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भागलपुर, मुजफ्फरपुर, छपरा और सीतामढ़ी में जमीन की खरीद-बिक्री और निर्माण पर प्रतिबंध

पटना बिहार में बनने वाले अलग-अलग टाउनशिप को लकर सम्राट चौधरी सरकार बेहद गंभीर नजर आ रही है। अब बिहार सरकार ने राज्य की चार ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप में जमीन खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी है। इसके तहत भागलपुर, मुजफ्फरपुर, छपरा और सीतामढ़ी में बनने वाले सेटेलाइनट टाउनशिप में यह रोक 30 जून 2027 तक प्रभावी रहेगी। बिहार सरकार के नगर विकास विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। यह भी कहा गया है कि इस प्रतिबंध के दौरान अगर जमीन की किसी तरह की कोई खरीद-फरोख्त की जाती है तो इसपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नगर विकास विभाग ने इस दौरान टाउनशिप में किसी प्रकार के नए निर्माण कार्यों पर भी रोक लगा दी है। जमीन खरीद-बिक्री पर रोक लगाने के साथ ही अब चारों टाउनशिप के मास्टर प्लान बनाने का काम शुरू होगा। विभाग ने शनिवार (4 जुलाई) को इस संबंध मं अधिसूचना जारी करते हुए कहा है कि प्रतिबंध के दौरान अधिसूचित क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री, जमीन हस्तांतरण, भूमि के विकास और भवन निर्माण से संबंधित किसी भी प्रकार के कार्य नहीं किए जा सकेंगे। नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई यह भी कहा गया है कि प्रतिबंधित क्षेत्रों में नियम का उल्लंघन करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने यह कार्यवाही शहरी आयोजना तथा विकास अधिनियम, 2012 की धारा 9(7) तथा बिहार शहरी आयोजना तथा विकास नियमावली, 2014 के तहत की है। इस निर्णय का उद्देश्य चारों शहरों के प्रस्तावित टाउनशिप क्षेत्रों का योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित करना और भविष्य की शहरी जरूरतों के अनुरूप आधारभूत संरचना विकसित करना है। बता दें कि डेहरी सहित कुल 12 टाउनशिप विकसित किया जा रहा है। सात शहरों में पहले लग चुकी है रोक बता दें कि इससे पहल राज्य सरकार ने इससे पहले 23 अप्रैल को 11 टाउनशिप में जमीन खरीद-बिक्री पर रोक लगाई थी। उसके बाद 24 अप्रैल को सात शहरों पटना, सोनपुर, गयाजी, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया और मुंगेर में 31 मार्च 2027 तक रोक का आदेश जारी किया गया था। तब जमीन मालिकों ने आर्थिक जरूरत में जमीन बेचने की अनुमति मांगी। सरकार ने जून 2026 में राहत देते हुए आवास बोर्ड को जमीन खरीदने के लिए अधिकृत किया था। यानी इच्छुक किसान आवास बोर्ड मुख्यालय पटना में एमडी के नाम से जमीन बेचने का आवेदन दे सकते हैं। दस्तावेज की जांच के बाद संबधित जिलाधिकारी जमीन का मूल्य तय करेंगे। अब विभाग ने 4 जुलाई को चार टाउनशिप में जमीन खरीद-बिक्री पर रोक की अधिसूचना जारी की है।

वक्फ बोर्ड में पहली बार 2 हिंदू सदस्यों की एंट्री, MP सरकार ने मनोज मालपानी और अनिमेष भार्गव की नियुक्ति की

भोपाल  मध्य प्रदेश वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के तहत अपने वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। वक्फ बोर्ड में पहली बार दो हिंदू सदस्य शामिल किए गए हैं। यह कदम संशोधित कानून के तहत किए गए बदलावों के बाद उठाया गया है, जो गैर-मुस्लिम सदस्यों को राज्य वक्फ बोर्ड का हिस्सा बनने की अनुमति देता है। वक्फ बोर्ड का किया गया है पुनर्गठन मध्य प्रदेश सरकार ने 10 सदस्यीय वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन किया है और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सांवर पटेल को इसका अध्यक्ष नियुक्त किया है। बोर्ड में मनोज मालपानी और अनिमेष भार्गव हिंदू सदस्य के रूप में शामिल हैं, जिससे यह संशोधित अधिनियम के तहत गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करने वाला देश का पहला राज्य स्तरीय वक्फ बोर्ड बन गया है। नए वक्फ बोर्ड की अधिसूचना रविवार को गजट में जारी की गई। एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, “मध्य प्रदेश नए अधिनियम के तहत वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।” इनको दी गई है जगह बोर्ड में अध्यक्ष डॉ सनव्वर पटेल के अतिरिक्त पहले से सदस्य नजमा हेपतुल्ला, भोपाल उत्तर से विधायक आतिफ अकील, उज्जैन के रहने वाले फैजान खान, इंदौर की फातिमा चौधरी, बैरसिया भोपाल की पार्षद शाइस्ता सुल्तान, रतलाम की पार्षद शबाना खान और हिंदू सदस्यों में इंदौर के मनोज मालपानी और राघवगढ़ (गुना) के अनिमेष भार्गव को बोर्ड में सदस्य बनाया है। इसके पहले विधायक के नाते आरिफ अकील सदस्य थे। उनकी मृत्यु के बाद उनके बेटे आतिफ अकील को जगह दी गई है। स्टेट बार काउंसिल का अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद उन्हें भी इसमें शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही अध्यक्ष और सभी 10 सदस्य हो जाएंगे। वक्फ बोर्डों को और पारदर्शी बनाने के लिए लाया गया था ये संसोधन उल्लेखनीय है कि वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 वक्फ बोर्डों में पारदर्शिता, महिलाओं व गैर-मुसलमानों की भागीदारी और संपत्तियों के डिजिटल पंजीकरण के लिए लाया गया एक प्रमुख कानून है। कौन हैं मनोज मालपानी और अनिमेश भार्गव मनोज मालपानी इंदौर के रहने वाले हैं और लंबे समय से सामाजिक के साथ-साथ सार्वजनिक गतिविधियों से जुड़े हुए हैं. वे अलग-अलग सामाजिक संगठनों में एक्टिव रोल निभाते रहे हैं. इसके अलावा वे कई धार्मिक और जनसेवा से जुड़े कार्यक्रमों में भी भाग लेते रहे हैं. उनके अनुभव को देखते हुए सरकार ने उन्हें वक्फ बोर्ड का मेंबर बनाया है. वहीं, अनिमेश भार्गव गुना के राघौगढ़ निवासी हैं. वे भी सामाजिक और सार्वजनिक कार्यों में एक्टिव रहे हैं. स्थानीय स्तर पर लोगों के बीच उनकी पहचान एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में है. वे लंबे समय से जनहित के मुद्दों पर काम करते रहे हैं. उनकी सक्रियता और अनुभव को ध्यान में रखते हुए उन्हें भी वक्फ बोर्ड में सदस्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है।  वक्फ बोर्ड क्या है? वक्फ अधिनियम, 1995 (2025 में संशोधित) की धारा 13(1) के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार ने अधिनियम की धारा 14 के प्रावधानों के अनुसार बोर्ड का गठन किया। वक्फ बोर्ड एक वैधानिक निकाय है जो राज्य में वक्फ संपत्तियों के प्रशासन और संरक्षण के लिए जिम्मेदार है। वक्फ की ज़िम्मेदारियों में वक्फ संपत्तियों का रिकॉर्ड रखना, उनके इस्तेमाल और उनसे होने वाली आय की देखरेख करना, उन्हें कब्ज़े से बचाना और यह पक्का करना शामिल है कि उनका इस्तेमाल धार्मिक, शैक्षणिक और सामाजिक कल्याण के कामों के लिए हो। चेयरमैन संवार पटेल के अलावा नए बने बोर्ड में नई दिल्ली से नज़मा हेपतुल्ला, भोपाल से आतिफ अकील, उज्जैन से फ़ैज़ान खान, इंदौर से फ़ातिमा चौधरी, शाइस्ता सुल्तान, शबाना खान, इंदौर से मनोज मालपानी और गुना के राघोगढ़ से अनिमेष भार्गव शामिल हैं। पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के कमिश्नर इसके पदेन सदस्य होंगे। राज्य सरकार के अनुसार नज़मा हेपतुल्ला को वक्फ़ एक्ट, 1995 (2013 में संशोधित) की धारा 14 के तहत 19 अप्रैल, 2023 को जारी नोटिफिकेशन के जरिए चुने गए सदस्यों की श्रेणी में नियुक्त किया गया था। वह18 अप्रैल, 2028 तक सदस्य बनी रहेंगी। एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इसलिए उनके कार्यकाल के बचे हुए समय के लिए उन्हें नए बोर्ड में भी शामिल रखा गया है।

ऑस्ट्रेलिया का दबदबा बरकरार! मेजबान इंग्लैंड को फाइनल में रौंदकर सातवीं बार जीता Women’s T20 World Cup

 लंदन आईसीसी विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में 5 जुलाई (रविवार) को इंग्लैंड का सामना ऑस्ट्रेलिया से हुआ. लंदन के लॉर्ड्स में आयोजित इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 7 विकेट से जीत हासिल की. मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 151 रनों का टारगेट मिला था, जिसे उसने 17.1 ओवर्स में हासिल कर लिया।  ऑस्ट्रेलियाई टीम ने रिकॉर्ड सातवीं बार विमेंस टी20 वर्ल्ड कप जीता है.यह टीम 2010, 2012, 2014, 2018, 2020, 2023 और 2026 के संस्करण में चैम्पियन बनी. इंग्लैंड (2009), वेस्टइंडीज (2016) और न्यूजीलैंड (2024) ने एक-एक मौके पर टी20 वर्ल्ड कप में खिताबी जीत हासिल की. खास बात यह है कि सोफी मोलिनक्स की अगुवाई वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम ने इस वर्ल्ड कप में एक भी मुकाबला नहीं गंवाया, जो उसके दबदबे का सबूत है।  रनचेज में ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने जॉर्जिया वॉल का विकेट दूसरे ही ओवर में गंवा दिया. इसके बाद फोएबे लिचफील्ड और विकेटकीपर बल्लेबाज बेथ मूनी ने 100 रनों की साझेदारी कर इंग्लिश टीम को पस्त कर दिया.लिचफील्ड ने 35 बॉल का सामना करते हुए 48 रन बनाए, जिसमें 6 चौके और 2 छक्के शामिल रहे. वहीं बेथ मूनी ने 10 चौके की मदद से 49 बॉल पर 64 रनों का योगदान दिया. मूनी के आउट होने के बाद एलिस पेरी (नाबाद 13 रन) और एश्ले गार्डनर (नाबाद 3 रन) को जीत के द्वार तक पहुंचाया. इंग्लैंड की ओर से चार्लोट डीन, सोफी एक्लेस्टोन और लॉरेन बेल ने एक-एक कामयाबी हासिल की।  बड़ा स्कोर नहीं बना सका इंग्लैंड टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए इंग्लैंड ने निर्धारित 20 ओवर्स में 4 विकेट पर 150 रन बनाए. इंग्लिश टीम के लिए कप्तान नेट साइवर-ब्रंट ने 5 चौके की मदद से 53 बॉल पर नाबाद 58 रनों की पारी खेली. वहीं फ्रेया केम्प ने 4 चौके और एक छक्के की सहायता से 28 बॉल पर नाबाद 44 रनों का योगदान दिया। फ्रेया केम्प और नेट साइवर-ब्रंट के बीच पांचवें विकेट के लिए नाबाद 80 रनों की साझेदारी हुई. एमी जोन्स (6 रन), डैनी वायट-हॉज (8 रन) और हीदर नाइट (2 रन) का बल्ला इस मैच में नहीं चला. ऑस्ट्रेलिया की ओर से किम गार्थ, लुसी हैमिल्टन, सोफी मोलिनक्स और एनाबेल सदरलैंड ने एक-एक विकेट झटके।  इंग्लैंड की प्लेइंग इलेवन: एमी जोन्स (विकेटकीपर), डैनी वायट-हॉज, नैट साइवर-ब्रंट (कप्तान), एलिस कैप्सी, हीदर नाइट, फ्रेया केम्प, डेनियल गिब्सन, चार्लोट डीन, लिन्से स्मिथ, सोफी एक्लेस्टोन और लॉरेन बेल. ऑस्ट्रेलिया की प्लेइंग इलेवन: जॉर्जिया वॉल, बेथ मूनी (विकेटकीपर), फोएबे लिचफील्ड, एलिस पेरी, एश्ले गार्डनर, जॉर्जिया वेयरहैम, एनाबेल सदरलैंड, निकोला कैरी, सोफी मोलिनक्स (कप्तान), किम गार्थ और लूसी हैमिल्टन.  

मुंबई हुई पानी-पानी! भारी बारिश से जनजीवन ठप, सड़कें जलमग्न, ट्रेनें प्रभावित, स्कूल-कॉलेज बंद

मुंबई  मॉनसून की बारिश ने मायानगरी मुंबई की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है. पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश ने शहर को पूरी तरह जलमग्न कर दिया है. सड़कें नदियों में तबदील हो गई हैं, घरों और दुकानों में पानी घुस गया है, लोकल ट्रेनें प्रभावित हैं. बारिश की वजह से लोगों की जिंदगी ठप हो गई है।  वसई-विरार, मालाड, अंधेरी, भांडुप, दादर, माटुंगा और नवी मुंबई जैसे इलाकों में कई सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया है. कई जगहों पर गाड़ियां पानी में फंस गई हैं. सड़कों पर सिर्फ कारों की छतें नजर आ रही हैं. इस बीच भारत मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई और आसपास के इलाकों को बारिश से राहत नहीं मिलने की संभावना जताई है।  वहीं, भांडुप में सड़क का एक हिस्सा धंस गया, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है. तेज हवाओं और बारिश के कारण पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए हैं, जिससे कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुई हैं. कई जगहों पर पेड़ गिरने से तबाही का मंजर सामने आया है. वहीं, मुंबई के उपनगरीय रेलवे ट्रैक पर पानी भरने से लोकल ट्रेनें प्रभावित हैं. दादर, वडाला और घाटकोपर जैसे स्टेशनों पर रेलवे ट्रैक बारिश के पानी से लबालब हैं।  मुंबई में बीते 5 दिनों से मूसलाधार बारिश का दौर जारी है. पूरा शहर मानों तालाब बन गया है. सड़कों पर पानी जमा है. घरों-दुकानों में पानी भर गया है. गाड़ियों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है. कई जगहों पर तो रेलवे ट्रैक भी पानी में डूब गया है. तेज बारिश के बीच भांडुप इलाके में सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंसने से वहां खड़ी एक गाड़ी गड्ढे में समा गई. हालांकि, गनीमत रही कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ।  चाहे अंधेरी हो या नालासोपारा, वसई या विरार. हर तरफ मूसलाधार बारिश से हाहाकार मचा है. लगातार हो रही बारिश ने मुंबई के लोगों का जीवन दूभर कर दिया है. तस्वीरें गवाही दे रही हैं कि आखिर मॉनसून की बारिश के बीच मुंबई किस तरह की मुसीबत झेल रही है. गाड़ियां पानी के बीच फंसी हुई हैं. कहीं आना-जाना मुश्किल है. बारिश का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है. सड़कों पर बढ़ता जलस्तर लोगों का संकट बढ़ा रहा है।  नालासोपारा का रेलवे ट्रैक बारिश के पानी में डूब गया है. जिसका सीधा असर लोकल ट्रेनों की आवाजाही पर पड़ रहा है. वसई इलाके का हाल तो और भी ज्यादा बुरा है. जहां पानी इतना ज्यादा भर गया है कि मानों पूरा इलाका टापू बन गया है. जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. करीब 30 से 40 सोसाइटियां पानी में घिरी हुई हैं. बारिश थम नहीं रही और लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही हैं।  पूरे पालघर में भारी बारिश से हाल बेहाल है. सड़कों पर घुटनों से ऊपर तक पानी है. लोग इसी मॉनसूनी आफत के बीच कहीं आने जाने को मजबूर हैं. मुंबई में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. इस बीच मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है.उधर, प्रशासन ने लोगों को बेहद जरूरी यात्रा करने की सलाह दी है ताकि मौसम की मार किसी की जिंदगी पर संकट ना बने. बता दें कि मुंबई में हर साल की यही कहानी है, बारिश हुई और लोगों की जिंदगी आफत के बीच घिर जाती है।  नालासोपारा: स्टेशन परिसर में कमरभर पानी लगातार हो रही भारी बारिश के कारण नालासोपारा पूर्व रेलवे स्टेशन परिसर में गंभीर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है. स्टेशन की ओर जाने वाली सड़क पर कमर तक पानी जमा होने से दफ्तर जाने वाले लोगों को जान जोखिम में डालकर रेलवे स्टेशन तक पहुंचना पड़ रहा है.इस बीच, इलाके में एक विशाल होर्डिंग गिरने की घटना भी सामने आई है. गनीमत रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।  मुंबई के मानखुर्द में भारी बारिश के बीच चार मंजिला चॉल ढही, हादसे में 6 लोगों की मौत मुंबई के मनखुर्द इलाके में भारी बारिश के बीच रविवार रात एक तीन मंजिला चॉल (झोपड़पट्टी जैसी इमारत) ढह गई. इस हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई है.बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के मुताबिक, इस हादसे में चार महिलाओं और 2 पुरुषों की मौत हुई है. वहीं, एक घायल व्यक्ति का इलाज राजावाड़ी अस्पताल में चल रहा है।  स्कूल-कॉलेज बंद, बारिश के कारण परीक्षाएं टलीं भारी बारिश को देखते हुए सोमवार को मुंबई, पुणे, ठाणे और पालघर में सभी सरकारी, निजी और BMC चलित स्कूलों-कॉलेजों को छुट्टी घोषित कर दी गई है. मुंबई में IMD ने 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है तो वहीं पुणे में 'रेड अलर्ट' है. मुंबई विश्वविद्यालय ने 6 जुलाई को होने वाली सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं. नई तारीख बाद में घोषित की जाएगी. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे केवल जरूरी काम ने पर ही घर से बाहर निकलें। 

Diljit Dosanjh की फिल्म पर फिर विवाद! रिलीज के 2 दिन बाद OTT से हटाई गई, एक्टर ने कहा- मुझे इसका अंदाजा था

चंडीगढ़  दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'पंजाब 95' को 3 जुलाई को OTT प्लेटफॉर्म ZEE5 पर नाम बदलकर रिलीज किया गया था, पर दो दिन बाद ही इसे हटा दिया गया। अब अगले आदेश तक इसे भारत में OTT पर नहीं दिखाया जाएगा। तीन साल तक सेंसर बोर्ड के साथ विवाद में फंसे रहने के बाद 'सतलज' बड़ी मुश्किल से अब रिलीज की रोशनी देख पाई थी, पर अचानक हटाए जाने से न सिर्फ आम जनता में गुस्सा है, बल्कि सेलेब्स भी गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। 'सतलज' को हटाए जाने पर अब सियासी घमासान तेज हो गया है। अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने इसे 'अभिव्यक्ति की आजादी' पर हमला बताया। एक्टर रणवीर शौरी से लेकर फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने भी नाराजगी जाहिर की है। 'सतलज' की कहानी ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट जसवंत सिंह खालरा पर आधारित है। उन्होंने 90 के दशक में 25 हजार लापता सिखों के लिए लड़ाई लड़ी थी। साथ ही 2000 लोगों की मौत का पता लगाया था, जिनकी लाशों को लावारिस बताकर जला दिया गया था। पर बाद में पुलिस ने खालरा का ही फेक एनकाउंटर कर लाश को नदी में फेंक दिया था। 'सतलज' को बंपर रिस्पॉन्स, फिल्म देख रो पड़े थे लोग 3 जुलाई को जब 'सतलज' OTT पर आई, तो जिन्होंने भी फिल्म देखी वो रो पड़े और सभी से इसे देखने की अपील की। यहां तक कि IMDb पर भी इसे 9.7/10 रेटिंग मिली है। लेकिन अब अचानक ही इस फिल्म को OTT से भारत में हटा दिया है। इससे जनता और सेलेब्स भड़के हुए हैं। सुखबीर सिंह बादल भड़के- अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने 'सतलज' हटाए जाने पर गुस्सा निकालते हुए X पर लिखा, 'भारत में ZEE5 से 'सतलज' को मनमाने ढंग से हटाए जाने से मैं स्तब्ध और दुखी हूं। यह सशक्त फिल्म, जो पंजाब के दर्दनाक इतिहास को साहसपूर्वक उजागर करती है और एस. जसवंत सिंह जी खालरा के सर्वोच्च बलिदान को श्रद्धांजलि अर्पित करती है, उसे इस तरह चुप नहीं कराया जा सकता। यह केवल सेंसरशिप नहीं है, यह हमारी सामूहिक स्मृति, सत्य और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला है। मैं इस कदम की कड़ी निंदा करता हूं। पंजाब को अपने अतीत का ईमानदारी से सामना करने का अधिकार है, दमन का नहीं।' यह सशक्त फिल्म, जो पंजाब के दर्दनाक इतिहास को साहसपूर्वक उजागर करती है और एस जसवंत सिंह जी खालरा के सर्वोच्च बलिदान को श्रद्धांजलि अर्पित करती है, उसे इस तरह चुप नहीं कराया जा सकता। यह केवल सेंसरशिप नहीं है, यह हमारी सामूहिक स्मृति, सत्य और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला है। रणवीर शौरी ने यूं जाहिर किया गुस्सा रणवीर शौरी ने भी गुस्सा निकालते हुए X पर लिखा, 'यह सुनकर बहुत निराशा हुई कि 'सतलज' को हटा दिया गया है। मैं इसे देखने का इंतजार कर रहा था। जिस देश का इतिहास और विरासत कहानियों से सीखने का रहा है, वहां न जाने क्यों हम कहानियों को दबाने या खत्म करने वाले कल्चर को बढ़ावा देते रहते हैं।' मैं इसे देखने का इंतजार कर रहा था। जिस देश का इतिहास और विरासत कहानियों से सीखने का रहा है, वहां न जाने क्यों हम कहानियों को दबाने या खत्म करने वाले कल्चर को बढ़ावा देते रहते हैं। पहले फिल्म के बारे में जानिए…     मानवाधिकार कार्यकर्ता पर आधारित, 2022 में बननी शुरू हुई: मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के नाम पर 2022 में फिल्म बनाने की घोषणा की। फिल्म का शुरुआती नाम 'घल्लूघारा' रखा गया था, जिसका अर्थ 'नरसंहार' होता है। फिल्म की शूटिंग पंजाब के विभिन्न हिस्सों, खासकर अमृतसर में पूरी हुई। अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने जसवंत सिंह खालड़ा की भूमिका निभाने के लिए अपने लुक और शारीरिक बनावट में बदलाव किया।     सेंसर बोर्ड ने नाम बदलवाया: साल 2023 में फिल्म बनकर तैयार हो गई। इसके बाद इसे सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) के पास मंजूरी के लिए भेजा गया, तो बोर्ड ने फिल्म के टाइटल पर आपत्ति जताई और कई बदलाव तथा कट्स सुझाए। इसके बाद फिल्म का नाम बदलकर 'पंजाब 95' रखा गया।     127 कट लगाने को भी कहा: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, CBFC ने फिल्म में 127 कट्स और कई बदलाव सुझाए। इनमें कुछ ऐतिहासिक संदर्भों, स्थानों और पात्रों के नामों में बदलाव की मांग भी शामिल थी। हालांकि, CBFC ने सार्वजनिक रूप से इन सभी प्रस्तावित बदलावों का विस्तृत आधिकारिक विवरण जारी नहीं किया। भारत में सेंसर बोर्ड की मंजूरी नहीं मिलने के कारण फिल्म भारतीय सिनेमाघरों में रिलीज नहीं हो सकी।     विदेशों में रिलीज नहीं हो सकी: इसके बाद 7 फरवरी 2025 को इसे चुनिंदा देशों में रिलीज किया गया। इसके बाद साल 2023 में फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में हुआ, जहां इसकी कहानी और दिलजीत दोसांझ के अभिनय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली।     सिर्फ OTT पर रिलीज करने की छूट मिली: इसके बाद इसे OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज करने की छूट मिली। उसमें किसी तरह के कट नहीं लगाए गए थे। 2 दिन के भीतर पंजाब में इस फिल्म को खूब देखा गया। जिसके बाद अचानक OTT प्लेटफॉर्म से फिल्म हट गई। इसके बारे में सिर्फ इतना कहा गया कि अगले आदेश तक फिल्म हटा दी गई है। फिल्म हटाने पर दिलजीत दोसांझ ने क्या कहा…     इंसानियत होती है, जो मर गई: फिल्म को हटाए जाने पर दिलजीत ने कहा कि मैं लोगों के मुंह की तरफ देखता हूं। एक इंसानियत होती है, लेकिन वह इंसानियत मर गई। कमाल है। फिल्म इंटरनेट से हट गई, इसलिए मैं उदास नहीं हूं। फिल्म तो लोगों तक पहुंच ही गई। अब वह कहीं नहीं जाने वाली। एक प्यार, इत्तेफाक और इंसानियत होती है, लेकिन लोगों का रवैया कमाल का है। बस इसी बात का थोड़ा दुख है।     मुझे पहले पता था ऐसा होना है: दिलजीत ने कहा- मुझे पहले से ही पता था कि ऐसा होना है। मैंने सोचा था कि अगर फिल्म दो-तीन दिन भी चल जाए तो हमारा काम हो जाएगा। इंटरनेट पर एक बार कोई चीज आ जाए, तो उसे पूरी तरह हटाना आसान नहीं होता। इनके सलाहकार … Read more

सोना-चांदी के दाम में बड़ा बदलाव! चांदी हुई सस्ती, जानें आज 10 ग्राम 24 कैरेट गोल्ड का लेटेस्ट रेट

नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतों (Gold-Silver Rate) में बीते सप्ताह तमाम उतार-चढ़ाव के बाद तेजी देखने को मिली थी, लेकिन सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर वायदा कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही दोनों कीमती धातुएं फिसल गईं. जहां सोना रेड जोन में ओपन होने के कुछ देर बाद रिकवरी मोड में नजर आया, तो अगले ही पल फिर से फिसल गया. हालांकि, चांदी में कारोबार बढ़ने के साथ गिरावट तेज होती दिखाई दी. 1 Kg Silver Price 1400 रुपये टूट गया और भाव में इस कमी के बाद अब वायदा चांदी अपने हाई लेवल से और भी ज्यादा सस्ती हो गई है।  Gold की बदली-बदली चाल   एमसीएक्स पर वायदा कारोबार की शुरुआत के साथ ही 4 सितंबर की एक्सपायरी वाली चांदी और 5 अगस्त की एक्सपायरी वाला सोना गिरावट के साथ ओपन हुआ. अपने पिछले बंद भाव 1,47,378 रुपये प्रति 10 ग्राम की तुलना में कीमती पीली धातु गिरावट के साथ 1,47,135 रुपये पर ओपन हुई और फिर गिरावट से उबरते हुए 1,47,509 तक उछली भी, लेकिन खबर लिखे जाने तक आधे घंटे के कारोबार के बाद ये फिर से रेड जोन में कारोबार कर रही थी।  चांदी की कीमत में गिरावट तेज जहां वायदा कारोबार में सोने की चाल ने हैरान किया, तो वहीं रेड जोन में खुलने के बाद वायदा चांदी का भाव फिसलता चला गया. MCX Silver Price देखें, तो बीते शुक्रवार के अपने बंद 2,37,410 रुपये की तुलना में सिल्वर प्राइस गिरावट के साथ खुला और कुछ देर में तेज गिरावट लेकर 2,36,001 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया. यानी एक झटके में चांदी 1409 रुपये सस्ती हो गई।  सोमवार को आई इस ताजा गिरावट के बाद वायदा कारोबार में सोना-चांदी की कीमतें अब अपने हाई लेवल से और भी ज्यादा कम हो गई है. बता दें कि साल के शुरुआती जनवरी महीने में Gold-Silver ने अपने सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए हाई लेवल छुआ था. सोना जहां पहली बार 2 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार निकला था, तो चांदी ने इतिहास रचते हुए 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर पार किया था. हालांकि, इसके बाद हाई से दोनों लगातार क्रैश होती नजर आईं।  बीते हफ्ते चमके थे सोना-चांदी  जहां नए सप्ताह की शुरुआत सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट के साथ हुई है. वहीं बता दें कि पिछले हफ्ते दोनों धातुओं के भाव उतार-चढ़ाव के बाद कुछ मिलाकर बढ़त में रहे थे. 26 जून को 10 Gram 24 Karat Gold का रेट 1,44,162 रुपये था, जो बीते शुक्रवार को 1,47,378 रुपये पर क्लोज हुआ था।  वहीं चांदी की बात करें, तो इसकी कीमत भी बीते सप्ताह बढ़ी थी और 26 जून के 2,23,472 रुपये प्रति किलो के बंद भाव की तुलना में बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को ये कीमती धातु 2,37,410 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।  (नोट- सोना-चांदी या गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ में किसी भी निवेश से पहले एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)

ब्राजील के बाहर होते ही टूटा नेमार का सपना, मैदान पर फूट-फूटकर रोए, फिर पत्नी के साथ भावुक पल हुए वायरल

नई दिल्ली  ब्राजील के दिग्गज फुटबॉल खिलाड़ी नेमार ने इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास लेने का एलान किया है। उन्होंने ये फैसला उनकी टीम के फीफा वर्ल्ड कप-2026 से बाहर होने के बाद लिया है। नॉर्वे ने सोमवार को ब्राजील को राउंड-16 के मैच में 2-1 से हराकर बड़ा उलटफेर कर दिया। इसी के साथ नेमार ने अपनी राष्ट्रीय टीम से न खेलने का फैसला किया। नेमार इस दौरान काफी भावुक दिखे।  किसी ने उम्मीद नहीं की थी कि नॉर्वे की टीम ब्राजील को हराकर वर्ल्ड कप से बाहर कर देगी। अपनी टीम की इस हार से नेमार टूट गए और उन्होंने संन्यास लेने का फैसला किया। ब्राजील के लिए इस मैच में एक मात्र गोल किसी ने किया तो वो नेमार ही रहे। उन्होंने पेनल्टी में गोल को तब्दील करते हुए टीम का खाता खोला, लेकिन उनकी टीम एक गोल से फिर भी पीछे रहे गई। 'मैंने बहुत कोशिश की' मैच के बाद नेमार ने कहा कि उन्होंने अपनी टीम को जीत दिलाने की काफी कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो सके। उन्होंने कहा, "मैंने कोशिश की। ये यहीं मेटलाइफ स्टेडियम से शुरू हुआ था और खत्म भी यहीं हो रहा है। अब सब खत्म हो चुका है।" नेमार ने ब्राजील के लिए अपना पहला मैच नौ अगस्त 2010 को अमेरिका के खिलाफ इसी स्टेडियम में खेला था। इस वर्ल्ड कप में पिंडली में चोट के कारण वह ब्राजील के पांच मैचों में से सिर्फ दो में ही खेल सके। नॉर्वे के खिलाफ भी वह काफी समय बेंच पर रहे और फिर मौका मिलने पर पेनल्टी पर गोल किया। दोनों ने एक-दूसरे को गले लगाया और नेमार ने पत्नी को किस किया. इस भावुक पल ने हार के गम के बीच दोनों के रिश्ते की मजबूती भी दिखाई. इसके बाद नेमार अपनी पत्नी के साथ मैदान से बाहर जाते नजर आए।    दिलचस्प बात यह रही कि नेमार का इंटरनेशनल करियर उसी स्टेडियम में खत्म हुआ, जहां से इसकी शुरुआत हुई थी. उन्होंने 10 अगस्त 2010 को अमेरिका के खिलाफ न्यू जर्सी के इसी स्टेडियम में ब्राजील के लिए डेब्यू किया था. अब 16 साल बाद उसी मैदान पर उन्होंने आखिरी बार ब्राजील की जर्सी पहनी।  मैच के बाद भावुक नेमार ने कहा- यहीं से मेरी शुरुआत हुई थी और यहीं सब खत्म हो गया. मैंने पूरी कोशिश की."उनके ये शब्द करोड़ों ब्राजीलियाई फैन्स के लिए बेहद भावुक पल बन गए।  नेमार को चोटों ने पूरे टूर्नामेंट में किया परेशान नेमार पूरे टूर्नामेंट के दौरान दाहिनी पिंडली (राइट काफ) की चोट से जूझते रहे. इसी वजह से वह ब्राजील के पांच में से सिर्फ दो मुकाबले खेल सके. ग्रुप स्टेज में स्कॉटलैंड के खिलाफ उन्हें सिर्फ 15 मिनट खेलने का मौका मिला था.नॉर्वे के खिलाफ भी नेमार बेंच से मैदान पर उतरे. मैच के इंजरी टाइम में उन्होंने पेनल्टी पर गोल कर ब्राजील की उम्मीदें जगाईं, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी. इससे पहले नॉर्वे के स्टार स्ट्राइकर एरलिंग हालैंड दो गोल दागकर ब्राजील को बड़ा झटका दे चुके थे. नेमार का गोल सिर्फ हार का अंतर कम कर सका।  हर वर्ल्ड कप में मिला दर्द नेमार का वर्ल्ड कप करियर शानदार प्रदर्शन और लगातार दिल टूटने वाली कहानियों से भरा रहा. 2014 वर्ल्ड कप में चोट के कारण वह निर्णायक मुकाबलों से बाहर हो गए थे. 2018 में ब्राजील क्वार्टर फाइनल से बाहर हुआ. 2022 में पेनल्टी शूटआउट में हार मिली और अब 2026 में टीम राउंड ऑफ-16 से ही बाहर हो गई।  ब्राजील के सबसे सफल गोल स्कोरर बनकर ली विदाई नेमार ने 16 साल तक ब्राजील की उम्मीदों का बोझ अपने कंधों पर उठाया. वह 129 इंटरनेशनल मैचों में 80 गोल के साथ ब्राजील के इतिहास के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बनकर विदा हुए. उनके जाने के साथ ही ब्राजील की टीम अब नए दौर में प्रवेश कर रही है.टीम के कप्तान  मार्किन्होस ने भी प्रशंसकों से युवा खिलाड़ियों का समर्थन करने की अपील की. उन्होंने कहा कि नई टीम को खुद को स्थापित करने के लिए समय और धैर्य की जरूरत होगी।  ऐसा रहा करियर नेमार ब्राजील के लिए इंटरनेशनल फुटबॉल में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी के तौर पर रिटायर हो रहे हैं। उन्होंने अपने देश के लिए कुल 130 इंटरनेशनल मैच खेले जिनमें 59 असिस्ट के साथ 80 गोल किए। अपने 16 साल के करियर में उन्होंने कई बार टीम को मुश्किल समय में जीत दिलाई। उन्होंने ब्राजील के लिए चार वर्ल्ड कप और दो ओलंपिक खेले। 2012 में उन्होंने ब्राजील के साथ ओलंपिक सिल्वर मेडल जीता और 2016 में गोल्ड मेडल नाम किया।  

वन, वन्यजीव और पर्यावरण कानूनों के प्रभावी पालन के लिए न्यायिक-प्रशासनिक समन्वय पर जोर

वन, वन्यजीव और पर्यावरण कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए न्यायिक एवं प्रशासनिक समन्वय ज़रूरी मध्यप्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी में दो दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न भोपाल मध्यप्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी (एमपीएसजेए), जबलपुर में 4 एवं 5 जुलाई को ‘वन, वन्यजीव और पर्यावरण कानूनों से जुड़े प्रमुख मुद्दे’ विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में वन विभाग के 15 वरिष्ठ अधिकारियों, 45 न्यायिक मजिस्ट्रेटों तथा 15 सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारियों (एडीपीओ) ने सहभागिता की। कार्यशाला का उद्देश्य वन, वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मामलों में न्यायिक एवं प्रशासनिक समन्वय को और अधिक सुदृढ़ बनाना था। प्रशिक्षण से वन अधिकारियों के कौशल का उन्नयन होगा, क्षेत्रीय कार्यों के निष्पादन में दक्षता बढ़ेगी तथा वन्यजीव अपराधों की प्रभावी विवेचना और डिजिटल साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने में सहायता मिलेगी। इससे न्यायालयों में शासन का पक्ष और अधिक सशक्त रूप से रखा जा सकेगा। कार्यशाला का शुभारंभ मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति आनंद पाठक ने किया। उद्घाटन सत्र में न्यायिक नवाचारों एवं संस्थागत समन्वय के माध्यम से प्रदूषण नियंत्रण तथा पर्यावरण न्याय को सुदृढ़ बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। इस अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक श्रीमती समिता राजोरा, मध्यप्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी के निदेशक उमेश पांडे, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (संरक्षण) मनोज अग्रवाल, मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पूर्व निदेशक हेमंत शर्मा सहित अनेक विशेषज्ञ उपस्थित रहे। न्यायमूर्ति आनंद पाठक ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति न्यायपालिका की संवेदनशील भूमिका एवं न्यायिक नवाचारों की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्ष 2017 से अब तक उनके न्यायिक आदेशों के माध्यम से लगभग 3,500 मामलों में वृक्षारोपण के निर्देश दिए गए, जिसके परिणामस्वरूप करीब 30 हजार पौधों का रोपण हुआ। उन्होंने बताया कि 129 मामलों में जमानत की विशेष शर्त के रूप में वाटर हार्वेस्टिंग कराने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सकारात्मक विचार के अंकुरण और जन-जागरूकता का भी माध्यम है। दो दिवसीय तकनीकी सत्रों में वन भूमि विवाद, जैव विविधता अधिनियम-2002, मध्यप्रदेश वन उपज अधिनियम, वन्यजीव फोरेंसिक तथा इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के महत्व जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से विचार-विमर्श किया। इसके साथ ही वन अपराधों की जांच, तलाशी, जब्ती तथा वन्यजीव अपराधों से संबंधित मामलों में शिकायत दर्ज करने की प्रक्रियाओं पर व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।  

अमृतसर में 11 किलो हेरोइन जब्त, पंजाब पुलिस का ड्रग्स माफिया पर बड़ा वार; तस्करी नेटवर्क खंगालने में जुटी जांच एजेंसियां

 अमृतसर पंजाब में नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना घरिंडा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब 11 किलो 960 ग्राम हेरोइन बरामद की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पंजाब को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर कार्रवाई करते हुए यह बड़ी खेप बरामद की गई। बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपए बताई जा रही है। तस्करी नेटवर्क की जांच शुरू पुलिस ने इस मामले में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे किस स्थान तक पहुंचाया जाना था। जांच एजेंसियां इस तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुट गई हैं। पुलिस का सख्त संदेश और जनता से अपील पंजाब पुलिस का कहना है कि राज्य में नशा तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है और किसी भी सूरत में नशे के कारोबार को पनपने नहीं दिया जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी और इस अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास किसी प्रकार की नशा तस्करी की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समाज को नशे के जाल से बचाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा सकें।  

CM डॉ. मोहन यादव बोले- ग्वालियर-चंबल क्षेत्र अब विकास की नई रफ्तार पकड़ेगा

ग्वालियर-चंबल क्षेत्र अब और तेज गति से बढ़ेगा आगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य सरकार पर्यटन विकास को दे रही नई दिशा  ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के लिए बेहद गौरव का विषय है कि आज शिवपुरी में डिफेंस सेक्टर के 2500 करोड़ रुपए के एक बड़े प्रोजेक्ट की शुरुआत होने जा रही है। यहां आज ही 211 करोड़ रुपये की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि पूजन भी हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार के समावेशी विकास लक्ष्यों और निजी क्षेत्र की भागीदारी से ग्वालियर-चंबल का यह पूरा क्षेत्र अब और तेज गति से आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर में स्थानीय मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार पर्यटन को प्रदेश की अर्थव्यवस्था और रोजगार का सशक्त आधार बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विशेष रूप से वन एवं प्राकृतिक पर्यटन की अपार संभावनाओं वाले क्षेत्रों में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलें और क्षेत्रीय विकास को गति मिले। उन्होंने कहा कि हम केवल पर्यटन सर्किट विकसित करने तक ही सीमित नहीं हैं, हरेक पर्यटन स्थल की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विशेषताओं के अनुरूप वहां समग्र विकास का प्रबंधन भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे टाइगर रिजर्व और प्राकृतिक धरोहर प्रदेश की बड़ी ताकत हैं, जिन्हें विश्वस्तरीय पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में चल रही केन–बेतवा नदी लिंक तथा पार्वती–कालीसिंध–चंबल नदी लिंक परियोजनाएं विकास की नई इबारत लिखेंगी। इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं से शिवपुरी सहित पूरे क्षेत्र में सिंचाई, पेयजल, उद्योग, पशुपालन और कृषि क्षेत्र को व्यापक लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पर्यटन, जल प्रबंधन और अधोसंरचना विकास को एकीकृत दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ा रही है, जिससे किसानों की समृद्धि, स्थानीय रोजगार और क्षेत्र के संतुलित विकास को नई गति मिलेगी।