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Haryana High Court का बड़ा फैसला, 396 दिन अनुपस्थित पुलिसकर्मी की अनिवार्य रिटायरमेंट कायम

चंडीगढ़. पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अनिवार्य सेवानिवृत्ति दंड नहीं बल्कि जनहित में लिया गया प्रशासनिक निर्णय होता है और इसके लिए कर्मचारी के पूरे सेवा रिकॉर्ड को आधार बनाया जा सकता है। अदालत ने कहा कि पहले दी गई विभागीय सजा के बाद अनिवार्य सेवानिवृत्ति का आदेश अपने आप में दोहरी सजा नहीं माना जा सकता। जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ ने करनाल निवासी हरियाणा पुलिस के एक कर्मचारी की अपील खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। हालांकि, अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि कर्मचारी के लंबित सेवा लाभ तीन माह के भीतर जारी किए जाएं। पुलिस कर्मी ने एकल पीठ के 11 फरवरी 2026 के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी अनिवार्य सेवानिवृत्ति के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी गई थी। उनका तर्क था कि उन्हें पहले ही 396 दिन तक ड्यूटी से गैर-हाजिर रहने के मामले में दंडित किया जा चुका है, इसलिए उसी आधार पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति देना दोहरी सजा के समान है। हाई कोर्ट ने अस्वीकार की दलील हाई कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि कानून स्पष्ट है कि अनिवार्य सेवानिवृत्ति कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होती, बल्कि जनहित में यह तय करने का अधिकार नियोक्ता के पास है कि किसी कर्मचारी को आगे सेवा में बनाए रखना उचित है या नहीं। इसके लिए कर्मचारी के पूरे सेवा रिकॉर्ड का मूल्यांकन किया जा सकता है। अदालत ने पाया कि याची को अतीत में कई बार चेतावनी और निंदा जैसी सजाएं मिल चुकी थीं। वर्ष 2017 में उन्हें समय पर अदालत और महाधिवक्ता कार्यालय में उपस्थित नहीं होने पर निंदा की सजा दी गई थी। इसके अलावा 2018 और 2019 में भी विभिन्न मामलों में चेतावनी और निंदा के दंड दिए गए थे। रिपोर्ट में ईमानदारी पर उठे सवाल अदालत ने उनकी वार्षिक गोपनीय रिपोर्टों का भी उल्लेख किया, जिनमें उन्हें कई अवसरों पर औसत से नीचे दर्ज किया गया था। एक रिपोर्ट में उनकी ईमानदारी को संदिग्ध बताया गया, जबकि व्यवहार, नेतृत्व क्षमता और सरकारी कार्यों में रुचि को भी संतोषजनक नहीं माना गया था। रिपोर्ट में उन्हें लापरवाह, गैर-जिम्मेदार और अविश्वसनीय कर्मचारी तक कहा गया था। खंडपीठ ने कहा कि इन सभी तथ्यों को देखते हुए सक्षम प्राधिकारी के पास यह निष्कर्ष निकालने के पर्याप्त आधार थे कि कर्मचारी की आगे की सेवा जनहित में नहीं है और वह विभाग के लिए ''डेडवुड'' बन चुका है। अदालत ने माना कि अनिवार्य सेवानिवृत्ति का निर्णय उचित सामग्री पर आधारित था, इसलिए इसमें न्यायिक हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं बनता। इसी के साथ अपील को खारिज कर दिया गया।

विंबलडन से पहले सिनर का दमदार प्रदर्शन, नारी को सीधे सेटों में हराया

लंदन  दुनिया के नंबर एक टेनिस खिलाड़ी जानिक सिनर ने कहा कि वह विम्बलडन में अपने खिताब का बचाव करने को लेकर आश्वस्त हैं। बुधवार को लंदन की भीषण गर्मी में खेले गए प्रदर्शनी मुकाबले में उन्होंने ब्रिटेन के कैमरन नारी को 6-3, 6-3 से हराया। फ्रेंच ओपन में शारीरिक परेशानी के बाद यह उनका पहला मुकाबला था। घास के कोर्ट पर खेले जाने वाले ग्रैंड स्लैम विंबलडन की शुरुआत सोमवार से होगी। सिनर ने इस टूर्नामेंट से पहले किसी भी एटीपी टूर स्तर के मुकाबले में हिस्सा नहीं लिया है। ऐसे में जार्जियो अरमानी टेनिस क्लासिक में मिली यह जीत उनके लिए अच्छी तैयारी साबित हुई। सिनर ने कहा कि आज काफी गर्मी थी, लेकिन शारीरिक रूप से मैं अच्छा महसूस कर रहा था। उन्होंने यह भी बताया कि फ्रेंच ओपन में अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्होंने कई चिकित्सकीय परीक्षण कराए। बुधवार को आल इंग्लैंड क्लब में अभ्यास के दौरान सिनर ने कूलिंग वेस्ट पहनी थी। हालांकि, नारी के विरुद्ध मुकाबले में उन्होंने पहले की तरह बर्फ की थैलियों का इस्तेमाल नहीं किया। फुलहम में दोपहर के समय तापमान 33 डिग्री सेल्सियस था, जबकि सोमवार को विम्बलडन के पहले दिन तापमान लगभग 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। फ्रेंच ओपन में सिनर दो सेट और तीसरे सेट में 5-1 की बढ़त के बावजूद अर्जेंटीना के जुआन मैनुअल सेरुंडोलो से 3-6, 2-6, 7-5, 6-1, 6-1 से हार गए थे।

लाउडस्पीकर से अजान पर सख्ती की तैयारी! डेनमार्क सरकार के बयान से छिड़ी नई बहस

कोपेनहेगन डेनमार्क की वामपंथी सरकार ने लाउडस्पीकर पर अजान देने पर रोक लगाने की बात कही है। सरकार में मंत्री मोर्टन बोडस्कोव ने कहा कि देश कुछ इलाके 'इस्लामाबाद के उपनगर' जैसे लगते हैं। ऐसे में हम अजान को कानूनी तौर पर बैन करने पर विचार कर रहे हैं। डेनमार्क सरकार ने नमाज से पहले अजान पर रोक लगाने के पीछे इस्लाम के प्रभाव के बढ़ने (इस्लामीकरण) की चिंता बताई जा रही है। सत्ताधारी सोशल डेमोक्रेट्स पार्टी की मस्जिदों में लाउडस्पीकर का इस्तेमाल रोकने की यह तीसरी कोशिश है। द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, सेंटर-लेफ्ट सोशल डेमोक्रेट्स पार्टी के सदस्य और सरकार में आव्रजन मंत्री मोर्टन बोडस्कोव ने अपने एक बयान में कहा है कि नई सरकार अजान पर रोक लगाने के कानूनी पहलुओं की फिर से जांच शुरू करेगी। उन्होंने इसके लिए प्लान तैयार कर लेने का दावा किया है। बोडस्कोव के नेतृत्व में डेनमार्क की आव्रजन और एकीकरण नीतियों को भी सख्त बनाया जा रहा है। यूरोप में बढ़ते प्रवासन और इस्लामीकरण को लेकर जारी बहस के बीच अब डेनमार्क ने भी बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है. देश की सरकार मस्जिदों से लाउडस्पीकर पर दी जाने वाली अजान पर कानूनी प्रतिबंध लगाने की संभावना पर विचार कर रही है. डेनमार्क के इमीग्रेशन मामलों के मंत्री मोर्टन बोडस्कोव ने कहा कि अजान की आवाज डेनमार्क की पहचान का हिस्सा नहीं है और लोग यह महसूस न करें कि वे किसी यूरोपीय शहर की बजाय इस्लामाबाद के किसी शहर में पहुंच गए हैं।  बोडस्कोव ने डेनिश समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा, "डेनमार्क की छतों के ऊपर अजान की आवाज नहीं सुनाई देनी चाहिए." उनका कहना है कि सरकार इस बात की कानूनी समीक्षा कर रही है कि क्या ऐसा प्रतिबंध देश के संविधान के दायरे में लगाया जा सकता है।  हालांकि, फिलहाल यह सिर्फ एक प्रस्ताव है और इसे अंतिम मंजूरी नहीं मिली है. डेनमार्क का संविधान सार्वजनिक रूप से धार्म के पालन की स्वतंत्रता देता है, इसलिए सरकार को यह भी देखना होगा कि ऐसा कानून संवैधानिक रूप से कितना टिकाऊ होगा।  पहले भी उठ चुका है यह मुद्दा डेनमार्क में यह बहस नई नहीं है. राजधानी कोपेनहेगन समेत कई इलाकों में पहले से ही स्थानीय शोर-शराबे से जुड़े नियमों के कारण लाउडस्पीकर पर अजान को सीमित किया गया है. इसके अलावा 2023 में सरकार ने धार्मिक ग्रंथों के अपमान पर भी कानून बनाया था. यह फैसला उस समय लिया गया था जब कुरान जलाने की घटनाओं के बाद कई मुस्लिम देशों ने कड़ी नाराजगी जताई थी।  डेनमार्क में करीब 2.7 लाख मुस्लिम रहते हैं और देशभर में लगभग 100 मस्जिदें हैं. ऐसे में अजान पर संभावित प्रतिबंध को मुस्लिम समुदाय से जुड़े बड़े फैसले के रूप में देखा जा रहा है।  यूरोप में तेज हुई इस्लामीकरण पर बहस हाल के वर्षों में यूरोप के कई देशों में प्रवासन, हिजाब, धार्मिक पहचान और सार्वजनिक धार्मिक गतिविधियों को लेकर बहस लगातार तेज हुई है. कई देशों में दक्षिणपंथी और इमीग्रेशन विरोधी दल यह दावा करते रहे हैं कि बड़े पैमाने पर प्रवासन यूरोपीय सांस्कृतिक पहचान को प्रभावित कर रहा है।  बोडस्कोव ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया पोस्ट में भी कहा था कि जो विदेशी कानूनी रूप से डेनमार्क में रहने के हकदार नहीं हैं, उन्हें चरणबद्ध तरीके से वापस भेजा जाएगा. उन्होंने इसे सरकार की सख्त प्रवासन नीति का हिस्सा बताया।  हालांकि सरकार प्रतिबंध की तैयारी कर रही है, लेकिन इसे लागू करना आसान नहीं होगा. संविधान धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी देता है और किसी भी नए कानून को अदालत में चुनौती दी जा सकती है. इसलिए सरकार फिलहाल कानूनी विशेषज्ञों से राय ले रही है. डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन की सरकार पहले भी अपनी सख्त प्रवासन नीतियों को लेकर सुर्खियों में रही है। 

तन्वी शर्मा और किदांबी श्रीकांत ने यूएस ओपन में आसान जीत से किया आगाज

फुलर्टन (अमेरिका)  विश्व जूनियर चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता तन्वी शर्मा और अनुभवी खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत ने आसान जीत के साथ यूएस ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट में अपने अभियान की शुरुआत की। तन्वी ने बुधवार को महिला सिंगल्स के पहले दौर में जर्मनी की यवोन ली को 23-21, 21-16 से, जबकि थाईलैंड मास्टर्स की मौजूदा चैंपियन देविका सिहाग ने पेरू की इनेस लूसिया कैस्टिलो को 21-14, 21-14 से हराया। पुरुष सिंगल्स में भारतीय खिलाड़ियों के बीच खेले गए मैच में रौनक चौहान ने एस शंकर मुथुसामी को 23-21, 21-16 से हराया। पांचवीं वरीयता प्राप्त श्रीकांत ने भी हमवतन डी सानीथ के विरुद्ध केवल 30 मिनट में 21-14, 21-12 से जीत हासिल की। महिला सिंगल्स में रक्षिता श्री ने भी चेक गणराज्य की टेरेजा स्वाबिकोवा पर 21-15, 21-8 से आसान जीत हासिल करके अगले दौर में प्रवेश किया। ध्रुव रावत और के मनीषा की जोड़ी ने मिक्स्ड डबल्स में इंडोनेशिया के विरावण इहसान आदम और सेरेना कानी को महज 26 मिनट में 21-15, 21-16 से हराया।

वायरल वीडियो पर CM भगवंत मान का जवाब, बोले- ‘बचपन के कट का निशान नहीं, इसलिए वीडियो फेक’

चंडीगढ़. पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने वीरवार को दावा किया है कि सोशल मीडिया पर जो कथित वीडियो प्रसारित हो रहा है, उसमें वे नहीं, बल्कि किसी अन्य व्यक्ति को उनके चेहरे का मास्क पहनाकर वीडियो बनाया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल दो वीडियो मीडिया को दिखाए। उन्होंने दावा किया कि उनकी कद काठी से मिलते व्यक्ति को उनके चेहरे का मास्क पहनाकर वीडियो शूट किए गए। मान ने कहा कि उनके गले के पास बचपन से ही कट का निशान है, लेकिन उनका फर्जी वीडियो बनाने वाले इस पर ध्यान देने से चूक गए। साजिश बेनकाब होगी। साजिश में जगमन समरा का है हाथ भगवंत मान ने एक और वीडियो दिखाते हुए यह भी स्पष्ट किया कि इस साजिश में कनाडा में रहने वाले जगमन समरा का हाथ है, जिसने कार में मास्क की डिलीवरी ली और फिर हाथ में मास्क डालकर फेस ते फेस बोलता सुनाई दे रहा है। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि वीडियो पूरी तरह फर्जी है और उन्हें धार्मिक तौर पर बदनाम करने की विपक्षी पार्टियों की सोची-समझी साजिश है। उन्होंने कहा कि वीडियो की सच्चाई सामने आने के बाद मुझे नहीं लगता कि अब इस बारे में कोई सफाई देने की जरूरत है। अब नानक नाम लेवा संगत का जो भी फैसला होगा, वह उन्हें मंजूर होगा। मान 2016 के बाद नहीं गए कनाडा मोहाली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मान ने दावा किया कि 2016 के बाद वे कभी कनाडा नहीं गए। वीडियो में दिखाया गया कमरा कनाडा के एबाट्सफोर्ड स्थित एक होटल का है। कमरे का डिजाइन दर्शाता है कि वह वर्ष 2017-18 के बाद का है। उन्होंने कहा कि विरोधियों ने कनाडा में एक होटल का कमरा बुक कर उनकी कद काठी से मेल खाते व्यक्ति को मेरे चेहरे का मास्क पहनाकर इस वीडियो को शूट किया। उन्होंने दावा किया कि इस तरह के कई वीडियो उसी दिन यहां तैयार किए गए।

Apple का अगला धमाका: iPhone 18 Pro और Pro Max होंगे पहले से महंगे, फीचर्स भी अपग्रेड

ऐपल अपनी न्यू iPhone 18 Pro सीरीज पर काम कर रहा है, जिसको जल्द ही लॉन्च किया जाएगा. बीते 3 साल का ट्रेंड देखें तो कंपनी सितंबर के दूसरे सप्ताह में अपनी फ्लैगशिप सीरीज को अनवील करती है. इस बार भी अपकमिंग आईफोन सीरीज को सितंबर में अनवील किया जा सकता है. कंपनी ने आईपैड और मैकबुक की कीमत में इजाफा कर दिया है, हालांकि आईफोन की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया है. IDC इंडिया के वायस प्रेसिडेंट नवेंदर सिंह ने दावा किया है कि ऐपल कई आईफोन की कीमत में इजाफा करेगा. iPhone 18 और iPhone 18 Pro सीरीज की कीमत में बदलाव होगा. सिंह ने बताया है कि मौजूदा मॉडल iPhone 17 Pro और 17 Pro Max की तुलना में iPhone 18 Pro/18 Pro Max की कीमत 10 हजार रुपये से लेकर 142,00 रुपये तक ज्यादा हो सकती है. iPhone 17 Pro की शुरुआती कीमत 1,34,900 रुपये थी और अब iPhone 18 Pro की कीमत इससे ज्यादा होगी. वहीं iPhone 17 Pro Max की तुलना में iPhone 18 Pro Max की कीमत काफी ज्यादा हो सकती है. यह कीमत 1.50 लाख रुपये तक हो सकती है. iPhone 18 Pro सीरीज में डाइनेमिक नॉच मिलेगा iPhone 18 Pro सीरीज के अंदर कई अपग्रेड्स भी नजर आएंगे. iPhone 17 Pro की तुलना में iPhone 18 Pro के डिजाइन में बहुत ज्यादा बदलाव नहीं दिखेगा. iPhone 18 Pro के डिस्प्ले में डायनेमिक आइलैंड का साइज छोटा किया जा सकता है. iPhone 18 Pro सीरीज में कैमरा अपग्रेड होगा iPhone 18 Pro और 18 Pro Max में कैमरा सेटअप को अपग्रेड किया जाएगा. बैक पैनल पर ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप मिलेगा, जिसमें तीनों ही कैमरा 48 मेगापिक्सल के होंगे, लेकिन सेंसर को बेहतर किया जाएगा. इसकी मदद से यूजर्स को बेहतर अपर्चर देखने को मिल सकता है. iPhone 18 Pro सीरीज में न्यू कलर वेरिएंट iPhone 18 Pro सीरीज में एक यूनिक कलर वेरिएंट देखने को मिलेगा, जो डार्क चेर होगी. यह वाइन रेड शेड में लॉन्च होगा. अपकमिंग वेरिएंट में कॉस्मिक ओरेंज कलर को बदल जाएगा.

Cyber Fraud Case: केरल कनेक्शन वाले तीन आरोपी गिरफ्त में, ठगी गिरोह का भंडाफोड़

दंतेवाड़ा. दंतेवाड़ा जिले के गीदम में 61 लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी का खुलासा करते हुए पुलिस ने अंतर्राज्यीय गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जांच में सामने आया कि आरोपी अलग-अलग लोगों के नाम से बैंक खाते संचालित कर ठगी की रकम जमा करते थे और बाद में उसे क्रिप्टो करेंसी के जरिए आगे ट्रांसफर किया जाता था. विशेष टीम ने केरल पहुंचकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया. पूछताछ में कई बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन से जुड़े अहम सुराग मिले हैं. एक आरोपी गिरफ्तारी के बाद फरार भी हुआ, लेकिन अगले ही दिन दोबारा पकड़ लिया गया. पुलिस अब डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है. यह कार्रवाई साइबर अपराध के बढ़ते नेटवर्क पर बड़ी सफलता मानी जा रही है. साइबर ठगों के पास ₹7.5 लाख कैश ज्ञात हो कि रामपुर जिले के थाना पटवाई क्षेत्र में पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाया था. इसी दौरान सोहना पुल रोड पर एक संदिग्ध थार गाड़ी को रोककर उसकी तलाशी ली गई. गाड़ी में सवार तीन व्यक्तियों की गतिविधियां संदिग्ध लग रही थीं, जब पुलिस ने गहनता से पूछताछ की तो कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए. गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मुरादाबाद निवासी कैलाश सिंह और रामपुर निवासी विवेक कुमार और हरविंदर सिंह के रूप में हुई है. आरोपियों के कब्जे से करीब साढ़े सात लाख रुपये की नकदी बरामद की गई. इसके अलावा एक लैपटॉप, एक एटीएम कार्ड स्वाइप मशीन, छह मोबाइल फोन, विभिन्न कंपनियों की छह मोहरें, चार बिल बुक, 18 एटीएम कार्ड, 15 चेकबुक, चार अलग-अलग बैंकों की पासबुक, एक भारतीय पासपोर्ट और आधार और पैन कार्ड सहित कई अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं.

Badnagar Van Blast: पटाखों से किया धमाका, ‘फिर आ गए’ मैसेज की गुत्थी सुलझाने में जुटीं ATS और फोरेंसिक टीम

उज्जैन  मध्य प्रदेश के उज्जैन से एक हैरान कर देने वाला वीडियो सामने आया है। मोहर्रम जुलूस के दौरान क्रेन से एक वैन को लटकाकर उसमें ब्लास्ट किया गया है। वीडियो बड़नगर के अडान मोहल्ले का बताया जा रहा है। इसके बाद उज्जैन पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। 23 जून का है वीडियो घटना 23 जून की रात की बताई जा रही है। उज्जैन के बड़नगर स्थित अडान मोहल्ले से निकले जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल थे। जुलूस में एक वैन को क्रेन की मदद से करीब 40 फीट ऊंचाई पर लटकाया गया। वैन पर दो युवक खड़े होकर लाल झंडे लहराते रहे। इसके बाद वैन में विस्फोट कर उसे उड़ा दिया गया। मुहर्रम के जुलूस के दौरान वैन को क्रेन से लटकाकर विस्फोट करने का वीडियो देखने के बाद सुरक्षा एजेंसियां एक्शन में आ गई हैं। जिले की बड़नगर पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार कर वैन और क्रेन को जब्त कर लिया है। आरोपियों का कहना है कि 8 हजार के पटाखों से विस्फोट किया। उज्जैन, उन्हेल, नागदा और महिदपुर पहले से संवेदनशील माने जाते हैं, इसलिए जांच में स्थानीय पुलिस के साथ एटीएस, यानी एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड भी शामिल हो गई है। सुरक्षा एजेंसियां अब तीन बड़े सवालों के जवाब ढूंढ रही हैं-     विस्फोट के पीछे मकसद क्या था?     गाड़ी पर ‘ले, फिर आ गए’ क्यों लिखा था?     विस्फोटक कौन सा था और उसे कहां से लाया गया था? 40 फीट ऊंचाई पर हवा में लटकाकर उड़ाई थी वैन दरअसल, 23 जून की रात बड़नगर के अडान मोहल्ले से मोहर्रम का जुलूस निकाला जा रहा था। इसमें टाटा मैजिक गाड़ी को क्रेन की मदद से करीब 40 फीट ऊंचाई पर हवा में लटकाया गया था। इसकी छत पर दो युवक खड़े होकर लाल झंडे लहरा रहे थे। वैन पर ‘ले, फिर आ गए’ लिखा था। जुलूस में शामिल कुछ लोगों के हाथों में मौजूद तख्तियों पर भी यही मैसेज लिखा था। कुछ देर बाद वैन में विस्फोट कर दिया गया। इसका वीडियो भी सामने आया है। मामले में शोएब पिता गब्बू, जाहिद पिता भूरा खां और तपसील उर्फ तस्लीम को अरेस्ट किया गया है। वहीं, क्रेन के मालिक पर भी केस किया गया है। जाहिद-तपसील ने लहराए थे झंडे पुलिस के मुताबिक, शोएब ने अडान अखाड़े के बैनर तले मुहर्रम का जुलूस निकाला था। उसी ने कबाड़ में रखी गाड़ी को क्रेन पर लटकवाया था। विस्फोट के समय जाहिद और तपसील गाड़ी की छत पर मौजूद थे। वे ही झंडे लहराते दिखाई दिए थे। ब्लास्ट के पहले दोनों नीचे उतर आए थे। पुलिस को आरोपियों ने करीब 8 हजार रुपए के पटाखे खरीदने का बिल भी दिया है, जिसकी तस्दीक की जा रही है। 2500 रुपए किराए पर ली गई थी क्रेन क्रेन मालिक गोपाल राठौर ने पुलिस को बताया कि अडान अखाड़े के सदस्यों ने पुष्प वर्षा के लिए क्रेन किराए पर लेने की बात कही थी। 2500 रुपए किराया तय होने के बाद ड्राइवर समेत क्रेन भेज दी थी। राठौर का कहना है कि उन्हें वाहन में विस्फोट करने की कोई जानकारी नहीं थी। शुक्रवार को उज्जैन की फोरेंसिक टीम और बम निरोधक दस्ता (BDS) बड़नगर पहुंचकर वैन से सेंपल इकट्‌ठा करेंगे। भीड़भाड़ वाले इलाके में किया गया ब्लास्ट एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि बड़नगर के जय स्तंभ चौक पर भीड़भाड़ वाले इलाके में ये विस्फोट किया गया था। ब्लास्ट के बाद गाड़ी के पार्ट्स, कांच और दूसरी चीजें नीचे गिरीं। इससे लोगों की जान को गंभीर खतरा पैदा हुआ। कांच बंद होने के कारण गैस बनने से विस्फोट मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक करनदीप सिंह क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम) के साथ बड़नगर पहुंचे और संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकाला। उन्होंने कहा- प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गाड़ी में रॉकेट और सुतली बम लगाए गए थे। इसके कांच बंद होने के कारण गैस बनने से विस्फोट जैसी स्थिति बनी। हालांकि, वास्तविक कारणों की पुष्टि फोरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

चांदी खरीदने वालों के लिए खुशखबरी! 4% से ज्यादा टूटी कीमत, चीन से जुड़े फैसले का बड़ा असर

नई दिल्ली भारत के बाजार जहां मुहर्रम की वजह से बंद हैं वहीं, इंटरनेशनल मार्केट में चांदी के भाव में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है। आज यानी शुक्रवार (26 जून) को कॉमेक्स पर सोने और चांदी की कीमतों में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। कॉमेक्स सिल्वर में और भी तेज बिकवाली देखी गई और यह 4.44 प्रतिशत गिरकर 55.77 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि इसका पिछला बंद भाव 58.025 डॉलर प्रति औंस था। वहीं, कॉमेक्स गोल्ड 44.80 डॉलर यानी 1.11 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,002.80 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। कारोबारी सत्र के दौरान इसने 4,001.20 डॉलर प्रति औंस का निचला स्तर भी छुआ। यह गिरावट सोने के लिए लगातार चौथे साप्ताहिक नुकसान की ओर इशारा करती है। हाल के अमेरिकी मुद्रास्फीति आंकड़ों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कीमतों में दबाव अभी भी बना हुआ है, जिससे निवेशकों का ध्यान फेडरल रिजर्व की नीतिगत दिशा पर केंद्रित हो गया है। क्यों गिर रहे सोने-चांदी के दाम चीन से आई सुस्त मांग की खबर: रॉयटर्स की खबर के मुताबिक चीन के हांगकांग के माध्यम से सोने के शुद्ध आयात में मई के दौरान लगभग 38 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। यह दुनिया के सबसे बड़े सोना उपभोक्ताओं में से एक से भौतिक मांग के कमजोर पड़ने का संकेत है। चीन से कम मांग की खबर ने भी वैश्विक सोने के बाजार पर नकारात्मक प्रभाव डाला है। महंगाई ने बढ़ाई फेड की चिंता: गुरुवार (25 जून) को जारी आंकड़ों से पता चला कि अमेरिका में मई के दौरान महंगाई तीन वर्षों में पहली बार 4 प्रतिशत के स्तर को पार कर गई। इसका मुख्य कारण पश्चिम एशिया में तनाव के चलते बढ़ती ऊर्जा कीमतें रहीं। मुद्रास्फीति में यह तेज वृद्धि उन उम्मीदों को मजबूत करती है कि फेडरल रिजर्व अपनी मौद्रिक नीति को और सख्त करना जारी रख सकता है। फेडरल रिजर्व का सख्त रुख: फेड अधिकारियों ने भी सतर्क रुख अपनाया है। शिकागो फेड प्रेसिडेंट ऑस्टेन गूल्सबी ने कहा कि सेवा क्षेत्र की मुद्रास्फीति में कुछ सुधार के बावजूद, मुद्रास्फीति का दबाव अभी भी ऊंचा बना हुआ है। वहीं, न्यूयॉर्क फेड प्रेसिडेंट जॉन विलियम्स ने स्पष्ट किया कि मुद्रास्फीति केंद्रीय बैंक के 2 प्रतिशत के लक्ष्य से काफी ऊपर है। CME FedWatch के आंकड़ों के अनुसार, ट्रेडर्स अब इस वर्ष तीन ब्याज दर वृद्धि की संभावना जता रहे हैं। पिछले एक सप्ताह में सितंबर में दर वृद्धि की उम्मीदें तेजी से बढ़ी हैं। ब्याज दरों में वृद्धि का सीधा असर सोने-चांदी जैसी गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों पर पड़ता है, क्योंकि निवेशक उनकी बजाय ब्याज देने वाली संपत्तियों की ओर रुख करते हैं। मजबूत डॉलर ने बढ़ाई कीमतों पर मुश्किल: अमेरिकी डॉलर इंडेक्स लगातार दूसरे सप्ताह बढ़त की ओर बढ़ रहा है, जो सोने-चांदी के लिए एक और नकारात्मक संकेत है। डॉलर के मजबूत होने से अन्य मुद्राओं वाले खरीदारों के लिए सोना-चांदी महंगा हो जाता है, जिससे मांग पर दबाव पड़ता है और कीमतों में गिरावट आती है। इसके अलावा, डॉलर की मजबूती वैश्विक बाजारों में निवेशकों के जोखिम उठाने के रुख को भी प्रभावित करती है। जियो-पॉलिटिकल टेंशन का बाजार पर असर: जियो-पॉलिटिकल टेंशन भी निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। संयुक्त राष्ट्र की अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने एक जहाज पर हमले की रिपोर्ट के बाद होर्मुज के माध्यम से जहाजों के संरक्षण अभियानों को रोक दिया है। इस घटना ने अमेरिका-ईरान के नाजुक शांति समझौते को लेकर नई अनिश्चितताएं पैदा कर दी हैं। इस तरह की घटनाओं से ग्लोबल सप्लाई चेन बाधित होने का खतरा बना रहता है, जिससे बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है। अमेरिकी PCE डेटा पर टिकी निगाहें: बाजार सहभागी अब आगामी अमेरिकी PCE (व्यक्तिगत उपभोग व्यय) मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। यह डेटा ब्याज दरों की उम्मीदों और कीमती धातुओं की दिशा के लिए अतिरिक्त संकेत प्रदान कर सकता है। PCE, फेडरल रिजर्व का पसंदीदा मुद्रास्फीति मापक माना जाता है, इसलिए इसके आंकड़ों का बाजार पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।  

रेखा गुप्ता सरकार का बड़ा फैसला, 75 सीएम श्री स्कूलों में मिलेंगी हाईटेक सुविधाएं

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली के 75 सीएम श्री स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के साथ सरकार ने उसका चेहरा बदलने का भी फैसला किया है। सीएम रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में एक्सपेंडिचर एंड फाइनेंस कमिटी (ईएफसी) की बैठक में इसके लिए करीब 264.90 लाख रुपये की मंजूरी दे दी है। इंफ्रास्ट्रक्चर स्तर पर सुधार के साथ सीसीटीवी कैमरे आधुनिक सभागार, विज्ञान एवं आईटी पार्क और विशेष कैटिगरी के बच्चों के लिए खास सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएगी। सीएम रेखा गुप्ता के साथ शिक्षा मंत्री आशीष सूद, पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह भी इस बैठक में मौजूद रहे। यह पूरा काम अगले साल के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सीएम रेखा गुप्ता ने क्या कहा? सीएम ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल स्कूल भवनों की मरम्मत कराना नहीं, बल्कि ऐसा शिक्षण वातावरण तैयार करना है, जहां विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ, आधुनिक परिसर मिले। इस योजना के अंतर्गत स्कूलों के प्रवेश द्वारों का आधुनिक स्वरूप में निर्माण और सौंदर्याकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत सीएम श्री स्कूलों की जर्जर इमारतों की समस्या दूर करना, वॉटरप्रूफिंग, बाहरी पेंटिंग, नया प्लास्टर, बाउंड्री वॉल एवं फेंसिंग का निर्माण व मरम्मत, टॉयलेट, पानी की व्यवस्था, सीवर एवं ड्रेनेज व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ-साथ खेल सुविधाओं का विकास, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, मल्टीपरपज हॉल विकसित किए जाएंगे। खराब एलईडी लाइट, सीलिंग फैन, एग्जॉस्ट फैन और पीए (पब्लिक एड्रेस) सिस्टम को बदला जाएगा, ताकि पूरे परिसर में घोषणाएं और आपातकालीन सूचनाएं तेजी से प्रसारित की जा सकें। रेखा गुप्ता ने कहा कि स्कूल परिसरों का स्वरूप भी पूरी तरह बदला जाएगा। आधुनिक डिजाइन वाले सीएम श्री प्रवेश द्वार विकसित किए जाएंगे। खेल मैदानों में आधुनिक आउटडोर गैलरी विकसित की जाएगी, जिसका उपयोग आउटडोर कक्षाओं, मनोरंजन, इंटरैक्टिव गतिविधियों तथा सहयोगात्मक शिक्षण के लिए किया जा सकेगा। बास्केटबॉल कोर्ट में नया टर्फ बिछाया जाएगा। यह सारा कार्य अगल साल के अंत तक पूरा किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।