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PAK की ‘राफेल कहानी’ फिर हुई फेल, एयरफोर्स टेंडर से सामने आई 36 विमानों की सच्चाई

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना के राफेल लड़ाकू विमानों को मार गिराने के पाकिस्तान के दावों की पोल एक बार फिर खुल गई है. भारतीय वायुसेना के मुख्यालय से जारी एक आधिकारिक दस्तावेज ने साफ कर दिया है कि भारत के पास फ्रांस से खरीदे गए सभी 36 राफेल विमान पूरी तरह ऑपरेशनल हैं. इस तरह भारत के राफेल पर गलतबयानी करने वाले पाकिस्तान को करारा तमाचा लगा है. पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कई राफेल विमानों को गिराने का झूठ फैलाया था।  15 जून 2026 को एयर मुख्यालय के डायरेक्टरेट ऑफ इंजीनियरिंग (राफेल) ने फ्रांस की कंपनी सैफ्रान एयरक्राफ्ट इंजिन्स को एक "ब्रिज सपोर्ट" प्रस्ताव (RFP) भेजा है. ये एक तरह का सपोर्ट टेंडर है. इस दस्तावेज़ में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि भारतीय वायुसेना 2016 के भारत-फ्रांस सरकारी समझौते के तहत खरीदे गए सभी 36 राफेल विमानों का संचालन कर रही है और सितंबर 2026 के बाद भी इनके रखरखाव और तकनीकी सहायता की आवश्यकता होगी. इसी काम के लिए भारतीय वायु सेना ने टेंडर जारी किया है।  36 राफेल के मेंटेनेंस के लिए एयरफोर्स ने जारी किया टेंडर दस्तावेज के अनुसार अगले पांच महीनों के लिए 36 राफेल विमानों के संचालन को ध्यान में रखते हुए पैकेज तैयार किया गया है।  यह घटनाक्रम 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पाकिस्तान सेना और पाकिस्तान-समर्थक सोशल मीडिया अकाउंट्स के उन बार-बार किए गए दावों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है, जिनमें आरोप लगाया गया था कि भारत के कई राफेल विमान मार गिराए गए थे।  पाकिस्तान के अलग-अलग मीडिया प्लेटफ़ॉर्म और कमेंटेटर्स ने अलग-अलग आंकड़े पेश किए थे, जिनमें यह दावा भी शामिल था कि तीन राफेल विमान नष्ट हो गए हैं. हालांकि, IAF के हालिया दस्तावेज में बेड़े की संख्या में किसी भी कमी का जिक्र नहीं है; इसके बजाय, इसमें सभी 36 विमानों के लिए उड़ान की ज़रूरतों का हिसाब लगाया गया है।  टेंडर दस्तावेजों के अनुसार इस सपोर्ट पैकेज का मकसद 36 राफेल विमानों को चालू हालत में बनाए रखना है. इसके तहत हर विमान के लिए औसतन सालाना 150 घंटे की उड़ान तय की गई है, जिसका मतलब है कि पांच महीने की 'ब्रिज पीरियड' (अंतरिम अवधि) के दौरान कुल 2,250 घंटे की उड़ान का अनुमान है।  दस्तावेज में बताया गया है कि राफेल के मूल अनुबंध में 36 विमान, उनसे जुड़े उपकरण, इस्तेमाल होने वाली सामग्री, स्पेयर पार्ट्स और पांच साल तक विमानों के बेड़े के संचालन के लिए रखरखाव सहायता शामिल थी. प्रस्तावित 'ब्रिज सपोर्ट' का मकसद 18 सितंबर, 2026 के बाद भी विमानों के संचालन को बिना किसी रुकावट के जारी रखना है।  PAK की 'मनोहर कहानियां' फिर ध्वस्त रक्षा सूत्रों का कहना है कि मेंटेनेंस और सपोर्ट कॉन्ट्रैक्ट आम तौर पर ऑपरेटर के पास मौजूद असल इन्वेंट्री पर आधारित होते हैं. 36 विमानों के पूरे बेड़े का बार-बार ज़िक्र होने से राफेल के नुकसान के बारे में पाकिस्तान के दावों पर और सवाल उठते हैं. पाकिस्तान ने यह झूठा दावा भी किया था कि उसने भारत की एक महिला पायलट को पकड़ लिया है. IAF चीफ एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने पहले ही पाकिस्तान के इन दावों को "मनोहर कहानियां" करार दिया था।  भारतीय वायु सेना के राफेल बेड़े के लिए ये सपोर्ट टेंडर का प्रस्ताव सैफ्रन एयरक्राफ्ट इंजन को भेजा गया है, जो राफेल के M88 इंजन बनाने वाली मूल कंपनी है. यह तरीका आमतौर पर तब अपनाया जाता है जब केवल मूल उपकरण निर्माता ही खास तकनीकी सहायता, स्पेयर पार्ट्स या सेवाएं दे सकता है।  भारत ने फ्रांस के साथ 2016 के समझौते के तहत अपने 36 राफेल लड़ाकू विमान शामिल किए थे; ये विमान अभी IAF के नंबर 17 स्क्वाड्रन "गोल्डन एरोज़" और नंबर 101 स्क्वाड्रन में तैनात हैं। 

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन देंगे नियुक्ति पत्र, 151 विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती पूरीस्वास्थ्य विभाग में 262 पदों पर नई भर्ती और नियुक्ति प्रक्रिया जारी

 रांची  मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बुधवार 151 विशेषज्ञ चिकित्सक सहित कुल 262 पदों पर अनुशंसित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे। इसे लेकर प्रोजेक्ट भवन सभागार में पूर्वाह्न 11 बजे नियुक्त पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया है। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी एवं अन्य मंत्री भी उपस्थित रहेंगे। जिन पदों के लिए अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिलेगा, उनमें खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी के 56, वरीय अस्पताल प्रबंधक के 29 तथा वित्त प्रबंधक के 26 पद भी सम्मिलित हैं। इनमें खाद्य सुरक्षा पदाधिकारियों की नियुक्ति झारखंड लोक सेवा आयोग के माध्यम से हुई है। राज्य में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारियों के पद लंबे समय से रिक्त था। इस पद पर नियमित नियुक्ति हुई है। अब इन पदों पर नियुक्ति होने से राज्य में खाद्य पदार्थों में मिलावट पर शिकंजा कसेगा। वहीं, विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के तहत अनुबंध पर टेंडर के माध्यम से हुई है। चयनित चिकित्सकों को उनके द्वारा उपलब्ध कराए गए विकल्प के अनुसार पदस्थापन भी कर दिया है। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद अभ्यर्थी वहां योगदान देंगे। इन सभी चिकित्सकों को उनके द्वारा कोट की गई मानदेय राशि मिलेगी, जो अधिकतम तीन लाख रुपये मासिक होगी। इनके अलावा वरीय अस्पताल प्रबंधक तथा वित्त प्रबंधक के पदों पर भी राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के अंतर्गत अनुबंध पर हुई है। इन्हें निर्धारित मानदेय देय होगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के तहत ही अस्पताल प्रबंधक तथा आइटी एग्जीक्यूटिव के पदों पर भी नियुक्ति होनी है, जिसकी प्रक्रिया चल रही है। अस्पताल प्रबंधक के पदों पर नियुक्ति के लिए 25 जून को साक्षात्कार आयोजित किया जाना है। पहले इस पद के लिए 24 जून को ही साक्षात्कार होना था, लेकिन नियुक्त पत्र वितरण समारोह को देखते हुए इसे एक दिन बढ़ा दिया गया है

मध्यप्रदेश भाजपा में बड़ा बदलाव, 106 नेताओं को मिली नई जिम्मेदारी; पूरी सूची जारी

भोपाल   मध्यप्रदेश भाजपा ने मंगलवार को संगठनात्मक नियुक्तियों की घोषणा कर दी है। इस सूची पर सभी की निगाह लगी हुई थी। बीजेपी के नेता एक साल से इस सूची का इंतजार कर रहे थे। मध्यप्रदेश भाजपा के नए कप्तान हेमंत खंडेलवाल के अध्यक्ष बनने के एक साल पूरे होने के पहले यह सूची जारी हो गई। दिल्ली स्तर पर कार्यकारिणी के नाम फाइनल हो पाए हैं। इस सूची में मध्यप्रदेश के बड़े नेताओं के साथ ही वर्तमान विधायक, पूर्व मंत्री और कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए नेता भी शामिल हैं। इसमें प्रदेश कार्यसमिति सदस्यों के नाम फाइनल कर दिए गए हैं। इसमें प्रदेश से 106 नाम शामिल हैं। भाजपा की कार्यसमिति में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव (dr moan yadav), केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chauhan), वीरेंद्र कुमार, ज्योतिरादित्य सिंधिया (jyotiraditya scindia), उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, राजेंद्र शुक्ला भी शामिल हैं। 106 कार्यसमिति सदस्यों के अलावा 41 स्थाई आमंत्रित सदस्य भी बनाए गए हैं। जबकि समस्त संभाग प्रभारी, जिला प्रभारी, प्रदेश मोर्चा अध्यक्ष एवं प्रकोष्ठ प्रदेश संयोजक प्रदेश कार्यसमिति के विशेष आमंत्रित सदस्य होंगे। खास बात यह है कि इसमें भाजपा के कई विधायकों और मंत्रियों के साथ ही भाजपा विधायक संजय पाठक का भी नाम शामिल हैं। इनके अलावा पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा (narottam mishra) को भी कार्यसमति में शामिल किया गया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री डा. वीरेंद्र कुमार खटीक, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, केंद्रीय मंत्री डीडी उइके, मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, सावित्री ठाकुर, कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल, राकेश सिंह, विष्णु दत्त शर्मा, फग्गन सिंह कुलस्ते, नरोत्तम मिश्रा, लाल सिंह आर्य, अरविंद भदौरिया, संपतिया उइके, कुंवर विजय शाह, इंदर सिंहपरमार, उदय प्रताप सिंह, तुलसीराम सिलावट, एदल सिंह कंषाना, निर्मला भूरिया, गोविंद सिंह राजपूत, विश्वास सारंग, नारायण सिंह कुशवाह, चेतन्य कुमार कश्यप, भूपेंद्र सिंह, कृष्णा गौर, संध्या राय, गणेश सिंह, हिमाद्री सिंह, कविता पाटीदार, सुमित्रा वार्मिकी, माया नरोलिया, बृजेंद्र प्रताप सिंह, हरिशंकर खटीक, कमल पटेल, गजेंद्र पटेल, रामेश्वर शर्मा, गिर्राज दंडोतिया, ओपीएस भदौरिया, विपिन गोस्वामी, रक्षा सिरोनिया, अभय चौधरी, इमरती देवी, वीरेंद्र जैन, नरेंद्र बिरथरे शामिल हैं। 106 सदस्यों वाली सूची में महेंद्र सिंह सिसौदिया, हरिसिंह यादव, विनोद पंथी, ललिता यादव, ममता गुप्ता, गौरव तिवारी, मनीषा पाठक, केपी त्रिपाठी, अखंड प्रताप सिंह, मृगेंद्र सिंह, सरदेन्दू तिवारी, रीति पाठक, कुंवर सिंह टेकाम, योगेश पाल गुप्ता, प्रेमवती खैरवार, गिरीश द्विवेदी, मीना सिंह मांडवे, ज्ञानवती, स्वाति गोडबोले, नंदिनी मरावी, संजय पाठक, जसपाल अरोरा, ओमप्रकाश धुर्वे, लता एल्कर, नीता पटैरिया, वैभव पवार, वैशाली महाले, ज्योति डेहरिया, सविता, दीवान, अखिलेश खंडेलवाल, हेमलता कुम्भारे, जितेंद्र कपूर, भगवानदास सबनानी, बिलकिस जहां, सुमित पचौरी, रामपाल सिंह, श्यामसुंदर शर्मा, रघुवनाथ सिंह भाटी, दिलवर यादव, मालिनी गौड़, महावीर सिसौदिया, रमेश मेंदोला, जीतू जिराती, अंजू माखीजा, मुद्रा शास्त्री, उषा ठाकुर, अमरदीप मौर्य, कल सिंह भावर, रंजना बघेल, देवेंद्र वर्मा, अर्चना चिटनिस, भूपेंद्र आर्य, वासु केसवानी, अशोक नायक, चिंतामणि राठौर, गायत्री राजे पंवार, डा. राजेंद्र पांडेय, ओमप्रकाश सखलेचा शामिल हैं। कार्यसमिति में स्थाई आमंत्रित सदस्य इनके अलावा भाजपा की कार्यसमिति में 41 स्थाई आमंत्रित सदस्य भी शामिल हैं। इनमें ज्यादातर पूर्व मंत्री हैं। कांग्रेस से भाजपा में आए सुरेश पचौरी और दीपक सक्सेना भी इस सूची में शामिल हैं। मध्यप्रदेश के सत्यनारायण जटिया, सुमित्रा महाजन, विक्रम वर्मा, कृष्ण मुरारी मोघे, कप्तान सिंह सोलंकी, माखन सिंह, सुरेश पचौरी, सीताशरण शर्मा, गिरीश गौतम, गोपाल भार्गव, जयंत मलैया, अनुसुईया उइके, दीपक सक्सेना, कैलाश सोनी विवेक नारायण शेजवार, रघुनंदन शर्मा, उमाशंकर गुप्ता, कुसुम मेहदेले, अजय विश्नोई, हिम्मत कोठारी, अनूप मिश्रा, गौरीशंकर बिसेन, गौरीशंकर शैजवार, ढाल सिंह बिसेन, कैलाश चावला, भागीरथ प्रसाद, जितेंद्र जामदार, बाबू सिंह रघुवंशी, वेदप्रकाश शर्मा, तपन भौमिक, माया सिंह, यशोधरा राजे सिंधिया, नानाभाऊ माहोड़, सुधा जैन, कृष्णकांता तोमर, अलका जैन, जगदीश अग्रवाल, बिसाहूलाल सिंह, नागेंद्र सिंह (नागौद), मधु वर्मा, ज्ञान सिंह शामिल हैं।

पूर्व मध्य रेल की नई साप्ताहिक ट्रेन, पुणे रूट पर यात्रियों को बड़ी राहत

 पटना बिहार से महाराष्ट्र के पुणे जाने वाले रेल यात्रियों के लिए पूर्व मध्य रेल की ओर से एक बहुत ही शानदार और बड़ी सुविधा सामने आई है। यात्रियों की भारी भीड़ और सहूलियत को देखते हुए रेलवे ने दानापुर और पुणे के बीच एक नई 'अमृत भारत एक्सप्रेस' स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है। मिली जानकारी के अनुसार, पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) सरस्वती चंद्र ने सोमवार को बताया कि इस नई अमृत भारत एक्सप्रेस साप्ताहिक ट्रेन का नियमित परिचालन आगामी 27 जून से शुरू होने जा रहा है। इस आधुनिक ट्रेन के शुरू होने से नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और व्यापारियों को सीटों के लिए होने वाली मारामारी से बड़ी राहत मिलेगी और सफर काफी आरामदायक हो जाएगा। ट्रेन का ये रहेगा रूट और पूरा टाइम टेबल यह नई स्पेशल ट्रेन पूरी तरह से साप्ताहिक आधार पर चलाई जाएगी, जिससे यात्रियों को दोनों तरफ से आने-जाने का बेहतर विकल्प मिलेगा। यह गाड़ी दानापुर से खुलकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (DDU), प्रयागराज छिवकी, जबलपुर, इटारसी और भुसावल के रास्ते होते हुए पुणे तक का सफर तय करेगी। गाड़ी संख्या 11431 पुणे-दानापुर अमृत भारत एक्सप्रेस प्रत्येक शनिवार को पुणे से दोपहर 3 बजकर 25 मिनट पर रवाना होगी और सोमवार की रात 1 बजकर 30 मिनट पर दानापुर पहुंचेगी। वहीं वापसी में, गाड़ी संख्या 11432 दानापुर-पुणे अमृत भारत एक्सप्रेस प्रत्येक सोमवार की सुबह 3 बजकर 30 मिनट पर दानापुर स्टेशन से खुलकर अगले दिन यानी मंगलवार की सुबह 11 बजकर 5 मिनट पर पुणे पहुंचेगी। ट्रेन में यात्रियों को मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं इस नई अमृत भारत ट्रेन को यात्रियों के सफर को पूरी तरह सुरक्षित और आरामदायक बनाने के लिए तैयार किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, इस ट्रेन में कुल 18 आधुनिक कोच लगाए गए हैं। इनमें स्लीपर क्लास के 8 कोच, जनरल के 7 कोच, पैंट्रीकार का 1 कोच और एसएलआरडी (SLRD) के 2 कोच शामिल हैं। रेलवे प्रशासन ने बताया कि पुश-पुल तकनीक वाली इस ट्रेन के चलने से कम किराए में लोगों को बेहतरीन वेंटिलेशन, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट और बायो-टॉयलेट जैसी आधुनिक सुविधाओं के साथ सफर करने का मौका मिलेगा। इस रूट पर नई ट्रेन के आने से यात्रियों को यात्रा करने के लिए अब एक बेहतरीन और सुरक्षित विकल्प मिल गया है।

शैक्षणिक सत्र 2026-27 से बड़ा बदलाव: विश्वविद्यालयों में अपार आईडी से होगा एडमिशन

रांची  राज्य के विश्वविद्यालयों एवं अंगीभूत कालेजों में चांसलर पोर्टल से नामांकन में अनिवार्य रूप से अपार आइडी देनी होगी। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने इसे अनिवार्य किया है। विभाग ने इसे लेकर सभी विश्वविद्यालयों को पत्र जारी कर दिया है। यह शैक्षणिक सत्र 2026-27 से ही लागू होगा। दरअसल, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के आलोक में राज्य में एकेडमिक बैंक आफ क्रेडिट, नेशनल एकेडमिक डिपाजिटरी, क्रेडिट ट्रांसफर तथा मल्टीपल एंट्री-एग्जीट जैसी सुविधाएं लागू की गई हैं। इन सभी सुविधाओं के लिए शैक्षणिक प्रमापपत्रों का डिजिटल प्रबंधन तथा सत्यापित अपार आइडी अनिवार्य है। इसे ध्यान में रखते हुए विभाग ने नामांकन के समय सत्यापित अपार आइडी अपलोड करने को कहा है। विभाग ने यह भी कहा है कि चांसलर पोर्टल पर इसके सफल प्रमाणीकरण के बिना आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं होगी। विद्यार्थियों को यह भी जानकारी दी गई है कि प्रवेश, नामांकन, पंजीकरण सहित अन्य प्रक्रियाएं भी चांसलर पोर्टल के माध्यम से संचालित होंगी, जिनमें अपार आइडी अनिवार्य होगा। विभाग ने सभी अभ्यर्थियों से सत्यापित अपार आइडी तैयार रखने तथा नामांकन प्रक्रिया में उसके इस्तेमाल का सुझाव दिया है। साथ ही सभी विश्वविद्यालयों को भी इसे सख्ती से अनुपालन कराने को कहा गया है। कैसे बनाएं अपार आइडी? अपार आइडी अर्थात एकेडमिक बैंक आफ क्रेडिट्स कार्ड डिजी लाकर या एबीसी पोर्टल के माध्यम से घर बैठे बनाया जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले डिजीलाकर की वेबसाइट पर लागिन कर अपना अकाउंट बनाएं। डिजीलाकर मोबाइल ऐप का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। यदि आप नए यूजर हैं, तो 'साइन अप' पर क्लिक कर अपना आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर दर्ज करें और ओटीपी के माध्यम से उसे सत्यापित करें। इसके बाद छह अंकों का सेक्युरिटी पिन सेट करें। इसके बाद अपने अकाउंट में लागिन कर सर्च डाक्यूमेंट में जाएं और एबीसी आइडी और अपार सर्च करें। इसमें मांगी गई सभी जानकारी भरने के बाद कंसेंट बाक्स को चेक करें ओर गेट डाक्यूमेंट या सबमिट पर क्लिक करें। इसी के साथ आपकी अपार आइडी जेनरेट हो जाएगी।  

मोर्चरी में बदइंतजामी का खुलासा, डी-फ्रिज खराब होने से महिला का शव सड़ा

समालखा. उपमंडल अस्पताल में डी-फ्रिज के खराब होने से एक महिला का शव खराब होने से स्वजन ने अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही पर रोष व्यक्त किया। महिला के भाई का कहना था कि शव फूल गया और काला पड़ गया। बदबू आ रही थी। स्वजन ने कपड़ों से उसकी पहचान की। अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। सीएमओ विजय मलिक ने बताया कि रात में डी फ्रिज का कूलिंग सिस्टम खराब हो गया। शव रखने के समय ठीक था। खराब फ्रिज को बदल दिया गया है। महिला के शव का पोस्टमार्टम कर स्वजन को सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि मोर्चरी में चार फ्रिज थे, जिनमें जरूरी होने से दो को सिविल अस्पताल, पानीपत लाया गया था। उनमें अब एक वापस समालखा भेज दिया गया है। उपमंडल अस्पताल में अब तीन डी फ्रिज हैं। एक और फ्रिज समालखा भेज दिया जाएगा। रविवार की सुबह मच्छरौली गांव की एक नवविवाहिता सरिता पत्नी शुभम उर्फ अश्वनी ने मायके में फंदा लगा आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने दोपहर के समय महिला के शव को उपमंडल अस्पताल के शव गृह में रखवा दिया था। सोमवार दोपहर पुलिस और महिला के स्वजन जब पोस्टमार्टम के लिए शव निकालने गए तो वह खराब होने से पहचान में नहीं हो पा रही थी। इस पर स्वजन ने रोष व्यक्त किया। जांच अधिकारी अमित त्यागी ने कहा कि बिजली में फाल्ट से ऐसा हुआ है। उन्होंने बताया कि महिला के स्वजन ने उसके पति शुभम उर्फ अश्वनी पर दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया है। उसकी शिकायतों की जांच की जा रही है। महिला की चार माह पहले सोनीपत के गांव मोहम्दाबाद में शादी हुई थी, जो डेढ़ माह से मायके में रह रही थी। ससुरालियों के नहीं ले जाने से परेशान थी। मच्छरौली के पूर्व सरपंच प्रतिनिधि बलराज सिंह ने कहा कि मोर्चरी में शव को सही रखने का पुख्ता इंतजाम होना चाहिए। फ्रिजर सही चल रहा है या नहीं इसकी जांच पड़ताल करते रहना चाहिए।

1975 का आपातकाल याद करते हुए संजय सरावगी बोले बिहार बना था लोकतंत्र बचाने की ताकत

पटना  आपातकाल की 51वीं वर्षगांठ के मौके पर बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष Sanjay Saraogi ने उस दौर को याद करते हुए दावा किया है कि देश में लोकतंत्र की रक्षा की सबसे मजबूत लड़ाई बिहार की धरती से लड़ी गई थी। उनके अनुसार, आपातकाल केवल एक राजनीतिक घटना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों पर सबसे बड़ा हमला था। उन्होंने कहा कि आज भी बिहार की गलियों और परिवारों में उस संघर्ष की यादें जीवित हैं, जिसने तानाशाही के खिलाफ जनआंदोलन का रूप लिया था। 25 जून 1975: जब एक रात में बदल गया देश का राजनीतिक माहौल 25 जून 1975 की रात तत्कालीन प्रधानमंत्री Indira Gandhi ने देश में आपातकाल लागू किया था। इसके बाद नागरिक अधिकारों पर प्रतिबंध लगाए गए, विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारियां शुरू हुईं और प्रेस पर सेंसरशिप लागू कर दी गई। बिहार में भी इसका व्यापक असर देखने को मिला। कई राजनीतिक कार्यकर्ताओं और आंदोलनकारियों को हिरासत में लिया गया और विरोध प्रदर्शनों पर रोक लगा दी गई। जेपी आंदोलन को बताया लोकतंत्र की सबसे बड़ी लड़ाई भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बिहार में शुरू हुआ छात्र आंदोलन आगे चलकर लोकतंत्र बचाने के राष्ट्रीय अभियान में बदल गया। इस आंदोलन का नेतृत्व Jayaprakash Narayan ने किया था। उनके अनुसार, जेपी के आह्वान पर हजारों छात्र और युवा सड़कों पर उतरे और लोकतांत्रिक अधिकारों की बहाली के लिए संघर्ष किया। कर्पूरी ठाकुर और जॉर्ज फर्नांडिस के संघर्ष का किया जिक्र लेख में Karpoori Thakur और George Fernandes की भूमिका को भी विशेष रूप से रेखांकित किया गया है। दावा किया गया कि आपातकाल के दौरान कई नेता भूमिगत रहकर आंदोलन को आगे बढ़ाते रहे। उस समय सरकारी कार्रवाई के बावजूद विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध जारी रखा। संघ और जनसंघ की भूमिका को बताया आंदोलन की रीढ़ संजय सरावगी ने कहा कि आपातकाल के दौरान Rashtriya Swayamsevak Sangh और Bharatiya Jana Sangh के कार्यकर्ताओं ने संगठनात्मक स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका कहना है कि प्रतिबंधों और गिरफ्तारियों के बावजूद कार्यकर्ता भूमिगत रहकर संदेशों और आंदोलन की गतिविधियों को आगे बढ़ाते रहे। 1977 का चुनाव बना लोकतंत्र की वापसी का प्रतीक लेख में 1977 के आम चुनाव को लोकतंत्र की पुनर्स्थापना का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया गया है। भाजपा नेता के अनुसार, जनता ने चुनाव के माध्यम से आपातकाल की नीतियों के खिलाफ अपना फैसला सुनाया। उन्होंने कहा कि बिहार ने उस दौर में सत्ता परिवर्तन की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाई और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने का संदेश दिया। 51वीं वर्षगांठ पर लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का आह्वान आपातकाल की वर्षगांठ पर भाजपा ने इसे लोकतंत्र की रक्षा के संकल्प से जोड़ते हुए याद किया है। संजय सरावगी ने कार्यकर्ताओं और नागरिकों से लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आपातकाल का इतिहास केवल अतीत की कहानी नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा के प्रति सतर्क रहने का संदेश भी देता है।

सफाई व्यवस्था पर सख्त हुए हरजोत बैंस, मोगा दौरे के दौरान निगम कमिश्नर को थमाया नोटिस

चंडीगढ़/मोगा. पंजाब सरकार के ‘मिशन क्लीन पंजाब’ के तहत स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने मंगलवार सुबह मोगा शहर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान शहर में कई स्थानों पर खुले में कूड़े के ढेर और खराब सफाई व्यवस्था मिलने पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए नगर निगम मोगा के कमिश्नर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया और स्थानीय लोगों से भी बातचीत की। निरीक्षण के दौरान कई जगहों पर कचरा जमा मिला, जो राज्य सरकार द्वारा निर्धारित स्वच्छता मानकों के विपरीत पाया गया। इस पर नाराजगी जताते हुए मंत्री ने कहा कि सफाई व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने ‘मिशन क्लीन पंजाब’ शुरू किया है, जिसका उद्देश्य शहरों को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाना है। यह अभियान केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता बेहतर सुविधाओं की हकदार है और अपने दायित्वों का निर्वहन न करने वाले अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा। हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि वह स्वयं इस तकनीक आधारित स्वच्छता अभियान की निगरानी कर रहे हैं। अभियान के तहत नगर निगम कमिश्नरों से लेकर कार्यकारी अधिकारियों तक सभी अधिकारियों के लिए प्रतिदिन सुबह 7 से 8 बजे तक फील्ड विजिट अनिवार्य की गई है। इसके अलावा प्रत्येक शहर को 10 किलोमीटर के जोन में विभाजित कर अलग-अलग पर्यवेक्षण अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। मंत्री ने कहा कि शहरों में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मी शहरी विकास की रीढ़ हैं और सरकार उनके सहयोग से पंजाब के सभी शहरों को उच्चतम स्वच्छता मानकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने दोहराया कि स्वच्छता किसी भी कीमत पर समझौते का विषय नहीं है और सरकार इस दिशा में सख्ती से काम करती रहेगी।

बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता, राजनांदगांव मंडी में पानी भरने से धान खराब

राजनांदगांव. आज शाम को अचानक मौसम में आए परिवर्तन के बाद 1 घंटे तक कोई मूसलाधार बारिश है. बसंतपुर क्षेत्र में स्थित कृषि उपज मंडी परिसर में भी पानी का जमाव हो गया. जगह-जगह पानी का जमा होने से किस से लेकर आम लोगों की परेशानियां बढ़ी रही. प्रवेश द्वार के समीप भी नाले की साफ सफाई नहीं होने के कारण नाले में पानी का जमाव हो जाने से प्रवेश द्वार के समीप भी अधिक पानी भर जाने से वाहन चालक भी परेशान होते रहे. अचानक हुई बारिश से शेड के नीचे चबूतरे पर रख धान भी भीग गया. बारिश से बोरों को बचाने के लिए हमाल को काफी मशक्कत करनी पड़ी. राजनांदगांव जिले में भी लगातार मौसम में आ रहे परिवर्तन की बात कभी तेज तो कभी रुक रुक कर बारिश हो रही है इससे जन जीवन प्रभावित हो रहा है. दो दिनों तक बारिश होने के बाद आज फिर से दोपहर बाद अचानक मौसम में परिवर्तन देखने को मिला शाम 5 बजे से 6 बजे तेज गर्जना और हवाओं के बीच मूसलाधार बारिश हुई. अचानक बारिश होने से मंडी परिसर में रखा धान भी भींग गया. जगह-जगह पानी का जमाव भी देखने को मिला है. ऐसे में मंडी में व्यवस्थापन करने वालों की परेशानियां बढ़ी रही.

मुख्यमंत्री कन्या विवाह और कल्याणी विवाह सहायता योजना की निरंतरता को मंजूरी, 1,740 करोड़ 57 लाख रूपये की स्वीकृति

राज्य के सर्वांगीण विकास, जनकल्याण और सांस्कृतिक गौरव को बढ़ावा देने के लिए 5,960 करोड़ रूपये की योजनाओं सहित कई जनहितैषी कार्यों को मंजूरी मुख्यमंत्री कन्या विवाह और कल्याणी विवाह सहायता योजना की निरंतरता को मंजूरी, 1,740 करोड़ 57 लाख रूपये की स्वीकृति 225 शासकीय माध्यमिक शालाओं का हाई स्कूल और 300 हाई स्कूल के हायर सेकेण्डरी में उन्नयन को सैद्धांतिक स्वीकृति शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर किसानों को अल्पावधि फसल ऋण दिये जाने की योजना अंतर्गत किसानों के हित में शर्तों की स्वीकृति शुजालपुर (शाजापुर) में नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय प्रारंभ किए जाने की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक संपन्न भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य के सर्वांगीण विकास, जनकल्याण और सांस्कृतिक गौरव को बढ़ावा देने के लिए 5 हजार 960 करोड़ रूपये की योजनाओं सहित कई जनहितैषी कार्यों को मंजूरी दी गई। बैठक में महिला सशक्तिकरण और सामाजिक उत्थान को गति देते हुए मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना को 1 अप्रैल 2026 से आगामी 5 वर्षों तक निरंतर संचालित रखने के लिए 1,740 करोड़ 57 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम उठाते हुए राज्य में शासकीय माध्यमिक और हाई स्कूलों के उच्च स्तरीय उन्नयन की योजना को सैद्धांतिक सहमति दी गई, जिससे विद्यार्थियों की शैक्षणिक पहुँच बढ़ेगी और ड्रॉप आउट दर में कमीं आएगी। इसके अतिरिक्त, किसानों के आर्थिक संबल के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण योजना की नई शर्तों, शुजालपुर (शाजापुर) में नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय की स्थापना, लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत 3 हजार 580 करोड़ रूपये से अधिक की राशि की निरंतरता तथा जनजातीय क्षेत्रों के विद्युतीकरण संबंधी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री कन्या विवाह और कल्याणी विवाह सहायता योजना के संचालन के लिए 1,740 करोड़ 57 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना और कल्याणी विवाह सहायता योजना को 1 अप्रैल 2026 से 5 वर्षों तक निरंतर संचालन के लिए 1,740 करोड़ 57 लाख रूपये की स्वीकृति दी। मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना प्रदेश में 1 अप्रैल 2006 से प्रभावशील है। योजना का क्रियान्वयन राज्य सरकार द्वारा किया जाता है। योजना अंतर्गत गरीब जरूरतमंद, निराश्रित और निर्धन परिवारों की विवाह योग्य कन्या/विधवा/परित्यक्ता के सामूहिक विवाह में आर्थिक सहायता के रूप में राशि 55 हजार रूपये प्रति कन्या के मान से दी जाती है। योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक 1 लाख 72 हजार 905 हितग्राहियों को 989 करोड़ 80 लाख 62 हजार रूपये से अधिक सहायता राशि प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह, योजना महिला सशक्तिकरण की एक अहम योजना है, जिसके अंतर्गत गरीब और जरुरतमंद अभिभावकों की कन्याओं का सामूहिक विवाह सम्पन्न होता है। इस योजना से विवाह की वैधानिक आयु सुनिश्चित हो जाती है। यह योजना महिलाओं के सामाजिक उत्थान के लिये महत्वपूर्ण है। 225 शासकीय माध्यमिक शाला का हाई स्कूल और 300 हाई स्कूल का हायर सेकेण्डरी में उन्नयन को सैद्धांतिक स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने विद्यार्थियों की शैक्षणिक पहुँच एवं गुणवत्ता में वृद्धि के लिए शासकीय माध्यमिक शाला का हाई स्कूल एवं हाई स्कूल का हायर सेकेण्डरी में उन्नयन की योजना पर सैद्धांतिक स्वीकृति दी। स्वीकृति अनुसार वर्ष 2026-27 में 75 माध्यमिक शालाओं का हाई स्कूल तथा 100 हाई स्कूल का हायर सेकेण्डरी स्कूल में उन्नयन किया जाएगा। आगामी 2 वर्षों 2027-28 एवं 2028-29 में भी इसी प्रकार प्रतिवर्ष 75 माध्यमिक एवं 100 हाईस्कूलों के उन्नयन पर सैद्धांतिक सहमति दी गई है। साथ ही विद्यालयों के उन्नयन के लिए अनुमानित व्यय राशि 635 करोड़ 24 लाख रूपये के प्रस्ताव पर सहमति दी। विकसित मध्यप्रदेश@2047 के तहत वर्ष 2029 तक 100 प्रतिशत सकल नामांकन दर प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। मापदण्डों के आधार पर जिला स्तर से मैपिंग अनुसार 315 हाई स्कूल एवं 214 हायर सेकेण्डरी स्कूल खोले जाने की आवश्यकता है। सांदीपनि विद्यालयों के कैचमेंट एरिया में विद्यालयों का उन्नयन नहीं किया जाएगा। सांदीपनि विद्यालय के कैचमेंट एरिया में आने वाले विद्यालयों के समस्त विद्यार्थियों का प्रवेश सांदीपनि विद्यालय में होने पर विद्यालय को अन्य आवश्यकता वाले स्थानों पर युक्तियुक्तकरण किया जाएगा। उन्नत विद्यालय अपने वर्तमान भवन या अन्य शासकीय भवन में संचालित होंगे। आवश्यकता एवं बजट उपलब्धता के अनुसार अतिरिक्त कक्ष स्वीकृत किए जाएंगे। वास्तविक रूप से आवश्यक विद्यालयों की संख्या का आंकलन गति शक्ति पोर्टल, जनसंख्या एवं यू-डाइस के आंकड़ों के आधार पर की जायेगी। राज्य में हाई स्कूल का सकल नामांकन दर (जीईआर) 75 प्रतिशत तथा हायर सेकेण्डरी स्तर पर 55 प्रतिशत है। कक्षा 8 से 9 में कक्षांतरण दर 77 प्रतिशत और कक्षा 10 से 11 में 68 प्रतिशत है। विद्यालयों की दूरी अधिक होने होने के कारण विद्यार्थियों का प्रवेश कम होता है या वे नियमित रूप से उपस्थित नहीं रह पाते, जिससे ड्रॉप आउट दर बढ़ती है। इसलिए विद्यार्थियों की पहुँच में विद्यालय उपलब्ध कराकर उच्च नामांकन एवं निरंतरता सुनिश्चित करना इस निर्णय का मूल लक्ष्य है। शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण प्रदाय करने के लिए किसानों के हित में शर्तों की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर किसानों को अल्पावधि फसल ऋण दिये जाने की योजना अंतर्गत किसानों के हित में शर्तों की स्वीकृति दी गई। स्वीकृति अनुसार खरीफ एवं रबी सीजन के लिए पृथक-पृथक देय तिथि (ड्यू डेट) नहीं रखते हुए उसके स्थान पर वार्षिक एकल ऋण सीमा रखी जाएगी, जिसमें नगद एवं वस्तु ऋण की उप-सीमा निर्धारित रहे। योजनान्तर्गत देय तिथि (डयू डेट) कृषकों को स्वीकृत वार्षिक एकल लिमिट से प्रथम ऋण आहरण से 12 माह निर्धारित की जाएगी और अल्पावधि फसल ऋण लेने वाले किसानों को 1.25 प्रतिशत (सामान्य) ब्याज अनुदान तथा निर्धारित ड्यू डेट तक ऋण की अदायगी करने वाले किसानों को 4 प्रतिशत प्रोत्साहन स्वरूप (अतिरिक्त ब्याज अनुदान) राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराया जायेगा। प्रदेश में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों से संबद्ध बहुउददेशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण दिये जाने की योजना वर्ष 2012-13 से निरन्तर लागू है। योजनान्तर्गत खरीफ एवं रबी सीजन की निर्धारित तिथि (ड्यू डेट) तक ऋण की अदायगी करने वाले किसानों से … Read more