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राज्यपाल ने किया महावीर सामुदायिक भवन का उद्घाटन, लुधियाना में आयोजित हुआ समारोह

लुधियाना. ज्ञान की प्राप्ति संतों के आशीर्वाद से मिलती हैं।  भगवान महावीर स्वामी जी की 2600वीं यात्रा चतुर्विधि संघ आज भी चल रहा है यह सब कुछ संतजनों की वजह व श्रमण संघ की कृपा से चल रहा है।  यह उक्त विचार सनबयू रेजीडेंसी गेट नं 6 आयाली कलां में भगवान महावीर सामुदायिक भवन के लोकार्पण भवन के अनावरण समारोह के दौरान राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर का कथन में अहिंसा को सर्वश्रेष्ठ माना है। हिंसा किसी को नहीं करनी चाहिए। इससे समाज बिखरता है, टूटता है और इसका दूसरा फायदा उठाते हैं। उन्होंने व्यक्ति बाहर से नहीं अंदर से अपने आप को साफ़ रखें। उन्होंने कहा कि आजकल की दुनिया में पाश्चात्य संस्कृति को बढ़ावा जो दिया जा रहा उसको छोड़ गरीब व जरूरतमंद लोगों की मदद करो। इससे जो मन के अंदर सुकुन मिलेगा। उन्होंने कहा राजनीति में आने के लिए गुरुदेवों से आशीर्वाद लेने गया तो उनका कहना था कि अपने आप पर कोई दाग न लगने देना है। आगे राजनीति में रहूं न रहूं श्रावक तो रहेगा। इस अवसर पर  बाबा चंदा जैन दुग्गड सोसायटी के अशोक जैन, अनूप जैन परिवार ने दोशाला पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर तपस्वी रतन सुंदर मुनि महाराज ठाणा-3, पीयूष मुनि महाराज ठाणा-3, महासाध्वी वीणा जी महाराज ठाणा, महासाध्वी मीना महाराज ठाणा-3 आदि साध्वी वृंद शामिल थे।

15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी पर क्लाइव लॉयड का बड़ा बयान, बताया लंबे समय तक चमकने वाला सितारा

नई दिल्ली वेस्टइंडीज क्रिकेट के सबसे महान कप्तानों में से एक और दो बार के वर्ल्ड कप विजेता क्लाइव लॉयड जब क्रिकेट या किसी खिलाड़ी पर अपनी राय देते हैं, तो पूरी दुनिया उसे बेहद ध्यान से सुनती है। 81 वर्षीय दिग्गज क्लाइव लॉयड ने भारतीय क्रिकेट के नए स्टार, 15 साल के वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की है। उन्होंने वैभव को एक ऐसा खिलाड़ी बताया है जिसे दुनिया लंबे समय तक खेलते हुए देखेगी। हालांकि, लॉयड ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) और कोचों को एक सख्त चेतावनी भी जारी की है। क्लाइव लॉयड ने क्या कहा? क्लाइव लॉयड से पूछा गया कि अगर वैभव सूर्यवंशी का सामना उनके दौर के खूंखार गेंदबाजों (माइकल होल्डिंग, जोएल गार्नर, एंडी रॉबर्ट्स और कॉलिन क्रॉफ्ट) से होता, तो क्या होता? लॉयड ने हंसते हुए जवाब दिया. 'वेल, उनके सामने इस युवा खिलाड़ी का बहुत कड़ा इम्तिहान होता। हम उसके कैरेक्टर, उसकी स्किल्स और उसकी काबिलियत की परीक्षा लेते। लेकिन हां, मैं इस बात से पूरी तरह सहमत हूं कि वह एक बेहद शानदार खिलाड़ी है। उसकी आंखें बहुत तेज हैं और वह गेंद को बहुत खूबसूरती और ताकत से स्ट्राइक करता है।' लॉयड ने अपने दौर के गेंदबाजों की ताकत बताते हुए कहा, 'हमारे पास जो गेंदबाज थे, उनके खिलाफ रन बनाना इसलिए मुश्किल था क्योंकि वे सब अलग-अलग तरह की गेंदबाजी करते थे, कोई भी एक जैसा नहीं था। इसलिए, वैभव और हमारे गेंदबाजों के बीच वह मुकाबला देखना वाकई एक बेहतरीन टेस्ट होता।' लॉयड की बड़ी चेतावनी टेस्ट क्रिकेट में 19 शतक ठोकने वाले क्लाइव लॉयड ने भारतीय थिंक-टैंक को आगाह करते हुए कहा कि वैभव के खेलने के स्वाभाविक तरीके के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की जानी चाहिए। लॉयड ने कहा, 'इस लड़के के भीतर गजब की प्रतिभा है। मुझे पूरा भरोसा है कि अगर वह इसी अंदाज में खेलना जारी रखता है और लोग उसके स्टाइल ऑफ प्ले को बदलने की कोशिश नहीं करते हैं, तो हमारे पास एक ऐसा युवा खिलाड़ी है जिसे हम आने वाले बहुत लंबे समय तक खेलते हुए देखेंगे।' दांबुला में मचाई तबाही, अब आयरलैंड में सीनियर टीम के लिए करेंगे डेब्यू! क्लाइव लॉयड का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब रविवार को ही वैभव सूर्यवंशी ने श्रीलंका ए के खिलाफ ट्राई-सीरीज के फाइनल में महज 11 गेंदों पर लिस्ट-ए इतिहास का सबसे तेज अर्धशतक ठोककर विश्व रिकॉर्ड बनाया है। इस मैच में उन्होंने सिर्फ 29 गेंदों पर 94 रनों की आतिशी पारी खेली और बदकिस्मत रहे कि छक्का मारने के प्रयास में शतक से चूक गए। अपनी इस ऐतिहासिक फॉर्म के बाद वैभव अब सीनियर भारतीय टीम के साथ जुड़ने के लिए आयरलैंड रवाना होंगे, जहां इस महीने के अंत में भारत को दो टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने हैं। हाल के महीनों में उनके इस जादुई प्रदर्शन को देखते हुए यह तय माना जा रहा है कि वह आयरलैंड दौरे पर अपना इंटरनेशनल डेब्यू करेंगे। ऐसे में महान क्लाइव लॉयड की यह तारीफ वैभव के आत्मविश्वास को सातवें आसमान पर ले जाएगी।

तकनीकी दिक्कत बनी छात्रों की परेशानी, स्कैनिंग समस्या के कारण किताबों का वितरण प्रभावित

दुर्ग. ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद स्कूलों को खुले करीब एक सप्ताह हो गया है। मगर सभी बच्चों को पाठ्य पुस्तक नहीं मिल पाई है। किताबों की स्कैनिंग में हो रही तकनीकी परेशानी के चलते समय पर बच्चों को पाठ्य पुस्तक वितरित नहीं किया जा सका है। शिक्षक रोजाना स्कैनिंग के समस्या से जूझते नजर आ रहे हैं, क्योंकि स्कैनिंग के बिना बच्चों को पुस्तक देने की मनाही है। शुरुआती दौर में पुस्तक वितरण को लेकर भी तरह-तरह की समस्याएं आई थी। नई प्रक्रिया के तहत सप्लाई किए जाने पाठ्य पुस्तक से भरी वाहनों के लोकेशन ट्रेस करने की सुविधा दी गई। स्कूलों में किताबें पहुंचने के बाद स्कैनिंग में तरह तरह की समस्या आई । कुल संकुल के शिक्षकों ने चालान का डिटेल अपलोड नहीं होना बताया । वही कुछ ने लॉगिन नहीं होने, लिंक में आईडी पासवर्ड इंट्री करने पर बार बार रिवर्स होना, प्रोसेस आगे नहीं बढ़ना बताया। कुछ स्कूलों में लॉगिन का होना बताया गया मगर बच्चों की संख्या जीरो दर्शाये जाने की जानकारी मिली है। यह भी तथ्य सामने आया है कि जीरो कोड से शुरू होने पर स्कैनिंग में दिक्कत आने लगी है। कमोबेश यही समस्या यूडाइस नंबर से भी होने की खबर है। स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इस बार 16 जून से ही बच्चों को निःशुल्क किताब देने की व्यवस्था बनाई थी । किताबों की स्कैनिंग में आ रही तकनीकी समस्या ने समय पर बच्चों को पाठ्य पुस्तक देने की योजना पर पानी फेर गया। इस वजह से स्कूलों में किताब होने के बावजूद भी बच्चों को बांटा नहीं जा सका है। स्कैनिंग की समस्या को लेकर शिक्षकों ने अधीनस्थ अधिकारियों को अवगत कराया है।

बंगाल बजट में कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले! DA 20% बढ़ा, सरकार ने किए कई बड़े ऐलान

कलकत्ता पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी की अगुवाई में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार ने अपना पहला बजट पेश कर दिया. अपने पहले बजट में सरकार ने हर पक्ष को साधने की कोशिश की है. सरकार ने DA (महंगाई भत्ता) में भारी बढ़ोतरी का ऐलान किया है. साथ ही रिटायर्ड पत्रकारों को 5000 रुपये पेंशन दी जाएगी. बजट में उन लोगों को विशेष भत्ता में दिया जाएगा जिन्हें झूठे केस में जेल भेजा गया. साथ ही गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को एक बार में 21,000 रुपये दिए जाएंगे. पिंक कार्ड भी शुरू किया जाएगा।  वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता ने शुभेंदु अधिकारी की अगुवाई वाली सरकार का 2026-27 का बजट पेश किया. वित्त मंत्री ने बजट पेश करते हुए कहा कि AI का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है. हम पश्चिम बंगाल के लिए AI इम्पैक्ट प्रोग्राम शुरू कर रहे हैं।  उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार की पहल से ऑनलाइन परीक्षा, ऑनलाइन स्क्रूटनी, ऑनलाइन वेरिफिकेशन और ट्रैकिंग की जाएगी. यहां तक की रेत, कोयला और बोल्डर की नीलामी भी ऑनलाइन की जाएगी।  वित्त मंत्री ने बताया कि प्रशासनिक सुधारों और बुनियादी ढांचे को गति देने के लिए बजट में कई अहम कदम उठाए गए हैं. राज्य के कांथी क्षेत्र को अब एक नया पुलिस जिला बनाया जाएगा. इसके अलावा जनता की सहूलियत के लिए राज्य के विभिन्न हिस्सों में कुछ नई नगरपालिकाएं और नए फायर स्टेशन भी खोले जाएंगे।  तकनीकी विकास को बढ़ावा देने के लिए पश्चिम बंगाल अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक पर अपना मुख्य ध्यान केंद्रित करेगा. इसके साथ ही राज्य में डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा. परीक्षाओं में पारदर्शिता के लिए ऑनलाइन परीक्षा और डिजिटल रिकॉर्ड से जुड़ा मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार किया जाएगा।  राज्य की संस्कृति को सहेजने के लिए कोलकाता में एक नया सांस्कृतिक स्कूल स्थापित करने का ऐलान किया गया है. इसके अलावा स्थानीय विकास को गति देने के उद्देश्य से विधायकों को मिलने वाले एमएलए फंड (MLA Fund) को 70 लाख रुपये से बढ़ाकर सीधे 1 करोड़ रुपये कर दिया गया है।  विधानसभा के पटल पर बजट पेश करने से पहले सीएम और वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की. बताया जा रहा है कि इस बार बजट की फाइलों को सहेजने के लिए बंगाल की परंपरा को ध्यान रखते हुए तैयार की गई हैं. ये फाइलें राज्य की पारंपरिक मैट (चटाई) और जूट से बनाई गई हैं, जो पर्यावरण अनुकूल और किफायती भी हैं।  बीजेपी सरकार ने अपने पहले बजट में खर्च के लिए MLA फंड की राशि में बढ़ोतरी की है. अब इसे 70 लाख रुपये से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये कर दिया गया है. जबकि नदी के कटाव के लिए 50 करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया गया। बंगाल बजट में शुभेंदु सरकार का बड़ा ऐलान शुभेंदु सरकार ने राज्य में 1 लाख रिक्त पदों पर भर्ती करने का ऐलान किया है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन पदों में 33 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं के लिए निर्धारित किया गया है, जिससे महिला सशक्तिकरण और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।  यह फैसला सीधे तौर पर ममता बनर्जी के लंबे समय से स्थापित "महिला कल्याण और महिला सशक्तिकरण" वाले राजनीतिक नैरेटिव को चुनौती देने की कोशिश के रूप में देखा जा सकता है. यदि नई BJP सरकार 1 लाख सरकारी नौकरियों में 33% आरक्षण महिलाओं को देती है, तो वह कल्याणकारी सहायता से आगे बढ़कर आर्थिक सशक्तिकरण का नैरेटिव बनाना चाहेगी।  कर्मचारियों को 20% DA की सौगात; पत्रकारों के लिए भी बड़ा ऐलान वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए कहा, 'हम भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था विकसित करना चाहते हैं' और नई सरकार का लक्ष्य एक विकसित तथा भविष्य के लिए तैयार बंगाल बनाना है।  बजट की सबसे बड़ी घोषणाओं में राज्य कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी शामिल है. इसके बाद कुल DA बढ़कर 38 प्रतिशत हो जाएगा. वित्त मंत्री ने बताया कि यह फैसला 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा. सरकार ने राज्य परिवहन निगम के बस कंडक्टरों के पारिश्रमिक में वृद्धि का भी ऐलान किया है. वहीं, सेवानिवृत्त पत्रकारों को हर महीने 5,000 रुपये पेंशन देने की घोषणा ने भी ध्यान खींचा है. इन फैसलों से लाखों कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और पत्रकार समुदाय को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।    5 दिनों के भीतर 7वां वेतन आयोग लागू करने का था वादा भाजपा ने चुनाव से पहले वादा किया था कि सरकार बनने के 45 दिनों के भीतर सातवां वेतन आयोग लागू किया जाएगा। सरकार ने इसके लिए निर्देश भी जारी कर दिए हैं। इसके अलावा कर्मचारियों का बकाया DA देने का भी वादा किया गया था।

CM विष्णुदेव साय के निर्देश पर अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई, माफियाओं पर लगाम

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश लगातार कार्रवाई से अवैध खनन गतिविधियों पर लग रहा है प्रभावी अंकुश बलौदाबाजार में 6 क्रशर सीलबंद, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में अवैध रेत उत्खनन में प्रयुक्त चैन माउंटेन जब्त ड्रोन सर्वे के माध्यम से की गई जांच, खनिज विभाग की केंद्रीय उड़नदस्ता टीम ने की बड़ी कार्रवाई रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध लगातार कार्रवाई हो रही है। शासन की मंशा खनिज संसाधनों के संरक्षण, उनके नियमानुसार उपयोग तथा अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश सुनिश्चित करने की है।                 इसी कड़ी में खनिज साधन के विभाग के सचिव और संचालक के निर्देशानुसार केंद्रीय खनि उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने प्राप्त शिकायतों के आधार पर 21 एवं 22 जून 2026 को विभिन्न जिलों में औचक निरीक्षण एवं जांच अभियान चलाकर कार्रवाई की। इस दौरान जिला बलौदाबाजार के ग्राम खपरीडीह में गौण खनिज निम्न श्रेणी चूनापत्थर से संबंधित स्वीकृत अस्थायी भंडारण अनुज्ञप्ति स्थलों एवं खदानों का निरीक्षण किया गया। जांच में विभिन्न प्रकार की अनियमितताएं पाए जाने पर 06 क्रशर इकाइयों को सीलबंद किया गया तथा संबंधित संचालकों को जवाब प्रस्तुत करने हेतु नोटिस जारी किए गए।                 इसी प्रकार जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ के ग्राम दहिदा में महानदी क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान एक चैन माउंटेन मशीन द्वारा अवैध रूप से रेत उत्खनन किया जाना पाया गया। खनिज अधिनियम के प्रावधानों के तहत उक्त मशीन को जब्त कर आगामी आदेश तक सीलबंद किया गया। मशीन को मशीन ऑपरेटर की सुपुर्दगी में दिया गया है तथा मशीन स्वामी को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। उक्त सभी स्थलों की जांच एवं सत्यापन ड्रोन सर्वेक्षण तकनीक के माध्यम से भी किया गया, जिससे खनन गतिविधियों का सटीक आकलन सुनिश्चित किया जा सके।            मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रदेश में अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण की गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा खनिज संपदा के नियमानुसार उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। खनिज सचिव पी. दयानंद ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि आधुनिक तकनीक, ड्रोन सर्वेक्षण एवं सतत निगरानी के माध्यम से अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाए तथा शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस कार्रवाई में केंद्रीय उड़नदस्ता की संयुक्त जांच टीम एवं संबंधित जिलों की जिला स्तरीय टीम के अधिकारी उपस्थित रहे।

ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर बड़ी कार्रवाई, लाइसेंस से लेकर रजिस्ट्रेशन तक होगा रद्द

लखनऊ यूपी में वाहनों से हो रहे लगातार हादसों को रोकने के लिए यूपी सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। सरकार ये कदम वाहन मालिकों की बेचैनी बढ़ा सकती है। जिन वाहनों से सबसे ज्यादा हादसे हुए हैं उन्हें जब्त करके उन्हें कंडम घोषित किया जाएगा। शासन की सख्ती के बाद परिवहन अधिकारियों को तत्काल और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। वाहन चालक का लाइसेंस निलंबित, निरस्त करने के साथ रजिस्ट्रेशन भी रद्द किए जाएंगे। रजिस्ट्रेशन रद्द होने का मतलब वाहन को स्क्रैप कराना ही होगा। प्रदेश में सड़क हादसों और मौतों के आंकड़ों की बात करें तो वर्ष 2024 में 24118, 2025 में 27205 और जनवरी से मई 2026 तक 2782 मौतें हो चुकी हैं जबकि समान अवधि में वर्ष 2025 में 2773 मौतें हुई थी। बढ़ रहीं दुर्घटनाएं और मौतों को लेकर शासन चिंतित है। शासन ने निर्देश दिया है कि हर स्तर पर प्रयास किए जाएं। रोड सेफ्टी से जुड़े हर विभाग को काम करना होगा। सीएम योगी ने मीटिंग में हादसों पर चिताई थी चिंता पिछले दिनों सड़क सुरक्षा की बैठक में मुख्यमंत्री ने मौतों के आंकड़ों पर चिंता जताई और रोड सेफ्टी से जुड़े सभी विभागों को इसमें कमी लाने के निर्देश दिए थे। यह भी कहा गया है कि ऐसा लगता है कि सड़क सुरक्षा के स्टेक होल्डर्स विभाग अपने शासकीय दायित्वों का निर्वहन ठीक से नहीं कर रहे हैं। एक ही वाहन के बार-बार दुर्घटना का कारण बनने पर चालकों के लाइसेंस निलंबित, निरस्त करने के आदेश दिए गए थे लेकिन अपेक्षित कार्यवाही नहीं की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि बार-बार दुर्घटना करने वाले वाहन चालकों का ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित, निरस्त किया जाए। साथ ही वाहन का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर उसे जब्त कर लिया जाए और नियमानुसार स्क्रैप करने की कार्रवाई की जाए। ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करना पड़ेगा भारी वैसे भी मोटर व्हीकल्स अधिनियम-1988 की धारा 53 व 54 के तहत परिवहन अधिकारियों को यह अधिकार दिया गया है कि ट्रैफिक नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों का लाइसेंस निलंबित किया जाए, सुधार न होने पर निरस्त कर दिया जाए। इसी अधिनियम की धारा-55 में यह प्रावधान है कि वाहन के रिकार्ड चेक किए जाएं यदि कई दुर्घटनाओं में शामिल रहा और जानमाल के नुकसान की वजह बन रहा है तो आरसी निरस्त कर कंडम घोषित कर दिया जाए। कबाड़ घोषित करते ही वाहन स्क्रैप कराना अनिवार्य होगा। इधर बीच परिवहन अधिकारियों ने धारा-19 का इस्तेमाल करते हुए बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के लाइसेंस निलंबित और निरस्त किए हैं लेकिन आरसी रद्द करने की कार्रवाई कम ही की गई।

बड़ा प्रशासनिक बदलाव: IAS श्रद्धा शुक्ला का ट्रांसफर, MP कैडर में हुईं शामिल

रायपुर. रायपुर की बेटी 2022 बैच की आईएएस अधिकारी श्रद्धा शुक्ला का कैडर बदलकर मध्यप्रदेश कर दिया गया है। इससे पहले वह तेलंगाना कैडर में पदस्थ थीं। विवाह के बाद केंद्र सरकार की कॉमन कैडर नीति के तहत उन्होंने अपने पति के साथ मध्यप्रदेश में सेवाएं देने का विकल्प चुना। IAS श्रद्धा शुक्ला कांग्रेस के संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला की पुत्री हैं। कुछ माह पहले उनका विवाह मध्यप्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी ऐश्वर्या वर्मा से हुआ था। विवाह के बाद दंपती को एक ही राज्य में सेवाएं देने का अवसर मिले, इसके लिए लागू कॉमन कैडर व्यवस्था के तहत श्रद्धा शुक्ला ने मध्यप्रदेश कैडर का विकल्प चुना। इसके बाद उनका कैडर तेलंगाना से बदलकर मध्यप्रदेश आवंटित कर दिया गया। श्रद्धा शुक्ला के मध्यप्रदेश कैडर में स्थानांतरण को लेकर रायपुर और प्रशासनिक हलकों में चर्चा है। इसे अखिल भारतीय सेवाओं में लागू उस व्यवस्था का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत पति-पत्नी दोनों अधिकारियों को यथासंभव एक ही राज्य में पदस्थापना देने का प्रयास किया जाता है।

भूजल संकट बढ़ाने में 45 फैक्ट्रियां जिम्मेदार! नारनौल में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की अनदेखी

नारनौल. भूजल स्तर में लगातार गिरावट को देखते हुए सरकार वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। औद्योगिक क्षेत्रों, संस्थानों और बड़े भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करना अनिवार्य किया गया है, लेकिन नारनौल का एकमात्र औद्योगिक क्षेत्र निजामपुर रोड इन दावों की जमीनी हकीकत बयान कर रहा है। नारनौल के औद्योगिक क्षेत्र में कुल 45 छोटी फैक्ट्रियां संचालित हैं। करीब दो दशक पहले विकसित किया गया यह औद्योगिक क्षेत्र आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है। यहां कई स्थानों पर जल निकासी व्यवस्था कमजोर है। वर्षा के दौरान सड़कों पर पानी जमा होना आम बात है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब औद्योगिक क्षेत्र में ड्रेनेज व्यवस्था ही पूरी तरह व्यवस्थित नहीं है तो वर्षा जल संचयन के नियमों का पालन किस स्तर तक हो रहा होगा। कई इकाइयों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग से संबंधित कोई स्पष्ट संरचना दिखाई नहीं देती। जल संचयन प्रणाली स्थापित करना आवश्यक अधिकांश वर्षा जल सीधे सड़कों, खाली भूखंडों और नालियों में बह जाता है। जबकि हरियाणा सरकार और संबंधित विभागों के दिशा-निर्देशों के अनुसार निर्धारित क्षेत्रफल से अधिक भूखंडों पर स्थापित औद्योगिक इकाइयों, संस्थानों और व्यावसायिक भवनों में वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित करना आवश्यक है। इसका उद्देश्य वर्षा के पानी को सीधे जमीन में पहुंचाकर भूजल स्तर को बढ़ाना है। कई मामलों में भवन नक्शा स्वीकृति और अन्य अनुमतियों के दौरान भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग की शर्त शामिल रहती है। भूजल संकट वाले जिले में बढ़ रही चिंता महेंद्रगढ़ जिला लंबे समय से गिरते भूजल स्तर की चुनौती का सामना कर रहा है। कई क्षेत्रों में भूजल दोहन लगातार बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि औद्योगिक क्षेत्रों में प्रभावी वर्षा जल संचयन व्यवस्था विकसित की जाए तो हर वर्ष लाखों लीटर पानी भूगर्भ में पहुंचाया जा सकता है। औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि क्षेत्र में कई मूलभूत समस्याएं वर्षों से बनी हुई हैं। जगह-जगह टूटी सड़कें, जल निकासी की समस्या और अधोसंरचना की कमी के बीच उद्योगों को संचालित करना आसान नहीं है। उनका तर्क है कि सरकार को वर्षा जल संचयन के नियमों के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्रों की आधारभूत सुविधाओं को भी मजबूत करना चाहिए। जल संग्रहण व संरक्षण की अनूठी मिसाल उधर, कनीना में जल संकट से उबरने के लिए गांव रामबास के युवाओं ने वर्षा जल संग्रहण एवं संरक्षण का एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। युवा पर्यावरण प्रेमी मनोज कुमार रामबास के नेतृत्व में गांव के युवाओं ने मिलकर वर्ष 2022 में एक ऐसे तालाब का निर्माण किया, जिसने न केवल वर्षा जल को संरक्षित किया बल्कि आसपास की गोचर भूमि को भी हरियाली से आच्छादित कर दिया। 35 फीट लंबा और 6 फीट गहरा तालाब तैयार मनोज कुमार ने बताया कि लगातार गिरते भूजल स्तर और पानी की बढ़ती समस्या को देखते हुए उनके मन में वर्षा जल को संरक्षित कर उसका उपयोग पौधारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए करने का विचार आया। इसके बाद गांव के युवाओं ने श्रमदान करते हुए लगभग 35 फीट लंबा और 6 फीट गहरा तालाब तैयार किया। तालाब का निर्माण कम लागत में करने के उद्देश्य से बेकार पड़े कंक्रीट, पुरानी ईंटों तथा अन्य अनुपयोगी निर्माण सामग्री का उपयोग किया गया। पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे तालाब तक वर्षा जल पहुंचाने के लिए विशेष रूप से जल निकासी मार्ग बनाए गए ताकि बारिश का अधिकतम पानी तालाब में एकत्रित हो सके। बरसात के मौसम में यह तालाब भर जाता है और इसमें संचित पानी लगभग तीन से चार महीने तक बना रहता है। इसी जल का उपयोग आसपास लगाए गए पौधों की सिंचाई के लिए किया जाता है। तालाब के चारों ओर सुरक्षा के लिए फेंसिंग की गई तथा पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से बेलपत्र, जामुन, लेहसुआ, नीम, कचनार, अमलतास, करोंदा, पापड़ी और अर्जुन सहित अनेक प्रजातियों के पौधे लगाए गए। आज ये पौधे वृक्ष बनने की ओर अग्रसर हैं और क्षेत्र की सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। जल संकट जैसी बड़ी समस्या का समाधान स्थानीय स्तर पर स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पहल से आसपास की गोचर भूमि में हरियाली बढ़ी है और अनेक पौधे गर्मी के मौसम में भी सुरक्षित रह पाए हैं। वर्षा जल संरक्षण का यह माडल ग्रामीण क्षेत्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है। सीमित संसाधनों में युवाओं द्वारा किया गया यह कार्य दर्शाता है कि यदि सामूहिक प्रयास और सकारात्मक सोच हो तो जल संकट जैसी बड़ी समस्या का समाधान स्थानीय स्तर पर भी संभव है। दूसरे गांव के लिए बनी प्रेरणा पर्यावरण प्रेमी मनोज कुमार ने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। यदि हर गांव में वर्षा जल संग्रहण के ऐसे छोटे-छोटे प्रयास किए जाएं तो भूजल स्तर सुधारने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी नई दिशा मिल सकती है। उन्होंने युवाओं से अधिक से अधिक पौधारोपण करने और वर्षा जल को व्यर्थ बहने से रोकने का आह्वान किया। गांव रामबास की यह पहल आज जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और सामुदायिक भागीदारी का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभर रही है, जिससे अन्य गांव भी प्रेरणा ले रहे हैं।

हाईवे सुरक्षा के लिए बड़ा कदम, राष्ट्रीय राजमार्गों से अतिक्रमण हटाने को लेकर नई गाइडलाइन

पटना  बिहार में राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) के दोनों ओर अब मनमाने ढंग से मकान, दुकान या किसी भी तरह का व्यावसायिक ढांचा खड़ा करना मुमकिन नहीं होगा। सूबे में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और सड़कों को अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए सम्राट सरकार एक बेहद सख्त नीति बनाने की तैयारी में जुट गई है। आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, इस नई नीति के तहत बिहार के भीतर राष्ट्रीय राजमार्गों के दोनों तरफ 15-15 मीटर की तय दूरी तक किसी भी प्रकार के नए निर्माण कार्य पर पूरी तरह रोक लगा दी जाएगी। राज्य सरकार का पथ निर्माण विभाग इस बड़े प्रस्ताव का ड्राफ्ट तैयार कर चुका है, जिस पर अमल करने के लिए अब शासन स्तर पर काफी तेज कवायद शुरू हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के कड़े निर्देश के बाद विभाग ने तैयार किया प्रस्ताव यह बड़ी पहल सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रीय राजमार्गों से अतिक्रमण हटाने और उसके किनारे निर्माण कार्यों पर पाबंदी लगाने को लेकर दिए गए कड़े निर्देशों पर की जा रही है। पथ निर्माण विभाग द्वारा तैयार किए गए इस नीतिगत प्रस्ताव पर राज्य के विभिन्न संबंधित विभागों से परामर्श लिया जा रहा है। चूंकि अतिक्रमण और सड़कों की सुरक्षा का यह गंभीर मामला सीधे तौर पर ट्रैफिक पुलिस, विधि विभाग और परिवहन विभाग से भी जुड़ा हुआ है, इसलिए सभी तकनीकी और कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव पर विधि विभाग समेत विभिन्न विभागों से गहन विचार-विमर्श किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस प्रस्ताव को राज्य कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा और कैबिनेट की हरी झंडी मिलते ही इसे पूरे प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू कर दिया जाएगा। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों पर लागू होगा नियम यह नया नियम बिहार से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों पर समान रूप से प्रभावी होगा। नीति के लागू होने के बाद हाईवे के किनारे जिसकी भी निजी जमीन होगी, वह 15 मीटर के इस दायरे के भीतर केवल रास्ता बनाने, पेड़ लगाने या खेती करने जैसे कार्यों के लिए ही भूमि का उपयोग कर सकेगा। लेकिन, इस 15 मीटर की नो-कंस्ट्रक्शन जोन की सीमा के भीतर किसी भी प्रकार का पक्का या कच्चा निर्माण कार्य करने की इजाजत कतई नहीं दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इस नीति के प्रभावी होने से हाईवे पर विजिबिलिटी बेहतर होगी और हादसों में भारी कमी आएगी। मालूम हो कि वर्तमान में भी पूरे राज्यभर में एनएच से अवैध अतिक्रमण हटाने को लेकर प्रशासन द्वारा लगातार बुलडोजर अभियान चलाया जा रहा है।

कैशियर मर्डर केस के बाद बड़ा फैसला, मिनटों में सील होगा चंडीगढ़ शहर

चंडीगढ़. यहां सेक्टर-11 में स्थित श्री कुमार केमिस्ट के कैशियर जानकी दास की दिनदहाड़े हत्या के बाद पुलिस ने सुरक्षा और निगरानी प्रणाली में बड़े बदलाव करने का फैसला किया है। अब किसी भी क्रिमिनल घटना के बाद मिनटों में पूरे शहर को सील किया जाएगा जबकि बीट स्टाफ को अपने एरिया से बाहर जाने की इजाजत नहीं होगी। पुलिस विभाग द्वारा बीट स्टाफ, ट्रैफिक पुलिस और P.C.R. कर्मचारियों के लिए करीब 2800 ऐसे आधुनिक वायरलेस सेट खरीदे जा रहे है, जिनसे हर समय उनकी लोकेशन ट्रैक की जा सकेगी। इससे सीनियर अधिकारी यह पक्का करेंगे कि ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी निर्धारित इलाके में ही मौजूद रहें। पुलिस ने सभी थाना मुखियों को अपने क्षेत्रों से बाहर जाने वाली सड़कों की पहचान कर तुरंत नाकाबंदी के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। इस बार शहर को सील करने की पूरी जिम्मेदारी S.P. सिटी को सौंपी गई है। इसलिए हर थाने को 40 से 45 नए बैरिकेड दिए जा रहे हैं। नाकों पर उठे सवाल  कैशियर मर्डर केस ने पुलिस के नाका सिस्टम पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हैरानी की बात यह है कि जानकी दास की हत्या उसी जगह पर की जहां नाका लगा हुआ था, लेकिन वहां तैनात कर्मचारियों को घटना की भनक तक नहीं लगी। हत्यारे वारदात को अंजाम देने के बाद ऑटो में बैठकर भाग गए। इससे पहले सेक्टर-9 के प्रॉपर्टी डीलर मर्डर केस और पंजाब BJP ऑफिस पर बम हमले के आरोपी शहर के नाकों से होकर फरार हो गए थे। ऐसे मामलों ने नाकों के असर पर सवाल खड़े किए हैं। बीट सिस्टम होगा मजबूत पुलिस विभाग अब बीट सिस्टम को और मजबूत करने की योजना पर काम कर रहा है। बीट कर्मचारियों को बाजारों और कमर्शियल इलाकों में रेगुलर गश्त करने और दुकानदारों से सीधा संपर्क बनाने को कहा गया है, ताकि लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत हो सके।