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हलालपुरा पटाखा मार्केट की 15 दुकानों पर प्रशासन सख्त, 13 शर्तों का पालन जरूरी

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के हलालपुरा पटाखा बाजार की 15 आतिशबाजी दुकानों को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बैरागढ़ के एसडीएम रवीश कुमार श्रीवास्तव ने इन दुकानों को जन सुरक्षा के लिए खतरा मानते हुए लोक न्यूसेंस घोषित किया है। आदेश के अनुसार, उच्च न्यायालय से स्थगन हटते ही बाजार को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की कार्रवाई की जाएगी। तब तक दुकानदारों को सुरक्षा संबंधी 13 शर्तों का पालन करना होगा। इस मामले में जबलपुर उच्च न्यायालय में 12 रिट याचिकाएं और आठ अवमानना प्रकरण लंबित हैं।  एसडीएम श्रीवास्तव ने हलालपुरा मार्केट स्थित 15 आतिशबाजी दुकानों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता अंतर्गत धारा 152 के अंतर्गत जन सुरक्षा के लिए खतरा मानते हुए लोक नूसेंस घोषित किया है। बता दें कि वर्तमान में जबलपुर हाईकोर्ट में इस संबंध में 12 रिट पीटिशन और 8 अवमानना प्रकरण लंबित हैं। जिसमें आदेश कोर्ट ने सुरक्षित रखा है। हाईकोर्ट ने इन प्रकरणों में स्थगन भी दिया है। यह स्थगन हटते ही दुकानों को अन्य जगह स्थानांतरित करने की तैयारी है। आदेश का उल्लंघन करने पर 6 महीने की सजा एसडीएम ने हाईकोर्ट के आदेश आने तक पटाखा मार्केट के कारोबारियों पर 13 शर्तें लगाई है। जिसके उल्लंघन पर दुकान मालिक को 6 महीने के कारावास का दंड दिया जाएगा। तहसीलदार, निगम के उपायुक्त और थाना प्रभारी को नियमों का पालन कराने का आदेश दिया गया है। नियमों का पालन करना पड़ेगा एसडीएम के आदेश में साफ कहा गया है कि शर्तों के अनुसार दुकानदारों को विस्फोटक अधिनियम का पूर्णत: पालन करना होगा। यहां अग्नि सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा, ट्रैफिक मैनेजमेंट, भीड़ नियंत्रण के साथ ही राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना पड़ेगा। इसके अनुरूप तय डेसीबल सीमा से अधिक वाले पटाखे कार्बाइड गन आदि बेचने पर प्रतिबंध होगा। फायर, इलेक्ट्रिक एनजीओसी जरूरी इसके अलावा दुकानदारों को अग्नि सुरक्षा की मॉक ड्रिल, विद्युत सुरक्षा एवं फायर एनओसी आदि एसडीएम कोर्ट में प्रस्तुत करनी होगी। आदेश में लिखा- बड़ी जनहानि से इनकार नहीं हो सकता एसडीएम श्रीवास्तव ने अपने आदेश में लिखा कि 12 जून 2026 की रात में सोनी पटाखा दुकान में भीषण आग लग चुकी है। उसके पास में पेट्रोल पंप भी है। जहां आग लगते-लगते बची। यदि दिन में आग लगती तो बड़ा हादसा हो सकता था। इस पटाखा मार्केट में आए दिन अग्निकांड होती है।। यही से भोपाल से इंदौर के बीच बसों का संचालन भी होता है। चार्टर बसों का टर्मिनल भी है। साल 2024 में भी एसडीएम ने बताया था खतरनाक साल 2024 में हरदा की पटाखा फैक्ट्री में हुए ब्लास्ट होने के बाद भोपाल की पटाखा फैक्ट्री, गोडाउन और दुकानों की जांच भी की गई थी। ताबड़तोड़ हुई जांच में पता चला था कि कहीं स्टॉक से अधिक पटाखें मिले तो कहीं नियम-कायदे ताक में रख दिए गए। हलालपुर स्थित पटाखा मार्केट तो जैसे 'बारूद के ढेर' पर है। जांच रिपोर्ट में भी बैरागढ़ के तत्कालीन एसडीएम आदित्य जैन ने हलालपुरा पटाखा मार्केट को खतरनाक बताया था। कुछ दुकानों को सील भी किया गया था। एसडीएम ने जांच रिपोर्ट में लिखा था कि ‘हलालपुर स्थित पटाखा मार्केट से लगकर रहवासी क्षेत्र है। वहीं, मैरिज गार्डन भी कुछ दूरी पर ही है। मार्केट में आवागमन के लिए एक ही रास्ता होने, दुकानों के बीच पर्याप्त अंतर नहीं होने, फायर फाइटर और फायर बिग्रेड की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में दुर्घटना के समय आपातकाल में बचाव किया जाना संभव नहीं है। मैरिज गार्डन में शादी के समय हमेशा आतिशबाजाी होती है। इससे दुर्घटना की प्रबल संभावना है।’ 'भोपाल-इंदौर मुख्य मार्ग से लगी अन्य दुकान जैसे सोनी पटाखा, कालू पटाखा, दीपक पटाखा दुकानें हैं। यही पर होटल, शादी हाल और पेट्रोल पंप है। इससे दुर्घटना की संभावना है। राज पटाखा और आरके पटाखा दुकानें समेत चार गोडाउन रिहायसी क्षेत्र में है। वहीं, इनसे मैरिज गार्डन भी जुड़े हैं। इसलिए हलालपुर स्थित सभी दुकान-गोडाउन को शहरी सीमा से बाहर गैर रिहायसी क्षेत्र में शिफ्ट किया जाना ठीक रहेगा। साथ ही समय-समय पर फायर ऑडिट एवं फायर एक्सपर्ट दुकानों की जांच करें'। पहले कबाड़खाना में था बाजार शहर के कबाड़खाना में 1997 के पहले तक थोक पटाखा बाजार होता था। एक हादसे के बाद प्रशासन ने पटाखा वालों को हलालपुर में पटाखा बेचने के लिए जगह दी थी। तब हलालपुर के आसपास आबादी नहीं थी। अब यहां बड़ी आबादी के साथ कुछ दूरी पर पेट्रोल पंप और रहवासी इलाका और कॉम्प्लेक्स हैं।

गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने पुलिसकर्मी के हाथ पर काटा, HIV संक्रमण की पुष्टि

छतरपुर  छतरपुर में बलात्कार के फरार आरोपी ने एक कांस्टेबल के हाथ पर काट लिया. कांस्टेबल ने आरोपी जब आरोपी पकड़ा तो वह भागने की कोशिश कर रहा था. जब आरोपी ने हाथ पर काटा, तो कांस्टेबल के हाथों से खून बहना लगा. इस खून को देखकर कांस्टेबल और सीनियर पुलिस ऑफिसर को असमंजस में पड़ गए. जैसे-तैसे आरोपी को पकड़ा और फिर उसका मेडिकल टेस्ट कराने पर पता चला कि वह HIV पॉजिटिव है. यह घटना बुधवार को छतरपुर के बक्सवाहा थाना क्षेत्र में हुई।   रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस को सूचना मिली थी कि जिस शख्स के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी है और जो लगातार पुलिस से बच रहा है, वह इलाके में मौजूद है. गिरफ्तारी से बचने और भागने की कोशिश में, आरोपी ने कांस्टेबल के हाथ पर काट लिया. हालांकि, पुलिस ने उसे काबू कर गिरफ्तार कर लिया, जबकि घायल कांस्टेबल को तुरंत सागर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया. गिरफ्तारी के बाद आरोपी का रूटीन मेडिकल टेस्ट कराया गया, जिसमें वह HIV पॉजिटिव निकला।  पुलिसकर्मियों के बीच कांस्टेबल को लेकर बनी चिंता इस रिपोर्ट के बाद पुलिसकर्मियों के बीच हड़कंप मच गया, क्योंकि उन्हें डर था कि गिरफ्तारी से बचने के लिए हुई हाथापाई के दौरान आरोपी का वायरस कांस्टेबल में भी फैल सकता है. घायल कांस्टेबल को तुरंत सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए भेज दिया गया. SP रजत सकलेचा ने बताया कि अस्पताल भेजने से पहले कांस्टेबल के घाव पर प्राथमिक उपचार किया गया था. उन्होंने आगे कहा कि आरोपी के ब्लड टेस्ट से पुष्टि हुई है कि वह HIV संक्रमित है।  कांस्टेबल को संक्रमण का खतरा एसपी ने बताया कि कांस्टेबल के हाथ पर आरोपी के दांतों के गहरे निशान हैं. एचआईवी संक्रमण का खतरा बढ़ गया है. डॉक्टर्स की एक टीम कांस्टेबल का ट्रीटमेंट कर रही है. कांस्टेबल को भी एचआईवी इन्फेक्शन हुआ है या नहीं? यह रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा। 

40% दिव्यांगता पर मिलेगी सहायता, NSAP योजना को 2030-31 तक बढ़ाने की मंजूरी

नई दिल्ली  केंद्र सरकार ने समाज के कमजोर और वंचित वर्गों, विशेषकर दिव्यांगजनों को बड़ी राहत दी है। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में 'राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम' (NSAP) को साल 2030-31 तक यानी अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ा दिया गया है।इस फैसले से देश के करीब 3.20 करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा। इसके साथ ही दिव्यांग पेंशन के नियमों को आसान बनाते हुए पेंशन की राशि में भी बढ़ोतरी की गई है। अब 40% दिव्यांगता पर जन्म से ही मिलेगी पेंशन दिव्यांगजनों के लिए सबसे बड़ी खबर यह है कि अब 40 प्रतिशत की दिव्यांगता वाले लोग जन्म से ही पेंशन के हकदार माने जाएंगे। इससे पहले पेंशन का लाभ लेने के लिए व्यक्ति की उम्र कम से कम 18 वर्ष और दिव्यांगता का प्रतिशत 80 होना अनिवार्य था। नियमों में इस ढील से बड़ी संख्या में दिव्यांगों को सीधा आर्थिक संबल मिलेगा। पेंशन की रकम में हुआ इजाफा केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि नियमों को उदार बनाने के साथ ही सरकार ने पेंशन की राशि भी बढ़ा दी है। अब 0 से 79 वर्ष के आयु वर्ग के दिव्यांगों को 300 रुपये के बजाय 375 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। वहीं, 80 वर्ष और उससे अधिक आयु वालों की पेंशन 500 रुपये से बढ़ाकर 625 रुपये कर दी गई है। यह राशि केंद्र सरकार का हिस्सा है; राज्य सरकारें इसमें अपनी तरफ से अलग-अलग राशि जोड़कर लाभार्थियों को भुगतान करती हैं। योजनाओं के नाम से हटा 'इंदिरा गांधी'     कैबिनेट ने योजनाओं के नामकरण में भी अहम बदलाव किए हैं। अब इस पूरे कार्यक्रम को 'प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना' कहा जाएगा। इसके तहत चलने वाली तीन प्रमुख योजनाओं दिव्यांग, वृद्धावस्था और विधवा पेंशन से 'इंदिरा गांधी' का नाम हटाकर अब उनके आगे 'प्रधानमंत्री' शब्द जोड़ दिया गया है। सरकार इन योजनाओं पर अगले पांच सालों में कुल 53,428 करोड़ रुपये खर्च करेगी। हालांकि, वृद्धावस्था, विधवा और पारिवारिक लाभ योजनाओं की बुनियादी शर्तों में कोई और बदलाव नहीं किया गया है। 11.40 लाख रेलकर्मियों को भी त्योहारी तोहफा कैबिनेट बैठक में रेलवे कर्मचारियों के लिए भी खजाना खोला गया है। दुर्गा पूजा और दशहरे से पहले रेलवे के 11,40,770 गैर-राजपत्रित (नॉन-गजटेड) कर्मचारियों को 78 दिनों का उत्पादकता आधारित बोनस (PLB) देने का फैसला लिया गया है। प्रति पात्र कर्मचारी बोनस की अधिकतम सीमा 17,951 रुपये तय की गई है। इस फैसले से सरकारी कोष पर 2,009.61 करोड़ रुपये का भार आएगा।

केंद्र का बड़ा फैसला: पेट्रोल निर्यात शुल्क ₹2.50 और डीजल पर घटकर ₹8.50 प्रति लीटर

  नई दिल्ली   केंद्र सरकार ने पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाला विंडफॉल टैक्स (एक्सपोर्ट ड्यूटी) बढ़ा दिया है, जबकि डीजल के निर्यात पर टैक्स में बड़ी कटौती की है. नई दरें 16 अक्टूबर से लागू हो गई हैं. पेट्रोल निर्यात पर टैक्स 50 पैसे से बढ़ाकर 2.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है. वहीं, डीजल निर्यात पर टैक्स 16 रुपये से घटाकर 8.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है. आम उपभोक्ताओं के लिए अहम बात यह है कि इस फैसले से घरेलू पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं होगा।  इस फैसले का मतलब घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ना नहीं है. सरकार ने निर्यात पर लगने वाले टैक्स में बदलाव किया है, न कि घरेलू इस्तेमाल के लिए बिकने वाले ईंधन पर लगने वाले टैक्स में. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों और तेल कंपनियों की लागत में बदलाव का असर आगे चलकर खुदरा कीमतों पर पड़ सकता है. सरकार के आदेश में इस बार पेट्रोल पर विंडफॉल टैक्स बढ़ाने और डीजल पर घटाने की अलग-अलग वजह स्पष्ट नहीं की गई है. हालांकि, निर्यात पर लगने वाली इन दरों की समीक्षा अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखकर की जाती है।  पेट्रोल-डीजल पर सरकार ने क्या बदला? सरकार ने गुरुवार देर रात जारी आदेश में पेट्रोल और डीजल के निर्यात पर लगने वाली ड्यूटी में बदलाव किया. नई दरों के मुताबिक पेट्रोल निर्यात पर टैक्स 0.50 रुपये से बढ़ाकर 2.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है. यानी टैक्स पांच गुना हो गया है. डीजल निर्यात पर टैक्स 16 रुपये से घटाकर 8.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है. यानी हर लीटर पर 7.50 रुपये की कटौती हुई है।  ये दोनों बदलाव विदेश भेजे जाने वाले पेट्रोल और डीजल पर लागू होंगे. इसका सीधा असर उन रिफाइनरी कंपनियों और कारोबारियों पर पड़ेगा जो पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात करते हैं. पेट्रोल पर टैक्स बढ़ने से निर्यात पर मिलने वाले मुनाफे में कमी आ सकती है, जबकि डीजल पर टैक्स घटने से निर्यात करने वाली कंपनियों को पहले के मुकाबले राहत मिलेगी। अब पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है? सिर्फ निर्यात टैक्स में बदलाव के कारण घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल महंगा होना जरूरी नहीं है. सरकार ने घरेलू इस्तेमाल के लिए पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर लगने वाली ड्यूटी में इस आदेश के तहत कोई बदलाव नहीं किया है. इसलिए नई निर्यात दरें लागू होने से पेट्रोल पंप पर कीमतें अपने आप नहीं बढ़ेंगी. भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें तय करने में अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमत, रुपये और डॉलर की विनिमय दर, कर और अन्य लागतों की भूमिका होती है।  सरकारी तेल कंपनियां इन परिस्थितियों के आधार पर कीमतों में बदलाव का फैसला करती हैं. अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल या तैयार पेट्रोल-डीजल महंगा होता है, रुपये की कीमत गिरती है या तेल कंपनियों की लागत बढ़ती है, तो कीमतों पर दबाव बन सकता है. दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय कीमतों में गिरावट से राहत की गुंजाइश भी बन सकती है. इसलिए इस समय यह कहना सही नहीं होगा कि सरकार के नए फैसले से पेट्रोल-डीजल के दाम जरूर बढ़ेंगे।  क्या है विंडफॉल टैक्स? विंडफॉल टैक्स का इस्तेमाल सरकार उन परिस्थितियों में अतिरिक्त कमाई पर कर लगाने के लिए करती है, जब कंपनियों को बाजार की असाधारण स्थितियों के कारण सामान्य से ज्यादा मुनाफा मिलने की संभावना होती है. ईंधन के मामले में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ने पर रिफाइनरी कंपनियों को विदेश में पेट्रोल और डीजल बेचने से ज्यादा कमाई हो सकती है. ऐसे समय सरकार निर्यात पर टैक्स लगाकर उस अतिरिक्त लाभ का एक हिस्सा हासिल करने की कोशिश करती है।  भारत ने पहली बार जुलाई 2022 में पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स लगाया था. करीब दो साल बाद दिसंबर 2024 में इसे हटा दिया गया. मार्च 2026 में अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच सरकार ने इसे फिर लागू किया. तब से इसकी दरों में बाजार की परिस्थितियों के हिसाब से बदलाव किया जा रहा है. सरकार पेट्रोल और डीजल के निर्यात पर लगने वाले टैक्स की समीक्षा हर पखवाड़े यानी लगभग 15 दिन में करती है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और तैयार पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में बदलाव के आधार पर दरें बढ़ाई या घटाई जा सकती हैं। 

योगी सरकार में खिलाड़ियों को सम्मान और नौकरी, ‘पदक लाओ, पद पाओ’ योजना का किया जिक्र

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि की षष्ठी तिथि की प्रदेशवासियों को बधाई दी। गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर और बलरामपुर के देवी पाटन धाम में कलश स्थापित करने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शारदीय और चैत्र नवरात्रि में व्रत रखते हैं। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समस्त बाधाओं और आसुरी प्रवृत्तियों का संहार करने वाली मां कात्यायनी नारीशक्ति के अदम्य साहस, अटूट संकल्प और अजेय पराक्रम का प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री ने आस्था, विकास व विरासत के जरिए राज्य में आए बदलाव से अवगत कराते हुए कहा कि प्रदेश में अब ‘पदक लाओ, पद पाओ’ के तहत खिलाड़ियों की सीधी भर्ती हो रही है। 2017 से पहले चारदीवारी में कैद थे बेटियों के सपने मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट कर प्रदेश में पिछली सरकार के कार्यकाल पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में भय और अराजकता का ऐसा माहौल था, जहां बेटियों के सपनों पर पहरे थे, हौसलों पर बंदिशें थीं और प्रतिभा अवसर के अभाव में दम तोड़ने को मजबूर थी। खेल के मैदान माफिया के कब्जे में थे, संसाधन नदारद थे और बेटियों की उड़ान को पंख देने के बजाय, उनके सपनों को चारदीवारी में कैद कर दिया गया था। प्रोत्साहन, उपलब्धियों को सम्मान और भविष्य को सुरक्षा सीएम योगी आदित्यनाथ ने ने बताया कि ओलंपिक, कॉमनवेल्थ एवं एशियन गेम्स के पदक विजेताओं को लाखों-करोड़ों के पुरस्कार और ‘पदक लाओ, पद पाओ’ के तहत सीधी भर्ती जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। सरकार खिलाड़ियों की प्रतिभा को प्रोत्साहन, उपलब्धियों को सम्मान और भविष्य को सुरक्षा प्रदान कर रही है। इस परिवर्तन की गूंज अंतरराष्ट्रीय खेल मंचों पर भी सुनाई दे रही है। एथलेटिक्स में पारुल चौधरी, प्रियंका गोस्वामी, प्राची चौधरी और अन्नू रानी, जूडो में अस्मिता डे, क्रिकेट में दीप्ति शर्मा और मेघना सिंह, हॉकी में वंदना कटारिया, कुश्ती में दिव्या काकरान ने कॉमनवेल्थ एवं एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। सुरक्षा व प्रोत्साहन से लिखी जा रही बदलाव की नई गाथा मुख्यमंत्री ने 2017 के बाद आए बदलाव को भी इंगित किया। कहा कि विगत साढ़े 9 वर्षों में प्रदेश में बदलाव की नई गाथा लिखी गई है। भय का स्थान सुरक्षा ने लिया है, उपेक्षा का स्थान प्रोत्साहन ने लिया है और संसाधनों के अभाव का स्थान खेल सुविधाओं के विस्तार ने लिया है। गांव के खेल मैदानों और ब्लॉक स्तरीय मिनी स्टेडियम से लेकर जिला स्तरीय स्टेडियम, मंडल स्तरीय स्पोर्ट्स कॉलेज तथा मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय तक, बेटियों को अपनी प्रतिभा निखारने का सशक्त आधार मिल रहा है।   लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि की षष्ठी तिथि की प्रदेशवासियों को बधाई दी। गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर और बलरामपुर के देवी पाटन धाम में कलश स्थापित करने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शारदीय और चैत्र नवरात्रि में व्रत रखते हैं। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समस्त बाधाओं और आसुरी प्रवृत्तियों का संहार करने वाली मां कात्यायनी नारीशक्ति के अदम्य साहस, अटूट संकल्प और अजेय पराक्रम का प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री ने आस्था, विकास व विरासत के जरिए राज्य में आए बदलाव से अवगत कराते हुए कहा कि प्रदेश में अब ‘पदक लाओ, पद पाओ’ के तहत खिलाड़ियों की सीधी भर्ती हो रही है। 2017 से पहले चारदीवारी में कैद थे बेटियों के सपने मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट कर प्रदेश में पिछली सरकार के कार्यकाल पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में भय और अराजकता का ऐसा माहौल था, जहां बेटियों के सपनों पर पहरे थे, हौसलों पर बंदिशें थीं और प्रतिभा अवसर के अभाव में दम तोड़ने को मजबूर थी। खेल के मैदान माफिया के कब्जे में थे, संसाधन नदारद थे और बेटियों की उड़ान को पंख देने के बजाय, उनके सपनों को चारदीवारी में कैद कर दिया गया था। प्रोत्साहन, उपलब्धियों को सम्मान और भविष्य को सुरक्षा सीएम योगी आदित्यनाथ ने ने बताया कि ओलंपिक, कॉमनवेल्थ एवं एशियन गेम्स के पदक विजेताओं को लाखों-करोड़ों के पुरस्कार और ‘पदक लाओ, पद पाओ’ के तहत सीधी भर्ती जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। सरकार खिलाड़ियों की प्रतिभा को प्रोत्साहन, उपलब्धियों को सम्मान और भविष्य को सुरक्षा प्रदान कर रही है। इस परिवर्तन की गूंज अंतरराष्ट्रीय खेल मंचों पर भी सुनाई दे रही है। एथलेटिक्स में पारुल चौधरी, प्रियंका गोस्वामी, प्राची चौधरी और अन्नू रानी, जूडो में अस्मिता डे, क्रिकेट में दीप्ति शर्मा और मेघना सिंह, हॉकी में वंदना कटारिया, कुश्ती में दिव्या काकरान ने कॉमनवेल्थ एवं एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। सुरक्षा व प्रोत्साहन से लिखी जा रही बदलाव की नई गाथा मुख्यमंत्री ने 2017 के बाद आए बदलाव को भी इंगित किया। कहा कि विगत साढ़े 9 वर्षों में प्रदेश में बदलाव की नई गाथा लिखी गई है। भय का स्थान सुरक्षा ने लिया है, उपेक्षा का स्थान प्रोत्साहन ने लिया है और संसाधनों के अभाव का स्थान खेल सुविधाओं के विस्तार ने लिया है। गांव के खेल मैदानों और ब्लॉक स्तरीय मिनी स्टेडियम से लेकर जिला स्तरीय स्टेडियम, मंडल स्तरीय स्पोर्ट्स कॉलेज तथा मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय तक, बेटियों को अपनी प्रतिभा निखारने का सशक्त आधार मिल रहा है।

वेस्टइंडीज के खिलाफ कुलदीप यादव को नहीं मिला मौका, अश्विन बोले- फैसले में कॉमन सेंस की कमी

नई दिल्ली  वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज के पहले दो मैचों के बाद कुलदीप यादव को प्लेइंग इलेवन से ड्रॉप कर दिया गया है। तीसरे और चौथे मैच में उनकी जगह तेज गेंदबाज प्रिंस यादव को खेलने का मौका मिला। लखनऊ में हुए सीरीज के पहले मैच में कुलदीप ने 33 रन देकर दो विकेट लिए थे। दूसरे मैच में वह महंगे रहे औऱ 53 रन खर्च कर दिए थे। इंदौर के बाद हैदराबाद में भी भारतीय टीम ने कुलदीप को नहीं खिलाया। आर अश्विन फैसले से हैरान भारतीय टीम के पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन कुलदीप यादव के बेंच पर बैठने से हैरान हैं। उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, 'यह काफी हैरान करने वाली बात है, क्योंकि ऐसे मैदान पर जहां कुछ उछाल मिलने की उम्मीद होती है, और मुझे पता है कि यह मैदान स्पिनरों के लिए हमेशा से बहुत मददगार नहीं रहा है, लेकिन वहां भी वेस्टइंडीज के बल्लेबाज उसकी गुगली और लेग-स्पिन को समझने में संघर्ष कर रहे हैं।' टीम मैनेजमेंट पर बोला हमला आर अश्विन उस तर्क पर सवाल उठाया जिसके तहत कुलदीप को उस विरोधी टीम के खिलाफ बाहर रखा गया, जिसे उनकी गेंदों की विविधता को समझने में मुश्किल हो रही थी। उन्होंने आगे कहा- अगर आप उनके खिलाफ कुलदीप को बाहर रख रहे हैं, तो इसमें थोड़ी कॉमन सेंस की कमी लगती है। यह काफी हैरान करने वाला है, क्योंकि मुझे लगता है कि उनकी मौजूदगी से 15-20 रनों का फर्क पड़ सकता था।' अश्विन ने माना कि तीसरे मैच में मैदान छोटा होने की वजह से कुलदीप को बाहर रखना ठीक था। उन्होंने कहा- मुझे हैरानी हुई। इंदौर में कुलदीप को नहीं चुना गया था और मैं अभी भी उस फैसले का सपोर्ट करूंगा क्योंकि मैं समझ सकता हूं कि वहां का मैदान छोटा है। लेकिन आप यह कहकर इसे एक मुद्दा बना रहे हैं कि रांची में भारत की हार कुलदीप की वजह से हुई। यह अपने आप में गलत है। कुलदीप यादव का रिकॉर्ड दमदार कुलदीप यादव टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में दुनिया के सबसे प्रभावशाली गेंदबाजों में एक हैं। सिर्फ 56 मैचों में वह 98 बल्लेबाजों को आउट कर चुके हैं। उनके पास सबसे तेज 100 विकेट लेने का भारतीय गेंदबाज बनने का भी मौका है। अर्शदीप सिंह ने 64 मैचों में 100 विकेट झटके थे। कुलदीप ने दो बार मैच में 5 विकेट लिए हैं तो उनकी इकोनॉमी 7.11 और औसत 14.2 का है। वह इस फॉर्मेट में लगभग हर 12वीं गेंद पर विकेट लेते हैं।

दुर्गा पूजा में पटना के कई रास्तों पर रोक, डाकबंगला से एयरपोर्ट तक बदलेगा ट्रैफिक प्लान

पटना बिहार की राजधानी पटना में दुर्गा पूजा के दौरान पंडाल घूमने और मां दुर्गा के दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले ट्रैफिक प्लान जरूर जान लें। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए यातायात पुलिस ने शहर के कई प्रमुख इलाकों में रूट बदलने का फैसला लिया है। यह व्यवस्था 17 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगी। पंडाल घूमने का प्लान है तो इन रास्तों पर रखें नजर पटना में डाकबंगला चौराहा, बेली रोड, आयकर गोलंबर, राजाबाजार फ्लाईओवर और अशोक राजपथ जैसे प्रमुख मार्गों पर यातायात नियंत्रित रहेगा। 17 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे से 20 अक्टूबर की रात 10 बजे तक या यातायात सामान्य होने तक विशेष व्यवस्था लागू रहेगी। ऐसे में घर से निकलने से पहले अपने गंतव्य तक पहुंचने का वैकल्पिक रास्ता जानना जरूरी होगा। डाकबंगला जाने वालों को बदलना होगा रास्ता डाकबंगला चौराहे के आसपास वाहनों की आवाजाही पर विशेष प्रतिबंध रहेगा। डाकबंगला चौराहे से कोतवाली तक दोनों तरफ वाहनों का परिचालन बंद रहेगा। न्यू डाकबंगला रोड से एसपी वर्मा रोड में भी वाहन नहीं जा सकेंगे। पूजा पंडालों की ओर जाने वाले लोगों को निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करना होगा। बेली रोड से एयरपोर्ट जाने वालों के लिए वैकल्पिक रूट सगुना मोड़ से पटना एयरपोर्ट की ओर जाने वाले छोटे वाहन रुकनपुरा और राजाबाजार ओवरब्रिज के नीचे जगदेव पथ से बीएमपी होते हुए जा सकेंगे। राजीवनगर और दीघा की ओर से आने वाले वाहनों के लिए भी वैकल्पिक रास्ते निर्धारित किए गए हैं। यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से निर्देशों का पालन करने की अपील की है। ट्रक, बस और मालवाहक वाहनों पर रहेगी रोक 17 से 20 अक्टूबर तक पटना नगर निगम क्षेत्र में मालवाहक वाहनों और यात्री वाहनों के परिचालन पर प्रतिबंध रहेगा। इसमें बस, ट्रक, ट्रैक्टर और टाटा 407 जैसे वाहन शामिल हैं। मेट्रो और अन्य निर्माण कार्यों से जुड़े भारी वाहनों पर 15 से 21 अक्टूबर तक रोक रहेगी। आपातकालीन वाहनों को नियमानुसार छूट दी जाएगी। पार्किंग की जगह तय, जाम से बचने के लिए करें तैयारी फ्रेजर रोड, वीरचंद पटेल पथ, जीपीओ गोलंबर से आर ब्लॉक चौराहे तक और पटना साइंस कॉलेज सहित निर्धारित स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। पटना सिटी में दोपहिया और छोटे वाहनों के लिए भी अलग पार्किंग स्थल तय किए गए हैं। दुर्गा पूजा के दौरान परेशानी से बचने के लिए वाहन चालक निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही इस्तेमाल करें और यातायात पुलिस के निर्देशों का पालन करें।  

डॉ. गुलाब सिंह किरार ‘दद्दा’ के जन्मदिन पर भव्य आयोजन, प्रतिभाशाली लोगों को किया सम्मानित

डॉ. गुलाब सिंह किरार ‘दद्दा’ का जन्मदिन धूम धाम से मनाया एवं प्रतिभाओं का किया सम्मान मुरैना  अखिल भारतीय किरार क्षत्रिय महासभा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मध्य प्रदेश अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व सदस्य, राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त आदरणीय डॉ. गुलाब सिंह किरार ‘दद्दा’ का जन्मदिन 14 अक्टूबर को मुरैना स्थित दया बैंक्वेट ए.वी. में बड़ी धूमधाम, उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। गंगा परिवार के तत्वावधान में आयोजित इस भव्य समारोह में मुरैना जिले सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए हजारों समाजबंधुओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, गणमान्य नागरिकों एवं शुभचिंतकों ने सहभागिता कर उन्हें जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित कीं। डॉ. गुलाब सिंह किरार ‘दद्दा’ मूलतः भिंड जिले के निवासी हैं। उनका जीवन समाजसेवा, सामाजिक एकजुटता एवं जनकल्याण के कार्यों के प्रति समर्पित रहा है। अखिल भारतीय किरार क्षत्रिय महासभा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा मध्य प्रदेश अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य के रूप में उन्होंने अपनी सेवाएँ दी हैं। उनके जन्मदिन के अवसर पर समाजबंधुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। समारोह में वक्ताओं ने उनके सामाजिक योगदान, अनुभव और मार्गदर्शन का उल्लेख करते हुए समाज के विकास एवं एकजुटता के लिए मिलकर कार्य करने पर जोर दिया। डॉ. गुलाब सिंह किरार ‘दद्दा’ के भिंड जिले से मुरैना आगमन के दौरान यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया। मलानपुर औद्योगिक क्षेत्र में कार्यकर्ताओं ने उनका आत्मीय अभिनंदन किया। इसके पश्चात ग्राम बरेठा में स्वागत किया गया। बनमोर औद्योगिक क्षेत्र में भी कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक उनका स्वागत किया। शुभहिम होटल पर भी उनका भव्य अभिनंदन हुआ। यात्रा मार्ग में अनेक स्थानों पर समाजबंधुओं एवं शुभचिंतकों ने पुष्पमालाओं और आत्मीयता के साथ उनका स्वागत कर जन्मदिन की शुभकामनाएँ दीं। इसके बाद डॉ. गुलाब सिंह किरार ‘दद्दा’ मुरैना स्थित दया बैंक्वेट हाल कार्यक्रम स्थल पर पहुँचे, जहाँ विभिन्न गाँवों और क्षेत्रों से आए अतिथियों ने उनका भव्य स्वागत किया। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, भोपाल, गुना सहित अनेक स्थानों से कार्यकर्ता एवं शुभचिंतक भी इस अवसर पर शामिल होने पहुँचे। बाक्स – प्रतिभाओं का सम्मान, समाजबंधुओं ने बढ़ाया उत्साह जन्मदिन समारोह के दौरान समाज की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस अवसर पर मनु चंद्रभान सिंह, राष्ट्रीय कवि रामावतार धाकड़, उदय राय धाकड़ एवं रमन धाकड़ का सम्मान किया गया। प्रतिभाओं का सम्मान कर उनके योगदान एवं उपलब्धियों को प्रोत्साहित किया गया। इस पहल को समाज की नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने और प्रतिभाओं को उचित पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना गया। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने सामाजिक एकता, शिक्षा, प्रतिभाओं के प्रोत्साहन तथा समाज के सर्वांगीण विकास के महत्व पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने समाजबंधुओं से आपसी सहयोग और समन्वय के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। समारोह में उपस्थित लोगों ने डॉ. गुलाब सिंह किरार ‘दद्दा’ के दीर्घ सामाजिक अनुभव एवं मार्गदर्शन को समाज के लिए उपयोगी बताते हुए उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की। इस भव्य समारोह में पूर्व सांसद अशोक अर्गल, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष केदार सिंह ‘बाबूजी’, राकेश यादव, मनोज पाल यादव, दिलीप यादव, विक्रम सिंह, संजीवनी हॉस्पिटल के संचालक डॉ. योगेंद्र यादव, दीवान सिंह, अशोक यादव, सत्यभान, प्रोफेसर नागेंद्र, राजेंद्र सिंह, ऋषि यादव, मानसिंह, बदन सिंह, राजपाल यादव एवं सत्यभान यादव सहित अनेक गणमान्य नागरिक, समाजसेवी और शुभचिंतक उपस्थित रहे। गंगा परिवार के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। समारोह में बड़ी संख्या में समाजबंधुओं की उपस्थिति ने सामाजिक एकजुटता, आपसी सद्भाव और सामूहिक सहभागिता का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित समाजबंधुओं ने ईश्वर से प्रार्थना की कि आदरणीय डॉ. गुलाब सिंह किरार ‘दद्दा’ सदैव स्वस्थ, प्रसन्न एवं दीर्घायु रहें तथा अपने अनुभव, मार्गदर्शन और सामाजिक योगदान से समाज को निरंतर नई दिशा प्रदान करते रहें। सभी ने उन्हें जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। अखिल भारतीय किरार क्षत्रिय महासभा, जिला शाखा नर्मदापुरम की ओर से भी डॉ. गुलाब सिंह किरार ‘दद्दा’ को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित की गईं।

रियाद, जेद्दा और दम्माम की फ्लाइट्स पर ब्रेक, Air India देगी यात्रियों को पूरा रिफंड

मुंबई  सऊदी अरब में बिगड़ते हालात को देखते हुए एअर इंडिया ने रियाद, दम्माम और जेद्दा आने और जाने वाली अपनी सभी उड़ानें 20 अक्टूबर तक रद्द कर दी हैं. एयरलाइन ने 16 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यह जानकारी दी. प्रभावित यात्रियों को पूरा रिफंड दिया जा रहा है. सऊदी अरब में हाल के हमलों से हवाई यातायात प्रभावित है और 10 अक्टूबर को रियाद एयरपोर्ट पर हुए हमले में एक भारतीय की मौत हुई थी।  एअर इंडिया ने कहा कि सऊदी अरब में बदलती स्थिति को देखते हुए ये उड़ानें 20 अक्टूबर तक रद्द रहेंगी. कंपनी घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रही है और सुरक्षित तरीके से परिचालन दोबारा शुरू करने के लिए हालात का लगातार आकलन कर रही है। एयरलाइन का कहना है कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है. उड़ानें रद्द होने से सऊदी जाने और वहां से भारत लौटने की योजना बना रहे यात्रियों को परेशानी हो सकती है।  इससे पहले सऊदी अरब में भारत के राजदूत विपुल ने वहां रह रहे भारतीयों के लिए वीडियो संदेश जारी किया था. उन्होंने नागरिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की निंदा की और कहा कि भारत इस मुश्किल समय में सऊदी जनता और नेतृत्व के साथ खड़ा है. उन्होंने मृतकों के परिवारों से संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।  राजदूत ने बताया कि मृतक भारतीय के परिवार से अधिकारी संपर्क में हैं. हमले में घायल 11 और भारतीयों की मदद के लिए अस्पताल प्रशासन और उनके परिवारों से बात की जा रही है।  राजदूत के मुताबिक रियाद एयरपोर्ट बंद होने से एअर इंडिया और इंडिगो ने उड़ानें रद्द की थीं. सऊदिया, फ्लाईनास और फ्लाईडील की उड़ानें उपलब्ध थीं. यात्री इनसे या पड़ोसी खाड़ी देशों के रास्ते जा सकते हैं, पर पहले उड़ान की स्थिति की पुष्टि कर लें. रियाद, दम्माम या जेद्दा के टिकटधारी एयरलाइन से रिफंड और दूसरे विकल्प पूछें।  दूतावास ने भारतीयों से शांत और सतर्क रहने को कहा है. हवाई हमले में खुले में न रहें, घर या सुरक्षित इमारत में रहें. हमलों की तस्वीरें या वीडियो सोशल मीडिया पर न डालें, क्योंकि यह सऊदी कानूनों का उल्लंघन हो सकता है. दूतावास, वाणिज्य दूतावास और आउटसोर्स सेवा प्रदाता काम कर रहे हैं, इसलिए पासपोर्ट जैसी सेवाओं के लिए संपर्क करें. उमरा यात्रियों के लिए 24 घंटे हेल्पलाइन जारी है. ताजा जानकारी के लिए एयरलाइन और आधिकारिक एडवाइजरी देखते रहें। 

पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल अस्पताल पहुंचे, विधायक रायमुनि भगत का जाना हाल

जशपुर विधायक  रायमुनि भगत का कुशलक्षेम जानने अस्पताल पहुंचे पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल विधायक  भगत से मुलाकात कर ली स्वास्थ्य की जानकारी, शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की रायपुर छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने आज रायपुर स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचकर जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत से मुलाकात की और उनका कुशलक्षेम जाना। इस दौरान मंत्री अग्रवाल ने विधायक श्रीमती भगत के स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा उनके शीघ्र एवं पूर्ण स्वस्थ होने की कामना की। मंत्री अग्रवाल ने विधायक श्रीमती भगत से  संवाद करते हुए उनके स्वास्थ्य के प्रति अपनी चिंता और संवेदनशीलता व्यक्त की। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि श्रीमती भगत जल्द से जल्द पूर्णतः स्वस्थ होकर अपने परिवार, शुभचिंतकों और क्षेत्र की जनता के बीच लौटें तथा पूर्व की भांति जनसेवा एवं क्षेत्र के विकास से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएं। पर्यटन मंत्री अग्रवाल ने कहा कि अग्रवाल ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के बीच आत्मीयता, सहयोग और संवेदनशीलता की भावना सार्वजनिक जीवन की महत्वपूर्ण विशेषता है। विधायक श्रीमती रायमुनि भगत जनसेवा के प्रति समर्पित जनप्रतिनिधि हैं। उन्होंने जशपुर क्षेत्र की जनता के प्रति उनके समर्पण और सक्रियता का उल्लेख करते हुए उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि माता रानी की असीम कृपा और आशीर्वाद से श्रीमती भगत को उत्तम स्वास्थ्य, नई ऊर्जा एवं दीर्घायु प्राप्त हो। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वे शीघ्र स्वस्थ होकर पुनः जनसेवा के अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगी। उन्होंने विधायक श्रीमती भगत के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं सुखमय जीवन की कामना की।