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प्रदेश में बदला मौसम का मिजाज, कोटा में ओलावृष्टि और तेज बारिश से तापमान में 6 डिग्री तक की गिरावट

जयपुर राजस्थान में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर मंगलवार को भी जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार आज प्रदेश के 7 जिलों में आंधी और बारिश हो सकती है, जबकि इसका प्रभाव अप्रैल के पहले सप्ताह तक बना रहेगा। सोमवार को इस सिस्टम का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। कोटा सहित कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई, वहीं कुछ जगहों पर ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। कोटा में 20.4 मिमी से अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई, जबकि अलवर के कोटकासिम और टपूकड़ा में भी हल्की बारिश हुई। पिछले 24 घंटे में स्थानों पर बारिश हुई पिछले 24 घंटे में अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, दौसा, सवाई माधोपुर, कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ और टोंक के साथ जयपुर और अजमेर के कुछ हिस्सों में बादल छाए रहे और कई स्थानों पर बारिश हुई। वहीं श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू और बीकानेर में भी हल्की बारिश दर्ज की गई। मौसम में आए इस बदलाव से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। कई शहरों में अधिकतम तापमान 2 से 6 डिग्री तक नीचे आया, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। कोटा और चित्तौड़गढ़ में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार अप्रैल की शुरुआत भी बारिश के साथ होने की संभावना है। हालांकि अगले दो-तीन दिनों में इस सिस्टम का असर धीरे-धीरे कमजोर पड़ेगा, जिसके बाद फिर से तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। प्रदेश के शहरों का अधिकतम व न्यूनतम तापमान बीते 24 घंटों में प्रदेश के शहरों का अधिकतम व न्यूनतम तापमान इस प्रकार रहा। कोटा और चित्तौड़गढ़ में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि बाड़मेर 36.4 और बारां, करौली व प्रतापगढ़ में 35.9 डिग्री रहा। जयपुर में अधिकतम तापमान 33.7 डिग्री और न्यूनतम 24.7 डिग्री दर्ज हुआ। अजमेर में 34/24.3, अलवर में 35/20.4 और उदयपुर में 35/23.2 डिग्री रहा। पिलानी 33.3/21, सीकर 29.5/21 और झुंझुनूं 31.8/22.5 डिग्री दर्ज किया गया। जोधपुर 35/25.7, बीकानेर 31.8/24 और चूरू 31.5/22.2 डिग्री रहा। गंगानगर में 34/20.6 और नागौर में 32.6/24.6 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। दौसा 35.3/22.4, पाली 34.6/25.2 और सिरोही में 30.4/19.4 डिग्री तापमान रहा।

हरियाणा सरकार की बड़ी पहल, बेसहारा पशुओं के लिए हसनपुर गांव में खुलेगा आधुनिक अस्पताल और जीन बैंक

गुरुग्राम गुरुग्राम और नूंह प्रशासन मिलकर हसनपुर गांव में 100 एकड़ जमीन पर हरियाणा का पहला 'गौ अभ्यारण्य' बनाने जा रहे हैं। यहां न सिर्फ बेसहारा पशुओं को रखा जाएगा, बल्कि बीमार गायों के लिए अस्पताल और देसी नस्लों के लिए जीन बैंक भी बनेगा। इससे शहरों में ट्रैफिक जाम और हादसों से राहत मिलेगी।    गुरुग्राम-नूंह सीमा पर 100 एकड़ में बनेगा राज्य का पहला गौ अभ्यारण्य, 10 हजार गोवंश को मिलेगा आशियाना गुरुग्राम नगर निगम और गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने मिलकर नूंह जिले के तावडू के हसनपुर गांव में हरियाणा का पहला गौ अभ्यारण्य स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्ताव को हरियाणा के विकास और पंचायत विभाग के महानिदेशक के पास आखिरी मंजूरी के लिए भेजा गया है। सड़कों पर लावारिस घूम रहे पशुओं को सीधे इस अभ्यारण्य में भेजा जाएगा। इससे शहर की यातायात व्यवस्था सुधरेगी और हादसों पर लगाम लगेगी। नगर निगम ने इस संबंध में नूंह के जिला उपायुक्त से जमीन उपलब्ध कराने का आग्रह किया था। बता दें कि शहर में दस हजार से अधिक पशु सड़कों पर खुले में घूम रहे हैं। निगम के पास जो गौशालाएं हैं उनमें अब मवेशियों को रखने की जगह नहीं है। नगर निगम और जीएमडीए की इस योजना से मानेसर, गुरुग्राम, सोहना और नूंह के लोगों को सड़कों पर खुले में घूम रहे पशुओं से राहत मिलेगी। ग्राम पंचायत ने जमीन देने के लिए प्रस्ताव पास किया इस परियोजना के लिए हसनपुर गांव में लगभग सौ एकड़ पंचायत की जमीन को चिन्हित किया गया है। सरकारी राजस्व दस्तावेजों में यह जमीन पहले से ही गायों के चरने वाली जगह के रूप में दर्ज है। हसनपुर ग्राम पंचायत ने साल 2023 में ही अपनी जमीन देने का विशेष प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिया था। नगर निगम आयुक्त और विकास प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठकों में यह बात सामने आई थी कि शहरों में बेसहारा पशु कूड़ा और प्लास्टिक खाने को मजबूर हैं, जिससे उनकी अकाल मृत्यु हो रही है। खाली जमीन पर अवैध कब्जों पर रोक लगेगी नूंह के उपायुक्त ने इस पहल की सराहना करते हुए एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया है। उन्होंने कहा है कि सरकारी दस्तावेजों में दर्ज गायों के चरने वाली ऐसी सभी खाली जमीनों की तुरंत पहचान की जानी चाहिए। ऐसा करने से एक तरफ बेसहारा पशुओं को रहने के लिए एक सुरक्षित जगह मिल जाएगी। जमीन पर होने वाले अवैध कब्जों, अतिक्रमणों पर भी प्रभावी रूप से पूरी तरह लगाम लग सकेगी। पशु अस्पताल भी बनेगा गौ अभ्यारण्य में विशेष रूप से भारत की देसी गायों को बचाने और उनके जीन बैंक को सुरक्षित रखने पर सबसे ज्यादा ध्यान केंद्रित किया जाएगा। प्रशासन इस जगह को पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी विकसित करेगा। पूरी जगह को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। बीमार पशुओं के बेहतर इलाज के लिए एक अस्पताल बनाया जाएगा। चारदीवारी, पीने के पानी की पक्की व्यवस्था और अलग-अलग उम्र के गोवंश के लिए अलग बाड़े भी बनाए जाएंगे। गुरुग्राम और मानेसर निगम रखरखाव करेंगे इस प्रोजेक्ट के लिए सरकार से 25 करोड़ रुपये की शुरुआती धनराशि की मांग की गई है। इसके जाने के बाद इसके नियमित रखरखाव और संचालन का पूरा खर्च गुरुग्राम और मानेसर निगम मिलकर वहन करेंगे। हसनपुर गांव की पंचायत ने प्रशासन से मांग की है कि इस अभ्यारण्य में पैदा होने वाले रोजगार के अवसरों में स्थानीय ग्रामीणों को प्राथमिकता दी जाए। सरकार भी ऐसी पंचायतों की तारीफ कर रही है जो गायों के लिए जमीन दान कर रही हैं। प्रदीप दहिया, निगम आयुक्त, गुरुग्राम, ''नूंह के गांव हसनपुर में गौ अभ्यारण्य तैयार करने की योजना है। इसको लेकर प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा गया है।''

भगवान महावीर जन्मोत्सव पर असर: पंजाब में आज मीट और अंडे की बिक्री पर रोक

मोहाली. जिला मजिस्ट्रेट कोमल मित्तल ने महावीर जयंती के अवसर पर मंगलवार को मांस और अंडे की दुकानें, रेहड़ियां तथा स्लॉटर हाउस बंद हैं. इस सम्बन्ध में प्रशासन ने आदेश जारी किए थे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन किसी भी जीव की हत्या करना अशुभ माना जाता है। इस दिन जीव हत्या करने से लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंच सकती है। जिला मजिस्ट्रेट के अनुसार सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस, नगर निगम कमिश्नर, नगर निगम एस.ए.एस. नगर, संबंधित कार्यकारी अधिकारी, नगर कौंसिल, सभी बीडीपीओ और डिप्टी डायरेक्टर पशुपालन को इन आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। गौरतलब है कि महावीर जयंती के मौके पर आज राज्य में सरकारी छुट्टी घोषित की गई है। इसके चलते आज राज्य के स्कूल, कॉलेज, सरकारी कार्यालय और अन्य संस्थान बंद रहेंगे। भगवान महावीर जयंती के अवसर पर 31 मार्च 2026 को जिले में मांस, मछली और अंडों की बिक्री पूरी तरह बंद रहेगी। जिला मजिस्ट्रेट साक्षी साहनी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी किए हैं। इसी को देखते हुए जिले में सभी मीट, मछली और अंडों की दुकानें बंद रहेंगी। साथ ही मांसाहारी भोजन परोसने वाले होटल, ढाबे और अहाते भी सेवाएं बंद रखेंगे। आदेशों की जानकारी सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा कर दी गई है और पुलिस प्रशासन को सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि जिले में शांति और धार्मिक सद्भाव बना रहे।

अब मिनटों में पहुंचेगी पुलिस: CM भगवंत मान ने 508 हाई-टेक गाड़ियों को दी हरी झंडी

संगरूर. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने धूरी स्थित लड्डा कोठी में आयोजित एक प्रभावशाली समारोह के दौरान पंजाब पुलिस को 508 क्विक रिस्पांस वाहन समर्पित किए। मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर इन वाहनों को रवाना किया। इस अवसर पर डीजीपी गौरव यादव सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और प्रशासनिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि हर राज्य की तरक्की में पुलिस प्रशासन का अहम योगदान रहता है, क्योंकि जिस राज्य की पुलिस चौकस, चुस्त-दुरुस्त व तकनीकी तौर पर मजबूत है। इन अत्याधुनिक क्विक रिस्पांस वाहनों के शामिल होने से 112 हेल्पलाइन पर मिलने वाली सूचना का निपटारा पहले से कहीं अधिक तेजी से किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि अब 112 नंबर डायल करने पर पुलिस 6 से 7 मिनट के भीतर पीड़ित तक पहुंच सकेगी, जबकि पहले यह समय 12 से 13 मिनट तक लग जाता था। उन्होंने कहा कि यह कदम राज्य में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। समारोह को संबोधित करते हुए डीजीपी गौरव यादव ने मुख्यमंत्री का विशेष धन्यवाद किया। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में राज्य सरकार ने लगभग 327 करोड़ रुपये की लागत से पंजाब पुलिस के वाहन बेड़े को अपग्रेड किया है। आधुनिक तकनीक से लैस इन वाहनों से पुलिस की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनने पर उन्होंने वादा किया था कि पंजाब पुलिस को देश की बेहतरीन पुलिस बलों में शामिल किया जाएगा। इसी संकल्प के तहत पुलिस को आधुनिक संसाधन, बेहतर प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि नई गाड़ियों के शामिल होने से न केवल अपराध पर नियंत्रण मजबूत होगा, बल्कि आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना भी बढ़ेगी। समारोह के दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों में उत्साह देखने को मिला। इन क्विक रिस्पांस वाहनों के माध्यम से पंजाब पुलिस राज्यभर में अधिक प्रभावी व समयबद्ध सेवा देने के लिए तैयार है।

PBKS vs GT, न्यू चंडीगढ़ की पिच पर बल्लेबाजों या गेंदबाजों में से किसे मिलेगी मदद? जानें मुल्लांपुर स्टेडियम की रिपोर्ट

न्यू चंडीगढ़ आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स गुजरात टाइटंस के खिलाफ अपना अभियान शुरू करेगी पिछले सीजन उपविजेता रही पंजाब, श्रेयस अय्यर की कप्तानी में पहला खिताब जीतन . पिछले सीजन की उपविजेता पंजाब किंग्स (PBKS) आईपीएल 2026 में गुजरात टाइटंस के खिलाफ अपने अभियान का आगाज करेगी। पंजाब को आईपीएल 2025 के फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था। इसके साथ ही उनका पहली बार ट्रॉफी जीतने का सपना टूट गया। अब इस सीजन श्रेयस अय्यर की कप्तानी में वे पहला खिताब जीतने की कोशिश करेंगे। पंजाब और गुजरात के बीच होने वाले मुकाबले के लिए पिच काफी अहम होने वाली है। आईपीएल में पिछले कुछ सीजन से बड़े-बड़े स्कोर देखने को मिले हैं। पहले दोनों मैचों में इस सीजन भी चारों पारियों में 200 से अधिक का स्कोर बना है। ऐसे में न्यू चंडीगढ़ में होने वाले इस मुकाबले के लिए पिच पर भी सभी की निगाहें रहने वाली हैं। कैसी रहेगी न्यू चंडीगढ़ की पिच? पंजाब और गुजरात के बीच मुकाबला न्यू चंडीगढ़, मुल्लांपुर के महाराजा यादवेंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना है। यहां की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों के लिए ही मददगार साबित होती है। पिच से शुरूआत में तेज गेंदबाजों को मदद मिलती है। इसके अलावा बीच के ओवरों में स्पिनर्स को भी कुछ मदद मिल सकती है। स्टेडियम की आउट फील्ड काफी तेज है और इस वजह से शॉट्स खेलने के बाद गेंद तेजी से बाउंड्री की तरफ जाएगी। कुल मिलाकर ये पिच बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों के लिए ही समान व्यवहार करती हुई दिखाई देगी। दोनों टीमों का स्क्वाड गुजरात टाइटंस की टीम: साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), ग्लेन फिलिप्स, राहुल तेवतिया, शाहरुख खान, रविश्रीनिवासन साई किशोर, राशिद खान, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, इशांत शर्मा, जयंत यादव, जेसन होल्डर, ल्यूक वुड, वॉशिंगटन सुंदर, टॉम बैंटन, कुलवंत खेजरोलिया, अनुज रावत, मानव सुथार, कुमार कुशाग्र, अरशद खान, गुरनूर बरार, निशांत सिंधु, अशोक शर्मा। पंजाब किंग्स की टीम:  प्रियांश आर्या, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), अजमतुल्लाह उमरजई, मार्कस स्टोइनिस, शशांक सिंह, सूर्यांश शेडगे, बेन ड्वारशुइस, युजवेंद्र चहल, अर्शदीप सिंह, मार्को जैंसन, विजयकुमार विशक, लॉकी फर्ग्यूसन, विष्णु विनोद, प्रवीण दुबे, जेवियर बार्टलेट, यश ठाकुर, नेहल वढेरा, हरप्रीत बरार, कूपर कोनोली, मिचेल ओवेन, हरनूर सिंह, मुशीर खान, पाइला अविनाश, विशाल निशाद।  

छत्तीसगढ़ में बड़ी सफलता: 8-8 लाख के इनामी 2 नक्सली AK-47 के साथ आत्मसमर्पण

कांकेर. छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में दो नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। सरेंड करने वाले नक्सलियों की पहचान हिड़मे और शंकर के रूप में की गई है। दोनों पर 8-8 लाख रुपए का इनाम घोषित था। इसकी पुष्टि एसपी निखिल राखेचा ने की है। जानकारी के अनुसार, दोनों नक्सली एके-47 जैसे घातक हथियार के साथ पुलिस के पास पहुंचे और मुख्यधारा में लौटने की इच्छा जताई। पुलिस अधिकारियों ने आत्मसमर्पण की प्रक्रिया पूरी करते हुए उन्हें शासन की पुनर्वास नीति का लाभ देने की बात कही है। सरकार द्वारा निर्धारित नक्सलवाद समाप्ति की डेडलाइन के दिन ही यह आत्मसमर्पण हुआ है, जिसे सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता माना जा रहा है। बताया जा रहा कि अब भी कांकेर के जंगलों में करीब 15 नक्सलियों की मौजूदगी बताई जा रही है, जिनके खिलाफ सुरक्षा बलों का अभियान लगातार जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नक्सलियों से आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने की अपील लगातार की जा रही है। आने वाले समय में और भी नक्सलियों के सरेंडर की उम्मीद है। ज्ञात हो कि, सुकमा और बीजापुर के रहने वाले 9 दुर्दांत नक्सलियों ने रविवार को आंध्र प्रदेश में सरेंडर कर दिया। इनमें 25 लाख का इनामी और 36 साल से आतंक का पर्याय बना स्टेट कमेटी मेंबर सुरेश भी शामिल है। छत्तीसगढ़ में सक्रिय घेराबंदी के कारण नक्सली अब पड़ोसी राज्यों में जाकर हथियार डाल रहे हैं। सरेंडर करने वाले 9 में से 8 नक्सली छत्तीसगढ़ के सुकमा और बीजापुर जिले के हैं। नक्सल विचारधारा के थिंक-टैंक माने जाने वाले चेल्लुरी नारायण राव उर्फ सुरेश सचिव, एओबीएसजेडसी का सरेंडर संगठन के लिए किसी बड़ी हार से कम नहीं है। कुल 48 लाख रुपए के इनामी नक्सलियों ने हथियार छोड़े हैं। इसमें सुरेश 25 लाख के अलावा कार्तम लच्छू 5 लाख जैसे खूंखार नाम शामिल हैं। समर्पण के साथ नक्सलियों ने 1 इंसास राइफल, 5 .303 राइफल और 6 सिंगल शॉर्ट राइफल पुलिस को सौंपी। आत्मसमर्पण करने वाले कैडर्स ने पूछताछ में संगठन के भीतर मची भगदड़ और टूट के तीन मुख्य कारण बताए हैं। बड़े नेताओं की लगातार एनकाउंटर में मौत और गिरफ्तारियों से संगठन दिशाहीन हो गया है। बस्तर के अंदरूनी इलाकों में सडक़ और कैंप पहुंचने से ग्रामीणों का समर्थन अब नक्सलियों को नहीं मिल रहा। विधायक की हत्या का मास्टरमाइंड था सुरेश  सुरेश का इतिहास बेहद रक्तरंजित रहा है। वह 2018 में आंध्र प्रदेश के विधायक किदारी सर्वेश्वर राव और पूर्व विधायक सिवेरी सोमेश्वर राव की जघन्य हत्या का मुख्य आरोपी था। दर्जनों एंबुश और पुलिस मुठभेड़ों में शामिल रहे। सुरेश का सरेंडर यह बताता है कि अब संगठन के पास न तो सुरक्षित ठिकाने बचे हैं और न ही लडऩे का जज्बा।

राज्यों में सहयोग और सौहार्द का समय है, सीएम मोहन यादव का बयान, काशी विश्वनाथ का आशीर्वाद लिया

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे। यहां बाबा के दर्शन-पूजन किए। इसके बाद अधिकारियों के साथ चर्चा हुई। इस दौरान सीएम मोहन यादव ने मंदिर की SOP को समझा। मंदिर के सीईओ ने बताया- हमारे यहां 115 विग्रह है, जिसमें 14 प्रधान महादेव हैं। हमने उनके रुद्राभिषेक और उसके महत्व के बारे में डिजिटल और बुकलेट के माध्यम से समझाने का प्रयास किया है। लोग यहां पर रुद्राभिषेक करते हैं। इससे भीड़ अलग-अलग जगह पर डाइवर्ट हो जाती है। दरअसल, 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ कुंभ मेला का आयोजन होना है। प्रत्येक 12 साल में शिप्रा नदी के तट पर होने वाले इस आयोजन को लेकर करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु जुड़ते हैं। इन्हीं सब तैयारियों को लेकर सीएम यादव काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे और मंदिर के एसओपी के बारे में उन्होंने अधिकारियों से जानकारी ली, ताकि इन महत्वपूर्ण जानकारी से सिंहस्थ कुंभ को सफल बनाया जा सके। मोहन यादव ने कहा- प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में आने का मौका मिला है। बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद लेकर यहां पर दो राज्यों के बीच होने वाले सहयोग सम्मेलन में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा। अर्थव्यवस्था पर केंद्रित चर्चा होगी। मध्यप्रदेश की निवेश-अनुकूल नीतियों, अधोसंरचना और प्रोत्साहन तंत्र को प्रस्तुत किया जाएगा। एयरपोर्ट पर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, राकेश सचान उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री, गिरीश यादव उत्तर प्रदेश सरकार के स्वतंत्र प्रभार मंत्री, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या भी मौजूद रहीं।

नालंदा के शीतला माता मंदिर में भगदड़, 8 श्रद्धालुओं की मौत, कई लोग घायल

नालंदा बिहार के नालंदा जिले के मघड़ा गांव में स्थित मां शीतला माता मंदिर में पूजा के दौरान मंगलवार (31 मार्च) को भगदड़ मच गई। भगदड़ जैसी स्थिति पैदा होने से कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई। जबकि कई अन्य घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि यह घटना तब हुई जब मंदिर में भारी भीड़ जमा हो गई। अधिकारियों ने बताया कि चैत्र महीने का आखिरी मंगलवार होने के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में इकट्ठा हुए थे। भीड़ की आवाजाही में अचानक हुई बढ़ोतरी के कारण कथित तौर पर भगदड़ मच गई, जिससे 8 भक्तों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मृतकों में ज्यादातर महिलाएं शामिल हैं।  जानकारी के अनुसार, आधे दर्जन से अधिक घायल श्रद्धालुओं को इलाज के लिए बिहार शरीफ के मॉडल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल, मौके पर आलाधिकारी पहुंच गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि मामले में बचाव-कार्य जारी है। लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि करीब दर्जनों लोग इस दुखद हादसे में घायल हैं। सभी घायलों का स्थानीय अस्पताल में इलाज चल रहा है। ममता देवी नाम की एक श्रद्धालु ने बताया, "मंगलवार को यहां हमेशा भीड़ रहती है। लोग शीतला माता के दर्शन के लिए आते हैं। हमलोग भी पटना से दर्शन के लिए आए हैं। लेकिन अचानक भगदड़ मच गई और लोगों की जान चली गई। यह सब कुप्रबंधन की वजह से हुआ। यहां बहुत अधिक भीड़ है। प्रशासन का कोई भी व्यक्ति यहां मौजूद नहीं है।" घटनास्थल से सामने आए वीडियो में देखा गया कि मंदिर परिसर में सैकड़ों लोग जमा है। हादसे में प्रभावित लोगों को एम्बुलेंस से ले जाया जा रहा है। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने X पर इस घटना का जिक्र करते हुए नालंदा के माता शीतला मंदिर में हुई भगदड़ की घटना को बेहद दिल दहला देने वाला बताया। उन्होंने कहा, "मैं इस दुर्घटना में अपनी जान गंवाने वाले और घायल हुए सभी श्रद्धालुओं के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। सरकार प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता और राहत प्रदान कर रही है। घायलों के उचित इलाज के लिए इंतजाम किए गए हैं।" वहीं, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने लिखा, "नालंदा स्थित माता शीतला मंदिर में भगदड़ की दुखद घटना अत्यंत ही पीड़ादायक है। इस हादसे में जान गंवाने वाले और घायल हुए सभी श्रद्धालुओं के परिवारजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करता हूं।" चौधरी ने आगे कहा, "सरकार द्वारा पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता और राहत प्रदान की जा रही है। घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था की गई है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति दें तथा शोकाकुल परिवारों को इस दुःख की घड़ी में संबल प्रदान करें। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।" यह घटना राज्य के पूर्वी चंपारण में आध्यात्मिक गुरु अनिरुद्धाचार्य के एक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर भगदड़ जैसी स्थिति पैदा होने के एक महीने बाद हुई है। रक्सौल में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान मची अफरा-तफरी में तीन लोग घायल हो गए थे।

कुश्ती शुरू करने के कुछ समय बाद ही पूनम का कंधा उतर गया था और फिर उन्हें एक साल तक मैट से दूर रहना पड़ा

असाधारण जज़्बे के साथ झारखंड की पहलवान पूनम ने करियर खत्म कर देने वाली चोट से पार पाते हुए 9 साल के खिताबी सूखे को किया समाप्त कुश्ती शुरू करने के कुछ समय बाद ही पूनम का कंधा उतर गया था और फिर उन्हें एक साल तक मैट से दूर रहना पड़ा   गेम्स शुरू होने से ठीक पहले उनके कंधे में फिर से परेशानी होने लगी थी, लेकिन इस बार उन्होंने दर्द को मात देकर गोल्ड मेडल जीता रायपुर  कुश्ती जैसे खेल में जहां फिटनेस और ताकत सबसे बड़ी जरूरत होती है, वहां चोटिल कंधे के साथ मैट पर उतरना अपने आप में बड़ा जोखिम है। लेकिन झारखंड की 19 वर्षीय पहलवान पूनम ऑरन ने इस जोखिम को चुनौती में बदला और दर्द के बावजूद मुकाबले दर मुकाबले जीत हासिल करते हुए पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।              फाइनल में भी पूनम बाएं कंधे पर पट्टी बांधकर उतरीं। हर मूव के साथ दर्द साफ नजर आ रहा था, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अंत तक लड़ते हुए मुकाबला अपने पक्ष में किया। पूनम ने महिलाओं की 50 किग्रा वर्ग के फाइनल में तेलंगाना की के. गीता को हराकर स्वर्ण पदक जीता।             अपने करियर का पहला स्वर्ण पदक जीतने के बाद पूनम ने साई मीडिया से कहा, “हार कैसे मान लेती सर? जब नौ साल से हार नहीं मानी, तो अब कैसे मान लेती। मेरी यह चोट बहुत पुरानी है। छह साल पहले मेरा कंधा उतर गया था। बीच में ठीक हुआ, लेकिन फिर ट्रेनिंग के दौरान दोबारा चोट लग गई। इसके बावजूद मैंने वापसी की और अब मैंने यहां पर गोल्ड जीता है।" उन्होंने कहा,''अपने करियर की शुरुआत से ही मैं चोटों से जूझ रही हूँ, लेकिन मैंने कभी हार नहीं मानी। गोल्ड मेडल जीतना किसी सपने के सच होने जैसा लगता है। नौ साल तक गोल्ड न जीत पाने के दर्द के मुकाबले यह चोट कुछ भी नहीं है।'               झारखंड के चतरा जिले के सुइयाबार गांव की रहने वाली पूनम के लिए यह जीत किसी सपने के सच होने जैसी है। साल 2017 में जब उन्होंने कुश्ती की शुरुआत की थी, उसी दौरान एक गंभीर चोट ने उन्हें करीब एक साल तक मैट से दूर कर दिया। वापसी के बाद उन्होंने 2018 और 2019 में स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SGFI) में कांस्य पदक जीते, लेकिन इसके बाद पदक जीतने का इंतजार लंबा चला।            पूनम बताती हैं कि इस प्रतियोगिता में उतरने से पहले भी वह पूरी तरह फिट नहीं थीं। उन्होंने कहा, '' घर वाले मना कर रहे थे, लेकिन कोच और सपोर्ट स्टाफ को मुझ पर भरोसा था। उनके सपोर्ट से ही मैं खेल पाई और गोल्ड जीत सकी। छह साल बाद कोई पदक जीतना मेरे लिए बहुत खास है और इसके पीछे मेरी दृढ़ इच्छाशक्ति है।'' वह पिछले करीब एक दशक से रांची के हॉस्टल में रहकर अभ्यास कर रहीं हैं।             ऑरन समुदाय से ताल्लुक रखने वाली पूनम के लिए यह स्वर्ण पदक खास मायने रखता है। वह कहती हैं, '' इसके मुझे काफी लंबा इंतजार करना पड़ा है। करियर की शुरुआत से ही मैं चोट से जूझ रही हूं, लेकिन कभी हार नहीं मानी। इसके बाद कोई स्वर्ण पदक जीतना, मेरे लिए सपने के सच होने जैसा है।''         कुश्ती के साथ-साथ पढ़ाई में भी संतुलन बनाए रखते हुए, पूनम अभी रांची यूनिवर्सिटी से बीए (पॉलिटिकल साइंस) की पढ़ाई भी कर रही है। अब वह जूनियर नेशनल्स के लिए झारखंड टीम में जगह बनाने पर ध्यान दे रही हैं।        पूनम ने कहा,” मेरा अगला लक्ष्य जूनियर नेशनल ट्रायल्स के लिए क्वालीफाई करना है और मैं इस स्वर्णिम सफलता को आगे भी जारी रखना चाहती हूं।”