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राम मंदिर के बदले मिलने वाली जमीन पर मस्जिद निर्माण की योजना रद्द, RTI में खुलासा

अयोध्या  अयोध्या में सदियों पुराने मंदिर-मस्जिद विवाद खत्म हो चुका है। विवादित स्थल पर राम मंदिर बन चुका है, जिसे लगातार भव्य रूप दिया जा रहा है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के फैसले में मुस्लिम पक्ष को जहां मस्जिद के लिए जमीन दी गई, वहां विकास की एक ईंट तक नहीं रखी गई है। और अब तो आरटीआई आवेदन के तहत निर्माण योजना ही खारिज होने की जानकारी मिली है, जो चौंकाने वाली है। हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक RTI (सूचना का अधिकार) के जवाब से पता चला है कि अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) ने सोहावल तहसील के धन्नीपुर गांव में बनने वाले मस्जिद के लेआउट प्लान को खारिज कर दिया है। ऐसा इसलिए क्योंकि विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा अनिवार्य अनापत्ति प्रमाणपत्र (NoC) जारी नहीं किए गए थे। सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर, 2019 को अयोध्या के अहम फैसले में मस्जिद और अन्य सुविधाओं के निर्माण के लिए उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को पांच एकड़ जमीन आवंटित करने का आदेश दिया था। 3 अगस्त, 2020 को तत्कालीन अयोध्या डीएम अनुज कुमार झा ने अयोध्या के पास धन्नीपुर गांव में पांच एकड़ जमीन सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को हस्तांतरित कर दी। मस्जिद ट्रस्ट ने 23 जून, 2021 को योजना की मंजूरी के लिए आवेदन किया था। तब से, मंजूरी पर कोई अपडेट नहीं आया है। विभाग ने बताया ये है दिक्कत अखबार ने आरटीआई कार्यकर्ता के हवाले से लिखा है कि मस्जिद के लेआउट प्लान को मंजूरी न मिलने का कारण विभिन्न सरकारी विभागों से आवश्यक एनओसी का नहीं मिलना है. इन प्रमाणपत्रों के बिना प्राधिकरण ने योजना को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया. यह खुलासा उस समय हुआ है जब अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण तेजी से चल रहा है, जिसे सुप्रीम कोर्ट के उसी फैसले के तहत मंजूरी दी गई थी. सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड और मस्जिद ट्रस्ट की ओर से अभी तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. अयोध्या विकास प्राधिकरण ने इस मामले में आगे की प्रक्रिया या समयसीमा के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की है. यह स्थिति तब और जटिल हो जाती है, जब यह देखा जाता है कि राम मंदिर निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है, जबकि मस्जिद परियोजना अभी तक प्रारंभिक चरण में ही अटकी हुई है. इस खुलासे के बाद यह उम्मीद की जा रही है कि सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड और संबंधित पक्ष इस मामले में आवश्यक कदम उठाएंगे ताकि परियोजना को गति मिल सके. मस्जिद ट्रस्ट ने कही ये बात अखबार ने मस्जिद ट्रस्ट के सचिव अतहर हुसैन के हवाले से लिखा है कि सुप्रीम कोर्ट ने मस्जिद के लिए जमीन आवंटित करने का आदेश दिया था और उत्तर प्रदेश सरकार ने हमें वह भूखंड आवंटित किया. मैं हैरान हूं कि सरकारी विभागों ने एनओसी क्यों नहीं दी और प्राधिकरण ने मस्जिद के लेआउट प्लान को क्यों खारिज कर दिया. उन्होंने आगे कहा कि हालांकि, अग्निशमन विभाग द्वारा की गई साइट जांच के दौरान यह पाया गया कि मस्जिद और अस्पताल भवन की ऊंचाई के अनुसार अप्रोच रोड की चौड़ाई 12 मीटर होनी चाहिए. लेकिन मौके पर दोनों अप्रोच मार्ग 6 मीटर से अधिक नहीं थे और मुख्य अप्रोच मार्ग की चौड़ाई केवल लगभग 4 मीटर थी. ट्रस्ट सचिव ने बताया कि उन्हें एनओसी या खारिज किए जाने के बारे में कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है. अग्निशमन विभाग की आपत्ति के अलावा मुझे किसी अन्य विभाग द्वारा उठाई गई किसी भी आपत्ति की जानकारी नहीं है. NOC आवेदन पर कोई आपत्ति नहीं मिली? 16 सितंबर 2025 को स्थानीय पत्रकार ओम प्रकाश सिंह की तरफ से दायर आरटीआई आवेदन के जवाब में एडीए ने स्वीकार किया कि मस्जिद ट्रस्ट ने आवेदन और जांच शुल्क के रूप में 4 लाख रुपये का भुगतान किया था। एडीए की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार- पीडब्ल्यूडी, प्रदूषण नियंत्रण, नागरिक उड्डयन, सिंचाई और राजस्व विभाग और नगर निगम, जिला मजिस्ट्रेट और अग्निशमन सेवा से एनओसी मांगी गई थी। मस्जिद ट्रस्ट के सचिव अतहर हुसैन ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने मस्जिद के लिए जमीन अनिवार्य कर दी है और उत्तर प्रदेश सरकार ने हमें भूखंड आवंटित किया है। मैं इस बात से अवाक हूं कि सरकारी विभागों ने अपनी एनओसी क्यों नहीं दी और प्राधिकरण ने मस्जिद के लेआउट प्लान को क्यों खारिज कर दिया।" उन्होंने बताया कि "हालांकि अग्निशमन विभाग द्वारा किए गए स्थल निरीक्षण के दौरान यह पाया कि मस्जिद और अस्पताल की इमारत की ऊंचाई के अनुसार यह जरूरी था कि पहुंच मार्ग 12 मीटर चौड़ा होना चाहिए। जबकि मौके पर दोनों पहुंच मार्ग छह मीटर से अधिक नहीं थे। और मुख्य पहुंच मार्ग की चौड़ाई केवल चार मीटर थी। ट्रस्ट सचिव ने कहा कि उन्हें किसी एनओसी या अस्वीकृति के बारे में कोई सूचना नहीं मिली है। उन्होंने कहा, "अग्निशमन विभाग की आपत्ति के अलावा, मुझे किसी अन्य विभाग की आपत्ति के बारे में कोई जानकारी नहीं है।" उन्होंने कहा, "अब जब आरटीआई जवाब से हमें स्थिति स्पष्ट हो गई है, तो हम अपनी आगे की कार्रवाई तय करेंगे।"

सेवा पखवाड़ा के तहत आज जनकपुर में रक्तदान

जनकपुर   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा पूरे देश में सेवा पखवाड़ा की शुरुआत की गई है। इसी क्रम में भाजपा मंडल जनकपुर द्वारा आज दिनांक 22 सितंबर 2025 को जनकपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए, वहीं क्षेत्र के युवाओं ने भी बढ़-चढक़र हिस्सा लिया। जहां कार्यकर्ताओं द्वारा कुल 9 यूनिट रक्तदान किया गया। जिसमें जनकपुर मंडल के मंडल अध्यक्ष नरेश यादव, जिला मंत्री पवन शुक्ला, नगर पंचायत के उपाध्यक्ष निलेश मिश्रा, रामनरेश यादव , गणेश तिवारी,अमित गुप्ता,ओम प्रकाश सोनी, अंकुश सिंह, रमेश बैगा ने रक्तदान किया।

क्रिकेट का काला सच: युवराज सिंह समेत स्टार खिलाड़ियों से ED की पूछताछ जारी

नई दिल्ली  भारत के पूर्व स्टार क्रिकेटर युवराज सिंह आज ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप से जुड़े एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी के सामने पेश हुए। ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप ‘वनxबेट’ से जुड़े धन शोधन के मामले में युवराज सिंह को पूछताछ के लिए ईडी ने पेश होने के लिए कहा था। 43 वर्ष के युवराज दोपहर बारह बजे एजेंसी के दफ्तर पहुंचे। आने वाले समय में कई और लोगों से भी इस मामले में पूछताछ होनी है। कुछ क्रिकेटरों के बयान भी ईडी ने दर्ज कर लिए हैं। युवराज समेत तमाम क्रिकेटरों ने इस ऐप का प्रचार अलग-अलग तरीकों से किया था। पीटीआई न्यूज के अनुसार अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने इस हरफनमौला से पूछताछ की और धन शोधन निरोधक अधिनियम के तहत उनके बयान दर्ज किये। एक इन्फ्लुएंसर अन्वेशी जैन भी इसी मामले में पूछताछ के लिए ईडी के समक्ष पेश हुई। ईडी इससे पहले क्रिकेटर सुरेश रैना, शिखर धवन, रॉबिन उथप्पा, टीएमसी की पूर्व सांसद और बांग्ला अभिनेत्री मिमि चक्रवर्ती, अभिनेता अंकुश हाजरा से भी पूछताछ कर चुका है। अभिनेता सोनू सूद को बुधवार को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। इस सट्टेबाजी ऐप के संचालन की जांच ईडी की ऐसे प्लेटफार्मों के खिलाफ व्यापक जांच का हिस्सा है, जिन पर करोड़ों रुपये की ठगी करने और कथित तौर पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों की भारी मात्रा में चोरी करने के आरोप हैं। इस जांच के तहत आने वाले दिनों में एजेंसी द्वारा कुछ अन्य खिलाड़ियों, फिल्म अभिनेताओं, ऑनलाइन प्रभावशाली व्यक्तियों और मशहूर हस्तियों से पूछताछ किए जाने की संभावना है। सभी से घंटों पूछताछ की जा रही है। हालांकि, अभी तक कोई बड़ा खुलासा नहीं हुआ है। लगभग आधा दर्जन के करीब बड़ी हस्तियों से ईडी ने पूछताछ की हुई है, लेकिन कोई ठोस सबूत या खुलासा धन शोधन मामले में नहीं हुआ है। हालांकि, अब इस तरह के ऐप हमेशा के लिए प्रतिबंधित कर दिए गए हैं।  

वास्तु के अनुसार घर में कौन-सा स्थान कैसा होना चाहिए

कहा जाता है कि वास्तु नियमों का ध्यान रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है और व्यक्ति को नेगेटिव एनर्जी से छुटकारा मिलता है। ऐसे में चलिए जानते हैं कि वास्तु के मुताबिक घर की किस दिशा में कौन-सी चीजें रखनी चाहिए।  उत्तर दिशा में रखें ये चीजें वास्तु शास्त्र में उत्तर दिशा में पानी से संबंधित चीजें रखना शुभ माना जाता है। ऐसे में आप इस दिशा में पानी के स्त्रोत जैसे बोरिंग, छोटा-सा फाउंटेन या फिर पानी की टंकी रख सकते हैं। उत्तर दिशा में मंदिर रखना भी शुभ होता है। इसी के साथ इस दिशा में धन या तिजोरी आदि रखने से भी आपको लाभ मिल सकता है। पूर्व दिशा के नियम वास्तु के मुताबिक इस दिशा को जितना हो सके हमेशा खाली रखना चाहिए। ऐसा करने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है। इसके साथ ही वास्तु के अनुसार इस दिशा में खिड़की होना बेहतर होता है। वहीं घर का दरवाजा भी पूर्व दिशा में होना भी वास्तु की दृष्टि से ठीक माना गया है। इन चीजों को रखने से मिलेगा लाभ वास्तु शास्त्र के अनुसार, पश्चिम दिशा में किचन का निर्माण करवाना शुभ माना जाता है। इसके साथ ही इस दिशा में आप अपने घर का टॉयलेट भी बनवा सकते हैं, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि किचन और टॉयलेट पास-पास नहीं होना चाहिए। दक्षिण दिशा के वास्तु नियम दक्षिण दिशा में भारी सामान जैसे तिजोरी, मशीनें, आदि रखी जा सकती हैं। इसके साथ ही वास्तु शास्त्र में यह माना गया है कि यह दिशा जितनी ढकी हुई होती है उतना अच्छा होता है। इस दिशा में दीवार होना भी बेहतर माना जाता है। रखें इन दिशाओं का भी रखें ध्यान इसके साथ ही वास्तु शास्त्र में आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व दिशा), वायव्य कोण (उत्तर-पश्चिम दिशा), ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) और नैऋत्य कोण (दक्षिण-पश्चिम) के नियम भी बताए गए हैं। ईशान कोण में पूजा घर, वाटर टैंक या बोरिंग रखना शुभ होता है। वहीं आग्नेय कोण में इलेक्ट्रॉनिक सामान रखा जा सकता है। वास्तु के अनुसार, वायव्य कोण में बेडरूम या गैरेज होना शुभ माना जाता है। वहीं अगर नैऋत्य कोण की बात करें, तो इस दिशा में कैश काउंटर, या मशीनें रखी जा सकती हैं।  

फुटबॉल का सुनहरा क्षण: डेम्बेले और एताना बोन्मटी ने बदल दी खेल की दुनिया

फ्रांस  पेरिस सेंट-जर्मेन (PSG) के स्टार विंगर उस्मान डेम्बेले ने बैलोन डी'ओर अवॉर्ड जीतकर इतिहास रच दिया है। उस्मान डेम्बेले का यह पहला बैलोन डी'ओर अवॉर्ड है। उन्हें पेरिस में आयोजित समारोह में 2025 का बैलन डी’ऑर खिताब दिया गया। 28 साल के फ्रांसीसी फुटबॉलर ने बार्सिलोना के लामिन यमाल और अपने क्लब साथी विटिन्हा को पछाड़कर फुटबॉल के सबसे प्रतिष्ठित व्यक्तिगत पुरस्कार पर कब्जा जमाया। उन्होंने पिछले सीजन PSG के लिए 53 मैचों में 35 गोल किए। साथ ही 14 गोल असिस्ट किए। इस शानदार प्रदर्शन के चलते वह बैलोन डी'ओर जीतने में सफल रहे। डेम्बेले के लिए यह सफलता बेहद खास है, क्योंकि पिछले कई सालों में वह चोट और निरंतरता की कमी से जूझते रहे थे। लेकिन इस सीजन उन्होंने वह स्थिरता और क्लास दिखाई जिसकी उनसे उम्मीद थी। इससे पहले उन्हें चैंपियंस लीग प्लेयर ऑफ द सीजन का अवॉर्ड भी मिल चुका है, जिसने PSG की ऐतिहासिक यूरोपीय विजय में उनके अहम योगदान को साबित किया। महिला कैटेगिरी में बोन्मटी का जलवा महिला कैटेगिरी में बार्सिलोना की मिडफील्डर एताना बोन्मटी ने लगातार तीसरी बार बैलोन डी'ओर जीतकर इतिहास रच दिया। 26 साल की स्पेनिश स्टार ने इस बार भी अपने शानदार खेल और निरंतरता से महिला फुटबॉल में अपनी बादशाहत कायम रखी, भले ही बार्सिलोना का यूरोपीय अभियान उम्मीद के मुताबिक न रहा हो। जियानलुइगी डोनारुम्मा ने जीती याशिन ट्रॉफी  थिएटर डु शातले, पेरिस में आयोजित 69वें बैलन डी’ऑर अवॉर्ड्स समारोह में PSG के गोलकीपर जियानलुइगी डोनारुम्मा को याशिन ट्रॉफी (बेस्ट गोलकीपर) से नवाजा गया। वहीं, बार्सिलोना की विकी लोपेज़ को विमेंस कोपा ट्रॉफी मिली। इंग्लैंड मैनेजर सरिना वीगमैन और चेल्सी की गोलकीपर हन्ना हैम्पटन भी महिला कैटेगिरी में पुरस्कार पाने वालों में रहीं। इसके अलावा PSG को क्लब ऑफ द सीजन घोषित किया गया। 

मौलाना शहाबुद्दीन बोले: आजम खान को राजनीति में नई राह अपनानी चाहिए, अखिलेश यादव पर तीखा हमला

बरेली  आजम खान 23 महीने के बाद सीतापुर जेल से रिहा हो गए हैं। आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आजम खान की रिहाई से हमारे समाज के लोगों में खुशी है, लेकिन अखिलेश यादव के साथ न देने का गम भी उन्हें सताता है। मौलाना ने आजम खान को नई पार्टी बनाने की सलाह दी है। मौलाना रजवी ने कहा कि आजम खां ने समाजवादी पार्टी को खून-पसीने से सींचा। मास्टर मुलायम सिंह यादव को जनता के बीच मुल्ला मुलायम बनवाने में आजम खां की बड़ी भूमिका रही। उनके संघर्षों की बदौलत मुलायम और अखिलेश कई बार मुख्यमंत्री बने, लेकिन मुश्किल घड़ी में अखिलेश यादव ने आज़म खान का साथ छोड़कर एहसान फरामोशी की। उन्होंने सलाह दी कि जेल से बाहर आने के बाद आजम खान को अपने बिखरे हुए साथियों को जोड़ना चाहिए और एक नई राजनीतिक पार्टी के गठन का ऐलान करना चाहिए। मौलाना का दावा है कि अगर आज़म खान 2027 के विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी से प्रत्याशी उतारते हैं, तो उत्तर प्रदेश का मुसलमान उनके साथ खड़ा होगा और अखिलेश यादव को उनकी असली हैसियत का एहसास होगा। 23 महीने चार दिन से सीतापुर जिला जेल में बंद सपा के कद्दावर नेता आजम खान दोपहर 12.15 बजे जेल से रिहा हो गए। सफेद रंग की इनोवा कार से वह बेटे अदीब व करीबियों के साथ 12.25 पर उनकी गाड़ी रामपुर को रवाना हो गए। रिहाई का समय सुबह का था लेकिन रामपुर कोर्ट में एक मामले का चालान न जमा होने के चलते रिहाई नहीं हो सकी। हालांकि बेटा अदीब सुबह ही जेल पहुंच गया था लेकिन चालान न जमा होने की जानकारी मिलते ही उसने रामपुर संपर्क किया और प्रक्रिया को पूरा किया।  

सीएम योगी के निर्देश पर महिला सुरक्षा के लिए नई योजनाओं का हुआ शुभारंभ

मिशन शक्ति – 5  योगी सरकार के मिशन शक्ति से महिलाओं के सशक्तिकरण को मिल रही नई राह सीएम योगी के निर्देश पर महिला सुरक्षा के लिए नई योजनाओं का हुआ शुभारंभ मिशन के तहत महिलाओं की शिक्षा और जागरूकता पर दिया जाएगा विशेष बल स्वास्थ्य और रोजगार से बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी आत्मरक्षा और जीवन कौशल प्रशिक्षण होंगे आयोजित प्रत्येक जिले में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा को दी जाएगी सर्वोच्च प्राथमिकता लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मिशन शक्ति का पांचवां चरण 22 सितंबर से शुरू होकर 21 अक्टूबर तक चलेगा। इस एक महीने तक चलने वाले अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को मजबूत करना है। इस चरण में सबसे ज्यादा फोकस महिला सुरक्षा पर है। सरकार ने महिला सुरक्षा के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर, महिला थाने और महिला पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, पिंक बूथ और पेट्रोलिंग स्क्वॉड को और अधिक सशक्त किया जा रहा है, ताकि महिलाएं निर्भीक होकर समाज में अपनी भूमिका निभा सकें। मिशन शक्ति का पांचवां चरण महिलाओं के जीवन में बदलाव की नई दिशा तय कर रहा है। यह चरण उन्हें सुरक्षित माहौल देने के साथ-साथ शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य के क्षेत्र में मजबूती दे रहा है। योगी सरकार की यह पहल उत्तर प्रदेश को महिलाओं के लिए सुरक्षित, सशक्त और अवसरों से भरपूर राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।  शिक्षा से खुलेगा आत्मनिर्भरता का मार्ग मिशन शक्ति की नोडल अधिकारी पद्मजा चौहान ने बताया कि मिशन शक्ति के पांचवें चरण में शिक्षा को महिलाओं के सशक्तिकरण का सबसे मजबूत हथियार माना गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। छात्रवृत्ति योजनाओं और डिजिटल शिक्षा कार्यक्रमों को और विस्तार दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री का मानना है कि शिक्षा ही महिलाओं को समान अवसर और आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर कर सकती है। मिशन शक्ति के तहत चलने वाले ये कार्यक्रम न केवल महिलाओं को ज्ञान देंगे, बल्कि उन्हें रोजगार और उद्यमिता के नए अवसरों से भी जोड़ेंगे। स्वास्थ्य और रोजगार पर दोहरा फोकस महिला स्वास्थ्य को लेकर इस चरण में विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। स्वच्छता, पोषण और मानसिक स्वास्थ्य पर आधारित वर्कशॉप और हेल्थ कैंप लगाए जा रहे हैं। खासकर ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से उपलब्ध कराने पर जोर है। इसके साथ ही, महिला उद्यमिता और स्वरोजगार योजनाओं को गति दी जा रही है। छोटे उद्योग, स्टार्टअप्स और स्वरोजगार के लिए सरकार वित्तीय और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे महिलाएं आर्थिक रूप से स्वतंत्र होकर परिवार और समाज में अपनी स्थिति मजबूत कर सकें। प्रशिक्षण से आत्मविश्वास और सुरक्षा मिशन शक्ति के पांचवे चरण में आत्मरक्षा, जीवन कौशल और नेतृत्व क्षमता पर केंद्रित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। स्कूलों, कॉलेजों और सामुदायिक केंद्रों पर आयोजित इन कार्यशालाओं का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाना है। आत्मरक्षा के विशेष प्रशिक्षण से महिलाएं खुद को और दूसरों को सुरक्षा प्रदान करने में सक्षम हो रही हैं। जीवन कौशल कार्यक्रम उन्हें वित्तीय प्रबंधन, स्वास्थ्य संबंधी निर्णय और सामाजिक दायित्वों में सक्रिय बनाएंगे। कानूनी सुरक्षा और अपराध पर सख्त कार्रवाई नोडल अधिकारी ने बताया कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए कड़े कानूनी कदम भी इस चरण में शामिल हैं। प्रत्येक जिले में विशेष निगरानी और फास्ट-ट्रैक कोर्ट्स को सक्रिय किया गया है ताकि अपराधियों को त्वरित सजा मिल सके। पुलिस प्रशासन को यह निर्देश दिए गए हैं कि महिला संबंधित मामलों को प्राथमिकता से निपटाया जाए। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि महिलाओं की गरिमा और अधिकारों से समझौता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महिला सशक्तिकरण की ओर ठोस कदम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप मिशन शक्ति केवल एक अभियान नहीं बल्कि महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के चार स्तंभों पर आधारित यह पहल उत्तर प्रदेश की महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का ठोस प्रयास साबित हो रही है।  

पूनम पांडे को लवकुश रामलीला से किया गया बाहर, विरोध के बाद मंदोदरी की भूमिका छीनी गई

नई दिल्ली देशभर में नवरात्र की धूम है, दुर्गा पूजा की तैयारियां जोरों पर हैं. इस बीच बड़ी खबर आई है कि पूनम पांडे जो दिल्ली में होने वाली भव्य लव कुश रामलीला में मंदोदरी का किरदार निभाने वाली थी, उन्हें इस भूमिका से हटा दिया गया है. उनका नाम फाइनल होने के बाद से ही जमकर विरोध हो रहा था. इसे देखते हुए लव कुश रामलीला समिति ने आखिरकार उन्हें हटाना ही वाजिब समझा. अब वो मंदोदरी का किरदार नहीं निभाएंगी.  मंदोदरी नहीं बनेंगी पूनम  सोमवार को ही पूनम ने एक वीडियो जारी कर बताया था कि वो इस किरदार को निभाने के लिए कितनी उत्साहित हैं. वो नवरात्र के पूरे 9 दिनों का व्रत भी रखेंगी. लेकिन जाहिर है कि पूनम की कोई दलील काम नहीं आई. उनके खिलाफ मिली कड़ी आपत्तियों को देखते हुए समिति ने ये फैसला लिया. अब उनकी जगह कोई और एक्ट्रेस इस किरदार को निभाएंगी.  जब विरोध में लिखे गए पत्र मालूम हो कि वीएचपी से लेकर कंप्यूटर बाबा तक ने कड़ा विरोध जताया था. कंप्यूटर बाबा ने कहा था कि पूनम को को मंदोदरी नहीं, बल्कि 'सूर्पनखा' बनाना चाहिए. कंप्यूटर बाबा ने कहा कि रामलीला के अध्यक्ष को इतने दिन हो गए रामलीला करते-करते, लेकिन उन्हें बुद्धि नहीं आई कि आपको किसको क्या पात्र देना चाहिए? सूर्पनखा ब्राह्मण थी, रावण की बहन थी और मंदोदरी की ननद थी. रामलीला के अध्यक्ष से में अनुरोध करूंगा कि जो जैसा है उसको वैसा ही पात्र बनाया जाए.''  वहीं वीएचपी ने विरोध में एक चिट्ठी लिखकर आग्रह किया था कि पूनम को इस भूमिका से हटा दिया जाए. पत्र में सुरेन्द्र कुमार गुप्ता ने इस बात पर जोर किया कि रामलीला केवल एक नाट्य-प्रस्तुति नहीं, बल्कि भारतीय समाज और संस्कारों का एक जीवंत हिस्सा है. संगठन ने यूनेस्को द्वारा रामलीला को दिए गए सांस्कृतिक महत्व का भी उल्लेख किया, जो इसे एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त पारंपरिक प्रदर्शन के रूप में पहचानता है. पूनम ने जताई थी श्रद्धा बता दें, वीडियो में पूनम में कहा था कि- दिल्ली के लाल किला में वर्ल्ड फेमस लव-कुश रामलीला में मुझे मंदोदरी का किरदार निभाने का मौका मिला है. ये बहुत ही जरूरी किरदार है. ये रावण की पत्नी थीं, मैं बहुत ही ज्यादा खुश हूं कि मुझे ये अहम रोल निभाने का मौका मिला. इसलिए मैंने तय किया है कि मैं पूरे नवरात्र का व्रत रखूंगी, ताकि मैं अपने पूरे तन और मन से साफ रहूं. और इस खूबसूरती से किरदार को निभा सकूं. जय श्री राम, मिलते हैं रामलीला में. 

स्कूल और निजी बसों के लिए नए नियम लागू, मध्य प्रदेश में Motor Vehicle Act 2025 को मिली मंजूरी

भोपाल   मध्य प्रदेश में बिना परमिट बस दौड़ाने पर वाहन मालिकों को भारी नुक्सान उठाना पड़ सकता है। सरकार इसके लिए और सख्ती बरतने जा रही है। राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने सोमवार को मध्य प्रदेश मोटरयान कराधान (संशोधन) अधिनियम, 2025 को मंजूरी दे दी। इसके बाद संशोधित नियम अब कानूनी रूप से लागू हो गए हैं। संशोधन के तहत, यदि कोई यात्री बस, स्कूल बस या लोक/निजी सेवा वाहन बिना वैध परमिट के संचालित होता पाया गया, तो प्रति सीट 1,000 रुपए का जुर्माना वसूला जाएगा। उदाहरण के तौर पर, 40 सीटों वाली बस पर यह चालान 40,000 रुपए तक पहुंच सकता है। नया संशोधित नियम सभी व्यावसायिक वाहनों पर लागू होगा। इससे निश्चित तौर पर सड़क सुरक्षा सुनिश्चित होगी और परिवहन नियमों का सख्ती से पालन करेंगे। इसके अलावा, टैक्स समय पर जमा न करने वालों को भी भारी दंड का सामना करना पड़ेगा। भरना पड़ेगा चार गुना जुर्माना यदि वाहन मालिक ने टैक्स नहीं चुकाया है, तो बकाया टैक्स का चार गुना तक जुर्माना वसूला जाएगा। उदाहरण के लिए, यदि किसी बस का 10,000 रुपए टैक्स बकाया है, तो उस पर 40,000 रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। लाइफटाइम टैक्स पर अतिरिक्त शुल्क अगर लाइफटाइम टैक्स जमा नहीं किया गया, तो हर साल या साल के हिस्से के लिए लाइफटाइम टैक्स का 10% तक अतिरिक्त शुल्क वसूला जाएगा। ये संशोधन मध्य प्रदेश मोटरयान कराधान अधिनियम, 1991 की धारा 13 में किए गए हैं। विधानसभा से पारित होने के बाद अब राज्यपाल की मंजूरी मिलते ही ये नियम प्रभावी हो गए हैं। परिवहन विभाग ने सभी वाहन मालिकों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपने परमिट और टैक्स अपडेट कर लें, ताकि नए प्रावधानों के तहत भारी जुर्माने से बचा जा सके। 

तेज रफ्तार बाइक की भिड़ंत से युवक की मौत…

 जनकपुर  थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मोहनटोला में शिक्षक की गाड़ी से भिडंत होने पर युवक की मौत हो गई। आज सुबह लगभग 10:00 बजे मोहनटोल के माध्यमिक शाला में पदस्थ शिक्षक शिवलाल अपनी होंडा साइन मोटरसाइकिल से माध्यमिक शाला मोहन टोला के लिए निकले थे। मगर जब मुख्य मार्ग से शिक्षक शिवलाल मुड़कर माध्यमिक शाला की ओर जा रहे थे तभी पीछे से मुकेश कुमार सिंह पिता शिव मूरत सिंह उम्र 21 वर्ष की मोटरसाइकिल हीरो एचएफ डीलक्स से भीड़ गई।  जिसके बाद ग्रामीणों की मदद से मुकेश कुमार को इलाज के लिए जनकपुर सामुदायिक स्वास्थ्यकेंद्र लाया गया  मगर डॉक्टर ने उसे मृत्यु घोषित कर दिया। जनकपुर पुलिस मामले की जांच कर रही है। वही मुकेश के मृत्यु होने की खबर सुनकर गांव में ग़म का माहौल है।