samacharsecretary.com

आधुनिक रिश्ते और शिव-आदर्श: बराबरी, भरोसा और भावनात्मक संतुलन की नई परिभाषा

 आज के समय में रिश्तों को लेकर सोच तेजी से बदल रही है. खासकर Gen Z लड़कियां अब सिर्फ दिखावे, स्टाइल या कूल बनने वाले लड़कों से ज्यादा प्रभावित नहीं होतीं हैं. वे ऐसे पार्टनर की तलाश में हैं जो उन्हें समझे, सम्मान दे और भावनात्मक रूप से मजबूत हो. यही वजह है कि अब उनकी पसंद भगवान शिव जैसे शांत, संतुलित और भरोसेमंद व्यक्तित्व की तरफ बढ़ रही है. लाइफ पार्टनर को लेकर Gen Z लड़कियों की बदली सोच Gen Z यानी आज की युवा पीढ़ी. आम तौर पर 1997 के बाद जन्मे लोगों को Gen Z कहा जाता है. यह जनरेशन पहले के मुकाबले ज्यादा समझदार, अपनी बात खुलकर कहने वाली, लॉजिकल और इमोशंस को समझने वाली है. खासकर जब बात प्यार और रिश्तों की आती है, तो इनकी सोच तेजी से बदल रही है. इसी विषय को लेकर आजकल एक दिलचस्प ट्रेंड देखने को मिल रहा है, खासकर Gen Z लड़कियों के बीच. आजकल की लड़कियां अपने पार्टनर या लाइफ पार्टनर में भगवान शिव जैसी खूबियां चाहती हैं. यहां भगवान शिव जैसा पार्टनर का मतलब भगवान बनने से नहीं है, बल्कि उनके स्वभाव और गुणों से है. अब लड़कियां दिखावे, ओवर रोमांस या सिर्फ कूल बनने वाले लड़कों से ज्यादा इंप्रेस नहीं होतीं हैं. वे ऐसे पार्टनर चाहती हैं जो सच्चा हो, सिंपल हो, जमीन से जुड़ा हो और रिश्ते को समझे. वैसे यह सोच पूरी तरह नई भी नहीं है. पौराणिक कथाओं में भी बताया गया है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पाने के लिए कठोर तपस्या की थी. यानी शिव जैसे गुण हमेशा से आदर्श माने गए हैं. अब बस फर्क इतना है कि आज की लड़कियां फिर से उन्हीं गुणों को अपने पार्टनर में ढूंढ रही हैं. आइए समझते हैं कि इस बदलती सोच के पीछे आखिर कौन-सी भावनात्मक जरूरतें छिपी हैं. Gen Z  लड़कियां चाहती हैं भोलेनाथ जैसा पार्टनर सोशल मीडिया पर इस बात को लेकर चर्चा बहुत हो रही है. कई लड़कियां कहती हैं कि उन्हें ऐसा लाइफ पार्टनर चाहिए जिसमें भगवान शिव जैसी खूबियां हों. यह बात सिर्फ धर्म या आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरी भावनाएं और समाज से जुड़ी सोच भी छिपी हुई है. Gen Z लड़कियों को रिश्तों में स्थिरता, धैर्य और इमोशनल बैलेंस चाहिए होता है. भगवान शिव के स्वभाव में भी यही खूबियां देखने को मिलती हैं. यही वजह है कि लड़कियां ऐसे पार्टनर की चाहत रखती हैं जो गुस्से में भी खुद को संभाल कर रखे, बेवजह रिएक्ट न करे. लेकिन जब उसकी पार्टनर किसी परेशानी में हो, तो पूरी मजबूती से उसके साथ खड़ा हो जाए. रिश्तों में बांधें नहीं बल्कि सशक्त बनें भगवान शिव की एक खास बात यह है कि वे एक तरफ योगी हैं और दूसरी तरफ गृहस्थ भी. यही बैलेंस Gen Z लड़कियों को काफी आकर्षित करता है. आज के जमाने की लड़कियां ऐसा पार्टनर चाहती हैं जो उनके सपनों को रोके नहीं, बल्कि उन्हें पूरा करने में उनका साथ दे. शिव जी हमेशा माता पार्वती को अपने साथ रखते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर उन्हें शक्तियां भी देते हैं. मां पार्वती ने कई बार राक्षसों का नाश भी किया था, जो यह दिखाता है कि शिव जी उन पर पूरा भरोसा करते थें. वे उन्हें बांधकर नहीं रखते थे, बल्कि आगे बढ़ने की ताकत देते थें. आज की लड़कियां भी ऐसा ही पार्टनर चाहती हैं, जो उनके करियर को समझे, उन्हें सपोर्ट करे और उन्हें अपनी जिंदगी अपने तरीके से जीने की आजादी दे. समानता भगवान शिव का अर्धनारीश्वर रूप बहुत खास माना जाता है. इसमें आधा हिस्सा शिव का है और आधा माता शक्ति का. इसका सीधा सा मतलब है कि पुरुष और महिला एक-दूसरे के बिना अधूरे हैं, दोनों मिलकर ही जीवन और सृष्टि को आगे बढ़ाते हैं. यह रूप यह भी बताता है कि सिर्फ शक्ति या सिर्फ चेतना से काम नहीं चलता है, बल्कि दोनों का साथ होना जरूरी है. यानी रिश्ते में बराबरी और संतुलन सबसे ज्यादा मायने रखता है. अर्धनारीश्वर का संदेश साफ है कि पति-पत्नी या पार्टनर्स को एक-दूसरे को बराबर समझना चाहिए, एक-दूसरे की इज्जत करनी चाहिए और हर फैसले में दोनों की अहमियत होनी चाहिए. अच्छा साथी भगवान शिव की एक खास बात यह है कि वे जितने शक्तिशाली हैं, उतने ही दयालु और शांत स्वभाव के भी हैं. Gen Z लड़कियों के लिए आदर्श पार्टनर वही है जो बाहर से मजबूत हो, लेकिन अंदर से समझदार, केयरिंग और सॉफ्ट दिल वाला हो. भगवान शिव को अहंकार खत्म करने वाला भी माना जाता है. इसलिए आज की लड़कियां भी ऐसे पार्टनर चाहती हैं जिनमें बेवजह का ईगो न हो. वे ऐसा रिश्ता चाहती हैं जो बराबरी और सम्मान पर टिका हो, न कि सिर्फ मर्द होने के घमंड पर. आज के रिश्तों में लड़कियां समझदारी चाहती हैं, जहां एक-दूसरे को कंट्रोल करने की कोशिश न हो, बल्कि दोनों मिलकर एक-दूसरे को समझें और सपोर्ट करें.

डीके शिवकुमार का सख्त आदेश, कर्नाटक में योजनाओं पर फर्जीवाड़ा रोकने के लिए नए नियम

कर्नाटक कर्नाटक सरकार की 'पांच गारंटी' योजनाओं का लाभ अब केवल उन्हीं नागरिकों को मिलेगा, जिनका नाम मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) में दर्ज होगा। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शुक्रवार को यह साफ कर दिया है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया है कि जो भी इन योजनाओं के असली हकदार हैं, उन्हें लाभ से वंचित न किया जाए, लेकिन अपात्र लोगों पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए। वोटर लिस्ट में नाम होना अनिवार्य विधान सौधा में एक समीक्षा बैठक के दौरान डीके शिवकुमार ने कहा कि सरकार की 'गृह ज्योति' जैसी योजनाओं का लाभ अब सिर्फ पंजीकृत मतदाताओं तक सीमित रहेगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे चल रहे 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) के दौरान यह सुनिश्चित करें कि मतदाता सूची से उनका नाम न छूटे। मुख्यमंत्री ने कहा, "केवल वे मतदाता ही सरकारी योजनाओं के लाभार्थी होंगे, जिनके नाम मतदाता सूची में दर्ज हैं।" दूसरे राज्यों के लोगों का रोका जाएगा फायदा समीक्षा बैठक में यह बात भी सामने आई कि दूसरे राज्यों से आकर कर्नाटक में रह रहे कई लोग भी 'गृह ज्योति' जैसी योजना का लाभ ले रहे हैं। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए सीएम ने कहा, "हमारे राज्य की योजनाओं का लाभ सिर्फ कर्नाटक के लाभार्थियों को ही मिलना चाहिए। हमने पाया है कि दूसरे राज्यों के वोटर भी यह लाभ ले रहे हैं, इस पर तत्काल रोक लगनी चाहिए।" गड़बड़ियों और फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम बैठक में कल्याणकारी योजनाओं में हो रहे कई तरह के फर्जीवाड़े और अनियमितताओं पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि योजना का पैसा यूपीआई (UPI) खातों और कर्नाटक के बाहर के बैंक खातों में ट्रांसफर किया जा रहा है। सीएम ने ऐसे पैसे के प्रवाह पर रोक लगाने और लाभ को केवल राज्य के भीतर सीमित रखने के निर्देश दिए। सीएम ने इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई कि मृत लाभार्थियों को भी पैसे का भुगतान जारी है। उन्होंने अधिकारियों को लाभार्थियों के रिकॉर्ड को 'रियल-टाइम' अपडेट करने का निर्देश दिया। 'गृह लक्ष्मी' योजना के तहत, बैंक खाते में पैसे आते ही कुछ बैंकों द्वारा उसे पुराने लोन की किस्तों (EMI) के रूप में काट लिए जाने के मामले भी सामने आए। इसके चलते कुछ महिलाओं ने अपने खाते बदल लिए। सीएम ने कहा कि लाभार्थियों को इस तरह की परेशानी का सामना नहीं करना चाहिए। ऑडिटर जनरल की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि 'गृह लक्ष्मी' सहायता राशि एक ही बैंक खाते के जरिए कई लाभार्थियों को भेजी गई, जिसमें लगभग 3 लाख किस्तों में करीब 60 करोड़ रुपये बांटे गए। ऐसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए सीएम ने निर्देश दिया कि योजना का पैसा खाते में आते ही लाभार्थियों को एक ऑटोमेटेड वॉइस मैसेज भेजा जाए। क्या हैं कर्नाटक की 5 गारंटी योजनाएं और उनके ताज़ा आंकड़े? समीक्षा बैठक में राज्य की फ्लैगशिप योजनाओं के आंकड़ों पर भी चर्चा की गई। गृह ज्योति: हर घर को 200 यूनिट मुफ्त बिजली। (अब तक 1.65 करोड़ लाभार्थी मुफ्त बिजली का लाभ उठा चुके हैं।) गृह लक्ष्मी: परिवार की महिला मुखिया को हर महीने 2,000 रुपये की आर्थिक मदद। अन्न भाग्य: बीपीएल (BPL) परिवार के प्रत्येक सदस्य को हर महीने 10 किलो चावल। जुलाई 2023 से दिसंबर 2024 के बीच 11,561.05 करोड़ रुपये डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए भेजे गए हैं। साथ ही 4.44 करोड़ लाभार्थियों को 5 किलो अतिरिक्त चावल हर महीने दिया जा रहा है। शक्ति योजना: महिलाओं के लिए राज्य की सरकारी (नॉन-लग्जरी) बसों में मुफ्त यात्रा। मई के अंत तक महिलाओं ने 763 करोड़ मुफ्त बस यात्राएं की हैं, जिनके टिकट की कीमत लगभग 20,047.69 करोड़ रुपये है। साथ ही 2026-27 शैक्षणिक वर्ष में छात्रों को लगभग 10 लाख मुफ्त बस पास जारी किए जाने की उम्मीद है। युवा निधि: 18 से 25 साल के बेरोजगार स्नातकों को 3,000 रुपये और बेरोजगार डिप्लोमा धारकों को 1,500 रुपये प्रति माह का भत्ता- दो साल के लिए।

पीतांबरा पीठ में यूपी के दिग्गज नेताओं का दर्शन, CM योगी और केशव मौर्य ने टेका माथा

दतिया. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को दतिया पहुंचे। जहां उन्होंने विश्व प्रसिद्ध श्री पीतांबरा पीठ में मां बगलामुखी के दर्शन कर विशेष पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने देश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने पीतांबरा पीठ परिसर में स्थित महाभारत कालीन वानखंडेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर जलाभिषेक भी किया। इस दौरान पीठ के पुजारियों ने मंत्रोच्चार के बीच योगी से जलाभिषेक कराया। एयरपोर्ट पर गर्मजोशी से हुई अगवानी इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विशेष विमान से दतिया एयरपोर्ट पहुंचे। यहां पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, शिमला विधायक प्रदीप अग्रवाल कलेक्टर स्वप्निल वानखडे व एसपी मयूर खंडेलवाल सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने उनकी अगवानी कर स्वागत किया। एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री ने पार्टीजन से भी मिले। इसके बाद सीधे पीतांबरा पीठ पहुंचे, जहां मंदिर प्रबंधन एवं पुजारियों ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना संपन्न कराई। पूजा-अर्चना कर ललितपुर हुए रवाना पीताम्बरा पीठ में दर्शन एवं पूजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात रहा। धार्मिक अनुष्ठान पूर्ण होने के बाद मुख्यमंत्री कुछ समय तक मंदिर परिसर में रहे तथा वहां स्थित अन्य मंदिरों के भी उन्होने दर्शन किए। दर्शन और पूजा-अर्चना के उपरांत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दतिया से उत्तर प्रदेश के ललितपुर के लिए रवाना हो गए। योगी की सुरक्षा के मद्देनजर पीठ के आसपास की दुकानें भी बंद रही। मौर्य भी पहुंचे दतिया वही उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य भी शनिवार सुबह दतिया पहुंचे। जहां उन्होंने सुबह पीतांबरा पीठ पर दर्शन पूजन किया। इसके बाद वह वापस रतन महल होटल पहुंचे, जहां से अगले गंतव्य के लिए रवाना हुए। दोनों दिग्गज नेताओं की इस दौरान आपस में मुलाकात नहीं हो सकी।

चाणक्य नीति के अनुसार स्त्री के 5 महत्वपूर्ण गुण जो बनाते हैं उसे मजबूत और सम्मानित

 आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति शास्त्र (Chanakya Niti) में जीवन को सफल बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण बातें बताई हैं. चाणक्य नीति के अनुसार, एक मजबूत और श्रेष्ठ स्त्री केवल शारीरिक रूप से नहीं, बल्कि अपने गुणों और विचारों से शक्तिशाली होती है. चाणक्य ने स्त्री के ऐसे 5 विशेष गुणों का उल्लेख किया है, जो उसे हर विपरीत परिस्थिति में मजबूत बनाते हैं और समाज में सम्मान दिलाते हैं. आइए जानते हैं इन गुणों के बारे में: संतोष (संतुष्ट रहने का गुण) आचार्य चाणक्य के अनुसार, जो स्त्री हर परिस्थिति में संतुष्ट रहना जानती है, वह सबसे मानसिक रूप से सबसे मजबूत होती है. संकट के समय या आर्थिक तंगी होने पर भी जो स्त्री धैर्य नहीं खोती और कम साधनों में भी घर को संभाल लेती है, वह किसी भी मुश्किल दौर से अपने परिवार को बाहर निकाल सकती है. ऐसी स्त्री को कोई भी परिस्थिति तोड़ नहीं सकती. धर्म और संस्कारों का पालन चाणक्य नीति कहती है कि जो स्त्री धर्म के मार्ग पर चलती है और जिसके पास अच्छे संस्कार होते हैं, वह न केवल खुद मजबूत होती है बल्कि पूरे परिवार की धुरी बनती है. संस्कारी और धार्मिक स्त्री सही और गलत का अंतर बखूबी जानती है. वह समाज के बहकावे में नहीं आती और अपने बच्चों को भी सही दिशा देती है, जिससे आने वाली पीढ़ियां मजबूत बनती हैं. मधुर वाणी (मीठी बोली) वाणी को चाणक्य ने सबसे बड़ा हथियार माना है. चाणक्य के अनुसार, जिस स्त्री की वाणी मधुर होती है, वह सबसे शक्तिशाली होती है. कड़वी बात कहने वाले अक्सर अपनों को भी पराया कर देते हैं, लेकिन अपनी मीठी और समझदारी भरी बातों से एक स्त्री बड़े से बड़े विवाद को शांत कर सकती है. मधुर वाणी वाली स्त्री हर किसी का दिल जीत लेती है और संकट के समय लोग उसके साथ खड़े होते हैं. शिक्षित और ज्ञानवान होना आचार्य चाणक्य का मानना था कि स्त्री का शिक्षित और जागरूक होना बेहद जरूरी है. ज्ञान ही स्त्री की असली शक्ति है. एक ज्ञानवान स्त्री केवल घर ही नहीं संभालती, बल्कि जरूरत पड़ने पर सही और बड़े फैसले लेने में भी सक्षम होती है. वह अपने अधिकारों को जानती है और समाज में कोई उसका शोषण नहीं कर सकता. ज्ञान उसे आत्मनिर्भर और साहसी बनाता है. साहस और संकट में धैर्य (साहसी स्वभाव) चाणक्य के अनुसार, एक मजबूत स्त्री का सबसे बड़ा गुण उसका साहस है. वह मुश्किल समय में रोने या घबराने के बजाय उसका सामना करने की रणनीति बनाती है. जब परिवार पर कोई विपत्ति आती है, तो साहसी स्त्री एक ढाल की तरह आगे आकर खड़ी हो जाती है. उसका यही हौसला पूरे घर को संबल देता है और विपरीत समय को भी अनुकूल बना देता है.

WhatsApp में नया मैसेज एनिमेशन फीचर: iOS यूजर्स को मिलेगा स्मूथ चैटिंग एक्सपीरियंस

WhatsApp ने अपने प्लेटफॉर्म में एक नया फीचर शामिल किया है, जिसका नाम मैसेज एनिमेशन है. इस फीचर को iOS यूजर्स के लिए जारी किया है, जिसके बाद यह iPhone पर नजर आएगा. इसके लिए यूजर्स को सेटिंग्स में मैसेज एनिमेशन के लिए एक टॉगल मिलेगा, उसको इनेबल और डिसेबल किया जा सकेगा. इस फीचर की जानकारी Wabetainfo ने शेयर की है. रिपोर्ट के मुताबिक, WhatsApp का यह फीचर अभी iOS के बीटा वर्जन 26.24.10.70 के साथ दिया गया है. अभी इसे कुछ बीटा यूजर्स के लिए जारी किया है और आने वाले सप्ताह में और ज्यादा यूजर्स को ये फीचर दिया जाएगा. WhatsApp ने पहले मैसेज एनिमेशन को iOS से हटा दिया था, जिसके बाद मैसेज बिना किसी विजुअल इफेक्ट के दिखाई देता था. अब कंपनी ने iOS पर मैसेज एनिमेशन को नए अवतार में पेश किया है. iOS पर नया मैसेज एनिमेशन कैसे काम करेगा? नए अपडेट के साथ मैसेज भेजने और रिसीव करने के दौरान नया एनिमेशन जोड़ा है. पहले वाले इफेक्ट की जगह अब मैसेज बबल धीरे-धीरे दिखाई देगा और चैटिंग में अपनी जगह लेते समय थोड़ा बड़ा होता हुआ नजर आएगा. बिना एनिमेशन वाले तरीके की तुलना में अचानक मैसेज दिखने की तुलना में यह अनुभव ज्यादा स्मूथ दिखाई पड़ता है. यह नया इफेक्ट पुराने एनिमेशन को पूरी तरह रिप्लेस करेगा, यानी इसे वैकल्पिक स्टाइल के तौर पर नहीं दिया जाएगा. मैसेज एनिमेशन को कंट्रोल करना आसान होगा व्हाट्सऐप ने पहली बार WhatsApp फॉर iOS में यूजर्स को सीधे ऐप की सेटिंग्स में एनिमेशन को मैनेज करने की सुविधा दी है. यह फीचर WhatsApp Settings > Chats > Animations में जाकर देखने को मिलेगा. बताते चलें कि जहां पहले से इमोजी, स्टिकर्स और GIF एनिमेशन को कंट्रोल करने की सुविधा मौजूद है. अब इस सेक्शन में मैसेज एनिमेशन के लिए भी एक अलग टॉगल को शामिल कर दिया गया है. एंड्रॉय यूजर्स को भी यह फीचर इसी पाथ में मिलता है, जिसमें दोनों प्लेटफॉर्म पर एक्सपीरियंस एक जैसा रहेगा. गौर करने वाली बात ये है कि एनिमेशन अगर पसंद नहीं आता है या फिर ध्यान भटकाने वाला लगता है तो वे इसको आसानी से बंद कर सकते हैं. पहले हटाया जा चुका है एनिमेशन WhatsApp पहलले iOS पर से मैसेज एनिमेशन को हटा चुका है, तब उसे बंद करने का कोई विकल्प नहीं दिया गया था. यह एनिमेशन इफेक्ट्स कई लोगों को पसंद नहीं आ सकते हैं. अब कंपनी ने मैसेज एनिमेशन को टॉगल के जरिए जोड़ा है.

96 लाख इकाइयों और 1.65 करोड़ रोजगार के साथ उत्तर प्रदेश अग्रणी

आगरा विश्व पटल पर भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत और एमएसएमई क्षेत्र की अपार संभावनाओं को नई दिशा देने के लिए ताजनगरी आगरा में 'ब्रिक्स-इंडिया 2026' के अंतर्गत पहले दिन ब्रिक्स एमएसएमई फोरम और तीसरे ब्रिक्स एमएसएमई वर्किंग ग्रुप की दो दिवसीय बैठक का भव्य आयोजन हुआ। ताजगंज स्थित ताज एंड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अपने एमएसएमई सेक्टर की शानदार उपलब्धियों और वैश्विक व्यापार की रणनीतियों को विश्व समुदाय के समक्ष प्रमुखता से रखा। 96 लाख एमएसएमई इकाइयों के साथ यूपी बना 'एमएसएमई राजधानी' ब्रिक्स सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) तथा जनपद प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आज भारत की एमएसएमई राजधानी बनकर उभर रहा है। राज्य में वर्तमान में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां कार्यरत हैं, जो लगभग 1.65 करोड़ लोगों को रोजगार प्रदान कर रही हैं। योगी सरकार एमएसएमई को केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि राज्य की आर्थिक प्रगति, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा का सबसे सशक्त इंजन मानती है। ब्रिक्स देशों के साथ 5.36 बिलियन डॉलर का व्यापारिक संबंध प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि उत्तर प्रदेश ब्रिक्स देशों के साथ व्यापार, तकनीक और निवेश के नए आयाम स्थापित कर रहा है। वित्तीय वर्ष 2025- 26 के आंकड़ों के अनुसार, ब्रिक्स सदस्य और साझेदार देशों के साथ उत्तर प्रदेश का कुल निर्यात 5.36 बिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 3,938 मिलियन डॉलर सदस्य देशों को और 1,429 मिलियन डॉलर साझेदार देशों को) से अधिक रहा है। प्रदेश से मशीनरी, परिधान, चमड़ा, कालीन और बहुमूल्य पत्थर दुनिया के कई देशों में निर्यात हो रहे हैं। ओडीओपी और पारंपरिक शिल्प को मिल रही वैश्विक उड़ान उत्तर प्रदेश की बहुचर्चित 'एक जनपद एक उत्पाद' (ओडीओपी) योजना ने स्थानीय प्रतिभा और पारंपरिक शिल्प को वैश्विक बाजारों से जोड़ने का अभूतपूर्व कार्य किया है। एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि ओडीओपी के तहत अब तक 20 हजार से अधिक लोगों को करीब 897 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी देकर 3.16 लाख रोजगार सृजित किए गए हैं। इसके साथ ही 'विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना' से 4.41 लाख पारंपरिक शिल्पकारों को आधुनिक टूलकिट और प्रशिक्षण देकर सशक्त बनाया गया है। युवाओं और उद्यमियों के लिए योगी सरकार की अभिनव पहल योगी सरकार ने युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान' (सीएम युवा) जैसी अभिनव पहल शुरू की है। इसके तहत बिना गारंटी के ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसका लक्ष्य 10 वर्षों में 10 लाख नई सूक्ष्म इकाइयां स्थापित करना है। इसके अतिरिक्त, एमएसएमई पार्क विकसित करने के लिए प्लेज (PLEDGE) योजना के तहत प्रदेश के 12 जिलों में पार्क स्वीकृत किए जा चुके हैं, जो उद्योगों को बेहतर इकोसिस्टम प्रदान करेंगे। इस महत्वपूर्ण बैठक का विधिवत शुभारंभ सुबह 10:15 बजे भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। उन्होंने देश में एमएसएमई सेक्टर की ग्रोथ और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दूसरे दिन ब्रिक्स देशों से आए विभिन्न प्रतिनिधिमंडल आगरा की ऐतिहासिक इमारतों का भ्रमण करेंगे और यहां की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर से रूबरू होंगे।

चावल देखकर भविष्य बताने वाला नरेंद्र शास्त्री रायपुर लाया गया, दुष्कर्म मामले में आरोपी

रायपुर. दुष्कर्म के आरोप में महासमुंद सेंट्रल जेल में कैद ‘चावल वाले बाबा’ के नाम से मशहूर आचार्य नरेंद्र नयन शास्त्री को गोपनीय तरीके से रायपुर लाया गया. सूमो गाड़ी में सवार आरोपी बाबा को पहले रायपुर केंद्रीय जेल में लाया गया है, जहां से उन्हें उपचार के लिए मेकाहारा ले जाया जाएगा. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, नरेंद्र नयन शास्त्री को महासमुंद जेल से सूमो गाड़ी नंबर CG 02 5072 में रायपुर लाया गया . इस दौरान फालो गाड़ी के तौर पर CG 03 A 0715 साथ में चल रही थी. शास्त्री को सोनोग्राफी के लिए मेकाहारा ले जाया जाएगा, और रिपोर्ट आने के बाद उन्हें वापस महासमुंद जेल ले जाया जाएगा. बता दें कि महासमुंद जिले के बागबाहरा थाना में एक महिला ने चर्चित कथावाचक एवं ज्योतिषाचार्य आचार्य नरेंद्र नयन शास्त्री के खिलाफ दुष्कर्म की लिखित शिकायत दर्ज कराई थी. प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों को सही पाते हुए बागबाहरा पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की गंभीर धाराओं 376(2)(ज), 376(2)(एन) और 376(2)(एम) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी नरेंद्र नयन शास्त्री को रायपुर जिले के सिलयारी से गिरफ्तार किया था. बताया जा रहा है महासमुंद केंद्रीय जेल में भर्ती रहने के दौरान बाबा की तबीयत बिगड़ी है, जिसके बाद महासमुंद पुलिस की की एक विशेष टीम बाबा की सामाजिक व सार्वजनिक पहचान को देखते हुए बेहद सतर्कता के साथ रायपुर केंद्रीय जेल में लेकर पहुंची है, जहां कागजी कार्रवाई को पूरा करने के बाद उपचार के लिए मेकाहारा ले जाया जाएगा. आश्रम में उमड़ती थी भारी भीड़ गिरफ्तार आरोपी नरेंद्र नयन शास्त्री मूल रूप से रायपुर जिले के सिलयारी क्षेत्र का रहने वाला है. वह लंबे समय से अपनी कथावाचन और ज्योतिष विधा को लेकर सुर्खियों में रहा है. आम जनता और श्रद्धालुओं के बीच उसकी पहचान ‘चावल देखकर भविष्य बताने वाले बाबा’ के रूप में रही है, जिसके चलते उसके आश्रम और कार्यक्रमों में लोगों की भारी भीड़ उमड़ती थी.

रसायन-मुक्त आमों की प्रदर्शनी, रांची में किसानों को मिला सीधा बाजार

रांची राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के तत्‍वावधान में 19 से 21 जून तक आम महोत्‍सव का आयोजन किया जा रहा है. राजधानी के शहीद चौक स्थित झारखंड राज्य सहकारी बैंक परिसर में लगे इस प्रदर्शनी में राज्य के आदिवासी किसानों द्वारा उत्पादित विभिन्न प्रकार के आमों की प्रदर्शनी और बिक्री की जा रही है. नाबार्ड झारखंड क्षेत्रीय कार्यालय वर्ष, 2021 से हर साल रांची में आम महोत्सव का आयोजन कर रहा है. शुक्रवार को इस महोत्सव का शुभारंभ नाबार्ड की मुख्य महाप्रबंधक, झारखंड राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड की अध्यक्ष बिभा सिंह, एसएलबीसी के महाप्रबंधक गुरु प्रसाद गोंड, सामाजिक और पर्यावरण संरक्षण कार्यकर्त्ता जमुना टुडू, दिव्यायन कृषि विकास केंद्र, रांची के सचिव स्वामी भावेशानंद ने संयुक्त रूप से किया. किसानों को मिल रहा सीधा बाजार यह उत्सव नाबार्ड वाडी परियोजनाओं के तहत समर्थित आदिवासी किसानों के लिए आयोजित किया जा रहा है, जो आम सहित अन्य फलों, अनाज और सब्जियां उगा रहे हैं. यह शहरवासियों को अच्छी गुणवत्ता और रसायन-मुक्त यानी कार्बाइड मुक्त आम उपलब्ध करा रहा है. आम महोत्सव आदिवासी किसानों को बिचौलियों और कमीशन एजेंटों से मुक्त होकर सीधे बाजार भी प्रदान करेगा. एक्सपोर्ट क्वालिटी रसायन मुक्त आम, अनाज और सब्जियां आम महोत्सव में राज्य के विभिन्न नाबार्ड समर्थित बाड़ी परियोजनाओं द्वारा उगाये गये दूधिया मालदा, हिमसागर, लंगड़ा, तोतापरी, हिमसागर, आम्रपाली, मल्लिका आदि सहित आमों की विभिन्न किस्मों की प्रदर्शन और बिक्री की जा रही है. यह एक्सपोर्ट क्वालिटी आम सीधे किसानों के खेतों से आप तक पहुंच रही है. उपज को पकाने के लिए किसी भी रसायन का उपयोग नहीं किया गया है. महोत्सव में लगाये गये स्टॉल्स पर काजू, मखाना, शहद, मोटे आर्गेनिक अनाज, सब्जियों और अन्य वनोत्पादों को लोग खास खुशबू और स्वाद के लिए खूब पसंद कर रहे हैं.

भजनलाल सरकार का बड़ा एक्शन, जयपुर से लेकर बीकानेर तक बदले गए RAS अफसर

जयपुर राजस्थान की भजनलाल सरकार ने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक चुस्त-दुरुस्त और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से एक बहुत बड़ा कदम उठाया है. कार्मिक विभाग (DoP) ने देर रात 19 जून को एक आदेश जारी करते हुए राज्य प्रशासनिक सेवा (RAS) के 178 अधिकारियों का एक साथ तबादला कर दिया है. सरकार के इस बड़े फैसले से प्रशासनिक हलकों में भारी हड़कंप मच गया है. इस नई तबादला सूची के जरिए राज्य सरकार ने कई जिलों के अतिरिक्त जिला कलेक्टर (ADM), उपखंड अधिकारी (SDM) और विभिन्न विभागों के सचिव स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारियों में भारी बदलाव किया है. इस फेरबदल के तहत राजधानी जयपुर समेत जोधपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर और बीकानेर जैसे बड़े संभागों और जिलों में महत्वपूर्ण पदों पर तैनात आरएएस अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है. इस फेरबदल के तहत राजधानी जयपुर समेत जोधपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर और बीकानेर जैसे बड़े संभागों और जिलों में महत्वपूर्ण पदों पर तैनात आरएएस अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है. इसके तहत राज्य के सूचना सचिव के पद पर मुकेश शर्मा की नियुक्ति की गई है. वहीं करौली के SDM को प्रेमराज को एक साल बाद फिर से वही तैनाती दे दी गई है. आदेश तत्काल प्रभाव से लागू सरकार की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि तबादला सूची में शामिल सभी 178 आरएएस अधिकारी तुरंत प्रभाव से अपने वर्तमान पद का कार्यभार छोड़कर नए तैनाती स्थल पर अपनी जॉइनिंग सुनिश्चित करेंगे.

मुकेश अंबानी का AI विजन: भारत बनेगा टेक्नोलॉजी निर्माता, सिर्फ उपभोक्ता नहीं

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कंपनी की 49वीं एनुअल जनरल मीटिंग में भारत के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विजन पर बात की. उन्होंने कहा कि भारत सिर्फ AI का इस्तेमाल करने वाला देश नहीं है, बल्कि अपनी AI टेक्नोलॉजी भी बनानी चाहिए. उनका कहना था कि भारत को सिर्फ विदेशों में बने एआई टूल्स पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि खुद की AI टेक्नोलॉजी विकसित करनी चाहिए ताकि देश इस फील्ड में ग्लोबल लीडर बन सके. मुकेश अंबानी ने रिलायंस इंटेलिजेंस की अनाउंसमेंट की, जिसे कंपनी के फ्यूचर का बड़ा इंजन माना जा रहा है. इसका मिशन है कि लोगों, बिजनेस और सरकार के लिए लार्ज स्केल पर सस्ते एआई टूल्स और सर्विसेज बनाई जाएं. रिलायंस फिलहाल दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों जैसे Google, Meta और NVIDIA के साथ काम कर रही है. अंबानी ने बताया कि कंपनी ने अपने गोल तय कर लिए हैं और अब उन्हें लागू करने के लिए तैयार है. इस मीटिंग में यह भी बताया गया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल से युवाओं के लिए नई नौकरियों के दरवाजे खुलेंगे. उन्हें 150 करोड़ लोगों के लिए नई टेक्नोलॉजी बनाने और उनकी परेशानी को सोल्वे करने का मौका मिलेगा. जानिए डिजिटल शोकेस में क्या दिखाया गया अपने AI विजन के साथ रिलायंस ने कई नई डिजिटल सर्विसेज भी इंट्रोड्यूस कीं. इनकी मदद से एआई और सुपरफास्ट इंटरनेट भारत के लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन जाएंगे और कई काम पहले से आसान हो जाएंगे. 1. Jio Call Agent फोन के अंदर AI एजेंट रिलायंस ने कॉल के दौरान मदद करने के लिए Jio Call Agent इंट्रोड्यूस किया है. सबसे खास बात यह है कि इसे इस्तेमाल करने के लिए कोई अलग ऐप इंस्टॉल नहीं करना होगा. यह फीचर साल के आखिर तक सभी Jio यूजर्स के या फीचर देखने मिल सकता है. इसे एक्टिव करने के लिए सिर्फ Hey Jio बोलना होगा. इसके बाद एआई एजेंट आपकी कॉल से जुड़ जाएगा और कॉल के दौरान मदद करेगा. Transcribing: यह फीचर कॉल पर हो रही बातचीत को लिख सकता है और 10 अलग-अलग भाषाओं को पहचान सकता है. Summarizing: यह फीचर कॉल में हुई बातों का छोटा और आसान करेगा. साथ ही जरूरी रिमाइंडर भी कॉल में मौजूद लोगों को भेज सकेगा. Taking Action: यह फीचर काफी खास है. अगर आप कॉल पर हैं और एजेंट से कहें कि मेरे लिए खाना ऑर्डर कर दो, तो वह यह काम भी कर सकेगा. इतना ही नहीं, यह कैब बुक करने और टेबल रिजर्व करने जैसे काम भी कर पाएगा. 2. MyJio AI Care आपका पर्सनल AI मैनेजर अब MyJio ऐप पूरी तरह बदलने वाला है. यह सिर्फ रिचार्ज करने वाला ऐप नहीं रहेगा, बल्कि आपका स्मार्ट एआई असिस्टेंट बन जाएगा. अगर आप किसी दूसरे शहर में जाते हैं, तो यह आपकी सर्विस अपने आप सेटअप कर देगा.अगर आप विदेश घूमने जा रहे हैं, तो यह आपके लिए सबसे अच्छा रोमिंग प्लान ढूंढ देगा. अगर आप नया स्मार्टफोन खरीदते हैं, तो यह जरूरी पेपरवर्क संभाल सकता है और eSIM एक्टिवेट करने में मदद करेगा. 3. Jio Home सुपरफास्ट 5Gbps इंटरनेट जियो अपने होम इंटरनेट में बड़ा अपग्रेड करने जा रहा है. इस नए अपग्रेड के साथ यूजर्स को 5Gbps तक डाउनलोड स्पीड और 1Gbps तक अपलोड स्पीड मिलेगी. इसकी मदद से पूरा परिवार एक साथ 4K मूवी देख सकेगा, क्लाउड गेमिंग कर सकेगा और ऑनलाइन क्लासेस अटेंड कर सकेगा. साथ ही किसी को भी लैग या स्लो इंटरनेट की परेशानी नहीं होगी. 4. Jio Teleframe AI सिस्टम आपके घर के लिए जिओ ने अपना नया AI इनोवेशन Jio Teleframe भी इंट्रोड्यूस किया है. यह एक AI ऑपरेटिंग सिस्टम है जिसे खास तौर पर घरों के लिए डिजाइन किया गया है. यह आपके घर में मौजूद स्मार्ट डिवाइसेज के साथ मिलकर काम करेगा और आपकी रोजमर्रा की आदतों को समझकर मदद करेगा. इसकी वजह से कई काम अपने आप हो जाएंगे और बार-बार ऐप खोलने की जरूरत नहीं पड़ेगी. रिलायंस का मानना है कि इन नए AI फीचर्स और डिजिटल सर्विसेज की मदद से AI भारत के हर घर तक पहुंचेगा. कॉल पर एआई एजेंट से लेकर 5Gbps इंटरनेट और स्मार्ट होम सिस्टम तक, ये सभी टेक्नोलॉजी भारत को डिजिटल दुनिया में और आगे ले जाने में मदद करेंगी.