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क्या ऐप से बंद हो सकता है ATM? वायरल वीडियो ने बढ़ाई चिंता, एक्सपर्ट्स ने बताया सच

पिछले दिनों जिस तरह से BAT-BMS नाम की ऐप सड़क चलते ई-रिक्शा बंद कर रही थी, कुछ वैसा ही अब ATM मशीनों के साथ होता दिख रहा है। दरअसल इंटरनेट पर एक वीडियो के जरिए दावा किया जा रहा है कि एक ऐप की मदद से ATM मशीन को बंद या चालू किया जा सकता है। हालांकि तेजी से फैल रहे इस वीडियो की प्रमाणिकता को पुष्टि नहीं की जा सकती लेकिन वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि फोन में मौजूद ऐप की मदद से ATM को बंद और चालू किया जा रहा है। वीडियो में ऐसा करने वालों के चेहरे नहीं दिख रहे लेकिन इतना साफ है कि वे बैंक या ATM मशीन को मैनेज करने वाला स्टाफ नहीं है। इसके अलावा वीडियो में दिख रहे ऐप का इंटरफेस काफी हद तक उस ऐप से मेल खाता है, जो कि पिछले दिनों ई-रिक्शों को बंद करने की वजह बनी थी। इसके बाद सरकार ने इन ऐप्स पर सख्त कदम उठाते हुए इन्हें ब्लॉक कर दिया था ई-रिक्शों के बाद निशाने पर ATM?     पिछले दिनों ई-रिक्शों को बंद करने वाली BAT-BMS ऐप की तर्ज पर अब एक ऐसी ऐप का वीडियो इंटनरेट पर फैल रहा है, जिससे ATM की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। इस वीडियो में दावा किया जा रहा है कि किसी ऐप की मदद से ATM को बंद और फिर रीस्टार्ट किया जा सकता है।     इससे पहले BAT-BMS और Lossigy जैसे चीनी मोबाइल ऐप्स का गलत इस्तेमाल कर चलते हुए ई-रिक्शा को दूर से बंद करने के कई मामले देखने को मिले थे। अब जिस ऐप से ATM को कंट्रोल करते हुए दिखाया जा रहा है उसका इंटरफेस बी BAT-BMS जैसी ही है। इतनी आसानी से हैक हो सकते हैं ATM?     एक्सपर्ट्स के अनुसार ई-रिक्शा को उसके असुरक्षित BMS सिस्टम की वजह से चीनी ऐप द्वारा कंट्रोल किया जाना संभव था लेकिन ATM एक बेहद सुरक्षित मशीन होती है। यह मशीनें बैंकों के नेटवर्क, वीपीएन (VPN) और मल्टी-लेयर सिक्योरिटी फायरवॉल पर काम करती हैं। इन्हें किसी ऐप या ब्लूटूथ की मदद से कंट्रोल किया जाना नामुमकिन है।     इस वीडियो को लेकर यह भी कहा जा रहा है कि संभव है कि मशीन खुद ही रीबूट हो रही हो और वीडियो बनाने वाले ने सिर्फ टाइमिंग को मैच कर ऐसा दिखाने की कोशिश की है कि वह खुद मशीन को ऐप की मदद से बंद या चालू कर रहा है।     वीडियो में BAT BMS ऐप जैसे इंटरफेस की वजह से यह शक और पुख्ता हो जाता है कि यह सिर्फ व्यूज बटोरने की एक कोशिश भर है। हालांकि फिलहाल इस पर किसी बैंक की ओर से कोई जवाब नहीं आया है सरकार ने किया था ब्लॉक BAT BMS ऐप के जरिए ई-रिक्शा बंद किए जाने के मामले सामने आने के बाद पिछले दिनों भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने गूगल प्ले स्टोर और ऐप स्टोर को कड़े आदेश दिए थे। इसके बाद दोनों ही ऐप स्टोर्स से BAT BMS ऐप जैसे एप्लिकेशन डाउन कर दिए गए थे। हालांकि फिल्हाल गूगल प्ले स्टोर पर BAT BMS नाम से कई फर्जी ऐप्स मौजूद हैं, जिन्हें लोग डाउनलोड भी कर रहे हैं।

चंडीगढ़ हाईकोर्ट को मिली नई ग्रीन पार्किंग, 6.23 एकड़ में 700+ गाड़ियां होंगी पार्क

चंडीगढ़. पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट आने वाले वकीलों, वादियों और आम लोगों को चंडीगढ़ प्रशासन ने बड़ी राहत प्रदान की है। हाईकोर्ट के बाहर कच्ची और पथरीली जगहों पर प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग ने ग्रीन पार्किंग बना दी है। करीब साढ़े तीन करोड़ की लागत से बनी इस पार्किंग को आम लोगों के लिए शुरू कर दिया गया है। यहां करीब 6.23 एकड़ में पार्किंग का निर्माण किया गया है, जहां 700 से ज्यादा गाड़ियां खड़ी करने की क्षमता होगी। लंबे समय से लोग पार्किंग के कारण परेशान होते थे। इस पार्किंग के बनने से लोगों की समस्या का काफी हद तक समाधान हुआ है। पार्किंग को पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। पूरे परिसर में ग्रीन पेवर ब्लाॅक्स लगाए गए हैं, जिनके बीच घास भी रहेगी। तय दूरी पर पेड़ भी लगे हैं, ताकि हरियाली बनी रहे और वाहनों को प्राकृतिक छाया मिल सके। ग्रीन पेवर ब्लाक्स की विशेषता यह है कि बारिश का पानी जमीन में आसानी से समा जाएगा, जिससे जलभराव की समस्या भी नहीं होगी। पिछले वर्ष हाईकोर्ट ने अपने आदेश में इस क्षेत्र में ग्रीन पेवर ब्लाॅक्स लगाने की अनुमति दी थी। इसके बाद प्रशासन ने लैंडस्केप कंसल्टिंग कंपनी से डिजाइन तैयार कराया। चूंकि यह क्षेत्र यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कैपिटल काॅम्प्लेक्स का हिस्सा है, इसलिए पूरे प्रोजेक्ट को विशेष निगरानी और हेरिटेज मानकों के आधार पर किया गया। इस काम के लिए प्रशासन ने पिछले साल टेंडर जारी कर दिया था। अक्टूबर 2025 से यहां निर्माण कार्य शुरू हो गया था। वर्ष 2023 में हेरिटेज इम्पैक्ट असेसमेंट रिपोर्ट में यहां भूमिगत मल्टीलेवल पार्किंग बनाने का विरोध किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार ऐसा निर्माण धरोहर परिसर के वास्तविक स्वरूप को प्रभावित कर सकता था और ट्रैफिक व प्रदूषण भी बढ़ा सकता था। इसी वजह से प्रशासन ने पर्यावरण अनुकूल ग्रीन पार्किंग बनाने का फैसला किया।

मोरिंगा ऑयल से पाएं जवां त्वचा, झुर्रियां और फाइन लाइन्स होंगी कम

आज के समय में खराब खानपान, प्रदूषण और लगातार बढ़ते तनाव के कारण लोग उम्र से पहले ही बूढ़े दिखने लगे हैं. चेहरे पर समय से पहले झुर्रियां, फाइन लाइन्स और डार्क सर्कल्स आना बेहद आम हो गया है. अपनी त्वचा को वापस जवां और ग्लोइंग बनाने के लिए लोग महंगे स्किन केयर ट्रीटमेंट्स का सहारा लेते हैं, लेकिन उनमें मौजूद केमिकल्स त्वचा को लंबे समय में नुकसान पहुंचा सकते हैं. अगर आप भी बुढ़ापे से पहले बूढ़ा नहीं दिखना चाहते और नेचुरल तरीके से अपनी स्किन को टाइट और ग्लोइंग बनाना चाहते हैं तो मोरिंगा का तेल आपके लिए एक जादुई वरदान साबित हो सकता है. सहजन के बीजों से निकलने वाला यह तेल एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिंस का पावरहाउस है, जो आपकी त्वचा को अंदर से पोषण देकर उसे हमेशा यूथफुल बनाए रखता है. आइए जानते हैं त्वचा के लिए इसके फायदे और इस्तेमाल करने का सही तरीका. इस्तेमाल करने का सही तरीका: रात का नाइट सीरम: रोज रात को सोने से पहले अपने चेहरे को माइल्ड फेस वॉश से अच्छी तरह साफ कर लें. अब अपनी हथेलियों पर मोरिंगा के तेल की 3-4 बूंदें लें और उन्हें आपस में रगड़कर हल्का गुनगुना करें. इसके बाद चेहरे और गर्दन पर सर्कुलर मोशन में हल्के हाथों से 2-3 मिनट तक मसाज करें और रातभर के लिए छोड़ दें. गुआ शा या रोलर के साथ: अगर आप चेहरे की पफिनेस कम करना चाहते हैं और फेस को परफेक्ट शेप देना चाहते हैं, तो मोरिंगा ऑयल लगाकर फेस रोलर या गुआ शा टूल से मसाज कर सकते हैं. फेस पैक में मिलाकर: आप अपने रेगुलर होममेड फेस पैक (जैसे मुल्तानी मिट्टी या चंदन पाउडर) में भी इस तेल की 4-5 बूंदें मिलाकर चेहरे पर लगा सकते हैं. मोरिंगा के फायदे मोरिंगा के तेल में भरपूर मात्रा में साइटोकिनिन और मुख्य रूप से ज़ियाटिन पाया जाता है, जो त्वचा की कोशिकाओं के विकास को बढ़ावा देते हैं और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करते हैं. इसमें मौजूद विटामिन ए, सी और ई त्वचा को डीप हाइड्रेशन देते हैं, जिससे चेहरे का रूखापन खत्म होता है और एक नेचुरल गुलाबी निखार आता है. एंटी-इन्फ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर होने के कारण यह तेल मुंहासों को रोकता है और ब्लैकहेड्स व डार्क स्पॉट्स को तेजी से हल्का करता है. यह तेल त्वचा में कोलेजन के प्रोडक्शन को बढ़ाता है, जिससे ढीली पड़ चुकी त्वचा में कसाव आता है

छत्तीसगढ़ में फिर सक्रिय हुआ मौसम, अवदाब के प्रभाव से रायपुर सहित कई इलाकों में झमाझम बारिश के आसार

रायपुर. छत्तीसगढ़ में आषाढ़ लगने के बाद झमाझम बारिश का सिलसिला जारी है. नदी-नाले उफान पर हैं. बीते 24 घंटों में प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में बारिश हुई है. फिलहाल मानसून की स्थिति सामान्य बनी हुई है. आज यानी 7 जुलाई को झारखण्ड और ओडिशा के पास बने अवदाब के कारण मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ के कुछ स्थानों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. वहीं 8 जुलाई के बाद पूरे प्रदेश में बारिश की तीव्रता में कमी आ सकती है. मौसम विभाग ने जानकारी दी कि सोमवार को प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मध्यम से भारी वर्षा हुई. इस दौरान अधिकतम तापमान पेंड्रा रोड में 30.8 डिग्री सेल्सियस और राजनांदगांव में न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है.  इन इलाकों में जमकर बसरे बादल मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पहले दिन 15 सेंटीमीटर वर्षा के बाद दूसरे दिन रायपुर में 8 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई है. वहीं बलौदा बाजार में 20 सेंटीमीटर, राजिम में 18, लवन में 17, गिधौरी टुंड्रा, भाटापारा में 16-16, बलौदा, गोबरा नवापारा, बिलाईगढ़ में 15-15, राजनांदगांव, भटगांव, अकलतरा, पौड़ी उपरोड़ा, तिल्दा, चंद्रपुर, खरोरा में 14-14, पिथौरा, रायगढ़, सिमगा में 13-13, तमनार, सोनाखान, मगरलोड, मस्तूरी, भैसमा, बोदरी, पथरिया में 12 12, डभरा, मरीं बंगला देवरी, मंदिरहसौद, सीपत, बिल्हा, तखतपुर, पाली, बम्हनीडीह, कोरबा, बोराई, पलारी, सकरी, सारंगढ़, सुहेला, अड़भार, पामगढ़ में 11-11, बरमकेला, सरसीवा, धारासींव, शिवरीनारायण, सरायपाली, कसडोल, नवागढ़, लोरमी में 10-10, थानखमरिया, पुसौर, सरिया, दर्री, बसना, जांजगीर, डोंगरगढ़, मालखरौदा, पिपरिया, भोथिया, मैनपुर, खैरागढ़ में9-9, कुरूद, धमतरी, कुकरेल, साजा, बिलासपुर, आरंग, बेलारगांव, डौंडीलोहारा, रायपुर शहर, चांपा, मुंगेली, सक्ती, दाढ़ी में 8-8 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम?  राजधानी रायपुर में आज आसमान में बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है. वहीं बादल के गरजने-चकमने के साथ ही वर्ष और तेज हवा चल सकती है. अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आपसास दर्ज हो सकता है.   मध्य और उत्तरी क्षेत्रों में आज बारिश के आसार  प्रदेश के मध्य और उत्तरी क्षेत्रों के अधिकांश इलाकों में आज मौसम विभाग ने हल्की से माध्यम बारिश होने की संभावना जताई है. एक-दो स्थानों में भारी वर्षा और बिजली गिरने की चेतवानी है. दो दिन बाद भी इसी तरह का मौसम बने रहने के आसार हैं.

इंडोनेशिया ने PM मोदी को दिया सर्वोच्च नागरिक सम्मान, विदेशों में मिले अवॉर्ड्स की पूरी लिस्ट

जाकर्ता  पीएम मोदी को एक और देश का सर्वोच्च सम्मान मिला है. जी हां, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच सम्मान से नवाजा गया है. इस बाबत इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने आज यानी मंगलवार को घोषणा की. उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च सम्मान ‘बिंतांग आदिपूर्णा ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया’ मेडल ऑफ ऑनर से सम्मानित किया गया है।  यह सम्मान पीएम मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान दिया गया. इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने बताया कि यह सम्मान प्रधानमंत्री मोदी द्वारा द्विपक्षीय संबंधों और सहयोग को मजबूत करने में दिए गए योगदान के लिए दिया जा रहा है।  भारत से ब्रह्मोस मिसाइल खरीदेगा इंडोनेशिया भारत-इंडोनेशिया के बीच मंगलवार को जकार्ता में 20 समझौते हुए। सबसे अहम ब्रह्मोस डील रही। इसको लेकर दोनों देशों के बीच पिछले 4 महीने से बातचीत चल रही थी। भारत इंडोनेशिया को ब्रह्मोस मिसाइल की अतिरिक्त यूनिट देगा। इसी के साथ फिलीपींस, वियतनाम के बाद इंडोनेशिया ब्रह्मोस खरीदने वाला तीसरा देश बन गया है। इंडोनेशिया ने ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल भारतीय 'अस्त्र' एयर-टू-एयर मिसाइल खरीदने का भी फैसला किया है। वहीं भारत इंडोनेशिया के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) विकसित करने में भी मदद करेगा। ये समझौते पीएम मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के बीच द्विपक्षीय बैठक के दौरान हुए। मंगलवार को पीएम मोदी के इंडोनेशिया दौरे का दूसरा दिन है। राष्ट्रपति प्रबोवो ने उन्हें इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान दिया। पीएम शाम को जकार्ता में भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे। वे बुधवार को इंडोनेशिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर प्रम्बानन जाएंगे। यह मंदिर 1000 साल से ज्यादा पुराना है। किसे मिलता है इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान? गौरतलब है कि ‘बिंतांग आदिपूर्णा ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया’ मेडल ऑफ ऑनर इंडोनेशिया गणराज्य का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है. यह सम्मान उन व्यक्तियों को प्रदान किया जाता है, जिन्होंने इंडोनेशिया गणराज्य की एकता, निरंतरता और समृद्धि के लिए असाधारण योगदान दिया हो।  पीएम मोदी इंडोनेशिया यात्रा पर हैं यह सम्मान उन अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों की सूची में एक और नाम है, जो पीएम मोदी को विदेशी सरकारों से मिले हैं. ये पुरस्कार भारत के राजनयिक संबंधों और रणनीतिक साझेदारियों को मजबूत करने के उनके प्रयासों के लिए दिए गए हैं. पीएम मोदी सोमवार को अपनी तीन देशों की यात्रा के पहले चरण में इंडोनेशिया पहुंचे. इस यात्रा का उद्देश्य भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’, ‘महासागर विजन’ और एक स्वतंत्र, खुले और समावेशी इंडो-पैसिफिक के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को और मजबूत करना है।  मोदी बोले- दुनिया में उथल-पुथल, हम शांति के समर्थन में     दुनिया में मची उथल-पुथल के इस दौर में भारत का मानना ​​है कि बातचीत और कूटनीति की भूमिका पहले से कहीं ज्यादा अहम हो गई है। फिलिस्तीन के मुद्दे पर, हम 'टू-स्टेट सॉल्यूशन' (दो-देश समाधान) और लंबे समय तक शांति का समर्थन करते हैं।     हमारे दोनों देशों के लिए एक सुनहरा दौर आने वाला है। हमारे इतिहास में एक जैसी संस्कृति, वर्तमान में आपसी भरोसा और भविष्य में साझा समृद्धि है। मुझे पूरा भरोसा है कि हम मिलकर 'इंडोनेशिया एमास' (स्वर्ण इंडोनेशिया) और एक विकसित भारत के सपने को साकार करेंगे।     लोकतांत्रिक मूल्य और विविधता में एकता, भारत और इंडोनेशिया दोनों की साझा ताकत रही है। हम दोनों देशों के चुनाव आयोगों के बीच MoU के जरिए अपने लोकतांत्रिक सहयोग को और मजबूत करने जा रहे हैं।     वैश्विक मुद्दों पर भी भारत और इंडोनेशिया के बीच सहयोग लगातार बढ़ रहा है। इंडो-पैसिफिक को लेकर भी हमारे नजरिए में तालमेल है। भारत ने हमेशा आसियान (ASEAN) की केंद्रीय भूमिका को खास अहमियत दी है। पीएम मोदी ने कहा– तकनीक के दौर में सप्लाई चेन मजबूत करना बेहद जरूरी है। भारत और इंडोनेशिया ने क्रिटिकल मिनरल्स और स्टील सेक्टर की सप्लाई चेन को मजबूत करने पर अहम समझौता किया है। साथ ही स्टेनलेस स्टील और रेयर अर्थ मैग्नेट के क्षेत्र में दोनों देशों की कंपनियां नई साझेदारी करेंगी। भारत का UPI जल्द ही इंडोनेशिया के पेमेंट सिस्टम से जुड़ेगा। इससे दोनों देशों के बीच कारोबार करना और यात्रा करना आसान होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि वे बुधवार को राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ योग्याकार्ता स्थित प्रांबानन मंदिर जाएंगे। एक हजार साल से अधिक पुराना यह मंदिर भारत और इंडोनेशिया की साझा सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। मोदी बोले- इंडोनेशिया से सम्मान मिला, यहां की सरकार का शुक्रिया मोदी ने द्विपक्षीय मीटिंग के बाद कहा, आज सुबह मुझे बहुत प्यार और सम्मान के साथ इंडोनेशिया के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान करोड़ों भारतीयों का है। यह इंडोनेशिया के लोगों की भावनाओं और हमारे दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक, गहरे संबंधों को दर्शाता है। मैं राष्ट्रपति प्रबोवो, इंडोनेशिया सरकार और यहां के लोगों का दिल से धन्यवाद करता हूं।" हाल के साल में, भारत और इंडोनेशिया के संबंधों में नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और गहराई आई है। 2018 में शुरू हुई हमारी 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' अब नई ऊंचाइयों को छू रही है। हम विकास, सुरक्षा, तकनीक, संस्कृति और शिक्षा जैसे सभी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं।"  

सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए खुशखबरी! चांदी ₹6,600 लुढ़की, गोल्ड रेट में भी आई गिरावट

इंदौर  घरेलू फ्यूचर्स मार्केट MCX में सोने और चांदी के भाव मंगलवार (7 जुलाई) सुबह गिर गए। निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की जून नीति बैठक के मिनट्स का इंतजार कर रहे हैं, ताकि केंद्रीय बैंक की मोनेटरी पॉलिसी की दिशा के बारे में और सुराग मिल सकें। सुबह 9:05 बजे तक MCX पर अगस्त गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट 0.52% यानी 767 रुपये की गिरावट के साथ ₹1,46,148 प्रति 10 ग्राम पर आ गए, जबकि सितंबर सिल्वर फ्यूचर्स 1.14% यानी 2859 रुपये टूटकर ₹2,33,416 प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रहे थे।सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट (Gold-Silver Rate Fall) लगातार दूसरे कारोबारी दिन भी जारी है. सोमवार को फिसलने के बाद मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज का चांदी की वायदा कीमत मंगलवार को भी ओपनिंग के साथ ही तेजी से गिरी है. MCX पर कारोबार शुरू होते ही 1 Kg Silver Price झटके में 5200 रुपये से ज्यादा कम होकर 2.31 लाख रुपये के लेवल पर आ गया. दूसरी ओर सोना भी फिसला है और इसकी वायदा कीमत में 1500 रुपये से ज्यादा की गिरावट आई है।  चांदी अचानक हुई इतनी सस्ती सबसे पहले बताते हैं चांदी की कीमत में लगातार जारी गिरावट और ताजा सिल्वर प्राइस अपडेट के बारे में, तो एमसीएक्स वायदा कारोबार में 4 सितंबर की एक्सपायरी वाली चांदी की कीमत खुलते ही गिरकर 2,30,803 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई, जबकि बीते कारोबारी दिन ये फिसलते हुए 2,36,099 रुपये पर क्लोज हुई थी. इस हिसाब से 1 किलो चांदी अचानक 5296 रुपये सस्ती (Silver Cheaper) हो गई है।        दो दिन से लगातार टूट रही Silver इस सप्ताह की शुरुआत से ही चांदी के भाव में गिरावट का सिलसिला शुरू हुआ और ये लगातार दूसरे दिन भी जारी है. बता दें कि बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को वायदा चांदी 2,37,410 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी और दो दिन की गिरावट में ये 6607 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हो चुकी है. इस ताजा गिरावट के बाद अब चांदी अपने लाइफ टाइम हाई 4.20 लाख रुपये की तुलना में करीब आधी कीमत (Silver Price Half From High) पर मिल रही है।  सोने-चांदी में गिरावट के 3 अहम कारण फेड के मिनट्स और ब्याज दरों पर अटकलें: अमेरिकी फेड की जून बैठक के मिनट्स 8 जुलाई को जारी होंगे। अधिकतर एक्सपर्ट्स का मानना है कि फेड इस साल कम से कम एक बार ब्याज दरें बढ़ाएगा, क्योंकि मुद्रास्फीति अभी भी 2% के लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है। जून में बाजार को इस साल तीन बार दर बढ़ोतरी की उम्मीद थी, क्योंकि अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण कच्चे तेल के दाम आसमान छू गए थे और मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ गया था। हालांकि, जून के पेरोल डेटा के उम्मीद से कमजोर आने ने इस साल आक्रामक मौद्रिक सख्ती की उम्मीदों को कम कर दिया है। निवेशकों की नजर मिनट्स पर: मास्टर कैपिटल सर्विसेज के मुख्य शोध अधिकारी रवि सिंह ने कहा कि निवेशक अब फेड की जून बैठक के मिनट्स जारी होने का इंतजार कर रहे हैं, जिससे भविष्य की ब्याज दरों के रास्ते पर स्पष्टता मिल सकती है और सोने में अगली दिशात्मक चाल तय होगी। भू-राजनीतिक तनाव का असर: इधर, ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों को निशाना बनाने की खबरों ने भू-राजनीतिक चिंताओं को बढ़ा दिया है, जिससे सोने की कीमतों पर दबाव पड़ा है। एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि ईरान की सेना ने सोमवार रात होर्मुज से गुजर रहे व्यापारिक जहाजों पर दो मिसाइलें दागीं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि वाशिंगटन संभवतः ईरानी ठिकानों पर हमले करके जवाबी कार्रवाई कर सकता है। सोने-चांदी के लिए क्या हैं टिप्स रवि सिंह ने बताया कि तकनीकी ढांचा अभी भी मजबूत बना हुआ है, और कीमतें ₹1,40,500 के अहम सपेार्ट जोन से ऊपर बनी हुई हैं। ऊपर की ओर तत्काल रेजिस्टेंस 21-दिवसीय EMA के करीब ₹1,48,000 पर है, और इस स्तर के ऊपर स्पष्ट ब्रेकआउट रिकवरी को ₹1,50,000–₹1,51,000 के जोन तक ले जा सकता है। पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन के अनुसार, आज के सत्र में सोने को $4,135 और $4,100 पर सपेार्ट तथा $4,194 और $4,220 पर रेजिस्टेंस है, जबकि चांदी को $61.20 और $59.80 पर सपोर्ट तथा $63.40 और $64.20 पर रेजिस्टेंस है। MCX सोने के लिए सपेार्ट ₹1,46,100 और ₹1,45,500 है, जबकि रेजिस्टेंस ₹1,47,400 और ₹1,48,200 पर है। चांदी के लिए समर्थन ₹2,33,300 और ₹2,30,000 तथा रेजिस्टेंस ₹2,38,800 और ₹2,41,000 पर है। 2026 में अब तक चांदी में बदलाव Gold-Silver Rate में इस साल 2026 में अब तक आए उतार-चढ़ाव पर नजर डालें, तो 31 दिसंबर 2025 को वायदा चांदी की कीमत 2,54,082 रुपये प्रति किलोग्राम थी, इसके बाद जनवरी में ये रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए 4 लाख रुपये के ऐतिहासिक स्तर के पार निकल गई. हालांकि, इसके बाद चांदी जमकर टूटी भी और फिलहाल के रेट से तुलना करें, तो ये 23,279 रुपये सस्ती है।         Gold रेट भी लगातार फिसल रहा न सिर्फ चांदी, बल्कि वायदा कमोडिटी मार्केट में कीमती पीली धातु (Yellow Metal) भी सस्ती होती जा रही है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर मंगलवार को सोने की कीमत में भी गिरावट आई है. ये बीते कारोबारी दिन 1,46,917 रुपये प्रति 10 ग्राम पर क्लोज हुई थी और मंगलवार को खुलने के साथ ही फिसलकर 1,45,351 रुपये पर आ गई. इस हिसाब से 10 Gram 24 Karat Gold Rate 1566 रुपये कम हो गया।         हाई से अब काफी सस्ती मिल रहा सोना सोने की कीमत में इस सप्ताह लगातार गिरावट देखने को मिल रही है. सोना बीते सप्ताह शुक्रवार को 147,378 रुपये प्रति 10 ग्राम पर क्लोज हुआ था और अब तक 2027 रुपये सस्ता हो चुका है. वहीं चांदी की तरह सोना भी अपने हाई लेवल से काफी सस्ता हो चुका है, इस कीमती धातु ने भी जनवरी महीने में पहली बार 2 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का आंकड़ा पार किया था.

बच्चों की सुरक्षा बढ़ाने को दिल्ली के सभी स्कूलों में बनेगी बाल संरक्षण समिति अब

नई दिल्ली राजधानी में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते 5633 स्कूलों में बाल संरक्षण समिति का गठन होगा। एलजी तरनजीत सिंह संधू और सीएम रेखा गुप्ता ने सोमवार को बाल संरक्षण के तहत यह फैसला किया है। जुलाई के दौरान बाल संरक्षण माह के तहत विभिन्न कार्यक्रमों, सुरक्षा उपायों और जागरूकता अभियान को लेकर भी चर्चा हुई। बैठक में बच्चों की सुरक्षा को लेकर शिक्षा विभाग, दिल्ली पुलिस और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई।     शिक्षा विभाग ने बताया कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग और पॉक्सो अधिनियम के निर्देशों के अनुसार दिल्ली के सभी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत सुरक्षा जांच सूची (चेक लिस्ट) लागू की जा रही है।     इनमें 1,077 दिल्ली सरकार के स्कूल, 198 सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल, 2612 एमसीडी, एनडीएमसी और दिल्ली छावनी बोर्ड और 1,746 प्राइवेट स्कूल शामिल हैं। विभाग शिक्षकों, स्कूल कर्मचारियों और मुख्य प्रशिक्षकों को पॉक्सो अधिनियम के तहत प्रशिक्षण दे रहा है। जुलाई के बाद भी जारी रहेगा अभियान दिल्ली पुलिस ने बताया कि स्कूलों, पार्कों, खेल परिसरों, बाल भवन, अनाथालयों और बाल देखभाल संस्थानों में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों की निगरानी के लिए प्रत्येक जिले में एक अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। एलजी और सीएम ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े सभी कार्यक्रम जुलाई तक सीमित न रहें, वह संस्थानों की नियमित और स्थायी व्यवस्था का हिस्सा बनें। POCSO मामलों के लिए नई व्यवस्था सीएम ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े सभी कार्यक्रमों और गतिविधियों का प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित जरूरी है। सभी स्कूलों में पॉक्सो मामलों के निस्तारण के लिए एसओपी लागू की जाए। अभिभावकों के प्रतिनिधियों, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, दिल्ली पुलिस और विद्यालय प्रमुखों को शामिल करते हुए संयुक्त निरीक्षण दल गठित कर सभी स्कूलों का निरीक्षण किया जाए।  

चीनी ह्यूमनॉइड रोबोट्स ने रचा इतिहास, 6 दिन में बनाए 17 हजार से ज्यादा टैबलेट

चीनी रोबोटिक्स कंपनी एजीबॉट ने इतिहास रच दिया है। दरअसल इस कंपनी के ह्यूमनॉइड रोबोट्स को एक फैक्ट्री में टैबलेट बनाने और उनकी जांच करने वाली लाइव प्रोडक्शन लाइन पर काम करते हुए लाइव दिखाया गया। खास बात रही कि ऐसा पूरे 6 दिन लाइव स्ट्रीम के जरिए पूरी दुनिया के सामने चला। इस दौरान 8 रोबोट्स ने बिना रुके ठीक वैसे ही काम किया जैसे कि इंसान किसी फैक्ट्री में करते। हालांकि, फर्क यह रहा कि ये रोबोट्स इंसानों की उल्ट बिना थके लगातार काम करते रहे। 99.99% की सक्सेस रेट से किया काम 6 दिन तक लाइव स्ट्रीमिंग नानचांग में लॉन्गचीयर टेक्नोलॉजी की फैक्ट्री से हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक इन रोबोट्स ने फैक्ट्री में बिना रुके 64 घंटे से ज्यादा समय तक लगातार काम किया। इन रोबोट्स ने 6 दिनों की लाइव स्ट्रीमिंग में कुल 17,625 टैबलेट तैयार किए। इससे भी ज्यादा मजेदार बात रही कि रोबोट्स का सक्सेस रेट यानी कि काम को सही तरह से करने की दर 99.99% रही। कहने का मतलब है कि रोबोट्स से ना के बराबर गलतियां हुईं। रोबोट्स ने किए क्या-क्या काम? फैक्ट्री में जिन रोबोट्स को काम पर लगाया गया था वे एजीबॉट के G2 ह्यूमनॉइड मॉडल थे। इन रोबोट्स ने 6 दिनों तक इंसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया। काम की बात करें, तो इन रोबोट्स ने बलेट की जांच करने यानी कि इन्स्पेक्शन, खराब पीस को अलग करने यानी कि डिफेक्ट सॉर्टिंग और सामान को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने यानी कि मटेरियल ट्रांसपोर्ट का काम किया। इस तरह से 6 दिनों में इन रोबोट्स ने कुल 64,828 काम पूरे किए। लैब नहीं असल दुनिया में किया कमाल इन रोबोट्स के प्रदर्शन की तारीफ इसलिए की गई क्योंकि 6 दिनों तक रोबोट्स ने किसी लैब में नहीं बल्कि असल दुनिया में काम किया। इसके साथ ही ये रोबोट्स समय-समय पर जरूरत के अनुसार खुद ढालते रहे। रिपोर्ट्स के अनुसार(REF.), कंपनी का कहना है कि वे दुनिया को यह दिखाना चाहती थी कि असल इंडस्ट्रियल माहौल में रोबोट्स के शरीर में मौजूद AI से काम लेने कि लिए किस दर्जे की तैयारी और ट्रांसपेरेंसी चाहिए होती है। फैक्ट्रियों में काम संभालने को तैयार रोबोट्स इस कंपनी ने लाइव स्ट्रीमिंग में रोबोट्स के सफल प्रदर्शन के बाद एलान किया है कि उनका 15,000 वां रोबोट बनकर तैयार है और उसे पार्टनर कपनी लॉन्गचीयर को सौंप दिया है। खास बात है कि जहां पहले 1 से 5 हजार रोबोट्स बनाने में एक साल लगता था वहीं अब 5 से 10 हजार रोबोट तीन महीने में बनाए जा सकते हैं। यह इवेंट Figure AI कंपनी के उस लाइव-स्ट्रीम के कुछ महीनों बाद हुआ है, जिसमें उनके फिगर 03 रोबोट्स ने बिना किसी खराबी के करीब 2.5 लाख पैकेजों को प्रोसेस किए थे।  

झारखंड सरकार का बड़ा फैसला, अब प्रोबेशन खत्म होने के बाद ही मिलेगा प्रमोशन का लाभ

रांची झारखंड सरकार ने राज्यकर्मियों की प्रोन्नति (प्रमोशन) से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है. अब राज्यकर्मी प्रोबेशन अवधि पूरी होने के बाद ही प्रोन्नति के लिए पात्र होंगे. यानी प्रोबेशन अवधि समाप्त होने के बाद ही प्रोन्नति के लिए निर्धारित न्यूनतम सेवा अवधि की गणना शुरू होगी. कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग ने सोमवार को इस संबंध में संशोधित संकल्प जारी कर दिया. इस प्रस्ताव को दो जुलाई को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में मंजूरी मिली थी. प्रोबेशन के बाद ही जुड़ेगी प्रोन्नति की सेवा अवधि सरकार की ओर से जारी संशोधित संकल्प के अनुसार, जिन मूल पदों पर दो वर्ष की प्रोबेशन अवधि निर्धारित है और अगले पद पर प्रोन्नति के लिए दो या तीन वर्ष की सेवा अवधि तय है, वहां अब दोनों अवधियां अलग-अलग मानी जाएंगी. यानी पहले कर्मचारी को प्रोबेशन अवधि पूरी करनी होगी, उसके बाद ही प्रोन्नति के लिए निर्धारित सेवा अवधि की गणना शुरू होगी. चार साल बाद मिलेगी पहली प्रोन्नति नये प्रावधान के तहत यदि किसी कर्मचारी का मूल पद 4800 रुपये ग्रेड पे का है और प्रथम प्रोन्नति 5400 रुपये ग्रेड पे वाले पद पर होनी है, जहां प्रोन्नति के लिए दो वर्ष की सेवा अवधि निर्धारित है तथा मूल पद पर दो वर्ष का प्रोबेशन है, तो अब कर्मचारी को पहली प्रोन्नति के लिए कुल चार वर्ष की सेवा पूरी करनी होगी. पहले दो वर्ष प्रोबेशन में बीतेंगे और उसके बाद दो वर्ष की सेवा अवधि पूरी करने पर ही वह प्रोन्नति के लिए पात्र होगा. सरकार ने बताया संशोधन का कारण राज्य सरकार ने संशोधित संकल्प में कहा है कि वर्तमान व्यवस्था में कई सेवाओं में प्रोबेशन अवधि और प्रोन्नति के लिए निर्धारित सेवा अवधि लगभग एक साथ पूरी हो रही थी, जो प्रशासनिक दृष्टि से उचित नहीं माना गया. इसी विसंगति को दूर करने के उद्देश्य से नियमों में संशोधन किया गया है. जहां नियम नहीं, वहां लागू होगा संशोधित संकल्प सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन ग्रेड पे के बीच प्रोन्नति की अवधि वर्ष 2014 के संकल्प में निर्धारित नहीं है, वहां बीच के सभी स्तरों की निर्धारित सेवा अवधि जोड़कर पात्रता तय की जाएगी. वहीं जिन सेवा नियमावलियों में पहले से प्रोन्नति की अलग व्यवस्था है, वहां वही नियम प्रभावी रहेंगे. जिन सेवाओं में ऐसी व्यवस्था नहीं है, वहां वर्ष 2014 के संशोधित संकल्प के प्रावधान लागू होंगे. सचिवालय सेवा संघ ने किया विरोध इधर, झारखंड सचिवालय सेवा संघ ने सरकार के इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है. संघ ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर संशोधित संकल्प को तत्काल निरस्त करने का आग्रह किया है. संघ का कहना है कि वर्ष 2014 में जारी संकल्प संख्या-3286 का उद्देश्य विभिन्न सेवा संवर्गों में प्रोन्नति के लिए सेवा अवधि में एकरूपता लाना था. नए संशोधन से यह व्यवस्था प्रभावित होगी और अलग-अलग सेवा संवर्गों के बीच फिर असमानता की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी. 2014 के बाद अब बदलाव की क्या जरूरत: संघ संघ ने सवाल उठाया है कि वर्ष 2014 से लागू व्यवस्था में 12 वर्ष बाद संशोधन की आवश्यकता क्यों पड़ी. संघ के अनुसार, संशोधित नियम लागू होने पर अन्य सेवाओं के कर्मचारियों को जहां लेवल-7 से लेवल-8 में प्रोन्नति के लिए केवल दो वर्ष की प्रतीक्षा करनी होगी, वहीं झारखंड सचिवालय सेवा के अधिकारियों को आठ वर्ष तक इंतजार करना पड़ेगा. संघ ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि संशोधित नियम पर तत्काल रोक लगाकर पुराने प्रावधान को ही लागू रखा जाए, ताकि सभी सेवा संवर्गों के कर्मचारियों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित हो सके.

ग्रीन टी से बनाएं नेचुरल एंटी-एजिंग टोनर, झुर्रियां और दाग-धब्बों में मिलेगी राहत

उम्र बढ़ना एक नेचुरल प्रोसेस है, जिसे रोका नहीं जा सकता. बढ़ती उम्र के साथ चेहरे पर झुर्रियां, फाइन लाइन्स और स्किन में ढीलापन आना आम बात है. इन्हें कम करने के लिए कई लोग महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स या पार्लर ट्रीटमेंट का सहारा लेते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी रसोई में रखी ग्रीन टी भी आपकी स्किन को ग्लोइंग और यंग बनाए रखने में मदद कर सकती है. आज हम आपको घर पर ग्रनी टी से नेचुरल एंटी-एजिंग टोनर बनाना बताएंगे, जिसे आप बेहद आसानी से घर पर तैयार कर सकते हैं. यह टोनर न सिर्फ आपकी लटकती स्किन को टाइट करने में मदद करेगा, बल्कि दाग-धब्बों को दूर कर चेहरे पर नेचुरल ग्लो लाने में मदद करेगा. ग्रीन टी से टोनर बनाने के लिए किन-किन चीजों की जरूरत होती है? 2 कप पानी 2 छोटे चम्मच ग्रीन टी की पत्तियां 1 बड़ा चम्मच गुलाब जल ग्रीन टी से एंटी-एजिंग टोनर कैसे बनाएं?     सबसे पहले एक पैन में 2 कप पानी डालकर उबाल लें.     जब पानी अच्छी तरह उबलने लगे, तब उसमें ग्रीन टी की पत्तियां डाल दें.     अब पैन को ढक दें और तब तक उबालें, जब तक पानी घटकर लगभग आधा रह जाए.     इसके बाद मिश्रण को छान लें और पूरी तरह ठंडा होने दें. जब यह ठंडा हो जाए, तब इसमें गुलाब जल डालकर अच्छी तरह मिला लें.     अब तैयार टोनर को एक साफ स्प्रे बोतल में भरकर फ्रिज में रख लें. आपका नेचुरल एंटी-एजिंग टोनर इस्तेमाल के लिए तैयार है. टोनर का इस्तेमाल चेहरे पर कैसे करें? सबसे पहले चेहरे को किसी अच्छे फेसवॉश से अच्छी तरह साफ करें. इसके बाद टोनर को सीधे चेहरे पर स्प्रे करें. अगर चाहें तो कॉटन पैड की मदद से भी इसे लगा सकते हैं. बेहतर रिजल्ट के लिए इसका इस्तेमाल दिन में दो बार करें. ग्रीन टी से बने टोनर क्यों है इतना खास ग्रीन टी से बना यह टोनर नेचुरल एंटी-एजिंग की तरह काम करता है. यह स्किन को लंबे समय तक रिफ्रेश और हेल्दी बनाए रखने में मदद करता है. इसके रेगुलर इस्तेमाल से फाइन लाइन्स, झुर्रियों, पिग्मेंटेशन और डार्क स्पॉट्स की समस्या कम होती है. साथ ही यह चेहरे पर नेचुरल ग्लो बनाए रखने में भी मदद करता है. इन बातों का रखें ध्यान     टोनर को हमेशा साफ और सूखी स्प्रे बोतल में रखें.     इसे फ्रिज में स्टोर करें और 5 से 7 दिनों के भीतर इस्तेमाल कर लें.     अगर आपकी काफी सेंसिटिव है तो पहले पैच टेस्ट जरूर करें.     अगर टोनर लगाने के बाद जलन, खुजली या एलर्जी महसूस हो तो इसका इस्तेमाल बंद कर दें.