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मेवात पहुंचेंगे CJI सूर्यकांत, खाप 360 के प्रधान करेंगे स्वागत, कार्यक्रम को लेकर उत्साह

मेवात. आगामी 12 जुलाई को भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के दौरे को लेकर क्षेत्र के लोगों में भारी उत्साह है। पहली बार मेवात की ऐतिहासिक भूमि पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। कार्यक्रम के दौरान सीजेआई सूर्यकांत के आगमन पर 360 खाप के प्रधान महेंद्र सिंह ठाकरान और 84 खाप के प्रधान शिवदत्त सहरावत क्षेत्र के प्रबुद्ध लोगों के साथ उनका भव्य स्वागत करेंगे। विभिन्न समितियों का गठन किया गया दोनों खापों के प्रतिनिधियों ने बताया कि क्षेत्र के लोगों में कार्यक्रम को लेकर उत्साह का माहौल है। स्वागत की तैयारियों के लिए जिला प्रशासन तो तैयारियों में जुटा ही है। साथ ही विभिन्न समितियों का गठन किया गया है और कार्यक्रम स्थल पर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बड़ी संख्या में ग्रामीणों और गणमान्य लोगों के शामिल होने की संभावना है। समाज के सभी वर्गों का सहयोग मिल रहा 360 के प्रधान महेंद्र सिंह ठाकरान ने कहा कि सीजेआई सूर्यकांत के स्वागत के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। वहीं, तावड़ू 84 प्रधान शिवदत्त सहरावत ने बताया कि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों का सहयोग मिल रहा है।

लखनऊ में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, नितिन नवीन और योगी ने साधा विपक्ष पर निशाना

लखनऊ भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का दो दिवसीय लखनऊ दौरा न केवल भाजपा संगठन के लिए नई ऊर्जा देने वाला रहा बल्कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सरकार को भी राहत दे गया। इस दौरे में नितिन नवीन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिशन-2027 के लिए संगठन व सहयोगी दलों के साथ समन्वय की राह प्रशस्त की। वहीं, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले से उपजी उलझन को आक्रामकता के साथ विपक्ष पर हमला कर वर्ष 2027 के सियासी रण के तेवर-तपिश भी तय कर दी। मिशन-2027 में तीखे हमले-पलटवार की रणनीति भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का दौरा ऐसे वक्त में हुआ जब संगठन और सरकार दोनों राममंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर विपक्ष के निशाने पर थे। नितिन नवीन ने खुद ही कहा कि वह मिशन-2027 के सियासी रण का शंखनाद करने आए थे, उन्होंने कार्यकर्ताओं, मंत्रियों, विधायकों के साथ मंथन कर किया भी वैसा ही। उन्हें कड़े परिश्रम की सीख दी उन्होंने जिस आक्रामकता से विपक्ष खासतौर पर राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अरविंद केजरीवाल का नाम लेकर हमला किया, उससे साफ कर दिया है कि मिशन-2027 के रण में भाजपा कुछ ऐसे ही तीखे हमलों-पलटवार से विपक्ष को घेरेगी। विपक्ष को असहज करने की कोशिश दरअसल, विपक्ष नहीं चाहता कि 2027 का सियासी समर धार्मिक मुद्दों, मजहबी वैमनस्यता अथवा उसके कार्यकाल से जुड़े रहे अतीत के किस्सों के इर्द-गिर्द लड़ा जाए। कहना गलत न होगा कि विपक्ष को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार कानून-व्यवस्था और माफिया के मुद्दे उठाकर घेरते रहे हैं। मुख्यमंत्री ने रविवार को भी कुछ ऐसा ही कर विपक्ष को असहज करने की कोशिश की। अव्वल तो उन्होंने हिन्दू हृदय सम्राट की अपनी छवि के मुताबिक, अपना संबोधन ही ‘सियावर रामचंद्र’ की जय और ‘योगेश्वर श्री कृष्ण की जय’ के साथ शुरू किया। इसके पीछे उनकी मंशा विपक्ष को संदेश देने की थी कि प्रभु राम हिन्दुओं की आस्था के केंद्र में थे हैं और रहेंगे। राम मंदिर से एक कदम आगे बढ़ते हुए मुख्यमंत्री ने योगेश्वर श्रीकृष्ण की जयकार कर हिन्दुओं के ह्रदय को मथुरा में चल रहे श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद से जोड़ने की कोशिश की। नितिन नवीन ने सपा और कांग्रेस को घेरा बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं में जोश भरने के साथ ही विपक्षी दलों के नेताओं पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने रविवार को लखनऊ में आयोजित शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन में कहा कि कांग्रेस आज खत्म होने की स्थिति में पहुंच चुकी है। भाजपा कार्यकर्ता सपा की राजनीति को पूरी तरह समाप्त करने का संकल्प लेकर मैदान में उतरेगा। इस बार साइकिल पंचर नहीं, खराब ही हो जाएगी। उन्होंने कहा कि विपक्ष पर तुष्टिकरण, परिवारवाद और समाज को बांटने की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को साकार करने के लिए कार्य कर रही है। नितिन नवीन ने कहा कि भाजपा सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूल मंत्र पर कार्य करती है, जिसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश को दिया है।

WhatsApp के यूजरनेम फीचर पर सरकार सख्त, Meta को 9 जुलाई तक का अल्टीमेटम

WhatsApp के नए यूजरनेम फीचर को लेकर भारत सरकार और Meta के बीच चल रहा विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है. अब सरकार ने Meta को अपना जवाब देने के लिए कुछ और समय दिया है. पहले कंपनी को तीन दिन के भीतर जवाब देना था, लेकिन अब यह समय बढ़ाकर 9 जुलाई कर दिया गया है. सरकार इस फीचर के सुरक्षा और ऑनलाइन फ्रॉड से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है. HT की एक रिपोर्ट मेें सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि मेटा को कुछ दिन का एक्स्टेंशन दिया गया है. दरअसल वॉट्सऐप ने हाल ही में यूजरनेम फीचर का ऐलान किया था. इस फीचर के आने के बाद यूजर्स अपना मोबाइल नंबर बताए बिना भी दूसरे लोगों से बात कर सकेंगे. यानी अगर आपके पास किसी का यूजरनेम है, तो कई मामलों में फोन नंबर शेयर किए बिना भी बातचीत शुरू की जा सकेगी. मेटा का कहना है कि इससे यूजर्स की प्राइवेसी पहले से बेहतर होगी. लेकिन भारत सरकार की चिंता कुछ और है. सरकार का मानना है कि अगर किसी प्लेटफॉर्म पर पहचान छिपाकर लोगों से संपर्क करना आसान हो गया, तो ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग और किसी दूसरे व्यक्ति की पहचान बनाकर ठगी करने जैसी घटनाएं बढ़ सकती हैं. इसी वजह से सरकार ने पिछले हफ्ते Meta को इस फीचर का रोलआउट रोकने और इसकी पूरी जानकारी देने का नोटिस भेजा था. सरकारी अधिकारियों के मुताबिक मेटा और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय (MeitY) के अधिकारियों के बीच इस मुद्दे पर बैठक भी हो चुकी है. बैठक में कंपनी ने यूजरनेम फीचर के सुरक्षा उपायों की जानकारी दी. इसके बाद सरकार ने कंपनी को अपना विस्तृत लिखित जवाब देने के लिए 9 जुलाई तक का समय दे दिया है. इसके बाद सरकार तय करेगी कि फीचर को भारत में किस तरह और किन शर्तों के साथ शुरू किया जा सकता है. मेटा का कहना है कि यूजरनेम फीचर को शुरू से ही सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाया गया है. कंपनी के मुताबिक यूजरनेम पूरी तरह ऑप्शनल होगा. वॉट्सऐप अकाउंट बनाने के लिए मोबाइल नंबर पहले की तरह जरूरी रहेगा. इसके अलावा किसी व्यक्ति से बातचीत करने के लिए उसका सही यूजरनेम पता होना चाहिए. कंपनी का दावा है कि उसने फर्जी अकाउंट और स्कैम से बचाने के लिए कई सुरक्षा लेयर भी जोड़ी हैं. हाल ही में मेटा ने इस फीचर से जुड़े सवालों के जवाब देने के लिए एक FAQ भी जारी किया है. सरकार हालांकि अभी इन दावों से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है. अधिकारियों का कहना है कि टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर यूजरनेम और पहचान छिपाने वाले फीचर्स का इस्तेमाल कई साइबर अपराधों में हुआ है. ऐसे में वॉट्सऐप पर भी इसी तरह की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. सरकार चाहती है कि फीचर शुरू होने से पहले यह साफ हो जाए कि इससे फर्जी पहचान बनाकर लोगों को ठगना आसान नहीं होगा. भारत वॉट्सऐप का सबसे बड़ा बाजार है, जहां 80 करोड़ से ज्यादा लोग इस ऐप का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में सरकार का यह फैसला सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि वॉट्सऐप के ग्लोबल रोलआउट पर भी असर डाल सकता है. अब सभी की नजर 9 जुलाई पर है, जब मेटा अपना विस्तृत जवाब सरकार को सौंपेगी. उसके बाद यह तय होगा कि वॉट्सऐप का नया यूजरनेम फीचर भारत में कब और किन नियमों के साथ शुरू होगा.

रसोई में भूलकर भी हाथ में न दें रोटी, वास्तु शास्त्र में माना गया है अशुभ

 वास्तु शास्त्र और हिंदू परंपरा में रसोई को घर का सबसे पवित्र स्थान माना गया है. रसोई में बनने वाली पहली रोटी गाय की और आखिरी रोटी कुत्ते की निकालने की परंपरा सदियों से चली आ रही है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि रोटी बनाने और उसे परोसने के भी कुछ खास नियम होते हैं? अक्सर हम अनजाने में कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जो घर में वास्तु दोष का कारण बनती हैं. इन्हीं में से एक बड़ी गलती है, किसी के हाथ में सीधे रोटी देना. वास्तु शास्त्र के अनुसार, कभी भी किसी व्यक्ति को अपने हाथ से सीधे उसके हाथ में रोटी नहीं देनी चाहिए. बल्कि थाली में रोटी रखनी चाहिए. आइए जानते हैं इसके पीछे की वजह और इससे होने वाले नुकसान. हाथ में रोटी देना क्यों माना जाता है अशुभ? 1. दरिद्रता और कंगाली को निमंत्रण वास्तु शास्त्र के मुताबिक, जब आप किसी व्यक्ति को सीधे हाथ में रोटी थमाते हैं, तो इससे घर की बरकत चली जाती है. ऐसा करने से मां अन्नपूर्णा और धन की देवी लक्ष्मी नाराज होती हैं, जिससे घर में धीरे-धीरे कंगाली पैर पसारने लगती है. 2. पुण्य कर्मों का क्षय होना शास्त्रों में माना गया है कि हाथ में रखकर दी गई रोटी भिक्षा (भीख) के समान हो जाती है. यदि आप अपने परिवार के सदस्यों या मेहमानों को इस तरह रोटी देते हैं, तो भोजन कराने का पुण्य समाप्त हो जाता है और घर में नकारात्मक ऊर्जा का वास होता है. 3. रिश्तों में आती है खटास हाथ में रोटी देने से देने वाले और लेने वाले, दोनों के बीच वैचारिक मतभेद बढ़ने लगते हैं. परिवार के सदस्यों के बीच बेवजह के झगड़े और तनाव की स्थिति पैदा होने लगती है. क्या है रोटी परोसने का सही तरीका? यदि आप घर में सुख, समृद्धि और शांति बनाए रखना चाहते हैं, तो रोटी परोसते समय इन बातों का विशेष ध्यान रखें. थाली या प्लेट का करें इस्तेमाल  जब भी किसी को रोटी देनी हो, तो उसे हमेशा प्लेट, थाली या रोटिदान (कैसरोल) में रखकर ही आदरपूर्वक परोसें. सम्मान के साथ दें भोजन भोजन को हमेशा बैठकर और सम्मान के साथ परोसना चाहिए. जल्दबाजी में या अनादर के भाव से खाना परोसने से भोजन का अपमान होता है. विशेष वास्तु टिप रसोई में कभी भी तीन रोटियां एक साथ एक ही थाली में नहीं रखनी चाहिए. तीन संख्या को अशुभ माना जाता है. यदि तीन रोटियां देनी भी हों, तो उन्हें अलग-अलग करके या मोड़कर रखें.

अजवाइन और कसूरी मेथी से बनी कुरकुरी मठरी, एक बार बनाएं और महीनेभर करें स्टोर

शाम के वक्त जब हल्की-फुल्की भूख लगती है तो चाय के कप के साथ कुछ नमकीन और क्रिस्पी खाने का मन करता है. ऐसे में अक्सर हम बाजार से पैकेट बंद नमकीन या बिस्किट ले आते हैं जो सेहत के लिए उतने अच्छे नहीं होते. क्यों न इस बार घर पर ही कुछ ऐसा बनाया जाए जो हाइजीनिक भी हो और स्वाद में भी लाजवाब. यहां हम आपको बिलकुल बाजार जैसी खस्ता मठरी की रेसिपी बता रहे हैं. अजवाइन और कस्तूरी मेथी के फ्लेवर से भरपूर यह मठरी खाने में इतनी टेस्टी होती है कि मुंह में जाते ही घुल जाती है. सबसे अच्छी बात यह है कि आप इसे एक बार बनाकर पूरे महीने के लिए एयर-टाइट कंटेनर में स्टोर कर सकते हैं. मठरी को एकदम खस्ता और परफेक्ट बनाने का सबसे बड़ा राज उसके मोयन (आटे में तेल या घी मिलाना) और उसे तलने के तरीके में छुपा होता है. धीमी आंच पर तली गई मठरी अंदर तक पकती है और लंबे समय तक कुरकुरी बनी रहती है. सामग्री: मैदा या गेहूं का आटा: 2 कप (आप चाहें तो आधा आटा और आधा मैदा भी ले सकते हैं) सूजी (बारीक): 2 बड़े चम्मच (एक्स्ट्रा क्रिस्पनेस के लिए) अजवाइन: 1 छोटा चम्मच कसूरी मेथी: 1 बड़ा चम्मच (हथेलियों से क्रश की हुई) काली मिर्च: आधा छोटा चम्मच (हल्की कुटी हुई) घी या तेल (मोयन के लिए): 4-5 बड़े चम्मच नमक: स्वादानुसार गुनगुना पानी: आटा गूंथने के लिए तेल: मठरी तलने के लिए बनाने की विधि: एक बड़े बर्तन में मैदा या गेहूं का आटा निकालें. इसमें सूजी, अजवाइन (क्रश करके), कसूरी मेथी, कुटी काली मिर्च और स्वादानुसार नमक डालकर सूखी चीजों को अच्छी तरह मिला लें. अब इसमें 4-5 चम्मच घी या तेल डालें और दोनों हाथों से आटे को अच्छी तरह रगड़ें. जब आप आटे को मुट्ठी में बांधें, तो वह एक लड्डू की तरह बंधना चाहिए. अगर ऐसा हो रहा है, तो मोयन एकदम परफेक्ट है. अब गुनगुने पानी की बूंदें छिड़कते हुए एक बहुत ही सख्त (कड़ा) आटा गूंथ लें. इसे ज्यादा चिकना करने की जरूरत नहीं है. आटे को गीले कपड़े से ढककर 15-20 मिनट के लिए सेट होने दें. आटे से छोटी-छोटी लोइयां तोड़ें. इन्हें हथेलियों के बीच रखकर बस चपटा कर दें (इन्हें बेलन से बेलने की जरूरत नहीं है, रफ और असमान शेप ही मठरी को असली टेक्सचर देता है). अब एक कांटे (Fork) या चाकू से मठरी में जगह-जगह छेद कर दें ताकि ये तेल में जाकर पूरियों की तरह फूलें नहीं. कड़ाही में तेल गरम करें. ध्यान रहे कि तेल बहुत ज्यादा तेज गरम नहीं होना चाहिए, बल्कि मध्यम गरम होना चाहिए. तेल में मठरियां डालें और गैस की आंच को बिल्कुल धीमा कर दें. इन्हें धीमी आंच पर अलट-पलट कर तब तक तलें जब तक कि इनका रंग दोनों तरफ से सुंदर सुनहरा न हो जाए. तली हुई मठरियों को टिशू पेपर पर निकालें. गरम होने पर ये थोड़ी सॉफ्ट लगेंगी, लेकिन पूरी तरह ठंडी होने के बाद ये एकदम खस्ता हो जाएंगी. ठंडी होने पर इन्हें एयर-टाइट डिब्बे में बंद करके महीनों तक चाय के साथ आनंद लें.

पंजाब में अगले 4 दिन भारी बारिश के आसार, 15 जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट

चंडीगढ़. पंजाब में अगले चार दिनों तक मौसम बिगड़ा रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों के लिए भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार 6 जुलाई को जिला पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर और रूपनगर में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, मोगा, लुधियाना, बरनाला, मानसा, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। अगले 3 दिनों का मौसम 7 जुलाई: पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर और एसएएस नगर (मोहाली) में भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा पूरे पंजाब में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। 8 जुलाई: पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और एसएएस नगर (मोहाली) में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। पूरे राज्य में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। 9 जुलाई: पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर और एसएएस नगर (मोहाली) में भारी बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं पूरे पंजाब में बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि बिना जरूरी काम के यात्रा न करें और खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतें। विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज बारिश और आंधी के दौरान सड़कों पर पेड़ गिरने तथा अन्य हादसों का खतरा बना रह सकता है।

पंजाब में बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए अहम फैसला, बर्थ सर्टिफिकेट पर मिली राहत, नई हिदायतें लागू

लुधियाना. पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की तरफ से 8वीं और 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों के रजिस्ट्रेशन को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। बोर्ड ने इन दोनों कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए डिजिटल बर्थ सर्टीफिकेट अनिवार्य कर दिया है। इसके साथ ही विद्यार्थियों और स्कूलों को राहत देते हुए बोर्ड पोर्टल पर अब 'अंडरटेकिंग' का ऑप्शन भी शुरू कर दिया गया है। जिन विद्यार्थियों का बर्थ सर्टीफिकेट अभी तक नहीं बना है या डिजिटल नहीं है, उनके स्कूल अब अंडरटेकिंग अपलोड कर सकते हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि बिना लेट फीस के रजिस्ट्रेशन के लिए अंतिम तिथि 10 जुलाई तय है, जबकि ऑनलाइन फीस जमा करवाने के लिए अंतिम तिथि 15 जुलाई निर्धारित की गई है। सर्टिफिकेट में अब गलतियां नहीं होंगी पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) से आठवीं, दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षा पास करने वाले स्टूडेंट्स के सर्टिफिकेट में अब गलतियां नहीं होंगी। बोर्ड ने सर्टिफिकेट को त्रुटि-रहित बनाने के लिए नई पहल शुरू की है। खास बात यह है कि पर्टिकुलर में करेक्शन के लिए पेरेंट्स या स्कूल संचालकों को अब बोर्ड दफ्तर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सात दिन के भीतर पेरेंट्स को स्कूल में जाकर प्रिंसिपल से मिलना होगा और उन्हें सही जानकारी देकर करेक्शन करवा सकेंगे। PSEB के इस फैसले से सर्टिफिकेट में नाम, पिता का नाम, मां का नाम, डेथ ऑफ बर्थ में किसी तरह की गलतियां नहीं होंगे। बोर्ड के पोर्टल में स्टूडेंट के सही पर्टिकुलर एक बार अपलोड हो जाएंगे वो हमेशा के लिए दर्ज रहेंगे। इससे स्टूडेंट्स व पेरेंट्स से किसी तरह की फीस नहीं वसूली जाएगी।

एचएसवीपी की बड़ी योजना, गुरुग्राम में 8 गांवों की 196 एकड़ जमीन से नया सेक्टर बनेगा

गुरुग्राम गुरुग्राम में अरावली पर्वत श्रृंखला के पास एक नया रिहायशी सेक्टर बसाने की तैयारी चल रही है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) इस नए सेक्टर को विकसित करेगा। शिकोहपुर गांव के किसानों ने इसके लिए 107 एकड़ जमीन देने की इच्छा जाहिर की है। एचएसवीपी के संपदा अधिकारी ने प्रस्ताव तैयार करके मुख्यालय में भेज दिया है। मंजूरी मिलने के बाद जमीन मालिकों से जमीन खरीदने की प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा। एचएसवीपी ने हरियाणा में करीब 1.67 लाख में नए सेक्टर विकसित करने की योजना बनाई है। इसके तहत जमीन मालिकों से आपसी सहमती के साथ जमीन खरीदी जाएगी। गुरुग्राम में सेक्टर विकसित करने के लिए करीब 17 हजार एकड़ जमीन की पहचान की गई है। एचएसवीपी ने ई-भूमि पोर्टल पर जमीन बेचने के इच्छुक जमींदारों से आवेदन करने का आग्रह किया था। संपदा अधिकारी एक कार्यालय के अधीन दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित गांव शिकोहपुर के जमीन मालिकों ने 107 एकड़ जमीन बेचने के बारे में आवेदन किया है। इस गांव में जमीन की कीमत 30 करोड़ रुपये प्रति एकड़ से अधिक है। एचएसवीपी में 8 गांव के जमीन मालिकों ने करीब 196 एकड़ जमीन बेचने के लिए आवेदन किया है, जिसमें से सबसे अधिक जमीन गांव शिकोहपुर की है। यदि शिकोहपुर की जमीन एचएसवीपी की तरफ से खरीदकर सेक्टर काटा जाता है तो यहां प्लॉट खरीदने वाले लोगों की होड़ लगेगी सुल्तानपुर झील के पास भी सेक्टर बसेगा सुल्तानपुर झील के 5 किमी क्षेत्र में किसी भी तरह का नया निर्माण प्रतिबंधित है। सुल्तानपुर झील के मद्देनजर पर्यावरण मंत्रालय ने यह आदेश जारी किए हुए हैं। इस गांव की करीब सात एकड़ जमीन के मालिकों ने जमीन बेचने की इच्छा जाहिर की है। यह जमीन फर्रुखनगर के सेक्टर-एक के अधीन आती है। कई गांव के लोग भूमि देने को तैयार गुरुग्राम-पटौदी रोड पर गांव मेवका और ढोरका के किसान भी जमीन देने को तैयार हैं। जमीन मालिकों ने करीब 42 एकड़ जमीन बेचने के लिए आवेदन किया है। एचएसवीपी की तरफ से कोई रिहायशी सेक्टर काटा जाता है तो उसमें एक एकड़ में 45 प्रतिशत क्षेत्र को बेचा जाता है। 55 प्रतिशत क्षेत्र में पार्क, हरित क्षेत्र, सड़क आदि बुनियादी सुविधाओं को मुहैया करवाया जाता है। राकेश सैनी, संपदा अधिकारी-एक, एचएसवीपी, ''नए सेक्टर विकसित करने के लिए ई-भूमि योजना के तहत जमीन खरीदने की योजना है। इसको लेकर गांवों में जाकर शिविर लगाए थे। 8 गांवों के जमीन मालिकों ने करीब 196 एकड़ जमीन बेचने की इच्छा जाहिर की है। उनके आवेदन को मुख्यालय भेज दिया है। मुख्यालय से मंजूरी मिलने के बाद जमीन खरीदने की प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा।''

शनि वक्री का शुभ प्रभाव, वृषभ, मिथुन समेत 4 राशियों की चमकेगी किस्मत

 ज्योतिष शास्त्र में सबसे धीमी चाल चलने वाले और न्याय के देवता माने जाने वाले शनि देव इस समय मीन राशि में विराजमान हैं. साल 2026 में शनि देव की चाल में एक बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है. शनि देव मीन राशि में ही उल्टी चाल यानी वक्री (Saturn Retrograde) होने जा रहे हैं, जिसकी तारीख 27 जुलाई है. आमतौर पर शनि की वक्री चाल को कष्टकारी माना जाता है. लेकिन ज्योतिषीय गणना के अनुसार, मीन राशि में शनि का वक्री होना सभी राशियों के लिए बुरा नहीं रहेगा. इस दौरान बनने वाले ग्रहों के विशेष संयोग से कुछ भाग्यशाली राशियां ऐसी हैं, जिन्हें करियर, व्यापार और धन के मामले में बंपर सफलता मिलने वाली है. आइए जानते हैं शनि की यह उल्टी चाल किन राशियों का भाग्य बदलने जा रही है. 1. वृषभ राशि (Taurus) शनि की वक्री चाल वृषभ राशि के जातकों के लिए किसी वरदान से कम नहीं साबित होगी. आपकी आय में अप्रत्याशित बढ़ोतरी होने के योग हैं. लंबे समय से अटका हुआ धन वापस मिलेगा. नौकरीपेशा लोगों को इस अवधि में प्रमोशन या मनचाहा ट्रांसफर मिल सकता है. समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा. 2. मिथुन राशि (Gemini) मिथुन राशि के जातकों के लिए शनि देव दशम भाव में वक्री होंगे, जो कि कर्म का भाव है. यदि आप नया बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं, तो यह समय सर्वश्रेष्ठ है. पुराने निवेश से भी बड़ा मुनाफा होने की उम्मीद है. इस दौरान आपको पैतृक संपत्ति से जुड़ा कोई बड़ा लाभ हो सकता है. पारिवारिक विवाद सुलझेंगे. 3. वृश्चिक राशि (Scorpio) वृश्चिक राशि वालों के लिए शनि की यह उल्टी चाल मानसिक तनाव से मुक्ति दिलाने वाली होगी. जो काम पिछले कई महीनों या सालों से अटके हुए थे, वे अब तेजी से पूरे होने लगेंगे. जो लोग विदेश जाने का सपना देख रहे हैं या विदेशी कंपनियों से जुड़े हैं, उन्हें कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है. 4. कुंभ राशि (Aquarius) चूंकि शनि देव आपकी राशि के स्वामी हैं, इसलिए मीन राशि में उनकी वक्री चाल आपके धन भाव को प्रभावित करेगी. इस अवधि में आपकी सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी और आप धन की बचत करने में सफल रहेंगे. आपकी कम्यूनिकेशन स्किल मजबूत होगी, जिससे आप कार्यस्थल पर लोगों को प्रभावित करने में सफल रहेंगे. शनि देव के उपाय शनि की वक्री अवधि के दौरान शुभ फलों को बढ़ाने और नकारात्मक प्रभावों को कम करने के लिए हर शनिवार को शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और हनुमान चालीसा का पाठ करें.

शाकाहारी लोग भी बना सकते हैं मजबूत मसल्स, डॉक्टर ने बताया ल्यूसीन का सही राज

शाकाहारी लोगों की अक्सर शिकायत रहती है उनके पास प्रोटीन सोर्स की कमी रहती है इसलिए उनके मसल्स जल्दी नहीं बन पाते लेकिन एक डॉक्टर ने इसका तरीका भी बताया है. डॉ. अनूप मिश्रा का कहना है, मसल्स बनाने के लिए सिर्फ प्रोटीन की मात्रा देखना काफी नहीं है बल्कि उसके साथ ल्यूसीन (Leucine) नाम के एक जरूरी अमीनो एसिड का सही लेवल होना बहुत जरूरी है. ल्यूसीन मसल्स के लिए एक ट्रिगर की तरह काम करता है, जो मसल्स प्रोटीन सिंथेसिस को एक्टिवेट करता है.   क्यों जरूरी है ल्यूसीन? ल्यूसीन एक ऐसा अमीनो एसिड है जो हमारा शरीर खुद नहीं बना सकता इसलिए इसे डाइट से लेना जरूरी होता है. यह मसल्स को संकेत देता है कि उन्हें प्रोटीन का उपयोग करके बढ़ना और रिकवर होना है. जब आप स्ट्रेंथ ट्रेनिंग या वजन उठाने वाली एक्सरसाइज करते हैं तो ल्यूसीन का सही सेवन मसल्स को तेजी से रिकवर करने और मजबूती देने में मदद करता है. कई रिसर्च बताती हैं कि सही मात्रा में ल्यूसीन मिलने पर प्लांट-बेस्ड प्रोटीन भी मसल्स बिल्डिंग में उतने ही कारगर हो सकते हैं जितने कि एनिमल प्रोटीन.   क्या है सही चुनाव? डॉ. मिश्रा के अनुसार, बेसन जैसे ऑप्शंस में प्रोटीन की अच्छी मात्रा होती है. 100 ग्राम बेसन में करीब 20 ग्राम प्रोटीन मिल सकता है जो कि गेहूं या अन्य अनाजों के मुकाबले काफी बेहतर है. इसके अलावा, सोयाबीन प्लांट-बेस्ड प्रोटीन के सबसे बेहतरीन सोर्सेज में से एक है. सोया न केवल हाई-प्रोटीन है, बल्कि इसमें ल्यूसीन भी भरपूर होता है, जिससे यह मसल्स बिल्डिंग के लिए एक स्मार्ट और सुलभ विकल्प बन जाता है.   डाइट में करें ये छोटा सा बदलाव डॉ. मिश्रा का सुझाव है कि हर मील में प्रोटीन और ल्यूसीन के सही बैलेंस पर ध्यान दें. यदि आप अपनी मील में बेसन या अन्य प्रोटीन सोर्सेज को मिक्स करते हैं तो इससे आपकी डाइट में प्रोटीन की मात्रा बढ़ेगी और कार्बोहाइड्रेट का असर कम हो जाएगा. यह न केवल आपकी मसल्स बनाने में मदद करेगा बल्कि ब्लड शुगर लेवल को भी कंट्रोल में रखने में मददगार हो सकता है. कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट्स का चुनाव करने और खाने के तरीके को सही रखने से बिना किसी महंगी दवा के आपकी सेहत में बड़ा सुधार आ सकता है.