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सीएम योगी का सपा पर निशाना, बोले- शिक्षा की नैया डुबोने वाली पार्टी है समाजवादी पार्टी

शिक्षा की नैया डुबोने वाली पार्टी है सपा : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ   गाजियाबाद में शिक्षक-स्नातक सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी ने भाजपा के दोनों एमएलसी प्रत्याशियों के लिए मांगा समर्थन   सपा सरकार होती तो रामलीलाओं की जगह दंगे और कर्फ्यू होते, मुख्यमंत्री योगी ने धार्मिक आयोजनों के बदले माहौल का किया उल्लेख   शिक्षकों के लिए संस्थान का भेद नहीं, बेसिक से तकनीकी और स्ववित्तपोषित शिक्षकों तक चिकित्सा सुविधा देने का भरोसा   सपा राज में आजम खान के विश्वविद्यालय के लिए अलग मानक, दूसरे विश्वविद्यालयों की मान्यता में खड़ी की जाती थीं बाधाएं   जिन मंडलों में नहीं थे विश्वविद्यालय, वहां खोले नए विश्वविद्यालय, मेरठ को मिला मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय   नौकरी से खिलवाड़ करने वालों को जेल और संपत्ति जब्ती की चेतावनी, 24 हजार से अधिक स्टार्टअप से रोजगार के नए अवसर   गाजियाबाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। कहा कि सपा शिक्षा पर कितना भी उपदेश दे, उसका भरोसा नदी किनारे बैठे उस मगरमच्छ जैसा है, जो किसी को अपनी पीठ पर बैठाकर नदी पार कराने की बात करता है। सपा शिक्षा की नैया पार लगाने वाली नहीं, उसे डुबोने वाली पार्टी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा की चार सरकारों में शिक्षा, रोजगार और विकास के सामने संकट खड़ा हुआ। उस समय दंगे, कर्फ्यू और अराजकता प्रदेश की पहचान बन गए थे।   मुख्यमंत्री योगी शुक्रवार को गाजियाबाद में मेरठ-सहारनपुर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी श्रीचंद शर्मा और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशी दिनेश गोयल के समर्थन में आयोजित सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शिक्षकों के लिए चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार, विश्वविद्यालयों की स्थापना और सरकारी भर्तियों का उल्लेख किया। साथ ही दोनों प्रत्याशियों को फिर विधान परिषद भेजने की अपील की।   रामलीलाओं के आयोजन को लेकर सपा पर साधा निशाना मुख्यमंत्री ने कहा कि गाजियाबाद आते समय रास्ते में कई स्थानों पर बड़ी-बड़ी रामलीलाएं होती दिखाई दीं। सपा सरकार होती तो अब तक दंगे शुरू हो चुके होते और कर्फ्यू लगा होता। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में नवरात्रि के दौरान दुर्गा पूजा के पंडाल और अन्य धार्मिक आयोजन भी नहीं हो पाते थे। आज गाजियाबाद से हरिद्वार के बीच साढ़े चार करोड़ श्रद्धालु कांवड़ लेकर निकलते हैं। श्रद्धालु बाबा औघड़नाथ, दुग्धेश्वरनाथ और पुरा महादेव सहित विभिन्न शिवालयों में जलाभिषेक करते हैं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को बिना भेदभाव अपनी आस्था व्यक्त करने का अवसर मिलना चाहिए।   शिक्षक का संस्थान नहीं, राष्ट्र निर्माण में योगदान महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि शिक्षक बेसिक शिक्षा का हो या माध्यमिक, उच्च, तकनीकी अथवा चिकित्सा शिक्षा का, सभी को चिकित्सा सुविधा मिलेगी। वित्तपोषित, प्रबंधकीय व्यवस्था और स्ववित्तपोषित संस्थानों के शिक्षक भी इसमें शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षक युग निर्माता और राष्ट्र निर्माता है। वह ऐसी पीढ़ियां तैयार करता है, जिनकी ऊर्जा प्रदेश की प्रगति में काम आती है। श्रीचंद शर्मा और दिनेश गोयल जब भी शिक्षकों तथा स्नातकों की समस्याएं लेकर आए, उनका समाधान किया गया।   विश्वविद्यालयों की मान्यता में भेदभाव का आरोप मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा सरकार में शिक्षा संस्थानों के लिए समान मानक नहीं थे। आजम खान विश्वविद्यालय बनाएं तो उनके लिए अलग नियम होते थे, जबकि ग्लोबल यूनिवर्सिटी को मान्यता नहीं दी जाती थी। भाजपा सरकार ने सभी के लिए एक जैसी व्यवस्था लागू की। सहारनपुर में मां शाकंभरी, अलीगढ़ में राजा महेंद्र प्रताप सिंह, मुरादाबाद में गुरु जंभेश्वर, आजमगढ़ में महाराज सुहेलदेव, बलरामपुर में मां पाटेश्वरी और मीरजापुर में मां विंध्यवासिनी के नाम पर विश्वविद्यालय स्थापित किए गए। मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय बनाया गया। लखनऊ में अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय, गोरखपुर में आयुष विश्वविद्यालय और कुशीनगर में कृषि विश्वविद्यालय का निर्माण भी कराया गया।   नौकरी के नाम पर गड़बड़ी करने वालों के लिए जेल मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अपराध और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। युवाओं की नौकरी से खिलवाड़ करने वालों को जेल भेजने और उनकी संपत्ति जब्त करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने दावा किया कि साढ़े नौ वर्षों में साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। यूपी पुलिस में 32,600 से अधिक अभ्यर्थियों के परिणाम जारी हुए हैं। 42 हजार से अधिक होमगार्ड की भर्ती के परिणाम भी आ चुके हैं। शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में है।   उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में प्रदेश में 120 स्टार्टअप थे। अब इनकी संख्या 24 हजार से अधिक हो चुकी है। इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बने हैं।   पीडीए के नाम पर टिकट वितरण को लेकर कटाक्ष मुख्यमंत्री ने विधान परिषद चुनाव में सपा के प्रत्याशी चयन पर सवाल उठाए। कहा कि सपा के पीडीए का मतलब परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी है। पहले अपने चाचा को टिकट दिया और फिर मुंबई के एक धनकुबेर के हाथ टिकट गिरवी रख दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा टिकट वितरण में भी अपने घोषित सिद्धांतों पर नहीं चल रही है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि विधान परिषद की 11 सीटों के चुनाव में भाजपा का प्रदर्शन पिछले राज्यसभा चुनाव से बेहतर होगा।   पश्चिमी यूपी में सड़क और रेल परियोजनाओं का उल्लेख मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली-मेरठ के बीच 12 लेन एक्सप्रेसवे और नमो भारत रैपिड रेल से क्षेत्र में आवागमन सुगम हुआ है। गंगा एक्सप्रेसवे से मेरठ और प्रयागराज के बीच यात्रा का समय घटेगा। उन्होंने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, मेट्रो विस्तार और वाराणसी रोपवे परियोजना का भी उल्लेख किया। साथ ही काशी विश्वनाथ धाम, विंध्यवासिनी धाम, अयोध्या में श्रीराम मंदिर, ब्रज क्षेत्र, शुकतीर्थ और मां शाकंभरी शक्तिपीठ के विकास को विरासत और विकास का उदाहरण बताया।   23 अक्टूबर को मतदान के लिए अवकाश मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में 23 अक्टूबर को सुबह आठ से शाम चार बजे तक मतदान होगा। मतदाताओं के लिए अवकाश रहेगा। उन्होंने मतदान केंद्र पर उपलब्ध कराई जाने वाली कलम से मतपत्र पर वरीयता अंकित करने की अपील की।   शिक्षक एमएलसी प्रत्याशी श्रीचंद शर्मा ने कहा कि प्राथमिक से उच्च शिक्षा तक के शिक्षकों और उनके परिवारों के लिए पांच लाख रुपये की कैशलेस चिकित्सा … Read more

‘पूरब में साइकिल की हवा निकाल रहे राजभर, निषाद और अनुप्रिया’… अखिलेश को ओपी राजभर का जवाब

'पश्चिम ही नहीं, पूरे यूपी में सपा की हालत खराब'… राजभर का अखिलेश पर तीखा हमला 'पूरब में साइकिल की हवा निकाल रहे राजभर, निषाद और अनुप्रिया'… अखिलेश को ओपी राजभर का जवाब 'अखिलेश यादव झूठ की दुकान हैं'… गन्ना किसानों के भुगतान पर राजभर ने दिलाई सपा शासन की याद 'सपा राज में गन्ना किसान आत्महत्या को मजबूर थे'… अखिलेश पर बरसे राजभर 'अखिलेश ने प्रमोशन में आरक्षण खत्म किया, दलितों पर गुंडागर्दी की'… राजभर ने पूछा- सपा के साथ क्यों जाएंगे दलित? '2027 में सपा का सफाया तय, हताश हो गए हैं अखिलेश'… ओम प्रकाश राजभर का तीखा प्रहार 'सपा के फर्जी वोटरों का खेल खत्म हुआ इसलिए SIR पर झूठ फैला रहे अखिलेश', राजभर का बड़ा हमला लखनऊ,   यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। अखिलेश यादव ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गन्ना किसानों का मुद्दा उठाया था और पश्चिमी यूपी में सपा को मजबूत करने की बात कही थी। इस पर तंज कसते हुए राजभर ने कहा कि पश्चिम ही नहीं, पूरब समेत पूरे प्रदेश में सपा की हालत खराब है। गन्ना किसानों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सपा और अखिलेश यादव के शासनकाल में किसानों के साथ जितना अन्याय हुआ, उतना कभी नहीं हुआ। सपा राज में महीनों तक नहीं होता था गन्ना किसानों का भुगतान ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव झूठ की दुकान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान गन्ना किसानों के साथ जितना अन्याय हुआ, उतना कभी नहीं हुआ। किसानों को महीनों तक भुगतान नहीं मिलता था और वे आत्महत्या करने को मजबूर थे। राजभर ने कहा कि योगी सरकार में गन्ना किसानों को रिकॉर्ड भुगतान हुआ है और अब 14 दिनों के भीतर भुगतान किया जा रहा है। पूरे यूपी में सपा की हालत खराब: राजभर राजभर ने कहा कि पूरे उत्तर प्रदेश में सपा की हालत खराब है। उन्होंने कहा, 'पूरब में ओम प्रकाश राजभर, संजय निषाद और अनुप्रिया पटेल जी साइकिल की हवा निकाल रहे हैं।' उन्होंने दावा किया कि पश्चिमी यूपी में सपा का ऐसा हाल होगा, जिसकी उसने उम्मीद भी नहीं की होगी। दलित-पिछड़ों के सपा से जुड़ने के दावे पर उठाए सवाल अखिलेश यादव के दलित और पिछड़े नेताओं के समाजवादी पार्टी से जुड़ने के दावे पर राजभर ने सपा के पुराने कार्यकाल का जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि दलित सपा के साथ क्यों जुड़ेंगे? राजभर ने कहा कि सपा सरकार ने प्रमोशन में आरक्षण खत्म किया। सपा सरकार के दौरान दलितों के साथ तानाशाही और गुंडागर्दी हुई। बाबा साहब डॉ. आंबेडकर के नाम पर बने जिलों और पार्कों के नाम बदल दिए गए। राजभर ने सवाल किया कि क्या दलित इन बातों को भूल जाएंगे? गेस्ट हाउस कांड का जिक्र करते हुए राजभर ने आरोप लगाया कि मायावती की हत्या की योजना समाजवादी पार्टी के लोगों ने बनाई थी। '2027 में सपा का सफाया तय' राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव हताश हो गए हैं और उन्हें पता है कि 2027 में सपा का सफाया तय है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज सपा चुनाव आयोग पर सवाल उठा रही है, जबकि उसका इतिहास फर्जी मतदान कराने का रहा है। राजभर ने कहा कि SIR से अखिलेश यादव को इसलिए दिक्कत हो रही है, क्योंकि उन्हें पता है कि अब सपा के फर्जी वोटर मतदान केंद्र तक नहीं पहुंच पाएंगे।

मध्य प्रदेश में परीक्षा में नकल करने वालों पर सख्ती, 3 महीने में पूरा होगा ट्रायल

भोपाल  प्रतियोगी और बोर्ड परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए एमपी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद सीएम मोहन यादव ने स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट गठन करने का फैसला लिया है। मध्य प्रदेश में चार स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया गया है। ऐसा करने वाला मध्य प्रदेश पहला राज्य बन गया है। तीन महीने के भीतर मामले का होगा निपटारा विशेष फास्‍ट ट्रैक कोर्ट परीक्षाओं मे नकल रोकने के लिए बनाई गई त्‍वरित जांच/कानूनी प्रणाली या उडनदस्‍तों से संबंधित है। इन फास्‍ट-ट्रैक अदालतों को चार्जशीट दाखिल होने के 3 महीने के भीतर मामले का निपटारा (ट्रायल पूरा) करने का लक्ष्‍य दिया गया है। फास्‍ट-ट्रैक कोर्ट मे पैरवी विशेष अभियोजक करेंगें। संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक के नेतृत्‍व मे एसआईटी का गठन किया गया है। फास्‍ट-ट्रैक कोर्ट भोपाल, इंदौर, ग्‍वालियर, और जबलपुर महानगरों में बनाई जायेगी, जिनका कार्यक्षेत्र निर्धारित किया गया है। किस कोर्ट में किन जिलों की होगी सुनवाई     भोपाल : भोपाल में फास्‍ट-ट्रैक विशेष न्‍यायालय के अंर्तगत भोपाल, सीहोर, रायसेन, बैतूल, नर्मदापुरम, हरदा, राजगढ़ और विदिशा जिलों के मामलों की सुनवाई करेगी।     इंदौर : इंदौर में फास्‍ट-ट्रैक विशेष न्‍यायालय के अंर्तगत इंदौर, धार, रतलाम, झाबुआ, मंदसौर, उज्जैन, देवास और आसपास के मालवा-निमाड़ क्षेत्र के मामलों को देखेगी।     ग्वालियर : ग्‍वालियर में फास्‍ट-ट्रैक विशेष न्‍यायालय के अंर्तगत ग्वालियर, भिंड, मुरैना, शिवपुरी, गुना, दतिया, अशोकनगर और टीकमगढ़ जिलों का अधिकार क्षेत्र इसके पास है।     जबलपुर : जबलपुर में फास्‍ट-ट्रैक विशेष न्‍यायालय के अंर्तगत जबलपुर, सागर, रीवा, सतना, छिंदवाड़ा, शहडोल और महाकौशल/बुंदेलखंड के अन्य जिलों के मामले यहां सुने जाएंगे।   विशेष अभियोजकों की भी नियुक्ति राज्‍य शासन ने फास्‍ट-ट्रैक कोर्ट के लिए विशेष अभियोजकों की नियुक्ति की है। विशेष अभियोजक इन प्रकरणों में साक्ष्यों के प्रभावी प्रस्तुतिकरण, गवाहों के समुचित प्रबंधन और न्यायालयीन पैरवी पर विशेष ध्यान देंगे। इससे मामलों की सुनवाई अधिक व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने और न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाने में सहायता मिलेगी। परीक्षा प्रणाली पर बना रहा विश्वास राज्य शासन का यह प्रयास मेहनत और योग्यता के आधार पर परीक्षा देने वाले युवाओं के हितों की रक्षा तथा परीक्षा प्रणाली में विश्वास बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पेपर लीक, नकल और परीक्षा से जुड़े अन्य अपराधों के मामलों में प्रभावी अभियोजन के माध्यम से दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा।

‘ज्ञानेश कुमार से लड़ाई नहीं, सरकार गिराना चाहते हैं’, राजनाथ सिंह का विपक्ष पर हमला

नई दिल्ली भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस और सांसद राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि ये लोग बांग्लादेश की तर्ज पर भारत में सत्ता परिवर्तन करना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाए हैं कि इनका एकमात्र एजेंडा लोकतांत्रिक संस्थाओं को खत्म करना और देश में आग लगाना है। खास बात है कि उनका बयान ऐसे समय पर आया है, जब दिल्ली में कांग्रेस और कॉकरोच जनता पार्टी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा, 'देश के नौजवानों को अराजकता की राजनीति का मोहरा बनाने की कोशिश की जा रही है। ये लोग बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन कराना चाहते हैं और प्रेस कांफ्रेंस में खुलकर कहते हैं कि उसने शासन बदलने के लिए बांग्लादेश से प्रेरणा ली है और दूसरा डंके की चोट पर सरकार को गिराने की बात करता है।' रिजीम चेंज शब्द का किया जिक्र लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में रक्षा मंत्री ने कहा, 'रिजीम चेंज जैसे शब्दों का प्रयोग किया जा रहा है। इससे स्पष्ट हो जाता है कि ये उनकी लड़ाई चुनाव सुधार के लिए नहीं है, उनकी लड़ाई एसआईआर के लिए नहीं है। उनकी लड़ाई ज्ञानेश कुमार के लिए नहीं है। उनकी लड़ाई देश के नौजवानों के उज्जवल भविष्य के लिए नहीं है, बल्कि देश में अराजकता पैदा करके सत्ता हासिल करने की उनकी यह साजिश है।' राहुल गांधी पर साधा निशाना सिंह ने कहा, 'जब राजनीतिक स्वार्थ को सत्य और राष्ट्रहित से ऊपर रखा जाता है, तो लोकतांत्रिक विमर्श तथ्यों और तर्कों की बजाय दुराग्रहों और दुष्प्रचार का शिकार हो जाता है। राहुल गांधी और उनके साथियों को यह समझना होगा कि लोकतंत्र, अराजकता फैलाने, संवैधानिक संस्थाओं पर चोट करने या भारत की विकास यात्रा में बाधा डालने का लाइसेंस नहीं है और सर्वोच्च न्यायालय की कल की गई टिप्पणी भी इसी ओर एक संकेत है।' नवीन चावला का लिया नाम सिंह ने कहा, '1993 में कांग्रेस सरकार ने चुनाव आयोग में अचानक बदलाव कर दिया। रातों-रात चुनाव आयोग में 2 नए इलेक्शन कमिश्नर नियुक्त किए गए। मुख्य चुनाव आयुक्त एन गोपालस्वामी ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर चुनाव आयुक्त नवीन चावला को पद से हटाने की सिफारिश की थी और उन्होंने ये आरोप लगाया था कि नवीन चावला ने चुनाव आयोग की संवेदनशील जानकारी कांग्रेस नेताओं के साथ साझा की थी। लेकिन कांग्रेस ने न केवल नवीन चावला को बचाने का काम किया, बल्कि उन्हें चीफ इलेक्शन कमिश्नर भी बनाया था। क्योंकि वो नेहरू गांधी परिवार के करीबी थे।' रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने  कहा कि राहुल गांधी ने वोट चोरी को हाइड्रोजन बम बताकर पूरे देश में शोर मचाया था, लेकिन उनका तथाकथित हाइड्रोजन बम दीवाली का पटाखा भी साबित नहीं हुआ। राजनाथ सिंह ने कहा कि राहुल गांधी ने कभी 70 साल की महिला को दो जगह का मतदाता बताया तो कभी 35 साल की महिला को 124 साल का मतदाता बना दिया. उन्होंने सामान्य नागरिकों को फर्जी मतदाता बताकर बदनाम करने की कोशिश की, लेकिन वोट चोरी का हर मामला झूठ और राजनीतिक नाटक निकला।  चुनाव स्थगित करने पर पूछा सवाल रक्षा मंत्री ने कहा, ‘मैं एक घटना का जिक्र आप लोगों से करना चाहता हूं। पहले यदि चुनाव के दौरान किसी उम्मीदवार की मृत्यु हो जाती, तो सामान्यत: उस सीट पर चुनाव स्थगित कर दिया जाता है। केवल एक सीट के लिए पूरे चुनाव को स्थगित करने की नियम है ही नहीं। आप जानते हैं कि राजीव गांधी की हत्या पूरे देश के लिए एक दुखद घटना थी। और केवल कांग्रेस पार्टी नहीं, बल्कि पूरा देश उस घटना से दुखी था।’ उन्होंने कहा, 'लेकिन जब आज कांग्रेस चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर रही है, तो मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि क्या प्रावधान यह नहीं होता है कि किसी उम्मीदवार की मृत्यु के बाद उसी सीट का ही चुनाव स्थगित हो। तो क्या कारण था कि राजीव गांधी जी की हत्या के बाद पूरे देश के चुनाव को स्थगित कर दिया गया था। जबकि, सच्चाई यह है कि अमेठी का चुनाव हो चुका था।' राहुल गांधी को संवाद का रास्ता चुनना चाहिए- राजनाथ सिंह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि राहुल गांधी और उनके सहयोगियों को समझना होगा कि किसी को अराजकता फैलाने का लाइसेंस नहीं दिया जा सकता. सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी भी यही दिखाती है. राहुल गांधी को रुकावट की राजनीति के बजाय संवाद और राष्ट्र निर्माण का रास्ता चुनना चाहिए।  राजनाथ सिंह ने कांग्रेस के समय की इमरजेंसी, 1984 में सिखों के नरसंहार और कार सेवकों पर गोली चलाने का जिक्र किया. उन्होंने आरोप लगाया कि आज संवैधानिक संस्थाओं को चोट पहुंचाई जा रही है और राहुल गांधी संविधान को जेब में रखकर अराजकता फैला रहे हैं।  कांग्रेसकाल के चुनाव आयुक्तों का किया जिक्र राजनाथ सिंह ने चुनाव आयोग को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा. राजनाथ सिंह ने कहा कि 1990 में रातोंरात 2 चुनाव आयुक्त नियुक्त किए गए थे. नवीन चावला को मुख्य चुनाव आयुक्त बनाया गया और गंभीर आरोप लगने पर कांग्रेस ने उन्हें बचाया. उन्होंने कहा कि एमएस गिल को कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त बनाया था और बाद में वह दो बार केंद्र में मंत्री बने।  राजनाथ सिंह ने कहा कि पहले मतदाता पहचान पत्र के बिना चुनाव होते थे. जब से मतदाता पहचान पत्र आया है, कांग्रेस के लिए बहुमत दूर की कौड़ी हो गया है और वह कभी अकेले सत्ता में नहीं आ पाई. उन्होंने पूछा कि यह वोट चोरी थी या कामचोरी. उन्होंने कहा कि भाजपा ने हमेशा संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान किया है और उन पर कभी शक नहीं किया।  राजीव गांधी की मृत्यु पर पूरा चुनाव किया गया रद्द- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सवाल किया कि एक उम्मीदवार की मृत्यु पर पूरे चुनाव स्थगित नहीं होते, फिर राजीव गांधी की मृत्यु के बाद पूरा चुनाव क्यों स्थगित किया गया था. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हिंसा और सत्ता परिवर्तन जैसे हथकंडों से अपनी हार का बदला लेना चाहती है और बांग्लादेश जैसे हालात बनाना चाहती है।  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी से पूछा कि क्या वह समाजवादी पार्टी के बिना अमेठी जीत सकते हैं. कांग्रेस दफ्तर में … Read more

सीएम नायब सैनी के स्वीडन दौरे पर 4,000 करोड़ के LOI साइन, गुरुग्राम-स्टॉकहोम में सहयोग

पंचकुला  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के स्वीडन दौरे से राज्य के आर्थिक और औद्योगिक परिदृश्य को बड़ी मजबूती मिली है। इस ऐतिहासिक दौरे के दौरान कुल ₹4,000 करोड़ के लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) साइन किए गए हैं। इसके तहत गुरुग्राम और स्टॉकहोम के बीच स्पेशल 'सिटी टू सिटी कोलेबोरेशन' का समझौता हुआ है। इसके अलावा रिटेल और वेयरहाउसिंग सेक्टर में ₹1,000 करोड़ तथा आत्मनिर्भर भारत के तहत ₹3,000 करोड़ के एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं, जिससे हरियाणा के कुशल युवाओं के लिए वैश्विक स्तर पर रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। सीएम ने स्वीडिश उद्योगपतियों को दिया न्योता मुख्यमंत्री सैनी और मंत्री ने स्वीडिश उद्योगपतियों को राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि सरकार नए उद्योगों की स्थापना, तकनीकी सहयोग और औद्योगिक साझेदारी के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधियों को 2027 में होने वाली हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में शामिल होने का न्योता दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान और स्वीडन की तकनीकी विशेषज्ञता को जोड़कर ‘मेड विद स्वीडन’ साझेदारी को नई दिशा दी जा सकती है। प्वाइंट्स में समझे पूरा समझौता मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के स्वीडन दौरे पर साइन हुए 4000 करोड़ के LOI। गुरुग्राम और स्टॉकहोम शहरों के बीच हुआ City to City Collaboration। सशक्त भारत आत्मनिर्भर भारत के क्षेत्र में हरियाणा सरकार ने साइन किया 3000 करोड़ का LOI। रिटेल सेक्टर, वेयर हाउसिंग सेक्टर में 1000 करोड़ के LOI हुए साइन। हरियाणा और स्वीडन के बीच व्यापार बढ़ाने और आर्थिक सहयोग के लिए भी हुआ समझौता। हरियाणा के स्किलड युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराएंगी स्वीडिश कंपनियां।

Bihar Holidays 2027: सरकारी कर्मचारियों के लिए छुट्टियों की सूची जारी, जानें त्योहारों की तारीखें

पटना  Bihar Government Holidays 2027: बिहार में सरकारी कर्मचारियों के लिए साल 2027 के अवकाश का कैलेंडर जारी कर दिया गया है। सामान्य अवकाश, ऐच्छिक छुट्टियों और निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत घोषित छुट्टियों की अलग-अलग सूची बनाई गई है। कर्मचारियों को ऐच्छिक अवकाश की सूची में से नियमों के मुताबिक अधिकतम 3 छुट्टियां चुनने का विकल्प मिलेगा। 2027 में छुट्टियों का क्या है पूरा हिसाब? बिहार सरकार ने साल 2027 के लिए सरकारी कार्यालयों और संबंधित अदालतों में सामान्य अवकाश की सूची तय की है। जारी विवरण के मुताबिक, सामान्य अवकाश की संख्या 12 रखी गई है। इसके अलावा ऐच्छिक और प्रतिबंधित छुट्टियों की सूची भी जारी हुई है। कर्मचारी अपनी जरूरत और त्योहारों के हिसाब से ऐच्छिक अवकाश चुन सकते हैं। हालांकि, इन छुट्टियों का लाभ लेने के लिए निर्धारित सरकारी नियमों का पालन करना होगा। इसलिए कर्मचारियों के लिए कैलेंडर में तारीखों के साथ अवकाश की श्रेणी देखना भी जरूरी होगा। जनवरी से जून तक कब-कब रहेगी छुट्टी? सरकारी कैलेंडर में साल के शुरुआती छह महीनों में कई महत्वपूर्ण पर्व और जयंती शामिल हैं। सामान्य अवकाश की सूची में 15 जनवरी को गुरु गोविंद सिंह जयंती, 24 जनवरी को शब-ए-बरात, 11 फरवरी को वसंत पंचमी और 20 फरवरी को संत रविदास जयंती शामिल हैं। इसके बाद 6 मार्च को महाशिवरात्रि, 14 अप्रैल को सम्राट अशोक अष्टमी, 23 अप्रैल को वीर कुंवर सिंह जयंती, 14 मई को जानकी नवमी और 18 जून को कबीर जयंती की तारीख दी गई है। कर्मचारियों को सलाह है कि छुट्टी की योजना बनाने से पहले संबंधित आधिकारिक सूची से तारीखों का मिलान कर लें। ऐच्छिक अवकाश में त्योहारों के कई विकल्प ऐच्छिक और प्रतिबंधित अवकाश की सूची में मकर संक्रांति, कर्पूरी जयंती, ईद, होलिकादहन, बकरीद, मुहर्रम और रक्षा बंधन जैसे अवसर शामिल हैं। इसके अलावा हरितालिका तीज, अनंत चतुर्दशी, विश्वकर्मा पूजा और जीवितपुत्रिका व्रत के लिए भी तारीखें दी गई हैं। साल के आखिरी महीनों में दुर्गा पूजा से जुड़े कुछ अवसर, छठ पूजा के खरना, डॉ. राजेंद्र प्रसाद जयंती और क्रिसमस ईव भी सूची में शामिल हैं। कर्मचारी अपनी पसंद के मुताबिक अधिकतम तीन ऐच्छिक छुट्टियां चुन सकेंगे। इनका इस्तेमाल संबंधित नियमों और विभागीय प्रक्रिया के अनुसार करना होगा। दुर्गा पूजा और छठ के समय इन तारीखों पर रखें नजर बिहार में दुर्गा पूजा और छठ के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपने घरों और परिवारों के साथ त्योहार मनाने की योजना बनाते हैं। ऐसे में अवकाश कैलेंडर की तारीखें पहले से जानना कर्मचारियों के लिए उपयोगी हो सकता है। जारी सूची में दुर्गा पूजा के कलश स्थापन के लिए 1 अक्टूबर और दुर्गा पूजा एकादशी के लिए 10 अक्टूबर की तारीख दी गई है। छठ पूजा के खरना के लिए 3 नवंबर का उल्लेख है। हालांकि, किसी तारीख पर कार्यालय बंद रहेगा या नहीं, यह तय करने के लिए उस दिन की छुट्टी की श्रेणी और आधिकारिक आदेश जरूर देखें। बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए भी छुट्टियां तय सरकार ने निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 के तहत भी 2027 के लिए 24 छुट्टियां निर्धारित की हैं। इनका संबंध बैंकों और अन्य संबंधित वित्तीय संस्थानों के कामकाज से हो सकता है। इन छुट्टियों को सरकारी कार्यालयों के सामान्य अवकाश से अलग समझना जरूरी है। इसके अतिरिक्त, 1 अप्रैल 2027 को वित्तीय वर्ष के सालाना हिसाब-किताब से जुड़े कार्यों के लिए अवकाश का भी उल्लेख किया गया है। बैंकिंग या वित्तीय काम की योजना बना रहे लोगों को संबंधित बैंक और विभाग की अधिसूचना देखनी चाहिए। छुट्टी लेने से पहले इन बातों का रखें ध्यान सरकारी कर्मचारियों के लिए सबसे जरूरी है कि वे सामान्य अवकाश, ऐच्छिक अवकाश और निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत छुट्टियों को एक ही श्रेणी न मानें। तीनों की उपयोगिता और लागू होने वाले नियम अलग हो सकते हैं। ऐच्छिक छुट्टी लेने से पहले अपने विभाग के नियमों की जानकारी लें। साथ ही, अंतिम रूप से छुट्टी की तारीख तय करने से पहले बिहार सरकार की आधिकारिक अधिसूचना से कैलेंडर का मिलान करें, ताकि किसी तारीख या अवकाश की श्रेणी को लेकर भ्रम न रहे।

यूपी विधान परिषद चुनाव में आधार-पैन समेत इन दस्तावेजों से कर सकेंगे पहचान प्रमाणित

अलीगढ़  यूपी विधान परिषद चुनाव में मतदाता की पहचान सुनिश्चित करने और फर्जी मतदान पर अंकुश लगाने के लिए निर्वाचन आयोग ने पहचान संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। 23 अक्टूबर को होने वाले उत्तर प्रदेश विधान परिषद के स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के द्विवार्षिक चुनाव में मतदाताओं को मतदान से पहले अपनी पहचान प्रमाणित करनी होगी। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीएम अविनाश कुमार ने बताया कि जिन मतदाताओं को फोटोयुक्त मतदाता पहचान पत्र जारी किया गया है, उन्हें मतदान के समय इसे प्रस्तुत करना होगा। पहचान पत्र उपलब्ध न होने की स्थिति में आयोग द्वारा निर्धारित वैकल्पिक पहचान दस्तावेजों में से कोई एक दिखाकर मतदान किया जा सकता है। इन दस्तावेजों से भी कर सकेंगे पहचान प्रमाणित वैकल्पिक दस्तावेजों में आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, सरकारी एवं निर्धारित संस्थानों द्वारा जारी सेवा पहचान-पत्र और सांसद, विधायक एवं पार्षदों को जारी सरकारी पहचान-पत्र शामिल हैं। संबंधित स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता अपने शैक्षिक संस्थान द्वारा जारी सेवा पहचान-पत्र, विश्वविद्यालय की डिग्री या डिप्लोमा का मूल प्रमाण-पत्र, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण-पत्र अथवा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा जारी यूडीआईडी कार्ड से भी निर्धारित नियमों के तहत पहचान प्रमाणित कर सकेंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी ने मतदाताओं से अपील की है कि मतदान के दिन निर्धारित पहचान दस्तावेज अवश्य साथ लाएं। इससे पहचान सत्यापन में सुविधा होगी, मतदान प्रक्रिया व्यवस्थित रहेगी और पात्र मतदाता बिना अनावश्यक परेशानी के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। एमएलसी प्रत्याशियों को जिताने को चलाया सम्पर्क अभियान आगरा खंड शिक्षक क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य पद के भाजपा प्रत्याशी प्रत्याशी इंजी. हरि कशोर तिवारी के लिए गुरूवार को रामघाट रोड स्थित ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल और लेफ्टिनेंट नाहर सिंह इंटर कॉलेज, टीकाराम कन्या महाविद्यालय सहित विभिन्न विद्यालयों में भाजपा महानगर अध्यक्ष इंजी. राजीव शर्मा और एमएलसी चौ. ऋषिपाल सिंह ने शिक्षकों से भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में अधिक से अधिक मतदान कर विजयी बनाने की अपील की। महानगर अध्यक्ष ने कहा भाजपा ने हमेशा शिक्षकों को सम्मान दिया है और शिक्षकों के लिए सरकार द्वारा अनेक कल्याणकारी योजनाऐं शुरू की हैं। जिनसे वो लाभान्वित हो रहे हैं और भविष्य में भी सरकार शिक्षकों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने जा रही है। एमएलसी ने कहा कि भाजपा सरकार शिक्षकों के हित के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है और उनके हितों को सुरक्षित और संरक्षित रखने के लिए संकल्पित है।

टेनिस खिलाड़ी पर बड़ी कार्रवाई, 2050 तक नहीं खेल पाएंगे स्टीफन मिलिसेविक

 नई दिल्ली टेनिस जगत में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है. सर्बिया के 29 वर्षीय टेनिस खिलाड़ी स्टीफन मिलिसेविक पर मैच फिक्सिंग और अन्य खिलाड़ियों को कथित भ्रष्ट नेटवर्क में शामिल करने के मामले में 24 साल का प्रतिबंध लगाया गया है. इंटरनेशनल टेनिस इंटीग्रिटी एजेंसी (ITIA) ने  यह जानकारी दी. सर्बियाई खिलाड़ी पर 70 हजार डॉलर का जुर्माना भी लगाया गया है।  इंटरनेशनल टेनिस इंटीग्रिटी एजेंसी के मुताबिक, स्टीफन मिलिसेविक पर 2022 से 2024 के बीच छह मैचों को फिक्स करने का आरोप है. इनमें पांच मुकाबले ऐसे थे, जिनमें वह खुद खेल रहे थे. इसके अलावा, उन्होंने छह अन्य मैचों को प्रभावित करने की कोशिश भी की।  जांच एजेंसी ने आरोप लगाया कि स्टीफन मिलिसेविक ने कई पेशेवर खिलाड़ियों को एक कथित भ्रष्ट नेटवर्क में शामिल किया, जिसके चलते इसी अवधि में दूसरे खिलाड़ियों ने भी मैच फिक्स किए. हालांकि, एजेंसी ने संबंधित मैचों या अन्य खिलाड़ियों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है।  इंटरनेशनल टेनिस इंटीग्रिटी एजेंसी ने कहा कि स्टीफन मिलिसेविक ने जांच में सहयोग नहीं किया और एजेंसी के निष्कर्षों पर अपना पक्ष भी नहीं रखा. इस मामले में उन्हें 24 साल के प्रतिबंध के साथ 70 हजार डॉलर का जुर्माना भुगतना होगा. प्रतिबंध के कारण वह 2050 तक टेनिस से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।  स्टीफन मिलिसेविक की सर्वोच्च एकल रैंकिंग 1338 रही थी और वह मुख्य रूप से निचले स्तर के टूर्नामेंटों में खेलते हैं. उनके खिलाफ यह कार्रवाई टेनिस में मैच फिक्सिंग और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की कोशिशों के बीच हुई है। 

राष्ट्रीय विज्ञान प्रदर्शनी में छाईं बिलासपुर की बेटियां, रेणुका और त्रिशा ने लहराया परचम

बिलासपुर  नई दिल्ली भारत मंडपम के प्रगति मैदान में आयोजित इंसपायर-मानक’ राष्ट्रीय स्तरीय प्रदर्शनी (एनएलइपीसी) में बिलासपुर की दो प्रतिभावान बेटियों ने अपनी वैज्ञानिक सोच और हुनर से पूरे देश में परचम लहरा दिया है। हाल क्रमांक पांच के प्रथम तल पर सजी भव्य प्रदर्शनी में बिलासपुर की इन होनहार बाल विज्ञानियों ने अपने नवाचारों की ऐसी अनूठी छाप छोड़ी कि हर कोई देखता रह गया। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय देवरीखुर्द बिल्हा की छात्रा रेणुका धनुहार ने अपनी मार्गदर्शक शिक्षिका एम गीता गायत्री के सहयोग से स्पिट डिटेक्शन एंड अलार्म सिस्टम (थूक की पहचान एवं चेतावनी प्रणाली) का माडल तैयार किया। सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी फैलाने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन को मजबूती देने वाले अनूठे प्रोजेक्ट को रेणुका ने अत्यंत आत्मविश्वास और सहजता के साथ निर्णायक मंडल के सामने प्रस्तुत किया। उसके वैज्ञानिक दृष्टिकोण और बेबाक जवाबों ने सबको प्रभावित किया। इसी तरह, बिलासपुर की दूसरी होनहार छात्रा त्रिशा कमलेश ने अपनी मार्गदर्शक शिक्षिका मधु जायसवाल के मार्गदर्शन में वेदर गार्ड स्मार्ट बैग’ (मौसम-सुरक्षा स्मार्ट बैग) का माडल प्रदर्शित किया। त्रिशा ने बहुत ही सरल अंदाज में समझाया कि कैसे यह स्मार्ट बैग बदलते मौसम, तेज धूप और बारिश के दौरान जरूरी सामानों को पूरी तरह सुरक्षित रख सकता है। उसकी रचनात्मक सोच और सधे हुए प्रस्तुतीकरण की हर तरफ सराहना हुई। शानदार उपलब्धि पर दोनों छात्राओं को प्रशस्ति-पत्र और विज्ञान किट से सम्मानित किया गया। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डा. जितेंद्र सिंह द्वारा सम्मान मिलने से बिलासपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में हर्ष का माहौल है। स्वच्छता को तकनीकी धार देती रेणुका की अनूठी पहल रेणुका द्वारा तैयार किया गया ‘स्पिट डिटेक्शन एंड अलार्म सिस्टम’ सार्वजनिक स्वच्छता के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम साबित हो सकता है। सेंसर और अलार्म पर आधारित यह तकनीक लोगों को खुले में थूकने से रोकने और स्वच्छता के प्रति जागरूक करने में बेहद मददगार है। बदलते मौसम की हर चुनौती से लड़ेगा त्रिशा का स्मार्ट बैग त्रिशा का ‘वेदर गार्ड स्मार्ट बैग’ आधुनिक तकनीक और रोजमर्रा की जरूरत का बेहतरीन मेल है। यह बैग हर मौसम में न सिर्फ सामान की हिफाजत करता है, बल्कि विद्यार्थियों के लिए सफर को भी आसान बनाता है। राष्ट्रीय मंच पर बेटियों की सफलता से बढ़ा जिले का मान देशभर के चुनिंदा बाल विज्ञानियों के बीच बिलासपुर की दोनों बेटियों ने अपनी प्रतिभा का जो लोहा मनवाया है, वह मील का पत्थर है। उनकी यह सफलता जिले के अन्य सरकारी स्कूलों के बच्चों में भी विज्ञान के प्रति नया जोश और प्रेरणा जगाएगी।

नवरात्र में देवी दर्शन को लेकर सियासी बयानबाजी, भाजपा सांसद प्रकाश पाल ने अखिलेश पर साधा निशाना

नवरात्र में देवी मंदिरों से अखिलेश ने बनाई दूरी, यह तुष्टिकरण की पराकाष्ठा: प्रकाश पाल ​ सपा मुखिया पर बरसे भाजपा के राज्यसभा सांसद – 'मस्जिद ले जाकर पत्नी का अपमान करा सकते हैं, सम्मान से देवी दर्शन से है परहेज' नवरात्र में देवी मंदिरों से विपक्ष की दूरी पर भाजपा का राहुल-अखिलेश पर प्रहार, कहा- सनातन विरोधी चेहरे फिर बेनकाब, शक्ति पर भारी पड़ेगा अहंकार लखनऊ  राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ इंडी गठबंधन पर सनातन धर्म के प्रति दुर्भावना रखने और तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया है। उन्होंने शुक्रवार को कानपुर स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से कहा कि नवरात्र के पावन पर्व पर पूरा देश देवी भक्ति में लीन है। विपक्षी नेता जानबूझकर सनातन की आस्था के केंद्रों से दूरी बनाए हुए हैं। नवरात्र में देवी मंदिरों से अखिलेश ने बनाई दूरी भाजपा सांसद प्रकाश पाल ने कहा कि मौजूदा समय में पूरा सनातन समाज शारदीय नवरात्र का महापर्व बड़े ही धूमधाम और श्रद्धाभाव से मना रहा है। नवरात्र के पहले दिन से ही सभी देवी मंदिरों में भक्तों का तांता लगा हुआ है और लोग आस्था के साथ दर्शन-पूजन कर रहे हैं। इसके विपरीत इंडी गठबंधन के प्रमुख नेता चाहे वह अखिलेश यादव हों या राहुल गांधी… अब तक किसी भी देवी मंदिर में नजर नहीं आए हैं। विशेष रूप से अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के किसी भी देवी मंदिर में उनको अब तक नहीं देखा गया है। तुष्टिकरण की पराकाष्ठा पर सपा और उसके सहयोगी दल प्रकाश पाल ने तीखे शब्दों में कहा कि सपा और उसके सहयोगी अन्य विपक्षी दलों के नेता सनातन धर्म से दूरी बनाने की होड़ में इस कदर आगे बढ़ चुके हैं कि वे तुष्टिकरण में पूरी तरह व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव अपनी पत्नी को अपने साथ लेकर दिल्ली की मस्जिद में जाकर अपमान तो करवा सकते हैं, लेकिन सम्मान के साथ किसी देवी मंदिर में जाना उन्हें गवारा नहीं है। पूरा सनातन समाज उनकी इस तुष्टिकरण की नीति को बहुत ध्यान से देख रहा है। राहुल गांधी के शक्ति वाले बयान पर किया पलटवार कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुराने बयानों का उल्लेख करते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि राहुल गांधी ने कहा था कि हिंदू धर्म में जो शक्ति है, मैं उसे खत्म करना चाहता हूं। पाल ने कहा कि हमारे सनातन धर्म में शक्ति का स्वरूप ही देवी शक्ति और नारी शक्ति है, जिसे खत्म करने की बात विपक्षी नेता करते हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जिस शक्ति को महिषासुर, चंड और मुंड जैसे असुर खत्म नहीं कर पाए, उसे ये राजनीतिक दल क्या खाक खत्म करेंगे। शक्ति की महिमा न्यारी है और वह चंड-मुंड पर सदैव भारी है।