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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विजयवाड़ा में उद्योगपतियों और निवेशकों से की चर्चा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में निवेश के नए अवसरों और औद्योगिक साझेदारियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में विजयवाड़ा, आंध्र प्रदेश में प्रमुख उद्योगपतियों एवं निवेशकों से वन-टू-वन चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठकों के दौरान निवेशकों और उद्योगपतियों से मध्यप्रदेश में उपलब्ध निवेश की व्यापक संभावनाओं, अनुकूल औद्योगिक वातावरण तथा उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा लागू की गई विभिन्न उद्योग मित्र नीतियों की जानकारी साझा की।  

भारत-न्यूजीलैंड ट्रेड डील का असर, शराब और कीवी समेत कई आयातित उत्पादों पर घटेगा टैक्स

नई दिल्‍ली भारत और न्‍यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड डील का ऐलान पहले ही किया जा चुका है, लेकिन अभी तक भातर की ओर से किन-किन वस्‍तुओं पर कितना टैक्‍स छूट होगा, इसके बारे में नोटिफाई जारी नहीं किया गया था. हालांकि, अब भारत ने न्यूजीलैंड के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के तहत आयातित वस्तुओं पर सीमा शुल्क में पहली छूट की घोषणा कर दी है।  इस ऐलान के साथ ही शराब, मनुका शहद, कीवी फल और भेड़ के मांस सहित अन्य उत्पादों पर रियायती दरें 20 अक्टूबर से लागू हो रही हैं. वित्त मंत्रालय की 16 अक्टूबर के नोटिफ‍िकेशन में कुछ खास वस्तुओं के लिए संशोधित मूल सीमा शुल्क और टैक्‍स रेट तय कर दी गई हैं. ये छूट नोटिफिकेशन में लिस्‍टेड उत्पादों, तय दरों और शर्तों के अधीन लागू होती हैं।   भेड़ का मांस पर कोई शुल्‍क नहीं लगता  नोटिफिकेशन के अनुसार, टैरिफ के तहत आने वाले ताजे, ठंडे और जमे हुए भेड़ के मांस पर शून्‍य टैरिफ, एग्रीकल्‍चर इंफ्रा एंड डेवलप टैक्‍स (AIDC) और हेल्‍थ टैक्‍स लगेगा. 2.50 डॉलर प्रति किलोग्राम या उससे अधिक कीमत के पात्र कीवी फलों के आयात पर 15% की दर से टैक्‍स लगेगा. यह छूट लागू उत्पाद क्‍लारिफिकेशन और आयात के लिए तय शर्तों के अधीन है. कई मछलियों पर टैक्‍स 25.71 फीसदी का लागू होगा, ज‍बकि एआईडीसी और स्वास्थ्य उपकर शून्य होंगे।  हालांकि, लागू दर विभिन्न शुल्क श्रेणियों में भिन्न होती है, इसलिए उपलब्ध छूट आयातित उत्पाद के क्‍लियरिफिकेशन पर निर्भर करेगी. इस नोटिफिकेशन में आयात शुल्क को पूरी तरह से हटाने के बजाय कुछ खास टैरिफ और उपकरों से राहत दी गई है. आयातकों को हर खेप पर लागू दर जानने के लिए संबंधित टैरिफ की जांच करनी होगी।  चुनिंदा उत्‍पादों को ही छूट  इस नोटिफिकेशन में टैरिफ रेट कोटा का भी प्रावधान है, जिसके तहत चुनिंदा उत्‍पादों को ही भारत में रियायती दरों पर एंट्री की अनुमति दी गई है. आयातकों को खास प्रोडक्‍ट्स की जरूरतों को पूरा करना होगा और छूट के लिए पात्र होने के लिए न्‍यूजीलैंड बेसिक का प्रमाण पेश करना होगा. ये उपाय संवेदनशील क्षेत्रों के लिए छूट बरकरार रखते हुए चुनिंदा न्यूजीलैंड आयातों तक सीमित पहुंच प्रदान करते हैं. डेयरी उत्पाद और प्रमुख कृषि उत्पाद रियायतों से बाहर रहेंगे।  सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 की धारा 25(1) के तहत राजस्व विभाग द्वारा जारी 16 अक्टूबर की अधिसूचना में भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते के तहत सीमा शुल्क रियायतों के पहले सेट के लिए लागू दरें और शर्तें निर्धारित की गई हैं। 

तीन साल पहले मुंबई में हुआ था चार्टर विमान हादसा, अजित पवार प्लेन क्रैश से क्या है कनेक्शन?

 मुंबई सितंबर 2023 में मुंबई एयरपोर्ट पर हुए वीएसआर चार्टर फ्लाइट क्रैश लैंडिंग मामले में एयर एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो यानी AAIB ने अपनी फाइनल रिपोर्ट जारी कर दी है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि अनस्टेबलाइज़्ड अप्रोच के कारण क्रैश लैंडिंग हुई, VSR विमान के रनवे पर फिसलने के बाद दो क्रू मेंबर और 6 यात्रियों को गंभीर चोटें आईं. AAIB की अंतिम रिपोर्ट में बताया गया है कि फ़्लाइंग क्रू ने SOP का पालन नहीं किया और VSR एयरलाइंस ने आंतरिक ऑडिट ठीक से नहीं किए. इसी कंपनी का लियरजेट बारामती में क्रैश हो गया था, जिसमें महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार और अन्य लोगों की मौत हो गई थी।  AAIB ने बताया 14 सितंबर 2023 को एक नॉन-शेड्यूल पैसेंजर फ्लाइट विशाखापत्तनम से मुंबई आई थी. विशाखापत्तनम से टेक-ऑफ सामान्य था और उड़ान के दौरान कोई समस्या नहीं हुई. इसके बाद विमान को रनवे 27 पर लैंड करने की मंज़ूरी दी गई. लैंडिंग के समय मुंबई एयरपोर्ट पर भारी बारिश के कारण विजिबिलिटी कम हो गई थी। अप्रोच के दौरान, विमान स्थिर नहीं था और शुरू में रनवे के बाईं ओर हट गया और उसके बाद लगातार रनवे 27 के दाईं ओर ड्रिफ्ट होता चला गया. ऑटोपायलट के डिस्कनेक्ट होने के लगभग 40 सेकंड बाद, कॉकपिट में स्टिक शेकर अलर्ट बजा और साथ ही स्टॉल की चेतावनी भी मिली।  इसके बाद, EGPWS चेतावनियां मिलीं और विमान टैक्सीवे W और टैक्सीवे N के इंटरसेक्शन के किनारे पर क्रैश लैंड हुआ. इसके बाद विमान फिसला और टैक्सीवे U और टैक्सीवे N के इंटरसेक्शन के पास एक कच्ची जगह (स्टैंड C80 के पास) में रुका. क्रैश के बाद आग लग गई और दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाई।  विमान में सवार सभी लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन उन्हें टक्कर के कारण कई चोटें आईं और उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।  दुर्घटना का संभावित कारण फ़्लाइट क्रू का खराब मौसम की स्थिति में भी अन-स्टेबलाइज़्ड अप्रोच जारी रखने का फैसला और विमान को गलत तरीके से संभालना बताया जा रहा है, जिसके कारण कम ऊंचाई पर  एरोडायनामिक स्टॉल हुआ और विमान उससे उबर नहीं पाया।   

CMRL-Exalogic भुगतान मामले में बढ़ी हलचल, पूर्व मुख्यमंत्री विजयन से पूछताछ करेगी ED

तिरुवनंतपुरम केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता पिनराई विजयन की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने विजयन को CMRL-Exalogic मामले में समन जारी कर 23 अक्टूबर को पेश होने के लिए कहा है. इसके साथ ही एजेंसी ने उनसे देश-विदेश में मौजूद बैंक खातों, फिक्स्ड डिपॉजिट, चल-अचल संपत्तियों और निवेश का पूरा ब्योरा मांगा है. ईडी ने विजयन से उनके परिवार और उनसे जुड़ी संस्थाओं के वित्तीय लेनदेन की जानकारी भी देने को कहा है।  सभी बैंक खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट की जानकारी मांगी प्रवर्तन निदेशालय ने CMRL-Exalogic मामले में पिनराई विजयन को जारी समन में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज पेश करने के निर्देश दिए हैं. एजेंसी ने उनसे भारत और विदेशों में उनके तथा उनसे जुड़ी संस्थाओं के सभी बैंक खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट की जानकारी मांगी है।  इसके अलावा ईडी ने विजयन और उनसे जुड़ी संस्थाओं के नाम पर देश-विदेश में मौजूद चल और अचल संपत्तियों का ब्योरा भी तलब किया है. इनमें बैंक लॉकर से संबंधित जानकारी और दस्तावेज भी शामिल हैं।  2016 से 2026 तक के ITR भी मांगे ईडी ने पिनराई विजयन से वित्त वर्ष 2016 से 2026 तक दाखिल किए गए आयकर रिटर्न (ITR) की प्रतियां भी मांगी हैं. इसके जरिए एजेंसी उनके वित्तीय रिकॉर्ड की जांच करना चाहती है।  समन में विजयन और उनके परिवार के सदस्यों से जुड़ी उन सभी संस्थाओं की जानकारी भी मांगी गई है, जो भारत या विदेश में मौजूद हैं. साथ ही इन संस्थाओं में किए गए निवेश का ब्योरा भी पेश करने को कहा गया है।  CMRL और शशिधर कर्था से मिले पैसों का ब्योरा तलब प्रवर्तन निदेशालय ने विजयन से उन सभी धनराशियों की जानकारी देने को कहा है, जो उन्हें, उनके परिवार के सदस्यों या उनसे जुड़े किसी व्यक्ति को CMRL, शशिधर कर्था या इस कंपनी से जुड़े किसी अन्य व्यक्ति से प्राप्त हुई हों।  ईडी ने विजयन को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA), 2002 की धारा 50 के तहत बयान दर्ज कराने के लिए भी बुलाया है. इस मामले में विजयन को 23 अक्टूबर को एजेंसी के सामने पेश होना है. ईडी CMRL-Exalogic मामले से जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है।  सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली तत्काल राहत इससे पहले शुक्रवार को पिनराई विजयन ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. उन्होंने CMRL-Exalogic मामले में विजिलेंस की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की थी. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया।  चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस बागची की बेंच के सामने विजयन की ओर से वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा पेश हुए. उन्होंने अदालत को बताया कि 82 वर्षीय नेता पर गिरफ्तारी का खतरा मंडरा रहा है. विजयन के वकील ने केरल हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें उनके खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश दिया गया था. उन्होंने दलील दी कि हाईकोर्ट की सिंगल जज बेंच ने जनहित याचिका जैसी कार्यवाही के दौरान यह आदेश पारित किया था।  इस पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि दशहरा अवकाश के दौरान जजों की उपलब्धता के आधार पर विशेष बेंच गठित करने की संभावना पर विचार किया जाएगा. अगर ऐसा संभव नहीं हुआ तो मामले को 26 अक्टूबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा. दशहरा अवकाश के बाद सुप्रीम कोर्ट में नियमित कामकाज 26 अक्टूबर से शुरू होगा।  हाईकोर्ट ने दिया था FIR दर्ज करने का आदेश दरअसल, केरल हाईकोर्ट की सिंगल जज बेंच ने 9 अक्टूबर को राज्य के विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो (VACB) को आपराधिक मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था. हाईकोर्ट का यह आदेश ईडी की ओर से पुलिस को भेजी गई रिपोर्ट के बाद आया था. ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत की गई जांच और तलाशी के दौरान जुटाए गए सबूतों के आधार पर आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की थी।  क्या है CMRL-Exalogic मामला? यह मामला कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) और उससे जुड़ी एक कंपनी की ओर से Exalogic Solutions को किए गए भुगतान से संबंधित है. ईडी का आरोप है कि CMRL ने आईटी कंसल्टेंसी सेवाओं की फीस के नाम पर Exalogic Solutions को गलत तरीके से 2.78 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए थे।  एजेंसी इस भुगतान से जुड़े वित्तीय लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच कर रही है. इसी सिलसिले में अब पिनराई विजयन को समन जारी कर 23 अक्टूबर को पेश होने के लिए कहा गया है। 

‘चक दे इंडिया’ समेत दो फिल्मों को किया था रिजेक्ट, नेहा धूपिया ने सालों बाद किया खुलासा

मुंबई  बॉलीवुड में कई बार एक्टर्स ऐसी फिल्मों को ठुकरा देते हैं, जो आगे चलकर खूब सफलता हासिल करती हैं. हालांकि, बाद में उन्हें अपने इस फैसले का मलाल होता है. एक्ट्रेस नेहा धूपिया के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. एक्ट्रेस ने खुलासा किया कि उन्हें शाहरुख खान की सुपरहिट फिल्म 'चक दे इंडिया' में काम करने का मौका मिला था, लेकिन उन्होंने यह ऑफर ठुकरा दिया. इसके अलावा नेहा को वेब सीरीज 'ऑपरेशन सफेद सागर' का भी ऑफर मिला था. आज नेहा को इन दोनों बड़े प्रोजेक्ट्स को मिस करने का अफसोस है।  हाल ही में नेहा धूपिया ने एक चैट शो के दौरान इस बात का खुलासा किया कि उनके करियर में कुछ अच्छे मौके भी छूट गए. उन्होंने बताया कि कुछ फैसलों को लेकर जब वह आज सोचती हैं, तो उन्हें लगता है कि शायद उन्होंने बड़े अवसर खो दिए।  दो बड़े प्रोजेक्ट्स को ठुकराने का है अफसोस नेहा ने कहा, 'कभी-कभी जब आप उन मौकों के बारे में सोचते हैं, जिन्हें आपने कभी ठुकराया था, तब इस बात का एहसास होता है कि आप क्या कुछ खो चुके हैं. 'चक दे इंडिया' और 'ऑपरेशन सफेद सागर' ऐसे ही दो मौके थे, जिन्हें लेकर मुझे मलाल है. मैं हमेशा से एक अच्छी स्पोर्ट्स फिल्म और मिलिट्री फिल्म करना चाहती थी, लेकिन ये दोनों बड़े अवसर मेरे हाथ से निकल गए।  'चक दे इंडिया' साल 2007 में रिलीज हुई थी, जिसे यश राज फिल्म्स ने प्रोड्यूस किया था. इस स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म को दर्शकों का खूब प्यार मिला था. फिल्म में शाहरुख खान ने भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान कबीर खान का किरदार निभाया था, जो बाद में देश की महिला हॉकी टीम का कोच बनता है. वह टीम को जीत दिलाने के लिए खूब जद्दोजहद करता है. फिल्म में शाहरुख खान के साथ विद्या मालवडे, शिल्पा शुक्ला, सागरिका घाटगे और चित्राशी रावत जैसे कलाकार नजर आए थे।  नेहा को 'ऑपरेशन सफेद सागर' को ठुकराने का भी मलाल है. नेहा ने नेटफ्लिक्स की इस वेब सीरीज का ऑफर भी ठुकरा दिया था. यह वेब सीरीज इसी साल रिलीज हुई थी, जिसे दर्शकों ने खूब प्यार दिया. यह सीरीज साल 1999 के कारगिल युद्ध में भारतीय वायुसेना की भूमिका से प्रेरित है. इसमें सिद्धार्थ, जिम्मी शेरगिल, अभय वर्मा, दीया मिर्जा और आदिल हुसैन समेत कई अन्य एक्टर्स मुख्य भूमिकाओं में हैं।  नेहा का वर्कफ्रंट अगर नेहा के वर्कफ्रंट की बात करें, तो उन्होंने साल 2003 में फिल्म 'कयामत: सिटी अंडर थ्रेट' से बॉलीवुड में डेब्यू किया था. इसके बाद वह 'जूली', 'क्या कूल हैं हम', 'सिंह इज किंग' और 'तुम्हारी सुलु' जैसी फिल्मों में नजर आईं. फिल्मों के साथ-साथ उन्होंने कई टीवी शोज और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी काम किया है. नेहा ने मई 2026 में अपने पति अंगद बेदी के साथ यूट्यूब पर चैट शो 'डबल डेट' शुरू किया। 

भारत की इकोनॉमी को लेकर IMF का बड़ा अनुमान, 2026 में 7% ग्रोथ की उम्मीद

 नई दिल्ली भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है और अब इसके एक और बड़ी छलांग लगाने की उम्मीद है. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के ताजा अनुमान के मुताबिक, भारत 2027 में जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है. वैश्विक अनिश्चितताओं, महंगी ऊर्जा और अंतरराष्ट्रीय तनाव के बावजूद IMF को भारत की आर्थिक वृद्धि की रफ्तार मजबूत रहने का अनुमान है।  IMF ने 2026 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान बढ़ाकर 7% कर दिया है. यह अनुमान एशिया और प्रशांत क्षेत्र की आर्थिक संभावनाओं पर जारी उसकी ताजा रिपोर्ट में दिया गया है. हालांकि, भारत के चौथे स्थान पर पहुंचने का अनुमान अभी भविष्य की संभावना है. इसकी वास्तविक तस्वीर आने वाले वर्षों में आर्थिक वृद्धि और अलग-अलग देशों की अर्थव्यवस्थाओं के आकार पर निर्भर करेगी।  दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में अमेरिका पहले, चीन दूसरे और जर्मनी तीसरे स्थान पर हैं. भारतीय अर्थव्यवस्था के लगातार बढ़ते आकार और जापान की धीमी आर्थिक वृद्धि दर को देखते हुए आईएमएफ ने 2027 में चौथे स्थान पर बदलाव की संभावना जताई है. भारत 2027 में जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है. इस बदलाव का मतलब सिर्फ वैश्विक अर्थव्यवस्था की रैंकिंग में एक पायदान ऊपर जाना नहीं होगा. यह दुनिया की आर्थिक गतिविधियों में भारत की बढ़ती भूमिका को भी दिखाएगा।  बड़ी अर्थव्यवस्था होने से वैश्विक निवेश, व्यापार और आर्थिक फैसलों में किसी देश का महत्व बढ़ सकता है. हालांकि, अर्थव्यवस्था का कुल आकार और आम लोगों की प्रति व्यक्ति आय अलग-अलग पैमाने हैं. इसलिए ऊंची रैंकिंग को सीधे तौर पर हर नागरिक की आय या जीवन स्तर में सुधार के बराबर नहीं माना जा सकता।  जापान की अर्थव्यवस्था के सामने क्या चुनौतियां? आकार के लिहाज से भारत के दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की संभावना के पीछे जापान की धीमी आर्थिक वृद्धि अहम वजह है. IMF के अनुमान के मुताबिक, जापान की अर्थव्यवस्था 2026 में महज 0.7% की वार्षिक दर से बढ़ सकती है. जापान लंबे समय तक कीमतों में गिरावट यानी डिफ्लेशन की समस्या से जूझता रहा, लेकिन 2022 से वहां उपभोक्ता कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।  ऊर्जा की महंगी कीमतों ने भी जापान पर दबाव बढ़ाया है. ईरान से जुड़े युद्ध और वैश्विक ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल के कारण ऊर्जा की लागत बढ़ने की आशंका बनी हुई है. इसके अलावा, डॉलर के मुकाबले येन के कमजोर होने के कारण जापान के लिए आयात महंगा पड़ रहा है. जापान की उम्रदराज होती आबादी भी उसके सामने बड़ी चुनौती है, क्योंकि इससे कामकाजी लोगों की उपलब्धता और आर्थिक गतिविधियों पर असर पड़ रहा है।  AI में निवेश से जापान को फायदा, लेकिन सीमित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में बढ़ता निवेश जापान की अर्थव्यवस्था को कुछ सहारा दे रहा है. IMF के एशिया और प्रशांत विभाग के निदेशक कृष्ण श्रीनिवासन ने जापान में इस क्षेत्र में निवेश का जिक्र किया. हालांकि, उनके मुताबिक, जापान को AI निवेश से मिलने वाला फायदा एशिया की कुछ दूसरी अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में सीमित है. AI और नई तकनीक में निवेश आने वाले वर्षों में देशों की उत्पादकता और आर्थिक वृद्धि को प्रभावित कर सकता है. भारत के लिए भी तकनीक, डिजिटल सेवाओं और घरेलू मांग की मजबूती आर्थिक विस्तार के अहम कारक हो सकते हैं।  भारत के GDP कैलकुलेशन में बदलाव भारत के जीपीडी कैलकुलेशन मेथाडोलॉजी में बदलाव का IMF ने स्वागत किया है. कृष्ण श्रीनिवासन ने इसे सकारात्मक बदलाव बताते हुए मिनिस्ट्री ऑफ स्टेटिस्टिक्स एंड प्रोग्राम इम्प्लीमेंटेशन (MOSPI) के प्रयासों की सराहना की. उन्होंने कहा कि किए गए बदलाव IMF के स्टेटिस्टिक्स डिपार्टमेंट की सलाह के अनुरूप हैं. GDP किसी देश में एक निश्चित अवधि के दौरान तैयार होने वाली वस्तुओं और सेवाओं के कुल आर्थिक मूल्य को मापती है।  अब 2027 के अनुमान पर रहेगी नजर IMF का अनुमान भारत के लिए उत्साह बढ़ाने वाला है, लेकिन जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य अभी हासिल नहीं हुआ है. इसके लिए भारत की वृद्धि दर मजबूत बने रहना और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों का अनुकूल होना जरूरी होगा. आने वाले समय में दो बातें खास तौर पर अहम रहेंगी. पहली, भारत अपनी आर्थिक वृद्धि की रफ्तार कितनी कायम रख पाता है. दूसरी, GDP की नई गणना पद्धति के तहत जारी आंकड़े अर्थव्यवस्था की स्थिति को कितनी स्पष्टता से दिखाते हैं. इन्हीं के आधार पर यह तय होगा कि 2027 में भारत वैश्विक आर्थिक रैंकिंग में जापान से आगे निकल पाता है या नहीं। 

CG में कैबिनेट विस्तार की तैयारी? हर संभाग से एक मंत्री बनाने की चर्चा

रायपुर छत्तीसगढ़ की सियासत में एक बार फिर से मंत्रिमंडल के विस्तार की अटकलें लग रही है। दावा किया जा रहा है कि प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के दौरे के बाद फेरबदल की स्थिति साफ हो जाएगी। पिछले सात-आठ महीनों से रायपुर से लेकर दिल्ली तक इस तरह की अटकलें रुक-रुक कर सामने आती रही हैं। सूत्रों के अनुसार, मंत्रिमंडल में फेरबदल के पीछे मुख्य रूप से क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन को साधना है। फेरबदल में हर संभाग से एक मंत्री बनाने की अटकलें लग रही हैं। सरगुजा संभाग से कुछ मौजूदा मंत्रियों के विभागों में बदलाव या फेरबदल की चर्चाएं सबसे आगे हैं। वहीं, आदिवासी बहुल बस्तर संभाग से दो नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की संभावना है। सियासी अटकलें तेज सूत्रों के अनुसार, बिलासपुर और अन्य मैदानी संभागों में भी क्षेत्रीय व सामाजिक समीकरणों को साधने के लिए नए चेहरों को मौका मिलने और कुछ मौजूदा मंत्रियों की विदाई या विभागों की अदला-बदली की अटकलें बाजार में गर्म हैं। केंद्र में इस बात पर भी जोर है कि सरकार और संगठन के बीच तालमेल को बेहतर करने के लिए कुछ पुराने और अनुभवी चेहरों की दोबारा वापसी हो सकती है। संघ पृष्ठभूमि और प्रशासनिक अनुभव रखने वाले नेताओं को लेकर राजनीतिक गलियारों में सुगबुगाहट बनी हुई है। इसके साथ ही कुछ नए विधायकों को भी मंत्रिमंडल में जगह मिलने की बातें कही जा रही हैं। हालांकि, ये तमाम बातें फिलहाल राजनीतिक सूत्रों, अंदरखाने की चर्चाओं और कयासों पर ही आधारित हैं। आधिकारिक तौर पर इस संबंध में कोई घोषणा नहीं की गई है। चार नेताओं के नाम की चर्चा इन तमाम चर्चाओं के बीच संभावित चेहरों और नामों को लेकर भी राजनीतिक गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है। जानकारों के अनुसार, जिन चार नए और संभावित चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल करने की अटकलें लगाई जा रही हैं, वे अलग-अलग संभागों से आते हैं। इसके साथ ही, पूर्व मंत्री और अनुभवी नेताओं को मौका दिने की बात कही जा रही है। 25 अक्टूबर को पहुंचेंगी स्मृति ईरानी भाजपा की नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी का 25 अक्टूबर से दो दिवसीय दौरान प्रस्तावित है। स्मृति ईरानी के दौरे से पहले कैबिनेट में फेरबदल की चर्चा को अहम माना जा रहा है। स्मृति ईरानी अपने छत्तीसगढ़ दौरे में राजधानी रायपुर के कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में मुख्यमंत्री, मंत्रियों, पार्टी पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं के साथ मैराथन बैठकें करेंगी।

कोहरे में हादसों पर लगेगी लगाम? योगी सरकार ने हाईवे-एक्सप्रेसवे की सुरक्षा के लिए बनाया प्लान

हाईवे-एक्सप्रेसवे पर बढ़ेगी सुरक्षा, शीतलहर-कोहरे में हादसे रोकने के लिए योगी सरकार ने शुरू की तैयारी एंबुलेंस और रेस्क्यू वाहन, हाईवे-एक्सप्रेसवे पर दुर्घटना संभावित जगहों पर रहेंगे तैनात सड़क हादसों को रोकने के लिए अनफिट और असुरक्षित वाहनों पर होगी कार्रवाई कोहरे में सड़क सुरक्षा के लिए रिफ्लेक्टिव संकेतक और सफेद पट्टियां सही करने के निर्देश राहत आयुक्त के निर्देश, सड़क सुरक्षा व्यवस्था की नियमित जांच और कमियां तत्काल दूर करने पर जोर लखनऊ,   उत्तर प्रदेश में शीतलहर और घने कोहरे के दौरान हादसों पर अंकुश लगाने के लिए योगी सरकार ने सड़क सुरक्षा के इंतजाम मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर दुर्घटना संभावित स्थलों के आस-पास पर्याप्त संख्या में पेट्रोलिंग वाहन, एंबुलेंस और रेस्क्यू वाहन उपलब्ध रखने पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि हादसा होने की स्थिति में घायलों को तत्काल सहायता और समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सके। राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। दुर्घटना संभावित स्थलों पर तैनात रहेंगे एंबुलेंस और रेस्क्यू वाहन राहत आयुक्त ने राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर दुर्घटना संभावित स्थलों के आस-पास पर्याप्त संख्या में पेट्रोलिंग वाहन, एंबुलेंस और रेस्क्यू वाहन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य हादसे की स्थिति में घायलों तक जल्द पहुंचना और उन्हें बिना देरी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। सर्दियों में घने कोहरे के कारण दृश्यता कम होने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में राहत एवं बचाव व्यवस्था को पहले से तैयार रखना महत्वपूर्ण है। रिफ्लेक्टिव संकेतक और सफेद पट्टियां स्पष्ट रखने के निर्देश सड़क सुरक्षा के लिए हाईवे और एक्सप्रेसवे पर लगे रिफ्लेक्टिव चिह्नों, कैट्स आई, दिशासूचक बोर्ड और अन्य संकेतकों की नियमित जांच करने के लिए कहा गया है। राहत आयुक्त ने सड़क की बॉर्डर लाइन और मध्य रेखा पर बनी सफेद पट्टियों को स्पष्ट रखने के निर्देश दिए हैं। धूल से ढकी, मिट चुकी या उखड़ी पट्टियों का तत्काल नवीनीकरण कराया जाएगा, ताकि कम दृश्यता के दौरान वाहन चालकों को सड़क की सीमा और दिशा समझने में परेशानी न हो। मोड़ और दुर्घटना संभावित स्थानों पर बढ़ेगी सतर्कता उन्होंने कहा कि प्रमुख चौराहों, तिराहों, क्रॉसिंग, मोड़ों और दुर्घटना संभावित स्थलों पर स्टॉप लाइन, जेब्रा क्रॉसिंग व यातायात संकेतकों को दुरुस्त रखा जाएगा। जरूरत के अनुसार चेतावनी संकेतक और गति सीमा से जुड़े बोर्ड भी लगाए जाएंगे। इन व्यवस्थाओं से कोहरे के दौरान वाहन चालकों को सड़क की स्थिति और संभावित खतरों के बारे में समय रहते जानकारी मिल सकेगी। अनफिट और असुरक्षित वाहनों के संचालन पर लगेगी रोक राहत आयुक्त ने निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं चलने वाले अनफिट वाहनों और जुगाड़ से निर्मित असुरक्षित वाहनों के संचालन पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। परिवहन विभाग और यातायात पुलिस आपसी समन्वय से जांच और प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे, ताकि असुरक्षित वाहनों से होने वाले संभावित हादसों को रोका जा सके। फॉग लाइट और रिफ्लेक्टिव टेप के प्रति जागरूक होंगे चालक सड़क हादसों की रोकथाम के लिए जन-जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे। वाहन चालकों को फॉग लाइट और रिफ्लेक्टिव टेप का इस्तेमाल करने, आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त सुरक्षित दूरी बनाए रखने और गति नियंत्रित रखने के लिए जागरूक किया जाएगा। साथ ही, सड़क पर लगे चेतावनी संकेतकों और निर्धारित गति सीमा का पालन करने पर जोर दिया जाएगा। कोहरे में दृश्यता के अनुसार नियंत्रित रखनी होगी गति राहत आयुक्त ने आगामी दिनों में घने कोहरे के दौरान दृश्यता के अनुरूप वाहनों की गति नियंत्रित रखने और आवश्यक यातायात प्रबंधन उपाय अपनाने पर जोर दिया है। वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे अत्यधिक कोहरे में विशेष सावधानी बरतें और परिस्थितियों के अनुकूल ही वाहन चलाएं। कम दृश्यता में तेज गति और आगे चल रहे वाहन से कम दूरी दुर्घटना का जोखिम बढ़ा सकती है। राहत आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी इंतजामों की नियमित जांच करने और कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए हैं। यातायात नियमों के पालन की अपील राहत आयुक्त ने आमजन और वाहन चालकों से अपील की है कि घने कोहरे में फॉग लाइट का प्रयोग करें, सुरक्षित गति बनाए रखें और आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी रखें। दृश्यता कम होने पर अतिरिक्त सतर्कता बरतें व यातायात नियमों का पालन करें।

NALSAR विवाद के बाद NLSIU पहुंचे CJI सूर्यकांत, छात्रों को दिया संवैधानिक मूल्यों का संदेश

नई दिल्ली चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने शनिवार को कानून की पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों से न्याय, स्वतंत्रता और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करने की अपील की. उन्होंने कहा कि कानूनी पेशे में केवल कानून की जानकारी होना काफी नहीं है, बल्कि न्याय के पक्ष में खड़े होने का साहस और दूसरों की बात सुनने की विनम्रता भी जरूरी है।  बेंगलुरु स्थित नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU) के दीक्षांत समारोह में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने अपने दौरे को लेकर हुए विरोध पर प्रतिक्रिया भी दी. उन्होंने कहा कि कुछ बाहरी ताकतों के कारण पैदा हुई परिस्थितियों से कार्यक्रम के आयोजन को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई थी. हालांकि, छात्रों ने बाधाओं से ऊपर उठकर खुले संवाद और विचारों की अभिव्यक्ति का समर्थन किया।  'कुछ बाहरी ताकतों ने पैदा की अनिश्चितता' सीजेआई सूर्यकांत ने अपने संबोधन में कहा, 'जैसा कि हम सभी जानते हैं, इस समारोह से पहले के दिन पूरी तरह चुनौतियों से मुक्त नहीं थे. कुछ बाहरी ताकतों के कारण पैदा हुई अप्रत्याशित और दुर्भाग्यपूर्ण परिस्थितियों ने अनिश्चितता का माहौल बना दिया था. कुछ समय के लिए ऐसा लगने लगा था कि शायद यह समारोह उस तरह आयोजित नहीं हो पाएगा, जैसी हमने उम्मीद की थी।  उन्होंने आगे कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद छात्रों ने अपने दृढ़ संकल्प का परिचय दिया और कार्यक्रम के आयोजन में आने वाली बाधाओं से ऊपर उठकर अपनी प्रतिबद्धता दिखाई।  'दमन की कायरता के बजाय खुले संवाद को चुना' छात्रों को संबोधित करते हुए चीफ जस्टिस ने कहा, 'यहां मौजूद प्रतिभाशाली छात्रों के इस विशाल समूह ने साबित कर दिया है कि दृढ़ संकल्प की भावना को इतनी आसानी से दबाया नहीं जा सकता. बाधाएं पैदा करने वाली आवाजों से ऊपर उठकर आपने दमन की कायरतापूर्ण प्रवृत्ति के बजाय खुले संवाद की गरिमा को बनाए रखने का रास्ता चुना।  सीजेआई ने कहा, 'आपने छल और धोखे का पर्दा हटाकर यह दिखा दिया है कि ईमानदार बहुमत की इच्छाशक्ति कुछ बेईमान लोगों की साजिशों पर भारी पड़ सकती है।  'ईमानदारी से बनेगी आपकी पेशेवर प्रतिष्ठा' चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि ईमानदारी के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता ही भविष्य में उनकी पेशेवर प्रतिष्ठा को मजबूत बनाएगी. छात्रों को संबोधित करते हुए सीजेआई ने कहा, 'मैं आपको केवल बधाई देने के लिए नहीं, बल्कि आपसे बहुत सारी उम्मीदें लेकर भी संबोधित कर रहा हूं।  'कानूनी पेशा कमजोर दिल वालों के लिए नहीं' चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि कानूनी पेशे में सफलता के लिए केवल कानून की धाराओं और पुराने अदालती फैसलों की जानकारी काफी नहीं है. इसके लिए न्याय की रक्षा करने का साहस और उन लोगों की बात सुनने की विनम्रता भी होनी चाहिए, जिनकी आवाज अक्सर अनसुनी रह जाती है।  उन्होंने कहा, 'कानूनी पेशा कमजोर दिल वालों के लिए नहीं है. इसमें केवल कानून और न्यायिक मिसालों पर महारत हासिल करना ही जरूरी नहीं है, बल्कि जो न्यायसंगत है, उसके पक्ष में खड़े होने का साहस और अक्सर अनसुनी रह जाने वाली आवाजों को सुनने की विनम्रता भी जरूरी है।  'सुविधा के लिए सिद्धांतों से समझौता न करें' सीजेआई ने छात्रों को आगाह किया कि वे अपने पेशेवर जीवन में सुविधा के लिए अपने सिद्धांतों से समझौता न करें और सफलता हासिल करने के लिए किसी तरह का शॉर्टकट अपनाने से बचें. उन्होंने कहा कि छात्रों को अपने संस्थान में सीखे गए मूल्यों और आदर्शों को हमेशा याद रखना चाहिए. कानूनी शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य आपराधिक या संवैधानिक कानून के सिद्धांतों को समझने से कहीं आगे है. इसमें उन लोगों के विचारों और अनुभवों को समझना भी शामिल है, जो दुनिया को हमसे अलग नजरिए से देखते है।  'देश को आपसे बड़ी उम्मीदें हैं' चीफ जस्टिस ने कहा कि कानूनी पेशे से जुड़े लोगों को अन्याय दूर करने, व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा करने और संविधान के मूल्यों को बनाए रखने से संतुष्टि मिल सकती है. उन्होंने छात्रों से कहा कि देश उनसे केवल वकील या कानूनी पेशेवर बनने की उम्मीद नहीं करता, बल्कि समाज के प्रति बड़ी जिम्मेदारी निभाने की भी अपेक्षा रखता है।  सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, 'जब आप इस संस्थान से निकलकर दुनिया में कदम रखें, तो यह याद रखें कि देश आपको केवल कानून के पेशेवरों के रूप में नहीं, बल्कि उम्मीद के संदेशवाहकों के रूप में देखता है।   

2016 के 65 मिनट से घटकर अब मात्र 5 मिनट हुआ पुलिस रिस्पॉन्स टाइमः मुख्यमंत्री

अधर्म, अत्याचार व आतंक का अंत ही न्याय, शांति एवं निर्भय समाज की स्थापना का आधारः मुख्यमंत्री शारदीय नवरात्र की सप्तमी तिथि पर सीएम ने की मां कालरात्रि के स्वरूप की आराधना दुष्टों, असुरों और रक्तबीज जैसी तामसिक शक्तियों का संहार कर धर्म की स्थापना एवं भक्तों को अभय प्रदान करती हैं मां कालरात्रिः मुख्यमंत्री अर्थशक्ति बनकर उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास को नई गति दे रही है नारी शक्तिः सीएम  डबल इंजन सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति ने आसुरी शक्तियों का दमन कर प्रदेश में स्थापित किया कानून का राज एवं भयमुक्त वातावरणः सीएम योगी कृषि, उद्योग, सेवा और उद्यमिता सहित विभिन्न क्षेत्रों में नारी शक्ति की बढ़ती भागीदारी ने प्रदेश की विकास यात्रा को दी नई ऊर्जाः मुख्यमंत्री   2016 के 65 मिनट से घटकर अब मात्र 5 मिनट हुआ पुलिस रिस्पॉन्स टाइमः मुख्यमंत्री   लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र की सप्तमी तिथि पर मां कालरात्रि के स्वरूप की आराधना की। इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर लिखा कि दुष्टों, असुरों और रक्तबीज जैसी तामसिक शक्तियों का संहार कर धर्म की स्थापना एवं भक्तों को अभय प्रदान करने वाली मां कालरात्रि का दिव्य स्वरूप हमें संदेश देता है कि अधर्म, अत्याचार व आतंक का अंत ही न्याय, शांति एवं निर्भय समाज की स्थापना का आधार है। 2017 से पहले रक्तबीज रूपी माफिया, दंगाइयों और अपराधियों का था आतंक  मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार को आईना दिखाते हुए बताया कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में रक्तबीज रूपी माफिया, दंगाइयों और अपराधियों के आतंक से उत्पन्न भय एवं अराजकता के अंधकार ने बहन-बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा व स्वावलंबन की राह में गंभीर बाधाएं खड़ी कर दी थीं। वहीं विगत 9.5 वर्षों में डबल इंजन सरकार की अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति ने इन आसुरी शक्तियों का दमन कर प्रदेश में कानून का राज एवं भयमुक्त वातावरण की स्थापना की है। महिला सुरक्षा के प्रति सरकार प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री ने लिखा कि मिशन शक्ति, इंटीग्रेटेड 1090 हेल्पलाइन, महिला बीट पुलिसिंग और सेफ सिटी परियोजना जैसी पहलों ने बहन-बेटियों के लिए घर की चौखट से लेकर सड़क, शिक्षण संस्थानों व कार्यस्थलों तक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया है। पुलिस रिस्पॉन्स टाइम का वर्ष 2016 के 65 मिनट से घटकर मात्र 5 मिनट रह जाना, प्रदेश में कानून-व्यवस्था की तत्परता और महिला सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रमाण है।  सुरक्षा के विश्वास से प्रेरित होकर नाइट शिफ्ट में भी कार्य कर रहीं महिलाएं  मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सुरक्षा के माहौल का जिक्र किया, कहा कि सुरक्षा के इसी विश्वास से प्रेरित होकर आज महिलाएं नाइट शिफ्ट में भी निडर होकर कार्य कर रही हैं। महिला श्रम बल भागीदारी का 12 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत से अधिक होना इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश की नारी शक्ति, अर्थशक्ति बनकर उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास को नई गति दे रही है। हर क्षेत्र में नारी शक्ति की बढ़ती भागीदारी ने प्रदेश की विकास यात्रा को दी नई ऊर्जा  सीएम ने लिखा कि कृषि, उद्योग, सेवा और उद्यमिता सहित विभिन्न क्षेत्रों में नारी शक्ति की बढ़ती भागीदारी ने प्रदेश की विकास यात्रा को नई ऊर्जा दी है। यही भागीदारी उत्तर प्रदेश की जीएसडीपी और प्रति व्यक्ति आय में हुई तीन गुना वृद्धि की यात्रा में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।