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वास्तु शास्त्र के अनुसार घर से हटाने योग्य 6 चीजें जो रोकती हैं धन का प्रवाह

वास्तु शास्त्र सिर्फ घर की सजावट का साधन नहीं, बल्कि यह एनर्जी मैनेजमेंट का एक प्राचीन विज्ञान है. इस विज्ञान के मुताबिक आपके घर में रखी कुछ बेजान चीजें सीधे आपकी तिजोरी पर असर डालती हैं? जिस तरह बहता पानी शुद्ध रहता है, उसी तरह घर की ऊर्जा का भी गतिशील रहना जरूरी है. यदि घर में नकारात्मकता का कचरा जमा है, तो लाख कोशिशों के बाद भी धन टिक नहीं पाएगा. अगर आप आर्थिक तंगी से परेशान हैं या करियर में रुकावट महसूस कर रही हैं, तो हर 6 महीने में वास्तु के ये बदलाव करना आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं होगा: रुकी हुई घड़ियां वास्तु के अनुसार, घर में बंद पड़ी घड़ियां आपके करियर और इनकम के फ्लो को फ्रीज कर देती हैं. इन्हें तुरंत चालू करें या घर से बाहर निकालें. जैसे ही घड़ी की सुइयां चलेंगी, आपके जीवन में धन के नए अवसर फिर से गतिशील हो जाएंगे. खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान घर में पड़ा खराब लैपटॉप, पुराना चार्जर या बंद पड़ा टीवी राहु का नकारात्मक प्रभाव पैदा करता है.  ये उपकरण घर की ऊर्जा को सोख लेते हैं, जिससे बेवजह के खर्च बढ़ते हैं. इन्हें हटाना सीधे तौर पर आपकी बचत को बढ़ाने वाला साबित होगा. टूटा हुआ कांच या आईना टूटा हुआ आईना या चटके हुए बर्तन नकारात्मक ऊर्जा के सबसे बड़े केंद्र हैं. वास्तु में इसे दरिद्रता का द्वार कहा गया है. इसे हटाते ही घर के वातावरण में एक नई ताजगी आने के साथ समृद्धि के रास्ते खुलेंगे. फटे हुए जूते-चप्पल फटे-पुराने जूते घर में नकारात्मकता और आलस्य भरते हैं, जो शनि देव के असंतोष का कारण बनते हैं. इन्हें हटाकर व्यवस्थित करने से कार्यक्षेत्र में आ रही रुकावटें दूर होती हैं, आपकी मेहनत का फल मिलने लगता है. जमा हुआ कबाड़ घर के किसी भी कोने में जमा धूल और कबाड़ सकारात्मक ऊर्जा की राह रोकता है.  वास्तु का सरल नियम है: जितना कम कबाड़, उतनी ज्यादा बरकत.  घर की सफाई और व्यवस्था ही वह चुंबकीय शक्ति है जो धन को आपकी ओर खींचती है. पुराना टूथब्रश (Toothbrush): वास्तु के अनुसार, खराब या फैला हुआ टूथब्रश घर की ऊर्जा को दूषित करता है.  इसे हर 3 महीने में बदलना चाहिए. एक व्यवस्थित बाथरूम धन की आवक के लिए बहुत जरूरी है. गंदा या फटा पायदान (Doormat): घर का मुख्य द्वार लक्ष्मी का प्रवेश द्वार है. फटा या धूल से भरा पायदान धन के मार्ग में बाधा डालता है. इसे समय पर बदलना सकारात्मकता और आय के नए अवसरों को आमंत्रित करता है. फटी चादर और पुराने तौलिये: फटी हुई चादरें और घिसे हुए पुराने तौलिये घर में दरिद्रता के प्रतीक माने जाते हैं. इन्हें हटाकर नई और साफ चीजें लाने से घर की आर्थिक स्थिति में सुधार आता है और मानसिक शांति बनी रहती है. उपाय घर में धन की वृद्धि के लिए केवल इन चीजों को हटाना ही काफी नहीं है, बल्कि इनके हटते ही उस स्थान पर नमक के पानी से पोंछा लगाएँ. यह उपाय नकारात्मक ऊर्जा को पूरी तरह खत्म कर देगा.

लखनऊ समेत यूपी में आसमान से बरस रही आग, अगले 5 दिन तक राहत नहीं

 लखनऊ  पिछले एक सप्ताह से पूरब से पश्चिम तक भीषण गर्मी का दौर जारी है। शुक्रवार और शनिवार को 24 जिलों में लू चलने से लोगों को परेशानी बढ़ी है। मौसम विभाग के अनुसार, लखनऊ सहित 35 जिलों में अगले पांच दिन आसमान से आग बरसेगी। गर्म हवा से हीट वेव का अलर्ट है। इस दौरान अधिकतम तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि के आसार हैं। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह का कहना है कि रविवार को राजधानी, प्रयागराज, वाराणसी समेत 35 जिलों में लू चलने का यलो अलर्ट जारी किया गया है। फिलहाल, अभी अगले कुछ दिनों तक भीषण गर्मी से राहत के आसार नहीं हैं। 25 जून के बाद आएगा मानसून मौसम विभाग का कहना है कि इस बार उत्तर प्रदेश में मानसून आने में एक सप्ताह से अधिक समय की देरी लग सकती है। दरअसल, केरल में मानसून ने चार दिन की देरी यानि पांच जून को दस्तक दी। जिसके बाद इसकी गति धीमी हो गई है, क्‍योंकि अरब सागर से नमी का प्रवाह कमजोर पड़ गया है। उत्तर पश्चिम भारत में गर्म और शुष्‍क हवा का प्रभाव बना है। आने वाला पश्चिमी विक्षोभ शुष्‍क हवा के असर को कम करेगा। इससे पूरे उत्तरी क्षेत्र में नमी में सुधार होगा, जिससे बदलाव की पूरी संभावना है। अच्छी बारिश के लिए अभी दो सप्ताह तक इंतजार पूर्वी यूपी में 25 जून के बाद से प्री मानसून प्रवेश करेगा। लखनऊ और आसपास जिलों समेत प्रदेशभर में इसके पहुंचने में एक सप्ताह और लगेगा यानी सूबे के लोगों को अच्छी बारिश के लिए अभी दो सप्ताह तक इंतजार करना पड़ सकता है। लखनऊ में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 40.3 और न्यूनतम तापमान 29.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। उधर, बांदा समेत आसपास के जिलों में भीषण गर्मी और लू का सिलसिला जारी है। दोपहर 12 से शाम चैट बजे तक घर से बाहर निकलना दूभर हो गया है।  

फिटकरी से बालों की देखभाल: झड़ते बाल, डैंड्रफ और ग्रोथ की समस्या का आसान घरेलू उपाय

आज के समय में अनहेल्दी लाइफस्टाइल, बढ़ता प्रदूषण, स्ट्रेस और गलत खान-पान की वजह से बालों से जुड़ी समस्याएं काफी तेजी से बढ़ रही हैं. किसी के बाल झड़ रहे हैं, किसी के बाल समय से पहले सफेद हो रहे हैं, तो किसी को डैंड्रफ की समस्या परेशान कर रही है. इन समस्याओं को कम करने के लिए कई बार लोग महंगे हेयर प्रोडक्ट्स, केमिकल वाले शैम्पू और पार्लर ट्रीटमेंट्स का सहारा लेते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके घरों में मौजूद सफेद पत्थर, जिसे फिटकरी कहा जाता है, आपके बालों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. एंटी-बैक्टीरियल और एस्ट्रिंजेंट गुणों से भरपूर फिटकरी न सिर्फ स्कैल्प को गहराई से साफ करने में मदद करती है, बल्कि बालों की जड़ों को मजबूत बनाने और डैंड्रफ कम करने में भी मदद करती है. तो आइए जानते हैं कि हम सही तरीके से फिटकरी का इस्तेमाल बालों की देखभाल में कैसे कर सकते हैं. बालों को बढ़ाने में करता है मदद अगर आप झड़ते बालों से परेशान हैं और चाहते हैं कि आपके बाल तेजी से बढ़े तो आप फिटकरी का उपयोग बालों में कर सकते हैं. इसके लिए फिटकरी को पीसकर बारीक पाउडर बना लें और इसे नारियल तेल में अच्छी तरह मिला लें. इस मिश्रण से स्कैल्प की हल्के हाथों से मसाज करें और इसे कुछ घंटों लगा रहने दें. इसके बाद माइल्ड शैम्पू से बाल धो लें. इससे स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और बालों की ग्रोथ को सपोर्ट मिलता है. डैंड्रफ से मिलेगा राहत डैंड्रफ की समस्या में फिटकरी का इस्तेमाल स्कैल्प की सफाई में मदद करता है. इसके लिए फिटकरी पाउडर को पानी और नींबू के रस के साथ मिलाकर हल्के हाथों से स्कैल्प पर लगाएं और मसाज करें. 10–15 मिनट बाद बाल धो लें. इससे स्कैल्प साफ होता है और डैंड्रफ कम हो सकता है. कमजोर बालों को जड़ों से देता है पोषण फिटकरी बालों को हेल्दी रखने में काफी मदद कर सकता है. इसके लिए फिटकरी पाउडर को कलौंजी के तेल में मिलाकर एक मिश्रण तैयार करें और इससे स्कैल्प की हल्के हाथों से मसाज करें. इसके रेगुलर इस्तेमाल से बालों की जड़ों को पोषण मिलता है और बालों की हेल्थ बेहतर हो सकती है. फिटकरी का इस्तेमाल करते समय इन बातों का रखें ध्यान     फिटकरी का इस्तेमाल बालों पर सीमित मात्रा में ही करें. इसका ज्यादा या बार-बार उपयोग करने से स्कैल्प ड्राई हो सकता है.     अगर आपकी स्किन सेंसिटिव है तो बालों पर लगाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें.     फिटकरी लगाते समय ध्यान रखें कि यह आंखों के आस-पास न लगें.     अगर किसी तरह की जलन या एलर्जी महसूस हो तो तुरंत इसका इस्तेमाल बंद कर दें.  

दिल्ली सरकार का स्वास्थ्य विभाग में सुधार अभियान, लंबे समय से तैनात डॉक्टरों का होगा तबादला

नई दिल्ली सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (CPA) में कथित भ्रष्टाचार के मामले में 40 से अधिक मेडिकल स्टाफ और प्रशासनिक अधिकारियों के ट्रांसफर के साथ डॉक्टर वत्सला अग्रवाल और डॉक्टर विजय कुमार रंगा को सस्पेंड किया गया था। अब दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं में प्रशासनिक सुधार और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में बढ़ा कदम उठाते हुए तिहाड़ और मंडोली जेलों में लंबे समय से तैनात डॉक्टरों की सिफारिश एलजी से की है। 39 डॉक्टरों का किया जा सकता है तबादला प्रस्ताव के मुताबिक 5 साल या उससे अधिक समय से एक ही जगह कार्यरत 39 डॉक्टरों का तबादला किया जा सकता है। इनमें कई डॉक्टर ऐसे भी है, जो 2014 से लगातार एक ही स्थान पर तैनात है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, तिहाड़ और मंडोली जेलों में कार्यरत स्पेशलिस्ट डॉक्टरों और जनरल ड्यूटी मेडिकल अधिकारियों (जीडीएमओ) को मिलाकर 39 डॉक्टरों के ट्रांसफर का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इनके स्थान पर करीब 35 अन्य डॉक्टरों की तैनाती भी प्रस्तावित है। इस तरह कुल 74 ट्रांसफर किए जाने की योजना है। ह्यूमन रिसोर्स का संतुलित उपयोग जरूरी सरकार का कहना है कि किसी भी विभाग में लंबे समय तक एक ही स्थान पर तैनाती रहने से कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है। ऐसे में समय-समय पर पोस्टिंग की समीक्षा और ह्यूमन रिसोर्स का संतुलित उपयोग जरूरी है। इसी सोच के तहत जेल अस्पतालों में तैनात डॉक्टरों के ट्रांसफर की सिफारिश की गई है। तैनात कर्मचारियों की समीक्षा की जा रही मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न इकाइयों को अधिक सक्षम, जवाबदेह और जनहित केंद्रित बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी कारण विभिन्न संस्थानों में तैनात कर्मचारियों और अधिकारियों की समीक्षा की जा रही है और जरूरत के अनुसार बदलाव किए जा रहे हैं। तिहाड़ और मंडोली जेलों में लंबे समय से तैनात डॉक्टरों के ट्रांसफर की सिफारिशें भी इसी प्रशासनिक सुधार अभियान का हिस्सा है।  

PM किसान की 23वीं किस्त का इंतजार खत्म, आज किसानों को मिलेगा बड़ा तोहफा

रायपुर. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के अंतर्गत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करने की दिशा में आज 20 जून 2026 को 23वीं किस्त जारी की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर से दोपहर 3.45 बजे देशभर के पात्र किसानों के खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से राशि हस्तांतरित करेंगे। मुख्यमंत्री के साथ मंत्री बनेंगे चिंतन शिविर 3.0 का हिस्सा रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार शासन-प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। जुलाई के पहले सप्ताह में नवा रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) में चिंतन शिविर 3.0 का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ प्रदेश के सभी मंत्री हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम के दौरान प्रशासन, नीति निर्माण, जनसेवा, तकनीक और विकास से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञ मंत्रियों को प्रशिक्षण देंगे।

वास्तु शास्त्र के अनुसार कूड़ेदान रखने की सही दिशा और नियम

घर को सुखी और समृद्ध बनाने के लिए वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) का पालन करना बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. वास्तु शास्त्र न केवल घर की बनावट पर ध्यान देता है, बल्कि घर में रखी छोटी-छोटी वस्तुओं के स्थान और उनके प्रभाव को भी उतनी ही गंभीरता से लेता है.  इन्हीं वस्तुओं में से एक है कूड़ेदान (Dustbin). अक्सर हम सुविधा के अनुसार घर के किसी भी कोने में कूड़ेदान रख देते हैं, लेकिन वास्तु के अनुसार गलत स्थान पर रखा गया कूड़ेदान घर में नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) का संचार कर सकता है, जिससे मानसिक तनाव, आर्थिक नुकसान  हो सकता है. वास्तु के अनुसार कूड़ेदान रखने के नियम कूड़ेदान घर की गंदगी का केंद्र होता है, इसलिए इसे सही जगह रखना बहुत जरूरी है ताकि घर में बीमारियां न आएं और मन शांत रहे. 1. कहाँ रखें कूड़ेदान (सही दिशाएं) दक्षिण-पश्चिम (South-West): वास्तु के अनुसार, यह दिशा कूड़ेदान के लिए सबसे अच्छी मानी जाती है. उत्तर-पश्चिम (North-West): अगर दक्षिण-पश्चिम दिशा खाली न हो, तो आप कूड़ेदान को उत्तर-पश्चिम दिशा में रख सकते हैं. पश्चिम दिशा (West): आप कूड़ेदान को पश्चिम दिशा में भी रख सकते हैं क्योंकि इसे नकारात्मक ऊर्जा को हटाने वाली दिशा माना जाता है. 2. कहाँ कभी न रखें (गलत दिशाएं) उत्तर-पूर्व (North-East – ईशान कोण): यहाँ कभी भी कूड़ेदान न रखें. यह दिशा भगवान का स्थान मानी जाती है. यहां कचरा रखने से घर के सदस्यों को मानसिक तनाव हो सकता है. दक्षिण-पूर्व (South-East – आग्नेय कोण): यह अग्नि और धन की दिशा है.  यहां कूड़ेदान रखने से घर में पैसों की तंगी या परिवार में झगड़े हो सकते हैं. पूर्व दिशा (East): पूर्व दिशा तरक्की और नई ऊर्जा का प्रतीक है. यहां कूड़ेदान रखने से घर के लोगों की तरक्की रुक सकती है. 3. कुछ खास बातें और सावधानियां ढक्कन वाला कूड़ेदान: कूड़ेदान को हमेशा ढक्कन से ढक कर रखें ताकि उसकी नकारात्मक ऊर्जा और दुर्गंध घर में न फैले. नियमित सफाई: कूड़ेदान को रोज़ाना साफ करें. गंदा कूड़ेदान घर में बीमारी और नकारात्मक ऊर्जा लाता है. मुख्य द्वार से दूर: कभी भी घर के मुख्य गेट (Entrance) के ठीक पास कूड़ेदान न रखें, क्योंकि यह सकारात्मक ऊर्जा के आने का रास्ता है. नजरों से दूर रखें: कूड़ेदान को ऐसी जगह रखें जहाँ वह बाहर से आने वाले मेहमानों को आसानी से दिखाई न दे. सही रंग: वास्तु के अनुसार कूड़ेदान के लिए हल्के भूरे (Light Brown) या ग्रे (Grey) रंग का चयन करना बेहतर माना जाता है. कचरा हटाने का समय: रात के समय घर में कचरा जमा न रहने दें. हो सके तो हर रात कचरा बाहर फेंक दें ताकि सुबह घर में ताजी और सकारात्मक ऊर्जा आए.

MCX पर धातुओं की कीमतों में भारी नरमी, निवेशकों के सामने बढ़ी दुविधा

नई दिल्ली  इस महीने सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने के बाद निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश वाली धातुओं से थोड़ा कम हुआ, जिसका असर कीमतों पर पड़ा। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) के आंकड़ों के अनुसार, जून की शुरुआत से अब तक सोने की कीमत में करीब 6.50% और चांदी में 11.56% तक की गिरावट आई है। एमसीएक्स पर 1 जून को सोने का भाव 1,54,908 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो 19 जून तक गिरकर करीब 1,44,938 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। यानी सोने में 10,070 रुपये प्रति 10 ग्राम की कमी आई। वहीं, चांदी 2,63,458 रुपये प्रति किलो से गिरकर 2,33,010 रुपये प्रति किलो पर आ गई। चांदी में करीब 30,448 रुपये प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई। क्यों लुढ़की सोने-चांदी की कीमत?     विशेषज्ञों के मुताबिक सोने और चांदी में गिरावट के पीछे कई वैश्विक कारण हैं।     इनमें कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, महंगाई की चिंता, ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदें, मजबूत अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी प्रमुख हैं।     इसके अलावा गोल्ड और सिल्वर ETF से निकासी ने भी निवेशकों की धारणा को कमजोर किया है।     हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि में सोने और चांदी की मांग बनी रह सकती है। क्या पुराने निवेशकों को घबराना चाहिए? पिछले डेढ़ साल में सोने और चांदी में तेज तेजी के कारण कई निवेशकों ने ऊंचे भाव पर खरीदारी की थी। ऐसे निवेशक अब असमंजस में हैं कि नुकसान में बेचें या इंतजार करें। विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को भावनात्मक फैसला लेने से बचना चाहिए। मास्टर कैपिटल सर्विसेज के निदेशक पुनीत सिंघानिया के अनुसार, तेजी के बाद आने वाली गिरावट हमेशा ट्रेंड बदलने का संकेत नहीं होती। उनका कहना है कि अगर लंबे समय के नजरिए से निवेश किया गया है, तो केवल कीमतों में गिरावट देखकर जल्दबाजी में निकलना सही फैसला नहीं हो सकता। नए निवेशकों के लिए क्या है सलाह? विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट नए निवेशकों के लिए मौका हो सकती है, लेकिन एक साथ बड़ी रकम लगाने से बचना चाहिए। रिद्धिसिद्धि बुलियंस के एमडी पृथ्वीराज कोठारी ने सलाह दी है कि निवेशक 6 से 12 महीने में धीरे-धीरे निवेश करें। गोल्ड ETF और सिल्वर ETF के जरिए SIP जैसा तरीका अपनाया जा सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो का करीब 10-15% हिस्सा ही सोने और चांदी में रखना चाहिए। साल की आखिरी तिमाही में सोना और चांदी फिर से रिकवरी कर सकते हैं। इसकी वजह केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और ETF निवेश में दोबारा बढ़ोतरी हो सकती है। खरीदारी का बेहतर तरीका कौन सा? विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय के निवेश के लिए फिजिकल सोना-चांदी खरीदने की बजाय डिजिटल विकल्प बेहतर हो सकते हैं। गोल्ड ETF, सिल्वर ETF और म्यूचुअल फंड जैसे विकल्पों में स्टोरेज की चिंता नहीं होती। साथ ही सुरक्षा और बीमा का खर्च बचता है और खरीद-बिक्री आसान होती है।कीमतों में भी पारदर्शिता रहती है। वहीं, ज्वेलरी या फिजिकल सोना मुख्य रूप से इस्तेमाल, शादी या गिफ्ट के लिए ज्यादा उपयुक्त माना जाता है, क्योंकि इसमें मेकिंग चार्ज और अन्य खर्च जुड़े होते हैं। आगे क्या उम्मीद है? विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगर वैश्विक तनाव कम होता है, महंगाई नियंत्रित होती है और ब्याज दरों में कटौती शुरू होती है तो सोना-चांदी फिर तेजी पकड़ सकते हैं। फिलहाल निवेशकों के लिए रणनीति यही है कि गिरावट में घबराने के बजाय धीरे-धीरे और सोच-समझकर निवेश किया जाए।  

मेडिकल छात्रा की संदिग्ध मौत पर बवाल, पन्ना में छात्रों का प्रदर्शन और हंगामा

जबलपुर/प्रयागराज. यूनाइटेड इंस्टिट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज में पढ़ने वाली छात्रा सृष्टि मिश्रा की संदिग्ध दशा में मौत हो गई। इससे नाराज छात्रों ने हंगामा किया। मौके पर पुलिस पहुंची, लेकिन भीतर नहीं घुसने दिया गया। मेडिकल कालेज की ओर से कहा गया है कि छात्रा को थायराइड की समस्या थी और मिर्गी के दौरे पड़ते थे। सृष्टि मिश्रा मध्य प्रदेश के पन्ना जिले की रहने वाली थी। छात्रा हास्टल के एक कमरे में सोई हुई थी वह एमबीबीएस फाइनल इयर की छात्रा थी। संस्थान के हास्टल में रहकर पढ़ाई करती थी। छात्रा शुक्रवार रात हास्टल के एक कमरे में सोई हुई थी। छात्रा के पिता अनुराग मिश्रा के आने का इन्तजार इसी दौरान उसकी संदिग्ध दशा में मौत हो गई। एयरपोर्ट थाना के प्रभारी राजेश उपाध्याय का कहना है कि छात्रा के पिता अनुराग मिश्रा के आने का इन्तजार किया जा रहा है। शव का पोस्टमार्टम करवाकर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

गुरु बृहस्पति का पुष्य नक्षत्र गोचर: 4 राशियों के लिए खुला तरक्की का द्वार

ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति का गोचर अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. 18 जून 2026 को गुरु बृहस्पति ने नक्षत्रों के राजा पुष्य नक्षत्र में प्रवेश कर लिया है, जहां वे 18 अगस्त 2026 तक रहेंगे. यह खगोलीय घटना किसी सामान्य गोचर से कहीं अधिक शक्तिशाली है, क्योंकि यह अगले 61 दिनों तक एक विशेष प्रभाव बनाए रखेगी. गुरु का पुष्य नक्षत्र में आना ज्ञान, धन, संतान और भाग्य के मामलों में बड़े बदलाव का संकेत है. जब गुरु की शुभता पुष्य नक्षत्र की ऊर्जा से जुड़ती है, तो यह समय नए कार्यों की शुरुआत, संपत्ति की खरीद और बड़े निवेश के लिए बेहद फायदेमंद हो जाता है. इन 4 राशियों के लिए खुलेगा तरक्की का द्वार ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, गुरु का यह गोचर विशेष रूप से 4 राशियों के लिए स्वर्णिम अवसर लेकर आया है. मेष राशि: आपके साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी. कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा और लंबे समय से अटके हुए काम पूरे होंगे. आर्थिक स्थिति में भी मजबूती आएगी. कर्क राशि: पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनि है, गुरु का इस राशि में गोचर आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है.  निवेश और व्यक्तिगत विकास के लिए यह समय बेहतरीन रहने वाला है. तुला राशि: अचानक धन लाभ के प्रबल योग बन रहे हैं. पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में सफलता मिल सकती है.  करियर में लंबे समय बाद स्थिरता आएगी. गुरु की कृपा पाने के लिए अचूक उपाय गुरु पुष्य नक्षत्र की इस विशेष अवधि का पूर्ण लाभ उठाने के लिए आप  उपाय अपना सकते हैं: पीली वस्तुओं का दान: गुरुवार के दिन चने की दाल या पीली मिठाई का दान करना अत्यंत शुभ माना गया है. मंत्र जाप: 'ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः' मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें.   विष्णु आराधना: पुष्य नक्षत्र के दौरान भगवान विष्णु की पूजा और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ गुरु के शुभ प्रभाव को कई गुना बढ़ा देता है.

राम मंदिर में दान हेरफेर की जांच में बड़ा खुलासा, पुराने कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल

अयोध्या अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ी जानकारी सामने आई है. SIT के सूत्रों के मुताबिक गिनती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाने वाले कई लोग अपनी जिम्मेदारियों में विफल रहे. टिन्नू यादव समेत नकदी गिनने, रकम के प्रबंधन और कथित हेरफेर से जुड़े कर्मचारियों पर कार्रवाई की तैयारी है. कुछ बैंक कर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है और उनके खिलाफ भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है. हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कार्रवाई एसआईटी जांच के दौरान होगी या जांच पूरी होने के बाद. जांच टीम ने प्राण प्रतिष्ठा के बाद मंदिर में हुई नियुक्तियों, प्रशासनिक फैसलों और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है. राम मंदिर में विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए लगभग 800 कर्मी तैनात हैं, जिनमें करीब 200 कर्मी ट्रस्ट द्वारा नियुक्त किए गए हैं. पुराने कर्मचारियों का डाटा जुटाने में जुटी टीम एसआईटी ने लंबे समय से मंदिर परिसर में तैनात सुरक्षा अधिकारियों, पर्यवेक्षकों और अन्य जिम्मेदार कर्मियों की सूची भी मांगी है. सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कई ऐसे कर्मी का नाम सामने आया है जो पिछले कई वर्षों से मंदिर परिसर से जुड़े हुए हैं. जांच टीम पुराने कर्मचारियों की तैनाती अवधि, जिम्मेदारियों और कार्यक्षेत्र की विस्तृत जानकारी जुटा रही है. जांच का फोकस अब केवल चोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि निगरानी, जवाबदेही और प्रशासनिक लापरवाही की भूमिका पर भी है. आने वाले दिनों में एसआईटी की जांच और तेज होने के साथ कई नए नामों के सामने आने की संभावना है. फिलहाल एसआईटी मामले की जांच कर रही है.   अखिलेश बोले भाजपाई राजनीति यहीं से शुरू और यहीं पर अंत चढ़ावा चोरी मामले में अखिलेश यादव ने बीजेपी पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि अयोध्या महापापियों के लिए कुरुक्षेत्र साबित होगी. यहीं भाजपाई राजनीति का आरंभ हुआ था, यहीं अंत भी होगा. अयोध्या में ‘चढ़ावे-चंदे-दान-शिला चोरी’ की घटना के बाद से यहां आनेवाले दर्शनार्थियों की संख्या पर नकारात्मक असर पड़ा है. लोगों की आस्थाएं खंडित हुई हैं. इसका सीधा असर अयोध्या के स्थानीय काम-कारोबार और आम आदमी की आमदनी पर पड़ा है. सरकार की गलती का ख़ामियाज़ा जनता क्यों भुगते. अयोध्या और आस-पास के सभी क्षेत्रों में भयंकर आक्रोश पनप रहा है. इस पावन सनातनी तीर्थ की शुचिता जिन भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों की वजह से कलुषित हुई है, वो अपना कारनामा करके सदैव की तरह भूमिगत हो गये हैं.अस्पष्टता के कारण वातावरण और भी शंकापूर्ण व तनावपूर्ण हो गया है. स्थानीय लोग मंदिर जाने से भी घबरा रहे हैं कि कहीं उनको ही जांच के नाम पर फंसा न दिया जाए. श्रद्धालुओं में एक अज्ञात भय व्याप्त हो गया है. जांच कहां तक पहुंची इसकी डेली ब्रीफिंग होनी चाहिए क्योंकि भाजपा सरकार में हो रहे ‘चतुर्दिक महा-भ्रष्टाचार’ के कारण जनता का SIT तक पर रत्ती भर भी विश्वास नहीं है. मथुरा से भी आई धांधली की ख़बर बेहद गंभीर है, उसकी भी उच्च स्तरीय विश्वसनीय जांच हो.