ट्रीय स्तर तक का एक सफर तय कर लिया, जो हर किसी के लिए प्रेरणादायक है. सिमरन ने बताया कि वे अब तक दो नेशनल प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुकी हैं. हाल ही में जनवरी माह में राजस्थान के बाड़मेर में आयोजित स्कूली राष्ट्रीय खेलों में भी उन्होंने अपनी टीम के लिए शानदार प्रदर्शन किया. इससे पहले आयोजित हुई एक अन्य प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उन्होंने गोल्ड मेडल जीतकर अपनी अद्भुत खेल प्रतिभा का लोहा देश भर में मनवाया था. बहन से मिली प्रेरणा, कोच ने तराशा हुनर सिमरन अपनी इस शानदार सफलता का एक बड़ा श्रेय अपने कोच नरेंद्र कस्वा को देती हैं. उनका कहना है कि उनके कोच ने हमेशा उन्हें मैदान पर और मैदान के बाहर बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया है. वे खिलाड़ियों को केवल खेल की तकनीक और ड्रिबलिंग ही नहीं सिखाते, बल्कि जीवन में अनुशासन और लक्ष्य के प्रति पूर्ण समर्पण का महत्व भी गहराई से समझाते हैं. सिमरन बताती हैं कि कोच अक्सर सभी खिलाड़ियों से कहते हैं कि “मोबाइल में कुछ नहीं रखा है, खेलो और अपना भविष्य बनाओ.” कोच की यही बातें सिमरन के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा बन गईं. इसके अलावा सिमरन ने बताया कि बास्केटबॉल खेलने की शुरुआती प्रेरणा उन्हें अपनी बड़ी बहन से मिली थी, जिन्होंने उन्हें इस खेल को अपनाने की सलाह दी थी. माता-पिता ने आर्थिक तंगी के बाद भी दिया पूरा साथ एक बेहद साधारण और मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाली सिमरन के पिता यूसुफ अली वेल्डिंग का कार्य करते हैं, जिससे उनके घर का गुजारा चलता है, जबकि उनकी माता मन्नत बानो एक कुशल गृहिणी हैं. चार भाई-बहनों में सिमरन सबसे छोटी और सबकी लाडली हैं. परिवार की आर्थिक परिस्थितियां बहुत ज्यादा मजबूत नहीं होने के बावजूद उनके माता-पिता ने कभी भी सिमरन के कदमों को रुकने नहीं दिया और अपनी क्षमता से बढ़कर उनकी खेल प्रतिभा को आगे बढ़ाने में पूरा सहयोग दिया. मैदान पर जब सिमरन उतरती हैं, तो अपनी तेज रफ्तार, बेहतरीन बॉल कंट्रोल और शानदार शूटिंग स्किल के दम पर विपक्षी टीम के डिफेंस को पूरी तरह से ध्वस्त कर देती हैं. सिमरन का कहना है कि उनका सबसे बड़ा सपना भारतीय टीम की आधिकारिक जर्सी पहनकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करना है, जिसके लिए वे रोज घंटों पसीना बहा रही हैं.

गरुड़ पुराण के अनुसार रात में अंतिम संस्कार क्यों नहीं किया जाता, जानिए धार्मिक कारण

जैसे दिन के बाद रात होना निश्चित है, ठीक उसी प्रकार यह भी निश्चित है कि जिसने इस मृत्यु लोक में जन्म लिया है, उसे एक न एक दिन मृत्यु का सामना अवश्य करना पड़ता है. यानी पृथ्वी लोक का सबसे बड़ा सत्य है- मृत्यु. फिर भी कुछ लोग इस सच्चाई को स्वीकार नहीं कर पाते है. आपने अक्सर देखा होगा कि हिंदू धर्म में मृत्यु के बाद शव का दाह संस्कार किया जाता है. लेकिन अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु सूर्यास्त के बाद होती है, तो उसका अंतिम संस्कार उसी समय नहीं किया जाता, बल्कि अगले दिन किया जाता है. ऐसे में एक बात और ध्यान देने वाली होती है कि शव को रात भर कभी भी अकेला नहीं छोड़ा जाता है. लेकिन ऐसा क्यों किया जाता है? आइए, इसके पीछे के धार्मिक कारणों को समझते हैं, जिनका उल्लेख गरुड़ पुराण में मिलता है. किन परिस्थितियों में टाल दिया जाता है अंतिम संस्कार? किन स्थितियों में दाह संस्कार को कुछ समय के लिए रोका जाता है? गरुड़ पुराण के मुताबिक, यदि मृत्यु सूर्यास्त के बाद हो जाए या यदि मृत्यु पंचक काल में हो तो ऐसी परिस्थितियों में शव को घर पर ही रखा जाता है. शुभ समय आने के बाद ही अंतिम संस्कार किया जाता है. मान्यता है कि इन समयों में दाह संस्कार करने से आत्मा को मोक्ष प्राप्त नहीं होता है. शव को अकेला क्यों नहीं छोड़ा जाता है? 1. जानवरों से सुरक्षा गरुड़ पुराण के मुताबिक, अगर शव को अकेला छोड़ दिया जाए, तो कुत्ते या अन्य जानवर उसे नुकसान पहुंचा सकते हैं. मान्यता है कि इससे मृत आत्मा को भी यमलोक की यात्रा में कष्ट झेलने पड़ते हैं. 2. दुर्गंध से बचाव मृत शरीर से कुछ समय बाद दुर्गंध आने लगती है. इसलिए वहां किसी का उपस्थित रहना जरूरी होता है, जो धूप या अगरबत्ती जलाकर वातावरण को शुद्ध रखे. 3. नकारात्मक शक्तियों का डर गरुड़ पुराण में बताया गया है कि रात के समय आसपास भटकने वाली नकारात्मक या दुष्ट आत्माएं मृत शरीर में प्रवेश कर सकती हैं. इससे मृतक और उसके परिवार को कष्ट झेलने पड़ सकते हैं. 4. आत्मा की उपस्थिति ऐसी मान्यता है कि मृत्यु के बाद कुछ समय तक आत्मा अपने शरीर के आसपास ही रहती है और अपने परिजनों को देखती रहती है. इसलिए शव को अकेला नहीं छोड़ा जाता. संतान का इंतजार भी होता है जरूरी गरुड़ पुराण में भगवान विष्णु, गरुड़ जी से कहते हैं कि यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाए और उसकी संतान उपस्थित न हो, तो अंतिम संस्कार को तब तक टाला जा सकता है जब तक पुत्र या पुत्री आ न जाए. मान्यता है कि जब तक संतान मुखाग्नि नहीं देती, तब तक आत्मा को पूर्ण मुक्ति नहीं मिलती है. रात में अंतिम संस्कार क्यों नहीं किया जाता? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि सूर्यास्त के बाद दाह संस्कार किया जाए, तो आत्मा को मोक्ष प्राप्त नहीं होता है और उसे निम्न योनि जैसे असुर, पिशाच आदि, में जन्म लेना पड़ सकता है.

राजस्थान सरकार का बड़ा कदम, ऊर्जा बचाने वाले भवनों और ई-वाहनों को मिलेगा बढ़ावा

 जयपुर मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने प्रदेश में ऊर्जा दक्ष भवनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रस्तावित राजस्थान एनर्जी कंजर्वेशन सस्टेनेबल बिल्डिंग कोड को अधिसूचित करने की प्रक्रिया को गति देने के निर्देश दिए हैं। इससे भवनों में ऊर्जा की खपत को कम किया जा सकेगा। मुख्य सचिव ने इस कोड के अनुपालन मैकेनिज्म को भी प्रभावी बनाने के निर्देश दिए ताकि प्रदेश में भवन निर्माण के क्षेत्र में ऊर्जा दक्षता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्रोत्साहन दिया जा सके। मुख्य सचिव ने यह निर्देश गुरूवार को शासन सचिवालय में प्रदेश में एनर्जी ट्रांजिशन पर गठित राज्य स्तरीय स्टीयरिंग समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदान किए।  कोड तथा इससे संबंधित रूल्स के प्रारूपों की समीक्षा करते हुए उन्होंने इसे जल्द अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सौर ऊर्जा सहित नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा दिए जाने से ऊर्जा परिदृश्य में सकारात्मक बदलाव आया है और राजस्थान इसमें निरन्तर अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने पीएम ई— ड्राईव योजना के अन्तर्गत प्रदेश के प्रमुख शहरों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों के लिए व्यापक रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट्स, ग्रिड स्थिरता और एनर्जी स्टोरेज परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि राजस्थान मजबूत एवं स्थिर ग्रिड तंत्र विकसित करने की दिशा में भी पूरी तरह प्रतिबद्धता से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन को और गति प्रदान करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने सरकारी भवनों में रूफ टॉप सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना के कार्य की समीक्षा करते हुए कहा कि इससे राजकीय कार्यस्थलों पर बिजली की बचत को प्रोत्साहन मिला है। बैठक में ऊर्जा सचिव सुश्री आरती डोगरा ने ग्रिड की स्थिरता, सौर ऊर्जा परियोजनाओं के क्रियान्वयन सहित ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।

ज्येष्ठ पूर्णिमा 2026 पर मेष, मिथुन, सिंह, तुला और धनु राशि को मिलेगा बड़ा लाभ

 सनातन धर्म में ज्येष्ठ पूर्णिमा का विशेष महत्व है. इस दिन स्नान-दान और लक्ष्मी-नारायण की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है. इस वर्ष ज्येष्ठ पूर्णिमा 29 जून, सोमवार को मनाई जाएगी. पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 29 जून को प्रातः 3:06 बजे से होगी और इसका समापन 30 जून को सुबह 5:26 बजे होगा. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस साल की ज्येष्ठ पूर्णिमा कई राशियों के लिए बेहद भाग्यशाली रहने वाली है. सोमवार का दिन होने और ग्रहों की शुभ स्थिति के कारण कुछ विशेष राशियों का अच्छा टाइम शुरू होने जा रहा है. आइए जानते हैं कि इस पूर्णिमा से किन राशियों के जीवन में बड़े सकारात्मक बदलाव आने वाले हैं. मेष राशि (Aries) मेष राशि के जातकों के लिए ज्येष्ठ पूर्णिमा वरदान की तरह साबित हो सकती है. लंबे समय से रुके हुए काम इस अवधि में गति पकड़ेंगे. कार्यक्षेत्र में आपके प्रदर्शन की सराहना होगी और वरिष्ठ अधिकारियों का पूरा सहयोग मिलेगा. आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और आय के नए स्रोत बन सकते हैं. परिवार के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बने रहेंगे. मिथुन राशि (Gemini) मिथुन राशि के लोगों के लिए यह समय करियर में बड़ी छलांग लगाने का है. यदि आप नौकरी बदलने का विचार कर रहे हैं, तो अच्छे अवसर मिल सकते हैं. व्यापार से जुड़े जातकों को इस दौरान कोई बड़ा सौदा हाथ लग सकता है, जिससे मुनाफे में वृद्धि होगी. समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा. मानसिक तनाव से मुक्ति मिलेगी. सिंह राशि (Leo) सिंह राशि वालों के लिए ज्येष्ठ पूर्णिमा से सुनहरे दिनों की शुरुआत हो सकती है. आपकी नेतृत्व क्षमता में निखार आएगा. निवेश के दृष्टिकोण से यह समय काफी लाभदायक रहने वाला है. पैतृक संपत्ति से जुड़े विवाद सुलझ सकते हैं. जीवनसाथी के साथ रिश्ते और मजबूत होंगे. आप दोनों मिलकर भविष्य की योजनाएं बनाएंगे. तुला राशि (Libra) तुला राशि के जातकों के लिए यह पूर्णिमा आर्थिक रूप से बेहद शुभ रहने वाली है. फंसा हुआ धन वापस मिल सकता है. नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या वेतन वृद्धि की खुशखबरी मिल सकती है. जो लोग कला, लेखन या डिजिटल मीडिया से जुड़े हैं, उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतरीन मंच मिलेगा. स्वास्थ्य में भी सुधार देखने को मिलेगा. धनु राशि (Sagittarius) धनु राशि के जातकों का भाग्य इस अवधि में पूरी तरह से उनका साथ देगा. कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता मिल सकती है. विद्यार्थियों के लिए यह समय बेहद अनुकूल है, परीक्षाओं में अच्छे परिणाम मिलेंगे. धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों की ओर आपका झुकाव बढ़ेगा, जिससे मन को शांति मिलेगी. ज्येष्ठ पूर्णिमा पर जरूर करें ये उपाय यदि आप इस शुभ दिन का पूरा लाभ उठाना चाहते हैं, तो पूर्णिमा के दिन चंद्रोदय के समय कच्चे दूध में चीनी और चावल मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य दें. इसके साथ ही 'ऊं सों सोमाय नमः' मंत्र का जप करें. चूंकि इस बार पूर्णिमा सोमवार को है, इसलिए शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करना भी बेहद फलदायी रहेगा.

साई सुदर्शन की शतकीय पारी से मजबूत हुई इंडिया ए की स्थिति गॉल टेस्ट में

गॉल  भारत ए और श्रीलंका ए के बीच गाले में खेले जा रहे पहले चार दिवसीय अनाधिकारिक टेस्ट मैच के दूसरे दिन भारतीय टीम ने अपनी स्थिति बेहद मजबूत कर ली है। पहली पारी में बल्लेबाजी करते हुए इंडिया ए की टीम ने 99 ओवर के खेल में 5 विकेट खोकर 381 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा कर लिया है। टीम के लिए कप्तान और विकेटकीपर बल्लेबाज ध्रुव जुरेल क्रीज पर डटे हुए हैं और वह अपने शतक के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। जुरेल 177 गेंदों का सामना करते हुए 8 चौकों की मदद से 97 रन बनाकर खेल रहे हैं। दूसरे दिन उनका साथ हर्षल दुबे दे रहे हैं, जो 7 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं। जुरेल से पहले साई सुदर्शन का कमाल इससे पहले कल के स्कोर 4 विकेट पर 333 रन से आगे खेलते हुए कप्तान ध्रुव जुरेल और शेख रशीद ने पारी को आगे बढ़ाया। शेख रशीद ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए अपना अर्धशतक पूरा किया, लेकिन वह 113 गेंदों पर 5 चौकों की मदद से 63 रन बनाकर चामिका गुणसेकरा की गेंद पर आउट हो गए। इस मैच में भारत के लिए सबसे बड़ी पारी ओपनर साई सुदर्शन ने खेली, जिन्होंने 175 गेंदों में 19 चौकों की बदौलत 132 रनों की शतकीय पारी खेली। अन्य बल्लेबाजों में आयुष पांडे ने 25 रन, ऋतुराज गायकवाड़ ने 22 रन और देवदत्त पडिक्कल ने 12 रनों का योगदान दिया। श्रीलंकाई गेंदबाजों ने खाए खूब सारे रन श्रीलंका ए के गेंदबाजों को भारतीय बल्लेबाजों को रोकने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी और उन्होंने जमकर रन लुटाए। मेजबान टीम की तरफ से दिलुम सुदीरा और चामिका गुणसेकरा सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 2-2 विकेट अपने नाम किए। हालांकि, इसके लिए दिलुम सुदीरा ने अपने 31 ओवरों के स्पेल में 3.40 की इकोनॉमी से 105 रन खर्च किए। वहीं चामिका गुणसेकरा ने 14 ओवर गेंदबाजी की और 5.00 की महंगी इकोनॉमी से 70 रन लुटाए। अन्य गेंदबाजों की बात करें तो रविन्दु फर्नांडो ने सबसे ज्यादा 22 ओवर फेंके और 4.00 की इकोनॉमी से 87 रन देकर 1 विकेट हासिल किया। इसके अलावा दुलज समुदिथा ने 16 ओवर में 59 रन और कविंदु पाथिरत्ने ने 13 ओवर में 49 रन दिए, लेकिन इन दोनों को कोई सफलता हाथ नहीं लगी। कप्तान सहान अराचिगे ने भी 3 ओवर की किफायती गेंदबाजी की और मात्र 8 रन दिए।