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झिझक से सम्मान तक का सफर, गधहाभाटा अब कहलाएगा सोनपुर

कवर्धा. कबीरधाम जिले का एक ऐसा गांव, जहां के लोग वर्षों तक अपने ही गांव का नाम बताने में झिझक महसूस करते थे, लोगों को उपहास का सामना करना पड़ता था, क्योंकि गांव का नाम गधहाभाटा था। अब गांव का नाम आधिकारिक रूप से बदलकर सोनपुर करने से ग्रामीणों की यह पीड़ा खत्म हो गई है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इसका राजपत्र में प्रकाशन भी किया जा चुका है। इसी खुशी के मौके पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ग्राम सोनपुर पहुंचे और ग्रामीणों को राजपत्र की प्रति सौंपकर नई पहचान के लिए बधाई दी। इस दौरान उन्होंने गांव के विकास के लिए 7 लाख 50 हजार रुपए के विभिन्न विकास कार्यों की घोषणा भी की। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सिर्फ गांव का नाम ही नहीं बदला, बल्कि अब सोनपुर की तस्वीर भी बदल रही है। गांव में विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। वहीं ग्रामीणों ने गांव का नाम परिवर्तन होने पर उपमुख्यमंत्री का आभार जताया। ग्रामीणों का कहना है कि पहले गधहाभाटा नाम होने के कारण उन्हें कई जगह शर्मिंदगी महसूस करनी पड़ती थी। लोग मजाक उड़ाते थे, जिसका असर सामाजिक रिश्तों और बच्चों के विवाह संबंधों पर भी पड़ता था। अब गांव का नाम सोनपुर होने से ग्रामीण गर्व के साथ अपनी पहचान बता सकेंगे।

‘पाकिस्तान अपनी हद में रहे’ गंज शहीदां मस्जिद मुद्दे पर जरदारी को बनारस से कड़ा जवाब

वाराणसी वाराणसी में काशी स्टेशन के पास स्थित गंज शहीदां मस्जिद को अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बनाने की पाकिस्तान राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने कोशिश की है। जरदारी ने इसे लेकर एक्स पर पोस्ट किया है। जरदारी का पोस्ट सामने आते ही मुस्लिम समाज की तरफ से कड़ी प्रतिक्रिया भी सामने आई है। जरदारी पर मुस्लिम धर्मगुरु भड़क गए हैं। उन्होंने कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि पाकिस्तान अपनी हद में रहे। यह भारत और बनारस का आंतरिक मामला है। कानूनी लड़ाई लड़ी जा रही है। कोर्ट के फैसले को हम सभी मानेंगे। मस्जिद को लेकर जरदारी ने क्या लिखा पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने पोस्ट में कहा है कि भारत में ऐतिहासिक मुस्लिम धार्मिक स्थलों, जिनमें वाराणसी की 1,000 साल पुरानी मस्जिद गंज शहीदां भी शामिल है, को गिराए जाने से अराजकता फैलेगी। उन्होंने ऐसी कार्रवाइयां तुरंत रोकने को कहा है। यह भी कहा है कि अल्पसंख्यकों के अधिकारों और साझा सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा की जानी चाहिए। मुफ्ती-ए-बनारस ने दी नसीहत इस पोस्ट के सामने आने के बाद काशी में मुस्लिम धर्मगुरु और समुदाय के लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। कहा कि पाकिस्तान अपने देश में झांके। वहां मस्जिदों में बम से हमले होते हैं। वह अपने मसले सुलझाए, हमारे आंतरिक मामले में दखलअंदाजी न करें। मुफ्ती-ए-बनारस मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी ने कहा कि यह हमारा आंतरिक मामला है। किसी दूसरे को इसमें हस्ताक्षेप करने की जरूरत नहीं है। पाकिस्तान अपने देश को देखे। हमारे यहां क्या हो रहा है उसमें दखल देने की जरूरत नहीं है। भारत की न्याय प्रणाली पर हमें भरोसा है। कोर्ट से हमें राहत मिलेगी। यासीन बोले- कोर्ट पर हमें भरोसे अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद के संयुक्त सचिव डॉ. एसएम यासीन ने कहा कि पाकिस्तान की मस्जिदों में बम से हमले होते हैं। वे लोग पहले उसे रोकें। हमारे मामले में हस्तक्षेप करने की जरूरत नहीं है। हम लोग कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। हमें उम्मीद है कि कोर्ट से हमारी जीत जरूर होगी। मुस्लिम पक्ष का दावा – मस्जिद सन् 1034 में बनी, 1883-84 के बंदोबस्ती नक्शे में भी दर्ज अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद के संयुक्त सचिव एसएम यासीन का दावा है कि मस्जिद को लेकर रेलवे प्रशासन ने नोटिस जारी किया है। नोटिस पर न ही किसी अधिकारी का दस्तखत है और न ही जारी करने की तारीख है। जिस मुकदमे के खारिज होने की बात इसमें लिखी है, वह मस्जिद के बाहर पूरब की जमीन से सम्बन्धित था। मस्जिद से इस मुकदमे का कोई सम्बन्ध नहीं था या है। यह नोटिस भ्रामक है। इसी मुकदमे में रेलवे प्रशासन ने अपने शपथ-पत्र मे मस्जिद का होना और मुसलमानों की मिल्कियत तस्लीम किया है। उन्होंने बताया कि यह मस्जिद सन् 1034 में बनी है। 1883-84 के बंदोबस्त नक्शे में भी उल्लेख है। उससे पहले के नक्शे में भी है। राजघाट में रेलवे 1887 में आई है। साबित है कि रेलवे से पहले की मस्जिद है। रेलवे का दावा : नोटिस की अवधि खत्म वहीं, गंज शहीदां मस्जिद को हटाने के लिए उत्तर रेलवे प्रशासन की ओर से दी गई नोटिस की अवधि शनिवार को खत्म हो गई। रेलवे के मुताबिक काशी रेलवे स्टेशन के प्रथम प्रवेश द्वार की तरफ (सर्कुलेटिंग एरिया के पास) रेलवे भूमि पर अवैध रूप से मस्जिद का निर्माण हुआ हैं। यह काशी रेलवे स्टेशन पर चल रहे विकास कार्य (मेजर अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट) में बाधक है। इस सम्बंध में मूलवाद संख्या-1174/1991 अंजुमन इंतेजामिया बनाम यूनियन आफ इंडिया न्यायालय सिविल जज (जूनियर डिविजन) शहर वाराणसी के न्यायालय में चल रहा था। जिसे कोर्ट ने 28 अगस्त 2024 को खारिज कर दिया था। रेल अधिकारियों के मुताबिक इसके बाद इंतेजामिया कमेटी को ऊपर की अदालत में जाने की सलाह भी दी गई लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस बीच, यहां मेजर अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट के तहत लगभग 350 करोड़ से विकास कार्य शुरू हो गए। इसी परियोजना में गंगा कॉलोनी का ध्वस्तीकरण भी होना है, जहां यह मस्जिद है। इसके चलते रेलवे प्रशासन ने अपनी भूमि पर बनी मस्जिद को अवैध बताते हुए इसे हटाने का निर्णय लिया। नोटिस में इंतेजामिया कमेटी से अनुरोध किया गया है कि वे 20 जून तक इसे अवश्य हटा लें अन्यथा रेलवे प्रशासन किसी भी दिन ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा। अधिकारियों की मानें तो जिला प्रशासन, पुलिस समेत अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर अगली कार्रवाई की जाएगी। क्या बोले पुलिस आयुक्त वहीं पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल का कहना है कि गंज शहीदां मस्जिद के मुद्दे पर पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के एक्स पर पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर नजर रखी जा रही है। पोस्ट पर क्या प्रतिक्रिया आ रही है, यह देखा जा रहा है। देशद्रोही तत्व या माहौल बिगाड़ने वाले इसका गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसे व्यक्ति को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय युवाओं और एमएसएमई को जोड़ने के लिए ‘ब्लू डॉट्सएआई’ की शुरुआत, मुजफ्फरनगर में खुला पहला जेएफसी

मुजफ्फरनगर/लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने स्थानीय रोजगार, कौशल विकास और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रदेश के सभी 18 मंडलों में 'ब्लू डॉट्सएआई' (Blue DotsAI) पहल का शुभारंभ मुजफ्फरनगर से किया। व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कपिल देव अग्रवाल ने शनिवार को मुजफ्फरनगर में प्रदेश के पहले संयुक्त सुविधा केंद्र (ज्वाइंट फैसिलिटेशन सेंटर- जेएफसी) का उद्घाटन किया। गाजियाबाद में सफल पायलट परियोजना के बाद अब इस डिजिटल पहल का विस्तार पूरे उत्तर प्रदेश में किया गया है। इस अवसर पर मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य स्थानीय युवाओं, महिलाओं और कुशल श्रमिकों को उनके आसपास उपलब्ध रोजगार के अवसरों से सीधे जोड़ना है। उन्होंने कहा कि अब युवा अपनी स्थानीय भाषा में वॉयस कॉल के माध्यम से भी इस प्लेटफॉर्म से जुड़ सकेंगे और अपने क्षेत्र में उपलब्ध नौकरियों की जानकारी मोबाइल मैप पर आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही स्थानीय एमएसएमई और उद्योगों को भी अपने आसपास के योग्य एवं प्रशिक्षित अभ्यर्थियों तक त्वरित पहुंच मिलेगी। उन्होंने कहा कि जब स्थानीय हुनर और स्थानीय उद्योग एक-दूसरे से जुड़ेंगे, तब आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश का लक्ष्य और अधिक मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि तकनीक केवल माध्यम है, वास्तविक सफलता विभागीय टीमों, उद्योगों और सहयोगी संस्थाओं के समन्वित प्रयासों से ही संभव होगी। इस अभिनव पहल को सफल बनाने में गाजियाबाद की जिला टीम, विभागीय अधिकारियों तथा सहयोगी संस्थाओं के योगदान की भी उन्होंने सराहना की। व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमिता विभाग के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा संचालित इस पहल में ईवाई, एकस्टेप फाउंडेशन (EkStep Foundation) तथा हेड हेल्ड हाई फाउंडेशन तकनीकी एवं संस्थागत सहयोग प्रदान कर रहे हैं। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवाओं, महिलाओं, प्रशिक्षण संस्थानों, उद्योगों तथा नियोक्ताओं को एक साझा डिजिटल मंच पर जोड़ा जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी। मंत्री अग्रवाल ने बताया कि गाजियाबाद में संचालित पायलट परियोजना ने बेहद उत्साहजनक परिणाम दिए। कुछ ही महीनों में 16 हजार से अधिक स्थानीय रोजगार अवसरों और 15 हजार से अधिक इच्छुक अभ्यर्थियों का सफल पंजीकरण किया गया। यह उपलब्धि उद्योगों के सीमित दायरे को जोड़ने के बावजूद प्राप्त हुई, जिससे स्पष्ट है कि पूरे प्रदेश में इस पहल के माध्यम से रोजगार सृजन की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बड़ी चुनौती यह है कि एक ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर और योग्य अभ्यर्थी उपलब्ध होने के बावजूद जानकारी के अभाव में दोनों एक-दूसरे तक नहीं पहुंच पाते। परिणामस्वरूप उद्योगों को आवश्यक मानव संसाधन नहीं मिलता और युवाओं को रोजगार के लिए दूर-दराज भटकना पड़ता है।  'ब्लू डॉट्सएआई'* इसी को समाप्त करने का प्रभावी माध्यम बनेगा। स्थानीय भाषा आधारित वॉयस सुविधा और लोकेशन आधारित मैपिंग के जरिए यह प्लेटफॉर्म युवाओं एवं उद्योगों के बीच सीधा संपर्क स्थापित करेगा। मुजफ्फरनगर में स्थापित पहला संयुक्त सुविधा केंद्र क्षेत्रीय समन्वय, निगरानी और सेवा वितरण का प्रमुख केंद्र होगा। आगामी चरणों में प्रदेश के सभी 18 मंडलों में ऐसे केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहां जिला उद्योग केंद्र, श्रम विभाग, रोजगार कार्यालय, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, उच्च शिक्षण संस्थान, उद्योग संघ, एमएसएमई, स्टार्टअप्स तथा अन्य स्थानीय साझेदार संस्थाएं एकीकृत रूप से कार्य करेंगी।

‘रोग और बुढ़ापे से बचना है तो योग अपनाइए’ योग दिवस पर सीएम योगी का संदेश

लखनऊ 12 वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर पूरा उत्तर प्रदेश योगमय हो गया है। प्रदेश के सभी जिलों में जगह-जगह योग के कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। सुबह-सुबह लोग घरों से निकले और पार्कों, खेल मैदानों, शिक्षण संस्थाओं और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर योग करते नज़र आए। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राजभवन में और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने झांसी में योग किया। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर रविवार को प्रदेश भर में मंत्रियों, नेताओं के अलावा बड़ी संख्या में आमजन ने भी योगाभ्यास किया। रानी लक्ष्मीबाई के शहर झांसी केू लिए यह दिन बेहद खास रहा। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर ‘स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग’ थीम के तहत किले की प्राचीर पर सजे योग कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने योगासन किया। उन्होंने करीब 45 मिनट तक अनुलोम-विलोम, सूर्य नमस्कार सहित अन्य योग क्रियाएं कर झांसीवासियों को नियमित योग के माध्यम से निरोग रहने का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि जिसका शरीर योग से तपकर सशक्त हुआ है, वहां न रोग है और न ही बुढ़ापा। यदि रोग, बीमारी और बुढ़ापे से बचना है तो योग को अपनी कार्यशैली का हिस्सा बनाना होगा। मुख्यमंत्री के साथ योग कर बुंदेलखंड के लोग भी स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे थे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुबह 5:45 बजे सर्किट हाउस से रवाना हुए और 5:55 बजे किले की तलहटी स्थित परिसर में पहुंचे। सुबह 6 बजे योगाभ्यास शुरू हुआ। उनके साथ लखनऊ से आए प्रशिक्षक अभिषेक मिश्रा, सुधीर प्रजापति, अनुसया नरवरे सहित अन्य प्रशिक्षक मौजूद रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री को योगाभ्यास कराया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की ऐतिहासिक नगरी झांसी की धरती पर इस कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला। योगाभ्यास से पहले उन्होंने कहा कि भगवान शिव से शुरू हुई इस परंपरा को विभिन्न कालखंडों में योगियों ने पूरी दुिया तक पहुंचाया। हालांकि एक समय ऐसा भी आया जब लोग इसे लगभग विस्मृत कर चुके थे। उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आभारी हैं, जिन्होंने भारत की इस महान विरासत और परंपरा को विश्व पटल पर स्थापित किया। इससे 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान बढ़ा है। प्रधानमंत्री के प्रयासों के कारण आज देशवासी अपनी विरासत पर गर्व की अनुभूति कर रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि यदि रोग, बीमारी और बुढ़ापे से बचना है तो योग को नियमित रूप से अपनी जीवनशैली और कार्यशैली का हिस्सा बनाना होगा।

विकसित भारत संकल्प सम्मेलन में बोले सीएम- ‘राष्ट्र प्रथम’ भाजपा की पहचान

झांसी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बुंदेलखंड अब पिछड़ेपन का प्रतीक नहीं, बल्कि विकास का नया मॉडल बन रहा है। डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर, एक्सप्रेसवे, मेडिकल कॉलेज, फार्मा पार्क और रोजगार के नए अवसरों ने क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है। अब बुंदेलखंड का युवा पलायन नहीं कर रहा, बल्कि सरकारी नौकरियों और उद्योगों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रहा है। सरकार का लक्ष्य हर नौजवान को रोजगार, हर किसान के खेत तक पानी और हर गांव को आत्मनिर्भर बनाना है। विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा जब उत्तर प्रदेश का हर जिला, हर गांव और हर नगर आत्मनिर्भर और विकसित बनेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में आयोजित 'विकसित भारत संकल्प सम्मेलन' को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय व श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्रों पर पुष्पांजलि भी अर्पित की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कांग्रेस व समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश को ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ का मंत्र दिया, जिसके कारण भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 140 करोड़ भारतवासियों का सामूहिक प्रयास ही विकसित भारत की नींव है। जब पूरा देश एक लक्ष्य के साथ आगे बढ़ता है तो गुलामी के प्रतीकों को हटाने और भगवान राम के भव्य मंदिर निर्माण जैसे ऐतिहासिक कार्यों में देर नहीं लगती। राम मंदिर केवल प्रभु रामलला का मंदिर नहीं, बल्कि नए भारत के राष्ट्र मंदिर के निर्माण की शुरुआत है। कांग्रेस-यूपीए ने खराब की देश की व्यवस्था सीएम ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के समय देश की स्थिति बदहाल हो चुकी थी। भ्रष्टाचार चरम पर था, अर्थव्यवस्था लड़खड़ा रही थी और दुनिया में भारत का सम्मान कम हो गया था। प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में भारत ने नई ऊंचाइयों को छुआ है। आज भारत दुनिया की पांच बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बन चुका है। इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेसवे, रेलवे, एयर कनेक्टिविटी और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव हुए हैं। बुंदेलखंड में डिफेंस कॉरिडोर, मेडिकल कॉलेज और बड़े निवेश इसकी मिसाल हैं। सपा सरकार के रहते उत्तर प्रदेश में आतंक व असुरक्षा का वातावरण बनाने वाले माफिया की कमर टूट चुकी है या मिट्टी में मिल गया है। जाति-धर्म के नाम पर समाज को बांट रहा विपक्ष मुख्यमंत्री ने सपा व कांग्रेस पर समाज को बांटने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब इन दलों के पास सत्ता थी तब ये केवल अपने परिवार के लिए काम करते थे। जनता ने जब इन्हें सत्ता से बाहर कर दिया तो अब ये जाति-धर्म के नाम पर समाज को बांटने में जुटे हैं। विदेशी आक्रांताओं ने भी भारत को इसी तरह विभाजित कर कमजोर किया था। इसलिए सामाजिक एकता व राष्ट्रवाद ही भारत की सबसे बड़ी ताकत है। भाजपा कार्यकर्ता समाज को जोड़ने और राष्ट्र निर्माण के लिए काम करता है, जबकि विपक्ष विभाजनकारी राजनीति में लगा हुआ है। कांग्रेस के लिए गांधी परिवार, सपा के लिए सैफई परिवार ही महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस से पूछिए कि उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण क्या है, तो वह गांधी परिवार का नाम लेगी। समाजवादी पार्टी से पूछिए तो वह सैफई परिवार को सबसे ऊपर बताएगी। भाजपा कार्यकर्ता सबसे पहले राष्ट्र को महत्व देता है। भाजपा की राजनीति ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना पर आधारित है और यही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। भाजपा कार्यकर्ता देश की सुरक्षा, समृद्धि और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए समर्पित भाव से काम करता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से विकसित भारत के संकल्प को गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान किया। कोविड काल में पीएम मोदी ने दिया ‘विकसित भारत’ का विजन सीएम योगी ने कहा कि 2022 में जब पूरी दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही थी और कई देश हिम्मत हार चुके थे, उस समय प्रधानमंत्री मोदी जी देशवासियों को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प से जोड़ रहे थे। मोदी जी ने विकसित भारत के लिए पंच प्रण का मंत्र दिया। इसमें गुलामी की मानसिकता से मुक्ति, विरासत का सम्मान, सेना व सुरक्षा बलों के प्रति सम्मान, सामाजिक एकता और नागरिक कर्तव्य को सबसे महत्वपूर्ण बताया गया है। कोई भी देश तब तक आत्मनिर्भर नहीं बन सकता, जब तक वह गुलामी की मानसिकता से बाहर नहीं निकलता। भारत के पास ज्ञान, संस्कृति, परंपरा व आर्थिक समृद्धि सब कुछ था, लेकिन पहले मुगलों और बाद में अंग्रेजों ने भारतीय व्यवस्था को कमजोर कर दिया था। भगवान राम राजा की परंपरा का किया जिक्र मुख्यमंत्री ने ओरछा में भगवान राम राजा की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि मध्यकाल में जब देश गुलामी के दौर से गुजर रहा था, तब संत तुलसीदास जी ने भारतीय संस्कृति और आस्था को मजबूत करने का आह्वान किया था। तुलसीदास जी को कई बार अकबर के दरबार में जाने और नवरत्नों में शामिल होने का प्रस्ताव मिला, लेकिन उन्होंने उसे ठुकरा दिया। उन्होंने रामलीलाओं की शुरुआत करवाई और ‘राजा रामचंद्र की जय’ का उद्घोष कराया। ओरछा में आज भी भगवान राम राजा के रूप में विराजमान हैं। इस अवसर पर विधानपरिषद सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह, सांसद अनुराग शर्मा, महापौर बिहारी लाल आर्य, विधायक रवि शर्मा, राजीव सिंह, जवाहर लाल राजपूत, रश्मि आर्य, एमएलसी रमा निरंजन आदि मौजूद रहे।

उद्धव से ममता तक, क्यों बिखर रहे विपक्षी दल? भाजपा नेताओं ने बताई बड़ी वजह

नई दिल्ली भारतीय राजनीति में पिछले कुछ दिनों से लगातार बगावत का दौर जारी है। विपक्ष में कांग्रेस के बाद नंबर दो आने का दावा करने वाली तीन पार्टियों में एक के बाद एक टूट हुई है। पहले आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद टूटकर भाजपा में शामिल हो गए। उसके बाद पश्चिम बंगाल चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी की पार्टी ताश के पत्तों की तरह बिखरती हुई नजर आई। अब 2022 की टूट के बाद बाकी बची उद्धव ठाकरे की पार्टी में एक बार फिर से बागवत हुई है। पार्टी के 9 में से 6 सांसद शिंदे की तरफ जाने की कतार में हैं। विपक्षी पार्टियों ने इस बगावत का आरोप भारतीय जनता पार्टी के ऊपर लगाया है, तो भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसके लिए नेताओं के असंतोष को वजह बताया। हिन्दुस्तान से बात करते हुए भाजपा के वरिष्ठ सांसद ने इन पार्टियों में हुई टूट की वजह का भी जिक्र किया। नाम न देने की शर्त पर सांसद ने कहा कि इन पार्टियों के भीतर नेतृत्व की कमी साफ तौर पर नजर आ रही है। इसलिए सांसद और नेता भी साथ छोड़ते हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा, "विधायक या सांसद दल बदलने का फैसला कुछ कारणों से करते हैं। पहला यह कि उन्हें उस पार्टी में अपना राजनीतिक भविष्य नजर ना आ रहा हो। दूसरा, नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच में संबंध सही नहीं हों। तीसरा होता है कोई अन्य लाभ, जिसमें पैसे और अन्य चीजें शामिल होती हैं।" भाजपा नेता ने कहा कि उद्धव ठाकरे और ममता बनर्जी की पार्टी के नेता नेतृत्व को लेकर असंतुष्ट थे। इसलिए वह उनसे अलग हुए हैं। उन्होंने कहा, "शिवसेना में एक समय था कि बालासाहब ठाकरे यह सुनिश्चित करते थे कि पार्टी में नेताओं और कार्यकर्ताओं की पर्याप्त देखभाल हो। लेकिन अब उद्धव गुट में ऐसी कोई बात नहीं है। वहां नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच में अब कोई जुड़ाव नहीं रह गया। अभी भी जो लोग वफादारी की वजह से उद्धव के साथ जुड़े हुए हैं। उनमें कई लोगों को यह लगता है कि पार्टी ने कांग्रेस के साथ समझौता करके हिंदुत्व की रक्षा वाली अपनी छवि को गहरा धक्का पहुंचाया है।" बंगाल में नेताओं ने ममता बनर्जी की पार्टी नहीं छोड़ी, यह तख्तापलट: भाजपा नेता भाजपा के एक दूसरे नेता ने पश्चिम बंगाल की स्थिति पर बात करते हुए कहा कि यहां पर विधायकों ने ममता बनर्जी की पार्टी छोड़ा नहीं है बल्कि तख्ता पलट किया है। उन्होंने कहा, "यह सिर्फ एक या दो नेताओं का नाराज होकर पार्टी छोड़ना नहीं है। लगभग सभी विधायकों ने मिलकर तख्ता पलट जैसी स्थिति बनाकर रितब्रत बनर्जी को विधानसभा नेता प्रतिपक्ष बना दिया है। दूसरी तरफ 20 सांसद एनसीपीआई में शामिल हो गए हैं। इतने बड़े परिवर्तन के पीछे केवल एक ही वजह है कि इन लोगों को पार्टी नेतृत्व पर भरोसा नहीं रहा। ममता बनर्जी तृणमूल कांग्रेस को एक जागीर की तरह चला रही थीं। इसमें चुनकर आए नेताओं की कोई आवाज नहीं थी। इसलिए जैसे ही सत्ता गई, लोग भी साथ छोड़ते गए।" विपक्षी पार्टियों की टूट से सत्ता पक्ष को फायदा बता दें, भारतीय जनता पार्टी की तरफ से भले ही इन पार्टियों को तोड़ने की बात से इनकार किया जा रहा हो। लेकिन विपक्ष इसके लिए केंद्रीय सत्ताधारी पार्टी को ही जिम्मेदार ठहरा रहा है। ममता बनर्जी और उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया है कि सरकार संसद में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए उनके सांसदों को तोड़ रही है, ताकि दो-तिहाई बहुमत हासिल करके महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक जैसे मुद्दों को निपटाया जा सके। आंकड़ों की बात करें, तो विपक्षी पार्टियों में होने वाली इस टूट का फायदा भारतीय जनता पार्टी और केंद्र के सत्ताधारी गठबंधन एनडीए को मिलना तय है। क्योंकि अभी तक जिस भी पार्टी के नेता बगावत पर उतरे हैं उन्होंने केंद्र सरकार को समर्थन देने की बात कही है। इस समय पर एनडीए के पास लोकसभा के 293 सांसद हैं। अब इन बाकी सांसदों का साथ मलने के बाद यह संख्या 319 तक पहुंच जाएगी। इससे भाजपा कई मुद्दों को एक साथ निपटाने में भी कामयाब होगी।

महिला टी20 वर्ल्ड कप में भारत की असली परीक्षा आज, दक्षिण अफ्रीका से भिड़ेगी हरमन ब्रिगेड

नई दिल्ली भारतीय महिला क्रिकेट टीम के गेंदबाजी कोच अविष्कार साल्वी ने दावा किया है हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली टीम अब पूरी तरह बदल चुकी है। कोच साल्वी का मानना है कि यह टीम हर देश और हर टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए भूखी है। टीम इंडिया ने इंग्लैंड एंड वेल्स में जारी आईसीसी महिला टी20 विश्व कप में अपने दोनों मैच जीते हैं, जिसमें उसने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 64 रनों से और नीदरलैंड को 95 रनों से हराया है। हालांकि, भारतीय टीम की असली परीक्षा आज यानी रविवार 21 जून से शुरू होगी, क्योंकि आज भारतीय टीम का सामना दक्षिण अफ्रीका से होना है और फिर 28 जून को हरमन की टीम को ऑस्ट्रेलिया से भिड़ना होगा। इसके बीच एक साधारण मुकाबला भी है, जो 25 जून को बांग्लादेश के खिलाफ है। साल्वी ने कहा कि हरमनप्रीत की कप्तानी वाली टीम अब अधिक आत्मविश्वास से भरी है, विशेषकर पिछले साल घरेलू मैदान पर एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय विश्व कप जीतने के बाद। साल्वी ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच से पहले कहा, ''पिछले ढाई साल से इस सिस्टम का हिस्सा रहने के दौरान मैंने देखा है कि यह टीम जहां भी जाती है और जो भी टूर्नामेंट खेलती है वहां अच्छा प्रदर्शन करने के लिए बहुत भूखी रहती है। वे ना केवल अच्छा प्रदर्शन करने के लिए, बल्कि कड़ी मेहनत करने और अपने खेल को अलग स्तर पर ले जाने के लिए भी बहुत भूखे हैं। अतीत में जो कुछ भी हुआ है, हम उस पर अधिक ध्यान नहीं देते।'' उन्होंने आगे कहा, ''सभी लड़कियां हर दिन कुछ नया सीखना चाहती हैं और अपने खेल को अगले स्तर पर ले जाना चाहती हैं।'' साल्वी टूर्नामेंट में भारत की शुरुआत से काफी खुश हैं। उन्होंने कहा, ''मुझे लगता है कि शुरुआत के लिए यह एक अच्छी लय है। जिस तरह से तैयारियां हुईं और हमने दो जीत हासिल कीं, उसके साथ ही मैच का अनुभव मिलना भी बहुत जरूरी था।'' साल्वी ने कहा, ''पाकिस्तान के खिलाफ मैच अहम था। नीदरलैंड के खिलाफ मैच भी उतना ही अहम था क्योंकि जब आप विश्व चरण का टूर्नामेंट खेल रहे होते हैं तो अंक और नेट रन रेट के लिहाज से लीग चरण के सभी मैच बराबर अहम हो जाते हैं। उन जीतों को हासिल करना अच्छा रहा।'' भारत को स्पिनर श्रेयंका पाटिल की कमी खलेगी जो टखने की चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गई हैं लेकिन साल्वी का मानना ​​है कि भारत के गेंदबाजी क्रम में श्रेयंका की कमी को पूरा करने के लिए काफी दमखम है। उन्होंने टीम में श्रेयंका की जगह लेने वाली लेग स्पिनर प्रेमा रावत पर भी भरोसा जताया। साल्वी ने कहा, ''श्रेयंका का चोटिल होना दुर्भाग्यपूर्ण है और वह टूर्नामेंट से बाहर हो गईं। हां, हमें श्रेयंका की कमी खलेगी लेकिन प्रेमा भी उतनी ही शानदार प्रतिभा हैं। उन्होंने अतीत में मिले मौकों पर अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्हें पता है कि कैसे खेलना है।'' साल्वी ने कप्तान हरमनप्रीत कौर की जमकर तारीफ की और उन्हें एक आदर्श बताया। 'हरमन टॉप प्लेयर हैं' उन्होंने कहा, ''हरमन एक शीर्ष स्तर की खिलाड़ी है। वह दुनिया भर की महिला क्रिकेटरों के लिए एक आदर्श हैं। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने हर प्रारूप में अच्छा प्रदर्शन किया है, वह काबिलेतारीफ है। कल वह अपना 200वां मैच खेलेंगी जो एक बड़ी बात है और हम सभी उन्हें खेलते हुए देखने के लिए उत्साहित हैं।'' साल्वी ने कल के मैच के लिए एकादश को लेकर खुलासा करने से इनकार कर दिया और कहा कि वे कई चीजों को ध्यान में रखकर फैसला लेंगे। गेंदबाजी कोच ने बाएं हाथ की स्पिनर राधा यादव का भी समर्थन किया और कहा कि जब भी उन्हें मौका मिलेगा वह अच्छा प्रदर्शन करेंगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल से जारी की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त

लखनऊ  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल से पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त जारी की। इससे उत्तर प्रदेश के 2.17 करोड़ से अधिक किसान लाभान्वित हुए, उनके खाते में 4352.40 करोड़ रुपये की ‘सम्मान निधि’ आई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ झांसी स्थित आयुक्त सभागार में इस कार्यक्रम से जुड़े। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।  झांसी में वर्चुअल जुड़े मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल से पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त भेजी। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ झांसी से ऑनलाइन जुड़े। यहां सांसद अनुराग शर्मा, राज्यमंत्री मनोहर लाल ‘मन्नू कोरी’, विधायक जवाहर लाल राजपूत, उप्र गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता समेत स्थानीय जनप्रतिनिधि भी जुड़े रहे।  अन्नदाता की समृद्धि और खुशहाली डबल इंजन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताः मुख्यमंत्री   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर पोस्ट कर उत्तर प्रदेश के सभी किसान साथियों की ओर से इस ऐतिहासिक सौगात के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने लिखा कि अन्नदाता किसानों की समृद्धि और खुशहाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी संकल्प की सिद्धि हेतु आज प्रधानमंत्री जी द्वारा पश्चिम बंगाल से 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि' की 23वीं किस्त के रूप में ₹18,880 करोड़ से अधिक की धनराशि देश के 9.44 करोड़ से अधिक किसानों को हस्तांतरित की गई है। इनमें उत्तर प्रदेश के 2.17 करोड़ से अधिक किसान भी लाभान्वित हुए हैं, जिनके खातों में ₹4,352.40 करोड़ की राशि सीधे पहुंची है। यह राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि अन्नदाता के परिश्रम, सम्मान और समृद्धि के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतीक है।  दो-दो हजार रुपये आए बैंक खाते में  प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि डीबीटी के माध्यम से दो-दो हजार रुपये सीधे लाभार्थी के खाते में हस्तांतरित हुए। इसमें पात्र किसान परिवार के एक सदस्य को प्रतिवर्ष छह हजार रुपये की आर्थिक सहायता वर्ष में दो-दो हजार रुपये प्रति किस्त के रूप में तीन बार में प्रदान किए जाने की व्यवस्था है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 फरवरी 2019 को गोरखपुर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत की थी।  बॉक्स  उत्तर प्रदेश के किसानों के खाते में अब तक आ चुके 103,391.24 करोड़ रुपये  शनिवार को 4352.40 करोड़ जारी होने के बाद उत्तर प्रदेश के किसानों के खाते में अब तक 103,391.24 करोड़ रुपये की सम्मान निधि आ चुकी है।  वर्ष      धनराशि  2018-19     2238.92 करोड़  2019-20      11006.87 करोड़  2020-21      14,432.14 करोड़  2021-22      15,775.52 करोड़  2022-23      12,454.32 करोड़  2023-24     13,808.48 करोड़  2024-25      15,594.74 करोड़  2025-26   13,727.85 करोड़ 2026-27  (अप्रैल-जुलाई) 4352.40 करोड़  कुल-  1,03,391.24 करोड़ रुपये

यशस्वी का तूफानी शतक, प्रसिद्ध कृष्णा के पंजे ने चमकाया भारत का विजय अभियान

 चेन्नई भारत और अफगानिस्तान के बीच वनडे सीरीज का आखिरी मुकाबला शनिवार (20 जून) को खेला गया. चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) में आयोजित मुकाबले में भारतीय टीम ने अफगानिस्तान को 9 विकेट से हराया. भारत को जीत के लिए 219 रनों का टारगेट मिला था, जिसे उसने 28.4 ओवरों में ही हासिल कर लिया. इस जीत के साथ ही भारत ने तीन मैचों की वनडे सीरीज में अफगानिस्तान का सूपड़ा साफ कर दिया. चेपॉक वनडे में भारत की जीत में यशस्वी जायसवाल, रोहित शर्मा और प्रसिद्ध कृष्णा की अहम भूमिका रही. प्रसिद्ध कृष्णा ने 5 विकेट झटके. वहीं यशस्वी जायसवाल (नाबाद 110 रन) ने अपने ओडीआई करियर का दूसरा शतक लगाया. रोहित शर्मा (79 रन) के बल्ले से भी अर्धशतक निकला. शुभमन गिल की अगुवाई वाली भारतीय टीम पहले ही इस सीरीज को अपने नाम कर चुकी थी. धर्मशाला ओडीआई में भारत ने अफगानिस्तान को सात विकेट से हराया था. फिर लखनऊ में खेले गए मुकाबले में उसने मेहमान टीम को 170 रनों से रौंद दिया था. अब भारतीय टीम ने चेपॉक में भी अपना दबदबा दिखाया. रोहित शर्मा ने 9 चौके और तीन छक्के की मदद से 69 बॉल पर 79 रन बनाए. रोहित को मोहम्मद नबी ने सब्स्टीट्यूट प्लेयर सेदिकुल्लाह अटल के हाथों कैच आउट कराया. यहां से यशस्वी जायसवाल और श्रेयस अय्यर ने अफगानी टीम को कोई मौका नहीं दिया. यशस्वी ने 14 चौके और तीन छक्के की मदद से 86 बॉल पर नाबाद 110 रन बनाए. जबकि श्रेयस अय्यर 20 रनों पर नाबाद लौटे अफगानिस्तान की पारी की हाइलाइट्स अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करते हुए 44.2 ओवरों में 218 रन बनाए. अफगानी टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही. उसने विकेटकीपर बल्लेबाज रहमानुल्लाह गुरबाज (5 रन) का विकेट दूसरे ही ओवर में गंवा दिया, जो प्रसिद्ध कृष्णा का शिकार बने. प्रसिद्ध ने इसके बाद अनुभवी बल्लेबाज रहमत शाह (5 रन), ओपनर इब्राहिम जादरान (11 रन) और दरविश रसूली (11 रन) को भी पवेलियन लौटा दिया. दरविश के आउट होने के समय अफगानिस्तान का स्कोर 36/4 था. यहां से कप्तान हशमुत्लाह शाहिदी और अजमतुल्लाह उमरजई ने पांचवें विकेट के लिए 105 रनों की साझेदारी कर टीम को संभाला. अजमतुल्लाह उमरजई ने 56 बॉल पर 50 रन बनाए, जिसमें 5 चौके और 2 छक्के शामिल रहे. प्रिंस यादव ने अजमतुल्लाह उमरजई को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा. भारतीय टीम को छठी सफलता गुरनूर बरार ने दिलाई, जिन्होंने सेट हो चुके मोहम्मद नबी (21 रन) को बोल्ड किया. फिर राशिद खान (5 रन) को स्पिनर हर्ष दुबे ने पवेलियन रवाना किया. अल्लाह गजनफर (5 रन) और फरीद अहमद मलिक (1 रन) रन आउट हुए. अफगानिस्तान का आखिरी विकेट हशमतुल्लाह शाहिदी के रूप में गिरा, जिन्होंने अपने ओडीआई करियर का पहला शतक जड़ा. शाहिदी ने 13 चौके और एक छक्के की मदद से 131 बॉल पर 102 रन बनाए. भारत की ओर से प्रसिद्ध कृष्णा ने 23 रन देकर 5 विकेट झटके. जबकि हर्ष दुबे, गुरनूर बरार और प्रिंस यादव को एक-एक सफलता मिली. इस मुकाबले के लिए भारतीय टीम ने तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह और विकेटकीपर बैटर केएल राहुल को आराम दिया. वहीं चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव भी प्लेइंग-11 का हिस्सा नहीं बने. नीतीश कुमार रेड्डी, प्रसिद्ध कृष्णा और हर्ष दुबे ने प्लेइंग-11 में वापसी की. दूसरी ओर अफगानी टीम ने अपनी प्लेइंग-11 में चार बदलाव किए. वनडे क्रिकेट में भारत और अफगानिस्तान के बीच अब तक 7 मुकाबले खेले हैं. इस दौरान भारतीय टीम ने छह मैचों में जीत हासिल की. जबकि एक मुकाबला टाई पर छूटा. यानी आंकड़े साबित करते हैं कि भारतीय टीम अफगानिस्तान पर पूरी तरह हावी रही है. अफगानी टीम को भारत के खिलाफ अब भी पहली जीत का इंतजार है. मुकाबले में भारत की प्लेइंग-11: यशस्वी जायसवाल, रोहित शर्मा, शुभमन गिल (कप्तान), ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, हर्ष दुबे, गुरनूर बरार, प्रिंस यादव और प्रसिद्ध कृष्णा. मुकाबले में अफगानिस्तान की प्लेइंग-11: रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), इब्राहिम जादरान, रहमत शाह, हशमतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), दरविश रसूली, मोहम्मद नबी, अजमतुल्लाह उमरजई, राशिद खान, एएम गजनफर, जिया उर रहमान शरीफी और फरीद अहमद मलिक

हीट वेव का अलर्ट बरकरार: 20-21 जून को बिहार के कई जिलों में तेज लू चलने की चेतावनी

पटना बिहार में मौसम का दोहरा मिजाज देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां राज्य के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी है, वहीं दूसरी तरफ मानसून को लेकर राहत भरी खबर आई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो चुकी हैं और 23 जून के आसपास मानसून बिहार के कुछ और हिस्सों में दस्तक दे देगा। 23 जून तक मानसून पकड़ेगा रफ्तार मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल बिहार के जमुई और मुजफ्फरपुर से होकर गुजर रही है। अनुमान है कि 23 जून तक मानसून राज्य के अन्य हिस्सों में अपनी पहुंच का विस्तार कर लेगा, जिससे तपती गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार के मधुबनी जिले के राजनगर में 8 सेमी की महत्वपूर्ण बारिश भी दर्ज की गई है। अगले दो दिन 'हीट वेव' की चेतावनी राहत की खबरों के बीच मौसम विभाग ने सचेत किया है कि बिहार के कुछ इलाकों में 20 और 21 जून को लू (Heat Wave) की स्थिति बनी रहेगी। पिछले 24 घंटों में राज्य के छिटपुट इलाकों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 3 से 6 डिग्री सेल्सियस तक अधिक है। इसके साथ ही रात के तापमान (न्यूनतम तापमान) में भी सामान्य से अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे रातें भी गर्म महसूस हो रही हैं। आंधी बारिश की चेतावनी 20 से 22 जून और फिर 25 से 26 जून के दौरान राज्य में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं (झोंके) चलने की संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 50 किमी प्रति घंटे तक रह सकती है।