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आदित्य बिड़ला फैशन यूनिट का दौरा, धनबाद में रोजगार सृजन की नई संभावनाओं पर मंथन

धनबाद बीसीसीएल क्षेत्र में पुनर्वासित और परियोजना-प्रभावित परिवारों के लिए रोजगार के नए अवसर तलाशने के उद्देश्य से बेंगलुरु स्थित आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल लिमिटेड की वस्त्र विनिर्माण इकाई का अध्ययन शुक्रवार को भ्रमण किया। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल गई है। भ्रमण के दौरान टीम ने फैक्ट्री में चल रही उत्पादन प्रणाली, पूरी आपूर्ति श्रृंखला, गुणवत्ता प्रबंधन और सहायक तकनीकी व्यवस्थाओं का विस्तार से अवलोकन किया। कंपनी अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को उत्पादन प्रक्रिया से जुड़ी तकनीकी और प्रबंधन संबंधी जानकारी भी दी। रोजगार सृजन और औद्योगिक माडल पर चर्चा: सीएमडी सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि बीसीसीएल रोजगार को लेकर काफी गंभीर है। इसी को ध्यान में रखकर इस पर काम कर रही है। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच संभावित सहयोग, स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार उपयुक्त औद्योगिक माडल और पुनर्वासित परिवारों के लिए रोजगार सृजन की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों ओर से व्यावहारिक पहलुओं और भविष्य की संभावनाओं पर विचार साझा किए गए। उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल बीसीसीएल की ओर से डीटीओपी संजय कुमार सिंह, महाप्रबंधक (जेएमपी) राजीव चोपड़ा सहित अन्य अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल थे। वहीं आदित्य बिड़ला समूह की ओर से मुख्य आपूर्ति श्रृंखला अधिकारी स्वामीनाथन रामचंद्रन, मुख्य स्थिरता अधिकारी डा. नरेश त्यागी, कॉरपोरेट अफेयर्स के वरिष्ठ अधिकारी और मैन्युफैक्चरिंग हेड सुधाकरन गुरुनाथन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। आगे की योजना पर होगा निर्णय दौरे के दूसरे दिन शनिवार को औद्योगिक माडल के क्रियान्वयन और रोजगार आधारित गतिविधियों के विकास पर विस्तृत चर्चा होगी। इस अध्ययन से मिले निष्कर्षों के आधार पर बीसीसीएल भविष्य की कार्ययोज

‘शौच के लिए बाहर जाना भी छुट्टी माना जाएगा’, शिक्षा मंत्री के बयान पर चर्चा तेज

रामगढ़  बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री व भाजपा के कद्दावर नेता मिथिलेश तिवारी ने शिक्षकों का आह्वान किया कि वे अपने दायित्व बोध को जगाएं तभी विवेकानंद का सपना साकार होगा। आप सभी सहयोग व संकल्प के साथ कार्य करने का निश्चय करने का ठान लेंगे, तब शिक्षा के क्षेत्र में बिहार की तस्वीर बदल देंगे। उन्होंने कहा कि राज्य की शिक्षा में गुणात्मक सुधार मेरी प्राथमिकता में है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी रामगढ़ के माधव पैलेस में भाजपा द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि स्कूलों में मां सरस्वती की आराधना और उपासना से सब कुछ हासिल किया जा सकता है। शौच के लिए भी बाहर गए तो कार्रवाई तय शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि विद्यालय अवधि के दौरान बिना अनुमति स्कूल परिसर से बाहर जाना शिक्षकों को महंगा पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित निगरानी प्रणाली के जरिए शिक्षकों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि यदि कोई शिक्षक स्कूल समय में परिसर से बाहर जाता है तो उसकी उपस्थिति पर सीधा असर पड़ेगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि शौच के लिए भी यदि कोई शिक्षक विद्यालय की चहारदीवारी से बाहर जाता है तो उसकी आधे दिन की उपस्थिति प्रभावित हो सकती है वहीं, यदि कोई शिक्षक एक घंटे से अधिक समय तक विद्यालय से बाहर रहता है तो उसे पूरे दिन की अनुपस्थिति माना जा सकता है। 'बिहार का भविष्य शिक्षकों के हाथ में' शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बिहार के सरकारी विद्यालयों की व्यवस्था शिक्षकों के भरोसे चलती है और राज्य के बच्चों का भविष्य उनके हाथों में है। उन्होंने कहा, "आप छात्रों को गढ़ने का काम करते हैं। आने वाले बिहार की नींव स्कूलों में रखी जाती है। ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।" AI आधारित मॉनिटरिंग से बढ़ेगी जवाबदेही मंत्री ने कहा कि विभाग तकनीक के अधिकतम उपयोग पर जोर दे रहा है और इसी कड़ी में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित निगरानी व्यवस्था विकसित की जा रही है। इसके माध्यम से शिक्षकों की उपस्थिति, विद्यालय में उनकी गतिविधियों और समय पालन की निगरानी की जाएगी। सरकार का मानना है कि तकनीक के उपयोग से जवाबदेही बढ़ेगी और विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी। लंबित मामलों के समाधान का भी भरोसा शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों की समस्याओं को लेकर भी आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि विभाग में लंबित पड़े एसीपी, वेतन विसंगति, प्रोन्नति और अन्य प्रशासनिक मामलों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सचिवालय के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी। विभाग में सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है, जिसके तहत 20 दिनों के भीतर शिकायतों का निपटारा सुनिश्चित किया जाएगा। अधिकारियों पर भी होगी कार्रवाई मिथिलेश तिवारी ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर किसी शिक्षक की समस्या का समाधान नहीं होता है तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी और उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर जहां शिक्षकों से अनुशासन और जवाबदेही की अपेक्षा करती है, वहीं दूसरी ओर उनकी वैध समस्याओं के समाधान के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकारी स्‍कूलों में अपने बच्‍चे को पढ़ाने पर होगा गर्व इसलिए हमारा लक्ष्य है कि हम सभी मिलकर राज्य के स्कूलों को कुछ इस तरह विकसित करेंगे, जरुरी संसाधनों से लैस करेंगे कि सरकारी स्कूलों में मंत्री- विधायक और अधिकारी के बच्चे भी गौरव-बोध के साथ पढ़ाई कर सकें। हम ऐसी संरचना व संसाधन स्थापित कर दिखाएंगे। यह हमारा संकल्प भी है और लक्ष्य है। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि आप सुविधाएं लीजिए। सरकार जरुरी सहुलियत भी मुहैया कराने का निर्णय ले चुकी है। लेकिन पढ़ाई में ढ़िलाई बर्दाश्त नहीं होगी। पठन पाठन व्यवस्था में सख्ती लागू रहेगी। उन्होंने शिक्षकों को मजाकिया लहजे में चेताया कि अब ई शिक्षा पोर्टल पर हस्ताक्षर बनाकर ससुराल नहीं घूम पाएंगे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षकों की समस्या को हमने करीब से महसूस किया और फिर सरकार ने निर्णय लिया कि महिला शिक्षकों को अपने मूल पंचायत के बगल वाली पंचायत और पुरुष शिक्षकों को अपने मूल प्रखंड के बगल वाले प्रखंड में पोस्टिंग करेंगे। इस सुविधा और सहूलियत का एक मात्र उद्देश्य है कि शिक्षको को परेशानी से छुटकारा मिले और गुणात्मक शिक्षा की दिशा में सार्थक प्रयास को अंजाम दे सकें। मंत्री ने कहा कि बक्सर और रामगढ़ से मेरा गहरा लगाव है। हर महीने रामगढ़ के एक स्कूल में आऊंगा और पूर्व विधायक अशोक सिंह शिक्षा के क्षेत्र में जो प्रस्ताव भेजेंगे उसे स्वीकृति मिलेगी। समारोह की अध्यक्षता नगर अध्यक्ष संजय जायसवाल और संचालन राजीव श्रीवास्तव ने किया। धन्यवाद ज्ञापन परशुराम तिवारी ने किया। समारोह को जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश पांडेय, पूर्व प्रमुख संजय सिंह, तरुण सिंह, दिनेश उपाध्याय, कृपाशंकर चौबे, हरिद्वार राम, मंडल अध्यक्ष आनंद सिंह, अरविंद सिंह, विक्की सिंह ने संबोधित किया।    

बेसिक स्कूल रसोइयों के लिए बड़ा फैसला, सेवा शर्तों और छुट्टियों का मिलेगा लाभ

लखनऊ बेसिक स्‍कूलों में मध्याह्न भोजन (MDM) बनाने वाले रसोइयों की रिटायरमेंट की उम्र 62 साल हो सकती है। हाल ही में कई स्तर पर हुई बैठकों के बाद मध्याह्न भोजन प्राधिकारण इनकी सेवा नियमावली बनाए जाने का प्रस्ताव तैयार कर रहा है। नियमावली बनने के बाद अन्य संविदाकर्मियों की तरह छुट्टियों और नियुक्ति प्रक्रिया सहित कई सेवा शर्तें इन पर भी भी लागू होंगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 2004 में कक्षा एक से पांच तक के स्कूलों में बच्चों को पका हुआ भोजन दिए जाने की योजना लागू की गई थी। उसके बाद 2007 में पिछड़े ब्लॉक के अपर प्राइमरी स्कूलों में और 2008 में सभी अपर प्राइमरी स्कूलों में मध्याह्न भोजन की योजना लागू कर दी गई। वर्तमान में 1.41 लाख स्कूलों के 1.52 करोड़ बच्चों को पका हुआ भोजन दिया जा रहा है। इसके लिए 3.63 लाख रसोइये स्कूलों में कार्यरत हैं। ऐसे बनी सहमति रसोइयों को 2000 रुपये प्रति माह मानदेय दिया जाता है, लेकिन इनकी अब तक सेवा शर्तें नहीं बनीं। ग्राम समिति इनका चयन करती हैं। कुछ रसोइये 70-75 साल की उम्र में भी कार्यरत हैं। वहीं, ग्राम समिति चाहती है तो किसी को कभी भी हटा देती है। इनकी सेवानिवृत्ति की कोई आयु सरकार ने तय नहीं की है। वहीं, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को 11 महीने का मानदेय मिलता है, लेकिन रसोइयों को 10 माह का ही मानदेय मिलता है। अब इनकी सेवा शर्ते बनाने की तैयारी की जा रही है। रसोइयों के प्रदर्शन के बाद अफसरों संग हुई बैठक हाल ही में रसाइयों के प्रदर्शन के बाद अधिकारियों के साथ उनकी बैठकें हुईं। मध्याह्न भोजन प्राधिकरण, शिक्षा विभाग और शासन स्तर के अधिकारियों ने भी मंथन किया। उसके बाद प्राधिकरण को इस बाबत प्रस्ताव करने के लिए कहा गया है। इनकी रिटायरमेंट उम्र 62 साल की जा सकती है। सेवा शर्तों से क्या अंतर आएगा? सेवा शर्तें बन जाने से इनकी रिटायरमेंट उम्र तय हो जाएगी। इससे ग्राम समितियों की मनमानी पर अंकुश लगेगा। अभी इनको किसी तरह की कोई छुट्टी का प्रावधान नहीं है। यहां तक कि मातृत्व अवकाश और चाइल्ड केयर लीव का भी प्रावधान नहीं है। सेवा शर्तें बन जाने से रसोइयों को ये लाभ भी मिल सकेंगे। अन्य संविदा कर्मियों की तरह इनके 11 माह के मानदेय पर भी विचार किया जा रहा है।  

पंजाब के 24 अप्रेंटिस कर्मचारियों को मिली राहत, PSPCL में नियमितीकरण की घोषणा

चंडीगढ़. पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) में भर्ती किए गए 24 अप्रेंटिसशिप उम्मीदवारों को नियमित किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन युवाओं को असिस्टेंट लाइनमैन (एएलएम) के पद पर नियुक्त किया जाएगा, जिससे लंबे समय से नियमित भर्ती की मांग कर रहे उम्मीदवारों को बड़ी राहत मिलेगी। चीमा ने कहा कि सरकार युवाओं के रोजगार को लेकर गंभीर है और योग्य उम्मीदवारों को उनके कौशल के अनुरूप अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि इन उम्मीदवारों की नियुक्ति प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के लिए जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।वित्त मंत्री ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया के तहत उम्मीदवारों का पंजाबी भाषा का पेपर भी लिया जाएगा। इस परीक्षा का सिलेबस, परीक्षा पैटर्न और अन्य जरूरी दिशा-निर्देश जल्द ही पीएसपीसीएल की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे, ताकि उम्मीदवार समय पर पूरी जानकारी प्राप्त कर सकें और तैयारी शुरू कर सकें। उन्होंने बताया कि सरकार भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, सरल और व्यवस्थित बनाने के लिए एक मजबूत सिस्टम तैयार कर रही है। इसके तहत ऐसा इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा जिससे चयन प्रक्रिया में स्पष्टता बनी रहे और उम्मीदवारों को किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े। चीमा ने भरोसा दिलाया कि सरकार युवाओं के हितों की रक्षा करते हुए रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए लगातार काम कर रही है। पीएसपीसीएल में असिस्टेंट लाइनमैन के पद पर इन अप्रेंटिस उम्मीदवारों की नियुक्ति को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

कच्चा अंडा पीना कितना सुरक्षित है? जानें साइंस और हेल्थ एक्सपर्ट्स की राय

बॉडी बिल्डिंग या फिटनेस फ्रीक लोग सुबह-सुबह दूध में कच्चा अंडा मिलाकर पी जाते हैं या फिर इसे सीधे ही खा लेते हैं. जिम जाने वाले युवाओं के बीच यह काफी पॉपुलर है क्योंकि उनका मानना होता है कि पकाने से अंडे के न्यूट्रिएंट्स कम हो जाते हैं. ऐसे कई लोग हैं जो इसे खाना सही मानते हैं और कई लोग नहीं. ऐसे में साइंस इस बारे में क्या कहता है कि कच्चा अंडा खाना फायदेमंद है भी या नहीं इस बारे में जान लीजिए. क्या कच्चा अंडा पचाना आसान है? Healthline का कहना है, कई लोग मानते हैं कि कच्चे अंडे से प्रोटीन अधिक मिलता है लेकिन साइंस इसके विपरीत है. दरअसल, इंसानी शरीर पके हुए अंडे के प्रोटीन को 90 प्रतिशत तक आसानी से एब्जॉर्ब कर लेता है जबकि कच्चे अंडे का केवल 50 प्रतिशत प्रोटीन ही शरीर पचा पाता है. वहीं कच्चे अंडे के सफेद हिस्से में एविडिन (Avidin) नाम का प्रोटीन होता है जो शरीर में बायोटिन (विटामिन B7) के एब्जॉर्प्शन को रोक देता है जिससे इसकी कमी हो सकती है. साल्मोनेला इंफेक्शन का सबसे बड़ा खतरा कच्चा अंडा खाने का सबसे खतरनाक पहलू है उसमें मौजूद बैक्टीरिया. अमेरिकन हेल्थ आर्गेनाइजेशन CDC का कहना है, कच्चे या कम पके हुए अंडों में साल्मोनेला नाम का बैक्टीरिया होने का बहुत ज्यादा चांस रहता है. यह बैक्टीरिया मुर्गी के अंडे देने के दौरान या उसके अंदरूनी हिस्से में पहले से मौजूद हो सकता है. अगर यह शरीर में चला जाए तो फूड पॉइजनिंग हो सकती है जिससे पेट में तेज दर्द, डायरिया, उल्टी, बुखार और डिहाइड्रेशन जैसी गंभीर समस्याएं शुरू हो जाती हैं. ये लोग भूलकर भी नहीं खाएं कच्चा अंडा कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए कच्चा अंडा एक मेडिकल इमरजेंसी खड़ी कर सकता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, प्रेग्नेंट महिलाओं, छोटे बच्चों, बुजुर्गों और किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को कच्चा अंडा या इससे बनी चीजें (जैसे होममेड मेयोनीज) खाने से पूरी तरह बचना चाहिए. साल्मोनेला बैक्टीरिया का असर इन पर बहुत तेजी से होता है, जो कभी-कभी जानलेवा भी साबित हो सकता है. सेफ रहने के लिए क्या करें? अगर आप अंडे के सारे न्यूट्रिएंट्स सुरक्षित तरीके से पाना चाहते हैं, तो उसे उबालकर या ऑमलेट बनाकर ही खाएं. अंडे को तब तक पकाएं जब तक कि उसका पीला और सफेद हिस्सा पूरी तरह सॉलिड न हो जाए. हीट के संपर्क में आते ही साल्मोनेला बैक्टीरिया मर जाता है और अंडे का प्रोटीन भी आपकी बॉडी के लिए आसानी से एब्जॉर्ब करने लायक बन जाता है.

श्रद्धा कपूर की नई बायोपिक ‘ईथा’ का टीजर रिलीज, सोशल मीडिया पर मचा धमाल

बॉलीवुड डीवा श्रद्धा कपूर अपकमिंग बायोपिक ईथा से बड़े पर्दे पर बड़ा धमाका करने के लिए तैयार हैं. फिल्म का टीजर कॉकटेल 2 के साथ आया. टीजर की छोटी सी झलक ने सोशल मीडिया पर हल्ला मचा दिया है. फिल्म प्रोडक्शन के आखिरी चरण में है और फिलहाल इसके अगस्त में रिलीज होने की बात चल रही है. पर असल खबर सिर्फ यही नहीं है. असल में बात एक्ट्रेस की फैमिली की है. कहा जा रहा है कि श्रद्धा कपूर की फैमिली में कुल चार लोग हैं और चारों ही अलग-अलग घर में रहते हैं. जानते हैं कि इसकी वजह क्या है. पेरेंट्स से अलग रहती हैं श्रद्धा FPJ की रिपोर्ट में सूत्रों का हवाला देते हुए बताया गया कि श्रद्धा कपूर के परिवार के सारे लोग अलग-अलग रह रहे हैं. श्रद्धा जुहू  में एक किराये के फ्लैट में रहती हैं. उनके रूमर्ड बॉयफ्रेंड राहुल मोदी वहां आते-जाते रहते हैं. ये वही सी-फेसिंग अपार्टमेंट है, जो उन्होंने स्त्री 2 की कामयाबी के बाद ऋतिक रोशन से किराये पर लिया था. एक्ट्रेस यहां अकेली रहती हैं. उनके परिवार वाले कभी-कभार यहां उनसे मिलने आते हैं. लगभग 2020 तक कपूर फैमिली के चारों सदस्य एक ही जूहू वाले अपार्टमेंट में साथ रहते थे, लेकिन महामारी के बाद चीजें बदल गईं. अब शक्ति कपूर एक सबर्बन फ्लैट में अलग रहते हैं. श्रद्धा की मां शिवांगी ने गोवा में एक अपार्टमेंट खरीदा है. कोविड के बाद से वो अपना काफी समय गोवा के अपने बड़े घर में बिताती हैं. श्रद्धा के बड़े भाई सिद्धांत कपूर का भी गोवा में एक घर है. जब वो शूटिंग पर नहीं होते हैं, तो वहीं रहते हैं. मतलब ये कि इस कपूर खानदान के चारों सदस्य अब अपने-अपने घरों में रहते हैं और अलग जिंदगी जी रहे हैं. परफेक्ट अरेंजमेंट. सभी बड़े हैं और अपनी आजादी का स्वागत करते हैं. हमेशा के लिए हुए अलग? रिपोर्ट्स के मुताबिक, श्रद्धा कपूर और उनके “बापू” शक्ति ने पिछले जनवरी में मिलकर माहालक्ष्मी रेसकोर्स के सामने एक अपार्टमेंट खरीदा था.वहां के अंदरूनी सजावट का काम उनकी मां शिवांगी की निगरानी में चल रहा है, क्योंकि उनकी मां की एस्थेटिक्स पर पकड़ मज़बूत है और वो अपनी बेटी को सुंदर घर देना चाहती हैं. एक बार ये जगह तैयार हो जाए, तो श्रद्धा का सेंट्रल मुंबई में दूसरा घर भी होगा. माहालक्ष्मी वाले घर का एक हिस्सा हमेशा उनके माता-पिता के लिए रिजर्व रखा जाएगा, लेकिन सिद्धांत अपनी आजादी पसंद करते हैं और अपने बीचसाइड घर में गोवा में रहना जारी रखेंगे.

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर बनेगा नया रिकॉर्ड! 1.42 करोड़ छात्र-छात्राओं के साथ योग करेगा उत्तर प्रदेश

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर एक नया अध्याय लिखने के लिए तैयार है। प्रदेश के 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों के लगभग 1.42 करोड़ छात्र-छात्राओं तथा 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में अध्ययनरत 78 हजार से अधिक छात्राओं को योग से जोड़ने की व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को प्रदेशभर के विद्यालयों में सामूहिक योगाभ्यास होगा, जिसमें विद्यार्थी, शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और अभिभावक सहभागिता करेंगे। कार्यक्रमों के प्रभावी अनुश्रवण और समन्वय के लिए शिक्षा निदेशक (बेसिक) अनिल भूषण चतुर्वेदी को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। योग को जन आंदोलन और स्वस्थ जीवनशैली का आधार बनाने की दिशा में योगी सरकार की सतत पहल का प्रभाव इस वर्ष के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर भी दिखाई देगा, जहां गांव से लेकर शहर तक विद्यालय परिसर योगमय वातावरण के साक्षी बनेंगे।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में बेसिक शिक्षा विभाग ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। आयुष मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशों के क्रम में प्रदेश के सभी मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों तथा खंड शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। विभाग का प्रयास है कि योग दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन न रहकर विद्यार्थियों के जीवन में स्वस्थ आदतों और सकारात्मक जीवनशैली का स्थायी संदेश बन सके। विद्यालयों में सामूहिक योगाभ्यास, प्राणायाम और योग का होगा आयोजन बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार 21 जून को विद्यालयों में सामूहिक योगाभ्यास, प्राणायाम और योग के महत्व पर आधारित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विद्यार्थियों को योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों से परिचित कराया जाएगा। साथ ही अभिभावकों और स्थानीय समुदाय की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि योग का संदेश समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंच सके। नई पीढ़ी को स्वस्थ, जागरूक और आत्मविश्वासी बनाने के संकल्प को नई ऊर्जा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने पिछले वर्षों में योग को विद्यालयी जीवन और जनस्वास्थ्य से जोड़ने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। विद्यालयों में नियमित योग गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ विद्यार्थियों में स्वास्थ्य, अनुशासन, एकाग्रता और सकारात्मक सोच विकसित करने पर विशेष बल दिया जा रहा है। 21 जून को होने वाला यह व्यापक आयोजन न केवल योग की वैश्विक पहचान को मजबूत करेगा, बल्कि नई पीढ़ी को स्वस्थ, जागरूक और आत्मविश्वासी बनाने के संकल्प को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

इंदौर में बरसे बादल, मध्यप्रदेश में 27 जून के बाद मानसून पहुंचने की संभावना

इंदौर. प्रशांत महासागर में अलनीनो अब सामान्य स्थिति से पाजिटिव में तब्दील हो चुका है। समुद्र तल गर्म होने के कारण इसका दक्षिणी पश्चिमी मानसून पर असर दिखाई दे रहा है। यही वजह है कि भारत में अभी मानसून की गति पर ब्रेक लगने जैसी स्थिति दिखाई दे रहा है। वहीं, शनिवार दोपहर को शहर में तेज बारिश हुई। इससे सड़कों पर पानी बह निकला और मौसम सुहावना हो गया। विगत वर्षो में 19 जून तक जो मानसून इंदौर सहित मप्र तक पहुंच जाता था। इस बार मानूसन उड़ीसा झारखंड के साथ छत्तीसगढ़ के मुहाने पर ही अटका हुआ है। भोपाल स्थित मौसम केंद्र के विज्ञानियों के मुताबिक 23 जून तक छत्तीसगढ़ में प्रवेश करने की संभावना है। ऐसे में जून के अंतिम सप्ताह में 27 जून के आसपास ही मप्र में मानूसन के प्रवेश करने की संभावना है। प्रदेश में 45 प्रतिशत कम हुई है वर्षा प्रदेश में जून माह के 19 दिनों में वर्षा (Rain in Madhya Pradesh) लगभग नदारद ही रही है। प्रदेश में प्री मानसून सीजन (Pre Monsoon in MP) में अब तक 45 फीसद कम वर्षा हुई है। प्रदेश के पूर्वी हिस्सों के जिले ज्यादा प्रभावित है। पूर्वी मप्र में 45 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। वही पश्चिमी मप्र में 27 प्रतिशत कम वर्षा हुई। इंदौर में बादल के साथ हल्की बूंदाबांदी के आसार इंदौर शहर में दोपहर में निकली धूप ने शहरवासियों को परेशान किया। दिन में हल्के बादल भी छाए। शुक्रवार को शहर में अधिकतम तापमान 35.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जाएगा। वही न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शुक्रवार को शहर में बादल छाएंगे और हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है।

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक अधिकारों को लेकर तनाव, हजारों लोगों ने निकाला मशाल जुलूस

ढाका मुस्लिम बहुल बांग्लादेश में अल्पसंख्यक अधिकारों को लेकर एक बार फिर चिंताएं गहरा गई हैं। राजधानी ढाका में शुक्रवार को हजारों हिंदुओं ने भगवान राम की तस्वीर के कथित अपमान और एक भव्य मूर्ति के निर्माण को रोके जाने के विरोध में विशाल मशाल जुलूस निकाला। इस दौरान भारी संख्या में जुटे लोगों ने 'जय श्री राम' के नारे भी लगाए। ढाका की सड़कों पर उतरे हजारों हिंदू कट्टरपंथियों द्वारा रंगपुर में भगवान राम की सबसे ऊंची मूर्ति के निर्माण का विरोध करने और कथित तौर पर उनकी तस्वीर का अपमान किए जाने के बाद ढाका में भारी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। हजारों हिंदुओं ने दोषियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर ढाका में मशाल जुलूस निकाला और 'जय श्री राम' के नारे लगाए। हिंदू महाजोट के आह्वान पर कई हिंदू संगठन और छात्र प्रमुख शाहबाग चौराहे पर इकट्ठा हुए और वहां से नेशनल प्रेस क्लब तक मार्च किया। प्रेस क्लब के सामने एक मानव श्रृंखला भी बनाई गई, जबकि एक अन्य समूह ने ढाका रिपोर्टर्स यूनिटी (DRU) के पास अपना विरोध दर्ज कराया। वहीं, रंगपुर में पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को रोके जाने के बाद हल्की झड़प की भी खबर है। क्या है पूरा मामला? प्रदर्शनकारियों का दावा है कि इस महीने की शुरुआत में गाइबांधा में एक प्रदर्शन के दौरान कट्टरपंथी भीड़ ने भगवान राम की एक तस्वीर पर जूता रखकर उसका अपमान किया था। इस मामले में केस तो दर्ज कर लिया गया है, लेकिन अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। क्यों रोका गया राम मूर्ति का निर्माण? उत्तरी गाइबांधा जिले के पलाशबाड़ी में एक मंदिर परिसर के तहत भगवान राम की 81 फीट ऊंची मूर्ति बनाई जा रही थी। इसका लगभग 80 प्रतिशत काम पूरा भी हो चुका है। श्री श्री राधा गोविंद मंदिर समिति के अध्यक्ष हरिदास चंद्र दास ने बताया कि कट्टरपंथी समूहों द्वारा प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों को धमकियां मिलने के बाद काम रोक दिया गया है। एक कट्टरपंथी मौलवी ने तो बुलडोजर से मूर्ति गिराने तक की धमकी दे डाली थी। करीब 22 करोड़ बांग्लादेशी टका (लगभग 16 करोड़ रुपये) के इस प्रोजेक्ट में 50 फीट के भगवान कृष्ण और 30 फीट के भगवान शिव की मूर्तियां भी प्रस्तावित हैं। मंदिर समिति के सलाहकार श्यामलाल कुमार महंत के मुताबिक, "सामाजिक सद्भाव बनाए रखने" के लिए फिलहाल काम को रोक दिया गया है। डर के साये में जी रहे आयोजकों ने काम रोकने के साथ ही प्रधानमंत्री तारिक रहमान से हस्तक्षेप की अपील भी की है। सरकार को 72 घंटे का अल्टीमेटम तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बीएनपी (BNP) सरकार पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए, प्रदर्शनकारियों ने दोषियों की गिरफ्तारी के लिए 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। हिंदू समुदाय ने चेतावनी दी है कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो आगे और भी रैलियां की जाएंगी। शनिवार को धार्मिक मामलों के मंत्रालय को एक ज्ञापन भी सौंपा जाना है। हिंदू महाजोट ने दो टूक चेतावनी दी है कि अगर राम मूर्ति का निर्माण दोबारा शुरू नहीं करने दिया गया, तो वे बांग्लादेश के सभी 64 जिलों में एक-एक करके राम मंदिर का निर्माण करेंगे। इसके अलावा, राष्ट्रीय पूजा उत्सव समिति ने शनिवार को देशव्यापी आंदोलन की घोषणा की है। अल्पसंख्यकों की स्थिति पर उठ रहे सवाल बांग्लादेश में हिंदू सबसे बड़ा धार्मिक अल्पसंख्यक समूह हैं, जो कुल आबादी का लगभग 8 प्रतिशत हैं। पिछली मुहम्मद यूनुस सरकार के दौरान हुए संकट के बाद से वहां हिंदुओं को निशाना बनाने की घटनाओं में तेजी देखी जा रही है। फरवरी में कार्यभार संभालने वाले प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने बार-बार यह दावा किया था कि देश "सभी का है", लेकिन आंकड़ों के मुताबिक इस साल 1 जनवरी से 31 मार्च के बीच ही सांप्रदायिक हिंसा की 133 घटनाएं दर्ज की गई हैं।

प्रसिद्ध कृष्णा की गेंदबाजी, रोहित के तीन कैच ने मचाया धमाल

चेन्नई भारत और अफगानिस्तान के बीच शनिवार (21 जून) को वनडे सीरीज के तीसरे मुकाबले में अनुभवी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने अपनी शानदार फील्डिंग से सुर्खियां बटोरीं. 39 वर्षीय रोहित ने स्लिप रीजन में लगातार तीन बेहतरीन कैच लपककर यह साबित कर दिया कि उम्र भले बढ़ रही हो, लेकिन वो अपनी शानदार फिटनेस को बरकरार रखे हुए हैं. खास बात यह रही कि रोहित शर्मा ने जो तीनों कैच पकड़े, वे सभी तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा की गेंदों पर आए. चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में प्रसिद्ध की धारदार गेंदबाजी और रोहित की बेहतरीन कैचिंग ने अफगानिस्तान के शीर्ष क्रम को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया. अफगानिस्तान की पारी की शुरुआत में प्रसिद्ध कृष्णा ने रहमानुल्लाह गुरबाज को अपनी अतिरिक्त उछाल से चकमा दिया. गेंद गुरबाज के बल्ले के बाहरी किनारे पर लगी और पहली स्लिप में खड़े रोहित शर्मा ने बिना कोई गलती किए आसान कैच लपक लिया. इसके बाद रहमत शाह क्रीज पर आए. एक चौका लगाने के बाद वह लय में दिख रहे थे, लेकिन प्रसिद्ध कृष्णा ने उन्हें भी ज्यादा देर टिकने नहीं दिया. ऑफ स्टम्प के बाहर जाती गेंद बल्ले के किनारे पर लगी और रोहित शर्मा ने दूसरी बार कैच पकड़कर भारत को बड़ी सफलता दिलाई. अफगानिस्तान अभी इन झटकों से उबर भी नहीं पाया था कि प्रसिद्ध कृष्णा ने इब्राहिम जादरान को भी अपने जाल में फंसा लिया. जादरान का बल्ला गेंद को छू गया और स्लिप में मौजूद रोहित शर्मा ने तीसरा लगातार कैच पकड़कर स्टेडियम में मौजूद दर्शकों का उत्साह बढ़ा दिया। पावरप्ले में प्रसिद्ध कृष्णा ने अफगानिस्तान को  एक और झटका दिया, जब उन्होंने युवा बल्लेबाज दरविश रसूली को श्रेयस अय्यर के हाथों कैच आउट कराया. रोहित शर्मा के इन तीनों कैचों और प्रसिद्ध कृष्ण की तूफानी बॉलिंग ने ना सिर्फ अफगानिस्तान के टॉप ऑर्डर को ध्वस्त किया, बल्कि भारत को मुकाबले में पूरी तरह हावी भी कर दिया. ODI में पहले 10 ओवर्स में चार या उससे ज्यादा विकेट (भारतीय गेंदबाज) 5 मोहम्मद सिराज बनाम श्रीलंका, कोलंबो 2023 4 जवागल श्रीनाथ बनाम श्रीलंका, जोहानिसबर्ग 2003 4 भुवनेश्वर बनाम श्रीलंका, पोर्ट ऑफ स्पेन 2013 4 जसप्रीत बुमराह बनाम इंग्लैंड, द ओवल 2022 4 मोहम्मद सिराज बनाम श्रीलंका, तिरुवनंतपुरम 2023 4 अर्शदीप सिंह बनाम साउथ अफ्रीका, जोहानिसबर्ग 2023 4 प्रसिद्ध कृष्णा बनाम अफगानिस्तान, चेन्नई 2026