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छत्तीसगढ़ पहुंचा मानसून, दंतेवाड़ा से हुई दस्तक; 48 घंटे में झमाझम बारिश के आसार

रायपुर. प्रदेशवासियों के लिए राहत की खबर है। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार छत्तीसगढ़ में मानसून ने दस्तक दे दी है। मौसम विभाग ने सोमवार को दंतेवाड़ा जिले से दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रदेश में प्रवेश की पुष्टि की है। अगले 24 से 48 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है। मानसून की दस्तक के साथ ही प्रदेश में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून 22 जून 2026 को छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में पहुंच गया है। मानसून की उत्तरी सीमा 19° उत्तरी अक्षांश और 60° पूर्वी देशांतर, 19° उत्तरी अक्षांश और 65° पूर्वी देशांतर, 18.8° उत्तरी अक्षांश और 70° पूर्वी देशांतर, अलीबाग, पुणे, निजामाबाद, दंतेवाड़ा, बलांगीर, सुंदरगढ़, चतरा, गया, मुजफ्फरपुर और 28.3° उत्तरी अक्षांश तथा 83° पूर्वी देशांतर से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ ही प्रदेश के कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। आने वाले दो दिनों में बारिश का दायरा और अधिक बढ़ सकता है। मानसून के आगमन से किसानों में भी खुशी का माहौल है, क्योंकि खरीफ फसलों की बुवाई के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनने लगी हैं। वहीं, आम लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी इसी बीच मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। दोपहर 12:26 PM से 12:27 PM के बीच जारी नाउकास्ट अलर्ट की वैधता 3:26 PM से 3:27 PM तक रहेगी। इस दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम अस्थिर रहने की संभावना जताई गई है। इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार धमतरी, बालोद, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, दुर्ग, बेमेतरा, मुंगेली, सरगुजा और सूरजपुर सहित कई जिलों में मेघगर्जन, बिजली चमकने, हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। इन क्षेत्रों में हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर आंधी और तेज हवाओं की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक जाने की चेतावनी दी गई है। इन जिलों में येलो अलर्ट इसके अलावा सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर जिलों में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली, अचानक तेज हवा (30–40 किमी प्रति घंटा) और वर्षा की संभावना जताई गई है।

अलीगंज अग्निकांड पर सीएम योगी ने दौरा रद्द कर दिए राहत-बचाव के सख्त निर्देश

लखनऊ लखनऊ के अलीगंज की तीन मंजिला इमारत में भीषण आग की घटना से प्रदेश भर में हड़कंप मच गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस घटना की सूचना मिलते ही अपना हाथरस और आगरा दौरा रद्द कर दिया है। अलीगढ़ का दौरा बीच में छोड़कर वह वापस लखनऊ के लिए रवाना हो गए हैं। सीएम योगी ने हादसे में मारे गए बच्चों और उनके परिवारीजनों के प्रति गहरा दुख जताया है। 23 जून यानी कल उन्हें हाथरस और फिर आगरा के दौरे पर जाना था। सीएम योगी को लखनऊ अग्निकांड सूचना आयोजित जनसभा के दौरान ही मिली। उन्होंने कहा कि मैं चाहता था कि अलीगढ़ में रुकूं लेकिन लखनऊ में एक हादसा हुआ है। वहां आग लगने से कुछ बच्चों की मौत हुई है। मैं यहां से वहीं जा रहा हूं। अलीगढ़ के दौरे के लिए आगे योजना बनाऊंगा। सीएम योगी ने बताया कि आग की घटना की सूचना मिलते ही उन्होंने तत्काल डीजीपी और अपर मुख्य सचिव गृह को वहां राहत और बचाव कार्यों को लेकर निर्देश दिए हैं। एक दर्जन से अधिक हो सकती हैं मौतें लखनऊ अग्निकांड में मौतों की संख्या को लेकर अभी तक स्थित स्पष्ट नहीं है लेकिन विभिन्न स्रोतों से मिल रही जानकारी के मुताबिक संख्या एक दर्जन से अधिक हो सकती है। अलीगंज के पुरनिया इलाके में मारे गए लोगों की उम्र 20 से 24 साल के बीच बताई जा रही है। इससे इलाके में लोगों के बीच शोक की स्थिति है। खुद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी मीडिया के सवालों का जवाब देते वक्त रो पड़े। डिप्टी सीएम ने कहा कि हादसे में झुलसे लोगों को अस्पताल भेजा गया है। उनके इलाज की मॉनीटरिंग वह स्वयं कर रहे हैं। पेंट शॉप थी ग्राउंड फ्लोर पर अधिकारियों का कहना है कि इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर पेंट शॉप थी। जबकि ऊपरी मंजिल पर गेमिंग जोन था। वहां कर्मचारी गेमिंग साफ्टवेयर पर काम भी करते थे। आग लगते ही इमारत की ऊपरी मंजिल पर अफरा तफरी मच गई। कुछ लोग अंदर फंसे हुए थे। स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत और बचाव की कोशिश की लेकिन आग इतनी भयावह थी कि कई लोग उसमें फंसे रह गए। हर तरफ से चीख-पुकार ही सुनाई पड़ रही थी। पीएम मोदी ने जताया दुख पीएम नरेंद्र मोदी ने लखनऊ हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों और घायलों के परिवारीजनों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है। सीएम योगी ने कहा कि इस घटना की उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी। घटना की तह तक जाया जाएगा।

राष्ट्रपति मुर्मु ने चीता मित्रों से किया संवाद, संरक्षण कार्यों की ली विस्तृत जानकारी

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने चीता मित्रों से किया संवाद और चीता संरक्षण की ली जानकारी राष्ट्रपति ने चीता मित्रों के प्रयासों को सराहा ग्वालियर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने अपने दो दिवसीय कूनो नेशनल पार्क के प्रवास के दौरान सोमवार को चीता मित्रों से संवाद कर चीता संरक्षण के प्रयासों की जानकारी ली। राष्ट्रपति ने चीता मित्रों से चर्चा करते हुए उनके द्वारा चीतों की सुरक्षा और आमजन के बीच चीतों के व्यवहार को लेकर किये जा रहे जन-जागरूकता के प्रयासों के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने सभी चीता मित्रों से वन-टू-वन चर्चा कर परियोजना के लिए उनके द्वारा मानसेवी रूप से किये जा रहे प्रयासों की सराहना की। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु को चीता मित्रों ने अवगत कराया कि कूनो नेशनल पार्क से लगे सभी ग्रामों में चीता मित्र मौजूद है, जिनके द्वारा चीतो की सुरक्षा के संबंध में ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। चीतो के आबादी क्षेत्र में आवागमन की स्थिति पर किये जाने वाले कार्यों के संबंध में सभी को अवगत कराया गया है। ग्रामीणों को यह जानकारी भी दी जा रही है कि स्वभाविक रूप से चीते किसी को नुकसान नहीं पहुंचाते है। चीता जब आबादी क्षेत्र अथवा खेतों में दिखाई दे तो तत्काल वन विभाग को अवगत कराया जाये, जिससे उन्हें किसी भी प्रकार से नुकसान न पहुँचे। भारत में चीतों की पुनर्बसाहट के लिए यह परियोजना अति महत्वपूर्ण है। इस दौरान चीता मित्र कुलदीप आदिवासी सिलोरी, संग्राम आदिवासी एवं कु. राजनदंनी आदिवासी हथेडी, श्रीमती मल्हा आदिवासी सेसईपुरा, शिवम आदिवासी पालपुर, विनोद आदिवासी पैरा, रामलखन आदिवासी कराहल, लालाराम आदिवासी सेसईपुरा, दौलतराम आदिवासी सेसईपुरा और सतीश आदिवासी मोरावन मौजूद रहें। इस अवसर पर वन विभाग के प्रमुख सचिव संदीप यादव, पीसीसीएफ शुभरंजन सेन, कमिश्नर सुरेश कुमार, आईजी सचिन अतुलकर, कलेक्टर सुशीला दाहिमा, पुलिस अधीक्षक सुधीर अग्रवाल, सीसीएफ उत्तम कुमार, डीएफओ आर थिरूकुराल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहें। उल्लेखनीय है कि कूनो नेशनल पार्क में चीतों की पुनर्स्थापन योजना को लगभग साढ़े तीन वर्ष से अधिक का समय हो गया है। नेशनल पार्क में नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका एवं बोत्सवाना से चीतों को लाया गया है, वर्तमान में देश में चीतों की संख्या 52 है, जिनमें से 49 चीते कूनो नेशनल पार्क में तथा 03 चीते मंदसौर स्थित गांधी सागर अभ्यारण में मौजूद है। भारत में जन्मे चीतो की संख्या 32 है, चीता प्रोजेक्ट निरंतर सफलता की ओर आगे बढ रहा है। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु चीता मित्रों से संवाद के उपरांत हेलीकॉप्टर से ग्वालियर के लिये रवाना हुई। हेलीपेड पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मीनिस्टर इन वेटिंग एवं जिले के प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला, सांसद शिवमंगल सिंह तोमर सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारियों ने आदरपूर्वक विदाई दी।  

पुरनिया अग्निकांड: गेमिंग जोन वाली इमारत में आग से 14 की मौत, जांच के आदेश

लखनऊ राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित पुरनिया इलाके में सोमवार को हुई भीषण आग की घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया है. इस दर्दनाक हादसे में अब तक 14 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. मृतकों की उम्र 20 से 24 साल के बीच बताई जा रही है, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है. घटना के समय इमारत में अचानक आग लगी और कुछ ही मिनटों में पूरी बिल्डिंग धुएं और लपटों से घिर गई. आग लगते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए. शुरुआत में इस घटना को कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी से जोड़कर देखा गया, लेकिन बाद में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इमारत में न तो कोई कोचिंग सेंटर संचालित था और न ही कोई लाइब्रेरी चल रही थी. अधिकारियों के अनुसार ग्राउंड फ्लोर पर पेट शॉप थी, जबकि ऊपरी मंजिल पर गेमिंग जोन संचालित था, जहां कर्मचारी गेमिंग सॉफ्टवेयर पर काम करते थे. आग लगने के बाद ऊपरी मंजिल पर मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई. कुछ लोगों के बाथरूम में फंसे होने की अपुष्ट सूचना भी सामने आई थी, लेकिन बाद में राहत और बचाव कार्य के दौरान सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. सूचना मिलते ही दमकल और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और स्थानीय लोगों ने भी बचाव कार्य में सहयोग किया. आग की भयावहता इतनी अधिक थी कि कई लोग इमारत से बाहर निकलने के लिए छज्जों और अन्य हिस्सों का सहारा लेते नजर आए. एक शख्स ने जान बचाने के लिए इमारत से छलांग लगा दी, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया है. फिलहाल कूलिंग ऑपरेशन जारी है ताकि दोबारा आग भड़कने की संभावना न रहे. घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया और अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए थे. उन्होंने घायलों के समुचित उपचार और प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए. उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी घटनास्थल की जानकारी ली और राहत कार्यों की निगरानी की. उन्होंने बताया कि मृतकों की संख्या 12 तक पहुंच चुकी है और सभी की उम्र 20 से 24 वर्ष के बीच है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अब मामले में और सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस महानिदेशक (DGP) और अपर मुख्य सचिव गृह (ACS Home) को तत्काल मौके पर जाकर पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा है कि इस पूरे मामले की तह तक जाकर दोषियों को सजा दी जाएगी. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दोषियों पर कार्रवाई कर पीड़ित परिवारों के प्रति न्याय सुनिश्चित किया जाएगा और संवेदना व्यक्त की जाएगी. प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी इस हादसे पर शोक व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा की है. पीएमओ ने कहा है कि मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी. लखनऊ पुलिस और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राहत एवं बचाव कार्य पूरा कर लिया गया है और स्थिति नियंत्रण में है. फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और प्रशासन हर पहलू पर नजर बनाए हुए है.

तथ्य छिपाने पर पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट सख्त, जमानत याचिका पर लगा झटका

चंडीगढ़  पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने करनाल के निसिंग क्षेत्र में 21 वर्षीय युवती से कथित छेड़छाड़ और पीछा करने के मामले में आरोपित की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी अदालत ने पाया कि आरोपित ने एफआईआर के अनुवादित संस्करण में एक महत्वपूर्ण आरोप को जानबूझकर हटाकर अदालत के समक्ष अधूरी और भ्रामक तस्वीर पेश की। हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसी तथ्यात्मक जानकारी छिपाने वाला व्यक्ति अग्रिम जमानत जैसी विवेकाधीन राहत पाने का हकदार नहीं हो सकता। जस्टिस संदीप मौदगिल ने अपने आदेश में कहा कि यह कोई मामूली भाषाई त्रुटि नहीं, बल्कि अभियोजन के पूरे मामले की नींव से जुड़ा गंभीर आरोप है। अदालत के अनुसार आरोपी ने रिकार्ड का गलत प्रस्तुतीकरण किया और महत्वपूर्ण तथ्य छिपाए, जिससे उसकी नीयत पर सवाल खड़े होते हैं। मामले के अनुसार निसिंग थाना पुलिस ने 14 मई को भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की थी। शिकायतकर्ता युवती ने आरोप लगाया था कि 12 मई को वह गांव के मंदिर जा रही थी, तभी आरोपित उसका पीछा करते हुए आया। उसने पीछे से उसकी चप्पल पर पैर रखा, कंधे और निजी अंगों को छुआ तथा विरोध करने पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। शिकायत में यह भी कहा गया कि आरोपित काफी समय से उसका पीछा कर रहा था, अशोभनीय इशारे करता था और बाद में उसके घर के आसपास भी घूमता रहा, जिससे वह भयभीत थी। युवती का बयान बाद में न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 183 के तहत भी दर्ज किया गया, जिसमें उसने अपने आरोप दोहराए।दूसरी ओर आरोपित ने अदालत में दलील दी कि एफआईआर दो दिन की देरी से दर्ज हुई और यह उसे फंसाने के उद्देश्य से दर्ज कराया गया एक जवाबी कदम है। उसने दोनों परिवारों के बीच पुरानी रंजिश का हवाला देते हुए खुद को निर्दोष बताया।हालांकि सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने पाया कि आरोपित द्वारा पेश किए गए एफआईआर के अंग्रेजी अनुवाद में निजी अंगों को छूने संबंधी आरोप को हटा दिया गया था। अनुवाद में केवल कंधा छूने और अन्य सामान्य आरोपों का उल्लेख किया गया। अदालत ने कहा कि यदि पूरा आरोप निष्पक्ष रूप से सामने रखा जाता तो स्पष्ट होता कि मामला केवल पीछा करने या अभद्र टिप्पणी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें निजी अंगों से शारीरिक छेड़छाड़ का विशिष्ट आरोप भी शामिल है। अदालत ने कहा कि अग्रिम जमानत मांगने वाले व्यक्ति का दायित्व है कि वह सभी महत्वपूर्ण तथ्यों का पूर्ण और निष्पक्ष खुलासा करे। चूंकि आरोपित ने ऐसा नहीं किया और रिकार्ड के महत्वपूर्ण हिस्से को दबाया, इसलिए वह अदालत के समक्ष साफ हाथों से नहीं आया। इसी आधार पर हाई कोर्ट ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।

PWD की नई पहल: QR कोड स्कैन कर लोग सीधे दर्ज करा सकेंगे सड़क की शिकायत

नई दिल्ली  दिल्ली में अब सड़क पर गड्ढा, टूटी सड़क या किसी अन्य समस्या की शिकायत करना पहले से कहीं ज्यादा आसान होने वाला है। दिल्ली सरकार का लोक निर्माण विभाग (PWD) जल्द ही अपनी सड़कों पर QR कोड आधारित व्यवस्था शुरू करने जा रहा है। इसके तहत लोग सड़क किनारे लगे बोर्ड पर मौजूद QR कोड को स्कैन करके सीधे शिकायत दर्ज करा सकेंगे। यह पहल 'नो योर रोड' (Know Your Road) प्रोजेक्ट के तहत शुरू की जा रही है। इसका उद्देश्य लोगों को सड़कों से जुड़ी पूरी जानकारी उपलब्ध कराना और मरम्मत कार्यों में पारदर्शिता बढ़ाना है। यह सुविधा हिंदी, पंजाबी और अंग्रेजी तीन भाषाओं में उपलब्ध होगी। क्या होगी नई व्यवस्था?     दिल्ली की सभी PWD सड़कों को एक यूनिक QR कोड दिया जाएगा।     सड़क किनारे लगे बोर्ड पर यह QR कोड दिखाई देगा।     कोड स्कैन करते ही नागरिक एक ऑनलाइन पोर्टल पर पहुंच जाएंगे। मिलेगी सड़क की पूरी जानकारी     सड़क कब बनी थी और आखिरी बार कब मरम्मत हुई, इसकी जानकारी मिलेगी।     सड़क की देखरेख करने वाले इंजीनियर और ठेकेदार का विवरण भी उपलब्ध होगा।     नागरिक सीधे उसी सड़क से जुड़ी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। 60 दिनों में पूरा होगा काम     प्रोजेक्ट को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।     शुरुआत में पांच सड़कों पर इसका परीक्षण होगा।     इसके बाद 100 सड़कों पर पायलट प्रोजेक्ट चलाया जाएगा।     सफल परीक्षण के बाद पूरे शहर में इसे लागू किया जाएगा। 2500 से ज्यादा QR कोड लगाए जाएंगे     चौथे से आठवें सप्ताह के बीच दिल्ली भर में करीब 2500 QR कोड लगाए जाएंगे।     सड़कों के दोनों ओर सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे।     खराब या क्षतिग्रस्त QR कोड को तुरंत बदला जाएगा।     जवाबदेही और निगरानी होगी मजबूत इस प्रोजेक्ट से सड़कों की निगरानी आसान होगी और शिकायतों के निस्तारण पर नजर रखी जा सकेगी। सरकार का मानना है कि इससे सड़क रखरखाव में पारदर्शिता बढ़ेगी और लोगों को बेहतर सड़क सुविधाएं मिल सकेंगी।

शनि का मीन राशि में गोचर: मेष, कुंभ और मीन पर साढ़ेसाती, सिंह-धनु पर ढैय्या का प्रभाव जारी

शनि इस वक्त मीन राशि में गोचर कर रहे हैं और साल के आने वाले अगले 6 महीने भी शनि की यही स्थिति रहने वाली है. शनि के मीन राशि में होने के कारण मेष, कुंभ और मीन राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है. जबकि सिंह और धनु राशि वालों पर शनि की ढैय्या का प्रभाव जारी है. साल 2026 के लगभग छह महीने पूरे हो चुके हैं और अब अगले छह महीने बाकी हैं. आइए जानते हैं कि अगले छह महीने पर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या पर इसका कैसा प्रभाव रहने वाला है. शनि की साढ़ेसाती सभी ग्रहों में शनि को न्याय और कर्मफल देने वाला ग्रह माना जाता है. शनि सबसे धीमी गति से चलने वाले ग्रह हैं और एक राशि में लगभग ढाई वर्ष तक रहते हैं. राशि परिवर्तन के साथ ही कुछ राशियों पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या शुरू होती है, जबकि कुछ राशियों को इससे राहत मिलती है. साल 2026 में शनि मीन राशि में स्थित हैं, इसलिए कुछ राशियों पर इसका प्रभाव अभी भी बना हुआ है. मेष राशि मेष राशि वालों पर इस समय शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है. साल 2026 के बाकी महीनों में कार्यक्षेत्र में कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. काम में रुकावटें आ सकती हैं और मन में दुविधा बनी रह सकती है. इस दौरान किसी भी निर्णय में जल्दबाजी से बचना और हर कदम सोच-समझकर उठाना आपके लिए बेहतर रहेगा. कुंभ राशि कुंभ राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण जारी है. ऐसे में साल के बाकी महीनों में धीरे-धीरे राहत मिलने के संकेत हैं. समय के साथ कार्यों में सफलता मिलने की संभावना बढ़ सकती है. हालांकि खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी रहेगा. साथ ही किसी भी बड़े फैसले को पूरी समझदारी के साथ लेना आपके लिए लाभदायक हो सकता है. मीन राशि मीन राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहा है. आने वाले महीनों में कामकाज से जुड़ी चुनौतियां सामने आ सकती हैं. नौकरी और व्यापार में किसी भी फैसले को जल्दबाजी में लेने से बचना होगा. लेन-देन के मामलों में सतर्कता जरूरी रहेगी. साथ ही खर्च बढ़ने की संभावना भी बनी रह सकती है. इसलिए आर्थिक मामलों में संयम रखना उचित रहेगा. शनि की ढैय्या सिंह राशि सिंह राशि वालों पर इस समय शनि की ढैय्या का प्रभाव है. साल 2026 के बाकी महीनों में निवेश से जुड़े मामलों में अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी. बिना पूरी जानकारी के कोई बड़ा आर्थिक निर्णय लेना नुकसानदेह हो सकता है. धैर्य और संतुलित सोच के साथ आगे बढ़ना आपके लिए बेहतर रहेगा. धनु राशि धनु राशि वालों पर भी शनि की ढैय्या जारी है. वर्ष 2026 के शेष महीनों में धैर्य और संयम बनाए रखना आवश्यक होगा. कार्यक्षेत्र में जल्दबाजी करने से बचना चाहिए. सोच-समझकर लिए गए निर्णय भविष्य में बेहतर परिणाम दे सकते हैं. इस दौरान संतुलित दृष्टिकोण अपनाना आपके लिए लाभदायक साबित हो सकता है.

भारत-बांग्लादेश सीमा पर बढ़ा तनाव, मालदा में BSF की कार्रवाई के दौरान हजारों लोगों की भीड़ जुटी

कलकत्ता   पश्चिम बंगाल के मालदा जिले से सटी भारत-बांग्लादेश सीमा पर अचानक स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गयी. सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने भारतीय क्षेत्र में अवैध रूप से दाखिल होने की कोशिश कर रहे बांग्लादेशी नागरिकों के एक समूह को पकड़ा और उन्हें वापस खदेड़ने (पुश-बैक) की कोशिश की. तभी सीमा के उस पार से बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) और लगभग 5 से 7 हजार बांग्लादेशी नागरिकों की भारी भीड़ ने जीरो लाइन पर आकर इस कदम का कड़ा विरोध किया. हंगामा शुरू कर दिया. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गयी और रेड फ्लैग (लाल झंडा) लगा दिया गया है।  सुखदेवपुर गांव में घुसपैठ की कोशिश, ग्रामीणों ने BSF के साथ मिलकर संभाला मोर्चा स्थानीय निवासियों के अनुसार, उथल-पुथल की शुरुआत तब हुई, जब करीब 15 बांग्लादेशी नागरिकों ने मालदा के सुखदेवपुर गांव में जबरन घुसने का प्रयास किया. गांव के पीयूष मंडल और चपला मंडल ने बताया कि इन घुसपैठियों को देखकर ग्रामीणों ने तुरंत मोर्चा संभाला और बीएसएफ के जवानों के साथ मिलकर उन्हें पीछे धकेल दिया।  ग्रामीणों का आरोप- महिलाओं और बच्चों को प्रताड़ित करते हैं असामाजिक तत्व ग्रामीणों का आरोप है कि सीमा पार से आने वाले ये असामाजिक तत्व अक्सर भारतीय सीमा में घुसकर महिलाओं और बच्चों को प्रताड़ित करते हैं. ग्रामीणों ने भारत सरकार से मांग की है कि सीमा के इस 1200 मीटर लंबे संवेदनशील हिस्से पर तुरंत फेंसिंग (कंटीले तारों की बाड़) लगायी जाये।  भाजपा ने ममता बनर्जी पर बोला तीखा हमला पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद इस घटना से सियासत गरमा गयी है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता कौस्तुभ बागची ने इस घटना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद जब तृणमूल कांग्रेस के अपने सहयोगियों ने उनसे दूरी बना ली है, तो सीमा पार की विभाजनकारी ताकतों से मदद मांगी जा रही है. बागची ने कड़े शब्दों में कहा कि अब राज्य में शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार है और घुसपैठ की ऐसी किसी भी कोशिश को कतई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।   पैनिक न हों, बीएसएफ पर रखें भरोसा : सुकांत मजूमदार केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने सीमावर्ती इलाके के नागरिकों से शांत रहने और किसी भी तरह के भ्रम या पैनिक में न आने की अपील की है. उन्होंने कहा कि देश की सीमाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं. भारतीय नागरिकों को बीएसएफ की क्षमता पर पूरा भरोसा रखना चाहिए।  शांतनु ठाकुर बोले- जान-बूझकर बांग्लादेशियों को भारत में धकेला जा रहा केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर ने कहा कि बांग्लादेश की तरफ से जान-बूझकर अपने नागरिकों को भारत में धकेलने की साजिश रची जा रही है, जिसे कभी कामयाब नहीं होने दिया जायेगा. बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने ‘घुसपैठ मुक्त बंगाल’ का वादा किया था और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपनी पहली ही कैबिनेट बैठक में बॉर्डर फेंसिंग के लिए जमीन सौंपने का बड़ा फैसला लिया था। 

डॉ. कीर्ति की दोहरी उपलब्धि, NEET PG में टॉप और सेना में कैप्टन बनकर बढ़ाया रोहतक का मान

रोहतक. कभी भारतीय सेना के अधिकारियों के कंधों पर चमकते सितारों को देखकर उनके जैसी वर्दी पहनने का सपना देखने वाली गांव गरनावठी की बेटी डा. कीर्ति बड़क आज खुद भारतीय सेना में कैप्टन बन गई है। खास बात यह है कि कीर्ति बड़क गांव की पहली बेटी के रूप में कैप्टन बनी है। किसान परिवार से संबंध रखने वाली कीर्ति के पिता महावीर खेती करते हैं, जबकि उनकी माता सुनीता रानी गृहिणी है। बचपन से ही कीर्ति का सपना डाक्टर बनने का था। बता दें कीर्ति ने कक्षा 11वीं व 12वीं की पढ़ाई रोहतक के सरकारी स्कूल से की है। वहीं इसके बाद उन्होंने नीट परीक्षा उत्तीर्ण कर मेडिकल क्षेत्र में कदम रखा, लेकिन इसी दौरान उनकी जिंदगी ने नया मोड़ लिया। कीर्ति ने बताया कि इस दौरान उन्होंने मिलिट्री नर्सिंग सर्विस (एमएनएस) की परीक्षा भी पास की थी। किस वजह से सेना में गईं कीर्ति? इस प्रक्रिया के दौरान उन्हें भारतीय सेना के अधिकारियों और जवानों के साथ संवाद करने का अवसर मिला और सेना के अधिकारियों के कंधों पर लगे सितारों ने उन्हें आकर्षित किया। सेना का अनुशासन, सेवा भाव और अधिकारियों के कंधों पर लगे सितारे उन्हें इतने प्रभावित कर गए कि उन्होंने उसी समय तय कर लिया कि एक दिन वह भी सेना में अधिकारी बनेंगी। हालांकि इसके बाद उन्होंने एमएनएस के माध्यम से नर्सिंग क्षेत्र में जाने के बजाय केएमसी मणिपाल से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की, लेकिन डाक्टर बनने के बाद भी उनका लक्ष्य सेना की वर्दी पहनना ही रहा। इंटर्नशिप के साथ-साथ उन्होंने आर्मी मेडिकल कोर शार्ट सर्विस कमीशन की तैयारी शुरू की और अपने सपने को साकार करने के लिए लगातार मेहनत की। उन्होंने नीट पीजी में आल इंडिया 65वीं रैंक हासिल की। डॉक्टर बनना उनके जीवन का पहला सपना था इसके बाद उनका चयन भारतीय सेना में हुआ। कीर्ति का कहना है कि डॉक्टर बनना उनके जीवन का पहला सपना था, लेकिन भारतीय सेना में अधिकारी बनकर देश के सैनिकों की सेवा करना उनका सबसे बड़ा लक्ष्य था। वह चाहती है कि सीमाओं पर देश की रक्षा करने वाले जवानों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाने में अपना योगदान दे सकें। बता दें कि उनके चचेरे चाचा भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे चुके है। जबकि दादा पंजाब पुलिस में अपनी सेवाएं दे चुके है।

मुख्य सचिव ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की

मुख्य सचिव ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की विभागीय सचिवों की ली उच्च स्तरीय बैठक रायपुर मुख्य सचिव विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के समस्त विभागों के भार सादक सचिवों की बैठक ली। बैठक में विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव सभी ऑनलाइन सेवाओं को सेवा सेतु में लाने के लिए कार्यवाही करने के निर्देश अधिकारियों को दिए है। मुख्य सचिव ने आगामी 13 जुलाई से 17 जुलाई 2026 तक आयोजित छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र के लिए विभागों के अंतर्गत सभी जरूरी तैयारियों के साथ विभागीय अधिकारियों को विधानसभा में उपस्थित रहने के निर्देश दिए है। मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को शासन के सर्वोच्च प्राथमिकता वाले कार्यों को वरीयता देने के निर्देश दिए है। मुख्य सचिव ने योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की लगातार मानिटरिंग करने के निर्देश दिए है। बैठक में ई-ऑफिस, लोक सेवा गारंटी, नियद नेल्लानार डेसबोर्ड, सुघ्घर छत्तीसगढ़, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति सीजी स्टेट पोर्टल, डी रेगुलेशन ई-गजट, सेवा सेतु, मनरेगा, पीएम सूर्य घर बिजली सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को विभागों के अंतर्गत रिक्त पदों की सूची अद्यतन करने एवं कर्मचारी चयन मंडल के कार्यों की प्रगति की विस्तार से जानकारी सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों से ली।  बैठक में गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमख सचिव श्रीमती शहला निगार, मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, मुख्यमंत्री एवं सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत, गृह विभाग की सचिव श्रीमती नेहा चम्पावत, सामान्य प्रशासन एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, सूचना एवं प्रौद्योगिकी एवं आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, परिवहन विभाग के सचिव एस.प्रकाश, सामान्य प्रशासन, जनशिकायत निवारण एवं उच्च शिक्षा विभाग के सचिव अविनाश चम्पावत, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उभोक्ता संरक्षण एवं वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग की सचिव सुरीना बाबा साहेब कंगाले, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव सुआर.शंगीता, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव बसवराजु एस., जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, वाणिज्यिक कर (पंजीयन) सचिव भुवनेश यादव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह सहित राज्य शासन के अन्य विभागों के सचिव मौजूद थे।