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केंद्र का बड़ा फैसला: पेट्रोल निर्यात शुल्क ₹2.50 और डीजल पर घटकर ₹8.50 प्रति लीटर

  नई दिल्ली   केंद्र सरकार ने पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाला विंडफॉल टैक्स (एक्सपोर्ट ड्यूटी) बढ़ा दिया है, जबकि डीजल के निर्यात पर टैक्स में बड़ी कटौती की है. नई दरें 16 अक्टूबर से लागू हो गई हैं. पेट्रोल निर्यात पर टैक्स 50 पैसे से बढ़ाकर 2.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है. वहीं, डीजल निर्यात पर टैक्स 16 रुपये से घटाकर 8.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है. आम उपभोक्ताओं के लिए अहम बात यह है कि इस फैसले से घरेलू पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं होगा।  इस फैसले का मतलब घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ना नहीं है. सरकार ने निर्यात पर लगने वाले टैक्स में बदलाव किया है, न कि घरेलू इस्तेमाल के लिए बिकने वाले ईंधन पर लगने वाले टैक्स में. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों और तेल कंपनियों की लागत में बदलाव का असर आगे चलकर खुदरा कीमतों पर पड़ सकता है. सरकार के आदेश में इस बार पेट्रोल पर विंडफॉल टैक्स बढ़ाने और डीजल पर घटाने की अलग-अलग वजह स्पष्ट नहीं की गई है. हालांकि, निर्यात पर लगने वाली इन दरों की समीक्षा अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखकर की जाती है।  पेट्रोल-डीजल पर सरकार ने क्या बदला? सरकार ने गुरुवार देर रात जारी आदेश में पेट्रोल और डीजल के निर्यात पर लगने वाली ड्यूटी में बदलाव किया. नई दरों के मुताबिक पेट्रोल निर्यात पर टैक्स 0.50 रुपये से बढ़ाकर 2.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है. यानी टैक्स पांच गुना हो गया है. डीजल निर्यात पर टैक्स 16 रुपये से घटाकर 8.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है. यानी हर लीटर पर 7.50 रुपये की कटौती हुई है।  ये दोनों बदलाव विदेश भेजे जाने वाले पेट्रोल और डीजल पर लागू होंगे. इसका सीधा असर उन रिफाइनरी कंपनियों और कारोबारियों पर पड़ेगा जो पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात करते हैं. पेट्रोल पर टैक्स बढ़ने से निर्यात पर मिलने वाले मुनाफे में कमी आ सकती है, जबकि डीजल पर टैक्स घटने से निर्यात करने वाली कंपनियों को पहले के मुकाबले राहत मिलेगी। अब पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है? सिर्फ निर्यात टैक्स में बदलाव के कारण घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल महंगा होना जरूरी नहीं है. सरकार ने घरेलू इस्तेमाल के लिए पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर लगने वाली ड्यूटी में इस आदेश के तहत कोई बदलाव नहीं किया है. इसलिए नई निर्यात दरें लागू होने से पेट्रोल पंप पर कीमतें अपने आप नहीं बढ़ेंगी. भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें तय करने में अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमत, रुपये और डॉलर की विनिमय दर, कर और अन्य लागतों की भूमिका होती है।  सरकारी तेल कंपनियां इन परिस्थितियों के आधार पर कीमतों में बदलाव का फैसला करती हैं. अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल या तैयार पेट्रोल-डीजल महंगा होता है, रुपये की कीमत गिरती है या तेल कंपनियों की लागत बढ़ती है, तो कीमतों पर दबाव बन सकता है. दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय कीमतों में गिरावट से राहत की गुंजाइश भी बन सकती है. इसलिए इस समय यह कहना सही नहीं होगा कि सरकार के नए फैसले से पेट्रोल-डीजल के दाम जरूर बढ़ेंगे।  क्या है विंडफॉल टैक्स? विंडफॉल टैक्स का इस्तेमाल सरकार उन परिस्थितियों में अतिरिक्त कमाई पर कर लगाने के लिए करती है, जब कंपनियों को बाजार की असाधारण स्थितियों के कारण सामान्य से ज्यादा मुनाफा मिलने की संभावना होती है. ईंधन के मामले में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ने पर रिफाइनरी कंपनियों को विदेश में पेट्रोल और डीजल बेचने से ज्यादा कमाई हो सकती है. ऐसे समय सरकार निर्यात पर टैक्स लगाकर उस अतिरिक्त लाभ का एक हिस्सा हासिल करने की कोशिश करती है।  भारत ने पहली बार जुलाई 2022 में पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स लगाया था. करीब दो साल बाद दिसंबर 2024 में इसे हटा दिया गया. मार्च 2026 में अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच सरकार ने इसे फिर लागू किया. तब से इसकी दरों में बाजार की परिस्थितियों के हिसाब से बदलाव किया जा रहा है. सरकार पेट्रोल और डीजल के निर्यात पर लगने वाले टैक्स की समीक्षा हर पखवाड़े यानी लगभग 15 दिन में करती है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और तैयार पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में बदलाव के आधार पर दरें बढ़ाई या घटाई जा सकती हैं। 

योगी सरकार में खिलाड़ियों को सम्मान और नौकरी, ‘पदक लाओ, पद पाओ’ योजना का किया जिक्र

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि की षष्ठी तिथि की प्रदेशवासियों को बधाई दी। गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर और बलरामपुर के देवी पाटन धाम में कलश स्थापित करने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शारदीय और चैत्र नवरात्रि में व्रत रखते हैं। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समस्त बाधाओं और आसुरी प्रवृत्तियों का संहार करने वाली मां कात्यायनी नारीशक्ति के अदम्य साहस, अटूट संकल्प और अजेय पराक्रम का प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री ने आस्था, विकास व विरासत के जरिए राज्य में आए बदलाव से अवगत कराते हुए कहा कि प्रदेश में अब ‘पदक लाओ, पद पाओ’ के तहत खिलाड़ियों की सीधी भर्ती हो रही है। 2017 से पहले चारदीवारी में कैद थे बेटियों के सपने मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट कर प्रदेश में पिछली सरकार के कार्यकाल पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में भय और अराजकता का ऐसा माहौल था, जहां बेटियों के सपनों पर पहरे थे, हौसलों पर बंदिशें थीं और प्रतिभा अवसर के अभाव में दम तोड़ने को मजबूर थी। खेल के मैदान माफिया के कब्जे में थे, संसाधन नदारद थे और बेटियों की उड़ान को पंख देने के बजाय, उनके सपनों को चारदीवारी में कैद कर दिया गया था। प्रोत्साहन, उपलब्धियों को सम्मान और भविष्य को सुरक्षा सीएम योगी आदित्यनाथ ने ने बताया कि ओलंपिक, कॉमनवेल्थ एवं एशियन गेम्स के पदक विजेताओं को लाखों-करोड़ों के पुरस्कार और ‘पदक लाओ, पद पाओ’ के तहत सीधी भर्ती जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। सरकार खिलाड़ियों की प्रतिभा को प्रोत्साहन, उपलब्धियों को सम्मान और भविष्य को सुरक्षा प्रदान कर रही है। इस परिवर्तन की गूंज अंतरराष्ट्रीय खेल मंचों पर भी सुनाई दे रही है। एथलेटिक्स में पारुल चौधरी, प्रियंका गोस्वामी, प्राची चौधरी और अन्नू रानी, जूडो में अस्मिता डे, क्रिकेट में दीप्ति शर्मा और मेघना सिंह, हॉकी में वंदना कटारिया, कुश्ती में दिव्या काकरान ने कॉमनवेल्थ एवं एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। सुरक्षा व प्रोत्साहन से लिखी जा रही बदलाव की नई गाथा मुख्यमंत्री ने 2017 के बाद आए बदलाव को भी इंगित किया। कहा कि विगत साढ़े 9 वर्षों में प्रदेश में बदलाव की नई गाथा लिखी गई है। भय का स्थान सुरक्षा ने लिया है, उपेक्षा का स्थान प्रोत्साहन ने लिया है और संसाधनों के अभाव का स्थान खेल सुविधाओं के विस्तार ने लिया है। गांव के खेल मैदानों और ब्लॉक स्तरीय मिनी स्टेडियम से लेकर जिला स्तरीय स्टेडियम, मंडल स्तरीय स्पोर्ट्स कॉलेज तथा मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय तक, बेटियों को अपनी प्रतिभा निखारने का सशक्त आधार मिल रहा है।   लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि की षष्ठी तिथि की प्रदेशवासियों को बधाई दी। गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर और बलरामपुर के देवी पाटन धाम में कलश स्थापित करने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शारदीय और चैत्र नवरात्रि में व्रत रखते हैं। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समस्त बाधाओं और आसुरी प्रवृत्तियों का संहार करने वाली मां कात्यायनी नारीशक्ति के अदम्य साहस, अटूट संकल्प और अजेय पराक्रम का प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री ने आस्था, विकास व विरासत के जरिए राज्य में आए बदलाव से अवगत कराते हुए कहा कि प्रदेश में अब ‘पदक लाओ, पद पाओ’ के तहत खिलाड़ियों की सीधी भर्ती हो रही है। 2017 से पहले चारदीवारी में कैद थे बेटियों के सपने मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट कर प्रदेश में पिछली सरकार के कार्यकाल पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में भय और अराजकता का ऐसा माहौल था, जहां बेटियों के सपनों पर पहरे थे, हौसलों पर बंदिशें थीं और प्रतिभा अवसर के अभाव में दम तोड़ने को मजबूर थी। खेल के मैदान माफिया के कब्जे में थे, संसाधन नदारद थे और बेटियों की उड़ान को पंख देने के बजाय, उनके सपनों को चारदीवारी में कैद कर दिया गया था। प्रोत्साहन, उपलब्धियों को सम्मान और भविष्य को सुरक्षा सीएम योगी आदित्यनाथ ने ने बताया कि ओलंपिक, कॉमनवेल्थ एवं एशियन गेम्स के पदक विजेताओं को लाखों-करोड़ों के पुरस्कार और ‘पदक लाओ, पद पाओ’ के तहत सीधी भर्ती जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। सरकार खिलाड़ियों की प्रतिभा को प्रोत्साहन, उपलब्धियों को सम्मान और भविष्य को सुरक्षा प्रदान कर रही है। इस परिवर्तन की गूंज अंतरराष्ट्रीय खेल मंचों पर भी सुनाई दे रही है। एथलेटिक्स में पारुल चौधरी, प्रियंका गोस्वामी, प्राची चौधरी और अन्नू रानी, जूडो में अस्मिता डे, क्रिकेट में दीप्ति शर्मा और मेघना सिंह, हॉकी में वंदना कटारिया, कुश्ती में दिव्या काकरान ने कॉमनवेल्थ एवं एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। सुरक्षा व प्रोत्साहन से लिखी जा रही बदलाव की नई गाथा मुख्यमंत्री ने 2017 के बाद आए बदलाव को भी इंगित किया। कहा कि विगत साढ़े 9 वर्षों में प्रदेश में बदलाव की नई गाथा लिखी गई है। भय का स्थान सुरक्षा ने लिया है, उपेक्षा का स्थान प्रोत्साहन ने लिया है और संसाधनों के अभाव का स्थान खेल सुविधाओं के विस्तार ने लिया है। गांव के खेल मैदानों और ब्लॉक स्तरीय मिनी स्टेडियम से लेकर जिला स्तरीय स्टेडियम, मंडल स्तरीय स्पोर्ट्स कॉलेज तथा मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय तक, बेटियों को अपनी प्रतिभा निखारने का सशक्त आधार मिल रहा है।

वेस्टइंडीज के खिलाफ कुलदीप यादव को नहीं मिला मौका, अश्विन बोले- फैसले में कॉमन सेंस की कमी

नई दिल्ली  वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज के पहले दो मैचों के बाद कुलदीप यादव को प्लेइंग इलेवन से ड्रॉप कर दिया गया है। तीसरे और चौथे मैच में उनकी जगह तेज गेंदबाज प्रिंस यादव को खेलने का मौका मिला। लखनऊ में हुए सीरीज के पहले मैच में कुलदीप ने 33 रन देकर दो विकेट लिए थे। दूसरे मैच में वह महंगे रहे औऱ 53 रन खर्च कर दिए थे। इंदौर के बाद हैदराबाद में भी भारतीय टीम ने कुलदीप को नहीं खिलाया। आर अश्विन फैसले से हैरान भारतीय टीम के पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन कुलदीप यादव के बेंच पर बैठने से हैरान हैं। उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, 'यह काफी हैरान करने वाली बात है, क्योंकि ऐसे मैदान पर जहां कुछ उछाल मिलने की उम्मीद होती है, और मुझे पता है कि यह मैदान स्पिनरों के लिए हमेशा से बहुत मददगार नहीं रहा है, लेकिन वहां भी वेस्टइंडीज के बल्लेबाज उसकी गुगली और लेग-स्पिन को समझने में संघर्ष कर रहे हैं।' टीम मैनेजमेंट पर बोला हमला आर अश्विन उस तर्क पर सवाल उठाया जिसके तहत कुलदीप को उस विरोधी टीम के खिलाफ बाहर रखा गया, जिसे उनकी गेंदों की विविधता को समझने में मुश्किल हो रही थी। उन्होंने आगे कहा- अगर आप उनके खिलाफ कुलदीप को बाहर रख रहे हैं, तो इसमें थोड़ी कॉमन सेंस की कमी लगती है। यह काफी हैरान करने वाला है, क्योंकि मुझे लगता है कि उनकी मौजूदगी से 15-20 रनों का फर्क पड़ सकता था।' अश्विन ने माना कि तीसरे मैच में मैदान छोटा होने की वजह से कुलदीप को बाहर रखना ठीक था। उन्होंने कहा- मुझे हैरानी हुई। इंदौर में कुलदीप को नहीं चुना गया था और मैं अभी भी उस फैसले का सपोर्ट करूंगा क्योंकि मैं समझ सकता हूं कि वहां का मैदान छोटा है। लेकिन आप यह कहकर इसे एक मुद्दा बना रहे हैं कि रांची में भारत की हार कुलदीप की वजह से हुई। यह अपने आप में गलत है। कुलदीप यादव का रिकॉर्ड दमदार कुलदीप यादव टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में दुनिया के सबसे प्रभावशाली गेंदबाजों में एक हैं। सिर्फ 56 मैचों में वह 98 बल्लेबाजों को आउट कर चुके हैं। उनके पास सबसे तेज 100 विकेट लेने का भारतीय गेंदबाज बनने का भी मौका है। अर्शदीप सिंह ने 64 मैचों में 100 विकेट झटके थे। कुलदीप ने दो बार मैच में 5 विकेट लिए हैं तो उनकी इकोनॉमी 7.11 और औसत 14.2 का है। वह इस फॉर्मेट में लगभग हर 12वीं गेंद पर विकेट लेते हैं।

दुर्गा पूजा में पटना के कई रास्तों पर रोक, डाकबंगला से एयरपोर्ट तक बदलेगा ट्रैफिक प्लान

पटना बिहार की राजधानी पटना में दुर्गा पूजा के दौरान पंडाल घूमने और मां दुर्गा के दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले ट्रैफिक प्लान जरूर जान लें। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए यातायात पुलिस ने शहर के कई प्रमुख इलाकों में रूट बदलने का फैसला लिया है। यह व्यवस्था 17 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगी। पंडाल घूमने का प्लान है तो इन रास्तों पर रखें नजर पटना में डाकबंगला चौराहा, बेली रोड, आयकर गोलंबर, राजाबाजार फ्लाईओवर और अशोक राजपथ जैसे प्रमुख मार्गों पर यातायात नियंत्रित रहेगा। 17 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे से 20 अक्टूबर की रात 10 बजे तक या यातायात सामान्य होने तक विशेष व्यवस्था लागू रहेगी। ऐसे में घर से निकलने से पहले अपने गंतव्य तक पहुंचने का वैकल्पिक रास्ता जानना जरूरी होगा। डाकबंगला जाने वालों को बदलना होगा रास्ता डाकबंगला चौराहे के आसपास वाहनों की आवाजाही पर विशेष प्रतिबंध रहेगा। डाकबंगला चौराहे से कोतवाली तक दोनों तरफ वाहनों का परिचालन बंद रहेगा। न्यू डाकबंगला रोड से एसपी वर्मा रोड में भी वाहन नहीं जा सकेंगे। पूजा पंडालों की ओर जाने वाले लोगों को निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करना होगा। बेली रोड से एयरपोर्ट जाने वालों के लिए वैकल्पिक रूट सगुना मोड़ से पटना एयरपोर्ट की ओर जाने वाले छोटे वाहन रुकनपुरा और राजाबाजार ओवरब्रिज के नीचे जगदेव पथ से बीएमपी होते हुए जा सकेंगे। राजीवनगर और दीघा की ओर से आने वाले वाहनों के लिए भी वैकल्पिक रास्ते निर्धारित किए गए हैं। यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से निर्देशों का पालन करने की अपील की है। ट्रक, बस और मालवाहक वाहनों पर रहेगी रोक 17 से 20 अक्टूबर तक पटना नगर निगम क्षेत्र में मालवाहक वाहनों और यात्री वाहनों के परिचालन पर प्रतिबंध रहेगा। इसमें बस, ट्रक, ट्रैक्टर और टाटा 407 जैसे वाहन शामिल हैं। मेट्रो और अन्य निर्माण कार्यों से जुड़े भारी वाहनों पर 15 से 21 अक्टूबर तक रोक रहेगी। आपातकालीन वाहनों को नियमानुसार छूट दी जाएगी। पार्किंग की जगह तय, जाम से बचने के लिए करें तैयारी फ्रेजर रोड, वीरचंद पटेल पथ, जीपीओ गोलंबर से आर ब्लॉक चौराहे तक और पटना साइंस कॉलेज सहित निर्धारित स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। पटना सिटी में दोपहिया और छोटे वाहनों के लिए भी अलग पार्किंग स्थल तय किए गए हैं। दुर्गा पूजा के दौरान परेशानी से बचने के लिए वाहन चालक निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही इस्तेमाल करें और यातायात पुलिस के निर्देशों का पालन करें।  

डॉ. गुलाब सिंह किरार ‘दद्दा’ के जन्मदिन पर भव्य आयोजन, प्रतिभाशाली लोगों को किया सम्मानित

डॉ. गुलाब सिंह किरार ‘दद्दा’ का जन्मदिन धूम धाम से मनाया एवं प्रतिभाओं का किया सम्मान मुरैना  अखिल भारतीय किरार क्षत्रिय महासभा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मध्य प्रदेश अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व सदस्य, राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त आदरणीय डॉ. गुलाब सिंह किरार ‘दद्दा’ का जन्मदिन 14 अक्टूबर को मुरैना स्थित दया बैंक्वेट ए.वी. में बड़ी धूमधाम, उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। गंगा परिवार के तत्वावधान में आयोजित इस भव्य समारोह में मुरैना जिले सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए हजारों समाजबंधुओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, गणमान्य नागरिकों एवं शुभचिंतकों ने सहभागिता कर उन्हें जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित कीं। डॉ. गुलाब सिंह किरार ‘दद्दा’ मूलतः भिंड जिले के निवासी हैं। उनका जीवन समाजसेवा, सामाजिक एकजुटता एवं जनकल्याण के कार्यों के प्रति समर्पित रहा है। अखिल भारतीय किरार क्षत्रिय महासभा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा मध्य प्रदेश अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य के रूप में उन्होंने अपनी सेवाएँ दी हैं। उनके जन्मदिन के अवसर पर समाजबंधुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। समारोह में वक्ताओं ने उनके सामाजिक योगदान, अनुभव और मार्गदर्शन का उल्लेख करते हुए समाज के विकास एवं एकजुटता के लिए मिलकर कार्य करने पर जोर दिया। डॉ. गुलाब सिंह किरार ‘दद्दा’ के भिंड जिले से मुरैना आगमन के दौरान यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया। मलानपुर औद्योगिक क्षेत्र में कार्यकर्ताओं ने उनका आत्मीय अभिनंदन किया। इसके पश्चात ग्राम बरेठा में स्वागत किया गया। बनमोर औद्योगिक क्षेत्र में भी कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक उनका स्वागत किया। शुभहिम होटल पर भी उनका भव्य अभिनंदन हुआ। यात्रा मार्ग में अनेक स्थानों पर समाजबंधुओं एवं शुभचिंतकों ने पुष्पमालाओं और आत्मीयता के साथ उनका स्वागत कर जन्मदिन की शुभकामनाएँ दीं। इसके बाद डॉ. गुलाब सिंह किरार ‘दद्दा’ मुरैना स्थित दया बैंक्वेट हाल कार्यक्रम स्थल पर पहुँचे, जहाँ विभिन्न गाँवों और क्षेत्रों से आए अतिथियों ने उनका भव्य स्वागत किया। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, भोपाल, गुना सहित अनेक स्थानों से कार्यकर्ता एवं शुभचिंतक भी इस अवसर पर शामिल होने पहुँचे। बाक्स – प्रतिभाओं का सम्मान, समाजबंधुओं ने बढ़ाया उत्साह जन्मदिन समारोह के दौरान समाज की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस अवसर पर मनु चंद्रभान सिंह, राष्ट्रीय कवि रामावतार धाकड़, उदय राय धाकड़ एवं रमन धाकड़ का सम्मान किया गया। प्रतिभाओं का सम्मान कर उनके योगदान एवं उपलब्धियों को प्रोत्साहित किया गया। इस पहल को समाज की नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने और प्रतिभाओं को उचित पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना गया। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने सामाजिक एकता, शिक्षा, प्रतिभाओं के प्रोत्साहन तथा समाज के सर्वांगीण विकास के महत्व पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने समाजबंधुओं से आपसी सहयोग और समन्वय के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। समारोह में उपस्थित लोगों ने डॉ. गुलाब सिंह किरार ‘दद्दा’ के दीर्घ सामाजिक अनुभव एवं मार्गदर्शन को समाज के लिए उपयोगी बताते हुए उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की। इस भव्य समारोह में पूर्व सांसद अशोक अर्गल, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष केदार सिंह ‘बाबूजी’, राकेश यादव, मनोज पाल यादव, दिलीप यादव, विक्रम सिंह, संजीवनी हॉस्पिटल के संचालक डॉ. योगेंद्र यादव, दीवान सिंह, अशोक यादव, सत्यभान, प्रोफेसर नागेंद्र, राजेंद्र सिंह, ऋषि यादव, मानसिंह, बदन सिंह, राजपाल यादव एवं सत्यभान यादव सहित अनेक गणमान्य नागरिक, समाजसेवी और शुभचिंतक उपस्थित रहे। गंगा परिवार के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। समारोह में बड़ी संख्या में समाजबंधुओं की उपस्थिति ने सामाजिक एकजुटता, आपसी सद्भाव और सामूहिक सहभागिता का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित समाजबंधुओं ने ईश्वर से प्रार्थना की कि आदरणीय डॉ. गुलाब सिंह किरार ‘दद्दा’ सदैव स्वस्थ, प्रसन्न एवं दीर्घायु रहें तथा अपने अनुभव, मार्गदर्शन और सामाजिक योगदान से समाज को निरंतर नई दिशा प्रदान करते रहें। सभी ने उन्हें जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। अखिल भारतीय किरार क्षत्रिय महासभा, जिला शाखा नर्मदापुरम की ओर से भी डॉ. गुलाब सिंह किरार ‘दद्दा’ को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित की गईं।

रियाद, जेद्दा और दम्माम की फ्लाइट्स पर ब्रेक, Air India देगी यात्रियों को पूरा रिफंड

मुंबई  सऊदी अरब में बिगड़ते हालात को देखते हुए एअर इंडिया ने रियाद, दम्माम और जेद्दा आने और जाने वाली अपनी सभी उड़ानें 20 अक्टूबर तक रद्द कर दी हैं. एयरलाइन ने 16 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यह जानकारी दी. प्रभावित यात्रियों को पूरा रिफंड दिया जा रहा है. सऊदी अरब में हाल के हमलों से हवाई यातायात प्रभावित है और 10 अक्टूबर को रियाद एयरपोर्ट पर हुए हमले में एक भारतीय की मौत हुई थी।  एअर इंडिया ने कहा कि सऊदी अरब में बदलती स्थिति को देखते हुए ये उड़ानें 20 अक्टूबर तक रद्द रहेंगी. कंपनी घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रही है और सुरक्षित तरीके से परिचालन दोबारा शुरू करने के लिए हालात का लगातार आकलन कर रही है। एयरलाइन का कहना है कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है. उड़ानें रद्द होने से सऊदी जाने और वहां से भारत लौटने की योजना बना रहे यात्रियों को परेशानी हो सकती है।  इससे पहले सऊदी अरब में भारत के राजदूत विपुल ने वहां रह रहे भारतीयों के लिए वीडियो संदेश जारी किया था. उन्होंने नागरिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की निंदा की और कहा कि भारत इस मुश्किल समय में सऊदी जनता और नेतृत्व के साथ खड़ा है. उन्होंने मृतकों के परिवारों से संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।  राजदूत ने बताया कि मृतक भारतीय के परिवार से अधिकारी संपर्क में हैं. हमले में घायल 11 और भारतीयों की मदद के लिए अस्पताल प्रशासन और उनके परिवारों से बात की जा रही है।  राजदूत के मुताबिक रियाद एयरपोर्ट बंद होने से एअर इंडिया और इंडिगो ने उड़ानें रद्द की थीं. सऊदिया, फ्लाईनास और फ्लाईडील की उड़ानें उपलब्ध थीं. यात्री इनसे या पड़ोसी खाड़ी देशों के रास्ते जा सकते हैं, पर पहले उड़ान की स्थिति की पुष्टि कर लें. रियाद, दम्माम या जेद्दा के टिकटधारी एयरलाइन से रिफंड और दूसरे विकल्प पूछें।  दूतावास ने भारतीयों से शांत और सतर्क रहने को कहा है. हवाई हमले में खुले में न रहें, घर या सुरक्षित इमारत में रहें. हमलों की तस्वीरें या वीडियो सोशल मीडिया पर न डालें, क्योंकि यह सऊदी कानूनों का उल्लंघन हो सकता है. दूतावास, वाणिज्य दूतावास और आउटसोर्स सेवा प्रदाता काम कर रहे हैं, इसलिए पासपोर्ट जैसी सेवाओं के लिए संपर्क करें. उमरा यात्रियों के लिए 24 घंटे हेल्पलाइन जारी है. ताजा जानकारी के लिए एयरलाइन और आधिकारिक एडवाइजरी देखते रहें। 

पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल अस्पताल पहुंचे, विधायक रायमुनि भगत का जाना हाल

जशपुर विधायक  रायमुनि भगत का कुशलक्षेम जानने अस्पताल पहुंचे पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल विधायक  भगत से मुलाकात कर ली स्वास्थ्य की जानकारी, शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की रायपुर छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने आज रायपुर स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचकर जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत से मुलाकात की और उनका कुशलक्षेम जाना। इस दौरान मंत्री अग्रवाल ने विधायक श्रीमती भगत के स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा उनके शीघ्र एवं पूर्ण स्वस्थ होने की कामना की। मंत्री अग्रवाल ने विधायक श्रीमती भगत से  संवाद करते हुए उनके स्वास्थ्य के प्रति अपनी चिंता और संवेदनशीलता व्यक्त की। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि श्रीमती भगत जल्द से जल्द पूर्णतः स्वस्थ होकर अपने परिवार, शुभचिंतकों और क्षेत्र की जनता के बीच लौटें तथा पूर्व की भांति जनसेवा एवं क्षेत्र के विकास से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएं। पर्यटन मंत्री अग्रवाल ने कहा कि अग्रवाल ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के बीच आत्मीयता, सहयोग और संवेदनशीलता की भावना सार्वजनिक जीवन की महत्वपूर्ण विशेषता है। विधायक श्रीमती रायमुनि भगत जनसेवा के प्रति समर्पित जनप्रतिनिधि हैं। उन्होंने जशपुर क्षेत्र की जनता के प्रति उनके समर्पण और सक्रियता का उल्लेख करते हुए उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि माता रानी की असीम कृपा और आशीर्वाद से श्रीमती भगत को उत्तम स्वास्थ्य, नई ऊर्जा एवं दीर्घायु प्राप्त हो। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वे शीघ्र स्वस्थ होकर पुनः जनसेवा के अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगी। उन्होंने विधायक श्रीमती भगत के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं सुखमय जीवन की कामना की।

भय-उपेक्षा नहीं, अब सुरक्षा और प्रोत्साहन है यूपी की पहचान: मुख्यमंत्री

'पदक लाओ, पद पाओ’ के तहत खिलाड़ियों की सीधी भर्ती: मुख्यमंत्री नारीशक्ति के अदम्य साहस, अटूट संकल्प और अजेय पराक्रम का प्रतीक हैं मां कात्यायनी: मुख्यमंत्री भय-उपेक्षा नहीं, अब सुरक्षा और प्रोत्साहन है यूपी की पहचान: मुख्यमंत्री 2017 से पहले बेटियों के सपनों पर पहरे, हौसलों पर बंदिशें, अवसर के अभाव में दम तोड़ देती थी प्रतिभा: मुख्यमंत्री लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्रि की षष्ठी तिथि की बधाई दी। उन्होंने कहा कि समस्त बाधाओं और आसुरी प्रवृत्तियों का संहार करने वाली मां कात्यायनी नारीशक्ति के अदम्य साहस, अटूट संकल्प और अजेय पराक्रम का प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री ने आस्था, विकास व विरासत के जरिए राज्य में आए बदलाव से अवगत कराते हुए कहा कि प्रदेश में अब ‘पदक लाओ, पद पाओ’ के तहत खिलाड़ियों की सीधी भर्ती हो रही है।  2017 से पहले चारदीवारी में कैद थे बेटियों के सपने मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट कर पिछली सरकार के कार्यकाल पर निशाना साधा। कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में भय और अराजकता का ऐसा माहौल था, जहां बेटियों के सपनों पर पहरे थे, हौसलों पर बंदिशें थीं और प्रतिभा अवसर के अभाव में दम तोड़ने को मजबूर थी। खेल के मैदान माफिया के कब्जे में थे, संसाधन नदारद थे और बेटियों की उड़ान को पंख देने के बजाय, उनके सपनों को चारदीवारी में कैद कर दिया गया था। अब सुरक्षा, प्रोत्साहन से लिखी जा रही बदलाव की नई गाथा मुख्यमंत्री ने 2017 के बाद आए बदलाव को भी इंगित किया। कहा कि विगत साढ़े 9 वर्षों में प्रदेश में बदलाव की नई गाथा लिखी गई है। भय का स्थान सुरक्षा ने लिया है, उपेक्षा का स्थान प्रोत्साहन ने लिया है और संसाधनों के अभाव का स्थान खेल सुविधाओं के विस्तार ने लिया है। गांव के खेल मैदानों और ब्लॉक स्तरीय मिनी स्टेडियम से लेकर जिला स्तरीय स्टेडियम, मंडल स्तरीय स्पोर्ट्स कॉलेज तथा मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय तक, बेटियों को अपनी प्रतिभा निखारने का सशक्त आधार मिल रहा है। प्रतिभा को प्रोत्साहन, उपलब्धियों को सम्मान और भविष्य को सुरक्षा मुख्यमंत्री ने बताया कि ओलंपिक, कॉमनवेल्थ एवं एशियन गेम्स के पदक विजेताओं को लाखों-करोड़ों के पुरस्कार और ‘पदक लाओ, पद पाओ’ के तहत सीधी भर्ती जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। सरकार खिलाड़ियों की प्रतिभा को प्रोत्साहन, उपलब्धियों को सम्मान और भविष्य को सुरक्षा प्रदान कर रही है। इस परिवर्तन की गूंज अंतरराष्ट्रीय खेल मंचों पर भी सुनाई दे रही है। एथलेटिक्स में पारुल चौधरी, प्रियंका गोस्वामी, प्राची चौधरी और अन्नू रानी, जूडो में अस्मिता डे, क्रिकेट में दीप्ति शर्मा और मेघना सिंह, हॉकी में वंदना कटारिया, कुश्ती में दिव्या काकरान ने कॉमनवेल्थ एवं एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।

CM के OSD मामले में CBI की जांच तेज, तबादलों और भर्ती से जुड़े रिकॉर्ड तलब

 चंडीगढ़  मुख्यमंत्री भगवंत मान के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) राजबीर सिंह घुम्मन और अन्य लोगों से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) ने पंजाब सरकार से विभिन्न विभागों की फाइलें तलब की हैं। इनमें अधिकारियों के तबादलों और नियुक्तियों, सरकारी नीतियों, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, भर्तियों और हथियार लाइसेंस से जुड़े मामले शामिल हैं। सीबीआइ ने पांच आरोपितों को शुक्रवार को पूछताछ के लिए बुलाया है, जबकि घुम्मन अभी तक एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए हैं।पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के निर्देश पर सीबीआइ ने पांच अक्टूबर को राजबीर सिंह घुम्मन समेत छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। अन्य आरोपितों में नितिन गोहल, जितिन गोहल, डा रोमी महाजन, बीर देविंदर और खन्ना के कारोबारी आरएस नागरा शामिल हैं। इसके बाद एजेंसी ने कई स्थानों पर छापेमारी भी की थी। सीबीआइ ने 12 अक्टूबर को पंजाब सरकार को पत्र लिखकर विभिन्न विभागों से संबंधित रिकार्ड मांगा था। जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, कई विभागों ने जानकारी उपलब्ध करा दी है, जबकि कुछ विभाग अभी रिकॉर्ड जुटा रहे हैं। तबादलों से लेकर सरकारी परियोजनाओं तक जांच सीबीआइ ने वर्ष 2024 की खाद्यान्न श्रम एवं ढुलाई नीतियों और वर्ष 2023-24 तथा 2024-25 की तबादला नीतियों से संबंधित फाइलें मांगी हैं। इसके अलावा सरकार की ओर से अधिकारियों के तबादलों और तैनातियों से जुड़े फैसलों का रिकॉर्ड भी तलब किया गया है। एजेंसी वेरका की ओर से एसएपी साफ्टवेयर के उपयोग के लिए खरीदे गए लाइसेंस, एसएपी के साथ हुए समझौते की शर्तों और पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग में वितरकों को बदलने से जुड़े फैसलों की भी जांच कर रही है।पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के न्यू खन्ना सिटी एक्सटेंशन प्रोजेक्ट में हाईटेक डेवलपर्स एंड बिल्डर्स के कार्य से संबंधित रिकॉर्ड मांगा गया है। इसके अलावा ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथारिटी (गमाडा) से आरकेएम हाउसिंग लिमिटेड से जुड़ी फाइलें और चंडीगढ़ ग्रुप आफ कालेजेज को पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) की ओर से दी गई मंजूरी का रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में है। जीरकपुर स्थित एस्कान प्रिमेरा ग्रुप हाउसिंग परियोजना की फाइलें भी मांगी गई हैं। भर्तियों, नियुक्तियों और हथियार लाइसेंस पर नजर सीबीआइ ने पंजाब लोक सेवा आयोग के माध्यम से सहायक नगर योजनाकारों की भर्ती से संबंधित रिकॉर्ड और पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन विभाग के कुछ मामलों की फाइलें भी तलब की हैं। जांच एजेंसी ने मुख्यमंत्री कार्यालय में घुम्मन की ओएसडी के रूप में नियुक्ति से संबंधित फाइल भी मांगी है। इसके साथ ही जितिन कुमार गोहल उर्फ राजा को मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रोडक्शन मैनेजर के रूप में नियुक्त करने से संबंधित रिकॉर्ड भी जांचा जाएगा। एजेंसी ने पंजाब खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के चेयरमैन गगनदीप सिंह काकू अहलूवालिया और मुख्यमंत्री के एक अन्य ओएसडी डा रोमी राजा महाजन सहित कुछ लोगों के हथियार लाइसेंस आवेदनों से जुड़ी फाइलें भी मांगी हैं। ईडी की जांच में आए अधिकारियों से भी हो सकती है पूछताछ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में सरकारी नीतियों और फैसलों को कथित तौर पर प्रभावित करने या उनमें हेरफेर करने के आरोपों की पड़ताल की गई थी। सीबीआइ अब इस मामले में कुछ आइएएस और आइपीएस अधिकारियों से भी पूछताछ कर सकती है। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपितों के बीच कथित बातचीत और चैट के आधार पर कुछ अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आई है। घुम्मन को पिछले सप्ताह दो बार समन भेजे जाने के बावजूद वह एजेंसी के समक्ष पेश नहीं हुए। सीबीआइ ने उनके परिसर पर नोटिस चस्पा करने के साथ ई-मेल के जरिये भी नोटिस भेजे थे। मुख्यमंत्री भगवंत मान पहले कह चुके हैं कि उचित माध्यम से समन मिलने पर उनके ओएसडी जांच में शामिल होने के लिए तैयार हैं। सीबीआइ की प्राथमिकी को पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने प्राथमिकी पर रोक लगाने या जांच रोकने से इन्कार करते हुए सोमवार को एजेंसी को कोई कठोर कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया था। इसके बाद ईडी ने भी सीबीआइ की प्राथमिकी के आधार पर घुम्मन और उनके सहयोगियों के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया। सीबीआइ को चार दिसंबर तक हाई कोर्ट में जांच रिपोर्ट सौंपनी है।

झारखंड के स्कूलों की सूरत बदलने की तैयारी, 2027-28 से लागू होगी विकास योजना

चतरा  सरकारी विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विकास, रखरखाव और मरम्मत को लेकर तीन वर्षीय विकास योजना तैयार की जाएगी। इसके तहत वित्तीय वर्ष 2027-28 से अगले तीन वर्षों के लिए विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) को विद्यालय विकास योजना बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के परियोजना निदेशक शशि रंजन ने 25 सितंबर 2026 को इस संबंध में सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी सह जिला कार्यक्रम पदाधिकारी तथा जिला शिक्षा अधीक्षक सह अपर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को निर्देश जारी किया है। निर्देश के अनुसार, विद्यालय विकास योजना तैयार करने के साथ इसे ग्राम पंचायत विकास योजना में भी शामिल कराया जाना है। इसके लिए जिला स्तर के अधिकारियों को पंचायती राज विभाग के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा गया है, ताकि विद्यालयों की जरूरतों के अनुरूप विकास कार्यों को पंचायत की योजना में जगह मिल सके। विद्यालय विकास योजना के निर्माण एवं समेकन की प्रक्रिया चार चरणों में निर्धारित की गई है। विद्यालय स्तर पर एक से 10 अक्टूबर, संकुल स्तर पर 11 से 17 अक्टूबर, प्रखंड स्तर पर 21 से 26 अक्टूबर तथा जिला स्तर पर 27 से 31 अक्टूबर तक कार्य पूरा करने का कार्यक्रम तय किया गया है। संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी प्रविष्टियां पूरी करने का निर्देश दिया गया है। संकुल, प्रखंड और जिला स्तर की प्रविष्टियां निर्धारित लिंक के माध्यम से की जाएंगी। निर्देश में कहा गया है कि विद्यालय विकास योजना के माध्यम से स्कूलों की आधारभूत संरचना के रखरखाव और मरम्मत से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा सकती है। इसके लिए 14वें एवं 15वें वित्त आयोग की राशि का भी उपयोग किया जा सकता है। जिला शिक्षा अधीक्षक सह झारखंड शिक्षा परियोजना के अपर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी रामजी प्रसाद ने बताया कि कार्ययोजना बनाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।