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मध्य प्रदेश में अगले 4 दिन बारिश के आसार, ग्वालियर-भिंड समेत 5 जिलों में येलो अलर्ट

भोपाल  मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी बादलों की आवाजाही थम नहीं रही है। दिन में धूप और रात में ठंडक के बीच अब अगले चार दिन प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश का असर देखने को मिलेगा। शुक्रवार को ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, मुरैना और शिवपुरी में बारिश का अलर्ट है। इसके बाद शनिवार से बारिश का दायरा बढ़ने का अनुमान है। ग्वालियर-चंबल के साथ उज्जैन, सागर और रीवा संभाग के कुछ जिलों में भी मौसम बिगड़ सकता है। मौसम में इस बदलाव की वजह प्रदेश के उत्तरी हिस्से में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण हैं। इसके अलावा मध्य प्रदेश से एक ट्रफ गुजर रही है। इन मौसमी प्रणालियों के कारण बारिश के अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 17 अक्टूबर को ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, आगर-मालवा, राजगढ़, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में बारिश हो सकती है। 18 और 19 अक्टूबर को भी कई इलाकों में इसका असर बना रहने का अनुमान है।प्रदेश के ऊपरी हिस्से में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) सक्रिय है। इस वजह से अगले 4 दिन तक ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, सागर और रीवा संभाग में मौसम बदला रहेगा मानसून लौट गया, फिर क्यों बरस रहे बादल? प्रदेश से मानसून तीन अक्टूबर को विदा हो गया था। वहीं, 15 अक्टूबर को देश से मानसून की वापसी की प्रक्रिया भी पूरी हो गई। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर सक्रिय मौसमी प्रणालियों के कारण बारिश हो रही है। गुरुवार को भी नीमच, मंदसौर, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड और शिवपुरी में कहीं हल्की बारिश हुई तो कहीं बादल और आंधी वाला मौसम रहा। मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार, अक्टूबर में गर्मी, बारिश और ठंड तीनों तरह के मौसम का असर देखने को मिलता है। पिछले दस वर्षों के आंकड़ों में भी यह रुझान सामने आया है। इस बार भी महीने की शुरुआत में आसमान साफ होने और तेज धूप निकलने के बाद कई जिलों में बारिश हुई है। प्रदेश में इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून करीब 100 दिन सक्रिय रहा। अमरकंटक में सबसे कम तापमान, भोपाल में भी रात ठंडी बारिश के बीच प्रदेश में रात का तापमान भी गिर रहा है। अनूपपुर के अमरकंटक में न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। शाजापुर में 17.4, भोपाल में 17.6 और इंदौर व बालाघाट के मलाजखंड में 17.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड हुआ। रायसेन और छिंदवाड़ा में यह 18 डिग्री रहा। मौसम विभाग का अनुमान है कि 20 अक्टूबर के बाद रात में ठंड का असर और बढ़ सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश के साथ तापमान में बदलाव भी महसूस होगा। अमरकंटक में पारा 15.8 डिग्री पहुंचा मौसम विभाग के अनुसार, 20 अक्टूबर के बाद रात में ठंड का असर बढ़ जाएगा। इससे पहले कई शहरों में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री से नीचे चल रहा है। अनूपपुर का अमरकंटक सबसे ठंडा है। बीती रात यहां न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री, शाजापुर में 17.4 डिग्री, भोपाल में 17.6 डिग्री, इंदौर और बालाघाट के मलाजखंड में 17.8 डिग्री, रायसेन और छिंदवाड़ा में 18 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश से लौट चुका मानसून, पर बारिश जारी प्रदेश से 3 अक्टूबर को ही मानसून लौट चुका है, लेकिन सिस्टम एक्टिव होने से बारिश का दौर फिर से शुरू हुआ। पिछले एक सप्ताह से पूर्वी हिस्से के जिलों में आंधी-बारिश का असर देखा गया। हालांकि, रविवार और सोमवार को भी कहीं आंधी-बारिश रिकॉर्ड नहीं की गई। मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर दौड़ाए तो अक्टूबर में बारिश, गर्मी और ठंड का ट्रेंड है। इस बार भी ऐसा ही हो रहा है। अक्टूबर की शुरुआत में ही मौसम साफ हो गया और धूप खिल गई। वहीं, रात में ठंडक है। कई जिलों में बारिश भी हो रही है। इस बार प्रदेश में 100 दिन तक दक्षिण-पश्चिम मानसून एक्टिव रहा। इस साल सामान्य से कम हुई बारिश दक्षिण-पश्चिम मानसून (जून से सितंबर) के दौरान प्रदेश में कुल 908.4 मिमी यानी, 35.8 इंच (95.9 प्रतिशत) बारिश हुई। यह सामान्य बारिश 37.3 इंच (949.5 मिमी) की तुलना में 1.5 इंच कम है। वहीं, ओवरऑल 4 प्रतिशत कम पानी गिरा। पूर्वी हिस्से में 4% ज्यादा और पश्चिमी हिस्से में औसत से 12% बारिश कम हुई है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में आंकड़ा चार प्रतिशत ज्यादा है। अधिकांश जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है, लेकिन बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर, सिवनी में 5% से 21% तक कम बारिश हुई है।  अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9% से 51% कम पानी गिरा है। इन 25 जिलों में बारिश का कोटा फुल भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में बारिश का कोटा फुल हो चुका है। वहीं 30 जिलों में कम बारिश हुई। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं। सामान्य से 1.5 इंच कम हुई मानसूनी बारिश इस साल प्रदेश में मानसून के दौरान बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे रहा। जून से सितंबर के बीच कुल 908.4 मिलीमीटर यानी करीब 35.8 इंच बारिश दर्ज हुई, जबकि सामान्य औसत 949.5 मिलीमीटर यानी 37.3 इंच है। इस तरह प्रदेश में सामान्य से करीब 1.5 इंच कम बारिश हुई।पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से चार प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई, जबकि पश्चिमी हिस्से में 12 प्रतिशत की कमी रही। जून में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश होने के कारण सीजन की शुरुआत में ही कमी बन गई थी। जुलाई के शुरुआती दिनों में तेज बारिश से आंकड़ा सुधरा, लेकिन मानसून के बीच में दो बार लंबे अंतराल आने से बारिश की रफ्तार प्रभावित हुई। जुलाई, अगस्त और सितंबर में बारिश का कोटा … Read more

Navratri 2026: कल मां कालरात्रि की पूजा, गुड़ का भोग लगाएं और इन मंत्रों का करें जाप

नवरात्रि का सातवां दिन: नवरात्रि का सातवां दिन मां दुर्गा के कालरात्रि स्वरूप को समर्पित है। नवरात्रि के सातवें दिन को 'सप्तमी' भी कहा जाता है। मान्यता है कि मां कालरात्रि अपने भक्तों के जीवन में कष्टों, बाधाओं से मुक्ति और खुशियों का संचार करती हैं। कहा जाता है कि सच्चे मन से देवी कालरात्रि की उपासना करने से मनुष्य को मनवांछित फल की प्राप्ति होती है और नकारात्मक शक्तियों से छुटकारा मिलता है। वो सभी सुखों को प्राप्त करता है। नवरात्रि की सप्तमी कब है? पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, शारदीय नवरात्रि का सप्तमी व्रत 17 अक्टूबर 2026, शनिवार को रखा जाएगा। पंडित जी कहते हैं कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मुश्किल समय में मां कालरात्रि का ध्यान लगाने और स्मरण करने से जातक को मानसिक शांति और साहस मिलता है। यही कारण है कि मां को 'शुभंकरी' भी कहा जाता है। कहा जाता है कि मां का स्वरूप भले ही अत्यंत भयानक और विकराल है लेकिन वह अपने भक्तों का हमेशा कल्याण करती हैं और शुभ फलों को प्रदान करती हैं। 17 अक्टूबर को मां कालरात्रि के पूजन के शुभ मुहूर्त: अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:43 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:59 बजे से सुबह 05:47 बजे तक अपराह्न (शाम) का पूजा मुहूर्त: दोपहर 03:54 बजे से शाम 06:14 बजे तक। मां कालरात्रि की पूजा विधि: 1. मां कालरात्रि की पूजा करने के लिए नवरात्रि के सातवें दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान आदि करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। 2. अब पूजा स्थल की साफ-सफाई करें और गंगाजल से शुद्ध करें। 3. मां कालरात्रि की प्रतिमा या फोटो को स्थापित करें। 4. अब मां को रोली, कुमकुम, अक्षत, फूल, धूप और दीप अर्पित करें। 5. मां की आरती उतारें और उनके मंत्रों का यथाशक्ति जाप करें। मां कालरात्रि के प्रिय मंत्र: मान्यता है कि मां कालरात्रि की पूजा में उनके प्रिय मंत्रों का जाप करने से जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। सामान्य मंत्र: ॐ कालरात्र्यै नम: बीज मंत्र: ॐ ऐं ह्रीं क्लीं कालरात्र्यै नम: देवी मंत्र: ॐ देवी कालरात्र्यै नमः॥ प्रार्थना या स्तुति मंत्र: या देवी सर्वभू‍तेषु माँ कालरात्रि रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:॥ नवर नवरात्रि के सातवें दिन का शुभ रंग और फूल: नवरात्रि के सातवें दिन नीला रंग के वस्त्र धारण करना अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि मां कालरात्रि में नीले रंग के वस्त्र पहनने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। मां कालरात्रि की पूजा में रात में खिलने वाली चमेली और नीले या गुड़हल के फूल अर्पित किए जाते हैं। मां कालरात्रि का प्रिय भोग: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कालरात्रि को गुड़ और गुड़ से बनी चीजें (जैसे गुड़ का हलवा, गुड़ की खीर या मालपुआ) अत्यंत प्रिय हैं। मान्यता है कि मां को गुड़ से बनी चीजों को अर्पित करने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है और व्यक्ति की कुंडली में राहु दोष शांत होता है। मां कालरात्रि की कथा: पौराणिक कथाओं के अनुसार, दैत्य शुंभ-निशुंभ और रक्तबीज ने तीनों लोकों में अपना आतंक मचाना शुरू किया तो सभी देवी-देवतागण परेशान हो गए। सभी समस्या का समाधान पूछने के लिए भगवान शिव के पास पहुंचे। तब भगवान शिव ने मां पार्वती से राक्षसों का वध करके अपने भक्तों की रक्षा करने के लिए कहा। भगवान शिव का आदेश पाने के बाद मां पार्वती ने मां दुर्गा का रूप धारण किया और शुंभ-निशुंभ का वध किया। लेकिन जैसे ही मां दुर्गा ने रक्तबीज का वध किया तो उसके रक्त की बूंदों से हजारों-लाखों रक्तबीज उत्पन्न हो गए। तब मां दुर्गा ने मां कालरात्रि का रूप धारण किया और रक्तबीज का वध किया और उसके शरीर से निकलने वाले रक्त को अपने मुख में भर लिया। मां कालरात्रि की आरती: कालरात्रि जय जय महाकाली। काल के मुंह से बचाने वाली॥ दुष्ट संघारक नाम तुम्हारा। महाचंडी तेरा अवतारा॥ पृथ्वी और आकाश पे सारा। महाकाली है तेरा पसारा॥ खड्ग खप्पर रखने वाली। दुष्टों का लहू चखने वाली॥ कलकत्ता स्थान तुम्हारा। सब जगह देखूं तेरा नजारा॥ सभी देवता सब नर-नारी। गावें स्तुति सभी तुम्हारी॥ रक्तदन्ता और अन्नपूर्णा। कृपा करे तो कोई भी दुःख ना॥ ना कोई चिंता रहे ना बीमारी। ना कोई गम ना संकट भारी॥ उस पर कभी कष्ट ना आवे। महाकाली मां जिसे बचावे॥ तू भी भक्त प्रेम से कह। कालरात्रि मां तेरी जय॥

स्टारलिंक विवाद पर रिलायंस का पलटवार, एलॉन मस्क के आरोपों पर दिया जवाब

मुंबई      अमेरिकी उद्योगपति एलॉन मस्क की कंपनी स्टारलिंक (Starlink) को भारत में मंजूरी मिलने को लेकर चल रही बहस के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपना पक्ष रखा है. कंपनी ने कहा है कि वह भारत में सैटेलाइट इंटरनेट के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा का स्वागत करती है. इसमें स्टारलिंक भी शामिल है. हालांकि, रिलायंस ने यह भी स्पष्ट किया कि इस क्षेत्र में काम करने वाली हर कंपनी को भारत के कानूनों और मौजूदा नियमों का पालन करना होगा।  रिलायंस का यह बयान स्पेसएक्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) एलॉन मस्क की उन टिप्पणियों के बाद आया है, जिनमें उन्होंने आरोप लगाया था कि भारत में कुछ कारोबारी हित स्टारलिंक की सेवाओं की शुरुआत में बाधा डाल रहे हैं. मस्क ने अंबानी और भारतीय टेलीकम्युनिकेशन इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा को लेकर भी सवाल उठाए थे. रिलायंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में कहा, 'हमने कभी प्रतिस्पर्धा से डर महसूस नहीं किया. हम इसे इस बात की सबसे बड़ी कसौटी मानते हैं कि ग्राहकों को सबसे अच्छी सेवा कौन देता है।  रिलायंस ने अपने टेलीकम्युनिकेशन बिजनेस 'जियो प्लेटफॉर्म्स' का उदाहरण देते हुए कहा कि कंपनी ने साल 2016 में भारत के टेलीकम्युनिकेशन मार्केट में कदम रखा था. उस समय उसके पास एक भी ग्राहक नहीं था. रिलायंस के मुताबिक, 10 साल में जियो के ग्राहकों की संख्या 53 करोड़ से अधिक हो गई है. कंपनी ने दावा किया कि जियो ने भारतीय नागरिकों को बेहतर डिजिटल सुविधाएं और दुनिया में सबसे सस्ते मोबाइल डेटा तक पहुंच उपलब्ध कराने में योगदान दिया है।  जियो को भी मंजूरी का है इंतजार रिलायंस ने कहा कि वह स्टारलिंक समेत सैटेलाइट बेस्ड कम्युनिकेशन के क्षेत्र में आने वाली सभी कंपनियों का स्वागत करती है. लेकिन जियो समेत हर कंपनी को भारत के लोगों के हित में काम करना होगा और देश के कानूनों तथा नीतियों का पालन करना होगा. कंपनी ने अपने बयान में यह भी कहा कि भारत में निवेश और नए प्रयोगों का स्वागत होता है, चाहे वे देशी कंपनियों की ओर से हों या विदेशी कंपनियों की ओर से. लेकिन यह व्यवस्था कानून के दायरे में ही चलती है।  कंपनी के मुताबिक, भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि सैटेलाइट बेस्ड कम्युनिकेशन सर्विसेज के लिए आवेदन करने वाली हर कंपनी पर समान प्रक्रिया लागू होती है. रिलायंस ने बताया कि उसकी अपनी सैटेलाइट सेवा जियो को भी जरूरी मंजूरियों का इंतजार है. यह बयान ऐसे समय आया है, जब स्टारलिंक भारत में अपनी व्यावसायिक सेवाएं शुरू करने की तैयारी कर रही है. सैटेलाइट इंटरनेट के क्षेत्र में स्टारलिंक की एंट्री से मौजूदा कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ने की उम्मीद है. सरकार ने भी कहा है कि सैटेलाइट संचार में एकाधिकार की गुंजाइश नहीं है।  एलॉन मस्क ने क्या आरोप लगाए? मस्क ने भारत के दूरसंचार क्षेत्र में एकाधिकार जैसी स्थिति का आरोप लगाया था और स्टारलिंक को जरूरी मंजूरियां मिलने में देरी पर सवाल उठाए थे. उन्होंने एक X पोस्ट में अंबानी को प्रधानमंत्री संबोधित करते हुए तंज कसा था कि उन्हें स्टारलिंक को भारत में अपने कंपनी के साथ प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति देने पर विचार करना चाहिए. उन्होंने एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट में यहां तक सवाल उठा दिया था कि क्या अंबानी ही भारत के असली बॉस हैं. मस्क के इस सोशल मीडिया पोस्ट पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी थी और उनसे सहमति जताई थी. इस पर काफी विवाद हुआ था।  एकाधिकार की गुंजाइश नहीं: सरकार इस विवाद के बीच सरकार ने मस्क के आरोपों को खारिज कर दिया था. केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा था कि सैटेलाइट कम्युनिकेशन के क्षेत्र में किसी एक कंपनी का एकाधिकार होने देने का सवाल ही नहीं है. उन्होंने बताया कि तीन कंपनियां व्यावसायिक सेवाओं के लिए अंतिम मंजूरी मिलने की प्रक्रिया में हैं. सिंधिया के मुताबिक, भारत में सैटेलाइट संचार सेवाओं की कीमत तय करने के ढांचे पर भी जल्द अंतिम फैसला होने की उम्मीद है।  उन्होंने यह स्पष्ट किया कि स्टारलिंक समेत सभी लाइसेंस प्राप्त कंपनियों को व्यावसायिक सेवाएं शुरू करने से पहले सुरक्षा संबंधी जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी. कुछ दिन पहले भारत की एक और बड़ी टेलीकम्युनिकेशन कंपनी भारती एयरटेल के फाउंडर सुनील भारती मित्तल ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने कहा था कि उनकी कंपनी यूटेलसैट वनवेब (Eutelsat OneWeb) ने भारत में सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट और कम्युनिकेशन सेवाएं शुरू करने के लिए 5 साल पहले आवेदन किया था. सुनील मित्तल ने कहा, 'तीन साल से हमारा ग्राउंड नेटवर्क तैयार है. हम सभी मंजूरियों का इंतजार कर रहे हैं और मुझे लगता है कि मैं कतार में एलॉन मस्क से काफी आगे हूं. अगर मेरी कंपनी को स्टारलिंक से कुछ दिन पहले मंजूरी मिल जाती है, तो मुझे खुशी होगी। 

त्योहारी सीजन में यात्रियों को राहत, नवंबर-दिसंबर तक चलेंगी कई स्पेशल ट्रेनें

जयपुर दीपावली और छठ महापर्व पर घर जाने वाले यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने स्पेशल ट्रेनों के संचालन की अवधि बढ़ाई है। उत्तर पश्चिम रेलवे की ओर से कई स्पेशल ट्रेनों के नए फेरे चलाए जा रहे हैं, जबकि पहले से संचालित कुछ ट्रेनों को नवंबर और दिसंबर तक विस्तार दिया गया है। इससे जयपुर सहित राजस्थान के विभिन्न शहरों से उत्तर प्रदेश, बिहार, प्रयागराज, हरिद्वार, मुंबई और दक्षिण भारत जाने वाले यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है। प्रयागराज, बिहार और यूपी के लिए ट्रेनें प्रयागराज-सीकर साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन का संचालन 30 नवंबर तक बढ़ाया गया है। श्रीगंगानगर-समस्तीपुर स्पेशल ट्रेन 18 अक्टूबर से 29 नवंबर तक चलेगी। इसके अलावा मदार-पटना, प्रयागराज-साबरमती और कानपुर सेंट्रल-असारवा के बीच भी स्पेशल ट्रेनें संचालित की जा रही हैं। हरिद्वार और ऋषिकेश के लिए भी सुविधा हरिद्वार जाने वाले यात्रियों के लिए साबरमती-हरिद्वार, वेरावल-हरिद्वार और बाड़मेर-हरिद्वार स्पेशल ट्रेनें उपलब्ध हैं। वहीं, अजमेर और उदयपुर सिटी से योगनगरी ऋषिकेश के लिए भी स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। लालकुआं-साबरमती स्पेशल ट्रेन 25 नवंबर तक संचालित होगी। मुंबई और दक्षिण भारत के लिए बढ़े फेरे जोधपुर-चेन्नई और कोयम्बटूर-जयपुर-कोयम्बटूर साप्ताहिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन बढ़ाया गया है। इसके अलावा बांद्रा टर्मिनस, मुंबई सेंट्रल और सोलापुर के लिए भी अतिरिक्त फेरे निर्धारित किए गए हैं। कई अन्य स्पेशल ट्रेनों की अवधि बढ़ाई त्योहारी सीजन में यात्रियों की सुविधा के लिए भगत की कोठी-दानापुर स्पेशल ट्रेन 25 नवंबर तक और अजमेर-रांची स्पेशल ट्रेन 27 नवंबर तक चलेगी। सुबेदारगंज-भगत की कोठी और जोधपुर-मऊ सहित अन्य स्पेशल ट्रेनों की संचालन अवधि भी बढ़ाई गई है। ओखा-शकूरबस्ती, भावनगर-शकूरबस्ती, हिसार-वलसाड, बीकानेर-साईनगर शिर्डी और भिवानी रूट की स्पेशल ट्रेनों के फेरे भी बढ़ाए गए हैं। इन व्यवस्थाओं से त्योहार के दौरान यात्रियों को अतिरिक्त विकल्प मिलेंगे। हालांकि, कन्फर्म टिकट की उपलब्धता संबंधित ट्रेन में सीटों और मांग पर निर्भर करेगी। टिकट बुकिंग कैसे करें? आइआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट irctc.co.in या IRCTC Rail Connect ऐप से टिकट बुक कर सकते हैं। किसी भी रेलवे स्टेशन के आरक्षण काउंटर से टिकट लिया जा सकता है। दो ट्रेन आज से बदले रूट से चलेंगी जयपुर. धर्मवरम-नागसमुद्रम-पेनुकोंडा रेलखंड के दोहरीकरण का काम पूरा होने के बाद रेलवे ने अजमेर और जोधपुर से बेंगलुरु जाने वाली दो ट्रेनों का मार्ग स्थायी रूप से बदल दिया है। अजमेर-बेंगलुरु एक्सप्रेस और जोधपुर-बेंगलुरु एक्सप्रेस 16 अक्टूबर से परिवर्तित मार्ग धर्मवरम-नागसमुद्रम-पेनुकोंडा होकर संचालित होंगी।

महिला T20 सीरीज के तीनों मैच मुफ्त देख सकेंगे दर्शक, स्टेडियम के पास 8 पार्किंग जोन

 रायपुर टीम इंडिया में आज से नए युग की शुरुआत होने जा रही है। हरमनप्रीत कौर के कप्तानी छोड़ने के बाद स्मृति मंधाना आज गुरुवार को पहली बार फुल टाइम कप्तान के रूप में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की अगुआई करेंगी। रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में भारत और जिंबाब्वे के बीच टी-20 सीरीज का पहला मैच खेला जाएगा। रायपुर में इतिहास बनेगा इस मैच के साथ कई इतिहास बनेंगे। जिंबाब्वे की महिला टीम पहली बार भारत के खिलाफ बाइलेटरल सीरीज खेलेगी। वहीं रायपुर में पहली बार इंटरनेशनल महिला क्रिकेट मैच का आयोजन हो रहा है। इस सीरीज के तीनों मैचों में महिलाओं के लिए स्टेडियम में एंट्री फ्री रखी गई है। टॉस और पिच का रहेगा अहम रोल मैच में ओस बड़ी भूमिका निभा सकती है। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम पहले बॉलिंग करना चाहेगी, क्योंकि दूसरी पारी में ओस की वजह से गेंदबाजी करना मुश्किल हो सकता है। रायपुर की पिच बैटिंग के लिए अच्छी मानी जा रही है। इसी मैदान पर जनवरी में भारत ने न्यूजीलैंड के 208 रन के टारगेट को चेज किया था। इसलिए पहले मैच में बड़े स्कोर की उम्मीद है। भारत ने जून में ऑस्ट्रेलिया से हारने के बाद लगातार 8 टी-20 इंटरनेशनल मैच जीते हैं। रायपुर में पहली बार विमेंस टी-20 इंटरनेशनल रायपुर में अब तक पुरुषों के इंटरनेशनल क्रिकेट मैच हो चुके हैं, लेकिन पहली बार महिला टी-20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले जाएंगे। भारत और जिम्बाब्वे की महिला टीमें 3 मैचों की सीरीज में आमने-सामने होंगी।पहला मैच आज 16 अक्टूबर, दूसरा 18 अक्टूबर और तीसरा मुकाबला 20 अक्टूबर को खेला जाएगा। तीनों मैच शाम 7 बजे से शुरू होंगे। पहली बार बाइलैटरल टी-20 सीरीज खेलेंगी दोनों टीमें भारत और जिम्बाब्वे की महिला टीमों के बीच यह पहली बाइलैटरल टी-20 सीरीज होगी। इसमें दोनों टीमें तीन मैच खेलेंगी। इस सीरीज में खिलाड़ियों को टी-20 फॉर्मेट में अपना प्रदर्शन दिखाने का मौका मिलेगा। रायपुर में होने वाले इन मुकाबलों को लेकर क्रिकेट फैंस में उत्साह है। फुलटाइम कप्तान के तौर पर स्मृति की पहली परीक्षा स्मृति मंधाना पहली बार फुलटाइम कप्तान के तौर पर टीम इंडिया की अगुआई करेंगी। वह लंबे समय तक टीम की उपकप्तान रही हैं। अब कप्तान के तौर पर उनके सामने टीम को सही दिशा देने और मैदान पर सही फैसले लेने की चुनौती होगी। रायपुर में पहला मैच उनकी कप्तानी के नए दौर की अहम शुरुआत होगा। पार्किंग के लिए 8 जोन, पुलिस और ट्रैफिक विभाग संभालेंगे व्यवस्था मैच देखने आने वाले दर्शकों के वाहनों की पार्किंग के लिए स्टेडियम के आसपास 8 जोन बनाए गए हैं। इन्हें पार्किंग A, B, C, D, E, F, G और H नाम दिया गया है। छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (CSCS) पुलिस और ट्रैफिक विभाग के साथ मिलकर व्यवस्था संभालेगा। जिम्बाब्वे इस साल एक भी टी-20 नहीं जीता जिम्बाब्वे की विमेंस टीम ने इस साल 18 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। सभी मुकाबलों में उसे हारा का सामना करना पड़ा। टीम की पिछली जीत सितंबर 2025 में नामीबिया के खिलाफ आई थी। दूसरी ओर भारत लगातार 8 टी-20 इंटरनेशनल मैच जीत चुका है। टीम ने हाल ही में एशिया कप ट्रॉफी और एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल किया था।

झारखंड के पलामू में छापेमारी, 1100 किलो से अधिक जावा महुआ और महुआ शराब नष्ट

मेदिनीनगर (पलामू) दुर्गा पूजा पर्व को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से पलामू पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में विशेष छापामारी अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी के निर्देश पर गुरुवार को चलाए गए इस अभियान में विभिन्न स्थानों से बड़ी मात्रा में शराब निर्माण में प्रयुक्त जावा महुआ और महुआ शराब को नष्ट किया गया। इसमें किसुनपुर पिकेट क्षेत्र के अंगरा, अरेदाना और जागोडीह गांवों में छापामारी कर करीब 150 किलोग्राम जावा महुआ एवं अवैध शराब नष्ट की गई। वहीं, नावा जयपुर थाना क्षेत्र के हुरदगा गांव में 250 किलोग्राम तथा उंटारी रोड थाना क्षेत्र के लकड़ही गांव में 150 किलोग्राम जावा महुआ नष्ट किया गया। तरहसी थाना क्षेत्र के कसमार गांव के यादव टोला में 60 किलोग्राम जावा महुआ नष्ट किया गया। इसके अलावा कसमार गांव में 40 किलोग्राम जावा महुआ और पांच लीटर महुआ शराब को भी नष्ट किया गया। पांकी थाना क्षेत्र के कोनवाई गांव में गुप्त सूचना के आधार पर छापामारी कर करीब 100 किलोग्राम जावा महुआ नष्ट किया गया। इधर, पीपरा थाना क्षेत्र के गजना गांव में विभिन्न ठिकानों पर छापामारी कर करीब 200 लीटर जावा महुआ नष्ट किया गया। वहीं, रोंगा और बुड रोंगा गांवों में करीब 150 लीटर जावा महुआ नष्ट किया गया। पुलिस ने क्षेत्र के अन्य संभावित ठिकानों पर भी अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाया। अवैध शराब के खिलाफ अभियान जारी रहेगा पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी ने कहा है कि दुर्गा पूजा के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने, अवैध शराब के निर्माण एवं बिक्री पर रोक लगाने और असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस ने आम नागरिकों से अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और बिक्री की सूचना स्थानीय थाना या पुलिस को देने की अपील की है। साथ ही आश्वासन दिया है कि सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।   

Apple iPhone Duo की भारत में प्री-बुकिंग शुरू, कीमत ₹2.99 लाख से, मिलेंगे शानदार ऑफर्स

Apple ने सितंबर में अपने ‘Surprise and Shine’ इवेंट के दौरान iPhone 18 Pro, iPhone 18 Pro Max, नए AirPods और Apple Watch मॉडल्स के साथ अपने पहले फोल्डेबल स्मार्टफोन iPhone Duo को लॉन्च किया था। जहां बाकी डिवाइसेज पहले ही बिक्री के लिए उपलब्ध हो चुके हैं, वहीं कंपनी का ये पहला फोल्डेबल आईफोन अब तक बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं था। आज वह इंतजार खत्म हो रहा है, क्योंकि Apple भारत और कई ग्लोबल मार्केट्स में iPhone Duo के प्री-ऑर्डर्स शुरू कर रहा है। ये हैंडसेट Apple के फ्लैगशिप लाइनअप में एक फोल्डेबल डिजाइन, दो डिस्प्ले और लेटेस्ट A20 Pro चिपसेट लेकर आया है, साथ ही बायर्स के लिए कई स्टोरेज ऑप्शन्स और लॉन्च ऑफर्स भी पेश किए गए हैं। iPhone Duo की भारत में कीमत और ऑफर्स भारत में iPhone Duo की कीमत 256GB स्टोरेज वेरिएंट के लिए 2,99,900 रुपये से शुरू होती है। इसके 512GB मॉडल की कीमत 3,24,900 रुपये है, जबकि 1TB और 2TB कॉन्फिगरेशन की कीमत क्रमशः 3,74,900 रुपये और 4,49,900 रुपये रखी गई है। येफोल्डेबल फोन स्टार व्हाइट और नाइट स्काई कलर ऑप्शन्स में उपलब्ध है। Apple आज शाम 5:30 बजे (IST) अपनी ऑफिशियल वेबसाइट और Apple Store एप के जरिए भारत में iPhone Duo के प्री-ऑर्डर लेना शुरू करेगा। ये हैंडसेट 23 अक्टूबर से Apple के ऑनलाइन स्टोर और चुनिंदा पार्टनर रिटेलर्स के जरिए बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। iPhone Duo खरीदने वाले ग्राहक Apple के ट्रेड-इन प्रोग्राम के तहत एलिजिबल iPhone 13 या उससे नए मॉडल को एक्सचेंज करके 81,500 रुपये तक का क्रेडिट हासिल कर सकते हैं। इसके अलावा Apple ज्यादातर मेजर बैंकों के जरिए 12 महीने तक की No Cost EMI भी ऑफर कर रहा है। बायर्स एलिजिबल American Express, Axis Bank और ICICI Bank कार्ड्स के जरिए 7,000 रुपये तक का इंस्टेंट कैशबैक भी पा सकते हैं। इसके अलावा, iPhone Duo की खरीदारी पर तीन महीने का Apple Music, तीन महीने का Apple TV+ और Apple Arcade का मुफ्त एक्सेस भी मिलेगा। iPhone Duo के फीचर्स और स्पेसिफिकेशन्स iPhone Duo एक बुक-स्टाइल डिजाइन के साथ आता है, जिसमें 7.6-इंच का Super Retina XDR फोल्डिंग इनर डिस्प्ले और 5.4-इंच का आउटर Super Retina XDR डिस्प्ले दिया गया है। दोनों स्क्रीन्स ProMotion टेक्नोलॉजी को सपोर्ट करती हैं, जबकि अंदरूनी पैनल गेमिंग, वीडियो देखने और मल्टीटास्किंग के लिए एक बड़ा व्यूइंग एरिया देता है। Apple का कहना है कि इसका इनर डिस्प्ले iPhone 18 Pro Max की स्क्रीन से 50 परसेंट बड़ा है। ये हैंडसेट Apple के A20 Pro चिपसेट पर काम करता है, जिसे 2nm प्रोसेस पर तैयार किया गया है। iPhone Duo iOS 27.1 पर चलता है और Siri AI समेत सभी Apple Intelligence फीचर्स को सपोर्ट करता है। कैमरे की बात करें तो iPhone Duo में 48-मेगापिक्सल का Dual Fusion रियर कैमरा सिस्टम दिया गया है, जिसमें एक मेन सेंसर और एक अल्ट्रा-वाइड-एंगल कैमरा शामिल है। फोन में 12-मेगापिक्सल का Center Stage फ्रंट कैमरा भी मिलता है, साथ ही डिवाइस को अनफोल्ड करने पर वीडियो कॉलिंग के लिए एक अंडर-डिस्प्ले फेसटाइम कैमरा दिया गया है। कनेक्टिविटी के मामले में ये MagSafe वायरलेस चार्जिंग, USB Type-C पोर्ट, Wi-Fi 7 और Bluetooth 6 को सपोर्ट करता है। iPhone Duo डुअल-बैटरी आर्किटेक्चर का इस्तेमाल करता है, जिसको लेकर Apple का दावा है कि ये इनर डिस्प्ले पर 31 घंटे तक और आउटर स्क्रीन पर 44 घंटे तक का वीडियो प्लेबैक टाइम देता है।

भोजपुर में कृषि इनपुट अनुदान का भुगतान शुरू, किसानों को मिले एक हजार से 12 हजार रुपये

शाहपुर (भोजपुर)  बाढ़ की मार झेल चुके किसानों के लिए दशहरा के मौके पर राहत की खबर आई है। कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत सत्यापन के बाद किसानों के बैंक खातों में राशि भेजी जा रही है। त्योहार से पहले खाते में रुपये पहुंचने से किसानों को खेती-किसानी और घरेलू जरूरतों के खर्च में मदद मिलने की उम्मीद है। कई किसानों ने इसे दशहरा का तोहफा बताया है। 36,116 किसानों ने किया था आवेदन शाहपुर प्रखंड की 20 पंचायतों और शाहपुर नगर पंचायत क्षेत्र में बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान के बाद कुल 36,116 किसानों ने कृषि इनपुट अनुदान के लिए आवेदन किया था। कृषि विभाग की ओर से तैनात कृषि समन्वयकों और किसान सलाहकारों को आवेदनों के सत्यापन की जिम्मेदारी दी गई थी। खेतों में फसल क्षति से जुड़े आवेदनों की जांच के बाद पात्र किसानों के खातों में राशि भेजने की प्रक्रिया शुरू हुई। किसी के खाते में हजार, किसी को मिले 12 हजार रुपये गुरुवार की सुबह से ही किसानों के बीच अनुदान राशि खाते में आने की चर्चा शुरू हो गई। पूर्व आत्मा अध्यक्ष रवींद्र ओझा के अनुसार, अब तक 20 हजार से अधिक किसानों के खातों में राशि पहुंचने की जानकारी है। किसानों को एक हजार रुपये से लेकर 12 हजार रुपये तक मिले हैं। हालांकि, अलग-अलग किसानों को मिली राशि में अंतर होने से भुगतान को लेकर कई तरह की चर्चाएं भी हो रही हैं। गांवों में एक-दूसरे से पूछ रहे किसान- 'तोहरो आ गइल का?' खाते में रुपये आने की सूचना मिलते ही गांवों में किसानों के बीच फोन पर और आमने-सामने बातचीत शुरू हो गई। कोई अपने खाते में राशि आने की जानकारी दे रहा है, तो कोई अब भी भुगतान का इंतजार कर रहा है। ग्रामीण माहौल में सवाल गूंज रहा है- 'का हो भाई, तोहरो आ गइल का?' वहीं, कुछ किसानों का कहना है कि पैसा तो आया है, लेकिन उम्मीद से कम मिला है। बाढ़ ने छीनी फसल, अनुदान से मिली कुछ राहत इस साल खेतों में लंबे समय तक बाढ़ का पानी जमा रहने से कई किसानों की फसलें प्रभावित हुई थीं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। ऐसे में अनुदान की राशि मिलने से उन्हें खेती से जुड़ी जरूरतों और घरेलू खर्चों को संभालने में मदद मिल सकती है। दशहरा के मौके पर पैसा मिलने से उन परिवारों को राहत मिली है, जो बाढ़ के बाद आर्थिक परेशानी का सामना कर रहे थे। अब बाकी किसानों को भुगतान का इंतजार जहां कई किसानों के खातों में राशि पहुंचने से खुशी है, वहीं जिन आवेदकों को अभी भुगतान नहीं मिला है, वे अपने खाते का इंतजार कर रहे हैं। कम राशि मिलने वाले किसान भी भुगतान को लेकर चर्चा कर रहे हैं। हालांकि, सभी आवेदनों के भुगतान की स्थिति और राशि में अंतर के कारणों की विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। फिलहाल, बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए त्योहार के बीच मिली यह आर्थिक मदद राहत का सहारा बनी है।  

हलालपुरा पटाखा मार्केट की 15 दुकानों पर प्रशासन सख्त, 13 शर्तों का पालन जरूरी

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के हलालपुरा पटाखा बाजार की 15 आतिशबाजी दुकानों को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बैरागढ़ के एसडीएम रवीश कुमार श्रीवास्तव ने इन दुकानों को जन सुरक्षा के लिए खतरा मानते हुए लोक न्यूसेंस घोषित किया है। आदेश के अनुसार, उच्च न्यायालय से स्थगन हटते ही बाजार को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की कार्रवाई की जाएगी। तब तक दुकानदारों को सुरक्षा संबंधी 13 शर्तों का पालन करना होगा। इस मामले में जबलपुर उच्च न्यायालय में 12 रिट याचिकाएं और आठ अवमानना प्रकरण लंबित हैं।  एसडीएम श्रीवास्तव ने हलालपुरा मार्केट स्थित 15 आतिशबाजी दुकानों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता अंतर्गत धारा 152 के अंतर्गत जन सुरक्षा के लिए खतरा मानते हुए लोक नूसेंस घोषित किया है। बता दें कि वर्तमान में जबलपुर हाईकोर्ट में इस संबंध में 12 रिट पीटिशन और 8 अवमानना प्रकरण लंबित हैं। जिसमें आदेश कोर्ट ने सुरक्षित रखा है। हाईकोर्ट ने इन प्रकरणों में स्थगन भी दिया है। यह स्थगन हटते ही दुकानों को अन्य जगह स्थानांतरित करने की तैयारी है। आदेश का उल्लंघन करने पर 6 महीने की सजा एसडीएम ने हाईकोर्ट के आदेश आने तक पटाखा मार्केट के कारोबारियों पर 13 शर्तें लगाई है। जिसके उल्लंघन पर दुकान मालिक को 6 महीने के कारावास का दंड दिया जाएगा। तहसीलदार, निगम के उपायुक्त और थाना प्रभारी को नियमों का पालन कराने का आदेश दिया गया है। नियमों का पालन करना पड़ेगा एसडीएम के आदेश में साफ कहा गया है कि शर्तों के अनुसार दुकानदारों को विस्फोटक अधिनियम का पूर्णत: पालन करना होगा। यहां अग्नि सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा, ट्रैफिक मैनेजमेंट, भीड़ नियंत्रण के साथ ही राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना पड़ेगा। इसके अनुरूप तय डेसीबल सीमा से अधिक वाले पटाखे कार्बाइड गन आदि बेचने पर प्रतिबंध होगा। फायर, इलेक्ट्रिक एनजीओसी जरूरी इसके अलावा दुकानदारों को अग्नि सुरक्षा की मॉक ड्रिल, विद्युत सुरक्षा एवं फायर एनओसी आदि एसडीएम कोर्ट में प्रस्तुत करनी होगी। आदेश में लिखा- बड़ी जनहानि से इनकार नहीं हो सकता एसडीएम श्रीवास्तव ने अपने आदेश में लिखा कि 12 जून 2026 की रात में सोनी पटाखा दुकान में भीषण आग लग चुकी है। उसके पास में पेट्रोल पंप भी है। जहां आग लगते-लगते बची। यदि दिन में आग लगती तो बड़ा हादसा हो सकता था। इस पटाखा मार्केट में आए दिन अग्निकांड होती है।। यही से भोपाल से इंदौर के बीच बसों का संचालन भी होता है। चार्टर बसों का टर्मिनल भी है। साल 2024 में भी एसडीएम ने बताया था खतरनाक साल 2024 में हरदा की पटाखा फैक्ट्री में हुए ब्लास्ट होने के बाद भोपाल की पटाखा फैक्ट्री, गोडाउन और दुकानों की जांच भी की गई थी। ताबड़तोड़ हुई जांच में पता चला था कि कहीं स्टॉक से अधिक पटाखें मिले तो कहीं नियम-कायदे ताक में रख दिए गए। हलालपुर स्थित पटाखा मार्केट तो जैसे 'बारूद के ढेर' पर है। जांच रिपोर्ट में भी बैरागढ़ के तत्कालीन एसडीएम आदित्य जैन ने हलालपुरा पटाखा मार्केट को खतरनाक बताया था। कुछ दुकानों को सील भी किया गया था। एसडीएम ने जांच रिपोर्ट में लिखा था कि ‘हलालपुर स्थित पटाखा मार्केट से लगकर रहवासी क्षेत्र है। वहीं, मैरिज गार्डन भी कुछ दूरी पर ही है। मार्केट में आवागमन के लिए एक ही रास्ता होने, दुकानों के बीच पर्याप्त अंतर नहीं होने, फायर फाइटर और फायर बिग्रेड की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में दुर्घटना के समय आपातकाल में बचाव किया जाना संभव नहीं है। मैरिज गार्डन में शादी के समय हमेशा आतिशबाजाी होती है। इससे दुर्घटना की प्रबल संभावना है।’ 'भोपाल-इंदौर मुख्य मार्ग से लगी अन्य दुकान जैसे सोनी पटाखा, कालू पटाखा, दीपक पटाखा दुकानें हैं। यही पर होटल, शादी हाल और पेट्रोल पंप है। इससे दुर्घटना की संभावना है। राज पटाखा और आरके पटाखा दुकानें समेत चार गोडाउन रिहायसी क्षेत्र में है। वहीं, इनसे मैरिज गार्डन भी जुड़े हैं। इसलिए हलालपुर स्थित सभी दुकान-गोडाउन को शहरी सीमा से बाहर गैर रिहायसी क्षेत्र में शिफ्ट किया जाना ठीक रहेगा। साथ ही समय-समय पर फायर ऑडिट एवं फायर एक्सपर्ट दुकानों की जांच करें'। पहले कबाड़खाना में था बाजार शहर के कबाड़खाना में 1997 के पहले तक थोक पटाखा बाजार होता था। एक हादसे के बाद प्रशासन ने पटाखा वालों को हलालपुर में पटाखा बेचने के लिए जगह दी थी। तब हलालपुर के आसपास आबादी नहीं थी। अब यहां बड़ी आबादी के साथ कुछ दूरी पर पेट्रोल पंप और रहवासी इलाका और कॉम्प्लेक्स हैं।

गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने पुलिसकर्मी के हाथ पर काटा, HIV संक्रमण की पुष्टि

छतरपुर  छतरपुर में बलात्कार के फरार आरोपी ने एक कांस्टेबल के हाथ पर काट लिया. कांस्टेबल ने आरोपी जब आरोपी पकड़ा तो वह भागने की कोशिश कर रहा था. जब आरोपी ने हाथ पर काटा, तो कांस्टेबल के हाथों से खून बहना लगा. इस खून को देखकर कांस्टेबल और सीनियर पुलिस ऑफिसर को असमंजस में पड़ गए. जैसे-तैसे आरोपी को पकड़ा और फिर उसका मेडिकल टेस्ट कराने पर पता चला कि वह HIV पॉजिटिव है. यह घटना बुधवार को छतरपुर के बक्सवाहा थाना क्षेत्र में हुई।   रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस को सूचना मिली थी कि जिस शख्स के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी है और जो लगातार पुलिस से बच रहा है, वह इलाके में मौजूद है. गिरफ्तारी से बचने और भागने की कोशिश में, आरोपी ने कांस्टेबल के हाथ पर काट लिया. हालांकि, पुलिस ने उसे काबू कर गिरफ्तार कर लिया, जबकि घायल कांस्टेबल को तुरंत सागर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया. गिरफ्तारी के बाद आरोपी का रूटीन मेडिकल टेस्ट कराया गया, जिसमें वह HIV पॉजिटिव निकला।  पुलिसकर्मियों के बीच कांस्टेबल को लेकर बनी चिंता इस रिपोर्ट के बाद पुलिसकर्मियों के बीच हड़कंप मच गया, क्योंकि उन्हें डर था कि गिरफ्तारी से बचने के लिए हुई हाथापाई के दौरान आरोपी का वायरस कांस्टेबल में भी फैल सकता है. घायल कांस्टेबल को तुरंत सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए भेज दिया गया. SP रजत सकलेचा ने बताया कि अस्पताल भेजने से पहले कांस्टेबल के घाव पर प्राथमिक उपचार किया गया था. उन्होंने आगे कहा कि आरोपी के ब्लड टेस्ट से पुष्टि हुई है कि वह HIV संक्रमित है।  कांस्टेबल को संक्रमण का खतरा एसपी ने बताया कि कांस्टेबल के हाथ पर आरोपी के दांतों के गहरे निशान हैं. एचआईवी संक्रमण का खतरा बढ़ गया है. डॉक्टर्स की एक टीम कांस्टेबल का ट्रीटमेंट कर रही है. कांस्टेबल को भी एचआईवी इन्फेक्शन हुआ है या नहीं? यह रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा।