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बेल्जियम से ड्रॉ के बाद ईरान टीम की अनोखी विदाई, ड्रेसिंग रूम में संदेश ने जीता दिल

नई दिल्ली फीफा वर्ल्ड कप 2026 के दौरान ईरान फुटबॉस टीम ने एक ऐसा काम किया जिसकी जमकर सराहना की जा रही है। सोमवार यानि 21 जून को बेल्जियम के खिलाफ मुकाबला ड्रॉ करने के बाद इरानी खिलाड़ियों ने लॉस एंजलिस में स्थित सोफी स्टेडियम को भावुक तरीके से विदाई दी है। उनकी ओर से ड्रेसिंग रूम में एक नोट छोड़ा गया जिसको पढ़ने के बाद हर खेल और फुटबॉल प्रेमी का दिल खुशी और भावुकता से लबरेज हो जाएगा। ईरानी टीम ने छोड़ा खास नोट सोशल मीडिया पर ईरानी टीम का एक खास नोट सामने आया है। जिसमें उन्होंने लॉस एंजलिस से अपनी विदाई को भावुक मोड़ दिया है। नोट में समर्थकों को शुक्रिया कहने के साथ ही विश्व में शांति की अपील की है। नोट में लिखा , 'हजारों साल पुरानी प्राचीन फारस को लेकर आज के सभ्य ईरान तक भावना आज भी जीवित और अडिग है। आपकी मेहमाननवाजी के लिए बहुत शुक्रिया लॉस एंजलिस। हम गर्व के साथ यहां आए, सम्मान के साथ खेले और सम्माने के साथ ही विदा लेते हैं।' ईरान का होम ग्राउंड बन गया लॉस एंजलिस लॉस एंजलिस का मैदान एक तरह से ईरान टीम का होम ग्राउंड लग रहा था। लाखों की संख्या में ईरानी समर्थक अपनी टीम का सपोर्ट करने के लिए स्टेडियम में नजर आए। इसकी एक वजह ये भी है कि लॉस एंजलिस दुनिया के सबसे बड़े ईरानी समुदाय के गढ़ों में से एक है। फैंस को धन्यवाद करते हुए नोट में लिखा कि, 'हर उस ईरानी फैन का शुक्रिया जिसने खेल के 180 मिनटों में हमारा साथ नहीं छोड़ा। आपने अपनी आवाज और आत्मा से हमारा समर्थन किया।' फीफा वर्ल्ड कप 2026 में ईरान को हुई परेशानी फीफा वर्ल्ड कप 2026 का सफर ईरान टीम के लिए आसान नहीं रहा। USA में प्रतिबंध के चलते खिलाड़ियों को 48 घंटे के ज्यादा रहने की अनुमति नहीं मिली। इसके कारण उन्हें अपना बेस मैक्सिको के तिजुआना शहर में बनाना पड़ा। इसके अलावा कुछ खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ को वीजा संबंधी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा।  

अलीगंज के पुरनिया इलाके में आग से हड़कंप, कई लोगों के फंसे होने की आशंका

लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित पुरनिया इलाके में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक दुकान में अचानक भीषण आग लग गई. आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में पूरी इमारत धुएं और लपटों की चपेट में आ गई. दुकान के ऊपर एक कोचिंग सेंटर चल रहा था, जिसकी वजह से स्थिति काफी भयानक हो गई. आग लगते ही इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. कोचिंग सेंटर में मौजूद छात्र-छात्राओं और अन्य लोगों के बीच दहशत फैल गई. धुएं और आग की लपटों ने पूरी इमारत को घेर लिया, जिससे अंदर मौजूद लोगों के सामने बाहर निकलने की चुनौती खड़ी हो गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हालात इतने गंभीर हो गए कि कुछ लोगों को अपनी जान बचाने के लिए इमारत के छज्जों और छत से छलांग लगानी पड़ी. आग और धुएं के बीच फंसे लोगों को देखकर आसपास मौजूद लोगों में भी चिंता बढ़ गई. घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए और राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए. स्थानीय लोगों ने फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इसी दौरान दमकल विभाग और पुलिस को भी घटना की सूचना दी गई. सूचना मिलते ही दमकल और पुलिस की टीमें तत्काल मौके पर पहुंच गईं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया. आग का धुआं बना खतरा, इमारत में मची चीख-पुकार दमकल कर्मी आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं. वहीं पुलिस और अन्य बचाव दल इमारत के भीतर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में जुटे हुए हैं. पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने और सभी आवश्यक कदम उठाने को कहा है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों को इलाज उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही प्रशासन को हर स्तर पर सतर्कता बरतने को कहा गया है ताकि राहत कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए. मुख्यमंत्री ने राहत एवं बचाव कार्यों की सतत मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए हैं. सीएम के निर्देश के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना में घायल हुए लोगों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है. प्रशासन और बचाव एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास जारी है. फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है. दमकल और पुलिस की टीमें मौके पर मौजूद हैं और राहत एवं बचाव अभियान जारी है. अलीगंज के पुरनिया इलाके में हुई इस घटना ने पूरे क्षेत्र में चिंता का माहौल

51 स्कूल बसों की जांच, 5 नियमों का उल्लंघन करती मिलीं; कार्रवाई कर काटे चालान

भिलाई. भिलाई–दुर्ग के 4 शैक्षणिक संस्थानों के परिवहन करने वाले 51 बसों की रविवार को जांच की गई। जांच के दौरान यातायात पुलिस एवं परिवहन विभाग ने खामियां मिलने पर कुल 05 स्कूली बसों पर कार्रवाई कर चालान काटा गया। वहीं शिविर के दौरान चालक एवं परिचालकों के स्वास्थ्य परीक्षण भी कराए गए। इसमें 13 चालकों में रक्तचाप एवं शुगर संबंधी स्वास्थ्य शिकायतें पाई गई है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात ऋचा मिश्रा ने बताया कि रविवार को स्कूली छात्र-छात्राओं के सुरक्षित परिवहन को दृष्टिगत रखते हुए सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप यातायात पुलिस दुर्ग एवं परिवहन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से पुलिस ग्राउंड सेक्टर- 06 भिलाई में स्कूल बस जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में जिले के 04 शैक्षणिक संस्थानों द्वारा संचालित 51 स्कूल बसों का परीक्षण किया गया। जांच के दौरान परिवहन विभाग ने वाहन पंजीयन, परमिट, फिटनेस, बीमा, प्रदूषण प्रमाण-पत्र, रोड टैक्स एवं वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस का परीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान 05 स्कूल बसों में निर्धारित सुरक्षा मानकों एवं आवश्यक दस्तावेजों संबंधी खामियां पाए जाने पर मोटरयान अधिनियम के अंतर्गत चालानी कार्रवाई की गई। संबंधित संचालकों को कमियों का निराकरण कर ही बसों का संचालन करने हेतु निर्देशित किया गया। शिविर के दौरान चालक एवं परिचालकों के स्वास्थ्य परीक्षण भी कराए गए, जिसमें 13 चालकों में रक्तचाप एवं शुगर संबंधी स्वास्थ्य शिकायतें पाई गईं। इनके संबंध में आवश्यक चिकित्सीय परामर्श प्रदान किया गया है।

भौगोलिक दूरियां होंगी खत्म: वनांचलों से लेकर शहरों तक पहुंच रही आधुनिक शिक्षा

विशेष आलेख ​छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा क्षेत्र में 'PM-USHA' की महा-क्रांति  भौगोलिक दूरियां होंगी खत्म: वनांचलों से लेकर शहरों तक पहुंच रही आधुनिक शिक्षा रायपुर  ​     छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा जगत में एक नए युग का सूत्रपात हो चुका है। वर्ष 2014 से 2026 के बीच केंद्र सरकार से मिली प्रमुख स्वीकृतियों और सौगातों की शृंखला में 'प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान' (PM-USHA) राज्य के लिए वरदान साबित हो रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के प्रभावी क्रियान्वयन, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की नैशनल असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन काउंसिल (NAAC) ग्रेडिंग में सुधार, और अनुसंधान (Research) के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचे के विकास के लिए केंद्र सरकार द्वारा भारी-भरकम वित्तीय अनुदान की स्वीकृति दी गई है। यह योजना पूर्ववर्ती राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (RUSA) का ही एक परिष्कृत और अधिक उन्नत रूप है। ​अधोसंरचना विकास के लिए मिला 'मेगा बजट' ​      इस योजना के तहत देश भर के लिए कुल 12,926.10 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। इस विशाल बजट का एक बड़ा और महत्वपूर्ण हिस्सा छत्तीसगढ़ के हिस्से आया है। ​योजना के तहत छत्तीसगढ़ राज्य में चयनित पात्र शासकीय विश्वविद्यालयों को मल्टी-डिसिप्लिनरी एजुकेशन एंड रिसर्च यूनिवर्सिटीज़ (MERU) के अंतर्गत प्रति संस्थान 20 करोड़ से लेकर 100 करोड़ रुपए तक का भारी-भरकम अनुदान मिल रहा है। वहीं, चिन्हित शासकीय महाविद्यालयों को बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण (Grants to Strengthen Colleges) के लिए 5 करोड़ रुपए तक का प्रोजेक्ट-बेस्ड अनुदान स्वीकृत किया जा रहा है। इस वित्तीय भार का वहन केंद्र और राज्य सरकार द्वारा 60:40 के अनुपात (60% केंद्रांश और 40% राज्यांश) में किया जा रहा है। ​धरातल पर उतरी योजना: स्मार्ट क्लासरूम और आधुनिक लैब का निर्माण जारी     ​छत्तीसगढ़ में यह योजना केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि धरातल पर तेजी से प्रगति कर रही है। छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा केंद्र सरकार के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) निष्पादित किया जा चुका है। वर्तमान में, चयनित कॉलेजों द्वारा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर पोर्टल पर अपलोड की जा रही है। इसके साथ ही, राज्य के शिक्षण संस्थानों में स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक लैब, और कंप्यूटर सेंटर जैसे अत्याधुनिक अधोसंरचना निर्माण का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।       ​ बस्तर से सरगुजा तक सभी 33 जिलों को मिल रहा है सीधा लाभ       ​PM-USHA योजना का सबसे खूबसूरत पहलू इसका समावेशी होना है। इस परियोजना का लाभ छत्तीसगढ़ के समस्त 33 जिलों को मिल रहा है। योजना के तहत विशेष रूप से राज्य के ​आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों और दूरस्थ अंचलों जैसे बस्तर संभाग और सरगुजा संभाग,​कम सकल नामांकन अनुपात (GER) वाले क्षेत्रों,​आकांक्षी जिलों जैसे धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद आदि के शासकीय कॉलेजों को प्राथमिकता के आधार पर शामिल किया गया है, ताकि विकास की दौड़ में पीछे छूटे क्षेत्रों को मुख्यधारा में लाया जा सके। ​5 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं के सपनों को उड़ान       ​इस दूरदर्शी परियोजना से राज्य के विभिन्न शासकीय शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत लगभग 5 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं सीधे लाभान्वित हो रहे हैं। इस योजना का सबसे बड़ा फायदा ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों, अनुसूचित जनजाति (ST), अनुसूचित जाति (SC) और महिला वर्ग के छात्र-छात्राओं को मिल रहा है। अब छत्तीसगढ़ के वनांचलों और दूरदराज के गांवों के युवाओं को भी वैश्विक स्तर की आधुनिक शिक्षा और अनुसंधान की सुविधाएं अपने ही राज्य में सुलभ हो रही हैं, जो उनके सुनहरे भविष्य की मजबूत नींव रख रही हैं।  विष्णु प्रसाद वर्मा सहायक संचालक

ATS जांच में बड़ा खुलासा! संदिग्ध आतंकी ने उगले राज, मिशन-2047 के तहत सक्रिय था मॉड्यूल

भोपाल  मध्यप्रदेश में आतंकी नेटवर्क के खुलासे के बाद गिरफ्तार किए गए इजहार उल हक ने खुलासा किया है कि ये लोग पाकिस्तानी आतंकी ग्रुप से जुड़े हुए थे और मिशन 2047 पर काम कर रहे थे। एटीएस की जाँच के दौरान आतंकी ने माना है कि सभी आतंकी एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स, जैसे-व्हाट्सएप और टेलीग्राम के जरिए पाकिस्तान स्थित आकाओं के संपर्क में थे। इनका उद्देश्य देशभर में नेटवर्क खड़ा करना, युवाओं का ब्रेनवॉश कर उन्हें स्लीपर सेल के रूप में तैयार करना था। इसके तहत पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) के एजेंडे को साल 2047 तक देश में लागू करना मुख्य मकसद था। एटीएस के अनुसार, इस एजेंडे का उद्देश्य देश में कट्टर इस्लामिक कानून लागू करना बताया गया है। पूछताछ में इजहार ने बताया कि देशभर में तैयार हो रहे उनके कथित मुजाहिद्दीन समय आने पर एक साथ बाहर आएंगे और शासन को उखाड़ फेंकेंगे। यह भरोसा उन्हें पाकिस्तानी हैंडलर्स ने दिलाया था। उन्हें शपथ दिलाई गई थी कि समय आने पर उन्हें टारगेट किलिंग और देश में डर का माहौल पैदा करने जैसे काम करने होंगे। इनका मकसद ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ यानी PFI के ‘मिशन-2047’ के लिए काम कर रहे थे। एटीएस के मुताबिक, पीएफआई का मकसद साल 2047 तक देश में इस्लामी कानून लागू करना है। पूछताछ में इजहार उल हक ने बताया है कि वक्त आने पर सभी आतंकी एक साथ बाहर आएँगे और शासन को उखाड़ फेकेंगे। उन्हें टारगेट किलिंग और देश में डर का माहौल पैदा करना है। सदस्यों के काम करने के तरीके पर पूछताछ जारी बिहार के मधुबनी से गिरफ्तार इजहार उल हक से पूछताछ में कथित नेटवर्क की भूमिका और उसके सदस्यों के काम करने के तरीके को लेकर जानकारी मिली है। एटीएस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग जुड़े थे और किस स्तर तक इसकी गतिविधियां फैली हुई थीं। तमाम जानकारियां हासिल करने के लिए एटीएस ने इजहार को 22 जून तक रिमांड पर लिया हुआ है। पाकिस्तानी हैंडलर्स ने कहा- जिहादी बनो, शहादत मिलेगी फराज से पूछताछ में सामने आए इनपुट के मुताबिक सभी संदिग्ध कथित तौर पर पाकिस्तानी वॉट्सएप ग्रुप के संपर्क में थे। जांच के अनुसार, फराज पाकिस्तानी हैंडलर्स के कहने पर अन्य युवकों को जोड़ने का काम शुरू कर चुका था। इसका मकसद युवाओं को देश विरोधी गतिविधियों में शामिल करना था। एटीएस की पूछताछ में फराज ने इसकी पुष्टि की है। नईम के संपर्क में रहा था फराज पूछताछ में फराज ने बताया कि वह पिछले 5-6 सालों से देवबंद निवासी नईम अब्दुल्ला के संपर्क में था। नईम ने ही फराज और बिहार निवासी संदिग्ध आतंकी का परिचय कथित पाकिस्तानी हैंडलर्स से कराया था। हैंडलर्स ने फराज को कथित तौर पर जिहाद के नाम पर प्रभावित किया और वीडियो कॉल के जरिए शपथ दिलाई कि वह सच्चा जिहादी बनेगा। हैंडलर्स द्वारा दिए गए कामों को अंजाम तक पहुंचाएगा और जिहाद के रास्ते पर चलते हुए अपनी जान देने से भी पीछे नहीं हटेगा। भारत के कई राज्यों सहित पाकिस्तान के लोगों से संपर्क चारों संदिग्धों ने पूछताछ में टेलीग्राम और वॉट्सएप ग्रुप के जरिए भारत और पाकिस्तान में नेटवर्क से जुड़े सक्रिय लोगों के संपर्क में रहने की बात स्वीकार की है। फराज को सोशल मीडिया ग्रुप में 'खालिद सैफुल्ला' के नाम से जाना जाता था। हैंडलर्स ने कथित तौर पर लोगों में भय पैदा करने और समय आने पर बताए गए टारगेट पर कार्रवाई करने का टास्क दिया था। गौरतलब है कि इजहार उल हक को बिहार के मधुबनी से गिरफ्तार किया गया था। जबकि मोहम्मद फराज को भोपाल से गिरफ्तार किया गया था। उसे खालिद सैफुल्लाह नाम से पाकिस्तानी हैंडलर ने लश्कर कमांडर के तौर पर पेश किया था। उसका काम स्लीपर सेल तैयार करना था। इसी तरह नईम अब्दुल्ला यूपी के सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया था। वह मोम्मद फराज को ऑनलाइन ग्रुप से जोड़ा था। आरोपितों के पास से संदिग्ध डिजिटल दस्तावेज और सामग्री बरामद हुई थी, जिसकी फोरेंसिक जाँच चल रही है। फराज को दिए थे पासपोर्ट बनवाने के निर्देश हैंडलर्स ने फराज को पासपोर्ट बनवाने के निर्देश भी दिए थे। उसे भरोसा दिलाया गया था कि किसी अन्य देश के रास्ते पाकिस्तान बुलाया जाएगा, जहां उसे मुजाहिदीन बनने की ट्रेनिंग दी जाएगी। एटीएस की दबिश के दौरान फराज के कमरे से मिली जिहादी सामग्री की जांच की जा रही है।

व्यापार को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला, 123 शहरों में दुकानों को 24×7 संचालन की अनुमति

जयपुर राजस्थान की भजनलाल सरकार ने प्रदेश में व्यापार रोजगार और कारोबारी गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने राजस्थान दुकान एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान अधिनियम में संशोधन की अधिसूचना जारी कर दी गई है. इस नए संशोधन के लागू होने के बाद प्रदेश के 123 चिह्नित शहरों में दुकानों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठान( शॉपिंग मॉल्स) को 24 घंटे तक संचालित करने की अनुमति मिल जाएगी.संशोधन से पहले दुकानों और प्रतिष्ठानों में कर्मचारियों के लिए काम करने की दैनिक समय-सीमा 9 घंटे निर्धारित थी।हालांकि, बाद में हुए संशोधनों के जरिए दैनिक काम की सीमा को 9 से बढ़ाकर 10 घंटे किया गया था. लंबे समय से व्यापारी कर रहे थे 24 घंटे बाजार खोलने की मांग प्रदेश के व्यापारी लंबे समय से 24 घंटे बाजार खोलने की अनुमति की मांग कर रहे थे. सरकार के इस फैसले को व्यापार, रोजगार और शहरी अर्थव्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. हालांकि, संशोधित व्यवस्था के साथ कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा के लिए भी कई शर्तें लागू की गई हैं. कर्मचारियों के हितों का रखना होगा ध्यान बाजारों को 24 घंटे खोलने की छूट देने के साथ सरकार ने प्रत्येक कर्मचारी को सप्ताह में एक दिन साप्ताहिक अवकाश देना अनिवार्य होगा. किसी भी कर्मचारी से प्रतिदिन 10 घंटे और सप्ताह में 48 घंटे से अधिक काम नहीं कराया जा सकेगा. निर्धारित सीमा से अधिक काम लेने पर अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार ओवरटाइम का भुगतान करना होगा. सरकार ने अधिसूचना में साफ स्पष्ट किया है कि यदि कोई दुकान या वाणिज्यिक प्रतिष्ठान इन शर्तों का उल्लंघन करता है तो उसका पंजीकरण रद्द किया जा सकता है. शराब की दुकानों और नाइट क्लबों के समय को लेकर अटकलें तेज इस फैसले के बाद प्रदेश के राजनीतिक और कारोबारी गलियारों में एक नई बहस भी छिड़ गई है.  क्या सरकार आने वाले दिनों में शराब की दुकानों और नाइट क्लबों के संचालन समय में भी ढील देने पर विचार कर रही है? हालांकि, आबकारी विभाग या सरकार के किसी भी आधिकारिक स्तर से इस संबंध में कोई घोषणा नहीं की गई है.

लवलीना-ब्रिगेड की चमक, महिला और पुरुष बॉक्सरों ने जीते 8 स्वर्ण पदक

नई दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लेने वाले भारतीय मुक्केबाजों ने चेक गणराज्य में हुए आमंत्रण 56वीं ग्रां प्रि उस्ती नाद लाबेम टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 12 पदक जीते, जिनमें आठ स्वर्ण पदक शामिल हैं। पांच सदस्यों वाली महिला टीम ने चार स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर शानदार शुरुआत की। ओलिंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा), मौजूदा एशियाई चैंपियन प्रीति पवार (54 किग्रा), साक्षी चौधरी (51 किग्रा) और प्रिया घंघास (60 किग्रा) ने फाइनल में सर्वसम्मति से जीत हासिल करते हुए स्वर्ण पदक जीते। परवीन हुड्डा (65 किग्रा) ने रजत पदक जीतकर महिला टीम के शानदार प्रदर्शन को पूरा किया। पुरुष टीम ने भी महिलाओं की तरह सफलता हासिल करते हुए चार स्वर्ण पदक जीते। जादूमणि सिंह (55 किग्रा), सचिन (60 किग्रा), अंकुश (80 किग्रा) और नरेंद्र (90 किग्रा से अधिक) अपने वर्ग में चैंपियन बने। लवलीना ने फाइनल में इटली की मेलिसा जेमिनी को 5-0 से हराया जबकि प्रीति ने फ्रांस की जेसा मार्सेल को इसी अंतर से मात दी। साक्षी ने फ्रांस की मेसून बौरेग को 5-0 से हराया और प्रिया ने चेक गणराज्य की पसंदीदा खिलाड़ी बारबोरा मैक्सोवा पर शानदार जीत हासिल की। जादूमणि ने फाइनल में इंग्लैंड के अब्दुल बर्टन को 4-1 से हराया जबकि सचिन और अंकुश ने क्रमशः हंगरी के वेरेस रोहलैंड और चेक गणराज्य के फ्लोरियन डेनियल पर 5-0 से बड़ी जीत हासिल की। नरेंद्र ने कड़े मुकाबले वाले हैवीवेट फाइनल में अर्मेनिया के डेविड चालोयन को 3-2 से हराया। आदित्य प्रताप यादव (65 किग्रा) और कपिल पोखरिया (90 किग्रा) को अपने खिताबी मुकाबलों में करीबी हार के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा जबकि सुमित कुंडू (70 किग्रा) ने कांस्य पदक जीता।

वास्तु शास्त्र के अनुसार सही उपहार चुनने के नियम और सावधानियाँ

उपहार किसी व्यक्ति के प्रति अपना सम्मान या भावनाओं को व्यक्त करता है. कभी कभी किसी व्यक्ति का सहयोग करने के लिए उपहार दिया जाता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, उपहार देने में हमेशा सावधानी रखनी चाहिए क्योंकि गलत उपहार देने से संबंध खराब हो सकते हैं. सही उपहार से रिश्ते मजबूत होते हैं और स्वयं को भी लाभ होता है. वहीं, उपहारों की पैकिंग भी महत्वपूर्ण मानी जाती है खासतौर से पैकिंग पेपर रंग.   उपहार के लेन-देन में सावधानियां – उपहार में नियमित प्रयोग की जाने वाली वस्तु देना शुभ होता है. – वहीं, सजावटी चीजें कम से कम देनी चाहिए. – श्रृंगार की सामग्री और सौंदर्य प्रसाधन उसी को दें जिससे रिश्ते करीबी हों. – एक व्यक्ति का दिया हुआ उपहार दूसरे को नहीं देना चाहिए. – प्रेम के मामले में कांच की वस्तुएं या ताजमहल उपहार में ना दें. – इनके अलावा, जहां तक हो सके देवी-देवताओं की मूर्तियां उपहार में ना दें. ये उपहार देना और लेना होता है बेहद शुभ (Good Luck Gifts) चांदी की वस्तुएं- वास्तु और ज्योतिष में चांदी का संबंध चंद्रमा से है. चांदी का कोई सिक्का या बर्तन उपहार में देना या लेना समृद्धि और मानसिक शांति लाता है. दौड़ते हुए घोड़ों की तस्वीर- सात सफेद दौड़ते हुए घोड़ों की तस्वीर या मूर्ति उपहार में देना बहुत शुभ माना जाता है. यह करियर और बिजनेस में तरक्की (Growth) का प्रतीक है. मिट्टी के बर्तन या शोपीस- मिट्टी के बने सजावटी सामान उपहार में मिलने से अटका हुआ धन वापस आता है और घर में स्थिरता आती है. लाफिंग बुद्धा या फेंगशुई आइटम्स- लाफिंग बुद्धा, खुशहाली और आर्थिक संपन्नता लाने वाला माना जाता है. इसे खुद खरीदने के बजाय उपहार में मिलना ज्यादा फलदायी होता है. उद्देश्य के हिसाब से दें उपहार – किसी वरिष्ठ या गुरुजन को कलम या पुस्तक का उपहार दें. – प्रेम के मामले में सुगंध, सुंदर कपड़े या फूल दें. – विवाह के अवसर पर वस्त्र, घर की चीजें या मिठाई जरूर दें. – संतान प्राप्ति के अवसर पर चांदी की कोई छोटी सी चीज जरूर दें. – पति-पत्नी के मामले में घड़ियों का उपहार सर्वोत्तम होता है. – मित्रता के मामले में चॉकलेट या संगीत की कोई चीज दें. – टूटे रिश्ते को जोड़ने के लिए सुगंधित मोमबत्ती और घड़ी दें.

मैट्रिक-इंटर फेल और छूटे छात्रों को बड़ा मौका, संपूरक व इंप्रूवमेंट परीक्षा के लिए आवेदन शुरू

 रांची झारखंड एकेडमिक काउंसिल राज्य में पहली बार मैट्रिक और इंटर की विशेष परीक्षा लेगी. जैक ने साल 2026 की इंप्रूवमेंट और कंपार्टमेंटल परीक्षा को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी कर दिया है. जैक द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि मैट्रिक और इंटर परीक्षा 2026 उत्तीर्ण/अनुत्तीर्ण होने वाले और परीक्षा में आवेदन पत्र जमा करने से वंचित रह गए विद्यार्थियों के लिए संपूरक, समुन्नत और विशेष परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है. JAC वेबसाइट से करें आवेदन परीक्षा में शामिल होने के लिए विद्यार्थी जैक के वेबसाइट www.jac.jharkhand.gov.in के माध्यम से आवेदन जमा कर सकते हैं. जैक द्वारा पूर्व में निर्गत यूजर आइडी और पासवर्ड के माध्यम से आवेदन जमा होगा. इंप्रूवमेंट परीक्षा में शामिल होने के लिए विषय की बाध्यता नहीं है. विद्यार्थी चाहे तो सभी विषयों या फिर जिस विषय के अंक से संतुष्ट नहीं हैं, उसकी परीक्षा दे सकते हैं. क्यों ली जा रही है विशेष परीक्षा? साल 2026 की मैट्रिक-इंटर की कुछ परीक्षा के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर स्कूली खेलकूद प्रतियोगिता चल रही थी. मिली प्राप्त जानकारी के अनुसार कुछ विद्यार्थी अंडर 17 और अंडर 19 की राष्ट्रीय फुटबॉल, हॉकी टीम के लिए चयनित हुए थे. इस कारण वे परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए थे. स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग ले जैक को ऐसे विद्यार्थियों के लिए विशेष परीक्षा लेने का निर्देश दिया था. विभाग के निर्देश के अनुरूप जैक द्वारा विशेष परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है. मैट्रिक में 20 हजार परीक्षार्थी असफल वर्ष 2026 की मैट्रिक की परीक्षा में लगभग 20 हजार विद्यार्थी असफल हुए थे. वहीं लगभग 1800 ऐसे विद्यार्थी थे जो आवेदन जमा करने के बाद परीक्षा में शामिल नहीं हो पाये थे. वहीं इंटर की परीक्षा में लगभग 26 हजार विद्यार्थी असफल हुए थे. इंटर में विज्ञान संकाय में सबसे अधिक लगभग 15 हजार परीक्षार्थी असफल हुए थे. आज से मैट्रिक और 25 जून से जमा होगा इंटर का फॉर्म मैट्रिक के परीक्षार्थी बिना विलंब शुल्क के 22 जून से 3 जुलाई तक और विलंब शुल्क के साथ 4 से 10 जुलाई तक आवेदन जमा कर सकते हैं. वहीं इंटर के परीक्षार्थी बिना विलंब शुल्क के 25 जून से सात जुलाई तक और विलंब शुल्क के साथ 8 से 13 जुलाई तक आवेदन जमा कर सकते हैं.

एक्ट्रेस सामंथा की प्रेग्नेंसी की खबरों ने पकड़ा जोर, डायरेक्टर के बयान ने बढ़ाई चर्चा

मुंबई  साउथ सिनेमा की फेमस एक्ट्रेस सामंथा रुथ प्रभु इन दिनों अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर जबरदस्त सुर्खियों में हैं. सोशल मीडिया से लेकर फिल्मी गलियारों तक हर तरफ बस एक ही चर्चा है कि 39 साल की सामंथा जल्द ही मां बनने वाली हैं. दिसंबर 2025 में मशहूर फिल्म डायरेक्टर राज निदिमोरु के साथ शादी के बंधन में बंधने के बाद, अब यह कपल अपने पहले बच्चे का स्वागत करने के लिए पूरी तरह तैयार है।  हालांकि, शुरुआत में सामंथा या राज की तरफ से इस बात की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई थी, लेकिन हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ वीडियोज ने इन अफवाहों को हवा दे दी. इन वीडियो में सामंथा अपनी नई फिल्म 'मा इंटी बंगारम' की सक्सेस पार्टी के दौरान अपना बेबी बंप छिपाती नजर नहीं आईं, जिसके बाद फैंस की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. इस खास मौके पर उनके पति राज निदिमोरु भी उनके साथ मौजूद थे।  डायरेक्टर ने प्रेग्नेंसी पर लगाई  मुहर सामंथा की प्रेग्नेंसी को लेकर चल रहे कयासों पर अब पूरी तरह से विराम लग चुका है. फिल्म 'मा इंटी बंगारम' की डायरेक्टर बीवी नंदिनी रेड्डी ने खुद 'सिनेमा एक्सप्रेस' को दिए एक इंटरव्यू में इस खुशखबरी की पुष्टि की है. उन्होंने बेहद खुशी जाहिर करते हुए कहा, 'सामंथा की प्रेग्नेंसी बिल्कुल सही समय पर सामने आई है, क्योंकि हमारी फिल्म 'मा इंटी बंगारम' बॉक्स ऑफिस पर बड़ी कामयाबी हासिल कर चुकी है।  एक पब्लिक इवेंट में सामंथा के बेबी बंप दिखने और बिना किसी ऑफिशियल अनाउंसमेंट के मीडिया के सामने आने के सवाल पर फिल्ममेकर ने बताया कि यह एक्ट्रेस का बेहद सोच-समझकर लिया गया फैसला था. रिपोर्ट्स की मानें तो साल के आखिर तक सामंथा की डिलीवरी होने की उम्मीद है।  राज और सामंथा की शादी सामंथा रुथ प्रभु और राज निदिमोरु की शादी की बात करें, तो दोनों ने दिसंबर 2025 में कोयंबटूर स्थित सद्गुरु के ईशा योग सेंटर के पवित्र लिंग भैरवी मंदिर में सात फेरे लिए थे. लंबे समय तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद इस कपल ने बेहद निजी तरीके से शादी करने का फैसला किया, जिसमें सिर्फ उनके परिवार के लोग और बेहद करीबी दोस्त ही शामिल हुए थे।  दोनों की ही है यह दूसरी शादी यह शादी सामंथा और राज दोनों के लिए ही जिंदगी की एक नई शुरुआत है, क्योंकि यह दोनों की ही दूसरी शादी है. इससे पहले डायरेक्टर राज निदिमोरु की शादी श्यामली डे से हुई थी, जबकि सामंथा ने साउथ सुपरस्टार नागा चैतन्य से पहली शादी की थी. चर्चा है कि सामंथा और राज की पहली मुलाकात सुपरहिट वेब सीरीज 'द फैमिली मैन 2' की शूटिंग के दौरान हुई थी।