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लॉक अप में शिल्पा शिंदे की वाइल्ड कार्ड एंट्री से बढ़ा हाईवोल्टेज ड्रामा

एकता कपूर के रियलिटी शो 'लॉक अप' में इस समय हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिल रहा है. टेंशन के माहौल के बीच एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे की वाइल्ड कार्ड एंट्री ने लॉक अप में तहलका मचा दिया है. शिल्पा ने शो में एंट्री करते ही हर किसी से पंगे लेने शुरू कर दिए. राम कपूर के बाद शिल्पा ने सुनीता आहूजा को उकसाने की कोशिश की. लेकिन सुनीता ने अपने जवाब से शिल्पा की बोलती बंद कर दी. शिल्पा ने सुनीता से लिया पंगा शिल्पा शिंदे शो में सुनीता आहूजा पर उनकी शादी को लेकर तंज कसती नजर आईं. शिल्पा ने सुनीता को ताने मारते हुए कहा-हम तो गोविंदा के फैन हैं. आप ऐसे कैसे कर सकती हो? आप ऐसे कैसे बोल सकती हो? आपको पता भी है आपने क्या फैसला लिया है? शिल्पा के तानों से परेशान सुनीता भी चुप नहीं रहीं. उन्होंने बेबाकी से शिल्पा को लताड़ लगाई. सुनीता गुस्से से शिल्पा से बोलीं- जब तुम्हारे ऊपर गुजरेगा तुम्हें तब पता चलेगा. ज्यादा बक… मत करो. सुनीता का बेबाक अंदाज फैंस को काफी पसंद आया. फैंस का कहना है कि सिर्फ सुनीता ही शिल्पा शिंदे को चुप करा सकती हैं. फूट-फूटकर रोईं सुनीता इसके अलावा शो में सुनीता का इमोशनल ब्रेकडाउन भी देखने को मिला. खाना न मिलने की वजह से सुनीता मेकर्स से नाराज दिखीं. उन्होंने रोते हुए शो के मेकर्स को खरी-खोटी सुनाई. सुनीता शो में काफी गालियां देती हुई भी नजर आईं. सुनीता गुस्से से बोलीं- हमें खाने के लिए भी भीख मांगनी पड़ रही है. मेरे सारे बच्चे यहां भूखे हैं. मुझे चीची मना कर रहा था कि मत जा, लेकिन मैंने उसकी बात नहीं मानी. जब भी मैं उसकी बात नहीं मानती तो पछताती हूं. सुनीता ने शो छोड़ने की धमकी भी दी. वो फूट-फूटकर रो पड़ीं. फिर रितेश देशमुख ने उन्हें संभाला और उनके आंसू पोंछकर उन्हें चुप कराया. लॉक अप में इंटेंस ड्रामा देखने को मिल रहा है. इसलिए आप भी कोई एपिसोड मिस न करें.

देसी स्वाद का दुनिया में डंका! अंतरराष्ट्रीय चूरमा दिवस पर वैश्विक पहचान दिलाने की पहल

झज्जर. आधुनिकता की अंधी दौड़ और डिब्बाबंद खान-पान के इस दौर में जहां हमारी पारंपरिक देसी खुराकें लुप्त होने की कगार पर हैं, वहीं अपनी सांस्कृतिक विरासत और गांव-देहात की अनमोल पहचान को वैश्विक पटल पर चमकाने के लिए एक बेहद अनूठी मुहिम की शुरुआत की गई है। ''खाओ चूरमा, बनो सूरमा'' के बुलंद और ओजस्वी नारे के साथ 13 जुलाई 2026 को दुनिया भर में ''तीसरा अंतरराष्ट्रीय चूरमा दिवस'' बेहद गौरवमयी अंदाज में मनाया जाएगा। दरअसल, इस वैश्विक मुहिम की नींव आज से ठीक तीन साल पहले 13 जुलाई 2024 को रखी गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अंचलों के पारंपरिक खान-पान का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार करना रहा। इस मुहिम के प्रणेता झज्जर के लाडले और यूके के काउंसलर रोहित अहलावत ने दुनिया भर के प्रवासी भारतीयों और अपनी संस्कृति से प्यार करने वाले लोगों से इस ऐतिहासिक दिन को एक उत्सव के रूप में मनाने की भावुक अपील की है। बाजारीकरण के दौर में देसी पहचान की लड़ाई काउंसलर रोहित अहलावत का मानना है कि आज के समय में हर छोटी-बड़ी पश्चिमी चीज़ का बड़े स्तर पर प्रचार करके उसे हमारे घरों तक पहुंचा दिया गया है, लेकिन हमारे गांवों की असली पहचान, स्वाद और सेहत का खजाना रही मुख्य खुराक ''चूरमा'' को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वह गौरव और पहचान नहीं मिल सकी है, जिसकी यह हकदार है। यह मुहिम इसी खाई को पाटने और भावी पीढ़ी को अपनी पौष्टिक विरासत से रूबरू कराने का एक जीवंत प्रयास है। मेडलवीर खिलाड़ियों और सरहद के सूरमाओं की असली ताकत  देखा जाए तो चूरमे का इतिहास केवल स्वाद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शारीरिक बल और अदम्य साहस का प्रतीक भी रहा है। खेल के मैदानों में जब देश के पहलवान, मुक्केबाज और धावक अपनी ताकत का लोहा मनवाते हुए देश के लिए मेडल जीतते हैं, तो वे अपनी इस अपार सफलता के पीछे अपनी इसी देसी खुराक और मां के हाथ के बने चूरमे का ज़िक्र गर्व से करते हैं। इसके साथ ही, देश की सीमाओं पर तैनात जवान भी जब छुट्टियों के बाद अपनी ड्यूटी पर लौटते हैं, तो अपने साथ मां के प्यार से लिपटा चूरमा लेकर जाते हैं, जो महीनों तक बिना खराब हुए उन्हें विपरीत परिस्थितियों में भी ऊर्जा और शक्ति प्रदान करता है। 13 जुलाई को हर घर में महकेगा पारंपरिक स्वाद काउंसलर रोहित अहलावत ने सभी देशवासियों और वैश्विक नागरिकों से अनुरोध किया है कि इस मुहिम को एक जन-आंदोलन का रूप दें। उन्होंने अपील की है कि आगामी 13 जुलाई 2026 को सभी लोग अपने-अपने घरों में शुद्ध देसी घी और गुड़-शक्कर का पारंपरिक चूरमा अनिवार्य रूप से बनाएं। बच्चों के स्कूल के लंच बाक्स में चूरमा भेजें ताकि नई पीढ़ी को इस स्वाद और इसके महत्व का पता चल सके। नौकरीपेशा और व्यवसायी लोग अपने कार्यस्थल पर भी अपनी इस पारंपरिक धरोहर को साथ लेकर जाएं और अपने साथियों के साथ साझा करें। ऐसा करने से हम अपनी गौरवशाली संस्कृति, बेमिसाल स्वाद तथा सेहतमंद विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई और अमिट पहचान दिला पाएंगे।

18 साइबर ठगी मामलों से जुड़ा फर्जी सिम रैकेट उजागर, ‘शिवम टेलीकॉम’ पर कार्रवाई

नई दिल्ली  सेंट्रल जिला साइबर थाना पुलिस ने साइबर अपराधियों को अवैध रूप से प्री-एक्टिवेटेड सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले एक लाइसेंसधारी टेलीकॉम पॉइंट ऑफ सेल (PoS) एजेंट को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी द्वारा एक्टिव किए गए सिम कार्ड देश के विभिन्न राज्यों में दर्ज 18 से अधिक साइबर ठगी के मामलों में इस्तेमाल किए गए थे। गिरफ्तार आरोपी की पहचान बलजीत नगर निवासी शिवा के तौर पर हुई है। आरोपी रोड किनारे स्टॉल लगाकर 'शिवम टेलीकॉम' के नाम से सिम बेचता था। डीसीपी सेंट्रल रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि दिल्ली में कार्यरत ऐसे टेलीकॉम PoS एजेंटों के बारे में पता किया जा रहा था, जिनसे जारी सिम कार्ड बार-बार साइबर अपराधों में उपयोग हो रहे थे। जांच के दौरान शिवा सिम्स, नीतीश टेलीकॉम और शिवम टेलीकॉम संदेह के दायरे में आए। 2 जुलाई को आरोपी को पकड़ा जांच में पता चला कि आम लोगों के नाम पर एक्टिवेट किए गए सिम साइबर अपराधियों तक पहुंचाए जा रहे थे। एसएचओ इंस्पेक्टर योगराज दलाल के नेतृत्व में टीम बनाई गई। जांच में सामने आया कि शिवम टेलीकॉम के माध्यम से अवैध रूप से एक्टिव किए गए 11 सिम कार्ड देश के अलग-अलग राज्यों में दर्ज 18 साइबर ठगी के मामलों में इस्तेमाल हुए थे। इसके बाद 2 जुलाई को आरोपी को हिंदूराव अस्पताल के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।     आरोपी के सिम कार्डों से देश के अलग-अलग राज्यों में हुई 18 से ज्यादा साइबर ठगियां     सड़क किनारे स्टॉल लगाकर बेचता था सिम, 11 सिम कार्डों से खुली बड़ी साजिश की पोल 500-600 रुपये में बेचता था एक सिम पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह आम ग्राहकों के आईडी प्रूफ और बायोमेट्रिक जानकारी का दुरुपयोग कर उनकी जानकारी और सहमति के बिना अतिरिक्त सिम कार्ड एक्टिवेट करता था। इसके बाद वह इन प्री-एक्टिवेटेड सिम कार्डों को 500 से 600 रुपये प्रति सिम के हिसाब से बिचौलियों और साइबर अपराधियों को बेच देता था। आरोपी जानबूझकर केवाईसी और बायोमेट्रिक सत्यापन के नियमों का उल्लंघन करता था। वह असली ग्राहकों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर अतिरिक्त सिम कार्ड एक्टिवेट करता और उन्हें साइबर ठगों तक पहुंचाता था।  

इंस्टाग्राम के CSEAM विज्ञापनों पर सरकार सख्त, Meta को 7 दिन में जवाब देने का नोटिस

भारत सरकार ने मेटा को नोटिस भेजा है. इंस्टाग्राम पर पेड विज्ञापनों में बाल यौन शोषण एवं दुर्व्यवहार सामग्री (CSEAM) से जुड़े कंटेंट को लेकर सरकार ने मेटा को नोटिस जारी किया है. साथ ही मंत्रालय ने 7 दिनों के अंदर डिटेल्स में जवाब देने को कहा है. ये जानकारी सूत्रों से मिली है. इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने इंस्टाग्राम को ऐसे सभी विज्ञापनों और कंटेंट को तुरंत हटाने/बंद करने का निर्देश दिया है, जो CSEAM तक पहुंच को बढ़ावा देते हैं और उसको आसान बना रहे हैं. भारत समेत दुनियाभर में इंस्टाग्राम का बड़ा यूजरबेस है. युवाओं में इंस्टाग्राम काफी पसंद किया जाता है और इसके रील्स फीचर की मदद से बहुत से लोग घंटों तक का समय बिताते हैं. ऐसे में कंपनियां बेहतर रीच और ब्रांड प्रमोशन के लिए इंस्टाग्राम पर विज्ञापन देते हैं. वॉट्सऐप को लेकर भी भेजा नोटिस   मेटा की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं. कुछ दिन पहले ही सरकार ने मेटा को नोटिस जारी किया है, जिसमें वॉट्सऐप के यूजरनेम को लेकर जवाब मांगा है.  कंपनी ने वॉट्सऐप पर यूजरनेम रिजर्वेशन के लिए भारत में इसको बतौर टेस्टिंग जारी किया था. भारत सरकार ने आशंका जताई थी कि वॉट्सऐप यूजरनेम फीचर की वजह से साइबर ठगों को फायदा मिलेगा. हालांकि कंपनी ने साफ किया था कि वह अभी इस फीचर को रोलआउट नहीं कर रहे हैं, उनका मकसद यूजरनेम फीचर को साल के अंत में लॉन्च करने का है. यूजरनेम फीचर से छिपा सकेंगे फोन नंबर वॉट्सऐप में आने वाले यूजरनेम फीचर की मदद से यूजर्स अपने फोन नंबर को छिपा सकेंगे. अभी अनजान नंबर से आने वॉट्सऐप मैसेज को आसानी से पहचाना जा सकता है कि वह भारतीय नंबर है या फिर विदेशी. अब यूजरनेम फीचर आने से नंबर पहचानने में मुश्किल हो सकती है. Meta क्या है? मेटा प्लेटफॉर्म आईएनसी एक मल्टीनेशनल कंपनी है, जिसका पुराना नाम फेसबुक आईएनसी था. अक्तूबर 2021 को मार्क जकरबर्ग ने अपनी कंपनी का नाम बदलकर मेटा कर दिया था. इस कंपनी के तहत अब फेसबुक, वॉट्सऐप, इंस्टाग्राम, वर्चुअल और AI ब्रांड काम करते हैं.  

आटा गूंथने के बाद क्यों बनाते हैं उंगलियों के निशान? जानिए वास्तु और धार्मिक कारण

 रसोई में काम करते हुए आपने अक्सर अपनी दादी-नानी या घर की महिलाओं को देखा होगा कि वे आटा गूंथने के बाद उस पर अपनी उंगलियों से निशान बना देती हैं. कुछ लोग इसे सिर्फ एक आदत या परंपरा मान लेते हैं. लेकिन, सनातन धर्म और वास्तु शास्त्र में इसे खाने से जुड़ा खास नियम बताया गया है. शास्त्रों के मुताबिक, अगर आटा गूंथकर उसे बिल्कुल गोल और प्लेन छोड़ दिया जाए, तो यह घर में नकारात्मकता ला सकता है. आइए जानते हैं कि आटे पर उंगलियों की छाप छोड़ने के पीछे का धार्मिक और वास्तु कारण क्या है. पितरों और पिंड दोष से जुड़ा है कनेक्शन वास्तु शास्त्र के मुताबिक, जब आटे को पूरी तरह से गोल, चिकना और प्लेन छोड़ दिया जाता है, तो वह पिंड का रूप ले लेता है. हिंदू धर्म में पिंड का उपयोग मृत पूर्वजों (पितरों) को श्राद्ध या तर्पण के दौरान अर्पित करने के लिए किया जाता है. ऐसी मान्यता है कि जब रसोई में पिंड के आकार का गोल आटा रखा होता है, तो पितर या अन्य अदृश्य नकारात्मक शक्तियां उसकी ओर आकर्षित होने लगती हैं. गूंथे हुए आटे पर उंगलियों के निशान बनाकर उसकी उस विशेष गोलाई (पिंड के आकार) को तोड़ा जाता है. ऐसा करने से वह अन्न जीवित मनुष्यों के खाने योग्य और शुद्ध बना रहता है. नकारात्मक ऊर्जा से बचाव वास्तु शास्त्र के अनुसार, रसोई घर को पूरे घर का ऊर्जा केंद्र माना जाता है. प्लेन और गोल रखा हुआ आटा रसोई में नकारात्मक ऊर्जा को सक्रिय कर सकता है. इससे घर के सदस्यों के बीच बिना बात के कलह, मानसिक तनाव और चिड़चिड़ापन बढ़ने की संभावना रहती है. उंगलियों के निशान बनाने से आटे की ऊर्जा बदल जाती है और वह केवल परिवार के पोषण के लिए सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत बनता है. मां अन्नपूर्णा का सम्मान और बरकत हिंदू संस्कृति में अन्न को ब्रह्म माना गया है और रसोई को मां अन्नपूर्णा का निवास स्थान. आटे की गोलाई को तोड़कर उसे रोटियां बनाने के लिए तैयार करना, मां अन्नपूर्णा के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का एक तरीका है. माना जाता है कि नियम और परंपरा के अनुसार बनाया गया भोजन परिवार में सुख, समृद्धि और बरकत लाता है. वैज्ञानिक नजरिया धार्मिक कारणों के अलावा इसका एक व्यवहारिक पहलू भी है. पुराने समय में जब संयुक्त परिवार होते थे और रसोई में एक साथ कई काम चलते थे, तब आटे पर उंगलियों के निशान इस बात का संकेत होते थे कि यह आटा पूरी तरह से गूंथा जा चुका है और अब यह रोटी बनाने के लिए तैयार है. इससे रसोई में काम करने वाले दूसरे सदस्यों को भ्रम नहीं होता था.

आमिर खान की तीसरी शादी पर 16 साल वाले फॉर्मूले की सोशल मीडिया में चर्चा

बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान ने हाल ही मे अपने रिलेशनशिप स्टेटस को सिंगल से मिंगल कर लिया है. उन्होंने अपनी लॉन्ग टाइम पार्टनर गौरी स्प्रैट से शादी कर ली है. 5 जुलाई को हुई इस शादी ने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरी. फैंस ने आमिर को बधाई देते हुए गौरी का वेलकम तो किया ही लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा उस '16 साल वाले फॉर्मूले' की हो रही है, जिसे लेकर यूजर्स मजेदार मीम्स और कमेंट्स कर रहे हैं. दरअसल, सोशल मीडिया पर लोग आमिर की पहली और दूसरी शादी का हिसाब जोड़ते हुए कह रहे हैं कि क्या तीसरी शादी भी 16 साल ही चलेगी? कई यूजर्स लिख रहे हैं- आमिर का मैरिज कॉन्ट्रैक्ट 16 साल का होता है क्या? तो किसी ने मजाक में लिखा- अब 2042 का इंतजार करो. पहली शादी: बचपन का प्यार, 16 साल बाद अलग राह आमिर खान ने 18 अप्रैल 1986 को अपनी बचपन की दोस्त रीना दत्ता से परिवार की मर्जी के खिलाफ लव मैरिज की थी. दोनों के दो बच्चे जुनैद खान और आइरा खान हैं. शादी करीब 16 साल चली और फिर दिसंबर 2002 में दोनों का तलाक हो गया. अलग होने के बाद भी दोनों ने बच्चों की परवरिश साथ मिलकर की और आज भी दोस्ताना रिश्ता रखते हैं. 'लगान' के सेट से शुरू हुआ था दूसरा रिश्ता रीना दत्ता से अलग होने के करीब तीन साल बाद आमिर ने 28 दिसंबर 2005 को फिल्ममेकर किरण राव से पंचगनी के फार्महाउस पर प्राइवेट शादी की. दोनों की मुलाकात फिल्म 'लगान' के दौरान हुई थी. साल 2011 में सरोगेसी के जरिए बेटे आजाद राव खान का जन्म हुआ. लेकिन जुलाई 2021 में आमिर और किरण ने आपसी सहमति से अलग होने का ऐलान कर दिया. यानी ये रिश्ता भी करीब 16 साल तक ही चला. अब 61 की उम्र में तीसरी बार बसाया घर अब आमिर-गौरी परिवार और करीबी दोस्तों के बीच अपनी नई जिंदगी की शुरुआत कर चुके हैं, लेकिन यूजर्स अलग ही जोड़-घटा करने में बिजी हैं. उनके लिए आमिर का ये नया रिश्ता किसी मीम मटैरियल से कम नहीं साबित हो रहा है. जैसे ही ये खबर सामने आई, सोशल मीडिया पर लोगों ने पहली और दूसरी शादी का गणित निकालना शुरू कर दिया. कई यूजर्स का कहना है कि अगर पिछला रिकॉर्ड देखा जाए, तो तीसरी शादी भी 16 साल तक चलेगी. हालांकि ये सिर्फ सोशल मीडिया पर चल रही सिर्फ एक चर्चा ही हैं, जिनका कोई आधार नहीं है. लेकिन इसने यूजर्स का ध्यान अपनी ओर जरूर खींच लिया है. कई सेलेब्स भी इस पर हैरानी जता चुके हैं कि आमिर अपनी पत्नियों को कितनी इज्जत देते होंगे जो उन्हें उनके आने वाले रिलेशनशिप्स पर कोई एतराज नहीं होता. फिलहाल सोशल मीडिया पर मीम्स और मजेदार कमेंट्स की बाढ़ आई हुई है. कोई आमिर की शादी का '16 साल का रिकॉर्ड' गिना रहा है, तो कोई तीसरी पारी के लिए उन्हें शुभकामनाएं दे रहा है. अब वक्त ही बताएगा कि सोशल मीडिया का ये '16 साल वाला गणित' सिर्फ मजाक साबित होता है या नहीं.

सतना का 10 वर्षीय बालक अकेले पहुंचा भोपाल, रेवांचल एक्सप्रेस में सफर के बाद GRP ने ऐसे खोजी मां

 भोपाल ऑपरेशन हमर्दद ने एक मासूम को उसकी मां से मिलवा दिया। बच्चे के सही सलामत होने की खबर सुन मां भावुक हो गई। मामला रानी कमलापति रेलवे स्टेशन का है। जीआरपी ऑपरेशन हमदर्द चला रही है। 10 वर्षीय बालक स्टेशन पर भीख मांग रहा था। महिला आरक्षकों ने उसकी पूरी बात सुनी। बच्चे ने अपनी मां का मोबाइल नंबर बताया। इसी एक नंबर ने मां-बेटे को फिर से मिला दिया। स्टेशन पर भीख मांगते मिला था बालक जीआरपी के अनुसार, बुधवार को रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर ऑपरेशन हमदर्द के तहत बेशहारा और लावारिस लोगों का डोजियर तैयार किया जा रहा था। इसी दौरान ओवरब्रिज पर एक 10 वर्षीय बालक भीख मांगता मिला। महिला आरक्षकों ने उसे सुरक्षित जीआरपी थाने लाकर पूछताछ शुरू की। सतना से अकेला पहुंच गया भोपाल बच्चे ने बताया कि वह सतना से रेवांचल एक्सप्रेस में अकेले बैठकर भोपाल पहुंच गया था। सुबह से वह स्टेशन परिसर में भीख मांग रहा था। बातचीत के दौरान उसने अपनी मां का मोबाइल नंबर बताया, जिसके बाद जीआरपी ने तुरंत संपर्क किया।  

छत्तीसगढ़: बिलासपुर की प्रार्थना सभा विवादों में, धर्मांतरण के आरोपों के बाद बढ़ा तनाव

बिलासपुर. बिलासपुर में एक बार फिर कथित धर्मांतरण का मामला सामने आया है। तारबाहर थाना क्षेत्र स्थित लायंस क्लब भवन के पास आयोजित एक प्रार्थना सभा उस समय विवादों में आ गई, जब हिंदू संगठनों ने सभा की आड़ में धर्मांतरण कराने का आरोप लगाया। मामले की सूचना मिलते ही हिंदू संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। उन्होंने कार्यक्रम का विरोध करते हुए पुलिस को इसकी जानकारी दी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तारबाहर थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन का आरोप हिंदू संगठनों का आरोप है कि प्रार्थना सभा की आड़ में भोले-भाले हिंदू परिवारों, महिलाओं और बच्चों को बीमारी ठीक करने, बच्चों का स्कूल में प्रवेश दिलाने, नशे की लत छुड़ाने तथा अन्य समस्याओं के समाधान का प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था। संगठन ने इसे सुनियोजित धर्मांतरण का प्रयास बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। प्रार्थना सभा में मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है और सभी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

मतदाता सूची पुनरीक्षण में सिमडेगा आगे, गोड्डा सबसे पीछे, डिजिटल अपलोड की धीमी रफ्तार

रांची  राज्य में चल रहे मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत अब तक 34.62 प्रतिशत मतदाताओं को बीएलओ द्वारा गणना प्रपत्र दिए जा चुके हैं। हालांकि मतदाताओं द्वारा भरा हुआ तथा हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र अभी 3.53 मतदाताओं के ही डिजिटली अपलोड हुए हैं। गणना प्रपत्र अपलोड करने में सिमडेगा सबसे आगे हैं, जहां 15 प्रतिशत मतदाताओं के गणना प्रपत्र डिजिटलाइज्ड कर दिए गए हैं। सबसे पीछे गोड्डा है, जहां एक भी प्रतिशत मतदाताओं के गणना प्रपत्र अभी तक अपलोड नहीं किए जा सके हैं। पांच जिलों में पांच प्रतिशत काम पूरा मतदाताओं द्वारा भरे हुए तथा हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र अपलोड करने की बात करें तो पांच अन्य जिले ऐसे हैं, जहां पांच प्रतिशत मतदाताओं के ये कार्य पूरे किए जा चुके हैं। रामगढ़ में लगभग 10 प्रतिशत, पश्चिमी सिंहभूम में नौ प्रतिशत, कोडरमा में आठ प्रतिशत, लोहरदगा में सात प्रतिशत तथा दुमका में छह प्रतिशत मतदाताओं के गणना प्रपत्र अपलोड कर दिए गए हैं। अन्य जिलों में एक से चार प्रतिशत मतदाताओं के ही गणना प्रपत्र अपलोड हुए हैं। रांची में 2.33 प्रतिशत मतदाताओं का यह कार्य पूरा हुआ है। बताते चलें कि एसआइआर के तहत 29 जुलाई तक गणना चरण चलेगा, जिसमें मतदाताओं से गणना प्रपत्र भराए जाएंगे। प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन पांच अगस्त को जिन मतदाताओं के गणना प्रपत्र जमा होंगे तथा अपलोड किए जाएंगे, उनके नाम प्रारूप मतदाता सूची में प्रकाशित होगा। प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन पांच अगस्त होगा प्रारूप मतदाता सूची पर चार सितंबर तक आपत्तियां ली जाएंगी तथा तीन अक्टूबर तक आपत्तियां का निपटारा होगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन सात अक्टूबर को होगा     वर्तमान में राज्य में कुल मतदाता : 2,64,63,236     जितने मतदाताओं को मिल चुके गणना प्रपत्र : 91,62,749     जितने मतदाताओं के गणना प्रपत्र हो चुके अपलोड 9,34,998  

समान नागरिक संहिता को लेकर सियासी घमासान, कांग्रेस ने जनसुनवाई बहिष्कार का ऐलान किया

जयपुर राजस्थान सरकार समान नागरिक संहिता (RUCC-2026) का मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है. इन सबके बीच सियासी घमासान भी शुरू हो गया है. कांग्रेस ने हर संभाग स्तर पर होने वाली जनसुनवाई का बहिष्कार करने की तैयारी कर ली है. दरअसल, विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों और आम नागरिकों से सुझाव के लिए जनसुनवाई की तैयारी है. इसमें सामाजिक संगठन, विधि विशेषज्ञ, गैर-सरकारी संगठन, चुनाव आयोग से मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और आम नागरिक अपनी राय रख सकेंगे. इस रायशुमारी के बाद समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार किया जाएगा. 30 जून को बैठक में दिए थे निर्देश गृह विभाग की ओर से 30 जून को अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई थी. बैठक में सभी संभागीय आयुक्तों और जिला कलेक्टरों को जनसुनवाई के दौरान आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है. अधिकारियों से कहा गया कि जनसुनवाई में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो और पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से संचालित की जाए. इन मुद्दों पर सुझाव लेगी सरकार संयुक्त शासन सचिव अंजली राजोरिया ने बताया कि समिति विवाह, विवाह विच्छेद (तलाक), भरण-पोषण, उत्तराधिकार, लिव-इन रिलेशनशिप और दत्तक ग्रहण जैसे विषयों पर सुझाव ले रही है. जयपुर में जनसुनवाई रिटायर्ड आईएएस शत्रुघ्न सिंह की अध्यक्षता में गठित समिति करेगी. कलेक्ट्रेट में 10 जुलाई को सुबह 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक सुझाव लिए जाएंगे. इसके बाद दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक आम नागरिकों के लिए जनसुनवाई होगी, जिसमें कोई भी व्यक्ति समिति के समक्ष अपने सुझाव प्रस्तुत कर सकेगा. 11 जुलाई को सुबह 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक आम नागरिकों की जनसुनवाई होगी. इस दौरान RUCC-2026 समिति की सदस्य डॉ. शुचि चौहान नागरिकों से सुझाव लेंगी. ये है संभागवार कार्यक्रम बीकानेर: 2 और 3 जुलाई जोधपुर: 6 और 7 जुलाई अजमेर: 6 और 7 जुलाई उदयपुर: 13 और 14 जुलाई कोटा: 7 और 8 जुलाई भरतपुर: 9 और 10 जुलाई