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CBI कोर्ट में आज बड़ा दिन, निलंबित DIG भुल्लर मामले में आएगा फैसला; बचाव पक्ष ने अधिकार क्षेत्र पर उठाए सवाल

चंडीगढ़  रिश्वत मामले में गिरफ्तार पंजाब के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और उनके बिचौलिए कृष्णु शारदा की ओर से दायर डिस्चार्ज अर्जी पर मंगलवार को चंडीगढ़ सीबीआई की विशेष अदालत फैसला सुनाएगी। दोनों आरोपियों को सीबीआई ने पिछले साल 16 अक्टूबर को गिरफ्तार किया।  भुल्लर की ओर से दायर डिस्चार्ज अर्जी में कहा गया है कि वह पंजाब सरकार के अधिकारी हैं, इसलिए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का अधिकार सीबीआई के पास नहीं था। अर्जी में दावा किया गया है कि सीबीआई ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कार्रवाई की और उन्हें गिरफ्तार किया। एजेंसी ने कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई की बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि राज्य कैडर के आईपीएस अधिकारियों पर कार्रवाई से जुड़े मद्रास हाईकोर्ट के एक फैसले का लाभ इस मामले में भी मिलना चाहिए। इसी आधार पर अदालत से उन्हें आरोपों से मुक्त करने की मांग की गई है। वहीं, सीबीआई के सरकारी वकील ने इस अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि एजेंसी ने कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई की है। 8 लाख रुपए रिश्वत मांगने का आरोप यह मामला पिछले साल उस समय सामने आया था, जब मंडी गोबिंदगढ़ के व्यापारी आकाश बत्ता की शिकायत पर सीबीआई ने कार्रवाई की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि एक आपराधिक मामले में गिरफ्तारी का डर दिखाकर उनसे 8 लाख रुपए रिश्वत मांगी गई थी। इसी शिकायत के आधार पर सीबीआई ने हरचरण सिंह भुल्लर और कृष्णु शारदा को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने भुल्लर के सेक्टर-40 स्थित आवास पर छापेमारी की थी। जांच के दौरान वहां से करीब 7.5 करोड़ रुपए नकद, लगभग ढाई किलो सोना और कई महंगी घड़ियां बरामद हुई थीं। इसके बाद सीबीआई ने उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला भी दर्ज किया। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू कर रखी है।

जल संकट पर हरियाणा के 24 गांव एकजुट, आंदोलन तेज करने का ऐलान

हांसी/बठिंडा. पेयजल की मांग को लेकर चल रहे चानौत के आंदोलन ने सोमवार को नया और निर्णायक मोड़ ले लिया। आंदोलनकारियों ने दोपहर एक बजे से तीन बजे तक हांसी-बरवाला मार्ग पर टेंट गाड़कर रोड जाम कर दिया, जिससे हाइवे पर दो घंटे तक वाहनों के पहिए थम गए। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जाम की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। यातायात को वैकल्पिक मार्गों से निकाला गया, जबकि आंदोलन के बीच धरना समिति ने बड़ा एलान करते हुए कहा कि अब यह लड़ाई केवल चानौत की नहीं रहेगी, बल्कि रोघी और बूरा खाप के 24 गांव बारी-बारी से आंदोलन की जिम्मेदारी संभालेंगे। धरना समिति ने घोषणा की कि अब प्रतिदिन एक गांव पूरे आंदोलन का संचालन करेगा। जिस गांव की बारी होगी, उसी दिन उस गांव की पंचायत, महिला शक्ति और ग्रामीण धरनास्थल पर पहुंचकर व्यवस्था संभालेंगे। आंदोलन को लंबे समय तक मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। इसी को लेकर मंगलवार को 24 गांवों के सरपंचों और धरना समिति की संयुक्त बैठक भी बुलाई गई है, जिसमें आगे की रणनीति तय होगी। गांव में टी-कनेक्शन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने की मांग गांव में टी-कनेक्शन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने की मांग को लेकर 16 मई से आंदोलन लगातार जारी है। धरना समिति का कहना है कि उनकी मांग आज भी वही है और जब तक गांव को टी-कनेक्शन से पानी नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। समिति ने दावा किया कि सरकार चाहे जितना समय लगा दे, ग्रामीण पीछे हटने वाले नहीं हैं। धरना समिति के सदस्यों ने बताया कि आंदोलन को लगातार चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। पहले प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों पर उपायुक्तों के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे गए। इसके बाद चार जुलाई को धरनास्थल से ट्रैक्टर मार्च निकाला गया और गांव के जलघर तक मानव श्रृंखला बनाकर विरोध दर्ज कराया गया। सोमवार का हाइवे जाम उसी आंदोलन की अगली कड़ी था। हाल ही में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने एनएचआइ से एनओसी नहीं मिलने का हवाला देते हुए भाखड़ा पाइप लाइन का कार्य रोक दिया था। इसके बावजूद ग्रामीणों का कहना है कि उनका संघर्ष पाइप लाइन के लिए नहीं, बल्कि टी-कनेक्शन के माध्यम से गांव को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए है। जाम के दौरान पुलिस और प्रशासन की टीम पूरे समय मौके पर मौजूद रही। अधिकारियों ने स्थिति पर लगातार नजर रखी ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। निर्धारित समय पूरा होने के बाद आंदोलनकारियों ने जाम समाप्त कर दिया, जिसके बाद हाइवे पर यातायात सामान्य हो सका। अब 24 गांव मिलकर लड़ेंगे पानी की लड़ाई धरना समिति के अनुसार अब रोघी और बूरा खाप के 24 गांव आंदोलन को नई मजबूती देंगे। हर दिन एक गांव धरनास्थल की पूरी जिम्मेदारी संभालेगा। उसी गांव के ग्रामीण, पंचायत और महिलाएं पूरे दिन आंदोलन का संचालन करेंगी। समिति का कहना है कि इस व्यवस्था से आंदोलन लगातार चलता रहेगा और सरकार पर समाधान निकालने का दबाव भी बढ़ेगा। मंगलवार को सभी 24 गांवों के सरपंचों की बैठक में इसकी विस्तृत रूपरेखा तय की जाएगी।

रात 11 बजे के रोमांच में गफ की जीत, बेंचिच को हराकर अंतिम आठ में बनाई जगह

लंदन महिला सिंगल्स में सातवीं वरीयता प्राप्त अमेरिका की कोको गफ ने रविवार देर रात स्विट्जरलैंड की बेलिंडा बेंचिच को 4-6, 6-3, 6-4 से हराकर पहली बार विंबलडन के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। कोर्ट नंबर-1 की छत बंद होने के बीच खेला गया यह मुकाबला रात 11 बजे के निर्धारित ‘कर्फ्यू’ से महज दो मिनट पहले समाप्त हुआ। विंबलडन में रात 11 बजे के बाद खेल जारी रखने की अनुमति नहीं होती लंबे इंतजार के बाद कोर्ट पर उतरी दोनों खिलाड़ी शुरुआत में अपनी सर्वश्रेष्ठ लय में नहीं दिखीं। 11वीं वरीयता प्राप्त बेंचिच ने पहला सेट अपने तीसरे सेट प्वाइंट पर जीत लिया, जब गफ ने रिटर्न नेट में मार दिया। हालांकि इसके बाद गफ ने शानदार वापसी की। दूसरे सेट में गफ ने की वापसी दूसरे सेट में उन्होंने दो बार बेंचिच की सर्विस तोड़ी और शानदार ड्रॉप शॉट तथा बेहतरीन लॉब की मदद से मुकाबले को निर्णायक सेट तक पहुंचाया। तीसरे सेट में दो बार की ग्रैंडस्लैम चैंपियन गफ ने आक्रामक खेल दिखाते हुए कोर्ट के कोनों का शानदार इस्तेमाल किया और बेंचिच पर लगातार दबाव बनाए रखा। मैच के अंतिम क्षणों में समय तेजी से बीत रहा था, लेकिन गफ ने एक दमदार स्मैश से मैच प्वाइंट बनाया और फिर तेज सर्विस के जरिए मुकाबला अपने नाम कर लिया, जिसका जवाब बेंचिच नहीं दे सकीं। 22 वर्षीय गफ ने मैच में 35 विनर्स लगाए, जबकि बेंचिच केवल 19 विनर्स ही लगा सकीं। हालांकि गफ ने 46 अनफोर्स्ड एरर और नौ डबल फॉल्ट भी किए। जीत के बाद गफ ने कहा, आखिरकार क्वार्टर फाइनल में पहुंचकर मैं बेहद खुश हूं। यह मेरे लिए लंबे इंतजार के बाद मिली सफलता है। उन्होंने कहा कि अंतिम गेम में उनकी नजर लगातार घड़ी पर थी क्योंकि विंबलडन में रात 11 बजे के बाद खेल जारी रखने की अनुमति नहीं होती। अब क्वार्टर फाइनल में गफ का सामना अपनी हमवतन और चौथी वरीयता प्राप्त जेसिका पेगुला से होगा। सिनर लगातार पांचवीं बार अंतिम आठ में पहुंचे विश्व नंबर एक और गत चैंपियन जानिक सिनर ने ऑल इंग्लैंड क्लब में शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए विंबलडन के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया। सोमवार रात खेले गए प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में शीर्ष वरीय सिनर ने जापान के क्वालीफायर शिंतारो मोचिजुकी को 6-3, 7-6 (7-0), 6-3 से सीधे सेटों में हराया। विश्व नंबर एक सिनर ने पूरे मुकाबले में दबदबा बनाए रखा और मोचिजुकी को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। खास बात यह रही कि टूर्नामेंट में अब तक सिनर को किसी भी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी का सामना नहीं करना पड़ा है और क्वार्टर फाइनल में भी उन्हें गैर वरीय जर्मनी के अनुभवी खिलाड़ी जॉन लेनार्ड स्ट्रफ से भिड़ना होगा। स्ट्रफ ने पहली बार बनाई क्वार्टरफाइनल में जगह 36 वर्षीय स्ट्रफ ने अपने करियर में पहली बार किसी ग्रैंडस्लैम के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई है। विश्व रैंकिंग में 74वें स्थान पर काबिज स्ट्रफ ने पोलैंड के हुबर्ट हुर्काज के विरुद्ध मुकाबले में दो सेट से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी की। हालांकि तीसरे सेट के दौरान हुर्काज बाएं कूल्हे की चोट के कारण मुकाबला जारी नहीं रख सके और उन्हें रिटायर होना पड़ा। यह स्ट्रफ का 47वें ग्रैंड स्लैम प्रयास में पहला क्वार्टर फाइनल है। यदि सिनर स्ट्रफ को हराने में सफल रहते हैं तो उनका सामना सेमीफाइनल में सात बार के चैंपियन नोवाक जोकोविक और कनाडा के तीसरी वरीयता प्राप्त आगर फेलिक्स अलिसियामे के बीच होने वाले क्वार्टर फाइनल के विजेता से हो सकता है।  

PM2.5 प्रदूषण से सिर्फ सांस नहीं, बाल भी खतरे में, डॉक्टरों ने दी चेतावनी

अक्सर माना जाता है कि हवा प्रदूषण के कारण खांसने, दम घुटने और सांस की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स ने अब एक ऐसी चेतावनी दी है जो आपकी चिंताएं बढ़ा सकती है. हालिया रिसर्च में पाया गया है कि हवा में मौजूद PM2.5 जैसे बारीक कण न सिर्फ हमारे रेस्पिरेटरी सिस्टम को प्रभावित कर रहे हैं बल्कि इनका सीधा असर हमारे बालों और स्कैल्प पर भी पड़ रहा है. ये महीन कण इतने छोटे होते हैं कि ये आसानी से स्कैल्प की त्वचा के रोमछिद्रों में घुस जाते हैं जिससे बालों का गिरना और उनकी क्वालिटी खराब होना एक बड़ी समस्या बन गया है. इस बारे में डॉक्टर ने कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी है जो सभी को मानना चाहिए. ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और बालों की कमजोरी बेंगलुरु के अपोलो हॉस्पिटल में पल्मोनोलॉजी और रेस्पिरेटरी मेडिसिन एक्सपर्ट डॉ. समीर बंसल का कहना है, 'PM2.5 सामान्य धूल नहीं है. इसका आकार इतना छोटा होता है कि यह नाक और ऊपरी एयरवे के सुरक्षा कवच को पार करके फेफड़ों के गहरे हिस्सों तक पहुंच जाता है. उन्होंने बताया कि प्रदूषण को केवल खांसी या सांस की तकलीफ तक सीमित नहीं रखना चाहिए, क्योंकि इसका 'इन्फ्लेमेटरी बोझ' शरीर के अन्य अंगों पर भी पड़ता है जिससे शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और इन्फ्लेमेटरी रिस्पॉन्स पैदा होते हैं.' बेंगलुरु के फोर्टिस हॉस्पिटल में पल्मोनोलॉजी डायरेक्टर डॉ. विवेक आनंद पडेगल का कहना है, 'लोग PM2.5 को फेफड़ों के लिए हानिकारक मानते हैं लेकिन अब यह स्पष्ट हो रहा है कि इसका प्रभाव हेयर फॉलिकल्स यानी बालों की जड़ों पर भी पड़ रहा है. लंबे समय तक प्रदूषण के संपर्क में रहने से स्कैल्प में इन्फ्लेमेशन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस पैदा होता है जो बालों के झड़ने, उनके पतले होने और स्कैल्प के अस्वस्थ होने का कारण बन सकता है.' स्कैल्प का इन्फ्लेमेशन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन (NCBI) की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदूषण के सूक्ष्म कण शरीर में फ्री रेडिकल्स को बढ़ाते हैं, जो बालों की जड़ों की प्रोटीन संरचना को नुकसान पहुंचाते हैं. इससे बाल न केवल कमजोर और रूखे हो जाते हैं, बल्कि उनके टूटने की रफ्तार भी बढ़ जाती है. द मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदूषण की मार सिर्फ बालों की लंबाई तक सीमित नहीं है. विशेषज्ञों के मुताबिक, वायु प्रदूषण में मौजूद हानिकारक तत्व स्कैल्प में सूजन या इन्फ्लेमेशन पैदा करते हैं. जब स्कैल्प पर गंदगी और टॉक्सिन्स की परत जमती है तो यह बालों के रोमछिद्रों को प्रभावित करती है जिससे बालों को जरूरी ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं मिल पाते. इसका नतीजा ये होता है कि बाल समय से पहले पतले होने लगते हैं और स्कैल्प में खुजली व डैंड्रफ की समस्या आम हो जाती है. सिस्टमिक हेल्थ रिस्क डॉ. बंसल और डॉ. पडेगल इस बात पर पूरी तरह सहमत हैं कि वायु प्रदूषण अब केवल एक अंग की समस्या न होकर एक 'सिस्टमिक हेल्थ रिस्क' बन गया है जो बालों सहित पूरे शरीर को प्रभावित कर रहा है. प्रदूषण की वजह से स्कैल्प पर जो गंदगी की परत जमती है वह स्कैल्प को सेंसिटिव बनाती है. यदि इसे समय रहते साफ न किया जाए तो यह बालों के पतले होने और बालों की जड़ों की मजबूती कम होने का कारण बनती है. बचाव के लिए क्या करें? इस समस्या से निपटने के लिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बाहर निकलते समय बालों को स्कार्फ या कैप से जरूर ढकें. प्रदूषण वाली जगहों पर जाने के बाद बालों को माइल्ड सल्फेट-फ्री शैम्पू से धोना चाहिए ताकि गंदगी जमा न हो. इसके अलावा, एंटीऑक्सीडेंट युक्त हेयर केयर प्रोडक्ट्स और संतुलित डाइट का सेवन बालों की जड़ों को प्रदूषण के असर से बचाने में मददगार साबित हो सकता है.

वास्तु मान्यताओं के अनुसार दवाइयां गलत जगह रखने से स्वास्थ्य पर असर पड़ता है, जानें सही स्थान।

 आज के दौर में लगभग हर घर की यही कहानी है—कमाई चाहे जितनी भी हो, उसका एक बड़ा हिस्सा डॉक्टर की फीस और दवाइयों के बिल में चला जाता है.  कई बार लाख कोशिशों और अच्छे इलाज के बाद भी घर से बीमारियां जाने का नाम नहीं लेतीं. अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है, तो मुमकिन है कि इसका कारण आपके घर में गलत जगह पर रखा दवाइयों का डिब्बा हो. वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में रखी हर वस्तु की अपनी एक ऊर्जा होती है. अगर हम दवाओं को गलत दिशा या जगह पर रख देते हैं, तो वे बीमारी को ठीक करने के बजाय उसे और बढ़ाने लगती हैं. आइए जानते हैं कि घर की वो कौन सी जगह है जहां भूलकर भी दवाइयां नहीं रखनी चाहिए. भूलकर भी रसोई (किचन) में ना रखें दवाइयां हम में से ज्यादातर लोग अपनी सहूलियत के लिए दवाइयों का डिब्बा रसोई घर में रख देते हैं. कई घरों में तो लोग इसे सीधे गैस चूल्हे के पास वाले शेल्फ में रख देते हैं ताकि सुबह-शाम खाना खाते ही दवा खाना याद रहे. वास्तु के अनुसार, यह सबसे घातक भूल है. अग्नि का प्रभाव: रसोई घर को मां अन्नपूर्णा और अग्नि देव का स्थान माना जाता है, जहां से पूरे परिवार को सेहत और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है. अग्नि का स्वभाव हर चीज को तीव्र करना यानी बढ़ाना होता है. जब दवाइयां रसोई में या चूल्हे के आसपास रखी जाती हैं, तो बीमारी घटने के बजाय और ज्यादा बढ़ने लगती है. अन्नपूर्णा का दोष: रसोई में बीमारी की दवाएं रखने का सीधा मतलब है कि आप अनजाने में बीमारी को अपने भोजन का हिस्सा बना रहे हैं. इससे घर के सदस्यों का स्वास्थ्य अक्सर खराब रहने लगता है, और एक बीमारी ठीक होने से पहले ही दूसरी शुरू हो जाती है. इन 2 जगहों पर भी दवा रखना है नुकसानदेह रसोई के अलावा दो और ऐसी जगहें हैं जहाँ लोग अक्सर दवाएं रखते हैं, जो वास्तु के लिहाज से बिल्कुल गलत हैं: डाइनिंग टेबल पर: डाइनिंग टेबल के बीचों-बीच दवाइयां सजाकर रखने से भोजन करते समय पूरे परिवार का ध्यान बीमारी पर केंद्रित रहता है. इससे भोजन से मिलने वाली सकारात्मक ऊर्जा खत्म हो जाती है. बेड के सिरहाने या तकिए के नीचे: सोते समय सिर के पास दवाइयां रखने से राहु दोष बढ़ता है. इससे व्यक्ति को मानसिक तनाव, घबराहट और अनिद्रा (नींद न आने) की समस्या होने लगती है. कहाँ रखें दवाइयां ताकि जल्दी मिले बीमारी से छुटकारा? अगर आप चाहते हैं कि दवाएं शरीर पर जल्दी असर करें. आपका मेडिकल का खर्च कम हो, तो इन बातों का ध्यान रखें: उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा (North-East): घर के कमरे की उत्तर या उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा को आरोग्य और देवताओं के वैद्य भगवान धन्वंतरि की दिशा माना जाता है. इस कोने में साफ-सफाई के साथ दवाएं रखने से मरीज जल्दी ठीक होता है. नजरों से छुपाकर रखें: दवाओं को कभी भी खुले में टेबल या शेल्फ पर बिखेर कर ना रखें. इन्हें हमेशा किसी दराज या अलमारी के अंदर बंद करके रखें, ताकि घर में आने-जाने वाले लोगों की नजर इन पर बार-बार न पड़े.

पंजाब के बठिंडा में पुलिसकर्मी किडनैप, 2 लाख की फिरौती मांगने का आरोप, जांच शुरू

बठिंडा. थाना कैंट क्षेत्र में एक पुलिसकर्मी के कथित अपहरण, मारपीट और दो लाख रुपये की फिरौती मांगने का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर दो नामजद और तीन अज्ञात आरोपितों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दिए बयान में सिपाही कुलविंदर सिंह ने बताया कि आरोपित हरजिंदर सिंह, पोपा और उनके तीन अज्ञात साथियों ने पहले उसकी वीडियो बनाई। इसके बाद उसके साथ मारपीट की और जबरन अपनी गाड़ी में बैठाकर गांव सेमा कलां ले गए। शिकायत के अनुसार आरोपितों ने वहां उसे धमकाते हुए दो लाख रुपये की फिरौती मांगी। आरोप है कि इस दौरान उसका एटीएम कार्ड भी अपने कब्जे में ले लिया और उसकी स्विफ्ट कार नंबर पीब-03एजी-5030 भी साथ ले गए। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपितों ने सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई और पुलिसकर्मी को अवैध रूप से बंधक बनाकर धमकियां दीं। मामले की जांच के बाद थाना कैंट पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ अपहरण, मारपीट, फिरौती मांगने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और अन्य संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

बिलासपुर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, जंगल के 10 KM के भीतर आरा मिलों पर प्रतिबंध कायम

बिलासपुर. हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण मामले में फैसला देते हुए राज्य सरकार के उस निर्णय को सही माना है, जिसमें अधिसूचित जंगलों या संरक्षित क्षेत्रों से हवाई दूरी के 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी क्षेत्रों को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया था. कोर्ट के इस निर्णय के बाद अब इस क्षेत्र में सभी आरा मिलें बंद रहेंगी. कोर्ट ने इस संबंध में दायर कुल 19 याचिकाओं को खारिज कर दिया है. कोर्ट ने कहा है कि हमें दिल्ली जैसा प्रदूषण नहीं चाहिए. कोर्ट ने 10 किलोमीटर के दायरे में बफर जोन के शासन के निर्णय को उचित ठहराया है. बता दें, कि राज्य सरकार ने 25 सितंबर 2025 को एक अधिसूचना जारी कर छत्तीसगढ़ काष्ठ चिरान अधिनियम,1984 की धारा 5(1) का उपयोग करते हुए जंगली क्षेत्र के आसपास 10 किमी के दायरे को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर दिया था. इस अधिसूचना के प्रभावी होने के बाद वन विभाग ने इस दायरे में आने वाली सभी आरा मिलों को बंद करने और उनके लाइसेंस नवीनीकरण पर रोक लगाने के आदेश जारी किए थे, इस आदेश के खिलाफ कई आरा मिल संचालकों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

चंडीगढ़ में PM मोदी के दौरे पर करोड़ों की तैयारी, ₹2 करोड़ के टेंट समेत एक दिन में निकले 8 टेंडर

 चंडीगढ़  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 17 जुलाई को प्रस्तावित चंडीगढ़ दौरे को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कार्यक्रम पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित किया जाना है। इसके लिए प्रशासन के विभिन्न इंजीनियरिंग विभागों ने एक ही दिन में 8 अलग-अलग टेंडर जारी हुए। चंडीगढ़ दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पीजीआई और पंजाब यूनिवर्सिटी के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही भारतीय रेलवे की महत्वाकांक्षी अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत तैयार किए गए कालका, मोहाली, अंब अंदौरा और आनंदपुर साहिब समेत चार आधुनिक रेलवे स्टेशनों को भी समर्पित किया जाएगा। प्रधानमंत्री चंडीगढ़ से इन स्टेशनों का वर्चुअल लोकार्पण करेंगे। 3 पॉइंट्स में जानें PM मोदी के दौरे को लेकर खास इंतजाम:-     एयर कंडीशनिंग सिस्टम भी लगाया जाएगा: सबसे बड़े टेंट टेंडर के तहत कार्यक्रम स्थल पर करीब 6000 वर्ग मीटर का वाटरप्रूफ जर्मन हैंगर लगाया जाएगा। बारिश की संभावना को देखते हुए इसे तैयार किया जा रहा है, ताकि खराब मौसम में भी कार्यक्रम सुचारू रूप से आयोजित किया जा सके। पूरे पंडाल को ठंडा रखने के लिए 600 टन क्षमता का एयर कंडीशनिंग सिस्टम भी लगाया जाएगा।     वाटर कूलर और 24 पोर्टेबल टॉयलेट लगाने की व्यवस्था: कार्यक्रम में आने वाले वीआईपी और प्रधानमंत्री के लिए एसी युक्त लाउंज, बैठक व्यवस्था, कारपेट, फर्नीचर और बैरिकेडिंग सहित अन्य इंतजाम किए जाएंगे। इसके अलावा 2200 सोफे, 300 कुर्सियां, 70 हजार वर्ग फीट कारपेट, 65 हजार वर्ग फीट बैरिकेडिंग, 20 वाटर कूलर और 24 पोर्टेबल टॉयलेट लगाने की व्यवस्था की जाएगी।     11 जनरेटर लगेंगे, 8 हाई-रेजोल्यूशन CCTV से सुरक्षा: कार्यक्रम के लिए बिजली की व्यवस्था भी पूरी तरह सुनिश्चित की जाएगी। इसके तहत 11 जनरेटर (125 केवीए), 28 जनरेटर (250 केवीए) और एक 500 केवीए डीजी सेट लगाया जाएगा।  सुरक्षा और सजावट के लिए 8 हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे, एलईडी लाइट्स, 4000 रंगीन गमले, बैरिकेडिंग और फायर सेफ्टी के इंतजाम किए जाएंगे। सभी टेंडर शॉर्ट नोटिस पर जारी किए गए हैं। कुछ टेंडर दो-तीन दिन में पूरे हो जाएंगे, जबकि अन्य एक सप्ताह के भीतर फाइनल कर दिए जाएंगे। इसके बाद चुनी गई एजेंसियां तुरंत काम शुरू करेंगी। आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद रेलवे प्रवक्ता के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चंडीगढ़ दौरे की आधिकारिक सूचना अभी पीएमओ से आनी बाकी है। हालांकि, रेलवे ने अपने स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली हैं। इन चारों स्टेशनों के आधुनिकीकरण से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ-साथ स्थानीय पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। रेलवे अधिकारियों ने  इन स्टेशनों पर चल रही तैयारियों का जायजा लिया। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर में 1300 से अधिक रेलवे स्टेशनों का चरणबद्ध तरीके से आधुनिकीकरण किया जा रहा है। लोकल कल्चर-आर्किटेक्चर को बढ़ावा योजना की एक प्रमुख विशेषता स्थानीय संस्कृति और वास्तुकला को बढ़ावा देना भी है। इसी उद्देश्य से स्टेशनों के निर्माण में स्थानीय कला, विरासत और क्षेत्रीय पहचान को शामिल किया गया है, ताकि प्रत्येक स्टेशन अपने शहर और क्षेत्र की सांस्कृतिक छवि को दर्शा सके। ये स्टेशन केवल यात्रा के केंद्र नहीं होंगे, बल्कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए भी विकसित किए जा रहे हैं। अब तक 172 से अधिक स्टेशनों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। आने वाले समय में चरणबद्ध तरीके से अन्य स्टेशनों का भी लोकार्पण किया जाएगा। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चंडीगढ़ का पिछला दौरा 3 दिसंबर 2024 को हुआ था। उस दौरान उन्होंने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में देश के तीन नए आपराधिक कानूनों के सफल क्रियान्वयन को राष्ट्र को समर्पित किया था। यदि प्रस्तावित कार्यक्रम को अंतिम मंजूरी मिलती है, तो यह दौरा स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को जनता को समर्पित करने के लिहाज से चंडीगढ़ के लिए अहम माना जा रहा है। 

IND vs ENG: तीसरे T20 में भारत करेगा बड़े बदलाव? बिश्नोई OUT, प्रिंस यादव IN, वैभव सूर्यवंशी को मिल सकता है मौका

नॉटिंघम आयरलैंड दौर पर शर्मनाक हार झेलनी वाली भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में भी 0-1 से पीछे है. मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में आयोजित दूसरे टी20I में 190 रन बनाने के बावजूद मिली हार ने भारतीय टीम की बल्लेबाजी, गेंदबाजी और प्लेइंग-11 के कॉम्बिनेशन पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।  अब मंगलवार (7 जुलाई) को नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज मैदान पर होने वाले सीरीज के तीसरे टी20I मुकाबले में टीम मैनेजमेंट के सामने सही प्लेइंग-11 चुनने की बड़ी चुनौती होगी. पिछले मुकाबले में 60 रन लुटाने वाले लेग स्पिनर रवि बिश्नोई पर गाज गिर सकती है और उनकी जगह एक अतिरिक्त तेज गेंदबाज को मौका मिल सकता है. वहीं 15 साल के वैभव सूर्यवंशी से भी डेब्यू की नाकामी को पीछे छोड़कर बड़ी पारी की उम्मीद होगी. मुकाबला भारतीय समयानुसार रात 10 बजे शुरू होगा।  दूसरे टी20I मुकाबले में रवि बिश्नोई का प्रदर्शन टीम इंडिया की हार की बड़ी वजहों में से एक रहा था. उन्होंने अपने चार ओवरों में बिना कोई विकेट लिए 60 रन लुटाए. इंग्लैंड की पारी का 17वां ओवर मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ, जिसमें बिश्नोई ने 29 रन लुटाकर मुकाबले का रुख पूरी तरह पलट दिया. अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती के रहते इंग्लिश परिस्थितियों में तीसरे स्पेशलिस्ट स्पिनर को खिलाने का फैसला टीम पर भारी पड़ा।  …तो प्रिंस यादव की होगी एंट्री अब ट्रेंट ब्रिज में रवि बिश्नोई का प्लेइंग-11 से बाहर होना लगभग तय माना जा रहा है. उनकी जगह एक अतिरिक्त तेज गेंदबाज को मौका दिया जा सकता है. अगर बिश्नोई को प्लेइंग-11 से बाहर किया जाता है तो प्रिंस यादव को मौका मिलने की संभावना है. गेंद को मूव कराने की उनकी क्षमता इंग्लिश परिस्थितियों में टीम इंडिया के लिए उपयोगी साबित हो सकती है. प्रसिद्ध कृष्णा भी एक विकल्प हैं, लेकिन टी20 क्रिकेट में उनकी बैक ऑफ लेंथ गेंदों पर बड़े शॉट खेलना अपेक्षाकृत आसान रहा है. ऐसे में प्रिंस यादव को प्लेइंग-11 में शामिल किए जाने की संभावना ज्यादा लग रही है।  मैनचेस्टर में अर्शदीप सिंह ने तीन विकेट लेकर भारतीय टीम को मुकाबले में बनाए रखा था. उन्होंने अपने शुरुआती ओवर में ही फिल साल्ट और जोस बटलर को पवेलियन भेजकर इंग्लैंड को दो बड़े झटके दिए. हालांकि इसके बाद इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने उनके एक ओवर में 27 रन बटोरकर पलटवार किया. इंग्लैंड ने शुरुआती झटकों से उबरते हुए 191 रनों का लक्ष्य एक ओवर बाकी रहते हासिल कर लिया. ऐसे में तीसरे मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों के सामने सिर्फ विकेट लेने की नहीं, बल्कि डेथ ओवर्स में रन रोकने की भी बड़ी चुनौती होगी।  वैभव सूर्यवंशी उड़ाएंगे गर्दा! तीसरे टी20I में एक बार फिर सबसे ज्यादा नजरें 15 साल के वैभव सूर्यवंशी पर होंगी. वैभव अपने डेब्यू मुकाबले में 10 गेंदों पर 14 रन ही बना सके थे. हालांकि छोटी सी पारी में उन्होंने अपनी प्रतिभा और बेखौफ अंदाज की झलक जरूर दिखाई. वैभव ने जोफ्रा आर्चर और जोश टंग के खिलाफ छक्के जड़कर बता दिया कि उनके खेलने का अंदाज बदलने वाला नहीं है. अब इंटरनेशनल डेब्यू का दबाव खत्म हो चुका है. ऐसे में ट्रेंट ब्रिज की बैटिंग फ्रेंडली पिच पर वैभव के पास अपनी पहली बड़ी इंटरनेशनल पारी खेलने का शानदार मौका होगा।  इंग्लैंड दौरे पर भारतीय बल्लेबाजी में अगर किसी खिलाड़ी ने अपने स्वाभाविक अंदाज को बरकरार रखा है तो वह अभिषेक शर्मा हैं. उन्होंने पिछली दो पारियों में 59 और 43 रन बनाए हैं और दिलचस्प बात यह है कि दोनों इनिंग्स में उन्होंने 24-24 गेंदों का सामना किया. इंग्लैंड के गेंदबाज जहां अतिरिक्त उछाल, पिच से मिल रही मूवमेंट और गति में बदलाव से बाकी भारतीय बल्लेबाजों को परेशान कर रहे हैं, वहीं अभिषेक ने शुरू से ही आक्रामक क्रिकेट खेला है. वैभव और अभिषेक की विस्फोटक ओपनिंग जोड़ी अगर ट्रेंट ब्रिज में लंबी साझेदारी करती है तो इंग्लैंड के गेंदबाजों पर शुरुआती ओवरों में ही दबाव बनाया जा सकता है।  कप्तान श्रेयस अय्यर और ईशान किशन ने इस दौरे पर कुछ रन जरूर बनाए हैं, लेकिन दोनों बल्लेबाज अब तक इंग्लैंड के गेंदबाजी आक्रमण पर पूरी तरह हावी नहीं हो पाए हैं. भारतीय बल्लेबाज पिछले छह महीने में ज्यादातर सपाट पिचों पर खेले हैं. अब इंग्लैंड में उन्हें अतिरिक्त उछाल, सीम मूवमेंट और सैम करन जैसे गेंदबाजों की वैरिएशन के खिलाफ संघर्ष करना पड़ रहा है. तिलक वर्मा ने मैनचेस्टर में 11 गेंदों पर नाबाद 24 रनों की तेज पारी जरूर खेली थी, लेकिन बीच के ओवरों में इंग्लैंड के स्पिनर्स और धीमी गेंदों के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों को बेहतर रणनीति के साथ उतरना होगा।  श्रेयस अय्यर की कप्तानी में टीम इंडिया अब तक चार टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेल चुकी है, जिसमें उसे तीन में हार मिली. जबकि एक मुकाबला बारिश के कारण रद्द हुआ. आयरलैंड के खिलाफ भारत को 0-2 से सीरीज गंवानी पड़ी. इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ पहला टी20I बारिश के कारण धुल गया और दूसरे मुकाबले में भारत को चार विकेट से हार का सामना करना पड़ा. ऐसे में तीसरा टी20I सिर्फ सीरीज में वापसी के लिहाज से ही नहीं, बल्कि कप्तान श्रेयस अय्यर के लिए भी बेहद अहम होने वाला है।  मुकाबले में भारत की संभावित प्लेइंग-11: अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, हर्षित राणा, अक्षर पटेल, प्रिंस यादव, अर्शदीप सिंह और वरुण चक्रवर्ती।  इंग्लैंड की प्लेइंग-11: फिल साल्ट, जोस बटलर (विकेटकीपर), हैरी ब्रूक (कप्तान), जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, सैम करन, विल जैक्स, लियाम डॉसन, जोफ्रा आर्चर, आदिल राशिद और जोश टंग। 

हरियाणा में 10 जुलाई तक बारिश के आसार, सात जिलों में येलो अलर्ट जारी हुआ

 हिसार  प्रदेश में मौसम तेजी से बदल रहा है। रविवार शाम के बाद 11 जिलों में वर्षा हुई। कुछ जिलों में तेज वर्षा हुई तो कुछ में गर्मी से लोग परेशान रहे। हिसार में गर्मी के चलते विनोद नगर के 24 वर्षीय विक्की की मौत हो गई। पोस्टमार्टम में गर्मी से मौत की पुष्टि हुई है। वहीं मंगलवार को सात जिलों में तेज वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार जींद, यमुनानगर, भिवानी, अंबाला व झज्जर आदि जिलों में वर्षा हुई। इसके साथ ही आने वाले दिनों में भी तेज वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि आने वाले दिनों में वर्षा से तापमान में गिरावट हो सकती है। गर्मी के कारण विनोद नगर निवासी विक्की की रविवार रात को तबीयत बिगड़ गई थी। परिवार के लोग इसे अस्पताल ले गए। वहां पर इलाज के दौरान मौत हो गई। विक्की मजदूरी करता था। मानसून के आगे बढ़ने की संभावना चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डा. मदन खीचड़ ने बताया कि मानसून टर्फ की उत्तरी सीमा जामनगर, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनू, हिसार व भठिंडा तक बनी हुई है। अरब सागर में एक डिप्रेशन बनने से अनुकूल परिस्थितियों के कारण मानसून के आगे बढ़ने की संभावना है। जिससे मानसूनी हवाओं और राजस्थान पर एक साईक्लोनिक सर्कुलेशन बनने से हरियाणा राज्य में 10 जुलाई तक मौसम आमतौर पर परिवर्तनशील रहने तथा ज्यादातर क्षेत्रों में बीच-बीच में हवाओं व गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। परंतु इस दौरान कुछ एक स्थानों पर तेज वर्षा हो सकती है। इससे दिन के तापमान में गिरावट तथा वातावरण में नमी की अधिकता बने रहने की संभावना है। यलो अलर्ट: पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, मेवात और पलवल। वर्षा (मिलीमीटर में)     करनाल : 16     गुरुग्राम : 38     भिवानी : 2.4     चरखी दादरी : 9     हिसार : 31     जींद : 26.5     कैथल : 8.5     सोनीपत : 1 तापमान (डिग्री सेल्सियस में) जिला न्यूनतम अधिकतम अंबाला 29 36.8 भिवानी 26.5 37 गुरुग्राम 27.4 36 हिसार 28.2 38.2 नारनौल 26.5 34.5 रोहतक 28.2 33.6 सिरसा 29 38.2