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सोनम वांगचुक को रिहा करने की मांग को लेकर आप का जोरदार कदम

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) ने शिक्षाविद् सोनम वांगचुक गिरफ्तारी को गलत करार देते हुए उनकी तत्काल रिहाई की माँग की है। आप के वरिष्ठ नेता दुर्गेश पाठक ने शनिवार को कहा कि पिछले दो-तीन दिनों में पूरे देश के अंदर हुए घटनाक्रम बहुत डरावने है और हमारे लोकतंत्र को कमजोर करने वाले हैं। यह घटना मोदी सरकार के तानाशाही चरित्र को दिखाता है। कई वर्षों से लद्दाख को केंद्र शासित राज्य से पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर आंदोलन चल रहा है। इस पूरे आंदोलन का नेतृत्व जाने-माने पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक कर रहे थे।  सोनम वांगचुक को एशिया का नोबल पुरस्कार कहे जाने वाले रमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। आठ से अधिक यूनिवर्सिटी ने उनको डॉक्टरेट की उपाधि दी है। खुद मोदी सरकार ने उनको कई सारे अवार्ड देकर सम्मानित किया है। इनके बावजूद श्री वांगचुक के ऊपर एनएसए लगाकर गिरफ्तार कर लिया गया। सरकार ने आरोप लगाया कि सोनम वांगचुक देशद्रोही और भारत के खिलाफ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कई सालों से पूरे देश के अंदर देखा जा रहा है कि जो भी व्यक्ति भाजपा या मोदी सरकार के खिलाफ बोलता है, तो उस व्यक्ति को किसी एक्ट में फंसाकर उसे जेल भेज देती है। इसके जरिए भाजपा दिखाना चाहती है कि कोई भी व्यक्ति मोदी सरकार की आलोचना नहीं कर सकता है और ना तो मोदी सरकार के खिलाफ बोल सकता है। भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने का वादा किया था। लद्दाख के लोग मोदी सरकार से अपना वादा पूरा करने की ही मांग कर रहे हैं। श्री पाठक ने कहा कि आम आदमी पार्टी भारत से प्यार करने वाले, भारतीय लोकतंत्र के मूल्यों से प्यार करने वाले हर भारतीय को सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी का विरोध करने की अपील करती है। मोदी सरकार की यह कार्रवाई भारतीय लोकतंत्र के खिलाफ है। मोदी सरकार की इस करतूत को देखकर आज हमारे संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. अंबेडकर, पंडित जवाहर लाल नेहरू, सरदार बल्लभ भाई पटेल शर्मिंदा होंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र की सत्ता में बैठी मोदी सरकार विपक्ष की आवाज को खत्म करने के लिए किसी भी हद तक जा रही है। आम आदमी पार्टी सोनम वांगचुक को तत्काल रिहा करने और उन पर लगा एनएसए हटाने की मांग करती है। सरकार लद्दाख के लोगों की मांगों को सुने और उसे पूरा करे।  

रायपुर में पीएम सूर्यघर योजना ने दिया राहत और मुनाफा, प्रतिकूल मौसम में भी सफलता

रायपुर: पीएम सूर्यघर योजना ने प्रतिकूल मौसम में भी किसानों को दी राहत और मुनाफा पड़ोसी को देख पड़ोसी ने लगवाया अपनी छत पर भी सोलर पैनल रायपुर छत्तीसगढ़ में अपनी छतों पर सोलर पैनल लगाकर बिजली बनाने और उसका उपयोग करने की प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना तेजी से लोकप्रिय हो रही है। इस योजना से घरों के बिजली बिलों में कटौती तो हो ही रही है, इसके साथ-साथ अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजकर मुनाफा भी हो रहा है। गरमी, उमस भरी बरसात या ठंड जैसे प्रतिकूल मौसम में भी इस योजना से बिजली की आबाध आपूर्ति के साथ-साथ आर्थिक लाभ भी हो रहा है। कोरबा जिले के कटघोरा में पड़ोसी ने पड़ोसी को देखकर अपनी छत पर सोलर पैनल लगवाया है।  कटघोरा कस्बे में श्रीमती ज्योति अनंत और श्री गोरे सिंह राजपूत आसपास रहते हैं। श्रीमती ज्योति ने अपनी घर की छत पर सोलर पैनल लगवाकर अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा किया। उन्होंने बताया कि अब उनके घर के सभी उपकरण निर्बाध रूप से चल रहे हैं और घर की ऊर्जा का उत्पादन पूरी तरह आत्मनिर्भर है। “पहले गर्मी का मौसम चुनौतीपूर्ण लगता था, अब वही मौसम राहत और मुनाफा लेकर आता है। हम अपनी जरूरत की बिजली स्वयं बना रहे हैं और अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजकर आर्थिक लाभ भी अर्जित कर रहे हैं। उन्होंने योजना की सबसे बड़ी खासियत यह बताई कि यह पर्यावरण के लिए सुरक्षित और हरित ऊर्जा के लिए लाभकारी है। उनकी छत केवल बिजली उत्पादन का केंद्र ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और हरित छत्तीसगढ़ में योगदान का प्रतीक बन गई है।   पड़ोसी से प्रेरित होकर श्री गोरे सिंह राजपूत ने भी प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठाया। उन्होंने बताया कि योजना के माध्यम से उनके घर की छत पर तीन किलोवाट का सोलर पैनल इंस्टॉल हुआ, जिसकी कुल लागत एक लाख 95 हजार रुपये थी और केंद्र सरकार की 78 हजार रुपये की सब्सिडी मिली। उन्होंने बताया कि अब उनका मासिक बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है और घर की विद्युत आपूर्ति के लिए वे पूरी तरह आत्मनिर्भर है। श्री राजपूत ने कहा, “सौर ऊर्जा अपनाकर हम न केवल अपने खर्च में संतुलन ला रहे हैं, बल्कि पर्यावरण की रक्षा में भी योगदान दे रहे हैं। इस योजना से हमारा जीवन आसान और आर्थिक रूप से सशक्त हुआ है। यह अनुभव अन्य स्थानीय निवासियों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है।” प्रधानमंत्री श्री मोदी और मुख्यमंत्री श्री साय ने इस योजना के माध्यम से नागरिकों को स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा उपलब्ध कराई है। इस पहल से परिवारों में आत्मनिर्भरता, आर्थिक स्थिरता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिला है। श्रीमती ज्योति और श्री गोरे सिंह राजपूत ने योजना के लिए अपना हृदय से धन्यवाद व्यक्त किया और भविष्य में इस तरह की योजनाओं के निरंतर लाभ की उम्मीद जताई। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना देश के आम नागरिकों के लिए स्वच्छ ऊर्जा और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बन चुकी है। योजना का उद्देश्य आम नागरिकों को हरित ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना, घरेलू खर्च में संतुलन लाना और आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाना है। इस योजना के तहत रियायती दरों पर सोलर पैनल उपलब्ध कराए जाते हैं और केंद्र सरकार द्वारा 78 हजार रुपये की सब्सिडी और राज्य सरकार से रूपये 30 हजार की राशि लाभार्थियों को प्रदान की जाती है। इससे न केवल आर्थिक राहत मिलती है, बल्कि परिवारों को उनकी बिजली की जरूरतों के लिए स्वतंत्रता भी मिलती है। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना का लाभ लेने के लिए नागरिक सरल प्रक्रिया के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। योजना की वेबसाइट और स्थानीय प्रशासन कार्यालय इसके लिए मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। यह योजना पर्यावरण संरक्षण और हरित ऊर्जा के प्रति नागरिकों में जागरूकता भी बढ़ा रही है। इससे सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा भी मिल रहा है।

गगनप्रीत कौर को बड़ी राहत! BMW हादसे में अब कोर्ट ने सुनाई जमानत

नई दिल्ली दिल्ली के धौला कुआं के पास हुए बीएमडब्ल्यू हादसे की आरोपी गगनप्रीत कौर को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने गगनप्रीत को जमानत दे दी है। 14 सितंबर को हुए इस हादसे में वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी नवजोत सिंह की दर्दनाक मौत हो गई थी। जबकि उनकी पत्नी संदीप गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। पत्नी ने आरोप लगाया था कि गाड़ी में मौजूद आरोपी पति-पत्नी उन्हें पास के किसी अस्पताल ना ले जाकर 19 किलोमीटर दूर एक छोटे से अस्पताल ले गए जिससे उनके पति को समय पर इलाज नहीं मिल पाया और उनकी मौत हो गई। उन्होंने दावा किया था कि वह बार-बार उनसे गुहार लगाती रहीं कि मेरे पति को तुरंत इलाज की जरूरत हैं, प्लीज किसी पास के अस्पताल में ले चलिए लेकिन उन दोनों ने एक नहीं मानी। आदेश सुनाने से पहले कोर्ट ने कहा कि कुछ ही सेकंड में एक एम्बुलेंस वहां पहुंच गई थी और 30 सेकंड तक वहीं रही। लेकिन घायलों को अस्पताल नहीं ले जाया गया। जबकि उन्हें कोई इमरजेंसी भी नहीं थी और वे वह पास के आर्मी बेस अस्पताल जा रहे थे। इस एम्बुलेंस का क्या किया जाना चाहिए? अदालत ने पुलिस से पूछा, क्या वे लापरवाही से हुई मौत के आरोपी नहीं हैं? अदालत ने कहा कि पैरामेडिक के साथ एम्बुलेंस घायलों को अस्पताल ले जाने के लिए बाध्य थी। अदालत ने कहा कि पैरामेडिक ने आसपास खड़े लोगों से पूछा कि क्या किसी को मदद चाहिए। वहां एक एंबुलेंस बिल्कुल तैयार थी जो 30 सेकंड के भीतर वहां से चली गई। क्या यह इलाज में लापरवाही नहीं है? इन शर्तों के साथ दी गई जमानत दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने उन्हें एक लाख रुपए के मुचलके और इतनी ही राशि की दो जमानत पर बेल दी है। कोर्ट ने गगनप्रीत कौर को अपना पासपोर्ट जमा करने का भी निर्देश दिया है।  

कब होती है सिंदूर खेला की शुरुआत? पूरी परंपरा जानें

हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्रि और दुर्गा पूजा का विशेष महत्व होता है. मां दुर्गा की प्रतिमा की स्थापना से लेकर विजयदशमी तक भक्त देवी के नौ रूपों की पूजा-अर्चना करते हैं. दुर्गा पूजा का समापन विजयदशमी के दिन होता है. इसी दिन बंगाल और अन्य जगहों पर एक विशेष परंपरा निभाई जाती है जिसे सिंदूर खेला कहा जाता है. विवाहित महिलाएं इस दिन मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित करती हैं और एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर उनके अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं. सिंदूर खेला 2025 कब है? साल 2025 में शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 22 सितंबर, सोमवार से हो चुकी है और दुर्गा पूजा का समापन 2 अक्टूबर, गुरुवार को विजयदशमी के दिन होगा. इसी दिन सिंदूर खेला का आयोजन किया जाएगा. सिंदूर खेला की परंपरा     सिंदूर खेला केवल विवाहित महिलाएं करती हैं.     सबसे पहले वे मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित करती हैं.     इसके बाद वे एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर अखंड सौभाग्य और पति की लंबी उम्र का आशीर्वाद मांगती हैं.     इसे महिलाओं का भाईचारे और शक्ति का प्रतीक भी माना जाता है. धार्मिक महत्व सिंदूर खेला को मां दुर्गा से आशीर्वाद प्राप्त करने का अवसर माना जाता है. इस परंपरा से स्त्रियों के जीवन में खुशहाली, समृद्धि और वैवाहिक सुख बना रहता है. यह दिन मां दुर्गा की विदाई का होता है, इसलिए महिलाएं उन्हें विदा करते समय अपने परिवार और पति की लंबी उम्र के लिए वर मांगती हैं. आजकल यह परंपरा केवल बंगाल तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे देश और विदेश में जहां भी बंगाली समाज है वहां सिंदूर खेला का आयोजन धूमधाम से किया जाता है.

एनएसई कार्यशाला : आईपीओ अवसरों का उद्घाटन (RAMP पहल के अंतर्गत)

भोपाल विश्व बैंक समर्थित रेज़िंग एंड एक्सेलेरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस (RAMP) पहल के अंतर्गत आज भोपाल में “आईपीओ अवसरों का उद्घाटन” विषय पर एक कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत राज्य नोडल अधिकारी (RAMP) श्री अनिल थागले के स्वागत व उद्घाटन संबोधन से हुई। उन्होंने एमएसएमई क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने और उद्यमियों को पूंजी बाज़ार से जोड़ने में RAMP पहल के महत्व पर प्रकाश डाला। तथा प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश के एमएसएमई के लिए आईपीओ और पूंजी बाज़ार से जुड़ने के अवसरों पर विशेष मार्गदर्शन दिया। ईवाई एसपीआईयू टीम ने RAMP योजना की मुख्य विशेषताओं एवं उद्देश्यों की प्रस्तुति दी। इसके बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट श्री कृष्णन अय्यर ने एमएसएमई एक्सचेंज लिस्टिंग की प्रक्रिया और लाभों पर जागरूकता सत्र लिया। मर्चेंट बैंकर ने एमएसएमई के लिए आईपीओ यात्रा की चरणबद्ध जानकारी दी। साथ ही, बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) विशेषज्ञों ने आईपीआर के पंजीकरण और सुरक्षा पर विस्तृत सत्र आयोजित किया तथा बताया कि यह व्यवसाय के मूल्यांकन और प्रतिस्पर्धात्मकता में कैसे सहायक है। कार्यक्रम का समापन मध्यप्रदेश की सूचीबद्ध एमएसएमई इकाइयों को चेक वितरण समारोह के साथ हुआ, जिसमें उनकी पूंजी बाज़ार में सफल भागीदारी का उत्सव मनाया गया। अंत में संयुक्त संचालक श्री अम्ब्रीश अधिकारी द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया।

खूबसूरत भाभी को लेकर फरार हुई ननद, राज खुला मोबाइल चैटिंग से

जबलपुर आमतौर पर ननद-भाभी के रिश्ते में खटपट की कहानियां सुनने को मिलती हैं, लेकिन जबलपुर में सामने आए एक मामले ने सबको चौंका दिया है. यहां एक ननद अपनी ही भाभी की खूबसूरती पर फिदा हो गई और दोनों के बीच इश्क परवान चढ़ गया. हालात ऐसे बने कि ननद और भाभी अपने घर-परिवार को छोड़कर रफूचक्कर हो गईं है.  मामला अमरपाटन इलाके का है, जहां आशुतोष नाम के युवक ने करीब 7 साल पहले संध्या से लव मैरिज की थी. दोनों की शादीशुदा जिंदगी सामान्य चल रही थी और दोनों का 5 साल का बेटा भी है. इस दौरान आशुतोष अपने बच्चे की पढ़ाई के सिलसिले में पत्नी समेत जबलपुर शिफ्ट हो गया.  जबलपुर में घर पर आशुतोष की ममेरी बहन यानी पत्नी की ननद मानसी का आना-जाना लगा रहता था और ननद-भाभी में काफी बातचीत भी होती थी. कई बार दोनों साथ में बाज़ार भी जाती थीं. लेकिन ननद-भाभी का पारिवारिक रिश्ते के चलते किसी को कोई शक भी नहीं था. सब कुछ सामान्य था.  इसी बीच, अचानक 12 अगस्त को आशुतोष की पत्नी संध्या अचानक घर से लापता हो गई और अगले दिन वह जबलपुर रेलवे स्टेशन पर मिली और फिर कुछ समय तक पति और बेटे के साथ रही. लेकिन 22 अगस्त को वह अपना मोबाइल घर पर छोड़कर बाहर गई तो वापस नहीं लौटी और अब तक लापता है.  पति अपनी लापता पत्नी के लिए परेशान था लेकिन उसे कभी शक भी नहीं हुआ कि उसकी पत्नी और बहन के बीच रिश्ता महज पारिवारिक नहीं है. पत्नी के लापता होने के कुछ दिन बाद जब पति ने घर पर रखा पत्नी का फोन खंगाला तो उसमें ननद के साथ पत्नी की रोमांटिक चैटिंग मिली जिसे देखकर पति के पैरों तले जमीन खिसक गई.  एएसपी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि पीड़ित पति की ओर से जबलपुर ग्रामीण के घमापुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है. क्योंकि पत्नी अपने साथ फोन नहीं ले गई है इसलिए इसकी लोकेशन ट्रेस करने में समस्या आ रही है हालांकि, कुछ तकनीकी साक्ष्य पुलिस को मिले हैं जिसके आधार पर लापता पत्नी की तलाश की जा रही है. 

धान खरीदी में बदलाव: हर मंडी में HCS अधिकारी, किसानों को अब मिलेगा तेज और पारदर्शी काम!

चंडीगढ़ प्रदेश में धान खरीद प्रक्रिया में आ रही लगातार शिकायतों को देखते हुए हरियाणा सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने शुक्रवार को सभी जिला उपायुक्तों को निर्देश जारी किए कि प्रत्येक मंडी में HCS स्तर का एक अधिकारी तैनात किया जाए। यह अधिकारी मंडी में धान की खरीद, उठान और अन्य गतिविधियों पर सीधी निगरानी रखेगा। निर्देशों के अनुसार, जिला उपायुक्त (DC) खुद भी मंडियों का दौरा करेंगे और खरीद व्यवस्था का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर रिपोर्ट मुख्यालय को भेजेंगे। सरकार ने DC को गेट पास, पोर्टल संचालन और उठान से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को सुचारू बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही राज्य सरकार ने मार्केटिंग बोर्ड के मुख्य प्रशासक, खाद्य एवं आपूर्ति निदेशक, हैफेड, कॉन्फैड और वेयरहाउसिंग निगम के प्रबंध निदेशकों को भी खरीद प्रणाली की व्यक्तिगत निगरानी के निर्देश दिए हैं। इन अधिकारियों को कम से कम 2 मंडियों का दौरा कर वहां की तैयारियों का जायजा लेना होगा और जहां भी कमी मिलेगी, उसे दूर करने के लिए तत्काल कार्रवाई करनी होगी। 

सरकार ने बढ़ाया निर्माण खर्च, हरियाणा में बदल जाएगा हर निर्माण का अंदाज

चंडीगढ़ हरियाणा में अब शहरों के आसपास लगने वाली कृषि भूमि पर स्कूल-अस्पताल, पेट्रोल पंप बनाना महंगा होगा। शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने कृषि भूमि पर कोई भी कॉमर्शियल काम करने पर एक्सटर्नल डेवलपमेंट चार्ज लगाने का फैसला किया है। इस संबंध में एक प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए सीएम नायब सैनी के पास भेज दिया है। अभी तक ये चार्ज सिर्फ शहरों की जमीन पर ही लगता था। कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही लागू होगा टैक्स इस प्रस्ताव को आने वाली कैबिनेट की मंजूरी के लिए मीटिंग में भी रखा जाएगा। इसके लागू होते ही टाउन कंट्री प्लानिंग के तहत नोटिफाइड एरिया के अंतर्गत आने वाले कृषि क्षेत्र में हर कॉमर्शियल एक्टिविटी में चार्ज वसूला जाएगा।  राज्य में अभी सिर्फ नगर निगमों, परिषदों और पालिका के एरिया में आने वाली लैंड पर ही ईडीसी की वसूली की जाती है। कृषि क्षेत्र में पहले कॉमर्शियल एक्टिविटी के लिए सिर्फ चेंज आफ लैंड यूज का ही चार्ज लगता था। नए प्रस्ताव के मुताबिक अब सीएलयू के साथ ईडीसी भी देना पड़ेगा।  राज्य में ईडीसी की कोई एक निश्चित दर नहीं है। यह एक प्रोजेक्ट के प्रकार और स्थान के आधार पर अलग-अलग होता है। दिसंबर 2024 में हरियाणा सरकार ने संभावित रियल एस्टेट क्षेत्रों के लिए ईडीसी दरों में 20% की वृद्धि को मंजूरी दी और उसके बाद हर साल 10% की वृद्धि तय की गई है। ईडीसी में बढ़ोतरी से रियल एस्टेट पर बड़ा असर देखने को मिलेगा। कई डेवलपर्स ने इस फैसले को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि जो इन्फ्रास्ट्रक्चर सुधारने का वादा किया गया था, वह अब तक पूरा नहीं हुआ है, जबकि ईडीसी के जरिए बहुत पैसा इकट्ठा किया जा चुका है।

PM-किसान योजना: केंद्र सरकार ने दिवाली से पहले 27 लाख किसानों को बांटे 540 करोड़ रुपये

जालंधर  दिवाली से पहले किसानों को सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। दरअसल, केंद्र सरकार ने 27 लाख किसानों के लिए 540 करोड़ो रुपए ट्रांसफर किए हैं। केंद्र सरकार ने  प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 21वीं किस्त जारी कर दी। यह किस्त खास तौर पर उन किसानों के लिए है जो हाल ही में हुई भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए यह किस्त जारी की। इस किस्त से तीनों राज्यों के करीब 27 लाख किसानों को सीधा फायदा हुआ है। किसानों के बैंक खातों में कुल 540 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि सीधे ट्रांसफर की गई है, जिसमें करीब 2.7 लाख महिला किसान भी शामिल हैं।     पंजाब के 1109,895 किसानों को 221.98 करोड़ रुपये मिलेंगे     हिमाचल प्रदेश के 801,045 किसानों को 160.21 करोड़ रुपये मिलेंगे     उत्तराखंड के 789,128 किसानों को 157.83 करोड़ रुपये मिलेंगे  

सोनम वांगचुक पर विवादित बयान: नेपाल विद्रोह और अरब क्रांति का तूल पकड़ता संदेश

लेह सोनम वांगचुक को लद्दाख में क्यों गिरफ्तार किया गया इस बारे में बड़ा खुलासा हुआ है। लद्दाख प्रशासन की तरफ से जारी बयान के मुताबिक सोनम वांगचुक की गतिविधियां क्षेत्र की सुरक्षा और शांति के लिए बड़ा खतरा बन गई थीं। बयान में यह भी कहा गया था कि वांगचुक जिस तरह से नेपाल के विद्रोह और अरब क्रांति का उदाहरण दे रहे थे, उससे लोगों का गुस्सा भड़क रहा था। लद्दाख प्रशासन के मुताबिक लेह में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी जरूरी थी। बयान के मुताबिक वांगचुक को हिरासत में लेने के बाद जोधपुर में रखा गया है। गौरतलब है लद्दाख को राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची के विस्तार की मांग को लेकर केंद्र शासित प्रदेश में हुए हिंसक प्रदर्शन के दो दिन बाद शुक्रवार को जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इस हिंसक प्रदर्शन में चार लोगों की मौत हो गई थी और 90 अन्य घायल हो गए थे। पुलिस प्रमुख एस डी सिंह जामवाल के नेतृत्व में एक पुलिस दल ने वांगचुक को शुक्रवार दोपहर ढाई बजे हिरासत में लिया। इसके बाद उन्हें अब राजस्थान के जोधपुर कारागार में स्थानांतरित कर दिया गया है। प्रशासन की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि शांतिप्रिय कस्बे लेह में सामान्य स्थिति बहाल करना बेहद जरूरी है। इससे पहले की सोनम वांगचुक हालात को और खराब करते, उन्हें गिरफ्तार कर लेना जरूरी था। सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से भूख हड़ताल पर थे। प्रशासन का दावा है कि इसके पीछे उनकी मंशा संदिध थी। अधिकारियों के मुताबिक सरकार ने मामले पर बातचीत का ऑफर दिया था। लेकिन वांगचुक ने इस पर ध्यान न देते हुए भूख हड़ताल जारी रखी। भाषणों में नेपाल विद्रोह-अरब क्रांति का जिक्र लद्दाख प्रशासन ने सोनम वांगचुक पर यह भी आरोप लगाया है कि उनके भाषण और वीडियो काफी भड़काऊ होते थे। इसके चलते ही 24 सितंबर को इस क्षेत्र में अशांति फैली। प्रशासन की विज्ञप्ति में आगे बताया गया है कि उनके भड़काऊ भाषण, नेपाल के विद्रोह की चर्चा,अरब क्रांति का हवाला और अन्य भ्रामक वीडियोज ने हालात को खराब किया। इसके प्रभाव में संस्थान, इमारतें और वाहन जलाए गए और उसके बाद पुलिस कर्मियों पर हमला किया गया, जिससे चार व्यक्तियों की दुखद मृत्यु हुई। अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने विशेष जानकारी के आधार पर कार्रवाई की और सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत हिरासत में लिया।