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भागलपुर में 50 से अधिक शिक्षकों पर खतरा: शिक्षा विभाग ने सूची तैयार करने के दिए आदेश

भागलपुर  बिहार में तीसरे चरण की शिक्षक नियुक्ति (TRE-3) में 18 माह के डीएलएड (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन) के आधार पर नियुक्त शिक्षकों की सेवा समाप्त करने की प्रक्रिया तेजी से शुरू हो गई है। प्राथमिक शिक्षा निदेशक के सख्त निर्देश के बाद भागलपुर जिला शिक्षा विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है। विभाग ने साफ किया है कि विज्ञापन की शर्तों के अनुसार यह डिग्री अब मान्य नहीं होगी। एनआईओएस की डिग्री वाले शिक्षक निशाने पर शिक्षा विभाग के 7 दिसंबर 2023 के आदेश और शिक्षक नियुक्ति विज्ञापन संख्या 22/2024 की शर्तों के अनुसार, एनआईओएस (NIOS) से प्राप्त 18 माह की डीएलएड उपाधि विद्यालय अध्यापक पद के लिए वैध नहीं है। इसी आधार पर सभी जिलों को ऐसे शिक्षकों की सेवा तत्काल समाप्त करने का निर्देश दिया गया है। जिला शिक्षा विभाग ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEOs) को सूची सौंपने को कहा है। विज्ञापन की शर्तों के तहत बड़ा फैसला     तीसरे चरण (TRE-3) में बहाल हुए शिक्षकों में से जिन्होंने एनआईओएस (NIOS) से 18 महीने का डीएलएड किया है, उनकी सेवा समाप्त होगी।     शिक्षा विभाग के पुराने आदेश और विज्ञापन संख्या 22/2024 की शर्तों के तहत यह प्रशिक्षण अब विद्यालय अध्यापक पद के लिए मान्य नहीं है। प्रखंड स्तर पर सूची बनाने के निर्देश     प्राथमिक शिक्षा निदेशक के निर्देश पर भागलपुर जिला शिक्षा विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है।     सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यरत ऐसे शिक्षकों की भौतिक जांच कर जल्द से जल्द सूची सौंपने का आदेश दिया गया है। भागलपुर में 50 से अधिक शिक्षकों पर गाज प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यरत उन शिक्षकों का भौतिक सत्यापन कर जल्द ही अंतिम रिपोर्ट जिला मुख्यालय को उपलब्ध कराएंगे, जिन्होंने इस प्रशिक्षण के आधार पर नौकरी पाई थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अकेले भागलपुर जिले में ही 50 से अधिक शिक्षक इस बड़ी कार्रवाई की जद में आ सकते हैं, जिससे शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा है। राज्यभर में तीन हजार शिक्षकों की जाएगी नौकरी इस प्रशासनिक आदेश के बाद राज्य स्तर पर करीब तीन हजार शिक्षकों की नौकरी पर इसका सीधा और बड़ा असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। कोर्ट और विभाग के पुराने आदेशों का हवाला देते हुए अब इन शिक्षकों की छंटनी की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है, जिससे टीआरई-3 के तहत बहाल हुए अभ्यर्थियों की मुश्किलें बेहद बढ़ गई हैं।  

‘विकसित बिहार 2037’ का रोडमैप: सम्राट चौधरी ने नए आयोग के गठन की घोषणा की

पटना बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को कहा कि प्रदेश सरकार केंद्र के नीति आयोग की तर्ज पर एक आयोग गठित करेगी, जो राज्य के दीर्घकालिक विकास के लिए एक दृष्टिपत्र तैयार करेगा। उन्होंने यहां योजना एवं विकास विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, चौधरी ने राज्य की प्रमुख योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और उनके प्रभावी क्रियान्वयन एवं निगरानी के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे आयोग का गठन मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोग बिहार के दीर्घकालिक विकास के लिए रूपरेखा तैयार करेगा, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी करेगा, विभागों के बीच समन्वय को बेहतर बनाएगा और समय-समय पर नीति संबंधी सुझाव देगा। उन्होंने कहा कि योजना एवं विकास विभाग का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं होना चाहिए, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन, सतत मूल्यांकन और ठोस परिणाम सुनिश्चित करना भी होना चाहिए। नीति आयोग की तर्ज पर बिहार में आयोग चौधरी ने अधिकारियों को विधायकों और विधान पार्षदों के लिए एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल विकसित करने के निर्देश दिए, जिससे जनप्रतिनिधियों द्वारा संचालित योजनाओं की पारदर्शिता और निगरानी बेहतर हो सके। उन्होंने कब्रिस्तान घेराबंदी योजना के तहत संवेदनशील स्थलों की सूची तैयार करने और लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने का भी निर्देश दिया। जिला के लिए विशेष बजट प्रावधानों पर जोर मुख्यमंत्री ने जिला-विशिष्ट बजट योजना तैयार करने पर भी बल दिया, जो स्थानीय आवश्यकताओं, संसाधनों और संभावनाओं पर आधारित हो। उन्होंने कहा कि हमें वर्ष 2037 तक ‘विकसित बिहार’ का दीर्घकालिक विजन तैयार करना होगा, जब राज्य अपने गठन के 125 वर्ष पूरे करेगा।  

धामी सरकार का विजन 2035: इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश और आत्मनिर्भर उत्तराखंड पर फोकस

उत्तराखंड उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल के 5 साल पूरे कर लिए हैं. इस ऐतिहासिक मील के पत्थर पर उन्होंने राज्य के लिए एक बड़ा विजन सामने रखा है. मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य साल 2035 तक उत्तराखंड को पूरी तरह से एक विकसित और आत्मनिर्भर राज्य बनाना है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पांच साल पहले उन्हें देवभूमि की सेवा का मौका मिला था. तब से उनकी सरकार का सफर जनसेवा, सुशासन और समर्पण के सिद्धांतों पर ही आगे बढ़ रहा है. सीएम धामी ने बताया कि उत्तराखंड को डेवेलप करने के लिए बुनियादी ढांचे, निवेश और चौमुखी विकास पर खास ध्यान दिया जा रहा है. इस खास मौके पर मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश में एक विशेष कार्यक्रम की शुरुआत की. इस कार्यक्रम का नाम 'सेवा, सुशासन और समर्पण: जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' रखा गया है. सीएम धामी ने बनाए कई रिकॉर्ड पुष्कर सिंह धामी ने पहली बार 4 जुलाई 2021 को उत्तराखंड के 10वें मुख्यमंत्री के रूप में कमान संभाली थी. वो राज्य के इतिहास में पांच साल का कार्यकाल पूरा करने वाले दूसरे मुख्यमंत्री बन गए हैं. उनसे पहले सिर्फ कांग्रेस के नारायण दत्त तिवारी (2002-07) ही अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा कर पाए थे. इसके साथ ही धामी ने एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया है. वो उत्तराखंड में बीजेपी के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्री बन गए हैं. इससे पहले बीजेपी का कोई भी मुख्यमंत्री राज्य में पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर सका था. धामी साल 2021 में तीरथ सिंह रावत के इस्तीफे के बाद मुख्यमंत्री बने थे. इसके बाद 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने बीजेपी को दोबारा शानदार जीत दिलाई और दोबारा मुख्यमंत्री बने. हमारा लक्ष्य सिर्फ कार्यकाल पूरा करना नहीं: मुख्यमंत्री इस खास मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की जनता का आभार जताया. उन्होंने कहा, 'ये मील का पत्थर सिर्फ उत्सव मनाने का मौका नहीं है. ये उत्तराखंड को देश का बेस्ट स्टेट बनाने के हमारे अटूट संकल्प को और मजबूत करने का क्षण है. हमारा टारगेट सिर्फ सरकार का कार्यकाल पूरा करना नहीं है, बल्कि हमारा मकसद एक आत्मनिर्भर उत्तराखंड बनाना है. हम साल 2035 तक उत्तराखंड को एक पूर्ण विकसित राज्य में बदलने के लक्ष्य के साथ काम कर रहे हैं.' इस बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर, एजुकेशन, हेल्थ, पीने के पानी, सड़कें, कृषि, टूरिज्म, इंडस्ट्री, इन्वेस्टमेंट, स्वरोजगार और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास पर जोर दे रही है. उत्तराखंड को विकास योजनाओं की सौगात मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहयोग और मार्गदर्शन के लिए उनका धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि जनता का प्यार और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है. सीएम धामी ने गर्व जताते हुए कहा कि उनकी सरकार ने राजनीति से ऊपर उठकर कई ऐसे ऐतिहासिक फैसले लिए, जिन्हें लेने का साहस पिछली सरकारें नहीं दिखा पाईं. उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू करने, मदरसा बोर्ड को खत्म करने, उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की स्थापना की नींव रखने और देश के सबसे सख्त धर्मांतरण विरोधी और नकल विरोधी कानूनों को बनाने का जिक्र किया. सीएम धामी ने इस मौके को और यादगार बनाते हुए राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने देहरादून जिले के लिए 219 करोड़ रुपये से ज्यादा की 51 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया.

योगी सरकार का बड़ा कदम: गन्ना किसान परिवारों को बीमा और पेंशन योजनाओं से जोड़ने की मुहिम

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार किसानों को लेकर बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। उत्तर प्रदेश सरकार गन्ना किसानों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा का मजबूत कवच देने की दिशा में बड़ा अभियान चलेगा। 6 से 11 जुलाई तक प्रदेश की सभी सहकारी गन्ना विकास समितियों में विशेष सामाजिक सुरक्षा जागरूकता एवं नामांकन महाअभियान चलाया जाएगा। अभियान में गांव-गांव अधिकारी जाएंगे। इसके माध्यम से लाखों गन्ना किसान परिवारों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई), अटल पेंशन योजना (एपीवाई) सहित भारत सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा। अभियान का उद्देश्य किसानों की आर्थिक सुरक्षा, वित्तीय समावेशन और सामाजिक स्थिरता को मजबूत करना है। योगी सरकार का मानना है कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का व्यापक विस्तार किसानों को दुर्घटना, आकस्मिक मृत्यु और वृद्धावस्था जैसी परिस्थितियों में आर्थिक संबल प्रदान करेगा। इससे किसान परिवारों की आय सुरक्षा और जोखिम प्रबंधन मजबूत होगा। साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी स्थिरता मिलेगी। योगी सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक पात्र गन्ना किसान परिवार इन योजनाओं से जुड़ें और प्रत्येक किसान परिवार सुरक्षित, सशक्त तथा आत्मनिर्भर बने। यही अभियान 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' के संकल्प को नई गति देने के साथ किसानों के समग्र कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। गन्ना समितियां निभाएंगी नई भूमिका प्रदेश की सहकारी गन्ना विकास समितियां इस अभियान की प्रमुख कड़ी होंगी। वर्षों से किसानों के साथ जुड़े विश्वास को सामाजिक सुरक्षा अभियान से जोड़ा जाएगा। समितियां योजनाओं का प्रचार-प्रसार करेंगी, किसानों को जागरूक करेंगी, पात्र लाभार्थियों का नामांकन कराएंगी और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इससे गन्ना समितियां किसान सेवा के साथ सामाजिक सुरक्षा की प्रभावी संस्थागत व्यवस्था के रूप में भी स्थापित होंगी। समिति परिसरों में लगेंगे सहायता एवं नामांकन केंद्र अभियान के दौरान प्रत्येक सहकारी गन्ना विकास समिति परिसर में बैंकों, इफ्को, चीनी मिलों और अन्य सहयोगी संस्थाओं के संयुक्त सहयोग से विशेष सहायता एवं नामांकन काउंटर स्थापित किए जाएंगे। किसानों को एक ही स्थान पर योजनाओं की जानकारी, पात्रता का सत्यापन, दस्तावेजों की जांच, बैंकिंग सहायता और तत्काल नामांकन की सुविधा मिलेगी। नए सदस्य पंजीकरण, बैंक खाते खोलने तथा अन्य आवश्यक सेवाओं की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। महिला और किसानों पर रहेगा फोकस अभियान में महिला स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। ग्रामीण महिला किसानों को बीमा, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने के साथ उन्हें वित्तीय निर्णयों में अधिक सक्षम बनाने का प्रयास किया जाएगा। इससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ेगी और परिवारों की सामाजिक सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी। गांव-गांव पहुंचेगा जागरूकता अभियान गन्ना पर्यवेक्षक, समिति सचिव और विभागीय अधिकारी गांवों में जनसंपर्क कर किसानों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के साथ गन्ना विकास विभाग, इफ्को तथा चीनी मिलों द्वारा संचालित किसान हितैषी योजनाओं की भी जानकारी देंगे। अधिक से अधिक पात्र परिवारों का नामांकन सुनिश्चित किया जाएगा। ग्राम सभाओं और किसान गोष्ठियों का भी आयोजन किया जाएगा।  

शहरी आसमान में ड्रोन क्रांति: दवाइयों से पार्सल तक तेज और सस्ती डिलीवरी

नई दिल्ली  भारत के शहरी आसमान में अब ड्रोन सिर्फ एक तकनीकी अजूबा नहीं, बल्कि लॉजिस्टिक्स का एक विश्वसनीय हिस्सा बन चुके हैं। भारत के शहरी क्षेत्रों में ड्रोन पहले से ही दवाइयां, निदान उपकरण, पार्सल और ई-कॉमर्स शिपमेंट पहुंचा रहे हैं। सरकार के ड्रोन नियम 2021, पीएलआई (PLI) योजना और 'डिजिटल स्काई प्लेटफॉर्म' जैसे कदमों ने इस तकनीक को प्रयोगशाला से निकालकर सीधे कमर्शियल मार्केट में उतार दिया है। लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञों के अनुसार, भारत का क्विक-कॉमर्स (10 मिनट डिलीवरी) बाजार 10 अरब डॉलर को पार कर चुका है। ऐसे में जमीनी ट्रैफिक और डिलीवरी ड्राइवरों के बढ़ते खर्च (ईंधन, रखरखाव, कमीशन) से निपटने के लिए ड्रोन एक गेम-चेंजर साबित हो रहे हैं। दरअसल, ड्रोन को खराब सड़कों या ट्रैफिक की परवाह नहीं होती, इससे डिलीवरी लागत काफी कम हो जाती है। इसका सबसे बड़ा फायदा टियर-2 शहरों और ग्रामीण भारत को मिल रहा है, जहां बुनियादी ढांचे की कमी के कारण दवाइयां और जरूरी सामान समय पर नहीं पहुंच पाते थे। क्या खतरे में है डिलीवरी राइडर्स की नौकरी? विशेषज्ञों के अनुसार, ड्रोन फिलहाल इंसानी कामगारों की जगह नहीं ले सकते। भारत के ई-कॉमर्स सेक्टर को संभालने वाले लाखों गिग वर्कर्स केवल पैकेज नहीं पहुंचाते, वे पते का सत्यापन करते हैं, कैश-ऑन-डिलीवरी संभालते हैं और ग्राहकों की समस्याओं का तुरंत समाधान करते हैं। ड्रोन के आने से एविएशन सेक्टर में नए रोजगार भी पैदा हो रहे हैं, इससे रिमोट पायलट, मेंटेनेंस इंजीनियर और सॉफ्टवेयर डेवलपर। निष्कर्ष यह है कि ड्रोन मानव श्रम को पूरी तरह खत्म करने के बजाय उसके पूरक बनेंगे। कुल मिलाकर भारत में ड्रोन डिलीवरी का चलन तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह अंतिम मील तक सामान पहुंचाने वाले राइडर की जगह ले सकता है? क्या इससे लाखों डिलीवरी कर्मचारियों की नौकरी जा सकती है। इसका जवाब है नहीं, क्योंकि ड्रोन के प्रचलन में आ जाने से सिर्फ आपके नियमित मेडिकल सप्लाई और गोदामों में सामान का ट्रांसफर ही इससे होगा। जबकि आपके दरवाजे तक सामान पहुंचाने का जिम्मा अभी भी डिलीवरी राइडर्स के पास ही रहेगा। उद्योग के हालिया अनुमानों के अनुसार, भारत का लॉजिस्टिक्स बाजार 2033 तक लगभग दोगुना हो सकता है, जिसमें ड्रोन डिलीवरी विशेष अंतिम-मील संचालन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनने की उम्मीद है। एडजिस्टिफाई के सह-संस्थापक और सीईओ उमंग शुक्ला के अनुसार, सबसे बड़ा बदलाव यह है कि ड्रोन डिलीवरी को अब प्रयोग के रूप में नहीं देखा जा रहा है। उन्होंने कहा, "भारत में ड्रोन डिलीवरी अब जिज्ञासा का विषय नहीं रह गई है, बल्कि लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में एक विश्वसनीय हिस्सा बन गई है।" शुक्ला ने बताया कि नियामकों ने पहले ही चुनिंदा बीवीएलओएस कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है, जबकि वाणिज्यिक ऑपरेटर अलग-थलग प्रदर्शनों के बजाय सार्थक पैमाने पर स्वायत्त डिलीवरी चला रहे हैं।

रुपये की स्थिरता, सस्ता कच्चा तेल और घरेलू निवेशकों की ताकत से बढ़ेगा बाजार का भरोसा

नई दिल्ली भारतीय शेयर बाजार पिछले कुछ समय से उतार-चढ़ाव के दौर से गुजर रहा है, लेकिन अब कई ऐसे बड़े आर्थिक संकेत सामने आ रहे हैं, जो आने वाले सालों में बाजार के लिए नई तेजी यानी अगली 'बुल रन' की नींव रख सकते हैं। मार्केट एक्सपर्ट का मानना है कि इस बार तेजी केवल सस्ते पैसे या विदेशी निवेश के दम पर नहीं, बल्कि भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था, बढ़ती कॉर्पोरेट कमाई, घरेलू निवेशकों की ताकत और वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती अहमियत के कारण देखने को मिल सकती है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं। पिछले कुछ सालों में भारतीय बाजार को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। रूस-यूक्रेन और पश्चिम एशिया के तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, विदेशी निवेशकों (FPI) की लगातार बिकवाली और रुपये में कमजोरी ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई थी। लेकिन, अब तस्वीर धीरे-धीरे बदलती नजर आ रही है। कई ऐसे मैक्रोइकोनॉमिक संकेत हैं, जो भारतीय शेयर बाजार के पक्ष में जाते दिख रहे हैं। सबसे पहला बड़ा संकेत भारतीय रुपये की मजबूती और स्थिरता है। विदेशी निवेशक किसी भी देश में निवेश करने से पहले वहां की मुद्रा की स्थिति को काफी महत्व देते हैं। अगर रुपया स्थिर रहता है, तो विदेशी निवेशकों को मुद्रा में होने वाले नुकसान का डर कम रहता है। इसके साथ ही आयातित महंगाई पर भी कंट्रोल रहता है और कंपनियों के लिए भविष्य की लागत का अनुमान लगाना आसान हो जाता है। इससे निवेश का माहौल मजबूत होता है। दूसरा बड़ा कारण भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) में कमी है। पिछले दो सालों में पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बनी रही। तेल की कीमतें बढ़ीं और सप्लाई चेन प्रभावित हुई। अब अगर यह तनाव कम होता है, तो वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और वे फिर से उभरते बाजारों, खासकर भारत की ओर रुख कर सकते हैं। तीसरा और बेहद अहम कारण कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में नरमी है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में तेल सस्ता होने से देश का आयात बिल कम होता है, महंगाई घटती है, सरकार पर वित्तीय दबाव कम होता है और कंपनियों की लागत भी घटती है। इससे मैन्युफैक्चरिंग, ट्रांसपोर्ट, केमिकल और FMCG जैसे कई सेक्टरों की कमाई बढ़ सकती है। साथ ही महंगाई कंट्रोल में रहने पर RBI के पास ब्याज दरों को लेकर अधिक लचीलापन रहता है, जिससे आर्थिक विकास को और गति मिल सकती है। चौथा और सबसे मजबूत संकेत घरेलू निवेशकों की बढ़ती ताकत है। पहले भारतीय शेयर बाजार काफी हद तक विदेशी निवेशकों (FPI) पर निर्भर रहता था, जब भी विदेशी निवेशक बिकवाली करते थे, बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिलती थी। लेकिन, अब स्थिति बदल चुकी है। SIP (Systematic Investment Plan) के जरिए हर महीने म्यूचुअल फंड में आने वाला पैसा लगातार बढ़ रहा है। करोड़ों भारतीय अब नियमित निवेश कर रहे हैं, जिससे घरेलू निवेश बाजार को मजबूती मिल रही है। यही वजह है कि हाल के सालों में FPI की बिकवाली के बावजूद भारतीय बाजार अपेक्षाकृत मजबूत बना रहा। एक्सपर्ट का मानना है कि अगर आने वाले महीनों में विदेशी निवेशकों की बिकवाली कम होती है या वे फिर से खरीदारी शुरू करते हैं, तो भारतीय बाजार में नई तेजी देखने को मिल सकती है। मजबूत रुपया, सस्ता कच्चा तेल, घटता वैश्विक तनाव और घरेलू निवेशकों की लगातार भागीदारी मिलकर बाजार को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। हालांकि, निवेशकों को यह भी याद रखना चाहिए कि शेयर बाजार कभी भी सीधी रेखा में नहीं चलता। बीच-बीच में उतार-चढ़ाव आते रहेंगे और कुछ शेयरों का मूल्यांकन (Valuation) अभी भी महंगा माना जा रहा है। इसलिए केवल तेजी की उम्मीद में बिना रिसर्च के निवेश करना सही नहीं होगा। अच्छी गुणवत्ता वाली कंपनियों में लंबे समय के नजरिए से निवेश करना और पोर्टफोलियो में विविधता बनाए रखना हमेशा बेहतर रणनीति मानी जाती है। मौजूदा आर्थिक संकेत यह इशारा कर रहे हैं कि भारत की अर्थव्यवस्था पहले से अधिक मजबूत स्थिति में है। अगर यही रुझान आगे भी जारी रहता है, तो आने वाले सालों में भारतीय शेयर बाजार की अगली बड़ी बुल रन (Bull Run) की शुरुआत इसी दौर से मानी जा सकती है। निवेशकों के लिए यह समय बाजार की दिशा को समझने और लंबी अवधि की रणनीति बनाने का हो सकता है।  

पूर्वी और पश्चिमी यूपी में झमाझम बारिश की संभावना, 7 दिन तक मौसम रहेगा सक्रिय

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हो रही है। वहीं, कई जगहों पर लोग अभी भी गर्मी का सामना कर रहे हैं। मौसम विभाग की तरफ से आने वाले दिनों में बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान बिजली कड़कने के साथ तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में अगले एक सप्ताह तक भारी बारिश के संभावना जताई गई है। वहीं, कई हिस्सों में आंधी-तूफान का भी अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में मौसम बदलने से लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। यूपी में बारिश का अलर्ट मौसम विभाग आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कई जगहों पर मध्यम से तेज बारिश हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश: मौसम विभाग ने प्रदेश के पूर्वी हिस्से में 5 से 7 जुलाई के दौरान हल्की बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं, 8 से 11 जुलाई तक इस हिस्से में झमाझम बारिश हो सकती है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश: प्रदेश के इस हिस्से में 5 से 8 जुलाई के दौरान छिटपुट बारिश हो सकती है। वहीं, 9 से 11 जुलाई के बीच मानसून बढ़ने से पश्चिमी हिस्सों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है। तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, पूरे प्रदेश में 5 जुलाई को आंधी-तूफान के साथ बिजली कड़कने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा, 6 से 8 जुलाई को पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में गरज-चमक के साथ बिजली गिर सकती है।  

खादी की नई पहचान: रीगल बिल्डिंग में खुल रहा 4 मंजिला मॉडर्न खादी भवन, कैफे का भी मिलेगा आनंद

 नई दिल्ली कनॉट प्लेस की रीगल बिल्डिंग में खादी और ग्रामोद्योग आयोग ( KVIC ) का एक नया और आधुनिक ' खादी भवन ' तैयार होने जा रहा है। इस साल के अंत तक बनकर तैयार होने वाले इस चार मंजिला खादी भवन में ग्राहकों को मैकेनाइज्ड फ्लोर सहित कई आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। इसकी एक और बड़ी खासियत यह होगी मनोज गोयल कि यहां आने वाले ग्राहक पहली बार खरीदारी के साथ साथ एक बेहतरीन कैफे हाउस का भी आनंद ले सकेंगे। कस्टमाइजेशन की सुविधा KVIC के चेयरमैन मनोज गोयल ने बताया कि आज की युवा पीढ़ी (Gen-Z) की पसंद और प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए खादी के पहनावे मैं बड़ा बदलाव किया जा रहा है। खादी और ग्रामोद्योग आयोग की ये तमाम उपलब्धियां प्रधानमंत्री के विजन का परिणाम हैं। इसी के तहत खादी भवन में पहली बार ग्राहकों को कस्टमाइजेशन की सुविधा दी जा रही है। यदि किसी ग्राहक को अपनी पसंद के अनुसार ड्रेस में कोई विशेष डिजाइन या फिटिंग करवानी है, तो वह वहीं पर मौजूद विशेष सेक्शन में इसके बारे में बता सकता है। मनपसंद ड्रेस सिलवा सकेंगे यहां महिला और पुरुष दोनों के लिए अलग-अलग फैब्रिकेटर तैनात रहेंगे। ग्राहकों की पसंद को और अधिक आधुनिक रूप देने के लिए यहां AI तकनीक की मदद भी ली जाएगी। ग्राहक अपनी पसंद का खादी कपड़ा खरीदकर AI द्वारा तैयार डिजाइनों के आधार पर अपनी मनपसंद ड्रेस सिलवा सकते हैं। बेहतरीन डिजाइनिंग के लिए नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT) और सेंटर ऑफ एक्सिलेंस फॉर खादी (COEK) के विशेषज्ञ डिजाइनर और फैब्रिकेटर हमेशा इस खादी भवन में मौजूद रहेंगे। हथकरघा उत्पाद भी मिलेंगे नए खादी मॉल में कपड़ों के अलावा ग्रामोद्योग के अन्य सामान भी पहले से कहीं अधिक वैरायटी में उपलब्ध होंगे। इसके अलावा, खादी भवन में देश के दूर-दराज के इलाकों से लाए गए हथकरघा उत्पाद भी मिलेंगे, जिनमें लकड़ी और बांस के अनोखे सामानों के साथ-साथ विशेष रूप से कमल के फूल से बने दुर्लभ रेशमी कपड़े भी शामिल हैं।

दिल्ली से तमिलनाडु तक मौसम बिगड़ा: कई राज्यों में आंधी-तूफान और बारिश का खतरा

नई दिल्ली दिल्ली से लेकर तमिलनाडु तक बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। इस बीच मौसम विभाग ने 15 राज्यों में अगले 10 घंटे के अंदर भीषण बारिश, आंधी और तूफान का अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में बारिश के दौरान तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिसकी रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। इसलिए लोगों से अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। इन हवाओं से किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंच सकता है। आइए बताते हैं कि किन 15 राज्यों के लिए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। इन 15 राज्यों में अलर्ट     दिल्ली     उत्तर प्रदेश     बिहार     राजस्थान     महाराष्ट्र     मध्य प्रदेश     पश्चिम बंगाल     तमिलनाडु     हिमाचल प्रदेश     उत्तराखंड     झारखंड     छत्तीसगढ़     ओडिशा     असम     त्रिपुरा दिल्ली-एनसीआर में कल कैसा रहेगा मौसम     दिल्ली-NCR (6 जुलाई- भारी बारिश का अलर्ट): सिविल लाइंस, दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) कैंपस क्षेत्र, कमला नगर , मुखर्जी नगर, मॉडल टाउन, आजादपुर , सदर बाजार, कश्मीरी गेट सहित पूरे उत्तरी दिल्ली और ग्रेटर कैलाश, वसंत कुंज, वसंत विहार, डिफेंस कॉलोनी, हौज खास, पंचशील पार्क, आनंद लोक सहित दक्षिणी दिल्ली के कई इलाकों में कल यानी 6 जुलाई को बारिश और आंधी तूफान का अलर्ट है। इसके साथ ही लक्ष्मी नगर, पटपड़गंज, मयूर विहार, प्रीत विहार, आनंद विहार, कृष्णा नगर, गांधी नगर, शाहदरा, सीलमपुर, त्रिलोकपुरी, कोंडली, मंडावली, पांडव नगर, वसुंधरा एन्क्लेव और दिलशाद गार्डन सहित पूर्वी दिल्ली में भी झमाझम की चेतावनी है। इस दौरान 40 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। दिल्ली में कल अधिकतम तापमान 37 डिग्री तो वहीं न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। उत्तर प्रदेश में कल कैसा रहेगा     यूपी (6 जुलाई- तेज हवाएं, बारिश): देवरिया, मऊ, बलिया, गाजीपुर, चंदौली, बरेली, पीलीभीत, बहराइच और श्रावस्ती में भारी बारिश की चेतावनी है। मौसम विभाग ने बिजनौर, मेरठ, अमरोहा, हापुड़, मोरादाबाद, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, इटावा, ओरैया, कन्नौज, हरदोई, उन्नाव, कानपुर में भी भीषण बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। इसके साथ ही गौतमबुद्ध नगर, शामली, शाहजहांपुर, सीतापुर, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, आजमगढ़, जौनपुर, कौशांबी सहित यूपी के कई जिलों में हल्की बारिश का अलर्ट है। राजधानी लखनऊ में कल अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तो वहीं न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। बिहार में कल कैसा रहेगा मौसम     बिहार (6 जुलाई- रेड अलर्ट जारी): गया, नालंदा, शेखपुरा, नवादा, जहानाबाद, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, गया, बांका, जमुई, लखीसराय, अरवल में भारी बारिश का अलर्ट है। वहीं, पटना, बक्सर, भोजपुर, बेगुसराय, सहरसा, मुंगेर, भागलपुर, मधेपुरा, कटिहार, पूर्णिया, सुपौल, अररिया, किशनगंज में भी हल्की बारिश की चेतावनी है। इस दौरान तेज हवाएं भी चल सकती हैं। राजधानी पटना में कल अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तो वहीं न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। महाराष्ट्र में कल कैसा रहेगा मौसम     महाराष्ट्र (6 जुलाई- रेड अलर्ट जारी): एक तरफ मुंबई के अंधेरी, मरीन ड्राइव, वसई-विरार, विवा कॉलेज रोड, आचोले रोड, सेंट्रल पार्क, विजय नगर–नागिनदास पाड़ा, गाला नगर, तुलिंज ब्रिज के आसपास भारी बारिश का अलर्ट है तो वहीं महाराष्ट्र के दूसरे जिले सतारा, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, कोल्हापुर, पुणे, अहमदनगर, ठाणे, पालघर, रायगढ़, भिवंडी, नागपुर, भंडारा-गोंदिया, चंदरपुर, गढ़चिरौली में भी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। मुंबई में कल अधिकतम और न्यूनतमा तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहेगा। राजस्थान में कल कैसा रहेगा मौसम     राजस्थान (6 से 11 जुलाई- आंधी-बारिश तूफान): अगले 5 से 7 दिनों तक जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, श्री गंगानगर में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट है। वही, जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनूं, चुरू, हनुमानगढ़, अलवर, भरतपुर, दौसा, धोलपुर, सवाईं माधोपुर, टोंक, भीलवाड़ा, बूंदी, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, सिरोही में भी जमकर बारिश होगी। इन जिलों में 41 से 61 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। राजधानी जयपुर में कल अधिकतम तापमान 36 डिग्री तो वहीं न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। मध्य प्रदेश में कल कैसा रहेगा मौसम     मध्य प्रदेश (6 से 10 जुलाई- भारी बारिश की संभावना): धार, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, बुरहानपुर में भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान का अलर्ट है। वहीं, भोपाल, विदिशा, रायसेन, मंदसौर, नीमच, राजगढ़, गुना, नरसिंहपुर, सागर, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, जबलपुर, मंडला, छिंदवाड़ा, सिवनी, डिंडोरी, दमोह, पन्ना, रीवा, सतना में भी झमाझम की चेतावनी है। इन जिलों में 41 से 61 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान 30 डिग्री तो वहीं, न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। पश्चिम बंगाल में कल कैसा रहेगा मौसम     पश्चिम बंगाल (6 जुलाई- हल्की बारिश होगी): कोलकाता, हावड़ा, हुगली, उत्तर 24 परगना, पूर्व और पश्चिम बर्दवान दक्षिण 24 परगना, पूर्वी मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर, मालदा, झाड़ग्राम, बांकुरा, पुरुलिया, दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार,कूच-बिहार, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर, मुर्शिदाबाद, बीरभूम, नादिया, पूर्वी बर्धमान, पश्चिमी बर्धमान और हुगली में हल्की बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। कोलकाता में कल न्यूनतम तापमान 28 और अधिकतम तापमान 30 डिग्री रहने का अनुमान है। तमिलनाडु में कल कैसा रहेगा मौसम     तमिलनाडु (6 से 10 जुलाई- भारी बारिश के आसार): तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अगले छह दिनों तक बारिश होने की संभावना है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा मौसम बुलेटिन में कहा है कि 10 जुलाई तक राज्य के कई हिस्सों में अलग-अलग स्थानों पर मध्यम बारिश हो सकती है। चेन्नई के लिए मौसम विभाग ने आंशिक रूप से बादल छाए रहने और शहर के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना जताई है। कल चेन्नई का अधिकतम तापमान 37 डिग्री तो वहीं न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।

हिंद महासागर तक निगरानी बढ़ी: चीन का नया रडार बना भारत के लिए रणनीतिक चिंता

नई दिल्ली भारत और चीन के बीच तनाव के बीच चीन ने म्यांमार सीमा से लगे अपने यूनान प्रांत में लार्ज फेस्ड एरे रडार (LPAR) चालू कर दिया है. इस रडार की रेंज 5,000 किलोमीटर से ज्यादा है. दावा है कि यह भारत के मिसाइल टेस्टों  को ट्रैक करने और हिंद महासागर के बड़े हिस्से पर नजर रखने में सक्षम है. ऐसे में इसे भारत की सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है. चीन पिछले कुछ वर्षों से अपनी निगरानी व्यवस्था लगातार मजबूत कर रहा है. इसी कड़ी में यूनान में लगाया गया यह नया LPAR रडार भी अहम माना जा रहा है. यह रडार दूर से ही बैलिस्टिक मिसाइल का पता लगा सकता है, उसकी उड़ान पर नजर रख सकता है और उसकी जानकारी जुटा सकता है. इसकी रेंज 5,000 किलोमीटर से ज्यादा है. चीन भारत के पूर्वी हिस्से, बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर के बड़े इलाके पर नजर रख सकता है. यह रडार ओडिशा के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से होने वाले मिसाइल टेस्टों को भी ट्रैक कर सकता है. भारत यहीं से अग्नि-5, K-4 और दूसरी आधुनिक मिसाइलों का टेस्ट करता है. अगर किसी देश को इन मिसाइलों की उड़ान और दूसरी तकनीकी जानकारी मिल जाए, तो वह अपनी रक्षा तैयारियों को उसी हिसाब से मजबूत कर सकता है. भारत के लिए चिंता की बात क्यों है? रक्षा एक्सपर्ट्स का कहना है कि मिसाइल टेस्ट के दौरान मिलने वाला डेटा किसी भी देश के लिए काफी अहम होता है. इससे मिसाइल की क्षमता का अंदाजा लगाया जा सकता है और उसके खिलाफ नई रक्षा सिस्टम तैयार करने में मदद मिल सकती है. यही वजह है कि चीन के इस नए रडार को भारत के लिए एक नई रणनीतिक चुनौती माना जा रहा है. हिंद महासागर पर भी रख सकेगा नजर यूनान में इस रडार की लोकेशन ऐसी है कि चीन बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर के बड़े हिस्से की निगरानी भी कर सकता है. हिंद महासागर भारत के लिए बेहद अहम है. यहां भारतीय नौसेना की मजबूत मौजूदगी है. दुनिया के कई बड़े समुद्री व्यापार मार्ग भी यहीं से गुजरते हैं. ऐसे में इस इलाके में चीन की बढ़ती निगरानी भारत की चिंता बढ़ा सकती है. चीन का निगरानी नेटवर्क और मजबूत हुआ चीन के पास पहले से ही शिनजियांग और कोरला में ऐसे लंबी दूरी के रडार मौजूद हैं. अब यूनान में नया LPAR रडार चालू होने के बाद उसकी निगरानी क्षमता और बढ़ गई है. हालांकि, इस तैनाती पर भारत और चीन, दोनों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. लेकिन रक्षा मामलों के जानकार मानते हैं कि आने वाले समय में भारत को अपनी एंटी-सर्विलांस तकनीक और रक्षा तैयारियों को और मजबूत करना पड़ सकता है.