samacharsecretary.com

तिरंगा यात्रा में हंगामा, अभिजीत दीपके के खिलाफ नारेबाजी

 नई दिल्ली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की तिरंगा यात्रा के बीच कनॉट प्लेस पर एक ऐसा समय भी आया जब अभिजीत दीपके का ही विरोध होने लगा। कुछ लोग इकट्ठा होकर ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न देने की मांग करने लगे और मोदी-मोदी के नारे लगाने लगे। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दिल्ली के कनॉट प्लेस (CP) के सेंट्रल पार्क पर तिरंगा यात्रा बुलाई। शुक्रवार शाम होते ही सीपी पर प्रदर्शनकारी इकट्ठा होने लगे, लेकिन इस बीच, एक ऐसा पल भी आया, जब वहां पर खुद कॉकरोच जनता पार्टी और अभिजीत दीपके का ही विरोध होने लगा। अभिजीत दीपके के खिलाफ नारे लगने लगे। दरअसल, पालिका बाजार मेट्रो के गेट के सामने खड़े होकर कुछ लोग ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न देने की मांग करने लगे। प्रदर्शन करने वाले लोग मोदी-मोदी के नारे भी लगा रहे थे। एक शख्स ने कहा कि हमारी मांग है कि ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न से सम्मानित किया जाए। हम भारतीय हैं और किसी भी पार्टी से जुड़े हुए नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सच का साथ कभी नहीं छोड़ेंगे। सीजेपी का प्रदर्शन करने वालों में पालिका बाजार के दुकानदार भी थे। ये सभी लोग सीजेपी के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे थे। सीजेपी के प्रोटेस्ट में उतरे लोग सीजेपी के प्रोटेस्ट के चलते दिल्ली की सड़कों पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। पुलिस ने सीपी और आसपास बीएनएनस की धारा 163 लागू की है। इसके अलावा, इंटरनेट को भी धीमा कर दिया गया है। हालांकि, इन सबके बाद भी सीजेपी के बुलावे पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी शाम होते ही सीपी के आसपास पहुंचने लगे। लोगों के हाथों में तिरंगा था। अभिजीत दीपके जिस घर में रुके हुए थे, वहीं से पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया तो लेफ्ट संगठन आईसा की छात्रनेता नेहा बोरा मंडी हाउस तक पहुंचने में कामयाब रहीं। उन्हें भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारियों के हाथों में तिरंगा सीजेपी प्रोटेस्ट में शामिल होने के लिए सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों के हाथों में तिरंगा था। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना शुरू कर दिया। एनडीएमसी ने शुक्रवार और शनिवार, दो दिनों के लिए सेंट्रल पार्क को बंद कर दिया है। पुलिस ने सीजेपी के तिरंगा मार्च को इजाजत नहीं दी है। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि कनॉट प्लेस में केंद्रीय उद्यान में 16 अक्टूबर को तिरंगा लेकर जुटने की अपील के मद्देनजर इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है। दिल्ली पुलिस की जनसंपर्क अधिकारी डीसीपी नेहा यादव ने बताया कि सीजेपी ने 16 अक्टूबर को शाम पांच बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में राष्ट्रीय ध्वज लेकर जुटने की अपील सोशल मीडिया और संवाददाता सम्मेलन के माध्यम से की है।

बी.टी.आई. मैदान में भव्य दशहरा उत्सव की तैयारियों का शुभारंभ, संजय श्रीवास्तव ने किया भूमिपूजन

रायपुर राजधानी रायपुर के केशंकर नगर स्थित बी.टी.आई. मैदान में खम्हारडीह सार्वजनिक दशहरा एवं सांस्कृतिक समिति द्वारा आयोजित होने वाले दशहरा उत्सव की तैयारियों का शुभारंभ छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव के करकमलों से विधिवत भूमिपूजन के साथ हुआ। संजय श्रीवास्तव ने विधि.विधान से पूजा.अर्चना कर कार्यक्रम की सफलता एवं क्षेत्र की सुख.समृद्धि की कामना की। संजय श्रीवास्तव ने कहा कि दशहरा का पर्व असत्य पर सत्यए अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। यह पर्व हमें भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा समाज में सद्भावए एकता और सकारात्मकता को बढ़ावा देने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि दशहरा जैसे सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजन हमारी समृद्ध भारतीय परंपराओं को जीवंत रखने के साथ ही नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे आयोजनों से समाज में आपसी भाईचारा और सामूहिक सहभागिता की भावना मजबूत होती है। भूमिपूजन के साथ ही  खम्हारडीह सार्वजनिक दशहरा एवं सांस्कृतिक समिति के आयोजन की तैयारियों ने गति पकड़ ली है। क्षेत्रवासियों में दशहरा उत्सव को लेकर उत्साह और उमंग का वातावरण है। इस अवसर पर मुख्य रूप से , पार्षद रोहित साहू, विजेंद्र यादव, जगदीश साहू, हरिराम पाल, पुनीत यादव, गिरवर साहू, सूर्यवंश साहू, पारस नाथ, दिनेश साहू , कृष्ण बरमाल , डी एन पारधी, समिति के पदाधिकारीए सदस्यगण एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

धान खरीद में पारदर्शिता पर जोर, हरियाणा में 1.52 लाख किसानों का सत्यापन पूरा

चंडीगढ़  हरियाणा में धान खरीद के दौरान सरकार का जोर केवल मंडियों में फसल खरीदने तक सीमित नहीं है, बल्कि चावल मिलों की गतिविधियों, किसानों के सत्यापन और खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में प्रदेश की 1,433 चावल मिलों का आनलाइन पंजीकरण किया जा चुका है, जबकि 1,215 मिलों का जियो-फेंसिंग आधारित भौतिक सत्यापन पूरा हो गया है। मिलिंग प्रक्रिया पर निगरानी मजबूत करने के लिए मिलों की बिजली खपत और बिजली बिलों पर भी नजर रखी जा रही है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने खरीफ खरीद सीजन की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और मंडियों में व्यवस्थाएं सुचारू रखने के निर्देश दिए। बैठक में डिजिटल सत्यापन, गेट पास जारी करने, तुलाई, नमी की जांच और खरीद से जुड़े दस्तावेजों की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया। सरकार खरीद प्रक्रिया में आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन का इस्तेमाल भी कर रही है। मुख्य सचिव की बैठक में बताया गया कि अब तक 1,52,136 किसानों का सत्यापन पूरा किया जा चुका है। आनलाइन राइस मिल पंजीकरण और जियो-फेंसिंग के जरिये मिलों के भौतिक सत्यापन से संबंधित रिकार्ड को वास्तविक स्थिति से जोड़ने में मदद मिलेगी। बिजली खपत और बिलों की निगरानी भी मिलिंग गतिविधियों पर नजर रखने की व्यवस्था का हिस्सा है। बैठक में मुख्य सचिव ने उपायुक्तों को खरीद एजेंसियों, मंडी अधिकारियों, ढुलाईकर्ताओं और चावल मिल मालिकों के बीच बेहतर तालमेल बनाने को कहा, ताकि खरीद और उठान के दौरान आने वाली बाधाओं को समय रहते दूर किया जा सके। प्रदेश में धान खरीद 15 नवंबर तक जारी रहेगी।

नागरिकों को परिवहन संबंधी सेवाएं सरल, सुगम और समय-सीमा में कराई जाए उपलब्ध : परिवहन सचिव

परिवहन सचिव ने किया सीहोर जिला परिवहन कार्यालय का निरीक्षण, नागरिकों को त्वरित और बेहतर सेवाएं देने के दिये निर्देश परिवहन कार्यालय की व्यवस्थाओं का लिया जायजा, ऑनलाइन सेवाओं की देखी कार्य प्रणाली भोपाल सचिव मध्यप्रदेश सड़क परिवहन मनीष सिंह ने सीहोर जिला परिवहन कार्यालय का मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान कार्यक्रम अन्तर्गत निरीक्षण कर कार्यालयीन व्यवस्थाओं, अभिलेख संधारण तथा नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही ऑनलाइन सेवाओं की कार्यप्रणाली का जायजा लिया। उन्होंने कार्यालय के विभिन्न कक्षों और पूरे परिसर का निरीक्षण करते हुए परिवहन सेवाओं के संचालन की स्थिति देखी तथा संबंधित अधिकारियों से व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। सिंह ने कार्यालयीन स्टॉफ से चर्चा कर कामकाज के दौरान आने वाली समस्याओं और कार्य प्रणाली से जुड़ी कठिनाइयों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने जिला परिवहन अधिकारी रितेश तिवारी एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि नागरिकों के कार्यों को प्राथमिकता और गंभीरता से करें और सेवाओं की प्रदायगी में अनावश्यक विलंब न हो। साथ ही कार्यालय की व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित बनाए रखने और कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिये कहा। सचिव सड़क परिवहन सिंह ने निरीक्षण के दौरान कार्यालय में संधारित किए जा रहे अभिलेखों का अवलोकन किया और दस्तावेजों के व्यवस्थित संधारण के निर्देश दिये। उन्होंने नागरिकों को प्रदान की जाने वाली ऑनलाइन सेवाओं की प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि कार्यालय में आने वाले नागरिकों को परिवहन संबंधी सेवाएं सरल, सुगम और समय-सीमा में उपलब्ध कराई जाएं, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। निरीक्षण के दौरान सिंह ने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए परिवहन कार्यालय पहुंचे नागरिकों से चर्चा करते हुए परिवहन सेवाओं की प्रक्रिया, ऑनलाइन सुविधाओं तथा कार्यालय में मिलने वाली सेवाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कार्य प्रणाली को प्रभावी तथा नागरिकों की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जाए।  

बिलाश टांटी शर्मा के अंगदान से तीन लोगों को मिला नया जीवन, CM डॉ. यादव ने जताया सम्मान

श्रीमती बिलाश टांटी शर्मा के अंगदान से तीन लोगों को मिला जीवन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव नर्मदापुरम जिले में बनखेड़ी के ग्राम खापा खुर्द की निवासी स्व. श्रीमती शर्मा पैतृक गांव में मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि श्रीमती बिलाश टांटी शर्मा (शिवानी) के एम्स, भोपाल में अंगदान से तीन लोगों को जीवन मिला है। नर्मदापुरम जिले में बनखेड़ी के ग्राम खापा खुर्द निवासी श्रीमती शर्मा सड़क दुर्घटना में ब्रेन डेड हुईं थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि असहनीय दुःख की घड़ी में उनके परिजन ने अंगदान का निर्णय लेकर मानवता, संवेदनशीलता और परोपकार की ऐसी मिसाल पेश की, जो सभी को प्रेरित करेगी। राज्य शासन के निर्णय अनुसार स्व. शिवानी के पैतृक गांव में पार्थिव देह को मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बढ़ रही है अंगदान के प्रति जागरुकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस पहल से अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ी है, साथ ही इससे अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी सकारात्मक बदलाव आ रहा है। समाज में जीवन बचाने के इस पुनीत कार्य के प्रति संवेदनशीलता बढ़ रही है। स्व. शिवानी का यह महादान तीन परिवारों के जीवन में नई उम्मीद बनकर आया है। उनका योगदान मानवता के लिए सदैव स्मरणीय रहेगा।

एम.आई.सी.ई. पर्यटन से निवेश और रोजगार को मिलेगी गति, भोपाल में बनेगा विशाल कन्वेंशन सेंटर : डॉ. बेडेकर

भोपाल प्रदेश को अंतर्राष्ट्रीय स्तर के MICE (Meetings, Incentives, Conferences, and Exhibitions) पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए आधुनिक कन्वेंशन एवं एग्जीबिशन सेंटर और उन्नत अधोसंरचना पर जोर दिया जा रहा है। मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित ‘IEIA MICE इंडस्ट्री लीडर्स कनेक्ट–फोकस’ कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के अपर सचिव एवं महानिदेशक श्री सुमन बिल्ला शामिल हुए। इस दौरान मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के अपर प्रबंध संचालक डॉ. अभय अरविंद बेडेकर ने प्रदेश की संभावनाओं और निवेश के अवसरों का प्रस्तुतिकरण दिया। इंडियन एग्जीबिशन इंडस्ट्री एसोसिएशन (IEIA) द्वारा भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के सहयोग से आयोजित इस सम्मेलन की थीम ‘भारत में MICE आयोजनों के लिए इकोसिस्टम का निर्माण’ थी। सम्मेलन में पश्चिमी भारत को वैश्विक MICE पर्यटन के मानचित्र पर स्थापित करने के विषय पर गहन पैनल चर्चा हुई। भोपाल में बनेगा प्रदेश का सबसे बड़ा MICE कन्वेंशन केंद्र अपर प्रबंध संचालक डॉ. बेडेकर ने बताया कि भोपाल में प्रस्तावित सतगढ़ी कन्वेंशन एवं एग्जीबिशन सेंटर में 6 से 8 हजार प्रतिनिधियों की बैठक क्षमता विकसित करने की योजना है। यह केंद्र 172 एकड़ में विकसित किए जा रहे सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क का हिस्सा होगा। परियोजना के नियोजन में इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गनाइजेशन (ITPO) का तकनीकी सहयोग लिया जा रहा है। वर्तमान में भोपाल में कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर संचालित है। इसके अलावा, इंदौर स्थित ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में 5 हजार से अधिक प्रतिनिधियों की क्षमता और 15 ब्रेकआउट हॉल उपलब्ध हैं, जबकि खजुराहो स्थित महाराजा छत्रसाल कन्वेंशन सेंटर में 1200 से अधिक प्रतिनिधियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। अपर प्रबंध संचालक डॉ. बेडेकर ने रेखांकित किया कि मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड का उद्देश्य प्रदेश को व्यावसायिक आयोजनों के लिए एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। आधुनिक अधोसंरचना, निवेश-अनुकूल नीतियों, संस्थागत सहयोग और प्रदेश की समृद्ध प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत के समन्वय से मध्यप्रदेश में MICE पर्यटन की संभावनाओं को नया विस्तार दिया जाएगा। पर्यटन नीति में निवेश एवं आयोजनों के लिए प्रोत्साहन मध्यप्रदेश पर्यटन नीति-2025 के अंतर्गत MICE पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न वित्तीय प्रोत्साहनों का प्रावधान किया गया है। इसके तहत 500 या उससे अधिक बैठक क्षमता वाले पात्र आवासीय कन्वेंशन प्रोजेक्ट्स को पूंजीगत निवेश पर 15 प्रतिशत (अधिकतम 10 करोड़ रुपये तक) की सब्सिडी दी जा सकती है। इसके साथ ही पात्र राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय व्यापार प्रदर्शनियों के लिए स्थान व स्टॉल की लागत पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी तथा ‘ग्रीन इवेंट सस्टेनेबिलिटी सर्टिफिकेशन’ के लिए अधिकतम 1 लाख रुपये तक की 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति का प्रावधान है। प्रदेश में बड़े व्यावसायिक आयोजनों की क्षमता का प्रत्यक्ष उदाहरण ‘मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट-2026’ रहा। इसमें 34 देशों के 100 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय टूर ऑपरेटरों, 15 राज्यों के 180 घरेलू टूर ऑपरेटरों तथा 600 से अधिक हितधारकों ने सहभागिता की। इस आयोजन में 177 स्टॉलों के माध्यम से 10,263 बी2बी (B2B) बैठकें संपन्न हुईं। आयोजकों को मिलेगा समन्वय एवं मार्गदर्शन प्रदेश में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों को आकर्षित करने के लिए ‘सिटी MICE प्रमोशन ब्यूरो’ की स्थापना प्रस्तावित है। इसके माध्यम से आयोजकों को उपयुक्त स्थल एवं स्थानीय साझीदारों के चयन, संबंधित शासकीय विभागों व होटल व्यवसायियों के साथ समन्वय, वित्तीय प्रोत्साहनों की जानकारी तथा प्रतिनिधियों के लिए विशेष पर्यटन पैकेज तैयार करने में एकल खिड़की (सिंगल विंडो) सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।  

छत्तीसगढ़ में 31 व्यक्तिगत और 14 सामुदायिक योजनाओं से लोगों को लाभ, मुख्य सचिव ने की समीक्षा

31 व्यक्तिगत और 14 सामुदायिक योजनाओं का दिया जा रहा है सीधा लाभ मुख्य सचिव ने नियद-नेल्ला-नार और बस्तर मुन्ने 2.0 के कार्यों की समीक्षा की रायपुर, मुख्य सचिव विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन की महत्वकांक्षी कार्यक्रम नियद नेल्ला-नार योजना 2.0 और बस्तर मुन्ने 2.0 के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों को सीधे 31 व्यक्तिगत और 14 सामुदाियक योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने के लिए कार्ययोजना के तहत कार्य किया जा रहा है। नियद-नेल्ला-नार 2.0 के तहत दूरस्थ वनांचल और पूर्व नक्सल प्रभावित 10 जिला- बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, कांकेर, नारायणपुर, बस्तर, कोण्डागांव, गरियाबंद, मोहला-मानपुर, अम्बागढ़ चौकी और छुईखदान शामिल है।           मुख्य सचिव ने 10 जिलों के दूरस्थ वनांचल एवं पूर्व नक्सल प्रभावित ग्रामों में रहने वाले परिवारों तक व्यक्तिगत हितग्राही मूलक योजनाएं जैसे- मनरेगा जॉब कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन-सक्रिय नल, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत कार्ड, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री जन-धन योजना शामिल है।  इसी प्रकार किसान क्रेडिट कार्ड, महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, जनधन योजना, व्यक्तिगत वनाधिकार पट्टा, श्रम कार्ड, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, पोषण आहार, टीकाकरण, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, स्कूली छात्रों को मध्यान्ह भोजन-गणवेश-पाठ्य पुस्तक, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, जाति प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, विवाह प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, ईडब्ल्यूूएस ई-प्रमाण पत्र, मतदाता कार्ड, जननी सुरक्षा, वृद्धावस्था/विधवा/दिव्यांगता पेंशन, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और उज्ज्वला योजना जैसी कुल 31 योजनाएं शामिल हैं। इसी तरह से 14 सामुदायिक योजना जैसे- पक्की सड़कें, बिजली, पेयजल, स्कूल, आंगनबाड़ी, मोबाइल टॉवर, बैंकिंग सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं योजनाबद्ध ढंग से पहुंचायी जा रही है। मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए है कि योजनाओं का लाभ सभी हितग्राहियों को समय-सीमा के अंदर पहुंचायें। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी तालमेल और समन्वय स्थापित कर मिशन मोड पर काम करने के लिए कहा है।         बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, खनिज साधन विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, कौशल विकास विभाग के सचिव बसवराजु एस., लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, श्रम विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए संबंधित जिलों के कलेक्टर और अन्य विभागीय जिला अधिकारी भी शामिल हुए।

रायपुर से रावघाट और कुरुद जाना होगा आसान, यात्रियों के लिए शुरू होंगी 3 नई MEMU ट्रेनें

रायपुर  रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल के लगातार प्रयासों से छत्तीसगढ़ की रेल कनेक्टिविटी को बड़ी उपलब्धि मिली है। रेल मंत्रालय ने रायपुर से रावघाट और कुरुद के बीच 3 नई मेमू पैसेंजर ट्रेनों के संचालन को मंजूरी दे दी है। रेल मंत्री ने पत्र लिखकर दी जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल को पत्र लिखकर इन नई ट्रेनों की स्वीकृति की जानकारी दी है। पत्र में कहा गया है कि जनसुविधा और क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने के लिए इन ट्रेनों को शुरू किया जा रहा है। मंजूर हुई 3 नई ट्रेनें इस प्रकार हैं     गाड़ी सं. 68768 / 68769 : रायपुर – रावघाट मेमू     गाड़ी सं. 68772 / 68771 : रायपुर – कुरुद मेमू     गाड़ी सं. 68774 / 68773 : रायपुर – कुरुद मेमू क्षेत्रीय विकास को मिलेगी रफ्तार इस सौगात पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि उनका लगातार प्रयास रहा है कि क्षेत्र की जनता को बेहतर, सुगम और सस्ता सफर मिले। उन्होंने रेल मंत्री से मेमू ट्रेनों के लिए अनुरोध किया था, जिसे अब हरी झंडी मिल गई है। उन्होंने कहा कि रायपुर से रावघाट और कुरुद के बीच ये ट्रेनें शुरू होने से डेली पैसेंजर्स, नौकरीपेशा लोगों, किसानों, व्यापारियों, स्टूडेंट्स और दूर-दराज से राजधानी आने वाले मरीजों को सीधी और तेज यात्रा की सुविधा मिलेगी। इससे समय की बचत होगी और व्यापारिक व सामाजिक संपर्क मजबूत होगा।  

योगी सरकार का फैसला, सप्तमी से नवमी तक मंदिरों में होंगे देवी गीत और दुर्गा सप्तशती पाठ

योगी सरकार सप्तमी से नवमी तक मंदिरों में कराएगी देवी गीत व दुर्गा सप्तशती पाठ का आयोजन प्रदेश के सभी प्रमुख देवी मंदिरों में होंगे सांस्कृतिक आयोजन, महिलाओं की सुरक्षा और स्वावलंबन पर जोर नवरात्र में 78 स्थानीय कलाकारों को मिलेगा मंच, हर जगह 3 प्रतिभाओं को अवसर नवरात्र से खुलेगा महिलाओं/स्थानीय कलाकारों की प्रतिभा व रोजगार का रास्ता: जयवीर सिंह लखनऊ  प्रदेश के प्रमुख देवी मंदिरों में शक्ति आराधना के साथ आज से महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन का संदेश गूंजेगा। मिशन शक्ति के तहत योगी सरकार शारदीय नवरात्र की सप्तमी से नवमी तिथि (शनिवार से सोमवार) तक चयनित मंदिरों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कराएगी। इनमें पारंपरिक देवी गीतों पर आधारित गायन और दुर्गा सप्तशती का पाठ होगा।  देवी गायन और दुर्गा सप्तशती पाठ होंगे मुख्य आकर्षण नवरात्र की सप्तमी, अष्टमी और नवमी पर होने वाले कार्यक्रमों में देवी गीतों की पारंपरिक गायन शैली को प्रमुखता दी जाएगी। इसके साथ दुर्गा सप्तशती का पाठ भी होगा। इन आयोजनों के जरिए शक्ति आराधना की परंपरा को आगे बढ़ाने के साथ महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक किया जाएगा। स्थानीय कलाकारों को मंच देगी योगी सरकार प्रत्येक मंदिर में तीन स्थानीय कलाकार प्रस्तुति देंगे। इस तरह कुल 78 कलाकारों को अपनी कला दिखाने का अवसर मिलेगा। इनमें महिला कलाकारों की संख्या अधिक रहेगी। लखनऊ के चंद्रिका देवी, संकटा देवी मंदिर, प्रयागराज के अलोपी देवी और ललिता देवी मंदिर में  तीन-तीन स्थानीय कलाकार प्रस्तुति देंगे। इस तरह लखनऊ और प्रयागराज के चार मंदिरों में कुल 12 कलाकारों को अवसर मिलेगा। बाकी 22 मंदिरों में तीन-तीन कलाकार कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे।  सामाजिक बदलाव का माध्यम बनेंगे आयोजन पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि शारदीय नवरात्र आस्था, शक्ति और सांस्कृतिक परंपराओं का पर्व है। हमारा प्रयास है कि धार्मिक आयोजन सामाजिक बदलाव का माध्यम बनें और महिलाओं व बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान तथा आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करें। इन कार्यक्रमों के जरिए स्थानीय कलाकारों, विशेषकर महिला कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। इससे पारंपरिक देवी गीतों और लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ कलाकारों की आजीविका को सहारा मिलेगा। बॉक्स योगी सरकार इन मंदिरों में कराएगी त्रिदिवसीय आयोजन  मां विंध्यवासिनी देवी- मीरजापुर  विशालाक्षी मंदिर- वाराणसी ज्वाला देवी-सोनभद्र सीता समाहित स्थल- सीतामढ़ी (भदोही) अलोपशंकरी देवी-प्रयागराज ललिता देवी- प्रयागराज कड़ावासिनी- कौशांबी देवीपाटन- बलरामपुर  ललिता देवी- नैमिषारण्य (सीतापुर) शाकुंभरी देवी- सहारनपुर  कात्यायनी देवी- मथुरा मां शीतला चौकिया धाम- जौनपुर  बेल्हा देवी- प्रतापगढ़  महालक्ष्मी देवी मंदिर- वाराणसी चंद्रिका देवी- उन्नाव देवकाली मंदिर- औरैया मां तरकुलहा देवी धाम- गोरखपुर  मां शीतला माता स्थल-मऊ मां सिंह वाहिनी काली देवी- चित्रकूट  गायत्री शक्तिपीठ- हमीरपुर  बैरागढ़ माता- कोंच जालौन कुष्मांडा देवी-घाटमपुर  शीतला माता मंदिर- मैनपुरी चामुंडा देवी मंदिर- फिरोजाबाद चंद्रिका देवी मंदिर-लखनऊ संकटा देवी मंदिर- लखनऊ ।

योगी सरकार पांच डॉप्लर रडार लगाने के लिए खर्च कर रही 19.50 करोड़, आमजन और किसानों को मिलेगी राहत

डॉप्लर रडार देगा यूपी में तूफान-अतिवृष्टि की पूर्व सूचना, मौसम की होगी सटीक निगरानी योगी सरकार पांच डॉप्लर रडार लगाने के लिए खर्च कर रही 19.50 करोड़, आमजन और किसानों को मिलेगी राहत आजमगढ़, लखनऊ, झांसी, अलीगढ़ और वाराणसी में लगेंगे, प्रत्येक रडार की 500 किमी. तक होगी रेंज राहत से पहले बचाव पर फोकस, सरकार मौसम संबंधी आपदाओं से नुकसान कम करने के लिए उठा रही कदम लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार मौसम संबंधी आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने और लोगों की जान बचाने के लिए तकनीक का सहारा ले रही है। इसी दिशा में प्रदेश में पांच डॉप्लर वेदर रडार स्थापित करने की योजना बनाई गई, जिसमें से दो स्थापित कर दिए गए है। वहीं तीन अन्य शहरों के लिए प्रक्रिया जारी है। इन व्यवस्थाओं से मौसम की निगरानी बेहतर होगी और आपदा से पहले जरूरी कदम उठाने में मदद मिलेगी। पांच शहरों में स्थापित किए जा रहें डॉप्लर वेदर रडार राहत आयुक्त डॉ. ऋषिकेश भास्कर यशोद के मुताबिक प्रदेश में मौसम की निगरानी को मजबूत करने के लिए आजमगढ़, लखनऊ, झांसी, अलीगढ़ और वाराणसी में पांच डॉप्लर वेदर रडार स्थापित करने की योजना बनाई गई। अब तक आजमगढ़ और वाराणसी में रडार की स्थापना हो चुकी है, जबकि शेष तीन स्थानों पर काम प्रक्रियाधीन है। इन रडार से मिलने वाले आंकड़ों के आधार पर तेज बारिश, आंधी-तूफान और अन्य गंभीर मौसमी घटनाओं की निगरानी व पूर्वानुमान लगाने में मदद मिलेगी। हर रडार की रेंज लगभग 250 से 500 किलोमीटर तक होती है। आम लोगों से लेकर किसानों को भी फायदा इन रडार का सीधा फायदा आम लोगों को मिलेगा। मौसम खराब होने की स्थिति में प्रशासन को पहले से तैयारी करने, संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए समय मिल सकेगा। किसानों को भी मौसम की गंभीर परिस्थितियों के प्रति सतर्क करने में सहायता मिलेगी। इससे फसलों, पशुओं और कृषि कार्यों को होने वाले नुकसान को कम करने की दिशा में बेहतर तैयारी की जा सकेगी। बॉक्स कुल 22.45 करोड़ होंगे खर्च प्रदेश में पांच शहरों में अत्याधुनिक डॉप्लर रडार स्थापित किए जा रहे हैं। यह महत्वपूर्ण वित्तीय निवेश मौसम के सटीक और अग्रिम पूर्वानुमान को सक्षम बनाएगा। इस पर योगी सरकार लगभग 19.50 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसके अतिरिक्त डॉप्लर वेदर रडार  साइट्स पर सिविल कार्यों के लिए 2.95 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ऐसे में सरकार कुल 22.45 करोड़ रुपये खर्च कर प्रदेश को आपदा मुक्त बनाने का प्रयास करेगी।