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NALSAR विवाद के बाद NLSIU पहुंचे CJI सूर्यकांत, छात्रों को दिया संवैधानिक मूल्यों का संदेश

नई दिल्ली चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने शनिवार को कानून की पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों से न्याय, स्वतंत्रता और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करने की अपील की. उन्होंने कहा कि कानूनी पेशे में केवल कानून की जानकारी होना काफी नहीं है, बल्कि न्याय के पक्ष में खड़े होने का साहस और दूसरों की बात सुनने की विनम्रता भी जरूरी है।  बेंगलुरु स्थित नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU) के दीक्षांत समारोह में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने अपने दौरे को लेकर हुए विरोध पर प्रतिक्रिया भी दी. उन्होंने कहा कि कुछ बाहरी ताकतों के कारण पैदा हुई परिस्थितियों से कार्यक्रम के आयोजन को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई थी. हालांकि, छात्रों ने बाधाओं से ऊपर उठकर खुले संवाद और विचारों की अभिव्यक्ति का समर्थन किया।  'कुछ बाहरी ताकतों ने पैदा की अनिश्चितता' सीजेआई सूर्यकांत ने अपने संबोधन में कहा, 'जैसा कि हम सभी जानते हैं, इस समारोह से पहले के दिन पूरी तरह चुनौतियों से मुक्त नहीं थे. कुछ बाहरी ताकतों के कारण पैदा हुई अप्रत्याशित और दुर्भाग्यपूर्ण परिस्थितियों ने अनिश्चितता का माहौल बना दिया था. कुछ समय के लिए ऐसा लगने लगा था कि शायद यह समारोह उस तरह आयोजित नहीं हो पाएगा, जैसी हमने उम्मीद की थी।  उन्होंने आगे कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद छात्रों ने अपने दृढ़ संकल्प का परिचय दिया और कार्यक्रम के आयोजन में आने वाली बाधाओं से ऊपर उठकर अपनी प्रतिबद्धता दिखाई।  'दमन की कायरता के बजाय खुले संवाद को चुना' छात्रों को संबोधित करते हुए चीफ जस्टिस ने कहा, 'यहां मौजूद प्रतिभाशाली छात्रों के इस विशाल समूह ने साबित कर दिया है कि दृढ़ संकल्प की भावना को इतनी आसानी से दबाया नहीं जा सकता. बाधाएं पैदा करने वाली आवाजों से ऊपर उठकर आपने दमन की कायरतापूर्ण प्रवृत्ति के बजाय खुले संवाद की गरिमा को बनाए रखने का रास्ता चुना।  सीजेआई ने कहा, 'आपने छल और धोखे का पर्दा हटाकर यह दिखा दिया है कि ईमानदार बहुमत की इच्छाशक्ति कुछ बेईमान लोगों की साजिशों पर भारी पड़ सकती है।  'ईमानदारी से बनेगी आपकी पेशेवर प्रतिष्ठा' चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि ईमानदारी के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता ही भविष्य में उनकी पेशेवर प्रतिष्ठा को मजबूत बनाएगी. छात्रों को संबोधित करते हुए सीजेआई ने कहा, 'मैं आपको केवल बधाई देने के लिए नहीं, बल्कि आपसे बहुत सारी उम्मीदें लेकर भी संबोधित कर रहा हूं।  'कानूनी पेशा कमजोर दिल वालों के लिए नहीं' चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि कानूनी पेशे में सफलता के लिए केवल कानून की धाराओं और पुराने अदालती फैसलों की जानकारी काफी नहीं है. इसके लिए न्याय की रक्षा करने का साहस और उन लोगों की बात सुनने की विनम्रता भी होनी चाहिए, जिनकी आवाज अक्सर अनसुनी रह जाती है।  उन्होंने कहा, 'कानूनी पेशा कमजोर दिल वालों के लिए नहीं है. इसमें केवल कानून और न्यायिक मिसालों पर महारत हासिल करना ही जरूरी नहीं है, बल्कि जो न्यायसंगत है, उसके पक्ष में खड़े होने का साहस और अक्सर अनसुनी रह जाने वाली आवाजों को सुनने की विनम्रता भी जरूरी है।  'सुविधा के लिए सिद्धांतों से समझौता न करें' सीजेआई ने छात्रों को आगाह किया कि वे अपने पेशेवर जीवन में सुविधा के लिए अपने सिद्धांतों से समझौता न करें और सफलता हासिल करने के लिए किसी तरह का शॉर्टकट अपनाने से बचें. उन्होंने कहा कि छात्रों को अपने संस्थान में सीखे गए मूल्यों और आदर्शों को हमेशा याद रखना चाहिए. कानूनी शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य आपराधिक या संवैधानिक कानून के सिद्धांतों को समझने से कहीं आगे है. इसमें उन लोगों के विचारों और अनुभवों को समझना भी शामिल है, जो दुनिया को हमसे अलग नजरिए से देखते है।  'देश को आपसे बड़ी उम्मीदें हैं' चीफ जस्टिस ने कहा कि कानूनी पेशे से जुड़े लोगों को अन्याय दूर करने, व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा करने और संविधान के मूल्यों को बनाए रखने से संतुष्टि मिल सकती है. उन्होंने छात्रों से कहा कि देश उनसे केवल वकील या कानूनी पेशेवर बनने की उम्मीद नहीं करता, बल्कि समाज के प्रति बड़ी जिम्मेदारी निभाने की भी अपेक्षा रखता है।  सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, 'जब आप इस संस्थान से निकलकर दुनिया में कदम रखें, तो यह याद रखें कि देश आपको केवल कानून के पेशेवरों के रूप में नहीं, बल्कि उम्मीद के संदेशवाहकों के रूप में देखता है।   

2016 के 65 मिनट से घटकर अब मात्र 5 मिनट हुआ पुलिस रिस्पॉन्स टाइमः मुख्यमंत्री

अधर्म, अत्याचार व आतंक का अंत ही न्याय, शांति एवं निर्भय समाज की स्थापना का आधारः मुख्यमंत्री शारदीय नवरात्र की सप्तमी तिथि पर सीएम ने की मां कालरात्रि के स्वरूप की आराधना दुष्टों, असुरों और रक्तबीज जैसी तामसिक शक्तियों का संहार कर धर्म की स्थापना एवं भक्तों को अभय प्रदान करती हैं मां कालरात्रिः मुख्यमंत्री अर्थशक्ति बनकर उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास को नई गति दे रही है नारी शक्तिः सीएम  डबल इंजन सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति ने आसुरी शक्तियों का दमन कर प्रदेश में स्थापित किया कानून का राज एवं भयमुक्त वातावरणः सीएम योगी कृषि, उद्योग, सेवा और उद्यमिता सहित विभिन्न क्षेत्रों में नारी शक्ति की बढ़ती भागीदारी ने प्रदेश की विकास यात्रा को दी नई ऊर्जाः मुख्यमंत्री   2016 के 65 मिनट से घटकर अब मात्र 5 मिनट हुआ पुलिस रिस्पॉन्स टाइमः मुख्यमंत्री   लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र की सप्तमी तिथि पर मां कालरात्रि के स्वरूप की आराधना की। इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर लिखा कि दुष्टों, असुरों और रक्तबीज जैसी तामसिक शक्तियों का संहार कर धर्म की स्थापना एवं भक्तों को अभय प्रदान करने वाली मां कालरात्रि का दिव्य स्वरूप हमें संदेश देता है कि अधर्म, अत्याचार व आतंक का अंत ही न्याय, शांति एवं निर्भय समाज की स्थापना का आधार है। 2017 से पहले रक्तबीज रूपी माफिया, दंगाइयों और अपराधियों का था आतंक  मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार को आईना दिखाते हुए बताया कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में रक्तबीज रूपी माफिया, दंगाइयों और अपराधियों के आतंक से उत्पन्न भय एवं अराजकता के अंधकार ने बहन-बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा व स्वावलंबन की राह में गंभीर बाधाएं खड़ी कर दी थीं। वहीं विगत 9.5 वर्षों में डबल इंजन सरकार की अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति ने इन आसुरी शक्तियों का दमन कर प्रदेश में कानून का राज एवं भयमुक्त वातावरण की स्थापना की है। महिला सुरक्षा के प्रति सरकार प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री ने लिखा कि मिशन शक्ति, इंटीग्रेटेड 1090 हेल्पलाइन, महिला बीट पुलिसिंग और सेफ सिटी परियोजना जैसी पहलों ने बहन-बेटियों के लिए घर की चौखट से लेकर सड़क, शिक्षण संस्थानों व कार्यस्थलों तक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया है। पुलिस रिस्पॉन्स टाइम का वर्ष 2016 के 65 मिनट से घटकर मात्र 5 मिनट रह जाना, प्रदेश में कानून-व्यवस्था की तत्परता और महिला सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रमाण है।  सुरक्षा के विश्वास से प्रेरित होकर नाइट शिफ्ट में भी कार्य कर रहीं महिलाएं  मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सुरक्षा के माहौल का जिक्र किया, कहा कि सुरक्षा के इसी विश्वास से प्रेरित होकर आज महिलाएं नाइट शिफ्ट में भी निडर होकर कार्य कर रही हैं। महिला श्रम बल भागीदारी का 12 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत से अधिक होना इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश की नारी शक्ति, अर्थशक्ति बनकर उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास को नई गति दे रही है। हर क्षेत्र में नारी शक्ति की बढ़ती भागीदारी ने प्रदेश की विकास यात्रा को दी नई ऊर्जा  सीएम ने लिखा कि कृषि, उद्योग, सेवा और उद्यमिता सहित विभिन्न क्षेत्रों में नारी शक्ति की बढ़ती भागीदारी ने प्रदेश की विकास यात्रा को नई ऊर्जा दी है। यही भागीदारी उत्तर प्रदेश की जीएसडीपी और प्रति व्यक्ति आय में हुई तीन गुना वृद्धि की यात्रा में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

किसानों के लिए बड़ी खबर! छत्तीसगढ़ सरकार ने धान खरीदी को लेकर शुरू की तैयारी

रायपुर  छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। सरकार ने भी धान खरीदी को लेकर तैयारियां शुरू कर दी है। शुक्रवार को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयाल दास बघेल ने अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आगामी धान खरीदी के दौरान किसानों की सुविधा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसानों को पंजीयन और टोकन प्राप्त करने से लेकर खरीदी केंद्र में धान विक्रय तक किसी भी स्तर पर परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं। उन्होंने अधिकारियों को धान खरीदी केंद्रों में बारदाना, इलेक्ट्रॉनिक तौल, बिजली, पेयजल सहित किसानों की सुविधा से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। खरीदी शुरू होने से पहले दूर करें कमियां विभागीय समीक्षा बैठक में आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान खरीदी की तैयारियों, कस्टम मिलिंग, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, खाद्यान्न भंडारण एवं परिवहन सहित विभागीय योजनाओं और गतिविधियों की विस्तार से समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित, पारदर्शी और किसान हितैषी होनी चाहिए। खरीदी शुरू होने से पहले सभी केंद्रों में आवश्यक संसाधनों और सुविधाओं की उपलब्धता का परीक्षण कर कमियों को दूर किया जाए। किसानों की सुविधा का रखें विशेष ध्यान मंत्री ने कहा कि खरीदी केंद्र तक पहुंचने वाले किसान को अनावश्यक प्रतीक्षा अथवा असुविधा का सामना नहीं करना पड़े। टोकन व्यवस्था सुचारु रखी जाए और किसानों को प्रक्रिया से जुड़ी जरूरी जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए। धान खरीदी से जुड़े अधिकारी अपने-अपने स्तर पर तैयारियों की नियमित समीक्षा करें और किसी भी समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने खरीदी केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में बारदानों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि बारदाने की कमी के कारण खरीदी प्रभावित नहीं होनी चाहिए। नए धान खरीदी केंद्रों में इलेक्ट्रॉनिक माप-तौल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही सभी केंद्रों में बिजली, पेयजल एवं अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध रहें। धान का उठाव भी सही समय पर हो खाद्य मंत्री ने कस्टम मिलिंग की स्थिति की समीक्षा करते हुए इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों अथवा केंद्रों में धान के उठाव या कस्टम मिलिंग से संबंधित समस्या सामने आ रही है, वहां वास्तविक स्थिति का आकलन कर समयबद्ध समाधान किया जाए। धान खरीदी, उठाव और कस्टम मिलिंग के बीच बेहतर समन्वय रखा जाए, जिससे पूरी व्यवस्था निर्बाध रूप से संचालित हो सके।

रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी! छत्तीसगढ़ में चलेंगी 3 नई मेमू ट्रेनें

रायपुर  भारतीय रेलवे ने छत्तीसगढ़ में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने और यात्रियों की सुविधा के लिए तीन नई मेमू (MEMU) ट्रेनों के संचालन को स्वीकृति प्रदान कर दी है. इस फैसले की आधिकारिक जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल को पत्र भेजकर दी।  इन नई सेवाओं में रायपुर-रावघाट मेमू (68768/68769) के साथ-साथ रायपुर और कुरुद के मध्य दो अलग-अलग मेमू ट्रेनें (68772/68771 एवं 68774/68773) शामिल हैं।  रायपुर से कुरुद और रावघाट के मुख्य मार्गों पर मेमू ट्रेनों के शुरू होने से दैनिक यात्रियों, नौकरीपेशा वर्ग, विद्यार्थियों, व्यापारियों और किसानों को आवागमन में सीधी और तीव्र सुविधा प्राप्त होगी. इसके अतिरिक्त, दूर-दराज के इलाकों से इलाज के लिए राजधानी रायपुर आने वाले मरीजों का सफर भी बेहद आसान और किफायती हो जाएगा।  इन ट्रेनों के चलने से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि क्षेत्र के व्यापारिक और सामाजिक ताने-बाने को भी मजबूती मिलेगी।  रेलवे द्वारा दी गई इस बड़ी राहत पर खुशी व्यक्त करते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि वे लंबे समय से क्षेत्रवासियों के लिए बेहतर, सुरक्षित और किफायती परिवहन सेवाओं के विस्तार हेतु प्रयासरत थे।  उन्होंने इस जनहितकारी पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार जताया. सांसद ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में बुनियादी ढांचे और रेल तंत्र के आधुनिक विस्तार को अभूतपूर्व गति मिल रही है।   

CG School Holiday: छत्तीसगढ़ में दीपावली की छुट्टी 6 दिन की, शिक्षा विभाग ने जारी किया नया आदेश

छत्तीसगढ़ में दीपावली अवकाश अब 6 दिन का, स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किया संशोधित आदेश प्रदेश के स्कूलों में 6 से 11 नवंबर तक रहेगा दीपावली अवकाश रायपुर छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षण सत्र 2026-27 के लिए पूर्व में घोषित दीपावली अवकाश में आंशिक संशोधन करते हुए अब कुल 6 दिनों का अवकाश घोषित किया है। संशोधित आदेश के अनुसार प्रदेश के शासकीय, अनुदान प्राप्त एवं गैर अनुदान प्राप्त स्कूलों तथा डी.एड., बी.एड., एम.एड. महाविद्यालयों में 6 नवंबर से 11 नवंबर 2026 तक दीपावली अवकाश रहेगा। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 16 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार पूर्व में 21 सितंबर 2026 को जारी शैक्षणिक कैलेंडर में दीपावली अवकाश 6 नवंबर से 10 नवंबर 2026 तक कुल 5 दिनों के लिए निर्धारित किया गया था। राज्य शासन ने उक्त आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए दीपावली अवकाश की अवधि एक दिन बढ़ाकर 11 नवंबर 2026 तक कर दी है।इस निर्णय से प्रदेश के विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं शैक्षणिक संस्थानों को दीपावली पर्व के अवसर पर एक अतिरिक्त दिन का अवकाश मिलेगा। अब 6 से 11 नवंबर तक रहेगा दीपावली अवकाश स्कूल शिक्षा विभाग के संशोधित निर्णय के अनुसार, प्रदेश के स्कूलों में दीपावली की छुट्टियां अब 6 नवंबर से 11 नवंबर तक रहेंगी। इससे विद्यार्थियों को लगातार छह दिन का अवकाश मिलेगा। छुट्टी बढ़ने से त्योहार के दौरान बच्चों और उनके परिवारों को अतिरिक्त समय मिल सकेगा। दीपावली के मौके पर कई परिवारों में पूजा-पाठ, घर की सजावट और रिश्तेदारों से मिलने की तैयारियां होती हैं। ऐसे में छुट्टी बढ़ने से विद्यार्थियों को इन गतिविधियों में शामिल होने का अधिक अवसर मिलेगा। दशहरा और शीतकालीन अवकाश का कैलेंडर भी जारी स्कूल शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र के लिए दशहरा, दीपावली और शीतकालीन अवकाश की तारीखें भी निर्धारित की हैं। विभाग की ओर से जारी कैलेंडर के अनुसार, तीनों अवसरों पर अवकाश का कार्यक्रम इस प्रकार है।     दशहरा अवकाश: 17 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक     दीपावली अवकाश: 6 नवंबर से 11 नवंबर तक     शीतकालीन अवकाश: 24 दिसंबर से 28 दिसंबर तकपहले दशहरा, दीपावली और शीतकालीन अवकाश के लिए कुल 15 दिनों की छुट्टियां निर्धारित की गई थीं। दीपावली अवकाश में एक दिन की बढ़ोतरी के बाद विद्यार्थियों को अब कुल 16 दिनों का अवकाश मिलेगा। विद्यार्थियों और अभिभावकों को मिली राहत दीपावली की छुट्टी बढ़ाने का फैसला विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए राहत भरा है। लगातार छह दिन की छुट्टी मिलने से बच्चों को त्योहार मनाने के साथ आराम करने का भी अतिरिक्त समय मिलेगा। हालांकि, स्कूलों में अवकाश की संशोधित तारीखों की पुष्टि संबंधित विभाग के आधिकारिक आदेश से कर लेना उचित होगा।

डुप्लीकेट शराब कांड में बड़ा खुलासा, GST ऑफिस बना था डिस्ट्रीब्यूशन का अड्डा

रायपुर  छत्तीसगढ़ के 3200 करोड़ रुपए से ज्यादा के शराब घोटाले में जांच एजेंसी ने अवैध शराब की सप्लाई से लेकर कमीशन वसूली, कैश कलेक्शन और हवाला के जरिए रकम दुबई तक पहुंचाने का आरोप लगाया है। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एंटी करप्शन ब्यूरो (EOW-ACB) ने बुधवार को 42 आरोपियों के खिलाफ करीब 27 हजार पन्नों का 10वां पूरक चालान पेश किया। इनमें 20 व्यक्ति और 22 कंपनियां शामिल हैं। आरोपियों में यश टुटेजा, अख्तर ढेबर, प्रिंस भाटिया, नवीन केडिया, विधु गुप्ता और आबकारी अधिकारी आशीष श्रीवास्तव समेत कारोबारी और कंपनियां शामिल हैं। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, शराब घोटाले में वैध शराब की सप्लाई पर कथित कमीशन वसूली के साथ पार्ट-B नाम से बिना आबकारी शुल्क चुकाए शराब तैयार कर बेचने की अलग व्यवस्था बनाई गई थी। डुप्लीकेट होलोग्राम लगाकर सरकारी दुकानों में बेचते थे शराब इसके लिए अतिरिक्त बोतलों, डुप्लीकेट होलोग्राम, निजी कर्मचारियों और चुनिंदा परिवहन वाहनों का इस्तेमाल किए जाने का आरोप है। जांच एजेंसी का दावा है कि इस शराब को सरकारी दुकानों के जरिए बेचा जाता था, लेकिन बिक्री का पूरा हिसाब सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया जाता था। ढेबर के गोदाम और जीएसीटी ऑफिस में रखे जाते थे होलोग्राम जांच दस्तावेजों के मुताबिक, अनवर ढेबर से जुड़े गोदाम और जीएसटी ऑफिस में डुप्लीकेट होलोग्राम रखे जाते थे। सिंडिकेट के सदस्य जरूरत के हिसाब से इन्हें डिस्टिलरियों तक पहुंचाते थे। जांच में यह भी सामने आया कि डुप्लीकेट होलोग्राम की छपाई के लिए नोएडा और रायपुर के कार्यालयों का इस्तेमाल किया जाता था। इन होलोग्राम की सप्लाई में प्रिज्म होलोग्राफी एंड सिक्योरिटी फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड के विधु गुप्ता की भूमिका बताई गई है। आबकारी अधिकारी जनार्दन कौरव, कंपनी की रायपुर यूनिट के प्रभारी दिलीप पाण्डे और अन्य सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की गई। आरोप है कि इन होलोग्राम को पार्ट-B शराब की बोतलों पर लगाया जाता था, ताकि वे सरकारी सप्लाई की वैध शराब जैसी दिखें। बोतल, बॉटलिंग और परिवहन का अलग नेटवर्क जांच के अनुसार, अवैध शराब की सप्लाई के लिए खाली बोतलों की व्यवस्था भी अलग तरीके से की जाती थी। अमित सिंह, अनुराग द्विवेदी, सत्येन्द्र गर्ग और नवनीत गुप्ता के नाम बोतलों की सप्लाई के संबंध में दर्ज हैं। आरोप है कि कई बार बोतलें ओवर बिलिंग या बिना बिल के नकद लेन-देन के जरिए उपलब्ध कराई गईं। डिस्टिलरी में शराब की बॉटलिंग, होलोग्राम लगाने, पैकिंग और वाहनों में लोडिंग के बाद इसे सरकारी दुकानों तक पहुंचाया जाता था। जांच एजेंसी के मुताबिक, पार्ट-B शराब की बिक्री से प्राप्त रकम को नियमित सरकारी खाते में जमा करने के बजाय कथित सिंडिकेट तक पहुंचाने की व्यवस्था थी। इस कारण आबकारी शुल्क की चोरी और शासन को राजस्व नुकसान होने का आरोप है। 15 जिलों में 60.50 लाख पेटियों की बिक्री का आरोप EOW के आकलन के मुताबिक, शराब घोटाले में अवैध कमाई और राजस्व नुकसान का आंकड़ा 3,076 करोड़ रुपए से अधिक है। इसमें देशी शराब के पार्ट-A, पार्ट-B और पार्ट-C से जुड़े 2,545.94 करोड़ रुपए तथा विदेशी शराब की सप्लाई में 281.89 करोड़ रुपए के कथित कमीशन का उल्लेख है। एजेंसी ने 15 जिलों में बिना आबकारी शुल्क चुकाए 60.50 लाख पेटियों की बिक्री का आरोप लगाया है। मैनपावर एजेंसियों को किए गए भुगतान में भी गड़बड़ी का दावा किया गया है। जांच के अनुसार, पांच एजेंसियों को ओवरटाइम, बोनस, अतिरिक्त दिनों के काम और सेवा शुल्क के नाम पर 182.98 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भुगतान किया गया। इसमें से 62.99 करोड़ रुपए कमीशन के रूप में लौटाए जाने का आरोप है। इस मामले में तत्कालीन सीएसएमसीएल प्रबंध संचालक अरुणपति त्रिपाठी और ईगल हंटर सॉल्यूशन के संचालक बीआर लोहिया की भूमिका का भी उल्लेख है। 208 करोड़ रुपए दुबई पहुंचाने का दावा जांच एजेंसी ने शराब घोटाले की कथित अवैध कमाई को दुबई तक पहुंचाने के लिए हवाला नेटवर्क के इस्तेमाल का भी दावा किया है। जब्त मोबाइल की एक्सेल शीट में 27 मई से 21 जून 2022 के बीच 27 लेन-देन का हिसाब मिलने की बात कही गई है। इसमें सिंडिकेट के सदस्य विकास अग्रवाल उर्फ सुब्बू को दुबई में 208.46 करोड़ रुपए उपलब्ध कराने का उल्लेख है। एजेंसी के अनुसार, रायपुर से नकदी मुंबई भेजी जाती थी और वहां जमा रकम के बदले दुबई में स्थानीय नेटवर्क के जरिए बराबर राशि उपलब्ध कराई जाती थी। खंजन ठक्कर के नेटवर्क और दुबई स्थित नोवा स्कोटिया गोल्ड ट्रेडिंग एलएलसी का भी जांच में उल्लेख है। आरोप है कि शेल कंपनियों और रियल एस्टेट कारोबार के जरिए अवैध कमाई को निवेश के रूप में दिखाने की कोशिश की गई। यश टुटेजा, अख्तर ढेबर और प्रिंस भाटिया पर अलग-अलग आरोप पूरक चालान में यश टुटेजा पर अपने पिता अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर के बीच संपर्क का माध्यम बनने तथा कथित अवैध रकम को पारिवारिक खातों, जमीन, म्यूचुअल फंड और रियल एस्टेट में निवेश करने का आरोप है। अख्तर ढेबर पर शेल कंपनियों और रियल एस्टेट फर्मों के जरिए रकम खपाने में भूमिका निभाने का आरोप लगाया गया है। प्रिंस भाटिया पर डिस्टिलरी में बिना आबकारी शुल्क वाली शराब के उत्पादन, डुप्लीकेट होलोग्राम और अवैध सप्लाई से जुड़ी गतिविधियों में भूमिका निभाने का आरोप है। वहीं, आशीष श्रीवास्तव पर आबकारी व्यवस्था की निगरानी कमजोर करने और कथित अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई नहीं करने के आरोप हैं। जांच एजेंसी ने छत्तीसगढ़ डिस्टिलरीज, वेलकम डिस्टिलरी, भाटिया वाइन्स मर्चेंट्स, प्रिज्म होलोग्राफी समेत 22 कंपनियों को भी आरोपी बनाया है। चालान में दर्ज आरोपों और साक्ष्यों पर अंतिम निर्णय न्यायालय में होगा। आरोपियों की आपराधिक जिम्मेदारी का निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही किया जाएगा।

एलन मस्क सुलह के मूड में? स्टारलिंक विवाद के बीच रिलायंस की सराहना

मुंबई  भारत में स्टारलिंक की एंट्री को लेकर चल रहा विवाद अब नरम पड़ता दिख रहा है. स्टारलिंक विवाद पर एलन मस्क अब सुलह के मूड में नजर आ रहे हैं. जी हां, एलन मस्क ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के बयान पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है. रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) ने शुक्रवार को एक बयान जारी किया था. इस बयान में कंपनी ने भारत के सैटेलाइट इंटरनेट बाजार में स्टारलिंक का स्वागत किया था. अब उस बयान पर एलन मस्क का जवाब आ गया है. एलन मस्क ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के बयान को खूब सराहा है. इससे स्टारलिंक विवाद पर एलन मस्क के तेवर नरम पड़ने के संकेत मिल रहे हैं।  दरअसल, रिलायंस इंडस्ट्रीज ने शुक्रवार को एक बयान जारी किया था. इस बयान में कंपनी ने कहा था कि उसे प्रतिस्पर्धा से कभी डर नहीं लगा. कंपनी ने कहा कि सैटेलाइट कम्युनिकेशन के क्षेत्र में स्टारलिंक समेत सभी कंपनियों का स्वागत है. हालांकि, भारत में कारोबार करने वाली हर कंपनी को देश के कानूनों और नीतियों का पालन करना होगा. इस बयान पर ही एलन मस्क ने एक्स पर जवाब दिया. एलन मस्क ने बयान को सराहनीय बताया और लिखा- मच अप्रिशिएटेड यानी बहुत सराहनीय।  रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपने बयान में क्या-क्या कहा था? रिलायंस इंडस्ट्रीज ने स्टारलिंक विवाद पर बयान में एलन मस्क के आरोपों का जवाब दिया था. रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) ने कहा, ‘हम सैटेलाइट कम्युनिकेशन क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा का स्वागत करते हैं, जिसमें स्टारलिंक भी शामिल है. जियो सहित हर कंपनी को भारत के लोगों की सेवा करनी है और देश के कानूनों तथा नीतियों का पालन करना है।      रिलायंस ने अपने बयान में कहा, ‘हाल के दिनों में रिलायंस और भारतीय बाजार को लेकर की गई टिप्पणियों के मद्देनजर हम तथ्यों को स्पष्ट करना चाहते हैं. हर भारतीय कंपनी की तरह रिलायंस भी ऐसे भारत में विकसित हुआ है, जो निवेश और नवाचार का स्वागत करता है, चाहे वह देश में विकसित हो या विदेश से आए, बशर्ते उससे लोगों के जीवन में सुधार हो।      कंपनी ने आगे कहा कि यह खुलापन कानून के शासन पर आधारित है. रिलायंस ने कहा, ‘भारत सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि वह भारतीय और विदेशी, सभी आवेदकों के लिए समान प्रक्रिया अपनाती है. जियो की अपनी सैटेलाइट सेवाएं भी अभी विभिन्न मंजूरियों का इंतजार कर रही हैं।      रिलायंस ने कहा कि उसने कभी प्रतिस्पर्धा से डर महसूस नहीं किया है. उसने कहा, ‘हम इसे इस बात की सबसे बड़ी परीक्षा मानते हैं कि ग्राहकों की बेहतर सेवा कौन दे सकता है. जियो ने भी वर्ष 2016 में भारत के अत्यंत प्रतिस्पर्धी दूरसंचार बाजार में एक नए खिलाड़ी के रूप में प्रवेश किया था, जब उसके पास एक भी ग्राहक नहीं था।      कंपनी ने आगे बताया कि केवल 10 वर्षों में जियो ने 53 करोड़ से अधिक ग्राहकों का विश्वास जीता है और भारतीयों को दुनिया के सबसे बेहतर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और सबसे किफायती डेटा सेवाओं में से एक उपलब्ध कराई हैं।  क्या है पूरा विवाद गौरतलब है कि स्टारलिंक को भारत में सैटेलाइट संचार सेवाएं उपलब्ध कराने का लाइसेंस मिल चुका है, लेकिन वाणिज्यिक सेवाएं शुरू करने से पहले कंपनी को सुरक्षा संबंधी मंजूरियों और अन्य स्वीकृतियों की आवश्यकता है. पिछले सप्ताह एलन मस्क ने स्टारलिंक के भारत में प्रवेश को लेकर सरकार और भारतीय कारोबारियों पर निशाना साधा था. हालांकि, भारत सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि सैटेलाइट संचार क्षेत्र में सभी कंपनियों के आवेदनों की समीक्षा निष्पक्ष और गैर-भेदभावपूर्ण प्रक्रिया के तहत की जा रही है। 

एलन मस्क के भारत पर सवालों को लेकर ओवैसी के समर्थन में आए किरेन रिजिजू

नई दिल्ली केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की तारीफ करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि कभी-कभी ओवैसी भारत के राष्ट्रीय हित से जुड़े मुद्दों पर समझदारी की बातें करते हैं, हालांकि उनकी कट्टर मुस्लिम-केंद्रित नीतियों का विरोध किया जाता है. रिजिजू ने कहा कि अगर विपक्ष के कुछ नेता उनकी बात नहीं सुनना चाहते, तो उन्हें ओवैसी से सीखना चाहिए. उन्होंने आगे लिखा, "अब साफ हो गया है कि कौन एंटी-इंडिया गैंग है।  रिजिजू की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब ओवैसी ने अमेरिकी कारोबारी एलॉन मस्क की भारत के राजनीतिक और कारोबारी फैसलों को लेकर की गई टिप्पणियों पर सवाल उठाए थे. ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध करने और किसी विदेशी कारोबारी को भारत के फैसलों पर सवाल उठाने का अधिकार देने के बीच अंतर बताया था।  बैकग्राउंड: ओवैसी ने एलॉन मस्क पर बोला था हमला इससे पहले असदुद्दीन ओवैसी ने एलॉन मस्क पर निशाना साधते हुए कहा था कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोधी हैं और आगे भी रहेंगे, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि किसी विदेशी कारोबारी को भारत के प्रधानमंत्री के बारे में इस तरह की टिप्पणी करने की छूट दी जाए. उन्होंने सवाल उठाया था कि बीजेपी और मोदी सरकार विदेशी कारोबारी के सामने जवाब देने से क्यों हिचक रही है।  यह विवाद मस्क की कंपनी स्टारलिंक को भारत में व्यावसायिक सेवाएं शुरू करने की मंजूरी मिलने में हो रही देरी से जुड़ा है. मस्क ने आरोप लगाया था कि भारत में कारोबारी हित उनकी कंपनी के बाजार में प्रवेश में बाधा डाल रहे हैं. उन्होंने रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी का नाम लेते हुए भी सवाल उठाए थे।  ओवैसी ने कहा था कि भारत के संसाधनों का इस्तेमाल कैसे होगा, यह फैसला देश खुद करेगा. उन्होंने जोर दिया कि प्रधानमंत्री मोदी का विरोध करने का मतलब यह नहीं है कि किसी विदेशी कारोबारी को भारत की नीतियों पर हावी होने दिया जाए।  राहुल गांधी ने भी मस्क की टिप्पणी पर साधा था निशाना एलॉन मस्क की टिप्पणी पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी थी. मस्क ने जब पूछा कि क्या मुकेश अंबानी भारत के असली बॉस हैं, तो राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा था, “भारत में आपका स्वागत है, एलॉन. उस दूसरे शख्स के बारे में जानने तक इंतजार कीजिए.” राहुल की इस टिप्पणी को गौतम अडानी और प्रधानमंत्री मोदी के संबंधों पर कांग्रेस के पुराने आरोपों से जोड़कर देखा गया।  इस तरह मस्क के बयान पर राहुल गांधी और ओवैसी की प्रतिक्रियाएं अलग-अलग रहीं. राहुल गांधी ने इसे कारोबारी और राजनीतिक प्रभाव के मुद्दे से जोड़ा, जबकि ओवैसी ने विदेशी कारोबारी की ओर से भारत के फैसलों पर सवाल उठाने को राष्ट्रीय हित का मुद्दा बताया। 

CM भगवंत मान की पत्नी के रिश्तेदार बताए जा रहे अमरदीप ग्रेवाल LOC के तहत रोके गए

चंडीगढ़  अमरदीप सिंह ग्रेवाल को दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया है. जानकारी के मुताबिक, उनके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी था. प्रवर्तन निदेशालय (ED) उनसे जुड़े मामले की जांच कर रहा है. हालांकि, फिलहाल उनकी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।  शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि अमरदीप ग्रेवाल को दिल्ली एयरपोर्ट पर ED ने पकड़ा है. मजीठिया के मुताबिक, ग्रेवाल पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी के करीबी रिश्तेदार हैं।  बिक्रम सिंह मजीठिया ने आरोप लगाया कि ग्रेवाल का नाम 5 करोड़ रुपये के कथित सौदे से जुड़ा है. मजीठिया ने यह भी दावा किया कि ED की पूछताछ में इस मामले से जुड़े अन्य लोगों और कथित लेनदेन को लेकर जानकारी सामने आ सकती है।  मजीठिया ने अपनी पोस्ट में अमरदीप ग्रेवाल को 'जुगनी का जीजा' बताते हुए कई सवाल उठाए. उन्होंने दावा किया कि ग्रेवाल को लेकर पहले से LOC जारी था और अब ED की पूछताछ से मामले की कड़ियां सामने आ सकती हैं।  फिलहाल, इस मामले में बिक्रम सिंह मजीठिया की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. अमरदीप ग्रेवाल की ओर से भी इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. ED की जांच और पूछताछ के बाद ही मामले से जुड़ी अन्य जानकारियां स्पष्ट हो सकेंगी। 

सऊदी अरब जाने वाले यात्रियों को झटका, एअर इंडिया और एक्सप्रेस की फ्लाइट्स पर लगी रोक

 नई दिल्ली एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस ने मौजूदा हालात देखते हुए जेद्दा, रियाद और दम्माम के लिए 24 अक्टूबर तक अपनी सभी उड़ानें अस्थायी रूप से रद्द कर दी हैं. एयरलाइंस ने प्रभावित यात्रियों के लिए टिकट की तारीख में बदलाव और पूरा रिफंड लेने का विकल्प दिया है।  एयरलाइंस के मुताबिक, बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के यात्री अपनी यात्रा की तारीख बदल सकते हैं. एयरलाइंस ने कहा कि जिन भी यात्रियों के पास 15 अक्टूबर या उससे पहले की कन्फर्म बुकिंग हैं और जिनकी यात्रा की तारीख 9 से 25 अक्टूबर के बीच है. वे 10 नवंबर तक बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के अपनी यात्रा की तारीख एक बार बदल सकते हैं।  एयरलाइंस ने यात्रियों को दिए विकल्प एयरलाइंस ने यात्रियों को दूसरे स्टेशन से यात्रा का विकल्प भी दिया है. यात्री अपनी सहूलियत को ध्यान में रखते हुए संबंधित एयरलाइन की सेवा के आधार पर GCC क्षेत्र के किसी दूसरे स्टेशन से अपनी यात्रा दोबारा बुक कर सकते हैं।   एअर इंडिया ने बताया कि उसके यात्री दुबई या दोहा से आने-जाने के लिए अपनी बुकिंग बदल सकते हैं. एअर इंडिया ने बताया कि उसके यात्री दुबई या दोहा से आने-जाने के लिए अपनी बुकिंग बदल सकते हैं. वहीं, एयर इंडिया एक्सप्रेस के यात्री अबू धाबी, अल ऐन, बहरीन, दोहा, दुबई, कुवैत, मस्कट, रास अल खैमाह, सलालाह या शारजाह से आने-जाने के लिए अपनी बुकिंग बदल सकते हैं. एयरलाइंस के मुताबिक, जिन यात्रियों की उड़ानें रद्द हुई हैं, अगर वे यात्रा नहीं करना चाहते हैं तो वे टिकट का पूरा रिफंड भी ले सकते हैं।  एयरलाइंस ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है जब हूतियों की ओर से सऊदी अरब पर हमले जारी हैं. इससे पहले ब्रिटेन ने भी अपने नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की. ब्रिटेन के विदेश कार्यालय ने शुक्रवार को सऊदी अरब की सभी गैर-जरूरी यात्राओं ये बचने की सलाह दी।