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CM के OSD मामले में CBI की जांच तेज, तबादलों और भर्ती से जुड़े रिकॉर्ड तलब

 चंडीगढ़  मुख्यमंत्री भगवंत मान के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) राजबीर सिंह घुम्मन और अन्य लोगों से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) ने पंजाब सरकार से विभिन्न विभागों की फाइलें तलब की हैं। इनमें अधिकारियों के तबादलों और नियुक्तियों, सरकारी नीतियों, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, भर्तियों और हथियार लाइसेंस से जुड़े मामले शामिल हैं। सीबीआइ ने पांच आरोपितों को शुक्रवार को पूछताछ के लिए बुलाया है, जबकि घुम्मन अभी तक एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए हैं।पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के निर्देश पर सीबीआइ ने पांच अक्टूबर को राजबीर सिंह घुम्मन समेत छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। अन्य आरोपितों में नितिन गोहल, जितिन गोहल, डा रोमी महाजन, बीर देविंदर और खन्ना के कारोबारी आरएस नागरा शामिल हैं। इसके बाद एजेंसी ने कई स्थानों पर छापेमारी भी की थी। सीबीआइ ने 12 अक्टूबर को पंजाब सरकार को पत्र लिखकर विभिन्न विभागों से संबंधित रिकार्ड मांगा था। जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, कई विभागों ने जानकारी उपलब्ध करा दी है, जबकि कुछ विभाग अभी रिकॉर्ड जुटा रहे हैं। तबादलों से लेकर सरकारी परियोजनाओं तक जांच सीबीआइ ने वर्ष 2024 की खाद्यान्न श्रम एवं ढुलाई नीतियों और वर्ष 2023-24 तथा 2024-25 की तबादला नीतियों से संबंधित फाइलें मांगी हैं। इसके अलावा सरकार की ओर से अधिकारियों के तबादलों और तैनातियों से जुड़े फैसलों का रिकॉर्ड भी तलब किया गया है। एजेंसी वेरका की ओर से एसएपी साफ्टवेयर के उपयोग के लिए खरीदे गए लाइसेंस, एसएपी के साथ हुए समझौते की शर्तों और पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग में वितरकों को बदलने से जुड़े फैसलों की भी जांच कर रही है।पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के न्यू खन्ना सिटी एक्सटेंशन प्रोजेक्ट में हाईटेक डेवलपर्स एंड बिल्डर्स के कार्य से संबंधित रिकॉर्ड मांगा गया है। इसके अलावा ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथारिटी (गमाडा) से आरकेएम हाउसिंग लिमिटेड से जुड़ी फाइलें और चंडीगढ़ ग्रुप आफ कालेजेज को पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) की ओर से दी गई मंजूरी का रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में है। जीरकपुर स्थित एस्कान प्रिमेरा ग्रुप हाउसिंग परियोजना की फाइलें भी मांगी गई हैं। भर्तियों, नियुक्तियों और हथियार लाइसेंस पर नजर सीबीआइ ने पंजाब लोक सेवा आयोग के माध्यम से सहायक नगर योजनाकारों की भर्ती से संबंधित रिकॉर्ड और पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन विभाग के कुछ मामलों की फाइलें भी तलब की हैं। जांच एजेंसी ने मुख्यमंत्री कार्यालय में घुम्मन की ओएसडी के रूप में नियुक्ति से संबंधित फाइल भी मांगी है। इसके साथ ही जितिन कुमार गोहल उर्फ राजा को मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रोडक्शन मैनेजर के रूप में नियुक्त करने से संबंधित रिकॉर्ड भी जांचा जाएगा। एजेंसी ने पंजाब खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के चेयरमैन गगनदीप सिंह काकू अहलूवालिया और मुख्यमंत्री के एक अन्य ओएसडी डा रोमी राजा महाजन सहित कुछ लोगों के हथियार लाइसेंस आवेदनों से जुड़ी फाइलें भी मांगी हैं। ईडी की जांच में आए अधिकारियों से भी हो सकती है पूछताछ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में सरकारी नीतियों और फैसलों को कथित तौर पर प्रभावित करने या उनमें हेरफेर करने के आरोपों की पड़ताल की गई थी। सीबीआइ अब इस मामले में कुछ आइएएस और आइपीएस अधिकारियों से भी पूछताछ कर सकती है। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपितों के बीच कथित बातचीत और चैट के आधार पर कुछ अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आई है। घुम्मन को पिछले सप्ताह दो बार समन भेजे जाने के बावजूद वह एजेंसी के समक्ष पेश नहीं हुए। सीबीआइ ने उनके परिसर पर नोटिस चस्पा करने के साथ ई-मेल के जरिये भी नोटिस भेजे थे। मुख्यमंत्री भगवंत मान पहले कह चुके हैं कि उचित माध्यम से समन मिलने पर उनके ओएसडी जांच में शामिल होने के लिए तैयार हैं। सीबीआइ की प्राथमिकी को पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने प्राथमिकी पर रोक लगाने या जांच रोकने से इन्कार करते हुए सोमवार को एजेंसी को कोई कठोर कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया था। इसके बाद ईडी ने भी सीबीआइ की प्राथमिकी के आधार पर घुम्मन और उनके सहयोगियों के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया। सीबीआइ को चार दिसंबर तक हाई कोर्ट में जांच रिपोर्ट सौंपनी है।

झारखंड के स्कूलों की सूरत बदलने की तैयारी, 2027-28 से लागू होगी विकास योजना

चतरा  सरकारी विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विकास, रखरखाव और मरम्मत को लेकर तीन वर्षीय विकास योजना तैयार की जाएगी। इसके तहत वित्तीय वर्ष 2027-28 से अगले तीन वर्षों के लिए विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) को विद्यालय विकास योजना बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के परियोजना निदेशक शशि रंजन ने 25 सितंबर 2026 को इस संबंध में सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी सह जिला कार्यक्रम पदाधिकारी तथा जिला शिक्षा अधीक्षक सह अपर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को निर्देश जारी किया है। निर्देश के अनुसार, विद्यालय विकास योजना तैयार करने के साथ इसे ग्राम पंचायत विकास योजना में भी शामिल कराया जाना है। इसके लिए जिला स्तर के अधिकारियों को पंचायती राज विभाग के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा गया है, ताकि विद्यालयों की जरूरतों के अनुरूप विकास कार्यों को पंचायत की योजना में जगह मिल सके। विद्यालय विकास योजना के निर्माण एवं समेकन की प्रक्रिया चार चरणों में निर्धारित की गई है। विद्यालय स्तर पर एक से 10 अक्टूबर, संकुल स्तर पर 11 से 17 अक्टूबर, प्रखंड स्तर पर 21 से 26 अक्टूबर तथा जिला स्तर पर 27 से 31 अक्टूबर तक कार्य पूरा करने का कार्यक्रम तय किया गया है। संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी प्रविष्टियां पूरी करने का निर्देश दिया गया है। संकुल, प्रखंड और जिला स्तर की प्रविष्टियां निर्धारित लिंक के माध्यम से की जाएंगी। निर्देश में कहा गया है कि विद्यालय विकास योजना के माध्यम से स्कूलों की आधारभूत संरचना के रखरखाव और मरम्मत से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा सकती है। इसके लिए 14वें एवं 15वें वित्त आयोग की राशि का भी उपयोग किया जा सकता है। जिला शिक्षा अधीक्षक सह झारखंड शिक्षा परियोजना के अपर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी रामजी प्रसाद ने बताया कि कार्ययोजना बनाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। 

हिसार से सोहना-पलवल तक सड़क परियोजनाओं को मंजूरी, शहरों में घटेगा ट्रैफिक का दबाव

 पानीपत  हरियाणा के पांच शहरों में यातायात का दबाव कम करने के लिए बाईपास और बाहरी रिंग रोड बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हिसार, कुरुक्षेत्र-लाडवा, नारनौल, जींद और सोहना-पलवल बाईपास परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं पर करीब 9700 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सरकार का उद्देश्य शहरों के भीतर से गुजरने वाले यातायात का दबाव कम करना और लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री ने 12 सितंबर को चंडीगढ़ में आयोजित बैठक में एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों और कस्बों के बाहर रिंग रोड और राष्ट्रीय राजमार्ग विकसित करने की योजना पर चर्चा की। बैठक में केंद्र सरकार की नीति के अनुरूप राज्य की वित्तीय भागीदारी का मॉडल तैयार करने पर भी विचार किया गया। इसके लिए वित्त विभाग, लोक निर्माण विभाग और शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों की तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। हिसार और कुरुक्षेत्र बाईपास की डीपीआर तैयार हिसार बाईपास को एनएच-52 के हिसार-राजगढ़ रोड से हिसार-दिल्ली रोड और हिसार-कैथल रोड से जोड़ने की योजना है। इससे शहर में वाहनों की आवाजाही सुगम बनाने में मदद मिलेगी। कुरुक्षेत्र-लाडवा बाईपास की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली गई है। इस परियोजना पर जल्द काम शुरू करने की योजना है। नारनौल में 11, सोहना-पलवल में 24 किलोमीटर लंबी सड़क नारनौल में करीब 11 किलोमीटर लंबा सिटी बाईपास बनाया जाएगा। इसे एनएच-148बी से जोड़ा जाएगा। जींद में एनएच-352 पर चार लेन की बाहरी रिंग रोड और बाईपास विकसित किया जाएगा। वहीं, एनएच-919 से सोहना-पलवल बाईपास को जोड़ने वाली सड़क का पुनर्निर्माण और नए सिरे से डिजाइन तैयार किया जाएगा। यह सड़क करीब 24 किलोमीटर लंबी होगी और चार लेन की बनाई जाएगी। करनाल और अंबाला में भी रिंग रोड पर काम सरकार ने डीएनडी-फरीदाबाद-बल्लभगढ़ बाईपास को केएमपी लिंक के माध्यम से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से जोड़ने की योजना भी बताई है। करनाल रिंग रोड के लिए भूमि हिस्सेदारी की राशि जमा कराई जा चुकी है। अंबाला शहर और अंबाला कैंट को जोड़ने वाली रिंग रोड का निर्माण भी जारी है, जिसे जल्द पूरा करने का लक्ष्य है। बैठक में सिरसा में सिविल स्टेशन रोड पर रेलवे अंडरपास के निर्माण सहित महेंद्रगढ़ क्षेत्र की कई सड़कों के कार्यों को भी मंजूरी दी गई।

पटना जंक्शन से GPO तक बदलेगी तस्वीर, मॉल और वेंडर मार्केट का होगा निर्माण

 पटना  पटना जंक्शन के आसपास की भीड़भाड़ और पुरानी दुकानों के बीच अब आधुनिक शहर की नई तस्वीर उभरेगी। महावीर मंदिर से जीपीओ गोलंबर तक फैले न्यू मार्केट को नए सिरे से विकसित करने की योजना को आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है। इसके तहत सात मंजिला पटना मॉल और वेंडरों के लिए तीन मंजिला मार्केट बनाया जाएगा। अगले साल निर्माण शुरू करने और तीन वर्ष में काम पूरा करने का लक्ष्य है। इससे न्यू मार्केट को नई पहचान मिलने के साथ खरीदारी और पार्किंग की सुविधाएं भी बेहतर होंगी। 12,812 वर्गमीटर जमीन पर फैले न्यू मार्केट के पुनर्विकास के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर नगर निगम को सौंप दी गई है। नेशनल एपेक्स कमेटी डीपीआर को मंजूरी दे चुकी है। अर्बन चैलेंज फंड (यूसीएफ) के तहत स्वीकृत इस योजना पर 590.05 करोड़ रुपये खर्च होंगे। राज्य में इस मिशन के तहत स्वीकृति पाने वाली यह पहली योजना है। दो हिस्सों में होगा न्यू मार्केट का विकास योजना के तहत मस्जिद से जीपीओ गोलंबर के बीच 39,990 वर्गमीटर में सात मंजिला पटना मॉल बनाया जाएगा। वहीं, महावीर मंदिर से मस्जिद के बीच 4,600 वर्गमीटर में तीन मंजिला वेंडर मार्केट विकसित होगा। पटना मॉल में होटल, कार्यालय, मल्टीप्लेक्स, गेम जोन और बड़े ब्रांड के शोरूम होंगे। इससे लोगों को खरीदारी के साथ मनोरंजन की सुविधाएं भी मिलेंगी। 590 करोड़ की योजना, तीन स्तरों से जुटेगी राशि 590.05 करोड़ की योजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत पूरा किया जाएगा। इसकी कुल लागत का 50 प्रतिशत हिस्सा बाजार आधारित वित्तीय संसाधनों से जुटाया जाएगा। वहीं, 25 प्रतिशत राशि राज्य सरकार और 25 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार देगी। नगर निगम प्रशासन के अनुसार, निर्माण का काम इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) मोड में होगा। इसके तहत डिजाइन तैयार करने, निर्माण सामग्री जुटाने और भवन बनाने से लेकर तैयार परियोजना सौंपने तक की जिम्मेदारी एक ही कंपनी की होगी। इसी कंपनी से 50 प्रतिशत राशि जुटाई जाएगी। पुरानी 400 दुकानों को हटाने से पहले होगी बातचीत आजादी से पहले बना न्यू मार्केट समय के साथ पुराना और जर्जर हो चुका है। वर्तमान में यहां करीब 400 दुकानें हैं। नए निर्माण के लिए पुराने भवन को तोड़ा जाएगा। इससे पहले नगर निगम प्रशासन दुकानदारों और अन्य संबंधित पक्षों से बातचीत करेगा। योजना का उद्देश्य वेंडरों को व्यवस्थित जगह उपलब्ध कराने के साथ बाजार को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना है। पार्किंग की सुविधा, सड़क को अतिक्रमण से मिलेगी राहत योजना में 15,694 वर्गमीटर क्षेत्र में पार्किंग की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। इससे बाजार आने वाले लोगों को वाहन खड़ा करने में सहूलियत होगी। वहीं, पटना जंक्शन गोलंबर से जीपीओ गोलंबर के बीच सड़क पर वेंडरों के अतिक्रमण से राहत मिलने की उम्मीद है। व्यवस्थित वेंडर मार्केट बनने से दुकानदारों को निर्धारित जगह मिलेगी और सड़क पर आवागमन सुगम हो सकेगा। सात मंजिला पटना मॉल में होंगी ये सुविधाएं फ्लोर     क्षेत्रफल (वर्गमीटर)     सुविधाएं बेसमेंट 2     7847             पार्किंग बेसमेंट 1     7847              पार्किंग ग्राउंड फ्लोर     6465     रिटेल शॉप पहली मंजिल     5053     रिटेल शॉप दूसरी मंजिल     5053     रिटेल शॉप तीसरी मंजिल     5053     मल्टीप्लेक्स और फूड कोर्ट चौथी मंजिल     4593     मल्टीप्लेक्स और गेम जोन पांचवीं मंजिल     4591     ऑफिस और होटल छठी मंजिल     4591     ऑफिस और होटल सातवीं मंजिल     4591     ऑफिस और होटल तीन मंजिला वेंडिंग जोन में होंगी ये सुविधाएं फ्लोर           क्षेत्रफल (वर्ग मीटर)     सुविधाएं (वेंडरों के लिए) ग्राउंड फ्लोर     1150                      दुकान पहली मंजिल     1150                      दुकान दूसरी मंजिल     1150                       दुकान तीसरी मंजिल     1150                        दुकान     44,590 वर्गमीटर में दोनों भवनों का होगा निर्माण     39,990 वर्गमीटर में सात मंजिला पटना मॉल बनेगा     4,600 वर्गमीटर में तीन मंजिला वेंडर मार्केट बनेगा     15,694 वर्गमीटर में पार्किंग का निर्माण होगा न्यू मार्केट के पुनर्विकास से होंगे 12 बड़े बदलाव     पीपीपी मॉडल से निजी निवेश और आधुनिक सुविधाओं का विकास होगा।     निर्माण, होटल, शोरूम और अन्य सेवाओं में रोजगार बढ़ेगा।     रेल, मेट्रो, बस, ऑटो और पैदल आने-जाने की सुविधा बेहतर होगी।     चौड़े फुटपाथ, छायादार जगह और सुरक्षित क्रासिंग बनेंगी।     व्यवस्थित पार्किंग और बेहतर यातायात प्रबंधन से भीड़ घटेगी।     दुकानदारों के लिए व्यवस्थित वेंडर मार्केट और जरूरी सुविधाएं होंगी।     हरियाली, वर्षा जल संचयन और ऊर्जा बचाने वाली सुविधाओं पर जोर होगा।     रैंप, लिफ्ट और अन्य सुविधाओं से सभी के लिए पहुंच आसान होगी।     किराया, पार्किंग शुल्क, विज्ञापन और संपत्ति कर से निगम का राजस्व बढ़ेगा।     पुराने बाजार की जगह आधुनिक व्यावसायिक क्षेत्र विकसित होगा।     नए मॉल से स्थानीय कारोबार और शहर की पहचान मजबूत होगी।     आसपास के क्षेत्र में विकास के साथ संपत्ति के मूल्य में वृद्धि हो सकती है।  

चेन्नई में 15 साल की लड़की के परिवार का आरोप, TVK नेता ने शादी के बदले मांगे 25 लाख रुपये

चेन्नई चेन्नई में तमिल वेट्री कळघम (टीवीके) के एक पदाधिकारी पर 15 साल की नाबालिग के यौन शोषण का आरोप लगा है. परिवार का कहना है कि शादी का वादा कर शोषण किया गया, फिर शादी के बदले 25 लाख रुपये नकद मांगे गए. फोटो मॉर्फ करने की धमकी का भी आरोप है. मां ने रॉयपुरम ऑल वीमेन पुलिस स्टेशन में शिकायत दी है और मुख्यमंत्री विजय से इंसाफ की मांग की है।  आरोपी त्यागु कासिमेडु के वार्ड 50 में टीवीके का पदाधिकारी बताया गया है. मां के मुताबिक वे उसे 11 साल से जानती हैं और दोनों भाई बहन की तरह रहे. बेटी के बड़े होने पर हुए समारोह में उसने मामा की जगह भी निभाई।  लड़की को मॉडलिंग का शौक है. आरोप है कि त्यागु उसे फोटो खिंचवाने के बहाने पुदुचेरी ले गया. रिश्तेदार होने की वजह से मां भी साथ थीं. जब मां खाना लेने बाहर गईं, तब उसने नाबालिग का यौन उत्पीड़न किया।  मां का कहना है कि दो साल पहले त्यागु ने शादी की बात की थी और उन्होंने हामी भरी थी. करीब तीन महीने पहले कुछ गड़बड़ का शक हुआ, तो उन्होंने बेटी से पूछा. वह रोते हुए बोली कि "शादी मैं ही करूंगा" कहकर त्यागु ने संबंध बनाए. मां का आरोप है कि वह पहले भी एक बार ऐसा कर चुका था और गोलियां लाकर दी थीं।  मां के फोन करने पर त्यागु ने शादी की बात दोहराई. वे उसकी बहन अर्चना और उनके पति गणेश से भी मिलीं. बाल कल्याण संगठन के जरिए शिकायत होने पर त्यागु परिवार के साथ आने को राजी हुआ. थाने में बात लिखवाने की चर्चा हुई, पर उन्हें कुछ न लिखने को कहा गया. दो तीन साल बाद शादी करने और सगाई आपसी सहमति से बदलने पर बात बनी, तो परिवार ने शिकायत वापस ले ली।  अब परिवार के मुताबिक त्यागु सगाई से पीछे हट गया है. पहले उसने 15 लाख रुपये मांगे थे, अब 25 लाख रुपये नकद पहले मांग रहा है. शनिवार रात तक बेटी से बात करने वाला त्यागु अब फोन नहीं उठाता और मिलने से भी बच रहा है. मना करने पर तस्वीरें मॉर्फ कर गलत इस्तेमाल की धमकी भी दी गई. परेशान मां रोते हुए थाने पहुंचीं और शिकायत दी. माता पिता ने पुलिस और मुख्यमंत्री से मामले का हल निकालने की अपील की है। 

सचिन पायलट-परगट सिंह की जोड़ी संभालेगी पंजाब में चुनावी कमान, मानसा से अभियान शुरू

 चंडीगढ़  पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर कांग्रेस अब जमीन पर सक्रिय होने जा रही है। प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट और नवनियुक्त अध्यक्ष परगट सिंह प्रदेश के विभिन्न जिलों का दौरा कर राजनीतिक माहौल, संगठन की स्थिति और जनता के मुद्दों का जायजा लेंगे। 16 से 20 अक्टूबर तक प्रस्तावित इस दौरे को कांग्रेस की चुनावी रणनीति की शुरुआती कड़ी माना जा रहा है। दोनों नेता जमीनी स्तर से फीडबैक जुटाकर पार्टी नेतृत्व को रिपोर्ट देंगे। इसके बाद राहुल गांधी के पंजाब दौरे की रूपरेखा तैयार होने की उम्मीद है। जानकारी के अनुसार, सचिन पायलट 16 अक्टूबर को दिल्ली से चंडीगढ़ पहुंचेंगे और वहां से मानसा के लिए रवाना होंगे। हालांकि, फिलहाल उनके शुरुआती दो दिनों का कार्यक्रम ही तय हुआ है। अगले तीन दिनों का कार्यक्रम फीडबैक और दौरे की परिस्थितियों के अनुसार अंतिम रूप दिया जाएगा। परगट सिंह भी उनके साथ विभिन्न जिलों में पहुंचकर संगठनात्मक तैयारियों और स्थानीय मुद्दों की जानकारी लेंगे। पायलट अपने दौरे की शुरुआत मानसा से करेंगे, जहां वह एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के खिलाफ लगाए गए धरने में शामिल होंगे। उसके बाद वह अलग-अलग जगहों पर जाकर गैंगस्टर पीड़ित परिवारों से मिलेंगे। पार्टी हाईकमान ने पायलट को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पंजाब में यदि कोई भी नेता गुटबाजी को बढ़ावा देता है, तो उसके खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाए। वहीं, वड़िंग गुट को शांत रखने के उद्देश्य से पायलट ने अपने पंजाब दौरे से ठीक एक दिन पहले राजा वड़िंग को फाइटर बताकर उनकी सराहना की। प्रधान पद से हटाए जाने के बाद राजा वड़िंग सचिन पायलट से खफा चल रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस के सार्वजनिक मंच से यह साफ कर दिया था कि वह सिर्फ राहुल गांधी को ही अपना नेता मानते हैं। वड़िंग गुट के नेता भी मुखर होकर उनके साथ खड़े हैं। हाईकमान को शक है कि कहीं पायलट के दौरे के दौरान वड़िंग गुट के नेता भी वैसा ही रुख न अपना लें, जैसा भूपेश बघेल के दौरे के समय चन्नी गुट के नेताओं ने अपनाया था। इसलिए, राहुल गांधी के दौरे से पहले पायलट ग्राउंड टेस्ट करेंगे। नशे के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा को मानसा में गोली मारे जाने की घटना के बाद नशे का मुद्दा फिर चर्चा के केंद्र में है। इस मामले को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध तेज हुआ है। 15 अक्टूबर को पंजाब बंद के आह्वान का असर भी देखने को मिला। ऐसे में कांग्रेस नेताओं के मानसा दौरे को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दौरे के दौरान नशे से प्रभावित परिवारों और उन परिवारों से मुलाकात की संभावना है, जिन्होंने नशे के कारण अपने बच्चों को खोया है। कांग्रेस इस मुद्दे पर जनता की नाराजगी, सरकार के खिलाफ उठ रहे सवालों और स्थानीय स्तर पर पार्टी की भूमिका का आकलन कर सकती है। गुटबाजी के बाद अब चुनावी तैयारी पर जोर पंजाब कांग्रेस में पिछले कुछ समय से चल रही गुटबाजी और नेतृत्व को लेकर खींचतान के बाद अब पार्टी चुनावी तैयारियों को गति देने की कोशिश में है। परगट सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद पार्टी नेतृत्व की प्राथमिकता संगठन को एकजुट करना और चुनाव से पहले उसकी जमीनी स्थिति मजबूत करना है। पायलट और परगट सिंह के बठिंडा, मानसा, मोगा, लुधियाना, जालंधर, कपूरथला, होशियारपुर, पठानकोट, गुरदासपुर और तरनतारन समेत विभिन्न जिलों में जाने की संभावना है। इन दौरों में स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं से बातचीत के साथ जनता के प्रमुख मुद्दों का आकलन किया जाएगा। राहुल गांधी के दौरे से पहले होगा होमवर्क कांग्रेस नेतृत्व पंजाब में चुनावी अभियान को आगे बढ़ाने से पहले जमीनी स्थिति समझना चाहता है। पायलट और परगट सिंह का फीडबैक इसी दिशा में अहम माना जा रहा है। इसके आधार पर पार्टी की प्राथमिकताएं, संगठनात्मक कमजोरियां और चुनावी रणनीति तय करने में मदद मिलेगी। अब नजर इस बात पर रहेगी कि पांच दिन के इस प्रस्तावित अभियान से कांग्रेस को कितना ठोस फीडबैक मिलता है और पार्टी उसे चुनावी रणनीति में किस तरह बदलती है। राहुल गांधी के संभावित पंजाब दौरे से पहले यह कवायद कांग्रेस के लिए अपनी तैयारियों को परखने का महत्वपूर्ण मौका होगा। पंजाब दौरे से पहले सचिन पायलट ने वड़िंग के बारे में ये अहम बातें कहीं     फाइटर और ऊर्जावान युवा नेता: सचिन पायलट ने राजा वड़िंग की राजनीतिक क्षमता और कार्यशैली की जमकर तारीफ की। उन्होंने वड़िंग को एक सच्चा फाइटर, ऊर्जावान व मेहनती युवा नेता बताया। पायलट के अनुसार, वड़िंग के काम में कभी उत्साह और ऊर्जा की कमी नहीं दिखती। वह हमेशा जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं से जुड़े रहते हैं और किसी भी कठिन परिस्थिति से पीछे नहीं हटते। पायलट ने कहा कि वड़िंग में संघर्ष करने की अद्भुत क्षमता है।     20 साल पुराना व्यक्तिगत व राजनीतिक संबंध: सचिन पायलट ने वड़िंग के साथ अपने पुराने संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि वह उन्हें पिछले 20 वर्षों से जानते हैं। जब दोनों ने यूथ कांग्रेस के दौर से राजनीति की शुरुआत की थी, तभी से वे एक-दूसरे के काम करने के तरीके से भली-भांति परिचित हैं। पायलट ने स्पष्ट किया कि वड़िंग के साथ उनका संबंध महज हालिया राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि दशकों पुराना है। इसी वजह से वह वड़िंग की क्षमताओं, निष्ठा और सांगठनिक कौशल को बहुत करीब से पहचानते हैं।     चुनौतीपूर्ण समय में संगठन को संभाला: पायलट ने उस कठिन समय को याद किया जब पंजाब में कांग्रेस राजनीतिक संकट से गुजर रही थी और पार्टी के पास केवल 15-16 विधायक ही रह गए थे। उसी दौर में राजा वड़िंग ने प्रदेश अध्यक्ष की कमान संभाली थी। उस चुनौतीपूर्ण समय में वड़िंग ने लगातार 4 साल से अधिक समय तक बिना थके मेहनत की। उन्होंने राज्य के कोने-कोने में जाकर कार्यकर्ताओं को दोबारा एकजुट किया और संगठन में नई जान फूंकने का काम किया।     आगामी पंजाब चुनावों में बेहद अहम भूमिका: प्रदेश अध्यक्ष पद से हटने के बावजूद सचिन पायलट ने साफ किया कि राजा वड़िंग की प्रासंगिकता कम नहीं हुई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आने … Read more

CJP प्रोटेस्ट मामले में CJI की टिप्पणी, कारोबार और आजीविका प्रभावित हुई तो मुआवजे पर विचार

 नई दिल्ली दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल निर्देश जारी करने से इनकार कर दिया है. यह प्रदर्शन कनॉट प्लेस के पास होना है. सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सभी पक्षों पर बेहतर समझ होगी. उन्होंने छोटे दुकानदारों की आजीविका का जिक्र करते हुए कहा कि इन दिनों की कमाई से उनके परिवार चलते हैं और कोर्ट उन मुश्किलों को समझता है, जिनका सामना उन्हें करना पड़ सकता है. इस दौरान कोर्ट ने मुआवजे पर आदेश जारी करने की बात भी की।  कोर्ट ने यह भी कहा कि दिल्ली हाई कोर्ट पहले ही इस मामले पर सुनवाई कर रहा है. जस्टिस बागची ने कहा कि ये सभी याचिकाएं एक-दूसरे से जुड़ी हैं. कोई प्रदर्शन करना चाहता है, कोई उसका विरोध कर रहा है और कोई कानून-व्यवस्था बनाए रखना चाहता है. कोर्ट ने संकेत दिया कि अगर कारोबार को नुकसान होता है, तो वह अपने संवैधानिक अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल कर सकता है।  NDMC ने सेंट्रल पार्क बंद किया, मुआवजे पर दे सकते हैं आदेश सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने बताया कि नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) ने देर रात सेंट्रल पार्क को बंद करने का आदेश जारी किया है. इसके चलते वहां कारोबार नहीं हो सकेगा और रेहड़ी-पटरी वालों समेत छोटे व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।  इस पर कोर्ट ने कहा कि अगर NDMC के आदेश से कारोबार का नुकसान होता है, तो वह इस मामले को देखेगा. जस्टिस बागची ने कहा कि अगर कोई कदम जरूरत से ज्यादा या अनुचित पाया जाता है, तो अदालत के पास सार्वजनिक कानून और मुआवजे से जुड़े कानून के तहत आदेश देने का अधिकार है।  26 अक्टूबर को फिर होगी सुनवाई मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि कारोबार या आजीविका के नुकसान का मुद्दा पार्क दोबारा खुलने के बाद उठाया जा सकता है. कोर्ट ने कहा कि अगर नुकसान होता है, तो इस पर 26 तारीख को बात रखी जा सकती है. मामले को 26 या 27 अक्टूबर के लिए सूचीबद्ध किया गया है।  इस तरह सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल प्रदर्शन के खिलाफ तत्काल आदेश जारी नहीं किया, लेकिन कारोबार और छोटे दुकानदारों की आजीविका को नुकसान होने पर मुआवजे के विकल्प पर विचार करने की बात कही है। 

झोटा मर्डर के बाद एक्शन में पंजाब सरकार, नशे पर लगाम लगाने के लिए CM मान की बैठक

जालंधर मुख्यमंत्री भगवंत मान आज फिल्लौर में युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान की समीक्षा करेंगे जिसमें सभी जिलों के एसएसपी, डीसी, डीएसपी व एसडीएम हिस्सा लेंगे। बैठक में मेडिकल नशों के दुरुपयोग पर सख्ती करने को लेकर अहम फैसले लिए जा सकते हैं, वहीं नशों तस्करों के नेटवर्क पर नकेल कसने के लिए प्रशासन और पुलिस की जवाबदेही तय की जाएगी।आम आदमी पार्टी पंजाब मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने बताया कि कुछ दिन पहले सीएम मान ने फिल्लौर में सभी एसएचओ के साथ भी बैठक की थी और अब वरिष्ठ अधिकारियों के साथ यह हाई लेवल बैठक बुलाई गई है।  बैठक में अब तक की परफॉर्मेंस की समीक्षा करने के साथ-साथ आगे की रणनीति और एक्शन प्लान पर विस्तार से चर्चा होगी जिसके तहत ही नशे के खिलाफ मुहिम को और भी तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नशों की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन और संबंधित विभागों को पूरी गंभीरता से काम करना होगा।  CM की मीटिंग को लेकर AAP के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने एक वीडियो भी जारी किया। इसमें कहा गया कि आने वाले एक हफ्ते में पंजाब में नशे के खिलाफ एक बड़ा बदलाव दिखने वाला है। पन्नू ने साफ किया कि सरकार नशे को लेकर कड़ा और बड़ा फैसला ले सकती है। विरोधी पार्टियां कांग्रेस, भाजपा, अकाली दल सहित वारिस पंजाब दे के नेता लगातार सरकार को नशे के मुद्दे पर घेर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि 2025 से चल रही पंजाब सरकार की 'युद्ध नशे विरुद्ध' मुहिम का अभी तक ग्राउंड पर कोई असर देखने को नहीं मिला है। झोटा मर्डर के बाद सरकार के मंत्री भी नशे को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देने से बच रहे हैं। सरकार के खिलाफ खड़ी हो रही लहर के चलते अब CM ने सीधे कमान संभाली है। पन्नू ने कहा कि मेडिकल नशों के गलत इस्तेमाल पर कहा कि कुछ नशों नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एडीपीएस) एक्ट के दायरे में आते हैं, जबकि कुछ नशे नहीं। ऐसे नशों को संबंधित कानूनी दायरे में शामिल करने के लिए केंद्र सरकार की भूमिका भी अहम है।  हालांकि पन्नू ने कहा कि मेडिकल नशों के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए खास निगरानी की भी जरूरत है। पंजाब सरकार इस मामले में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। शुक्रवार को प्रस्तावित बैठक के बाद इस दिशा में जरूरी कदम उठाए जाएंगे। मामले में एसआईटी से जुड़े सवाल पर पन्नू ने कहा कि फिलहाल पुलिस और एडीजीपी के निर्देशों के मुताबिक मामले में कार्रवाई की जा रही है। 1 मार्च 2025 को शुरू हुआ था युद्ध नशे विरुद्ध पंजाब सरकार की 'युद्ध नशे विरुद्ध' मुहिम 1 मार्च 2025 को CM भगवंत मान के निर्देश पर शुरू हुई थी। यह नशा तस्करी के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस वाला तलाशी अभियान है। 15 अक्टूबर 2026 तक इस मुहिम के लगभग 592 दिन पूरे हो चुके हैं। इसके तहत पंजाब के सभी 23 जिलों के पुलिस प्रमुख नशे की सूचना पर रेड करते हैं। वे इसे अपने इंस्टाग्राम और एक्स हैंडल पर प्रमोट करते हैं और नशे के खिलाफ की जाने वाली कार्रवाइयों, जिनमें तस्करों की गिरफ्तारी व घर गिराने की कार्रवाई शामिल है, को दिखाते हैं। सरकार का दावा- बड़ी मात्रा में नशा पकड़ा सरकार और पुलिस के दावों के अनुसार, अक्टूबर 2026 तक 85 हजार से ज्यादा नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। अक्टूबर 2026 तक करीब 64 हजार FIR दर्ज की जा चुकी हैं। अब तक की मुहिम में लगभग 4,200 किलो हेरोइन और 980 किलो अफीम बरामद की गई है। इसके अलावा भुक्की, गांजा, ICE, लाखों नशीली गोलियां और कैप्सूल तथा 20 करोड़ रुपए की ड्रग मनी बरामद की गई है। नशे की कमाई से बने मकानों पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई भी हुई है। जानें, कैसे नशे के मुद्दे पर घिरती गई AAP सरकार     BJP की पंजाब भर में रैली ने माहौल बनाया: BJP पंजाब ने 'नशा मुक्त पंजाब' स्लोगन के तहत 18 सितंबर को पठानकोट के माधोपुर से एक यात्रा शुरू की। करीब 13 दिनों तक चली इस यात्रा ने पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों को कवर किया और लगभग 4,000 किलोमीटर का सफर तय किया। इस दौरान बीजेपी नेताओं ने नशा पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और हर विधानसभा क्षेत्र में AAP सरकार को घेरा।     31 दिसंबर 2029 तक पंजाब से नशा मिटाने का वादा: 30 सितंबर को गृह मंत्री ने जालंधर के परागपुर में इस यात्रा का समापन किया और 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब से नशा मिटाने का वादा किया। इससे पंजाब में नशे को लेकर लोगों की आवाज उठने लगी। मानसा में मारे गए परविंदर झोटा के पिता ने भी सबसे पहले केंद्र सरकार और अमित शाह से ही आरोपियों पर कार्रवाई की अपील की।     कांग्रेस ने विधानसभा में उठाए सवाल: विधानसभा सत्र में कांग्रेस ने नशे के मुद्दे पर कई बार CM को घेरा। CM भगवंत मान की स्पीच के दौरान जुबान लड़खड़ाने और शराब पीकर आने के आरोप लगाए। विधानसभा में इस मुद्दे पर हंगामा हुआ और एल्कोमीटर से सभी के टेस्ट करवाने का दबाव बनाया गया।     सभी विधायकों पर गूंगे होने का आरोप लगाया: जालंधर कैंट के कांग्रेस विधायक और प्रदेश प्रधान परगट सिंह ने सभी विधायकों पर गूंगे होने का आरोप लगाया। पंजाब पुलिस का एक कर्मचारी अमृतसर में चिट्टे के साथ पकड़ा गया। बठिंडा में पंजाब पुलिस की एक कांस्टेबल भी चिट्टे के साथ पकड़ी गई। कांग्रेस और बीजेपी ने लगातार सोशल मीडिया पर नशा लेते और सड़कों पर जॉम्बी बने युवकों के वीडियो शेयर किए।     मोहनजीत, गुलजार और अब परविंदर झोटा, 3 मामले: 29 सितंबर को संगरूर में CM को काला झंडा दिखाने वाले मोहनजीत ने पुलिस पर थर्ड डिग्री टॉर्चर का आरोप लगाया। इस मामले को पूरे विपक्ष ने AAP सरकार के खिलाफ मुद्दा बनाया। मोहनजीत ने भी नशे के खिलाफ आवाज उठाई थी।     गुलजार सिंह को CM से नहीं मिलने दिया गया: संगरूर के दिड़बा में बेटे के नशा करने और इलाके में बिक रहे नशे की शिकायत लेकर गए गुलजार सिंह को CM से नहीं मिलने दिया गया। इससे परेशान होकर उन्होंने जहर खाकर खुदकुशी कर ली थी। … Read more

बेंगलुरु में भारत-वेस्टइंडीज के बीच टी20 सीरीज का आखिरी मुकाबला, जीत पर रहेगी नजर

नई दिल्ली  भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी20 सीरीज का आखिरी मुकाबला बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में होना है। यह सीरीज का सबसे निर्णायक मुकाबला होगा। 5 मैचों की सीरीज 2-2 से बराबर है। बेंगलुरु में भारत ने अपना आखिरी टी20 इंटरनेशनल मैच 2024 में खेला था। टीम की भिड़ंत अफगानिस्तान से हुई थी। उस मुकाबले को जीतने में रोहित शर्मा की कप्तानी वाली भारतीय टीम के पसीने छूट गए थे। दो सुपर ओवर के बाद निकला नतीजा भारतीय टीम ने पहले बैटिंग की और 4 विकेट पर 212 रन बनाए। 5वें ओवर में 22 रन पर 4 विकेट गिर चुके थे। इसके बाद कप्तान रोहित शर्मा ने शतक लगाया और 121 रन बनाकर नाबाद रहे। वहीं रिंकू सिंह ने 69 रनों की पारी खेली। दोनों के बीच 190 रनों की नाबाद साझेदारी हुई। अफगानिस्तान ने भी दमदार बैटिंग की। रहमनुल्लाह गुरबाज के साथ ही कप्तान इब्राहिम जादरान और गुलबदिन नईब ने फिफ्टी ठोकी। आखिरी गेंद पर अफगानिस्तान को जीत के लिए तीन रन चाहिए थे। उनके बल्लेबाज दो रन ही ले पाए और मैच टाई हो गया। अफगानिस्तान ने पहले सुपर ओवर में 16 रन बना दिए। रोहित शर्मा ने दो छक्के मारे लेकिन भारतीय टीम भी 16 रनों तक ही पहुंच पाई। दूसरे सुपर ओवर में भारत ने पहले बैटिंग की। टीम ने कुल 11 रन बनाए और सभी रोहित शर्मा के बल्ले से ही निकले। लेग स्पिनर रवि बिश्नोई ने तीन गेंदों पर एक रन देकर दो विकेट लिए और भारतीय टीम को जीत दिला दी। बेंगलुरु की पिच बल्लेबाजों के लिए जन्नत बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम की पिच हमेशा के बल्लेबाजी के लिए आसान रही है। आईपीएल 2026 की बात करें तो यहां 5 मैच खेले गए थे। इसमें 6 बार टीमों ने 200 से ज्यादा का स्कोर बनाया। दो बार 200 से ज्यादा का टारगेट चेज भी हुआ। सबसे बड़ा स्कोर 250 रनों का रहा। यहां की बाउंड्री भी काफी छोटी है और इसी वजह से गेंदबाज स्ट्रगल करते हैं।  

अयोध्या-चित्रकूट हाईवे में मिलीं गंभीर खामियां, अधिशासी अभियंता निलंबित

प्रयागराज   अयोध्या को चित्रकूट से जोड़ने वाले राम वन गमन मार्ग के निर्माण में लापरवाही पर शासन ने सख्ती दिखाते हुए अधिशासी अभियंता को निलंबित कर दिया था और अधीक्षण अभियंता पर प्रशासनिक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। निलंबन की कार्रवाई दैनिक जागरण में प्रकाशित खबरों पर 12 सितंबर को की गई थी। गुरुवार को कार्रदायी संस्था को एक साल के लिए डिबार कर दिया गया है। हाईवे की सड़क और सुरक्षात्मक कार्यों में खामियां मिलने पर अधिशासी अभियंता (राष्ट्रीय मार्ग) प्रयागराज रवींद्र पाल सिंह को निलंबित कर दिया गया है, जबकि अधीक्षण अभियंता (राष्ट्रीय मार्ग) प्रयागराज ओंकार भारतीय के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की गई है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) ने दिल्ली की ठेकेदार फर्म एसएंडपी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स को एक महीने के लिए अस्थायी रूप से निलंबित किया था। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-731ए के राम वन गमन मार्ग ग्रीनफील्ड हाईवे के पैकेज-दो के निरीक्षण में कई गंभीर खामियां सामने आई थीं। फ्लाईओवर के एप्रोच और गैप में गड़बड़ी मिली थी। इसके अलावा करीब डेढ़ किलोमीटर तक सड़क के किनारे की पटरी में दरारें थीं, जबकि लगभग 500 मीटर लंबाई में हाईवे के किनारे किए गए सुरक्षात्मक कार्य भी क्षतिग्रस्त पाए गए थे। निरीक्षण टीम ने माना कि अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता ने परियोजना के कार्यों की निगरानी में लापरवाही बरती और अपने पर्यवेक्षणीय दायित्वों का समुचित निर्वहन नहीं किया। इसके बाद सचिव लोक निर्माण विभाग दिव्य प्रकाश गिरि ने अधिशासी अभियंता को निलंबित करने और अधीक्षण अभियंता के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई के आदेश जारी किए गए।